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Annabelle Doll 🔥 True Horror Story | Inside Warren's Occult Museum | Live Hindi

एनाबेल डॉल की सच्ची भूतिया कहानी, जो वार्रेन के म्यूजियम में कैद है, और इसके रहस्यमय घटनाओं का हिंदी में विवरण।

Key Takeaways

  • एनाबेल डॉल एक श्रापित और भूतिया वस्तु है जो कई रहस्यमय घटनाओं का केंद्र रही।
  • डॉल के आसपास कई लोगों की मौत और अजीब घटनाएं हुईं।
  • वार्रेन म्यूजियम में डॉल को सुरक्षित रखने के लिए मंत्रोच्चार के साथ कैद किया गया है।
  • यह कहानी हॉरर प्रेमियों के लिए एक सच्ची और भयावह अनुभव प्रस्तुत करती है।

What the video covers

  • एनाबेल डॉल की कहानी 1918 से शुरू होती है, जब यह रहस्यमय तरीके से जॉनी नावेल के घर आई।
  • जॉनी की बेटी मोरसेला को डॉल से गहरा लगाव हो गया, लेकिन बाद में वह गंभीर बीमारी से मर गई।
  • मोरसेला की मौत से कुछ दिन पहले डॉल रहस्यमय तरीके से गायब हो गई थी।
  • डॉल कई दशकों तक नजर नहीं आई, फिर 1977 में एक एंटीक शॉप में फिर से सामने आई।
  • डॉल के साथ अजीब घटनाएं हुईं जैसे कपड़ों पर खून के धब्बे और खुद-ब-खुद हिलना।
  • डॉल को एक महिला ने अपनी बेटी डोना को गिफ्ट किया, लेकिन डोना और उसकी सहेलियों को डॉल से डर लगने लगा।
  • डोना पर डॉल के हमले के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • फादर ने डॉल की जांच की और पाया कि डॉल में भूत-प्रेत की शक्तियां हैं।
  • डॉल को वार्रेन के म्यूजियम में मंत्रोच्चार के साथ कैद कर दिया गया है।
  • यह कहानी सच्ची घटनाओं पर आधारित है और दर्शकों को इसके बारे में जागरूक करती है।

Answers

Questions about this video

एनाबेल डॉल की कहानी कब शुरू हुई थी?

एनाबेल डॉल की कहानी 1918 में शुरू हुई जब यह रहस्यमय तरीके से जॉनी नावेल के घर आई थी।

मोरसेला की मौत का डॉल से क्या संबंध था?

मोरसेला की गंभीर बीमारी के बाद डॉल रहस्यमय तरीके से गायब हो गई थी, और कुछ दिन बाद मोरसेला की मौत हो गई।

डॉल को आखिर कहाँ कैद किया गया है?

डॉल को वार्रेन के म्यूजियम में मंत्रोच्चार के साथ बांधकर कैद किया गया है ताकि उसकी शक्तियों को नियंत्रित किया जा सके।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

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Speaker A
कि इंसानी शरीर की तलाश में निकली यह भूतिया डॉल जितनी अजीब दिखती है, इसके कारण में भी उतनी ही अजीब हुआ करते थे। दरअसल, लिया हॉरर स्टोरी है श्रापित भूतिया डॉल एनाबेल की, जिसे आज भी अकाउंट म्यूजियम में मंत्रोच्चार के साथ बांधकर कैद किया गया है।
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Speaker A
में मंत्रोच्चार के साथ बांधकर कैद किया गया है में रहना बाल नाम की विभूतियां डॉल की कहानी शुरू होती है 1918 से क्योंकि इसी साल बच्चों की कहानी और कॉमिक्स लिखने वाले अमेरिकी राइटर जॉइनिंग नावेल ने अपनी एक किताब रेड्डी ऐड डाल का जिक्र किया था
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Speaker A
इस भूतिया डॉल की कहानी शुरू होती है 1918 से, क्योंकि इसी साल बच्चों की कहानी और कॉमिक्स लिखने वाले अमेरिकी राइटर जॉनी नावेल ने अपनी एक किताब रेड्डी ऐड डॉल का जिक्र किया था।
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Speaker A
अपने घर में पहले कभी नहीं देखा था इसलिए उन्होंने अपने पड़ोसियों से जाकर पूछा कि कहीं यह डॉल उनकी तो नहीं लेकिन सभी पड़ोसियों ने भी मना कर दिया जॉन को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यह डॉन उनके घर
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Speaker A
दरअसल, जॉनी ने इस कहानी में अपने साथ हुए एक रियल इंसिडेंट के बारे में लिखा। जॉनी बताते हैं कि एक दिन वे यूं ही अपने घर के बाहर टहल रहे थे, तभी उनके घर के बैकयार्ड में एक डॉल पड़ी हुई दिखी। जॉनी ने उस डॉल को अपने घर में पहले कभी नहीं देखा था, इसलिए उन्होंने अपने पड़ोसियों से जाकर पूछा कि कहीं यह डॉल उनकी तो नहीं। लेकिन सभी पड़ोसियों ने भी मना कर दिया। जॉनी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यह डॉल उनके घर में आई कैसे।
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Speaker A
इसे डाल के साथ ही खेलती रहती थी और इसी तरह से खेलते-खेलते उसी दिनों में उसको पवन सिंह बहुत ही ज्यादा लगाव हो गया था और वह एक पल के लिए भी अपने डॉल को खुद से दूर नहीं करती थी वह अकेली घर में बैठ
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Speaker A
उन्होंने इसके बारे में कुछ ज्यादा नहीं सोचा और डॉल को घर ले जाकर अपनी बेटी मोरसेला को दे दिया। मोरसेला उस समय काफी छोटी थी, इसलिए वह डॉल को देखकर काफी खुश हुई। अब मोरसेला हर समय इसे डॉल के साथ ही खेलती रहती थी।
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Speaker A
तब वह एक गंभीर बीमारी से पीड़ित हो गई और जब इस बीमारी के लिए उसको वैक्सीन दी गई तब उस व्यक्ति इन का उसके शरीर पर उल्टा असर हो गया जिसकी वजह से मार्सेला की डेथ हो गई लेकिन दोस्तों यहां एक चीज बहुत
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Speaker A
और इसी तरह से खेलते-खेलते उसी दिन मोरसेला को डॉल से बहुत ही ज्यादा लगाव हो गया था, और वह एक पल के लिए भी अपने डॉल को खुद से दूर नहीं करती थी। वह अकेली घर में बैठकर डॉल से खेलती और उससे बातें करती रहती।
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Speaker A
ने के घर में इस रहस्यमय तरीके से आई थी उसी रहस्यमई तरीके से ही गायब हो गई और इस सच्ची कहानी को जॉनी ने जब अपनी किताब में लिखा तो लोगों को इसके बारे में जानकर ऑफिस हरानी हुई और जॉनी कि यह कहानी उस
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Speaker A
यह सब देखकर जॉनी को अपनी बेटी की थोड़ी फिक्र भी होती, लेकिन फिर भी बच्ची समझकर वह इसे डॉल से खेलने देते थे। हालांकि मोरसेला की उम्र जब 13 साल हुई, तब वह एक गंभीर बीमारी से पीड़ित हो गई।
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Speaker A
ऑफिस टो नाम की एक एंटीक शॉप में नजर आई थी दरअसल हुआ यह कि एक महिला इसे टिक शॉप में गई और उन्होंने एक अजीब सी दिखने वाली यह डौ खरीदी उस महिला को इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि वह इस डौ को खरीद रही
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Speaker A
और जब इस बीमारी के लिए उसको वैक्सीन दी गई, तब उस वैक्सीन का उसके शरीर पर उल्टा असर हो गया, जिसकी वजह से मोरसेला की डेथ हो गई। लेकिन दोस्तों, यहां एक चीज बहुत अजीब हुई थी कि मोरसेला की मौत से सिर्फ कुछ दिन पहले ही वह डॉल जॉनी के घर से अपने आप गायब हो गई थी।
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Speaker A
अपनी दो सहेलियों के साथ रहती थी दोनों ने अपनी मां के व्यक्ति से काफी हैरान थी क्योंकि इससे पहले तक उसकी मां ने उसे कभी भी गुड़िया गिफ्ट नहीं की थी और इसके अलावा अब उसके डॉल से खेलने की उम्र भी
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Speaker A
जो नियम और शिमला के कहने पर उसको बहुत ढूंढा था, लेकिन वह कहीं भी नहीं मिली थी। यानी कि वह डॉल जॉनी के घर में इस रहस्यमय तरीके से आई थी, उसी रहस्यमय तरीके से ही गायब हो गई।
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Speaker A
जिसका नाम लूं था उसको तो यह डोंट शुरुआत से ही अजीब लग रही थी उसने डोनर से मना भी किया कि वह इस डौ को रूम में ना रखें लेकिन दोनों ने उसकी बात न मानते हुए उस रोल को कमरे में ही रखा अब इस डील के कमरे
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Speaker A
और इस सच्ची कहानी को जॉनी ने जब अपनी किताब में लिखा, तो लोगों को इसके बारे में जानकर काफी हैरानी हुई। और जॉनी की यह कहानी उस समय लोगों में काफी फेमस हो गई।
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Speaker A
आने पर यह डॉल उसे कहीं एक नई जगह पर मिलती थी जो ना कई बार से इस चीज को नोटिस कर रही थी और उसने यह बात अपने रूममेट को बताई तो उसकी दोनों फ्रेंड्स ने कहा कि तो
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Speaker A
और फिर इसके बाद कई दशकों तक वह डॉल कहीं भी नजर नहीं आई थी, और लोग उसके बारे में भूल चुके थे। लेकिन दोस्तों, साल 1977 में इस डॉल ने फिर से दुनिया में वापसी की, और इस बार यह ऑफिस टो नाम की एक एंटीक शॉप में नजर आई थी।
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Speaker A
और यह लोग डॉल की अजीब अजीब हरकतों को नोटिस करते रहे लगभग एक महीना बीत जाने पर इन्हें कमरे के अंदर एक कागज पड़ा हुआ मिला और इस कागज पर किसी बच्चे की राइटिंग में हेल्प में लिखा हुआ था और यह कागज
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Speaker A
दरअसल हुआ यह कि एक महिला एंटीक शॉप में गई, और उन्होंने एक अजीब सी दिखने वाली यह डॉल खरीदी। उस महिला को इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि वह इस डॉल को खरीद रही थी।
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Speaker A
चुकी यह तीनों फ्रेंड्स नरसिंह की स्टूडेंट थी इसलिए यह पता करने में जरा सा भी वक्त नहीं लगा यह धब्बे कि से रंग के नहीं बल्कि खून के थे किसी को भी समझ नहीं आया था अखिलेश डॉल के कपड़ों पर यह खून
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Speaker A
वह असल में भूतिया डॉल थी। उस औरत ने यह डॉल अपनी बेटी डोना को उसके बर्थडे पर गिफ्ट करने के लिए खरीदा था, जो उस समय नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी और वह डोना अपनी दो सहेलियों के साथ रहती थी।
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Speaker A
है और इतना कुछ हो जाने पर भी उन्होंने इस डौ को अपने कमरे से नहीं निकाला दरअसल डोरा को भी इस डील से एक अजीब तरह का लगाव हो गया था कि एक दिन लोग घर में अकेली थी और दोनों
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Speaker A
दोनों ने अपनी मां के इस व्यवहार से काफी हैरानी जताई, क्योंकि इससे पहले तक उसकी मां ने उसे कभी भी गुड़िया गिफ्ट नहीं की थी। और इसके अलावा अब उसकी डॉल से खेलने की उम्र भी खत्म हो चुकी थी।
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Speaker A
नहीं वह भागते हुए जब कमरे में गई तो उसने देखा एक कमरे में उस दौर के अलावा और कोई भी मौजूद नहीं था लेकिन इसके बाद कमरे से लू के चीखने की आवाज आई और इत्तेफाक से डॉन और उसकी सहेली उस समय लौट कर आ चुके
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Speaker A
लेकिन फिर भी अपनी मां का यह तोहफा काफी पसंद आया, और उसने डॉल को अपने कमरे में एक जगह पर सजाकर रख दिया। हालांकि डोना के साथ रहने वाली उसकी दो सहेलियों को यह डॉल बिल्कुल भी पसंद नहीं आई थी।
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Speaker A
लुक को हॉस्पिटल लेकर गई जहां पर उसे तुरंत ही एडमिट कर लिया गया और फिर लगभग 2 दिन के बाद जब लोगों को होश आया तो उसने दोनों को बताया कि उस पर यह हमला उस कि डाल ने किया था और यह बात सुनकर दोनों का
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Speaker A
और उनमें से एक जिसका नाम लू था, उसको तो यह डॉल शुरुआत से ही अजीब लग रही थी। उसने डोना से मना भी किया कि वह इस डॉल को रूम में ना रखें, लेकिन दोनों ने उसकी बात न मानते हुए उस डॉल को कमरे में ही रखा।
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Speaker A
वाले चर्च में गई और फादर है ज्ञान को इस घटना के बारे में बता दिया फादर है कि ने डोना की बात सुनी और उसको अपने सीनियर फादर फादर को के पास भेज दिया फादर को अपने दाल को अच्छी तरह से देखा और दोनों
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Speaker A
अब इस डॉल के कमरे में आते ही वहां पर अजीब-अजीब चीजें होनी शुरू हो गईं। सबसे पहले तो दोनों ने यह गौर किया कि यह डॉल अपनी जगह से अपने आप हिल जाती थी।
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Speaker A
पत्नी लॉरीन डाटा को दे दी यह दोनों पति और पत्नी इस मामले के बारे में सुनते ही तुरंत डोरा के हॉस्टल रूम में पहुंच गए और उन्होंने डाल के इस बिहेवियर की बारीकी से जांच करने के लिए एक हफ्ता उसके साथ
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Speaker A
दरअसल डोना और उसके फ्रेंड्स जब भी कभी कमरे से बाहर जातीं, तो वापस आने पर यह डॉल उन्हें कहीं एक नई जगह पर मिलती थी। जो कई बार से इस चीज को नोटिस कर रही थी, उसने यह बात अपने रूममेट को बताई।
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Speaker A
आ जाती है इन लोगों ने आगे बताया कि आत्मा ने अपने रहने के लिए दोनों के शरीर को चुना है इसे लिए जितना जल्दी हो सके इस को ढोना से दूर करना होगा दोनों यह सब बातें सुनकर बहुत घबरा गई और उसने वारंट कपल को
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Speaker A
तो उसकी दोनों फ्रेंड्स ने कहा कि डॉल को तुरंत ही कमरे से निकाल दो, क्योंकि वह अक्षरा विभूतियां डॉल है। लेकिन दोनों ने अपने दोस्तों की बातों को नजरअंदाज कर दिया, क्योंकि वे भूत-प्रेतों की बातों पर विश्वास नहीं करती थीं।
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Speaker A
अच्छी बात यह थी कि उस समय कार की स्पीड बहुत ज्यादा तेज नहीं थी इसलिए हम दोनों पति और पत्नी को ज्यादा चोट नहीं आई थी हालांकि लोग यह समझ गए थे कि कार के बेकाबू होने का कारण भी यह डाल दी थी और
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Speaker A
कुछ दिन इसी तरह से समय बीतता गया, और ये लोग डॉल की अजीब-अजीब हरकतों को नोटिस करते रहे। लगभग एक महीना बीत जाने पर उन्हें कमरे के अंदर एक कागज पड़ा हुआ मिला।
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Speaker A
दिया और फिर इस बॉक्स को उन्होंने अपने खुद के म्यूजियम ऑफ आर्ट म्यूजियम में रख दिया थे और तब से लेकर आज तक यह डाल इसी म्यूजियम के अंदर ही रखी हुई है और दोस्तों म्यूजियम में जहां यह डाल रखी हुई
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Speaker A
और इस कागज पर किसी बच्चे की राइटिंग में "हेल्प" लिखा हुआ था। और यह कागज उन्हें एक बार नहीं बल्कि कई बार कमरे में पड़ा हुआ मिला। इसके अलावा एक बार जब ये लोग रात में कहीं बाहर से अपने रूम में लौटे, तो उन्होंने देखा कि डॉल की पीठ और सीने पर लाल रंग के धब्बे लगे हुए थे।
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Speaker A
रखता हूं लेकिन क्योंकि यह कहानी सच्ची थी इसलिए मैंने सोचा कि इस कहानी को आप लोगों के साथ भी जरुर ही शेयर करना चाहिए वैसे इस कहानी के बारे में आप क्या सोचते हैं हमें कमेंट करके बताना ना भूलिएगा आपका
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Speaker A
और चूंकि ये तीनों फ्रेंड्स नर्सिंग की स्टूडेंट थीं, इसलिए यह पता करने में जरा सा भी वक्त नहीं लगा कि ये धब्बे खून के थे, रंग के नहीं। किसी को भी समझ नहीं आया था कि डॉल के कपड़ों पर यह खून लगा कहां से।
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