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YouTube Shorts Algorithm 2026 EXPLAINED (Get More Views)

इस वीडियो में YouTube Shorts के 2026 एल्गोरिदम को समझाया गया है ताकि आप ज्यादा व्यूज और बेहतर एंगेजमेंट पा सकें।

Key Takeaways

  • YouTube Shorts एल्गोरिदम एक छोटे रैंडम समूह से वीडियो की टेस्टिंग करता है।
  • व्यूअर का व्यूड प्रतिशत (75-80%) वायरल होने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • शॉर्ट्स में हुक के लिए केवल 3 सेकंड होते हैं, इसलिए शुरुआत में क्यूरियोसिटी पैदा करें।
  • शॉर्ट्स और लॉन्ग वीडियोस के लिए अलग-अलग एल्गोरिदम और रणनीतियाँ होती हैं।
  • CTR के बजाय 'हाउ मेनी चूज टू व्यू' मैट्रिक शॉर्ट्स के लिए ज्यादा मायने रखता है।

What the video covers

  • YouTube Shorts एल्गोरिदम कैसे काम करता है और क्यों कुछ शॉर्ट्स अचानक वायरल होते हैं जबकि कुछ फ्लॉप हो जाते हैं।
  • शॉर्ट्स के लिए एल्गोरिदम एक रैंडम सीड ऑडियंस से वीडियो को टेस्ट करता है, जो कंटेंट की क्वालिटी और टारगेट ऑडियंस पर निर्भर करता है।
  • शॉर्ट्स और लॉन्ग वीडियोस के एल्गोरिदम अलग होते हैं, इसलिए दोनों के लिए अलग रणनीति अपनानी चाहिए।
  • मुख्य मैट्रिक्स जैसे 'हाउ मेनी चूज टू व्यू' (CTR के समान) और व्यूड वर्सेस स्वाइप्ड अवे प्रतिशत शॉर्ट्स की सफलता निर्धारित करते हैं।
  • व्यूअर को शॉर्ट्स का कम से कम 75-80% देखना जरूरी होता है ताकि वीडियो वायरल होने के चांस बढ़ें।
  • पैडी गैलोवे की स्टडी के अनुसार, 5000 से अधिक शॉर्ट्स का विश्लेषण कर यह निष्कर्ष निकाला गया कि 60% से कम व्यूड प्रतिशत वाले शॉर्ट्स कम परफॉर्म करते हैं।
  • शॉर्ट्स में हुक के लिए केवल 3 सेकंड होते हैं, इसलिए वीडियो की शुरुआत में क्यूरियोसिटी स्पार्क करना बहुत जरूरी है।
  • शॉर्ट्स के लिए थंबनेल नहीं होता, इसलिए वीडियो के कंटेंट और शुरुआती सेकंड्स पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
  • शॉर्ट्स और लॉन्ग वीडियोस दोनों को एक ही चैनल पर बनाना संभव है, लेकिन यह ध्यान रखना चाहिए कि कंटेंट क्वालिटी और टारगेट ऑडियंस सही हो।
  • वीडियो में यूट्यूब प्रोडक्ट लीड्स टॉड शर्मन और रेने रिची के इंटरव्यू से एल्गोरिदम की गहरी समझ दी गई है।

Answers

Questions about this video

YouTube Shorts पर व्यूज अचानक क्यों बढ़ते हैं और फिर क्यों गिर जाते हैं?

एल्गोरिदम शुरुआत में एक रैंडम सीड ऑडियंस को वीडियो दिखाता है। अगर वे अच्छे से एंगेज नहीं करते, तो व्यूज तेजी से कम हो जाते हैं। लेकिन अगर कंटेंट अच्छा है और टारगेट ऑडियंस मिल जाती है, तो व्यूज बढ़ते रहते हैं।

YouTube Shorts के लिए सबसे महत्वपूर्ण मैट्रिक्स कौन से हैं?

'हाउ मेनी चूज टू व्यू' यानी कितने व्यूअर्स ने वीडियो को स्वाइप किए बिना देखा, और व्यूड प्रतिशत जैसे मैट्रिक्स शॉर्ट्स की सफलता के लिए महत्वपूर्ण हैं।

क्या एक ही चैनल पर शॉर्ट्स और लॉन्ग वीडियोस दोनों बनाना चाहिए?

हाँ, लेकिन दोनों के लिए अलग रणनीति अपनानी चाहिए क्योंकि इनके एल्गोरिदम अलग हैं। कंटेंट क्वालिटी और टारगेट ऑडियंस पर ध्यान देना जरूरी है ताकि चैनल को नुकसान न पहुंचे।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
YouTube पर शॉर्ट्स एग्जैक्टली काम कैसे करता है? आखिर क्यों एक शॉर्ट पर अचानक से बहुत व्यूज आते हैं, लेकिन फिर उसका ग्राफ फ्लैट हो जाता है? कौन से ऐसे मेट्रिक्स हैं जिनसे ये डिसाइड होता है कि एक शॉर्ट पर मिलियंस में व्यूज आएंगे या फिर वो फ्लॉप होगा? एंड फाइनली, क्या आपको सेम चैनल पर शॉर्ट्स और लॉन्ग वीडियोस बनाने चाहिए या फिर यह आपके चैनल को नुकसान पहुंचाएगा? इन सारे क्वेश्चंस का आंसर इस वीडियो में मिलेगा, और यह बहुत मजेदार होने वाला है। चलिए शुरू करते हैं।
00:11
Speaker A
में व्यूज आएंगे या फिर वो फ्लॉप होगा एंड फाइनली क्या आपको सेम चैनल पर शॉर्ट्स एंड लॉन्ग वीडियोस बनाने चाहिए या फिर इट विल किल योर चैनल इन सारे क्वेश्चंस का आंसर इस वीडियो में मिलेगा एंड इट्स गोइंग टू
00:22
Speaker A
तो हम जानते हैं कि बड़े यूट्यूब के शॉर्ट्स पर व्यूज आते रहते हैं, आते रहते हैं और आते ही रहते हैं। लेकिन आपके केस में शॉर्ट अपलोड करते ही पहले तो 100 या यहां तक कि हजारों व्यूज आते हैं, लेकिन फिर व्यूज का ग्राफ कंप्लीट फ्लैट हो जाता है। चलिए समझते हैं कि ऐसा क्यों होता है।
00:35
Speaker A
का ग्राफ कंप्लीट फ्लैट हो जाता है चलो समझते हैं कि ऐसा क्यों होता है तो अभी से 1 साल पहले कॉलिन एंड समीर ने एक इंटरव्यू अपलोड किया था टॉड शर्मन एंड रेने रिची के साथ अगर आप नहीं जानते तो ये दोनों ही
00:48
Speaker A
तो अभी से एक साल पहले कॉलिन और समीर ने एक इंटरव्यू अपलोड किया था टॉड शर्मन और रेने रिची के साथ। अगर आप नहीं जानते तो ये दोनों ही यूट्यूब के प्रोडक्ट लीड हैं, जिसका मतलब है कि वे हमें शॉर्ट्स एल्गोरिदम के बारे में बहुत कुछ बता सकते हैं। इंटरव्यू के एक पार्ट में उन्होंने बताया कि आप जैसे ही एक शॉर्ट अपलोड करते हो, तो एल्गोरिदम आपके शॉर्ट के लिए एक रैंडम सीड ऑडियंस फाइंड करता है।
01:01
Speaker A
ऑडियंस फाइंड करता है ये सीड ऑडियंस बेसिकली एक स्मॉल ग्रुप ऑफ व्यूवर्स होते हैं जिनके साथ एल्गोरिदम आपके शॉर्ट को टेस्ट करना चाहता है बिकॉज़ उसे आपके चैनल और उसके कंटेंट के बारे में अभी ज्यादा कुछ नहीं पता है यहां पे रैंडम वर्ड
01:12
Speaker A
यह सीड ऑडियंस बेसिकली एक स्मॉल ग्रुप ऑफ व्यूवर्स होते हैं, जिनके साथ एल्गोरिदम आपके शॉर्ट को टेस्ट करना चाहता है क्योंकि उसे आपके चैनल और उसके कंटेंट के बारे में अभी ज्यादा कुछ नहीं पता है। यहां पर रैंडम शब्द इंपॉर्टेंट है क्योंकि हो सकता है कि वो सीड ऑडियंस आपकी टारगेट ऑडियंस ही ना हो।
01:32
Speaker A
दूसरे ट्रैफिक सोर्सेस के होंगे वही मान लो अगर बाय चांस वो सीड ऑडियंस आपकी एक्चुअल टारगेट ऑडियंस निकलती है एंड आल्सो आपका कंटेंट भी बहुत अच्छा है तो नेचुरली वो व्यूवर्स आपके शॉट के साथ अच्छे से इंगेज करेंगे इससे फिर एल्गोरिदम
01:44
Speaker A
अगर ये व्यूवर्स आपके शॉर्ट के साथ अच्छे से एंगेज नहीं करते हैं, तो कुछ देर बाद जो थोड़े बहुत व्यूज आएंगे, वो मोस्टली दूसरे ट्रैफिक सोर्सेस के होंगे। वही मान लीजिए अगर बाय चांस वो सीड ऑडियंस आपकी एक्चुअल टारगेट ऑडियंस निकलती है और साथ ही आपका कंटेंट भी बहुत अच्छा है, तो नेचुरली वो व्यूवर्स आपके शॉर्ट के साथ अच्छे से इंगेज करेंगे।
01:54
Speaker A
पुश होगा एंड बेसिकली दिस विल कीप ऑन रिपीटिंग सो अब आपको समझ आ रहा होगा कि शॉर्ट्स का एल्गोरिथम एगजैक्टली काम कैसे करता है ऑलमोस्ट हर शॉर्ट क्रिएटर का यही क्वेश्चन रहता है कि अगर हमारा शॉर्ट पहले अच्छा परफॉर्म कर रहा था तो फिर youtube1
02:08
Speaker A
इससे फिर एल्गोरिदम को एक पॉजिटिव सिग्नल जाएगा और वह और व्यूवर्स को फाइंड करेगा जो कि सीड ऑडियंस से मैच करते हैं। अगर इन नए ग्रुप ऑफ व्यूवर्स ने भी आपके शॉर्ट के साथ पॉजिटिवली रिएक्ट किया, तो फिर वो शॉर्ट और पुश होगा। और बेसिकली यह प्रोसेस रिपीट होता रहेगा।
02:18
Speaker A
इंटेंशनली चूज किया था कि उन्हें वो वीडियो देखना है हाउ एवर शॉर्ट्स के केस में ऐसा नहीं होता क्योंकि यहां पर हमारे पास होता है शॉर्ट्स फीड जहां पे थंबनेल का कांसेप्ट नहीं हो सकता इसका मतलब अगर एल्गोरिदम को जानना है कि आपकी वीडियो
02:29
Speaker A
तो अब आपको समझ आ रहा होगा कि शॉर्ट्स का एल्गोरिदम एग्जैक्टली कैसे काम करता है। लगभग हर शॉर्ट क्रिएटर का यही सवाल रहता है कि अगर हमारा शॉर्ट पहले अच्छा परफॉर्म कर रहा था, तो फिर यूट्यूब ने उसे रोक क्यों दिया? आपको समझना होगा कि लॉन्ग वीडियोस और शॉर्ट वीडियोस के एल्गोरिदम्स ना ही सेम हैं और ना ही हो सकते हैं।
02:40
Speaker A
देन नेक्स्ट क्वेश्चन जो आपके मन में आएगा वो ये होगा कि कौन से इंपॉर्टेंट मैट्रिक्स हैं जिससे youtube2 ऑडियंस के अलावा भी और लोगों को दिखाना है लाइक लॉन्ग वीडियोस के केस में सीटीआर होता है डी होता है तो शॉर्ट्स के
02:54
Speaker A
लॉन्ग फॉर्म वीडियोस के केस में एक व्यू का मतलब होता है कि व्यूअर ने इंटेंशनली चुना था कि उन्हें वह वीडियो देखना है। हालांकि शॉर्ट्स के केस में ऐसा नहीं होता क्योंकि यहां पर हमारे पास होता है शॉर्ट्स फीड, जहां पर थंबनेल का कांसेप्ट नहीं हो सकता। इसका मतलब अगर एल्गोरिदम को जानना है कि आपकी वीडियो अच्छी है या नहीं, तो उसके पास सिर्फ एक ही रास्ता है और वह है एक इनिशियल ग्रुप ऑफ रैंडम व्यूअर को आपकी वीडियो दिखाना, जिसे हम सीड ऑडियंस बोलते हैं।
03:05
Speaker A
मेट्रिक आल्सो नोन एज व्यूड वर्सेस वाइप्ड अवे ये आपको बताएगा कि कितने परसेंटेज ऑफ व्यूवर्स आपके शॉर्ट को देखने के लिए रुके और कितनों ने देखने से पहले ही उसे स्वाइप कर दिया जितने परसेंटेज ऑफ व्यूवर्स शॉर्ट देखने के लिए रुकेंगे ऑफकोर्स सिर्फ उनके
03:19
Speaker A
तो अगर यह एल्गोरिदम का कांसेप्ट थोड़ा भी क्लियर है, तो अगला सवाल जो आपके मन में आएगा वह यह होगा कि कौन से इंपॉर्टेंट मैट्रिक्स हैं जिससे यूट्यूब ऑडियंस के अलावा भी और लोगों को दिखाना है? जैसे लॉन्ग वीडियोस के केस में CTR होता है, डी होता है, तो शॉर्ट्स के केस में हमें किन चीजों पर फोकस करना है?
03:29
Speaker A
में टड ने कहा कि youtube3 मेजर करने की कोशिश करता है यानी कि अगर उसे लगता है कि व्यूअर इंटेंशनली रुका है वीडियो देखने के लिए तभी जाकर वो उस व्यू को रजिस्टर करेगा अदर वाइज डिस्कार्ड कर देगा फिर नेक्स्ट क्वेश्चन
03:48
Speaker A
जो पहला मैट्रिक है, उसे कहते हैं "हाउ मेनी चूज टू व्यू", बिल्कुल लॉन्ग वीडियोस में हमारे पास CTR होता है। शॉर्ट फीड में हमारे पास है "हाउ मेनी चूज टू व्यू" मेट्रिक, जिसे व्यूड वर्सेस स्वाइप्ड अवे भी कहा जाता है। यह आपको बताएगा कि कितने प्रतिशत व्यूवर्स आपके शॉर्ट को देखने के लिए रुके और कितनों ने देखने से पहले ही उसे स्वाइप कर दिया।
04:01
Speaker A
था जहां उन्होंने 5000 से ज्यादा शॉट्स को स्टडी किया अक्रॉस 33 youtube's इन डिफरेंट निशस अकॉर्डिंग टू हिज स्टडी शॉर्ट्स जिनका व्यूड परसेंटेज 60 पर और उससे कम था उन शॉर्ट्स ने उतना अच्छा परफॉर्म नहीं किया जो बेस्ट परफॉर्मिंग
04:15
Speaker A
जितने प्रतिशत व्यूवर्स शॉर्ट देखने के लिए रुकेंगे, ऑफकोर्स सिर्फ उनके ही व्यूज काउंट होंगे। यहां पर शायद आपके मन में यह भी सवाल आए कि एक व्यूअर को शॉर्ट कितने सेकंड्स तक देखना होगा जिससे एक व्यू काउंट हो? तो यह सवाल कॉलिन ने भी इंटरव्यू में पूछा था, जिसका जवाब टॉड ने दिया कि यूट्यूब मेजर करने की कोशिश करता है।
04:27
Speaker A
अगर आपका व्यूड परसेंटेज 80 पर या फिर उससे ज्यादा जदा है देन देयर इज अ हाई चांस कि आपका शॉर्ट वायरल होगा इवन मैंने पर्सनली जितने भी वायरल शॉर्ट्स का एनालिटिक देखा है उन सबका व्यूड परसेंटेज 75 के ऊपर रहता है नाउ आई नो कि मैक्सिमम
04:41
Speaker A
यानी कि अगर उसे लगता है कि व्यूअर इंटेंशनली रुका है वीडियो देखने के लिए, तभी जाकर वह उस व्यू को रजिस्टर करेगा, अन्यथा डिस्कार्ड कर देगा। फिर अगला सवाल है कि यह व्यूड वर्सेस स्वाइप्ड अवे परसेंटेज कितना होना चाहिए?
04:50
Speaker A
सीटीआर वैसे ही शॉर्ट्स के केस में सीटीआर का इक्विवेलेंट है हाउ मेनी चोज टू व्यू जब हमें सीटीआर इंप्रूव करना होता है तो हम वर्क करते हैं वीडियो के टाइटल और थंबनेल पर यानी कि वो चीज जो व्यूवर्स
05:01
Speaker A
तो आप लोग पैडी गैलोवे को जानते होंगे, जो यूट्यूब के साथ काम कर चुके हैं, इंक्लूडिंग मिस्टर बीस्ट। तो पिछले साल पैडी और उनकी टीम ने एक स्टडी कंडक्ट किया था, जहां उन्होंने 5000 से ज्यादा शॉट्स को स्टडी किया across 33 यूट्यूब चैनल्स इन डिफरेंट निशस।
05:12
Speaker A
सेकंड्स यानी कि उसका हुक वही रोल प्ले करता है जो लॉन्ग वीडियोस के केस में टाइटल एंड थंबनेल का है अब लॉन्ग वीडियो में तो हमारे पास 30 सेकंड्स होते हैं व्यूअर को हुक करने के लिए शॉर्ट्स में
05:21
Speaker A
उनकी स्टडी के अनुसार, शॉर्ट्स जिनका व्यूड परसेंटेज 60 परसेंट और उससे कम था, उन शॉर्ट्स ने उतना अच्छा परफॉर्म नहीं किया। जो बेस्ट परफॉर्मिंग शॉर्ट्स थे, जो बहुत वायरल हुए, उनका व्यूड परसेंटेज औसतन 70 से 90 परसेंट के बीच था। फिर भी यह सिर्फ एक स्टडी है, इसलिए मैं आपको सलाह देता हूं कि इन नंबर्स पर ज्यादा ऑब्सेस न करें।
05:32
Speaker A
कि आपको व्यूवर्स के माइंड में क्यूरियोसिटी स्पार्क करना है इन सम फॉर्म ये क्यूरियोसिटी आप बहुत चीजों से क्रिएट कर सकते हो फॉर एग्जांपल डिपेंडिंग ऑन द टाइप ऑफ वीडियो यू आर क्रिएटिंग आप अपने हुक में कुछ लाइंस बोल सकते हो जिससे कोई
05:43
Speaker A
लेकिन हां, इससे एक रफ आइडिया ले सकते हैं कि अगर आपका व्यूड परसेंटेज 80 परसेंट या उससे ज्यादा है, तो वहां हाई चांस है कि आपका शॉर्ट वायरल होगा। मैंने पर्सनली जितने भी वायरल शॉर्ट्स का एनालिटिक्स देखा है, उन सबका व्यूड परसेंटेज 75 के ऊपर रहता है।
06:02
Speaker A
स्टॉप स्क्रोलिंग एंड यह एक बहुत ही अच्छे हुक का काम करेगा फिर एक और लाइन है आई एम श्यर आप एबीसी के बारे में नहीं जानते यहां एबीसी को सिंपली उस चीज से रिप्लेस कर दो जिसके बारे में आपकी वीडियो है
06:13
Speaker A
अब मैं जानता हूं कि मैक्सिमम क्रिएटर्स जो इस वीडियो को देख रहे हैं, उनका व्यूड वर्सेस स्वाइप्ड अवे रेशियो इतना अच्छा नहीं है। तो अब समझते हैं कि इस नंबर को इंप्रूव कैसे करें।
06:35
Speaker A
बहुत ही अनयूजुअल वे में कलर्स को पोर किया है बट शॉर्ट में कुछ सेकंड्स और आगे जाओगे तो यू विल सी कि आर्टिस्ट ने पूरा कैनवस ब्लैक पेंट कर दिया अब अगर आर्टिस्ट चाहता तो नॉर्मली भी कैनवस को पूरा ब्लैक
06:46
Speaker A
जैसा कि मैंने कहा, लॉन्ग वीडियोस के केस में हमारे पास CTR होता है। वैसे ही शॉर्ट्स के केस में CTR का इक्विवेलेंट है "हाउ मेनी चूज टू व्यू"। जब हमें CTR इंप्रूव करना होता है, तो हम वीडियो के टाइटल और थंबनेल पर काम करते हैं, यानी कि वो चीजें जो व्यूवर्स सबसे पहले देखते हैं।
06:57
Speaker A
हो जाते हैं फिर कल ही शॉर्ट स्क्रोल करते वक्त आई केम क्रॉस दिस फूड चैनल इसकी जो क्रिएटर हैं वो अपने ऑलमोस्ट हर शॉर्ट को स्टार्ट करती हैं बाय टॉसिन इंग्रेडिएंट्स इन द एयर एंड कैचिंग इट अब आई डोंट नो कि
07:08
Speaker A
तो अगर शॉर्ट्स की बात करें, तो कौन सी ऐसी चीज है जो व्यूवर्स सबसे पहले देखते हैं? आप सही सोच रहे हैं, उसके पहले 3 सेकंड्स। तो यह कहना गलत नहीं होगा कि आपके शॉर्ट के स्टार्ट के कुछ सेकंड्स, यानी कि उसका हुक, वही रोल प्ले करता है जो लॉन्ग वीडियोस के केस में टाइटल और थंबनेल का होता है।
07:20
Speaker A
रिटेंशन जब हम लॉन्ग वीडियोस बनाते हैं तो youtube2 म चाहता है कि आपका कंटेंट ज्यादा से ज्यादा टाइम के लिए व्यूअर को प्लेटफॉर्म पर बनाए रख है डैट्समे की है और एक एवरेज व्यूअर उसे सिर्फ 15 मिनट्स के लिए देख रहा है तो भले ही उसका
07:36
Speaker A
अब लॉन्ग वीडियो में तो हमारे पास 30 सेकंड्स होते हैं व्यूअर को हुक करने के लिए, शॉर्ट्स में हमारे पास है सिर्फ तीन सेकंड्स। और यही वजह है कि दोनों फॉर्मेट में हुक क्रिएट करना बहुत अलग होता है। लेकिन दोनों का फाउंडेशन सेम है, और वह है कि आपको व्यूवर्स के माइंड में क्यूरियोसिटी स्पार्क करनी है।
07:56
Speaker A
रिटेंशन 90 100% के बिल्कुल क्लोज होता है या फिर उससे भी ज्यादा होता है अगर व्यूअर शॉर्ट को दोबारा देखते हैं लेकिन ऐसा भी नहीं है कि शॉर्ट्स एल्गोरिथम को एडी से बिल्कुल ही फर्क नहीं पड़ता पैडी गलवे के
08:07
Speaker A
इस क्यूरियोसिटी को आप बहुत चीजों से क्रिएट कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, वीडियो के टाइप के हिसाब से आप अपने हुक में कुछ लाइंस बोल सकते हैं, जिससे कोई भी व्यूअर जो माइंडस्ट्रे एक बहुत ही पॉपुलर हुक है, जहां एक्स आपका टारगेट ऑडियंस होता है।
08:23
Speaker A
कि शॉर्ट्स के लिए बेस्ट लेंथ क्या है क्या हमें 10 से 15 सेकंड्स के छोटे शॉट्स बनाने चाहिए जिस परे आराम से अच्छा रिटेंशन आ जाए या फिर पैडी के स्टडी के अकॉर्डिंग लंबे शॉर्ट्स बनाने चाहिए तो इसका आंसर मैं भी वही दूंगा जो
08:37
Speaker A
जैसे मेरे चैनल की टारगेट ऑडियंस है यूट्यूबर्स। तो अगर मैं किसी भी टॉपिक पर शॉर्ट बना रहा हूं, तो उसके स्टार्ट में मैं कह सकता हूं, "I can see YouTubers stop scrolling," और यह एक बहुत ही अच्छा हुक होगा।
08:50
Speaker A
ज्यादा लंबे शॉर्ट्स बना सकते हो सो या youtube's के लिए बेस्ट लेंथ वो है इन व्हिच यू कैन परफेक्टली डिलीवर योर कंटेंट ओके एट द टाइम ऑफ राइटिंग द स्क्रिप्ट मैंने ये एक कम्युनिटी पोस्ट किया है कि न्यू वीडियो अबाउट youtube4 कमिंग सून एंड
09:03
Speaker A
फिर एक और लाइन है, "I am sure you ABC के बारे में नहीं जानते।" यहां ABC को सिंपली उस चीज से रिप्लेस कर दो जिसके बारे में आपकी वीडियो है। उदाहरण के लिए, "I am sure you इस यूट्यूब के बारे में नहीं जानते," या "I am sure आप इस रेसिपी के बारे में नहीं जानते।"
09:14
Speaker A
सेम चैनल जब youtube's को कंसिस्टेंटली एंजॉय कर रहा है तो एल्गोरिदम उस व्यूअर के होम पेज पे आपके लॉन्ग फॉर्म वीडियोस को भी दिखाने लगेगा अब देखो जरूरी नहीं कि जो व्यूवर्स आपके शॉर्ट्स देखते हैं उन्हें आपके लॉन्ग
09:28
Speaker A
"I am sure आप इस नए होता है एक इंट्रिगिंग विजुअल।" इस पेंटिंग शॉट को देखो, जिसमें आर्टिस्ट ने कैनवस के ऊपर बहुत ही अनयूजुअल तरीके से कलर्स को पोर किया है। लेकिन शॉर्ट में कुछ सेकंड्स और आगे जाओगे तो आप देखोगे कि आर्टिस्ट ने पूरा कैनवस ब्लैक पेंट कर दिया।
09:41
Speaker A
है एंड दिस इज अ प्रॉब्लम बिकॉज़ जब ये शॉर्ट व्यूज आपके लॉन्ग वीडियोस पर क्लिक नहीं करेंगे तो उनका सीटीआर नेगेटिवली इफेक्ट होगा या लेट्स से उन्होंने उस वीडियो पर क्लिक कर भी दिया तो वह बहुत ही जल्दी वीडियो बंद कर देंगे बिकॉज़ उन्हें
09:53
Speaker A
अगर आर्टिस्ट चाहता तो नॉर्मली भी कैनवस को पूरा ब्लैक पेंट कर सकता था, लेकिन शॉर्ट के फर्स्ट फ्रेम में कलर्स को ऐसे स्पेशल तरीके से रखने से व्यूवर्स के माइंड में क्यूरियोसिटी क्रिएट होती है कि यह पेंटिंग क्या है, आगे क्या बनने वाला है, और इसी तरह।
10:07
Speaker A
रोट्स विथ 26 मिलियन सब्सक्राइबर्स जहां इनके मोस्ट पॉपुलर शॉर्ट पे 800 मिलियन व्यूज हैं द मोस्ट व्यूड लॉन्ग फॉर्म वीडियो ओनली हैज 500 के व्यूज और youtube's के एग्जांपल्स मिल जाएंगे जिनकी एक स्प्लिट ऑडियंस है सो व्हाट इज द
10:22
Speaker A
इससे वह हुक बन जाता है। फिर कल ही शॉर्ट स्क्रोल करते वक्त मैं क्रॉस किया इस फूड चैनल को, जिसकी क्रिएटर हैं, वो अपने लगभग हर शॉर्ट को स्टार्ट करती हैं "By tossing ingredients in the air and catching it."
10:34
Speaker A
चैनल पर लॉन्ग और शॉर्ट्स एक साथ डाल के ग्रो करना इंपॉसिबल है बहुत सारे चैनल्स हैं जो ऐसा करते हैं फॉर एग्जांपल डेली डोज ऑफ इंटरनेट एंड दे आर फेयरली सक्सेसफुल यू कैन सी इस चैनल पर लॉन्ग वीडियोस और शॉर्ट्स दोनों पर ही
10:46
Speaker A
अब मुझे नहीं पता कि वे यह इंटेंशनली करती हैं या नहीं, लेकिन यह एक ग्रेट तरीका है विजुअल हुक क्रिएट करने का। लेकिन अगर आप सच में अपने शॉर्ट्स वायरल करना चाहते हैं, तो सिर्फ हुक क्रिएट करना काफी नहीं है।
11:00
Speaker A
वर्जन ऑफ द शॉर्ट्स मोर इंपोर्टेंट इनके लॉन्ग वीडियोस की लेंथ भी उतनी बड़ी नहीं है सो शॉर्ट्स व्यूवर्स जो इंस्टेंट डोपामिन के लिए आते हैं वो भी इस पे क्लिक कर देते हैं एंड सो इफ यू वांट टू अपलोड
11:10
Speaker A
आपको एक अच्छा ऑडियंस रिटेंशन भी चाहिए। जब हम लॉन्ग वीडियोस बनाते हैं, तो यूट्यूब चाहता है कि आपका कंटेंट ज्यादा से ज्यादा टाइम के लिए व्यूअर को प्लेटफॉर्म पर बनाए रखे। यही मायने रखता है।
11:22
Speaker A
होनी चाहिए दिस मींस आपके वॉइस ओवर का तरीका एडिटिंग स्टाइल लाइटिंग कलर और जो ओवरऑल फील है वो सेम हो ना चाहिए एंड नंबर थ्री जो कि सभी के लिए पॉसिबल नहीं है बट अगर कर पाए तो बहुत अच्छा है लॉन्ग
11:35
Speaker A
और अगर एक एवरेज व्यूअर उसे सिर्फ 15 मिनट के लिए देख रहा है, तो भले ही उसका रिटेंशन बुरा हो, एल्गोरिदम उस वीडियो को बहुत प्रमोट करेगा क्योंकि वह व्यूवर्स को 15 मिनट के लिए यूट्यूब पर रख रहा है।
11:48
Speaker A
अगर आप जानना चाहते हो कि कैसे स्टेप बाय स्टेप एक वायरल शॉर्ट बनाते हैं देन कमेंट कर देना पार्ट टू एंड मैं यह वीडियो भी जल्दी ही बना दूंगा एंड या मैं आपसे किसी और वीडियो में मिलूंगा बाय आ
Topics:YouTube Shortsशॉर्ट्स एल्गोरिदमव्यूज बढ़ाने के तरीकेशॉर्ट्स मैट्रिक्सYouTube Growthशॉर्ट्स और लॉन्ग वीडियोवायरल शॉर्ट्सहुक क्रिएशनवीडियो एंगेजमेंटYouTube Tips Hindi

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