पीएम मोदी ने जंतरमंतर पर हुई घटनाओं पर युवाओं को माफ करते हुए उन्हें सही राह दिखाने का संदेश दिया।
Key Takeaways
- गलतियों को सुधारने का अवसर बचपन का हिस्सा है।
- गुमराह युवाओं को सजा देने से बेहतर उन्हें समझाना और मार्गदर्शन करना है।
- समाज को युवाओं को माफ कर उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित करना चाहिए।
- युवाओं का विकास और देश की प्रगति साथ-साथ चलती है।
- एकजुट होकर देश को आगे बढ़ाना हम सभी का कर्तव्य है।
What the video covers
- पीएम मोदी ने जंतरमंतर पर हुई गालियों और अशिष्ट व्यवहार की निंदा की।
- उन्होंने बताया कि बचपन में गलतियां होती हैं और उन्हें सुधारने का अवसर भी मिलता है।
- मोदी ने युवाओं के आक्रोश को समझते हुए उन्हें गुमराह बताया और माफी दी।
- सजा देने या प्रताड़ित करने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
- उन्होंने समाज से भी युवाओं को माफ करने और उन्हें समझाने की अपील की।
- पीएम मोदी ने बच्चों को देश के लिए मिलकर आगे बढ़ने और गलतियों से सीखने का संदेश दिया।
- उन्होंने युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।
- देश के विकास में युवाओं की भागीदारी को अहम बताया।
- सभी को एकजुट होकर देश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
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Speaker A
हाय फ्रेंड्स, आज तो मन करता है बस आपसे ही बातें करूं। जंतरमंतर पर जो कुछ भी हुआ, देश और दुनिया ने देखा है। कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी-भद्दी गालियां बोलीं। किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देतीं।
Speaker A
ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया। मुझे तो गालियां दी गईं। मेरी स्वर्गीय माता को भी गालियां दी गईं। ना जाने कितना भद्दा स्वरूप था। लेकिन मैं आज बात करना चाहता हूं कि बचपन में गलतियां होती हैं। और बचपन में गलतियों से सुधरने का अवसर भी
Speaker A
होता है और यही तो बचपन है। और इसलिए मैं समाज के अंदर जो आक्रोश है, उसको भलीभांति समझ सकता हूं। एक कल्चरल शॉक है कि हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती हैं?
Speaker A
लेकिन समय है इन बच्चों को गले लगाकर राह दिखाने का। ये गुमराह बच्चे हैं। उनको राह दिखाना हमारा काम है। उनको सजा देना, अदालतों के चक्कर कटवाना, समाज में उनको प्रताड़ित करना, इससे हम परिस्थितियां नहीं बदल पाएंगे।
Speaker A
मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं। समाज भी मेरी इस बात को स्वीकार करें क्योंकि मेरे मन में एक ही भाव है। कभी-कभी दांतों तले हमारी जीभ आ जाती है। खून निकल आता है। लेकिन हम दांत तोड़ते नहीं हैं। क्योंकि
Speaker A
दांत भी हमारे हैं, जीभ भी हमारी है। बच्चे भी हमारे हैं। उन्हें राह दिखाना हमारा काम है। गुमराह को राह दिखाना कठिन होता है, लेकिन कठिन काम हमको करना है। और इसलिए आओ मैं इन बच्चों को कहता हूं
Speaker A
बच्चों, आओ हम देश के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ें। कुछ नया सीखें, गलतियों से भी सीखें, अपने सपनों को लेकर चल पड़े। देश बहुत आगे बढ़ रहा है, आगे बढ़ने वाला है और आपका भी आगे बढ़ना निश्चित हो। यही मेरा
Speaker A
सपना है। मैं आपके लिए जीता हूं। आपके उज्जवल भविष्य के लिए खपता हूं। आओ हम मिलकर देश को आगे बढ़ाएं। बहुत-बहुत धन्यवाद दोस्तों। बस आओ, गलतियों से सीखो, आगे बढ़ो।
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