कमजोर हो personality बढ़ाओ 🔥 increase personality #pers… — Transcript

इस वीडियो में मन को नियंत्रित कर अपनी किस्मत बदलने और व्यक्तित्व सुधारने के उपाय बताए गए हैं।

Key Takeaways

  • मन को गुलाम बनाना छोड़कर उसका मालिक बनो।
  • तपस्या स्वेच्छा और भाव से करनी चाहिए, डर और लालच से नहीं।
  • शक्ति और साहस बढ़ाओ, पैसा अपने आप आएगा।
  • डिप्रेशन और तनाव से बाहर आओ, जीवन में सुधार होगा।
  • ध्यान और प्रेम को जीवन में अपनाओ, ये महानता की कुंजी हैं।

Summary

  • मन का गुलाम होना जीवन में असफलता का कारण है, मन का मालिक बनना सफलता की कुंजी है।
  • तपस्या डर या लालच से नहीं, स्वेच्छा और मस्ती से करनी चाहिए।
  • सही दिशा में शक्ति और साहस बढ़ाना जरूरी है, पैसा आनंद से नहीं बल्कि शक्ति से आता है।
  • डिप्रेशन, तनाव और एंजायटी से बाहर आना जीवन में सुधार का पहला कदम है।
  • जागरण और आत्म-नियंत्रण से मन की बदतमीजियों को नियंत्रित किया जा सकता है।
  • प्रेम और पैसा दोनों से अधिक महत्वपूर्ण है अपनी शक्ति और उपयोगिता बढ़ाना।
  • मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है, ध्यान की प्रक्रिया से मन को नियंत्रित किया जा सकता है।
  • समाज में प्रेम और सहयोग से ही वास्तविक सम्मान और सफलता मिलती है।
  • मन की अज्ञानता से बचने के लिए ध्यान और प्रेम को समझना आवश्यक है।
  • सकारात्मक सोच और कर्म से जीवन में बदलाव संभव है।

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00:00
Speaker A
तुम अपने मन के गुलाम हो। जो मन का गुलाम है, वो इस दुनिया में नौकर है। जो मन का मालिक है, वो इस दुनिया में राजा है। और जब उन्होंने मुझे बताया कि तुम्हारी किस्मत खराब नहीं है। तुमसे भगवान नाराज नहीं है।
00:15
Speaker A
तुम्हारे सितारे खराब नहीं हैं। तुम्हारा दिमाग खराब है। कैसे महाराज? बोले अच्छा, कितने घंटे पढ़ते हो? मैंने कहा महाराज, पढ़ना तो चाहते हैं 10 घंटे, लेकिन एक घंटा भी नहीं पढ़ पा रहे। देखो, देखो, देखो, लिखो इसको कागज में लिखवाया हुआ।
00:32
Speaker A
सोचो कौन करवा रहा है ये तुम्हारा मन। ये दुखी और बदकिस्मत लोगों से बचिए, मानवता रखिए। कोई परेशान है तो उसकी मदद कर दीजिए। कोई बीमार है, उसको दवा दिलवा दीजिए। कोई संकट में है, उसको हॉस्पिटल पहुंचा दीजिए।
00:44
Speaker A
लेकिन ये दुखी बदकिस्मत लोगों की गैंग मत बनाइए। दुर्योधन की जिंदगी की सबसे बड़ी गलती यही दुखी और बदकिस्मत लोगों की गैंग बनाना है। अगर आपने गैंग बनाई दुर्योधन की तरह, दुर्योधन की गैंग में सिर्फ दुखी और बदकिस्मत लोग थे। शकुनी मेरी बहन की शादी अंधे करा दी। कर्ण
00:57
Speaker A
मुझे सूत पुत्र माना जाता है। दुशासन डिस्टर्ब है। जिसने भी दुखी और बदकिस्मत लोगों की गैंग बनाई, उसका विनाश दुर्योधन की तरह सुनिश्चित है। मस्त लोगों के साथ रहिए। अलर्ट लोगों के साथ रहिए। वो खुद तो बनेंगे ही। आपके बनने का भी रास्ता फिक्स
01:12
Speaker A
कर देंगे। एक तो तपस्या है जो जबरदस्ती आप डर की वजह से करते हो। एक तपस्या है जो लालच की वजह से हो रही है। कि अगर मैंने तपस्या कर लूंगा। अगर मैं तपस्या कर लूंगा तो मेरी बॉडी बहुत अच्छी बन जाएगी और मैं
01:23
Speaker A
पैसा कमाने लगूंगा। मैं बहुत अमीर हो जाऊंगा। मैं आईएएस बन जाऊंगा। मैं नेता बन जाऊंगा। यह लालच के भाव में की गई तपस्या है। डर के भाव में की गई तपस्या और लालच के भाव में की गई तपस्या के परिणाम बहुत
01:33
Speaker A
अच्छे नहीं होते। तपस्या स्वेच्छा से और मस्ती से की जाए। उठना है बॉस सुबह 4:00 बजे। सीताराम, सीताराम, सीताराम, जय सीताराम। आप डर में तपस्या मत करो। आप लालच में तपस्या मत करो। आप भाव में तपस्या करो और भाव
01:45
Speaker A
में तपस्या कब होगी? जब आप ध्यानी होगे। जब आप अपने मन को हुकुम देने लगोगे। चार बजे अलार्म बजाओ और आपने अपने मन से कहा कि उठ जाओ भाई। अरे उसने कहा सर, सर, 10 मिनट सो गए सर। क्या करेगा 10 मिनट सो गए
01:56
Speaker A
फिर ये बदतमीजी करने लगा। जैसे ही बदतमीजी करने लगा, आंख तो बंद है ही आपकी, वही सुमिरन चालू, यज्ञ चालू, सांस का ध्यान, शरीर ढीला, आंख बंद और यज्ञ चालू। अगर ये कला वाकई में आपके पकड़ में आ गई तो साहब आप
02:07
Speaker A
दुनिया में कमाल करोगे। तो ध्यान करना ही करना है क्योंकि मन स्वभावता इंद्रियों सुखों से जुड़ा हुआ है। स्वभावता इंद्रियों के द्वारा वो ईश्वर का दर्शन पाता है। अच्छे भोजन में, अच्छी स्त्री में, अच्छे पुरुष में, भौतिक सुखों में मन जो है
02:21
Speaker A
इंद्रियों के द्वारा माया का भोग करता है। और क्योंकि उस माया के भोग के दौरान उसे ईश्वर का स्वाद मिलता है, इसलिए वो उस तरफ भागता है। यही अज्ञान है। यही अज्ञानता है। इग्नोरेंस। इसलिए पूरा दर्शन शास्त्र एक शब्द से भरा हुआ है, इग्नोरेंस।
02:37
Speaker A
तो मेरा मानना ये है कि वो शक्ति साहस पैदा करो। कि जब भी तुम्हें पैसों की जरूरत पड़े, तुम उतना पैसा लाने की क्षमता रखो। आज लोग परेशान इसलिए हैं क्योंकि वह गलत डायरेक्शन में भाग रहे हैं। पैसे के पीछे
02:52
Speaker A
भाग रहे हैं। पैसा आनंद नहीं देगा। आनंद जो देगा, वो शक्ति देगी। जब भी कोई तुम्हारे ऊपर एहसान जता रहा है तो तुमसे कुछ रिटर्न चाह रहा है। जब भी कोई तुमसे कह रहा है कि देखो मैंने तुम्हारे लिए
03:04
Speaker A
क्या किया। देखो मैंने तुम्हारी इतनी मदद की। अगर वो कुछ एहसान जता रहा है तो इसका मतलब वो तुमसे बदले में कुछ चाह रहा है। कोई भी मां-बाप ही देखो। भैया, तुमको पढ़ाए, लिखाए, पाले, पोसे, बड़ा किए। तो ये
03:16
Speaker A
रिमेंबेंस किस लिए? कि भैया हमारा भी बुढ़ापे में ख्याल रखना, हमारी इज्जत का ख्याल रखना, हमारा देखभाल करना। हर वो आदमी जो आपको एहसान गिराए, समझ लो रिटर्न में कुछ चाहता है। सेक्स की तरफ जो लगाव है, वो बेसिकली डिप्रेशन का परिणाम, अपवाद
03:30
Speaker A
है कि आप काम के प्रभाव में आ रहे हैं। मौसम अच्छा है, फूल बेंक रहे हैं। जितना ज्यादा डिप्रेशन, जितना ज्यादा तनाव, जितना ज्यादा स्ट्रेस, जितनी ज्यादा एंजायटी, अच्छा आप एक बात सोचो, स्वामी विवेकानंद। सुंदरता में किसी से कम है,
03:41
Speaker A
नहीं। पर क्योंकि वो ध्यान ही है ना, उन्हें आवश्यकता नहीं है। ध्यान ही है। वो बाबा रामदेव को देख लो। आप किसी चीज की कमी है? ये जो सेक्स के प्रति पागलपन है, अंधापन है, उसकी सिर्फ एक वजह स्ट्रेस, एंजायटी,
03:51
Speaker A
डिप्रेशन। अगर आप स्ट्रेस, एंजायटी, डिप्रेशन से बाहर आ जाएं तो हस्तमैथुन भी खत्म, सेक्स के दौर भी खत्म, फॉर्म भी खत्म, रीलबाजी भी खत्म। इस देश को अगर अपने आप को बचाना है तो संभोग से समाधि के सिद्धांत
04:02
Speaker A
को समझना होगा। वरना सब मर जाएंगे। जितने लोग जीवन के सिद्धांत को नहीं समझ पाते हैं, वो सब बदकिस्मत हैं। जब पद नहीं है और पैसा नहीं है तो क्या करना है? तपस्या करना। किसी ने आपको अपना दोस्त कह दिया, ये
04:14
Speaker A
उसका एहसान है। किसी ने आपको अपना रिश्तेदार कह दिया। यह उसका एहसान है। किसी ने आपसे प्रेम कर लिया। यह उसका एहसान है। अगर नहीं कर रहा है तो बड़ी अच्छी बात है। कोई आपकी तपस्या में बाधा नहीं डाल रहा है। जब तपस्या करोगे, पद और
04:27
Speaker A
पैसा मिलेगा। जहां शहद होगा, वहां मक्खी खुद-ब-खुद आएगी। कभी ईश्वर के सौभाग्य से पैसा इकट्ठा हो जाए और ज्यादा हो जाए तो एक एक्सपेरिमेंट कर डालना। एक झोला रुपया लेकर किसी चौराहे पर आप बैठ जाना। एक
04:38
Speaker A
गड्डी निकालना और लुटाना इसे। देखना भीड़ लग जाएगी। कार से उतर-उतर के लोग उठाएंगे पैसा, मुंह पे मास्क बांध-बांध के। और फिर उनको गाली भी देना कि तुम सब कुत्ते जैसी शक्ल लिए हो। सब मुस्कुराएंगे। कहेंगे
04:49
Speaker A
भैया सही कह रहे हैं भैया। हमारी मम्मी भी यही कहती है भैया। हजार 500 कम से कम दो-चार लोगों को गांव में बांट ही दो। भाई, कोई अस्पताल में एडमिट है, उसकी मदद कर दीजिए। कोई बीमार है, उसकी मदद कर दीजिए।
05:01
Speaker A
जागना बहुत जरूरी है। जब तक आप जागोगे नहीं, तब तक आप अपने मन की बदतमीजियों को देखोगे नहीं। जागना बहुत जरूरी है। आप छह घंटे पढ़ना चाहते हैं, पढ़ने नहीं दे रहा। आप सिगरेट नहीं पीना चाहते हैं। सिगरेट
05:11
Speaker A
पिला रहा है। आप जानते हैं कि आपकी गर्लफ्रेंड आपको छोड़कर जा चुकी है। आप उसके मैसेज का इंतजार करते हैं। आप जानते हैं कि आपके दोस्त आपको बेवकूफ बना रहे हैं। आप उनके साथ रहते हैं। आप जानते हैं
05:21
Speaker A
कि ये समाज सिर्फ आपकी उपलब्धि को प्रणाम करेगा। आप उससे प्रेम की आशा करते हैं। ये सब क्या है? वेस्टेज ऑफ टाइम। इसलिए जागना बहुत जरूरी है। बहुत जरूरी है। इट्स मेंडेटरी टू बी अवेकन। बिकॉज योर माइंड किल्स योर टाइम इन अननेसेसरी थिंग्स। योर
05:35
Speaker A
माइंड सेस टू यू, द सोसाइटी इज नॉट पैशनेट टू मी। व्हाई शुड बी द सोसाइटी कंपैशनेट टू यू? व्हाट यू आर गिविंग टू द सोसाइटी?
05:43
Speaker A
अगर आप चाहते हो कि ये समाज आपको प्रेम करे तो आपको थोड़ा सा भगवान जैसा होना पड़ेगा। बांटो, बांटो। कुछ न कुछ दो, लोगों को गिव समथिंग टू द पीपल। जागना बहुत जरूरी है। इट्स मेंडेटरी टू बी अवेकन
05:56
Speaker A
बिकॉज देन ओनली यू विल कम टू सी योर माइंड। दुनिया में दो शब्द हैं जिनको समझना इंपॉसिबल है। लेकिन अगर वह दोनों समझ में आ गए तो फिर उस व्यक्ति को महान बनने से कोई रोक नहीं सकता। एक है ध्यान,
06:10
Speaker A
दूसरा है प्रेम। तो जिसके पास जितने ज्यादा गुण हैं, उसके उतनी ज्यादा उपयोगिता है, उसकी उतना समाज में मान सम्मान। तो ना तो आप प्रेम के पीछे भागिए और ना आप पैसे के पीछे भागिए। आप अपनी शक्ति उपयोगिता के पीछे भागिए। जितना आप शक्तिशाली होते
06:29
Speaker A
जाएंगे, उपयोगी होते जाएंगे। ये प्रेम और पैसा दोनों आपके बीच। 98% लोग अपने मन के गुलाम हैं तो उनकी किस्मत कौन लिखता है? उनका मन। इसीलिए तो भाग्यवादी है। 2% लोगों ने अपने मन को अपना गुलाम बना रखा है और वो अपनी किस्मत लिखते
06:46
Speaker A
हैं। गौर करिएगा इस लाइन को, मैं फिर से बोल रहा हूं, आप लिखिएगा इस लाइन को। 98% लोग अपने मन के गुलाम हैं। आप सुबह 4 बजे उठना चाहते, नहीं उठ पा रहे। आप 4 घंटे पढ़ना चाहते, नहीं पढ़ पा रहे। आप योग करना चाहते,
06:55
Speaker A
नहीं कर पा रहे। आप ध्यान करना चाहते, नहीं कर पा रहे। आप भीख मांगेंगे। जब कुछ पॉजिटिव हो ही नहीं रहा है। जब कुछ पॉजिटिव हो ही नहीं रहा है तो परिणाम पॉजिटिव कैसा होगा?
07:04
Speaker A
बोए पैर बबूल का तो आम कहां से होए? आप बताओ मुझे सोच के। कौन लिख रहा है आपकी किस्मत? आपका मन लिख रहा है या आप लिख रहे हो? और अगर आपकी किस्मत आपका मन लिख रहा है तो आप वहीं पहुंचोगे जहां आपका मन चाहता
07:14
Speaker A
है। तभी तो भगवान, तभी तो स्वामी विवेकानंद जी ने कहा कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है। कब? इतना कह के छोड़ दिए उन्होंने। मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है। इतना कह के छोड़ दिया। अब लोग घूम रहे हैं कि कैसे भैया, आंसर तो
07:25
Speaker A
दे देते, पूरा तो बोल देते। मैं पूरा कर देता हूं। मैं पूरा कर देता हूं आज इस लाइन को। मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है। अगर वो अपने मन को अपना गुलाम बनाए। किसके द्वारा? ध्यान की प्रक्रिया
07:35
Speaker A
के द्वारा। सोशल मीडिया का दौर, कितनी हमारी बहने हैं कंटेंट बनाती हैं। कोई नाच रहा है, कोई गा रहा है। चलो ठीक है यार। आपको नहीं अच्छा लगता है ना, आप मत देखिए। गाली क्यों लिखते हैं आप? कोई लड़की है,
07:42
Speaker A
कोई औरत है, कंटेंट बना रही है। कोई पैसा आ रहा है। सबको लगता है थोड़ा दो-चार पैसा हम भी कमा लें। लेकिन जो जाहिल वर्ग है। आपने देखा नहीं? चले आइए। उस जगह में गाली लिखने की क्या जरूरत है? क्या आवश्यकता
07:52
Speaker A
है? गाली यहां लिखिए जब हम बोल रहे हैं, हमारे लिए लिखिए। हमारे गुरु के हिसाब से जांच भी होती रहती है। आपके शब्द अगर मेरे मन पर प्रभाव डाले गए तो आप ताकतवर।
08:00
Speaker A
मैंने अपने गुरु से कह रखा है कि देखो यार गाली गला तक तो ठीक है उससे आगे कोई आएगा तो फिर वापस नहीं जाएगा। ईसा मसीह नहीं है कि कोई आदमी क्रूस पे लटका दे और हम भगवान से प्रार्थना करें कि प्रभु इसको क्षमा कर
08:09
Speaker A
देना इसको पता नहीं है कौन सी गलती। प्रभु बाद में क्षमा करेंगे। एक बात मुझे एकदम समझ में आई है। फॉरगिवनेस इस द क्वालिटी ऑफ़ गॉड एंड वी आर नॉट गॉड्स। क्षमा करना भगवान का काम है। और हम भगवान नहीं।
08:19
Speaker A
हालांकि किसी की बात को दिल में नहीं रखते लेकिन उस व्यक्ति को मोहब्बत से पालते हैं, रखते हैं। मैं तो कृष्ण का अनुय हूं। 100 गाली पार कर दे शिशुपाल उड़ा दो। लेकिन ये गाली गलौज है। ये सबको एक जांच
08:29
Speaker A
है आपके व्यक्तित्व की। कोई भी व्यक्ति अगर आपको गुस्सा दिला दिया जा रहा है। इरिटेट कर ले जा रहा है। वो जीत गया वो। मैं बार-बार एक बात कहता हूं। बार-बार अगर आप अपने मन को समझ गए और आपने अपने मन का
08:41
Speaker A
शोषण शुरू कर दिया तो आप अंदाजा नहीं लगा पाएंगे कि आप कितनी ऊंचाइयों तक पहुंच जाएंगे। मैं आपसे बार-बार कहता हूं कि जीवन में आपका भाग्य या तो आपका मन लिखता है और आपका मन कब लिखता है जब आप मन के
08:51
Speaker A
इशारे पर चलते हों। आज आप देख लेना अगर आप अपने मन के इशारे पर चलते हो आप अपने मन के गुलाम हो तो आपका मन ही आपका भाग्य निर्माता है। लेकिन अगर आपने अपने मन को गुलाम बना लिया और वो आपके इशारे पे चलता
09:04
Speaker A
है। आप भाग्य निर्माता हो। भाग्य तो है लेकिन अब वो भाग्य का निर्माण कौन कर रहा है? आपका मन या आप तो अगर आप कर रहे हो तो आप वहां पहुंचोगे जहां आप चाहते हो। और अगर मन कर रहा है तो आप वहां पहुंचोगे
09:14
Speaker A
जहां आपका मन चाहता है। सिंपल सिंपल बहुत सिंपल सा सिद्धांत है। बहुत सीधा सा सिद्धांत है। समाज रूपी चक्रव्यूह सबसे ज्यादा शोषण किसका करता है? कमजोर व्यक्ति का करता है। समाज सुविधा है। समाज इंश्योरेंस है। समाज कष्ट भी है। तुम
09:29
Speaker A
चिंता मत करो। इस समाज रूपी चक्रव्यूह में जागृत होकर जीना ही जागो। कमजोर हो तो तपस्या पर निकल जाओ। ताकतवर हो जाओ तो समाज में आ जाओ। कमजोर हो सब अबे कह के बुलाएंगे। ताकतवर हो जाओगे सब जीजा कहने
09:44
Speaker A
लगेंगे। यही तो समाज है और समाज है क्या? बचो मत, भागो मत, जागो। संघर्ष इज अ मैकेनिज्म टू क्रिएट द डेस्टिनी ऑफ़ अ पर्सन। मन और समय। ये दो चीज जो समझ गया मन और समय। 95% लोग समय को कीमती मानते ही
10:01
Speaker A
नहीं। किसी बुजुर्ग आदमी से मिलो जिसकी उम्र 80 प्लस हो गई हो और जो बिस्तर में पड़ा हो। बस दो चीज मन और समय। तो जिस दिन आप मन को समझोगे और जब देखोगे यार मन तो फंक्शन सही-सही नहीं कर रहा है तो आप उसको
10:12
Speaker A
सुधारने की कोशिश करोगे वो ध्यान साधना की शुरुआत हो जाएगी और जब ध्यान साधना की शुरुआत हो जाएगी तो आप फिर समय का सम्मान करने लगोगे और मन और समय को जब आप समझने लगोगे आपके भाग्य का निर्माण शुरू हो
10:21
Speaker A
जाएगा आप अपने भाग्य के रचयिता स्वयं हो जाओगे जो व्यक्ति अपने मन और ये मन और समय को समझ गया वो अपने भाग्य का निर्माण करने लगेगा और फिर 10 साल बाद पांच साल बाद वो कहानी सुनाएगा मैं जो आम ठेले वाले फेंक
10:34
Speaker A
देते थे ना मैं उसको उठाकर खाता सारे व्यक्ति जिनके स्त्री पुरुष जिनकी उपलब्धियां सबके पास एक कहानी है और वो होगी ही और वो होगी ही। जितने लोग अपने मन के गुलाम है उनका मन उनका भाग्य लिखता है। मन का गुलाम मतलब आप
10:49
Speaker A
मन के इशारे पे चलते है। उसने कहा नहीं पढ़ना है आप नहीं पढ़ रहे हैं। उसने कहा मूवी देखने जाना है आप मूवी देखने जा रहे हैं। उसने कहा सिगरेट पीना है आप सिगरेट पी रहे हैं तो आप मन के गुलाम है। कौन सा
10:55
Speaker A
ऐसा सिगरेट पीने वाला है जिसको इस बात का एहसास नहीं है कि सिगरेट पीने से स्वास्थ्य खराब होता है। सबको पता है। लेकिन मन तो मन को अगर जितना है तो हनुमान जी की शरण में जाना होगा। यानी सांसे।
11:04
Speaker A
हनुमान जी राम जी से जोड़ देंगे यानी चेतना। राम जी बाली को पटक देंगे उठा के। तो पूरे दिन जहां भी मन तुम्हारे ऊपर हावी होने लगे तुम तुरंत आंख बंद करो और अपनी सांसों को देखना शुरू करो। देखना यकीन
11:14
Speaker A
मानिए बिलीव मी अ डे विल कम व्हेन यू विल हैव द ग्लैंड्स ऑफ योर ब्रीथिंग। एंड दैट डे आप एक नए आदमी हो। आप भरोसा करिए कि जिस दिन आपको आपकी सांसे दिखाई पड़ गई, आपका नया जन्म हो जाएगा। ध्वज हो जाओगे।
11:26
Speaker A
द्विज ट्वाइस बर्न। तो अपने मन को सांत्वना देते हो। मन को गुलाम बनाना है। मन को गलत काम करने के लिए उदाहरण चाहिए और शक्तिशाली उदाहरण मिल जाए तैयार हो जाते हैं। जब तुम अपराध करते हो ना तो तुम
11:39
Speaker A
उसका एग्जांपल ढूंढते हो। क्योंकि अगर तुम्हें 10-12 एग्जांपल मिल गया या तुम सिगरेट पीते हो तो तुम सोचोगे यार नेहरू जी भी पीते थे चर्च भी पीता है। तुमको बड़ा मजा आएगा। साले देख मंगे थोड़ी हम अकेले पी रहे हैं। जब तुम्हें कोई शराब
11:50
Speaker A
पिलाएगा तो पता है क्या बोलेगा? अरे पूरा यूरोप पीता है। तेरे मौसा लगता है ना बे पूरा यूरोप तो देख के आए हो। यूरोप इसलिए पीता है क्योंकि वहां ठंडक होती है और उनको अपनी बॉडी टेंपरेचर को मेंटेन रखना
11:59
Speaker A
होता है। वो नशे के लिए नहीं पीते और पी के नाली में नहीं लौटते। तो भारतीयों ने देखा कि यार ये दारू वारू पी के अंग्रेज समंदर के किनारे लेटा। अब हर जगह समंदर तो है नहीं। तो नाली के किनारे ही लेट गया
12:10
Speaker A
वो। मन के साथ एक बहुत बड़ी चुनौती ये है कि अव्वल तो लोग जानते ही नहीं कि मन क्या है। वो जानते ही नहीं। मतलब बहुत सारे लोगों का जीवन बीत जाता है। वो जान ही नहीं पाते मन क्या है। तो ध्यान की जो
12:19
Speaker A
पहली शुरुआत है पहला वो अवेकनिंग की शुरुआत है कि यार हम अपने मन से परेशान। मैं आपसे दावे के साथ कहता हूं 98% लोग सिर्फ और सिर्फ अपने मन से परेशान। उनको दुनिया ने परेशान नहीं कर रखा। वो अपने मन
12:32
Speaker A
से परेशान। तो पहला चरण अगर हम ये लिख ले कि भाई हम अपने मन से परेशान। तो समस्या का पता चल गया। मेरे दोस्त मुझे पढ़ने नहीं दे रहे हैं। मेरे रिश्तेदार मेरी बेइज्जती कर रहे हैं। समाज मुझे सम्मान
12:41
Speaker A
नहीं दे रहा है। कोई मुझे प्रेम नहीं कर रहा है। ये सब मूर्खता की बातें सब मतलब ये बातें करना एक अवल दर्जे की मूर्खता की बातें करने वाली बातें होती है। ये सब आपके मन का ताना-बाना है। तो जो पहला चरण
12:52
Speaker A
ध्यान का शुरू होता है वो इसी से शुरू होता है कि आपको इस बात का एहसास हो जाए कि आपकी सारी समस्याओं का जड़ आपका मन है। कबीर दास जी कहते हैं मन के मते न चालिए मन के मते अनेक। जो मन पर काबू करे वो
13:04
Speaker A
साधु कोई मन के मन मन के रास्ते मन को हाथ पकड़ के चलेंगे मन यानी डलिज्म आपको किसी निर्णय पे नहीं पहुंचने देगा ये कर लो अच्छा है नहीं ये कर लो अच्छा है आईएस की तैयारी कर लो नहीं एमबीए कर लो नहीं मन
13:18
Speaker A
मींस डलिज्म द्वंद और अगर आपने दुनिया की चिंता की अगर आपने लोगों की चिंता की अगर आपने समाज की चिंता की तो आप मारे गए पढ़ाई परसेंटेज के लिए नहीं की जाती बहुत मतलब ये इतनी गलत धारणा इस देश में है इस
13:32
Speaker A
देश को जिन चीजों ने बर्बाद किया उसमें एक चीज है परसेंटेज की अवधारणा प्रतिशत इस प्रतिशत के चक्कर में इतने लड़के डिप्रेशन में गए इतने अब मैं आपको बताऊं पढ़ते-पढ़ते यह हाल हो गया भारत में लड़कों का कि वो अच्छा परसेंटेज ले आए
13:46
Speaker A
अच्छे कॉलेज में पढ़ लिए लेकिन जब जीवन की चुनौतियों का सामने करने की बारी आई जीवन की चुनौतियों में परसेंटेज आपकी कोई मदद नहीं करेगा वहां आपकी मदद सिर्फ और सिर्फ आपका व्यक्तित्व करेगा इसलिए परसेंटेज के साथ-साथ जिस चीज पर सबसे ज्यादा ध्यान
14:05
Speaker A
दिया जाना चाहिए वो है व्यक्तित्व। मन का जो सबसे प्यारा खेल है वो है उलझाना। मन आपको उलझाना चाहता है क्योंकि जब तक वो बाहर उलझा है तब तक वो जिंदा है। मालिक है। वो आपको प्रेम में उलझाएगा। वो
14:19
Speaker A
आपको दोस्ती में उलझाएगा। वो आपको दुश्मनी में उलझाएगा। मन का सबसे प्यारा खेल सबसे उलझाना। अच्छा बुरा आदमी ढूंढेगा दुनिया में। तो दुनिया का सबसे बेवकूफी वाला काम है दुनिया में अच्छा बुरा आदमी ढूंढना। आपके पास शक्ति है, बुरा आदमी भी आपके
14:33
Speaker A
सामने अच्छा रहेगा। विलासिता से बचिए। लग्जरी सिर्फ जरूरत पे जीना सीखिए। अपने पिता के नाम पर बरबरी की शर्ट मत पहनिए। सिंपल लेके भी आते हैं तो उनसे कहिए कि नहीं यार पापा सिंपल सी शर्ट पहन। पिता के नाम पे एलबी का जूता मत
14:48
Speaker A
पहनिए। बहुत परेशान हो जाएंगे जिंदगी में जान लीजिए। इतना परेशान हो जाएंगे ना जिसका कोई अंदाजा नहीं। अव्वल विलासिता से बचिएगा। लेकिन कोई बात नहीं अगर आप करते हैं तो बड़ी अच्छी बात है। स्टूडेंट है टाइटन पहनिए। टाइटन की घड़ियां बहुत
14:58
Speaker A
अच्छी-अच्छी घड़ी है। क्या जरूरत है रोलक्स पहनने की स्टूडेंट लाइफ में? विलासिता से बचिए। विलासिता से बचिए। ओवरथिंकिंग से बचिए। और इससे आप तभी बच पाएंगे जब आप अपने मन को समझ सके। वरना कोई रास्ता है नहीं। देयर इज नो अदर वे।
15:10
Speaker A
पूरा जीवन की महाभारत शक्ति के बल पे ही लड़ी जाती है। और शक्ति आएगी ध्यान से और योग से। ध्यान मन की शक्ति देगा और योग शरीर की। कभी आप अपने बुजुर्गों के साथ बैठो। बुजुर्ग बहुत कीमती चीज है। बुजुर्ग
15:23
Speaker A
मतलब अनुभव। अब तो उन्हें उठा के वृद्ध आश्रम में डाल दिया जाता है। समाज एक बहुत अच्छे अनुभव से वंचित है। बुजुर्ग थोड़े से चिड़चिड़े होते हैं क्योंकि इंद्रियां खत्म हो चुकी होती है। तो जीवन का कोई उद्देश्य बचता नहीं। तो एक आम आदमी के लिए
15:32
Speaker A
जीवन क्या है? भौतिक सुख, मटेरियल एंजॉयमेंट। मटेरियल एंटरटेनमेंट। और ये भौतिक सुख किससे मिलेगा? इंद्रियों से। तो वृद्धावस्था मतलब इन्द्रियां खत्म। सुख खत्म। तो जब सुख खत्म तो कोई ऐसा बटन तो है नहीं कि दवाली और शरीर छूट गई। 70 प्लस
15:42
Speaker A
के बाद जीना इंद्रियों के बिना वो बड़ा दुखदाई है। अगर जवानी में आपने ध्यान नहीं किया है तो। अगर आपने जवानी में ध्यान कर लिया और आप एक बड़ी अच्छी अवस्था में पहुंच गए तो बुढ़ापा आपके लिए स्वर्ग हो
15:51
Speaker A
जाएगा और जवानी अगर आपने सिर्फ अय्याशी में बिताई सिर्फ तो आप यकीन मानिए कि आपको किसी नर्क जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि जहां से इंद्रियां फेल होंगी चाहे वो 70 पे फेल हो चाहे 75 में फेल हो जहां
16:00
Speaker A
से फेल होंगी वहां से अगर आप 20 साल और जिंदा रह गए तो वो 20 साल आपको युगों युगों की तरह प्रतीत होंगे कि अरे भगवान इसीलिए बुजुर्ग आ तौर पे चिड़चिड़े हो जाते हैं चिल्लाने लगते हैं और जैसेजैसे
16:10
Speaker A
उनका शरीर जजर होता है दर्द बढ़ता है खाना नहीं खा सकते आराम से सो नहीं सकते तो चिड़चिड़ापन बढ़ता है इसीलिए बुजुर्गों की सेवा की पुण्य की श्रेणी में सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। जीना एक कला है। द
16:21
Speaker A
आर्ट ऑफ लिविंग। इतना प्यारा टर्म है। द आर्ट ऑफ लिविंग। 95% लोग इस दुनिया में जान ही नहीं पाते कि भगवान का सबसे बड़ा गिफ्ट जो उनके पास है वो है उनका दिमाग मन। पता नहीं कहां लगाते हैं। उनको पता ही
16:34
Speaker A
नहीं कि वो कहां लगा रहे हैं। मतलब कभी-कभी तो ऐसी जगह लगा रहे हैं जिससे उनको बिल्कुल ही कोई फायदा नहीं। राखी सावंत जी की शादी की चिंता कर रहे हैं। ठीक है बेचारी कर लेंगे उनका जब मन आएगा
16:42
Speaker A
तो कर ही लेंगे क्या दिक्कत है। क्या मतलब है? जिस दिन इंसान को यह पता चल जाता है कि भगवान का जो सबसे बड़ा गिफ्ट आपके पास है वो है आपका मन और जिस दिन आप अपना शोषण शुरू करते हो अपना जिस दिन आप अपने आप को
16:54
Speaker A
इस्तेमाल करना शुरू करते हो उस दिन ये पूरी दुनिया बदल जाती है सबके सपने और सपने ही शोषण का कारण है। ये दुनिया का सबसे बड़ा नियम है। अगर तुम चाहते हो कि इस संसार में कोई तुम्हारा शोषण ना कर पाए
17:09
Speaker A
तो सपनों को छोड़ दो। शक्ति पे ध्यान दो। 98% लोग परेशान है। पता है क्यों? सपनों में मस्त हैं। सपनों में मस्त है। सपनों में समय कटता जा रहा है। शक्ति पर काम ही नहीं कर रहे। बंद आंख से देखें वो तो ठीक
17:24
Speaker A
खुली आंख से। स्त्री और भगवान दोनों एक ही है। दोनों के भक्त होते हैं। दोनों को शक्ति पसंद है। जो स्त्रियां है ना ये धरती पर भगवान का रूप है। ये भगवान की रिप्रेजेंटेटिव है। दोनों आदमी का जिंदगी बदल देती हैं। या तो
17:38
Speaker A
मां पार्वती बनके और या काली बनकर। दुनिया में वो सारे पुरुष परेशान हैं जो स्त्री को भोगना चाहते हैं। सब इसीलिए तो पत्नियों पे इतना व्यंग में चुटकुला मेरी पत्नी मुझे जीने नहीं दे रही तुम भीमंगे भीमंगे को तो आदमी भीमंगे की तरह ही ट्रीट
17:50
Speaker A
करेगा ना। इल्जाम लगाओगे स्त्री के ऊपर दोष लगाओगे शक करोगे किस से बात कर रही थी? सबसे मुस्कुरा के क्यों बात करती हो?
17:56
Speaker A
हंसा मत करो। सबके सामने ऐसे मत हंसा करो। बहुत अच्छा नहीं लगता। अबे हंसो बे खुल के हंसो। कुत्ते बिल्ली के सामने हंसो। क्या दिक्कत है? स्त्री को आजादी सबसे पसंद है। जाओ। तुम्हारी गर्लफ्रेंड ने तुमको 10 दिन
18:07
Speaker A
फोन नहीं किया। तुम मरे नहीं जा रहे हो। तुमने मैसेज डाला कि ठीक हो? उसने कहा हां बस खतम। हालचाल तो ले ही लो। 3 लाख मिस कॉल मार दिए। उसकी फ्रेंड को पकड़ लिए। घर भाग गए। समझ गए मरा हुआ आदमी है। स्त्री
18:18
Speaker A
को याचक पसंद नहीं है। जीवन में जब भी आप विचार कर ले कि अब आपको अपने जीवन को बदलना है बदल जाएगी। बदलना कैसे है? जीवन का जो संचालन यंत्र है। मतलब जो मशीन जो जीवन को चलाती है, जो व्यक्ति को चलाती है
18:28
Speaker A
वो है मन। मन अगर आपके पक्ष में आ गया। सारा खेल मन का है। मन अगर आपके पक्ष में आ गया तो आप समझ लो कि आपके जीवन का उद्धार हो गया। अब देखो कैसे आप कुछ मुद्दों में असहाय हो जाते हो। रील चल रही
18:40
Speaker A
है और आप स्क्रोल कर रहे हो। असहाय बेचैनी हो रही है। मन नहीं कर रहा है लेकिन फिर भी आप स्क्रोल कर रहे हो। आप गौर करो बहुत सारी जगहों पे आप जान रहे हो की गलत है आप
18:49
Speaker A
नहीं कर रहे हैं लेकिन आप कर रहे हो क्योंकि आप बाली के प्रभाव में हो और बाली आपकी आधी शक्ति खींच लेता है। तो अगर आप चाहते हो कि बाली से आप बच जाओ तो आप हनुमान जी को पकड़ लो। हनुमान जी यानी
18:58
Speaker A
सांसे। जैसे ही आप हनुमान जी को पकड़ोगे। हनुमान जी आपको राम जी से जोड़ देंगे चेतना और बाली असहाय हो जाएगा। और यह क्रिया निरंतर करते करते करते करते एक ऐसा समय आ जाएगा जब धीरे-धीरे बाली आपके आधीन
19:08
Speaker A
होने लगेगी। बस वहीं से आपके नए जीवन की शुरुआत हो जाएगी। घबराने की कोई जरूरत नहीं है, परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, डरने की कोई जरूरत नहीं है, चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। बस जरूरत है
19:16
Speaker A
तो सिर्फ एक कदम उठाने की। बहुत सारे लोगों को राजा बनना है। और जंगल में शेर अगर ये कहे कि मुझे राजा बनना है। लेकिन कुत्ता, सियार, लोमड़ी ये सब कहां राजा बन पाएंगे। अब अगर तुम कुत्ते हो, कुत्ते का
19:28
Speaker A
गुण है। पहले तुम अपने गुण को देखो। तुम्हारे अंदर कौन सा गुण है? अगर कुत्ते का गुण है फिर तो नहीं बन पाओगे आप। अगर तुम्हारी गर्लफ्रेंड तुमको राजा कहती है तो तुम राजा हो। मां तो राजा कहती है भाव
19:39
Speaker A
में। गर्लफ्रेंड राजा कहती है शक्ति में। तो अगर तुम्हारी तुम्हारी गर्लफ्रेंड तुम्हारी बीवी तुमको क्या कहती है बहुत इंपॉर्टेंट। अगर वो तुमको कुत्ता कह रही है तो तुम कुत्ता हो। तो तुम राजा बनोगे कि नहीं बनोगे ये बात का सबसे अच्छा
19:49
Speaker A
अंदाजा गर्लफ्रेंड पत्नी से लगाया जा सकता। स्त्रियां राजा पैदा ही होती है। स्त्रियों के सपने में सिर्फ राजकुमार आते हैं। मेरे सपनों का राजकुमार और लड़कों के सपने में तो नौकरानियां भी आती है। कुत्ते को शेर नहीं बनाया जा सकता। लोमड़ी को शेर
20:01
Speaker A
नहीं बनाया जा सकता। चाहते तो है ये। ऐसा नहीं कि नहीं चाहते? चाहते हैं लेकिन बनाया नहीं जा सकता। क्योंकि है तो कुत्ते ही। अपने इंटेंशन को किसी को मत बताइए। इस चक्कर में इतने सारे लोग परेशान है। बहुत
20:11
Speaker A
परेशान बहुत। हमारी मौसी कह रही थी तुम जिंदगी में कुछ नहीं कर पाओगे। सही तो कह रही है। इसमें बुरा मानने की क्या जरूरत है? कोई जिंदगी में कुछ नहीं कर पाता। परमात्मा जिससे जो करा ले। भाई हमारे
20:21
Speaker A
स्कूल के टीचर थे फातिमा इंटर कॉलेज के। सब बोलते थे जा। ज्यादातर बोलते थे। कुछ नहीं कर पाओ। परमात्मा ने करा लिया। वो गलत नहीं थे। वो बहुत सही थे। वो बहुत अच्छे थे। वो कुछ भी गलत नहीं कहते थे।
20:32
Speaker A
इसमें बुरा मानने की क्या जरूरत? बुआ के घर गए थे। पानी नहीं पूछी। कमिश्नर हो गए। प्रोटोकॉल चाहिए कि गृह मंत्री हो। हर फ्रंट पे नहीं लड़ना चाहिए। जब आप चारों तरफ फ्रंट करोगे आप आईएस की तैयारी भी कर
20:42
Speaker A
रहे हो। आपने गर्लफ्रेंड भी बना ली। आपने बड़े चाचा से दुश्मनी भी कर ली। और आप एक छोटी सी आटा मिल लगाए हो। आप कुछ ना कर पाओगे जिंदगी में। ऊर्जा एक दिशा में बहनी चाहिए। एक दिशा में। तभी तो कहा एक साधे
20:51
Speaker A
सब सधे सब साधे जो सब जाए। चक्रव्यूह में घुसने से पहले उससे निकलने का रास्ता भी पता होना चाहिए। 5 साल कोटा में, आठ साल दिल्ली में तैयारी कर रहे हैं। ये कोई तैयारी है? स्टूडेंट लाइफ में आप मस्ती
21:01
Speaker A
करते हो। बहुत अच्छा। पर कॉम्पिटिटिव लाइफ में आप मस्ती नहीं कर सकते हो। जब आप कॉम्पिटिटिव लाइफ में आते हो तो आप कॉम्पिटिट हो जाते हो। आप स्टूडेंट नहीं बचते। वहां आप पार्टी नहीं कर सकते और घूम नहीं सकते। और फिर वही चिल ब्रो चिल ब्रो
21:11
Speaker A
चिल। वो चिल ब्रो वाला कांसेप्ट नहीं चलेगा। नहीं तो लाइफ में चिलप हो जाएगा और बहुत दिक्कत हो जाएगी। देखो लोग पूछते है ना स्त्री को क्या पसंद है? देख लो। स्त्री को पौरुष पसंद है। पौरुष। मैं बार-बार कहता हूं ना वुमन एंड गॉड बोथ आर
21:24
Speaker A
बिहाइंड पावर। देख लो स्त्री को क्या पसंद है। ये तुम डीओ लगा के घूम रहे हो ना कि परियां गिरेंगी? कुछ नहीं होगा। मेला बाबू बन के रह जाओगे। स्त्री को पसंद है पुरुष। पुरुष की शक्ति। तुम कितने भी बुरे के हो लेकिन अगर तुम
21:41
Speaker A
काम के हो ना तुमको कोई नहीं भगा सकता। देश है वीर जवानों का, अलबेलों का, मस्तानों का इस देश का यारों क्या कहना?
21:50
Speaker A
जय हिंद।
Topics:व्यक्तित्व विकासमन नियंत्रणतपस्याध्यानसफलताशक्तिप्रेमडिप्रेशनआत्म जागरूकताभाग्य निर्माण

Frequently Asked Questions

मन को गुलाम बनने से कैसे बचाएं?

मन को गुलाम बनने से बचाने के लिए ध्यान की प्रक्रिया अपनानी चाहिए जिससे मन पर नियंत्रण पाया जा सके। जागरूकता और आत्म-नियंत्रण से मन की बदतमीजियों को नियंत्रित किया जा सकता है।

तपस्या किस भावना से करनी चाहिए?

तपस्या डर या लालच से नहीं, बल्कि स्वेच्छा और मस्ती के भाव से करनी चाहिए। इससे तपस्या के परिणाम सकारात्मक और प्रभावी होते हैं।

सफलता पाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या है?

सफलता पाने के लिए अपनी शक्ति और साहस बढ़ाना सबसे महत्वपूर्ण है। पैसा अपने आप आता है जब आप सही दिशा में मेहनत और आत्म-विश्वास से काम करते हैं।

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