कुछ आदतें तुम्हे राजा बनाएगी 🔥 ojha sir new motivation … — Transcript

जीवन में सफलता के लिए मन का मालिक बनो, समय का सही उपयोग करो और मजबूत आदतें अपनाओ।

Key Takeaways

  • मन का नियंत्रण सफलता की कुंजी है।
  • समय का सदुपयोग और फालतू ड्रामों से बचना जरूरी है।
  • आत्मसम्मान और मानसिक शक्ति से जीवन में आगे बढ़ो।
  • जीवन की लड़ाइयां समझदारी से चुनो।
  • आध्यात्मिकता से साहस और समझ विकसित होती है।

Summary

  • मन का गुलाम होना जीवन में नौकर की तरह है, मन का मालिक बनना राजा बनने जैसा है।
  • समय का महत्व समझो और फालतू में समय व्यर्थ न करो।
  • प्रेम और रिश्तों में भिखमंगे जैसी मानसिकता न अपनाओ, आत्मसम्मान बनाए रखो।
  • ध्यान और मानसिक शक्ति से खुद को मजबूत बनाओ।
  • जीवन की चुनौतियों को स्वीकार कर उनसे सीखो और मजबूत बनो।
  • सही लड़ाई चुनो, अपने से बड़े और महत्वपूर्ण मुद्दों से जूझो।
  • स्त्री और दोस्त जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उन्हें सम्मान दो।
  • अत्यधिक विलासिता और ओवरथिंकिंग से बचो, साधारण जीवन जियो।
  • साहस और समझ के लिए आध्यात्मिक गुरु और शिक्षकों की शरण लो।
  • अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए खुद पर विश्वास और मेहनत जरूरी है।

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00:00
Speaker A
सिंपल सा नियम है। तुम जीते तो सबके रिश्तेदार और तुम हारे तो तुम निकम्मे, तुम बेकार, तुम यूज़लेस, तुम चोर, और तुम्हें दोनों चीजों के लिए तैयार रहना पड़ा। तुम अपने मन के गुलाम हो। जो मन का गुलाम है,
00:25
Speaker A
वो इस दुनिया में नौकर है। जो मन का मालिक है, वो इस दुनिया में राजा है। और जब उन्होंने मुझे बताया कि तुम्हारी किस्मत खराब नहीं है। तुमसे भगवान नाराज नहीं है। तुम्हारे सितारे खराब नहीं हैं। तुम्हारा दिमाग खराब है। कैसे महाराज? बोले अच्छा,
00:43
Speaker A
कितने घंटे पढ़ते हो? मैंने कहा महाराज, पढ़ना तो चाहते हैं 10 घंटे लेकिन एक घंटा भी नहीं पढ़ पा रहे। देखो देखो देखो। लिखो इसको कागज में। तो लिखवाया। चलो सोचो कौन करवा रहा है ये। तुम्हारा मन जाइए।
00:57
Speaker A
किसी को प्रेम नहीं करना है। खुद को करना है। किसी को करना ही नहीं। मैंने आज तक ये गलती की नहीं। जिसकी गरज होगी वो हमें करेगा। और हम उसे बताएंगे कि तुम दिन में कितनी बार हमें आई लव यू बोलोगे। भिखमंगे
01:06
Speaker A
की तरह लोगों को जा के कहना है प्लीज लव मी। ये सब भिखारी के लक्षण हैं। और भिखारी भगाए जाते हैं। आगे बढ़ो, आगे बढ़ो। ये सब गलतियां करनी ही नहीं। बिंदास रहने का। मस्ती से नाचने का, जिम जाओ। ये गुनाह
01:21
Speaker A
करना ही नहीं। प्रेम ही नहीं करना किसी को। हर आदमी को बस पूछना है कि हां भाई कितना पैसा चाहिए? ₹1 लाख चाहिए। यह ले हर आदमी को खरीद लेना है धरती पर। और जब पैसे नहीं हैं तो ध्यान करना है। [हंसी]
01:37
Speaker A
ध्यान मतलब अपने आपको स्ट्रेंथ करना है। जब पैसे आ गए तो हर आदमी को बुलाना है। हां भाई कितना? 50,000 ये ले। मोहल्ले में कुत्ता भौंक दिया मतलब 50,000 तू भी ले। फालतू के ड्रामे जिंदगी में नहीं करने
01:49
Speaker A
ड्रामा है ये फ्रेंडशिप प्रेम रिश्ते सब 24 कैरेट ड्रामा हैं। किसी राजा व्यक्ति के अंदर होने वाली पांच खूबियां सबसे पहली खूबी यह है पांच खूबियों में से उसको पांच शब्दों का मतलब पता होना चाहिए बस। पहला रिश्ता कुछ लोग
02:07
Speaker A
होते हैं ना सबसे बनाने लगते हैं ये भिखमंगे की आदत है। कोई नेता मिल गया, कोई मंत्री मिल गया, सर आपका नंबर मिलेगा लग गए ना भिखमंगे की तरह उसके पीछे अपना वजूद पैदा करो। दूसरा जिसको समय की
02:21
Speaker A
कीमत पता है, समय अकेले बैठे रहो। पर किसी को फालतू में अपनी समय मत दो। प्रेम करो नहीं, शक्ति इतना पैदा कर लो कि लोग तुम्हें प्रेम करें। चौथा शब्द है समझ और पांचवा शब्द 24 घंटे को डिवाइड कर लो तीन
02:36
Speaker A
पार्ट में। आठ अपने व्यक्तिगत जीवन को दे दो। सोना, नहाना, ब्रश करना। उसके बाद भी तुम्हारे पास 16 घंटे बचेंगे। जिस दिन आप दूसरों पर ध्यान देना छोड़ देंगे ना उस दिन आपकी 100% समस्या खत्म हो जाएगी। देखो जंगल में क्या है? कुत्ता है,
02:54
Speaker A
सियार है, लोमड़ी है, शेर है, गधा है। अब गधे की जो नजर है वो घास से ज्यादा नहीं जाएगी। हम क्या सोच? हम क्या एक्सपेक्ट करते हैं कि हर आदमी की नजर मेरे जैसी हो जाए। नहीं हो पाएगी। कुत्ते की नजर हड्डी
03:04
Speaker A
से ज्यादा नहीं जाएगी। लोमड़ी की नजर बचे हुए गोश्त से ज्यादा नहीं जाएगी और शेर की नजर हमेशा शिकार पे रहेगी। सबकी एक जैसी नजर कभी नहीं हो पाएगी। श्री कृष्ण और बलराम भाई हैं। एक ही घर में पैदा हुए।
03:16
Speaker A
लेकिन दोनों का दृष्टिकोण कितना अलग। जब भी कोई व्यक्ति कोई बात बोलता है वो बेसिकली अपनी दृष्टि का प्रदर्शन करता है। खाली है, फ्रस्टेट भी हो सकता है। कुछ उसे बोलना है। अब तो सोशल मीडिया जब से आ गया
03:28
Speaker A
तब से कितनी सुविधाएं हो गई। कोई कुछ भी बोल रहा है। क्यों? क्योंकि लोगों को बोलना है और बुराई का जो रस है उस रस की भाई साहब कोई कीमत नहीं। बुराई एक रस है। और बहुत मजा आता है। लोग कहते हैं भाई
03:38
Speaker A
बुराई मत करो। भैया रस है वो। कोई बुराई जानबूझ के थोड़ी कर रहा है। वो एक रस है। उसमें आनंद आ रहा है। सुख मिल रहा है। मजा आ रहा है। फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायो, मैथ्स ये सांसारिक जीवन के लिए हैं। साहस और
03:48
Speaker A
समझ इससे नहीं पैदा होगी। साहस और समझ पैदा करने के लिए बुद्ध की शरण में जाना पड़ेगा, महावीर की शरण में जाना पड़ेगा, नानक जी की शरण में जाना पड़ेगा, रविदास जी की शरण में जाना पड़ेगा, कबीर दास जी
03:56
Speaker A
की शरण में जाना पड़ेगा। आज दुनिया क्यों परेशान है? 99.6%, 100.8% लड़की छोड़ के चली गई, फांसी लगा ली। 100.6% हो सकता है भैया, कोई बड़ी बात थोड़ी है। 100 में से 150% हैं? चश्मा वस्मा लगाए 7 किलो भार वेट है वो देखने
04:11
Speaker A
में लग रहे हैं बहुत सज्जन शरीर से। जी अंकल जी मैं तो अंकल जी झगड़े हो लड़ाई नहीं करता। अंकल जी तुमको मामूद गजनी उठा ले जाएगा। ये जो लड़ाई नहीं करते हो अच्छी बात है, नहीं करना चाहिए पर खतरे में हो
04:19
Speaker A
बेटा अर्जुन सबको मारता घूमता था धनुष बाढ़ चलाना आता था जहां जरूरत पड़ी वहां उसने इस्तेमाल किया। तुमसे कौन कह रहा है सबको मारता हुआ घूमो? अर्जुन सबको मारते हुए घूमा जहां जरूरत पड़ी महाभारत में युद्ध में उसे जरूरत पड़ी उसने इस्तेमाल
04:29
Speaker A
किया। तुमको भी अगर तुम्हारे जीवन में किसी महाभारत में इस्तेमाल करनी पड़ी तुम भी कर लेना। कोई जरूरी है सबको मारना है? अरे भैया वो जो बदमाशी सिखा रहे हैं तुम कर ना पाओगे यार तुम कर ना पाओगे। दोस्त,
04:38
Speaker A
स्त्री और भगवान दोनों एक ही हैं। दोनों के भक्त होते हैं। दोनों को शक्ति पसंद है। जो स्त्रियां हैं ना ये धरती पर भगवान का रूप हैं। ये भगवान की रिप्रेजेंटेटिव हैं। दोनों आदमी का जिंदगी बदल देती हैं।
04:48
Speaker A
या तो मां पार्वती बनके और या काली बनकर। दुनिया में वो सारे पुरुष परेशान हैं जो स्त्री को भोगना चाहते हैं। सब इसीलिए तो पत्नियों पे इतना व्यंग चुटकुला। मेरी पत्नी मुझे जीने नहीं दे रही। तुम भीखमंगे भीखमंगे को तो आदमी भीखमंगे की तरह ही
05:00
Speaker A
ट्रीट करेगा ना। इल्जाम लगाओगे स्त्री के ऊपर। दोष लगाओगे शक करोगे। किससे बात कर रही थी? सबसे मुस्कुरा के क्यों बात करती हो? हंसा मत करो। सबके सामने ऐसे मत हंसा करो। बहुत अच्छा नहीं लगता। अबे हंसो भैया,
05:10
Speaker A
खुल के हंसो। कुत्ते बिल्ली के सामने हंसो। क्या दिक्कत है? स्त्री को आजादी सबसे पसंद है। जाओ। तुम्हारी गर्लफ्रेंड ने तुमको 10 दिन फोन नहीं किया। तुम मरे नहीं जा रहे हो। तुमने मैसेज डाला कि ठीक हो? उसने कहा हां बस खत्म। हालचाल तो ले
05:23
Speaker A
ही लो। 3 लाख मिस कॉल मार दिए। उसकी फ्रेंड को पकड़ लिए। घर भाग गए। समझ गए मरा हुआ आदमी है। स्त्री को याचक पसंद नहीं है। हार जाने पर मौन, शांत, सन्यासी। कुछ नहीं बोलना किसी को। वो दुनिया का
05:34
Speaker A
धर्म है। आपको गाली देना। हारने के बाद मौन फिर विरोध नहीं करना है। मौन माला पकड़ के बैठ गए। कुत्ता भी कह के जा रहा है कि दो कमीने हो गए। लड़की लेके दिल्ली में घूमते थे और तुम कुत्ते की वही कह रहे
05:42
Speaker A
हो जिले इलाही। हार गए हो तो लोग आके तुमको राय देंगे कि देखो हिस्ट्री ऐसे पढ़ी जाती है। नोट्स ऐसे बनाया जाता है। तुम देख रहे हो। जी जी जी भैया जी भैया और पढ़ो यार छ घंटे तो पढ़ो कम से कम। जी जी
05:50
Speaker A
और बाल छेद करा के रखा करो। जी नंगे रहा करो। जी और सिर्फ करेला खाया करो उमला हुआ। उससे बुद्धि तेज होती है। और जो व्यक्ति जीत जाता है लोग हाथ जोड़ के खड़े हो। अरे जब तुम पैदा हुए थे तो तुम्हारी
05:57
Speaker A
वो कहानी वाली जो उंगली हल्की सी टेढ़ी थी तो मैंने तुम्हारे पापा से कहा बहुत नाम कमाएगा लड़का। और पीते होते हो। अरे भाई अब राजा महाराजा तो पीते ही हैं। कैसे लोगों का नेचर बदल जाता है? कैसे लोगों का
06:04
Speaker A
नेचर बदल जाता है और बड़ा कष्ट होता है और यही कष्ट तुम्हें मजबूत बनाता है। ये तुम्हें दुनिया की वास्तविकता से परिचय कराता है। ये हम मरे हुए तब तुम निखर कर सामने आते हो। तुम्हारा मोह खत्म करता है।
06:12
Speaker A
तुम्हारा प्रेम खत्म करता है। तुम्हारा द्वंद खत्म करता है। फिर तुम अपने आप को तपा कर जब दुनिया में सफल होकर बाहर निकलते हो तब तुम जब जीतते हो तो सामने वाला फिर तुम्हारे पास आता है। भैया और
06:19
Speaker A
तुम मुझसे कहोगे तेरी शक्ल तो डबरमैन की तरह है। हां भैया मम्मी भी कहती है भैया। कितना मजा आता है। जीवन चुनौतियों का एक प्रवाह। तुम कमजोर होकर लड़ रहे हो। तुम कमजोर होकर के लड़ रहे हो। कमजोर हो के
06:30
Speaker A
कल एक लड़का आया था कानपुर का है। किसी को पता ही नहीं लगने दिया। कहा क्या कर रहे हो दिल्ली में? बोले सॉफ्टवेयर का कोर्स कर रहे हैं। और फिर एक दिन कानपुर के दैनिक जागरण में निकला कि फलाने के बेटे
06:40
Speaker A
सो एंड सो गुरुदेव चौराहे के पास आईएस में पहला रैंक पूरा मोहल्ला बिस्तर से गिर गया। किसी का मंजन करते-करते टूट गया अंदर किए। ये क्या हो गया यार? ये क्या बता रहा है?
06:52
Speaker A
नाम तो पिता का सही है। मोहल्ला भी यही है। भागे लोग तुम्हारे घर में। लेकिन अब कर ही क्या लोगे? इसको कहते हैं सामने वालों को उलझाना। या तो दुनिया तुम्हें उलझाएगी और या तुम दुनिया को उलझा दो।
07:04
Speaker A
टाइगर बनोगे? कोई लॉरेंस पीछे पड़ जाएगा। टाइगर बनने की जरूरत ही क्या है? टाइगर ये है, टाइगर वो है, टाइगर जिंदा है। ऐसा बात है टाइगर वाइगर। अभी टाइगर चिड़िया घर में है। दुनिया में लड़ो जरूर। युद्ध करो युद्ध।
07:23
Speaker A
लेकिन जब भी लड़ो अपने से बहुत बड़े आदमी से लड़ो। कुछ लोग सबसे लड़ते रहते हैं। रिक्शा वाले से लड़ गए। ऑटो वाले से लड़ गए, टेम्पो वाले से लड़ गए। जानते नहीं हो कौन हो भैया? पृथ्वीराज चौहान के खानदान के हो? स्मृति
07:36
Speaker A
भ्रमथुन किया, ग्लानी पैदा हुई, निराश हुए, शाम को फिर कर लिया स्मृति भ्रम, फिर दूसरे दिन कर लिया। मरे जा रहे शरीर में दर्द है, बैक पेन और जितने युवा हैं हस्तमैथुन करोगे तो सबसे बड़ा सिम्टम है बैक पेन, कमर
07:50
Speaker A
का दर्द, शारीरिक कमजोरी का सबसे बड़ा सूचक है। कमर दर्द उसका एक वजह और भी है। प्रमेय ब्लू फिल्म देखते हो ना? वो तुमको एक गिफ्ट देती है। ब्लू फिल्म तुम्हारा वीर स्वतः बहता रहता है पेशाब के रास्ते। उसको
08:01
Speaker A
प्रमेह कहते हैं। तुमको पता ही नहीं च।
08:12
Speaker A
एक ही इलाज है। एक तो ब्लू फिल्म देखना छोड़ दो। दूसरा कपालभाति। 10 दिन कपालभाति और भस्त्रिका करके देख लो। कमर दर्द नहीं खत्म होगा। दोबारा मेरा शोक अ कभी मत देखना। लेकिन पहली कंडीशन वही है। विषय। विषय से क्या? आसक्ति। आसक्ति से क्या?
08:25
Speaker A
कामना। कामना पूरा नहीं होगा तो क्रोध। क्रोध हो से क्या होगा? अवेक। मूर्खता। मूर्खता से क्या होगा? स्मृति भ्रम। और बुद्धि हो जाएगी भ्रष्ट। तुम अपने मन को सांत्वना देते हो। मन को गुलाम बनाना है। मन को गलत काम करने के लिए उदाहरण चाहिए
08:39
Speaker A
और शक्तिशाली उदाहरण मिल जाए तैयार हो जाते। जब तुम अपराध करते हो ना, तो तुम उसका एग्जांपल ढूंढते हो। क्योंकि अगर तुम्हें 10-12 एग्जांपल मिल गया, तुम सिगरेट पीते हो, तो तुम सोचोगे यार नेहरू जी भी पीते थे, चाचल भी पीता, तुमको बड़ा
08:51
Speaker A
मजा आएगा। साले मंगे थोड़ी है, हम अकेले पी रहे हैं। जब तुम्हें कोई शराब पिलाएगा, तो पता है क्या बोलेगा? अरे पूरा यूरोप पीता है। तेरे मौसा लगता है ना बे पूरा यूरोप तू देख के आए हो? यूरोप इसलिए पीता है
09:00
Speaker A
क्योंकि वहां ठंडक होती है। और उनको अपनी बॉडी टेंपरेचर को मेंटेन रखना होता है। वो नशे के लिए नहीं पीते। और पी के नाली में नहीं लौटते। तो भारतीयों ने देखा कि यार ये दारू वारू पी के अंग्रेज समंदर के
09:11
Speaker A
किनारे लेटा है। अब हर जगह समंदर तो है नहीं। तो नाली के किनारे ही लेट गया। हमने जिंदगी में आज तक किसी आदमी को समझाने की कोशिश नहीं की। क्यों जा रहे हो? जाओ। और यार लोग किसी को भी छोड़ देते हैं। देखो
09:21
Speaker A
जब भगवान रण गंगा जाने लगे तो बहुत अयोध्या के लोग उनके पीछे आए। हम नहीं जाएंगे। हम आपको लेके जाएंगे। भगवान ने अरे हम जाएंगे। फिर धीरे-धीरे वापस बोली कि भैया कल बबलू को स्कूल जा रहा है। कोई
09:29
Speaker A
भगवान राम के साथ जंगल गया। सिर्फ दो लोग गए। एक लक्ष्मण जी, एक सीता जी। ऐसे तुम्हारी भी जिंदगी में कोई दो लोग होंगे जो तुम्हारे संघर्ष में तुम्हारे साथ रहे। बस उन दो लोगों को याद रखना। बाकी एक हंटर
09:37
Speaker A
कर ही लो। उसको सुबह-शाम देखा करो। ज्यादा लोगों की जरूरत ही नहीं है ना जिंदगी में। पूरी फौज तुम चाहते हो कि पूरी दुनिया मेरे साथ मेरे स्ट्रगल में रहे। कोई नहीं रहेगा। कृष्ण के साथ कोई नहीं है। अकेला
09:44
Speaker A
है वो। फिर पावर मैप, ध्यान, योग, साधना, फिर महाभारत का युद्ध होता है। आदमी इतनी शक्ति पैदा कर लेता है कि वो दोनों तरफ से खेलता है। अंपायरिंग। अर्जुन का विकेट गिरता है वो हाथ ही नहीं उठाता। नो बॉल।
09:53
Speaker A
अरे भीष्म पितामह अरे उतना ही बाण मारना जितना मैं बोलूंगा। देखो जब महाभारत का वॉर शुरू होता है तो भीष्म पितामह फॉर्म में आते हैं। आगे निकल निकल के मार रहे हैं। चार छ चार छ लगता है अरे भैया ही तो
10:02
Speaker A
पीट पाट के 50 ओवर में 500 का स्कोर बना देगा। फिर वो आदमी रथ का पहिया लेता है और भागना शुरू करता है भीष्म पितामह की तरह। बहुत हिंदुओं के घर में तुमने पोस्टर देखा होगा। भगवान ने कहा कि जब मैच फिक्स है
10:12
Speaker A
काहे खेल रहे हो? बोले सॉरी सर। हर बड़ा आदमी पद वाला, पैसे वाला वो अंदर से बेचैन है। गधा बना हुआ है ना। गधा ना बना रहे तो अपने ही लोग और दुश्मन बन जाए। हर पैसे और पद वाला आदमी गधा बना हुआ है। माया गधा ही
10:26
Speaker A
बनाती है अंतत। इसलिए प्रोटोकॉल शब्द बनाया गया। मंत्री जी से नहीं मिल रहा। डीएम से नहीं मिल सकते। पता है क्यों?
10:31
Speaker A
क्योंकि ये छोटे लोगों से ज्यादा भीख मांगे हैं। ये जो सो कॉल्ड धन वाले लोग हैं, पद वाले लोग हैं ये और ज्यादा भीख मांगे हैं। मैं केरला गया तो एक छोटी सी झोपड़ी की दुकान थी छोटी सी। मेरी बेटी थी
10:41
Speaker A
उसको भूख लगी। रोने लगी। तो मैंने कहा भैया दूध दे दो। तो उसने एक गिलास दूध दिया। तो पैसा देने लगा रहे। उसने कहा भैया कैसी बातें कर रहे हो भैया? बच्ची को दूध पिलाने का पैसा लेंगे? नहीं लिया
10:50
Speaker A
उसने। और मैं एक सो कॉल्ड बहुत बड़े होटल में गया। फाइव स्टार होटल में। उनकी कॉम्प्लीमेंट्री एक ड्रिंक थी। जो रियल वाला जूस होता है वही दो घूंट डाल के ग्लास में पकड़ा देते हैं। कॉम्प्लीमेंट्री ड्रिंक। तो मैंने कहा यार मुझे
10:58
Speaker A
कॉम्प्लीमेंट्री ड्रिंक एक ब्लैक कॉफी दे दो। उसका ₹346 चार्ज किया। कहा नहीं सर कॉफी सर वो कॉम्प्लीमेंट्री नहीं है। विलासिता से बचिए। लग्जरी सिर्फ जरूरत पे जीना सीखिए। अपने पिता के नाम पे बरबरी की शर्ट मत पहनिए। सिंपल है। लेके भी आते हैं
11:14
Speaker A
तो उनसे कहिए कि नहीं यार पापा सिंपल सी शर्ट पहन। पिता के नाम पे अलबी का जूता मत पहनिए। बहुत परेशान हो जाएंगे जिंदगी में जान लीजिए इतना परेशान हो जाएगा ना जिसका कोई अंदाजा नहीं अव्वल विलासिता से बचिएगा
11:25
Speaker A
लेकिन कोई बात नहीं अगर आप करते हैं तो बड़ी अच्छी बात है स्टूडेंट है टाइटन पहनिए टाइटन की घड़ियां बहुत अच्छी अच्छी घड़ी है क्या जरूरत है रोलेक्स पहनने की स्टूडेंट लाइफ में विलासिता से बचिए विलासिता से बचिए ओवरथिंकिंग से बचिए और
11:35
Speaker A
इससे आप तभी बच पाएंगे जब आप अपने मन को समझ सके वरना कोई रास्ता है नहीं देयर इज नो अदर वे पूरा जीवन की महाभारत शक्ति के बल पे ही लड़ी जाती है और शक्ति आएगी ध्यान से और योग से ध्यान मन की शक्ति
11:49
Speaker A
देगा और योग शरीर की स्त्री एक ऐसे पुरुष मतलब शिव जैसे पुरुष की तलाश में है डॉक्टर इंजीनियर आईएस तो जीवन काटने के लिए पर मूलत वो शंकर जैसे पुरुष की तलाश में है पर अगर पुरुष में चार पांच
11:58
Speaker A
क्वालिटी है पहला कि वो ज़हर पी सकता है ज़हर मतलब ये नहीं आके गायब अपनी गर्लफ्रेंड के सामने जाओगे जहर मतलब ये दुनिया की जो चुनौतियां है इसका उसमें तो कोई फर्क नहीं पड़ता यहां लोग असली भूत पीले तो डायरिया हो जाए सांप को गले में
12:08
Speaker A
लटकाए ये जनरेशन छिपी बाथरूम में देख लेती जाती नहीं बाथरूम काहे भाई क्या हुआ लिजर्ड लिज़र्ड अंदर लिज़र्ड है कितनी बढ़िया है बे है तो छोटी सी फिर डायनासोर किधर है नहीं नहीं फिर काहे नहीं जा रहे हो बे जाओ लिज़र्ड शक्ति इतनी है कि कुबेर
12:18
Speaker A
को पकड़ आए भाई सोने का महल बना मेरी पत्नी के लिए तो साल में कम से कम मिनिमम साल में एक सोने का हार तो दिलवा ही इतनी क्षमता तो रखो ही चलो हरा आदमी सोने का महल नहीं बनवा सकता लेकिन साल में एक सोने
12:25
Speaker A
का हार कामदेव को जला दिया काम के तहत पत्नी के पास नहीं जा रहे हैं भोगने के लिए पार्वती मां के पास नहीं जा रहे है कितनी बड़ी बात ये जब तीसरी आंख खुलेगी ना तो काम क्रोध लोभ मोह ये सब जलकर ठाक हो
12:33
Speaker A
जाएंगे भोग के लिए स्त्री के पास नहीं जा रहे योग के लिए जा रहे हैं सृजन के लिए जा रहे हैं। देखो भगवान शंकर की चौथी क्वालिटी की कामदेव कामदेव को ही जला दिया। काम से प्रभावित होकर स्त्री के पास
12:40
Speaker A
नहीं आ रहे। ये जो संभोग है इसमें आनंद स्त्री का है और ध्यान पुरुष का है। बहुत बड़ी कला है ये। संभोग की प्रक्रिया है। इसमें आनंद स्त्री का है और ध्यान पुरुष का है। पांचवा तत्व क्या है? भगवान का
12:48
Speaker A
योगी है। ज्ञानी है। आप देखना आप में से कौन सा तत्व आपके पास है। जीवन में जब भी आप विचार कर लें कि अब आपको अपने जीवन को बदलना है, बदल जाइए। तो बदलना कैसे है?
12:55
Speaker A
जीवन का जो संचालन यंत्र है, मतलब जो मशीन जो जीवन को चलाती है, जो व्यक्ति को चलाती है, वो है मन। मन अगर आपके पक्ष में आ गया। सारा खेल मन का है। मन अगर आपके पक्ष में आ गया, तो आप समझ लो कि आपके जीवन का
13:08
Speaker A
उद्धार हो गया। आप देखो कैसे आप कुछ मुद्दों में असहाय हो जाते हो। रील चल रही है और आप स्क्रोल कर रहे हो। असहाय बेचैनी हो रही है। मन नहीं कर रहा है लेकिन फिर भी आप स्क्रॉल कर रहे हो। आप गौर करो।
13:18
Speaker A
बहुत सारी जगहों पे आप जान रहे हो कि गलत है या नहीं कर रहे हैं लेकिन आप कर रहे हो। क्योंकि आप बाली के प्रभाव में हो और बाली आपकी आधी शक्ति खींच लेता है। तो अगर आप चाहते हो कि बाली से आप बच जाओ तो आप
13:27
Speaker A
हनुमान जी को पकड़ लो। हनुमान जी यानी सांसे। जैसे ही आप हनुमान जी को पकड़ोगे। हनुमान जी आपको राम जी से जोड़ देंगे। चेतना और बाली असहाय हो जाएगा। और ये क्रिया निरंतर करते करते करते करते एक ऐसा समय आ जाएगा जब धीरे-धीरे बाली
13:38
Speaker A
आपके आधीन होने लगेगा। बस वहीं से आपके नए जीवन की शुरुआत हो जाएगी। घबराने की कोई जरूरत नहीं है, परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। डरने की कोई जरूरत नहीं है, चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। बस
13:47
Speaker A
जरूरत है तो सिर्फ एक कदम उठाने की। जिस दिन आप दूसरों पर ध्यान देना छोड़ देंगे ना, उस दिन आपकी 100% समस्या खत्म हो जाएगी। देखो जंगल में क्या है? कुत्ता है, सियार है, लोमड़ी है, शेर है, गधा है। अब
13:59
Speaker A
गधे की जो नजर है वो घास से ज्यादा नहीं जाएगी। हम क्या? हम क्या एक्सपेक्ट करते हैं कि हर आदमी की नजर मेरे जैसी हो जाए। नहीं हो पाएगी। कुत्ते की नजर हड्डी से ज्यादा नहीं जाएगी। लोमड़ी की नजर बचे हुए
14:08
Speaker A
गोश्त से ज्यादा नहीं जाएगी। और शेर की नजर हमेशा शिकार पे रहेगी। सबकी एक जैसी नजर कभी नहीं हो पाएगी। श्री कृष्ण और बलराम भाई हैं एक ही घर में पैदा हुए। लेकिन दोनों का दृष्टिकोण कितना अलग? जब
14:20
Speaker A
भी कोई व्यक्ति कोई बात बोलता है वो बेसिकली अपनी दृष्टि का प्रदर्शन करता है। खाली है। फ्रस्टेट भी हो सकता है। कुछ उसे बोलना है। अब तो सोशल मीडिया जब से आ गया तब से कितनी सुविधाएं हो गई। कोई कुछ भी
14:32
Speaker A
बोल रहा है। क्यों? क्योंकि लोगों को बोलना है और बुराई का जो रस है उस रस की भाई साहब कोई कीमत नहीं है। बुराई एक रस है और बहुत मजा आता है। लोग कहते हैं भाई बुराई मत करो। भैया रस है वो। कोई बुराई
14:41
Speaker A
जानबूझ के थोड़ी कर रहा है। वो एक रस है। उसमें आनंद आ रहा है। सुख मिल रहा है। मजा आ रहा है। कभी आप अपने बुजुर्गों के साथ बैठो। बुजुर्ग बहुत कीमती चीज है। बुजुर्ग मतलब अनुभव। अब तो उन्हें उठा के वृद्धा
14:50
Speaker A
आश्रम में डाल दिया जाता है। समाज एक बहुत अच्छे अनुभव से वंचित है। बुजुर्ग थोड़े से चिड़चिड़े होते हैं क्योंकि इंद्रियां खत्म हो चुकी होती है। तो जीवन का कोई उद्देश्य बचता नहीं। एक आम आदमी के लिए जीवन क्या है? भौतिक सुख, मटेरियल
14:59
Speaker A
एंजॉयमेंट, मटेरियल एंटरटेनमेंट। और ये भौतिक सुख किससे मिलेगा इंद्रियों से? तो वृद्धावस्था मतलब इंद्रियां खत्म। सुख खत्म। तो जब सुख खत्म तो कोई ऐसा बटन तो है नहीं कि दवा लिया और सर्दी छूट गई। 70 प्लस के बाद जीना इंद्रियों के बिना वो
15:09
Speaker A
बड़ा दुखदाई है। अगर जवानी में आपने ध्यान नहीं किया है तो। अगर आपने जवानी में ध्यान कर लिया और आप एक बड़ी अच्छी अवस्था में पहुंच गए तो बढ़ावा आपके लिए स्वर्ग हो जाएगा। और जवानी अगर आपने सिर्फ अय्याशी
15:18
Speaker A
में बिताई सिर्फ तो आप यकीन मानिए कि आपको किसी नर्क जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि जहां से इंद्रियां फेल होंगी चाहे वो 70 में फेल हो, चाहे 75 में फेल हो। जहां से फेल होंगी, वहां से अगर आप 20 साल
15:27
Speaker A
और जिंदा रह गए तो वो 20 साल आपको युगों युगों की तरह प्रतीत होंगे। कि अरे भगवान इसीलिए बुजुर्ग आम तौर पर चिड़चिड़े हो जाते हैं चिल्लाने लगते हैं और जैसे-जैसे उनका शरीर जजर होता है, दर्द बढ़ता है,
15:37
Speaker A
खाना नहीं खा सकते, आराम से सो नहीं सकते तो चिड़चिड़ापन बढ़ता है। इसीलिए बुजुर्गों की सेवा की पुण्य की श्रेणी में सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। तुम्हारी अगर कोई बुराई करे तो तुम्हें खुश हो जो लोग तारीफ सुनने के आदि होते बर्बाद हो
15:48
Speaker A
जाते हैं। यही मुसलमानों की कमी है। मुसलमान बुराई नहीं सुन सकता। और बिना बुराई के तुम इंप्रूवमेंट कैसे करोगे?
15:54
Speaker A
मुसलमान के पास सब कुछ अच्छा है। किताब अच्छी है, सारी बातें पर वो परेशान बहुत है। और सिर्फ एक वजह से परेशान है। धर्म पर्सनल चीज है। उसका धर्म की तारीफ कर दो मुसलमान। इतने में तो कलेजा भेजा फाड़ के
16:04
Speaker A
दे देगा तो नहीं दे दो। यू आर वैरी गुड मैन। बस किसी मुसलमान से ये कह दो कि इस्लाम ग्रेटेस्ट रिलीजन। और अगर तुम नॉन मुस्लिम हो फिर तो और खुश। और गलती से तुम ब्राह्मण हो तब तो कहेगा
16:17
Speaker A
कि अच्छा आदमी है गलत गांव में पैदा हो गया है। [हंसी] क्रिटिसिज्म होगा तभी तो ठीक करोगे कोई चीज। पर जिस दिन यह बात मुसलमान को पता चल जाए। भाई कुछ लोगों को पता है वो बाहर आते हैं तुरंत दूसरा चाटा मार देता है। अंदर
16:28
Speaker A
चल। दूसरे क्या पता बाहर हो? जब तक कोई तुम्हारी कमी नहीं बताएगा तब तक तुम इंप्रूव कैसे करोगे? इंप्रूवमेंट करने के लिए कमी जानना जरूरी है। और वो मेजॉरिटी में दूसरे आदमी ही बताएंगे। 98% लोग अपने मन के गुलाम है। तो उनकी
16:44
Speaker A
किस्मत कौन लिखता है? उनका मन। इसीलिए तो भाग्यवादी है। 2% लोगों ने अपने मन को अपना गुलाम बना रखा है। पर वो अपनी किस्मत लिखते हैं। गौर करिएगा इस लाइन को मैं फिर से बोल रहा हूं आप लिखिएगा इस लाइन को।
16:52
Speaker A
98% लोग अपने मन के गुलाम है। आप सुबह 4:00 बजे उठना चाहो नहीं उठ पा रहे। आप चार घंटा पढ़ना चाहते नहीं पढ़ पा रहे। आप योग करना चाहते नहीं कर पा रहे। आप ध्यान करना चाहते नहीं कर पा रहे। आप भीख
17:01
Speaker A
मांगेंगे। जब जब कुछ पॉजिटिव हो ही नहीं रहा है। जब कुछ पॉजिटिव हो ही नहीं रहा है तो परिणाम पॉजिटिव कैसा होगा? बोए पैर बबूल का तो आम कहां से होए? आप बताओ मुझे सोच के। कौन लिख रहा है आपकी किस्मत? आपका
17:13
Speaker A
मन लिख रहा है या आप लिख रहे हो और अगर आपकी किस्मत आपका मन लिख रहा है तो आप वहीं पहुंचोगे जहा आपका मन चाहता है। तभी तो भगवान तभी तो स्वामी विवेकानंद जी ने कहा कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता
17:22
Speaker A
स्वयं है कब? इतना कह के छोड़ दिया उन्होंने। मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है। इतना कह के छोड़ दिया। अब लोग घूम रहे है कि कैसे भैया आंसर तो दे देते पूरा तू बोल देते मैं पूरा कर देता। मैं
17:31
Speaker A
पूरा कर देता हूं आज इस लाइन को। मनुष्य अपने भाग का निर्माता स्वयं है। अगर वो अपने मन को अपना गुलाम बना किसके द्वारा?
17:38
Speaker A
ध्यान की प्रक्रिया के द्वारा। जागना बहुत ज़रूरी है। जब तक आप जागोगे नहीं, तब तक आप अपने मन की बदतमीज़ियों को देखोगे नहीं। जागना बहुत जरूरी है। आप 6 घंटा पढ़ना चाहते हैं, पढ़ने नहीं दे रहा। आप सिगरेट
17:48
Speaker A
नहीं पीना चाहते हैं। सिगरेट पिला रहा है। आप जानते हैं कि आपकी गर्लफ्रेंड आपको छोड़कर जा चुकी है। आप उसके मैसेज का इंतजार करते हैं। आप जानते हैं कि आपके दोस्त आपको बेवकूफ बना रहे हैं। आप उनके साथ रहते हैं। आप जानते हैं कि ये समाज
18:00
Speaker A
सिर्फ आपकी उपलब्धि को प्रणाम करेगा। आप उससे प्रेम की आशा करते हैं। ये सब क्या है? वेस्टेज ऑफ टाइम। इसलिए जागना बहुत जरूरी है। बहुत जरूरी है। इट्स मैंडडेटरी टू बी अवेकन। बिकॉज़ योर माइंड किल्स योर टाइम इन अननेसेसरी थिंग्स। योर माइंड सेज़
18:14
Speaker A
टू यू द सोसाइटी इज़ नॉट पैशनेट टू मी। व्हाई शुड बी द सोसाइटी कंपैशनेट टू यू। व्हाट यू आर गिविंग टू द सोसाइटी? अगर आप चाहते हो कि ये समाज आपको प्रेम करे तो आपको थोड़ा सा भगवान जैसा होना पड़ेगा।
18:26
Speaker A
बांटो बांटो। कुछ ना कुछ दो लोगों को गिव समथिंग टू द पीपल। जागना बहुत जरूरी है। इट्स मैंडेटरी टू बी अवेकेंड बिकॉज़ देन ओनली यू विल कम टू सी योर माइंड। चार काम कर लो बस। बस ये चार बात मेरी मान लो।
18:41
Speaker A
पहला सिर्फ शक्ति पर ध्यान दो। सिर्फ पावर किसी पे मत दो। किसी पे। दूसरी चीज जो तुम ध्यान दो समय। इससे तो कीमती चीज दुनिया में है ही नहीं। ये उस आदमी से जाकर पूछो जिसको डॉक्टर ने कहा है कि 4 दिन और जिंदा
18:54
Speaker A
रहोगे। इतने लोग इसका दुरुपयोग करते हैं। समय को मत वेस्ट करो। प्लीज खड़े हो चाय की दुकान पे। समय का मिसयज मत करो। मत करो संघर्ष मजा लेना शुरू कर दो कोई नहीं बचा कोई है ही नहीं अपवाद है ही नहीं तो जब
19:06
Speaker A
भगवान राम अपवाद नहीं है जिनको तुम भगवान कह रहे हो भगवान कृष्ण अपवाद नहीं है जब भगवान अपवाद नहीं है तो तुम अपवाद हो गए कभी नहीं होगे अगर तुम बच रहे हो संघर्ष से तो समझ लो जिंदगी गलत ट्रैक पे जा रही
19:18
Speaker A
है कोई बचा ही नहीं संघर्ष को तुम अपना मौज बनाओ और चौथा सब इंटरेस्ट कुछ भी करो अपने इंटरेस्ट को आगे रखो इंसानियत एक अलग चीज है कोई आदमी सड़क पे गिरा है तुम उसको नहीं जानते हो उसको अस्पताल पहुंचा दो ये
19:29
Speaker A
इंसान इंसानियत बड़ी चीज है। इतना काम कर लो। बस ये चार पावर, समय, संघर्ष और इंटरेस्ट। चेस होता क्या है? चेस कभी तुम रिक्शा वाले को खेलते हुए नहीं देखोगे। और अगर रिक्शा वाला चेस खेल रहा है तो बहुत दिन
19:44
Speaker A
तक रिक्शा वाला नहीं रहेगा। वो गोली खेलेगा। पावर एंड द मनी। मनी पावर। जिसके जेब में पैसा नहीं है मैम। उससे जाके आप पूछो कि फीलिंग क्या होती है। उसको कोई पूछने वाला नहीं है। इस वैलेंटाइन पे कितने रिक्शे वालों को गुलाब
19:59
Speaker A
का फूल मिला होगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी के सामने रिक्शे वाले गमछा बांध के खड़े होते हैं। मिथुन चक्रवर्ती मॉडल आपने तो देखा ही होगा। किसने दिया होगा उनको गुलाब? ये चीजें अगर आपको जीवन में दिखाई नहीं पा रही है कि शक्ति को लोग प्रेम करते हैं।
20:13
Speaker A
शक्ति को सम्मान देते हैं। शक्ति की आराधना करते हैं तो आप अंधे हैं। और अगर आप अंधे हैं तो आपका शोषण सुनिश्चित है।
Topics:मोटिवेशनआदतेंसफलतासमय प्रबंधनआत्मसम्मानध्यानआध्यात्मिकताजीवन संघर्षसाहसमानसिक शक्ति

Frequently Asked Questions

इस वीडियो का मुख्य संदेश क्या है?

इस वीडियो का मुख्य संदेश है कि जीवन में सफलता पाने के लिए मन का मालिक बनो, समय का सही उपयोग करो और मानसिक शक्ति विकसित करो।

मन का गुलाम होने का क्या मतलब है?

मन का गुलाम होना मतलब अपने मन की इच्छाओं और कमजोरियों के अधीन होना, जिससे व्यक्ति जीवन में असफल और कमजोर बन जाता है।

इस वीडियो में समय के महत्व को कैसे बताया गया है?

वीडियो में बताया गया है कि समय की कीमत समझो, फालतू में समय व्यर्थ न करो और अपने 24 घंटे को सही तरीके से विभाजित कर व्यक्तिगत और कार्य जीवन में संतुलन बनाओ।

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