यह वीडियो सिखाता है कि कैसे अपने इमोशंस को कंट्रोल करें और खुद को दूसरों के कंट्रोल से बचाएं।
Key Takeaways
- इमोशंस असल में रियल नहीं, बल्कि केमिकल नोटिफिकेशन हैं।
- अपने इमोशंस को कंट्रोल करना संभव है और यह जीवन में बड़ा बदलाव लाता है।
- 5 सेकंड का ब्रेक लेकर गुस्से या किसी भी नकारात्मक भावना को संभालें।
- इमोशंस के कारण कई बार हम बिना सोचे-समझे गलत निर्णय ले लेते हैं।
- इमोशनल कंट्रोल से रिश्ते बेहतर होते हैं और जीवन में शांति आती है।
What the video covers
- हमारे अधिकांश फैसले हमारे खुद के नहीं बल्कि इमोशंस के कंट्रोल में होते हैं।
- इमोशंस असल में केमिकल सिग्नल होते हैं जो हमें कंट्रोल करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
- गुस्सा, खुशी, डिप्रेशन जैसे रिएक्शंस अक्सर बाहरी परिस्थितियों से प्रभावित होते हैं।
- इमोशंस के कारण कई बार हम अपने रिश्ते और जीवन को नुकसान पहुंचाते हैं।
- इमोशंस को एक 'ग्लिच' की तरह समझना और उसे कंट्रोल करना जरूरी है।
- 5 सेकंड का ब्रेक लेकर शांत रहना इमोशंस को कंट्रोल करने का एक प्रभावी तरीका है।
- इमोशंस की वजह से हुई हिंसा और गलतफहमियां अक्सर बिना लॉजिक के होती हैं।
- इमोशंस को समझना और नियंत्रित करना जीवन बदलने वाला कदम है।
- इमोशंस को कंट्रोल करने वाले व्यक्ति को 'लेजेंड' माना जाता है।
- वीडियो में कई उदाहरणों के माध्यम से इमोशनल कंट्रोल की महत्ता बताई गई है।
Chapters
- 00:00क्या हमारे फैसले सच में हमारे होते हैं?
- 00:31रिएक्शन मोड और इमोशंस का प्रभाव
- 01:34इमोशंस: रियल नहीं, केमिकल सिग्नल हैं
- 02:04इमोशंस के कारण जीवन में समस्याएं
- 02:395 सेकंड का ब्रेक और इमोशनल कंट्रोल
- 03:30इमोशंस से हुई हिंसा और गलतफहमियां
- 04:52इमोशंस को ग्लिच की तरह समझना
- 05:29इमोशनल कंट्रोल से जीवन में बदलाव
Full Transcript — Download SRT & Markdown
Speaker A
क्या तुम्हें लगता है कि सुबह से लेकर रात तक जो भी तुम डिसीजंस लेते हो, वह सब के सब तुम्हारे हैं? लेकिन हकीकत तो यह है कि तुम किसी के कंट्रोल में हो। तुम खुद के कहने पर खुद की मर्जी से कुछ नहीं करते।
Speaker A
अच्छा समझ नहीं आया ना? चलो तुम्हें एक एग्जांपल के थ्रू समझाता हूं। पिछले बार जब तुम्हें किसी ने गाली दी थी तो तुम्हारा रिएक्शन क्या था? अबब्सोलुटली तुम्हारे हाथ कांप रहे थे। तुम्हारा गुस्सा चेहरे से लाल पीला हो रहा था।
Speaker A
अच्छा, समझ नहीं आया ना? चलो तुम्हें एक एग्जांपल के थ्रू समझाता हूं। पिछले बार जब तुम्हें किसी ने गाली दी थी तो तुम्हारा रिएक्शन क्या था? अब्सोल्यूटली तुम्हारे हाथ कांप रहे थे। तुम्हारा गुस्सा चेहरे से लाल पीला हो रहा था।
Speaker A
रिएक्शन मोड में बिता रहे हैं। जैसे कि किसी ने एक बटन दबाया तुम गुस्सा हो गए। किसी ने थोड़ी सी तारीफ की। तुम लिटरली खुश हो गए। और लाइफ में थोड़ी सी प्रॉब्लम की आ गई। तुम डिप्रेशन में चले गए। और अगर
Speaker A
तुम्हारा दिमाग वही दो कौड़ी का दिमाग तुम्हें यही कह रहा था कि या तो इस सामने वाले पर्सन को बर्बाद कर दो या फिर तुम खुद ही बेकार इंसान हो। क्योंकि इस दुनिया में 99% लोग अपनी पूरी की पूरी लाइफ
Speaker A
जो साइकोलॉजी की किताबें तुम्हें नहीं बताती। कैसे तुम्हारे इमोशन तुम्हें जिंदा रखने के लिए नहीं बल्कि तुम्हें कंट्रोल करने के लिए रिजाइन किए गए हैं। और याद रखना एंड के वीडियो के लास्ट में कुछ ऐसी चीजें बताई गई है ना जो लिटरली तुम्हारी
Speaker A
रिएक्शन मोड में बिता रहे हैं। जैसे कि किसी ने एक बटन दबाया तुम गुस्सा हो गए। किसी ने थोड़ी सी तारीफ की। तुम लिटरली खुश हो गए। और लाइफ में थोड़ी सी प्रॉब्लम आ गई। तुम डिप्रेशन में चले गए। और अगर
Speaker A
रिलीज करती है जो किसी शेर के सामने होने पर रिलीज करती है। दिल की धड़कन तेज हो जाती है। हां कांपने लगते हैं और दिल और दिमाग सिर्फ दो ही चीज कहते हैं। या तो इससे लड़ो या तो फिर यहां से भाग जाओ।
Speaker A
तुम्हारी खुशी, तुम्हारा गुस्सा, सब कुछ सामने वाले के हाथ में है ना तो तुम इंसान नहीं हो। तुम एक रिमोट कंट्रोल खिलौने हो। किसी ने एक बटन दबाया तुम नाचने लग जाओगे। लेकिन आज हम बात करेंगे उस डार्क ट्रुथ की
Speaker A
एक ओवरथिंकिंग बनकर। और हां, इस बात को याद रखना कि यह इमोशन रियल नहीं है। यह बस एक केमिकल सिग्नल है। एक नोटिफिकेशन है। जैसे कि तुम्हें लगता है कि तुमने गलती किया है। ठीक है? तो तुमने उस नोटिफिकेशन
Speaker A
जो साइकोलॉजी की किताबें तुम्हें नहीं बताती। कैसे तुम्हारे इमोशन तुम्हें जिंदा रखने के लिए नहीं बल्कि तुम्हें कंट्रोल करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। और याद रखना, वीडियो के लास्ट में कुछ ऐसी चीजें बताई गई हैं जो लिटरली तुम्हारी
Speaker A
अच्छा तुम फर्क देख रहे हो। जब तुम कहते हो कि मुझे गुस्सा आ रहा है तो तुम रियल में गुस्सा बन जाते हो। लेकिन जब तुम इसे एक ग्लिच की तरह देखते हो तब सारा का सारा गेम ही बदल जाता है। क्योंकि तुम मेरी इस
Speaker A
जिंदगी को बदल सकती हैं। और हां, वीडियो को जरूर से देख लेना क्योंकि यह तुम्हारी लाइफ चेंजिंग वीडियो होने वाली है। तो चलो करते हैं वीडियो को शुरू। एक सेकंड के लिए सोचो जब बॉस तुम पर चिल्लाता है तो तुम्हारी बॉडी वही केमिकल
Speaker A
करके रख दिया है। अच्छा चलो मैं तुम्हें एग्जांपल के लिए बताता हूं कि यह इमोशन इतना ज्यादा खतरनाक है ना कि दुनिया की 80% तबाही मर्डर मतलब जितनी भी चीजें समझ लो बम ब्लास्ट वगैरह-वगैरह ये सब किसी लॉजिक की वजह से नहीं हुए भाई। किसी भी
Speaker A
रिलीज करती है जो किसी शेर के सामने होने पर रिलीज करती है। दिल की धड़कन तेज हो जाती है। हां, कांपने लगते हैं और दिल और दिमाग सिर्फ दो ही चीजें कहते हैं। या तो इससे लड़ो या तो फिर यहां से भाग जाओ।
Speaker A
जोर से। किस वजह से? उसने 5 सेकंड भी नहीं सोचा और तुम्हें मार दिया। सिर्फ और सिर्फ इमोशन की वजह से। अच्छा अब सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि आखिर तुम कैसे कर सकते हो अपने इमोशंस को कंट्रोल। ठीक है? इस
Speaker A
लेकिन अफसोस, आज के जमाने में तुम बॉस को मार नहीं सकते। उसे कुछ बोल नहीं सकते और तुम ऑफिस से भाग भी नहीं सकते। देखो, अब सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि वो अंदर ही अंदर तुम्हें खाती है, एंजायटी बनकर या फिर
Speaker A
मारना पड़ जाता है। क्योंकि एक छोटा सा लड़का छ से सात साल का लड़का खेलते खेलते अचानक से आ जाता है कार के सामने। तो उस इंसान को कार वाले को ब्रेक मारना पड़ता है। तो वो ब्रेक तो मार लेता है बट पीछे
Speaker A
एक ओवरथिंकिंग बनकर। और हां, इस बात को याद रखना कि यह इमोशन रियल नहीं है। यह बस एक केमिकल सिग्नल है। एक नोटिफिकेशन है। जैसे कि तुम्हें लगता है कि तुमने गलती किया है। ठीक है? तो तुमने उस नोटिफिकेशन
Speaker A
तू बाहर निकल। एंड जैसे ही कार वाला बाहर निकलता है, वह बंदा जो बाइक पे सवार था, उसने ईंटा पकड़ा एंड उस कार वाले के सर पे मार दिया। लिटरली यहां तक कि वह इंसान मर भी गया। अब तुम्हें यह बात पता है कि उस
Speaker A
को अपनी आइडेंटिटी बना लिया। अब मेरी इस बात को समझो कि जैसे तुम कहते हो कि मुझे गुस्सा आ रहा है और हकीकत तो यह है कि यह सेंटेंस ही गलत है। सही सेंटेंस है मेरी बॉडी में गुस्से का केमिकल रिलीज हुआ।
Speaker A
यही हो रहा है। सेम टू सेम मानो चाहे ना मानो। शायद जेल नहीं लेकिन तुम्हारा रिलेशनशिप जेल बन चुका है। तुमने गुस्से में वो शब्द बोल दिए हैं जो शायद तुम कभी भी वापस नहीं ले सकते। तुमने फीलिंग लो
Speaker A
अच्छा, तुम फर्क देख रहे हो। जब तुम कहते हो कि मुझे गुस्सा आ रहा है तो तुम रियल में गुस्सा बन जाते हो। लेकिन जब तुम इसे एक ग्लिच की तरह देखते हो तब सारा का सारा गेम ही बदल जाता है। क्योंकि तुम मेरी इस
Speaker A
मैंने पहले भी कहा था अभी भी कहता हूं। दुनिया में 80 से 90% लोग इमोशन ना कंट्रोल करने की वजह से अपने सारे रिश्ते बर्बाद कर देते हैं, खराब कर देते हैं एंड ऐसी गलतियां कर देते हैं जो शायद वो वापस
Speaker A
बात को समझो कि दुनिया के सबसे खतरनाक वो लोग नहीं हैं जिनके पास मसल्स हैं, जिनके पास बॉडी है, बल्कि सबसे खतरनाक वो हैं जिन्होंने इस ग्लिच को समझ लिया, जिन्होंने अपने अंदर इस जानवर को पिंजरे में कैद
Speaker A
से सुनना क्योंकि यह स्टेप तुम्हारी जिंदगी बदलने वाला है। देखो सबसे पहली चीज यह चीज शायद बहुत मुश्किल है। लेकिन तुमने इस चीज को अगर अपनी जिंदगी में अप्लाई कर दिया ना तो मैं लिख के दे सकता हूं तुम
Speaker A
करके रख दिया है। अच्छा, चलो मैं तुम्हें एग्जांपल के लिए बताता हूं कि यह इमोशन इतना ज्यादा खतरनाक है कि दुनिया की 80% तबाही, मर्डर, मतलब जितनी भी चीजें समझ लो, बम ब्लास्ट वगैरह-वगैरह ये सब किसी लॉजिक की वजह से नहीं हुए भाई। किसी भी
Speaker A
कन्वर्ट करो, 15 में कन्वर्ट करो और इस चीज को तुमने करना सीख लिया ना अपने लाइफ के तुम लेजेंड बन जाओगे। क्योंकि तुम्हारा जो दिमाग है ना वो तुम्हें कंट्रोल ही नहीं करने देता। जैसे कि तुम कोई भी काम
Speaker A
लॉजिक की वजह से नहीं। यह बस सिर्फ वही 5 सेकंड के इमोशन की वजह से हुए थे। मान के चलो तुमने किसी को गाली दे दी। अब सामने वाला बंदा बिना सोचे समझे लिटरली अपना इमोशन खो देगा। तुम्हारा एक पंच मारेगा
Speaker A
सेकंड के लिए अगर गुस्सा हो ना तो लड़ाई मत करो। सिर्फ 5 सेकंड के लिए शांत हो जाओ। अपने दिमाग को सोचने का मौका ही मत दो। और लिटरली इस चीज को तुमने अप्लाई कर दिया ना तो तुम काफी हद तक अपने इमोशन को
Speaker A
जोर से। किस वजह से? उसने 5 सेकंड भी नहीं सोचा और तुम्हें मार दिया। सिर्फ और सिर्फ इमोशन की वजह से। अच्छा, अब सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि आखिर तुम कैसे कर सकते हो अपने इमोशंस को कंट्रोल। ठीक है? इस
Speaker A
किसी से भी हाथापाई कर दिया करता था बट अब बहुत ही बेहतर इंसान बन चुका हूं मैं अब दूसरी चीज जो चीज मैं तुम्हें बताने वाला हूं ना इस चीज को ना मुझे किसी बुजुर्ग इंसान ने बताया था क्योंकि मैं उनके साथ
Speaker A
चीज को मैं बताऊंगा। लेकिन उससे पहले तुमसे रिक्वेस्ट है। मैं अभी जो तुम्हें कहानी सुनाने वाला हूं ना, उसे जरूर से सुन लेना। एक इंसान था। बस वो कार चलाते हुए जा रहा था। लेकिन अचानक से उसे ब्रेक
Speaker A
अगर तुम्हें किसी पर भी गुस्सा आए या फिर सामने वाला तुम्हें गाली ही क्यों नहीं दे रहा चाहे तुम कितने भी शेर हो तुम उस चीज को सोचो ही मत जैसे कि तुम्हें कोई इंसान बार-बार गाली दे रहा है या फिर तुमसे
Speaker A
मारना पड़ जाता है। क्योंकि एक छोटा सा लड़का, छ से सात साल का लड़का, खेलते-खेलते अचानक से आ जाता है कार के सामने। तो उस इंसान को कार वाले को ब्रेक मारना पड़ता है। तो वो ब्रेक तो मार लेता है, बट पीछे
Speaker A
भी रहे हो ना तो उस चीजों को मत सोचो बल्कि दूसरी चीजें सोचने लग जाओ जैसे कि तुम कहीं जा रहे थे लेकिन अचानक से तुम्हारी किसी से बहस हो गई। वो तुम्हें बहस कर रहा है। तुम्हें गुस्सा दे रहा है।
Speaker A
से एक बाइक वाला भी होता है। उसको भी ब्रेक मारना पड़ता है। हालांकि कुछ हुआ नहीं था ऐसा, लेकिन उसे ब्रेक मारना पड़ता है और उसे गुस्सा आ जाता है। बस इतना ही में वह बाइक वाला कार वाले को कहता है कि
Speaker A
फिर नहीं पहुंच पाओगे। तुम्हें अगर रिलेटिव्स के यहां जाना है तो कौन सी मिठाई लेकर जाएं? इन सब चीजों को सोचो। मैं मानता हूं थोड़ा सा अजीब है। लेकिन तुम इन सब चीजों को सोचते हो ना तो सामने
Speaker A
तू बाहर निकल। एंड जैसे ही कार वाला बाहर निकलता है, वह बंदा जो बाइक पे सवार था, उसने ईंटा पकड़ा एंड उस कार वाले के सर पे मार दिया। लिटरली यहां तक कि वह इंसान मर भी गया। अब तुम्हें यह बात पता है कि उस
Speaker A
कि मैं क्या ही कहूं। लेजेंड बन जाओगे तुम लेजेंड। और जिस भी इंसान ने इमोशन को कंट्रोल किया वो अखा लेजेंड है भाई मेरी नजर में। क्योंकि इमोशन कंट्रोल करना बहुत मुश्किल है। बाकी आई होप कि तुम्हें वीडियो पसंद आई हो। अगर सही लगी हो ना तो
Speaker A
बाइक वाले ने सिर्फ 5 सेकंड का इमोशन खोया और लिटरली उसको 20 साल की सजा सुना दी गई। किस वजह से? सिर्फ और सिर्फ 5 सेकंड का इमोशन खोने की वजह से यार। देखो, अब आते हैं मुद्दे के ऊपर। तुम्हारी लाइफ में भी
Topics:इमोशन कंट्रोलगुस्सा नियंत्रणभावनाओं को समझनामानसिक स्वास्थ्यऑवरथिंकिंगडिप्रेशनरिलेशनशिपसाइकोलॉजीइमोशनल इंटेलिजेंसस्वयं नियंत्रण











