बिल गेट्स की जीवन यात्रा, संघर्ष और सफलता की कहानी, जिन्होंने माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना की और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने।
Key Takeaways
- मेहनत और लगन से कोई भी व्यक्ति बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।
- शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन सही दिशा और जुनून से ज्यादा फर्क पड़ता है।
- गलतियों से सीखना और उन्हें सुधारना सफलता की कुंजी है।
- संपत्ति बांटना जरूरी नहीं, बल्कि दूसरों की मदद करना मानवता है।
- अपने बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना बेहतर होता है।
What the video covers
- बिल गेट्स का जन्म 28 अक्टूबर 1955 को सिएटल में हुआ।
- उनके माता-पिता चाहते थे कि वे लॉ में करियर बनाएं, लेकिन बिल को बचपन से कंप्यूटर में रुचि थी।
- उन्होंने 13 साल की उम्र में बेसिक कंप्यूटर भाषा में पहला गेम बनाया।
- स्कूल में पॉल एलन से उनकी दोस्ती हुई, जो बाद में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बने।
- दोनों ने कंप्यूटर लैब में समय बिताकर कई प्रोग्राम बनाए और पहली कमाई की।
- 1973 में लेकसाइड स्कूल से पास होकर हावर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया, लेकिन 1975 में कॉलेज छोड़ दिया।
- 1976 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की स्थापना की और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की दुनिया में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
- बिल गेट्स अपनी संपत्ति अपने बच्चों को नहीं देंगे, बल्कि उन्हें खुद कमाई का रास्ता खोजने को कहेंगे।
- वे गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए करोड़ों रुपए दान करते हैं।
- उनका मानना है कि गलतियों से सीखकर ही जीवन में सफलता मिलती है।
Chapters
- 00:00बिल गेट्स का प्रारंभिक जीवन और परिवार
- 00:28बिल गेट्स की कमाई और संपत्ति
- 00:46बिल गेट्स का जन्म और बचपन की रुचि
- 01:51शिक्षा और कंप्यूटर में रुचि
- 02:16पहला कंप्यूटर प्रोग्राम और गेम
- 02:36पॉल एलन से मुलाकात और दोस्ती
- 02:57कंप्यूटर लैब में प्रतिबंध और पुनः अनुमति
- 03:33पहली कमाई और हावर्ड विश्वविद्यालय
- 04:18माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना और सफलता
- 04:59बिल गेट्स की सोच, दान और जीवन दर्शन
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Speaker A
यदि आप गरीब परिवार में जन्मे हैं तो यह आपकी गलती नहीं है, लेकिन यदि आप गरीब रहकर ही मर जाते हैं तो यह आपकी गलती है। ऐसा कहना है इस दुनिया के सबसे अमीर इंसान बिल गेट्स का, जो अपनी सच्ची लगन और
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मेहनत के बल पर इस मुकाम पर आए हैं कि अगर वह इस विश्व में अपना एक अलग देश बनाएं तो भी वह दुनिया का 37वां सबसे अमीर देश होगा। बिल गेट्स प्रत्येक दिन लगभग 102 करोड़ रुपए कमाते
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हैं और कहा जाता है कि बिल गेट्स अगर पूरी दुनिया में हर व्यक्ति को अपनी संपत्ति का बराबर-बराबर रुपया बांटे तो हर एक के हिस्से में करीब 000 आएंगे। बिल गेट्स का वास्तविक नाम विलियम हेनरी गेट्स है। इनका जन्म 28 अक्टूबर 1955 को
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वाशिंगटन के सिएटल में हुआ था। बिल गेट्स के पिता विलियम एच गेट्स थे, जो कि एक मशहूर वकील हुआ करते थे। उनके माता-पिता उनके लिए लॉ में करियर बनाने का स्वप्न लेकर बैठे थे, लेकिन बिल को बचपन से ही कंप्यूटर और उनकी
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प्रोग्रामिंग भाषाओं में बहुत ज्यादा रुचि थी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा लेगसाइड स्कूल में हुई। लेगसाइड स्कूल में विद्यार्थियों को कंप्यूटर सीखने और उसे और अधिक जानने के लिए स्कूल की तरफ से कंप्यूटर दे दिया गया, जिससे बिल गेट्स की कंप्यूटर में रुचि
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और बढ़ने लगी। बिल को कंप्यूटर सीखने से ज्यादा यह जानने की जी थी कि आखिर यह काम कैसे करता है। कुछ साल कंप्यूटर की जानकारी होने के बाद उन्होंने 13 साल की उम्र में बेसिक कंप्यूटर की भाषा में एक टिक टक ट नाम का
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प्रोग्राम बनाया, जो कि एक तरह का गेम था। इसमें खास बात यह थी कि कोई भी व्यक्ति उस गेम को कंप्यूटर के साथ खेल सकता था। मतलब उस गेम को खेलने के लिए दो लोगों की आवश्यकता नहीं थी। स्कूलिंग के समय ही बिल गेट्स की
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मुलाकात पॉल एलन से हुई, जो उनसे दो साल सीनियर थे। अपनी कंप्यूटर की मिलती धारणाओं और विचारों की वजह से वे दोनों अच्छे दोस्त बन गए, जबकि दूसरी तरफ उनके स्वभाव बिल्कुल भी नहीं मिले करते थे। पॉल एलन बहुत ही
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शर्मीले और शांत स्वभाव के थे, लेकिन बिल गेट्स उनके विपरीत थोड़े चंचल स्वभाव के थे। बिल गेट्स के स्कूल वालों ने उन्हें और उनके दोस्त एलन को कंप्यूटर लैब में जाने का रोक लगा दिया था क्योंकि वे दोनों अपने कंप्यूटर सीखने
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के वक्त के अलावा अपनी पढ़ाई छोड़कर सारा वक्त लैब में बिताते थे और कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ किया करते थे। बाद में दोनों को फिर से इस शर्त पर लैब में आने की इजाजत मिल गई कि वे
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प्रोग्राम्स में एरर निकालेंगे। इसी समय गेट्स ने एक और सॉफ्टवेयर प्रोग्राम बनाया, जो स्कूल के टाइम टेबल शेड्यूल में काम आता था। सन 1970 में 15 साल की उम्र में ही बिल गेट्स और एलन ने मिलकर एक प्रोग्राम बनाया,
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जो कि शहर के ट्रैफिक पैटर्न पर नजर रखता था। उन्हें इस प्रोग्राम के लिए 00 लर मिले, जो इनकी पहली कमाई थी। 1973 में वह लेकसाइड स्कूल से पास हुए। उसके बाद हावर्ड यूनिवर्सिटी में उन्होंने एडमिशन ले लिया, लेकिन बिल गेट्स ने 1975
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में बिना ग्रेजुएशन किए कॉलेज छोड़ दी और अपनी कंपनी की तरफ ध्यान देने लगे। 26 नवंबर 1976 को उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट को एक कंपनी के तौर पर रजिस्टर किया और देखते ही देखते कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की दुनिया में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर
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लिया। बिल गेट्स की संपत्ति में भी उनके बच्चों का कोई हक नहीं होगा। बिल कहते हैं कि वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देंगे, लेकिन कमाई के लिए उन्हें अपने रास्ते खुद निकालने होंगे। गेट्स को बचपन से ही लोगों की मदद
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करना अच्छा लगता था और आज वह गरीबों व जरूरतमंदों की मदद के लिए हर साल करोड़ों रुपए दान कर देते हैं। गेट्स ने अपने जीवन में कभी हार नहीं मानी। उनका हमेशा से ही यही मानना था कि गलतियां तो सभी से होती हैं, लेकिन उन
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गलतियों को जो सुधारने का प्रयास करें वही जीवन में सफल हो पाता है। आपका बहुमूल्य समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। इस वीडियो को लाइक करके आप हमारा मनोबल बढ़ा सकते हैं। मैं हर रोज एक नई इंस्पिरेशनल और
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मोटिवेशनल वीडियो के साथ आता हूं। दोस्तों, अगर आप हमारे वीडियो को मिस नहीं करना चाहते तो कृपया चैनल को सब्सक्राइब कर लें। आपको यह कहानी कैसी लगी, हमें कमेंट करके जरूर बताएं। धन्यवाद।
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