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TRUMP TO BAN DIESEL EXPORTS - US Allies From Europe To Australia Turn To India For Fuel | Kinjal

ट्रंप ने डीजल एक्सपोर्ट पर बैन की घोषणा की, जिससे यूरोप और ऑस्ट्रेलिया प्रभावित होंगे, भारत को ऊर्जा संकट में अवसर मिलेगा।

Key Takeaways

  • ट्रंप का डीजल एक्सपोर्ट बैन अमेरिकी और वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित करेगा।
  • यूरोप और ऑस्ट्रेलिया को डीजल की कमी का सामना करना पड़ेगा, जिससे भारत की मांग बढ़ेगी।
  • मेक्सिको की कृषि क्षेत्र पर असर पड़ेगा, जिससे अमेरिकी खाद्य महंगाई बढ़ सकती है।
  • यह कदम जिओपॉलिटिकल रणनीति और अमेरिकी घरेलू राजनीति से जुड़ा हो सकता है।
  • भारत इस स्थिति में ऊर्जा संकट से उभरने वाले देशों को डीजल सप्लाई कर वैश्विक भूमिका मजबूत करेगा।

What the video covers

  • डोनाल्ड ट्रंप ने डीजल एक्सपोर्ट पर बैन लगाने की घोषणा की है, जिससे अमेरिकी डीजल एक्सपोर्ट प्रभावित होगा।
  • यह बैन यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, मेक्सिको और अन्य अमेरिकी एलाइज़ देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा।
  • यूएस में डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं, कैलिफोर्निया में $7.89 प्रति गैलन तक।
  • मेक्सिको को यूएस से डीजल पाइपलाइन के जरिए सप्लाई मिलती है, जिससे कृषि क्षेत्र प्रभावित होगा।
  • यूरोप को यूएस से डीजल की भारी निर्भरता है, और अब उन्हें भारत से डीजल खरीदना पड़ेगा।
  • भारत इस संकट में डीजल सप्लाई का बड़ा स्रोत बन सकता है और इसका वैश्विक लेवरेज बढ़ेगा।
  • सऊदी अरब और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी यूरोप को क्रूड और जेट फ्यूल सप्लाई कम कर रहे हैं।
  • ऑस्ट्रेलिया के पास रिफाइनिंग क्षमता कम है और वह डीजल सप्लाई संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।
  • ट्रंप के इस कदम के पीछे जिओपॉलिटिकल मैसेजिंग और अमेरिकी मिड टर्म चुनावों का राजनीतिक खेल हो सकता है।
  • इस बैन से अमेरिकी खाद्य महंगाई बढ़ने की संभावना है क्योंकि मेक्सिको से कृषि आयात प्रभावित होगा।

Answers

Questions about this video

ट्रंप ने डीजल एक्सपोर्ट पर बैन क्यों लगाया है?

ट्रंप ने अमेरिकी घरेलू डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण डीजल एक्सपोर्ट पर बैन लगाने की घोषणा की है ताकि घरेलू आपूर्ति बनी रहे और कीमतें नियंत्रित रहें।

इस बैन से भारत को क्या फायदा होगा?

भारत इस बैन के कारण डीजल सप्लाई का बड़ा स्रोत बन सकता है क्योंकि यूरोप और अन्य देश अमेरिका से डीजल नहीं ले पाएंगे, जिससे भारत की मांग और वैश्विक लेवरेज बढ़ेगा।

यूरोप और ऑस्ट्रेलिया इस बैन से कैसे प्रभावित होंगे?

यूरोप और ऑस्ट्रेलिया को अमेरिकी डीजल सप्लाई में कमी का सामना करना पड़ेगा, जिससे उन्हें महंगी कीमतों पर भारत और अन्य स्रोतों से डीजल खरीदना होगा, जो उनकी अर्थव्यवस्था पर दबाव डालेगा।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
दोस्तों, अमेरिका की दोस्ती कितनी भारी होती है। एक बार फिर यूएस एलाइज कुछ वही देख रहे हैं। जी हां, डोनाल्ड ट्रंप ने साफ-साफ कह दिया है कि वो डीजल एक्सपोर्ट पर बैन लगाने वाले हैं। नतीजा जान रहे हैं। वो सभी अमेरिकन एलाइज फिर वो
00:13
Speaker A
यूरोपियन यूनियन हो गया। वैसे ही मेक्सिको हो गया, ऑस्ट्रेलिया हो गया। यह सब भयानक तरीके से प्रभावित होने वाले हैं। अब दोस्तों, यह जो एनर्जी स्केरसिटी है, यह इन देशों की अर्थव्यवस्था को घुटने पे ला सकती है और इसमें अगर कोई देश है जो इनको
00:28
Speaker A
कुछ इस संकट से उबार सकता है तो वो भारत है। जी हां दोस्तों, भारत अगर मदद करेगा तो वो पूछेगा भी। आपने तो कहा था रशियन ऑयल को कहीं भी आप डीजल या पेट्रोल बनाके दुनिया में कभी भी एक्सपोर्ट ना करें।
00:42
Speaker A
वरना यू सेंशन लगा देगा। दोस्तों वो सारी बातों पर अब चर्चा होने वाली है। कारण है कि अब भारत का जो लेवरेज है वो और अधिक बढ़ रहा है। जी हां यूएस में टर्म्स आने के पहले ट्रंप अपने अलाइस को सबसे पहले
00:55
Speaker A
किनारा आप देख सकते हैं छोड़ते हुए दिख रहे हैं। ट्रंप ने कह दिया है डीजल एक्सपोर्ट बैन करेंगे क्योंकि फ्यूल प्राइसेस यूएस में अगर आप देखें तो रिकॉर्ड हिट हो गए हैं। और ट्रंप कह रहे हैं कि अब यूएस अपना डीजल किसी को नहीं
01:06
Speaker A
देगा। जी हां, यह अगर आप देखें तो कैलिफोर्निया के डीजल प्राइस है $7.89 पर गैलन। वैसे ही आप अगर देखें तो ऑन एन एवरेज यूएस एवरेज प्राइस भी $6.5 पर गैलन का आंकड़ा पार कर चुका है। और इसी में
01:19
Speaker A
ट्रंप ने जब यह बात कही जी हां ये जेलिंस्की के साथ बैठे हुए थे। दरअसल यूएस में इस वक्त यूएन जनरल असेंबली चल रही है। दुनिया भर के लीडर्स आए हुए हैं। उसी में जेलस्की भी मौजूद हैं। और जेलस्की के साथ
01:31
Speaker A
प्रेस में यह सवाल लिया गया। दोस्तों, यहां पे सवाल पूछा जा रहा है। क्या इसके पीछे एक जिओपॉलिटिकल मैसेजिंग भी है। वह क्या जिओपॉलिटिकल मैसेजिंग है? वो भी बेहद आवश्यक है। हम जाने क्योंकि ट्रंप के इस डीजल बैन से सबसे ज्यादा नुकसान यूरोप का
01:46
Speaker A
होने वाला है। आप देख सकते हैं दुनिया के सबसे बड़े जो डीजल इंपोर्टर्स हैं वो ऑस्ट्रेलिया है, तुर्की है, ब्राजील, फ्रांस, इजिप्ट, यूके, साउथ अफ्रीका, स्पेन, मोरक्को अधिकतम देश आप देख रहे हैं। अमेरिकन अलाइज़ है। और अमेरिका का
02:00
Speaker A
डीजल एक्सपोर्ट आप जान रहे हैं कितना है। दोस्तों, यह बहुत बड़ी संख्या है। 1.6 मिलियन बैरल्स पर डे डीजल एक्सपोर्ट अमेरिका कर रहा है। वो जब मार्केट से निकल जाएगा तो सोचिए कितना बड़ा वैक्यूम होने वाला है और इसमें इन देशों का क्या होगा
02:14
Speaker A
जो इतना ज्यादा डीजल एक्सपोर्ट डीजल अमेरिका से ले रहे हैं। जाहिर सी बात है इस प्रकार का जो सरप्लस मार्केट है जो इतना डीजल इतनी बड़ी संख्या में तो ना सही लेकिन फिर भी डीजल एक्सपोर्ट कर सकता है
02:26
Speaker A
वो भारत है और आप देख ही सकते हैं क्या तुर्की क्या यूरोप सब भारत की ओर देख रहे हैं भारत के सबसे बड़े अगर आप देख तो अपना पूरा का पूरा डीजल का सबसे बड़ा सोर्स वो भारत को बना चुके हैं तो क्या एग्जैक्टली
02:36
Speaker A
यहां पे हो रहा है भारत के लिए कैसे ये लेवरेज का सिचुएशन बन रहा है एंड एट द सेम टाइम क्या अमेरिका को इससे फायदा होगा क्या यूएस मिड टर्म्स के पहले ट्रंप कुछ खेल खेल रहे हैं और साथ ही साथ यह क्या
02:47
Speaker A
कोई एक जिओपॉलिटिकल मैसेजिंग है जो यूरोप को दिया जा रहा है? इसीलिए जेलस्की के सामने यह बात कही जा रही है। आइए जरा आज के वीडियो में इन्हीं सब आयाम पर चर्चा करते हैं। पर इससे पहले आगे बढ़े वीडियो
02:58
Speaker A
लाइक करें, चैनल सब्सक्राइब करें। बेल आइकन अवश्य दबा दें। सबसे पहले दोस्तों ट्रंप के डीजल बैन की बात कर लेते हैं। जी हां, कुछ इस प्रकार से जेलस्की के साथ बैठे हुए थे। जिस वक्त इन्होंने यह बात कही जब इनसे मीडिया ने सवाल पूछा। 22
03:10
Speaker A
सितंबर 2026 की बात है जिसमें ट्रंप ने खुद कहा कि मैंने कहा है कि डीजल अब बाहर भेजना बंद कर दें। हम बहुत ज्यादा डीजल बनाते हैं। लेकिन मेरे खुद के लोगों के लिए मुझे यह करना पड़ेगा। डीजल एक्सपोर्ट
03:24
Speaker A
करना बंद होगा। पूछा गया कब तक बंद करेंगे? तो बोले जल्द ही करेंगे। जल्द ही करेंगे। इसके साथ ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसिंट भी वहीं पर थे और उनको बोला गया कि क्या चल रहा है इस पे? तो उन्होंने भी कहा
03:35
Speaker A
कि हां एडमिनिस्ट्रेशन एग्जामिन कर रहा है। सोच रहा है कि यह बैन को कैसे अंजाम देना है और क्या फुल बैन करें, पार्शियल बैन करें, क्या काम करेगा इस पर चर्चा कर रहे हैं। यूएस सेनेट के जो मेजॉरिटी लीडर
03:48
Speaker A
है जी हां जॉन थ्यून उन्होंने भी कहा एक्सपोर्ट बैन करना पड़ेगा लोगों के लिए। डीजल की कीमत बढ़ रही है। उसी को ध्यान में रखते हुए। दोस्तों यहां पे बता देता हूं। यूएस में अगर आप देखें तो 1970 से अब
03:59
Speaker A
तक कभी भी रिफाइंड प्रोडक्ट यानी डीजल हो गया। इन सब पे एक्सपोर्ट बैन नहीं लगाया गया है। 2022 में बाइडन के टाइम पे इस पर चर्चा हुई थी। लेकिन कभी अंजाम दिया नहीं गया। ट्रंप यह करने चाह रहे हैं। अब
04:14
Speaker A
दोस्तों इससे किसको नुकसान होगा? देखिए सबसे पहले तो यूएस डीजल एक्सपोर्ट 1.6 मिलियन बैरल पर डे है जो कि ऑल टाइम रिकॉर्ड हाई पे ऑलरेडी चल रहा है। यूएस इन अ टोटल डिस्टिलेट प्रोडक्शन अगर आप देखें तो डीजल हो गया, हीटिंग ऑयल हो गया, 5.3
04:28
Speaker A
मिलियन बैरल पर डे प्रोड्यूस करता है। जिसमें से अगर डोमेस्टिक डिमांड आप देखें तो 3.6 मिलियन बैरल पर डे है। यानी कि सरप्लस 1.6 1.7 मिलियन बैरल पर डे का डीजल और इस प्रकार से आप देखें तो अन्य
04:41
Speaker A
डिस्टिलेट हो जाता है। जिसमें से अगर आप देखें तो इसी को वो बैन कर देगा। तो डायरेक्टली हिट अर्थव्यवस्था जो होगी सबसे ज्यादा तो मेक्सिको होगा। कारण क्या है?
04:49
Speaker A
मेक्सिको का 1,20,000 बैरल पर डे का यूएस डीजल का पाइप लाइन है जिससे मेक्सिको को डीजल मिलता है। डीजल अगर आप देखें तो दो तिहाई एनर्जी जो मेक्सिको के एग्रीकल्चर सेक्टर में कंज्यूम होता है वो मेक्सिको को डीजल से ही हो रहा है। दोस्तों अब इसके
05:04
Speaker A
दुष्परिणाम अमेरिका में भी होंगे। बूमरैंग होगा। कारण क्या है? 40% यूएस का जो एग्रीकल्चरल इनपुट है जी हां जो एग्रीकल्चरल इंपोर्ट है वह मेक्सिको से आ रहा है। 40% ऑफ यूएस एग्रीकल्चरल इंपोर्ट वो मेक्सिको लैटिन अमेरिका से आता है।
05:19
Speaker A
मतलब कि यदि मेक्सिको में जो डीजल है उसकी कीमत बढ़ती है तो फार्म प्राइसेस बढ़ते हैं। जिस वजह से अमेरिकन फूड इनफ्लेशन भी आएगा। तो ऐसा भी कहा जा रहा है। हो सकता है मेक्सिको पे बैन ना लगे। बैन बाकी पे
05:32
Speaker A
लगेगा। जिसमें यूरोप सबसे पहले आता है। यूरोप दोस्तों ऑलरेडी क्राइसिस में है। अगर आप देखें तो यूरोप निर्भर करता है यूएस के जो गल्फ कोस्ट में रिफाइनरीज हैं इन इलाकों में। आप अगर देखें तो यहां पे काफी रिफाइनरीज है और यहीं से जो डीजल बन
05:46
Speaker A
रहा है वो यूरोप जाता है। अब इसी की बात अगर आप करें तो यूएस डीजल फ्लो अगस्त महीने में यूरोप को गया है 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन। मिड अगस्त आते-आते यह कम होने लगा। 3.5 लाख बैरल पर डे हो गया। तो यूरोप
05:59
Speaker A
को मजबूरन भारत से भी रिकॉर्ड डीजल लेना पड़ा है। सऊदी अरेबिया की बात करें तो उसने ऑलरेडी यूरोप को बोल दिया है कि देखिए हम आपको क्रूड ऑयल के कारगोस नहीं दे पाएंगे। नतीजा यूरोपियन रिफाइनरीज उनके पास क्रूड की भी कमी है तो डीजल भी वो कम
06:12
Speaker A
ही बनाने वाले हैं। साउथ कोरिया दोस्तों यूरोप का लार्जेस्ट जेट फ्यूल सप्लायर है और वो भी अगर आप देखें तो कह रहा है कि इसको भी कम करना है। तो यूरोप के लिए तो डीजल के साथ-साथ जेट फ्यूल क्राइसिस सब
06:23
Speaker A
कुछ हमको देखने मिल रहा है। अब दोस्तों यहां पे कुछ अर्थव्यवस्थाएं जो इनडायरेक्टली इंपैक्टेड होंगी जो कि यूएस डीजल लेती तो नहीं है लेकिन सबसे बुरा असर उन्हीं का होने वाला है। जी हां ट्रांसमिशन चेन है जो आपको देखना पड़ेगा।
06:37
Speaker A
यूएस बैरल्स अटलांटिक में जो जाते थे यूरोप को जो जाते थे जैसे ही वो हट जाते हैं तो क्या होगा दोस्तों यूरोप को कहीं से तो डीजल लेना है वो इंडिया से एग्रेसिवली खरीदेगा डीजल वैसे ही आप देखिए
06:49
Speaker A
तो कुछ गल्फ कार्गोस लेगा वैसे ही कुछ एशियन कारगोस डीजल के लेगा जापान साउथ कोरिया इन सब की भी तो रिफाइनरीज हैं तो इन सबको बोलेगा भाई जो आप बना रहे हो डीजल हमको भी दे दो नतीजा वो जापान वो साउथ
07:02
Speaker A
कोरिया जो कि ट्रेडिशनली ऑस्ट्रेलिया वगैरह को डीजल सप्लाई करते थे उनको डीजल दे नहीं पाएंगे या फिर उनको कहेंगे ज्यादा कीमत लगाओ। नतीजा क्या होगा? वो देश जिसके पास कोई रिफाइनिंग कैपेसिटी नहीं है। वो देश जिसके पास कोई रिजर्व्स नहीं है। उसको
07:18
Speaker A
जो कीमत आखिरी बडिंग की होगी जो सबसे ज्यादा होगी वो कीमत पे उसको डीजल खरीदना पड़ेगा और उसी में ऑस्ट्रेलिया आएगा। जी हां, ऑस्ट्रेलिया मोस्ट एक्सपोज्ड है। दोस्तों, उसके पास इफेक्टिवली कुछ भी रिफाइनिंग कैपेसिटी ही नहीं है क्रूड का।
07:33
Speaker A
ना उसके पास कोई पाइप लाइन है। एक-ए लीटर डीजल जो है दोस्तों वो जहाज से ही आ रहा है। और इसमें उसके पास 30 दिन का डीजल कवर कहा जा रहा है। 36 दिन का 19 में 2026 में
07:45
Speaker A
बचा था। अब कहा जा रहा है ये संख्या और कम हो गई है। यानी कि ज्यादा दिन वो सर्वाइव नहीं कर पाएगा। इसके साथ-साथ सप्लाई कंसंट्रेशन है। जो इसको डीजल सप्लाई करता है वो साउथ कोरिया, जापान, सिंगापुर, मलेशिया से आ रहा है और ये यूरोपियन
07:59
Speaker A
मार्केट्स चले जाएंगे डीजल देने। दोस्तों यहां पे अगर आप देखें तो इस वजह से बड़ी समस्या होगी। इसके सप्लायर्स ऑलरेडी रिस्ट्रक्चर करना शुरू कर दिए हैं। अगर आप ऑस्ट्रेलिया के जेट फ्यूल की बात करें तो जेट फ्यूल यानी जो एिएशन में यूज़ होता है
08:12
Speaker A
वो फ्यूल चाइना सप्लाई करता था। जी हां 2 मिलियन टन्स अ मंथ वो घट के आधा हो गया है। 1 मिलियन टन अ मंथ पे आ गया है। साउथ
08:25
Speaker A
फ्यूल में भी एक मेजर क्राइसिस यूरोप के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया में भी देखने मिल रहा है। तुर्की भी दोस्तों इसी कैटेगरी में आता है। वो भी कुछ इसी प्रकार से अगर आप देखें तो जो डीजल है भारत से ले रहा है।
08:36
Speaker A
कल हमने डिटेल में इस पर चर्चा की है तो और इस पर और चर्चा नहीं करेंगे। इन अ शॉर्ट कई अर्थव्यवस्थाएं दुनिया भर की है जो इससे प्रभावित होने वाली हैं। दोस्तों, इससे इंडिया का लिवरेज बढ़ता है। यह बेहद
08:47
Speaker A
आवश्यक है। आप समझे। कारण क्या है दोस्तों? दोस्तों अगर आप भारत की बात करें तो हम फोर्थ लार्जेस्ट रिफाइनर हैं। दुनिया के 5.6 मिलियन बैरल्स पर डे की हमारी रिफाइनिंग कैपेसिटी है। जो रिफाइन करते हैं 20% एक्सपोर्ट कर देते हैं। और
08:59
Speaker A
इसमें अगर आप देखें तो वक्स का कहना है अगर आप यूरोपियन मार्केट में देखें अगस्त महीने में वो सभी डीजल जो यूरोप ने बाबल मेंब के रूट से सुएस पार करके जो यूरोप पहुंचा है वो सब बाबल मेंढब पार करने वाला
09:13
Speaker A
60% डीजल भारत से ही आया है। वैसे ही तुर्की की बात करें तो कल हमने चर्चा की ही है। 1,20,000 बैरल पर डे डीजल गया है। यूरोप 2 लाख बैरल पर डे डीजल जा रहा है। तो इस प्रकार से काफी बड़ी संख्या में
09:26
Speaker A
यूरोप डीजल जा रहा है। अब इसमें सोचिए यूएस जो 1.5 मिलियन बैरल पर डे ऑफ डीजल रोक देगा अटलांटिक में पहुंचने से पार करने से। तो यूरोप तुर्की क्या करेंगे? वो भागे-भागे अग्रेसिवली बड करेंगे इंडियन डीजल के लिए। कुछ मिडिल ईस्टर्न डीजल के
09:41
Speaker A
लिए भी बड करेंगे जो अभी भी कुछ हॉर्मोस पार करके या अन्य रास्तों से जा पा रहे हैं। नतीजा आप देखें तो भारत के डीजल की डिमांड बढ़ने वाली है। अब दोस्तों हमारी डीजल जो बन रहा है वो क्रूड ऑयल से बन रहा
09:53
Speaker A
है। वो कैसे बन रहा है? हमारी जो रिफाइनिंग है वो आज रशियन क्रूड पे निर्भर देखिए करती है। अब ऐसा नहीं है कि रशियन क्रूड बहुत चीप है। बिल्कुल नहीं। आज के टाइम में रशियन क्रूड मार्केट रेट पे ही
10:05
Speaker A
है। रादर महंगा भी है। मार्केट रेट ही बहुत ज्यादा हो गया है। तो इस वजह से अगर आप देखें तो रशियन क्रूड फिर भी अब मजबूर है उस पर लेने के लिए। क्योंकि अगर आप देखें तो ये लास्ट सोर्स है क्रूड ऑयल का
10:18
Speaker A
जो रिलायबली अवेलेबल है। बाकी कहां से लीजिएगा क्रूड ऑयल? पूरा वेस्ट एशिया क्राइसिस में फंसा हुआ है। तो मेजर सप्लायर 40% दुनिया को जो क्रूड सप्लाई करते हैं वहां से तो तेल बंद हो गया है। तो करें तो करें क्या? तो आप रशिया के ऊपर
10:31
Speaker A
निर्भर कर रहे हैं। बाकी जी हां हम कर रहे हैं। डवर्सिफाई कर रहे हैं। कुछ वेनेजुएला से आ रहा है। कुछ अफ्रीका से आ रहा है। कुछ गिनी से आ रहा है। गिनिया से आ रहा है। अलग-अलग जगहों से आप देखें तो आ रहा
10:40
Speaker A
है। इन अ शॉर्ट अगर आप देखें तो रशियन क्रूड रिलायबल क्रूड है जो भारत ले रहा है। लेकिन यही क्रूड रिफाइन कर रहे हैं। इसी से पेट्रोल डीजल सब बन रहा है जो हम डोमेस्टिकली यूज़ भी कर रहे हैं। लेकिन
10:52
Speaker A
यहां पे यूरोप को याद करना होगा आपको। उसने क्या कहा था? 21 जनवरी 2026 को यूरोपियन यूनियन ने कहा था कि कोई भी यूरोप यदि तेल, डीजल, पेट्रोल कुछ भी बेच रहा है तो उसको यह प्रूफ देना होगा कि
11:05
Speaker A
इसमें रशियन क्रूड से यह डीजल नहीं बनाया गया है। अब उनका यह डिमांड था। वाशिंगटन ने भी अभी कहा है 100% टेरिफ लगाएंगे रशियन क्रूड बायरर्स पे। भारत और चाइना को टारगेट भी किया गया है। अब दोस्तों ये
11:18
Speaker A
सारी बातें साल के शुरुआत तक तो आप कर ले रहे थे। लेकिन अब सिचुएशन बदल गई है। जी हां, हमने यूरोप को खुश करने के लिए क्या किया? कहा ठीक है ऐसा करते हैं रशियन क्रूड को रिफाइन करके डीजल बना के हम
11:31
Speaker A
डोमेस्टिकली यूज़ कर लेंगे। बाकी अन्य सोर्सेस से जो क्रूड आता है उसको रिफाइन करेंगे। उसको डीजल बना के एक्सपोर्ट कर देंगे। तो यूरोप खुश हो के खरीद भी लेता था। लेकिन अब तक तो ये सिचुएशन चल रहा था।
11:43
Speaker A
ये जो लग्जरी थी अब तक हो रहा था। लेकिन अब ये लग्जरी इरोड कर रही है। बाकी सोर्सेस से जो क्रूड है लिमिटेड है। तो जो क्रूड अवेलेबल है वो वही रशियन क्रूड और अन्य कुछ क्रूड हैं तो रिफाइन करेंगे। अब
11:56
Speaker A
आपको लेना है तो लो नहीं लेना है तो मत लो। तो यहां पे दोस्तों ये जो बयर और सेलर के बीच में जिसकी इस वक्त अगर आप देखें तो जो स्ट्रांग पोजीशन पे है वो सेलर हो गया है। बयर के पास वोट से ही नहीं है। तुमको
12:10
Speaker A
नहीं लेना है तो मत लो। देख लो। तुम्हारे यहां तो है ही हो ही रहा है क्राइसिस। तैयार रहो फिर क्राइसिस के लिए। तो इसलिए यहां पे ये जो यूरोपियन हिपोक्रेसी है उसको भी कॉल आउट किया जाएगा। लाइक वाइज
12:19
Speaker A
अमेरिका यदि धमकी देता है वापस 100% टेरिफ का तो भारत कहेगा लगा लो टेरिफ। हम नहीं देंगे डीजल अगर बंद कर देंगे तो पूरी दुनिया में डीजल की कीमत बढ़ जाएगी सातवें आसमान पर। तो इस तरीके से हमारे लिए
12:31
Speaker A
लेवरेज का सिचुएशन काफी ज्यादा आप देखिए तो मजबूत हो रहा है। अब दोस्तों यहां पे आते हैं। ट्रंप जो कह रहे हैं कि बैन लगा देंगे डीजल एक्सपोर्ट पे। तो इससे किसको फायदा होगा? क्या सच में यूएस कंज्यूमर्स
12:42
Speaker A
को फायदा होगा? देखिए दोस्तों ट्रंप यहां पर खेल रहे हैं गंदा वाला पॉलिटिक्स। जी हां देखिए शॉर्ट टर्म डोमेस्टिक रिलीफ होगा। किसको होगा? तो ये शॉर्ट टर्म डोमेस्टिक रिलीफ जहांजहां पे रिफाइनरीज है उन इलाकों में होगा। ये गल्फ स्टेट्स में
12:55
Speaker A
होगा। वैसे ही आप देख तो यूएस के मिडवेस्ट वाले राज्यों में होगा। तो ये जो रीजन आप देख रहे हैं ना यहां पे फायदा होने वाला है। ये कहा जा रहा है। ये कौन से राज्य हैं? यह ऑलरेडी अगर आप देखें तो ट्रंप के
13:08
Speaker A
रिपब्लिकन स्टेट्स हैं। तो ट्रंप यही प्रयास कर रहे हैं कि रिपब्लिकन स्टेट्स ना छिटके। कारण क्या है? यहां पे रिफाइनरी है। जिस वजह से इन इलाकों में जैसे ही आप एक्सपोर्ट बैन कर देंगे तो जो लोकल ग्लट होगा डीजल में वो आसपास के मार्केट्स में
13:23
Speaker A
सबसे पहले अब्सॉर्ब होगा तो वहां पे डीजल प्राइसेस घटेंगी। लेकिन ये शॉर्ट टर्म तक रहेगा। जब तक डीजल ग्लट बना हुआ है। ओवरटाइम वो भी अलग-अलग राज्यों में डिस्ट्रीब्यूट होगा और ओवरटाइम वो भी इरोड हो जाएगा। लेकिन इसमें क्या होगा? सबसे
13:37
Speaker A
ज्यादा नुकसान होगा। ये दूर सुदूर के राज्य ये सब जो हैं यूएस के नॉर्थ ईस्ट के राज्य हैं। वैसे ही आप देखिए वेस्ट कोस्ट के राज्य हैं। इन सब में बड़ा नुकसान होने वाला है और ये सब के सब डेमोक्रेट स्टेट्स
13:48
Speaker A
हैं। जहां पे ट्रंप को मालूम है ऐसे भी ये वोट नहीं करने वाले। तो वहां पे दोस्तों क्या होगा कि ये जो प्राइसेस हैं वो बढ़ जाएंगी। जी हां। जैसे ही जो लोकल ग्लट है वो भी कंज्यूम हो जाएगा रिफाइनरीज क्या
14:00
Speaker A
करेंगे? फिर वो प्रोडक्शन कम कर देंगी। एंड ऑफ द डे जैसा मैंने कहा यूएस की जो सरप्लस रिफाइनिंग कैपेसिटी है उसको स्टोर करने का लिमिटेड पोजीशन है। आप कितना ही स्टोर कीजिएगा बाकी तो स्टोर नहीं होगा अगर आप एक्सपोर्ट नहीं कर रहे हैं तो आप
14:13
Speaker A
क्या करेंगे? आप प्रोडक्शन ही घटा देंगे। जिस वजह से जो प्राइसेस हैं ओवर लॉन्ग टर्म या मिड टर्म में ही आप देखेंगे तो कीमत बढ़ जाएगी क्योंकि प्रोडक्शन कम हो गया और डिमांड एज इट इज बना हुआ है। तो
14:24
Speaker A
इससे स्वयं यूएस की एनर्जी सिक्योरिटी हैंपर होगी। यूएस जो एक्सपोर्ट कर रहा था यूरोप को अन्य मार्केट्स को वहां पे वो नया कुछ इंपोर्टर ढूंढ लेंगे उनके साथ रिश्ते बना लेंगे और वहां से फिर इंपोर्ट होना शुरू हो जाएगा तो फॉरेन कॉम्पिटिटर्स
14:38
Speaker A
यूएस के मार्केट को खा जाएंगे। यहां पे दोस्तों एनर्जी इकॉनॉमिस्ट फिलिप वर्गलर का कहना है कि अगर ट्रंप ने ऐसा बैन लगाया तो दुनिया में 100% तक प्राइसेस बढ़ेंगे डीजल के यानी दो गुना प्राइसेस हो जाएंगे। और यूएस के कई राज्य ऐसे हैं क्योंकि डीजल
14:53
Speaker A
की कीमत ग्लोबल मार्केट पर तय होती है। तो यूएस के कई राज्य ऐसे हैं स्पेशली ये नॉर्थ ईस्ट के राज्य जहां पे जो कीमत होगी प्राइसेस की डीजल की वो वर्ल्ड प्राइसेस होगी। तो जैसे कि न्यू इंग्लैंड वगैरह
15:06
Speaker A
विंटर्स में हीटिंग ऑयल की कीमत बढ़ी हुई जो दुनिया पी जो कीमत दे रही है उस कीमत पे डीजल वो लोग वहां के लोग देने वाले हैं, खरीदने वाले हैं। तो उनके लिए लॉन्ग रन में बड़ा नुकसान होगा। लेकिन हां शॉर्ट
15:19
Speaker A
रन में मिड टर्म्स के पहले अगर आप देखें तो जो ट्रंप के वोटर बेस हैं उनको रिलीफ ट्रंप जरूर दिलवा सकते हैं। तो ये यहां पे स्ट्रेटजी ट्रंप की दिख रही है। लेकिन उससे बड़ी बात क्या ये एक जियोपॉलिटिकल
15:31
Speaker A
मैसेजिंग है। क्या वो हो रहा है? क्योंकि टाइमिंग और पोजीशनिंग आप देखें तो कुछ ऐसा हो रहा है कि एग्जैक्टली जब जेलस्की आए तब यह ट्रंप ने कहा है और जेलस्की से मिलने के पहले अगर आप पिछले 9 दिनों में देखें
15:43
Speaker A
तो ट्रंप ने तीन बार कह दिया है जेलस्की को कि रशियन रिफाइनरीज को अब मत छुओ कारण है रशियन रिफाइनरीज हिट हो रही हैं। जैसा बताया डीजल ग्लोबली प्राइस्ड कमोडिटी है। तो रशियन कंजमशन डीजल का वो इंपोर्ट करने
15:56
Speaker A
लगा है। तो रशिया की अगर आप बात करें तो डीजल कीमत बढ़ जा रही है ग्लोबल मार्केट में कहीं से सोर्स कर रहा है। तो इस वजह से अमेरिकन कंज्यूमर्स को भी डीजल महंगी कीमत पे मिल रही है। जिस वजह से आप देखें
16:07
Speaker A
तो जो लोग हैं यूएस के वो नाराज हैं कि ट्रंप ने ईरान वॉर किया और ये सब कुछ किया जिस वजह से आज कीमत इतनी बढ़ गई है। तो इसलिए ये बार-बार जेलस्की को कह भी रहे थे। अब जब जेलस्की सामने थे तभी ट्रंप ने
16:19
Speaker A
कहा कि देखो हम डीजल बैन कर देंगे। जी हां, यूएस डीजल एक्सपोर्ट बैन हो जाएगा तो कौन प्रभावित होगा? यूरोप प्रभावित होगा। रशिया का क्या नुकसान है? दोस्तों यहां पे एक बात समझिए। यह जो है ना यह एक इंप्लसिट
16:32
Speaker A
मैसेज है यूरोप को कि देख लो यूक्रेन जो यह कर रहा है ना रिफाइनरी डैमेज रशिया में यह करना रोको अन्यथा हम डीजल बैन कर देंगे फिर देख लेना तुम्हारे यहां जब कीमत बढ़ेगी तो देख लेना क्या होगा इन अ शॉट
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Speaker A
जेलिंस्की को पर काबू पाओ वरना तुम सब गद्दी खोगे सिर्फ मैं अकेले नहीं खोऊंगा यही मैसेज ट्रंप दे रहे हैं। उम्मीद करता हूं दोस्तों आपको वीडियो पसंद आया होगा। लाइक जरूर कीजिएगा। इसके सिवा आपके लिए यूपीएससी प्रिपरेशन स्टार्ट आप अब हमारे
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Speaker A
साथ कर सकते हैं। जी हां, कंप्लीट सिलेबस कवरेज होता है। कंप्लीट जीएस, कंप्लीट सीसैट, प्रीलिम्स टेस्ट सीरीज, मेंस टेस्ट सीरीज विद इवैल्यूएशन आपको मिलता है सब कुछ केवल और केवल ₹19,999 में। एक साल की सब्सक्रिप्शन आपको मिल रही
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Speaker A
है तब है जब आप कोड KC 10 यूज़ कर रहे हैं। लेकिन ये ऑफर लिमिटेड पीरियड के लिए है। तो मेक श्योर आप इसका फायदा अवश्य उठा लें। वैसे ही अगर आप 2 साल या तीन साल का सब्सक्रिप्शन लेते हैं, अगर आप अपनी
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Speaker A
प्रिपरेशन अभी स्टार्ट कर रहे हैं, तो बड़े अफोर्डेबल प्राइस पे 26,999 3 साल की सब्सक्रिप्शन ₹31,999 में मिल रही है। तब जब आप कोड KC10 यूज़ कर रहे हैं, तो इसका फायदा अवश्य उठा लें। इसके सिवा आपको बताना चाहूंगा यह जो
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Speaker A
क्वालिटी कंटेंट है, यह क्वालिटी आपको दिखता है। ऑल इंडिया रैंक वन हमारे क्लासरूम प्रोग्राम से आए हैं। 109 से अधिक ऑनलाइन क्लासरूम प्रोग्राम सिलेक्शंस हुए हैं। तो, आप निश्चिंत होकर जुड़े। इसके सिवा हिंदी मीडियम में भी जो हम पढ़ा
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Speaker A
रहे हैं। आप देख सकते हैं हिंदी मीडियम के जो टॉपर हैं रविराज ऑल इंडिया रैंक 20 हैं वो भी अगर आप देखें तो हमारे ही क्लासरूम प्रोग्राम से आए हैं। तो आप निश्चिंत होकर जुड़ सकते हैं। डिस्क्रिप्शन बॉक्स पिन
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Speaker A
कमेंट में आपको इसका लिंक मिल जाएगा।
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