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6 Way a Super Empath Destroy a Narcissist . #spiritual #god

सुपर इंपैस की खास क्वालिटीज़ जो नार्सिसिस्ट को डराती हैं, सेल्फ अवेयरनेस, इंट्यूशन और फियरलेसनेस पर गहराई से चर्चा।

Key Takeaways

  • सुपर इंपैस की सेल्फ अवेयरनेस और इंट्यूशन उन्हें नार्सिसिस्ट से अलग और शक्तिशाली बनाती है।
  • नार्सिसिस्ट सुपर इंपैस की गहराई और सच्चाई से डरते हैं क्योंकि वे उन्हें नियंत्रित नहीं कर पाते।
  • सुपर इंपैस की फियरलेसनेस और सच बोलने की क्षमता नार्सिसिस्ट को चुप कर देती है।
  • अकेले रहकर खुद पर काम करना और अपनी स्किल्स को निखारना सुपर इंपैस की खासियत है।
  • सुपर इंपैस अपनी मेंटल और इमोशनल हेल्थ का ख्याल रखते हुए दूसरों की मदद करते हैं।

What the video covers

  • सुपर इंपैस में सेल्फ अवेयरनेस होती है जो उन्हें अपने और दूसरों के नेचर को समझने में मदद करती है।
  • वे अकेले रहकर खुद पर काम करते हैं और अपनी स्किल्स और पर्सनालिटी को पॉलिश करते हैं।
  • सुपर इंपैस में धैर्य, काइंडनेस और पेशेंस होती है जो उन्हें मजबूत बनाती है।
  • नार्सिसिस्ट सुपर इंपैस की गहराई और सच्चाई से डरते हैं क्योंकि वे उन्हें बेवकूफ नहीं बना पाते।
  • सुपर इंपैस कम बोलते हैं लेकिन जब बोलते हैं तो सच बोलते हैं जिससे नार्सिसिस्ट चुप हो जाते हैं।
  • उनका इंट्यूशन बहुत मजबूत होता है जो उन्हें सही फैसले लेने में मदद करता है।
  • वे अपनी मेंटल और इमोशनल हेल्थ पर ध्यान देते हैं और दूसरों की नकारात्मकता से बचते हैं।
  • सुपर इंपैस दूसरों की मदद करते हैं लेकिन अपनी सीमाएं भी जानते हैं।
  • वे नार्सिसिस्ट की टॉक्सिकिटी को पहचान कर उनसे दूरी बनाते हैं।
  • उनकी आत्म-विश्वास और आत्म-निर्भरता उन्हें नार्सिसिस्ट से अलग और मजबूत बनाती है।

Answers

Questions about this video

सुपर इंपैस में कौन सी खास क्वालिटी होती है जो नार्सिसिस्ट को डराती है?

सुपर इंपैस में गहरी सेल्फ अवेयरनेस, मजबूत इंट्यूशन और फियरलेसनेस होती है जो उन्हें नार्सिसिस्ट की टॉक्सिकिटी से बचाती है और नार्सिसिस्ट को उनसे डर लगता है।

सुपर इंपैस अकेले रहकर कैसे खुद को मजबूत बनाते हैं?

सुपर इंपैस अकेले रहकर अपनी स्किल्स और पर्सनालिटी पर काम करते हैं, अपनी मेंटल और इमोशनल हेल्थ को सुधारते हैं, जिससे वे मजबूत और आत्मनिर्भर बनते हैं।

नार्सिसिस्ट सुपर इंपैस से क्यों दूर भागते हैं?

नार्सिसिस्ट सुपर इंपैस की गहराई, सच बोलने की क्षमता और आत्मविश्वास से डरते हैं क्योंकि वे उन्हें नियंत्रित या बेवकूफ नहीं बना पाते, इसलिए वे उनसे दूर भागते हैं।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
एक नार्सिसिस्ट को सुपर इंपैस से डर लगता है। बट ऐसा क्यों? आखिर क्या है सुपर इंपैस में जिससे नारिसिस्ट को डर लगता है?
00:09
Speaker A
उनके अंदर ऐसी कौन सी क्वालिटी है जो उनको स्पेशल बनाती है? और नारिसिस्ट सुपर इंपैस से ही क्यों डरते हैं? क्यों? वो जब सुपर इंपैस को देखते हैं तो उनसे दूर भागते हैं। उनसे बचते हैं। क्योंकि सुपर इंपैस ही वो इंसान है जो कि अपने आप में
00:25
Speaker A
बहुत पावरफुल पर्सनालिटी है। अपने आप में उनकी कुछ क्वालिटीज हैं, कुछ ट्रेड्स हैं जो उनको स्पेशल बनाती हैं। तो आज इसी टॉपिक पे आज हम बात करेंगे कि सुपर इंपैस में ऐसी कौन सी क्वालिटी है जो उनको स्पेशल
00:38
Speaker A
बनाती है जिससे नारिसिस्ट भी डर के दूर भागते हैं। तो चलिए स्टार्ट करते हैं। हेलो एवरीवन, दिस इज नेहा थापा। वेलकम बैक टू योर चैनल सोल ग्रोथ। कैसे हैं आप सब?
00:47
Speaker A
आई होप आप लोग सब सेफ होंगे और अपनी मेंटल हेल्थ पर काम कर रहे होंगे। अपनी इमोशनल हेल्थ पर काम कर रहे होंगे। सोल ग्रोथ चैनल का आप हिस्सा होंगे जहां मैं लाती हूं आपकी सोल की अवेयरनेस, आपकी सोल की
00:57
Speaker A
नीड। चैनल पर अगर आप नए हैं तो सब्सक्राइब जरूर कीजिए क्योंकि ये अवेयरनेस के लिए बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। और आप सभी को मैं दिल से ग्रेटट्यूड शो करती हूं। दिल से धन्यवाद देती हूं जो मुझे सुनते हैं,
01:08
Speaker A
मुझे एप्रिशिएट करते हैं। और आज का यह टॉपिक बहुत इंपॉर्टेंट है। जहां हम बात करने वाले हैं सुपर इंपैक्ट्स के बारे में कि उनकी ऐसी कौन सी क्वालिटीज हैं जिससे नारिसिस्ट भी डरते हैं। तो चलिए स्टार्ट करते हैं। फर्स्ट पॉइंट है सेल्फ
01:22
Speaker A
अवेयरनेस। एक सुपर इंपैक्ट्स इंपैक्ट्स की तरह ही होते हैं। बहुत नॉर्मल इंसान होते हैं। बहुत काइंड हंबल होते हैं। दूसरों का पेन फील करना, उनका हेल्प करना, ह्यूमैनिटी पे बिलीव करना। दूसरों को प्यार देना, पीसफुल एनवायरमेंट रहे। लोग
01:40
Speaker A
हमेशा खुश रहे। यही इनका इंटेंशन होता है। बट गलती नारिसिस्ट से यह हो जाती है कि वो सुपर इंपैक्ट्स को बेवकूफ समझने लगते हैं। क्योंकि सुपर इंपैक्ट्स बहुत ज्यादा सेल्फ अवेयरनेस वाले पर्सन होते हैं। बहुत ज्यादा अवेयर रहते हैं। यह अपने आसपास के
01:58
Speaker A
माहौल को डिटेक्ट कर सकते हैं। एनर्जी के बेस पे। यह लोगों को उनकी पर्सनालिटी पे देख पाते हैं कि किस इंसान का एक्चुअल में क्या नेचर है। बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जो दिखने में बहुत सिंपल लगते हैं। सुपर
02:12
Speaker A
इंपैस भी ऐसे होते हैं और इसी वजह से लोग इनको हल्के में ले लेते हैं। क्योंकि इन्होंने अपनी लाइफ में उस सिचुएशन पे काम किया है। उस चीजों पर काम किया है जहां यह बार-बार गिर के उठे होते हैं। और
02:26
Speaker A
जैसे-जैसे इनकी लाइफ में चैलेंजेस आते हैं, वह चीज ही इनको स्ट्रांग बनाती है। बहुत टाइम पीरियड तक सुपरइंस अकेले रहते हैं और अकेले रहकर ही खुद पर काम करते हैं। जहां लोगों को ऐसा लगता है ना कि हम
02:37
Speaker A
अकेले नहीं रह सकते। अब क्या होगा? कौन मेरे साथ रहेगा? सुपर इंपैक्ट्स ये सब नहीं सोचते। वो अकेले रहना जानते हैं। वो अकेले रहकर खुद पर काम करते हैं। जब सारे लोग बैठ के रो रहे होते हैं कि उसने मुझे
02:49
Speaker A
छोड़ दिया, यह कर दिया, वो कर दिया या मेरी जॉब नहीं है या मेरी लाइफ में प्यार नहीं है। जहां लोग बहुत ज्यादा डीमोटिवेटेड होते हैं ना तो उसी सिचुएशन में सुपरइंपैस बहुत ज्यादा मोटिवेशन फील करते हैं। उसी पेन को यह गेन करते हैं और
03:04
Speaker A
उसी पेन को एक फ्यूल की तरह लेते हैं। बचपन से ही ऐसा नहीं है कि सुपरइंपैस को क्रिटिसाइज नहीं किया गया होगा। इनकी फैमिली जो होती है बहुत ज्यादा डिस्फंक्शनल होती है। नारिसिस्ट होती है। टॉक्सिक लोगों के बीच ये घिरे होते हैं।
03:16
Speaker A
बट ये तब भी इतनी स्ट्रांग पर्सनालिटी है कि ये अकेले रहकर खुद पर काम करते हैं। अपनी स्किल्स पर काम करते हैं। जो भी चीज इनके गॉड गिफ्ट्स होते हैं। ये अकेले रहकर ही बहुत ज्यादा उन्हीं चीजों को पॉलिश
03:28
Speaker A
करते हैं। इन्हें कोई नहीं सिखाता कोई भी चीज। बट इनकी सीखने की टेंडेंसी इतनी होती है कि जहां जब यह अकेले होते हैं नारिसिस्ट फैमिली में तो यह खुद पर काम करते हैं। जहां लोग अगर इनको इगोसिक कहेंगे, घमंडी कहेंगे इन्हें कोई फर्क
03:43
Speaker A
नहीं पड़ता। इनको अपनी स्किल्स पर काम करना है। आपको यह पता होगा कि इंपैस जो होते हैं बहुत ज्यादा सेंसिटिव होते हैं। बट सेंसिटिव होना गलत नहीं है। सुपर इंपैस भी सेंसिटिव होते हैं। बट वो सेल्फ अवेयर ज्यादा होते हैं। वो सेल्फ अवेयर होते हैं
04:00
Speaker A
सिचुएशन के लिए, फैमिली के लिए कि कौन इंसान उनकी मेंटल हेल्थ के लिए खराब है। कौन इंसान उनकी मोटिवेशन चाहता है। उनको आगे बढ़ते हुए देखना चाहता है और कौन उनको क्रिटिसाइज करता है। ये ऐसा नहीं है कि उन
04:14
Speaker A
लोगों से लड़ेंगे, अपनी एनर्जी वेस्ट करेंगे। नहीं, ये बहुत ज्यादा अपने ऊपर कंट्रोल करके रख सकते हैं क्योंकि ये डेप्थ पे काम करते हैं। इनको पता है कि इन इंसान से बहस करने से अच्छा है। इस इंसान के पीछे भागने से अच्छा है। मुझे खुद पे
04:26
Speaker A
काम करना है। इन्हें नहीं फर्क पड़ता कि कौन क्या कहता है। सेल्फ अवेयरनेस बहुत होती है। अपने ऊपर बिलीव बहुत होता है। क्योंकि इनकी लाइफ में बहुत सारी ऐसी सिचुएशन होती है जहां यह खुद से ही गिर के
04:37
Speaker A
अपने आप खड़े हुए होते हैं। जहां लोगों को ऐसा लगता है ना कि यार अब मैं कैसे करूं?
04:41
Speaker A
नहीं यह खुद गिरेंगे, उठेंगे, काम करेंगे अपने ऊपर, अपनी स्किल्स पर काम करेंगे। ऐसी ऐसी सिचुएशन से यह निकलते हैं जहां नॉर्मल लोग गिव अप कर देते हैं। जहां आपको ऐसा लगता है कि अब कैसे होगा? नहीं हो जाएगा। थोड़ा लेट होगा बट होगा। मुझे इतना
04:58
Speaker A
बिलीव है कि मैं कर सकता हूं। मैं कर सकती हूं। तो वो करते हैं। उनको यह नहीं चाहिए कि कोई आखिर उनकी हेल्प करेगा। वो अपनी हेल्प खुद करते हैं। उनको नहीं फर्क पड़ता कि कौन है। उनकी लाइफ में कौन नहीं है।
05:09
Speaker A
कौन उनकी यह क्या करेगा। वो अपने आप को खुद ही बिल्ड करते हैं। अपनी स्किल्स पर काम करते हैं। अपनी पर्सनालिटी पर काम करते हैं। जो उनके स्किल्स होते हैं, जो उनकी हॉबी होती है, वो उनको स्पेशल बनाती
05:19
Speaker A
है। क्योंकि उसके साथ आता है पेशेंस, धैर्य। उनके अंदर इतना पेशेंस होता है जहां लोग सोच नहीं सकते ना इस सिचुएशन से इतना ग्रेसफुली ये निकलते हैं जहां लोग बस देखते ही रह जाते हैं जहां लोगों को ऐसा लगता है कि इसकी काइंडनेस का हम फायदा
05:35
Speaker A
उठा सकते हैं क्योंकि सुपरइंपैस बहुत काइंड होते हैं। वो लोगों की हेल्प करते हैं। लोगों को प्यार देते हैं और यहीं पर नारिसिस्ट चाहते हैं इनका फायदा उठाना। किसी इंसान को बेवकूफ बनाया जा सकता है। बट नहीं नारिसिस्ट की गलतफहमी होती है
05:47
Speaker A
कि वो उसे बेवकूफ बना सकते हैं। क्योंकि वो एनर्जी के बेस पर ही काम करते हैं। अकेले रहकर उस इंसान ने सुपर इंपैस स्पेशल ही इसलिए है क्योंकि उसे जरूरत नहीं है कि तुम उसको आके वैलिड फील कराओगे या तुम उसे
05:58
Speaker A
क्रिटिसाइज करते हो। नारिसिस्ट बहुत करते हैं। शेम डाउट को फील कराते हैं। बट सुपर इंपैस इतना डेप्थली एम्पैथेटिक होते हैं जहां उनका खुद पर बिलीव है। उनको पता है वो कौन है। उनको पता है कि उनकी क्वालिटी क्या है। उनको पता है कि वो
06:12
Speaker A
लोगों को प्यार देते हैं। उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। तो उनको किस बात का डर? इसीलिए सुपर इंपैस फियरलेस होते हैं। उनका ये जो फियरलेस नेचर होता है नारिसिस्ट को इसलिए डर लगता है क्योंकि सुपर इंपैस बहुत कम बोलेंगे। उनको पता है कि
06:27
Speaker A
सामने वाला नारिसिस्ट है तो वो उससे बात नहीं करेंगे। अवॉइड करेंगे। नहीं करेंगे वो। जब नारिसिस्ट उनको बहुत ज्यादा अगर पोक कर रहे हैं तो वह सिर्फ एक बार बोलेंगे, दो बार बोलेंगे और वह स्टेटमेंट बोलेंगे कि नारिसिस्ट का मुंह बंद हो जाता
06:40
Speaker A
है। फिर वो नहीं देखते कि सामने वाले उसके पेरेंट्स हैं या उसके सिबलिंग्स हैं या हस्बैंड है या वाइफ है। वो टू द कट वन लाइन का कोई आंसर देंगे। उनका कम्युनिकेशन होगा। बट ऐसा कम्युनिकेशन होगा जहां मुंह बंद हो जाएगा सामने वाले
06:54
Speaker A
का। क्योंकि वो सच बोलते हैं। उन्हें सच बोलने में विश्वास होता है। वो ट्रुथ टेलर होते हैं। और यही चीज है कि नारिसिस्ट को डर लगता है। जहां लोगों को वो क्रिटिसाइज कर सकते हैं। शेम फील करा सकते हैं। गिल्ट
07:07
Speaker A
डाल सकते हैं। पर सुपर इंपैस को नहीं। क्योंकि उस इंसान ने खुद पर काम किया है। उस इंसान ने अपने कॉन्फिडेंस पे काम किया है। अपने स्किल्स पर काम किया है। पेशेंस क्या होता है? उसे पता है। काइंडनेस क्या
07:18
Speaker A
होता है? दूसरों को प्यार देना क्या होता है? हंबलनेस, पीसफुल यह क्या होता है? यह सब नारिसिस्ट को नहीं पता जिसकी एक्चुअल वर्थ जो है वो सुपर इंपैक्ट्स को पता होती है। पर इंपैक्ट्स जो होते हैं वो बहुत
07:33
Speaker A
ज्यादा डीमोटिवेटेड होते हैं। जहां वो लोगों की बात पर ज्यादा बिलीव करते हैं। पर जो इंपैक्ट्स सुपर इंपैक्ट्स बनते हैं। वो दूसरों को देखते हैं। वो पहचानते हैं लोगों को। और उन लोगों से ज्यादा वो खुद से कनेक्ट होते हैं। अपने ऊपर बिलीव करते
07:48
Speaker A
हैं। और यही चीज है जो उनको स्पेशल बना देती है। जहां सामने वाला आकर उनको क्रिटिसाइज, उनको शेम या गिल्ट नहीं फील करा सकता। तो आप अगर चाहेंगे भी कि आप सुपर इंपैस को फील करा दें कि इसको डाउन
08:01
Speaker A
फील करा दे आप नहीं करा पाओगे। आप खुद टूट जाओगे बट उनको फील नहीं कराओगे। सेकंड पॉइंट है इंट्यूशन। एक सुपर इंपैस का इंट्यूशन बहुत स्ट्रांग होता है। और वह कैसे होता है? वो होता है वो अपने इंट्यूशन पर काम करते हैं। अपनी
08:15
Speaker A
स्पिरिचुअल साइट को प्रैक्टिस करके। इंट्यूशन का लेवल ही बढ़ता है जब आप खुद के इंटरनल सेल्फ को सुनते हो। हम सभी का इंट्यूशन होता है जो हमारा सिक्स सेंस होता है वो हमें...
08:31
Speaker A
गलत है यह जॉब मेरे लिए सही नहीं है यह काम मेरे लिए सही नहीं है तो इंट्यूशन का हर कोई सुनता है बट बहुत सारे कम लोग उसे फॉलो करते हैं बट सुपर इंपैस उसको हमेशा वैल्यू देते हैं क्योंकि सुपर इंपैस होते
08:44
Speaker A
हैं एक स्पिरिचुअल पर्सन वो अकेले जब रहते हैं ना उनका यह साइड हर किसी से छुपा होता है लोग सोचते हैं यह इंसान अकेला रहता है यह इंसान ईगोस्ट मिस्टेक है। यह इंसान हमारे साथ नहीं रह सकता। यह हमसे अलग चलता
08:56
Speaker A
है। क्योंकि सुपर इंपैक्ट्स भीड़ का हिस्सा नहीं बनते। जहां लोगों को ऐसा लगता है कि हर कोई मेरा दोस्त है। हर कोई मेरे साथ रह सकता है। लोगों के बीच रहते हैं। मतलब सुपर इंपैक्ट्स इसीलिए स्पेशल होते हैं क्योंकि वो भीड़ का हिस्सा नहीं बनते।
09:10
Speaker A
उन्हें अपनी इंट्यूशन पर विश्वास होता है। उन्हें पता है कि लोग किस तरह के हैं। वह एनर्जी के बेस पर काम करते हैं। स्पिरिचुअलिटी एनर्जी का ही कांसेप्ट है। एनर्जी इन द सेंस कि सामने वाले की हावभाव से उसकी प्रेजेंस से हम उसकी डेप्थ तक घुस
09:28
Speaker A
सकते हैं। अब वो घुस जाते हैं सुपर इंपैस। जहां नार्सिसिस्ट को ऐसा लगता है कि वो लोगों को बेवकूफ बनाते हैं ना एक मास्क लगा के कि सामने वाले को यह पर्सनालिटी दिखा दो इस सुपर इंपैस को यह दिखा दो।
09:40
Speaker A
उनका एक डार्क साइड होता है ना वो हाइड करके रखते हैं। पर सुपर इंपैस भले ही ना दिखाए आपको। भले ही आपको नॉर्मल इंसान लगे, भले ही नार्सिस्ट को बेवकूफ लगे। सुपर इंपैस के सामने जब नार्सिसिस्ट ऐसा करते हैं तो वो उसकी डेप्थ तक अपनी
09:57
Speaker A
इंट्यूशन के जरिए घुसते हैं। वो उसके डेप्थ तक इतना डेप्थ में घुस जाते हैं कि उसका वो जो डार्क साइड है ना वो सबके सामने सुपर इंपैक्ट्स ला पाते हैं। क्योंकि वो बहुत ज्यादा इंट्यूटिव होते हैं। लोगों को ऐसा लगता है कि इस इंसान के
10:11
Speaker A
साथ ऐसा क्यों है? यह हमसे अलग क्यों है? क्योंकि वो स्पेशल है। आप अगर भीड़ का हिस्सा नहीं बनते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि आपके अंदर कमी है। इसका मतलब यह है कि आपके अंदर वो स्पेशल क्वालिटी है जहां
10:23
Speaker A
आप दूसरों के साथ मिक्स नहीं हो सकते। आपके अंदर वो एनर्जी है जहां आप लोगों को पहचान पाते हैं। जहां लोगों का डार्क साइड सिर्फ आपको दिखता है। किसी को नहीं दिखता। तो आप इतने ज्यादा इंट्यूटिव होते हैं एक
10:35
Speaker A
सुपर इंपैस कि वो अकेले रहकर खुद के इंट्यूशन पर काम करते हैं। वो ऐसे वर्क करेंगे। ऐसी स्पिरिचुअल प्रैक्टिस करेंगे जहां उनको वह कनेक्टेड फील करती है। ग्राउंडेड फील कराती है। उनके अंदर ईगो नहीं होता। लोगों को ऐसा लगता है कि सुपर
10:51
Speaker A
इंपैस अगर आप अलग है लोगों से भीड़ से तो आप इगोस्टिक है। नहीं वो इंसान इंट्यूटिवली भी पता कर सकता है कि आप उसके मेंटल हेल्थ के लिए सही नहीं है। आप उसके लाइफ के लिए सही नहीं है तो वो आपको अपनी
11:02
Speaker A
लाइफ से निकाल कर फेंक देंगे। सिंपल सा फंडा है। ऐसा नहीं है कि सुपर इंपैस आपको चांस नहीं देते हैं। या वो लोगों को प्यार नहीं करते हैं। वो बहुत करते हैं। हर किसी को समझते हैं। बट जब वो सामने वाले का वो
11:13
Speaker A
डार्क साइड सेंस कर पाते हैं ना वो अपनी मेंटल हेल्थ के लिए, अपनी लाइफ के लिए उसके गंदे बिहेवियर को एंटरटेन नहीं करते हैं। और यही चीज इंपैक्ट्स वो सुपर इंपैक्ट्स से डिफरेंशिएट करती है। इंपैक्ट्स क्या होते हैं? वो हमेशा
11:29
Speaker A
नार्सिसिस्ट को खुश करने के लिए खुद को सैक्रिफाइस करते हैं। बट सुपर इंपैक्ट्स क्या करते हैं? वो खुद को सैक्रिफाइस अपनी सेल्फ वर्थ को नहीं होने देते दूसरों के लिए। उनको पता है खुद की वैल्यू। उनको पता है कि वो क्या डिर्व करते हैं। उनको पता
11:43
Speaker A
है कि वो लोगों को प्यार देते हैं, पीस देते हैं। वो दूसरों के साथ अच्छा करते हैं। इसीलिए नार्सिसिस्ट उनको डाउनफील नहीं करा सकते। नार्सिसिस्ट को ऐसा लगता है कि वो बहुत ज्यादा स्ट्रांग है कि वो लोगों को अपने लिए अपने पीछे लगा सकता है।
11:58
Speaker A
लोग उसके लिए रोएंगे, गिड़गिड़ाएंगे। सुपर इंपैस को कोई फर्क नहीं पड़ता। चाहे वह उसका हस्बैंड हो, चाहे वह उसकी वाइफ हो, चाहे कोई भी हो। क्योंकि उसको पता है कि उसने जो करना है वह सही है। वो तो लोगों
12:10
Speaker A
को प्यार देते हैं। एक पीस मेकर होता है सुपर इंपैक्ट्स। अपने ऊपर कॉन्फिडेंस होता है। उसे पता है कि वो क्या कर रहे हैं। सेल्फ अवेयर है, इंट्यूटिव है। वो नार्सिसिस्ट की उस डार्क साइड को सबके सामने लाने में सक्षम है। जहां लोगों को
12:24
Speaker A
ऐसा लगता है ना कि यह इंसान मुझे डरा सकता है। यह कुछ कर देगा। सुपर इंपैस जो होते हैं उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि सामने कौन है। सामने चाहे कोई भी क्यों ना हो अधिकारी हो, मजिस्ट्रेट हो या कोई भी
12:35
Speaker A
क्यों ना खड़ा हो वो सच बोलेंगे। उनको सच कहने से मतलब है फिर चाहे कुछ भी हो जाए क्योंकि उन्हें पता है उन्होंने कोई गलती नहीं करी। किस बात का डर है? सच कहने में सुपर इंपैस कभी पीछे नहीं होते। क्योंकि
12:46
Speaker A
वो इंट्यूटिव है। उसको पता है। अपनी एनर्जी पे पता है। काम किया है उस इंसान ने। उसने अकेले रहकर खुद पर काम किया है। वो पीपल प्लीजिंग की टेंडेंसी नहीं होती कि वो दूसरों को खुश करने के लिए खुद को
12:56
Speaker A
सैक्रिफाइस कर दे। ऐसा नहीं है। वो प्यार करते हैं तो वो आपके लिए बहुत कुछ करेंगे। बट उस काम करने के चक्कर में खुद को सैक्रिफाइस नहीं करेंगे। अपने आपको कभी भी वो इस ज़ोन में नहीं लाएंगे कि अपनी लाइफ
13:08
Speaker A
को वो हेल बना ले। जबकि इंपैक्ट्स क्या करते हैं? वो दूसरों को खुश करने के लिए, नार्थिस्ट को खुश करने के लिए, सबको खुश करने के लिए खुद को सैक्रिफाइस करते रहते हैं। बट इंपैक्ट्स जब सुपर इंपैस बनते हैं
13:20
Speaker A
तो ऐसा नहीं करते हैं। वो खुद पर काम करते हैं। वो हमेशा अपनी इंट्यूशन के बेस पर अपनी लाइफ को आगे लेके जाते हैं। जो उनकी लाइफ के लिए बहुत बेनिफिशियल होता है। आप अगर इंपैक्ट्स हैं तो कभी भी पीपल
13:35
Speaker A
प्लीजिंग मत रखिए। खुद को सैक्रिफाइस करके आप खुश कर सकते हैं। नहीं आप रियल होके भी दूसरों को खुश कर सकते हैं। और खुश करने क्या? पहले खुद को खुश करना है। पहले अपने आप के साथ ऑनेस्ट रहना है। खुद के साथ
13:46
Speaker A
आपको रियल रहना पड़ेगा। आप अपने आप से झूठ बोल रहे हैं तो वो नहीं होगा। थर्ड पॉइंट है हाई लेवल ऑफ़ सेल्फ एस्टीम। एक सुपर इंपैस का अपने ऊपर बहुत ज्यादा विश्वास होता है। उनकी जो सेल्फ एस्ट्रीम होती है,
13:59
Speaker A
सेल्फ वर्थ होती है, वो बहुत ज्यादा स्ट्रांग होती है। जहां हम देखते हैं कि हम हमेशा यह करते हैं कि दूसरों को खुद के लिए सैक्रिफाइस करते हैं। कई बार लोगों की जो प्यार की लैंग्वेज होती है वो होती है
14:11
Speaker A
कि हम खुद को सैक्रिफाइस करेंगे और दूसरों को खुश करेंगे। बट आप हमेशा यह समझिए कि जब तक आप खुद को प्यार नहीं कर सकते, आप किसी और को प्यार नहीं दे सकते। तो यही चीज एक सुपर इंपैक्ट्स को स्पेशल बनाती है
14:24
Speaker A
क्योंकि उनका खुद पर बिलीव बहुत होता है। बिलीव कैसे बढ़ता है? क्योंकि वो अपनी स्किल्स पर काम करते हैं। आप इंपैक्ट्स को देखेंगे। हाई लेवल के डेप्थ में जो वर्क होते हैं, रिसर्च वर्क होते हैं वो इंपैक्ट्स आपको करते हुए मिलेंगे।
14:35
Speaker A
इंपैक्ट्स करते हैं बट उनको ना खुद पे ट्रस्ट नहीं होता है। जो सुपर इंपैक्ट्स होते हैं वो आर्टिस्टिक वर्क करेंगे। आप इनको देखेंगे पेंटिंग करते हुए, सिंगिंग करते हुए, इनको मेकअप आर्टिस्ट बनते हुए। कुछ ऐसा जो लोग हटके करते हैं और कई बार
14:48
Speaker A
ये खुद से सीखते हैं। इनको कोई नहीं सिखाता। इनको खुद से पता है कैसे करना है क्योंकि ये डेप्थ में रिसर्च करते हैं। सेल्फ वर्थ बहुत हाई इसलिए होती है। कॉन्फिडेंस इसलिए इतना ज्यादा होता है क्योंकि ये हर छोटी-छोटी चीजों पर काम
15:03
Speaker A
करके अपने आपको इंटरनली स्ट्रांग बनाते हैं। जहां कोई इनको आकर यह नहीं कहेगा कि तुमने बहुत अच्छा काम किया। तुम बहुत अच्छे हो। कोई इनको यह नहीं कहेगा कि आई एम प्राउड ऑफ यू। बट यह खुद पर प्राउड
15:14
Speaker A
करते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि यह इगोस्टिक है। नहीं। ईगोस्टिक का मतलब यह होता है कि आप दूसरों को नीचे गिरा रहे हो और खुद को अपने आप को दिखा रहे हो कि आपको ही सब कुछ आता है। बट नहीं यह दूसरों को
15:25
Speaker A
एप्रिशिएट करना जानते हैं। दूसरों को प्यार देना जानते हैं। दूसरों को अपनी लाइफ में जोड़ते हैं और उनको भी अपलिफ्ट करते हैं। जब लोग नीचे गिरते हैं ना ये उनको उठाते हैं। हीलिंग का काम करते हैं। इनकी वॉइस बहुत हीलिंग वाली होती है।
15:38
Speaker A
दूसरों को फील करने वाली होती है। सबसे ज्यादा आगे बढ़-चढ़कर जो दूसरों की हेल्प करते हैं वो करते हैं सुपर इंपैक्ट्स। तो इनको अपनी सेल्फ वर्थ पता है। तो यहीं पर जब नार्सिसिस्ट इनको टारगेट करते हैं तो ये खुलकर उनसे कह देते हैं कि तुम्हारा
15:51
Speaker A
खुद पर कंट्रोल नहीं है इसलिए तुम मुझे कंट्रोल कर रहे हो। उसे दिख रहा होता है क्योंकि नार्सिस्ट यही करते हैं। वो चीजों को कंट्रोल करने की कोशिश करते हैं। लोगों को सिचुएशन को हर चीज को कंट्रोल करेंगे।
16:00
Speaker A
तो जो सुपर इंपैस होते हैं वो चीजों को कंट्रोल नहीं करते। उनका अपने ऊपर कंट्रोल होता है। उनके अपने ऊपर सेल्फ एस्टीम पर काम किया होता है। जहां यह लोगों को दिखते हैं कि यार यह कैसा इंसान है। यह कितना
16:11
Speaker A
अकेला रहता है। क्योंकि इसको पता है कि टॉक्सिक लोगों के बीच रहने से अच्छा है कि आप अकेले रहो। क्योंकि वहां पर आपको क्रिटिसाइज करने के लिए कोई नहीं होगा। वहां आपको डाउन फील कराने के लिए कोई नहीं
16:21
Speaker A
होगा। वहां पर आपको थोड़े टाइम के लिए स्ट्रगल करना पड़ सकता है। बट वो चीजें काम करेंगी। वो चीजें आपको लाइफ में अपलिफ्ट करेंगी। और एक सर्टेन ऐज के बाद, एक सर्टेन टाइम के बाद इनकी सारी पर्सनालिटी रिफ्लेक्ट होती है। किस तरीके
16:34
Speaker A
से? जहां ये बहुत ज्यादा लोगों की हेल्प करते हैं, खुलकर सामने आते हैं। जहां लोगों को ऐसा लगता है ना कि इस इंसान ने ऐसा क्या कर दिया? उस इंसान ने अपनी लाइफ में इन चीजों पर काम किया है। जहां आपको
16:44
Speaker A
ऐसा लग रहा है ना कि वो इंसान अभी तक कर क्या रहा था? इसने तो कुछ नहीं किया। बट वो खुद पर काम कर रहा था। जहां लोगों को ऐसा लग रहा था कि इसको हम छोटा फील करा
16:51
Speaker A
सकते हैं। इसको हम डाउन फील करा देंगे। आपको कई बार नार्सिस्ट क्या सोचते हैं कि यह इंसान गांव का है या इस इंसान को बोलने की तमीज नहीं है। यह इंसान तो बेवकूफ है। बट ऐसा नहीं है। नार्सिस्ट इतने बेवकूफ
17:02
Speaker A
इंसान होते हैं जहां उसे ऐसा लगता है कि वो हर किसी को कंट्रोल कर देंगे। तो सुपर इंपैरस उसके मुंह में वो थप्पड़ मारता है ना कि उसको जिंदगी भर याद रहता है। क्योंकि उसको ऐसा लगता था कि इस इंसान को
17:11
Speaker A
मैं जिंदगी भर अपने हिसाब से यूज़ करूंगा, मैनपुलेट करूंगा, इसको क्रिटिसाइज करूंगा। तो सुपर इंपैर उसके मुंह पर उसका सच बोलते हैं। उसको फर्क नहीं पड़ता कि नार्सिस्ट क्या कर देगा? कर देगा। करो जो करना है करो। उन्हें डर नहीं लगता। बहुत फेयरलेस
17:24
Speaker A
होते हैं। उन्हें पता है कि वो सही कर रहे हैं। उन्होंने गलत नहीं किया है। वो अपना सच बोल रहे हैं तो वो बोलेंगे सच। तो जो नार्सिसिस्ट होते हैं वो सुपर इंपैस से इसलिए डरते हैं क्योंकि इस इंसान को वो
17:35
Speaker A
मैनपुलेट नहीं कर सकते। इस इंसान को वो तोड़ नहीं सकते इंटरनली। क्योंकि सुपर इंपैस अकेले रहना भी जानते हैं। खुद पर काम भी करना जानते हैं। गिरकर उठना जानते हैं। लोगों को प्यार देना जानते हैं। हेल्प करना जानते हैं। और बहुत ज्यादा
17:49
Speaker A
प्लेफुल जॉयफुल इनकी एनर्जी होती है। जहां आप किसी इंसान से कुछ नहीं कह सकते ना आप एक सुपर इंपैक्ट्स को एक इंपैक्ट्स को अपनी सारी दिल की बात बोल सकते हैं। क्योंकि वो आपका कंफर्टेबल प्लेस होता है। वो जज नहीं करते लोगों को। वो आपके पेन को
18:01
Speaker A
उसी तरीके से सुनेंगे जैसे वो उनका। तो यह चीज नार्सिसिस्ट जब करते हैं जब वो उनको एक फेक स्टोरी बताकर कहेंगे या कुछ भी बांधने की कोशिश करेंगे सुपर इंपैस डिटेक्ट कर सकते हैं। शायद वो उस टाइम के
18:13
Speaker A
लिए ना बोले बट वो अपने टाइम का अपनी बारी का वेट जरूर करेंगे। जब उनको मौका मिलेगा ना तो वो नार्सिसिस्ट को कहीं का नहीं छोड़ते हैं। वो सच कहने पे आए तो पूरी दुनिया को उसका सच बताएंगे। उनको डर नहीं
18:23
Speaker A
लगता क्या है। वो कहेंगे और कह कर निकलेंगे क्योंकि उसको पता है कि वो क्या है? क्या डिर्व करते हैं? आपको अगर यह फील होता है कि आपका नार्सिस के बिना कोई नहीं है। चाहे वो आपके हस्बैंड हो, पेरेंट्स हो
18:35
Speaker A
तो ऐसा कुछ नहीं है। आपको किसी ने नहीं बांध रखा। आपने खुद को खुद ही बांध रखा है कि नार्सिसिस्ट ही आपकी लाइफ का सब कुछ है। आपने खुद को कभी वैल्यू नहीं किया। खुद से कभी प्यार नहीं किया। बट सुपर
18:45
Speaker A
इंपैस इन सारी चीजों को अपनी सेंसेस जो होते हैं उनके एक्टिव होते हैं। इसीलिए वो बहुत ज्यादा सेल्फ अवेयर होते हैं, इंट्यूटिव होते हैं और अपने ऊपर काम करते हैं। इसी क्वालिटी को सुपर इंपैस को स्पेशल बनाती है। फोर पॉइंट है सुपर
18:59
Speaker A
इंपैस। लिसन केयरफुली एंड रिमेंबर स्मॉल डिटेल्स। यस। एक सुपर इंपैस की सुनने की क्षमता बहुत अच्छी होती है। बहुत अच्छे लिसनर होते हैं। आप उनसे किसी भी तरीके की कैसी भी बात कर सकते हैं। वो कभी भी आपको
19:12
Speaker A
जज नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें पता है हर इंसान की अलग-अलग सिचुएशन है। हर किसी की अलग कंडीशन है और हम उसी चीजों से डील कर रहे हैं जो बहुत ही नॉर्मल है। तो जो सुपर इंपैस होते हैं वो डिटेल चीजों में समझते
19:26
Speaker A
हैं। वो आपकी हर पेन को समझेंगे। हर चीज को समझेंगे, फील करेंगे और आपको सशन भी देंगे। आपकी हेल्प भी करेंगे। आपको रास्ते बताएंगे और कोशिश करेंगे कि आपको उस सिचुएशन से ऊपर उठाएं। बहुत ज्यादा हंबल काइंड ये इंसान होते हैं जो कि इंपैक्ट्स
19:40
Speaker A
भी होते हैं। बट इंपैक्ट्स क्या होते हैं? वो ना दूसरे के इमोशंस में इतना ज्यादा बह जाते हैं कि वो पेन ही फील करने लगते हैं और उसी को अपनी रियलिटी बनाने लगते हैं और सामने वाले को ऊपर तो उठाते हैं बट अपनी
19:53
Speaker A
को डाउन हो जाते हैं। वो उसकी एनर्जी को पिक करके वो खुद में नेगेटिवली फील करने लगते हैं। जो सुपर इंपैक्ट्स हैं ये बहुत डिटेल में आपको सुनेंगे, समझेंगे और सशन भी देंगे। बट यहीं पर जब नार्सिसिस्ट की
20:05
Speaker A
बात आती है ना तो नार्सिसिस्ट इससे इसलिए डरता है क्योंकि जो सुपर इंपैस होते हैं वो एक नार्सिसिस्ट को भी डेप्थ में सुनता है। उसकी हर डिटेल को हर छोटी-छोटी बारीक चीजों को भी ना बहुत अवेयरनेस के साथ
20:16
Speaker A
कॉन्शियसनेस के साथ सुनते हैं। और यहीं पर नार्सिसिस्ट जो होते हैं वो गलती कर देते हैं जो सुपर इंपैस को समझते हैं। ऐसा इंसान कि इस इंसान को वो कोई भी कंडीशन बताकर इमोशनल करके झूठ बोलकर मैनपुलेट कर
20:30
Speaker A
सकते हैं। तो यहीं पर जो सुपर इंपैक्ट्स होते हैं उनके झूठ को सूंघ लेते हैं। वो सेंस कर पाते हैं। क्योंकि जो सुपर इंपैक्ट्स हैं उनके अपने सेंसेस पर कंट्रोल होता है। अकेले रहकर इसने अपनी इंट्यूशन पर काम किया है। अपनी
20:42
Speaker A
स्पिरिचुअलिटी का वर्क किया है। और सेल्फ अवेयरनेस बहुत है। इंट्यूशन बहुत स्ट्रांग है। उनके सेंसेस उन्होंने नार्सिसिस्ट की जो डिटेल है ना उसके बोलचाल, हावभाव, उसके देखने का नजरिया उसकी जो बॉडी लैंग्वेज है, वो उसको सेंस कर पाते हैं। पता लगा
20:56
Speaker A
सकते हैं कि सामने वाला चाहता क्या है। ऐसा क्यों कह रहा है? आखिर वो उसके साथ ऐसा क्या करना चाहता है? तो उसके जो डेप्थ है ना उस तक वो पहुंच जाते हैं और नार्सिसिस्ट नहीं चाहता है कि उसका जो सच
21:08
Speaker A
है उसकी जो रियलिटी है वो किसी को पता लगे क्योंकि वो सच इस तरह का होता है ना जहां आप नहीं देख सकते बट सुपरइंस उसे देखते भी हैं और उस चीज को सबके सामने लाने की भी क्षमता रखते हैं। एक्सपोज करने की क्षमता
21:22
Speaker A
रखते हैं। नार्सिसिस्ट सुपर इंपैस से इसलिए डरते हैं क्योंकि वो चीजों को भूलते नहीं है। नार्सिसिस्ट जो भी चीजें कहता है उसने ऐसा क्यों कहा? वो ऐसा क्यों करना चाहता है? आखिर उसने आपसे रिलेशनशिप क्यों बनाया था? उसका क्या इंटेंशन था? वो क्या
21:35
Speaker A
करना चाहता था? सब कुछ डिटेल में। चाहे आपकी लाइफ में नार्जिस्ट किसी भी रूप में हो। बट जो सुपर इंपैस होते हैं वो सच में बहुत स्पेशल होते हैं। क्योंकि उनकी क्वालिटीज है। सेंसेस स्ट्रांग डिटेल वर्क को देखना। क्योंकि वो अकेले रहकर ना
21:50
Speaker A
डिटेलिंग वर्क ही कर रहे होते हैं। वो अकेले बैठकर कुछ ऐसा काम कर रहे होंगे जहां बहुत बारीकी से काम किया जाता है। तो इसी वजह से उनका इंटेंशन क्लियर होता है। वो एनर्जी को क्लेरिटी के साथ सेंस कर
22:02
Speaker A
पाते हैं। वो नार्सिसिस्ट को डिटेक्ट इसलिए कर पाते हैं क्योंकि वो लिसनर अच्छे होते हैं। आपको ऐसा लगता है कि नार्सिसिस्ट ने आपके साथ गलत किया। बट जो सुपर इंपैस होते हैं ना वो अपने साथ किसी को गलत करने देते ही नहीं है। क्योंकि
22:16
Speaker A
उनको पता है कि सामने वाला क्या चाहता है। सुनते इसलिए ही क्लियर हुई है बहुत पेशेंस के साथ बहुत क्लियर होके कि सामने वाला चाहता क्या है? वो सामने से नार्सिस्ट को कॉल आउट करेंगे। उसकी आंखों में आंखें डाल
22:29
Speaker A
के कॉल आउट करेंगे। जहां आप इमोशनल हो जाते हैं। आपको रोना आ जाता है। आपको ऐसा लगता है कि अब क्या होगा? क्या होगा?
22:34
Speaker A
नार्सिसिस्ट क्या करते हैं? नार्सिसिस्ट कुछ नहीं कर सकता। वो बहुत ज्यादा डरपोक और इनसिक्योर पर्सन होते हैं। वो चाहते ही हैं कि लोगों उनकी गंदगी के लिए उनको सर्व करें। उनके गुलाम बनके रह। उनके सामने ऐसे बेचारे बनके बनके रहे कि आप उसके लिए
22:49
Speaker A
रोएं, तड़पे और नार्सिसिस्ट फिर आगे भागेगा। तो जो सुपर इंपैस होते हैं ना वो नार्सिस्ट के पीछे एक और लात मार देते हैं कि निकल यहां से तेरी कोई जरूरत नहीं है। सच में रियलिटी यही है। सुपर इंपैक्ट्स को
22:59
Speaker A
नार्सिस्ट की जरूरत नहीं होती है। बल्कि लोगों को सुपर इंपैस की जरूरत होती है। क्योंकि ये ह्यूमैनिटी पे वर्क करते हैं। ये जो लोग पेन में होते हैं, जो लोग गिरे हुए होते हैं, जो अपने दर्द में होते हैं
23:09
Speaker A
उनको उठाने का प्रयास करते हैं। तो लोग इनको प्यार करते हैं। इनको सुटना पसंद करते हैं। इनकी हीलिंग्स क्वालिटी ऐसी होती है कि लोग इनके साथ रहना चाहते हैं। क्योंकि इनका काम ही है। यह चाहते हैं एक अच्छा अर्थ बनाना। लोगों को प्यार देना एक
23:22
Speaker A
ऐसा वर्ल्ड क्रिएट करना जहां हर कोई एक दूसरे से प्यार करता है। इंपैक्ट्स है तो प्यार तो देंगे ही। तो आप अगर इंपैक्ट्स है तो खुद पर काम कीजिए। अपने सेंसेस पर काम कीजिए और क्लेरिटी के साथ ये समझो कि
23:33
Speaker A
एक्चुअल में नार्सिसिस्ट क्या कहना चाहता है। उसके कहने के पीछे की जो एनर्जी है ना उस पर ध्यान देना है। फिफ्थ पॉइंट है वेरी स्पिरिचुअल। यस। एक सुपर इंपैस जो होते हैं जब वो अकेले रहते हैं जब लोगों को
23:45
Speaker A
स्कोप अपनी लाइफ से कट कर देते हैं ना क्योंकि बचपन से ही उनकी लाइफ जो होती है बहुत डिस्फंक्शनल फैमिली में होती है। उनकी अपब्रिंगिंग ही एक नार्सिसिस्ट फैमिली में हुई होती है। जहां हमको ऐसा लगता है कि इस इंसान ने पेन नहीं देखा
23:55
Speaker A
होगा। इस इंसान ने कभी कुछ नहीं किया होगा क्योंकि लोग इसे क्रिटिसाइज करते हैं। लोग इसे पसंद नहीं करते हैं शायद। इसीलिए यह अकेला रहता है। बट सुपर इंपैस बेवकूफ नहीं होते हैं। उसको क्लेरिटी से दिख रहा होता
24:05
Speaker A
है कि कौन इंसान इसके लिए अच्छा है। कौन इंसान इसके लिए गलत है। और वो किस लिए होता है? वो अकेले रहकर अपनी स्पिरिचुअल साइट पे प्रैक्टिस करते हैं। आपको पता नहीं लगेगा बट वो अकेले रहकर मेडिटेशन कर
24:17
Speaker A
रहे होंगे। शायद योगा कर रहे होंगे। वो जाप ध्यान इन सारी चीजों पर बिलीव करते हैं और यही चीज उनके इंट्यूशन का लेवल बढ़ाता है। यही चीज उनका कॉन्फिडेंस का लेवल बढ़ाता है। यही चीज उनकी लाइफ में उस
24:29
Speaker A
टॉप पे लेके जाता है जहां नॉर्मल लोग इमेजिन नहीं कर सकते। आपको नहीं पता है उसकी लाइफ की स्टोरी। आपको ऐसा लगता है कि इस इंसान ने क्या देखा होगा? हमारी सिचुएशन ज्यादा पेनफुल है। बट उसकी लाइफ की सिचुएशन इतनी क्रिटिकल होती है कि आप
24:41
Speaker A
इमेजिन नहीं कर सकते। बट उसी सिचुएशन में रहकर उन्हीं चीजों में रहकर अपना स्पिरिचुअल वर्क करते हैं। अपने ऊपर काम करते हैं। अपनी स्किल्स पर काम करते हैं। और स्पिरिचुअल वर्क ही इस तरह का है जहां स्पिरिचुअलिटी आपका इंट्यूशन बिल्ड करती
24:53
Speaker A
है। स्पिरिचुअलिटी आपके सेंसेस को शार्प करती है। एक स्पिरिचुअल पर्सन नॉर्मली कमरे में आएगा तो उसकी एनर्जी अलग होती है। उसकी बात करने का तरीका अलग होता है। वो लोगों को सेंस कर पाते हैं कि इस कमरे में किस इंसान का क्या इंटेंशन है। कौन
25:08
Speaker A
इंसान किस तरीके से उसे व्यू करता है। सामने वाला क्या चाहता है? वहां पर बहुत सारे ऐसे लोग होंगे जो पेन में होंगे। बट क्योंकि गेट टुगेदर में सबको कोई यह स्माइल करता है। बट जो सुपर इंपैस होते
25:19
Speaker A
हैं वो यह पहचान पाते हैं कि आपकी लाइफ में प्रॉब्लम्स है। क्यों? क्योंकि वो एनर्जी पर वर्क करते हैं। स्पिरिचुअलिटी है टोटली एनर्जी वर्क। स्पिरिचुअलिटी में आप एनर्जी के सेंस पर ही दूसरों को पहचान पाते हैं। दूसरों की एनर्जी फील्ड को समझ
25:32
Speaker A
पाते हैं। तो जो सुपर इंपैक्ट्स है वो स्पिरिचुअल वर्क करते हैं। वो हीलिंग वर्क करते हैं। वो सेल्फ हीलिंग करते हैं अपनी। जहां लोग चाहते हैं कि यह इंसान अब कब गिरेगा, कब हम देखेंगे कि ये अब गिव अप कर
25:42
Speaker A
चुका है। फिर ये हमारे पास आएगा। सुपर इंपैस कोई इतना आसान नहीं है। उसके स्पिरिचुअल प्रैक्टिस ही इसी तरीके से है जो कि उसको स्ट्रांग बनाती है। जो उसके इंटरनल सेल्फ को बूस्ट करती है। आप यह समझते हैं कि सुपरइंपैस इंपैक्ट्स है। दैट
25:57
Speaker A
मींस कि काइंडनेस वाला पर्सन तो बेवकूफ होता है। काइंडनेस कभी भी आपको कमजोर नहीं बनाती है। पूरा अर्थ ही काइंडनेस पे चलता है। पूरा अर्थ ह्यूमैनिटी पे चलता है। एक दूसरे के बिलीव पर, प्यार पर चलता है। तो
26:08
Speaker A
उनका गॉड पर बिलीव बहुत होता है। अपने गॉड पे, अपने ईस्ट पर, अपने जिस भी रिलजन के हैं आप उस डिवाइन सोर्स पर बहुत स्ट्रांगली कनेक्शन होता है। बहुत स्ट्रांगली बिलीव करते हैं। सबको ऐसा लगता है कि इस सिचुएशन में इस इंसान को हम
26:21
Speaker A
देखेंगे कि कैसे सर्वाइव करता है। बट जहां लोग सोचते हैं ना कि कैसे सर्वाइव करता है। उसी सिचुएशन पर बहुत ग्रेसफुली बहुत ही स्ट्रांगली एक वॉरियर के फॉर्म में एक सुपर इंपैस निकल के आते हैं। जहां नॉर्मली लॉ लोग जो होते हैं उन्हें ऐसा लगता है कि
26:34
Speaker A
अब क्या होगा? सुपर इंपैल्स उस टाइम पीरियड पर अपनी स्पिरिचुअल साइट पर प्रैक्टिस करते हैं। जाप ध्यान करना, ईश्वर पर बिलीव करना, अपने इंटरनल सेल्फ में अपने डार्क साइड पे काम करना। किस चीजों पे क्या कमी है? उस पर स्किल्डफुल
26:48
Speaker A
होना, किस इंसान से दूर हो जाना चाहिए, किस इंसान के साथ रहना चाहिए, कैसी बात करनी चाहिए, लोगों के साथ कैसे रहना चाहिए। ये सारी जो उनके चीजें हैं ना उनकी सेंसेस उनकी आंख नाक मुंह जो एनर्जी है
27:00
Speaker A
इतनी पावरफुल होती है इतनी स्ट्रांग होती है कि जहां नॉर्मल सी वो दिखते हैं वो जिस भी जगह से निकलेंगे ना उन लोगों की एनर्जी को वो फील करते हैं। डिटेल ओरिएंटेड होते हैं। डेप्थ में चीजों को देखते हैं। एक
27:11
Speaker A
नजर किसी को देख लेते हैं। आपको पता नहीं लगेगा। बट उसी इंसान को पता लग जाएगा कि आप क्या चाहते हैं। आप कैसे काम करते हैं। तो यह इसीलिए होता है क्योंकि उनकी स्पिरिचुअल प्रैक्टिस होती है। लोग स्पिरिचुअल वर्क करना नहीं चाहते हैं।
27:23
Speaker A
अकेले बैठ नहीं पाते हैं। खुद पर काम करना नहीं चाहते हैं। बट सुपर इंपैस इसीलिए सुपर इंपैल्स है क्योंकि वो अकेला रहना जानता है। उसको पता है अकेले टाइम को कैसे यूटिलाइज़ करते हैं। जबकि नार्सिसिस्ट अकेले रहकर अपनी लस्टफुल लाइफ में चले
27:36
Speaker A
जाएंगे। मल्टीपल सेक्सुअल पार्टनर्स और ज्यादा गसिप करना, कैसे लोगों को डाउनफील कराना है, कैसे उनका फायदा उठाना है, कैसे उन लोगों को अपने हिसाब से यूज़ करना है। ये नार्सिस असिस्ट करते हैं। बट जो सुपरस्ट होते हैं वो यूनिक होते हैं। लोग
27:49
Speaker A
उनको फॉलो करते हैं। वो फॉलो नहीं करते। उनका अपना एक फ्रेंड होता है। अपनी एक पर्सनालिटी होती है। अपना एक लाइफ होती है जिसको लोग कॉपी करना चाहते हैं। बट सुपर इंपैस बस अपनी ही इंटरनल सेल्फ में रहते
28:01
Speaker A
हैं। क्योंकि उनका डिवाइन सोर्स कनेक्शन स्ट्रांग होता है। उनको चैनलिंग ही स्पिरिचुअल हो रही होती है। उनकी गाइडेंस ही लाइफ की स्पिरिचुअल होती है। उन्हें पता है कि ये चीज मेरी लाइफ में क्यों हुई है। उनके पास हर चीज का आंसर होता है।
28:12
Speaker A
क्योंकि उनका इंट्यूशन स्पिरिचुअल साइड से आ रहा है। उनकी जो इनर कॉलिंग है वो विज़डम, उनकी नॉलेज जो है वो उनकी स्पिरिचुअल साइड से आ रही है। आप लोगों को कॉपी कर सकते हैं। आप लोगों को फॉलो कर
28:23
Speaker A
सकते हैं। बट जो सुपर इंपैस होते हैं, वह अपना पाथ खुद बनाते हैं। वो भीड़ से अलग चलते हैं। यही चीज उनको स्पेशल बनाती है। जहां लोग जो है दूसरों को फॉलो करेंगे कि लोग क्या कर रहे हैं, क्या नहीं कर रहे
28:34
Speaker A
हैं। बट जो सुपर इंपैक्ट्स होते हैं वो उनका विज़डम ही स्पिरिचुअल साइड से आ रहा होता है। चाहे ये मेल हो, चाहे फीमेल होते हैं। बहुत काइंड होते हैं। बहुत बड़े-बड़े काम कर रहे होते हैं। ह्यूमैनिटी वर्क कर
28:44
Speaker A
रहे होते हैं। किसी ना किसी तौर पर ये लोगों की हेल्प जरूर करते हैं। तो आपको अगर यह इंट्यूशन आ रहा है, आपको इनर कॉलिंग आ रही है या कुछ भी करने की तो आप उस काम को जरूर से करिए क्योंकि वो आपका
28:54
Speaker A
लाइफ का पर्पस हो सकता है। तो जो सुपर इंपैक्ट्स होते हैं वो स्पिरिचुअल वर्क करते हैं। वो खुद पर काम करते हैं। वो लोगों की कही बातों पर नहीं आते हैं। अगर लोग उनसे कह रहे होते हैं कि यार न टू 10
29:04
Speaker A
जॉब कर लो या ऐसा कर लो तो तुम्हारी लाइफ में मनी आ जाएगी। नहीं भाई उस इंसान को पता है कि उसे क्या करना है। वो उस वो कॉलिंग जो होती है वो इंटरनल सेल्फ से आ रही होती है। उसके स्पिरिचुअल साइड से आ
29:13
Speaker A
रही होती है जो आपको नहीं पता है। तो वो करेंगे अपनी मन की और उसी चीज पर वो अपना बेस्ट देंगे। अगर सुपर इंपैस ने कह दिया ना कि वो ये एग्जाम निकाल सकते हैं। वो ये जॉब क्रैक कर सकते हैं या कुछ भी तो वो कर
29:22
Speaker A
लेंगे। क्योंकि उनकी जो सेंसेस होती है वो उस टाइम पे उन्हें कॉलिंग कर रही होती है। और उनको जिस टाइम पे जो भी इंट्यूशन आएगी वो एकदम करेक्ट आएगी। वो एकदम क्लियर आएगी और वो चीज सही होती है। आप एक सुपर
29:36
Speaker A
इंपैक्ट से जाएंगे एडवाइस लेने। आप उनसे कोई भी बात शेयर करेंगे। वो आपको बहुत ही ऑथेंटिक बहुत ही रियल स्यूशन देंगे। वो आपको घुमा फिरा के आपका फायदा या आपको क्रिटिसाइज नहीं करेंगे। वो आपकी बहुत हेल्प करेंगे। आप किसी भी तरीके से कोई भी
29:48
Speaker A
बात उनसे कर सकती हैं। वो कभी भी किसी को जज नहीं करते हैं। तो सुपर इंपैक्ट स्पिरिचुअल पर्सन होते हैं। जहां आपको यह लगता है ना कि आप घूम रहे हैं या वो कर रहे हैं। वो उस टाइम पीरियड पे अपनी
29:58
Speaker A
स्पिरिचुअलिटी पे वर्क करते हैं। जाप साधना करना, अपना मेडिटेशन करना, योगा करना, अपने आप से कनेक्शन को बिल्ड करना। यह है सुपर इंपैक्ट्स। अपने ऊपर बिलीव करना, अपने इष्ट देव पे, अपने परमात्मा में बिलीव करना। यह है सुपर इंपैक्ट्स। तो
30:13
Speaker A
अगर आप इंपैक्ट्स हैं तो सुपर इंपैक्ट्स आप तभी बन सकते हैं जब आप अपनी स्पिरिचुअल साइट पे प्रैक्टिस करेंगे जब आप अपने आप से कनेक्शन को एक स्ट्रांग बनाएंगे। तो स्पिरिचुअलिटी सुपर इंपैक्ट्स का वो पावर है वो वेपन है जहां नॉर्मली लोग को लगता
30:26
Speaker A
है कि ये क्या होता है उनकी जो इंट्यूशन है उनका जो विज़डम है जो इनर कॉलिंग है वो स्पिरिचुअलिटी से ही आती है। तो अगर आप सुपर इंपैस हैं तो कांग्रेचुलेशन आप इस अर्थ को हील करने के लिए आए हैं। आप इस
30:37
Speaker A
अर्थ में आए हैं दूसरों के लिए अपनी लाइफ को देने के लिए बट हेल्दी वे में खुद को सैक्रिफाइस करके नहीं। अपने आप को भी ऊपर लेके जाना है और लोगों को भी ऊपर लेके जाना है। और यही चीज नार्सिसिस्ट को डर
30:49
Speaker A
लगता है क्योंकि उसने अभी ऐसा पर्सन नहीं देखा जो अपने आप पे इतना सक्षम है, इतनी स्ट्रांग एनर्जी है जो उसकी नीव को हिला सकती है। और यही चीज नार्सिसिस्ट को डराती है। उसको दूर भागना ज्यादा अच्छा लगता है।
31:02
Speaker A
क्योंकि यह जो इंसान है ना यह उसका ट्रू सेल्फ लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। बहुत काइंड है, हंबल है बट गलत चीज बर्दाश्त नहीं है। लोगों का फायदा वो उठाते हैं। अपने हिसाब से यूज़ करते हैं। ये चीज एक सुपर इंपैस को बर्दाश्त नहीं
31:13
Speaker A
है। इसलिए ये जजमेंट के लिए काम करते हैं। इसीलिए ये लोगों का गलत नहीं देख सकते। जानवरों से बहुत प्यार करेंगे। ये शेल्टर चलाएंगे। एनिमल्स वर्क करेंगे। हीलिंग वर्क करेंगे। ऑकल्ट साइंस में आप देख सकते हैं। आर्टिस्टिक इनकी नेचर होता है।
31:27
Speaker A
फिलॉसफर बहुत अच्छे होते हैं। फिलॉसफी इनकी इतनी बेस्ट होती है कि आप इनको मन करेगा आपको सुनते ही रहो। सुनते ही रहो। तो यह इनकी पर्सनालिटी है जो कि सुपर इंपैस को स्पेशल बनाती है और नार्सिसिस्ट इसीलिए डरते हैं क्योंकि यह बहुत रियल
31:39
Speaker A
होते हैं, ऑथेंटिक पीपल होते हैं और नार्सिसिस्ट ने ऐसा सुपर इंपैस कभी नहीं देखा होता है जो इतना कॉन्फिडेंस, इतना रियल और इतना ट्रुथ टेलर होता है। जो नार्सिसिस्ट की रियलिटी को शेक कर सकता है। उसकी पूरा डार्कनेस, उसके जो अंदर के
31:54
Speaker A
जो वंड्स है ना इनसिक्योरिटी है वो सुपरइंपैस ही बाहर निकाल देते हैं। जिससे नार्सिसिस्ट को डर लगता है। ये स्कैन करव पाते हैं लोगों को। ये लोगों को मिरर कर देते हैं सुपर इंपैस। इसीलिए लोग इनसे दूर भागते हैं क्योंकि इनको फर्क नहीं पड़ता।
32:06
Speaker A
तुम गलत हो तो भाई तुम्हारे अंदर है यह प्रॉब्लम। तुम्हें काम करना पड़ेगा। पॉइंट है ट्रुथ टेलर। सुपर इंपैस सच कहते हैं। चाहे कुछ भी क्यों ना हो जाए। आप रिश्तों के नाम पे इन्हें मैनपुलेट नहीं कर सकते।
32:17
Speaker A
आप रिश्तों के नाम पर सुपर इंपैस का फायदा नहीं उठा सकती। और इनके सच कहने की आदत इस तरह की होती है कि लोग इनसे दूर भागते हैं। ये लोगों को बहुत प्यार देते हैं। लोगों को अपना मानते हैं। बट इनकी आदत
32:26
Speaker A
होती है कि ये सामने वाले को बताएं कि तेरे अंदर ये प्रॉब्लम है। ये सच ही कहेंगे। चाहे आप इनका कितना भी इनको बेवकूफ बना दे कि मैं तुम्हारा हस्बैंड, मैं तुम्हारी वाइफ, मैं तुम्हारा पेरेंट्स नहीं प्रॉब्लम है। और आप अपनी अंदर की
32:39
Speaker A
इनसिक्योरिटी को मुझ पर प्रोजेक्ट नहीं कर सकते। आपके अंदर प्रॉब्लम है तो खुद पर काम करो। मुझसे दूर रहो। यह सुपर इंपैक्ट्स की नेचर होता है। आप अपनी लाइफ की प्रॉब्लम्स को इन पर नहीं डाल सकते। इनको पता है कि जब तक आप उस प्रॉब्लम से
32:52
Speaker A
खुद से ऊपर नहीं उठोगे, खुद पर काम नहीं करोगे, आपकी लाइफ में कोई प्रोग्रेस, कोई ग्रोथ नहीं आ सकती। क्योंकि कई बार लोग ऐसे होते हैं जो बहुत ज्यादा कंफर्टेबल होते हैं अपने उस ज़ोन में जहां उनकी लाइफ
33:04
Speaker A
इस तरह की है कि टॉक्सिसिटी में उनको मजा आ रहा है। लोग ऐसे होते हैं जहां उनको पेन मिल रहा होता है, दर्द मिल रहा होता है तो उतना कंफर्टेबल होते हैं ना खुद पर काम नहीं कर सकते। बट जो इंपैक्ट्स होते हैं
33:12
Speaker A
खुद पर काम करते भी हैं और अपने आप को ग्रोथ की तरफ लेके जाते हैं। उनके लिए हर दिन एक रिसर्च का दिन होता है। हर दिन कुछ सीखने का दिन होता है। हर दिन खुद को अपलिफ्ट करने का दिन होता है। और ऐसा नहीं
33:23
Speaker A
है कि डाउनफॉल नहीं होता है। गिरते हैं जरूर से गिरते हैं। क्योंकि डिस्फंक्शनल फैमिली होती है। पार्टनर से इनको टॉक्सिक मिलते हैं। कई बार ऐसा होता है कि जो हीलर्स होते हैं, जो इंपैक्ट्स होते हैं उनको टॉक्सिक लोग जो होते हैं वो अट्रैक्ट
33:35
Speaker A
करते हैं। क्योंकि जिस तरीके से दिए के नीचे बहुत सारे कीड़े-मकोड़े आ जाते हैं ना उसी तरीके से इनकी जो लाइट होती है जो इनका इंटरनल विज़डम होता है उस लाइट से सुपर इंपैक्ट्स जो होते हैं वो नार्सिसिस्ट को अट्रैक्ट कर लेते हैं। तो
33:49
Speaker A
इनकी लाइफ में भी बहुत सारे ऐसे टॉक्सिक लोग आते हैं जिनकी सोल जाती है हील होना। बट जो सुपर इंपैक्ट्स होते हैं वो तभी आपको हील कर सकते हैं जब आपको आपका सच पता हो। जब नार्सिसिस्ट को अपना डार्क साइड
34:01
Speaker A
पता हो। जो नार्सिस्ट होते हैं वो अपनी गंदगी को ही प्रोजेक्ट कर रहे होते हैं। तो लोग क्या होते हैं नार्सिसिस्ट से डर कर कभी सच नहीं कहते हैं। क्योंकि नार्सिसिस्ट आपके अंदर इतनी इनसिक्योरिटी भर देता है। इतना आपको शेम गिल्ट फील
34:11
Speaker A
कराता है कि आपके अंदर ऐसा फील होता है कि मेरी गलती है। मुझ में प्रॉब्लम है। बट जो सुपर इंपैक्ट्स होते हैं वो क्लेरिटी से नार्सिसिस्ट के मुंह में कहते हैं कि तुम्हारे अंदर ये प्रॉब्लम है। तुम इनसिक्योर पर्सन हो। तुम अपने आप को
34:22
Speaker A
कंट्रोल नहीं कर सकते। इसलिए तुम अपने सामने वाले लोगों को कंट्रोल करते हो। तुम्हारे अंदर प्रॉब्लम है। खुद पर काम करो और मुझसे दूर रहो। यह क्लियर कट कम्युनिकेशन होता है एक सुपर इंपैक्ट्स का और इसके लिए चाहे उनको लीगली बैटल लड़ना
34:34
Speaker A
पड़े चाहे उनको सबसे सच कहना पड़े वो सबके सामने सच कहने को तैयार होते हैं और यही यही जो है वो अलग होते हैं और इसीलिए जो सुपर इंपैस होते हैं उनके बहुत सारे लाइफ में लोग नहीं होते हैं एक लोग होंगे दो
34:48
Speaker A
लोग होंगे बहुत ही जेन्युइन लोग होंगे बहुत ऐसे लोग होंगे जो उनको अपलिफ्ट करें उनकी हेल्प करें और सुपर इंपैल्स उनसे बहुत ज्यादा इंटेलेक्चुअल बहुत ज्यादा डेप्थ स्पिरिचुअल बातें करते हैं उनको ऐसे ही ऐसा नहीं नहीं है कि वो मस्ती नहीं
35:00
Speaker A
करती। वो बहुत ज्यादा फन नहीं करती। बहुत ज्यादा चेयरफुल होते हैं। बहुत ज्यादा फन लविंग सुपर इंपैक्ट्स होते हैं। बट उनको नेगेटिव लोग नहीं पसंद जो अपने डार्क साइड को प्रोजेक्ट करें। जो दूसरों को डाउनफील कराएं जो दूसरों का फायदा उठाएं। तो जो
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Speaker A
सुपर इंपैक्ट्स है स्पेशल ही इसलिए हैं क्योंकि वो ट्रुथ टेलर हैं। वो सच कहेंगे। वो आपसे प्यार करते हैं। वो चाहते हैं कि आपके अंदर चेंज आए। वो किसी से नफरत नहीं करते। इनफैक्ट वो नार्सिस्ट भी चाहते हैं
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Speaker A
कि वो खुद पर काम करें। इसलिए वो नार्सिस्ट को अपने पास नहीं आने देते हैं। उसको दूर कर देते हैं क्योंकि वो चाहते हैं कि भाई तू भी काम कर अपने ऊपर। हम तेरी गंदगी के ऊपर अपने आप को बांध नहीं
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Speaker A
सकते कि हम तेरे साथ बंध जाए और पूरी लाइफ खुद को सफरिंग दे। नहीं हमारी लाइफ की प्रॉब्लम्स है। हम गिरेंगे उठेंगे। तुम्हारे अंदर प्रॉब्लम्स है तो तुम उस पे काम करो और आगे बढ़ो। दैट्स इट। ये सुपर
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Speaker A
इंपैक्ट्स का क्लियर कट कम्युनिकेशन होता है जो एक नार्सिसिस्ट को कोई नहीं कहता। क्योंकि नार्सिस्ट का हर कोई ईगो बूस्ट करता है। आप खुद नार्सिस्ट के ईगो को बूस्ट करते हो। उसको अच्छा अच्छा फील करा कर। उसकी टॉक्सिसिटी के लिए खुद को
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Speaker A
कंफर्टेबल करके खुद को सैक्रिफाइस करके। और सुप्रीमैथ ऐसा नहीं करते। वो अपने ऊपर काम करते हैं। सच कहते हैं और आगे बढ़ते हैं। तुम्हारा रास्ता यह हमारा रास्ता ये तुम को पसंद है टॉक्सिसिटी में रहना तो तुम रहो। हम नहीं रह सकते। ये उनका
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Speaker A
स्टेटमेंट रहता है। ये उनका सच होता है। चाहे कुछ भी क्यों ना हो जाए। चाहे आप उसको कितना भी रो लें, गिड़गिड़ा लें पर वो सच ही कहेंगे। उनको पता है। उनको पता है कि आपके अंदर यह प्रॉब्लम्स है। बहुत
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Speaker A
सारे ऐसे लोग होते हैं जो हीलर्स को अपनी टॉक्सिसिटी प्रोजेक्ट करते हैं। अगर हम भी आपसे बात करते हैं तो आपकी इतनी ससिक्योरिटी होती है। इतनी प्रॉब्लम्स आपके अंदर होती है कि आप अपनी प्रॉब्लम्स को हमारे ऊपर इतना डालने की कोशिश करते
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Speaker A
हैं कि आप उस चीजों से निकलना नहीं चाहते। आप इतना कंफर्टेबल हो चुके हैं। तो निकलना आपको ही पड़ेगा। उठना आपको ही पड़ेगा। हर कोई आपको एडवाइस करेगा। आपकी हेल्प करना चाहता है। बट उन चीजों से निकलना तो आपको
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Speaker A
ही पड़ेगा। तो जो सुपर इंपैस हैं वो सच कहेंगे आपसे। आपका अच्छा चाहते हैं। आपको प्यार करते हैं। ह्यूमैनिटी पे बिलीव करते हैं। इसीलिए वो ट्रुथ कहते हैं। कई बार ऐसा होता है कि हमें ऐसा लगता है कि लाइफ
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Speaker A
जो है बहुत ज्यादा अच्छी है दूसरों की। हमारी नहीं है। हमारे साथ प्रॉब्लम्स है। तो ये एक माइंडसेट है। आप अच्छा तभी फील कर सकते हो जब आप अपने अंदर से अच्छा निकालोगे। यही एनर्जी बाहर की तरफ रिफ्लेक्ट होती है। तो यह जो सच कहने की
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Speaker A
आदत होती है अपने आप के लिए है। दूसरों से पहले खुद के लिए सच कहो। झूठ मत कहो कि हां सामने वाला ऐसा है तो मैं उसको खुश करने के लिए यह कह देती हूं या यह कह देता
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Speaker A
हूं। कोई भी हो सकते हो आप। तो झूठ मत कहो खुद से। आपको पता है कि सामने वाला टॉक्सिक है तो उस इंसान के पास क्यों जा रहे हो? आप एक ऐसे जानवर के पास खुद से कटवाने जा रहे हो कि आप इसको खुश करोगे तो
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Speaker A
एक दिन ही आपको प्यार करेगा। तो ऐसे आपकी लाइफ में कोई ग्रोथ नहीं आएगी। खुद की बाउंड्री सेट करनी पड़ती है। खुद को स्ट्रांग बनाना पड़ता है सिचुएशन में। हर किसी के लिए नहीं बट नार्सिस्ट के लिए तो
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Speaker A
बनाइए। हमें पता है कि सामने वाला हमारी लाइफ के लिए पोइजन है। वो हमारी लाइफ में जहर घोल सकता है। बट फिर भी हम उस जहर को पीने जा रहे हैं। तो ये तो सबसे बड़ी बेवकूफी है। तो आपको यह पता होना चाहिए कि
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Speaker A
आपकी वर्थ क्या है। आपको सच कहना पड़ेगा। अपने आप से झूठ मत बोलो कि सच ये नहीं है ये है। जो हम सोच रहे हैं वो है। नहीं। हम अपने आप में पर्दा डाल लेते हैं। हम अंधे हो जाते हैं और हमको जो दिख रहा है हम
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Speaker A
उसको ना मान के वो सच मानेंगे जो हमें नजरिस दिखा रहा है। तो ऐसे में आपकी लाइफ में कभी कुछ नहीं हो सकता। आपको सच कहना ही पड़ेगा। उसके लिए नहीं तो खुद के लिए सच कहो। अपने आप के लिए सच बोलो कि जो सच
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Speaker A
है जो सामने दिख रहा है आप वो ही कहेंगे और यह क्वालिटी सुपर इंपैस में होती है जिसको नार्थ से डरते हैं क्योंकि वो इनको बांध नहीं सकते अपनी टॉक्सिसिटी के लिए वो इनको अपनी अपना फायदा उठा नहीं सकते
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Speaker A
सुपरइंपैस का स्पिरिचुअल पर्सन है इंट्यूटिव है अवेयरनेस है उसके अंदर उसके सेंसेस स्ट्रांग है वो आपको स्कैन कर लेगा दूर से ही कि आप उसके लिए किस तरह का सेंसेस रखते हैं क्या चाहते हैं आप उसके लिए और यही क्वालिटी है सुपर इंपैक्ट
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Speaker A
स्पेशल बना तो ये सारी चीजें थी अगर आप अपनी इन सारे पॉइंट्स पर काम करेंगे तो आप एक इंपैच से सुपर इंपैच बन सकते हैं। तो आपको अपने ऊपर काम करना ही पड़ेगा क्योंकि आप अगर खुद पर काम नहीं करेंगे तो आपकी
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Speaker A
कोई हेल्प नहीं कर सकता। यह क्लियर कट है। आपको एडवाइस देंगे मैं दूंगी या कोई भी YouTube पे आपको दे सकता है। बट काम तो आपको खुद को करना पड़ेगा क्योंकि वो आपकी लाइफ के कर्मा है। आपकी लाइफ की सिचुएशन
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Speaker A
है। आपकी लाइफ की कंडीशन है। जिसको आपको खुद ही फेस करना है। जिसको आपको खुद ही सॉल्व करना है। तो इन सारे पॉइंट्स पर आप ध्यान दीजिए जिससे कि आप अपनी आपकी लाइफ को सही बना सकें। अपनी लाइफ में आप आगे
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Speaker A
बढ़ सकें और कैसे बढ़ेंगे जब आप खुद पर काम करेंगे। तो यह सारी चीजें थी जो आपको आई होप हेल्प करी होगी। किसी ना किसी तरीके से आपकी लाइफ में अगर जरा सा भी लाइट आया है, ग्रोथ आई हो तो आप जरूर से
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Speaker A
लाइक कीजिए। उन लोगों तक शेयर कीजिए जिनको इस वीडियो की नीड है। सब्सक्राइब करके सोल चैनल का पार्ट बन जाइए। जहां पर हम बात करते हैं आपके बारे में, नार्स असिस्ट के बारे में बहुत सारी पॉजिटिविटी और ग्रोथ
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Speaker A
के बारे में। तो चलिए मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में एक और अवेयरनेस के साथ, एक और के साथ। थैंक यू। थैंक यू सो मच।
Topics:सुपर इंपैसनार्सिसिस्टसेल्फ अवेयरनेसइंट्यूशनफियरलेसनेसटॉक्सिक रिलेशनशिपमेंटल हेल्थस्पिरिचुअलिटीइमोशनल हेल्थसोल ग्रोथ

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