निम्मी अपनी बहन सौम्या की मदद के लिए संघर्ष करती है, समाज की कुरीतियों और परिवार की चुनौतियों से जूझती है।
Key Takeaways
- समाज में किन्नर समुदाय के प्रति भेदभाव और अस्वीकृति अभी भी गहरा है।
- परिवार के भीतर भी ऐसे सदस्यों को अपनाने में कठिनाई होती है।
- सच्चाई स्वीकार करना और प्यार देना ही सबसे बड़ा सहारा है।
- संघर्ष के बावजूद उम्मीद और समर्थन से जीवन बेहतर बनाया जा सकता है।
- परिवार और समाज की सोच बदलने की जरूरत है ताकि हर व्यक्ति को सम्मान मिले।
What the video covers
- निम्मी अपनी बहन सौम्या की सच्चाई को स्वीकार कर उसे समाज की नकारात्मक सोच से बचाने की कोशिश करती है।
- सौम्या के परिवार में उसे किन्नर होने के कारण भेदभाव और नफरत का सामना करना पड़ता है।
- परिवार के सदस्य सौम्या को अपनाने से इनकार करते हैं और उसे बाहर निकालने की धमकी देते हैं।
- निम्मी अपनी बेटी की सुरक्षा और सम्मान के लिए समाज की रूढ़िवादिता के खिलाफ आवाज उठाती है।
- सौम्या अपनी पहचान को लेकर संघर्ष करती है और मां से अपनी अस्मिता की पुष्टि चाहती है।
- निम्मी अपने वादे और जुबान की पक्की रहते हुए सौम्या को सुरक्षित रखने के लिए प्रयासरत रहती है।
- सामाजिक भेदभाव और परिवार के दबाव के बीच निम्मी और सौम्या की कहानी दिखाती है कि कैसे प्यार और समझदारी से बाधाओं को पार किया जा सकता है।
- सौम्या की मां 21 सालों से अपनी बेटी के लिए लड़ती रही है, लेकिन समाज की सोच ने उसे निराश किया है।
- निम्मी सौम्या को अपने साथ लेकर एक सुरक्षित और सम्मानजनक दुनिया में ले जाने का प्रस्ताव देती है।
- वीडियो में पारिवारिक नाटक, सामाजिक मुद्दे और व्यक्तिगत संघर्षों को भावुकता के साथ प्रस्तुत किया गया है।
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Speaker A
[संगीत] ये क्या बोल रहे हो आप? हां, ऐसे कैसे हो सकता है? इतना कैसे हो सकते हैं वो? बचपन से लेकर आज तक का सफर याद कर छोटी वो कटार। सो हर वक्त अपने हाथ में बांध के [संगीत] रखना। तेरे पापा की इतनी नफरत, इतना गुस्सा। जब से तू इस घर में आई है ना, रोज फूटी किस्मत की मार झेल रहा हूं मैं। चल हट। समूह को कहीं बाहर ना जाने देना। ये सब इसीलिए क्योंकि [संगीत] क्योंकि तेरी दीदी किन्नर है। तेरी दीदी किन? वो मुझे पता है समूह दिखा है। चलो, मुझे पता है समूह दिखाए चलो अब। ये मर्दों और औरतों की दुनिया है ना, इनके बीच में एक अधूरी सी जगह है बस हमारी। पर [संगीत] अफसोस इस दुनिया ने इस बीच की जगह के लिए जगह ही नहीं बनाई। इसलिए तुम हमारे साथ चलो। नहीं [संगीत] नहीं हरमन जी, जिस हरमन का तू इंतजार कर रही है ना, वो भी इसी समाज का हिस्सा है। और जिस दिन उसे पता चल गई सच्चाई, वो घर से बाहर फेंक डालेगा। नहीं नहीं [संगीत] मैं, मैं लड़की हूं। अपनी छोटी जैसी, अपनी मां जैसी लगती हूं मैं। मैं, मैं आपको कुछ ऐसी नहीं, मैं आप कुछ ऐसी नहीं सोनू मां [संगीत] [संगीत] मुझ पे भरोसा नहीं। अपनी मां पे तो है। पूछ लो इससे। मिन्नी बता अपनी बेटी को। बता सच्चाई। मां, मां ये सब कौन है? मां देखो ना। क्या कह रही है ये सब? मुझे ठीक लग रहा है। मुझे तुझे किसी की बातों में आने की जरूरत नहीं है। तू चल यहां से। निम्मी, कब तक भागोगे इस? मुझे कसम है तेरी बेटी की। अब तो उसकी सच्चाई उसे बता दो। कहीं ऐसा ना हो तेरा झूठ तेरी बेटी की जान ले ले। मां, किस झूठ के बारे में बोल रहे हैं? वो क्या कह रहे हैं? वो मुझे कोई अपनाएगा नहीं। हरमन जी, मुझे छोड़ के चले जाएंगे। मैं इस समाज का हिस्सा नहीं हूं। ये लोग ये ये क्यों बोल रहे हैं कि [संगीत] मैं इनके जैसी [संगीत] हूं। बोलो ना मां। हमको बोलो ना मां मुझ में कुछ कमी [संगीत] है [संगीत] मां अपनी उंगली पकड़ कर आपने जो दुनिया दिखाई, मैंने मानी। आपने जो कहा, सर झुका कर सुन लिया। आपके गलत को गलत, आपके सही को सही [संगीत] माना। पर देखो ना मां, मां, मां आपकी परवरिश पर उंगली उठ रही है। मेरे, मेरे अस्तित्व पर सवाल क्यों उठा रहे हैं? [संगीत] मां? मां बोलो ना। बोलो ना मैं कौन हूं? मां मुझ में कोई कमी है क्या? मां बोलो। बोलो मां, आपको मेरी कसम है। तू मेरा खून है। मेरी जान है तू। [संगीत] मेरी शक्ति है पुत्र [संगीत] लेकिन एक प्रो सच ये भी, लेकिन तू, तू, तू [संगीत] [संगीत] [संगीत] 21 साल, 21 साल तुम्हारी मां तुम्हारी शक्ति बनकर रही। शक्तिमान 21 साल वो तुम्हारे अस्तित्व के लिए इस दुनिया से लड़ी। 21 साल वो अपने जैसा हक दिलाने के लिए उनसे लड़ी। लेकिन ये कब तक चलता है? अगर तेरे ससुराल में आज सच खुलता तो तेरी जो दुर्ग होती, वो तेरी कल्पना से परे है। पर ऐसा हो, इससे पहले मैं तुम्हें ले जाऊंगी अपने साथ। हमारी दुनिया जहां तुम्हें सब अपनी पलकों पर बिठा कर रखेंगे। [संगीत] हमारे साथ तुम्हारी जिंदगी संवर जाएगी। सोबू, तुझे इसकी बातों में आने की जरूरत नहीं है। ये तो बचपन से तुझे बहला ऑफिस ला के अपने साथ ले जाना चाहती थी पुत्र। तुमने तो कहा था ना कि 21 दिन तक तुम इसे हाथ भी नहीं लगाओगी और अपनी जुबान की बहुत पक्की हो, तो अब क्या हुआ? अब भी लगता है तुम्हें कि ये बच्ची 21 दिन वहां रह पाएगी? क्यों अपनी बेटी की दुर्गति करवाने पर तुली हो निम्मी? हरक सिंह को जानती नहीं हो क्या? उसे पता चला इसकी सच्चाई का तो वो काट कर इसे बाहर फेंक देगा। वैसे भी तुम इसे दुल्हन बनाना चाहती थी। ससुराल विदा करना चाहती थी। [संगीत] अब और क्या उम्मीद करती हो? तुम क्यों बार-बार भूल जाती हो? जो पत्नी नहीं बन सकती, मां नहीं बन सकती, उसे औरत कहलाने का कोई हक नहीं। और तुम्हारे समाज में उसे कल्याण कल्याण कहते हैं। कल्याण कल्याण कहते होंगे। लेकिन मेरे लिए मेरी बहन बस तेरी बहन है। अगर ये चली जाएगी तो इसके साथ हमारी हंसी खुशी चला जाएगा। मैं एक मां हूं और मरते दम तक अपनी बच्ची को अपने सीने से लगा के रखूंगी। [प्रशंसा] लेकिन अपनी जुबान की भी पक्की हूं। हम दोनों की तो यह बात हुई थी ना कि अगर 21 दिन के अंदर-अंदर इसके ससुराल वालों ने इसे धक्के मार के बाहर निकाले तभी तुम यहां पे आओगी। फिर अभी क्यों आ गई हो? शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति [प्रशंसा] शक्ति, हम दोनों की तो यह बात हुई थी ना कि अगर 21 दिन के अंदर-अंदर इसके ससुराल वालों ने इसे धक्के मार के बाहर निकाले तभी तुम यहां पे आओगी। फिर अभी क्यों आ गई हो? शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति सुरभि, छुट्टी से पहले कि सोमू के ससुराल वालों को पता चले कि वो घर पे नहीं है। उसे घर ले जा। तुम [संगीत] [संगीत] पिल्लर हो तुम, हम सब में से एक हो। तुम एक पड़ोस सच ये भी है कि तू, तू सोमू नहीं राम [संगीत] रे [संगीत] जब से तू इस घर में आई है ना, रोज फूटी किस्मत की मार झेल रहा हूं मैं। कुछ लोगों के भाग्य में शादी नहीं होती। पर उनकी जिंदगी इस चीज के साथ खत्म नहीं होती। भगवान ने उनके लिए एक और ही दुनिया बनाई है। [संगीत] सा [संगीत] [संगीत] आ, हम सब में से एक हो तुम। जी ला।
Speaker A
रखना। तेरे पापा की इतनी नफरत, इतना गुस्सा। जब से तू इस घर में आई है ना, रोज फूटी किस्मत की मार झेल रहा हूं मैं। चल हट। समूह को कहीं बाहर ना जाने देना। ये सब इसीलिए क्योंकि [संगीत]
Speaker A
क्योंकि तेरी दीदी किन्नर है। तेरी दीदी किन वो मुझे मुझे पता है समूह दिखा है। चलो मुझे पता है समूह दिखाए चलो अब। ये मर्दों और औरतों की दुनिया है ना इनके बीच में एक अधूरी सी जगह है बस हमारी।
Speaker A
पर [संगीत] अफसोस इस दुनिया ने इस इस बीच की जगह के लिए जगह ही नहीं बनाई। इसलिए तुम हमारे साथ चलो। नहीं [संगीत] नहीं हरमन जी जिस हरमन का तू इंतजार कर रही है ना वो भी इसी समाज का हिस्सा है।
Speaker A
और जिस दिन उसे पता चल गई सच्चाई वो घर से बाहर फेंक डालेगा। नहीं नहीं [संगीत] मैं मैं लड़की हूं। अपनी छोटी जैसी अपनी मां जैसी लगती हूं मैं। मैं मैं आपको कुछ ऐसी नहीं मैं आप कुछ ऐसी
Speaker A
नहीं सोनू मां [संगीत] [संगीत] मुझ पे भरोसा नहीं। अपनी मां पे तो है। पूछ लो इससे। मिन्नी बता अपनी बेटी को। बता सच्चाई। मां मां ये सब कौन है? मां देखो ना। क्या कह रही है ये सब? मुझे ठीक लग रहा है।
Speaker A
मुझे तुझे किसी की बातों में आने की जरूरत नहीं है। तू चल यहां से। निम्मी कब तक भागोगे इस?
Speaker A
मुझे कसम है तेरी बेटी की। अब तो उसकी सच्चाई उसे बता दो। कहीं ऐसा ना हो तेरा झूठ तेरी बेटी की जान ले ले। मां किस झूठ के बारे में बोल रहे हैं वो क्या कह रहे हैं वो मुझे कोई अपनाएगा
Speaker A
नहीं हरमन जी मुझे छोड़ के चले चले [संगीत] जाएंगे। मैं इस समाज का हिस्सा नहीं हूं। ये लोग ये ये क्यों बोल रहे हैं कि [संगीत] मैं इनके जैसी [संगीत] हूं। बोलो ना मां। हमको बोलो ना मां मुझ में कुछ कमी
Speaker A
[संगीत] है [संगीत] मां अपनी उंगली पकड़ कर आपने जो दुनिया दिखाई मैंने ने मानी आपने जो कहा सर झुका कर सुन लिया आपके गलत को गलत आपके सही को सही [संगीत] माना पर देखो ना मां मां मां आपकी परवरिश
Speaker A
पर उंगली उठ रही है मेरे मेरे अस्तित्व पर सवाल क्यों उठा रहे हैं [संगीत] मां? मां बोलो ना। बोलो ना मैं कौन हूं? मां मुझ में कोई कमी है क्या? मां बोलो। बोलो मां आपको मेरी कसम है। तू मेरा खून
Speaker A
है। मेरी जान है तू। [संगीत] मेरी शक्ति है पुत्र [संगीत] लेकिन एक प्रोस सच ये भी लेकिन तू तू तू [संगीत] [संगीत] [संगीत] 21 साल 21 साल तुम्हारी मां तुम्हारी शक्ति बनकर रही। शक्तिमान 21 साल वो तुम्हारे अस्तित्व के लिए इस
Speaker A
दुनिया से लड़ी। 21 साल वो अपने जैसा हक दिलाने के लिए उनसे लड़ी। लेकिन ये कब तक चलता है?
Speaker A
अगर तेरे ससुराल में आज सच खुलता तो तेरी जो दुर्ग होती वो तेरी कल्पना से परे है। पर ऐसा हो इससे पहले मैं तुम्हें ले जाऊंगी अपने साथ। हमारी दुनिया जहां तुम्हें सब अपनी पलकों पर बिठा कर रखेंगे।
Speaker A
[संगीत] हमारे साथ तुम्हारी जिंदगी संवर जाएगी। सोबू तुझे इसकी बातों में आने की जरूरत नहीं है। ये तो बचपन से तुझे बहला ऑफिस ला के अपने साथ ले जाना चाहती थी पुत्र। तुमने तो कहा था ना कि 21 दिन तक तुम इसे हाथ भी नहीं
Speaker A
लगाओगी और अपनी जुबान की बहुत पक्की हो तो अब क्या हुआ? अब भी लगता है तुम्हें कि ये बच्ची 21 दिन वहां रह पाएगी। क्यों अपनी बेटी की दुर्गत करवाने पर तुली हो निम्मी? हरक सिंह को जानती नहीं हो
Speaker A
क्या? उसे पता चला इसकी सच्चाई का तो वो काट कर इसे बाहर फेंक देगा। वैसे भी तुम इसे तुम इसे दुल्हन बनाना चाहती थी। ससुराल विदा करना चाहती थी। [संगीत] अब और क्या उम्मीद करती हो?
Speaker A
तुम क्यों बार-बार भूल जाती हो? जो पत्नी नहीं बन सकती, मां नहीं बन सकती, उसे औरत कहलाने का कोई हक नहीं। और तुम्हारे समाज में उसे कल्याण कल्याण कहते हैं। कल्याण कल्याण कहते होंगे। लेकिन मेरे लिए मेरी बहन बस तेरी बहन है।
Speaker A
अगर अगर ये चली जाएगी तो इसके साथ हमारी हंसी खुशी चला जाएगा। मैं एक मां हूं और मरते दम तक अपनी बच्ची को अपने सीने से लगा के रखूंगी। [प्रशंसा] लेकिन अपनी जुबान की भी पक्की हूं। हम दोनों की तो यह बात हुई थी ना कि अगर 21
Speaker A
दिन के अंदर-अंदर इसके ससुराल वालों ने इसे धक्के मार के बाहर निकाले तभी तुम यहां पे आओगी। फिर अभी क्यों आ गई हो?
Speaker A
शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति [प्रशंसा] शक्ति हम दोनों की तो यह बात हुई थी ना कि अगर 21 दिन के अंदर-अंदर इसके ससुराल वालों ने इसे धक्के मार के बाहर निकाले तभी तुम यहां पे आओगी।
Speaker A
फिर अभी क्यों आ गई हो? शक्ति शक्ति शक्ति शक्ति सुरभि छुट्टी से पहले कि सोमू के ससुराल वालों को पता चले कि वो घर पे नहीं है। उसे घर ले जा। तुम [संगीत] [संगीत] पिल्लर हो तुम हम सब में से एक हो
Speaker A
तुम एक पड़ोस सच ये भी है कि तू तू सोमू नहीं राम [संगीत] रे [संगीत] जब से तू इस घर में आई है ना रोज फूटी किस्मत की मां झेल रहा हूं मैं। ल कुछ लोगों के भाग्य में शादी नहीं होती।
Speaker A
पर उनकी जिंदगी इस चीज के साथ खत्म नहीं होती। भगवान ने उनके लिए एक और ही दुनिया बनाई है। [संगीत] सा [संगीत] [संगीत] आ हम सब में से एक हो तुम। जी ला
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