यह वीडियो 6 कंपनियों की तेजी से बढ़ती ऑर्डर बुक और उनके पीछे की कहानियों का केस स्टडी के रूप में विश्लेषण करता है।
Key Takeaways
- ऑर्डर बुक की तेजी से वृद्धि कंपनियों के भविष्य के राजस्व की मजबूत संभावना दर्शाती है।
- ऑर्डर के पीछे की कहानी और थीम को समझना निवेश के लिए जरूरी है।
- डेटा सेंटर की बढ़ती मांग और सरकारी नीतियां कंपनियों के ऑर्डर बुक को प्रभावित कर रही हैं।
- स्क्रीनिंग टूल के माध्यम से तेजी से बढ़ती ऑर्डर बुक वाली कंपनियों की पहचान संभव है।
- निवेशक को हमेशा खुद रिसर्च करनी चाहिए और ऑर्डर बुक के आंकड़ों को ध्यान से देखना चाहिए।
What the video covers
- पिछले कुछ क्वार्टर में 6 कंपनियों की ऑर्डर बुक में भारी वृद्धि देखी गई है, जो उनके भविष्य के राजस्व के लिए सकारात्मक संकेत है।
- ऑर्डर बुक की वृद्धि के पीछे की वजहों को समझना जरूरी है, जैसे कि डेटा सेंटर की बढ़ती मांग और सरकारी नीतियां।
- वीडियो में बताया गया है कि सिर्फ ऑर्डर की वैल्यू देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऑर्डर के पीछे की थीम और स्टोरी समझना महत्वपूर्ण है।
- यूएस और मिडिल ईस्ट से बड़े ऑर्डर मिलने की वजह से कंपनियों की ऑर्डर बुक में तेजी आई है।
- डेटा सेंटर के लिए टरबाइन की मांग बढ़ी है क्योंकि ग्रिड कनेक्शन में देरी और अनिश्चितता है।
- टीम ने एक स्क्रीनिंग टूल विकसित किया है जो तेजी से बढ़ती ऑर्डर बुक वाली कंपनियों की पहचान करता है।
- वीडियो में HFCL, MTA टेक्नोलॉजी, और अन्य कंपनियों के ऑर्डर बुक ग्रोथ के उदाहरण दिए गए हैं।
- ऑर्डर बुक की हिस्ट्री और ट्रेंड पर नजर रखकर निवेश के लिए बेहतर निर्णय लिए जा सकते हैं।
- सरकारी योजनाओं और वैश्विक आर्थिक परिवर्तनों का कंपनियों के ऑर्डर बुक पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
- यह वीडियो निवेशकों को ऑर्डर बुक के आंकड़ों को समझने और उनका विश्लेषण करने के लिए प्रेरित करता है।
Chapters
- 00:00ऑर्डर बुक में तेजी और शुरुआती विश्लेषण
- 01:41ऑर्डर के पीछे की कहानियां और थीम समझना
- 03:41डेटा सेंटर की मांग और टरबाइन की भूमिका
- 04:56ऑर्डर बुक ट्रैकिंग टूल और स्क्रीनिंग मेथड
- 06:34कंपनियों के केस स्टडी: HFCL और MTA टेक्नोलॉजी
- 08:14सरकारी नीतियां और वैश्विक प्रभाव
- 09:20निवेशक के लिए सुझाव और रिसर्च की अहमियत
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Speaker A
अचानक से बहुत तेजी से ऑर्डर बुक बढ़ रही है। पिछले दो तीन क्वार्टर में ये 1300 से 5100 तक चली गई। अचानक से लास्ट दो क्वार्टर में 10,000 से 27,000 करोड़ की ऑर्डर बुक हो गई। 2.7 [संगीत] टाइम्स 6 महीने में।
Speaker A
अभी रिसेंटली एक कंपनी है। ये देखो पूरे जितना पूरे साल का रेवेन्यू है उससे 300% का ये सिंगल ऑर्डर है। द कंपनी डज़ नॉट डिस्क्लेम द डिस्क्लोज़ द नेम ऑफ द कस्टमर। लेकिन ऑर्डर इतना है बट मतलब ये हर किसी
Speaker A
को पता है जो भी इस कंपनी को फॉलो करेगा कि ये ऑर्डर है। अगर यहां पे एi क्रैश आया तो इस चार्ट क्रेजी है। बहुत ज्यादा चला हुआ चार्ट है। बट नंबर्स भी क्रेजी हैं। ये जो नंबर्स हैं ये बहुत ही ज्यादा
Speaker A
तोड़फोड़ आने वाले हैं। ये 200 करोड़ जो अभी भी दिख रहा है ये 1500 से 2000 करोड़ तक जाने वाला है अगले दो-ती साल में। 1.2 बिलियन डॉलर का आर्डर मिला है। एक बिलियन डॉलर लगभग 10,000 करोड़। तो 12,000 करोड़
Speaker A
का सिंगल ऑर्डर है ये। यूएस से मिल रहे हैं मल्टी बिलियन डॉलर एंड सऊदी से मिल रहे हैं। अब जैसे अरेको की पाइपलाइन उड़ा दी। ठीक है? तो उसका कहीं ना कहीं बेनिफिशरी बन गया। वो करते हैं ऑलमोस्ट
Speaker A
16,000 करोड़ का और ऑलमोस्ट 45,000 करोड़ की ऑर्डर बुक आ गई है इनके पास। तो मतलब लाइफ टाइम हाई है। इतनी ऑर्डर बुक इन्हें जिंदगी में कभी मिली नहीं। मुझे पर्टिकुलरली बहुत इंटरेस्टिंग लगा था क्योंकि मेरे Telegram पे वो बजा था। अगर
Speaker A
आप ऑर्डर देखोगे इन्हें 28 सितंबर को 480 करोड़ का आर्डर मिला है अगर आप वालों ने दिया हुआ है तो वही इसकी स्टोरी बनती है और कहीं ना कहीं वो जो गवर्नमेंट पॉलिसी वाली चीज है ना वो आ के कैसे जुड़ती है सो
Speaker A
जब इसको पढ़ना शुरू करा तो यह समझ में आया कि इंडिया में ना एक स्कीम अभी शुरू हुई थी थोड़े टाइम पहले जिसका नाम था दिस वीडियो इज फॉर एजुकेशनल पर्पस ओनली वी आर नॉट सेबी रजिस्टर्ड एडवाइज़र्स सो
Speaker A
ऑलवेज डू योर ओन रिसर्च बिफोर इन्वेस्टिंग [संगीत] [संगीत] शुभ बहुत सी कंपनियों को बड़े-बड़े ऑर्डर्स मिल रहे हैं। तो वो कौन सी कंपनी है? क्या ट्रिगर है? क्या रिस्क है? सो इससे पहले ना हम ऑर्डर की बात करें तो आई
Speaker A
थिंक थोड़ा सा पहले ये समझ लेते हैं कि ऑर्डर का मतलबेंस क्या है? तो ओवर टाइम हमने देखा कि होता क्या है कि जब किसी कंपनी को बड़े-बड़े ऑर्डर्स मिलने वाले होते हैं या मिल रहे होते हैं ना तो जनरली
Speaker A
उसके पीछे कुछ ना कुछ स्टोरी होती है। जैसे मैं एक एग्जांपल बताता हूं। अभी रिसेंटली जैसे कुछ जैसे मतलब मैं पहले भी ना ऑर्डर्स देखते रहता था। तो धीरे-धीरे होता क्या था कि सिर्फ ऑर्डर देखना इंपॉर्टेंट नहीं है। काफी बार हम खाली
Speaker A
ऑर्डर की वैल्यू देखते हैं। ऑर्डर बहुत बड़ा ऑर्डर आ गया। लेकिन जब आप थोड़ा सा उसके पीछे ये स्टोरी समझ लेते हो कि ऑर्डर क्यों आ रहा है?
Speaker A
क्या हो रहा है? तो आपको एक बड़ी थीम जो है एक ग्लोबल थीम समझ में आने लगती है। जैसे मैं एग्जांपल के तौर पे बताता हूं। अभी रिसेंटली एक कंपनी है टीडी पावर करके। अभी हम कवर भी करेंगे। सेम उसके साथ हो
Speaker A
रहा था। अचानक से बहुत ज्यादा ऑर्डर्स मिले जा रहे हैं। और अचानक से बहुत ज्यादा ऑर्डर्स मिले जा रहे हैं। वो क्यों हो रहा था? वो लोग टरबाइन बनाते हैं। टरबाइन कहां यूज़ होते हैं? बिजली बनाने के लिए यूज़
Speaker A
होते हैं। तो अचानक से इतनी क्या बिजली बनने लग गई? ऐसा तो कुछ हुआ नहीं। तो कहीं ना कहीं जो ऑर्डर्स मिल रहे थे वो यूएस से मिल रहे थे। क्यों मिल रहे थे? क्योंकि यूएस में जो डेटा सेंटर्स वाले थे उनकी
Speaker A
डेटा सेंटर की डिमांड इतनी तगड़ी आई। अब वो डेटा सेंटर को ग्रिड से कनेक्ट करने जा रहे हैं। क्योंकि जब सरकारी बिजली यूज़ करेंगे तो सालों दो-दो साल की वेटिंग हो गई है। क्यों? क्योंकि ग्रिड में इतनी ज्यादा वो नहीं है। आप बोल सकते हो कि
Speaker A
ग्रिड डाउन होने के चांसेस हैं। तो कोई भी गवर्नमेंट जो है वो ग्रिड पे ग्रिड पे कनेक्ट नहीं करने दे रही है या बहुत ज्यादा टाइम लगा रही है। तो ये सारे लोग क्या कर रहे हैं? अपना टरबाइन लगा के अपना
Speaker A
एक पावर प्लांट बाजू में लगा ले रहे हैं और उससे बिजली बना रहे हैं। तो जो डेटा सेंटर की डिमांड थी वो डायरेक्टली टरबाइन की डिमांड पे ट्रांसलेट हो रही थी। तो ये सारे सेंटर डेटा सेंटर से आ रहे। सारे के
Speaker A
सारे ऑर्डर्स डेटा सेंटर के आ रहे थे। तो जब आप उस लेवल पर थोड़ा सा अंदर घुसते हो तो आपको एक स्टोरी समझ में आती है। फिर आप उस थीम को ज्यादा अच्छे से फिर डिटेल में पढ़ सकते हो। एंड देन सो पॉइंट इज कि जो
Speaker A
ऑर्डर की बात है सिर्फ ऑर्डर इज नॉटेंट। द रीज़न बिहाइंड द ऑर्डर इज मोरेंट एंड वो ये सिर्फ स्क्रीनिंग मेथड है। होता क्या था कि पहले हम मतलब हमें ये तो पता है कि ऑर्डर मिला है तो भाई स्टॉक जनरली अच्छा
Speaker A
करेगा क्योंकि [नाक से की जाने वाली आवाज़] फ्यूचर की रेवेन्यू विज़िबिलिटी अच्छी आती है। एंड अल्टीमेटली वह रेवेन्यू में ट्रांसलेट होगा। तो प्रॉब्लम ये आती थी कि ऑर्डर आते थे छोटे-छोटे चंक्स में। कोई बोल रहा है मुझे 5 करोड़ का आर्डर मिला।
Speaker A
कोई बोल रहा है मुझे 10 करोड़ का आर्डर मिला। अब हमने किया क्या? हमने ये जितने भी ऑर्डर मिल रहे थे उन सबको एक लाइफ पाइपलाइन में कन्वर्ट कर दिया। तो जैसे ही आर्डर मिलता है विद इन 1 मिनट वह आर्डर
Speaker A
प्रोसेस होता है। उस ऑर्डर को कंपेयर किया जाता है उसके पर ईयर रेवेन्यू से कि अगर मानो 5 साल का है तो एक साल में कितना रेवेन्यू आ सकता है। उसके रेवेन्यू से कंपेयर करके जिस कंपनी को बड़े ऑर्डर्स
Speaker A
मिल रहे हैं पहला तो सबसे पहले उसका रियल टाइम अलर्ट जाता है एक टेलीग्राम चैनल पे। यह सिर्फ हमारे लिए नहीं, हमारे मेंबर्स के लिए भी है। एंड देन यह जितने भी ऑर्डर्स हैं, उन सबको हम कंसोलिडेट करते
Speaker A
रहते हैं कि भाई एक कंपनी के पास इतने ऑर्डर्स इकट्ठे हो चुके हैं। एंड नॉट जस्ट दैट कंपनीज़ अपनी इन्वेस्टर प्रेजेंटेशंस में ना फाइनली बताती हैं कि हमारी टोटल ऑर्डर बुक कितनी हो गई क्योंकि सारे ऑर्डर्स डिस्क्लोज़ भी नहीं होते। तो हमने
Speaker A
क्या किया कि हमने उन सारी ऑर्डर इन्वेस्टर प्रेजेंटेशंस को कंज्यूम करके ऑर्डर बुक की टाइमलाइन बना ली। अब हमारे पास एक स्क्रीनिंग टूल आ गया कि जो कंपनीज बहुत फास्ट ऑर्डर बुक ग्रो कर रही हैं वो इसका मतलब वहां पर कुछ स्टोरी है। अब
Speaker A
हमारा काम क्या है? वो स्टोरी जाकर के समझना। अब इस ऑर्डर बुक टूल से मैं कुछ पांच छह स्टोरीज आपको बताऊंगा एक-एक करके। हम देखेंगे कि इनकी ऑर्डर बुक बढ़ रही है। तो क्यों बढ़ रही है? एंड देन उसके पीछे
Speaker A
की स्टोरी क्या है? राइट? मैं इसको एक बार समराइज कर देता हूं छोटे में कि लेट्स से कि कोई कंपनी है 100 करोड़ का वो रेवेन्यू कर रही है एनुअली और फिर उसको चारप ऑर्डर्स मिलते हैं लेट्स से
Speaker A
100 करोड़ 200 करोड़ 300 करोड़ तो टोटल उसको उसके पास जो ऑर्डर बुक है अभी 500 करोड़ की है और उसके 5 साल में करने हैं तो ऑन एन एवरेज 100 करोड़ का जो है उसको पर ईयर जो रेवेन्यू है वो इंक्रीस हो सकता
Speaker A
है तो इन शॉर्ट जो पोटेंशियल ग्रोथ है साल की वो 100% है डबल हो सकता है वो दैट इज द स्क्रीनिंग मेथड तो मोर और लेस दैट इज़ व्हाट वी आर डूइंग और इसमें आई थिंक इट्स अ वेरी ब्यूटीफुल टूल जो टीम ने क्रिएट
Speaker A
किया यहां पे ऑर्डर बुक का जो ट्रेंड है वो हम देख सकते हैं। या सो अब मेरे को एग्जैक्टली किस चीज में इंटरेस्ट है? मुझे है ऑर्डर बुक की हिस्ट्री के ट्रेंड में। तो मैं इसको यूज़ कैसे करता हूं? मैं इसको खटाखट खटाखट ये
Speaker A
जो चार्ट है ना इस पे निगाह रखता हूं। एंड जैसे ही मुझे एनॉमली दिखती है, मैं वहां पे जाके रुक जाता हूं। अब मुझे कहां पे एनॉर्मली दिख रही है? जैसे मुझे यह ट्रेल में कुछ लग रहा है अचानक से बहुत तेजी से
Speaker A
ऑर्डर बुक बढ़ रही है। यहां पे साउथ वेस्ट पिनाकल यह कंपनी है। यहां पे भी मुझे लग रहा है कि क्या हो रहा है? यहां पे कुछ इंटरेस्टिंग हो रहा है। जिनकी स्टोरीज मुझे पता है मैं वो बताता हूं। जैसे फॉर
Speaker A
एग्जांपल मुझे एचएफसीएल की स्टोरी पता है। HFCL में यहां पे आप देखो ऑर्डर बुक पहले इतनी इतनी थी। अचानक से बहुत तेजी से ग्रो हुई है यहां पे। राइट? सो अ सिमिलरली अभी जैसे हम एक कंपनी और देख रहे थे MTA
Speaker A
टेक्नोलॉजी। इसकी वजह से MTA को हमने बहुत जल्दी पकड़ा था। एमटा फॉर एग्जांपल पहले एमटीआर से शुरू करते हैं। एमटीआर की देखो एकदम एक्सपोनेंशियल ऑर्डर बुक ग्रो हुई है। राइट?
Speaker A
इनफैक्ट मैं इसको यहां पे आपको दिखा भी देता हूं। तो आप ये देखो पिछले दो तीन क्वार्टर में ये 1300 से 5100 तक चली गई। ये क्वार्टरली है बाय द वे। तो एमटा टेक्नोलॉजी में हुआ क्या है? तो ये तो हो
Speaker A
गया भाई यहां से हमें कुछ आईडिया लग गया कि भाई यहां पे कुछ हो रहा है। उसके बाद गए हम कंपनी पे। अब कंपनी का हमने चार्ट वगैरह देखा। हालांकि ये स्टोरी तो ऑलरेडी थोड़ी सी चल चुकी है। ऐसा नहीं है कि कोई
Speaker A
नई स्टोरी मैं बता रहा हूं। लेकिन आगे के लिए यू नो ये जो टूल है ये हमारी आगे बहुत हेल्प करने वाला है फ्यूचर की कंपनीज़ के लिए। सो एमार की स्टोरी बताता हूं। सो एमtar जो है अभी मैंने आपको स्टोरी बताई
Speaker A
डेटा सेंटर वाले एंगल की। सो अब डेटा सेंटर भी ना दो तरीके के होते हैं। एक होते हैं बड़े डेटा सेंटर। हम एक होते हैं छोटे डेटा सेंटर। छोटे डेटा सेंटर 100 मेगावाट 200 मेगावाट। और एक है कि आपने पूरा वन गीगा मेगावाट भी छोटा हो
Speaker A
गया। हां हां मतलब जिस हिसाब से यूएस गीगाबाइट गीगा वाट। अब जो बड़े स्केल के आ रहे हैं उनमें 500 मेगावाट 1 गीगावाट स्केल के भी डेटा सेंटर्स मतलब क्लस्टर में बन रहे हैं। तो अब होता क्या है कि बिजली बनाने के भी
Speaker A
मल्टीपल तरीके हैं। एक तरीका
Speaker A
और उससे टरबाइन घुमाया और बन गया। तो जहां पर भी ये टरबाइन की जरूरत है वहां पर तो आती है टीडी पावर। ठीक है? लेकिन एक और टेक्नोलॉजी है जिसका नाम है फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी। फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी में क्या होता है कि हम
Speaker A
हाइड्रोजन लेकर के फ्यूल सेल में अ उससे पानी आउट निकलता है एज अ बाय प्रोडक्ट और एनर्जी निकलती है। तो हाइड्रोजन को बर्न करते हैं। लेकिन हाइड्रोजन आएगी कहां से?
Speaker A
तो एक कंपनी है कॉल्ड ब्लूम टेक्नोलॉजी जो कि लीडर है फ्यूल सेल डेटा सेंटर्स को एनर्जी प्रोवाइड करने के लिए। एमटार जो है ना उनका सोल सप्लायर ऑफ फ्यूल सेल है। तो यह न्यूक्लियर में भी करती है। न्यूक्लियर
Speaker A
में इनका एनपीसीआईएल जो हमारा है जो [नाक से की जाने वाली आवाज़] अपनी पावर के लिए जो है न्यूक्लियर पावर के लिए जो गवर्नमेंट अथॉरिटी है उनके साथ एनपीसीआईएल के साथ भी काम करती है। तो इनकी इसके साथ
Speaker A
अभी दो टेल बैंड आ रही है। एक तो जो इंडिया ने बोला है कि भाई हम न्यूक्लियर की कैपेसिटी बहुत तेजी से बढ़ाएंगे और दूसरा यह मेन डिमांड ड्राइवर है अभी डाटा सेंटर। डेटा सेंटर से अल्टीमेटली ब्लूम ब्लूम को ऑर्डर जा रहे हैं फॉर छोटे डेटा
Speaker A
सेंटर्स एक्सप्पोनेंशियल ऑर्डर क्योंकि वो एक तरीके से मोनोपोली टाइप हो रखा है वहां पे एंड देन वो इनका सोल सप्लायर है एमटार एमtar को ऑर्डर दे रहा है फ्यूल सेल के लिए तो ये है इसकी स्टोरी अ इसमें जैसे फॉर एग्जांपल ना मैं आपको एक
Speaker A
बार कुछ इसके रीसेंट ऑर्डर विंस दिखाता हूं सो इसके लिए ना हमने यहां पे कंपनी व्यू बनाया हुआ है। सो लेट मी जस्ट सर्च फॉर एमटा टेक्नोलॉजी। जैसे यहां पर अगर आप देखो तो यह ₹700 करोड़, ₹200 करोड़ बहुत
Speaker A
ही बड़े-बड़े ऑर्डर आ रहे हैं। इसमें ऑर्डर टाइप नॉट मेंशंड है क्योंकि ये लोग अपने मुंह से बोलते नहीं है कि ब्लूम हमें ऑर्डर दे रहा है। तो वो बताते नहीं है ऑर्डर में। लेकिन ये देखो पूरे जितना पूरे
Speaker A
साल का रेवेन्यू है उससे 300% का ये सिंगल ऑर्डर है। उसका 250% का ये सिंगल ऑर्डर है। सो फॉर एग्जांपल मैं आपको एक ऑर्डर खोल के दिखाता हूं। द कंपनी डज नॉट डिस्क्लेम द डिस्क्लोज नेम ऑफ द कस्टमर टाइम पीरियड टू बी डिसाइडेड
Speaker A
लेटर लेकिन ऑर्डर इतना है बट मतलब यह हर किसी को पता है जो भी इस कंपनी को फॉलो करेगा कि यह ब्लूम का ऑर्डर है यह फ्यूल सेल का ऑर्डर है सो स्टोरी तो ठीक है बाय द वे सिर्फ स्क्रीनिंग है लेकिन इसमें
Speaker A
रिस्क क्या है रिस्क यह है कि एक सिंगल कस्टमर कंसंट्रेटेड ऑर्डर है और एआई डाटा सेंटर थीम पे बहुत ज्यादा कंसंट्रेटेड है। अगर यहां पे एi क्रैश आया तो इसकी लगेगी एमtar मतलब के अलावा कोई और सप्लायर पे
Speaker A
गया ब्लूम क्योंकि अभी यह एक तरीके से ब्लूम की स्टोरी के ऊपर बैठ के राइड कर रहा है। तो अगर ब्लूम गया तो यह गया काम से। तो कोई भी अगर इस स्टोरी को देख रहा है तो पहले ब्लूम को डिटेल में पढ़ लेना।
Speaker A
नाइस। ठीक है? कुछ और कंपनीज़ को लेते हैं। जैसे यहां पर एक और कंपनी दिख रही है अपने को। ये है HFCL। [नाक से की जाने वाली आवाज़] सो HFCL अगेन यहां पर दिख रहा है ये Q3 तक तो
Speaker A
नॉर्मल ऑर्डर बुक थी अचानक से लास्ट दो क्वार्टर में 10,000 से 27000 करोड़ की ऑर्डर बुक हो गई से टाइम्स छ महीने में छ महीने में हां और ये अभी रिसेंटली इन्होंने अभी कॉन कॉल भी करी थी वो अरिहंत
Speaker A
कैपिटल वालों के साथ तो हमने इनकी कॉन कॉल भी सुनी थी अब गाइडेंस तो इनकी 60% ग्रोथ की है फॉर नेक्स्ट फ्यू इयर्स जो कि पहले 40% % थी। तो आफ्टर ये ऑर्डर मिलने के बाद इन्होंने अपनी गाइडेंस भी बढ़ाई है। सो
Speaker A
ग्रोथ इनकी पहले भी आना शुरू हो गई है। बट बाकी ये लोग करते क्या है? आई थिंक ये स्टोरी अगेन थोड़ी तो चली हुई स्टोरी है। लेकिन आई थिंक इट स्टिल हैज़ लेग्स। ये कंपनी मेनली जो काम करती है वो फाइबर
Speaker A
ऑप्टिकल फाइबर का ही करती है। पहले भी हम डिस्कस कर चुके हैं। ऑप्टिकल फाइबर की डिमांड कहां से आ रही है? वो आ रही है अगेन डाटा सेंटर। डाटा सेंटर से क्यों आ रही है? क्योंकि पहले जो फाइबर लगता था वह
Speaker A
टेलीकॉम फाइबर में लगता था। टेलीकॉम केबल में। उससे मल्टी एक्स यानी कि एक जो नॉर्मल फाइबर वाली केबल बनती थी वह पहले कम थ्रेड्स की बनती थी। 50 थ्रेड 100 थ्रेड्स। अब यहां पे जो डेटा सेंटर की केबल लग रही है उसमें 300 500 थ्रेड्स लग
Speaker A
ऑप्टिकल फाइबर लगते हैं। तो मल्टीएक्स कंजमशन है और यहां पे इंटरकनेक्ट सर्विज है। अगर डेटा सेंटर को आपस में कनेक्ट करना है तो भी ये वायर्स की जरूरत होती है ऑप्टिकल फाइबर वायर्स की। अ तो इंडिया में बहुत ही कम कंपनीज़ हैं जो ये डेटा सेंटर
Speaker A
के लिए ऑप्टिकल फाइबर बना पाती हैं। क्योंकि ऑप्टिकल फाइबर की कंपनियां तो बहुत हैं लेकिन वो नॉर्मल टेलीकॉम फाइबर बनाती हैं। तो मेनली अगर बड़ी कंपनीज़ की बात करें तो HFCL और STLIT ये दो मेन कंपनियां है और इसमें भी मेन स्टोरी ये है
Speaker A
कि एक देयर इज़ समथिंग कॉल्ड प्रीफॉर्म जो इनका रॉ मटेरियल है जो कि एक ग्लास का एक मतलब एक सिलेंडर होता है उससे जो है वो धागे की तरह खींच करके ये ऑप्टिकल फाइबर बनता है तो उस टरलाइट टेक्नोलॉजी के पास
Speaker A
उसकी कैपेसिटी भी है और यह उसका प्लांट डाल रहे हैं जिनको आने में अभी थोड़ा टाइम लगेगा डेढ़ दो साल लगेंगे लेकिन दुनिया में मुश्किल से पांच छह कंपनियां ही हैं जो प्रीफॉर्म से लेके केबल तक सब कुछ खुद बनाती हैं। एंड स्टरलाइट
Speaker A
टेक्नोलॉजी इज वन ऑफ देम। एंड सेम चीज इनफैक्ट जैसे हमने यहां पर एचएफसीएल [नाक से की जाने वाली आवाज़] की बात करी। यहां पर एक बार स्टरलाइट का भी देख लेते हैं। तो स्टलाइट का अगेन मतलब चार्ट क्रेजी है। बहुत ज्यादा चला हुआ चार्ट है।
Speaker A
बट नंबर्स भी क्रेजी हैं। एंड यह जो नंबर्स हैं, यह बहुत ही ज्यादा तोड़फोड़ आने वाले हैं। यह 200 करोड़ जो अभी भी दिख रहा है, यह 1500 से 2000 करोड़ तक जाने वाला है। अगले दो-ती साल में प्रॉफिट। एंड
Speaker A
मार्केट को यह समझ में आ रहा है और इसीलिए इसको जो वैल्यू्यूएशन मिल रही है वह मिल रही है। एंड इनफैक्ट अगर आप इसके ऑर्डर भी देखोगे इसे कल 1.2 बिलियन का आर्डर मिला है। मतलब बहुत ही कम कंपनियां हैं।
Speaker A
1.2 बिलियन मतलब एक बिलियन डॉलर लगभग 10,000 करोड़ तो 12,000 करोड़ का सिंगल ऑर्डर है ये। हम इनफैक्ट अपने टूल में भी अगर हम देखें तो यहां पर लास्ट कॉनकॉल में जो इनकी ऑर्डर बुक थी वह उतनी ज्यादा नहीं
Speaker A
थी। लेकिन जैसे ही हम इनकी कंपनी व्यू पे जाते हैं तो स्टरलाइट टेक्नोलॉजी को भयंकर ऑर्डर मिल रहे हैं। ये देखो आप 10000 करोड़ का ऑर्डर 2400 करोड़ 960 9300 करोड़ सो क्रेजी ऑर्डर और ये सब ऑर्डर्स अगर आप
Speaker A
देखोगे ना यह अप्रैल के बाद आए हैं। सो अगर सिर्फ इन्हीं को ही जोड़ लिया जाए तो 10,000, 10,000, 20,000, 20,000 और लगभग 4, 5,000 करोड़ और तो लगभग 25, 300 करोड़ के ऑर्डर्स पिछले 6 महीने में आ चुके हैं।
Speaker A
सेम इसमें भी सेम रिस्क है। अगेन यह भी एआई वाली कंपनी है। एंड अगेन अगर एआई डाटा सेंटर का डिमांड कम होता है, एआई का कुछ क्रैश आता है तो अगेन यह सब में प्रॉब्लम हो सकती है। डिमांड आ रही है यूएस से। और
Speaker A
धीरे-धीरे प्रोपोगेट होकर हर जगह पर आ रही है। अब ऐसे बहुत सारे ट्रेंड आपको मैं दिखा सकता हूं। आप में से जो लोग इन्वेस्टिंग में इंटरेस्टेड हैं और जो डाटा वाले लोग हैं यानी जो लोग इन्वेस्ट करने से पहले यह देखना चाहते हैं कि
Speaker A
एक्चुअली में नंबर क्या है और आप कोई टिप या क्विक रिच स्कीम में बिलीव नहीं करते तो उनके लिए हमारी टीम ने पिछले एक साल में बहुत से टूल्स क्रिएट किए हैं जो इन्वेस्टर को बहुत हेल्प कर सकते हैं। यह
Speaker A
टूल्स नॉर्मल स्क्रीनर से ज्यादा हमें वैल्यू प्रोवाइड करते हैं और इन्हें बनाने के लिए हमारी फुल टाइम टीम इसमें काम करती है। अब अगर आप यह जानना चाहते हैं कि हमारा एग्जैक्टली इन्वेस्टिंग मेथड क्या है और यह टूल्स कौन-कौन से हैं तो आप
Speaker A
हमारा संडे का वेबिनार ज्वाइन कर सकते हैं। यह वेबिनार शुभम प्रेजेंट करते हैं जो बरेली यूपी से हैं और 29 की ऐज में Amazon यूएस की जॉब छोड़ के फाइनेंसियली फ्री हो गए थे और फिर यह बोर शिफ्ट हो गए
Speaker A
और फुल टाइम इन्वेस्टर बन गए। इस वेबिनार में आप चार मेथड सीखोगे इंटरेस्टिंग कंपनीज़ ढूंढने के लिए और इसमें एक फ्री गिफ्ट भी मिलेगा। यह वेबिनार हम जेनुइनली रिकॉर्डेड प्ले करते हैं। लेकिन हमारी टीम वहां पर लाइव प्रेजेंट होती है आपके कोई भी क्वेश्चन का
Speaker A
आंसर करने के लिए। वेबिनार रिकॉर्डेड होने का रीजन यह है कि जब तक हम वेबिनार में सिग्निफिकेंट इंप्रूवमेंट नहीं कर देते। उन्हीं मेथड्स को हर संडे आके बार-बार रिपीट करना। एक इनफिशिएंट वे है टाइम को यूज़ करने का। क्योंकि इस टाइम को हमारी
Speaker A
टीम किसी और टूल को बनाने में इन्वेस्ट कर सकती है। तो अगर आप इस वेबिनार में इंटरेस्टेड हैं तो एक बर्गर से भी कम प्राइस में आप इस वेबिनार को ज्वाइन कर सकते हैं। इसका लिंक हमने डिस्क्रिप्शन ऑफ
Speaker A
फर्स्ट मैन में दे दिया है। आई नो यू विल लव आवर। एक और कंपनी है जिसका नाम है वेलspon corrp limited। सो लेट मी जस्ट शो यू। सो यह कंपनी आप देखो बहुत ही इंटरेस्टिंग है। सो 9000 करोड़, 20,000
Speaker A
करोड़, 25,000 करोड़। ठीक है? यह लेकिन 31 मार्च तक की बात है। इसके बाद इन्हें कुछ और ऑर्डर्स मिले हैं। राइट नाउ इनकी जो ऑर्डर बुक है वह 45,000 करोड़ की हो चुकी है। सो वेल्सन कॉ फॉर एग्जांपल अगर आप
Speaker A
देखो पिछले क्वार्टर से यहां पे 3400 का यहां मिला। ऑलमोस्ट 15,000 करोड़ का यहां पे मिला। एंड और भी बहुत सारे ऑर्डर मिले हुए हैं। लेकिन इंटरेस्टिंग चीज ये है कि जब आप इनको थोड़ा सा एक-एक करके पढ़ते हो
Speaker A
और एनालाइज करते हो ना तो आपको एक चीज एक दो ट्रेंड आपको दिखाई देते हैं। और वो क्या ट्रेंड है? एक तो इन्हें यूएस से ऑर्डर मिले जा रहे हैं बहुत ज्यादा। यूएस में यूएस में पाइप ये करते क्या है? पहले
Speaker A
बता देता हूं। ये स्टील के पाइप बनाते हैं। पाइप तो बहुत कंपनियां बनाती है। तो ऐसा क्या स्पेशल है? तो ये जो पाइप बनाते हैं वो ऑयल एंड गैस में यूज़ होते हैं। मतलब यानी कि नेचुरल गैस की ट्रांसमिशन के
Speaker A
लिए, ऑयल की ट्रांसमिशन के लिए [नाक से की जाने वाली आवाज़] एंड मतलब वाटर वगैरह के लिए भी यूज़ होते हैं। जो पानी की ट्रांसमिशन पाइपलाइन जाती है उनके लिए। तो देखो कहां से क्या चीज आती है और कहां से आकर किस कंपनी के ऊपर
Speaker A
कितना फायदा करती है। तो ये जो कंपनी है यह इनको टेरिव का चक्कर था। इनका यूएस में इन्होंने प्लांट लगाया था। जब ड्रामा चल रहा था तो यूएस में इनका एक प्लांट था। सिमिलरली यह ग्लोबल कंपनी है। पहले इंडिया
Speaker A
में इनके ऑब्वियसली प्लांट थे लेकिन इन्होंने ना मिडिल ईस्ट में सऊदी में भी बहुत बड़ा प्लांट लगाया था पाइप बनाने का। अब इनको एक साथ दो ट्रेंड मिले। ईरान में वॉर हुआ। वॉर होने की वजह से अ दिक्कत हुई
Speaker A
चीजें फूटी फाटी। तो जो रिकंस्ट्रक्शन हुआ उसका एक तो ये बेनिफिशरी बन गया। तो वो पहला वो पहला ट्रेंड हुआ। अब जैसे अरेको की पाइपलाइन उड़ा दी। ठीक है? तो उसका कहीं ना कहीं बेनिफिशरी बन गया। उसके अलावा सऊदी में एक और थीम चल रही थी जैसे
Speaker A
वाटर की कनेक्टिविटी के लिए वाटर पाइप लाइन बिछाने की। उसका ये बेनिफिशरी बन गया। क्यों? क्योंकि इनका वहां पे प्लांट था। एंड उसके अलावा सऊदी में और इन जनरल भी ऑयल एंड गैस के ऊपर बहुत ज्यादा खर्चा हो रहा था। तो वो ट्रेंड एक था। लेकिन
Speaker A
दूसरा ट्रेंड इन्हें क्या मिल गया? इनका प्लांट था यूएस में। अब मैंने बताया यूएस में डेटा सेंटर के लिए पावर चाहिए। अब पावर के लिए कहीं ना कहीं जैसे हमने बोला फ्यूल सेल के लिए हमें क्या चाहिए? नेचुरल
Speaker A
गैस चाहिए। क्यों? क्योंकि हाइड्रोजन डायरेक्टली नहीं मिलती। जनरली अभी हाइड्रोजन की इतनी ज्यादा वैल्यू चेंज नहीं है। नेचुरल गैस को केमिकल रिएक्शन करा के हाइड्रोजन बनता है। उस हाइड्रोजन को यूज़ करके एनर्जी बनती है। तो अब ये डेटा सेंटर तक हाइड्रोजन नेचुरल गैस
Speaker A
पहुंचानी है यूएस में। एंड नॉट जस्ट दैट। अभी आप देखो इंडिया के ऊपर बैन लगा दिया कि भाई नहीं आप रशिया से नहीं खरीदोगे तो इंडिया नेचुरल गैस काफी ज्यादा यूएस से भी मंगानी शुरू करी थी जब बीच में काफी ज्यादा दिक्कत हो
Speaker A
गई थी एंड बाकी कंट्रीज में भी तो इनको इनका यूएस का भी नेचुरल गैस एक्सपोर्ट बढ़ रहा है तो उसके लिए भी पाइप लाइन बिछानी पड़ेंगी क्योंकि भाई जब जब शिप करना है जहाजों से तो पहले प्लांट से जहां पे भी
Speaker A
नेचुरल गैस बन रही है उसे लेकर आना है उसके लिए पाइप लाइन बिछानी है तो ये सारे के सारे ट्रेंड मिला के इन्हें यूएस से मिल रहे हैं। मल्टी बिलियन डॉलर एंड सऊदी से मिल रहे हैं। तो सऊदी और यूएस इनकी
Speaker A
पूरी की पूरी ऑर्डर बुक में आपको सऊदी और यूएस ही दिखेगा। इनफैक्ट मैं आपको एक मैंने जस्ट क्लॉड से एक वो बनवाया था। तो जैसे फॉर एग्जांपल अगर आप इसको देखोगे ना तो ये इनके कुछ रीसेंट ऑर्डर हैं जो हम
Speaker A
देख रहे थे 1.8 बिलियन का 420 42 मिलियन का तो ये लिटिल रॉक मिल जो है ये यूएस में है। यह यूएस का आर्डर मिला है पाइप बनाने का। ये डेटा सेंटर का आर्डर है। सिमिलरली अगर आप देखोगे तो यह भी यूएस का ऑर्डर है।
Speaker A
बाकी यह भी यूएस प्लांट का ऑर्डर है। तो डेटा सेंटर थीम ये सऊदी अरेमको वाला जो मैं बता रहा था कि भाई एक तरीके से वॉर बेनिफिशरी तो कहीं ना कहीं इन [गला साफ़ करने की आवाज़] दो थीम्स का एक
Speaker A
साथ फायदा मिल रहा है इसको। इसमें अभी रिस्क तो ऑब्वियसली हर कंपनी में है लेकिन टू बी ऑनेस्ट इसमें मेन रिस्क वैल्यू्यूएशन रिस्क है क्योंकि ये स्टॉक थोड़ा चल भी गया है तो वो इसको डिटेल में मैंने उतना नहीं पढ़ा है लेकिन एटलीस्ट
Speaker A
ऑर्डर बुक देख के तो अभी इनके मल्टी ईयर सॉर्टेड लगते हैं। क्यों? क्योंकि यह लोग 1 साल में वेल्सन कॉर् वाले जो रेवेन्यू करते हैं वह करते हैं ऑलमोस्ट 16,000 करोड़ का और ऑलमोस्ट 45,000 करोड़ की ऑर्डर बुक आ गई है इनके पास बिकॉज़ ऑफ़
Speaker A
ऑल ऑफ़ दिस। तो मतलब लाइफ टाइम हाई है। इतनी ऑर्डर बुक इन्हें जिंदगी में कभी मिली नहीं। सो एक और कंपनी जब मैं देख रहा था मुझे इंटरेस्टिंग लगी वो है मरी इन इलेक्ट्रिकल। तो इसमें भी अगर आप देखोगे
Speaker A
तो यहां पर यह इसमें तो पीछे तक के आर्डर हैं। तो अभी तक इसमें देखोगे तो ऑर्डर बुक 400 600 500 करोड़ की थी तो बहुत ज्यादा तेजी से ग्रो कर नहीं रही थी। लेकिन जैसे ही अगर आप ऑर्डर व्यू में जाते हो और आप
Speaker A
मरीन इलेक्ट्रिकल सर्च करते हो तो यहां पे ना मरीन इलेक्ट्रिकल के सारे ऑर्डर्स आ जाएंगे। सरप्राइजिंगली इस साल कुछ तो हुआ है और यह रडार पर कैसे आई कि इनको मिलते छोटे-छोटे ऑर्डर हैं। लेकिन हर दूसरे तीसरे दिन इन्हें ऑर्डर मिले ही जा रहे
Speaker A
हैं। मिले ही जा रहे हैं। 28 करोड़ 19 करोड़ 5 करोड़ करतेकरते ये छोटे-छोटे ऑर्डर मिल रहे थे। लेकिन अभी रिसेंटली अगर आप देखो अप्रैल, मई, जून, जुलाई पिछले तीन-4 महीने में बड़े ऑर्डर्स मिलना शुरू हो गए। यह 44% ऑफ द रेवेन्यू। यह 20% ऑफ द
Speaker A
रेवेन्यू। एंड मैंने किया क्या? अब इसके जो कस्टमर कौन है? प्रिंस्टन डिजिटल ग्रुप एसटीटी ग्लोबल डाटा सेंटर्स डिजिटल एज डाटा सेंटर सो यहां पर क्या हुआ मेरे को थोड़ा क्यूरियस हुआ तो मैं इसको थोड़ा बहुत देखना शुरू करा एंड अगेन अगर आप इसका
Speaker A
चार्ट देखोगे तो ये पिछले कुछ महीने में रॉकेट बना भी हुआ है। सो यहां पे हुआ क्या कि यह जो कंपनी है मरीन इलेक्ट्रिकल इसका नाम में है मरीन तो यह करते क्या है? ये जो शिप्स के अंदर इलेक्ट्रिसिटी का पावर
Speaker A
डिस्ट्रीब्यूशन का काम होता है वो करते हैं। बेसिकली जैसे आप घर के अंदर आप जाते हो तो घर में आपके एक तो वायरिंग होती है और एक मेन बोर्ड लगा होता है एमसीबी होती है जिसके अंदर ऐसे ही उस पूरे जहाज के
Speaker A
अंदर जो इलेक्ट्रिसिटी है उसके अंदर जो कंट्रोलर्स हैं वो सब एक मतलब स्पेशलाइज्ड कंपनीज़ होती हैं जो शिप के लिए जनरली थोड़ा बहुत अलग ही रहता है क्योंकि वाटर प्रूफिंग अलग है। देन आपके हिलता रहता है पूरा शेप तो वो एक अलग चीज हो गई। तो
Speaker A
काइंड ऑफ ये वन ऑफ दी वेंडर्स हैं जो शिप के अंदर इलेक्ट्रिफिकेशन और ये सब सामान सप्लाई करते हैं। लेकिन स्टोरी यहां पर नहीं रुकी। इन्होंने पहले काम किया था। मैंने इसको पहले पढ़ा था एक-द साल पहले तो
Speaker A
उस टाइम पे इन्होंने ये कंपनी थोड़ी इनोवेटिव है। कुछ ना कुछ करती रहती है। इन्होंने वो डीसी चार्जर्स बनाए थे जो आपके टू व्हीलर और फोर व्हीलर को चार्ज करने के लिए काम आते हैं। जो फास्ट चार्जर जिन्हें बोलते हैं। वो धंधा इनका शायद
Speaker A
उतना अच्छा चला नहीं। क्या हुआ? फिर इन्होंने अभी डाटा सेंटर के इलेक्ट्रिफिकेशन में इनका कुछ अप्रूवल अप्रूवल मिला था इन्हें लास्ट थोड़े टाइम पहले। तो अब अगर आप कस्टमर की मैं दिखा रहा था तो ये प्रिंस्टन, एसटी, ग्लोबल ये
Speaker A
सब डेटा सेंटर प्ले कंपनीज़ हैं। तो ये जितने बड़े ऑर्डर्स मिल रहे हैं वो डेटा सेंटर के अंदर जो बाय द वे कॉन कॉल नहीं करती। तो इतनी डिटेल में नहीं पता कि एक्सैक्टली क्या हो रहा है, क्यों हो रहा
Speaker A
है। बट वो जो ऑर्डर्स हैं वो सब डेटा सेंटर के ऑर्डर्स आ रहे हैं। अ एंड ऑब्वियसली वो नेवी वगैरह के ऑर्डर्स तो हैं ही बट वो ट्रेडिशनल बिज़नेस है। गॉट इट। सो अभी अगर आप देखोगे तो अगेन
Speaker A
थोड़ा चला हुआ चार्ट है। अभी रिसेंटली अचानक से बहुत तेज चला भी है। मेन मतलब इसमें कुछ तो हो रहा है। मतलब मैं भी अभी खाली स्क्रीनिंग ही करा है। लेकिन मतलब जितना अभी तक समझ में आया है डेटा सेंटर
Speaker A
के ऑर्डर्स देखकर कुछ तो हो रहा है। तो इसको अभी मैं भी डिटेल में पढूंगा। सो अभी जस्ट स्क्रीनिंग ही समझ सकते हो। [नाक से की जाने वाली आवाज़] अभी एक दो-ती दिन पहले ना अभी एक रिसेंटली एक ऑर्डर और
Speaker A
आया था जो मुझे पर्टिकुलरली बहुत इंटरेस्टिंग लगा था क्योंकि मेरे Telegram पे वो बजा था। कंपनी का नाम है एलन बेरी इंडस्ट्रियल लिमिटेड अगर आप आर्डर देखोगे इन्हें 28 सितंबर को 480 करोड़ का आर्डर मिला है जो कि अगले 2 साल में कवर कर खत्म
Speaker A
करना है। सो अगर आप वालों ने दिया हुआ है। हां हां हां हां बेल वालों ने दिया हुआ है। यस तो वही इसकी स्टोरी बनती है। कहीं ना कहीं वो जो गवर्नमेंट पॉलिसी वाली चीज है ना वो आकर के कैसे जुड़ती है अ वो
Speaker A
इंटरेस्टिंग बन जाता है। सो कंपनी का चार्ट देखोगे तो मतलब ज्यादा मतलब आई बहुत पुरानी कंपनी है वैसे तो लेकिन अभी रीसेंट टाइम्स में थोड़ा वापस से ऊपर आने की कोशिश कर रहा है। लेकिन मेन स्टोरी बनती है कि भ ये करती क्या है? ये कंपनी जो है
Speaker A
ये गैसेस का धंधा करती है। गैसेस मतलब जैसे अगर आपको एक हॉस्पिटल है हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की जरूरत है। अ बाकी आर्गन ऑक्सीजन कार्बन डाइऑक्साइड अ या और भी मतलब ये जो गैसेस हैं हाइड्रोजन ये सब गैसेस आपकी
Speaker A
इंडस्ट्रीज में यूज़ होती हैं। और छोटी-मोटी क्वांटिटी में नहीं बहुत ज्यादा क्वांटिटी में यूज़ होती हैं। जैसे फॉर एग्जांपल स्टील प्लांट है तो स्टील प्लांट में भी यू नो कहीं ना कहीं गैसेस की जरूरत होती है। अगर आपका कोई अ फॉर एग्जांपल
Speaker A
सेमीकंडक्टर प्लांट है तो उसमें भी आपकी मतलब इनफैक्ट ये जो इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेमीकंडक्टर ये सब जो पूरी थीम आ रही हैं उनमें भी प्योर इंडस्ट्रियल गैसेस की जरूरत पड़ती है। इंडिया में और भी कंपनियां हैं जैसे कि आईoक्स इंडिया हो गया एंड एक अभी आईoक्स
Speaker A
एयर करके एक कंपनी है उसका आईपीओ आने वाला है रिसेंटली तो इन कंपनीज़ को जनरली इंडिया में एक प्रीमियम मिलता है। क्यों? क्योंकि ये प्रॉक्सी है ऑफ मेक इन इंडिया या इंडस्ट्रियलाइजेशन थीम। अब फिलहाल यहां पे जो ये ऑर्डर मिला है, यह क्यों मिला है?
Speaker A
थोड़ा सा इसको समझ लेते हैं। तो इसकी स्टोरी क्या है? तो यह एलन बेरी मैं देख रहा था कि ऑर्डर तो काफी सिग्निफिकेंट मिला क्योंकि कंपनी का एक साल का रेवेन्यू ₹340 करोड़ के आसपास का है और जब हम ऑर्डर
Speaker A
देखते हैं तो 480 करोड़ का है। पर ईयर में भी ऑलमोस्ट 61% अगर 240 करोड़ पर ईयर भी माने तो ऑलमोस्ट 61% ऑफ द रेवेन्यू के बराबर का ऑर्डर है। सो जब इसको पढ़ना शुरू करा तो यह समझ में आया कि इंडिया में ना
Speaker A
एक स्कीम अभी शुरू हुई थी थोड़े टाइम पहले जिसका नाम था कोल गैसिफिकेशन की स्कीम। स्टोरी कैसे बन रही है? कि इंडिया में नेचुरल गैस इंपोर्ट होती है। कहां से? कतार से और सऊदी वगैरह से मेनली कतार से। एलएनजी इंपोर्ट होती है नेचुरल
Speaker A
गैस। वो फिर सप्लाई होती है इंडिया के इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को। जैसे कि गुजरात में जो केमिकल प्लांट्स हैं मोरबी में, राजस्थान में एंड देन ऑल ओवर द इंडिया जो आपके नॉर्मल जो घर पे सप्लाई आती है अ एलएनजी की सी एंड सीएनजी पंप्स में भी यूज़
Speaker A
होती है। अब इंडिया का भारी भरकम बिल आता है। पहले हम एलपीजी ज्यादा इंपोर्ट करते थे। अब हम एलएनजी भी और ज्यादा इंपोर्ट करते हैं। तो गवर्नमेंट यह चाहती है कि भाई जैसे पेट्रोल में हम इथेनॉल में ला
Speaker A
रहे हैं। डीजल में हम बायोडीजल में लाना चाहते हैं। हम ये चाहते हैं कि भाई किसी तरीके से हमारा एलएनजी का इंपोर्ट भी कम हो जाए। कैसे कम होगा? अब इंडिया में नेचुरल गैस तो नहीं है उतनी ज्यादा लेकिन
Speaker A
इंडिया में कोयला बहुत है। झारखंड छत्तीसगढ़ में बेल्ट में पूरा कोयला ही कोयला है। लो क्वालिटी कोल है। तो जो ये लो क्वालिटी कोल है देयर इज अ प्रोसेस कॉल्ड कोल गैसिफिकेशन। उसमें आप लिमिटेड ऑक्सीजन में उसे पकाते हो कोयले को जलाते
Speaker A
नहीं हो जला दिया तो खत्म हो जाएगा सिर्फ ऐसा कि भाई पकाते हो लेकिन जलने नहीं देते उसे तो एक गैस निकलती है व्हिच इज कॉल्ड सिन गैस व्हिच इज उसका सिंपल शॉर्ट फॉर्म में सिंथेटिक नेचुरल गैस तो वो इट इज़ एज
Speaker A
गुड एज नेचुरल गैस तो एंड नॉट जस्ट दैट अब नेचुरल गैस से आगे क्या बनता है जैसे अगर आप देखो अमोनिया जो है या इवन उसके आगे जाके यूरिया जो है वो सब नेचुरल गैस उसका मेन प्रोडक्ट है मेन। तो जो जितने
Speaker A
फर्टिलाइजर प्लांट हैं वो सब आज की डेट में इंडिया की फूड सिक्योरिटी पूरी तरीके से सऊदी, यूएई और मतलब मिडिल ईस्टर्न कंट्रीज के ऊपर डिपेंडेंट है। अगर नेचुरल गैस कट हो जाए तो इंडिया में फर्टिलाइजर नहीं आ पाएगा और फर्टिलाइजर नहीं बन पाएगा
Speaker A
और हमारे जो क्रॉप्स हैं वो उनको जो भी न्यूट्रिएंट्स चाहिए वो नहीं मिल पाएंगे और इंडिया में एक तरीके से वो हो जाएगा ड्रॉट हो जाएगा। मतलब जो भी होता है वो हो जाएगा। तो अब ये जो स्कीम है इसमें गवर्नमेंट 15% ऑफ
Speaker A
दी टोटल कॉस्ट अगर आप एक कोल गैसिफिकेशन का प्लांट लगाते हो तो 15% कॉस्ट देती है। अब उसमें कुछ 30400 करोड़ लोगों ने मतलब 3000 करोड़ का कमिटमेंट ऑलरेडी आ चुका है कि भाई हम करेंगे हम लगाएंगे। एंड भेल वाज़
Speaker A
वन ऑफ देम। और ये अगले 2030 तक मल्टीपल प्लांट्स आने वाले हैं इस टाइप के। सो दिस वास द फर्स्ट प्लांट जो भेल का लाइव जाने वाला है। उस प्लांट का आर्डर आया क्योंकि उसमें ऑक्सीजन चाहिए होती है। ऑक्सीजन का
Speaker A
ऑर्डर आया एलन बेरी के पास। तो लेकिन अब पॉइंट यह है कि ऑक्सीजन सप्लाई इज अ वेरी गुड बिज़नेस। क्यों? क्योंकि रेकरिंग बिज़नेस है। अगर आपको गैस सप्लाई का ऑर्डर मिल जाए तो तो मजा ही आ जाता है। लेकिन यह
Speaker A
उसका ऑर्डर नहीं था। यह एक वन ऑफ ऑर्डर है। क्योंकि यह सिर्फ प्लांट बनाकर दे रहे हैं। तो 400 करोड़ में प्लांट बन जाएगा। फिर लाइफ टाइम वो अपना जितनी ऑक्सीजन बनानी है वो खुद बनाएंगे। वो आपसे गैस
Speaker A
नहीं खरीद रहे। तो बट पॉइंट इज़ एलन बेरी भले ही इंटरेस्टिंग हो ना हो एटलीस्ट थीम के बारे में कुछ ना कुछ पता चला। सो ये था ये थे कुछ इंटरेस्टिंग ऑर्डर्स। स्टोरीज तो और भी बहुत हैं। बस आपको वो
Speaker A
क्यूरियोसिटी होनी चाहिए। और आजकल तो बहुत इजी है। बस आप देखो कहां पे हो रहा है?
Speaker A
पूछो क्लॉड से, चैट जीपीटी से क्यों हो रहा है? अच्छा यह क्यों हुआ? वो क्यों हुआ? बस पूछते रहो, पूछते रहो। पहले होता था रीडिंग करनी है। बहुत ज्यादा रीडिंग करनी पड़ती थी। अभी तो बस आपको एक मतलब एक
Speaker A
तरीके से बस वो इच्छा होनी चाहिए। आपको बस सवाल पूछने हैं। आपको हर चीज का जवाब मिल रहा है। 100% और कहीं ना कहीं आई थिंक इससे ओवरऑल इकॉनमी के बारे में भी बहुत ज्यादा क्लियर हो जाता है कि एवरीथिंग
Speaker A
कहां पे क्या चीज मूव कर रही है। कहां पे इंसेंटिव्स अलाइंड एवरीथिंग यस। और अल्टीमेटली इन्वेस्टिंग में अगर आपको इंसेंटिव समझ में आ गए तो फिर आप सिर्फ एक चार्ट या फिर सिर्फ एक बहुत छोटे उस पे कि
Speaker A
हां भाई ऑर्डर आ गया तो खरीद लेता हूं। उसकी बजाय देन यू यू गेट अ लॉन्ग टर्म थिंकिंग कि भ हो क्या रहा है? ये तो बहुत सालों की थीम है। दैट गिव्स यू द कॉन्फिडेंस। दैट इज व्हाट मेक्स यू एन
Speaker A
इन्वेस्टर वर्सेस इज़ अ ट्रेडर। गॉट इट। ठीक है? थैंक यू सो मच शुभम। आई थिंक दीज़ आर द कंपनीज़ एंड यू कैन गो डू योर ओन रिसर्च एंड आई होप दिस वास वैलुएबल। ओके जय हिंद जय हिंद थैंक यू
Speaker A
ओके तो इस संडे का वेबिनार ज्वाइन करने का लिंक हमने डिस्क्रिप्शन और फर्स्ट कमेंट में दे दिया है। सी यू इन द वेबिनार
Topics:ऑर्डर बुककंपनी विश्लेषणनिवेशडेटा सेंटरसरकारी नीतियांमौद्रिक वृद्धिHFCLMTA टेक्नोलॉजीफाइनेंशियल स्टडीभारतीय कंपनियां











