YouTube Shorts पर जीरो व्यूज की समस्या और उसे कैसे हल करें, मल्टी लेयर्स रिव्यू और AI एल्गोरिदम की गहराई से समझ।
Key Takeaways
- जीरो व्यूज की समस्या का मुख्य कारण मल्टी लेयर्स AI रिव्यू है।
- कॉपीराइटेड कंटेंट से बचना जरूरी है ताकि ट्रस्ट स्कोर बना रहे।
- YouTube का AI वीडियो के हर पहलू को जांचता है, इसलिए कम्युनिटी गाइडलाइंस का पालन जरूरी है।
- SEO जानकारी सही से देने से वीडियो को बेहतर पहुंच मिलती है।
- अंतिम viral होने के लिए वीडियो की एंगेजमेंट और ऑडियंस की खुशी जरूरी है।
What the video covers
- जीरो व्यूज की समस्या लगभग हर यूट्यूबर को होती है, चाहे वह बड़े या छोटे चैनल के हों।
- मल्टी लेयर्स रिव्यू YouTube के AI द्वारा वीडियो की कई परतों में जांच है, जो वायरल होने या जीरो व्यूज आने का कारण बनती है।
- वीडियो अपलोड होते ही मोबाइल टावर, नेटवर्क, डाटा सेंटर और YouTube सर्वर के बीच कई चरणों से गुजरता है।
- YouTube का AI वीडियो के ऑडियो, स्पीच, कम्युनिटी गाइडलाइंस, विजुअल कंटेंट आदि का विश्लेषण करता है।
- कॉपीराइटेड ऑडियो या कंटेंट से ट्रस्ट स्कोर कम होता है, जिससे वीडियो वायरल नहीं होता।
- स्पीच रेकग्निशन AI वीडियो में बोले गए शब्दों को टेक्स्ट में बदलकर कम्युनिटी गाइडलाइंस के खिलाफ कंटेंट की जांच करता है।
- गलत या हेट स्पीच, मिसइन्फॉर्मेशन वीडियो को डिलीट या जीरो व्यूज का कारण बन सकता है।
- AI SEO लेयर वीडियो के टाइटल, टैग और डिस्क्रिप्शन को भी स्कैन करता है और वीडियो को दर्शकों तक पहुंचाता है।
- वीडियो की एंगेजमेंट और ऑडियंस की संतुष्टि अंतिम वायरलिंग फैक्टर है।
- सही जानकारी और AI सिस्टम की समझ से जीरो व्यूज की समस्या को हल किया जा सकता है।
Chapters
- 00:00जीरो व्यूज की समस्या और यूट्यूबर्स का संघर्ष
- 00:57लोगों का हार मानना और गलत जानकारी का प्रभाव
- 01:46मल्टी लेयर्स रिव्यू का परिचय
- 02:37वीडियो प्रोसेसिंग और नेटवर्किंग प्रक्रिया
- 03:30YouTube सर्वर और AI द्वारा वीडियो की जांच
- 04:23ऑडियो फिंगरप्रिंट और कॉपीराइट जांच
- 05:14स्पीच रेकग्निशन और कम्युनिटी गाइडलाइंस
- 07:00AI का SEO विश्लेषण और वीडियो की पहुंच
- 08:48वीडियो की एंगेजमेंट और वायरलिंग का महत्व
- 09:32निष्कर्ष और आगे के वीडियो के लिए सुझाव
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Speaker A
इस पूरी दुनिया में इतने सालों में आज तक के सभी यूट्यूबर्स में से ऐसा कोई भी यूट्यूबर आज तक पैदा नहीं हुआ जो यह मनहूस जीरो व्यूज के श्राप से शायद ही कोई यूट्यूबर बच पाया हो। फर्क नहीं पड़ता कि चाहे 1 लाख
Speaker A
सब्सक्राइबर्स पार करके सिल्वर प्ले बटन लाने वाले 5 लाख से ज्यादा YouTube चैनल्स हो या 1 मिलियन सब्सक्राइबर्स पार करके गोल्डन प्ले बटन लाने वाले 45000 से ज्यादा YouTube चैनल्स हो या फिर चाहे दुनिया का सबसे बड़ा यूबर मिस्टर बीस्ट
Speaker A
क्यों ना हो सबने इस मनहूस जीरो व्यूज का सामना किया है। कोई इससे 1 महीने से सामना कर रहा है तो कोई 6 महीने से कर रहा तो कोई इसे 1 साल से कर रहा है और कुछ लोग तो
Speaker A
वीडियोस क्रिएट करने के लिए सभी इक्विपमेंट्स खरीदने के बाद भी 5 साल तक YouTube से लड़ते रहे। सारा टाइम एंड एनर्जी लगा दिया। लेकिन फिर भी इस बेशर्म YouTube को कुछ फर्क ही नहीं पड़ता कि चाहे कोई एक साल बर्बाद करे या 5 साल बदले
Speaker A
में एक फूटी कौड़ी तक नहीं मिलती। और ऐसे में काफी सारे लोग आखिर में थक हारकर अपने सपनों को मार देते हैं और YouTube को हमेशा के लिए गुड बाय बोलकर चले जाते हैं। और अगर आप भी यही करना चाहते हैं तो जरा
Speaker A
थम जाइए क्योंकि यहां गलती ना तो YouTube की है और ना ही आपकी। गलती तो उन हरामखोर गुरुज की है जो आपको गलत और वहियात जानकारी देकर आपका कई साल बर्बाद कर दिए। लेकिन अब और नहीं इस वीडियो में मैं आपको
Speaker A
जीरो व्यूज यानी कि वो सच्चाई बताने वाला हूं जिसके बारे में गुरुज कभी नहीं बताएंगे। और एक बार जब आप ज़ीरो व्यूज आने का असली कारण जान जाएंगे तो इस प्रॉब्लम को खुद ब खुद सॉल्व कर लेंगे। यह सच्चाई
Speaker A
एक सीक्रेट फॉर्मूला की तरह है। और यह फार्मूला आपको सिर्फ जीरो व्यूज को ही नहीं सॉल्व करता बल्कि आपको एक असल क्रिएटर बनाता है जो भीड़ से अलग हो जाता है। जीरो व्यूज आने का सबसे बड़ा कारण है
Speaker A
मल्टी लेयर्स रिव्यू। अगर मैं सच कहूं तो 99% क्रिएटर्स यहीं पर हार मान जाते हैं क्योंकि इसके वजह से जीरो व्यू जैसी प्रॉब्लम्स आती हैं। लेकिन इसको जिसने पार कर लिया आप लिख कर ले लो वो यूबर बनकर
Speaker A
रहेगा। चाहे कोई भी हो। तो जरा ध्यान से इसे देखिए। इसको समझना आपके लिए मुश्किल हो सकता है। लेकिन फिर भी मैंने इस कॉम्प्लेक्स टॉपिक को शुरू से समझाने की कोशिश की है। वह भी 3D में ताकि आपको
Speaker A
अच्छे से समझ में आए। जरा सा भी लापरवाही करेंगे तो समझ नहीं पाएंगे और नहीं समझ पाओगे तो जिंदगी भर जीरो व्यूज जीरो व्यूज करते रह जाओगे। आपसे रिक्वेस्ट है यहां से ध्यान से देखिए। वायरल होने और जीरो व्यूज
Speaker A
आने का सारा खेल वीडियो अपलोड करते ही शुरू हो जाता है। जब आप अपलोड बटन पर क्लिक करते हैं तो आपका वीडियो प्रोसेसिंग होते हुए दिखाई देता है। और यह प्रोसेसिंग ही वायरल और जीरो व्यूज का कारण होता है।
Speaker A
कैसे? जरा समझिए। जब आपका वीडियो यहां प्रोसेसिंग होता है तो आपका वीडियो सबसे पहले फोन से जो नियरेस्ट मोबाइल टावर है जिस पर आपका सिग्नल कनेक्ट होता है जैसे Jio Airtel वहां जाता है। फिर आपका वीडियो वहां से कई सारे टावर से होते हुए नेटवर्क
Speaker A
कंपनी के बड़े ऑफिस में जैसे Airtel, Jio के डाटा सेंटर में जाता है। उसके बाद वहां से जमीन के अंदर वाले ऑप्टिकल फाइबर केबल पकड़ कर सीधा मुंबई में YouTube के बड़े सर्वर तक पहुंचता है। यह सर्वर आपके
Speaker A
वीडियो को अपने पास स्टोरेज में सेव कर लेता है। आपका वीडियो इंडिया के YouTube सर्वर पर भेज दिया गया है। यहां तक तो सब कुछ स्मूथ चलता है। कोई दिक्कत की बात नहीं होती है। अपलोड करते टाइम आप बहुत
Speaker A
खुश होते हैं कि यह वीडियो तो पक्का वायरल होगा। लेकिन यहां से होती है आपके वीडियो की उल्टी गिनती शुरू। देखो इंडिया में ज्यादा पावरफुल एआई सिस्टम नहीं है जो आपके वीडियो को अच्छे से चेक कर सके। तो
Speaker A
इसके लिए इंडिया का YouTube सर्वर आपके वीडियो को चेकिंग के लिए समुंदर में बिछे बड़े-बड़े अंडरसीज फाइबर केबल से यूएसए में मेन YouTube सेंटर सर्वर तक भेजता है। वीडियो को आते ही आपके वीडियो पे कई सारे YouTube का पावरफुल पावरफुल एआई हमला करने
Speaker A
के लिए तैयार है और इसी को बोलते हैं मल्टी लेयर्स रिव्यूज और यहां से बच पाना बहुत-बहुत मुश्किल होता है क्योंकि यहां पे ही आपके वीडियो का असली जाम होता है और जो यहां से बच जाता है उस वीडियो पर कभी
Speaker A
भी जीरो व्यूज नहीं आते हैं। तो आपके मन में यह सवाल तो जरूर उछल कूद रहा होगा कि फिर इससे बचने का कोई तो तरीका होगा ना। हां, है इससे बचने का एक ही तरीका है। यह जानना कि एआई वीडियो में क्या-क्या रिव्यू
Speaker A
करता है। एक-एक लेयर्स को अब ध्यान से देखिए और समझिए। मल्टी लेयर्स में से पहला लेयर को बोलते हैं ऑडियो फिंगरप्रिंट। इसमें आपके वीडियो का ऑडियो चेक किया जाता है कि आपने कोई कॉपीराइट सॉन्ग बैकग्राउंड म्यूजिक तो यूज नहीं किया है। अगर आपने
Speaker A
किसी पॉपुलर गाने या साउंड का इस्तेमाल किया है तो YouTube तुरंत उसे अपने डाटाबेस में मैच करता है। अगर कॉपीराइट वाला कंटेंट मिलता है तो YouTube का एआई सबसे पहले उसको मेल भेज देता है जिसका ऑडियो कॉपी किया गया है। जैसे देखो मेरा
Speaker A
वीडियो को लोग डेली कॉपी करते हैं और अपने चैनल पर अपलोड करते हैं। कॉपी करने वाला तो मजे में होगा कि कॉपीराइट नहीं आया। लेकिन उस बेवकूफ को क्या पता कि YouTube ने उसको कॉपी करते ही मुझे बता दिया है कि
Speaker A
देख भाई किसने तुम्हारा ऑडियो कॉपी किया है। जो करना है करो इसके साथ। कॉपीराइट देने हैं तो दे दो। अगर अभी बिजी हो तो कोई बात नहीं। बाद में दे देना। अभी के लिए उसको इस लेयर से पास कर देते हैं।
Speaker A
लेकिन टेंशन मत ले। जब चाहे जब इसको कॉपीराइट दे सकता है। लेकिन ध्यान दो। किसी का सिर्फ ऑडियो कॉपी करने से ज़ीरो व्यूज नहीं आते हैं। जब तक आपके वीडियो पे स्ट्राइक नहीं आता है। लेकिन हां, यह बात
Speaker A
याद रखना YouTube हर वीडियो का ट्रस्ट स्कोर देता है और हर लेयर्स का ट्रस्ट स्कोर मिला के एक स्कोर बनाता है। तो आप किसी का ऑडियो 100% कॉपी करते हैं तो YouTube उसका ट्रस्ट स्कोर कम कर सकता है।
Speaker A
जिससे आपके वीडियो फाइनल एल्गोरिदम डिसीजन में फेल हो सकता है। फाइनल एल्गोरिदम डिसीजन क्या होता है? मैं आपको आगे के लेयर्स में बता दूंगा। अभी बस इतना समझिए कि सभी लेयर्स के ट्रस्ट स्कोर को देखकर और एक फाइनल स्कोर बनाता है जिससे
Speaker A
डिसाइड होता है कि आपके वीडियो को वायरल करना है या जीरो व्यूज देना है। तो अगर आप किसी का ऑडियो कॉपी करते हैं तो इस लेयर का ट्रस्ट स्कोर कम होगा जिससे फाइनल डिसीजन में ट्रस्ट स्कोर कम हो सकता है।
Speaker A
इसीलिए प्लीज किसी का 100% ऑडियो यूज मत करिए। बस जितना जरूरत हो उतना ही करिए जिससे आपका ट्रस्ट स्कोर बचा रहेगा। लेकिन मान लो आपने अपना ऑडियो यूज़ किया और जो भी बैकग्राउंड म्यूजिक यूज़ किया वह कॉपीराइट फ्री है तो YouTube इस लेयर से आपको ग्रीन
Speaker A
सिग्नल देता है और आपके वीडियो का ट्रस्ट स्कोर बढ़ाकर आगे के लेयर में भेज देता है जिसका नाम है स्पीच रेकग्निशन एंड कम्युनिटी गाइडलाइन। इसमें वीडियो में जो कुछ भी बोला जा रहा है एआई उसे टेक्स्ट में बदल देता है। इससे YouTube को वीडियो
Speaker A
को टॉपिक समझने में मदद मिलती है। इससे ही ऑटो कैप्शन बनते हैं। आपने देखा होगा या आप अभी देख सकते हैं। जब आप इस सीसी पर क्लिक करते हैं तो आपकी स्क्रीन पर जो मैं बोलता हूं वह लिखा हुआ आता है। यह इसी एआई
Speaker A
का काम है और यह एआई सबसे ज्यादा खतरनाक है और हेल्पफुल भी है। खतरनाक इसलिए है क्योंकि YouTube आपकी हर बात को सुनकर टेक्स्ट में कन्वर्ट करता है और उसको अच्छे से रीड करता है और अगर आपने गलती से
Speaker A
भी कुछ ऐसा शब्द बोल दिए जो YouTube की कम्युनिटी गाइडलाइंस में अलाउड नहीं है जैसे गाली, हेट स्पीच, अगर आप किसी रिलीजन, कास्ट, जेंडर या कम्युनिटी के खिलाफ कुछ बोलते हैं, चाहे मजाक में ही क्यों ना हो, YouTube उसे हेट स्पीच समझता है तो सिस्टम
Speaker A
तुरंत वीडियो को डेंजर जोन में डाल देता है और इसमें YouTube किसी का नहीं सुनता है। आपके वीडियो को डायरेक्ट हटा देगा। अगर आपने ज्यादा कुछ ऐसा बोल दिया है जो YouTube की कम्युनिटी गाइडलाइंस के खिलाफ हो और अगर आपने थोड़ा बहुत बोला है और
Speaker A
आपका न्यू चैनल है तो जीरो व्यूज तो पक्का मिलेगा। तो ध्यान रखना पहले जितना मनमानी करते थे अब नहीं कर सकते क्योंकि YouTube का एआई काफी एडवांस हो चुका है और अगर आप अपने वीडियो में मिसइफॉर्मेशन देते हैं जैसे
Speaker A
आपने बोला यह दवा लगाइए कैंसर ठीक हो जाएगा ₹10 लगाकर ₹1 लाख कमा लो। YouTube सिस्टम ऐसे हाई रिस्क हेल्थ एंड फाइनेंस क्लेम्स को तुरंत कैच करता है अगर यह फैक्ट प्रूफ नहीं है तो वीडियो को डायरेक्ट हटा देता है क्योंकि यह लेयर
Speaker A
पब्लिक प्रोटेक्शन के लिए होती है। तो ओवरनाइट रीच वाले डायलॉग सोच समझ कर बोलिए। और भी है जो अगर मैं बताने बैठा तो एक घंटा उसी को बताते रह जाऊंगा। इसीलिए मैं वह सभी वर्ड्स का पीडीएफ दे दूंगा जो
Speaker A
YouTube की कम्युनिटी गाइडलाइंस में अलाउड नहीं हैं। लेकिन यह जितना खतरनाक है उतना ही हेल्पफुल भी है। अब यह हेल्पफुल इसलिए है क्योंकि अगर आप वीडियो अपलोड करते टाइम एसईओ नहीं करते हैं और बस अपलोड कर देते हैं तो एआई आपकी हर एक बात को टेक्स्ट
Speaker A
में बदल कर पढ़ता है और डिसाइड कर लेता है कि यह वीडियो किसे दिखाना चाहिए। आप कभी ना कभी जरूर देखे होंगे कि कोई बिना सही से टाइटल, टैग, डिस्क्रिप्शन लिखे अपलोड कर देता है। फिर भी अच्छा खासा व्यूज आ जाता
Speaker A
है। तो यह कमाल है इसी एआई सिस्टम का। लेकिन याद रखना यह हमेशा सही नहीं होता है। कभी-कभी कंफ्यूज हो जाता है। जैसे आपके वीडियो को वहीं के वहीं फ्रीज कर देता है जिससे आपको जीरो
Speaker A
है। तो अच्छा होगा एसइओ खुद से करिए जिससे YouTube आसानी से आपके वीडियो को समझ पाए। अगर आपने कुछ ऐसा नहीं किया जो कम्युनिटी गाइडलाइंस को वायलेंस करता हो तो YouTube आपको अच्छा खासा ट्रस्ट स्कोर देगा और आपको ग्रीन सिग्नल मिलता है तो नेक्स्ट
Speaker A
लेयर में भेज दिया जाता है। अब इस लेयर में होता है विजुअल स्कैन। सबसे पहले आपके वीडियो में जो विजुअल यानी जो फुटेज दिखा रहे हैं उसके एक-एक फ्रेम्स को चेक करता है। अगर आपने किसी का वीडियो कॉपी किया है
Speaker A
तो यह इजीली पकड़ लेगा और आपने जिसका वीडियो कॉपी किया है उसको बता देगा कि देखो किसी ने आपका वीडियो कॉपी किया है। कॉपीराइट देना चाहते हैं तो आप कभी भी दे सकते हैं। यह सेम ऑडियो के जैसा होता है।
Speaker A
अगर आप 100% किसी का कॉपी करते हैं तो आपके वीडियो का ट्रस्ट स्कोर नीचे गिर जाता है। जिससे आपका जीरो व्यूज मिल सकता है। इसलिए किसी दूसरे का कॉपी करके वीडियो मत अपलोड करिए। इससे आपके वीडियो का रीच
Speaker A
नहीं मिलता है जिससे आपको ज़ीरो व्यू जैसी प्रॉब्लम्स आती है। अब कई लोग बोलेंगे कि मेरा वीडियो तो ओरिजिनल है। मैंने खुद क्रिएट किया है। फिर भी जीरो व्यूज मिलते हैं। अगर वीडियो ओरिजिनल है बट आपने अनजाने में कुछ ऐसा दिखा दिया है जो
Speaker A
YouTube की कम्युनिटी गाइडलाइंस को फॉलो नहीं करता है तो आपका वीडियो यहीं से रिजेक्ट हो जाएगा और आपको जीरो व्यू जैसी प्रॉब्लम्स मिल सकती है। इस एआई से बचने के लिए आप किसी का वीडियो कॉपी पेस्ट मत करिए और वीडियो में वो सब कुछ मत दिखाइए
Speaker A
जो YouTube की कम्युनिटी गाइडलाइंस को फॉलो नहीं करता है। YouTube इसमें किसी का भी नहीं सुनता है। इसमें मैं भी फंस चुका हूं। जैसे देखो YouTube ने मेरा वीडियो को रिमूव कर दिया बिना कुछ गलती के। बस मैंने
Speaker A
कुछ स्क्रीन पर दिखा दिया था और YouTube बोलता है कि वह अपने रूल्स को फॉलो करवाने के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम्स और ह्यूमन रिव्यूज दोनों का मिक्स यूज़ करता है और यह ऑटोमेटेड सिस्टम इतना पावरफुल है कि इससे बचना तो मुश्किल है लेकिन अगर आप
Speaker A
गलती नहीं करते तो इससे डरने की बात नहीं है। मैंने अपने वीडियो को रिव्यूज के लिए भेजा। YouTube ने 30 मिनट में ही बता दिया कि मेरा वीडियो किसी भी कम्युनिटी गाइडलाइंस को वायलेंस नहीं करता है। इसीलिए उन्होंने मेरे वीडियो को फिर से
Speaker A
मेरे चैनल पर रिस्टोर कर दिया। इसीलिए ना तो आप कुछ ऐसा बोलिए और ना ही दिखाइए जो YouTube की कम्युनिटी गाइडलाइंस को वायलेंस करता हो। तो अगर आप इस लेयर से भी बच जाते हैं और आपको इस लेयर से भी अच्छा
Speaker A
खासा ट्रस्ट स्कोर मिलता है तो आपको इस लेयर से ग्रीन सिग्नल मिल जाएगा और वीडियो को नेक्स्ट लेयर में भेज दिया जाता है जहां ओसीआर किया जाता है। मतलब यहां जो भी वीडियो में टेक्स्ट में लिखा होता है मतलब
Speaker A
यहां वीडियो के अंदर जो भी टेक्स्ट लिखा होता है उसे स्कैन करके पढ़ता है। इसी प्रोसेस को बोलते हैं ओसीआर। अगर वीडियो में कोई टेक्स्ट लिखा है तो एआई उसको भी पढ़ता है। इससे यह भी पता चलता है कि
Speaker A
वीडियो किस टॉपिक पर है और यह भी पता लगाया जाता है कि आपने YouTube कम्युनिटी गाइडलाइंस को फॉलो किया है या नहीं। यानी आप देखना जब भी कोई बड़े क्रिएटर कुछ लिखता है वीडियो में जो YouTube कम्युनिटी गाइडलाइंस को फॉलो नहीं करता है तो वह गलत
Speaker A
लिखते हैं। बीच में स्टार लगा देते हैं या पूरा वर्ड नहीं लिखते हैं। वो इसीलिए करते हैं ताकि इस ओसीआर प्रोसेस में उनका वीडियो रिजेक्ट ना हो जाए। इसका भी पीडीएफ डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। यहां नहीं दिखा सकता मैं। नहीं तो मेरा भी वीडियो
Speaker A
प्रोसेस में रिजेक्ट हो सकता है। इसलिए आपको डिस्क्रिप्शन में लिंक दे दूंगा सभी वर्ड्स का जिसे बोलने से आपका वीडियो रिजेक्ट हो सकता है। और अगर आप इससे भी बच जाते हैं तो इस लेयर से आपको ट्रस्ट स्कोर
Speaker A
देकर ग्रीन सिग्नल मिल जाता है और आपको नेक्स्ट लेयर में भेज दिया जाता है जिसका नाम है पॉलिसी कंप्लायंस एंड सेफ्टी चेक और इससे बच पाना बहुत मुश्किल है। अगर आपने कुछ गलत किया है तो इसमें YouTube एडवांस या का यूज करता है जिसका नाम है
Speaker A
पॉलिसी कंप्लायंस एंड सेफ्टी चेक। इसमें आपके वीडियो को एक-एक डिटेल्स को दोबारा चेक किया जाता है और उसे वेरीफाई करता है कि आपने क्या गलत किया है और क्या सही किया है। इससे बचना बहुत मुश्किल है अगर आपने कुछ गलत किया हो तो। लेकिन अगर आपने
Speaker A
सब कुछ सही रखा तो आपको स्कोर देखकर ग्रीन सिग्नल मिल जाता है और आपको फाइनल यानी एसइओ लेयर में भेज दिया जाता है। यहां पर YouTube आपके एसइओ यानी टाइटल, टैग और डिस्क्रिप्शन को आपके वीडियो में कही गई
Speaker A
बात के साथ मैच करता है। अगर मिसमैच हुआ तो इसे स्पैम मान लेगा और इसका रीच डाउन कर देगा। जिससे आपके वीडियो पर कम व्यूज आएंगे। अगर नए चैनल है तो जीरो व्यूज पक्का। इसीलिए आप टाइटल, टैग और
Speaker A
डिस्क्रिप्शन में आप वही लिखिए जो वीडियो में बोला जा रहा है। इससे आपको ही फायदा होता है। जिससे YouTube आपके वीडियो को अच्छे से समझता है और सही ऑडियंस को ढूंढता है। अगर यहां तक सही रहा तो आपके
Speaker A
वीडियो पर जीरो व्यूज नहीं आएंगे। जब सभी चेकक्स पूरे हो जाते हैं तब YouTube आपके वीडियो को लोगों तक पहुंचाना शुरू कर देता है। सबसे पहले इनिशियल टेस्ट किया जाता है जिसमें YouTube आपके वीडियो को थोड़े से व्यूअर्स लगभग 50-00 के फील्ड में भेजता
Speaker A
है। जब आपके वीडियो को 50- लोगों को दिखा दिया जाता है। YouTube फिर से आपके वीडियो को YouTube एल्गोरिथमिक डिसीजन के लिए भेज देता है। और इसमें एल्गोरििदम चेक करता है कि कितना लोग आपके वीडियो को पूरा देख रहे
Speaker A
हैं। कितने लोग तुरंत स्वाइप कर रहे हैं। कितने लाइक, शेयर और कमेंट मिल रहे हैं। कितना वॉच टाइम मिल रहा है। ये सब चेक करने के बाद YouTube एल्गोरिदम डिसीजन लेता है। YouTube एल्गोरििदम डिसीजन लेगा कि आपके वीडियो को आगे भेजना है या नहीं।
Speaker A
अगर पॉजिटिव रिस्पांस मिलता है तो YouTube आपके वीडियो को और ज्यादा लोगों को दिखाना शुरू कर देता है। इस तरह से आपके वीडियो वायरल होने लगता है। अगर नेगेटिव रिस्पांस मिलते हैं, अगर लोग आपके वीडियो को तुरंत स्वाइप कर रहे हैं तो YouTube समझता है कि
Speaker A
यह कंटेंट इंगेजिंग नहीं है और इसका इंप्रेशन रोक देता है। इसी वजह से आपके वीडियो पर जीरो व्यूज या 100 200 व्यूज पर रुक जाते हैं। जिससे आप लोग बोलते हैं मेरा वीडियो को व्यूज फ्रीज हो गया है। तो
Speaker A
फिर इसका सशन क्या है? इसका स्यूशन एक वर्ड में अगर मैं कहूं तो वीडियो कितना इंगेजिंग बनाइए कि ऑडियंस हैप्पी हो जाए और ऑडियंस को खुश कर देते हैं तो एल्गोरिदम अपने आप खुश हो जाता है। आजकल YouTube एल्गोरििदम बहुत बदल गया है।
Speaker A
लेकिन अभी भी सिर्फ दो चीज चाहता है। क्रिएटर कुछ ऐसा करें जिससे लोग वीडियोस पे क्लिक करें और उस वीडियो को पूरा देखने के लिए मजबूर हो जाए। यानी एल्गोरिदम दो चीज चाहता है। क्लिक एंड वॉच। यही दो उसके
Speaker A
लिए अभी भी इंपॉर्टेंट है। और अगर वीडियो पर क्लिक कराना है तो यूनिक वीडियो आईडिया, गुड टाइटल एंड गुड थंबनेल होना ही चाहिए। और अगर वीडियो को पूरा वॉच कराना है तो आपके वीडियो में गुड एडिटिंग एंड गुड स्टोरी टेलिंग होना बहुत जरूरी है। आप
Speaker A
जितना इन सबको अच्छे से जानते जाएंगे उतना ही आप अपने कॉम्पिटिटर्स को पीछे छोड़ते जाएंगे। तो जरा अपना बंद हुए दिमाग को ओपन करिए क्योंकि नेक्स्ट वीडियो में इन सबको कवर करने वाला हूं। चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए। जब तक आप एक फ्रेश चैनल क्रिएट
Speaker A
करके रखिए और अगर सही से चैनल क्रिएट करने नहीं आता है तो यह वीडियो को देखो। जल्दी ही मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में।
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