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I'm 50km From North Sentinel Island ⚠️

नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड और वहां रहने वाले सेंटिनली जनजाति के इतिहास, रहस्य और भारत सरकार की नीतियों पर आधारित वीडियो।

Key Takeaways

  • सेंटिनली जनजाति पूरी तरह से बाहरी दुनिया से कट चुकी है और उनकी संस्कृति अत्यंत संवेदनशील है।
  • भारत सरकार ने उनकी सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा के लिए आइलैंड पर जाने पर प्रतिबंध लगाया है।
  • सेंटिनलीस की जीवनशैली मुख्यतः शिकार, मछली पकड़ना और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है।
  • अनधिकृत संपर्क से जनजाति की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति प्रभावित हो सकती है।
  • इतिहास में कई बार संपर्क प्रयास हुए लेकिन वे सफल नहीं रहे और अक्सर हिंसात्मक प्रतिक्रिया मिली।

What the video covers

  • नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड पर रहने वाली सेंटिनली जनजाति दुनिया की सबसे अलग-थलग और अनसंपर्कित जनजाति है।
  • अमेरिकी यूट्यूबर माइकाइलो विक्टोरविच पोल्याकोव की आइलैंड तक पहुंचने की कोशिशों का वर्णन।
  • सेंटिनली जनजाति का इतिहास, उनकी सामाजिक प्रणाली, भाषा, और रहस्य जो पूरी दुनिया के लिए अनजाना है।
  • सेंटिनलीस पर लगे कैनिबल होने के आरोप और उनके पीछे की सच्चाई।
  • ब्रिटिश और भारतीय सरकार द्वारा सेंटिनलीस के साथ संपर्क बनाने के प्रयास।
  • भारतीय एंथ्रोपोलॉजिस्ट त्रिलोकनाथ पंडित और मधुमाला द्वारा किए गए शोध और संपर्क।
  • 1997 में भारतीय सरकार द्वारा नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड पर जाने पर प्रतिबंध लगाना।
  • 2004 के सुनामी के दौरान सेंटिनलीस की स्थिति और उनकी जीवित रहने की क्षमता।
  • 2006 में दो मछुआरों की मौत और इसके बाद 5 किलोमीटर के रेडियस में प्रवेश पर रोक।
  • 2018 में अमेरिकी मिशनरी जॉन एलन चाऊ का अवैध रूप से आइलैंड पर जाने का प्रयास और उसका परिणाम।

Answers

Questions about this video

नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड पर सेंटिनली जनजाति कौन हैं?

सेंटिनली जनजाति अंडमान और निकोबार के नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड पर रहने वाली एक अनसंपर्कित और पूरी तरह से अलग-थलग जनजाति है जो शिकार, मछली पकड़ने और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है।

भारत सरकार ने नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड पर क्यों प्रतिबंध लगाया है?

भारत सरकार ने सेंटिनली जनजाति की सुरक्षा और उनकी अनूठी संस्कृति को बचाने के लिए 1997 में आइलैंड पर जाने पर प्रतिबंध लगाया ताकि बाहरी दुनिया से उनकी रक्षा की जा सके और उन्हें बीमारियों से बचाया जा सके।

2018 में मिशनरी जॉन एलन चाऊ ने क्या किया था?

2018 में अमेरिकी मिशनरी जॉन एलन चाऊ ने बिना अनुमति के नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड जाने की कोशिश की ताकि वह सेंटिनली जनजाति को अपने धर्म क्रिश्चियनिटी में कन्वर्ट कर सकें, लेकिन उन्हें सेंटिनलीस ने मार दिया।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
The world's most isolated tribe lives just 50 kilometers from here. Community The Uncontacted Tribe The Sentinelese.
00:11
Speaker A
As the citizen of Andaman and Nicobar Islands, in today's video we will tell you. Let's talk about our neighbors, the Sentinelese. So let's start the video.
00:21
Speaker A
[Music] 29 March 2025, 24-year-old American YouTuber Mykhailo Viktorovych Polyakov, a restricted band tries to reach the island. This travel कंटेंट क्रिएटर सिर्फ चंद व्यूज के लिए भारत के एक ऐसे आइलैंड में जाने की कोशिश करता है जहां खुद इंडिया के लोग इवन गवर्नमेंट भी जाने से डरती है। जी हां, हम
00:43
Speaker A
बात कर रहे हैं नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड की। माइकाइलो अक्टूबर 2024 में इस आइलैंड पर पहुंचने के लिए अपना पहला अटेम्प्ट करता है। लेकिन उसे लोकल्स रोक देते हैं। लेकिन वह जनवरी 2025 में फिर से इस आइलैंड में जाने की कोशिश करता है। पर वहां आगे नहीं
01:00
Speaker A
जा पाता। थर्ड अटेम्प्ट में माइकलपोले एक बहुत शातिर प्लान बनाता है। वेदर एंड टाइट्स मूवमेंट पर रिसर्च करता है और फाइनली 28 मार्च 2025 की रात को वह एक इनफ्लैटेबल मोटराइज डोंगी में नॉर्थ इंडियन आइलैंड की ओर निकल पड़ता है। वहां
01:14
Speaker A
अपने साथ एक गोप्रो डाइट को मिरर, सिटी और एक कोकोनट भी लेकर जाता है। उसका प्लान इस बार इतना सॉलिड था कि लोकल, पुलिस या इंडियन नेवी किसी को भी भनक तक नहीं लगी। लेकिन नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड में ऐसा क्या है जो वहां हर कोई जाना चाहता है? चलिए हम
01:34
Speaker A
आइलैंड्स के थ्रू जानते हैं। नॉर्थ सेंटिनल अंडमान एंड निकोबार का एक आइलैंड है जो सिर्फ 60 स्क्वायर किलोमीटर जितना ही बड़ा है। यहां रहने वाले सेंटिनलीस अंडमान निकोबार आइलैंड्स के फाइव पर्टिकुलर वनेरेबल ट्राइबल ग्रुप्स में आते हैं। सेंटिनलीस को दुनियादारी से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि माना जाता है कि
01:51
Speaker A
सेंटिनलीस नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड में 60 सालों से रहते आ रहे हैं। सोचिए अंडमान में पहली बस्ती 1789 में बसाई गई थी। लेकिन सेंटिन एलिस अपने आइलैंड में इतने सालों से रह रहे हैं। यह ट्राइबल ग्रुप हंटिंग, फिशिंग एंड नेचर पर डिपेंड करते
02:07
Speaker A
हैं। और इन्हें एग्रीकल्चर के बारे में शायद कोई नॉलेज होगा क्योंकि ये आउटसाइड वर्ल्ड से कट ऑफ है। और एग्रीकल्चर का आविष्कार सेंटिनलीस के नॉर्थ सेंट्रिनल आइलैंड में बसने के बाद हुआ था। लेकिन अब सवाल यह खड़ा होता है कि इन ट्राइबल
02:21
Speaker A
ग्रुप्स का नाम सेंटिनलीस पड़ा कैसे? क्योंकि पूरी दुनिया को शायद सेंट्रिनलीस के बारे में सिर्फ 1% ही नॉलेज होगा। उनकी लैंग्वेज, रिलीजन, बिलीफ, सोशल सिस्टम क्या है? वह नेचर की पूजा करते हैं या उनका कोई लीडर है? पूरी दुनिया को कुछ
02:37
Speaker A
नहीं पता। इसीलिए यह सेंट्रिनल नाम हमारे द्वारा दिया गया है। देखिए, सेंटिनल वर्ड [संगीत] का मीनिंग बहुत ही इंटरेस्टिंग है। सेंट्रिनली 60,000 सालों से सिर्फ नॉन सेंट्रिनल आइलैंड में रहते आ रहे हैं। वे ना ही आसपास के आइलैंड्स को एक्सप्लोर कर
02:50
Speaker A
रहे हैं ना ही आउटसाइड बर्ड से घुलमिल रहे हैं। तो सेंटिनल वर्ड का लिटरली मीनिंग होता है वो इंसान जो एक ही प्लेस को गार्डिया वॉचमैन के तौर पर कंटीन्यूअसली प्रोटेक्ट करता आ रहा हो जैसा हमारे सेंट्रिनलीस सालों से करते आ रहे हैं।
03:05
Speaker A
लेकिन पूरी दुनिया में यह खबर फैल गई कि सेंटिनलीस कैनबल्स हैं। यानी सेंटिनलीस इंसानों का मांस खाते हैं। ऐसा इसलिए बोला गया क्योंकि जो भी सेंटिनल आइलैंड जाता है वह वापस कभी नहीं लौटता। और धीरे-धीरे पूरे अंडमान निकोबार के लिए यही परसेप्शन
03:20
Speaker A
बना दिया गया। लेकिन ईयर 1771 में ईस्ट इंडिया कंपनी का एक जहाज जब नॉर्थ एंटिनल आइलैंड के बगल से गुजर रहा था तब वहां एक आग की रोशनी दिखती है। देन ईयर 1867 में एक इंडियन शिप अपना डायरेक्शन भटक जाती है और जाकर नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड से टकरा
03:37
Speaker A
जाती है। कुछ लोग इस एक्सीडेंट में मारे जाते हैं और जो बच जाते हैं उन पर सेंटिनलीस हमला करना शुरू कर देते हैं और यह शायद हिस्ट्री में पहली बार था जब सेंटिनलीस ने लोगों पर हमला किया हो। लेकिन यह पैसेंजर किसी तरह बचकर ब्रिटिश
03:53
Speaker A
नेवी के साथ भाग निकलते हैं। इसके बाद सेंट्रिनली से पहला फ्रेंडली कांटेक्ट ब्रिटिशर्स द्वारा डिसाइड हुआ। ईयर 1880 में मॉरिस विडाल पोर्टमैन सेंट्रिनली से मिलना चाहते थे और उन्हें अपनी तरह टेक्नोलॉजी से रूबरू कराना चाहते थे। तो पोर्टमैन अपने साथ कुछ जार्वास को नौ सेंटिनल लेकर जाते हैं। लेकिन रास्ते में
04:13
Speaker A
उन्हें एक बुजुर्ग कपल और चार सेंटिनली बच्चे मिलते हैं। जिन्हें वह बकायदा किडनैप कर लेते हैं और आइलैंड्स का कैपिटल पोर्ट ब्लेयर ले आते हैं। लेकिन पोर्ट ब्लेयर आते ही बेचारे कपल्स जिंदा नहीं रह पाते हैं। तो पोर्टमैन को एहसास होता है
04:28
Speaker A
कि उन्हें इन चारों बच्चों को भी वापस नॉर्थ सेंट्रिनल आइलैंड ही छोड़ देना चाहिए। फिर आता है ईयर 1947। सालों के संघर्ष के बाद भारत आजाद हुआ और आजादी के बाद भी भारत सरकार ने नॉर्थ इंडियन आइलैंड पर बहुत सारी रिसर्च की और विजिट करने की
04:45
Speaker A
कोशिश भी हुई। त्रिलोकनाथ पंडित एक इंडियन एंथ्रोपोलॉजिस्ट जिन्होंने ईयर 1967 में पहली बार नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड विजिट किया और वहां हिस्ट्री के फर्स्ट प्रोफेशनल एंथ्रोपोलॉजिस्ट बन गए जिन्होंने इस आइलैंड को विजिट किया था। इनके साथ कुछ और लोग नॉन सेंटिनल आइलैंड गए जहां उन्हें सेंट्रिनलीस के फुटप्रिंट्स दिखाई दिए
05:05
Speaker A
जिसे वहां फॉलो करते गए लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला तो वहां सब वापस लौट गए। इसके 3 साल बाद ईयर 1970 में एक रिसर्च टीम नॉर्थ सेंट्रिनल पहुंची जहां वे एक स्टोन बोर्ड लेकर गए थे। जिसके बाद नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड को ऑफिशियली इंडिया का एक आइलैंड
05:21
Speaker A
घोषित कर दिया गया। 1974 में एक फिल्म क्रू नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड पहुंचती है। यह अपने साथ तोहफे के तौर पर कुछ नारियल और सूअर लेकर जाते हैं। यह फिल्म क्रू अंडमान एंड निकोबार के ट्राइब्स पर एक डॉक्यूमेंट्री तैयार कर रही थी जिसके लिए
05:37
Speaker A
ये सेंटिनलीस को भी कैप्चर करना चाहते थे। सारे तोहौफे जमीन में रखने के बाद सेंट्रिनलिस धीरे-धीरे जंगल से बीच की ओर आते हैं और वहां अपने तीर के साथ स्क्रू पर निशाना साधने लगते हैं और यह इतिहास में पहली बार था जब सेंट्रिनलिस कैमरे में
05:53
Speaker A
कैप्चर किए गए थे। अगर आप ध्यान से Google मैप में नॉर्थ सेंट्रिनल आइलैंड को देखें तो आपको यहां नॉर्थ साइड पर एक हाफ आधी पानी में डूबी शिप दिखेगी। यह शिप बांग्लादेश से ऑस्ट्रेलिया जा रही थी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और एक
06:10
Speaker A
भयंकर तूफान आता है। फिर यह शिप जाकर नॉन सेंटिनल आइलैंड से जा टकराता है। सेंटिनली धीरे-धीरे करके फिर से अपने तीर कमान के साथ जंगल से बाहर आते हैं और इन पर हमला करना शुरू कर देते हैं। ईयर 1990 में त्रिलोकनाथ पंडित जी अपने 23 साल के
06:26
Speaker A
कंटीन्यूअस एक्सपेडिशन के बाद अपनी इस ट्राइबल ग्रुप पर एक बुक पब्लिश करते हैं। द सेंटिनलीज़ जहां वे अपने सभी एक्सपीरियंसेस को इस बुक में शेयर करते हैं। दर्शकों की मशक्कत के बाद ईयर 1991 वह साल साबित हुआ जब सेंटिनलीस लोगों से
06:44
Speaker A
पहला फ्रेंडली कांटेक्ट करते हैं। जी हां, इंडियन एंथ्रोपोलॉजिस्ट मधुमाला जी अपनी टीम के साथ हाथ में नारियल पकड़े नॉन सेंटिनल आइलैंड पहुंचते हैं। जहां इस बार शॉकिंगली सेंट्रिनलीस्ट उनके गिफ्ट को एक्सेप्ट भी कर लेते हैं। उसके कुछ महीनों
07:00
Speaker A
बाद त्रिलोकनाथ पंडित जी और मधुमाला जी एक साथ फिर नॉर्थ सेंट्रिनल पहुंचते हैं। जहां उन्हें और एक बार फिर से फ्रेंडली कांटेक्ट देखने को मिलता है। लेकिन यह आखिरी बार था क्योंकि ईयर 1991 के बाद सेंट्रिनलीस ने फ्रेंडली कांटेक्ट बिल्कुल
07:16
Speaker A
बंद कर दिया था। इसके बाद अगर कोई भी नॉर्थ सेंट्रिनल जाने की कोशिश करता तो उन्हें तीर से निशाना बना दिया जाता और एक्सट्रीम वायलेंस देखने को मिलता। सेंटिनली के इस बिहेवियर को देखकर ईयर 1997 में इंडियन गवर्नमेंट ने ऑफिशियली
07:31
Speaker A
नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड जाने पर बैन लगा दिया था। साल 2004 में इंडियन ओशियन में एक दिल दहला देने वाली सुनामी आती है। हमारा पूरा अंडमान निकोबार आइलैंड बर्बाद हो जाता है। लोग मारे जाते हैं। बिल्डिंग गिर जाती है।
07:46
Speaker A
तो इंडियन कोस्ट गार्ड एक हेलीकॉप्टर नॉर्थ सेंट्रिनल भी भेजते हैं। देखने कि वहां के लोग ठीक है भी या नहीं। लेकिन लेकिन लेकिन शॉकिंगली सेंट्रिनलीस उस हेलीकॉप्टर पर ही हमला करना शुरू कर देते हैं। इसलिए क्लियर हो जाता है कि
08:02
Speaker A
सेंट्रिनलीस बिल्कुल ठीक है और उन्होंने इस सुनामी को सर्वाइव कर लिया है। ईयर 2006 में दो मछुआरे गलती से नॉर्थ सेंट्रिनल के पास पहुंच जाते हैं और सेंट्रिनलीस इन्हें मौत के घाट उतार देते हैं। एक छोटी सी गलती की वजह से इन दोनों
08:16
Speaker A
की जान चली जाती है। तो गवर्नमेंट बाद में यह डिसाइड करती है कि एक 5 कि.मी. का सर्कुलर रेडियस होना चाहिए जहां कोई एंटर ना कर सके। फिर एक ऐसा [संगीत] इंसिडेंट होता है जो पूरी दुनिया की नजर फिर से नॉर्थ सेंटिनल की तरफ ला खड़ा करता है।
08:33
Speaker A
नवंबर 2018 26 साल का एक अमेरिकन मिशनरी जॉन एलन चाऊ चुप से बिना किसी परमिशन के इललीगल तरीके से नॉर्थ सेंटिनल आइलैंड जाना चाहते हैं। लेकिन क्यों? जॉन इस ट्राइबल ग्रुप को अपने धर्म क्रिश्चियनिटी के बारे में बताना चाहते थे और उन्हें
08:50
Speaker A
अपने धर्म में कन्वर्ट करना चाहते थे। 14th नवंबर [संगीत] को जॉन एक मछुआरे के साथ उसकी डोंगी में नॉर्थ सेंटिनल के लिए निकलते हैं। हाथ में एक बाइबल, गोप्रो, कुछ मछलियां और जरूरत का सामान लिए यह नॉर्थ सेंटिनल की ओर जाते हैं। जॉन जब
09:06
Speaker A
नॉर्थ सेंटिनल के पोस्ट पर उतरता है तो उसे मारने के लिए सेंटिनलीस पहुंच जाते हैं। लेकिन फिर भी जॉन सेकंड अटेम्प्ट करत
09:21
Speaker A
जॉन की लाश [संगीत] को उठाकर कहीं दूर ले जा रहे थे। नॉर्थ सेंट्रिनल को लेकर लास्ट इंसिडेंट [संगीत] 2025 में माइखाइलो पोलियोको वाला ही था जिसे हमने [संगीत] आपको वीडियो के शुरुआत में बताया था। इंडियन गवर्नमेंट हमेशा से
09:35
Speaker A
ही सेंटिनलीज़ के लिए एक पॉलिसी बनाकर चल रहे हैं। आई [संगीत] ऑन हैंड ऑफ। इंडियन गवर्नमेंट ने इसीलिए भी नॉर्थ सेंट्रिनल जाने पर बैन लगा दिया क्योंकि कहीं हमारे द्वारा उन्हें डिजीजस ना हो जाए। कहीं हमारी वजह से उनका यूनिक कल्चर डिसरप्ट ना
09:51
Speaker A
हो जाए और कहीं कॉन्फ्लिक्ट [संगीत] की वजह से दोनों में से किसी भी साइट को नुकसान ना हो जाए। सेंसेस ऑफ इंडिया 2011 के रिपोर्ट के [संगीत] अनुसार अब लगभग सिर्फ 15 सेंटिनरीज ही बचे हैं। जिसमें 12 मेल्स हैं और थ्री फीमेल्स है। यह ड्राइव
10:07
Speaker A
शायद [संगीत] सिर्फ यही चाहती है कि बस छोटे से आइलैंड में आराम से शांति से रह सके ना किसे मिलनाजुलना ना आउटसाइड वर्ल्ड के रोक दो। उन्हें ऐसा फील नहीं होता कि उन्हें [संगीत] टेक्नोलॉजी को अपनाना चाहिए और यह बिल्कुल गलत नहीं है। सो होप
10:24
Speaker A
आपको हमारी यह वीडियो इनफेटिव लगी होगी और आपको हम अंडमान [संगीत] का पर्सपेक्टिव भी मिला होगा। तो हमारी इस वीडियो को लाइक कीजिए और ऐसे ही इंटरेस्टिंग कंटेंट्स के लिए संजय जी को सब्सक्राइब कीजिए।
Topics:नॉर्थ सेंटिनल आइलैंडसेंटिनली जनजातिअंडमान निकोबारअनसंपर्कित जनजातिभारतीय सरकारएंथ्रोपोलॉजीमिशनरी जॉन एलन चाऊसुनामी 2004कैनेबल्सट्राइबल कल्चर

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