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General Exceptions (Section 25-30)| BNS L-18 | Bharatiya Nyaya Sanhita | APO/Law Officer |Judiciary

BNS की धारा 25-30 (सामान्य अपवाद) पर चर्चा। सहमति (consent) का सिद्धांत, 'वॉलेंटी नॉन फिट इंजूरिया', एडवेंचर स्पोर्ट्स, चिकित्सा सर्जरी और नाबालिग/अनसाउंड माइंड की स्थितियों के उदाहरण।

Key Takeaways

  • वयस्क द्वारा जोखिम जानते हुए दी गई सहमति से आपराधिक दायित्व से छूट मिल सकती है
  • सहमति जबरदस्ती, धोखे या नशे की हालत में दी गई हो तो वैध नहीं होती
  • जानबूझकर पहुंचाए गए नुकसान पर सहमति का बचाव लागू नहीं होता

What the video covers

  • धारा 25 के अनुसार 18 वर्ष से ऊपर का व्यक्ति जोखिम जानते हुए सहमति दे तो बाद में शिकायत नहीं कर सकता
  • लैटिन मैक्सिम 'वॉलेंटी नॉन फिट इंजूरिया' के माध्यम से इस सिद्धांत को समझाया गया
  • क्रिकेट स्टेडियम में गेंद लगने का उदाहरण देकर इम्प्लाइड कंसेंट की व्याख्या की गई
  • रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग और स्काई डाइविंग जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स को इसी के अंतर्गत बताया गया
  • सहमति लिखित या अंतर्निहित (implied) दोनों हो सकती है
  • जानबूझकर नुकसान पहुंचाने पर यह अपवाद लागू नहीं होता
  • धमकी, धोखे या डर से ली गई सहमति वैध नहीं मानी जाती
  • नशे में या अस्वस्थ मस्तिष्क वाले व्यक्ति की सहमति की वैधता पर चर्चा
  • आकस्मिक दुर्घटना (अचेत व्यक्ति) की स्थिति में बिना सहमति चिकित्सा हस्तक्षेप के नियम
  • नाबालिग के मामले में अभिभावक की सहमति और डॉक्टर की देयता पर उदाहरण सहित चर्चा

Answers

Questions about this video

धारा 25 के तहत सहमति कौन दे सकता है?

18 वर्ष से ऊपर का व्यक्ति, जिसे जोखिम की जानकारी हो, वह सहमति दे सकता है। इसके बाद वह उस नुकसान की शिकायत नहीं कर सकता।

क्या सहमति लिखित में होनी जरूरी है?

नहीं, सहमति एक्सप्रेस (स्पष्ट) या इम्प्लाइड (अंतर्निहित) दोनों हो सकती है। जैसे बंजी जंपिंग में जाना ही सहमति का संकेत माना जाता है।

जानबूझकर नुकसान पहुंचाने पर क्या होगा?

सहमति का बचाव तब लागू नहीं होता जब नुकसान जानबूझकर पहुंचाया गया हो। ऐसे मामलों में सहमति को वैध आधार नहीं माना जाएगा।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:06
Speaker A
हेलो एवरीवन, वेलकम बैक टू आवर चैनल ज्यूडिशरी बाय पीडब्ल्यू। दिस इज मी अर्जिता। आई होप आई एम परफेक्टली audible एंड visible टू ऑल ऑफ यू। एक बार जल्दी से कन्फर्म कर दीजिए। यस। आई थिंक एवरीथिंग इज गुड टू गो। चलिए।
00:27
Speaker A
सो आज बेसिकली जनरल एक्सेप्शन वाला जो टॉपिक है हमारा उसे हम आगे बढ़ाएंगे और वी हैव टू कंटिन्यू फ्रॉम सेक्शन नंबर 25। ठीक है? सेक्शन नंबर 24 तक हमने पिछली क्लास में कवर कर लिया था। नाउ टॉकिंग अबाउट सेक्शन नंबर 25 स्टूडेंट्स। तो यहां से एक नया कॉन्सेप्ट आपका स्टार्ट हो जाता है।
00:44
Speaker A
जैसे कि पिछली क्लास में भी मैंने आपको इन्फॉर्म किया था जो कि बात करता है कंसेंट के बारे में। है ना? कंसेंट का देखिए, सिंपल भाषा में मतलब क्या होता है कि जब आप किसी चीज को करने के लिए एग्री कर लेते हैं। जब आप किसी चीज को करने के लिए हामी भर देते हैं, उसी को हम कहते हैं कि आपने अपना कंसेंट वहां पे दे दिया है।
00:56
Speaker A
अब सेक्शन नंबर 25 से जो आगे के सेक्शंस हैं वो एक सिंपल कॉन्सेप्ट पे काम करते हैं। कॉन्सेप्ट यह है कि देखो, अगर आपको पता है कि किसी चीज में रिस्क है, किसी चीज में हार्म है, किसी चीज में आपको नुकसान हो सकता है, लेकिन फिर भी आप उस चीज को करने के लिए अगर कंसेंट दे देते हैं। फिर भी अगर आप उस चीज को करने के लिए एग्री कर लेते हैं और बाद में सच में आपको नुकसान पहुंचता है, सच में आपको हार्म वगैरह पहुंचता है, तो फिर अब आप उसकी कम्प्लेंट नहीं कर सकते। रीजन बीइंग कि भाई, आपको पहले ही पता था कि उस चीज में रिस्क है, नुकसान हो सकता है। बट यू अग्रीड टू फेस इट। तो जब आपने एग्री कर ही लिया था उस चीज को फेस करने के लिए, अब जब सच में नुकसान हो गया, सच में कोई दिक्कत हो गई तो यू डोंट हैव अ राइट टू कम्प्लेन अबाउट इट।
01:11
Speaker A
तो इसमें पहला आ जाता है हमारा सेक्शन नंबर 25 जो बात करता है। इसे हम अगर लीगल उसमें बात करें तो यहां पे एक फेमस मैक्सिम आपका पढ़ा जाता है, व्हिच इज "वॉलेंटिया नॉन फिट इंजूरिया"। ठीक है? "वॉलेंटी नॉन फिट इंजूरिया"। इसका मतलब क्या होता है? कि देखो, 18 साल से ऊपर का कोई पर्सन है जिसे पता है कि वो कोई ऐसी चीज करने के लिए जा रहा है जिसमें रिस्क है, जिसमें हार्म इनवॉल्vd है। फिर भी अगर आप उस चीज को रिस्क और हार्म जानने के बाद भी करते हैं और सच में आपको अगर कुछ हो जाता है तो बाद में अब आप उस चीज के लिए कम्प्लेंट नहीं कर सकते।
01:24
Speaker A
जैसे इसका एक एग्जाम्पल हम लेते हैं। अभी संडे की बात है। संडे को आपका ओडीआई मैच चल रहा था यहां पे, इंडिया का। आई सॉ, बहुत अच्छा लगा देख के कि रोहित शर्मा ने यहां पे शतक मारा। सेंचुरी जो है वो यहां पे मारी। नाउ द पॉइंट इज कि इंडिया की टीम को देखने के लिए वहां पे कई सारे लोग गए हुए थे। लॉर्ड्स में जो है आपका मैच हो रहा था क्रिकेट का। तो वहां पे कई सारे जो लोग हैं, रोहित शर्मा को, विराट कोहली को देखने के लिए गए हुए थे खेलते हुए।
01:36
Speaker A
अब विराट कोहली उस मैच में, मतलब एक के बाद एक, एक के बाद एक चौके वो मारे जा रहे थे। अब चौके कहां पड़ते हैं वो हम सब जानते हैं कि जहां पे आपके लोग बैठे होते हैं स्टैंड्स में, वहां पे बॉल जो है वो जाके उड़-उड़ के गिरती है आपकी। अब देखो सीधी सी बात है कि अगर आप एक स्पेक्टेटर हैं, अगर आप एक पर्सन हैं जो क्रिकेट एंजॉय करते हैं, आप रोहित शर्मा और विराट कोहली को खेलते हुए देखने के लिए गए हैं स्टेडियम में, और रोहित शर्मा ने अगर उठा के मारा और वो बॉल अगर आपके सर पे आके पट्ट से गिरती है तो यू कांट कम्प्लेन अबाउट इट। आप रोहित शर्मा के अगेंस्ट केस नहीं फाइल कर सकते कि भाई तुमने मुझे हर्ट कर दिया या तुम्हारी बॉल से जो है वो मुझे यहां पे लग गई। रीजन बीइंग आपको पता है कि द मोमेंट आप स्टेडियम के अंदर एंटर करते हो, आपको पता है कि क्रिकेटर बॉल्स को लेफ्ट-राइट घुमा के मारते हैं। बॉल स्टैंड्स में जाती हैं। बॉल से स्टैंड में बैठे लोगों को चोट लगती है, उनको नुकसान होता है। बट उसके बाद भी आप क्रिकेट मैच देखने के लिए जाते हैं। दैट मींस कि आप उस नुकसान को, आप उस रिस्क को झेलने के लिए एग्री कर रहे हैं। आपने कंसेंट दिया हुआ है वहां पे कि ठीक है भैया, बॉल लगेगी, कोई बात नहीं, हम फिर भी कम्प्लेंट नहीं करेंगे।
01:48
Speaker A
तो सेक्शन नंबर 25 देखो यही कहता है कि अगर आप 18 साल से ऊपर के हैं, आपने अगर कोई रिस्क झेलने के लिए, कोई हार्म झेलने के लिए एग्री करा हुआ है तो बाद में आप उसकी कम्प्लेंट नहीं कर सकते। और इनफैक्ट, एज अ मैटर ऑफ फैक्ट, आपके जितने भी यहां पे एडवेंचर स्पोर्ट्स आते हैं, ठीक है? इंडिया में जो आपके जितने भी यहां पे एडवेंचर स्पोर्ट्स आते हैं वो सारे इसी में कवर्ड होते हैं। आप ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग करने के लिए जाइए, आप बंजी जंपिंग करने के लिए जाइए, आप कोई और, आप स्काई डाइविंग करने के लिए जाइए। ठीक है? वो सारे इसी में कवर्ड होते हैं। भाई, सबको पता है ना रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, स्काई डाइविंग, या आप किसी रोलर कोस्टर में अगर जाके बैठते हो, डेंजरस चीजें हैं सारी। यू नेवर नो कब इसमें कोई दिक्कत आ जाती है, कब इसमें कोई प्रॉब्लम आ सकती है। लेकिन फिर भी जाते हैं, है ना? फिर भी लोग जाते हैं बंजी जंपिंग करने, स्काई डाइविंग वगैरह करने। तो दैट मींस कि आप अगर रिस्क जानने के बाद, हार्म जानने के बाद भी आप अगर उस चीज को करने के लिए जा रहे हो, दैट मींस कि आपने उसके लिए कंसेंट करा हुआ है। आपने उसके लिए एग्री करा हुआ है। अब बाद में सच में अगर कोई नुकसान हो गया, सच में अगर कोई रिस्क या हार्म वगैरह होता है तो उसके लिए आप यहां पे कम्प्लेंट नहीं कर सकते हो।
02:03
Speaker A
तो इसमें सेक्शन नंबर 25 पे ध्यान रखना कि जो रिक्वायरमेंट है वो क्या है, कि जो कंसेंट दिया होना चाहिए वो एक 18 साल से ऊपर के आदमी ने दिया होना चाहिए। ठीक है? अच्छा, कंसेंट का कोई यह मतलब नहीं है कि आपको लिखित में कंसेंट देना है। कंसेंट आपका इम्प्लाइड भी हो सकता है। कंसेंट आपका जो है एक्सप्लिसिट भी हो सकता है। जैसे अगर आप जानते ही हैं कि बंजी जंपिंग करने में या स्काई डाइविंग करने में या रिवर राफ्टिंग करने में क्या-क्या नुकसान होते हैं, फिर भी अगर आप उनको करने के लिए जाते हो तो आपने कोई लिखित में कंसेंट नहीं दिया है। बट अंडरस्टुड है कि आप रिस्क जानने के बाद भी करने जा रहे हो उस चीज को। दैट मींस यू हैव गिवन द कंसेंट। तो यहां पे क्या है? यहां पे इम्प्लाइड कंसेंट वाला जो पॉइंट है वो आ जाता है। तो कंसेंट आपका एक्सप्रेस भी हो सकता है और इम्प्लाइड भी यहां पे हो सकता है। ठीक है?
02:21
Speaker A
लेकिन अब देखो, वही बात है। इसमें सेक्शन नंबर 25 एक और बात कहता है। सेक्शन 25 ये कहता है कि मैंने बेशक एग्री करा है किसी रिस्क को झेलने के लिए, किसी हार्म को झेलने के लिए। इसका मतलब ये तो नहीं है ना कि तुम जानबूझ के मुझे नुकसान पहुंचाओगे? जानबूझ के मुझे तुम यहां पे इंजरी वगैरह पहुंचाओगे। एग्जाम्पल के तौर पे है ना, आप यहां प
02:34
Speaker A
हो जाता है तो बाद में अब आप उस चीज के लिए कंप्लेंट नहीं कर सकते। जैसे इसका एक एग्जांपल हम लेते हैं। अभी संडे की बात है। संडे को आपका ओडीआई मैच चल रहा था यहां पे इंडिया का। आई सॉ बहुत अच्छा लगा
02:47
Speaker A
देख के कि रोहित शर्मा ने यहां पे शतक मारा। सेंचुरी जो है वो यहां पे मारी। नाउ द पॉइंट इज कि इंडिया की टीम को देखने के लिए वहां पे कई सारे लोग गए हुए थे। लॉर्ड्स में जो है आपका मैच हो रहा था
02:58
Speaker A
क्रिकेट का। तो वहां पे कई सारे जो लोग हैं रोहित शर्मा को विराट कोहली को देखने के लिए गए हुए थे खेलते हुए। अब विराट कोहली उस मैच में मतलब एक के बाद एक एक के बाद एक चौके वो मारे जा रहे थे। अब
03:11
Speaker A
चौके कहां पड़ते हैं वो हम सब जानते हैं कि जहां पे आपके लोग बैठे होते हैं स्टैंड्स में वहां पे बॉल जो है वो जाके उड़ उड़ के गिरती है आपकी। अब देखो सीधी सी बात है कि अगर आप एक स्पेक्टेटर हैं।
03:22
Speaker A
अगर आप एक पर्सन हैं जो क्रिकेट एंजॉय करते हैं। आप रोहित शर्मा और विराट कोहली को खेलते हुए देखने के लिए गए हैं स्टेडियम में और रोहित शर्मा ने अगर उठा के मारा और वो बॉल अगर आपके सर पे
03:32
Speaker A
आके पट्ट से गिरती है तो यू कांट कंप्लेन अबाउट इट। आप रोहित शर्मा के अगेंस्ट केस नहीं फाइल कर सकते कि भाई तुमने मुझे हर्ट कर दिया या तुम्हारी बॉल से जो है वो मुझे यहां पे लग गई। रीज़न बीइंग आपको पता है कि
03:44
Speaker A
द मोमेंट आप स्टेडियम के अंदर में एंटर करते हो। आपको पता है कि क्रिकेटर बॉल्स को लेफ्ट राइट घुमा के मारते हैं। बॉल स्टैंड्स में जाती हैं। बॉल से स्टैंड में बैठे लोगों को चोट लगती है। उनको नुकसान
03:55
Speaker A
होता है। बट उसके बाद भी आप क्रिकेट मैच देखने के लिए जाते हैं। दैट मींस कि आप उस नुकसान को आप उस रिस्क को झेलने के लिए एग्री कर रहे हैं। आपने कंसेंट दिया हुआ है वहां पे कि ठीक है भैया बॉल लगेगी। कोई
04:08
Speaker A
बात नहीं हम फिर भी कंप्लेंट नहीं करेंगे। तो सेक्शन नंबर 25 देखो यही कहता है कि अगर आप 18 साल से ऊपर के हैं आपने अगर कोई रिस्क झेलने के लिए, कोई हार्म झेलने के लिए एग्री करा हुआ है तो बाद में आप उसकी
04:22
Speaker A
कंप्लेंट नहीं कर सकते। और इनफैक्ट एज अ मैटर ऑफ इनफैक्ट आपके जितने भी यहां पे एडवेंचर स्पोर्ट्स आते हैं। ठीक है?
04:29
Speaker A
इंडिया में जो आपके जितने भी यहां पे एडवेंचर स्पोर्ट्स आते हैं वो सारे इसी में कवर्ड होते हैं। आप ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग करने के लिए जाइए। आप बंजी जंपिंग करने के लिए जाइए। आप कोई और आप स्काई डविंग करने के लिए जाइए। ठीक है? वो
04:43
Speaker A
सारे इसी में कवर्ड होते हैं। भाई सबको पता है ना रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, स्काई डविंग या आप किसी रोलर कोस्टर में अगर जाके बैठते हो डेंजरस चीजें हैं सारी। यू नेवर नो कब इसमें कोई दिक्कत आ जाती
04:54
Speaker A
है। कब इसमें कोई प्रॉब्लम आ सकती है। लेकिन फिर भी जाते हैं। है ना? फिर भी लोग जाते हैं बंजी जंपिंग करने, स्काई डविंग वगैरह करने। तो दैट मींस कि आप अगर रिस्क जानने के बाद हार्म जानने के बाद भी आप
05:06
Speaker A
अगर उस चीज को करने के लिए जा रहे हो दैट मींस कि आपने उसके लिए कंसेंट करा हुआ है। आपने उसके लिए एग्री करा हुआ है। अब बाद में सच में अगर कोई नुकसान हो गया, सच में अगर कोई रिस्क या हार्म वगैरह होता है तो
05:17
Speaker A
उसके लिए आप यहां पे कंप्लेंट नहीं कर सकते हो। तो इसमें सेक्शन नंबर 25 पे ध्यान रखना कि जो रिक्वायरमेंट है वो क्या है कि जो कंसेंट दिया होना चाहिए वो एक 18 साल से ऊपर के आदमी ने दिया होना चाहिए।
05:30
Speaker A
ठीक है? अच्छा कंसेंट का कोई यह मतलब नहीं है कि आपको लिखित में कंसेंट देना है। कंसेंट आपका इंप्लाइड भी हो सकता है। कंसेंट आपका जो है एक्सप्लसिट भी हो सकता है। जैसे अगर आप जानते ही हैं कि बंजी
05:42
Speaker A
जंपिंग करने में या स्काई ड्राइविंग करने में या रिवर राफ्टिंग करने में क्या-क्या नुकसान होते हैं। फिर भी अगर आप उनको करने के लिए जाते हो तो आपने कोई लिखित में कंसेंट नहीं दिया है। बट अंडरस्टुड है कि
05:53
Speaker A
आप रिस्क जानने के बाद भी करने जा रहे हो उस चीज को। दैट मींस यू हैव गिवन द कंसेंट। तो यहां पे क्या है? यहां पे इंप्लाइड कंसेंट वाला जो पॉइंट है वो आ जाता है। तो कंसेंट आपका एक्सप्रेस भी हो
06:03
Speaker A
सकता है और इंप्लाइड भी यहां पे हो सकता है। ठीक है? लेकिन अब देखो वही बात है इसमें सेक्शन नंबर 25 एक और बात कहता है। सेक्शन 25 ये कहता है कि मैंने बेशक एग्री करा है किसी रिस्क को झेलने के लिए, किसी
06:17
Speaker A
हार्म को झेलने के लिए। इसका मतलब ये तो नहीं है ना कि तुम जानबूझ के मुझे नुकसान पहुंचाओगे। जानबूझ के मुझे तुम यहां पे इंजरी वगैरह पहुंचाओगे। एग्जांपल के तौर पे है ना आप यहां पे मतलब आप नहीं मान लो
06:30
Speaker A
कोई पर्सन जो है वो यहां पे क्या करता है बंजी जंपिंग करने के लिए जाता है। है ना?
06:35
Speaker A
ऋषिकेश की मैं देखती हूं Instagram पे बहुत सारी वीडियोस आती हैं। ऋषिकेश की जो बंजी जंपिंग है बहुत फेमस है। कई सारे लोग जाते हैं वहां पे करने के लिए। अब कोई पर्सन अगर वहां बंजी जंपिंग करने के लिए
06:46
Speaker A
जा रहा है। है ना? अब मान लो कि मतलब भगवान ना करे लेकिन कोई एक्सीडेंट वहां पे हो जाए। वो पर्सन गिर जाए उसको कोई चोट वगैरह आ जाए वो अलग बात है। लेकिन मान लो जो बंजी जंपिंग करवाने वाला ऑपरेटर है
06:59
Speaker A
वहां पे वो जानबूझ के उस पर्सन की जान ले ले। जानबूझ के कोई तुमको बंजी जंपिंग करवाते में नीचे गिरा दे। जानबूझ के तुम्हारी वो जो रस्सी होती है जिससे तुम लटक रहे होते हो उसको स्नैप करवा दे। तो
07:10
Speaker A
ये तो गलत है ना। मतलब मैंने रिस्क झेलने के लिए हार्म झेलने के लिए मैंने रिस्क उठाया हुआ है। इसका मतलब ये तो नहीं है कि आप जानबूझ के मेरी डेथ कॉज कर देंगे या जानबूझ के आप मुझे नुकसान पहुंचाने की
07:20
Speaker A
कोशिश करेंगे। ठीक है? तो यही बात सेक्शन नंबर 25 में लिखी है कि जो एक्ट हुआ है जिससे आपको कोई हार्म हुआ है, कोई नुकसान हुआ है वो जानबूझ के नहीं किया गया होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि सामने वाला पर्सन
07:32
Speaker A
जानबूझ के तुम्हें मारना चाहता था। जानबूझ के तुमको ग्रीवियस हर्ट यहां पे पहुंचाना चाहता था। क्योंकि फिर ये अपराध की कैटेगरी में चला जाएगा सीधा-सीधा। तो आपको सेक्शन नंबर बेनिफिट का जो सेक्शन नंबर 25 है उसका बेनिफिट आपको सिर्फ तब मिल सकता
07:47
Speaker A
है जब आपसे जाने अनजाने में गलती से सामने वाले पर्सन को कोई नुकसान पहुंचता है। जैसे रोहित शर्मा अगर बॉल अ मार रहा है स्टैंड्स की तरफ अगर वो मार रहा है। रोहित शर्मा जानबूझ के किसी के ऊपर नहीं
08:01
Speaker A
मार रहा कि उसके उसके नजर में कोई है जिसप वो चाहता है कि बॉल जाके उसके सर पे गिरे और उसके सर पे चोट लग जाए उस बॉल की वजह से। तो रोहित शर्मा इज नॉट डूइंग इट डेलीबरेटली। आप रिवर राफ्टिंग करने जाओ,
08:13
Speaker A
आप बंजी जंपिंग करने जाओ, सामने वाला पर्सन जानबूझ के नहीं गिरा देता तुमको कि तुम्हें कुछ हो जाए। बट ठीक है ये सारी जोखिम भरी चीजें होती हैं, रिस्क भरी चीजें होती हैं। तो इनमें ये सारी जो है
08:23
Speaker A
एक्सीडेंट्स अक्सर हमें देखने को मिलते हैं। अब जैसे यहां पे देखिए यहां पे एग्जांपल आपको दिया है कि ए और जेड क्या करते हैं? ये फेंसिंग करते हैं। है ना?
08:32
Speaker A
फेंसिंग क्या होता है? एक तरीके से कह लो तलवारबाजी होती है। अगर इसका मैं रियल लाइफ एग्जांपल आपको दे पाऊं तो अगर आपने रेस पिक्चर देखी है रेस टू है ना तो रेस टू पिक्चर में एक सीन है उसमें आपकी
08:45
Speaker A
जैकलिन फर्नांडिस होती हैं और सैफ अली खान होते हैं और वो ऐसे एक तलवारबाजी वाला गेम कर रहे होते हैं। लेकिन अगर उसमें आप देखोगे कि जो तलवारबाजी वाली हाथ में जो तलवार है वो थोड़ी अलग टाइप की तलवार होती
08:57
Speaker A
है। मतलब थोड़ी बहुत ही नुकीली सी होती है। बहुत ही ऐसी पेनी सी होती है। है ना?
09:02
Speaker A
नीडल जैसी होती है। ठीक है? तो वो जो हथियार लेके अगर आप तलवारबाजी करते हो उसको हम फेंसिंग कहते हैं। तो यहां पे बेसिकली ये कह रहे हैं कि ए और बी आपस में फेंसिंग कर रहे हैं। अब ये अंडरस्टुड बात
09:15
Speaker A
नहीं है। तुम हाथ में लेके अगर तलवारबाजी कर रहे हो, फेंसिंग कर रहे हो। तुम्हारे हाथ में इतना डेंजरस टाइप का वेपन है। यार ये तो अंडरस्टुड सी बात है कि आपको लग सकती है उससे। वो तुम खास करके एक दूसरे
09:26
Speaker A
के ऊपर चला भी रहे हो वो हथियार यहां पे। अंडरस्टुड सी बात है कि इस स्पोर्ट में लोगों को उससे क्या जो है वो लग भी सकती है। वो जो आपका वेपन है कहीं ना कहीं हाथ पैर पे आपके कट भी मार सकता है। अब लेकिन
09:40
Speaker A
उसके बाद भी उसके बाद भी आप फेंसिंग का गेम खेल रहे हो। मतलब आपको रिस्क पता है, हार्म पता है फिर भी यू आर गोइंग अहेड विथ इट। अब मान लो फेंसिंग करते-करते तलवारबाजी करते-करते सच में एक पर्सन ने
09:53
Speaker A
तुमको तलवार से मार दिया। अब अगर उसने जानबूझ के नहीं मारा है। है ना? गलती से तुमको कहीं कटकुट लग गया तो वो पर्सन बच जाएगा सेक्शन नंबर 25 का बेनिफिट लेके। लेकिन अगर उसने मौके का फायदा उठाने की
10:06
Speaker A
कोशिश की। उसने ये सोचा कि यार हाथ में तलवार तो है ही। क्यों ना इस पर्सन को जान से ही मार दूं। ठीक है? बोल दूंगा खेल खेल में हो गया। तो अब यहां पे वो पर्सन सेक्शन 25 का बेनिफिट सेक्शन 25 का
10:18
Speaker A
बेनिफिट लेके वो पर्सन नहीं बच पाएगा। क्योंकि अब यहां पे क्या हो रहा है? गलती से वो आपको नुकसान नहीं पहुंचा रहा कि गलती से तलवार से कट लग गया। यहां पे अब वो जानबूझ के तुमको मारने की कोशिश कर रहा
10:30
Speaker A
है या तुम्हारे ऊपर हाथ उठाने की कोशिश कर रहा है तो वो पर्सन सेक्शन 25 का बेनिफिट लेके नहीं बच पाएगा। लेकिन अगर हां जाने अनजाने में उसकी तलवार से तुमको लग जाती है, कटवट आ जाता है तो उस पर्सन के पास
10:41
Speaker A
सेक्शन नंबर 25 का क्या है? बेनिफिट अवेलेबल है। ठीक है? अब आ जाइए सेक्शन नंबर 26 के ऊपर। सेक्शन नंबर 26 जो है आपका ये भी बात करता है किसके बारे में?
10:52
Speaker A
कंसेंट के बारे में। ठीक है? अब यहां पे देखो कौन से वाले कंसेंट की बात की गई है स्टूडेंट्स। यहां से आपका मेडिकल वाला कंसेंट शुरू होता है। एक सिंपल क्लियर सी मैं बात बता रही हूं। ये जो आगे के सेक्शन
11:06
Speaker A
है ना 26, 27, 28, 29, 30 इनमें मेनली बात की गई है आपके डॉक्टर्स के बारे में। आपके मेडिकल वाले लोगों के बारे में। क्योंकि ये क्या होते हैं? अक्सर ये बेचारे ना थोड़े रिस्क वाले ज़ोन में होते हैं। किसी
11:18
Speaker A
पेशेंट का इलाजविलाज कर देते हैं। सारी मेडिकल हेल्प वगैरह प्रोवाइड कर देते हैं। लेकिन फिर भी कभी कबभार क्या होता है?
11:24
Speaker A
पेशेंट नहीं बच पाता। है ना? लोग मर जाते हैं। तो आदमी पहले क्या करता है? सबसे पहले जाके जो है जस्ट [गला साफ़ करने की आवाज़] अ सेकंड। आदमी जो है वो क्या करता है? सबसे पहले जाके डॉक्टर का ही गला पकड़ता है कि तुमने
11:38
Speaker A
हमारे परिवार वाले को मार दिया। तुमने हमारे पेशेंट को नहीं बचाया। इस तरीके की बातें। तो डॉक्टर्स को ना थोड़ी सी इम्यूनिटी देनी जरूरी होती है। तो सेक्शन नंबर 26 जो है वो इसी चीज का एक एग्जांपल है। अब जैसे इसका आप यहां पे एग्जांपल लो।
11:52
Speaker A
ठीक है? इसका हम एग्जांपल ले सकते हैं। कौन सा? कोई मिल गया मूवी जो सबसे पहली वाली कोई मिल गया मूवी थी। है ना? वो जादू होता है जिसमें एलियन वगैरह होता है। अब कोई मिल गया मूवी में देखो क्या दिखाया है
12:03
Speaker A
कि रोहित मेहरा है तो रोहित मेहरा बेचारा बड़ा ही नहीं हो पाया है। मतलब शरीर बड़ा हो गया है लेकिन दिमाग बच्चों वाला रह गया है। अब रेखा जो उसकी मां है रोहित मेहरा की वो डॉक्टर के पास जाती है। मूवी शुरू
12:15
Speaker A
ही वहीं से होती है कि जो मिसेज मेहरा है वो डॉक्टर के पास गई हुई है और मिज मेहरा डॉक्टर से कहती है कि मुझे रोहित क्या करें? अब रोहित को कैसे ठीक करें? तो डॉक्टर कहता है कि देखो मिसेज मेहरा एक
12:26
Speaker A
सर्जरी है हम कर सकते हैं। लेकिन सर्जरी ना थोड़ी रिस्क भरी है कि मतलब क्या पता रोहित बचे ही ना। रोहित मर जाए सर ऑपरेशन टेबल पे। अब मिज मेहरा कहती हैं कि नहीं नहीं मैं तो अपना पति पहले ही खो चुकी
12:39
Speaker A
हूं। एक बच्चा है मेरे पास बस। अब वो भी चला गया तो मैं क्या करूंगी वहां पे? तो मिसेज मेहरा ड्रॉप्स दी आईडिया कि नहीं करवानी मेरे को सर्जरी। बट ये जो चीज डॉक्टर ने यहां पे की है दिस इज़
12:49
Speaker A
एग्जैक्टली व्हाट इज़ सेक्शन नंबर 26 टॉकिंग अबाउट। आप कभी कोई भी मेडिकल ऑपरेशन सर्जरी करवाने के लिए जाओ। डॉक्टर सबसे पहले क्या करवाता है? आपसे कंसेंट फॉर्म साइन करवाता है। डॉक्टर सबसे पहले आपको रिस्क बताता है कि ये करवाया ऐसा हो
13:05
Speaker A
सकता है। ये करवाया वैसा हो सकता है। ये ट्रीटमेंट लोगे ऐसा हो सकता है। जब आप अग्री करते हैं, रिस्क सुनने के बाद क्या नुकसान हो सकता है? वो सुनने के बाद जब आप एग्री करते हैं, तब डॉक्टर ट्रीटमेंट शुरू
13:17
Speaker A
करता है या तब वो ऑपरेशन या सर्जरी करता है। ठीक है? तो क्योंकि क्या है कि अगर डॉक्टर ना बताए और कुछ हो जाए तो तुम तो सीधे डॉक्टर को ही बोलोगे ना यहां पे। अब सेक्शन नंबर 26 ये कहता है कि मान लो
13:30
Speaker A
डॉक्टर ने आपको रिस्क बता दिया कि इस सर्जरी के ये नुकसान है। इस ऑपरेशन के ये नुकसान है। इस मेडिकल ट्रीटमेंट के ये नुकसान है। फिर भी आप उस सर्जरी या ऑपरेशन को कराने का रिस्क उठा लेते हैं। यू यू
13:41
Speaker A
अग्री यू आर लाइक हां डॉक्टर साहब कर दो सर्जरी। कर दो ऑपरेशन। चलिए शुरू करते हैं ट्रीटमेंट यहां पे। अब सर्जरी ऑपरेशन या ट्रीटमेंट करवाने के बाद सच में अगर कुछ हुआ तो इसमें डॉक्टर की लायबिलिटी नहीं है। डॉक्टर की लायबिलिटी यहां पे क्यों
13:54
Speaker A
नहीं है? क्योंकि देखो यहां पे डॉक्टर ने आपको पहले ही बताया था कि क्या नुकसान हो सकता है। तो डॉक्टर यहां पे लायबल नहीं माना जाएगा। लेकिन हां अगर डॉक्टर के पार्ट पे कोई लापरवाही है। अगर डॉक्टर ने
14:08
Speaker A
ट्रीटमेंट करते में गड़बड़ी कर दी। डॉक्टर ने ऑपरेशन करते में गड़बड़ी कर दी। सर्जरी करते में गड़बड़ी कर दी तो यह डॉक्टर की लापरवाही है। फिर डॉक्टर नहीं बच पाएगा सेक्शन नंबर 26 का बेनिफिट लेके। बट अदरवाइज ठीक है? अदरवाइज यहां पे अगर
14:23
Speaker A
डॉक्टर ने जानबूझ के कुछ भी नहीं किया है। देखो तुम्हारा डॉक्टर ट्रीटमेंट कर रहा था, तुम्हारा इलाज कर रहा था, तुम्हारा ऑपरेशन कर रहा था तुम्हारे फायदे के लिए। तुम्हारे तुम्हें कोई दिक्कत होगी, तुम्हें कोई प्रॉब्लम होगी, तुम उसी को
14:36
Speaker A
ठीक करवा रहेगे। तो आप कुल मिला के अपने बेनिफिट के लिए अपने फायदे के लिए ही डॉक्टर के पास गए डॉक्टर भी आपके बेनिफिट के लिए ही आपका इलाज कर रहा था। ठीक है?
14:44
Speaker A
अब यहां पे बेसिकली अगर डॉक्टर ने जो भी नुकसान हुआ है जैसे मान लो डॉक्टर ने किसी पेशेंट को कहा कि मैं सर्जरी कर तो दूंगा लेकिन इस इस सर्जरी में रिस्क है। आपकी डेथ भी हो सकती है। पेशेंट फिर भी सर्जरी
14:57
Speaker A
करवा ले और पेशेंट मर जाए। तो अब आप डॉक्टर को नहीं बोल सकते। क्यों? क्योंकि देखो यार ऐसा तो है नहीं कि डॉक्टर ने जानबूझ के तुम्हारी डेथ कॉज कर दी। डॉक्टर ने जानबूझ के तुमको मार दिया। है ना?
15:08
Speaker A
डॉक्टर जो है वो तो यार तुमको बचाने की ही कोशिश कर रहा था ना यहां पे। दूसरी बात ये है अगर हम सर्जरी चलो कर भी रहे थे। अगर हम ऑपरेशन कर भी रहे थे तुम्हारे फायदे के लिए कर रहे थे। तुम्हारा बेनिफिट ही हो
15:19
Speaker A
रहा था वहां पे। तीसरी बात ये है कि डॉक्टर के पार्ट पे गुड फेथ है। गुड फेथ का मतलब कि डॉक्टर ने कोई लापरवाही नहीं की है। है ना? डॉक्टर ने प्रॉपर सर्जरी ऑपरेशन वगैरह किया। ठीक है? मर गया पेशेंट
15:31
Speaker A
हो जाता है कभी कबभार। राइट? और यहां पे तुमको भाई ये बात पहले ही बता दी गई थी। यू वर एक्सप्लेंड यू वर टोल्ड क्लियरली देखो सर ऑपरेशन में सर्जरी में रिस्क है। तुम्हारी डेथ भी हो सकती है। अब यह सुनने
15:44
Speaker A
के बाद भी तुम अगर सर्जरी करवाने के लिए एग्री करते हो तो इसमें डॉक्टर की कोई लायबिलिटी नहीं है। जैसे यहां पे एक इलस्ट्रेशन है। Z को एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है। Z को एक बहुत ही पेनफुल मेडिकल
15:56
Speaker A
कंडीशन है। Z ए को जाके दिखाता है। ए यहां पे कहता है कि सर मैं एक ऑपरेशन कर सकता हूं। उससे आपकी मेडिकल कंडीशन यहां पे ठीक हो सकती है। लेकिन सर ऐसा है ऑपरेशन अगर ठीक नहीं गया तो आपकी डेथ भी हो सकती है
16:09
Speaker A
यहां पे। अब ए जो है वो फिर भी यहां पे ऑपरेशन पेशेंट जो है वो ऑपरेशन फिर भी अपना यहां पे करवा लेता है। अब पेशेंट ने ऑपरेशन करवाया और ऑपरेशन के बाद पेशेंट की डेथ हो गई। तो इसमें डॉक्टर जो है वो
16:22
Speaker A
लायबल नहीं माना जाएगा। क्योंकि डॉक्टर ने कोई जानबूझ के डेथ नहीं कॉज की है। डॉक्टर अपना काम कर रहा था और डॉक्टर ने कोई लापरवाही नहीं दिखाई है। तो ऐसे में कोई रिस्क नहीं माना जाएगा अंडर सेक्शन नंबर
16:34
Speaker A
26। ठीक है? अच्छा अब 26 और 27 कोई अंतर नहीं है। 26 और 27 सेम चीज के बारे में बात करते हैं। बस डिफरेंस ये है स्टूडेंट्स कि 26 में हम बात कर रहे हैं नॉर्मल लोगों के बारे में। जैसे आप और मैं
16:51
Speaker A
जो बड़े लोग हैं, जो एडल्ट लोग हैं जो अपनी लाइफ के रिस्पेक्ट में डिसीजंस ले सकते हैं। सेक्शन नंबर 27 में हम किसके बारे में बात करते हैं? हम बात करते हैं 12 साल से कम उम्र के बच्चों के बारे में
17:04
Speaker A
और अनसाउंड माइंड के लोगों के बारे में। कुल मिला के उस कैटेगरी के लोग जो अपने लाइफ के फैसले खुद नहीं ले सकते हैं। जिनमें उतनी मैच्योरिटी नहीं होती है। जिनमें उतनी उतनी अकल नहीं होती है कि वह
17:17
Speaker A
समझ पाएं कि उनके लिए क्या सही है, क्या गलत है। ठीक है? तो सेक्शन नंबर 26 और 27 सेम है। 26 बात कर रहा है बाकी लोगों के बारे में। 27 बात कर रहा है इन स्पेशल कैटेगरी के लोगों के बारे में। अब जैसे 27
17:31
Speaker A
में आप देखो सेम एग्जांपल ले लो। जैसे अगर मान लो कोई आठ साल का बच्चा है। ठीक है?
17:36
Speaker A
देयर इज़ अ 8 ईयर ओल्ड किड। अब इस आठ साल के बच्चे को पैदा होते से ही एक दिक्कत है। मान लो उसके दिल में छेद है। समथिंग लाइक दैट। उस तरीके की कोई प्रॉब्लम है। अब बेचारा जब से वह बच्चा पैदा हुआ है तब
17:49
Speaker A
से उसके मां-बाप क्या करवा करवा रहे हैं? बच्चे का ट्रीटमेंट ही करवाए जा रहे हैं। इलाज ही करवाए जा रहे हैं। लेकिन बच्चा फिर भी ठीक नहीं हो रहा। अब बच्चा जैसे ही आठ साल का हुआ थोड़ा बड़ा हुआ तो डॉक्टर
17:59
Speaker A
ने यहां पे पेरेंट्स से कहा कि एक ऑपरेशन है हम कर सकते हैं। लेकिन उसमें रिस्क है। मतलब या तो आपका बच्चा फिर जिंदगी भर के लिए ठीक हो जाएगा या फिर उसकी डेथ हो जाएगी। अब पेरेंट्स ने सोचा कि हां ठीक है
18:11
Speaker A
यार करा के देख लेते हैं सर्जरी ऑपरेशन। लेकिन बच्चा सर्वाइव नहीं कर पाया। बच्चा मर गया। अब सीधी सी बात है कि बच्चे को मारने पर ना तो आप यहां पे ठीक है ना तो आप यहां पे डॉक्टर का गला पकड़ सकते हो ना
18:25
Speaker A
पेरेंट्स का गला पकड़ सकते हो। क्योंकि ना पेरेंट्स ने जानबूझ के डेथ कॉस्ट करवाई है ना डॉक्टर ने यहां पे जो है वो डेथ कॉज करी है। ठीक है? तो यहां पे देखो सिंपल सी बात है कि सेक्शन नंबर 27 ये कह रहा है कि
18:39
Speaker A
जो आपके 12 साल से कम उम्र के लोग होते हैं या जो अनसाउंड माइंड के लोग होते हैं उनके लिए जो उनका डिसीजन होता है वो कौन लेता है? वो लेता है उनके पेरेंट्स वो लेते हैं उनके लॉफुल गार्डियंस। ठीक है?
18:53
Speaker A
तो यहां पे बेसिकली अगर उस पर्सन की भलाई के लिए सेम वही बात है। उनकी भलाई के लिए उनके बेनिफिट के लिए अगर आप कोई चीज करवा रहे थे और उसमें अगर कोई भी गड़बड़ या कोई भी दिक्कत हो जाती है तो आप किसी को
19:05
Speaker A
जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। अनलेस मतलब वही बात है कि डॉक्टर ने कोई लापरवाही ना कर दी हो। है ना? डॉक्टर ने किसी तरीके से जो है जानबूझ के डेथ ना कॉज कर दी हो या तुमने जानबूझ के अपने बच्चे की डेथ ना कॉज
19:18
Speaker A
करवा दी हो। जैसे मुझे याद है अभी एक केस आया था लास्ट ईयर की बात है। आई थिंक इंदौर का केस था यहां पे। अ देयर वाज़ अ गर्ल जो कि अगेन ऐसा सा ही केस था कि वो
19:30
Speaker A
लड़की अपने पैदा होने से ही काफी ज्यादा बीमार रहती थी। काफी ज्यादा सिक रहती थी। ठीक है? और जैन धर्म की लड़की थी वो। तो जैन धर्म में आई थिंक एक प्रैक्टिस होती है। संथारा कहते हैं उसको जिसमें आप सामने
19:44
Speaker A
वाले पर्सन को जानबूझ के भूखा रखते हो। मतलब खाना पीना देना बंद कर दिया जाता है उस पर्सन को तो अल्टीमेटली उस पर्सन की डेथ हो जाती है। अब उस केस में होता यह है कि वो जो लड़की थी वो बचपन से पैदा होते
19:56
Speaker A
से ही बीमार थी। तो डॉक्टर्स काफी साल तक इलाजविलाज करते रहे बट एक टाइम के बाद डॉक्टर्स ने भी गिव अप कर दिया था। डॉक्टर्स ने कह दिया था कि ये सर्वाइव नहीं करेगी। तो वो जो लड़की के पेरेंट्स
20:07
Speaker A
थे वो उनको अपने किसी जैन स्पिरिचुअल लीडर के पास लेके गए और जैन स्पिरिचुअल लीडर ने शायद सजेस्ट किया कि आप संथारा करवा दो। मतलब मतलब इसको खानावाना देना बंद कर दो तो उस तरीके से इसको मोक्ष मिल जाएगा एंड
20:19
Speaker A
शी विल हैव अ गुड आफ्टर लाइफ। उस तरीके से कुछ उसमें केस में था। तो पेरेंट्स ने बच्ची को खाना देना बंद कर दिया। एंड इवेंचुअली छोटी बच्ची थी आई थिंक ढाई तीन साल की तो कब तक ही सर्वाइव करती। तो
20:29
Speaker A
इवेंचुअली उस बच्ची की जो है वो वहां पे डेथ हो गई। अब अब वो क्या है? देखो ये जो पूरी चीज हुई है उस पे अपने आप में बहुत सारे लीगल इशूज़ खड़े होते हैं कि क्या ये जो किया जाता है जैन धर्म में इज़ दिस
20:41
Speaker A
लीगली अलाउड? क्या आप इस तरीके से इंटेंशनल कॉजिंग ऑफ डेथ यहां पर अलऊ कर सकते हो? तो उसमें सवाल यही उसमें जो लीगल इशू खड़ा होता है वो यही सेक्शन नंबर 27 का खड़ा होता है। क्योंकि सेक्शन 27 ये
20:54
Speaker A
कहता है कि अगर तो आप अपने बच्चे के लिए उसके फायदे के लिए उसके बेनिफिट के लिए कोई चीज कर रहे हो और उसमें अगर उस बच्चे की डेथ हो जाए या उसको कुछ हार्म हो जाए तो इसमें ना तो पेरेंट्स जिम्मेदार है ना
21:05
Speaker A
ही डॉक्टर जिम्मेदार है। ठीक है? अनलेस दोनों के पार्ट पे कोई लापरवाही, कोई नेग्लिजेंस ना हो। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप जानबूझ के ठीक है। सेक्शन नंबर 27 में लिखा हुआ है कि इसका मतलब ये
21:17
Speaker A
नहीं है ना कि आप जानबूझ के अपने बच्चे की डेथ कॉज कर दोगे। जैसे इस वाले केस में हुआ या जैसे मान लो यूथनेशिया की अगर हम बात करते हैं। कोई बच्चा पैदा हुआ है। बचपन से बीमार है। बचपन से इल है। मां-बाप
21:30
Speaker A
से उसका दर्द नहीं देखा जा रहा। ठीक है? मां-बाप बेचारे परेशान घूम रहे हैं तो मां-बाप सोचते हैं कि यार इसको मरवा ही देते हैं। बच्चे को मार देते हैं। तो बच्चे को मारने से बच्चे का भी दुख दर्द
21:40
Speaker A
खत्म और हमारा भी दुख दर्द खत्म। डॉक्टर के पास बच्चे को लेके जाते हैं। डॉक्टर से पेरेंट्स कहते हैं डॉक्टर साहब इसको मार दीजिए। इसकी डेथ कॉज कर दीजिए। अब यहां पे देखा जाए तो किया मां-बाप यही बोलेंगे कि
21:51
Speaker A
हमने तो बच्चे के फायदे के लिए किया। हमारा बच्चा बेचारा लेटा रहता था। कुछ कर नहीं पाता था। पैरालाइज टाइप का था। बट इसका मतलब ये नहीं है ना कि पेरेंट्स को या मां-बाप को गार्डियंस को ये राइट है कि
22:02
Speaker A
आप इंटेंशनली अपने बच्चे की डेथ कॉज कर दो। तो सेक्शन नंबर 27 वही कहता है कि आप ऐसी कोई चीज नहीं करवा सकते जानबूझ के अपने बच्चे की जहां पे आप या तो डेथ कॉज करवा रहे हो या फिर आपको पता है कि डेथ
22:14
Speaker A
कॉज हो सकती है। अनलेस ये सारी चीजें क्यों करवाई जा रही हैं? बच्चे के फायदे के लिए की जा रही हैं। बच्चे के बेनिफिट के लिए की जा रही हैं। सिमिलरली आप ऐसा नहीं करवा सकते कि जानबूझ के आपने अपने
22:25
Speaker A
बच्चे के हाथ पैर कटवा दिए। जानबूझ के उसको ग्रीवियस हर्ट वगैरह करवा दिया। हां, ठीक है। आप अगर बच्चे के फायदे के लिए कोई सर्जरी करवा रहे थे, कोई ऑपरेशन करवा रहे थे। उसमें बच्चे का जो है बच्चे को
22:38
Speaker A
एम्प्यूट करना पड़ गया, उसका हाथ पैर काटना पड़ गया। वो अलग बात होती है। बट बेसिकली सेक्शन नंबर 27 में जो एक्सेप्शनंस दिए हैं वो ये कहते हैं कि जानबूझ के किसी भी पेरेंट को या किसी भी लॉफुल गार्डियन को यह राइट नहीं दिया गया
22:52
Speaker A
है कि डेलीबेटली आप अपने बच्चे को कोई नुकसान पहुंचाओ। डेलीबेटली आप उनको ग्रीवियस हर्ट करो। डेलीबेरेटली आप उनको जान से मारने की कोशिश करो या आप उनकी डेथ कॉस्ट करो। ये कह के कि हम तो उसके फायदे के लिए कर रहे थे। उसके बेनिफिट के लिए कर
23:05
Speaker A
रहे थे। ठीक है? तो ये आपका सेक्शन नंबर 27 है। अब जैसे यहां पे एक एग्जांपल है कि A के पास एक बच्चा है जिसको एक बीमारी है यहां पे। तो ए एक सर्जन के पास जाता है। बच्चे को दिखाता है। है ना? अब बच्चा तो
23:18
Speaker A
यहां पे कंसेंट दे नहीं सकता। तो ए जो है वो यहां पर सर्जन को अपने बच्चे की बीमारी के बारे में बताता है। सर्जन कहता है कि ठीक है हम बच्चे का ऑपरेशन कर सकते हैं लेकिन बच्चे की जान जाने के यहां पे
23:30
Speaker A
चांसेस हैं। अब पेरेंट फिर भी एग्री कर रहा है बच्चे का ऑपरेशन करवाने के लिए। अब मान लो ऑपरेशन सक्सेसफुल ना हो और बच्चे की डेथ हो जाए। तो यहां पे आप ऐसा नहीं कह सकते कि मां-बाप ने जानबूझ के बच्चे को
23:43
Speaker A
मार दिया या जानबूझ के उसकी डेथ कॉज करवा दी। ठीक है? तो यहां पे जो आपके पेरेंट्स हैं या यहां पे जो आपके डॉक्टर हैं वो सेक्शन नंबर 27 का बेनिफिट लेके क्या कर जाएंगे? यहां पे बच जाएंगे। ठीक है?
23:55
Speaker A
सेक्शन नंबर 28 पे आ जाइए। सेक्शन नंबर 28 बात करता है कि कब एक कंसेंट आपका वैलिड कंसेंट नहीं माना जाता है। ठीक है? कंसेंट मतलब आपने जब किसी चीज के लिए एग्री किया है, जब आपने किसी चीज के लिए हामी भरी है
24:10
Speaker A
तो दो तरीके से होता है। जैसे हम इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट में भी पढ़ते हैं। वहां पे भी होता है ना कंसेंट और फ्री कंसेंट। तो वही वाली बात है। एक होता है कंसेंट कि आपने किसी चीज के लिए एग्री कर लिया।
24:22
Speaker A
लेकिन कोई सा भी जो लॉ है इंडिया का वो फ्री कंसेंट मांगता है। वो ये कहता है कि सामने वाले ने किसी चीज के लिए एग्री किया है, हामी भरी है तो अपनी मर्जी से करा होना चाहिए। बिना किसी दबाव में आके, बिना
24:36
Speaker A
किसी प्रेशर में आके, बिना किसी धमकी वगैरह के, बिना किसी डर के। हमें वो वाला कंसेंट चाहिए होता है। तो सेक्शन नंबर 28 यही बात आपको बताता है कि आप किसी पर्सन को डराएं। आप उससे यह कहें मैं तेरे बच्चे
24:50
Speaker A
उठा लूंगा। मैं तेरी बीवी को मार दूंगा। मैं तेरे घर वालों को मार दूंगा। मैं तेरे घर पर कब्जा कर लूंगा। मैं तेरी गाड़ी उठा लूंगा। मैं तेरी इज्जत जो है उसको यहां पे पूरी तरीके से डैमेज कर दूंगा। ये सारा
25:01
Speaker A
तुम किसी को डराओ धमकाओ और फिर उनका कंसेंट ले लो। तो ये कंसेंट कोई कंसेंट थोड़ी ना है। वो पर्सन कर रहा है एग्री दे देगा कंसेंट तुमको। बट दैट डज़ नॉट मीन इट्स अ वैलिड कंसेंट ना। डर की वजह से दे
25:14
Speaker A
रहा है वो कंसेंट। क्योंकि तुमने उसको डरा दिया कि मैं ऐसा-ऐसा कर दूंगा तुम्हारे साथ या तुम्हारे परिवार वालों के साथ। तो अगर आप किसी पर्सन को डर दिखाते हैं इंजरी का। इंजरी वर्ड का मतलब मैंने आपको बताया
25:25
Speaker A
था जब हमने डेफिनेशन डिस्कस करी थी कि इंजरी में चारों चीजें आती हैं। चाहे बॉडी हो, चाहे माइंड हो, चाहे प्रॉपर्टी हो, चाहे रेपुटेशन हो। किसी भी चीज का डर दिखा के अगर आप किसी पर्सन का कंसेंट लेते हैं
25:38
Speaker A
या फिर मिसकंसेप्शन ऑफ़ फैक्ट। मिसक मिसकंसेप्शन ऑफ़ फैक्ट का मतलब क्या होता है? एक तरीके से ऐसा कह लो किसी को झूठ बोलना, किसी को अ जो है कुछ और ही कहानी बता के सामने वाले पर्सन का यहां पे
25:51
Speaker A
कंसेंट ले लेना। ठीक है? तो अगर यहां पे आपने सेक्शन के अंदर में क्या किया है?
25:57
Speaker A
किसी पर्सन का कंसेंट गलत तरीके से लिया है। ठीक है? फियर ऑफ इंजरी में लिया है या फिर मिसकंसेप्शन ऑफ़ फैक्ट में लिया है। तो ये कंसेंट को लॉ क्या करता है? वैलिड नहीं मानता है। है ना? जैसे कि मान लो कोई
26:10
Speaker A
पर्सन तुम्हारी कनपटी पे गन रख के पिस्तल रख के तुमसे तुम्हारे प्रॉपर्टी के कागजात पे साइन करवा ले। अब साइन तुमने ही किया है। प्रॉपर्टी बेचने के लिए तुम ही ने कंसेंट दिया है। तुम ही ने एग्री किया है
26:23
Speaker A
वो दिख रहा है। लेकिन क्या जो आपने साइन किया प्रॉपर्टी के कागज पे या क्या जो तुमने कंसेंट दिया प्रॉपर्टी को बेचने के लिए वाज़ इट अ वैलिड कंसेंट? नो। आपको जान से मारने की धमकी दी गई थी। यहां पे कोई
26:35
Speaker A
तुम्हारे पिस्तल रख के खड़ा होगा तो यू विल अग्री टू एनीथिंग एंड एवरीथिंग। सब कुछ करने के लिए आदमी वहां पे एग्री कर जाएगा। तो ऐसा जो कंसेंट है वो एक वैलिड कंसेंट नहीं माना जाएगा। मतलब ये जो
26:47
Speaker A
कंसेंट आपने दे दिया अपना घर बेचने को, अपनी प्रॉपर्टी बेचने को ये कंसेंट जो है वो आपका वैलिड कंसेंट नहीं माना जाएगा। तो पहली चीज तो सेक्शन 28 में ये ध्यान रखना कि मिसकंसेप्शन ऑफ फैक्ट झूठ बोल के
27:00
Speaker A
धोखाधड़ी करके किसी का कंसेंट लेना और डरा के धमका के कंसेंट लेना वैलिड नहीं होता। दूसरी चीज यह है कि जो अनसाउंड माइंड के लोग होते हैं या जो नशे में धूत लोग होते हैं इनके कंसेंट की भी कोई वैल्यू नहीं
27:15
Speaker A
होती है। यार देखो सीधा सीधा सा लॉजिक यहां पे लगाओ कि जब हमने जनरल एक्सेप्शन पढ़ा जनरल एक्सेप्शन में हमने देखा कि ये जो कैटेगरी के लोग होते हैं पागल दिमाग के या इनटॉक्सिकेटेड लोग ये अपराध करने के
27:29
Speaker A
लिए एलिजिबल ही नहीं माने जाते हैं। ये अपराध करते हैं तो भी कानून इनको छोड़ देता है। तो जो अपराध करने लायक नहीं है वो क्या यहां पर डिसीजन ले पाएगा? क्या किसी चीज के लिए एग्री कर पाएगा? क्या
27:40
Speaker A
कंसेंट दे पाएगा? तो सेम लॉजिक है कि जिस पर्सन को लॉ अपराध करने के लायक नहीं मानता है उसे लॉ कंसेंट देने के लायक भी नहीं मानता है कि जब ये लोग अपराध नहीं कर सकते हैं तो ये कंसेंट भी नहीं दे सकते
27:54
Speaker A
हैं। इनके द्वारा दिए गए कंसेंट की भी कोई भी वैल्यू नहीं होती है। और सिमिलरली जो 12 साल से कम उम्र का पर्सन होता है इसके कंसेंट की भी कोई वैल्यू नहीं होती है। तो चार चीजें आपको याद रखनी है सेक्शन नंबर
28:07
Speaker A
28 में जो सीधा-सीधा सवाल यहां से बनता है। नंबर वन मतलब नंबर वन में दो पॉइंट्स हैं कि एक आप अगर किसी पर्सन को डराते हैं, धमकाते हैं और कंसेंट लेते हैं वह वैलिड नहीं है। नंबर टू अगर आप किसी पर्सन
28:21
Speaker A
के साथ धोखाधड़ी करते हैं, झूठ-वूठ बोल के कोई झूठी-मूठी कहानी बना के कंसेंट लेते हो वो वैलिड नहीं है। तीसरा किसी पागल दिमाग का पर्सन का अगर आप कंसेंट लेते हो वो वैलिड नहीं है। चौथा किसी नशे में धुत
28:34
Speaker A
पर्सन का अगर आप कंसेंट लेते हो वो वैलिड नहीं है। पांचवा, किसी 12 साल से कम उम्र के पर्सन का अगर आप कंसेंट लेते हो, तो उसे भी सेक्शन नंबर 28 वैलिड नहीं मानता है। ठीक है? 29 स्किप कर देना। वो
28:46
Speaker A
इंपॉर्टेंट नहीं है एग्जाम के लिए। सेक्शन नंबर 30 जो है अब यहां पे देखो आपको बताया गया है कि जब कोई चीज़ यहां पे करी जाती है विदाउट अ पर्संस कंसेंट। अब ये कंप्लीटली अलग कांसेप्ट है। ये कंप्लीट अलग कहानी पे
29:01
Speaker A
जा रहे हैं अब हम। अभी तक हम बात कर रहे थे कंसेंट कंसेंट। हम जो कर रहे थे सामने वाले पर्सन के साथ उनसे पूछ के कर रहे थे। है ना? उनको सब बता-बूत के कर रहे थे। वो
29:10
Speaker A
सारा हो रहा था। यहां पे सेक्शन नंबर 30 में। अब जब तुम सामने वाले पर्सन के साथ कुछ कर रहे हो। प्रॉब्लम ये है कि अब वो तुमको कंसेंट दे नहीं सकता। अब वो कंसेंट क्यों नहीं दे सकता? अब यहां पे सेक्शन नंबर 30 में आपके
29:26
Speaker A
कवर हो जाएंगे एक्सीडेंटल केसेस। एक्सीडेंटल केसेस जैसे कि मान लो x है। यह सड़क पर जा रहा है। बाइक चला रहा है। इसका एक्सीडेंट हो गया। एक्सीडेंट में ये बेहोश हो गया। है ना? ये फेंट कर गया। अनकॉन्शियस है एक्स। अब यहां पे सड़क पे
29:41
Speaker A
बेचारे कुछ अच्छे भले मानस थे जो इसको उठा के हॉस्पिटल लेके गए। ठीक है? अब हॉस्पिटल जब यह पहुंचा तो डॉक्टर ने देखा कि यार इसका बहुत ब्लड लॉस हो चुका है। तुरंत इसका सर्जरी तुरंत इसका ऑपरेशन करने की
29:54
Speaker A
यहां पे जरूरत है। डॉक्टर इसको ले गए ऑपरेशन करवाने के लिए। नाउ द प्रॉब्लम इज़ एक्स एक्सीडेंटल केस है। ये तो वो तो खुद अनकॉन्शियस पड़ा हुआ है। अब आप उससे तो पूछ नहीं सकते कि भाई तेरा ऑपरेशन कर दे नहीं
30:09
Speaker A
कर दें। कैसे बताएगा? वो तो बेहोश पड़ा हुआ है ना। दूसरी बात यह है एक्स के बिहाफ पर कोई और पर्सन है भी नहीं कि तुम चाहो तुम एक्स के घर वालों से पूछ लो तुम घर परिवार वालों से पूछ लो एक्सीडेंटल केस है
30:21
Speaker A
अफरातफरी में लाया गया है बहुत इंतजार करोगे कि यार इसके मां-बाप को ढूंढ के निकालो इसके परिवार वालों को ढूंढ के निकालो फिर उनसे पूछो तब तक पता चला वो पर्सन ही सर्वाइव ना करे तो डॉक्टर्स के सामने ऐसी सिचुएशन आती हैं कि आपको
30:34
Speaker A
इमीडिएटली एक्ट करना है ना और इमीडिएट एक्ट करने का मतलब क्या है कि आप किसी की हामी या किसी कंसेंट का वेट नहीं कर सकते। जो करना है तुरंत आपको यहां पे करना है। अब मान लो डॉक्टर ने एक्स की जान बचाने के
30:47
Speaker A
लिए ऑपरेशन कर दिया। ठीक है? उसकी सर्जरी यहां पे कर दी। सर्जरी में ऑपरेशन में कुछ गड़बड़ हो गई। गड़बड़ क्या हो गई कि मतलब ऑपरे क्योंकि एक एक्स का एक्सीडेंट ही इतना बुरा हुआ था। तो उसमें क्या हुआ?
31:00
Speaker A
डॉक्टर को एक्स का एक पैर काटना पड़ गया। मान लो इनके पैर में कुछ इंफेक्शन वगैरह टाइप का हो गया था। तो डॉक्टर को एक एक्स का जो है यहां पे एक पैर काटना पड़ गया। एंप्यूट करना पड़ गया। अब x यहां पे
31:13
Speaker A
डॉक्टर को बोले कि तुमको कौन बोला था ऑपरेशन करने के लिए? क्यों किया तुमने मेरा ऑपरेशन? मेरा पैर काट दिया। तुमने पूछा क्यों नहीं हमसे पहले? तुमने मेरे परिवार वालों से क्यों नहीं पूछा? डॉक्टर बोलेगा कहां से पूछता? कौन था पूछने के
31:26
Speaker A
लिए? तुम अनकॉन्शियस पड़े हो। तुम्हारे घर परिवार वालों का आईडिया नहीं है। इतना मैं वेट करता कि कंसेंट आ जाए तो तुमको ही नहीं बचा पाता। है ना? सामने वाला पर्सन ही यहां पे चल देता। तो सेक्शन नंबर 30
31:39
Speaker A
उसी सिचुएशन के बारे में आपको बताता है कि आपने बिना सामने वाले पर्सन को बताए बिना उससे पूछे बिना उसका कंसेंट लिए उसके फायदे के लिए अगर आपने कोई चीज यहां पे कर दी। अब कंसेंट हम उसका क्यों नहीं ले पाए
31:53
Speaker A
हैं? कंसेंट हम इसलिए नहीं ले पाए हैं क्योंकि वो पर्सन खुद कंसेंट देने की हालत में नहीं है और उसके बिहाफ पे कोई और पर्सन है नहीं जो आपको वहां पे कंसेंट दे पाए। तो ऐसे में ठीक है? ऐसे में जब आपको
32:07
Speaker A
इमीडिएटली कोई फैसला लेना होता है, इमीडिएटली आपको कोई यहां पे डिसीजन लेना होता है और वहां पे आपके पास जब टाइम नहीं होता है पूछने का तो आपको जो सही लगे आप करो। अब जो सही लगे करो में अगर कोई
32:19
Speaker A
नुकसान हुआ, कोई घाटा वगैरह हुआ तो इसमें आपकी लायबिलिटी नहीं है। आपकी जिम्मेदारी नहीं है। लेकिन वही पॉइंट है। ठीक है?
32:27
Speaker A
पॉइंट सारे वही सेम है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि तुमने लापरवाही कर दी। अगर डॉक्टर के पार्ट पर यह पाया गया कि डॉक्टर ने लापरवाही करी है ऑपरेशन या सर्जरी में तो फिर डॉक्टर को नहीं बख्शा जाएगा। या
32:40
Speaker A
ऐसा नहीं होना चाहिए कि डॉक्टर ने जानबूझ के पेशेंट की डेथ कॉज कर दी। जानबूझ के उसको नुकसान पहुंचा दिया। जानबूझ के उसको हर्ट वगैरह पहुंचा दिया। ये सारे पॉइंट्स रहेंगे आपके एज़ इट इज़। अब जैसे यहां पे
32:51
Speaker A
देखो एक इलस्ट्रेशन है कि Z जो है वो एक घोड़े से गिर जाता है। अब घोड़े से जब आदमी गिरता है ना तो बहुत ही तगड़ी चोट लगती है क्योंकि घोड़ा थोड़ा हाइट पे होता है और भागते-भागते अगर गिरे तो और ही दिक्कत। तो
33:05
Speaker A
Z एक घोड़े से गिरा और बेहोश हो गया। Z को तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टर सर्जन Z को देखता है और कहता है यार इसका तो ऑपरेशन करना पड़ेगा। इसके तो दिमाग में बहुत ज्यादा चोट आई है यहां पे। अब ऑपरेशन
33:19
Speaker A
करने करें या ना करें ये पूछें किससे जिसका ऑपरेशन करना है वो बेहोश पड़ा है उसके घर परिवार वालों का पता है नहीं तो आप किसी का कंसेंट तो ले नहीं सकते यहां पे अब यहां पे z सर्जन क्या करता है
33:33
Speaker A
डॉक्टर क्या करता है z का ऑपरेशन यहां पे कर देता है ठीक है z का ऑपरेशन यहां पे कर देता है अब मान लो इस ऑपरेशन में z मर जाए क्योंकि दिमाग का ऑपरेशन है ना दिमाग के ऑपरेशन आसान नहीं होते किसी के स्कल में
33:46
Speaker A
ऑपरेशन करना इट्स वेरी ट्रिक ट्रिकी थिंग तो डॉक्टर दिमाग का ऑपरेशन कर रहा है और पेशेंट मर गया। पेशेंट सर्वाइव नहीं कर पाया। तो अब आप इसमें डॉक्टर को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। मतलब अब Z तो बचा नहीं।
33:57
Speaker A
तो पीछे से Z के परिवार वाले आके डॉक्टर से ये नहीं कह सकते कि तुमको कौन बोला था ऑपरेशन करने को? तुमने हमसे क्यों नहीं पूछा? यार देखो डॉक्टर ने जो किया, सर्जन ने जो किया, Z की जान बचाने के लिए किया।
34:09
Speaker A
उसके फायदे के लिए किया। उसके बेनिफिट के लिए किया। और ऑपरेशन करने के पहले पूछने का स्कोप नहीं था। कोई था नहीं पूछने के लिए वहां पे। तो ऐसे में अगर कोई गड़बड़ी होती भी है तो डॉक्टर इज नॉट लायबल। ठीक
34:20
Speaker A
है? दूसरा एग्जांपल यहां पे देखो। दूसरा एग्जांपल है ए जो है वो Z को सॉरी एक टाइगर जो है वो Z को उठा के लेके जा रहा है। है ना? अब यहां पे क्या है कि मतलब मान लो तुम और तुम्हारा दोस्त चिड़ियाघर गए
34:35
Speaker A
हैं। शेर को देखने के लिए। तुम्हारा जो दोस्त है वो अचानक से शेर के बाड़े में गिर जाए अंदर जहां शेर का पिंजरा है उसमें गिर जाए। अब शेर तुम्हारे दोस्त को दबोचा हुआ है अपने मुंह में। तुम्हारे पास एक गन है।
34:48
Speaker A
तुम्हारे पास एक पिस्टल है। तुमने वो पिस्टल निकाली। अब तुम अपने दोस्त की जान बचा सकते हो शेर के ऊपर फायर करके। बट देयर इज़ अ रिस्क। क्योंकि तुम्हारा दोस्त शेर के मुंह में दबा हुआ है। तो अगर गोली
35:00
Speaker A
थोड़ी सी भी इधर-उधर मिसफायर हुई तो गोली शेर को ना लग के तुम्हारे दोस्त को भी लग सकती है। और गोली लग के फिर दे मल्टीपल थिंग्स दैट कैन हैपन। लेकिन अब क्या ये वो सिचुएशन है जहां पे हम वेट करें और सोचें
35:13
Speaker A
कि क्या किया जाए? वी डोंट हैव एनी ऑप्शन। इतना वेट करेंगे तब तक शेयर खा जाएगा तुम्हारे दोस्त को। ठीक है? ना आप अपने दोस्त से पूछ सकते कि भाई गोली चला दूं क्या? ना उसके बिहाफ पे कोई और कंसेंट
35:24
Speaker A
देने को है। तो मान लो आपने गोली चला दी। अब गोली चलाई अपने अच्छे इंटेंशन से लेकिन गोली दोस्त को जाके लग गई और दोस्त की वहां पे डेथ हो गई। तो यहां पे दोस्त के घर वाले अब आपको ब्लेम नहीं कर सकते कि
35:38
Speaker A
तुमने जानबूझ के गोली मार दी। भाई तुमने गोली चलाई अपने दोस्त को बचाने के लिए। तुम उसको सेव करना चाह रहे थे। आपके पार्ट पे कोई लापरवाही नहीं थी। बट अब सिचुएशन रिस्की थी कि चांसेस थे कि गोली जो है वो
35:50
Speaker A
आपके फ्रेंड को भी यहां पे लग सकती थी। ठीक है? तो ऐसे में आपने कोई भी अपराध नहीं किया है क्योंकि वही बात है कि आपने कोई जानबूझ के डेथ नहीं कॉज की है। जानबूझ के किसी को गोली से नहीं मारा है। गोली
36:02
Speaker A
आपने चलाई अपने दोस्त को बचाने के लिए चलाई और तीसरा कि गोली चलाऊं या ना चलाऊं ये पूछने का स्कोप नहीं था। कोई था नहीं वहां पे जो आपको एग्री कर सकता या आपको हामी भर सकता कि गोली चला सकते हैं या
36:15
Speaker A
नहीं चला सकते। तीसरा इलस्ट्रेशन यहां पे देखिए। ए के पास एक बच्चा आता है जिसका बहुत ही सीरियस एक्सीडेंट हुआ हुआ है। बच्चे का अगर तुरंत ऑपरेशन नहीं किया गया तो बच्चे की डेथ हो सकती है। बच्चा मर
36:27
Speaker A
सकता है। है ना? अब बच्चे से पूछ नहीं सकते। बच्चे का वैसे भी कंसेंट वैलिड नहीं है और बच्चे के मां-बाप है नहीं पूछने के लिए कि सर ऑपरेशन कर लें या ना कर लें। तो डॉक्टर वहां पे क्या करता है? बच्चे का
36:38
Speaker A
ऑपरेशन कर देता है बच्चे के बेनिफिट के लिए। अब अगर यहां पर डॉक्टर को कोई भी दिक्कत आती है मतलब बच्चे को यहां पर कोई भी दिक्कत आती है तो डॉक्टर की कोई लायबिलिटी नहीं है। लेकिन देखो बेसिक
36:52
Speaker A
पॉइंट्स हैं अपने दिमाग में ध्यान रखना। बेसिक चीजें ये जो सारे सेक्शंस हम पढ़ रहे हैं बेसिक पॉइंट सेम है। डॉक्टर ने कोई लापरवाही नहीं करी होनी चाहिए। डॉक्टर ने जानबूझ के डेथ नहीं कॉज करी होनी चाहिए। डॉक्टर ने जानबूझ के आपको कोई
37:03
Speaker A
नुकसान नहीं पहुंचाया होना चाहिए। अगर डॉक्टर ने अपने बेस्ट एफर्ट्स पुट इन किए आपको बचाने के लिए, आपकी बेनिफिट के लिए, आपके फायदे के लिए। अब उसमें कुछ भी अगर थिंग्स गो हेवायर कुछ भी अगर गड़बड़ वगैरह हुई तो वहां पे आपकी जो है लायबिलिटी
37:17
Speaker A
डॉक्टर की जो है वो लायबिलिटी नहीं मानी जाएगी। ठीक है? सो यहां पे हमारी क्लास आज की खत्म होती है। एंड होती है। बिफोर आई एंड द सेशन। तो आप में से जो लोग यहां पे लाइव चैट में भी पूछ रहे थे कि मैम
37:30
Speaker A
कोर्सेज वगैरह कैसे जॉइ कर सकते हैं? तो देखो जुडिशरी बाय पीडब्ल्यू की वेबसाइट पे आप आओगे गवर्नमेंट एग्जाम में जाना गवर्नमेंट एग्जाम में जाके जुडिशरी में जाना वहां पे जुडिशरी बाय पीडब्ल्यू के जितने कोर्सेज हैं और जितने से मेरा मतलब
37:42
Speaker A
है जितने कोर्सेज हैं चाहे जुडिशरी एग्जाम्स के हो चाहे पब्लिक प्रोसीकटर एग्जाम्स हो चाहे अगर आप लीगल ड्राफ्टिंग सीखना चाहते हैं वकालत करने के लिए चाहे आप एआईबी 22 की तैयारी करना चाहते हैं चाहे आप बैंकिंग एग्जाम्स की तैयारी करना
37:56
Speaker A
चाहते हैं ईच एंड एवरीथिंग इज अवेलेबल ऑन द वेबसाइट और अगर वेबसाइट पे या ऐप पे जाके ना समझ में आए। ठीक है? तो आप बेसिकली क्या कर सकते हो? इसी वीडियो का जो डिस्क्रिप्शन बॉक्स है, ठीक है? इसी
38:08
Speaker A
वीडियो का जो डिस्क्रिप्शन बॉक्स है, वहां पे आपको एक नंबर मिल जाएगा। इनफैक्ट मुझे जैसा कि दिख पा रहा है, दो नंबर दिए हैं वहां पे। उन दोनों नंबर्स पे भी आप कांटेक्ट कर सकते हो। तो टीम आपको वहां पे
38:18
Speaker A
भी क्या कर देगी? डिटेल्स वगैरह शेयर कर देगी। ठीक है? सो थैंक यू सो
Topics:बीएनएससामान्य अपवादसहमतिधारा 25भारतीय न्याय संहिताकानूनी शिक्षाएडवेंचर स्पोर्ट्सचिकित्सा कानूनन्यायपालिकाAPO परीक्षा

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