The Validation Addiction : ये 1 आदत तुम्हारी SelfRespec… — Transcript

यह वीडियो वैलिडेशन एडिक्शन की समस्या और अपनी सेल्फ रिस्पेक्ट वापस पाने के साइकोलॉजिकल तरीके बताता है।

Key Takeaways

  • वैलिडेशन एडिक्शन आपकी असली पहचान और आत्मसम्मान को खत्म कर देता है।
  • ओवर एक्सप्लेनिंग से आपकी सामाजिक अथॉरिटी कमजोर होती है।
  • अपने इमोशंस का नियंत्रण खुद रखें, दूसरों पर निर्भर न रहें।
  • नो एक्सप्लेनेशन रूल अपनाकर अपनी बाउंड्रीज मजबूत करें।
  • डिजिटल फास्टिंग और आत्मनिरीक्षण से मानसिक स्वतंत्रता प्राप्त करें।

Summary

  • वैलिडेशन एडिक्शन क्या है और यह कैसे आपकी सेल्फ रिस्पेक्ट को नुकसान पहुंचाता है।
  • कैमिलियन आइडेंटिटी: दूसरों को खुश करने के लिए अपनी असली पहचान दबाना।
  • अप्रूवल एंजायटी ट्रैप: ओवर एक्सप्लेनिंग से आपकी अथॉरिटी कमजोर होना।
  • इमोशनल बैंक्ड करप्सी: दूसरों की राय पर आपकी भावनाओं का निर्भर होना।
  • एक्सटर्नल लोकस ऑफ कंट्रोल: अपनी भावनाओं का नियंत्रण दूसरों को देना।
  • कैसे अपनी पहचान और आत्मसम्मान को वापस पाएं।
  • नो एक्सप्लेनेशन रूल: फैसले पर सफाई देना बंद करें।
  • 24 घंटे डिजिटल फास्टिंग ऑफ सेल्फ का महत्व।
  • अपने बिहेवियर पैटर्न को समझकर सुधारने के लिए वन टू वन आइडेंटिटी क्लेरिटी टॉक।
  • प्रैक्टिकल गाइडेंस और प्रीमियम पीडीएफ बुक के माध्यम से सेल्फ ग्रोथ।

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Speaker A
आप दुनिया के सामने दिखाते हैं कि आप बहुत ज्यादा कॉन्फिडेंट हैं। आपको किसी की परवाह नहीं है। लेकिन सच-सच बताइए, क्या एक नया कपड़ा खरीदने के बाद आपका दिमाग बार-बार यह नहीं सोचता कि लोग इसे देखकर क्या कहेंगे? क्या किसी फोटो पर दो लाइक्स कम आ जाए तो आपका पूरा मूड खराब नहीं हो जाता? और क्या दोस्तों या ऑफिस में या किसी भी फैमिली गैदरिंग में कुछ कहने से पहले आप 10 बार इस डर से चुप नहीं हो जाते कि कहीं कोई आपका मजाक ना उड़ा दे? और अगर
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Speaker A
ऐसा है तो इस वीडियो को स्किप करने की गलती मत करना। दोस्तों, आप दुनिया के सामने कूल बनने की कोशिश कर रहे हैं, पर अंदर से आप एक बेहद खतरनाक बीमारी के शिकार हो चुके हैं। जिसे कहते हैं
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Speaker A
वैलिडेशन एडिक्शन। एक कड़वी और रियल लाइफ ह्यूमन साइकोलॉजी बताती हूं जो हम रोज लोगों के बिहेवियर में नोटिस करते हैं। इंसान का दिमाग जब दूसरों से हां और तारीफ सुनने का आदि हो जाता है तो वो धीरे-धीरे अपना आत्मसम्मान दुनिया के हाथों में बेच
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Speaker A
देता है। आप एक ऐसी गुलामी में जी रहे हैं जहां आपकी खुशी और आपका रोना-धोना इस बात पर डिपेंड करता है कि सामने वाला आपको क्या सिग्नल दे रहा है। दोस्तों, आज की कुछ मिनट की वीडियो आपकी आने वाली लाइफ
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Speaker A
को बिल्कुल चेंज कर सकती है। क्योंकि आज मैं आपको इस एडिक्शन के जाल से बाहर निकालने के
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Speaker A
ऐसे साइकोलॉजिकल तरीके बताने वाली हूं जो आपकी अथॉरिटी को दूसरों के आगे उनकी ओपिनियन के आगे झुकने पर मजबूर करने से रोक लेगी। दोस्तों, लेकिन इस
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Speaker A
मानसिक गुलामी को तोड़कर अपनी अनशेकेबल सेल्फ वर्थ दोबारा खड़ा करने के लिए आपको पहले उन गलतियों को ध्यान से देखना होगा जो आप अपनी आइडेंटिटी के साथ रोज कर रहे हो। और इसकी शुरुआत होती है इस सबसे पहली
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Speaker A
साइकोलॉजिकल ट्रैप से,
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Speaker A
जिसको हम कह सकते हैं द कैमिलियन आइडेंटिटी। यानी दोस्तों, वैलिडेशन एडिक्शन का सबसे पहला और बड़ा असर पता है क्या होता है? आप एक गिरगिट की तरह बन जाते हैं। आप जिस ग्रुप में बैठते हैं, आप उन्हीं के जैसा रंग बदल
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Speaker A
लेते हैं। अगर चार दोस्त किसी चीज की तारीफ कर रहे हैं, तो आप अंदर से बिल्कुल चाहे उसे पसंद ना करते हो, लेकिन तब भी आप उन्हें इंप्रेस करने के लिए उनकी हां में हां मिलाने
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Speaker A
लग जाते हो। आप उन्हीं
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Speaker A
कपड़ों को पहनते हो जो दुनिया को कूल लगते हैं। उन्हीं बातों पर हंसते हो जिस पर बाकी लोग हंसते हैं। चाहे उस पर हंसी ना आ रही हो, चाहे वह कपड़े आपको अच्छे ना लग रहे हो। आप इस चक्कर में अपनी आइडेंटिटी,
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Speaker A
अपने अंदर के उस इंसान को
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Speaker A
खुद मार देते हो। और फिर बाद में सिर्फ अफसोस करते हो कि काश किसी ने पहले बता दिया होता कि इस चीज से कैसे छुटकारा पाया जाए। इसको साइकोलॉजी में कहते हैं आइडेंटिटी
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Speaker A
सप्रेशन। यानी दूसरों की नजरों में सही बनने के चक्कर में आप धीरे-धीरे अपने असली विचार, अपने असूल, अपनी पसंद को अंदर ही अंदर दबा देते हैं। और सामने वाले का सबकॉन्शियस माइंड इस चीज को बहुत जल्दी पकड़ लेता है। उन्हें समझ आ जाता है कि इस
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Speaker A
इंसान का अपना कोई वजूद नहीं है। यह सिर्फ हमारी हां में हां मिलाने वाला एक सस्ता पुतला है और इसे यूज़ किया जा सकता है। जब आप अपनी आइडेंटिटी खुद मिटा देते हो तो लोग आपकी रिस्पेक्ट पूरी तरह से बंद कर
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Speaker A
देते हैं। क्योंकि लोग उसी की रिस्पेक्ट करते हैं जो उनसे ऊपर दिखाई देता हो। पॉइंट नंबर टू है द अप्रूवल एंजायटी ट्रैप। दोस्तों, इसका सबसे बड़ा सिम्टम पता है क्या है?
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Speaker A
ओवर एक्सप्लेनिंग।
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Speaker A
जब आप कोई फैसला लेते हैं या किसी बात के लिए मना करते हैं तो क्या आप सामने वाले के सामने लंबा-चौड़ा भाषण देने लगते हैं?
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Speaker A
कहीं वह बुरा ना मान जाए। इस डर से आप सफाई देने लगते हैं। मैंने ऐसा इसलिए कहा, मैंने ऐसा इसलिए सोचा, मुझे ऐसा इसलिए लगा। यह जो आपकी सफाई देने की आदत है ना, यह सामने वाले को साफ सिग्नल भेजती है कि
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Speaker A
आप अंदर से डरे हुए हैं और आपको उनके अप्रूवल की भीख चाहिए। दोस्तों, हाई स्टेटस और मैग्नेटिक लोग कभी भी अपने फैसले की फिजूल सफाई दुनिया को नहीं देते। उनका नो एक कंप्लीट सेंटेंस होता है। जब आप हर छोटी बात पर ओवर एक्सप्लेन करते हैं
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Speaker A
ना तो आप अपनी अथॉरिटी को खुद अपने हाथों से कमजोर कर देते हैं। लोग समझ जाते हैं कि आपको थोड़ा सा प्रेशर देकर दोबारा बदला जा सकता है।
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Speaker A
यानी आप अपनी बाउंड्रीज को इतना वीक कर लेते हैं कि हर
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Speaker A
कोई आता है। आपकी बाउंड्रीज तोड़ता है, आपसे काम करवाता है और फिर आपको रिग्रेट या गिल्ट में डाल देता है। तो जरा ध्यान से सुनना। अगर आपको भी लग रहा है कि आपकी आइडेंटिटी अब आपकी नहीं रही। या फिर अगर
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Speaker A
आपको भी लग रहा है कि आपके फैमिली रिलेशनशिप, करियर या सेल्फ ग्रोथ में कोई भी ऐसा मेंटल ब्लॉक अटका हुआ है जो आपको आगे नहीं बढ़ने दे रहा और आप चाहते हैं कि कोई उसे सुलझाकर आपको एक प्रैक्टिकल
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Speaker A
गाइडेंस दे सके तो आप उसके लिए मेरे साथ वन टू वन आइडेंटिटी क्लेरिटी टॉक बुक कर सकते हैं। या फिर अगर आप चाहते हैं कि आप अपने बिहेवियर पैटर्न को पहले
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Speaker A
खुद एनालाइज करें कि आप कहां पर गलत हैं। उनके
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Speaker A
सॉल्यूशन के साथ अपने सोशल स्टेटस
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Speaker A
को आगे बढ़ाने की कोशिश करें, ठीक करने की कोशिश करें तो उसके लिए आप मेरी प्रीमियम पीडीएफ बुक भी ले सकते हैं। यानी द आइडेंटिटी शिफ्ट। इन दोनों की प्रोसेस मैं आपको लास्ट में बताऊंगी क्योंकि अब सबसे
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Speaker A
जरूरी पॉइंट पर बात करते हैं। पॉइंट नंबर थ्री है इमोशनल बैंक्ड करप्सी। दोस्तों, जो लोग वैलिडेशन के आदि होते हैं ना, उनकी मेंटल स्टेट एक शेयर मार्केट की तरह होती है जो हर सेकंड ऊपर-नीचे, ऊपर-नीचे घूमती
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Speaker A
रहती। अगर किसी ने सुबह-सुबह आपकी तारीफ कर दी तो आपका दिन बहुत खूबसूरत निकलता है। लेकिन अगर किसी दोस्त ने या बॉस ने अचानक एक ऐसी बात बोल दी जिसमें उन्होंने आपकी कोई कमी निकाल दी या आपको इग्नोर कर
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Speaker A
दिया तो आपका पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। आप घंटों बैठकर सोचते हैं कि उसने मुझे ऐसा क्यों बोला? उसने मेरे साथ ऐसा क्या किया? मेरी क्या गलती थी इसमें? दोस्तों, इसको साइकोलॉजी में कहते हैं एक्सटर्नल लोकस ऑफ कंट्रोल। यानी आपने अपने इमोशंस
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Speaker A
का रिमोट कंट्रोल किसी और के हाथ में यानी दुनिया के हाथों में दे दिया है। अब कोई भी आकर आपको एक सेकंड में खुश कर सकता है और एक सेकंड में रुला सकता है। जो इंसान अंदर से इतना
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Speaker A
अनस्टेबल और बिखरा
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Speaker A
हुआ होता है ना, दुनिया उसकी इज्जत
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Speaker A
कभी नहीं करती। इज्जत सो क्या उसके साथ बैठना, बात करना, शेयर करना कुछ नहीं करती। दोस्तों, लोग उन्हीं के पीछे आते हैं जो अंदर से अनशेकेबल होते हैं। जिन्हें दुनिया की तारीफ या बुराई से कोई
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Speaker A
फर्क नहीं पड़ता। मैं जानती हूं आप यही सोच रहे होंगे कि अब यह सारी चीजें तो होगी लेकिन इनसे बाहर निकल कर दोबारा एक पावरफुल और इंडिपेंडेंट ओरा कैसे खड़ा किया जाए? तो इसके लिए आज से ही इन तीन
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Speaker A
प्रैक्टिकल मैकेनिज्म को फॉलो करना शुरू कर दो। सबसे पहला स्टेप है द नो एक्सप्लेनेशन रूल। इसकी प्रैक्टिस रोज करनी है। कल से जब भी आप किसी चीज के लिए मना करें या अपना कोई फैसला सुनाएं तो उनके पीछे लंबी सफाई देना बंद कर देना।
08:25
Speaker A
एकदम शांत आवाज में अपना पॉइंट रखना और चुप हो जाना। सामने वाले को आपके साइलेंस को प्रोसेस करने दीजिए। और यही आपकी सोशल अथॉरिटी को 10x बढ़ाएगा। कहो अगर कोई उसके एवज में रिटर्न में आपसे सवाल कर रहा है, कुछ कह रहा है, फिर से
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Speaker A
बातों में फंसा रहा है और आप फंसना नहीं चाहते। अभी आप शुरुआती फेज में हैं तो अपना वर्डिक्ट देने के बाद वहां से निकल जाओ। क्योंकि जितना कन्वर्सेशन लूप में फसोगे फिर उतना अपने दिमाग पर प्रेशर लोगे और फिर से उसी जाल में फंस जाओगे। स्टेप
08:46
Speaker A
नंबर टू है द 24 आवर डिजिटल फास्टिंग ऑफ सेल्फ
Topics:वैलिडेशन एडिक्शनसेल्फ रिस्पेक्टआत्मसम्मानसाइकोलॉजी फैक्ट्सआइडेंटिटी सप्रेशनअप्रूवल एंजायटीनो एक्सप्लेनेशन रूलडिजिटल फास्टिंगसेल्फ ग्रोथमनोविज्ञान

Frequently Asked Questions

वैलिडेशन एडिक्शन क्या है?

वैलिडेशन एडिक्शन वह मानसिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति दूसरों की तारीफ और स्वीकृति का इतना आदी हो जाता है कि उसकी खुशी और आत्मसम्मान पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हो जाते हैं।

कैमिलियन आइडेंटिटी का मतलब क्या है?

कैमिलियन आइडेंटिटी का मतलब है अपनी असली पहचान को दबाकर दूसरों की पसंद और राय के अनुसार खुद को बदल लेना, जिससे व्यक्ति अपनी असली सोच और भावनाओं को खो देता है।

नो एक्सप्लेनेशन रूल कैसे मदद करता है?

नो एक्सप्लेनेशन रूल का मतलब है अपने फैसले या मना करने पर लंबी सफाई न देना, जिससे आपकी सामाजिक अथॉरिटी बढ़ती है और लोग आपकी सीमाओं का सम्मान करने लगते हैं।

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