यज्ञ और कर्म की गहराई समझाएं, ध्यान और साधना से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का मार्ग।
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Key Takeaways
- कर्म और यज्ञ का सही अर्थ समझना जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।
- ध्यान और साधना से आंतरिक शक्ति और समझ विकसित होती है।
- चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक और आध्यात्मिक तैयारी जरूरी है।
- सांसों पर ध्यान केंद्रित कर इष्ट का सुमिरन करना मानसिक शांति और जागरूकता बढ़ाता है।
- नियमित अभ्यास से जीवन में सुधार और शक्ति का अनुभव होता है।
What the video covers
- यज्ञ ही कर्म है और कर्म ही साधना है, जो जीवन को बदल सकता है।
- इतिहास में औरंगजेब की गलतियों से सीख लेकर वर्तमान संकटों का विश्लेषण।
- ध्यान और समझ के विकास से आंतरिक शक्ति और साहस प्राप्त होता है।
- सांसों पर ध्यान केंद्रित कर इष्ट का सुमिरन करने से मानसिक शांति मिलती है।
- चुनौतियों का सामना करने के लिए धर्म, ध्यान और साधना आवश्यक हैं।
- व्यावसायिक संकट और बेरोजगारी के बीच भी आंतरिक शक्ति बनाए रखना जरूरी है।
- सुबह जल्दी उठने के लिए विचारों को नियंत्रित कर सांसों और इष्ट चिंतन से जुड़ना चाहिए।
- ध्यान की प्रक्रिया में शुरुआत में कठिनाई होती है, लेकिन धीरे-धीरे मजा और शक्ति बढ़ती है।
- ध्यान और कर्म को समझना और अपनाना जीवन में सुधार लाता है।
- गुरुदेव, भगवान, और संतों के नामों का स्मरण शक्ति जागृत करता है।
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Speaker A
जो गलती औरंगजेब ने की दक्कन में
Speaker A
वही गलती ट्रंप ने कर दी ईरान में।
Speaker A
फंस गए ट्रंप चाचा।
Speaker A
और ट्रंप चाचा से दोस्ती करके मोदी जी।
Speaker A
98% लोग पत्नी घर में ला रहे हैं कि मजा लेंगे।
Speaker A
अरे भैया आज रात में तो मजा आएगा।
Speaker A
अरे रोज रात में दिन में मजा लेंगे।
Speaker A
पता नहीं कौन सा मल युद्ध करना है।
Speaker A
ओलंपिक खेलना है कि गोल्ड मेडलिस्ट लेना है।
Speaker A
जय हिंद फ्रेंड्स।
Speaker A
गुरुदेव भगवान के चरणों में सादर प्रणाम सादर नमन।
Speaker A
ईरान अमेरिका का युद्ध जारी है।
Speaker A
देश में संकटों की शुरुआत हो चुकी है।
Speaker A
जिसमें सबसे बड़ा संकट है गैस आपूर्ति का संकट।
Speaker A
कभी-कभी क्या होता है ना कि जब हमें किसी चीज की समझ नहीं होती तो हम उस चीज को लेकर बड़े सतही निर्णय लेते हैं।
Speaker A
इसलिए मैं बार-बार एक चीज पर ध्यान देता हूं समझ पर।
Speaker A
समझ अगर विकसित हो गई व्यक्ति की।
Speaker A
अब औरंगजेब पहुंचता है दक्कन।
Speaker A
महाराष्ट्र।
Speaker A
अब महाराष्ट्र की जो भूगोल है पठार जंगल।
Speaker A
उत्तर प्रदेश बिहार का जो भूगोल है प्लेन।
Speaker A
मैदानी इलाका।
Speaker A
अब मैदानी इलाका का सिपाही पठार और जंगल के इलाके में फंसेगा कि नहीं फंसेगा?
Speaker A
एकदम फंसेगा।
Speaker A
गुरिल्ला युद्ध में फंसेगा।
Speaker A
जहां-जहां ज्योग्राफी खतरनाक है, जहां-जहां भूगोल खतरनाक है।
Speaker A
वहां-वहां के राजाओं ने मैदानी राजाओं को हमेशा चना चबवाया है।
Speaker A
मैं उदाहरण देता हूं।
Speaker A
दिल्ली राजस्थान।
Speaker A
राजपूतों का सबसे बड़ा अहम क्या था?
Speaker A
कि भाई हम रेगिस्तान में हैं।
Speaker A
तुम ना सरवाइव कर पाओगे।
Speaker A
आओ लड़ो।
Speaker A
नॉर्थ ईस्ट पूर्वोत्तर।
Speaker A
पूर्वोत्तर के लोग हमेशा चुनौती देते रहे दिल्ली को।
Speaker A
दक्कन के लोग हमेशा चुनौती देते रहे दिल्ली को।
Speaker A
अफगानी जैसे ही मौका पाते थे भारत में घुसाते थे।
Speaker A
अब औरंगजेब ने क्या किया?
Speaker A
पहुंचा।
Speaker A
पहुंचा दक्कन, दक्कन पहुंचते ही 1689 में संभाजी को मार दिया।
Speaker A
अब चेस का गेम है।
Speaker A
और दूसरी साइड राजा है ही नहीं।
Speaker A
खेल होगा?
Speaker A
नहीं होगा।
Speaker A
बिना राजा के खेल कैसे होगा?
Speaker A
1689 में औरंगजेब ने सबसे बड़ा ब्लंडर किया संभाजी को मार दिया।
Speaker A
मराठा नेतृत्व खत्म।
Speaker A
अब बचा कौन?
Speaker A
मराठा सेनापति।
Speaker A
और मराठा जनता।
Speaker A
औरंगजेब मराठा जनता से लड़ गया।
Speaker A
अब अब इमेजिन करिए।
Speaker A
भूगोल खतरनाक।
Speaker A
पठार और जंगल।
Speaker A
और उधर नेतृत्व है ही नहीं।
Speaker A
मराठी से लड़ोगे।
Speaker A
जनता से लड़ोगे।
Speaker A
जनता से लड़ के ना जीत पाओगे।
Speaker A
और ट्रंप चाचा खुद तो फंसे।
Speaker A
पूरी दुनिया को फंसा दिए।
Speaker A
अगले 10 दिन में अगर यह युद्ध नहीं रुका तो मैं आपको बता दूं।
Speaker A
कि बहुत चुनौतियां आने वाली हैं।
Speaker A
और इन चुनौतियों में अगर आपकी कोई चीज रक्षा कर पाएगी।
Speaker A
तो वह है धर्म ध्यान साधना।
Speaker A
अगर चुनौतियां बढ़ी तो सिर्फ वही लोग बचेंगे जिनके अंदर ताकत होगी।
Speaker A
क्योंकि चुनौती तो सबके लिए आएगी।
Speaker A
भाई बेंगलुरु में होटल बंद हो रहे हैं, मुंबई में होटल बंद हो रहे हैं, लखनऊ में होटल बंद हो रहे हैं, हैदराबाद में होटल बंद हो रहे हैं।
Speaker A
करोड़ों लोग का व्यवसाय छिन जाएगा।
Speaker A
एक होटल बंद होगा कम से कम 50 लोग अनइंप्लॉयड हो जाएंगे।
Speaker A
अगर एक होटल बंद हुआ कम से कम 50 लोग अनइंप्लॉयड हो जाएंगे।
Speaker A
फिर शहरों में खाना शहरों में तो लकड़ी आ नहीं पाएगी।
Speaker A
नहीं नहीं मैं आपको डरा नहीं रहा हूं।
Speaker A
मैं आपको सिर्फ यह कह रहा हूं।
Speaker A
अब जो होना है वह तो होगा ही।
Speaker A
होई है वही जो राम रची राखा।
Speaker A
अब तो वही होगा।
Speaker A
चुनौतियां तो भगवान कृष्ण के पूरे जीवन थी।
Speaker A
चुनौतियां तो भगवान राम के पूरे जीवन में थी।
Speaker A
तो हमारे आपके जीवन में चुनौती कैसे नहीं रहेगी?
Speaker A
एकदम रहेगी।
Speaker A
लेकिन चुनौती से निपटने के लिए जिस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है।
Speaker A
वह है आंतरिक शक्ति साहस और समझ।
Speaker A
और यह पैदा होगी सिर्फ ध्यान से।
Speaker A
इसलिए अब वह समय आ गया है जब आपको ध्यान की तरफ मुड़ना ही होगा।
Speaker A
साधना की तरफ मुड़ना ही होगा।
Speaker A
और चौथा अध्याय मेरा बस चलता तो मैं चौथे अध्याय पर ही गीता का यहीं पर शो समाप्त कर देता।
Speaker A
सब कुछ बता दिया।
Speaker A
कर्म क्या है?
Speaker A
भाई जिसको यह पता चल गया कि कर्म क्या है।
Speaker A
कर्म आराधना है।
Speaker A
कर्म भजन है।
Speaker A
90% लोग कर्म शब्द को जान ही नहीं पाते।
Speaker A
वह कर्म का मतलब सोचते हैं झाड़ू लगा रहे हैं वह कर्म है।
Speaker A
नौकरी कर रहे हैं वह कर्म है।
Speaker A
कर्म सिर्फ एक ही है।
Speaker A
यह जो श्वास प्रश्वास चल रही है।
Speaker A
इस पर निरंतर नजर।
Speaker A
निरंतर।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं.
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
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Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
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Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा.
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
Speaker A
शक्ति पैदा होने लगेगी।
Speaker A
आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।
Speaker A
मैं एग्जांपल देता हूं।
Speaker A
जैसे आप सुबह उठे।
Speaker A
उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।
Speaker A
तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।
Speaker A
अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।
Speaker A
इसको चलने दीजिए।
Speaker A
विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।
Speaker A
आप क्या करिए?
Speaker A
आप सांसों से जुड़ जाइए।
Speaker A
अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।
Speaker A
इष्ट का।
Speaker A
मां-बाप का करिए।
Speaker A
अपने गुरु का करिए।
Speaker A
अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।
Speaker A
यह सब शक्तियां हैं।
Speaker A
तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।
Speaker A
आप यह विचार से मत जुड़िए।
Speaker A
इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।
Speaker A
कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।
Speaker A
इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।
Speaker A
इससे सवाल जवाब मत करिए।
Speaker A
आप तुरंत सांस पर आ जाइए।
Speaker A
और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।
Speaker A
तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।
Speaker A
बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।
Speaker A
इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।
Speaker A
और आप उठ जाओगे।
Speaker A
आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।
Speaker A
अब आप उठ गए।
Speaker A
ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।
Speaker A
अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।
Speaker A
फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।
Speaker A
फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।
Speaker A
जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।
Speaker A
वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।
Speaker A
यही यज्ञ है।
Speaker A
और यज्ञ ही कर्म है।
Speaker A
आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।
Speaker A
आरंभ में।
Speaker A
लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।
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