वैभव और मेहर की प्रेम कहानी में आए बदलाव और ट्रेडिंग बॉट की जानकारी।
Ask about this video. Answers come from its transcript only — with the timestamp, so you can check them.
Generated from the transcript and can be wrong — check the timestamp.
Key Takeaways
- पहली प्रेम कहानी में विश्वास और संचार की कमी से रिश्ते में दरार आ सकती है।
- ऑटोमेटेड ट्रेडिंग बॉट्स ट्रेडिंग को आसान और तेज़ बना सकते हैं, लेकिन रिस्क को समझना जरूरी है।
- रियल टाइम डेटा और गणितीय मॉडलिंग ट्रेडिंग निर्णयों में मदद करते हैं।
- रिश्तों में पारदर्शिता और ईमानदारी महत्वपूर्ण होती है, खासकर जब भावनाएं गहरी हों।
- ट्रेडिंग में सफलता के लिए पहले डेमो अकाउंट पर अभ्यास करना आवश्यक है।
What the video covers
- वैभव और मेहर की प्रेम कहानी 2016 से शुरू होती है, जब वे स्कूल में थे।
- वैभव कॉलेज में एडमिशन लेने के बाद भी मेहर के स्कूल के सामने उसका इंतजार करता था।
- धीरे-धीरे मेहर वैभव से मिलने से बचने लगी और उनका संपर्क कम हो गया।
- मेहर ने नया बॉयफ्रेंड अर्जुन बनाया, जिससे वैभव को गहरा दर्द हुआ।
- अर्जुन की एक्सीडेंट में मृत्यु हो जाती है, जिससे मेहर डिप्रेशन में चली जाती है।
- वीडियो में ट्रेडिंग के लिए एक ऑटोमेटेड Telegram बॉट के बारे में भी विस्तार से बताया गया है।
- यह बॉट रियल टाइम ट्रेडिंग सेशंस की गणना करता है और 12,000 से अधिक यूजर्स द्वारा उपयोग किया जा चुका है।
- बॉट के उपयोग में रिस्क और लिमिट सेटिंग्स की अहमियत पर जोर दिया गया है।
- वीडियो में बॉट का डेमो दिखाया गया है और यूजर्स को पहले डेमो से शुरुआत करने की सलाह दी गई है।
- कहानी और ट्रेडिंग जानकारी दोनों को मिलाकर वीडियो में भावनात्मक और तकनीकी पहलुओं को कवर किया गया है।
Full Transcript — Download SRT & Markdown
Speaker A
उत्तराखंड के ऋषिकेश से बिलोंग करने वाले हमारे एक सब्सक्राइबर वैभव बताते हैं कि 2016 में उनकी गर्लफ्रेंड हुआ करती थी जिसका नाम था मेहर। उस टाइम वैभव क्लास 12th में थे और मेहर क्लास 10th में। फिर 2017 में वैभव क्लास 12th पास करके कॉलेज में एडमिशन ले लेते हैं और जो मेहर लड़की थी यह अभी 11th में आ चुकी हैं। अब होता यूं है कि हर रोज कॉलेज खत्म होने के बाद वैभव पहुंच जाता था मेहर के स्कूल के पास और वहां खड़े होकर तब तक मेहर का वेट करता था जब तक उसके स्कूल की छुट्टी नहीं हो जाती। हर रोज छुट्टी के बाद यह लोग मिला करते थे थोड़ी देर के लिए और यह सिलसिला अगले 4 महीनों तक चला। पर धीरे-धीरे वैभव नोटिस करते हैं कि अब जब यह स्कूल के सामने खड़े होकर मेहर का वेट करते ना, तो यह काफी टाइम तक स्कूल से बाहर निकलती ही नहीं थी। और आगे चलके मेहर अब वैभव से ना मिलने का बहाना ढूंढने लगी। वैभव को एकदम समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यहां हुआ क्या है। एंड आई एम श्योर आप में से कई लोग इस इंसिडेंट से काफी रिलेट कर पा रहे होंगे। पर भाई यह जो फेस था ना वैभव की लाइफ में यह उन्हें एक ऐसे रूह कपाने वाले मंजर से रूबरू कराने वाला था जिसे जानने के बाद रोंगटे परपेंडिकुलर होना तय है एकदम। यह स्टोरी आपको हॉरर का एक नया आयाम फील कराने वाली है। फिलहाल आप वैभव द्वारा भेजे गए उनके ईमेल का स्क्रीनशॉट वीडियो में देख सकते हैं। अच्छा दोस्तों, कहानी में आगे बढ़ने से पहले ट्रेडिंग के बारे में एक इंपॉर्टेंट बात। अब क्योंकि ट्रेडिंग में रियल मनी इनवॉल्व होता है और यह काम करता है रिस्क और रिवॉर्ड के सिस्टम पे और अगर आपका रिस्क एपेटाइट कम है तो आप यह वाला सेगमेंट स्किप कर सकते हैं। यह सिर्फ उन लोगों के लिए है जो रिस्क समझते हैं और सच में सीखना चाहते हैं कि भाई एग्जैक्टली यह काम कैसे करता है। कुछ टाइम पहले ही पॉकेट बॉट के बारे में पता चला जो ऑटोमेटेड ट्रेडिंग करने में हेल्प करता है। एक वेल नोन ट्रेडर ने इस Telegram बॉट को बनाया है और अब तक इसे 12,000 लोग इस्तेमाल कर चुके हैं। यह बॉट अब तक 2.5 मिलियन से ज्यादा ट्रेड्स कंप्लीट कर चुका है और 15 से ज्यादा कंट्रीज में इसके यूज़र्स हैं। एक इंपॉर्टेंट बात जानना जरूरी है कि यह बॉट ना फ्यूचर प्रेडिक्ट करता है। यह रियल टाइम में ट्रेडिंग सेशंस की मैथमेटिक्स कैलकुलेट करता है। जैसे एंट्री, स्टेप्स, लिमिट्स और बाकी सारे सेटिंग्स। अब एक इंसान यह इतनी सारी इंफॉर्मेशन एक साथ तो एनालाइज कर नहीं सकता। पर यह बॉट काफी फास्ट तरीके से इन सारी चीजों को प्रोसेस कर लेता है। अब इस बॉट के जो यूज़र्स हैं, उनके 100 से भी ज्यादा पॉजिटिव रिव्यूज हैं इसको लेकर। और आप अपने पहले कुछ ट्रेड्स इस बॉट के साथ बिल्कुल फ्री में ट्राई कर सकते हैं। अभी जो कैमरे पर आप ट्रेड देख रहे हैं, इसे डेमो अकाउंट से किया जा रहा है। पर बिल्कुल लाइव और रियल टाइम में। यह सीधा उसी रिस्क वार्निंग को फॉलो करता है जिसके बारे में मैंने आपको पहले बताया था। अब हम समझेंगे कि जो यह बॉट्स हैं, यह स्टेप्स क्यों बढ़ाते हैं। बैलेंस ड्रॉडाउन हैंडल करने में कैसे मदद करता है और यह लिमिट सेट करना क्यों जरूरी है। बड़े बैलेंस सिस्टम को ज्यादा रूम देते हैं और इसका मतलब यह भी है कि आप ज्यादा लॉस भी इंकर कर सकते हैं। इसमें रिस्क एकदम रियल है इसलिए लिमिट सेट करना जरूरी होता है। अभी इसमें एक रियल मनी मोड भी है जिसे आप ट्राई कर सकते हैं। लेकिन मैं अभी इसको डेमो पे दिखा रहा हूं क्योंकि एज पर ट्रेड प्रिंसिपल यहां पर रियल रिस्क इनवॉल्व है। और आपको इसे यूज़ करने से पहले समझना पड़ेगा कि आखिर ये काम कैसे करता है। तो प्रैक्टिकली ये एक बटन के साथ चलता है। बॉट एक ऑप्टिमल स्ट्रेटजी के साथ स्टार्ट होता है। लेकिन आप इसको एडजस्ट करके अपने हिसाब से सेट कर सकते हैं। पर जब भी शुरुआत कर रहे हो ना तो हमेशा डेमो से ही शुरुआत करना। इस पर अपना हाथ बैठ जाए तभी रियल टाइम में मूव करना आप लोग। अब यहां कैसे काम होता है वह मैं दिखाता हूं। बॉट ने यहां पर अली बाबा शेयर्स के एसेट सेलेक्ट कर लिए हैं। और अभी ट्रेड रिजल्ट आपके सामने है। वैसे इनके एक कम्युनिटी भी है जिसमें दुनिया भर से 20,000 से ज्यादा मेंबर्स जुड़े हुए हैं। बिगिनर्स वहां क्वेश्चन पूछने के साथ-साथ ट्रेडिंग समझने में उनकी हेल्प भी ले सकते हैं। डिस्क्रिप्शन में दिए गए लिंक पर क्लिक करिए। बॉट को ल्च कीजिए और खुद डेमो में ट्राई करके देखिए। यह एकदम फ्री है और डेमो यूज़ करते समय आपका कोई भी रियल मनी रिस्क पे नहीं होगा। अब देखो मैंने जो कुछ भी अभी आपको बताया यह सब बस एक इंफॉर्मेशन पर्पस के लिए है। कोई भी डिसीजन लेने से पहले अपना प्रॉपर मार्केट रिसर्च जरूर कर लेना। अब चलो कहानी में वापस आते हैं। अच्छा वैभव यहां बताते हैं कि जो मेहर लड़की थी ना इन दोनों का रिलेशनशिप कुछ ऐसा था कि वो नहीं चाहती थी कि वैभव इसके बारे में किसी और को बताएं। यह लोग लंच के टाइम या छुट्टी होने के बाद ही ऐसे छुप-छुप के मिला करते थे। और वैभव को लगता था कि मेहर जो है वो बहुत सुंदर है और इनका रंग सांवला है तो मेहर नहीं चाहती हो कि भाई लोगों को पता चले कि मैं उसका बॉयफ्रेंड हूं। पर वैभव इस बात से बहुत सेटिस्फाइड थे कि भाई ठीक है कोई बात नहीं वो नहीं चाहती तो मैं नहीं बताऊंगा पर वो मेरे से प्यार करती है और यही मुझे बहुत सुकून देता है। वैभव का यह पहला प्यार था तो मेहर से बहुत अलग तरीके का लगाव हो रखा था इनको। अब जैसे मैंने बताया था कि स्कूल से निकलने के बाद वैभव कॉलेज में एडमिशन ले लेते हैं और उसके बाद से हर रोज मेहर के स्कूल के सामने जाकर खड़े हो जाते हैं। यह लोग आपस में थोड़ी देर मिलते और दोनों अपने-अपने घर चले जाते। यह सिलसिला अगले 4 महीनों तक चला पर फिर इसके बाद मेहर ना ऐसे टालमटोल करने लगी। वैभव भी कॉलेज की वजह से थोड़ा ऑक्यूपाइड रहने लगे और अब इनकी बातचीत Facebook पर ज्यादा होने लगी। वैभव लिखते हैं कि मैं कोशिश करता कि मेहर स्कूल खत्म होने के बाद जब यह घर जाती है तो शाम को ऐसे बाहर निकले और तब हम मिल सके। पर मेहर हमेशा बोलती है कि नहीं मेरे घर वाले मना करते हैं वो मुझे नहीं जाने देते बाहर और यह सब बोल के जो वो मिलने का संयोग बनता था ना वो कैंसिल कर देती थी मेहर अपने एंड से। अब इसी बीच मेहर एक नया फोन लेती और इनकी कॉल पर बात होने लगी। जो थोड़ा बहुत बीच-बीच में मिलने का सिस्टम था वो भी पूरी तरीके से खत्म हो गया। वैभव लिखते हैं कि मेहर के इस बिहेवियर से मैं बहुत परेशान रहने लगा। मैं उससे पूछता कि क्या हो गया? तू क्यों नहीं मिलती आजकल मेरे से? तो मेहर बोलती है कि मेरा ना 11th का एग्जाम आ रहा है और मेरे ऊपर बहुत प्रेशर है। मेरी पढ़ाई डिस्टर्ब हो रही है। तो इस वजह से ना मैं टाइम वेस्ट नहीं करना चाहती। फिर एक साल के बाद वैभव सेकंड ईयर में चले जाते हैं और मेहर आ जाती है क्लास 12th में। अब इस टाइम तक मेहर ने वैभव का कॉल उठाना भी बंद कर दिया था। और थोड़े ही दिन के बाद वैभव को पता चला कि भाई इसने तो इनका नंबर ही ब्लॉक कर रखा है। बिना कुछ रीजन बताए कि एक्सैक्टली हुआ क्या है। इसने वैभव को अपनी जिंदगी से एकदम कट ऑफ कर दिया था। वैभव भी इस समय एकदम परेशान हो चुका है। उसको बस जवाब चाहिए था कि भाई क्यों उसने ऐसे बिल्कुल सब कुछ बंद कर दिया और इसी दौरान इसे पता चलता है कि भाई मेहर ने एक नया बॉयफ्रेंड बनाया है। उस लड़के का नाम अर्जुन है और स्कूल खत्म होने के बाद वह अपनी बाइक लेकर आता है और फिर मेहर उसके बाइक पे बैठ के उसके साथ घुमा करती। अब यह बात ना वैभव को एकदम कांटे की तरह चुभने लगी थी। उसने जैसे तैसे मेहर से किसी म्यूचुअल फ्रेंड के थ्रू कांटेक्ट किया और एकदम इमोशनली उसको एक तरीके से थोड़ा ब्लैकमेल करके मिलने के लिए बुलाया। ऋषिकेश में गंगा नदी बहती है और वैभव वहीं गंगा किनारे मेहर को बुलाता है। मेहर ने भी डिसाइड कर रखा था कि भाई एक बार में इसको अब मैं पूरा खत्म ही कर दूंगी। वो जाती है वैभव से मिलने तो वैभव पूछता है कि क्यों किया तूने ऐसा? कुछ बताया भी नहीं। नया बॉयफ्रेंड बना लिया तूने। तब मेहर ने बोला कि हां मैंने बना लिया। वो तेरे से ज्यादा सही है और स्मार्ट भी दिखता है। और यह बोल के ना मेहर वहां से चली गई। उसने कुछ क्लेरिफिकेशन नहीं दिया और वैभव का दिल एकदम टूट चुका था। और यह चुपचाप दो घंटे वहीं गंगा किनारे बैठे रहे। इसके अगले दिन वैभव मेहर को एक नए नंबर से कॉल करते हैं। एंड आउट ऑफ फ्रस्ट्रेशन उसने मेहर को कॉल पर बोला कि तू मेरे पास वापस आजा वरना जो तेरा बॉयफ्रेंड है ना उसे मैं मार दूंगा। और फिर उधर से मेहर का रिप्लाई आता है कि अगर तूने उसे हाथ भी लगाया तो मैं तुझे खत्म कर दूंगी। और यह बोल के उसने कॉल काटा और वो नंबर भी ब्लॉक कर दिया। और इसी के साथ असली खेला चालू होता है भाई। अभी अगला चारप महीना वैभव की लाइफ का एक बहुत ही डिस्टर्बिंग फेस था। वो इस ब्रेकअप से बाहर निकल रहे थे धीरे-धीरे और इसी बीच इनको पता चलता है कि जो मेहर का नया बॉयफ्रेंड था ना अर्जुन उसकी एक्सीडेंट में डेथ हो गई है। और यह एक्सीडेंट वैभव के घर के पास स्थित एक टी पॉइंट पे हुआ था। अब जब यह न्यूज़ मिली तो वैभव ने एक दूसरे नंबर से मेहर की बहन को कॉल किया। उसकी बहन बोलती है कि दीदी बहुत परेशान है और एकदम ऐसे डिप्रेशन में जा रही है। वैभव उसकी बहन को बोलता है कि आप एक बार फोन दो मैं बात करूंगा और इसने मेहर को ऐसे कंसोल करने की कोशिश की। तो मेहर उधर से एकदम गुस्से में बोलती है कि तेरी वजह से।
Speaker A
में एडमिशन ले लेते हैं और जो मेहर लड़की थी यह अभी 11th में आ चुकी हैं। अब होता यूं है कि हर रोज कॉलेज खत्म होने के बाद वैभव पहुंच जाता था मेहर के स्कूल के पास और वहां खड़े होकर तब तक मेहर का वेट करता था जब तक उसके स्कूल की छुट्टी नहीं हो
Speaker A
जाती। हर रोज छुट्टी के बाद यह लोग मिला करते थे थोड़ी देर के लिए और यह सिलसिला अगले 4 महीनों तक चला। पर धीरे-धीरे वैभव नोटिस करते हैं कि अब जब यह स्कूल के सामने खड़े होकर मेहर का वेट करते ना, तो यह काफी टाइम तक स्कूल से बाहर निकलती ही
Speaker A
नहीं थी। और आगे चलके मेहर अब वैभव से ना मिलने का बहाना ढूंढने लगी। वैभव को एकदम समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यहां हुआ क्या है। एंड आई एम श्योर आप में से कई लोग इस इंसिडेंट से काफी रिलेट कर पा रहे होंगे। पर भाई यह जो फेस था ना वैभव की लाइफ में
Speaker A
यह इन्हें एक ऐसे रूह कपाने वाले मंजर से रूबरू कराने वाला था जिसे जानने के बाद रोंगटे परपेंडिकुलर होना तय है एकदम। यह स्टोरी आपको हॉरर का एक नया आयाम फील कराने वाली है। फिलहाल आप वैभव द्वारा भेजे गए उनके ईमेल का स्क्रीनशॉट वीडियो
Speaker A
में देख सकते हैं। अच्छा दोस्तों, कहानी में आगे बढ़ने से पहले ट्रेडिंग के बारे में एक इंपॉर्टेंट बात। अब क्योंकि ट्रेडिंग में रियल मनी इनवॉल्व होता है और यह काम करता है रिस्क और रिवॉर्ड के सिस्टम पे और अगर आपका रिस्क एपेटाइट कम
Speaker A
है तो आप यह वाला सेगमेंट स्किप कर सकते हैं। यह सिर्फ उन लोगों के लिए है जो रिस्क समझते हैं और सच में सीखना चाहते हैं कि भाई एग्जैक्टली यह काम कैसे करता है। कुछ टाइम पहले ही पॉकेट बॉट के बारे में पता चला जो ऑटोमेटेड ट्रेडिंग करने
Speaker A
में हेल्प करता है। एक वेल नोन ट्रेडर ने इस tlegram बॉट को बनाया है और अब तक इसे 12,000 लोग इस्तेमाल कर चुके हैं। यह बॉट अब तक 2.5 मिलियन से ज्यादा ट्रेड्स कंप्लीट कर चुका है और 15 से ज्यादा कंट्रीज में इसके यूज़र्स हैं। एक
Speaker A
इंपॉर्टेंट बात जानना जरूरी है कि यह बॉट ना फ्यूचर प्रेडिक्ट नहीं करता। यह रियल टाइम में ट्रेडिंग सेशंस की मैथमेटिक्स कैलकुलेट करता है। जैसे एंट्री, स्टेप्स, लिमिट्स और बाकी सारे सेटिंग्स। अब एक इंसान यह इतनी सारी इंफॉर्मेशन एक साथ तो
Speaker A
एनालाइज कर नहीं सकता। पर यह बॉट काफी फास्ट तरीके से इन सारी चीजों को प्रोसेस कर लेता है। अब इस बॉट के जो यूज़र्स हैं, उनके 100 से भी ज्यादा पॉजिटिव रिव्यूज है इसको लेके। और आप अपने पहले कुछ ट्रेड्स इस बॉट के साथ बिल्कुल फ्री में ट्राई कर
Speaker A
सकते हैं। अभी जो कैमरे पर आप ट्रेड देख रहे हैं, इसे डेमो अकाउंट से किया जा रहा है। पर बिल्कुल लाइव और रियल टाइम में। यह सीधा उसी रिस्क वार्निंग को फॉलो करता है जिसके बारे में मैंने आपको पहले बताया
Speaker A
था। अब हम समझेंगे कि जो यह बॉट्स हैं, यह स्टेप्स क्यों बढ़ाते हैं। बैलेंस ड्रॉडाउन हैंडल करने में कैसे मदद करता है और यह लिमिट सेट करना क्यों जरूरी है। बड़े बैलेंस सिस्टम को ज्यादा रूम देते हैं और इसका मतलब यह भी है कि आप ज्यादा
Speaker A
लॉस भी इंकर कर सकते हैं। इसमें रिस्क एकदम रियल है इसलिए लिमिट सेट करना जरूरी होता है। अभी इसमें एक रियल मनी मोड भी है जिसे आप ट्राई कर सकते हैं। लेकिन मैं अभी इसको डेमो पे दिखा रहा हूं क्योंकि एज पर ट्रेड प्रिंसिपल यहां पर रियल रिस्क
Speaker A
इनवॉल्व है। और आपको इसे यूज़ करने से पहले समझना पड़ेगा कि आखिर ये काम कैसे करता है। तो प्रैक्टिकली ये एक बटन के साथ चलता है। बॉट एक ऑप्टिमल स्ट्रेटजी के साथ स्टार्ट होता है। लेकिन आप इसको एडजस्ट करके अपने हिसाब से सेट कर सकते हैं। पर जब भी शुरुआत कर रहे
Speaker A
हो ना तो हमेशा डेमो से ही शुरुआत करना। इस पर अपना हाथ बैठ जाए तभी रियल टाइम में मूव करना आप लोग। अब यहां कैसे काम होता है वह मैं दिखाता हूं। बॉट ने यहां पर अली बाबा शेयर्स के एसेट सेलेक्ट कर लिए हैं। और अभी ट्रेड रिजल्ट आपके सामने है।
Speaker A
वैसे इनके एक कम्युनिटी भी है जिसमें दुनिया भर से 20,000 से ज्यादा मेंबर्स जुड़े हुए हैं। बिगिनर्स वहां क्वेश्चन पूछने के साथ-साथ ट्रेडिंग समझने में उनकी हेल्प भी ले सकते हैं। डिस्क्रिप्शन में दिए गए लिंक पर क्लिक करिए। बॉट को ल्च
Speaker A
कीजिए और खुद डेमो में ट्राई करके देखिए। यह एकदम फ्री है और डेमो यूज़ करते समय आपका कोई भी रियल मनी रिस्क पे नहीं होगा। अब देखो मैंने जो कुछ भी अभी आपको बताया यह सब बस एक इंफॉर्मेशन पर्पस के लिए है। कोई भी डिसीजन लेने से पहले अपना प्रॉपर
Speaker A
मार्केट रिसर्च जरूर कर लेना। अब चलो कहानी में वापस आते हैं। अच्छा वैभव यहां बताते हैं कि जो मेहर लड़की थी ना इन दोनों का रिलेशनशिप कुछ ऐसा था कि वो नहीं चाहती थी कि वैभव इसके बारे में किसी और को बताएं। यह लोग लंच के टाइम या छुट्टी
Speaker A
होने के बाद ही ऐसे छुप-छुप के मिला करते थे। और वैभव को लगता था कि मेहर जो है वो बहुत सुंदर है और इनका रंग सांवला है तो मे बी मेहर नहीं चाहती हो कि भाई लोगों को पता चले कि मैं उसका बॉयफ्रेंड हूं। पर वैभव इस बात से बहुत सेटिस्फाइड थे कि भाई
Speaker A
ठीक है कोई बात नहीं वो नहीं चाहती तो मैं नहीं बताऊंगा पर वो मेरे से प्यार करती है और यही मुझे बहुत सुकून देता है। वैभव का यह पहला प्यार था तो मेहर से बहुत अलग तरीके का लगाव हो रखा था इनको। अब जैसे मैंने बताया था कि स्कूल से निकलने के बाद
Speaker A
वैभव कॉलेज में एडमिशन ले लेते हैं और उसके बाद से हर रोज मेहर के स्कूल के सामने जाकर खड़े हो जाते हैं। यह लोग आपस में थोड़ी देर मिलते और दोनों अपने-अपने घर चले जाते। यह सिलसिला अगले 4 महीनों तक चला पर फिर इसके बाद मेहर ना ऐसे टालमटोल
Speaker A
करने लगी। वैभव भी कॉलेज की वजह से थोड़ा ऑक्यूपाइड रहने लगे और अब इनकी बातचीत Facebook पर ज्यादा होने लगी। वैभव लिखते हैं कि मैं कोशिश करता कि मेहर स्कूल खत्म होने के बाद जब यह घर जाती है तो शाम को ऐसे बाहर निकले और तब हम मिल सके। पर मेहर
Speaker A
हमेशा बोलती है कि नहीं मेरे घर वाले मना करते हैं वो मुझे नहीं जाने देते बाहर और यह सब बोल के जो वो मिलने का संयोग बनता था ना वो कैंसिल कर देती थी मेहर अपने एंड से। अब इसी बीच मेहर एक नया फोन लेती और इनकी कॉल पर बात होने लगी। जो थोड़ा बहुत
Speaker A
बीच-बीच में मिलने का सिस्टम था वो भी पूरी तरीके से खत्म हो गया। वैभव लिखते हैं कि मेहर के इस बिहेवियर से मैं बहुत परेशान रहने लगा। मैं उससे पूछता कि क्या हो गया? तू क्यों नहीं मिलती आजकल मेरे से? तो मेहर बोलती है कि मेरा ना 11th का
Speaker A
एग्जाम आ रहा है और मेरे ऊपर बहुत प्रेशर है। मेरी पढ़ाई डिस्टर्ब हो रही है। तो इस वजह से ना मैं टाइम वेस्ट नहीं करना चाहती। फिर एक साल के बाद वैभव सेकंड ईयर में चले जाते हैं और मेहर आ जाती है क्लास 12th में। अब इस टाइम तक मेहर ने वैभव का
Speaker A
कॉल उठाना भी बंद कर दिया था। और थोड़े ही दिन के बाद वैभव को पता चला कि भाई इसने तो इनका नंबर ही ब्लॉक कर रखा है। बिना कुछ रीजन बताए कि एक्सैक्टली हुआ क्या है। इसने वैभव को अपनी जिंदगी से एकदम कट ऑफ कर दिया था। वैभव भी इस समय एकदम परेशान
Speaker A
हो चुका है। उसको बस जवाब चाहिए था कि भाई क्यों उसने ऐसे बिल्कुल सब कुछ बंद कर दिया और इसी दौरान इसे पता चलता है कि भाई मेहर ने एक नया बॉयफ्रेंड बनाया है। उस लड़के का नाम अर्जुन है और स्कूल खत्म होने के बाद वह अपनी बाइक लेकर आता है और
Speaker A
फिर मेहर उसके बाइक पे बैठ के उसके साथ घुमा करती। अब यह बात ना वैभव को एकदम कांटे की तरह चुभने लगी थी। उसने जैसे तैसे मेहर से किसी म्यूचुअल फ्रेंड के थ्रू कांटेक्ट किया और एकदम इमोशनली उसको एक तरीके से थोड़ा ब्लैकमेल करके मिलने के
Speaker A
लिए बुलाया। ऋषिकेश में गंगा नदी बहती है और वैभव वहीं गंगा किनारे मेहर को बुलाता है। मेहर ने भी डिसाइड कर रखा था कि भाई एक बार में इसको अब मैं पूरा खत्म ही कर दूंगी। वो जाती है वैभव से मिलने तो वैभव पूछता है कि क्यों किया तूने ऐसा? कुछ
Speaker A
बताया भी नहीं। नया बॉयफ्रेंड बना लिया तूने। तब मेहर ने बोला कि हां मैंने बना लिया। वो तेरे से ज्यादा सही है और स्मार्ट भी दिखता है। और यह बोल के ना मेहर वहां से चली गई। उसने कुछ क्लेरिफिकेशन नहीं दिया और वैभव का दिल
Speaker A
एकदम टूट चुका था। और यह चुपचाप दो घंटे वहीं गंगा किनारे बैठे रहे। इसके अगले दिन वैभव मेहर को एक नए नंबर से कॉल करते हैं। एंड आउट ऑफ फ्रस्ट्रेशन उसने मेहर को कॉल पर बोला कि तू मेरे पास वापस आजा वरना जो तेरा बॉयफ्रेंड है ना उसे मैं मार दूंगा।
Speaker A
और फिर उधर से मेहर का रिप्लाई आता है कि अगर तूने उसे हाथ भी लगाया तो मैं तुझे खत्म कर दूंगी। और यह बोल के उसने कॉल काटा और वो नंबर भी ब्लॉक कर दिया। और इसी के साथ असली खेला चालू होता है भाई। अभी अगला चारप महीना वैभव की लाइफ का एक बहुत
Speaker A
ही डिस्टर्बिंग फेस था। वो इस ब्रेकअप से बाहर निकल रहे थे धीरे-धीरे और इसी बीच इनको पता चलता है कि जो मेहर का नया बॉयफ्रेंड था ना अर्जुन उसकी एक्सीडेंट में डेथ हो गई है। और यह एक्सीडेंट वैभव के घर के पास स्थित एक टी पॉइंट पे हुआ
Speaker A
था। अब जब यह न्यूज़ मिली तो वैभव ने एक दूसरे नंबर से मेहर की बहन को कॉल किया। उसकी बहन बोलती है कि दीदी बहुत परेशान है और एकदम ऐसे डिप्रेशन में जा रही है। वैभव उसकी बहन को बोलता है कि आप एक बार फोन दो मैं बात करूंगा और इसने मेहर को ऐसे कंसोल
Speaker A
करने की कोशिश की। तो मेहर उधर से एकदम गुस्से में बोलती है कि तेरी वजह से ही मेरा प्यार चला गया इस दुनिया से। तूने ही मारा है उसे। अब तू भी ना वैसे ही मरेगा। और यह बोल के मेहर ने फोन काट दिया। वैभव बताते हैं कि उस दिन के बाद से आज तक मेरी
Speaker A
मेहर से बात नहीं हुई है। अब इस पूरे डिप्रेसिंग माहौल से बाहर निकलने के लिए वैभव ने सोचा कि भाई मैं ना जिम ज्वाइन कर लेता हूं। तो इनका रूटीन ऐसा हो गया कि यह सुबह कॉलेज जाते और फिर शाम को जिम। जिम में इनके बहुत सारे दोस्त बन गए और अक्सर
Speaker A
ऐसा होता कि जिम खत्म होने के बाद यह लोग ऐसे बाहर घूमते थोड़ा बहुत कुछ अपना खाते पीते और रात को 10:00 से 11:00 बजे यह सब वापस अपने अपने घर जाते थे। अच्छा इस टाइम पर ना वैभव के पास कोई बाइक या स्कूटी नहीं थी। तो क्या होता कि जो इनका एक जिम
Speaker A
वाला दोस्त था वो वैभव को इनके घर से थोड़ी दूर पे जो वो टी पॉइंट मैंने बताया था उधर ड्रॉप कर देता। वहां से उस दोस्त का घर दूसरे डायरेक्शन में था और वैभव का दूसरे डायरेक्शन में तो वैभव वहां से चल के अपने घर तक आते थे।
Speaker A
इस बात से अनजान कि उस रस्ते पर इनके साथ क्या होने वाला है। एक और इंपॉर्टेंट बात। इस टाइम पर ना वैभव की लाइफस्टाइल में थोड़ा सा चेंज आ गया था। यह पहले ऐसे नॉनवेज वगैरह खाते नहीं थे। पर अब जिम जाने की वजह से अपना
Speaker A
प्रोटीन इंटेक ये सब पूरा करने के चक्कर में इन्होंने नॉनवेज स्टार्ट कर दिया। वैभव बताते हैं कि धीरे-धीरे इनको ऐसा फील होने लगा कि जब वो रात को टी पॉइंट से वापस अपने घर आ रहे हैं तो ना कोई उनके पीछे-पीछे चल रहा है।
Speaker A
और यह लगभग हर दिन की कहानी हो गई थी। पर वैभव ने कभी इस चीज पर ध्यान नहीं दिया। यह चुपचाप उस टी पॉइंट से चल के अपने घर आते और चेंजवेंज करके सो जाते। अब इसी बीच एक रात जिम के बाद घूमते-घूमते इनको कुछ ज्यादा ही लेट हो गया। वैभव का दोस्त उनको
Speaker A
टी पॉइंट पे ड्रॉप करता है और वैभव चुपचाप अपने घर की तरफ बढ़ रहे हैं। टी पॉइंट से ये कुछ ही दूर आगे चले थे कि अचानक से इनको पीछे से किसी ने धक्का दिया और वैभव रोड पर गिर जाते हैं। ये ऐसे घिरे पोजीशन में ही पीछे मुड़ के
Speaker A
देखते हैं। पर भाई पीछे कोई भी नहीं था। वैभव को लगता है कि मेबी मेरा पैर किसी ऐसे पत्थर-वथर में टकराया होगा जिसकी वजह से मैं गिर गया। और उस घटना को भी बस एक संयोग मान के यह वापस अपने घर आते चेंज करते और सो जाते हैं।
Speaker A
वैभव लिखते हैं कि यह चीजें मुझे पहले फील हो रही थी। पर जब से मैंने नॉनवेज फ्रीक्वेंटली खाना स्टार्ट किया। ऐसा लग रहा था कि किसी के पीछा करने की वो सब ना बहुत इंटेंसिफाई हो चुकी थी। अब एक दफा इसी रूटीन को फॉलो करते हुए वैभव उस टी
Speaker A
पॉइंट से रात को घर लौट रहे थे और कुछ ही देर उस रास्ते पर चलने के बाद इनको पीछे से आवाज आती है कि मैं तेरी वजह से मरा हूं रुक जा। अब ये लाइन सुन के वैभव के शरीर में एकदम
Speaker A
सीरन दौड़ गई। ये कुछ सेकंड के लिए अपने कदम रोकते हैं। पर इन्होंने पीछे मुड़ के नहीं देखा। फिर से आवाज आती है कि पीछे देख मैं तेरा इंतजार कर रहा हूं। मेरे पास आजा। पर वैभव को इतना तो फील होने लगा था कि भाई यह ना
Speaker A
कोई इंसान नहीं है। यह चुपचाप अपने कदम तेजी से बढ़ाते हुए घर पहुंचते हैं। अब इस रात की घटना ने वैभव के दिल में डर बैठा दिया था। इन्होंने अगले दिन से ही अपना रूटीन चेंज किया और अगले 2 महीने तक यह घर जल्दी वापस आने लगे। मतलब जितने टाइम उस
Speaker A
रोड पर हलचल रहती थी, उस टाइम यह घर पे आ जाते। अच्छा अब ये 2 महीने खत्म होते-होते इन्होंने एक मोटरसाइकिल खरीद ली थी। वैभव बताते हैं कि मोटरसाइकिल से ऐसे कम्यूट करने में ज्यादा पता नहीं चलता था और धीरे-धीरे जो उस रात की घटना थी वो वैभव
Speaker A
की मेमोरी से गायब हो गई। इन्होंने दोबारा से पहले वाला रूटीन पकड़ लिया और अब यह मोटरसाइकिल से देर रात घर वापस आने लगे। अब फिर एक रात 12:15 बजे दोस्तों के साथ हैंग आउट करने के बाद यह वापस अपने घर लौट रहे थे। और इस बार जब वो घर आ रहे थे ना
Speaker A
तो टी पॉइंट से घर वाले रास्ते के बीच में इनको रोड के साइड पे एक बूढ़ा आदमी दिखाई देता है। उसने काफी अच्छे कपड़े पहने हुए थे और वैभव को ऐसा लग रहा था कि यह शायद इधर ही आसपास के रहने वाले हैं। तो यह जाके अपनी मोटरसाइकिल उस बूढ़े आदमी के
Speaker A
पास रोक देता है और बोलता है कि क्या हुआ दादा? आपको कहीं आगे जाना है क्या? चलना है तो बताइए मैं छोड़ देता हूं। तब वो आदमी बोलता है कि चला जा यहां से। इस रास्ते से मत आया कर। बचेगा नहीं तू। और उस आदमी ने बिना कुछ एक्सप्रेशन दिए
Speaker A
लगातार दो बार यह लाइन बोली। वैभव यह सुनकर थोड़ा सा डरा और अपनी मोटरसाइकिल स्टार्ट करके घर की तरफ बढ़ने लगा। फिर इसके दिमाग में पता नहीं क्या आता है। यह ना मोटरसाइकिल रोकता है और दोबारा पीछे मुड़ के देखता है उस आदमी की तरफ।
Speaker A
पर भाई यह पता है कि उधर तो कोई भी बूढ़ा आदमी नहीं है। मतलब उस टाइम उस आदमी की ऐसी कंडीशन नहीं थी कि भाई वो भाग के जा सके इधर-उधर। कुछ ही सेकंड में वो कहां गायब हो गया? अब यह सब सोचते-सचते वैभव फाइनली अपने घर
Speaker A
पहुंचता है। इसे अंदर से बहुत डर लगने लगा था। यह चाहता तो था कि अपने घर वालों को यह बात बताए पर इसने नहीं बताई। उसे यह डर था कि अगर मैंने घर वालों को यह बात बोली तो वो इसका जिम जाना बंद कर देंगे। अब इसके बाद से वैभव दोबारा घर जल्दी आने
Speaker A
लगते हैं। इनके दोस्तों ने पूछा क्या हो गया भाई तुझे घर जाने की इतनी जल्दी क्यों रहती है? तब वैभव ने उस रात वाली बात अपने दोस्तों को बताई और भाई इनके दोस्त वो बात सुन के ना वैभव का मजाक उड़ाने लगे कि साले क्या बकवास कर रहा है आज के टाइम पे
Speaker A
ऐसा कुछ भी नहीं होता तेरा दिमाग खराब हो गया और एकदम ऐसा होता है ना कि अक्सर होता है बहुत सारे ऐसे ग्रुप्स में होता है कि भाई लोग इग्नोर मार देते हैं इन सारी चीजों को और जो ये सारी चीजें एक्सप्लेन करता है तो उसका मजाक बनाने लगते हैं वैभव
Speaker A
के साथ भी वैसे ही हुआ तो फिर इसे लगा कि अगर मैंने ये सारी चीजें दोबारा से ऐसे डिस्कस की दोस्तों के साथ तो मेरा उल्टा मजाक ही बनेगा तो इसने ने अपने दोस्तों से भी शेयर करना सब कुछ बंद कर दिया। अब एक रात जो इनके जिम में दोस्त थे उनमें से एक
Speaker A
का बर्थडे था। उन सबका प्लान हुआ कि भाई रात में 12:00 बजे के बाद केक काटेंगे। पर वैभव यहां जिद करने लगे। नहीं भाई मुझे ना घर जाना है। पर जो इनके सारे दोस्त थे इन्होंने वैभव को जबरदस्ती रोक लिया। उस रात ना चाहते हुए भी वैभव ऐसे बर्थडे
Speaker A
सेलिब्रेशन में शामिल होते हैं और यह बताते हैं कि सबने थोड़ी-थोड़ी बियर पी और यह सब करतेकराते रात के 1:30 बज जाते हैं। अब उस टाइम सब लोग कुछ दूर तक एक साथ आते हैं और फिर सब अपने-अपने घर की तरफ मुड़ जाते हैं। वैभव को दोबारा से वो टी पॉइंट
Speaker A
क्रॉस करके अपने घर पे जाना था। अब उस टी पॉइंट पर पहुंचने से थोड़ी देर पहले ही वैभव मोटरसाइकिल रोक लेता है। इसकी सांसे एकदम तेज हो चुकी थी और इसके दिमाग में बस यह बात चल रही थी कि भाई मैं ना एकदम तेजी से बाइक भगा के वो वाला पैच क्रॉस कर
Speaker A
दूंगा। और यही सोच के वैभव मोटरसाइकिल एकदम तेज रफ्तार में उस एरिया से निकालने लगते हैं। और भाई टी पॉइंट क्रॉस करके जैसे ही उस रास्ते पर पहुंची इनके सामने एक लड़का आ जाता है। यह बताते हैं कि बाइक मेरी बहुत स्पीड में थी। ब्रेक लगाने का
Speaker A
मौका नहीं मिला और जैसे ही मेरी मोटरसाइकिल उस लड़की के पास पहुंची ना वो मुझे सामने से धक्का देता है। मतलब चलती मोटरसाइकिल पे। वैभव एक कोने में जाकर गिरे और उनकी मोटरसाइकिल दूसरे कोने में। यह बताते हैं कि मुझे काफी चोट आई थी।
Speaker A
एकदम खड़े होने की भी हिम्मत नहीं हो रही है। और फिर वहीं रोड पर पड़े पड़े इसने चारों तरफ गर्दन घुमाई कि वो लड़का कहां गया? पर उधर कोई भी लड़का नहीं था। अब यह जो एक्सीडेंट हुआ था उसकी आवाज सुनके जो आसपास के घर वाले थे वह बाहर
Speaker A
निकल गए। उनमें से कुछ लोग वैभव को लेकर हॉस्पिटल जाते हैं और फिर इन्होंने इसके घर पर कॉल किया। डॉक्टर ने अपना ट्रीटमेंट किया और फिर उसके बाद यह वापस घर आ जाते हैं। वैभव बताते हैं कि मुझे थोड़ा बहुत हाथ पैसे से छिल गया था पर ना अंदरूनी चोट
Speaker A
ज्यादा थी। मतलब अंदर से हड्डी और मसल्स जो है बहुत दर्द कर रहे थे। अब यहां अगले तीन-चार दिन तक वैभव जिम नहीं गए और इनको समझ में आ गया था कि भाई अब टाइम आ गया कि मैं अपने घर वालों को यह सारी बात बताऊं। वैभव अपनी मम्मी से यह सब चीज एक्सप्लेन
Speaker A
करने की कोशिश करते हैं। तब उनकी मम्मी ने बोला कि तूने पूजा पाठ करना ये सब बंद कर दिया है ना शायद उसकी वजह से हो रहा है। और यह बात बोलकर इनकी मम्मी ने उस बात को वहीं खत्म कर दिया। इस टाइम वैभव की बाइक डैमेज हो चुकी थी। तो यह सोचते हैं कि भाई
Speaker A
अभी ना मैं बाइक बनवाऊंगा नहीं। यह अपना रूटीन थोड़ा चेंज करते हैं। अब यह सुबह में जिम जाने लगे और जिम के बाद फिर कॉलेज अटेंड करके वापस गए और फिर से अपना पुराना जो पूजा पाठ करने का रूटीन था वह स्टार्ट कर दिया। अब इस घटना के 1 महीने के बाद
Speaker A
ऋषिकेश में बॉडी बिल्डिंग कंपटीशन होने वाला था। इसमें वैभव का एक जिम वाला दोस्त भी पार्टिसिपेट कर रहा था और जो यह कंपटीशन था, यह संडे के दिन ऑर्गेनाइज किया गया था जो रात के 1:00 बजे तक चला। अब यहां वैभव और उनके सारे दोस्त गए थे
Speaker A
कंपटीशन देखने के लिए। और इस दिन वैभव अपने ताऊ जी की स्कूटी लेके वो कंपटीशन देखने पहुंचा था। अब उस रात करीब 1:30 बजे के आसपास ये लोग कंपटीशन देख के वापस अपने-अपने घर जा रहे थे। वैभव को दोबारा से वो टी पॉइंट क्रॉस करके अपने घर आना
Speaker A
था। सारे दोस्त इसके अपने-अपने घर की तरफ चले गए और वैभव स्कूटी पे बैठ के अकेले अपने घर की ओर आ रहा था। अब यह बताते हैं कि उस टी पॉइंट से घर आने के बीच में अचानक से ना मेरी स्कूटी एकदम भारी हो गई। मुझे ऐसा फील हो रहा था कि कोई मेरे पीछे
Speaker A
बैठा हुआ है। वैभव की हिम्मत नहीं हुई पीछे मुड़ के देखने की। पर ना इनको जो भी पीछे बैठा हुआ था उसका पैर का टच फील हो रहा था। एक बार खुद को रख के देखो इस सिचुएशन में। खैर, यहां वैभव थोड़ी समझदारी दिखाते हैं
Speaker A
और बिना कुछ रिएक्ट किए चुपचाप अपने घर पहुंचते हैं। और घर पहुंचने से थोड़ी दूर पहले ही अचानक से इनकी स्कूटी एकदम हल्की हो गई। वो जो कोई भी पीछे बैठा था वो उतर चुका था। वैभव बताते हैं कि मम्मी ने आकर गेट खोला था और स्कूटी घर के अंदर पार्क
Speaker A
करने के बाद मैं मम्मी को वो घटना बताने लगता हूं जो अभी मेरे साथ हुआ। अब जब वैभव अपनी मम्मी से घटना डिस्कस कर रहे थे ना तभी इनको घर के बाहर एक बहुत तगड़े एक्सीडेंट होने की आवाज सुनाई देती। मतलब वो आवाज इतनी तेज थी कि इनकी मम्मी,
Speaker A
वैभव और आसपास के जो पड़ोसी थे वो सब लोग घर के बाहर निकल गए। अब जब यह बाहर गए तो देखते हैं कि भाई एक बाइक का एक्सीडेंट हो रखा है। उस बाइक पर एक लड़का और लड़की बैठे हुए थे। लड़के को तो थोड़ी बहुत चोट आई थी पर जो लड़की थी उसके सर से बहुत
Speaker A
ब्लीडिंग हो रही है। और इसी बीच वैभव की नजर एक और लड़के पर पड़ती है। भाई यह पाता है कि वो जो लड़का है ना उसका पूरा चेहरा फटा हुआ था। चेहरे से लगातार ब्लीडिंग हो रही है। अब सारे लोग यहां उस लड़के और लड़की को
Speaker A
उठाने में बिजी हो गए। किसी का ध्यान उस तीसरे लड़के की तरफ नहीं गया। अभी यहां वैभव के पापा एंबुलेंस बुलाते हैं और इन दोनों को एंबुलेंस में बैठा के हॉस्पिटल भेजा गया। अब जब एंबुलेंस में इन दोनों को बैठाया जा रहा था तो वैभव सबसे बोल रहा है
Speaker A
कि एक तीसरा लड़का भी था इधर। उसका भी पूरा एक्सीडेंट हुआ है। उसको भी देखिए आप लोग। पर भाई किसी ने वैभव की बात पर ध्यान नहीं दिया। यह अपने पापा से बोलता है कि पापा एक तीसरा लड़का भी था। तो उसके पापा बोलते हैं क्या बात कर रहे हो? यही दोनों
Speaker A
तो थे। कौन तीसरा लड़का था? अब अपने पापा से यह रिस्पांस सुनकर वैभव एकदम शांत हो जाता है। उसने फिर कुछ भी एक्सप्लेन करने की कोशिश नहीं की। अब उस पूरी रात वैभव बस यह सोच रहा था कि यार कौन था वो लड़का और मुझे ही सिर्फ क्यों दिख रहा था किसी और
Speaker A
को दिखाई क्यों नहीं दिया। अब यह बताते हैं कि अगले कुछ दिन तक यह घर पर ही रहे। कोई दोस्तों से मिलनाजुलना यह सब कुछ नहीं हो रहा था। अच्छा यह जो घटना थी यह 23 फरवरी 2020 की थी। इसके कुछ दिन के बाद ही आता है मार्च 2020 और अब लग चुका था
Speaker A
लॉकडाउन। अब इस कोविड के लॉकडाउन में मूवमेंट रिस्ट्रिक्ट हो चुकी थी और यहां वैभव और उनके दोस्तों का मिलनाजुलना एकदम से बंद ही हो गया। अब देखो जो इंसान इतना घूमता फिरता था, दोस्तों के साथ इतना हैंग आउट करता था। भाई लॉकडाउन में घर में बंद
Speaker A
पड़े-पड़े यह एकदम परेशान होने लगे थे। अब 2 महीने तो जैसे तैसे बीत गए। पर फिर इनसे ना रहा नहीं गया। इन्होंने प्लान बनाया कि यार जो वैभव के घर के पास जो दोस्त रहता है उसके ना छत पे जाते हैं और वहां हम चिकन बनाएंगे। इधर-उधर तो घूम नहीं सकते
Speaker A
तो कम से कम किसी के घर पर इकट्ठा हो जाए। और फिर उस रात वैभव और उनके पांच दोस्तों ने घर के छत पर चिकन बनाया। चिकन के साथ इन लोगों ने थोड़ा-थोड़ा बीियर भी पिया था। और इसी बीच अचानक से जो इनका एक दोस्त था वो बोलता है कि अरे वैभव
Speaker A
वो तो टी पॉइंट के बारे में क्या बोलता था हमेशा? उधर कोई भूत है, आत्मा है। और सब ऐसे बोल के ना वैभव को एकदम एक तरीके से मजाक उड़ाने लगे। अब इनमें से दो और दोस्त हैं वो बोलते हैं कि चल चल टी पॉइंट से घूम के आते हैं। देखते हैं कौन है उधर।
Speaker A
वैभव मना करता है कि नहीं भाई मुझे नहीं जाना है। पर इनके दोस्त यहां नहीं मानते। यह सब लोग वैभव को लेके रोड पे ऐसे वॉक करने लगे। इनका प्लान था कि भाई टी पॉइंट तक जाएंगे और फिर वहां से घूम के वापस आ जाएंगे। पर वैभव जो था ना वो एकदम बहाने
Speaker A
मानने लगा नहीं यार मुझे नहीं जाना है उधर। तुम लोग प्लीज समझो। और फिर लास्ट में यह बोलता है कि मुझे जैसे वॉशरूम जाना है। तुम लोग आगे चलो। मैं बस ऐसे पेशाब करके आ रहा हूं। अब यहां जब वैभव जिद करने लगा तब इसके दोस्त इसे छोड़ के उस टी
Speaker A
पॉइंट की तरफ जाने लगते हैं। अब यहां होता यह है कि टॉयलेट करने के बाद वैभव उनके साथ नहीं जाता। यह वहीं खड़े होकर वेट करने लगता है उनके घूम के वापस आने का। अब वहीं खड़े-खड़े वैभव ऐसे फोन चला रहा है और अचानक से इनको फील हुआ कि कोई ना
Speaker A
इनके आसपास घूम रहा था। मतलब वैभव को अपने अराउंड किसी के चलने की आवाज सुनाई दे रही थी। अब इस चीज ने वैभव के अंदर थोड़ा डर बैठा दिया और यह चुपचाप अपने घर की तरफ बढ़ने लगे। अभी ये घर की तरफ थोड़ी दूर चले थे कि इनका एक दोस्त भाग के पीछे से आता है और
Speaker A
बोलता है कि भाई रुक कहां जा रहा है अकेले? वैभव बताते हैं कि इनका यह दोस्त गढ़वाली था और इसने गढ़वाली में ही वैभव से बोला रुकने को। वैभव ने उसे बोला कि यार हम ना चलते हैं घर की तरफ। तब वो दोस्त बोलता है कि अरे रुक जा ना सबको आने
Speaker A
दे तब चलेंगे साथ में। अब यहां अपने उस दोस्त के आगे वैभव कुछ नहीं बोलता। यह दोनों रोड के साइड पे एक पेड़ के नीचे कोने में छुप के वेट करने लगे अपने दोस्तों का। क्योंकि उस टाइम लॉकडाउन अभी ई नहीं हुआ था पूरी तरीके से। पुलिस की
Speaker A
पेट्रोलिंग चल रही थी। अगर पुलिस इनको पकड़ लेती तो दिक्कत हो जाती। तो ये चुपचाप पेड़ के नीचे ऐसे छुप के बैठे हुए हैं दोनों। और अचानक से वैभव अपने दोस्त से बात करने के लिए उसकी तरफ मुड़ के देखता है। और जैसे ही ये मुड़ा ना तो ये
Speaker A
पाता है कि भाई उसका दोस्त वैभव को ही घोरे जा रहा था। और देखते ही देखते उसने थोड़ा सा स्माइल किया और बोलता है कि मैं तेरी ही वजह से मरा हूं। तूने ही मेहर को धमकी दी थी ना कि तू मुझे
Speaker A
मार देगा। अब तू भी मेरी ही तरह मरने वाला है। जैसे ही वैभव यह सब सुनता है भाई वो बहुत ज्यादा डर गया। यह ऐसे चिल्लाता एकदम जोर से और तभी उसके दोस्त ने इसका हाथ पकड़ लिया। वैभव बताते हैं कि मेरी नजर उसके चेहरे की तरफ ही थी और देखते ही
Speaker A
देखते ना उसका पूरा चेहरा एकदम नीला सा पड़ जाता है। मैंने जैसे तैसे उसे अपना हाथ छुड़वाया और भाग के सीधा घर पहुंचा। दो-तीन दिन तक एकदम ही शांत चुपचाप ऐसे खोया हुआ रहता घर पे और फिर तीन दिन के बाद इसने अपने उस दोस्त को कॉल किया जो उस
Speaker A
रात वैभव के साथ पेड़ के नीचे खड़ा था। अब जब वैभव ने उसके घर पर बात की तो पता चला कि उस दोस्त की तबीयत पिछले तीन दिन से बहुत ज्यादा खराब है। वैभव समझ गया कि भाई अर्जुन के स्पिरिट ने उस लड़के को अपने चपेटे में ले लिया है। अब अपने दोस्त की
Speaker A
यह हालत सुनने के बाद वैभव घर में बहुत डर-डर के रहने लगा और उसका यह डरा हुआ चेहरा वैभव के ताऊ जी ने नोटिस किया। इन्होंने पूछा वैभव से कि क्या हो गया? तू ऐसे डर डर के क्यों रहता है? तब वैभव खुद को रोक नहीं पाया और यह बोलता है ताऊ जी
Speaker A
से कि ताऊ जी मुझे ना ऐसे कुछ लोग दिखते हैं जो कि मर चुके हैं। रोड पर चलते हुए मुझे अक्सर उनकी आत्माएं दिखाई देती हैं और अभी मेरे दोस्त के साथ ऐसा-सा हुआ है। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा मैं क्या करूं। वैभव लिखते हैं कि उनके ताऊ जी इन
Speaker A
सब में मानते थे। तो एक दिन वह वैभव को ले पास के मंदिर में गए। वहां पर जो पंडित थे उनसे पूरा झाड़फक करवाया और फिर वहां पूजा होने के बाद वैभव के अंदर से डर थोड़ा कम हुआ और इसको ना वो चीजें दिखनी बंद हो गई। इस बीच वैभव ने नॉनवेज भी छोड़ दिया था।
Speaker A
अब ऐसे ही धीरे-धीरे समय निकलता है और आज के टाइम पर वैभव बताते हैं कि मैं चंडीगढ़ में जॉब कर रहा हूं। चंडीगढ़ आके दोबारा से इन्होंने नॉनवेज खाने सब स्टार्ट कर दिया है। पर जब भी यह ऋषिकेश जाते तो ना यह एकदम नॉनवेज छोड़ देते हैं। इनको अभी
Speaker A
भी वो लड़का उस टी पॉइंट वाले रास्ते पर खड़ा दिखाई देता है। पर अब वैभव कभी भी देर रात को उस रास्ते पर आना-जाना नहीं करते। जब भी इनको उधर से आना होता तो अपने किसी दोस्त को लेकर ही क्रॉस करते। मे बी अर्जुन की वो स्पिरिट आज भी अपने बदले के
Speaker A
इंतजार में खड़ी है वहां पे। मैं बस भगवान से यही प्रे करता हूं कि भाई वैभव को दोबारा से यह सब चीज फेस ना करना पड़े। तो यार यह थी पूरी स्टोरी। अगर आपके जाने पे ऐसी कोई घटना घटी है तो नीचे जो ईमेल आईडी आ रहा है उस पर अपनी डिटेल स्टोरी
Speaker A
मुझे शेयर कर सकते हैं। मिलते हैं आपसे अगले वीडियो में। तब तक के लिए अपना ध्यान रखो और हर हर महादेव।
Topics:वैभवमेहरप्रेम कहानीट्रेडिंग बॉटऑटोमेटेड ट्रेडिंगTelegram बॉटरियल टाइम ट्रेडिंगरिश्तेब्रेकअपऋषिकेश











