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Narcissist Ka Dimaag Kaise Kaam Karta Hai? Secret Psychology Exposed! | Dr. Amita Puri | Shambhave

डॉ. अमिताभ पुरी ने नार्सिसिस्ट के दिमाग की साइकोलॉजी और अब्यूज रिकवरी के रहस्यों को समझाया।

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Key Takeaways

  • नार्सिसिस्टिक अब्यूज से उबरना टीम वर्क और धैर्य मांगता है।
  • नार्सिसिस्ट दूसरों को ब्लेम करते हैं और अपनी कमियों को छुपाते हैं।
  • पीड़ितों को अपनी सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
  • जीवन की सुंदरता को समझना और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है।
  • अब्यूज सहना उचित नहीं, मदद लेना और boundaries बनाना आवश्यक है।

What the video covers

  • नार्सिसिस्टिक अब्यूज रिकवरी टीम वर्क से होती है जिसमें परिवार और मानसिक स्वास्थ्य प्रोफेशनल्स शामिल होते हैं।
  • नार्सिसिस्ट के दिमाग में दूसरों को ब्लेम करना और खुद को पीड़ित दिखाना एक सामान्य व्यवहार है।
  • वे बार-बार 'नो वन लव्स मी', 'नो वन अंडरस्टैंड्स मी' जैसे भावनात्मक बयान देते हैं।
  • नार्सिसिस्ट की खुशी दूसरों को नियंत्रित करने और क्रिटिसाइज करने में निहित होती है।
  • पीड़ित अक्सर पूरी तरह सरेंडर कर देते हैं लेकिन फिर भी अब्यूज सहते रहते हैं।
  • डॉ. पुरी ने आत्महत्या के विचारों को लेकर भी चर्चा की और जीवन को सकारात्मक नजरिए से देखने की सलाह दी।
  • नार्सिसिस्ट के व्यवहार में हीन भावना और दूसरों पर निर्भरता प्रमुख होती है।
  • उनकी क्रूरता के पीछे अपनी कमियों को छुपाने की प्रवृत्ति होती है।
  • डॉ. पुरी ने पीड़ितों को अपनी जान की कद्र करने और अब्यूज से बचने की सलाह दी।
  • वीडियो में नार्सिसिस्ट के व्यवहार के वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक पहलुओं को विस्तार से समझाया गया है।

Answers

Questions about this video

नार्सिसिस्टिक अब्यूज रिकवरी कैसे संभव है?

नार्सिसिस्टिक अब्यूज रिकवरी टीम वर्क से होती है जिसमें परिवार, डॉक्टर और मानसिक स्वास्थ्य प्रोफेशनल्स मिलकर काम करते हैं। धैर्य और समझ जरूरी है।

नार्सिसिस्ट के दिमाग में क्या चलता है?

नार्सिसिस्ट दूसरों को ब्लेम करते हैं, खुद को पीड़ित दिखाते हैं और अपनी कमियों को छुपाने के लिए दूसरों को नियंत्रित करते हैं।

अब्यूज सहना क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है?

पीड़ित अक्सर पूरी तरह सरेंडर कर देते हैं लेकिन अब्यूज सहते रहते हैं। अपनी जान की कद्र करना और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
नमस्कार, शंभव वेलनेस में आपका बहुत-बहुत स्वागत है और मैं डॉक्टर अमिताभ पुरी, देश विदेश की जानीमानी मनोवैज्ञानिक और ग्लोबल अथॉरिटी हूँ। नार्सिस्टिक अब्यूज रिकवरी जो होती है, वो बहुत तरीकों से, बहुत मिलके एज अ टीम जब हम करते हैं ना।
00:22
Speaker A
फैमिली वाले भी और डॉक्टर के साथ भी मेंटल हेल्थ प्रोफेशंस के साथ भी तो मिलके हम बहुत सारी चीजें चीजें करते हैं एज अ टीम तब जाके रिकवरी होती है। इतना सिंपल नहीं है क्योंकि नासिस के दिमाग में घुसना समय
00:41
Speaker A
फैमिली वाले भी और डॉक्टर के साथ भी, मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स के साथ भी, तो मिलके हम बहुत सारी चीजें करते हैं एज अ टीम। तब जाके रिकवरी होती है। इतना सिंपल नहीं है क्योंकि नासिस के दिमाग में घुसना समय लगता है।
00:59
Speaker A
करेंगे। तुमसे मिलने के बाद मेरी लाइफ बर्बाद हो गई। तुमने ऐसे कहा तो मुझे गुस्सा आया तो मैंने यह किया। तुमको समझ नहीं आता कि मुझे यह अभी चाहिए। मुझे यह अभी नहीं चाहिए। तुम मेरा ख्याल नहीं रखते। यू डोंट लव मी इनफ। यह तो इनका एक
01:15
Speaker A
तो ये नासिस्ट होते कौन हैं? ये सोचते क्या हैं? इनके दिमाग में आखिर चल क्या रहा है? मिस्ट्री है काफी। उतनी भी मिस्ट्री नहीं है। साइंटिफिकली क्या होता है कि इनका दिमाग जो है, यह आपको ब्लेम तो करेंगे।
01:31
Speaker A
तरह। फिर इनको टुनटुना पकड़ा दो कोई जो इनको उस वक्त चाहिए। फिर 2 मिनट के लिए चुप हो जाएंगे। फिर वापस वही चू च वाला जो है कि नो वन लव्स मी, नो वन अंडरस्टैंड्स मी, नो वन केयर्स फॉर मी। तो आपको लगता है
01:45
Speaker A
तुमसे मिलने के बाद मेरी लाइफ बर्बाद हो गई। तुमने ऐसे कहा तो मुझे गुस्सा आया तो मैंने यह किया। तुमको समझ नहीं आता कि मुझे यह अभी चाहिए। मुझे यह अभी नहीं चाहिए। तुम मेरा ख्याल नहीं रखते। यू डोंट लव मी इनफ।
02:00
Speaker A
में तो बहुत कुछ करते हैं। सरेंडर कंप्लीट कर लिया, एडजस्ट अप कर लिया। लेकिन अब्यूज भी सहन है। क्यों सर?
02:09
Speaker A
यह तो इनका एक फेमस फेड डायलॉग है। वह अपने पेरेंट्स को, अपने भाई-बहन को, ऑफिस में, अपने पार्टनर के साथ, बच्चों के साथ क्या बोलते हैं? नो वन अंडरस्टैंड्स मी। नो वन लव्स मी। मुझे कोई प्यार नहीं करता।
02:25
Speaker A
मन करता है करो। तुम्हें रोका किसने है? फिर वो हंस पड़ी। तो अंदाज होता है ना बोलने का अंदाज बयान अंदाज अपना अपना अंदाज कुछ और जिसको कहते हैं तो वो कह रही थी कि मुझे इतना गुस्सा चढ़ता है कि मेरी मदर इन लॉ वो भी
02:43
Speaker A
तो छोटे बच्चे की तरह। फिर इनको टुनटुना पकड़ाओ कोई जो इनको उस वक्त चाहिए। फिर 2 मिनट के लिए चुप हो जाएंगे। फिर वापस वही चू च वाला जो है कि नो वन लव्स मी, नो वन अंडरस्टैंड्स मी, नो वन केयर्स फॉर मी।
02:56
Speaker A
तो मैंने कहा जंप मारना अपनी खुशी के लिए मारो। बंजी जंपिंग भी लोग गेम खेलते हैं। वो इंटरेस्टिंग है काफी वो ऊपर से लेकिन वो रोप्स के ज्यादा बंधे होते हैं। तो जंप मारना है तो ये जंप मारो ना। इनके लिए या
03:12
Speaker A
तो आपको लगता है कि भैया आप तो हीरोपंती में आ गए। दुनिया में कोई इसको नहीं करता। लेकिन यह मेरे पे कितना डिपेंडेंट है। दैट इज आस्किंग फॉर दीज़ थिंग्स फ्रॉम मी। तो मैं क्यों ना करूं? क्यों ना करूं तो ठीक है भाई।
03:28
Speaker A
अगर मरना ही है तो किसी अच्छे कॉज के लिए अपनी जान दो ना शहीद कहलवाओ जो उस पहले होता था कि हां एक बड़ा कॉज होता था कि ओके इंडिपेंडेंस के लिए और या फिर कई पुराने उसमें तपस्या कर रहे हैं। आपने
03:44
Speaker A
प्यार में तो बहुत कुछ करते हैं। सरेंडर कंप्लीट कर लिया, एडजस्ट अप कर लिया। लेकिन अब्यूज भी सहन है। क्यों सर?
04:02
Speaker A
जिंदगी खूबसूरत है। सिर्फ देखने का नजरिया हमारा थोड़ी देर के लिए बदल जाता है। जब हम बार-बार बार-बार अपने ही फैमिली मेंबर्स से अब्यूज सुनते हैं, सहते हैं और कह कुछ नहीं पाते। इनके दिमाग में क्या चल रहा होता है इन अ
04:22
Speaker A
अभी मैं किसी से बात कर रही थी तो उनसे मैं यंग गर्ल हूँ, आईटी प्रोफेशनल हूँ, तो वो बोल रही थी मैं बहुत डिप्रेस हूँ और मेरा मन करता है मैं यहां से कूद जाऊं।
04:45
Speaker A
कि अरे यह तो अपना ऐसे एक्ट करते हैं या करते जैसे पता नहीं बब्बर शेर नहीं है। बब्बर शेर यही है। दुनिया के बाकी लोग तो बिल्कुल कुछ इनके सामने है ही नहीं। एंड दे एक्चुअली हैव मेनी गुड क्वालिटीज। भाई
04:59
Speaker A
तो मैंने कहा कूदो, तुम्हारी मर्जी है, जो मन करता है करो। तुम्हें रोका किसने है? फिर वो हंस पड़ी।
05:21
Speaker A
की क्षमता वो नहीं होती। वो दो साल के बच्चे की तरह होती है कि बस मुझे तो अभी चाहिए। इसी वक्त चाहिए। ऐसे ही करना है। ऐसे नहीं होना चाहिए। क्यों नहीं होना चाहिए? इसके पीछे कुछ नहीं। मुझे ऐसे
05:36
Speaker A
तो अंदाज होता है ना बोलने का अंदाज, बयान अंदाज अपना अपना अंदाज कुछ और जिसको कहते हैं। तो वो कह रही थी कि मुझे इतना गुस्सा चढ़ता है कि मेरी मदर इन लॉ भी नॉनसिस्ट है।
05:51
Speaker A
कि हंसी भी आती है, रोना भी आता है कि भाई मैं कहां फंस गए हम लोग? किन लोगों के साथ हम फंस गए। तो अगर आपके आसपास कुछ ऐसे लोग हैं जो आपको लगता है कि परेशान हैं। कहीं ना कहीं
06:06
Speaker A
मेरे हस्बैंड भी नॉनसिस्ट हैं। मेरी सिस्टर इन लॉ भी नॉनसिस्ट है। तो सारे लोग मिलके मेरा बैंड बजा रहे हैं। और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा। मुझे मन करता है मैं यहां से जंप मार दूं।
06:23
Speaker A
है। पता लग जाता है। तो इनका दिमाग जो नासिस का है ना उसके अंदर क्या चल रहा होता है? यह कैसे खुश है? मुझे इसकी खुशी लेनी है। मुझे इसकी खुशी में ग्रहण लगाना है। होली, दिवाली, ईद, कोई भी तीज,
06:39
Speaker A
तो मैंने कहा जंप मारना अपनी खुशी के लिए मारो। बंजी जंपिंग भी लोग गेम खेलते हैं। वो इंटरेस्टिंग है काफी, वो ऊपर से लेकिन वो रोप्स के ज्यादा बंधे होते हैं।
07:00
Speaker A
अंदर आग लग रही होती है कि उस जगह उस माहौल को ठंडा या खराब करना तो इनको लाजमी ही लाजमी है। इन्होंने करना ही करना है। इनके अपनी कमी को छुपाने के लिए यह दूसरों को ब्लेम करते हैं। जो इनके अंदर की
07:17
Speaker A
तो जंप मारना है तो ये जंप मारो ना। इनके लिए या किसी और के लिए जिसको हमारी परवाह नहीं है। हम क्यों मरे भाई? क्यों? द सिंपल एंड द मोस्टेंट क्वेश्चन इज व्हाई?
07:33
Speaker A
क्रिटिसाइज करेंगे, कंट्रोल करेंगे और आपको चेंज करने के फिराक में रहते हैं। लेकिन इनिशियली आपकी यही क्वालिटीज के कारण यह आपसे अट्रैक्ट भी हुए थे कि ओके यह बंदा है खूब खुशहाल है। खूब अपना डिसेंट है। खूब शराफत में यह हो सकता है
07:54
Speaker A
व्हाई शुड वी डाई फॉर देम?
08:11
Speaker A
बार-बार क्रिटिसाइज करना है ताकि आप अपने जो बेसिक जो आपकी एक वजूद है वह भूल जाओ और इनके मुताबिक चलो। आप चल भी लेंगे इनके मुताबिक। बहुत लोग कंप्लीट सरेंडर एब्सोल्यूट ये अपने फ्रेंड्स को परिवार को सबको छोड़ देते हैं तोड़ देते हैं। उसके
08:33
Speaker A
अगर मरना ही है तो किसी अच्छे कॉज के लिए अपनी जान दो ना, शहीद कहलवाओ। जो उस पहले होता था कि हां एक बड़ा कॉज होता था कि ओके इंडिपेंडेंस के लिए।
08:49
Speaker A
और बैठे हुए हैं तो बैठे ही रहते हो। खड़े हो कुछ काम करो कुछ देखो। मतलब पूरा अटेंशन में एकदम जैसे एक वाइफ ने बताया कि उनके हस्बैंड आज खाने में क्या बना है और फिर वो पीछे जैसे बावजी होता है ना आप
09:06
Speaker A
और या फिर कई पुराने उसमें तपस्या कर रहे हैं। आपने पानी पीना, अन्न लेना छोड़ दिया क्योंकि आप स्पिरिचुअल अपनी एलिवेशन में करना चाहते हैं।
09:18
Speaker A
करते हैं जनरली यह नॉर्मलनेस है लेकिन इनका अंदाज ऐसे होगा कि वो तो आपको वेटर या वेट्रेसेस बना के आप उसी तरह आपको पता भी नहीं चलेगा। उसी तरह आंसर देना शुरू कर देंगे। तो यह लेडी बोलती है आई डिड
09:33
Speaker A
आप वहां पर ऐसे कोई मुकाम में, लेकिन जान देना तो कोई भी रिलीजन नहीं सिखाता भाई कि अपनी जान आप खुद लो और क्यों लो।
09:46
Speaker A
इस टोन में क्यों बात करती है? एकदम घबरा के खड़ी क्यों हो जाती है?
09:52
Speaker A
जिंदगी खूबसूरत है। सिर्फ देखने का नजरिया हमारा थोड़ी देर के लिए बदल जाता है।
10:07
Speaker A
पेरेंट्स एंड चाइन के भाई बहने किसी के भी प्रति प्यार होता ही नहीं क्योंकि इनके दिमाग में हर एक के प्रति एक भावना रहती है कि यह मुझे नहीं प्यार करता यह मेरा ख्याल नहीं रखता। जिस तरह से आई डिर्व कि
10:26
Speaker A
जब हम बार-बार, बार-बार अपने ही फैमिली मेंबर्स से अब्यूज सुनते हैं, सहते हैं और कह कुछ नहीं पाते।
10:42
Speaker A
देंगे। तुम वो देखो मेरे फ्रेंड के फादर मेरे फ्रेंड के जो बच्चे हैं वो तो कितना ज्यादा उसका सुनते हैं करते हैं उनकी मानते हैं वो जैसे ही कॉल करें दौड़ के आएंगे यस पापा अब पूरा यस पापा चलो चलते
10:58
Speaker A
इनके दिमाग में क्या चल रहा होता है? इन अवे आपके पार्टनर बने हैं ना, तो इट्स बैक हैंडेड कॉम्प्लीमेंट टू यू क्योंकि आपकी डिसेंसी, आपका चियरफुलनेस, आपका ऑप्टिमिज्म, आपका जो एक रेजिलियंस है, ऑप्टिमिज्म इनको चाहिए।
11:11
Speaker A
बच्चा वो आप उसी तरह कंट्रोल में रखना चाहते हैं जैसे दो साल का बच्चा चॉकलेट लेके कितना खुश होकर डांस करने लगता था। तो 20 साल का बच्चा भी आपको देख के डांस करने लगे और अगर वह नहीं करता तो इसका
11:26
Speaker A
इनके अंदर हीन भावना कूट-कूट के भरी होती है। आपको सरप्राइज लगेगा सुनके कि अरे यह तो अपना ऐसे एक्ट करते हैं या करते जैसे पता नहीं बब्बर शेर नहीं है।
11:43
Speaker A
को जानते हैं, ऐसा कुछ हो रहा है ना तो प्लीज यह लाइक करिए, सब्सक्राइब करिए और भरभ के शेयर कीजिए। बहुत सारे यंग जो हमारा यूथ है हो सकता है उनको भी जो इस इन चीजों से वो अकेले में एनोनिमिटी में फाइट
12:00
Speaker A
बब्बर शेर यही है। दुनिया के बाकी लोग तो बिल्कुल कुछ इनके सामने हैं ही नहीं।
12:14
Speaker A
लेना। तो अब्यूज नहीं लेना ना। जान क्यों दें? जान को तो जान से भी ज्यादा प्यार से रखो। संभाल के रखो। सहेज के रखो। तो आपका एक यह शेयर पता नहीं कितने लोगों के अंदर नई जान नया प्राण भर देगा। तो करेंगे ना
12:30
Speaker A
एंड दे एक्चुअली हैव मेनी गुड क्वालिटीज। भाई, आईक्यू इनका अबव एवरेज होता है।
Topics:नार्सिसिस्टमनोविज्ञानअब्यूज रिकवरीडॉ अमिताभ पुरीमानसिक स्वास्थ्यनार्सिसिस्टिक अब्यूजटॉक्सिक रिश्तेभावनात्मक नियंत्रणसाइकोलॉजीशंभव वेलनेस

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