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Narcissist Sirf Aapse Hi Nafrat Kyun Karta Hai? Asli Wajah Jo Koi Nahi Batata! 😱 | Dr Amita Puri

नार्सिस्ट क्यों सिर्फ आपको टारगेट करता है? डॉक्टर अमिता पुरी से जानिए असली वजह और नफरत के पीछे का मनोवैज्ञानिक सच।

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Key Takeaways

  • नार्सिस्ट आपकी अच्छाई से डरता है और इसलिए आपको टारगेट करता है।
  • आपकी मेहनत का फायदा उठाकर वह आपको दोषी ठहराता है, गलती आपकी नहीं है।
  • बाउंड्रीज बनाने पर नार्सिस्ट का गुस्सा और नफरत बढ़ती है।
  • गैसलाइटिंग और पब्लिक स्मेयरिंग नार्सिस्ट के सामान्य व्यवहार हैं।
  • अपने आप को समझना और सीमाएं बनाना ही बचाव का रास्ता है।

What the video covers

  • नार्सिस्ट अपनी सच्चाई छुपाने के लिए आपको टारगेट करता है क्योंकि वह आपकी अच्छाई से डरता है।
  • आपकी मेहनत और रिश्ते को मजबूत करने की कोशिशों का फायदा वह उठाता है और आपको दोषी ठहराता है।
  • जब आप अपनी बाउंड्रीज बनाते हैं तो नार्सिस्ट और ज्यादा नफरत और गुस्सा दिखाता है।
  • नार्सिस्ट आपको क्रेजी या विकेड साबित करने के लिए माइंड गेम्स और पब्लिक स्मेयरिंग करता है।
  • वह आपकी खुशियों और सफलताओं से जलता है और गैसलाइटिंग के जरिए आपकी छवि खराब करता है।
  • नार्सिस्ट की असली सच्चाई काली होती है और वह आपकी भावनाओं की कदर नहीं करता।
  • आपकी गलती नहीं है, बल्कि उनकी मानसिकता और डिसऑर्डर की वजह से ऐसा व्यवहार होता है।
  • बाउंड्रीज बनाना जरूरी है लेकिन इसके लिए आपको नफरत भरे व्यवहार का सामना करना पड़ सकता है।
  • डॉ. अमिता पुरी ने नार्सिस्टिक अब्यूज रिकवरी में अपने अनुभव साझा किए हैं।
  • यह वीडियो नार्सिस्ट के व्यवहार को समझने और उससे बचाव के उपाय बताता है।

Answers

Questions about this video

नार्सिस्ट आपको क्यों टारगेट करता है?

नार्सिस्ट आपकी अच्छाई और सच्चाई से डरता है इसलिए वह आपको टारगेट करता है ताकि उसकी असली पहचान छुपी रहे।

क्या नार्सिस्ट की गलती होती है या हमारी?

गलती आपकी नहीं होती, बल्कि नार्सिस्ट की मानसिकता और डिसऑर्डर की वजह से वह ऐसा व्यवहार करता है।

नार्सिस्ट के साथ कैसे बाउंड्रीज बनाएं?

अपने लिए स्पष्ट सीमाएं तय करें और नार्सिस्ट के नकारात्मक व्यवहार को स्वीकार न करें, इससे वह डरता है और प्रतिक्रिया करता है।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
क्या आपने कभी सोचा है कि आप नासिस्ट के टारगेट आप ही हैं? आप में ऐसी क्या स्पेशल बात है कि नार्सिस्ट आपकी जो जिंदगी में आया हुआ है, वो आप ही को टारगेट करता है? सच जान के आप हैरान रह जाएंगे और यह सच कोई नहीं बताता।
00:18
Speaker A
तो क्या है कि नार्सिस्ट सबके साथ, आप देख रहे हैं, दूसरे परिवार वालों के साथ बहुत मुस्कुरा के, बहुत प्यार से, धीरज के साथ, सब्र के साथ, सबसे बातें कर रहा है और सबको खुश कर रहा है। ऑफिस में भी वह ठीक है। मुस्कुराता है। उसके जो दोस्त हैं, वो भी बताते हैं।
00:33
Speaker A
अरे अरे यह तो बहुत अच्छा है। यह अच्छी है। वहां तो यह कितना हमसे मीठा बोलती हैं। कितना ख्याल रखती हैं। कितनी शालीन है। लेकिन जब वह यही व्यक्ति घर आता है और आपको देखता है और आपको देखते ही उसके तेवर बदल जाते हैं। वह गुस्से में आ जाता है या वो आपको ऐसे घूर के देखता है या साइलेंट ट्रीटमेंट देता है।
00:48
Speaker A
जैसे आपको लगा पता नहीं मैंने क्या गलती कर दी। पता नहीं मैंने क्या कह दिया। पता नहीं मैंने क्या कर दिया। मैं और कैसे ठीक करूं? आपको पता ही नहीं क्या हुआ है तो आप ठीक कैसे करेंगे भाई? लेकिन ऐसा होता है। फिर क्या करना चाहिए?
01:02
Speaker A
आपको समझना चाहिए ना कि गलती किस में है? यह एक साइकोलॉजिकल सच है कि गलती आपकी नहीं है। आप अपनी गलती ढूंढते रह जाते हैं। मगर गलती आपकी नहीं है। तो किसकी गलती है? उनके दिमाग की गलती है। वो आपके साथ माइंड गेम खेल रहे हैं। और आप ही ऐसा क्यों टारगेट बनते हैं?
01:17
Speaker A
हम बताएंगे ना इस वीडियो में कि वो आप ही को इतना स्पेशल ट्रीटमेंट क्यों देते हैं। नमस्कार, मैं डॉक्टर अमिता पुरी, देश विदेश की जानीमानी मनोवैज्ञानिक और ग्लोबल अथॉरिटी ऑन नार्सिस्टिक अब्यूज रिकवरी।
01:35
Speaker A
तो आज ऐसेसे सच हम बात करेंगे कि भाई टारगेट हम ही क्यों होते हैं? हम में ऐसा क्या खास है? तो बहुत सारे कारण हैं और सच जान के आप दंग रह जाएंगे कि अरे ऐसा हो रहा था मेरे साथ। और आपके दिल को यह बातें बिल्कुल छुएंगी।
01:51
Speaker A
और लास्ट तक आप देखिए तो आपको बहुत तरीके भी समझ आएंगे कि हम कर क्या सकते हैं। फिर तो पॉइंट नंबर वन बहुत इंटरेस्टिंग है और आपको लगेगा क्या हो गया? वो आपसे डरता है ना, सिस्ट आपकी रियलिटी से डरता है। इसलिए आप पर गुस्सा करते हैं।
02:09
Speaker A
और आपकी रियलिटी क्या है? आप तो अपनी गलतियां ढूंढ रहे हैं कि मैंने ऐसा क्या कह दिया? क्या कर दिया? क्या गलत कर दिया? भाई, आप जैसा इंसान ही गलत है उनकी नजरों में। वो आपको गलत करवाते हैं। लेकिन वो आप गलत नहीं हैं।
02:26
Speaker A
क्योंकि आप एक अच्छे इंसान हैं। क्योंकि आप शरीफ हैं। क्योंकि आप उनकी बातों में आ जाते हैं। क्योंकि आप चाहते हैं कि रिश्ता बना रहे। आप रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए, रिश्ते को बरकरार रखने के लिए आप पूरी मेहनत कर रहे हैं।
02:43
Speaker A
वह तो कुछ नहीं कर रहे। वह तो खाली बैठ के एंजॉय कर रहे हैं। आपकी सारी मेहनत रिश्ते को बनाने में, संजोने में, नर्चर करने में दे रहे हैं, जस्ट एंजॉयिंग द बेनिफिट्स। तो वो आपसे घबराते हैं कि कहीं मेरी सच्चाई, यानी उनकी सच्चाई, आपको पता ना चल जाए।
02:59
Speaker A
इसलिए वह आपको ऑन द टोज़ रखते हैं। तो कैसे करेंगे? वो आपसे नफरत करते हैं। इस तरह दर्शाते हैं। मगर मन ही मन वो डरते हैं और उनको यह डर लगता है कि जिस दिन इस अच्छे इंसान को मेरी हकीकत पता चल गई तो वह कहीं मुझे छोड़ के ना चला जाए।
03:15
Speaker A
इसीलिए वह आपको गलत दिखाते रहते हैं या दर्शाते रहते हैं कि तुम में कमी है। इसलिए यह सब रिश्ते में खराब चीजें हो रही हैं। तो गलती आपकी बिल्कुल नहीं है। आपकी गलती सिर्फ इतनी है कि आप इतने अच्छे इंसान हैं।
03:34
Speaker A
और वह चाहता है कि मैं भी अच्छा, इतना अच्छा बनूं, लेकिन हो नहीं सकता क्योंकि उसकी हकीकत एकदम काली है। और दूसरा पॉइंट है कि वह आपसे नफरत तब ज्यादा करने लगता है जब वह देखता है कि भाई इस इंसान को तो अक्ल आ गई है।
03:52
Speaker A
यह अपनी बाउंड्रीज बनाने लगा है। और जब जब वो अपनी बाउंड्रीज बनाता है तो क्या होता है? वह डर जाता है। आप अपनी बाउंड्रीज बनाते हैं, वह डर जाता है और वह अपनी और बाउंड्रीज बनाने लग जाता है और आपको बिल्कुल कंफ्यूज करता है कि आपकी बाउंड्री सही है कि उसकी बाउंड्री सही है।
04:10
Speaker A
मगर यह सब कंफ्यूजन का पार्ट है। जैसे रिलेशनशिप्स में क्या होता है कि कभी किसी ने कुछ कह दिया, कुछ कर दिया कि ओके गलत है। तो इंस्टेड ऑफ कि आप गलती माने, परिवार में गलतियां हो जाती हैं आपस में एक दूसरे के साथ। है ना? नॉर्मल है।
04:26
Speaker A
कभी हम कोई डिसीजन गलत ले लेते हैं। कभी कुछ हम होम मैनेजमेंट गलत कर सकते हैं। हमारा वर्क फेयर में गलतियां हो सकती हैं। गलती करना तो यही दर्शाता है कि हम इंसान हैं। इंसान ही गलतियां करेगा।
04:40
Speaker A
लेकिन गलती को आराम से मान लेना, प्यार से मान लेना, बड़ों की बात को सुन लेना या अपने बराबर वालों की बात को मान रखना, अपने जूनियर्स जो छोटे हैं हमसे, उनको सम्मान देना, उनको मान देना और उनसे भी सीखने की तमन्ना रखना कि मैं कैसे इंप्रूव हो रहा हूं।
04:56
Speaker A
यह नॉर्मल लोग सोचते हैं। लेकिन जो नासिस्ट है, आपने उसकी गलती बता कैसे दी? उसको अकाउंटेबल कर कैसे दिया? आपकी जरूरत कैसे हुई ये करने की? उसका दिमाग यह भाषा बोलने लगता है।
05:10
Speaker A
और फिर वो टोटली अलग बिहेवियर सामने शो करने लगेगा। आपको क्रेजी साबित करने के लिए, आपको विकेड साबित करने के लिए। सामने कुछ नहीं बोलेगा या चुप रहेगा। लेकिन पीछे से पब्लिक स्मेयरिंग वह सभी को बताता रहेगा।
05:25
Speaker A
आपने यह किया, आपने वह कहा। लेकिन आपने वो कहा क्यों? करा क्यों? वो जो बाउंड्रीज आप नहीं बना पाए तो उसमें क्या होता है कि आपने तो नॉर्मल वे में स्पॉनटेनियस रिलेशनशिप में बाउंड्री नहीं बनाई थी ना।
05:42
Speaker A
तो आप तो नॉर्मल चल रहे। यह ऑफिसिसेस में होता है या घर में होता है। पब्लिक स्मेयरिंग इतनी ज्यादा इंसल्ट करते हैं।
06:01
Speaker A
अभी हमें कोई बता रहा था कि उनका 20 साल की शादी वो तोड़ने की उसमें है कि मैं नहीं रह सकती इस इंसान के साथ जो दिन भर मुझे नफरत भरी निगाहों से देखता है। मुझसे नफरत भरे शब्दों को यूज़ करके मेरे को बिल्कुल डिमीन कर लेता है।
06:18
Speaker A
बी लिटिल कर देता है। जैसे कि मेरा कोई वजूद ही नहीं है। तो मैं क्या करूं? जो मेरे बच्चों को भी मेरे खिलाफ कर रहा है। बस हो गया। मैंने बहुत झेला, बहुत सहा लेकिन अब नहीं सह सकते।
06:34
Speaker A
तो सेइंग नो टू अब्यूज, अब बाउंड्रीज बनाने लगे। अब वो जैसे-जैसे बाउंड्रीज बना रही है उसके हस्बैंड का गुस्सा और बढ़ता जा रहा है और उसके घर वालों को जिनसे वह कभी इतने सालों में मिली भी नहीं, उनको भी कॉल कर कर के बता रहा है कि देखो यह लड़की, ये लेडी ने मेरी जिंदगी कितनी खराब करके रख दी है।
06:51
Speaker A
जहन्नुम बना के रख दी है और मैं कितने सालों से इसको झेल रहा था। तो मतलब मैं कितना महान हूं। बेसिकली यह बताने के लिए।
07:05
Speaker A
तो जब जब आप अपनी बाउंड्रीज बनाने लगते हैं, आपको इन बातों का सामना, इन नफरत भरी निगाहों का, शब्दों का सामना करना पड़ेगा। तो गलती आपकी नहीं है। गलती आपकी सिर्फ यह है कि आपने अपनी बाउंड्री बनाई है जो कि कोई भी नॉर्मल इंसान बनाएगा।
07:20
Speaker A
तो आप तो नॉर्मल हुए ना? फिर आप अपने को गलत, छोटा क्यों मान रहे हैं? तीसरी बात, आपसे नासिस डरता है, घबराता है। पर जितना वह डरेगा, घबराएगा, उतना ज्यादा वह अटैक करेगा और आपको नफरत भरी निगाहों से देखेगा।
07:36
Speaker A
आप ही को टारगेट करेगा, छोटा बताने के लिए। क्यों? क्योंकि वो डरता है कि आपने अपनी जो बाउंड्रीज बना ली हैं, अब कहीं टोटल सप्लाई, उसका कंट्रोल आप पे निकल ना जाए।
07:52
Speaker A
जो अंधविश्वास आप उस पर कर रहे थे, चाहे प्यार में, चाहे अपनेपन में, चाहे किसी भी भावना के साथ, वो उस भावना को बिल्कुल बेकदरी करते हुए उसका तहसनहस करके रख देता है और यही उसकी खासियत है। यही उसकी पर्सनालिटी है।
08:11
Speaker A
इसीलिए तो डिसऑर्डर है ना कि वो आपकी भावनाओं की कदर तो करेगा नहीं। राधा तहस-नहस कर देगा। आपका रचाया हुआ छोटा सा जो भी संसार आपने रचाया है, परिवार का है, ऑफिस का है, पड़ोस में है, अपने रिशेदारी में है, उस चीज को तहस-नहस।
08:27
Speaker A
क्योंकि उसको डर लगता है कि इसको मेरे बारे में पता चल गया। मेरा कंट्रोल, मेरी सप्लाई जो मुझे इस व्यक्ति से मिलती थी, वह बिल्कुल खराब हो जाएगी। तो ऐसा ऐसा भी सोचते हैं, करते हैं।
08:44
Speaker A
तभी तो वह आपको नफरत भरी निगाहों से देखते हैं। गलती आपकी बिल्कुल नहीं है। यह आप मान लीजिए, एक्सेप्ट कर लीजिए। अब अगला पॉइंट आपकी सक्सेस, आपकी खुशी से वो जलते हैं।
09:00
Speaker A
और यही सच्चाई है जो कहीं और कोई बताता नहीं, पता नहीं चलती। आपकी प्रमोशन, आपका जन्मदिन, आपके परिवार से लोग आपको मिलने आए हैं या कलीग्स आए हैं ऑफिस से तो उस वक्त प्यार भरी बातों के साथ उनको अपने साथ रखना, बातें करते करते कुछ ऐसी गैस लाइटिंग की बातें बता देनी आपके बारे में जो शायद हुई भी नहीं थी।
09:16
Speaker A
लेकिन इस तरह जतलाएंगे, बतलाएंगे कि भाई आप कितनी विकेड हैं। आप ख्याल नहीं रखती घर का और यह देखो यह कितना ज्यादा काम करते हैं। काम उन्होंने दो पैसे का किया होगा। ₹2 का भी नहीं, ₹200 का काम का वो जिक्र कर देंगे।
09:38
Speaker A
जो दो पैसे का भी काम नहीं था। इस तरह का इनका जो एक बिहेवियर पैटर्न रहता है और उसको अगर उजागर किया जाए, अकाउंटेबल उनको ठहरा ठहराया जाए, फिर तो कयामत आ जाती है। ऐसा ऐसा फिर वो अपना रोएंगे, अपना पब्लिक स्मेयरिंग करेंगे, गलत गलत ठहराएंगे।
09:57
Speaker A
परिवारों में तो यह अक्सर होता है। हस्बैंड वाइफ अगर हो, अगर वाइफ ऐसा एनपीडी है, नसिस्टिक बिहेवियर पैटर्न है तो वो। अभी जैसे मुझे किसी ने बात किया, सेशन लिया था। वह 70 साल के व्यक्ति और वह रो के बता रहे थे कि उनकी बहू ने उन पे मोलेस्टेशन का चार्ज लगाया है।
10:12
Speaker A
और वो मुझे इन आंखों से देख रहे थे शायद मैं भी उन्हें कुछ गलत कहूं। मैंने कहा नहीं। मुझे 35 इयर्स का मेरा एक्सपीरियंस इस लाइन में है। मैं विश्वास कर...
10:30
Speaker A
ठहराया जाए फिर तो कयामत आ जाती है ऐसा ऐसा फिर वो अपना रोएंगे अपना पब्लिक स्मेयरिंग करेंगे गलत गलत ठहराएंगे परिवारों में तो यह अक्सर होता है हस्बैंड वाइफ अगर हो अगर वाइफ ऐसा एनपीडी है नसिस्टिक बिहेवियर पैटर्न है तो वो अभी
10:50
Speaker A
जैसे मुझे किसी ने बात किया सेशन लिया था। वह 70 साल के व्यक्ति और वह रो के बता रहे थे कि उनकी बहू ने उन पे मोलेस्टेशन का चार्ज लगाया है और वो मुझे इन आंखों से देख रहे थे शायद मैं भी उन्हें कुछ गलत
11:06
Speaker A
कहूं। मैंने कहा नहीं। मुझे 35 इयर्स का मेरा एक्सपीरियंस इस लाइन में है। मैं विश्वास कर सकती हूं आपका। वो अपनी पत्नी के साथ आए थे। अपने बेटे के साथ आए थे। बेटा भी बड़ा आंखें नीचे किए हुए शर्मिंदा
11:21
Speaker A
सा बैठा हुआ था। उनकी वाइफ उस लड़के की वाइफ ने उसके पिता पे यह केस कोर्ट केस कर चुके थे कि मॉलस्टेशन करते हैं। डिवोर्स केस था और भी बहुत चीजें केसेस करे हुए थे। जस्ट कि सबक सिखाने के लिए इस परिवार
11:37
Speaker A
को तो नासिस्ट व्यक्ति जो होता है। ऐसा नहीं कि लड़कियों के साथ ऐसा नहीं होता। होता है। लड़कियों के साथ भी बहुत प्रॉब्लम्स होती है। लेकिन मैं उस उस केस की बात कर रही हूं जहां नर्सेस पर्सनालिटी डिसऑर्डर होता है कि आप अपना ही तो घर
11:54
Speaker A
तबाह कर लेते हैं दूसरों को सबक सिखाने में। अपने ही बच्चों की खुशी को आप बिल्कुल खराब कर देते हैं। आप एकदम तहस-नहस जैसे उनकी खुशी बिखर जाती है और आपको समझ भी नहीं आता। इतना पैसा घर में
12:10
Speaker A
आता है। आ रहा था एक और केस था और अब उनके बच्चों की जो आगे हायर एजुकेशन के लिए घर में पैसे नहीं है। करोड़ों के घर पर रह रहे हैं। लेकिन और करोड़ों का सामान है घर पे। लेकिन बच्चों की फीस देने के लिए उनके
12:27
Speaker A
जो फादर हैं उनकी आंखों में इतनी प्रॉब्लम्स है उसके बावजूद वो ऑफिस जा रहे हैं। गैरत नहीं है उनके बच्चों में कि वो बेगैरत हो गए ना कि वो वो उनके अंदर वो एक ताकत आत्मिक शक्ति ही नहीं रही क्योंकि
12:43
Speaker A
उनकी जो मदर थी वो नार्सिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर थी और इन बच्चों को जो एडल्ट्स हैं प्रोफेशनल्स हैं उन्हें लगता है कि हमारी और मास्टर्स के हायर एजुकेशन के लिए हमारे फादर जिसकी आंखों की इतनी प्रॉब्लम्स हैं उसके बावजूद उनको ऑफिस
13:01
Speaker A
भेजना गवारा है। यह नहीं कि एजुकेशन लोन ले ले। यह नहीं कि वह खुद अपना कुछ प्रोफेशनलली काम करके 2 साल बाद कई लोग करते हैं ना और उसके बाद फिर हायर एजुकेशन के लिए जाए। बहुत तरीके हैं। अगर आप अपने
13:17
Speaker A
ओल्ड पेरेंट्स को संभालना चाहते हैं। सहेज के रखना चाहते हैं क्योंकि सारी उम्र उन पेरेंट्स ने आपके लिए किया। लेकिन यह पर्टिकुलर केस में क्योंकि मदर नसिस्टेड पर्सनालिटी डिसऑर्डर में है तो उनके बच्चों में वह संस्कार आ ही नहीं पाए जो
13:34
Speaker A
एक नॉर्मल बच्चों में आने चाहिए। कहां से हुआ? क्योंकि एनपीडी है और फिर अगर यह लड़का जो फादर है अगर यह कुछ जरूरत भी करें कहने की कि मैं आज छुट्टी ले लेता हूं या मैं रिजाइन कर लेता हूं कि मैं अब
13:52
Speaker A
तो कुछ एक दो साल रह गए नौकरी को तो मैं थोड़ा आराम करूं। मुझे दिमागदारी की जरूरत है। मेरी आंखों के ऑपरेशंस तीन-चार हो चुके हैं। हो नहीं सकता। पॉसिबल ही नहीं है। उन व्यक्ति की रीड की हड्डी टूटी हुई
14:07
Speaker A
है। इमोशनल रीड की हड्डी कि वो यह बोल ही नहीं सकता। और उनके जो बच्चे हैं एडल्ट चिल्ड्रन है। एडल्ट्स हैं। 30 इयर्स के हो रहे हैं तो एडल्ट्स नहीं बोलेंगे तो क्या बताएंगे? आप खुद बताइए। उनमें इतनी गैरत
14:22
Speaker A
नहीं है कि वो अपने फादर को कह सकेंगे कि पापा अब आप आराम करिए। हम काम कर करेंगे। जबकि करोड़ों के घर पर रह रहे हैं। करोड़ों का सामान घर पे है। उसके बावजूद। तो यह कहां से आया? एनपीडी के कारण। और वो
14:38
Speaker A
फिर नफरत से तो देखेगा ना आपको क्योंकि आप उसका कंट्रोल है। आप उसकी सप्लाई है। आपकी पर्सनालिटी आपका बिहेवियर उनसे बहुत ज्यादा ऊंचे दर्जे का है। फिर नासिस्ट आपसे इसलिए भी नफरत करता है कि आप उसके झूठ पकड़ लेते हैं और पकड़ लिया आपने और
14:59
Speaker A
कुछ लोगों को दिखा दिया। आपकी हिम्मत कैसे हुई यह करने की उसका झूठ पकड़ने की। फिर तो नरेटिव चेंज फिर तो आप जैसा विकेट व्यक्ति पैदा ही नहीं हुआ। कहानी का रूप, रंग, रेखा सब बदल जाती है और वह पूरी
15:19
Speaker A
कहानी को इस तरह प्रस्तुत किया जाता है कि यह इंसान तो बेचारा है। यह इंसान तो बहुत ज्यादा आपके जो अत्याचारों का मारा है। और आप कितने जालिम हैं। जालिम रहे हैं। तो अभी क्या हुआ कि एक केस और आया वो 30
15:37
Speaker A
इयर्स की मैरिड लेडी 30 इयर्स की मैरिज हो चुकी है। सो अराउंड 55 उन लेडी की एज है। तो उनके हस्बैंड का कुछ हेल्थ प्रॉब्लम्स निकले और फिर पता लगा कि इतने बरसों से यह इंसान जो उनका पति है कितनी ज्यादा इमोशनल
15:57
Speaker A
अब्यूज, फाइनेंशियल अब्यूज, सोशल अब्यूज, मेंटल अब्यूज झेल रहा था और उसके पेरेंट्स झेल रहे थे। तो जैसे ही यह कहानी थोड़ी खुली क्योंकि उसके हस्बैंड एकदम बेहोश हो गए और उनको हॉस्पिटल लेकर जाना पड़ गया और बाहर का एक व्यक्ति था इसलिए शायद ले भी
16:16
Speaker A
गए वरना वो भी ना ले जाते और वो इंसान शायद जिंदा भी नहीं रहता आज की तारीख में कि उनके किसी और रिलेटिव ने आके हमें बताया वो इंसान फिर भी नहीं थेरेपी में आया। उनके पेरेंट्स भी वेट करते-करते
16:31
Speaker A
इंतजार करतेकरते कि शायद उम्र के साथ उनकी बहू में चेंज आएगा। वो भी भगवान को प्यारे हो गए। दोनों जने उसी सुनी आंखों से इंतजार में जो मुझे बाद में पता लगा उनके रिलेटिव हमें हमारे पास आए क्लोज रिलेटिव
16:47
Speaker A
और बता रहे थे कि इतना इतना वहां प्रॉब्लम है। तो जैसे ही इन लेडी का झूठ पकड़ा गया और सच पकड़ में आया कि भाई यह क्या कर रही है? क्या तन्हा कर दिया उन्होंने। उसके बाद फिर क्या हुआ? उसके बाद फिर क्या हुआ?
17:04
Speaker A
आप बताइए सोच सकते हैं नैरेटिव पूरा चेंज हो गया। और ऐसा नैरेटिव चेंज हो गया कि यह 30 साल की मैरिड लेडी मतलब 30 साल की मैरिज उनकी हो चुकी है तो 55 इयर्स की लेडी है वो सम हाउ इस तरह प्रोजेक्ट किया
17:23
Speaker A
कि जो इनलॉस है ही नहीं जिंदा कि कितनी प्रताड़ना इनको हो रही थी। कितने ज्यादा यह सह रही थी। तिनका तिनका करके इन्होंने घर बसाया था। एंड सम हाउ जो दूसरे घर वाले हैं जो क्लोज्ड रिलेटिव्स हैं वो पता नहीं
17:39
Speaker A
उसका घर तोड़ने के फिराक में है। कहानी पलट गई। कहां तो यह उस उनके हस्बैंड के ऊपर उनकी हेल्थ के ऊपर आ रहा था। तो बजाय कि फिक्र हो कि मैं अपने हस्बैंड की हेल्थ को ठीक कैसे करूं। यहां तो कहानी दूसरी
17:55
Speaker A
गढ़ दी गई कि हमसे तो कितना सारा सामान ले चले गए। हमें पता ही नहीं कहां-कहां किस-किस को बांट दिया मेरे फादर इन लॉ ने, मेरे मदर इन लॉ ने और मेरे हस्बैंड भी मुझे पूछते नहीं, मुझे मानते नहीं, मेरा
18:11
Speaker A
कहना नहीं मानते। और उनके हस्बैंड ने अपनी बहन को कुछ दिया और जो उनके फादर का कुछ था तो उन्होंने अपनी बहन को दिया तो वो सबको रिलेटिव्स को बोल रही हैं कि मुझे पूछे बिना इन्होंने उसको दे दिया। अरे
18:29
Speaker A
फादर ने अपनी बेटी को दिया। भाई के तो हाथों से वह हुआ ना जो थोड़ा बहुत भी बिल्कुल जिसको बोलते हैं कि धनिया हरी मिर्च वाला जो काम की सब्जी पूरी बनी है। सिर्फ धनिया हरी मिर्च का कोई चीज
18:43
Speaker A
उन्होंने अपनी बहन को फादर के जीते जी दिया था। तो इतना बड़ा उसका बवंडर मचा दिया और कहां-कहां फोन करके बताया गया कि भाई हमारे घर में तो जो बहन आती हैं उन्होंने मेरा घर बर्बाद करके रख दिया।
18:59
Speaker A
अपनी जिंदगी भी बर्बाद कर दी। मेरा घर भी बर्बाद करने के फिराक में है। यह क्या हो रहा है? यह क्या हो रहा है? आप बताइए। नॉर्मल तो बिल्कुल नहीं हो रहा है। और अगर मेरी यह बातें यह एनगडोड्स जो केसेस हैं
19:14
Speaker A
आपके दिल को छुए तो आप लाइक करिए, सब्सक्राइब करिए, भरभ के शेयर करना, कमेंट्स में लिखना और वो लिखना आई एम हीलिंग। क्योंकि बहुत सारे लोग इस अब्यूज का शिकार हैं और उनको लगता है उम्र के साथ, टोटल सरेंडर के साथ, वक्त के साथ ठीक
19:33
Speaker A
हो जाएगा। मगर मेरा प्रश्न है ट्यूमर उम्र के साथ बढ़ेगा या घटेगा? तो यह मेंटल ट्यूमर है नार्सिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर। तो कमेंट में लिखें आई एम हीलिंग। और अगर आप किसी को जानते हैं जिसको यह प्रॉब्लम्स है इस दौर से
19:51
Speaker A
गुजर रहा है तो आप उनको भी नंबर हमारा नीचे लिखा है। शेयर कीजिए, बताइए, गाइड करिए, काउंसिल करिए कि दे नीड काउंसलिंग। और बहुत सारे तरीके हैं काउंसलिंग के जो नए-नए तरीके हैं कि यस फर्क पड़ता है। आपकी सेल्फ एस्टीम में फर्क पड़ता है।
20:12
Speaker A
आपकी जो इमोशनल रीड की हड्डी टूट गई है एकदम उसमें फर्क पड़ता है। और ठीक हो सकते हैं आप यानी परिवार वाले। पहले परिवार वाले उसके बाद जो नार्सिस्टिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर उसके साथ किस तरह लक्ष्मी रेखा खींची जाए यह भी हम काउंसलिंग में बताते
20:33
Speaker A
हैं क्योंकि केस टू केस हर केस अलग रहता है तो हम हैंड होल्ड करते हैं आपका ताकि आप अपनी जिंदगी को वापस खुशनुमा बना लें और अगर नहीं बनाएंगे ना नहीं अपने पे काम करेंगे तो गुड न्यूज़ के लिए भी तैयार
20:50
Speaker A
रहिए कि जो आप अपने बच्चों को बचाने के लिए, बच्चों के लिए इतना टूट-टूट के इन चीजों को सहन कर रहे हैं। इन द नेम ऑफ हार्मोनी, इन द नेम ऑफ पीस। तो, आपके बच्चों में यह आप वसीयत में नहीं, आप विरासत में यह
21:10
Speaker A
बीमारी दे रहे हैं। आप देना नहीं चाहेंगे। कोई भी नहीं देना चाहेगा। है ना? तो यह सिंपल सी बात कि अगर आज आपने प्रोएक्टिव रोल नहीं लिया तो बच्चों में विरासत में हम ही उनको दे रहे होंगे। हमें नहीं ऐसा
21:28
Speaker A
करना है। है ना? तो आप प्लीज इसको शेयर कीजिए भरभ के। कोई जिंदगी से मायूस व्यक्ति जिसे समझ नहीं आ रहा मैं अपनी जिंदगी में किस तरह डिसीजंस लूं। कैसे क्या हो गया मेरे साथ। इस तरह से वह बैठा
21:44
Speaker A
है भवर में। उसे आपके इस शेयर से कितना फायदा होने वाला है। उसकी जिंदगी में फिर से जान भरने वाली है। तो प्लीज उसको भेजिए। भरभ के शेयर कीजिए। बहुत दुआएं बटोरेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद।
Topics:नार्सिस्टनार्सिस्टिक अब्यूजमाइंड गेम्सबाउंड्रीजगैसलाइटिंगडॉ अमिता पुरीरिश्ते में नफरतमनोवैज्ञानिक सचटारगेटिंगसक्सेस और जलन

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