Skip to content

8 तरह के Narcissist लोग जो आपकी लाइफ खराब कर सकते हैं | Narcissist Types Explained in Hindi facts

नार्सिसिस्ट व्यक्तित्व के 8 प्रकार और उनके प्रभावों को समझें, जो आपके जीवन को प्रभावित कर सकते हैं।

Ask about this video. Answers come from its transcript only — with the timestamp, so you can check them.

Generated from the transcript and can be wrong — check the timestamp.

Key Takeaways

  • नार्सिसिस्ट के विभिन्न प्रकार अलग-अलग तरीकों से व्यवहार करते हैं पर सभी में दूसरों के प्रति संवेदनशीलता की कमी होती है।
  • नार्सिसिस्ट लोग अपनी जरूरतों को सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं और दूसरों का उपयोग करते हैं।
  • ऐसे लोगों को बदलना मुश्किल होता है क्योंकि उन्हें अपनी समस्या का एहसास नहीं होता।
  • नार्सिसिस्ट व्यवहार को पहचानना जरूरी है ताकि उनसे निपटना आसान हो सके।
  • अपने अनुभव साझा करने से जागरूकता बढ़ती है और बेहतर रिश्ते बन सकते हैं।

What the video covers

  • नार्सिसिस्ट व्यक्तित्व विकार केवल खुद से प्यार करना नहीं, बल्कि दूसरों की भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता की कमी है।
  • 8 प्रकार के नार्सिसिस्ट होते हैं: प्रत्यक्ष, छिपा हुआ, द्वेषपूर्ण, शारीरिक रूप से केंद्रित, बौद्धिक, आक्रामक, विशेष और चिकित्सीय।
  • प्रत्यक्ष नार्सिसिस्ट खुले तौर पर अपनी श्रेष्ठता दिखाते हैं और दूसरों को नीचा दिखाते हैं।
  • छिपा हुआ नार्सिसिस्ट विनम्र दिखते हैं पर भावनात्मक दबाव और अपराधबोध का उपयोग करते हैं।
  • द्वेषपूर्ण नार्सिसिस्ट दूसरों की सफलता सहन नहीं कर पाते और लगातार तुलना करते हैं।
  • शारीरिक रूप से केंद्रित नार्सिसिस्ट अपनी दिखावट पर अत्यधिक ध्यान देते हैं और सतही रिश्ते बनाते हैं।
  • बौद्धिक नार्सिसिस्ट खुद को सबसे बुद्धिमान समझते हैं और दूसरों को नीचा दिखाते हैं।
  • आक्रामक नार्सिसिस्ट नियंत्रण और हिंसा का उपयोग करते हैं, जो सबसे खतरनाक होते हैं।
  • विशेष नार्सिसिस्ट नियमों को नहीं मानते और विशेष व्यवहार की मांग करते हैं।
  • चिकित्सीय नार्सिसिस्ट दूसरों की मदद दिखाकर अपने अहंकार को बढ़ाते हैं और नियंत्रण करते हैं।

Answers

Questions about this video

नार्सिसिस्ट व्यक्तित्व विकार क्या है?

नार्सिसिस्ट व्यक्तित्व विकार एक मानसिक व्यवहार है जिसमें व्यक्ति खुद को अत्यधिक महत्वपूर्ण समझता है और दूसरों की भावनाओं के प्रति संवेदनशील नहीं होता।

नार्सिसिस्ट के कितने प्रकार होते हैं?

इस वीडियो में 8 प्रकार के नार्सिसिस्ट बताए गए हैं: प्रत्यक्ष, छिपा हुआ, द्वेषपूर्ण, शारीरिक रूप से केंद्रित, बौद्धिक, आक्रामक, विशेष और चिकित्सीय।

नार्सिसिस्ट से कैसे निपटा जा सकता है?

नार्सिसिस्ट व्यवहार को पहचानना सबसे पहला कदम है। अपनी जागरूकता बढ़ाएं, सीमाएं निर्धारित करें और जरूरत पड़ने पर उनसे दूरी बनाएं।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ लोग हमेशा खुद को ही क्यों सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण समझते हैं? कुछ लोग हमेशा तारीफ की भूख में क्यों रहते हैं? और कुछ लोग दूसरों की भावनाओं को समझने में इतने असमर्थ क्यों होते हैं?
00:15
Speaker A
आज हम बात करने वाले हैं एक ऐसे मानसिक व्यवहार की जो हमारे आसपास बहुत आम है। लेकिन हम इसे पहचान नहीं पाते। यह है नार्सिसिस्ट व्यक्तित्व विकार। और सबसे जरूरी बात यह है कि यह सिर्फ एक प्रकार का नहीं होता।
00:31
Speaker A
इसके अलग-अलग रूप हैं और हर रूप का प्रभाव अलग तरीके से हमारे जीवन को प्रभावित करता है। अगर आप किसी ऐसे इंसान के साथ रिश्ते में हैं जो हमेशा खुद को केंद्र में रखता है तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।
00:47
Speaker A
नार्सिसिस्ट व्यक्तित्व विकार सिर्फ खुद से प्यार करना नहीं है। यह एक गहरा मानसिक पैटर्न है, जहां व्यक्ति को खुद की अहमियत का अतिरिक्त एहसास होता है। और दूसरों की भावनाओं के प्रति बिल्कुल संवेदनशीलता नहीं होती।
01:06
Speaker A
लेकिन हर नार्सिसिस्ट एक जैसा व्यवहार नहीं करता। कुछ बहुत खुले तौर पर अपनी श्रेष्ठता दिखाते हैं, जबकि कुछ इतनी चालाकी से व्यवहार करते हैं कि आपको समझ ही नहीं आता कि समस्या कहां है।
01:25
Speaker A
पहला प्रकार है प्रत्यक्ष या खुला नार्सिसिस्ट। यह वह व्यक्ति है जो साफ-साफ अपनी बढ़ाई करता है। वह हमेशा खुद को सबसे बेहतर मानता है और दूसरों को नीचा दिखाने में उसे कोई शर्म नहीं आती।
01:41
Speaker A
ऐसे लोग बातचीत में हमेशा खुद की उपलब्धियों का गुणगान करते हैं। अगर आप अपनी कोई खुशी साझा करें तो वह तुरंत विषय बदलकर अपनी बात शुरू कर देते हैं।
01:58
Speaker A
यह लोग ध्यान का केंद्र बनना चाहते हैं और अगर उन्हें वह ध्यान नहीं मिलता तो वह गुस्सा या आक्रामक हो जाते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के मनोविज्ञान विभाग ने अपने शोध में पाया कि
02:16
Speaker A
खुले नार्सिसिस्ट लोग अपनी श्रेष्ठता को बनाए रखने के लिए दूसरों को लगातार नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं और यह उनके आत्मसम्मान को बचाने का तरीका है। ऐसे लोग अक्सर अपनी गलतियां स्वीकार नहीं करते और हमेशा दूसरों को दोष देते हैं।
02:34
Speaker A
दूसरा प्रकार है छिपा हुआ या गुप्त नार्सिसिस्ट। यह सबसे खतरनाक प्रकार है क्योंकि इसे पहचानना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे लोग सतह पर बहुत विनम्र और शांत दिखते हैं। वह खुद को पीड़ित के रूप में प्रस्तुत करते हैं और आपकी सहानुभूति पाने की कोशिश करते हैं।
02:52
Speaker A
लेकिन अंदर से उन्हें भी यही लगता है कि वह खास हैं और दुनिया उन्हें नहीं समझती। ऐसे व्यक्ति अपनी जरूरतों को बहुत चालाकी से पूरा करवाते हैं। वह सीधे मांग नहीं करते बल्कि अपराध बोध और भावनात्मक दबाव का इस्तेमाल करते हैं।
03:07
Speaker A
जैसे वह कहेंगे कि मैंने तो तुम्हारे लिए इतना किया, लेकिन तुम मेरे लिए यह छोटी सी बात भी नहीं कर सकते। ऐसे लोगों के साथ रिश्ते में आप हमेशा दोषी महसूस करते रहते हैं। आप सोचते रहते हैं कि शायद गलती आपकी है।
03:26
Speaker A
वह अपनी भावनाओं को बहुत महत्व देते हैं, लेकिन आपकी भावनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आप उन्हें कोई समस्या बताएं तो वह विषय बदलकर अपनी समस्याओं की बात करने लगते हैं, जो हमेशा आपकी समस्या से बड़ी होती है।
03:42
Speaker A
तीसरा प्रकार है द्वेषपूर्ण नार्सिसिस्ट। यह वह लोग हैं जो दूसरों की सफलता और खुशी सहन नहीं कर पाते। उन्हें लगता है कि अगर किसी और के पास कुछ अच्छा है तो यह उनके हिस्से से कम हो गया।
03:58
Speaker A
ऐसे लोग हमेशा तुलना करते रहते हैं और दूसरों की उपलब्धियों को कम करके आंकते हैं। अगर आपको कोई पदोन्नति मिले तो वह कहेंगे कि यह तो सिर्फ किस्मत थी या फिर तुम्हारे पास कोई और रास्ता नहीं था।
04:13
Speaker A
ऐसे लोग अपनी असफलता के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्हें लगता है कि दुनिया उनके खिलाफ षड्यंत्र कर रही है। यह लोग रिश्तों में बहुत जहरीले होते हैं क्योंकि वह लगातार आपको नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं।
04:32
Speaker A
आपकी हर खुशी में वह कोई न कोई कमी निकाल देते हैं। ऐसे व्यक्ति के साथ रहने से आपका आत्मविश्वास धीरे-धीरे कम होता जाता है। अब आप सोच रहे होंगे कि यह जानकारी आपके लिए क्यों महत्वपूर्ण है तो रुकिए क्योंकि अभी हमने सिर्फ शुरुआत की है।
04:47
Speaker A
अगर आप इन पैटर्न को पहचानना चाहते हैं और अपने रिश्तों को बेहतर बनाना चाहते हैं तो इस जानकारी को ध्यान से सुनिए और अगर यह बातें आपको सही लग रही हैं तो कृपया इस पर अपनी प्रतिक्रिया जरूर दीजिए।
04:58
Speaker A
मनोविज्ञान कहता है कि जब हम किसी विषय पर अपनी राय साझा करते हैं तो हमारा दिमाग उस जानकारी को और गहराई से समझता है। तो बताइए, क्या आपने अपने जीवन में ऐसे व्यवहार देखे हैं?
05:17
Speaker A
यह छोटा सा कदम आपकी जागरूकता को बढ़ाने में मदद करेगा। चौथा प्रकार है शारीरिक रूप से केंद्रित नार्सिसिस्ट। यह वह लोग हैं जो अपनी शक्ल, शरीर और दिखावट पर अत्यधिक ध्यान देते हैं।
05:32
Speaker A
उनके लिए उनकी खूबसूरती या शारीरिक बनावट ही उनकी पहचान है। ऐसे लोग घंटों आईने में खुद को देखते रहते हैं। वह लगातार तारीफ चाहते हैं कि वह कितने आकर्षक लग रहे हैं।
05:50
Speaker A
अगर कोई उनकी दिखावट पर टिप्पणी न करें तो वह नाराज हो जाते हैं। ऐसे व्यक्ति दूसरों को भी सिर्फ उनकी शक्ल के आधार पर परखते हैं। उनके लिए रिश्तों में भी शारीरिक आकर्षण ही सबसे महत्वपूर्ण होता है।
06:08
Speaker A
वह उम्र बढ़ने से बहुत डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी पहचान खत्म हो जाएगी। ऐसे लोग अक्सर रिश्तों में सतही होते हैं क्योंकि वह गहरी भावनात्मक जुड़ाव नहीं बना पाते।
06:23
Speaker A
पांचवा प्रकार है बौद्धिक नार्सिसिस्ट। यह वह व्यक्ति है जो खुद को सबसे बुद्धिमान मानता है। ऐसे लोग हमेशा दूसरों को नीचा दिखाने के लिए अपने ज्ञान का प्रदर्शन करते हैं।
06:41
Speaker A
वह बातचीत में लगातार दूसरों को सुधारते रहते हैं। अगर आप कोई बात कहें तो वह तुरंत बताएंगे कि आप गलत हैं और सही जानकारी क्या है। ऐसे व्यक्ति दूसरों की राय को महत्व नहीं देते।
06:59
Speaker A
उन्हें लगता है कि सिर्फ उनका ही दृष्टिकोण सही है। यह लोग अक्सर दूसरों को मूर्ख समझते हैं और अपनी बुद्धिमत्ता का घमंड करते हैं। रिश्तों में ऐसे लोग बहुत कठिन होते हैं क्योंकि वह कभी अपनी गलती नहीं मानते।
07:17
Speaker A
हर बहस में उन्हें जीतना होता है, भले ही इससे रिश्ता टूट जाए। छठा प्रकार है आक्रामक नार्सिसिस्ट। यह सबसे खतरनाक प्रकार है। ऐसे लोग अपनी इच्छा पूरी करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
07:37
Speaker A
वह दूसरों को नियंत्रित करने और हावी होने में विश्वास करते हैं। ऐसे व्यक्ति अक्सर धमकी, डर और हिंसा का इस्तेमाल करते हैं। वह दूसरों की कमजोरियों को पहचान कर उनका फायदा उठाते हैं।
07:54
Speaker A
रिश्तों में ऐसे लोग बहुत नियंत्रण रखना चाहते हैं। वह यह तय करना चाहते हैं कि आप किससे मिलेंगे, क्या पहनेंगे, कहां जाएंगे। अगर आप उनकी बात न मानें तो वह गुस्सा और हिंसक हो सकते हैं।
08:10
Speaker A
ऐसे लोगों के साथ रिश्ता बेहद हानिकारक होता है और जितनी जल्दी हो सके इससे बाहर निकलना चाहिए। सातवां प्रकार है विशेष या संपन्न नार्सिसिस्ट। ऐसे लोगों को लगता है कि नियम और कानून सिर्फ आम लोगों के लिए हैं। उनके लिए नहीं।
08:29
Speaker A
वह सोचते हैं कि वह इतने खास हैं कि उन्हें विशेष व्यवहार मिलना चाहिए। ऐसे व्यक्ति कतार में नहीं लगना चाहते, नियमों का पालन नहीं करना चाहते और हमेशा अपवाद की मांग करते हैं।
08:45
Speaker A
अगर उन्हें वह विशेष व्यवहार न मिले तो वह बहुत नाराज होते हैं। यह लोग दूसरों का समय और मेहनत को महत्व नहीं देते। उन्हें लगता है कि दुनिया को उनकी सेवा करनी चाहिए।
09:03
Speaker A
रिश्तों में भी ऐसे लोग सोचते हैं कि साथी को उनकी हर जरूरत पूरी करनी चाहिए, लेकिन उन्हें बदले में कुछ देने की जरूरत नहीं। आठवां और अंतिम प्रकार है चिकित्सीय या सहायक नार्सिसिस्ट।
09:18
Speaker A
यह थोड़ा अलग है क्योंकि ऐसे लोग खुद को महान मददगार के रूप में देखते हैं। वह हमेशा दूसरों की मदद करने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह मदद असल में उनके अहंकार को बढ़ाने के लिए होती है।
09:34
Speaker A
ऐसे व्यक्ति को लगता है कि वही दूसरों को बचा सकते हैं। वह लोगों को कमजोर और असहाय देखना चाहते हैं ताकि वह उनके उद्धारकर्ता बन सकें। ऐसे लोग अक्सर वह लोग चुनते हैं जो समस्याओं में हैं और फिर लगातार उन्हें याद दिलाते हैं कि उन्होंने कितनी मदद की है।
09:49
Speaker A
यह मदद बिना शर्त नहीं होती। इसके पीछे नियंत्रण और श्रेष्ठता की भावना छिपी होती है। इन सभी प्रकारों को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि जब हम किसी व्यवहार को पहचान लेते हैं तो हम उससे निपटने के लिए तैयार हो सकते हैं।
10:10
Speaker A
हर प्रकार का नार्सिसिस्ट अलग तरीके से व्यवहार करता है, लेकिन सब में कुछ बातें समान होती हैं। सभी में दूसरों के प्रति संवेदनशीलता की कमी होती है। सभी को खुद की जरूरतें ही सबसे महत्वपूर्ण लगती हैं।
10:30
Speaker A
सभी दूसरों को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ऐसे लोग शायद ही कभी बदलते हैं क्योंकि उन्हें लगता ही नहीं कि उनमें कोई समस्या है। उन्हें हमेशा लगता है कि गलती दूसरों की है।
Topics:नार्सिसिस्टव्यक्तित्व विकारमनोविज्ञानरिश्तेभावनात्मक दबावआत्मसम्माननार्सिसिस्ट के प्रकारआक्रामक नार्सिसिस्टछिपा हुआ नार्सिसिस्टसहायक नार्सिसिस्ट

Get More with the SozAI App

Transcribe recordings, audio files, and YouTube videos — with AI summaries, speaker detection, and unlimited transcriptions.

Or transcribe another YouTube video here →