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वो हैवान जो आपको जीते जी मार देगा ~ नार्सिसिस्ट व्यक्ति की साइकोलॉजी ~ नार्सिसिस्ट की 7 असली पहचान

नार्सिसिस्ट की मनोविज्ञान और उनकी 7 असली पहचान, साथ ही उनसे निपटने के प्रभावी तरीके।

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Key Takeaways

  • नार्सिसिस्ट की पहचान करना जरूरी है ताकि आप उनके जज्बाती खेलों से बच सकें।
  • उनसे निपटने के लिए भावनात्मक प्रतिक्रिया कम करना और सीमाएं तय करना सबसे असरदार तरीका है।
  • अपने आत्मसम्मान और दिमागी शांति को प्राथमिकता दें, जहरीले रिश्तों से दूरी बनाएं।
  • नार्सिसिस्ट की चालाकी को समझना और उनके व्यवहार को नजरअंदाज करना आवश्यक है।
  • सपोर्ट सिस्टम बनाना और खुद का ख्याल रखना मानसिक मजबूती के लिए जरूरी है।

What the video covers

  • नार्सिसिस्ट व्यक्ति दूसरों की भावनाओं का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करता है और अपनी पहचान को केंद्र में रखता है।
  • नार्सिसिस्ट की 7 असली पहचान में अत्यधिक प्यार जताना, गैसलाइटिंग, दूसरों के दर्द की समझ न होना, तारीफ की चाहत, खुद को बेचारा दिखाना, त्रिकोण बनाना और जिम्मेदारी न लेना शामिल हैं।
  • गैसलाइटिंग के जरिए वे आपको अपनी ही सच्चाई पर शक करने पर मजबूर करते हैं जिससे आपका आत्मविश्वास टूटता है।
  • वे दूसरों की भावनाओं को समझने में कमजोर होते हैं और केवल अपने अहंकार को बढ़ाने के लिए दूसरों का इस्तेमाल करते हैं।
  • नार्सिसिस्ट हमेशा तारीफ और वाहवाही चाहते हैं और अपनी गलतियों को कभी स्वीकार नहीं करते।
  • उनसे निपटने के लिए ग्रे रॉक तरीका अपनाना, सीमाएं तय करना, साक्ष्य रखना, सफाई न देना, सपोर्ट सिस्टम बनाना, खुद का ख्याल रखना और संभव हो तो संपर्क कम करना जरूरी है।
  • नार्सिसिस्ट से रिश्ते में दिमागी शांति और आत्मसम्मान सबसे महत्वपूर्ण हैं।
  • उनका असली चेहरा शुरुआत में आकर्षक लगता है लेकिन धीरे-धीरे वे आपकी पहचान खत्म कर देते हैं।
  • उनसे बचने के लिए अपनी सीमाएं मजबूत करना और उनसे दूरी बनाना सबसे प्रभावी उपाय है।
  • नार्सिसिस्ट को बदलना मुश्किल है क्योंकि वे खुद को सही मानते हैं और दूसरों को दोष देते हैं।

Answers

Questions about this video

नार्सिसिस्ट व्यक्ति की सबसे पहली पहचान क्या होती है?

नार्सिसिस्ट की सबसे पहली पहचान हद से ज्यादा प्यार जताना होता है, जिससे वे आपको भावनात्मक रूप से अपने ऊपर निर्भर बना लेते हैं।

गैसलाइटिंग क्या है और नार्सिसिस्ट इसे कैसे इस्तेमाल करते हैं?

गैसलाइटिंग वह तरीका है जिसमें नार्सिसिस्ट आपको अपनी ही सच्चाई पर शक करवाते हैं, आपकी याददाश्त और सोच पर सवाल उठाते हैं ताकि आप खुद पर विश्वास खो दें।

नार्सिसिस्ट से निपटने के लिए सबसे प्रभावी तरीका क्या है?

नार्सिसिस्ट से निपटने के लिए सबसे प्रभावी तरीका ग्रे रॉक तरीका है, जिसमें आप बिना भावनात्मक प्रतिक्रिया के एक उबाऊ और नीरस व्यक्ति की तरह व्यवहार करते हैं।

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00:00
Speaker A
क्या आपने कभी सोचा है कि कोई इंसान इतना चालाक कैसे हो सकता है कि वह आपको खुद के खिलाफ इस्तेमाल कर ले? आज मैं आपको नार्सिसिज्म की उस अंधेरी दुनिया में ले जाऊंगा जहां लोग दूसरों की भावनाओं से
00:14
Speaker A
खेलकर अपना मतलब निकालते हैं और दूसरों की जिंदगी को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं। अगर आप इन संकेतों को नहीं पहचान पाए तो शायद आप भी किसी की जज्बाती चालों का शिकार बन सकते हैं। तो ध्यान से
00:29
Speaker A
सुनिए क्योंकि यह जानकारी आपकी जिंदगी बदल सकती है। नार्सिसिज्म सिर्फ एक आदत नहीं है बल्कि यह दिमाग का एक पूरा ऐसा तरीका है जहां एक इंसान खुद को दुनिया का केंद्र मानता है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक रिसर्च के अनुसार नार्सिसिस्टिक
00:48
Speaker A
पर्सनालिटी डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों के दिमाग में दूसरों का दर्द महसूस करने वाला हिस्सा कम काम करता है। इसका मतलब है कि यह लोग दूसरों की भावनाओं को समझने में कुदरती तौर पर कमजोर होते हैं। लेकिन अपने फायदे के लिए भावनाओं के साथ खेलने में
01:06
Speaker A
माहिर होते हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि नार्सिसिस्ट इतने चालाक होते हैं कि शुरुआत में वह एकदम बेदाग और सही लगते हैं। वह आपको यह महसूस कराते हैं कि आप दुनिया के सबसे खास इंसान हैं। लेकिन धीरे-धीरे वह आपकी पहचान को ही खत्म कर
01:24
Speaker A
देते हैं। पहला और सबसे जरूरी संकेत है हद से ज्यादा प्यार जताना। यह नार्सिसिस्ट का सबसे पहला और असरदार तरीका है। शुरुआत में नार्सिसिस्ट आपको इतना ध्यान देगा कि आप सोचेंगे कि यही सच्चा प्यार है। वह आपको बार-बार मैसेज करेगा। हर छोटी बात में
01:44
Speaker A
दिलचस्पी दिखाएगा और आपको महसूस कराएगा कि आप उसकी दुनिया हो। लेकिन यह सब उसकी सोची समझी चाल है। वह आपको जज्बाती तौर पर खुद पर निर्भर बना रहा है ताकि बाद में जब वह अपना असली चेहरा दिखाएं तो आप उससे जुड़े रह क्योंकि
02:02
Speaker A
आप उस गहरे एहसास को याद करते रहेंगे। यह दिमागी रूप से फंसाने का एक तरीका है। पहले आपको बहुत सारा प्यार मिलता है। फिर अचानक वह सब गायब हो जाता है और आप उसे वापस पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो
02:19
Speaker A
जाते हैं। दूसरा संकेत है गैसलाइटिंग यानी आपको सच पर शक करवाना। यह सबसे खतरनाक तरीका है जहां नार्सिसिस्ट आपको आपकी ही सच्चाई पर शक करवाता है। जब आप कोई बात कहते हो तो वह कहेगा कि ऐसा कुछ हुआ ही
02:34
Speaker A
नहीं या फिर आप चीजों को गलत समझ रहे हो। अगर आप कहो कि उसने कुछ गलत किया तो वह पलट कर आपको ही दोष देगा कि आपकी वजह से उसे ऐसा करना पड़ा। वह आपकी याददाश्त पर सवाल उठाएगा और धीरे-धीरे आप खुद पर से
02:52
Speaker A
विश्वास खोने लगेंगे। आप सोचने लगेंगे कि शायद दिक्कत मुझ में ही है। इस गैसलाइटिंग का सबसे बड़ा असर यह होता है कि शिकार इंसान अपनी ही सोच पर शक करने लगता है और नार्सिसिस्ट के बनाए हुए सच को मान
03:07
Speaker A
लेता है। यह एक धीमे जहर की तरह काम करता है जो आपकी दिमागी ताकत को खत्म कर देता है। तीसरा संकेत है दूसरों के दर्द की समझ ना होना। नार्सिसिस्ट दूसरों की भावनाओं को सच में नहीं समझ सकता। अगर आप उसे अपनी
03:23
Speaker A
परेशानी बताओगे तो वह या तो बात को इग्नोर कर देगा या फिर अपनी ही बड़ी परेशानी के बारे में बात करना शुरू कर देगा। आपकी खुशी या दुख से उसे कोई मतलब नहीं जब तक कि वह उसके काम की ना हो। अगर आप सफल हो
03:39
Speaker A
तो वह खुश होने के बजाय आपसे जलेगा। अगर आप दुखी हो और उससे सहारा चाहो तो वह आपको कमजोर या बात का बतंगड़ बनाने वाला बताएगा। यह इसलिए होता है क्योंकि नार्सिसिस्ट के लिए दूसरे लोग सिर्फ इस्तेमाल करने की चीजें हैं जिनसे वह अपनी
03:58
Speaker A
जरूरतें पूरी करता है। वह आपको एक पूरे इंसान की तरह नहीं देखता बल्कि एक ऐसे जरिए की तरह देखता है जो उसके अहंकार को बढ़ा सके। चौथा संकेत है हमेशा तारीफ सुनने की चाहत। नार्सिसिस्ट को हर वक्त वाहवाही चाहिए। वह चाहता है कि हर कोई
04:16
Speaker A
उसकी तारीफ करें। उसे खास समझे और उसकी अहमियत को माने। अगर आप उसे पूरा ध्यान नहीं दोगे तो वह उदास हो जाएगा या फिर आपको इग्नोर करना शुरू कर देगा। वह हर बातचीत को अपने बारे में बना देगा। अगर आप
04:33
Speaker A
अपनी कोई कामयाबी शेयर करो तो वह तुरंत अपनी बड़ी कामयाबी के बारे में बताएगा ताकि सबका फोकस फिर से उस पर आ जाए। यह तारीफ सुनने की चाहत एक ऐसे गहरे कुएं की तरह है जो कभी नहीं भरता। आप चाहे कितनी
04:49
Speaker A
भी तारीफ कर लो वह हमेशा और चाहेगा। साइकोलॉजी में इसे नार्सिसिस्टिक सप्लाई कहते हैं। नार्सिसिस्ट को यह खुराक मिलती रहनी चाहिए। वरना वह अंदर से बेचैन हो जाता है। अगर आप अब तक वीडियो देख रहे हैं तो एक बात बताइए। क्या आपने कभी किसी ऐसे
05:07
Speaker A
इंसान को देखा है जो हमेशा खुद को बेचारा बनाता रहता है? कमेंट में जरूर बताइए क्योंकि अगले पॉइंट में मैं बिल्कुल यही बताने वाला हूं। और हां अगर यह जानकारी आपको काम की लग रही है तो वीडियो को लाइक कर दीजिए क्योंकि
05:24
Speaker A
साइकोलॉजी बताती है कि जब आप किसी चीज में खुद हिस्सा लेते हैं तो आपका दिमाग बातों को बेहतर याद रखता है तो लाइक बटन दबाकर अपने दिमाग को यह सिग्नल दीजिए कि यह जरूरी जानकारी है। पांचवा संकेत है खुद को
05:39
Speaker A
बेचारा दिखाना। यह नार्सिसिस्ट की सबसे चालाक चालों में से एक है। जब भी उससे सवाल किया जाए या जब उसकी गलती सामने आए तो वह तुरंत बेचारा बन जाता है। वह कहेगा कि उसके साथ हमेशा बुरा होता है। कोई उसे
05:55
Speaker A
समझता नहीं। हर कोई उसके खिलाफ है। वह अपनी गलतियों को सही साबित करने के लिए अपने बीते हुए कल का इस्तेमाल करेगा। वह आपको यह एहसास कराएगा कि आप उस पर शक करके या उसे दुख पहुंचाकर गलती कर रहे हैं। यह
06:12
Speaker A
बेचारा बनने का नाटक इतना असरदार होता है कि सामने वाला इंसान अपनी सही शिकायतों को भी वापस ले लेता है क्योंकि उसे लगता है कि वह बहुत निर्दई हो रहा है। बेचारा बनना असल में बचने का एक तरीका है जो
06:28
Speaker A
नार्सिसिस्ट अपनी जिम्मेदारी से भागने के लिए इस्तेमाल करता है। जब वह बेचारा बनता है तो बातचीत का फोकस उसकी गलती से हट जाता है और उसके दुखों पर आ जाता है। छठा संकेत है त्रिकोण बनाना या तीसरे को बीच
06:44
Speaker A
में लाना। यह एक बहुत ही जहरीला तरीका है जहां नार्सिसिस्ट तीसरे व्यक्ति को बीच में लाकर आपको असुरक्षित बनाता है। वह कहेगा कि उसकी पुरानी वाली या पुराना वाला बहुत अच्छा था या कोई और इंसान आपसे बेहतर करता है। वह दूसरों के सामने आपको
07:04
Speaker A
शर्मिंदा करेगा। लेकिन फिर कहेगा कि वह तो बस मजाक कर रहा था। वह जानबूझकर आपको दूसरों से तोलेगा ताकि आप खुद को कमतर महसूस करो और उसे खुश करने के लिए और ज्यादा कोशिश करो। इस तरीके से नार्सिसिस्ट दो फायदे लेता है। पहला कि आप
07:23
Speaker A
डर में रहो और उस पर निर्भर रहो। दूसरा कि उसे कई जगहों से अपनी तारीफ की खुराक मिलती रहे। वह एक साथ कई लोगों के दिमाग से खेलता है और उन सबको एक दूसरे के खिलाफ भड़काता है। सातवां और आखिरी संकेत है
07:40
Speaker A
जिम्मेदारी ना लेना। नार्सिसिस्ट कभी अपनी गलती नहीं मानता। अगर कुछ गलत होता है तो वह हमेशा दूसरों को दोष देगा। वह कभी दिल से माफी नहीं मांगेगा। अगर मांगेगा भी तो वह दिखावा होगी। सिर्फ हालात को काबू करने
07:56
Speaker A
के लिए। वह कहेगा मुझे अफसोस है कि आपको ऐसा लगा जो असल में एक सच्ची माफी नहीं है बल्कि फिर से आपको दोष देने का तरीका है। नार्सिसिस्ट के लिए गलती मानना मतलब कमजोरी दिखाना है और कमजोरी उसकी खुद की
08:12
Speaker A
बनाई हुई महान छवि के खिलाफ है। इसलिए वह हर हालात को घुमाकर खुद को सही साबित करने की कोशिश करेगा। वह तर्क को मोड़ेगा। सच्चाइयों को इग्नोर करेगा और अगर जरूरत पड़ी तो पूरी सच्चाई को ही बदल देगा लेकिन
08:29
Speaker A
अपनी गलती नहीं मानेगा। नार्सिसिस्ट से डील करना बहुत मुश्किल है क्योंकि वह आपकी सबसे बड़ी कमजोरी को पहचान लेता है और वही वार करता है। वह जानता है कि किन बातों से आपको दुख पहुंचाया जा सकता है और किन
08:44
Speaker A
तरीकों से आपको काबू किया जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह समझनी है कि आप नार्सिसिस्ट को बदल नहीं सकते। चाहे आप कितना भी प्यार दो, कितनी भी समझदारी दिखाओ, वह नहीं बदलेगा क्योंकि उसे लगता ही नहीं कि उसमें कोई परेशानी है। वह
09:02
Speaker A
सोचता है कि दिक्कत तो दूसरों में है। इसलिए सबसे बेहतर उपाय है कि आप अपनी सीमाएं तय करो और अपनी दिमागी शांति को सबसे ऊपर रखो। अगर मुमकिन हो तो ऐसे जहरीले रिश्ते से दूर निकलो। याद रखिए कि
09:17
Speaker A
नार्सिसिस्ट चाहे कितना भी आकर्षक क्यों ना लगे उसके पीछे की सच्चाई बहुत काली होती है। वह आपको सिर्फ अपने अहंकार को पालने के लिए इस्तेमाल करेगा और जब आप उसके काम के नहीं रहोगे तो वह बिना किसी पछतावे के आपको छोड़ देगा। इसलिए इन
09:35
Speaker A
संकेतों को पहचानना बहुत जरूरी है ताकि आप समय रहते अपनी रक्षा कर सको। आपकी दिमागी शांति किसी के झूठे दिखावे से ज्यादा जरूरी है। तो अपनी आंखें खुली रखिए और इन खतरों को इग्नोर मत कीजिए। चाहे सामने वाला कितना भी सही क्यों ना दिखे। आपके
09:54
Speaker A
दिमागी शांति और आत्मसम्मान सबसे ऊपर है। और कोई भी रिश्ता इतना जरूरी नहीं कि आप अपनी पहचान को खो दें। नार्सिसिस्ट से कैसे निपटे? वह तरीके जो असल में काम करते हैं। अब सबसे जरूरी सवाल यह है कि जब आप
10:11
Speaker A
किसी नार्सिसिस्ट को पहचान ले तो आप क्या करें? क्योंकि सिर्फ पहचानना काफी नहीं है। आपको खुद को बचाना भी है। तो अब मैं आपको वह आजमाए हुए तरीके बताऊंगा जो साइकोलॉजी और असली अनुभवों से निकले हैं। और जो सच में आपकी मदद कर सकते हैं। सबसे
10:29
Speaker A
पहली और सबसे असरदार रणनीति है ग्रे रॉक तरीका यानी पत्थर की तरह नीरज बन जाना। इस तरीके का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि आपको एक उबाऊ बिना भावनाओं वाले पत्थर की तरह बनना होता है। नार्सिसिस्ट को आपकी भावनाओं से
10:46
Speaker A
ही अपनी खुराक मिलती है। चाहे वह अच्छी हो या बुरी। जब आप उदास होते हो, रोते हो, चिल्लाते हो या फिर उन्हें खुश करने की कोशिश करते हो।
11:03
Speaker A
बहुत कम जवाब दो और कोई भावना ना दिखाओ तो नार्सिसिस्ट के लिए आप बोरिंग हो जाते हो। जब वह आपको उकसाने की कोशिश करे तो आप सिर्फ ठीक है। हम या अच्छा जैसे छोटे जवाब दो। कोई भी बात डिटेल में शेयर मत करो।
11:19
Speaker A
अपनी भावनाएं मत जताओ और ना ही उसके बिछाए जाल पर कोई प्रतिक्रिया दो। यह तरीका इसलिए काम करता है क्योंकि नार्सिसिस्ट जब देखता है कि उसे आपसे वह ड्रामा और अटेंशन नहीं मिल रहा जो वह चाहता है तो वह खुद ही
11:36
Speaker A
आप में दिलचस्पी खो देता है और किसी और शिकार की तलाश में चला जाता है। दूसरी अहम रणनीति है अपनी मजबूत सीमाएं तय करना। नार्सिसिस्ट आपकी सीमाओं को परखते रहते हैं और धीरे-धीरे उन्हें पार करते रहते हैं। आपको अपनी सीमाएं बिल्कुल क्लियर और
11:54
Speaker A
पक्की बनानी होंगी और उन पर टिके रहना होगा। यह मत सोचो कि थोड़ा समझौता करने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि नार्सिसिस्ट के साथ हर छोटा समझौता एक बड़ा दरवाजा खोल देता है। अगर आपने कहा है कि आप रात को 10:00 बजे के बाद बात नहीं
12:12
Speaker A
करेंगे तो उस बात को मानकर चलो चाहे वह आपको जज्बाती तौर पर कितना भी क्यों ना मनाए। अगर आपने तय किया है कि आप उसके बुरे बर्ताव को नहीं सहेंगे तो पहली बार में उसे साफ अंजाम बता दो और उन पर अमल
12:28
Speaker A
करो। सीमाएं बनाना आसान है। लेकिन उन्हें लागू करना मुश्किल होता है। खासकर जब नार्सिसिस्ट आपको दोषी महसूस कराएं या फिर बेचारा बने। लेकिन याद रखो कि सीमाएं आपके आत्मसम्मान की निशानी है। और अगर कोई इंसान बार-बार आपकी सीमाओं की इज्जत नहीं
12:48
Speaker A
करता तो वह आपकी इज्जत नहीं करता। तीसरी रणनीति है हर चीज का सबूत रखना। यह बहुत ही काम की और बहुत जरूरी बात है। नार्सिसिस्ट बातों को घुमाने में माहिर होते हैं और वह आपको उलझाने के लिए कहेंगे
13:04
Speaker A
कि उन्होंने ऐसा कभी कहा ही नहीं या ऐसा हुआ ही नहीं। इसलिए जरूरी बातचीत को लिख लो। मैसेज को सेव करो और घटनाओं को तारीख के साथ लिख लो। यह सिर्फ इसलिए नहीं कि आपको सबूत चाहिए बल्कि इसलिए भी कि जब
13:20
Speaker A
नार्सिसिस्ट आपको आपकी सच्चाई पर शक करवाए तो आप अपने लिखे हुए को देखकर खुद को याद दिला सको कि असल में क्या हुआ था। बहुत बार शिकार हुए लोग अपनी ही याददाश्त पर शक करने लगते हैं। क्योंकि नार्सिसिस्ट इतने
13:36
Speaker A
भरोसे के साथ झूठ बोलता है कि लगता है शायद हमें ही गलत याद आ रहा है। सबूत रखना आपको सच्चाई से जोड़े रखता है और यह आपको वह चीजें भी दिखाता है जो शायद आप वैसे ना देख पाओ। चौथी जरूरी रणनीति है सफाई मत
13:53
Speaker A
दो। बहस मत करो। जब आप नार्सिसिस्ट को अपना कोई फैसला बताओ तो उसे ज्यादा समझाने की जरूरत नहीं है। अगर आपने कहा कि आप किसी इवेंट में नहीं जा सकते तो बस इतना कहो कि मैं नहीं आ पाऊंगा। अगर आप वजह
14:09
Speaker A
देना शुरू करोगे तो नार्सिसिस्ट हर वजह पर सवाल उठाएगा। उसमें कमियां निकालेगा और आपको दिमागी तौर पर उलझाएगा कि आपकी वजह सही नहीं है। वह बहस करेगा। आपको स्वार्थी बताएगा और इमोशनल ब्लैकमेल करेगा। लेकिन अगर आप बिना किसी सफाई के सिर्फ अपनी बात
14:29
Speaker A
कहोगे तो उसके पास हमला करने के लिए कुछ नहीं रहेगा। याद रखो कि आपको अपने फैसलों की सफाई देने की जरूरत नहीं है। ना अपने आप में एक पूरा जवाब है। आप बड़े हो और आपको अपने फैसलों के लिए किसी की परमिशन
14:46
Speaker A
की जरूरत नहीं है। जितना ज्यादा आप समझाओगे उतना ज्यादा नार्सिसिस्ट को आपके दिमाग से खेलने का मौका मिलेगा। पांचवी रणनीति है अपनों का सपोर्ट सिस्टम बनाएं। नार्सिसिस्ट आपको अकेला करने की कोशिश करते हैं। क्योंकि जब आप अकेले होते हो तो
15:04
Speaker A
आप ज्यादा कमजोर होते हो। वह आपके दोस्तों और परिवार के बारे में गलत बातें करेंगे। आपको उनसे मिलने से रोकेंगे और धीरे-धीरे आपको अपनों से काट देंगे। इसलिए जानबूझकर अपने रिश्तों को बनाकर रखो। अपने करीबी दोस्तों और परिवार से कनेक्टेड रहो। उनसे
15:23
Speaker A
अपने हालात शेयर करो और उनकी राय सुनो। जब आप किसी जहरीले रिश्ते में होते हो तो बाहर से देखने वाले लोग वह चीजें देख सकते हैं जो आप नहीं देख पा रहे हैं। अपनों का मजबूत साथ आपको दिमागी ताकत देता है और
15:38
Speaker A
आपको सच्चाई देखने में मदद करता है। साथ ही अगर आप किसी एक्सपर्ट की मदद लेना चाहो तो किसी थेरेपिस्ट से बात करो। वह आपको इससे निपटने के तरीके सिखा सकते हैं और आपको यह भरोसा दिला सकते हैं कि जो आप
15:52
Speaker A
महसूस कर रहे हो वह बिल्कुल सही है। छठी रणनीति है अपना ख्याल रखना और अपनी पहचान फिर से बनाना। नार्सिसिस्ट के साथ रहने से आपका आत्मविश्वास टूट जाता है और आप अपनी पहचान खो देते हो। इसलिए जानबूझकर उन
16:08
Speaker A
चीजों पर फोकस करो जो आपको खुशी देती है। अपने शौक को फिर से शुरू करो। वह काम करो जो आपको अच्छे लगते हैं और जो आपको नार्सिसिस्ट ने करने से रोका था। अपनी फिजिकल हेल्थ पर ध्यान दो, एक्सरसाइज करो।
16:22
Speaker A
अच्छा खाओ और पूरी नींद लो क्योंकि जहरीले रिश्ते में रहने से आपकी सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। ध्यान और योग करो ताकि आप अपनी सोच को शांत कर सको। डायरी लिखो और अपनी भावनाओं को समझो। अगर मुमकिन हो तो
16:38
Speaker A
ऐसे लोगों के ग्रुप से जुड़ो जो खुद इस तरह के अनुभवों से गुजरे हैं। अपना ख्याल रखना स्वार्थी होना नहीं है बल्कि यह खुद को बचाने के लिए जरूरी है। जितना ज्यादा आप अपने आप पर ध्यान दोगे उतना ज्यादा आप
16:51
Speaker A
दिमागी तौर पर मजबूत होंगे और उतना कम [गला साफ़ करने की आवाज़] नार्सिसिस्ट आप पर असर डाल पाएगा। सातवीं और शायद सबसे मुश्किल लेकिन सबसे असरदार रणनीति है कोई कांटेक्ट ना रखना या बहुत कम कांटेक्ट रखना। अगर मुमकिन हो तो नार्सिसिस्ट से
17:06
Speaker A
पूरी तरह नाता तोड़ दो। उसके कॉल मैसेज ब्लॉक कर दो। सोशल मीडिया से हटा दो और उससे जुड़ी हर चीज से खुद को दूर कर लो। दूर रहना इसलिए जरूरी है क्योंकि जब तक नार्सिसिस्ट आपकी जिंदगी में है तब तक वह
17:21
Speaker A
आपके दिमाग से खेलने का कोई ना कोई रास्ता निकाल ही लेगा। हर बार की बातचीत उसके लिए एक मौका है आपको फिर से फंसाने की। लेकिन अगर आप पूरी तरह से कांटेक्ट खत्म नहीं कर सकते। जैसे कि अगर आपके बच्चे हैं या काम
17:36
Speaker A
की जगह पर साथ रहना पड़ता है तो फिर बहुत कम और एक दायरे में रहकर बात करो। सिर्फ जरूरी बातें करो। वह भी हो सके तो लिखकर ताकि कोई गलतफहमी ना हो। जज्बाती बातों से दूर रहो और सिर्फ काम से जुड़ी बातों तक
17:51
Speaker A
ही अपनी बातचीत रखो। नार्सिसिस्ट कोशिश करेगा कि आपको जज्बाती बातों में खींचे। लेकिन आपको अपनी बात पर डटे रहना होगा। आखिरी और सबसे जरूरी बात मान लीजिए कि इससे बाहर आने में समय लगता है। नार्सिसिस्ट से रिश्ते या बातचीत के बाद
18:08
Speaker A
ठीक होने में वक्त लगता है। आप तुरंत उन सब असर से बाहर नहीं आ जाओगे। कभी-कभी आपको शक होगा कि क्या आपने सही फैसला लिया? कभी आप उस इंसान को याद करोगे। कभी आपको लगेगा कि शायद आप बाद का बतंगड़ बना
18:23
Speaker A
रहे हो। यह सब नॉर्मल है। दर्द का रिश्ता एक सच है। जहां आप उस इंसान के साथ एक गलत लगाव बना लेते हो जो आपको दुख पहुंचाता है। इस लगाव को तोड़ने में वक्त लगता है। खुद के साथ थोड़ा सब्र रखो और अपनी हर
18:38
Speaker A
छोटी प्रोग्रेस पर खुश हो। हर दिन जो आप बिना उस जहरीले इंसान के साथ जीते हो वह एक बड़ी कामयाबी है। नार्सिसिज्म के बारे में और पढ़ो और जानो ताकि आप उनके को समझ सको और आने वाले समय में ऐसे हालात से बच
18:54
Speaker A
सको। सबसे जरूरी अपने अंदर की आवाज पर भरोसा करना सीखो। अगर कोई चीज गलत लग रही है तो शायद वह गलत ही है। याद रखिए कि नार्सिसिस्ट से निपटना आसान नहीं है लेकिन नामुमकिन भी नहीं है। आपको अपनी दिमागी
19:09
Speaker A
सेहत और शांति को सबसे ऊपर रखना होगा। किसी को भी यह हक नहीं है कि वह आपको दिमागी तौर पर चोट पहुंचाए। चाहे वह कितना भी आकर्षक हो या कितनी भी अच्छी बातें करता हो। आप डिर्व करते हो एक ऐसे अच्छे
19:24
Speaker A
रिश्ते के जहां इज्जत हो, भरोसा हो और सच्ची परवाह हो तो इनकों को अपनाओ। अपनी सीमाएं बनाए रखो और अपने आप को उस जहरीले जाल से बाहर निकालो। आपका यह सफर आपका अपना है और आप इतने मजबूत हो कि इससे निकल
19:42
Speaker A
सको और एक बेहतर जिंदगी बना सको।
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