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Class —18 ( conjunction ) part 01

यह वीडियो कंजंक्शन चैप्टर की शुरुआत और क्लास के शेड्यूल पर विस्तार से चर्चा करता है।

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Key Takeaways

  • रोजाना दो घंटे की क्लास में एक घंटा पढ़ाई और एक घंटा प्रैक्टिस होगा।
  • सिलेबस चैप्टर वाइज पढ़ाया जाएगा और प्रैक्टिस के लिए मिक्स्ड क्वेश्चंस का उपयोग होगा।
  • कंजंक्शन को पहला चैप्टर चुना गया है, जो अंग्रेजी व्याकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • ऑनलाइन पढ़ाई में एक्टिव लर्निंग जरूरी है, केवल सुनना और देखना पर्याप्त नहीं।
  • टीचर प्रश्न पूछकर छात्रों को क्लास में सक्रिय बनाए रखते हैं।

What the video covers

  • क्लास का शेड्यूल: रोजाना दो घंटे की क्लास, दो स्लॉट में बांटी गई।
  • पहले घंटे में चैप्टर वाइज सिलेबस पढ़ाया जाएगा और समझाया जाएगा।
  • दूसरे घंटे में मिक्स्ड क्वेश्चंस, प्रैक्टिस और रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन पर फोकस होगा।
  • क्लास मंडे से फ्राइडे तक चलेगी, समय 10:00 AM से 12:15 PM तक।
  • कंजंक्शन चैप्टर से सिलेबस की शुरुआत की गई है।
  • कंजंक्शन की परिभाषा और महत्व पर चर्चा की गई।
  • अध्ययन का उद्देश्य और सीखने के पर्पस पर विचार किया गया।
  • ऑनलाइन क्लास में एक्टिव लर्निंग की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
  • टीचर द्वारा छात्रों को प्रश्न पूछकर एक्टिव लर्निंग को बढ़ावा देना।
  • ऑफलाइन और ऑनलाइन पढ़ाई के बीच के अंतर और चुनौतियों पर चर्चा।

Answers

Questions about this video

क्लास का शेड्यूल क्या है?

क्लास रोजाना दो घंटे की होगी, जिसमें पहला घंटा चैप्टर वाइज पढ़ाई के लिए और दूसरा घंटा प्रैक्टिस के लिए होगा। समय सुबह 10 बजे से 12:15 बजे तक रहेगा।

कंजंक्शन चैप्टर क्यों पहला चुना गया है?

कंजंक्शन अंग्रेजी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण चैप्टर है और सिलेबस की शुरुआत के लिए उपयुक्त माना गया है। साथ ही, यह छात्रों को बेसिक्स समझने में मदद करता है।

ऑनलाइन क्लास में एक्टिव लर्निंग क्यों जरूरी है?

ऑनलाइन क्लास में केवल देखना और सुनना पैसिव लर्निंग होती है। इसलिए दिमाग को सक्रिय रखना जरूरी है ताकि छात्र बेहतर समझ सकें और सीखने में सक्रिय भागीदारी करें।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:04
Speaker A
गुड मॉर्निंग डियर लर्नर्स। कैसे हैं सभी? अजय क्लास स्टार्ट करते हैं और आज से अब हमारे बैच का शेड्यूल यही रहेगा। जिस समय में हम लोगों की ये क्लास चल रही है। किस तरीके से क्लासेस होंगी? ये थोड़ा सा मैं आज आपको फर्स्ट क्लास में आईडिया दे देता हूं। हमारी रोज 2 घंटे की क्लासेस होंगी। गुड मॉर्निंग बच्चों। सबको गुड मॉर्निंग। जो एक-ए घंटे की दो क्लासेस होंगी रोज हमारी। एक जो पहला स्लॉट होगा वन आवर का उसमें हमारा प्रॉपर सिलेबस चलेगा। चैप्टर वाइज हम पढ़ेंगे। कांसेप्ट्स को सीखेंगे, समझेंगे और फिर चैप्टर के कंप्लीट होने पर हम उसकी प्रैक्टिस भी करेंगे। एक तो यह रहेगा। उसके बाद में जो सेकंड हाफ होगा मतलब जो सेकंड स्लॉट की क्लास होगी 1 घंटे की उसमें हम प्रैक्टिस करेंगे। वह प्रैक्टिस जो है वह मिक्स्ड क्वेश्चंस की प्रैक्टिस भी हो सकती है। जिसमें हम प्रीवियस ईयर के क्वेश्चंस भी ले सकते हैं या कुछ नए क्वेश्चंस अपनी तरफ से भी बना सकते हैं। उनकी हम प्रैक्टिस करेंगे। इससे क्या होगा कि हमारे दोनों काम साथ-साथ में ही चलते रहेंगे। स्टार्टिंग में हो सकता है। ठीक है? चलो भाई बैच पा लिया तो आपको सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। अब खूब अच्छे से हमें मेहनत करनी है। बढ़िया से पढ़ाई करनी है और अच्छा रिजल्ट लाना है। ठीक है? ऐसे ही करना है ना? चलो तो दो क्लास होंगी एक-ए घंटे की। आपकी जो फर्स्ट स्लॉट होगा उसमें आपको कांसेप्ट्स और बेसिक्स और चैप्टर्स पढ़ाए जाएंगे और फिर हम उनकी प्रैक्टिस करेंगे मतलब चैप्टर कंप्लीट होने पर और जो सेकंड क्लास होगी रोज़ दो क्लास होंगी 1- घंटे की और जो सेकंड क्लास आपकी होगी उसमें आपको प्रैक्टिस करवाई जाएगी। उसमें रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन की प्रैक्टिस भी होगी, वोकैब की प्रैक्टिस भी होगी। और जो प्रीवियस ईयर के क्वेश्चंस हैं, न्यू क्वेश्चंस भी हम अपनी तरफ से बना के उनकी भी प्रैक्टिस करवाएंगे। और जो प्रीवियस ईयर के क्वेश्चंस हैं कंफ्यूजिंग हैं जिनसे हमें कुछ सीखने समझने को ज्यादा मिलता है जिनको लेकर बच्चे टाइम ज्यादा लगाते हैं सॉल्व करने में या जिनको लेकर गलतियां ज्यादा होती हैं। ऐसे क्वेश्चंस को हम सेलेक्ट करके आपके साथ में उसमें प्रैक्टिस किया करेंगे। शुरुआत में हो सकता है कि थोड़ा सा आपको अटपटा लगे कि अभी तो हम इतना तैयार नहीं है जितना हमें प्रैक्टिस करवा दी गई है। लेकिन जैसे-जैसे आपके फर्स्ट बैच के चैप्टर्स पूरा होना शुरू होंगे, आपका सिलेबस कंप्लीट होना शुरू होगा तो वो धीरे-धीरे उधर भी आपको फायदा मिलना शुरू हो जाएगा। ठीक है? ठीक है? चलिए तो यह जो हमारा पहला स्लॉट है मैं आपको लिख के भी बता देता हूं हमारी क्लासेस कैसे हुआ करेंगी। रोज आपकी दो क्लासेस होंगी। एक क्लास होगी 10 am टिल 11 am ठीक। दूसरी क्लास होगी आपकी 11:15 am टिल 12:15 PM ये आपका स्लॉट रहेगा। मतलब ये हमारा शेड्यूल है। मंडे टू फ्राइडे का ये शेड्यूल रहने वाला है। दो घंटे की हमारी क्लासेस होंगी। गुड मॉर्निंग बच्चों। इसमें हम लेक्चर्स के थ्रू सिलेबस को कवर करेंगे चैप्टर वाइज। ठीक है? इसमें हम प्रैक्टिस करेंगे। तो 1 घंटे रोज सीखना। ठीक है? और 1 घंटे रोज प्रैक्टिस करना। प्रैक्टिस के लिए ये टाइम है। सीखने के लिए ये टाइम है। इसमें क्या होगा? आपकी लर्निंग होगी। लेक्चर गलत ही लिख दिया। इसमें लर्निंग ही लिख देता हूं। हमारा जो सिलेबस है उसको हम चैप्टर वाइज सीखेंगे। ठीक है? कुछ पूछना है। हां चलो पूछ लेना। किसी को कोई छोटी-मोटी बात करनी है तो हमारे पास 1 मिनट का समय है। आप पूछ सकते हो। बाकी ये आपका सिलेबस रहेगा। मंडे टू फ्राइडे सिलेबस आपका क्लासेस ऐसे चला करेंगे। ठीक है? चलिए क्या है भाई पूछना? सर कॉपी कितनी मोटी बनानी है? [हंसी] आज जितना आपको लगता है ठीक है एक साथ रह गई। मैं बहुत ज्यादा मोटे रजिस्टर्स कभी नहीं खरीदता था क्योंकि फिर बाद में उनके पेजेस अलग होना शुरू हो जाते थे। तो वो देख लो। पूछने वाली बात नहीं। रीडिंग अभी से स्टार्ट कर दे। हां कर दो। रीडिंग तो वैसे भी क्या करो? रोज दो चार पांच पेज इंग्लिश के पढ़ा ही करो बच्चों। हम आदत डाल लो। चलो तो आज हम स्टार्ट करते हैं अपना सिलेबस। पहला चैप्टर जो मैं आप लोगों के साथ में डिस्कस करने जा रहा हूं, आपको सिखाने समझाने जा रहा हूं, ये है कंजक्शन। बहुत गजब चैप्टर है। ठीक है? तो सबसे पहला चैप्टर हम कौन सा स्टार्ट करने जा रहे हैं बच्चों? कंजक्शन। किस-किस को ऐसा लग रहा है कि भ पहली क्लास में कंजंक्शन चैप्टर कुछ समझ में नहीं आ रहा है। किस-किस को ऐसा लग रहा है? किसको ऐसा लग रहा है कि कंजंक्शन नहीं होना चाहिए था पहला चैप्टर। यह होता तो ज्यादा अच्छा रहता, वो होता ज्यादा अच्छा रहता। नमस्ते भैया सबको नमस्ते। किस-किस को ऐसा लगता है कि ये तो बड़ा अजीब चैप्टर है। सिलेबस स्टार्ट करने के लिए पहला चैप्टर कंजक्शन। ठीक है? चलिए कुल मिला के देखो ऐसा कुछ होता ही नहीं है कि कोई एक पर्टिकुलर चैप्टर हो उसी से हमें सिलेबस स्टार्ट करना चाहिए। कई बार हमारे कुछ बच्चे होते हैं। बच्चे क्या कई बार कुछ टीचर्स भी इस तरीके का मतलब अपना मेंटालिटी क्रिएट करके रखते हैं कि इस पर्टिकुलर चैप्टर से ही सिलेबस स्टार्ट हो सकता है या इसी से स्टार्ट करना चाहिए। ऐसा कुछ नहीं होता। ये डिपेंड करता है कई चीजों पे। व्हाट शुड बी द फर्स्ट चैप्टर ऑफ योर सिलेबस? दैट डिपेंड्स ऑन सर्टेन फैक्टर्स। तो कुछ फैक्टर्स होते हैं जिन पे ये डिपेंड करता है कि आपको सिलेबस कहां से स्टार्ट करना चाहिए। जैसे कि आप इंग्लिश क्यों पढ़ रहे हो? आपका पर्पस क्या है? कुछ लोग इंग्लिश बोलने के लिए कि इंग्लिश बोलना आ जाए इसलिए इंग्लिश सीखते हैं। कुछ लोग उनका सिलेबस होता है एकेडमिक्स का नौवीं, 10वीं, 11वीं, 12वीं पढ़ रहे होते हैं तो वो एग्जाम होगा उनका एकेडमिक का। उसको क्लियर कर लें इसलिए इंग्लिश पढ़ते हैं। ठीक है? कुछ लोग इंग्लिश को अपना डेली लाइफ में मतलब डे टू डे जो कन्वर्सेशन होता है, कम्युनिकेशन होता है उसमें उसका यूज कर पाए एफिशिएंटली। इसके लिए इंग्लिश सीखते हैं। अब कुछ हैं आपके जैसे जो कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में अच्छा स्कोर कर पाएं। एक उनकी एप्रोच डेवलप हो। चीजों को देखने का नजरिया क्लियर हो इसलिए इंग्लिश सीखते हैं। ठीक है? तो सबसे पहला फैक्टर ये हो गया। व्हाई? आप इंग्लिश सीख क्यों रहे हो? उसको ध्यान में रखना है। आपका पर्पस क्या है? दूसरा कि कौन सीख रहा है? कौन सिखा रहा है। ठीक है? तो ये सारे जो फैक्टर्स होते हैं ना उनसे मिलके डिसाइड होता है। [गला साफ़ करने की आवाज़] ठीक है? सीखने वाला कौन है? सिखाने वाला कौन है? उस पे भी डिपेंड करता है। तो हम फिलहाल में अपना सिलेबस जो है वो इसी चैप्टर से स्टार्ट करेंगे। हम अब देखिए कंजक्शन की डेफिनेशन। मुझे लगता है हम सबने पढ़ी ही होगी। कभी ना कभी सबको याद होगी ही होगी। ठीक है? फिर भी एक बार मैं आप लोगों से पूछना चाहता हूं। आपसे अगर कोई पूछे आपका छोटा भाई बहन, आपका फ्रेंड, कोई भी पर्सन आपसे पूछे भ कंजशंस क्या होते हैं? देन हाउ विल यू डिफाइन? सपोज़ आई आस्क यू द क्वेश्चन व्हाट आर कंजशंस? मैंने आपसे क्वेश्चन पूछा कंजशंस क्या होते हैं? यू हैव टू रिप्लाई इट इन इंग्लिश। इंग्लिश में बताइए व्हाट आर कंजशंस? सिलेबस 2025 सीजीएल तक करा दीजिएगा आराम से। प्रैक्टिस भी करवा देंगे। सिलेबस छोड़ो प्रैक्टिस भी हो जाएगी बच्चे अपनी जॉइनिंग वेरी गुड जिसको जो पता है बताइए देखो ऐसा नहीं है कि मैं कंजक्शन की डेफिनेशन नहीं जानता मैं आपसे पूछ रहा हूं बता दो मुझे ऐसा नहीं है ये तो तुम लोग भी जानते होगे मैं ये क्वेश्चंस जो आपसे पूछता हूं सबसे वो केवल इसलिए पूछता हूं जिससे कि आप एक्टिव लर्नर हो जाओ नहीं तो अभी क्या है ना कि जैसे ऑनलाइन मैं आपको बताता हूं मेरी ऑफलाइन क्लासेस में क्या होता था आजकल तो मैं ऑफलाइन पढ़ाता ही नहीं हूं फिलहाल में मेरी ऑफलाइन क्लासेस में क्या होता था? मैं पढ़ाते समय मुझे कोई चीज पूछनी होती थी ना तो बच्चों से पिन पॉइंट करके पूछ लेता था। भाई तुम बताओ सबसे पीछे बैठे। ठीक है? तुम बताओ, तुम बताओ, तुम बताओ। इस तरीके से ना हर एक बच्चा अलर्ट मोड में रहता है। उसको लगता है यार कहीं सर जी मेरे से ना पूछ दे और फिर मेरा नेचर सबको पता ही है कि अगर मैंने पूछा कोई कोई क्वेश्चन मैंने पूछा आपसे और मैंने वो पढ़ा रखा है। आपको समझा रखा है और आपने नहीं बता पाया तो फिर क्लास में खिंचाई भी होती है। तो मैं जो आपसे क्वेश्चंस पूछ अब ऑफलाइन तो है नहीं हम लोग तो ऑनलाइन पढ़ रहे हैं तो ऑनलाइन में एक बड़ी दिक्कत क्या होती है कि ना बच्चे वीडियो से देखते रहते हैं जैसे कोई सीरियल देख रहे हो कोई मूवी देख रहे हो सामने रखा है ठीक है अब बस देख रहे हैं तो ये पैसिव लर्निंग है पैसिव ठीक है एक्टिव लर्निंग है कि आप भी दिमाग से एक्टिवली एंगेज्ड रहो उसके साथ में हमें केवल सुनना देखना नहीं है हमें अपना दिमाग भी बिजी रखना है उस प्रोसेस में हम दिमाग से भी उस प्रोसेस में होने चाहिए चाहिए। टीचर हमें पढ़ा रहे हैं। हम ऑनलाइन उनको लाइव में या रिकॉर्डेड में बाद में लेक्चर देख रहे हैं। लेकिन हमारे केवल आंख और कान बस दो ही चीजें काम कर रहे हैं। देख रहे हैं, सुन रहे हैं। बस इतना ही चल रहा है। दिमाग में प्रोसेस नहीं है। अगर दिमाग में प्रोसेस नहीं है। ठीक है? तो फिर ये अच्छी बात नहीं है। कहना कुछ और चाहता था लेकिन मैंने कहा नहीं है। तो ये अच्छी बात नहीं है। तो दिमाग भी हमारा एक्टिवली एंगेज्ड रहना चाहिए। वो है एक्टिव लर्निंग। तो ये जो मैं आपसे क्वेश्चंस पूछता हूं, आपसे कमेंट्स करवाता
00:20
Speaker A
देता हूं। हमारी रोज 2 घंटे की क्लासेस होंगी। गुड मॉर्निंग बच्चों। सबको गुड मॉर्निंग। जो एक-ए घंटे की दो क्लासेस होंगी रोज हमारी। एक जो पहला स्लॉट होगा वन आवर का उसमें हमारा प्रॉपर सिलेबस चलेगा। चैप्टर वाइज हम पढ़ेंगे। कांसेप्ट्स को
00:45
Speaker A
सीखेंगे, समझेंगे और फिर चैप्टर के कंप्लीट होने पर हम उसकी प्रैक्टिस भी करेंगे। एक तो यह रहेगा। उसके बाद में जो सेकंड हाफ होगा मतलब जो सेकंड स्लॉट की क्लास होगी 1 घंटे की उसमें हम प्रैक्टिस करेंगे। वह प्रैक्टिस जो है वह मिक्स्ड
01:04
Speaker A
क्वेश्चंस की प्रैक्टिस भी हो सकती है। जिसमें हम प्रीवियस ईयर के क्वेश्चंस भी ले सकते हैं या कुछ नए क्वेश्चंस अपनी तरफ से भी बना सकते हैं। उनकी हम प्रैक्टिस करेंगे। इससे क्या होगा कि हमारे दोनों काम साथ-साथ में ही चलते रहेंगे।
01:18
Speaker A
स्टार्टिंग में हो सकता है। ठीक है? चलो भाई बैच पा लिया तो आपको सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। अब खूब अच्छे से हमें मेहनत करनी है। बढ़िया से पढ़ाई करनी है और अच्छा रिजल्ट लाना है। ठीक है? ऐसे ही करना है ना? चलो
01:35
Speaker A
तो दो क्लास होंगी एक-ए घंटे की। आपकी जो फर्स्ट स्लॉट होगा उसमें आपको कांसेप्ट्स और बेसिक्स और चैप्टर्स पढ़ाए जाएंगे और फिर हम उनकी प्रैक्टिस करेंगे मतलब चैप्टर कंप्लीट होने पर और जो सेकंड क्लास होगी रोज़ दो क्लास होंगी 1- घंटे की
01:54
Speaker A
और जो सेकंड क्लास आपकी होगी उसमें आपको प्रैक्टिस करवाई जाएगी। उसमें रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन की प्रैक्टिस भी होगी, वोकैब की प्रैक्टिस भी होगी। और जो प्रीवियस ईयर के क्वेश्चंस हैं, न्यू क्वेश्चंस भी हम अपनी तरफ से बना के उनकी भी प्रैक्टिस करवाएंगे। और जो प्रीवियस ईयर के क्वेश्चंस हैं कंफ्यूजिंग
02:16
Speaker A
हैं जिनसे हमें कुछ सीखने समझने को ज्यादा मिलता है जिनको लेकर बच्चे टाइम ज्यादा लगाते हैं सॉल्व करने में या जिनको लेकर गलतियां ज्यादा होती हैं। ऐसे क्वेश्चंस को हम सेलेक्ट करके आपके साथ में उसमें प्रैक्टिस किया करेंगे। शुरुआत में हो
02:28
Speaker A
सकता है कि थोड़ा सा आपको अटपटा लगे कि अभी तो हम इतना तैयार नहीं है जितना हमें प्रैक्टिस करवा दी गई है। लेकिन जैसे-जैसे आपके फर्स्ट बैच के चैप्टर्स पूरा होना शुरू होंगे, आपका सिलेबस कंप्लीट होना शुरू होगा तो वो धीरे-धीरे उधर भी आपको
02:44
Speaker A
फायदा मिलना शुरू हो जाएगा। ठीक है? ठीक है? चलिए तो यह जो हमारा पहला स्लॉट है मैं आपको लिख के भी बता देता हूं हमारी क्लासेस कैसे हुआ करेंगी। रोज आपकी दो क्लासेस होंगी। एक क्लास होगी 10 am
03:08
Speaker A
टिल 11 am ठीक। दूसरी क्लास होगी आपकी 11:15 am टिल 12:15 PM ये आपका स्लॉट रहेगा। मतलब ये हमारा शेड्यूल है। मंडे टू फ्राइडे का ये शेड्यूल रहने वाला है। दो घंटे की हमारी क्लासेस होंगी। गुड मॉर्निंग बच्चों। इसमें हम
03:39
Speaker A
लेक्चर्स के थ्रू सिलेबस को कवर करेंगे चैप्टर वाइज। ठीक है? इसमें हम प्रैक्टिस करेंगे। तो 1 घंटे रोज सीखना। ठीक है? और 1 घंटे रोज प्रैक्टिस करना। प्रैक्टिस के लिए ये टाइम है। सीखने के लिए ये टाइम है। इसमें क्या होगा? आपकी
04:02
Speaker A
लर्निंग होगी। लेक्चर गलत ही लिख दिया। इसमें लर्निंग ही लिख देता हूं। हमारा जो सिलेबस है उसको हम चैप्टर वाइज सीखेंगे। ठीक है? कुछ पूछना है। हां चलो पूछ लेना। किसी को कोई छोटी-मोटी बात करनी है तो हमारे पास 1 मिनट का समय है। आप पूछ सकते हो। बाकी ये आपका सिलेबस रहेगा। मंडे टू
04:25
Speaker A
फ्राइडे सिलेबस आपका क्लासेस ऐसे चला करेंगे। ठीक है? चलिए क्या है भाई पूछना? सर कॉपी कितनी मोटी बनानी है? [हंसी] आज जितना आपको लगता है ठीक है एक साथ रह गई। मैं बहुत ज्यादा मोटे रजिस्टर्स कभी नहीं खरीदता था क्योंकि फिर बाद में उनके
04:45
Speaker A
पेजेस अलग होना शुरू हो जाते थे। तो वो देख लो। पूछने वाली बात नहीं। रीडिंग अभी से स्टार्ट कर दे। हां कर दो। रीडिंग तो वैसे भी क्या करो? रोज दो चार पांच पेज इंग्लिश के पढ़ा ही करो बच्चों। हम आदत डाल लो।
04:59
Speaker A
चलो तो आज हम स्टार्ट करते हैं अपना सिलेबस। पहला चैप्टर जो मैं आप लोगों के साथ में डिस्कस करने जा रहा हूं, आपको सिखाने समझाने जा रहा हूं, ये है कंजक्शन। बहुत गजब चैप्टर है। ठीक है?
05:18
Speaker A
तो सबसे पहला चैप्टर हम कौन सा स्टार्ट करने जा रहे हैं बच्चों? कंजक्शन। किस-किस को ऐसा लग रहा है कि भ पहली क्लास में कंजंक्शन चैप्टर कुछ समझ में नहीं आ रहा है। किस-किस को ऐसा लग रहा है? किसको ऐसा लग रहा है कि कंजंक्शन नहीं होना
05:33
Speaker A
चाहिए था पहला चैप्टर। यह होता तो ज्यादा अच्छा रहता, वो होता ज्यादा अच्छा रहता। नमस्ते भैया सबको नमस्ते। किस-किस को ऐसा लगता है कि ये तो बड़ा अजीब चैप्टर है। सिलेबस स्टार्ट करने के लिए पहला चैप्टर कंजक्शन। ठीक है? चलिए कुल मिला के देखो ऐसा कुछ होता ही नहीं है कि कोई एक पर्टिकुलर
06:03
Speaker A
चैप्टर हो उसी से हमें सिलेबस स्टार्ट करना चाहिए। कई बार हमारे कुछ बच्चे होते हैं। बच्चे क्या कई बार कुछ टीचर्स भी इस तरीके का मतलब अपना मेंटालिटी क्रिएट करके रखते हैं कि इस पर्टिकुलर चैप्टर से ही सिलेबस स्टार्ट हो सकता है या इसी से
06:16
Speaker A
स्टार्ट करना चाहिए। ऐसा कुछ नहीं होता। ये डिपेंड करता है कई चीजों पे। व्हाट शुड बी द फर्स्ट चैप्टर ऑफ योर सिलेबस? दैट डिपेंड्स ऑन सर्टेन फैक्टर्स। तो कुछ फैक्टर्स होते हैं जिन पे ये डिपेंड करता है कि आपको सिलेबस कहां से
06:31
Speaker A
स्टार्ट करना चाहिए। जैसे कि आप इंग्लिश क्यों पढ़ रहे हो? आपका पर्पस क्या है?
06:37
Speaker A
कुछ लोग इंग्लिश बोलने के लिए कि इंग्लिश बोलना आ जाए इसलिए इंग्लिश सीखते हैं। कुछ लोग उनका सिलेबस होता है एकेडमिक्स का नौवीं, 10वीं, 11वीं, 12वीं पढ़ रहे होते हैं तो वो एग्जाम होगा उनका एकेडमिक का। उसको क्लियर कर लें इसलिए इंग्लिश पढ़ते
06:50
Speaker A
हैं। ठीक है? कुछ लोग इंग्लिश को अपना डेली लाइफ में मतलब डे टू डे जो कन्वर्सेशन होता है, कम्युनिकेशन होता है उसमें उसका यूज कर पाए एफिशिएंटली। इसके लिए इंग्लिश सीखते हैं। अब कुछ हैं आपके जैसे जो कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में अच्छा
07:04
Speaker A
स्कोर कर पाएं। एक उनकी एप्रोच डेवलप हो। चीजों को देखने का नजरिया क्लियर हो इसलिए इंग्लिश सीखते हैं। ठीक है? तो सबसे पहला फैक्टर ये हो गया। व्हाई? आप इंग्लिश सीख क्यों रहे हो? उसको ध्यान में रखना है। आपका पर्पस क्या है? दूसरा कि कौन सीख रहा
07:19
Speaker A
है? कौन सिखा रहा है। ठीक है? तो ये सारे जो फैक्टर्स होते हैं ना उनसे मिलके डिसाइड होता है। [गला साफ़ करने की आवाज़] ठीक है? सीखने वाला कौन है? सिखाने वाला कौन है? उस पे भी डिपेंड करता है। तो हम
07:30
Speaker A
फिलहाल में अपना सिलेबस जो है वो इसी चैप्टर से स्टार्ट करेंगे। हम अब देखिए कंजक्शन की डेफिनेशन। मुझे लगता है हम सबने पढ़ी ही होगी। कभी ना कभी सबको याद होगी ही होगी। ठीक है? फिर भी एक बार मैं आप लोगों से पूछना चाहता हूं। आपसे अगर
07:48
Speaker A
कोई पूछे आपका छोटा भाई बहन, आपका फ्रेंड, कोई भी पर्सन आपसे पूछे भ कंजशंस क्या होते हैं? देन हाउ विल यू डिफाइन? सपोज़ आई आस्क यू द क्वेश्चन व्हाट आर कंजशंस?
07:59
Speaker A
मैंने आपसे क्वेश्चन पूछा कंजशंस क्या होते हैं? यू हैव टू रिप्लाई इट इन इंग्लिश। इंग्लिश में बताइए व्हाट आर कंजशंस?
08:10
Speaker A
सिलेबस 2025 सीजीएल तक करा दीजिएगा आराम से। प्रैक्टिस भी करवा देंगे। सिलेबस छोड़ो प्रैक्टिस भी हो जाएगी बच्चे अपनी जॉइनिंग वेरी गुड जिसको जो पता है बताइए देखो ऐसा नहीं है कि मैं कंजक्शन की डेफिनेशन नहीं जानता मैं आपसे पूछ रहा हूं बता दो मुझे ऐसा नहीं है ये तो तुम लोग भी
08:32
Speaker A
जानते होगे मैं ये क्वेश्चंस जो आपसे पूछता हूं सबसे वो केवल इसलिए पूछता हूं जिससे कि आप एक्टिव लर्नर हो जाओ नहीं तो अभी क्या है ना कि जैसे ऑनलाइन मैं आपको बताता हूं मेरी ऑफलाइन क्लासेस में क्या होता था आजकल तो मैं ऑफलाइन पढ़ाता ही
08:45
Speaker A
नहीं हूं फिलहाल में मेरी ऑफलाइन क्लासेस में क्या होता था? मैं पढ़ाते समय मुझे कोई चीज पूछनी होती थी ना तो बच्चों से पिन पॉइंट करके पूछ लेता था। भाई तुम बताओ सबसे पीछे बैठे। ठीक है? तुम बताओ, तुम बताओ, तुम बताओ। इस तरीके से ना हर एक
08:57
Speaker A
बच्चा अलर्ट मोड में रहता है। उसको लगता है यार कहीं सर जी मेरे से ना पूछ दे और फिर मेरा नेचर सबको पता ही है कि अगर मैंने पूछा कोई कोई क्वेश्चन मैंने पूछा आपसे और मैंने वो पढ़ा रखा है। आपको समझा रखा है और आपने नहीं बता पाया तो फिर
09:12
Speaker A
क्लास में खिंचाई भी होती है। तो मैं जो आपसे क्वेश्चंस पूछ अब ऑफलाइन तो है नहीं हम लोग तो ऑनलाइन पढ़ रहे हैं तो ऑनलाइन में एक बड़ी दिक्कत क्या होती है कि ना बच्चे वीडियो से देखते रहते हैं जैसे कोई सीरियल देख रहे हो कोई मूवी देख
09:25
Speaker A
रहे हो सामने रखा है ठीक है अब बस देख रहे हैं तो ये पैसिव लर्निंग है पैसिव ठीक है एक्टिव लर्निंग है कि आप भी दिमाग से एक्टिवली एंगेज्ड रहो उसके साथ में हमें केवल सुनना देखना नहीं है हमें अपना दिमाग भी बिजी रखना है उस प्रोसेस में हम दिमाग
09:43
Speaker A
से भी उस प्रोसेस में होने चाहिए चाहिए। टीचर हमें पढ़ा रहे हैं। हम ऑनलाइन उनको लाइव में या रिकॉर्डेड में बाद में लेक्चर देख रहे हैं। लेकिन हमारे केवल आंख और कान बस दो ही चीजें काम कर रहे हैं। देख रहे हैं, सुन रहे हैं। बस इतना ही चल रहा है।
09:56
Speaker A
दिमाग में प्रोसेस नहीं है। अगर दिमाग में प्रोसेस नहीं है। ठीक है? तो फिर ये अच्छी बात नहीं है। कहना कुछ और चाहता था लेकिन मैंने कहा नहीं है। तो ये अच्छी बात नहीं है। तो दिमाग भी हमारा एक्टिवली एंगेज्ड रहना चाहिए। वो है एक्टिव
10:13
Speaker A
लर्निंग। तो ये जो मैं आपसे क्वेश्चंस पूछता हूं, आपसे कमेंट्स करवाता हूं तो सबको पता है कि ऐसा इसलिए नहीं मैं करवाता हूं कि मैं आंसर जान जाऊं या मैं डेफिनेशन जान जाऊं। मुझे नहीं पता है। बट मैं इसलिए करवाता हूं कि मेरे सारे स्टूडेंट्स
10:24
Speaker A
एक्टिव लर्नर रहें। ठीक है? वो केवल देखें सुने नहीं काम भी करें दिमाग से। ठीक है?
10:30
Speaker A
चलो तो सब ने सही बताया। बहुत अच्छी डेफिनेशन तुम लोगों ने तो बता ही दी है पहले ही। लेकिन फिर भी मैं बता देता हूं। कंजशंस आर सच वर्ड एज जॉइ टू और मोर देन टू पार्ट्स ऑफ सेंटेंसेस। ठीक डेफिनेशन ये हां
11:11
Speaker A
देखो बच्चों क्या ये डेफिनेशन ठीक है इसे याद कर लें कंजशंस आर सच वर्ड्स एज जॉइन टू और मोर देन टू पार्ट्स ऑफ सेंटेंसेस किसी भी सेंटेंस के पार्ट्स को चाहे दो हो चाहे दो से ज्यादा हो ऐसा भी नहीं कि दो
11:32
Speaker A
को ही जोड़ेंगे दो से ज्यादा पार्ट्स भी जोड़े जा सकते हैं तो किसी भी सेंटेंस के दो या दो से ज्यादा पार्ट्स को जोड़ने वाले वाले जो वर्ड्स होते हैं इंग्लिश में उन्हें हम कहते हैं कंजशंस। सम पीपल कॉल देम कनेक्टर्स।
11:45
Speaker A
ठीक है? सम पीपल कॉल देम जॉइनिंग वर्ड्स। तो आप जॉइनिंग वर्ड्स कहिए, कररेक्टर्स कहिए, कंजशंस कहिए, एक ही बात है। तो ये जो हमने लिखा है, कंजशंस आर सच वर्ड्स दैट जॉइन टू और मोर देन टू पार्ट्स ऑफ सेंटेंसेस। ये हमारी डेफिनेशन हो गई
12:00
Speaker A
फिलहाल में समझने के लिए। आगे बढ़ते हैं। एग्जांपल से समझ लेते हैं। जैसे हमने एक एग्जांपल लिखा द मैन वाज़ रिच बट माइजरली ही हैज़ अ कार अ बाइक एंड स्कूटर ठीक है। लेकिन 4:00 से 5:00 बजे तक कौन सी बैच
12:57
Speaker A
होगी? नहीं। अब अपना टाइम 4:00 से 5:00 का नहीं है। अब अपना टाइम यहां आ गया। अब हमारी क्लास सुबह हुआ करेंगे बच्चे। हां। अब हमारे इंग्लिश का जो टाइम होगा बैच का वो यही होगा 10:00 बजे से लेकर 12 सवा5 तक एक्चुअली। ठीक है? तो यह हमारा टाइम
13:11
Speaker A
रहेगा। अब यहां देखो द मैन सब्जेक्ट हो गया। वाज वर्ब हो गई और वाज बी की फॉर्म है। तो लिंकिंग वर्ब है। आप सब लोग बेसिक्स में पढ़ कर आए हो इस बात को। तो लिंकिंग वर्ब के बाद में कॉम्प्लीमेंट आएगा। तो एक
13:27
Speaker A
कॉम्प्लीमेंट हो गया रिच जो कि एडजेक्टिव है। एक कॉम्प्लीमेंट हो गया माइजरली वो भी एडजेक्टिव है। ठीक है? अब कोई पर्सन ऐसा है जो कि जो रिच है लेकिन कंजूस है। माइजरली का मतलब सबको पता ही है कंजूस। ठीक है? तो कोई एक ऐसा
13:44
Speaker A
पर्सन है जो अमीर है लेकिन कंजूस है माइजरली है तो ये दोनों क्वालिटी उसमें है वो रिच भी है माइजरली भी है लेकिन रिच और माइजरली होना ना मतलब एक्सपेक्टेड कॉम्बिनेशन नहीं है मतलब एक लॉजिकल कॉम्बिनेशन नहीं है कोई ऐसा पर्सन जिसके
14:01
Speaker A
पास पैसे की कमी है अगर वह कंजूसी करे तो समझ में आता है। कोई पर्सन जो अमीर है फिर भी कंजूसी कर रहा है। है उसके पास लेकिन फिर भी नहीं यूज़ कर पा रहा है। तो फिर ये
14:12
Speaker A
थोड़ा सा ना कंट्रास्टिंग कॉम्बिनेशन है। ठीक है? तो इसीलिए हमने यहां पे बट कंजक्शन का यूज़ किया। तो ये बट कंजक्शन है। ये कनेक्ट कर रहा है। क्या कनेक्ट कर रहा है? दो कॉम्प्लीमेंट्स को। ठीक है? अगले में जो ही सब्जेक्ट हो गया।
14:28
Speaker A
हैज़ वर्ब हो गई। ही हैज़ उसके पास है। क्या है? एक तो कार है। तो ये ऑब्जेक्ट वन हो गया। और क्या है? बाइक है। यह ऑब्जेक्ट टू हो गया। और क्या है? स्कूटर भी है। यह ऑब्जेक्ट थ्री हो गया।
14:45
Speaker A
ठीक? तो यहां पर कोई एक पर्सन है। उसके पास कार है, बाइक है, स्कूटर है। मतलब तीन चीजें हैं। तो तीनों को हमने एंड से जोड़ रखा है। तो एंड हमारा कंजक्शन हो गया। तो यहां पर जो हमारा कंजक्शन है वह जोड़ रहा है दो पार्ट ऑफ सेंटेंसेस को जो दोनों
15:00
Speaker A
ही कॉम्प्लीमेंट्स हैं। यहां पर जो एंड है वो जोड़ रहा है तीन पार्ट ऑफ सेंटेंसेस को और ये तीनों ही ऑब्जेक्ट हैं। तो कुल मिला के सीधी सी बात ये है कि कंजशंस हमारे ऐसे वर्ड्स होते हैं जो किसी
15:16
Speaker A
भी सेंटेंस के दो या दो से ज्यादा वर्ड्स पार्ट्स को जोड़ते हैं। अच्छा एक छोटी सी चीज़ जो मैं यहां पर आप सब से चाहूंगा कि बेसिक्स आप सब ने पढ़े हैं तो थोड़े से आपकी एप्रोच डेवलप हो ही गई होगी लेकिन फिर भी आगे ध्यान रखेंगे
15:29
Speaker A
कि इस तरीके के क्वेश्चंस में ठीक है हमेशा ये बात ध्यान रखें कि जब आप कंजक्शन देखते हो कि कोई कंजक्शन सेंटेंस में यूज़ हुआ है तो यह भी एक बार जरूर सोचा करो यह कंजक्शन किन्हें कनेक्ट कर रहा है। मतलब इस कंजक्शन के थ्रू हम जोड़ना किसे
15:45
Speaker A
चाह रहे हैं। ठीक है? यह हमें ध्यान रखना है। चलो तो अच्छा ये कॉमा कोई बच्चा पूछ रहा है ये कॉमा क्यों लगा दिया? चलो अच्छा अभी देखो ऐसे समझा देता हूं। थोड़ा सा हिंट अभी दे देता हूं। बाकी अभी ये चैप्टर स्टार्ट हुआ
15:58
Speaker A
है ना धीरे-धीरे सीखोगे। ठीक है? अच्छी बात है कि तुमने उधर ध्यान दिया। देखा कि हां कॉमा लगा हुआ है। बहुत सा बच्चा तो देखकर भी ध्यान नहीं दे पाता। यू आर एन एक्टिव लर्नर। अच्छी बात ये है कि आप एक्टिव लर्नर हो। दिमाग भी चल रहा है। चलो
16:12
Speaker A
मैं बताता हूं। देखो होता क्या है बच्चों? जैसे मान लो हमें कोई दो पार्ट सेंटेंस के जोड़ने हैं। तो हम सीधे कंजक्शन से जोड़ देंगे। a एंड b अगर हमें दो से ज्यादा पार्ट्स को जोड़ना है ठीक है? तो हम a b एंड c ऐसे लिख
16:36
Speaker A
देंगे। ठीक है? उससे भी ज्यादा को जोड़ना है तो a b c एंड d ऐसे लिख देंगे। उससे भी ज्यादा को जोड़ना है तो a b c d एंड e ऐसे लिख देंगे। है ना? अब होता क्या है कि
16:58
Speaker A
जब हमें दो पार्ट ऑफ सेंटेंस कनेक्ट करने होते हैं तब तो हम उनके बीच में सीधे क्या करते हैं? कंजक्शन लिख देते हैं। लेकिन अगर दो से ज्यादा जोड़ने हो तो जो लास्ट टू होते हैं उनके लिए हम कंजक्शन लिखते हैं। बाकी के लिए कॉमा आ
17:15
Speaker A
जाता है। लास्ट टू के लिए कंजक्शन होता है। बाकी के लिए कॉमा आ जाता है। लास्ट टू के लिए कंजक्शन होता है। बाकी के लिए कॉमा आता है। तो पहली चीज तो ये समझो। ये बेसिक है। इस पे आगे बहुत अच्छा क्वेश्चन आएगा। अभी तो ध्यान रखना। एक बार
17:28
Speaker A
बता दिया ना तो दोबारा उतना बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसको आगे से ध्यान रखना। एक बात तो ये ध्यान रखना। दूसरी बात हमारे दिमाग में यह आती है कि जैसे हमने यहां पर बी के बाद जो कॉमा लगाया अगर हम इसे ना लगाएं तो क्या गलत होगा? तो आंसर
17:42
Speaker A
है नहीं गलत तो नहीं होगा लेकिन कुछ सिचुएशंस ऐसी बन सकती हैं जहां पर ये गलत हो जाता है या फिर मीनिंग बदल जाता है। हम नहीं समझ पाए वो अलग बात है लेकिन मीनिंग बदल जाता है। तो इसको कहते हैं ना ऑक्सफोर्ड कॉमा। इसको कहते हैं ऑक्सफोर्ड
17:56
Speaker A
कॉमा। यह जो हम कॉमा यूज करते हैं ना बच्चे कंजक्शन से पहले एंड से पहले इसे कहा जाता है ऑक्सफोर्ड कॉमा। ठीक है? मेरी आदत है यूज़ करने की। मैं चीजों को थोड़ा बारीकी के साथ देखता हूं और
18:12
Speaker A
कोशिश करता हूं जो मैं पढ़ाता हूं उसको खुद भी यूज़ करूं अपनी लाइफ में। ठीक है? ऐसा नहीं कि मैं बच्चों को तो बताता हूं कि इंग्लिश में ऐसा करो, वैसा करो और खुद अपने आप उसकी गलतियां करता घूमूं। तो मैं बारीकी से चीजों को यूज़ करना पसंद करता
18:25
Speaker A
हूं। ठीक है? तो मैं ये कॉमा यूज़ करते ही करता हूं। मेरे स्वभाव में है। ठीक है? अब मैं नहीं लगाऊं तो मुझे अटपटा लगता है। लेकिन ये ऑप्शनल होता है। कुछ सर्टेन सिचुएशंस ऐसी बन जाती हैं जहां पर ये कंपलसरी हो जाता है यूज़ करना। हालांकि वो
18:40
Speaker A
कम होती हैं लेकिन होती हैं। जनरली आप इसको ड्रॉप करके भी काम चला सकते हो क्योंकि मीनिंग कन्व हो ही जाता है। समझने वाला बात समझ ही जाता है। ठीक है? लेकिन फिर भी हम इस पे कभी बात कर लेंगे। अभी ध्यान रखना यह मेरी आदत है कि मैं आई वी
18:54
Speaker A
के साथ शैल लिखना पसंद करता हूं। ठीक है? मैं विल नहीं यूज़ करता। आई वी के साथ मैं प्रोफेबबली शैल यूज़ करता हूं। ठीक है? और ये ऑक्सफोर्ड कॉमा है। ये मैं यूज़ करता ही करता हूं। तो जो मैं दूसरों को सिखाता हूं कि ये सही है, ऐसा करना चाहिए। उसको अगर
19:09
Speaker A
मैं खुद ही नहीं करूंगा तो अच्छा नहीं लगेगा। तो मैं जो दूसरों को सिखाता हूं, कोशिश करता हूं उसको खुद भी फॉलो करो। ठीक है? चलो तो उस पे बाद में बात कर लेंगे। तो हमने कंजक्शन क्या होते हैं? ये सीखा। डेफिनेशन सीखी। अब जरा आ जाओ टाइप्स की
19:22
Speaker A
बात कर लेते हैं। टाइप्स ऑफ कंजक्शन कौन-कौन बता सकता है टाइप्स ऑफ पेनेंस? जल्दी से एक बार मुझे जल्दी से कमेंट करके टाइप्स ऑफ कंजशंस बताइए। देयर आर हाउ मेनी टाइप्स ऑफ कंजशंस इन इंग्लिश। कंजक्शन क्या है? हमने सीख लिया। कनेक्टर्स
20:03
Speaker A
सेंटेंस के पार्ट्स को जोड़ने वाले वर्ड्स। अब कंजशंस कितने टाइप के होते हैं? यह एक बार बताइए कमेंट करके। टाइप्स ऑफ कंजशंस। चलो बहुत अच्छी बात है। कोई बच्चा बता रहा है तीन टाइप के, कोई बता रहा है दो टाइप
20:42
Speaker A
के। बढ़िया। बेसिक्स में हमने पढ़ा था। आप लोग पता नहीं बेसिक्स पास करके आए होगे। एग्जाम को पास करके ही इस बैच में आप आए होगे। ठीक है? और इस बैच में भी आप पढ़ रहे हो तो ऐसा मान के ही चला जाएगा कि आप
21:00
Speaker A
बेसिक्स के सारे लेक्चर देख कर ही आएगे। है ना? तो जो आपको बेसिक्स में पढ़ा दिया गया ना वो अब आपसे एक्सपेक्टेड है कि उतना आपको क्लियर होगा। ऐसा मत मान के चलना कि वो मैं आपको बार-बार पढ़ाऊंगा। ठीक है? तो वो हम ये मान के चलेंगे वो आपको सब क्लियर
21:16
Speaker A
है। ठीक? तो कंजशंस के दो टाइप्स हमने पढ़े। एक हमने पढ़ा कोऑर्डिनेट कंजशंस और दूसरा था सबोर्डिनेट कंजशंस। उसकी बाद में बात कर लेंगे। पहले कोऑर्डिनेट की बात कर लेते हैं। कोऑर्डिनेट कंजशंस क्या होते हैं? दी कनेक्ट सेम रैंक्स
21:46
Speaker A
ऑफ स्ट्रक्चर्स कोऑर्डिनेट कंजशंस ऐसे कंजशंस होते हैं जिनका यूज़ हम करते हैं सेंटेंस में सेम रैंक के स्ट्रक्चर्स को कनेक्ट करने के लिए। अब हमारे दिमाग में आएगी एक बात कि भाई सेम रैंक की स्ट्रक्चर्स क्या है? इसका
22:07
Speaker A
मतलब क्या है? तो सेम रैंक ऑफ स्ट्रक्चर्स का मतलब है जैसे सब्जेक्ट को सब्जेक्ट से जोड़ना, ऑब्जेक्ट को ऑब्जेक्ट से जोड़ना, प्रेडिकेट को प्रेडिकेट से जोड़ना, कॉम्प्लीमेंट को कॉम्प्लीमेंट से जोड़ना, वर्ब को वर्ब से जोड़ना। तो ये सेम रैंक
22:22
Speaker A
के स्ट्रक्चर्स को ही जोड़ते हैं। कोऑर्डिनेट कंजशंस का काम क्या होता है? कि सेंटेंस में सेम रैंक के जो स्ट्रक्चर्स हैं उनको जोड़ना। चाहे दो सब्जेक्ट्स दो या दो से ज्यादा भी हो सकते हैं। चाहे दो या दो से ज्यादा सब्जेक्ट्स
22:34
Speaker A
हो। फन बॉयज नहीं होता। लल्लू फैन बॉयज होता है। चाहे दो या दो से ज्यादा सब्जेक्ट्स हो, चाहे दो या दो से ज्यादा प्रेडिकेट्स हो, चाहे दो या दो से ज्यादा कंजशंस हो, उनका जोड़ना काम जो होता है वो सबोर्डिनेट कंजशंस का होता है। सबोर्डिनेट
22:48
Speaker A
कंजशंस की अपनी सब कैटेगरीज भी होती हैं। अगर हम सबोर्डिनेट कंजशंस की सब कैटेगरीज देखें ना तो एक तो होते हैं क्यूमुलेट सॉरी कोऑर्डिनेट एक तो होते हैं क्यूमुलेटिव कोऑर्डिनेट कंजशंस। दूसरा होते हैं एडवर्सटिव कोऑर्डिनेट कंजशंस। तीसरा होते हैं
23:13
Speaker A
अल्टरनेटिव कोऑर्डिनेट कंजशंस। और चौथा होते हैं रिलेटिव कोऑर्डिनेट कंजशंस। तो यह जो हमारे कोऑर्डिनेट कंजशंस है ना बच्चे इनकी अपनी सब कैटेगरीज भी होती हैं। ठीक? क्यूम्युलेटिव कोऑर्डिनेट कंजशंस, ऑडवर्सेसिव कोऑर्डिनेट कंजशंस, अल्टरनेटिव और उसके बाद में इेटिव। ये इतने टाइप के हो गए। अब इनमें क्यूमुलेटिव का मतलब होता
23:46
Speaker A
है जोड़ने वाला जो जोड़कर एक कर दे। तो इंग्लिश में क्यूमुलेटिव कंजक्शनंस जो है ना वो एक ही होता है बस। एंड एडवर्सटिव आप समझ ही गए होंगे। एडवर्स का मतलब होता है ऑोजिट विपरीत। तो एडवर्सटिव कंजशंस वो कंजशंस होते हैं जो सेंटेंस के
24:06
Speaker A
ऐसे दो पार्ट्स को जोड़ते हैं जो कंट्रास्टिंग हो। जैसे अभी हमने पीछे एक एग्जांपल लिखा था। ध्यान आया प्रीवियस स्लाइड पे हमने एक एग्जांपल लिखा था ही इज़ रिच बट माइजरली। कि कोई पर्सन जो अमीर है लेकिन कंजूस है। तो हमने लिखा रिच बट
24:22
Speaker A
माइजरली। तो रिच और माइजरली ये जो कॉम्बिनेशन है दोनों क्वालिटीज का यह मतलब नेचुरल कॉम्बिनेशन नहीं है। एक्सपेक्टेड कॉम्बिनेशन नहीं है। नॉर्मल कॉम्बिनेशन नहीं है। तो अगर हमें सेंटेंस के कोई दो ऐसे पार्ट्स एक साथ जोड़ने हो जो कि
24:39
Speaker A
एबनॉर्मल हैं, अनएक्सेक्टेड हैं। तो हम वहां पे एडवर्सिव कोऑर्डिनेट कंजशंस का यूज़ करते हैं। इंग्लिश में दो एडवर्सिव कोऑर्डिनेट कंजशंस होते हैं। एक होता है बट और एक होता है येट। फिर आ गया अल्टरनेटिव क्यूमुलेटिव कंजक्शन। अल्टरनेटिव कंजशंस जो होते हैं
25:01
Speaker A
बच्चे वो ऐसे कंजशंस होते हैं जो अल्टरनेटिव्स को जोड़ने के काम आते हैं। अल्टरनेटिव्स का मतलब विकल्प या तो ये या फिर वो दोनों नहीं। दोनों को जोड़ के कंबाइंड बना देगा। तो वो क्यूमुलेटिव कंजक्शन का काम है कि दो को जोड़ के एक
25:15
Speaker A
कॉम्बिनेशन बनाना। ये क्यूमुलेटिव कंजक्शन का काम है एंड का। लेकिन अगर दो ऑब्जेक्ट्स हो वह कॉम्बिनेशन ना हो कॉम्बिनेशन ना बनाए बट आइदर वाला सिचुएशन हो या तो यह या फिर वह वाला तो हम वहां पर अल्टरनेटिव कंजक्शन यूज़ करते हैं।
25:29
Speaker A
अल्टरनेटिव कंजक्शन इंग्लिश में दो होते हैं और नॉर। फिर आ गया इलेटिव कंजक्शन। ठीक? इलेटिव का मतलब होता है इनफरेंस रीज़। ऐसे कंजशंस जिनके थ्रू हम अपने रीजन को अपने लॉजिक को सेंटेंस में इंट्रोड्यूस करते हैं। ठीक है? उन्हें हम कहते हैं इलेक्टिव कंजक्शन। दो होते हैं। ये भी दो
25:55
Speaker A
होते हैं। सो एंड फॉर। ठीक? तो कुल मिला के ये जो हमने यहां पे लिखे हैं ये हमारे कोऑर्डिनेट कंजशंस हैं। एंड बट येट और नॉर सो फॉर। अब आपको ध्यान यह रखना है। ध्यान यह रखना है कि हमारे जो कोऑर्डिनेट कंजशंस होते हैं इनकी फोर सब कैटेगरीज
26:19
Speaker A
होती हैं। क्यूमुलेटिव, एडवर्सेटिव, अल्टरनेटिव, इेटिव। ठीक? अच्छा वैसे तो कोऑर्डिनेट कंजशंस बहुत कम है। आप इज़ली ऐसे याद रख सकते हो। लेकिन फिर भी इनको याद रखने के लिए एक निमोनिक होता है। आप उसका यूज़ कर सकते हो। क्या होता है
26:39
Speaker A
निमोनिक? कौन बताएगा? कोऑर्डिनेट कंजशंस को याद रखने का निमोनिक क्या है? कौन बताएगा? निमोनिक का मतलब होता है बच्चे कोई मेमोरी डिवाइस। जो हमारे कोऑर्डिनेट कंजशंस हैं बच्चों, इनको याद रखने के लिए एक मेमोरी डिवाइस है जिसको निमोनिक कहते हैं। वह क्या है?
27:12
Speaker A
वो है फैन बॉयज। ठीक है? ये हमें ध्यान रखना है। फॉर एंड नॉर बट और येट सो। तो ये हमारा मेमोरी डिवाइस है। इसको हम ध्यान रख सकते हैं याद रखने के लिए कोऑर्डिनेट कंजशंस को कि कोऑर्डिनेट कंजशंस होते हैं फैन बॉय फॉर एंड
27:39
Speaker A
नर बट और येट सो यह फैन बॉज हो गया। ठीक है? तो यह हमारे कोऑर्डिनेट कंजक्शन। सेकंड टाइप ऑफ कंजक्शनंस जो होते हैं उन्हें हम कहते हैं सबोर्डिनेट कंजशंस। ठीक है? अब वैसे तो सबोर्डिनेट कंजशंस को याद रखना बहुत आसान है। ठीक है? भाई दो ही
28:00
Speaker A
टाइप के कंजक्शन होते हैं। दो ही टाइप के कंजशंस होते हैं। कोऑर्डिनेट और सबोर्डिनेट। अब कोऑर्डिनेट हमें पता ही चल गए कि कोऑर्डिनेट होते हैं फैन बॉयज़। तो जो फैन बॉयज़ को छोड़कर बच जाए वो सारे सबोर्डिनेट होते हैं। ऐसे आप
28:23
Speaker A
ध्यान रख सकते हो। ठीक? तो जो फैन बॉयज हैं वो आपके कोऑर्डिनेट कंजशंस हैं। और फैन बॉयज के अलावा जो इंग्लिश में कंजशंस होते हैं वो आपके सबोर्डिनेट कंजशंस होते हैं। अब जैसे अगर हम यहां पर देखें इनका काम क्या होता
28:37
Speaker A
है कि दीज़ फॉर्म सबोर्डिनेट क्लॉज़। दीज़ फॉर्म सबोर्डिनेट क्लॉज़ज़। इनका काम होता है सबोर्डिनेट क्लॉज़ बनाना। अब देखिए बेसिक्स में हमने पढ़ा कि जो सबोर्डिनेट क्लॉज़ज़ होती हैं वो डिपेंडेंट क्लॉज़ज़ होती हैं और वो सेंटेंस में नाउन एडजेक्टिव एडवर्ब का काम करती हैं। पढ़ा
29:13
Speaker A
सबको याद ही होगा। तो ये जो हमारे सबोर्डिनेट कंजशंस होते हैं इनका काम होता है सबोर्डिनेटिंग क्लॉज़ज़ फॉर्म करना। ठीक है? सबोर्डिनेटिंग क्लॉजेस फिर सेंटेंस में डिपेंडेंट क्लॉजेस होती हैं। वह एडजेक्टिव, एडवर्ब या नाउन का काम करती हैं। और कोऑर्डिनेट कंजक्शन का काम होता है सेम रैंक के स्ट्रक्चर्स को जोड़ना।
29:33
Speaker A
ये हमें ध्यान रखना है। इनके फंक्शन ध्यान रखने हैं। फिर उसके बाद में हमें ध्यान रखना है कि ये जो हमारे सबोर्डिनेट कंजशंस हैं, ये जो हमारे सबोर्डिनेट कंजशंस हैं, यह कितने टाइप के होते हैं। तो देखो आ जाओ समझ लेते हैं। कुछ कॉमनली यूज़
29:47
Speaker A
सबोर्डिनेटिंग कंजशंस देखते हैं। इफ अनलेस अंटिल देन दैट द आफ्टर बिफोर है बिकॉज सिंस ठीक है। एस सून एज एज लॉन्ग एज आफ्टर बिफोर लिख दिया। उसके बाद में वेदर व्हेन हाउ वेयर व्हाई एसेट्रा ठीक तो देखो ये जो हमारे सबोर्डिनेट कंजशंस होते हैं अदर दैन फैन बॉयज़ फैन
31:10
Speaker A
बॉयज़ को छोड़कर। ठीक है? ये सबोर्डिनेट कंजशंस होते हैं। सबोर्डिनेट कंजशंस का काम सबोर्डिनेटिंग क्लॉज़ बनाना होता है जो कि नाउन एडजेक्टिव एड और का काम करती हैं। वैसे तो आप सीधी सी बात ये ध्यान रख सकते हो कि इंग्लिश में अदर दैन फैन बॉय जितने
31:23
Speaker A
भी कंजक्शन होते हैं वो सारे सबोर्डिनेट कंजक्शन होते हैं। ठीक है? लेकिन कुछ कॉमनली यूज़्ड इंग्लिश के जो मतलब कॉमन सबोर्डिनेट कंजक्शंस हैं वो मैंने यहां पे लिखे हैं। आप उनको ध्यान रख सकते हो। जैसे इफ है अनलेस है अंटिल है देन दैट दो आफ्टर
31:39
Speaker A
बिफोर एज बिकॉज़ सिंस एज सून एज ठीक है एज लॉन्ग एज वेदर व्हेन हाउ वेयर व्हाई एटसेट्रा एक छोटी सी बात आपको सबको ध्यान ये रखनी है कि जो डब्ल्यूए फैमिली वर्ड्स होते हैं ठीक है डब्ल्यूए फैमिली वर्ड्स जो होते
32:05
Speaker A
हैं अगर हम उनको एज अ कंजक्शन यूज करें तो वह सारे सबोर्डिनेट कंजक्शन होते हैं। डब्ल्यूए फैमिली वर्ड्स को अगर हम एज कंजक्शन यूज़ करें तो ये सारे सबोर्डिनेट कंजक्शन होते हैं। ध्यान रह जाएंगे डब्ल्यूए फैमिली वर्ड्स व्हेन वेयर व्हाई
32:19
Speaker A
हाउ वगैरह-वगैरह। ठीक? चलो अब यहां पर हालांकि हो सकता है वैसे जरूरी चीज ना हो लेकिन फिर भी मैं आप लोगों से एक चीज पूछता हूं। आंसर बताना जिसको समझ में आए। अदर वाइज हाउएवर नेवर द लेस ठीक है अदर वाइज है हाउएवर है नेवर द लेस है
32:59
Speaker A
क्सक्वेंटली है बसाइड है दस है देयर फॉर हैड एटसेट्रा ये कैसे कंजशंस होते हैं एक बार बताओ किसी को अगर पता हो तो ये जो वर्ड्स मैंने यहां पे लिखे हैं बच्चे जैसे अदर वाइज है हाउ एवर है बसाइड्स है दस्त है देयर फॉर फोर
33:31
Speaker A
है, नेवर द लेस है, क्सक्वेंटली है। ये किस टाइप के कंजशंस होते हैं? कौन बता सकता है? कोऑर्डिनेट होते हैं या सबोर्डिनेट होते हैं?
33:48
Speaker A
हां मोरवर है वो लिख लो। मोर एवर लिख लो। यह कौन से टाइप के कंजशंस हैं बच्चों? कोऑर्डिनेट है या सबोर्डिनेट है?
34:20
Speaker A
चलो। यह कंजशंस नहीं है। ठीक है? अगर हम पार्ट्स ऑफ स्पीच में बात करें ना बच्चों, तो यह जो वर्ड्स हमने लिखे हैं ना, यह ध्यान रखना। नहीं तो कई बार ना बच्चे कंफ्यूज रहते हैं। वो सोचते हैं कि हाउएवर नहीं लिखा। तो, मैं आपको बता दूं दीज़ वर्ड्स आर नॉट कंजशंस। दीज़ आर
34:36
Speaker A
एडवर्ब्स। कनेक्टिव एडवर्ब्स। तो जो अदर वाइज है हाउएवर है क्सक्वेंटली है नेवर द लेस है बसाइड्स है द है देयर फॉर है दीज़ वर्ड्स आर नॉट कंजशंस दीज़ वर्ड्स आर कनेक्टिव एडवर्ब्स ठीक है हां हम इन्हें कहते हैं कनेक्टिव एडवर्ब्स अब ये कनेक्टिव एडवर्ब्स क्या होते हैं वो
35:03
Speaker A
बाद में पढ़ेंगे जब एडवर्ब्स डिस्कस कर रहे होंगे बस मैं आपको इसलिए अभी समझाए दे रहा हूं नहीं तो बच्चे कंफ्यूज रहते हैं। ठीक है कि हाउ एवर को सर जी ने क्यों नहीं लिखा देयर फॉर को क्यों नहीं लिखा? दे दे डू कनेक्ट। वो कनेक्ट करते हैं बट नॉट
35:16
Speaker A
पार्ट्स ऑफ द सेंटेंसेस। दे कनेक्ट समथिंग एल्स। सो वी विल डिस्कस दैट इन सम लेटर पार्ट। मतलब बाद में उसको डिस्कस कर लेंगे। अभी ध्यान नहीं रखना कि वो कंजक्शन नहीं कनेक्टिव एडवर्ब्स। ठीक है? चलो आगे बढ़ते हैं। तो यहां पर हमने क्या डिस्कस
35:29
Speaker A
किया? टाइप्स ऑफ कंजशंस। सबको क्लियर हो गया टाइप्स ऑफ कंजक्शन? मैं 1 मिनट का आपको मौका देता हूं। किसी को कुछ भी पूछना है जो हमने डिस्कशन किया है इतनी देर में उससे रिलेटेड तो पूछ लो। अब हम आगे बढ़ जाएंगे सीधे।
35:57
Speaker A
जो बच्चों हमने ये डिस्कशन इतनी देर में किया है। इससे रिलेटेड किसी को कुछ कहना है, पूछना है, बोलना है, बताना है तो देख लो। तो फिर हम लोग आगे बढ़ जाएंगे। क्लियर चलो आ अब मैं आपसे एक दो छोटे-छोटे चीजें
36:28
Speaker A
पूछता हूं। क्वेश्चंस हैं मतलब आंसर बताना सभी लोग। दे आर फ्रॉम बट कवर्ड ह एक्शंस सेम दिल्ली एंड अननेसेसरीली दे आर कंफ्यूज्ड एंड ऑप्टिमिस्ट इन सेंटेंसेस को पढ़िए। फैन बॉयज में एन का मतलब नॉट नहीं होता। नर होता है बच्चे। एन ओ आर
38:16
Speaker A
नॉर होता है। नॉर देखो फैन बॉयज मैं बता देता हूं। फॉर एंड नॉर बट और येट सो। यह जो लिखे गए सेंटेंसेस हैं बच्चों आपके सामने इनको सभी लोग एक बार जल्दी से पढ़ो। बहुत जल्दी से पढ़ो और आंसर बताओ।
39:13
Speaker A
बेसिक से एडवांस तक ही होगा बच्चे। आपको लग नहीं रहा कि बेसिक बिल्कुल वैसे समझाया जा रहा है। एक मैं चीज आप लोगों को और बताता हूं आज। हालांकि समझदार होगे तो पहले से भी अपने आप जानते होंगे। नहीं तो आज आपको समझ में आ जाएगा।
39:28
Speaker A
एक चीज ध्यान से सुनना सभी लोग। बिना बेसिक्स की क्लेरिटी के कोई भी एडवांस्ड यूजज़ या कांसेप्ट्स को ना सीख सकता है ना सिखा सकता। ये बहुत ही बेसिक समझने वाली बात है। कोई भी पर्सन थोड़ा सा भी समझ यूज़ करने वाला बात इस बात को जानता
39:48
Speaker A
होगा। क्या? कि अगर आपके बेसिक्स क्लियर नहीं है तो ना तो आप एडवांस्ड लेवल का सीख सकते और ना ही सिखा सकते। बेसिक्स तो पहली सीढ़ी है। उसको छोड़ के कोई ऊपर नहीं जा पाया। ठीक है? तो उसकी चिंता मत करो। आप सीखो और नहीं समझ में
40:09
Speaker A
आया तो पूछो। चलो अब यहां पे देखो मैं आपको समझाता हूं। ये सारे वर्ड्स हमने लिखे। दे आर स्ट्रांग बट कवर्ड। ठीक है? हिज़ एक्शन सीम सिली एंड अननेसेसरीली। दे आर कंफ्यूज्ड एंड ऑप्टिमिस्ट। अब आप देखोगे हमने इन
40:23
Speaker A
सेंटेंसेस में ना कंजशंस यूज़ किए। जैसे यहां पर हमने बट कंजक्शन यूज़ किया है। यहां पर एंड कंजक्शन यूज़ किया है। और यहां पर भी हमने एंड कंजक्शन यूज़ किया है। है ना? अब ये एंड है। सब जगह एंड लिख दिया क्या? यहां पे और लिखते हैं बच्चे। 1
40:40
Speaker A
मिनट। इसमें मैं और लिखना चाह रहा था। हैंग हो गया क्या? इसमें ना और लिखेंगे यहां पर यहां पर एंड नहीं लिखेंगे। चलो अब यहां पर एक चीज देखो ये हमने कंजशंस लिखे बट एंड और ये तीनों कैसे
41:05
Speaker A
कंजक्शन है? कोऑर्डिनेट। ठीक है? कोऑर्डिनेट कंजक्शन है। कोऑर्डिनेट कंजक्शन है तो किसे जोड़ेंगे? सेम रैंक के स्ट्रक्चर्स को। अब जैसे स्ट्रांग जो है वो कॉम्प्लीमेंट है। कावर्ड भी कॉम्प्लीमेंट है। क्योंकि यहां पे जो वर्ब है वो लिंकिंग है। उसी तरीके से यहां पर जो वर्ब है ये भी लिंकिंग है।
41:22
Speaker A
तो इसके बाद भी कॉम्प्लीमेंट आएगा। तो ये सेम रैंक के स्ट्रक्चर्स को जोड़ते हैं। सेम रैंक का मतलब एक ही जैसे हो। यहां पे आर है ये भी लिंकिंग वर्ब है। तो ये दोनों भी कॉम्प्लीमेंट्स हैं। अब हमें ध्यान ये रखना है कि ये जो
41:40
Speaker A
स्ट्रांग है ये भी कॉम्प्लीमेंट है। यह है कॉम्प्लीमेंट वन। ठीक है? यह है कॉम्प्लीमेंट टू। दोनों कॉम्प्लीमेंट्स को बट जोड़ रहा है। ठीक है?
41:52
Speaker A
यहां पर है एक सिली। ये कॉम्प्लीमेंट है वन। अननेसेसरीली है कॉम्प्लीमेंट टू। दोनों को एंड जोड़ रहा है। यहां पे कंफ्यूज्ड है। ये है कॉम्प्लीमेंट वन। ये है कॉम्प्लीमेंट टू। ठीक है? दोनों को और जोड़ रहा है। ऐसा ही है ना? तो ठीक है। लग
42:11
Speaker A
रहा है सब तो सही है। फिर तो कॉम्प्लीमेंट कॉम्प्लीमेंट जोड़े जा रहे हैं। लेकिन अब एक चीज ध्यान से सुनना। ठीक? ये जो स्ट्रांग हमने लिखा ये एडजेक्टिव होता है। यहां पर आपको कुछ बातें ऐसी सुनने जानने को मिलेंग जो हो सकता है आप पहले से ना
42:25
Speaker A
जानते हो। तो अगर आप पहले से नहीं जानते हो तो आगे हमेशा ध्यान रखना है। ठीक? यह जो हमने स्ट्रांग लिखा है यह वर्ड एडजेक्टिव होता है। तो अगर हम बट के साथ कोई वर्ड इसे जोड़ेंगे तो वह भी एडजेक्टिव होना है। चाहिए लेकिन वो जो कवर्ड है वो
42:39
Speaker A
एडजेक्टिव नहीं है। वो नाउन है। कवर्ड वर्ड नाउन होता है। सभी लोगों को ध्यान रखना है। अगर कवर्ड वर्ड नाउन होता है तो स्ट्रांग एडजेक्टिव है। तो ये भी एडजेक्टिव होना चाहिए था। तो ये तो गड़बड़ हो गई। तो इसकी जगह लिखो इसकी एडजेक्टिव
42:52
Speaker A
फॉर्म जो कि होती है कवर्डली। तो हम लिखेंगे दे आर स्ट्रांग बट कवर्डली। ठीक है? आगे आ जाओ। फिर हमने लिखा हिज एक्शन सीम सिली एंड अननेसेसरीली। अब जो सिली वर्ड है ना ये एडजेक्टिव है। अननेसेसरीली वर्ड एडवर्ब है। अब हमारे
43:12
Speaker A
दिमाग में कांसेप्ट बैठा होता है कि ज्यादातर वर्ड्स जिनके लास्ट में एल वाई लिखा होता है वो एडवर्ब्स होते होंगे। ईजीली, ऑनेस्टली, ब्रेवली, क्लियरली, डिफरेंटली, नर्वसली, कॉन्फिडेंटली। तो हमने बहुत से ऐसे वर्ड्स पढ़े होते हैं जिनके लास्ट में एल वाई लिखा होता है और वो एडवर्ब्स होते हैं। तो कहीं ना कहीं
43:31
Speaker A
हमारे दिमाग में ये बात छप जाती है कि जितने भी वर्ड्स के लास्ट में एल वाई लिखा होता है, वो एडवर्ब्स होते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। सारे वर्ड्स जिनके लास्ट में एल वाई लिखा हो एडवर्ब होंगे। ऐसा कोई जरूरी नहीं है। ठीक है? सिली वर्ड जो है ना ये
43:42
Speaker A
एडजेक्टिव है। नहीं कहते जैसे सिली मिस्टेक। ठीक है? तो देखो जैसे हमने कहा सिली मिस्टेक्स तो मिस्टेक्स नाउन है। सिली उसको डिस्क्राइब कर रहा है तो एडजेक्टिव है। तो सिली वर्ड क्या है? एडजेक्टिव है। कॉम्प्लीमेंट एडजेक्टिव भी बन सकते हैं। लेकिन अननेसेसरी तो एडजेक्टिव है नहीं। वो तो एडवर्ब है। ठीक?
43:59
Speaker A
और एडवर्ब कॉम्प्लीमेंट नहीं बन सकते। तो फिर वो अननेसेसरीली गलत है। इसकी जगह लिखो अननेसेसरी। अब ये सही हो गया। यह भी एडजेक्टिव है। वो भी एडजेक्टिव है। दोनों कॉम्प्लीमेंट है। एंड ने दोनों को जोड़ दिया। अब यहां आ जाओ। यहां जो हमने कंफ्यूज्ड वर्ड लिखा
44:18
Speaker A
है, यह एडजेक्टिव है। पास्ट पार्टिसिपल वर्ब की थर्ड फॉर्म जो एडजेक्टिव का काम कर रही है। तो ये कंफ्यूज्ड क्या है? एडजेक्टिव है। ठीक है? तो ऑप्टिमिस्ट भी एडजेक्टिव होना चाहिए। लेकिन ऑप्टिमिस्ट नाउन होता है। इसकी एडजेक्टिव फॉर्म होती
44:29
Speaker A
है ऑप्टिमिस्टिक। ठीक है? अब किसी बच्चे ने पूछा भाई हमें पता कैसे चलेगा कौन सा वर्ड एडजेक्टिव है कौन सा एडवर्ब है? तो देखो मैं बता देता हूं। कुछ चीजें तो इससे रिलेटेड हमने बेसिक्स में डिस्कस की थी। और ये जो क्वेश्चन है
44:56
Speaker A
कि कैसे पता चलता है कि कोई वर्ड एडजेक्टिव है एडवर्ब है। इसको आप एक या दो या तीन या चार या पांच या छ या सात या आठ या नौ या 10 क्लास लगा के किसी को नहीं सिखा सकते। कोई सोचे कि एक मैराथन क्लास लगाई जाएगी।
45:09
Speaker A
उसमें फिर हमें सिखाया जाएगा तो हम जिंदगी भर के लिए सीख जाएंगे कि कैसे पता चलता है कौन सा वर्ड एडजेक्टिव है एडवर्ब है। नहीं ऐसा नहीं होता। हो भी नहीं सकता। कोशिश भी नहीं करनी है। उसके लिए यू हैव टू बी कॉन्शियस।
45:23
Speaker A
ठीक है? यू हैव टू मेंटेन द स्टेट ऑफ़ कॉन्शियसनेस ऑल द टाइम यू आर लर्निंग और प्रैक्टिसिंग। जितने भी समय आप सीख रहे होते हो या प्रैक्टिस कर रहे होते हो दिन में 2 घंटे, 5 घंटे, 8 घंटे, 10 घंटे यू हैव टू बी कॉन्शियस। आपको कॉन्शियस रहना
45:42
Speaker A
होता है। ठीक है? आपको ध्यान देते रहना होता है। इसीलिए मैं कहता हूं कि रूल से, ट्रिक से नहीं सीखना चाहिए। उसके बहुत नुकसान होते हैं। जो लोग रूल से, एक्सेप्शन से, ट्रिक से, अंट बातें बना के चीजें सीख लेते हैं। सीख तो पाते नहीं है,
45:56
Speaker A
रट लेते हैं। ये कम है। ठीक है? वह हमेशा कंफ्यूज रहते हैं। तो आपको सीखते समय हमेशा ही कॉन्शियस मोड में रहना है। ध्यान देना है। अब जैसे मैंने आपको बताया मान लो आप पहले से ये बात नहीं जानते थे कि कवर्ड नाउन है। कवर्डली एडजेक्टिव है। हालांकि
46:10
Speaker A
मैं एडजेक्टिव आपको पढ़ाऊंगा तो फिर से बताऊंगा ये बातें। लेकिन मान लीजिए आप पहले से नहीं जानते थे। तो अभी मैंने बता दिया। अब आप सीख गए। पहले से हो सकता है आप ना जानते हो कि सिली वर्ड एडजेक्टिव है, एडवर्ब है। लेकिन
46:23
Speaker A
आज बता दिया गया तो सीख गए। तो हम ऐसे ही सीखते हैं। यही तरीका है। स्लो प्रोसेस के थ्रू ही लर्निंग होती है। जो गोली से जाते हैं वह गोली से ही वापस आ जाते हैं। जो बहुत तेज सीखता है वो बहुत तेज भूलता है। तो तरीका यही है बच्चे कि हम इसी तरीके से
46:38
Speaker A
इंग्लिश को सीखते हैं। कुछ चीजें आज आपने नहीं सीखी। कुछ कल सीखोगे, कुछ परसों सीखोगे धीरे-धीरे करके आपकी नॉलेज बढ़ेगी। अचानक से कोई काम नहीं होता। चलो बाकी थोड़ी सी मैं आपकी मदद कर देता हूं। ठीक है? तो उससे आपको हेल्प मिल जाएगी शायद।
46:53
Speaker A
देखो होता क्या है बच्चों कि हमारे पास यहां कुछ वर्ड्स हैं जिनके मीनिंग लगभग मिलते जुलते होते हैं। सेम से मीनिंग होते हैं। ठीक है? लेकिन उनमें से एक होता है नाउन और एक होता है एडजेक्टिव। अब वो डिफरेंस आप मीनिंग से नहीं सीख
47:10
Speaker A
पाओगे। जो मीनिंग निकाल के ट्रांसलेशन करके इंग्लिश सीखते हैं, सिखाते हैं ना उनसे यह काम नहीं हो पाता। क्योंकि मीनिंग सेम है। देखो अब समझना मैं आपको बता रहा हूं। जैसे हमने लिखा ऑप्टिमिस्ट तो ये नाउन है। मीनिंग सबको पता है इसका आशावादी। ऑप्टिमिस्टिक ये एडजेक्टिव है।
47:32
Speaker A
इसका भी मतलब वही है। ठीक है? फिर हमने लिखा पैसिमिस्ट। यह नाउन है। फिर हमने लिखा पैसिमिस्टिक। ये एडजेक्टिव है और मीनिंग सेम है। ठीक? फिर यहां पर हमने लिखा कवर्ड ये नाउन है। फिर हमने यहां पे लिखा कवर्डली। ये उसकी एडजेक्टिव फॉर्म है। हमने यहां पे लिखा
48:02
Speaker A
बच्चे माइजर। और यहां पर लिखा माइजरली यह एडजेक्टिव है। हमने यहां पर लिखा फूल और यहां पे लिखा फुलिश ये एडजेक्टिव है। यहां पर एक हमने नाउन लिखा रैशन और यहां पे लिख दिया रैशन। यह एडजेक्टिव है। तो बाकी तो खैर बाद में सीखते रहेंगे। लेकिन ये कुछ कंफ्यूजिंग वर्ड्स हैं। मैं
48:36
Speaker A
आपको बता रहा हूं। इनका भी ध्यान रख लो। क्या कि ऑप्टिमिस्ट और ऑप्टिमिस्टिक इनके मीनिंग सेम होते हैं। आशावादी। लेकिन एक एडजेक्टिव है, एक नाउन है। अब कौन एडजेक्टिव है, कौन नाउन है, आगे आपको हमेशा ध्यान रखना है। पैसिमिस्ट और
48:47
Speaker A
पैसिमिस्टिक हो गए। कवर्ड और कवर्डली हो गए। माइजर और माइजरली हो गए। अब देखो माइजर का मतलब भी कंजूस है। माइजली का मतलब भी कंजूस है। फूल और फूलिश हो गए। ठीक है? दोनों का मतलब मूर्ख होता है। ठीक? उसके बाद में आ
49:04
Speaker A
गया रैशन और रैशन। हालांकि इनके मीनिंग अलग-अलग होते हैं। लेकिन फिर भी ये नाउन है और ये एडजेक्टिव है। ये है रैशन। रैशन का मतलब होता है लॉजिक। तर्क। यह है रैशन। रैशन का मतलब है तार्किक। लॉजिकल। तो ये कुछ वर्ड पेयर्स हैं। आप इन वर्ड पेयर्स
49:21
Speaker A
को ध्यान जरूर रखें। इन वर्ड पेयर्स को आप ध्यान जरूर ही रखें कि ऑप्टिमिस्ट और ऑप्टिमिस्टिक में कौन नाउन है? कौन एडजेक्टिव है? पैसिमिस्ट पैसिमिस्टिक में कौन नाउन है, कौन एडजेक्टिव है? कवर्ड कवर्डली में कौन नाउन है, कौन एडजेक्टिव
49:36
Speaker A
है? माइजर माइजरली में कौन नाउन है, एडजेक्टिव है? फुलिस्ट और फूल फूल और फुलिस्ट में कौन नाउन है, एडजेक्टिव है? और रैशन और रैशनल में कौन नाउन है, कौन एडजेक्टिव है?
49:48
Speaker A
लेट हो गए। कोई बात नहीं। अब अपना यही शेड्यूल हो गया बच्चे। अब अपनी क्लासेस जो हैं इंग्लिश की वो सुबह 10:00 बजे से हुआ करेंगे। ठीक है? यहां तक आ गए। तो आपने क्या सीखा कि हमने पढ़ा था कि जो हमारे कोऑर्डिनेट कंजशंस होते हैं वो सेम रैंक
50:00
Speaker A
के स्ट्रक्चर्स को जोड़ते हैं। यही पढ़ा था हमने। तो यहां पे और कोऑर्डिनेट कंजक्शन है एंड कोऑर्डिनेट कंजक्शन है बट कोऑर्डिनेट कंजक्शन है। तो सेम रैंक के स्ट्रक्चर्स को जोड़ेंगे। लेकिन हमने जिन्हें जोड़ रखा था वो सेम रैंक के
50:11
Speaker A
स्ट्रक्चर्स नहीं थे। तो इसलिए गलत हो गया। हमने इनको सही कर लिया। चलो आगे बढ़ते हैं। एक दो क्वेश्चन मैं आप लोगों से और पूछता हूं। लो क्वेश्चन देखो बच्चों। दे एंजॉयड विजिटिंग द म्यूजियम एंड टू वाच द मूवी।
50:45
Speaker A
प्रभु दूसरा एक मिनट थोड़ा ज्यादा ही बड़ा हो गया। एंजॉय विजिटिंग द म्यूजियम एंड वाच द मूड दूसरा वेल टेकन एवरीथिंग डिपेंड्स ऑन बीइंग रेडी एक्सरसाइज एंड टू टेक प्रॉपर रेस्ट। जब आप कभी किसी सेंटेंस का आंसर भी बताते हो ना तो उसको समझा भी करो। मैं हमेशा
52:47
Speaker A
कहता हूं बच्चों से कि एक आदत जो है ना जैसे हमारे छोटे-छोटे काम होते हैं हम उनको रिपीटेडली करते हैं, प्रैक्टिस करते हैं। तो प्रैक्टिस करते रहने से रेगुलरली वो हमारी हैबिट बन जाती है। ठीक है? वो हमारी हैबिट बन जाती है। फिर हैबिट से
53:03
Speaker A
हमारा कैरेक्टर डेवलप हो जाता है वैसा। तो एक हमेशा आदत डालो कि जब भी आप कभी किसी चीज को पढ़ोगे चाहे भले कोई क्वेश्चन पढ़ रहे हो, कुछ भी पढ़ रहे हो तो उसको समझने की कोशिश जरूर करोगे। अब जैसे मैं आपसे एक क्वेश्चन पूछता हूं। सभी लोग बताना
53:18
Speaker A
कि आप देख रहेगे हमने यहां पर एक कंजक्शन यूज़ किया है एंड। ठीक है? और एक यहां पर भी हमने कंजक्शन यूज़ किया है एंड। आंसर मत बताना। आंसर की मुझे कोई जल्दबाजी नहीं है। आप सबको भी नहीं होगी जल्दबाजी।
53:35
Speaker A
बस ये बता दो कि ये एंड कंजशंस के थ्रू हम जोड़ना क्या चाह रहे हैं?
53:40
Speaker A
यह जो हमने एंड कंजशंस लिखे हैं बच्चे इन दोनों सेंटेंसेस में इनके थ्रू हम क्या जोड़ना चाह रहे हैं? हम जोड़ किसे रहे हैं एक्चुअल में? अब आपने बेसिक्स पढ़ ही लिए हैं। तो सेंटेंस के पार्ट्स क्या होते हैं? सब्जेक्ट, ऑब्जेक्ट, कॉम्प्लीमेंट,
53:54
Speaker A
नाउन, प्रोनाउन, एडजेक्टिव, एडवर्ब ये सब आपको पता ही है। ठीक? बस ये बताओ कि हम इन कंजशंस के थ्रू किसे कनेक्ट करना चाह रहे हैं? भाई कंजक्शन यूज़ किए हैं तो इसका मतलब कुछ तो आप कनेक्ट करना चाह ही रहेगे। हम किसे कनेक्ट करना चाह रहे हैं? बस ये
54:09
Speaker A
बता दो। सभी लोग बताइए जल्दी से। व्हाट डू वी वांट टू कनेक्ट यूजिंग दीज़ कंजशंस इन दीज़ सेंटेंसेस? हम इन कंजशंस का यूज़ करके इन सेंटेंस के किन पार्ट को जोड़ रहे हैं? एक बच्चा लिख रहा है सेम रैंक। बदतमीजी मत दो। मार
54:32
Speaker A
पड़ेगी अभी। सेम रैंक नहीं पूछ रहा। वह छोड़ दो। सेंटेंस के पार्ट्स बताओ जिन्हें हमें जोड़ना है। वर्ब वर्ब को जोड़ रहे हैं। सब्जेक्ट सब्जेक्ट को जोड़ रहे हैं। ऑब्जेक्ट ऑब्जेक्ट को जोड़ रहे हैं। कंजक्शन कंजशन को जोड़ रहे हैं। किस सेंटेंस में हम कंजक्शन के थ्रू किन पार्ट्स को जोड़ रहे
54:48
Speaker A
हैं? ये बताओ। [गहरी सांस लेने की आवाज़] जल्दी बोलो अब देखो पहले वाले सेंटेंस में हम जोड़ रहे हैं ऑब्जेक्ट्स को। जैसे ऐसे देखो ऐसे समझा करो यह हमने जो दे लिखा है यह हमारा सब्जेक्ट है। एंजॉयड वर्ब है। ठीक है?
56:24
Speaker A
विजिटिंग जो है वो जेरेंड है जो कि इस वर्ब का ऑब्जेक्ट है। ये जेरेंड है। नॉनफाइनाइट वर्ब है। अब हमने पढ़ा था कि नॉनफिनाइट वर्ब्स जो होते हैं उनके अपने सब्जेक्ट एंड ऑब्जेक्ट हो सकते हैं। तो हम किसे जोड़ रहे हैं? यह समझना। हम जोड़ रहे
56:36
Speaker A
हैं ऑब्जेक्ट्स को। यहां पर क्या है कि जो वििटिंग द म्यूजियम है ना यह हमारा ऑब्जेक्ट है। एंजॉयड वर्ब का। यह ऑब्जेक्ट वन है। और एंड के साथ हम जोड़ रहे हैं ऑब्जेक्ट टू को ऐसे। तो आंसर सीखना मुश्किल नहीं होता है। समझना मुश्किल होता है। तो हम वो समझने
56:59
Speaker A
वाला काम बंद ना कर दें इसकी मुझे ज्यादा चिंता है। ठीक? अब है क्या कि यह जो हमने यहां पर वििटिंग लिखा है यह जेरेंड है और म्यूजियम जो है वो इस जेरेंड का अपना ऑब्जेक्ट है। ये चीज सुन के आपको हो सकता है शुरू में अटपटी लगे लेकिन ये
57:16
Speaker A
समझनी है आपको। तो वििटिंग जो है ये मेन वर्ब का ऑब्जेक्ट है। ये जेरेंड है। द म्यूजियम उस जेरंड का ऑब्जेक्ट है। टू वॉच जो है यह भी ऑब्जेक्ट है उसका एंजॉयड का और यह जो मूवी है यह इसका ऑब्जेक्ट है।
57:37
Speaker A
ठीक है? तो हमें ध्यान ये रखना है कि विजिटिंग द म्यूजियम ये एक फ्रेज़ है और टू वॉच द मूवी ये एक फ्रेज़ है और इन दोनों को एंड जोड़ रहा है और ये जो दोनों हैं टू वॉच द मूवी विजिटिंग द म्यूजियम एंजॉयड के ऑब्जेक्ट हैं। अब आप देखोगे
58:03
Speaker A
एंजॉय वर्ब का यहां पर ऑब्जेक्ट जो है वह जेरेंड है विस्टिंग यहां पर टू वॉच है इनफिनिटिव तो यह गलत हो गया ठीक है या तो ये दोनों ही ठीक है जेर एंड हो या ये दोनों ही इनफिनिटिव हो एक बच्चा है इसको हमें बैच
58:21
Speaker A
से निकलवाना पड़ेगा आईडी इसकी मैं लिख लेता हूं शिवम कुमार इनका नाम है और यह अब इस बैच से बाहर जाएंगे। बंदरों के लिए बैच है नहीं भैया। मैं बंदरों के लिए सुबह-सुबह आ के नहीं यहां पे चिल्ला रहा। ठीक है? पहले
58:43
Speaker A
इंसान बन के आओ फिर पढ़ना। कोई भी स्पैम कमेंट ना करें। ठीक है? मैं बता रहा हूं आपको। टू द पॉइंट जो कहने पूछने वाली बात है कम शब्दों में उसको कमेंट करना है। बहुत से बच्चे होते हैं ना एक ही कमेंट को 50 बार
58:58
Speaker A
टाइप मारते चले जाते हैं। ठीक है? या किसी ने कहीं से कॉपी पेस्ट किया कोई कहानी और सीधे कमेंट बॉक्स में पेस्ट कर दी। तो ये बच्चे जो कर रहे हैं। ठीक है? तो ये सारे बच्चे इस बैच से बाहर फेंके जाएंगे।
59:13
Speaker A
ये सब इस बैच से बाहर फेंके जाएंगे। भैया तुम्हारे लिए मैं सर मारने यहां पे नहीं आया हूं। ठीक है? यह हमने इसीलिए टेस्ट करवाया और हम चाहते हैं जो सीरियस बच्चे हैं अपने टाइम की, अपने पैसे की, अपनी मतलब मेहनत की जो वैल्यू समझते हैं, अपने
59:30
Speaker A
गोल की जो वैल्यू समझते हैं उनको मतलब डील किया जाए। उन पर मेहनत की जाए। तो उनके लिए बैच है। अभी जो नमूने हैं जो अभी मानव विकास के पहले चरण को ही पास नहीं कर पाए। अभी जो बंदर स्थिति में ही हैं। ठीक है? मनुष्य वाले उनके गुण नहीं है। मनुष्य
59:48
Speaker A
वाले उनका व्यवहार नहीं है तो वो बाहर रहेंगे। तो आई हैव नोटेड इट डाउन। आई हैव नोटेड डाउन दैट आईडी ऑफ़ द बॉय एंड नेम एंड ही विल गो आउट ऑफ दिस वे। सीरियस बनो, पढ़ो, लिखो। ठीक है? बंदरों वाली हरकत है।
60:06
Speaker A
इंसान के रूप में जानवर बने घूम रहे हो। ढंग है नहीं, शूर है नहीं। मुंह उठा के चल दिए सरकारी नौकरी की तैयारी करने। वाह भाई। तो विजिटिंग द म्यूजियम टू वाच द मूवी हम इन्हें जोड़ रहे हैं। ठीक है? समझ में आ
60:20
Speaker A
गया? अब यहां पर देखो यह जो हमने विजिटिंग लिखा है ये जेरंड है तो टू वॉच भी जेरंड होना चाहिए। ठीक है? तो अगर ये दोनों ही जे या तो दोनों जेरेंड हो या दोनों इंफिनिटिव हो। अब आप लोग जानते होंगे कि जो एंजॉय वर्ब
60:35
Speaker A
है उसके साथ में जेरंड यूज़ होता है। इनफिनिटिव नहीं यूज़ होता है। क्यों नहीं ऐसा होता है वो बाद में पढ़ेंगे। अभी ध्यान रख लेना है कि एंजॉय के साथ जेरेंट यूज़ होता है। इनफिनिटिव नहीं यूज़ होता है। तो अगेन जेरेंट यूज़ होता है, इनफिनिटिव नहीं
60:45
Speaker A
यूज़ होता। तो ये जो हमने विजिटिंग लिखा है ये सही है। ये टू वॉच गलत है। इसको वाचिंग कर इसको कर दो वाचिंग। ठीक है। [गला साफ़ करने की आवाज़] एक मिनट। अब देखो यहां पे एक चीज समझना सभी लोग। ये आंसर बता देना कि टू वॉच की जगह वाचिंग
61:31
Speaker A
आ बड़ी बात नहीं है। बहुतों को पता होता है। नहीं पता होता पढ़ के जान जाते हैं कि बोलने में वाचिंग अच्छा लग रहा है तो वाचिंग लिख दो। लेकिन मैं उसके लिए आपको नहीं बताना चाहता। मैं आपको इसलिए सिखाने नहीं आया कि आप
61:44
Speaker A
आंसर जान जाओ। आपको आंसर नहीं पता था। मैं आपको इसलिए सिखा रहा हूं कि आप ये चीजें इतनी बारीकी से समझो कि हां भाई विजिटिंग जो है वो एंजॉयड वर्ब का ऑब्जेक्ट है। म्यूजियम वििटिंग का ऑब्जेक्ट है। टू वॉच जो है वो ऑब्जेक्ट है। एंजॉय वर्ब का और
61:57
Speaker A
जो मूवी है वह उस टू वॉच वर्ब का ऑब्जेक्ट है। ठीक है? और यह जो हमारा कंजक्शन है वो टू वॉच को और विजिटिंग को इनको जोड़ रहा है। ठीक? तो मैं आपसे चाहता हूं कि आप इतनी बारीकी से चीजों को देखने की आदत डालो। क्योंकि जब
62:12
Speaker A
आप इतनी बारीकी से चीजों को देखने समझने लग जाओगे ना फिर वो 30 और 35 के बाद का जो स्कोर बढ़ता है वो तब बढ़ना शुरू होगा। नहीं तो वो लटका रहेगा उतने पे ही। तो आंसर हमारे लिए इंपॉर्टेंट नहीं है। हमारे लिए इंपॉर्टेंट है समझना। समझ में बात आए।
62:29
Speaker A
कई बार क्या होता है हमें आंसर पता चल जाता है तो हमें लगता है बस काम खत्म ना काम बाद में खत्म नहीं टू विजिट नहीं हो सकता बच्चे वजह क्या है कि जो एंजॉय वर्ब है ना उसके साथ हम जेरंड को ऑब्जेक्ट बना के लिखते हैं। अब जेरंड को क्यों लिखते
62:41
Speaker A
हैं ये अभी मत पूछना यह जब मैं आपको वर्ब चैप्टर पढ़ाऊंगा तब सिखाऊंगा। अगले पे आ जाओ। अब नेक्स्ट सेंटेंस में हमने एंड लिखा है। सभी लोग बताओ इस एंड के थ्रू हम किसे जोड़ना चाह रहे हैं? जैसे यहां पर हम एंड का यूज़ करके एंजॉय वर्ब के
62:57
Speaker A
ऑब्जेक्ट्स को जोड़ रहे थे। ये एंजॉय हमारी वर्ब थी। ठीक है? और इसके दो ऑब्जेक्ट्स थे जिनको हम जोड़ रहे थे कंजक्शन का यूज़ करके। ऐसे ही था ना?
63:08
Speaker A
अब मुझे तुम लोग ये बताओ कि यहां पर ये वाला जो एंड [गला साफ़ करने की आवाज़] है इसका यूज़ करके हम किसे जोड़ रहे हैं?
63:46
Speaker A
देखो मैं समझाता हूं। धीरे-धीरे कोशिश करना। हमें सीखना ऐसे ही है। एवरीथिंग हमारा सब्जेक्ट हो गया। डिपेंड्स वर्ब हो गई। ऑन प्रेपज़िशन हो गई। ठीक है? अब ये जो बीइंग रेडी हमने लिखा है ये इस प्रपज़िशन का ऑब्जेक्ट वन है। यहां पर हमने कॉमा लगाया कंजक्शन नहीं लिखा। तो
64:08
Speaker A
इसका मतलब ये ऑब्जेक्ट टू है। अभी आपको बताया था ना कि अगर हमें दो एलिमेंट्स जोड़ने होते हैं तो हम कंजक्शन से जोड़ देते हैं। दो से ज्यादा जोड़ने होते हैं तो लास्ट टू को कंजक्शन से जोड़ते हैं पहले वाले को कॉमा के साथ। ठीक है?
64:18
Speaker A
तो टू टेक रेस्ट जो है यह तीसरा है। तो हम यहां पर ऑन प्रेपजीिशन के ऑब्जेक्ट्स को जोड़ रहे हैं। ये ऑन प्रेपजीिशन है। इसके तीन ऑब्जेक्ट हैं। एक ऑब्जेक्ट है बीइंग रेडी, एक ऑब्जेक्ट है डूइंग एक्सरसाइज और एक ऑब्जेक्ट है टू टेक
64:35
Speaker A
प्रॉपर रेस्ट। अब देखो, सभी लोग जानते होंगे पहले से या नहीं जानते होंगे। तो आज मैं बताए दे रहा हूं हमेशा ध्यान रखना कि जब भी हम कोई प्रेपज़िशन लिखते हैं तो हमें उस प्रेपजीिशन के बाद में उसका
64:48
Speaker A
ऑब्जेक्ट लिखना पड़ता है। ऑब्जेक्ट कोई नाउन या प्रोनाउन होता है। अगर हम कभी किसी वर्ब को ऑब्जेक्ट बना के प्रेपजीिशन के साथ लिखें तो वो हमेशा जेरेंट फॉर्म में लिखी जाएगी। कहने का मतलब यह है कि अगर किसी वर्ब को आप प्रेपज़िशन के बाद
65:01
Speaker A
लिखोगे तो वो हमेशा जेरंड फॉर्म में लिखी जाएगी। ठीक? अब जैसे यहां पे यह जो ऑन प्रेपज़िशन है इसका पहला ऑब्जेक्ट है बीइंग रेडी। तो यह जेरंड है। ठीक है? दूसरा है डूइंग एक्सरसाइज। यह भी जेरेंड है। ठीक है?
65:16
Speaker A
तीसरा है टू टेक प्रॉपर रेस्ट। यह गलत है। क्यों? क्योंकि प्रेपज़िशन का ऑब्जेक्ट इनफिनिटिव हो ही नहीं सकता। और दूसरी बात एंड कोऑर्डिनेट कंजक्शन में सेम रैंक के स्ट्रक्चर को जोड़ेगा। अगर बीइंग जेरेंड है, डूइंग जेरंड है तो ये भी ज़ेरेंड होना
65:28
Speaker A
चाहिए। तो लिखो टेकिंग। [खांसने की आवाज़] तो इसको लिखो टेकिंग। तब यह हमारा आंसर सही जाएगा। ठीक है? समझ में आ रहा है? आंसर पे फोकस नहीं करना है। स्ट्रक्चर पे फोकस करना है। फोकस में ये चीज होनी चाहिए कि कौन क्या काम कर रहा
65:50
Speaker A
है सेंटेंस में। जो नंबर हमें बढ़ाने हैं या जिन नंबर्स को बढ़ाने में मैं आपकी मदद करना चाहता हूं वो तभी बढ़ेंगे जब हमें इतनी चीजें समझ में आने लगेगी। मुश्किल नहीं है। आ जाती है आराम से। थोड़ा प्रैक्टिस करनी पड़ती है।
66:04
Speaker A
यहां तक क्लियर हो गया। चलो। अब एक क्वेश्चन देखो। द मैन [हंसी] द मैन ऑर्डर्ड अ बॉक्स ऑफ चॉकलेट ठीक है। थ्री कैन ऑफ कोल्ड ड्रिंक एंड पेड द बिल। यह सेंटेंस अगर गलत हो तो सही कर दो और अगर सही हो तो कोई बात नहीं। बताओ भाई यह
67:18
Speaker A
सेंटेंस सही या गलत? सभी लोग दिमाग लगाओ। द मैन ऑर्डर्ड अ बॉक्स ऑफ़ चॉकलेट, थ्री कैन्स ऑफ़ कोल्ड ड्रिंक एंड पेअ द बिल। सेंटेंस पढ़ो, समझो और देखो। हम किसे जोड़ना चाह रहे हैं सेंटेंस में। यह पता लगाओ।
67:40
Speaker A
आंसर के पीछे मत भागना। यह पता करो कि हम सेंटेंस में कनेक्ट किसे करना चाह रहे हैं। हमें कनेक्ट किसे करना है और हम कर कि कैसे रहे हैं। बस ये पता लगाओ। सेंटेंस का एनालिसिस करो। सेंटेंस के पार्ट्स देखो कि कौन सा फ्रेज़, कौन सा
67:57
Speaker A
वर्ड सेंटेंस में क्या कर रहा है। सभी लोग पता करके जल्दी से आंसर बताओ। चलो चलो आया कुछ समझ में? अब देखो मैं आपको समझाता हूं। हमने एक सेंटेंस लिखा। हमने लिखा द मैन। ये सब्जेक्ट हो गया। ऑर्डर्ड वर्ब हो गई। ये वर्ब वन है। ये
68:49
Speaker A
वर्ब टू है। इस वर्ब टू का ऑब्जेक्ट है द बिल। एक ही ऑब्जेक्ट है। इस वर्ब के दो ऑब्जेक्ट हैं। इसका ऑब्जेक्ट है वन यह और ऑब्जेक्ट है टू। यह और यह एंड कंजक्शन हो गया। और अगर आप ध्यान से देखेंगे तो यह जो मैन है आपका यह सब्जेक्ट है और इसके लिए हमने
69:11
Speaker A
दो प्रेडिकेट यूज़ किए हैं। एक यह प्रेडिकेट है और एक ये प्रेडिकेट है। [हंसी] ये किस-किस को यह बात समझ में आ गई?
69:39
Speaker A
भाई बेसिक्स पढ़ के आए हो ना सभी लोग? बेसिक्स के 15 लेक्चर्स देखकर ही आएगे। टेस्ट देकर ही इस बैच में आएगे। ऐसा मैं मान रहा हूं। ठीक है?
69:49
Speaker A
सोर्स पैर भी कोई लगी नहीं होगी। सिफारिश सिफारिश से तो आए नहींगे। तो अब ये सेंटेंस देखो। द मैन सब्जेक्ट है। ऑर्डर्ड अ बॉक्स ऑफ चॉकलेट थ्री कैन्स ऑफ़ कोल्ड ड्रिंक। ये एक प्रेडिकेट है। पेड द बिल। दूसरा प्रेडिकेट है। तो हमारे पास एक
70:04
Speaker A
सब्जेक्ट है और उस एक सब्जेक्ट के लिए हमने दो प्रेडिकेट यूज़ किए हैं। अब एक चीज़ ध्यान देनी है। हालांकि हम सब पढ़ चुके हैं लेकिन फिर भी मैं आपको बता देता हूं। प्रेडिकेट इज़ समथिंग और समवन दैट वी टॉक अबाउट।
70:15
Speaker A
प्रेडिकेट वह होता है जिसके बारे में हम बात करते हैं। तो प्रेडिकेट का मेन जो एलिमेंट होता है वह वर्ब होती है। बिना मेन वर्ब के प्रेडिकेट नहीं बनता है। जब भी कोई आप प्रेडिकेट बनाते हो किसी सब्जेक्ट के लिए तो उसमें एक फाइनाइट वर्ब
70:27
Speaker A
का होना जरूरी होता है। तो हमारे पास यहां पे दो फाइनाइट वर्ब हैं। एक है ऑर्डर्ड और एक है पेड। तो सब्जेक्ट एक ही है। लेकिन उसके लिए हमने प्रेडिकेट दो यूज़ किए हैं। ठीक है? अब जो सेकंड प्रेडिकेट है, सेकंड प्रेडिकेट में जो हमने वर्ब लिखी है, उसके
70:42
Speaker A
साथ में एक सब्जेक्ट है द बिल। ठीक है? लेकिन जो फर्स्ट प्रेडिकेट में लिखी गई वर्ब है, उसके साथ हमने दो ऑब्जेक्ट लिखे हैं। इस वर्ब के दो ऑब्जेक्ट हैं। एक ऑब्जेक्ट है बॉक्स ऑफ़ चॉकलेट और एक बॉक्स है थ्री कैन ऑफ कोल्ड
70:58
Speaker A
ड्रिंक। तो, यह जो दो ऑब्जेक्ट हैं पहले प्रेडिकेट में लिखी गई वर्ब के, इनको भी तो हमें कंजक्शन से जोड़ना होगा। तो एक एंड यहां लगाओ। अब सेंटेंस हमारा सही हुआ। द मैन ऑर्डर्ड अ बॉक्स ऑफ़ चॉकलेट एंड थ्री कैन्स ऑफ कोल्ड ड्रिंक एंड पेड द बिल।
71:16
Speaker A
यहां पे चाहो कॉमा लगा दो तो अच्छा रहेगा। तो अब पता है क्या हुआ? ये जो हमने [गला साफ़ करने की आवाज़] एंड लिखा है, ये एंड कनेक्ट कर रहा है वर्ब वन के दो ऑब्जेक्ट्स को। और यह जो हमने एंड लिखा है, यह एंड कनेक्ट कर रहा
71:33
Speaker A
है दोनों प्रेडिकेट्स को। बताओ सेंटेंस समझ में आ गया कि नहीं? अरे भैया कुछ समझ-झ में आया कि नहीं? कोऑर्डिनेट कंजशंस कनेक्ट सेम रैंक्स ऑफ स्ट्रक्चर्स। हम ये डिस्कस कर रहे हैं। तो ये जो एंड है ये भी कोआर्डिनेट कंजक्शन
71:54
Speaker A
है। वो वाला एंड भी कोआर्डिनेट कंजक्शन है। बाद वाला जो एंड है वो दो प्रेडिकेट्स जोड़ रहा है। पहले वाला जो एंड है वो वर्ब ऑर्डर्ड के दो ऑब्जेक्ट्स को जोड़ रहा है। क्लियर ये सबको क्लियर हो गया? जल्दी से बताओ। हां ना करके।
72:15
Speaker A
क्या यह क्वेश्चन सबको समझ में आ गया? किसी को कुछ पूछना है। अगर ये चीजें आप देखने लग गए हो अपने आप नहीं अपने आप देखने लग गए हो तो कम से कम अगर मैं समझाता हूं तो समझ जाते हो दिक्कत नहीं होती तो अब आप ठीक रास्ते पे हो
72:37
Speaker A
बिल्कुल सही जगह पढ़ रहे हो बिल्कुल सही तरीके से पढ़ रहे हो बिल्कुल सही कंटेंट पढ़ रहे हो चलो तो अभी के लिए इतना ही अब हमें अपना दूसरा बैच प्रैक्टिस वाला भी शुरू करना है। अब हम लोग कुछ क्वेश्चंस की प्रैक्टिस
72:51
Speaker A
करेंगे। जैसे मैंने आपको बताया कि रोज आपकी क्लासेस एक-ए घंटे की दो हुआ करेंगी। हालांकि आज हमारी पहली क्लास थोड़ी लेट हो गई लेकिन चलो कोई बात नहीं तो ऐसे मैनेज करके पढ़ लेंगे। ठीक है? तो अभी हमने कंजक्शन स्टार्ट किया है और वी हैव बेयरली
73:04
Speaker A
स्टार्टेड इट। अब कंजक्शन बड़ा अच्छा चैप्टर होता है। इसके बहुत से कॉन्सेप्ट्स और यूजज़ होते हैं। वो हम सब पढ़ते रहेंगे। ठीक है? चलता रहेगा अभी कंजक्शन कुछ क्लासेस तक। तो अब बिल्कुल हम इस बैच के तुरंत बाद में मतलब यह बैच मैं
73:17
Speaker A
डिस्कंटिन्यू करूंगा और उसके तुरंत बाद हमारी 2 मिनट में दूसरी क्लास स्टार्ट होने वाली है जिसमें हम प्रैक्टिस करेंगे। ठीक है? मिलीजुली मिक्स्ड प्रैक्टिस। ठीक?
73:26
Speaker A
तो अभी के लिए बस इतना ही। अगले बैच में दूसरी क्लास में मिलते हैं तुरंत।
Topics:कंजंक्शनअंग्रेजी व्याकरणऑनलाइन क्लासप्रैक्टिससिलेबसअध्ययन शेड्यूलएक्टिव लर्निंगअजय क्लासहिंदी में अंग्रेजीCompetitive Exam Preparation

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