हमरा गुरु के डमरूवा गीत में भोजपुरी लोकसंगीत की झलक, गुरु और परिवार के बीच के रिश्तों का सुंदर चित्रण।
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Key Takeaways
- भोजपुरी लोकगीतों में गुरु और परिवार के बीच के रिश्तों को प्रमुखता दी जाती है।
- गुरु के डमरू का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है।
- गीत ग्रामीण जीवन और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।
- परिवार के विभिन्न सदस्यों के बीच पारस्परिक संबंधों का वर्णन गीत का मुख्य विषय है।
What the video covers
- यह वीडियो भोजपुरी भाषा में एक पारंपरिक लोकगीत प्रस्तुत करता है।
- गीत में गुरु के डमरू के गिरने की घटना का वर्णन है।
- गीत में खेत, आंगन, और द्वार जैसे ग्रामीण परिवेश का उल्लेख है।
- परिवार के सदस्यों जैसे ससुर, सासु, जेठानी, भसुर के बीच के संबंधों का चित्रण है।
- गीत में गुरुजी द्वारा रोजाना गारावा देने का उल्लेख है।
- भोजपुरी संस्कृति और रीति-रिवाजों की झलक मिलती है।
- गीत में गुरु और भोला के डमरू के महत्व को दर्शाया गया है।
- गीत का स्वर और लय पारंपरिक भोजपुरी संगीत शैली में है।
- यह वीडियो भोजपुरी लोकगीत प्रेमियों के लिए उपयुक्त है।
- वीडियो में भावनात्मक और सांस्कृतिक तत्वों का समावेश है।
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Speaker A
कहा गिरल झोलिया कहा रे गिरल भंगिया
Speaker A
कहा रे गिरल भंगिया कहा हो गिरल ना
Speaker A
कहा गिरल भंगिया कहा रे गिरल झोलिया
Speaker A
कहा रे गिरल झोलिया कहा हो गिरल ना
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ कहा हो गिरल ना
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ कहा हो गिरल ना
Speaker A
खेत में गिरल भंगिया दुवारे गिरल झोलिया
Speaker A
दुवारे गिरल झोलिया आंगन में गिरल ना
Speaker A
खेत में गिरल भंगिया दुवारे गिरल झोलिया
Speaker A
दुवारे गिरल झोलिया आंगन में गिरल ना
Speaker A
अरे आंगन में गिरल ना
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ आंगन में गिरल ना
Speaker A
हमरा भोला के डमरुआ आंगन में गिरल ना
Speaker A
के ही पावे भंगिया के ही पावे झोलिया
Speaker A
के ही पावे झोलिया के ही हो पावे ना
Speaker A
के ही पावे भंगिया के ही पावे झोलिया
Speaker A
अरे के ही पावे झोलिया के ही हो पावे ना
Speaker A
अरे के ही हो पावे ना
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ के ही हो पावे ना
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ के ही हो पावे ना
Speaker A
ससुर पवले भंगिया भसुर पवले झोलिया
Speaker A
भसुर पवले झोलिया सैया हो पवले ना
Speaker A
ससुर पवले भंगिया भसुर पवले झोलिया
Speaker A
भसुर पवले झोलिया सैया हो पवले ना
Speaker A
अरे सैया हो पवले ना
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ सैया हो पवले ना
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ सैया हो पवले ना
Speaker A
ससुर के दिहले गुरुजी रोज रोज गारावा
Speaker A
अरे लामा हरु मारी आ सासु के दिहले ना
Speaker A
ससुर जी के दिहले गुरुजी रोज रोज गारावा
Speaker A
अरे लामा हरु मारी आ सासु के दिहले ना
Speaker A
अरे सासु के दिहले ना
Speaker A
गुरुजी मांगी भरल सेनूरा सासु के दिहले ना
Speaker A
गुरुजी मांगी भरल सेनूरा सासु के दिहले ना
Speaker A
भसुर के दिहले गुरुजी रोज रोज गारावा
Speaker A
रोज रोज गारावा जेठानी के दिहले ना
Speaker A
भसुर के दिहले गुरुजी रोज रोज गारावा
Speaker A
अरे लामा हरु मारी आज जेठानी के दिहले ना
Speaker A
अरे जेठानी के दिहले ना
Speaker A
गुरुजी हमरा सोहागावा जेठानी के दिहले ना
Speaker A
गुरुजी हमरा सोहागावा जेठानी के दिहले ना
Speaker A
सैया जी के दिहले गुरुजी लामा हरु मारी आ
Speaker A
लामा हरु मारी आ की हमके दिहले ना
Speaker A
सैया जी के दिहले गुरुजी रोज रोज गारावा
Speaker A
अरे लामा हरु मारी आ की हमके दिहले ना
Speaker A
अरे हमके दिहले ना
Speaker A
गुरुजी हमरा सोहागावा की हमके दिहले ना
Speaker A
भोला हमरा सोहागावा की हमके दिहले ना
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