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#videoशिव चर्चा गीत/Shiv charcha geet|हमरा गुरु के डमरूवा | Humra guru ke damrua | #treanding#viral

हमरा गुरु के डमरूवा गीत में भोजपुरी लोकसंगीत की झलक, गुरु और परिवार के बीच के रिश्तों का सुंदर चित्रण।

Key Takeaways

  • भोजपुरी लोकगीतों में गुरु और परिवार के बीच के रिश्तों को प्रमुखता दी जाती है।
  • गुरु के डमरू का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है।
  • गीत ग्रामीण जीवन और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।
  • परिवार के विभिन्न सदस्यों के बीच पारस्परिक संबंधों का वर्णन गीत का मुख्य विषय है।

What the video covers

  • यह वीडियो भोजपुरी भाषा में एक पारंपरिक लोकगीत प्रस्तुत करता है।
  • गीत में गुरु के डमरू के गिरने की घटना का वर्णन है।
  • गीत में खेत, आंगन, और द्वार जैसे ग्रामीण परिवेश का उल्लेख है।
  • परिवार के सदस्यों जैसे ससुर, सासु, जेठानी, भसुर के बीच के संबंधों का चित्रण है।
  • गीत में गुरुजी द्वारा रोजाना गारावा देने का उल्लेख है।
  • भोजपुरी संस्कृति और रीति-रिवाजों की झलक मिलती है।
  • गीत में गुरु और भोला के डमरू के महत्व को दर्शाया गया है।
  • गीत का स्वर और लय पारंपरिक भोजपुरी संगीत शैली में है।
  • यह वीडियो भोजपुरी लोकगीत प्रेमियों के लिए उपयुक्त है।
  • वीडियो में भावनात्मक और सांस्कृतिक तत्वों का समावेश है।

Answers

Questions about this video

वीडियो में गुरु के डमरू के गिरने का स्थान कहाँ बताया गया है?

वीडियो के अनुसार, गुरु का डमरू आंगन में गिरा है। भंगिया खेत में और झोलिया दुवारे पर गिरी है, लेकिन डमरू आंगन में पाया गया है।

भंगिया और झोलिया किसने पाई?

वीडियो में बताया गया है कि ससुर ने भंगिया पाई और भसुर ने झोलिया पाई। सैया ने कुछ नहीं पाया।

गुरुजी ने ससुर, भसुर और सैया को क्या दिया?

गुरुजी ने ससुर और भसुर को 'रोज रोज गारावा' दिया। सैया को भी 'रोज रोज गारावा' दिया, लेकिन अंत में 'हमरा सोहागावा' देने की बात कही गई है।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:25
Speaker A
कहा गिरल झोलिया कहा रे गिरल भंगिया
00:33
Speaker A
कहा रे गिरल भंगिया कहा हो गिरल ना
00:35
Speaker A
कहा गिरल भंगिया कहा रे गिरल झोलिया
00:40
Speaker A
कहा रे गिरल झोलिया कहा हो गिरल ना
00:45
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ कहा हो गिरल ना
00:51
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ कहा हो गिरल ना
01:56
Speaker A
खेत में गिरल भंगिया दुवारे गिरल झोलिया
02:02
Speaker A
दुवारे गिरल झोलिया आंगन में गिरल ना
02:06
Speaker A
खेत में गिरल भंगिया दुवारे गिरल झोलिया
02:12
Speaker A
दुवारे गिरल झोलिया आंगन में गिरल ना
02:16
Speaker A
अरे आंगन में गिरल ना
02:18
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ आंगन में गिरल ना
02:23
Speaker A
हमरा भोला के डमरुआ आंगन में गिरल ना
03:29
Speaker A
के ही पावे भंगिया के ही पावे झोलिया
03:35
Speaker A
के ही पावे झोलिया के ही हो पावे ना
03:39
Speaker A
के ही पावे भंगिया के ही पावे झोलिया
03:44
Speaker A
अरे के ही पावे झोलिया के ही हो पावे ना
03:48
Speaker A
अरे के ही हो पावे ना
03:50
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ के ही हो पावे ना
03:56
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ के ही हो पावे ना
05:02
Speaker A
ससुर पवले भंगिया भसुर पवले झोलिया
05:08
Speaker A
भसुर पवले झोलिया सैया हो पवले ना
05:12
Speaker A
ससुर पवले भंगिया भसुर पवले झोलिया
05:18
Speaker A
भसुर पवले झोलिया सैया हो पवले ना
05:22
Speaker A
अरे सैया हो पवले ना
05:24
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ सैया हो पवले ना
05:30
Speaker A
हमरा गुरु के डमरुआ सैया हो पवले ना
05:55
Speaker A
ससुर के दिहले गुरुजी रोज रोज गारावा
05:59
Speaker A
अरे लामा हरु मारी आ सासु के दिहले ना
06:04
Speaker A
ससुर जी के दिहले गुरुजी रोज रोज गारावा
06:10
Speaker A
अरे लामा हरु मारी आ सासु के दिहले ना
06:15
Speaker A
अरे सासु के दिहले ना
06:17
Speaker A
गुरुजी मांगी भरल सेनूरा सासु के दिहले ना
06:23
Speaker A
गुरुजी मांगी भरल सेनूरा सासु के दिहले ना
07:28
Speaker A
भसुर के दिहले गुरुजी रोज रोज गारावा
07:34
Speaker A
रोज रोज गारावा जेठानी के दिहले ना
07:38
Speaker A
भसुर के दिहले गुरुजी रोज रोज गारावा
07:44
Speaker A
अरे लामा हरु मारी आज जेठानी के दिहले ना
07:49
Speaker A
अरे जेठानी के दिहले ना
07:51
Speaker A
गुरुजी हमरा सोहागावा जेठानी के दिहले ना
07:57
Speaker A
गुरुजी हमरा सोहागावा जेठानी के दिहले ना
09:02
Speaker A
सैया जी के दिहले गुरुजी लामा हरु मारी आ
09:08
Speaker A
लामा हरु मारी आ की हमके दिहले ना
09:12
Speaker A
सैया जी के दिहले गुरुजी रोज रोज गारावा
09:18
Speaker A
अरे लामा हरु मारी आ की हमके दिहले ना
09:23
Speaker A
अरे हमके दिहले ना
09:25
Speaker A
गुरुजी हमरा सोहागावा की हमके दिहले ना
09:31
Speaker A
भोला हमरा सोहागावा की हमके दिहले ना
Topics:भोजपुरी गीतलोकगीतगुरु के डमरूभोजपुरी संस्कृतिपरिवारिक संबंधगांव जीवनधार्मिक गीतभोजपुरी संगीतलोकप्रिय भोजपुरी गीतशिव चर्चा गीत

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