अल्लाह के नजदीक अपने मकाम को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि वह आपको किस काम में मशगूल रखता है।
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Key Takeaways
- अल्लाह के नजदीक होने का पैमाना आपके कार्यों में उसकी प्राथमिकता है।
- अल्लाह की याद और नेक कामों में मशगूल रहना आध्यात्मिक उन्नति का संकेत है।
- दुनियावी उलझनों से बचना चाहिए क्योंकि वे अल्लाह से दूर करते हैं।
- दुआ और ज्ञान में मशगूल रहना अल्लाह की कृपा पाने का रास्ता है।
What the video covers
- अगर अल्लाह आपको अपने जिक्र में मशगूल रखता है तो वह आपको याद रखना चाहता है।
- कुरान में मशरूफ होना अल्लाह के साथ हम कलाम होने का संकेत है।
- नेक आमाल में मशगूल रहना अल्लाह के करीब होने का प्रतीक है।
- दुनियावी मामलों में उलझना अल्लाह से दूर होने का संकेत है।
- लोगों के मामलों में मशगूल रहना बेवक़्त होने का कारण बनता है।
- दुआ में मशगूल रहना अल्लाह की नवाज़िश पाने का माध्यम है।
- फायदेमंद इल्म में मशगूल रहना अल्लाह की मारफ़त हासिल करने की इच्छा दर्शाता है।
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Speaker A
अगर तुम यह जानना चाहते हो कि अल्लाह के नजदीक तुम्हारा मकाम क्या है तो देखो, वो तुम्हें किस काम में मशगूल रखता है। अगर वो तुम्हें अपने जिक्र में मशगूल रखे, तो जान लो कि वो तुम्हें याद रखना चाहता है।
Speaker A
अगर वो तुम्हें कुरान में मशरूफ कर ले तो समझ लो कि वो तुमसे हम कलाम होना चाहता है। अगर तुम्हें नेक आमाल में मशरूफ करे तो जान लो कि वो तुम्हें अपने करीब करना चाहता है।
Speaker A
अगर दुनियावी मामलात में उलझाए तो यह समझो कि तुम्हें दूर कर रहा है। अगर तुम्हें लोगों के मामलात में मशगूल रखें तो यह जान लो कि वो तुम्हें बेवक़्त करना चाहता है।
Speaker A
अगर दुआ में मशगूल करे तो यकीन करो कि वो तुम्हें नवाज़ना चाहता है।
Speaker A
अगर फायदेमंद इल्म में मशगूल करे तो वो चाहता है कि तुम उसकी मारफ़त हासिल करो।
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