महाभारत द्रौपदी की वजह से नहीं, बल्कि प्रतिक्रिया की वजह से हुई, जीवन में मैच्योर रिस्पांस की अहमियत।
Key Takeaways
- महाभारत जैसी बड़ी घटनाएं छोटी बातों की प्रतिक्रिया से होती हैं।
- जीवन में मैच्योर रिस्पांस देना जरूरी है, रिएक्ट नहीं।
- दूसरों की बातों को गंभीरता से लेकर खुद को नुकसान न पहुंचाएं।
- तनाव और अनावश्यक लोड से बचें।
- अपनी जिंदगी खुद नियंत्रित करें, दूसरों की बातों पर निर्भर न रहें।
What the video covers
- महाभारत द्रौपदी जी की वजह से नहीं हुई बल्कि एक व्यक्ति की प्रतिक्रिया की वजह से हुई।
- द्रौपदी ने दुर्योधन को 'अंधे का बेटा' कहा था, लेकिन यही कारण नहीं था महाभारत का।
- इवेंट्स अपने आप में छोटे होते हैं, लेकिन हमारी प्रतिक्रिया उन्हें बड़ा बना देती है।
- अगर हम मैच्योर तरीके से प्रतिक्रिया दें तो जीवन में तनाव कम होता है।
- लोगों के कहने से अपनी जिंदगी खराब नहीं करनी चाहिए।
- रिएक्ट करने की बजाय रिस्पॉन्ड करना चाहिए, जिससे स्थिति बेहतर बनती है।
- दूसरों के अपशब्दों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।
- अपने ऊपर अनावश्यक लोड लेने से बचना चाहिए।
- सकारात्मक और समझदारी से जीवन की चुनौतियों का सामना करना चाहिए।
- यह वीडियो मोटिवेशनल है जो जीवन में मानसिक स्थिरता और समझदारी पर जोर देता है।
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Speaker A
किसी के कहने से जिंदगी खराब मत करना। लोग कहते हैं कि महाभारत द्रोपदी जी की वजह से हुई। लोग कहते हैं कि महाभारत द्रोपदी जी की वजह से हुई कि द्रौपदी ने दुर्योधन के गिरने के बाद उसको बोला, "अंधे का बेटा।" ना वो बोलती, ना पंगा। तो मैं कहता हूं, द्रोपदी जी की वजह से नहीं हुई। इस लल्लू लाल की वजह से हुई। उसके अंधे बोलने से तू अंधा हो गया। इवेंट तो सिंपल ही था। अच्छा, उसने बोला अंधा, उसके बोलने से क्या अंधा हो गया था ये? अगर वो नहीं बोलती तो चार दिन बाद कोई और बोल देता था शायद। इसको अंधे का बेटा अंधा, उसको लगा अच्छा मुझे ऐसा बोलती है। अब मैं बताता हूं, बताता क्या हूं, अपने साथ 100 भाई लेकर मर गया साला। तुमको कोई गधा कह दे तो तुम गधे बोलने से गधे हो जाते हो, लेकिन उसके गधा कहने से जैसे तुमने बाजू चढ़ाई, तुम गधे हो गए। तुमने प्रूफ कर दिया कि साला वो तुमको किसी ने गधा अगर कहा। आंख बंद करो 10 सेकंड सोचो, मेरी पूंछ है? जवाब आएगा नहीं है। तो तुम गधे नहीं हो, बात खत्म। इसमें टेंशन लेने की क्या जरूरत है? तो तुम फला अननेसेसरी कर लोड लिए बैठे हो। इवेंट आपकी जिंदगी में आपका बाल भी बांका अगर आपका रिस्पांस एक मैच्योर रिस्पांस हो। रिएक्ट नहीं करना, जिंदगी में रिस्पोंड करना। बात समझ में आ रही है तो बोलो हां।
Speaker A
का बेटा ना वो बोलती ना पंगा। तो मैं कहता हूं द्रोपदी जी की वजह से नहीं हुई। इस लल्लू लाल की वजह से हुई। उसके अंधे बोलने से तू अंधा हो गया। इवेंट तो सिंपल ही था। अच्छा उसने बोला अंधा उसके बोलने से क्या
Speaker A
अंधा हो गया था ये? अगर वो नहीं बोलती तो चार दिन बाद कोई और बोल देता था शायद इसको अंधे का बेटा अंधा उसको लगा अच्छा मुझे ऐसा बोलती है अब मैं बताता हूं बताता क्या हूं अपने साथ 100 भाई लेके मर गया साला
Speaker A
तुमको कोई गधा कह दे तो तुम गधे बोलने से गधे हो जाते हो लेकिन उसके गधा कहने से जैसे तुमने बाजू चढ़ाई तुम गधे हो गए तुमने प्रूफ कर दिया कि साला वो तुमको किसी ने गधा अगर कहा आंख बंद करो 10 सेकंड
Speaker A
सोचो मेरी पूंछ है जवाब आएगा नहीं है तो तुम गधे नहीं हो बात खत्म इसमें टेंशन लेने की क्या जरूरत है तो तुम फला अननेसेसरी कर लोड लिए बैठे हो इवेंट आपकी जिंदगी में आपका बाल भी बांका अगर आपका रिस्पांस एक मैच्योर रिस्पांस हो
Speaker A
रिएक्ट नहीं करना जिंदगी में रिसोंड करना बात समझ में आ रही है तो बोलो हां
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