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🔥 Apne Emotions को कैसे Control Kre | How To Control Emotions | Emotions Ko Control Karna सीखो 🔥

यह वीडियो सिखाता है कि अपने अनकंट्रोल्ड इमोशंस को कैसे कंट्रोल करें और जीवन में बेहतर निर्णय लें।

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Key Takeaways

  • अनकंट्रोल्ड इमोशंस जीवन में बाधा बन सकते हैं।
  • 10 सेकंड रुककर सोचने से गुस्से पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
  • रोजाना इमोशंस को लिखने से आत्म-विश्लेषण होता है।
  • नेगेटिव लोगों और माहौल से दूर रहना जरूरी है।
  • मेडिटेशन से मानसिक शांति और इमोशंस कंट्रोल में मदद मिलती है।

What the video covers

  • अनकंट्रोल्ड इमोशंस जैसे गुस्सा, डर, जलन, दुख हमारे ऊपर हावी हो सकते हैं और नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • इमोशंस पर कंट्रोल न होने से हम गलत फैसले लेते हैं और दूसरों के प्रभाव में आ जाते हैं।
  • इमोशंस को कंट्रोल करने के लिए गुस्सा आने पर 10 सेकंड रुककर सोचने की सलाह दी गई है।
  • रोजाना दिनभर के इमोशंस को लिखने से सेल्फ एनालिसिस और भावनाओं की पहचान होती है।
  • नेगेटिव माहौल और लोगों से दूर रहना जरूरी है जो इमोशंस को खराब करते हैं।
  • सुबह जल्दी उठकर मेडिटेशन करना इमोशंस कंट्रोल करने में मदद करता है।
  • इमोशंस को महसूस करना चाहिए लेकिन उनमें डूबना नहीं चाहिए, बल्कि तैरना सीखना चाहिए।
  • इमोशंस की चाबी हमारे हाथ में होनी चाहिए, न कि दूसरों के।
  • इमोशंस कंट्रोल करने से बेहतर रिश्ते और जीवन में सफलता मिलती है।
  • यह वीडियो इमोशंस कंट्रोल के व्यावहारिक उपाय और मानसिक समझ प्रदान करता है।

Answers

Questions about this video

इमोशंस को कंट्रोल करने का सबसे आसान तरीका क्या है?

जब भी गुस्सा या कोई स्ट्रांग इमोशन आए तो 10 सेकंड रुकें और सोचें कि क्या आप जो करने जा रहे हैं वह सही है या नहीं। इससे आप अपने इमोशंस पर नियंत्रण पा सकते हैं।

रोजाना इमोशंस लिखने से क्या फायदा होता है?

रोजाना अपने दिनभर के इमोशंस को लिखने से आप खुद का सेल्फ एनालिसिस कर पाते हैं, अपनी कमजोरियों को पहचानते हैं और यह समझ पाते हैं कि कौन से इमोशंस आपको बार-बार ट्रिगर करते हैं।

नेगेटिव माहौल से कैसे बचा जाए?

ऐसे लोगों और माहौल से दूर रहें जो आपकी भावनाओं को नेगेटिवली प्रभावित करते हैं, क्योंकि ये आपके इमोशंस पर बुरा असर डालते हैं और आपको टॉक्सिक बना सकते हैं।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00
Speaker A
अगर कोई चीज है जो तुम्हें काबू कर रही है, कोई चीज है जो तुम पर हावी हो रही है, वो है तुम्हारे अनकंट्रोल्ड इमोशंस। तुम्हारे इमोशंस का तुम्हारे ऊपर कंट्रोल नहीं है। और तुम्हारे इमोशंस का तुम्हारे ऊपर कंट्रोल ना होने की वजह से कई बार तुम
00:12
Speaker A
ऐसा कुछ कर देते हो जो तुम करना नहीं चाहते। आज की इस वीडियो में मैं तुम्हें बताने वाला हूं कि अपने इमोशंस को कैसे कंट्रोल करें। तुम्हारे अंदर छुपी उन भावनाओं को जो तुम पे अक्सर हावी हो जाती
00:22
Speaker A
है उन्हें कैसे कंट्रोल किया जाए। सबसे पहले मेरी इस बात को समझना। इंसान का जो सबसे बड़ा दुश्मन है ना वो उसके अंदर ही छुपा है। कहीं बाहर नहीं। उसका अनकंट्रोल्ड इमोशन वो इमोशन जिस पर उसका काबू नहीं होता और उस इमोशन के खुद पर
00:34
Speaker A
काबू ना होने की वजह से कई बार तुम्हें बदनामी का सामना करना पड़ता है। कई बार तुम कुछ ऐसी हरकतें कर देते हो जो तुम्हें करने के बाद लगता है कि शायद तुम्हें नहीं करना चाहिए था। कई बार तुम लोगों के
00:44
Speaker A
कंट्रोल में आ जाते हो। कई बार तुम कुछ ऐसे फैसले भी ले लेते हो जो लोग तुमसे इमोशनली लेने पर मजबूर करते हैं। तुम्हारा डर, तुम्हारा गुस्सा, तुम्हारा वहम, तुम्हारा किसी पे हद से ज्यादा भरोसा, तुम्हारा सेल्फ डाउट ये सारे इमोशंस हैं।
00:57
Speaker A
तुम्हारे ऐसे इमोशंस जो अभी तुम्हारे लिए अनकंट्रोल्ड हैं। सोच के देखो अगर तुम्हें इन इमोशंस को कंट्रोल करने का तरीका पता चल जाए, अगर मैं तुम्हें वो तरीका बता दूं जिससे तुम इन इमोशंस को इजीली कंट्रोल कर सकते हो तो कैसा रहेगा? एक बात मेरी याद
01:09
Speaker A
रखना, गुस्सा, डर, जलन, दुख। यह अगर तुम पे हावी हो जाए ना, तुम चाहे कितने ही टैलेंटेड क्यों ना हो, तुम बर्बाद हो सकते हो। अब सवाल यह है कि इन्हें कंट्रोल कैसे किया जाए? आओ सिखाता हूं। इमोशंस यानी कि
01:22
Speaker A
तुम्हारे दिमाग का वो हिस्सा, वो भावनाएं, वो फीलिंग्स जो तुम्हें इंसान बनाती हैं। डर, बात कर रहा हूं डर की। जब तुम्हें डर लगता है तो तुम अक्सर पीछे हट जाते हो। दुख में इंसान हमेशा हिम्मत छोड़ देता है।
01:32
Speaker A
अगर तुमने अपने दुख को, अपने डर को संभाल लिया तो तुम जीत जाओगे। वरना तुम्हारे अनकंट्रोल्ड इमोशन ही तुम्हारी हार का सबसे बड़ा कारण बन सकते हैं। यह तो मैंने तुमसे बात करी कि तुम्हारे इमोशंस तुम पर हावी होने के बाद तुम्हें कैसे नुकसान
01:43
Speaker A
पहुंचाते हैं। लेकिन अब मैं तुम्हें बता रहा हूं कि अगर तुम्हारे इमोशंस की कमजोरी कि तुम इमोशनल फूल हो। तुम इमोशंस में बहने वाले इंसान हो। यह अगर किसी दूसरे इंसान को पता चल जाए तो वो भी तुम्हारे
01:54
Speaker A
इमोशंस को कंट्रोल करके तुम पे हावी हो जाते हैं। जब दूसरे लोगों को पता चलता है कि तुम इमोशनली वीक हो, कमजोर हो तो तुम किसी और के हिसाब से चलने लगते हो। जब दूसरों को पता चलता है कि तुम इमोशनल रूप
02:04
Speaker A
से कमजोर हो, तुम इमोशनल फूल हो, तो वो तुम्हारे इमोशंस को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं। मैं तुम्हें वो सब कुछ बताऊंगा कि कैसे तुम अपने इमोशंस को कंट्रोल कर सकते हो। क्यों तुम्हारे लिए कंट्रोल करना जरूरी है और
02:16
Speaker A
नहीं किया तो क्या होगा। अभी तक तुम्हें इमोशन समझ में आ गए होंगे। अनकंट्रोल्ड इमोशन क्या होते हैं? तुम्हें समझ में आ गए होंगे और तुम्हें यह भी समझ में आ गया होगा कि अगर यह तुम्हारे ऊपर हावी होते
02:24
Speaker A
हैं तो तुम्हें किस प्रकार से नुकसान पहुंचा सकते हैं। अब मैं तुमसे बात करता हूं कि इसे कंट्रोल कैसे करना है क्योंकि सबसे मेन वही है। याद रखना जब भी कोई स्ट्रांग इमोशन आए जब भी तुम्हें गुस्सा आए तेज गुस्सा आए पांच सेकंड रुकना और
02:35
Speaker A
सोचना कि ये जो मैं करने जा रहा हूं क्या वो मैं करना चाहता हूं? क्या मुझसे करवाया जा रहा है? ये जो मैं करने जा रहा हूं क्या मैं इसको करना चाहता हूं या मुझसे करवाया जा रहा है? क्या यह तुम्हारे अंदर
02:45
Speaker A
का अनकंट्रोल्ड इमोशन तो नहीं है? जो तुम्हें यहां पे दूसरों की नजरों में गलत बनाना चाह रहा है। जो तुमसे वो कराना चाह रहा है जो तुम शायद कभी नहीं करना चाहते। बिल्कुल यह तुम्हारे अंदर का अनकंट्रोल्ड इमोशन ही है। अब इस बात को तुम्हें समझना
02:57
Speaker A
पड़ेगा। जब भी कोई दूसरा इंसान तुमसे कोई डिसीजन लेने को बोले और तुम वो लेना नहीं चाहते। तुम्हारे दिल को पता है कि तुम लेना नहीं चाहते। फिर भी तुम कई बार ले लेते हो। पता है क्यों? इसका रीज़न भी
03:07
Speaker A
तुम्हारा अनकंट्रोल्ड इमोशन है कि कहीं सामने वालों को बुरा ना लग जाए कि कहीं तुम्हें यह लगता है कि मैं इसको कैसे मना कर सकता हूं। यह सारी भावनाएं हैं। ये सारी भावनाएं ये सारे अनकंट्रोल्ड इमोशंस और लोगों को ही पता होता है कि तुम मना
03:19
Speaker A
नहीं कर पाओगे। लोगों को पता होता है कि तुम इमोशनली कमजोर हो तो तुम्हें कैसे कंट्रोल किया जाए। तो इस बात को तुम्हें समझना पड़ेगा कि तुम्हारे इमोशंस की चाबी तुम्हारे हाथ में है या किसी और के हाथ
03:29
Speaker A
में है। तुम्हारे इमोशंस तुम्हें कंट्रोल कर रहे हैं या तुम अपने इमोशंस को कंट्रोल कर रहे हो। अगर तुम इस वीडियो को देख रहे हो तो तुम्हारे इमोशंस ही तुम्हें कंट्रोल कर रहे हैं। तुम नहीं कर रहे हो। जब भी
03:36
Speaker A
तुम्हें तेजी से गुस्सा आए ना 10 सेकंड रुको। 10 सेकंड रुक जाओ और खुद से सवाल पूछो यार जो मैं कर रहा हूं जो मैं करने जा रहा हूं क्या सही है? क्या ऐसा करने से मेरे रिश्ते खराब नहीं हो जाएंगे? ये पहला
03:46
Speaker A
स्टेप होगा जब तुम डिसीजन लेने से पहले अब सोचोगे। आज तक तुम सोचते नहीं थे। आज तक तुम इमोशन में बहते थे। अब तुम सोचोगे। सही है या गलत है? ये पहला स्टेप है। रोज पूरा दिन बीत जाने के बाद रात को सोने से
03:57
Speaker A
पहले तुम्हें यह लिखना है कि आज तुमने पूरे दिन कौन सी भावनाएं ज्यादा महसूस करी। कौन से इमोशंस तुम पे हावी थे। इसको लिखने की आदत बनाओ। अगर तुम बिगिनर हो और तुम्हें लगता है कि तुम्हारे इमोशंस तुम
04:08
Speaker A
पे बहुत ज्यादा हावी हैं तो तुम्हें लिखना पड़ेगा। इसको लिखना शुरू करो। डेली सोने से पहले लिखो कि आज मैंने पूरे दिन में कौन से इमोशंस को कौन सी भावनाओं को ज्यादा महसूस किया। इससे होगा क्या? इससे होगा ये कि तुम धीरे-धीरे खुद ही सेल्फ
04:18
Speaker A
एनालाइज करना शुरू कर दोगे। खुद को पहचानना शुरू कर दोगे। खुद की कमियों को ढूंढना शुरू कर दोगे। खुद के इमोशंस को समझना शुरू कर दोगे कि कौन से इमोशंस तुम्हें बार-बार ट्रिगर करते हैं। जो लोग, जो जगह, जो माहौल तुम्हें हमेशा नेगेटिव
04:31
Speaker A
करते हैं। हमेशा नेगेटिविटी मिलती है तुम्हें यहां पे। तो उस माहौल को आज ही छोड़ दो। उन लोगों को छोड़ दो। वरना तुम दूसरों के लिए टॉक्सिक बनते चले जाओगे। क्योंकि तुम जिस माहौल में रहते हो ना, जिन लोगों की बातों को सुनते हो ना, वैसी
04:42
Speaker A
भावनाएं, वैसी ही बातें तुम्हारे अंदर बहुत तेजी से हावी होनी शुरू हो जाती हैं। तुम्हें ऐसे माहौल को, ऐसे लोगों को ऐसे एनवायरमेंट को तुरंत ही छोड़ना पड़ेगा। और सबसे इंपॉर्टेंट बात तुम्हें बता रहा हूं जो बहुत जल्दी बहुत जल्दी तुम्हें रिजल्ट
04:52
Speaker A
देगा। रोज मॉर्निंग में उठ जाओ। मिनिमम 5:00 बजे तुम उठ सकते हो। मॉर्निंग में उठ जाने के बाद शांति में जाओ और बैठो और थोड़ा तुम्हें मेडिटेशन करना पड़ेगा। ध्यान करना बहुत जरूरी है। और कोशिश करो कि 10 से 15 मिनट चुपचाप बैठ जाओ एक जगह
05:03
Speaker A
पे। ना तुम्हें फोन चलाना है ना कोई गाना सुनना है ना किसी तुमने और एक्टिविटी पे इनवॉल्व होना है। जितने भी लोग तुम मेरी वीडियो देख रहे हो तुम में से जिसने भी मेरी बातें माननी शुरू कर दे ना विद इन 10
05:13
Speaker A
डेज के अंदर 15 डेज के अंदर उसको 100% रिजल्ट मिलने शुरू हो जाएंगे। वो अपने को वैसा बना सकता है जैसा वो बनना चाहता है। याद रखना इमोशंस तुम्हारे लिए हैं। तुम इमोशंस के लिए नहीं हो। इमोशंस को महसूस
05:24
Speaker A
करो। उसमें डूबने की जरूरत नहीं है। उसमें तैरने की जरूरत है। ताकि जिंदगी में जितनी प्रॉब्लम्स आए, जितनी कठिनाइयां आए, तुम वहां डूब ना पाओ, तैरना सीखो। समझे?
05:32
Speaker A
वीडियो कैसा लगा तुम्हें कमेंट में जरूर बताना। बाकी तुम्हारे अंदर अगर कोई सवाल है, किसी टॉपिक पे अगर लॉन्ग वीडियो चाहते हो या तुम्हारे अंदर कोई भी सवाल है, कमेंट जरूर करना। याद रखना मैं तुम सबके कमेंट्स पढ़ता हूं। ध्यान रखना अपना।
05:44
Speaker A
मिलता हूं तुमसे अगली वीडियो में। [संगीत]
Topics:इमोशंस कंट्रोलगुस्सा नियंत्रणडर पर काबूभावनाओं को समझनामेडिटेशनसेल्फ एनालिसिसनेगेटिविटी से बचावभावनात्मक मजबूतीइमोशनल कंट्रोल टिप्सजीवन सुधार

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