L78. Circular Queue in Data Strucuture — Transcript

इस वीडियो में सर्कुलर क्यू का कांसेप्ट, इंप्लीमेंटेशन और उसके फंक्शन्स को हिंदी में विस्तार से समझाया गया है।

Key Takeaways

  • सर्कुलर क्यू एक फिक्स्ड साइज FIFO डेटा स्ट्रक्चर है जो रियर और फ्रंट पॉइंटर्स के माध्यम से काम करता है।
  • रियर पॉइंटर को बढ़ाने पर अगर वह कैपेसिटी से बाहर जाता है तो उसे मॉड्यूलर ऑपरेशन से शुरू में लाया जाता है।
  • फ्रंट पॉइंटर पॉप ऑपरेशन के दौरान बढ़ता है जिससे पुराने एलिमेंट्स डिस्कार्ड हो जाते हैं।
  • सर्कुलर क्यू को एरे के रूप में इंप्लीमेंट किया जाता है जिसमें करंट साइज और कैपेसिटी ट्रैक की जाती है।
  • सर्कुलर क्यू नॉर्मल क्यू की तुलना में मेमोरी का बेहतर उपयोग करता है क्योंकि यह रिवर्स होकर डेटा स्टोर करता है।

Summary

  • सर्कुलर क्यू की बेसिक अवधारणा और नॉर्मल क्यू से अंतर को समझाया गया।
  • सर्कुलर क्यू में फ्रंट और रियर पॉइंटर्स की भूमिका और उनका अपडेट कैसे होता है, बताया गया।
  • सर्कुलर क्यू को फिक्स्ड साइज एरे के रूप में इंप्लीमेंट करने की प्रक्रिया समझाई गई।
  • पुश ऑपरेशन में रियर पॉइंटर को कैसे अपडेट करना है और डेटा कैसे स्टोर करना है, बताया गया।
  • पॉप ऑपरेशन में फ्रंट पॉइंटर को कैसे अपडेट किया जाता है, इसका विवरण दिया गया।
  • सर्कुलर क्यू के पॉइंटर्स को मॉड्यूलर ऑपरेशन के जरिए रिवर्स कैसे किया जाता है, समझाया गया।
  • सर्कुलर क्यू की कैपेसिटी, करंट साइज और उनके उपयोग को समझाया गया।
  • सर्कुलर क्यू का FIFO (First In First Out) डेटा स्ट्रक्चर के रूप में कार्य करना बताया गया।
  • कंपनी वाइज डीएसए शीट और अन्य डीएसए टॉपिक्स के लिए प्लेलिस्ट लिंक का उल्लेख किया गया।
  • सर्कुलर क्यू के इंप्लीमेंटेशन में बिग ओ टाइम कॉम्प्लेक्सिटी के बारे में बताया गया।

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00:05
Speaker A
हाय एवरीवन एंड टुडे वी आर गोइंग टू अंडरस्टैंड द कांसेप्ट एंड इंप्लीमेंटेशन ऑफ अ सर्कुलर क्यू। अब इसके अलावा अगर हमें डीएसए का कोई और क्वेश्चन करना है तो वो हमें इस प्लेलिस्ट के अंदर अवेलेबल मिल जाएगा। आल्सो देयर इज़ अ लिंक फॉर कंपनी वाइज डीएसए शीट इन द डिस्क्रिप्शन बॉक्स। तो स्टार्ट करते हैं अपने कांसेप्ट के साथ। टुडे वी आर गोइंग टू अंडरस्टैंड द कांसेप्ट ऑफ़ अ सर्कुलर क्यू। अब सर्कुलर क्यू को इमेजिन करने से पहले लेट अस टॉक अबाउट अ नॉर्मल क्यू। हम जब भी अपनी नॉर्मल क्यू की बात करते हैं, वो क्यू कुछ ऐसी दिखती है जिसके अंदर वी जनरली हैव अ फ्रंट एंड वी हैव अ रियर एंड। हम किसी भी एलिमेंट को इंसर्ट करते हैं तो उसे रियर एंड से इंसर्ट किया जाता है। एलिमेंट्स को अगर पॉप करना होता है तो उन्हें हम फ्रंट से पॉप कर रहे होते हैं। तो दिस इज हाउ अ नॉर्मल क्यू फंक्शंस एंड दिस इज अ फीफो टाइप ऑफ़ स्ट्रक्चर। जब भी हम एक सर्कुलर क्यू की बात करते हैं तो वहां पर वी इमेजिन अ स्ट्रक्चर लाइक दिस व्हिच इज सर्कुलर इन नेचर, जिसके अंदर हम अपने डिफरेंट डिफरेंट एलिमेंट्स को स्टोर कर सकते हैं। इस सर्कुलर क्यू के अंदर भी हमारे पास एक फ्रंट होता है एंड वी आल्सो हैव अ रियर एंड। जैसे एक नॉर्मल क्यू के अंदर जब भी हम पुश करते हैं, हमें पता है हमारा जो पुश ऑपरेशन होता है वह हमेशा रियर पर होता है। रियर कहने का मतलब है कि जहां पर भी हमारा रियर एजिस्ट करता है, वहां पर हम अपने न्यू एलिमेंट को पुश करते हैं। उसके बाद नेक्स्ट एलिमेंट को पुश करने के लिए रियर को अपडेट कर देंगे। नेक्स्ट एलिमेंट को पुश करेंगे, उसके बाद दोबारा से हम अपने रियर को अपडेट कर देंगे। हम अपने नेक्स्ट एलिमेंट को पुश करेंगे तो नॉर्मल क्यू के अंदर जो पुश ऑपरेशन रियर एंड पर होता है, वैसे ही सर्कुलर क्यू के अंदर भी वर्क करता है। अगर हम पॉप की बात करें तो जैसे नॉर्मल क्यू के अंदर पॉप होते हैं एलिमेंट्स फ्रॉम द फ्रंट, वैसे ही सर्कुलर क्यू के अंदर होते हैं। जैसे अगर हमें एलिमेंट को पॉप करना है तो हम इस वन को पॉप करेंगे एंड अपने फ्रंट को सिंपली कर देंगे अपडेट। तो इस तरीके से हमारे पास ये एक जो एलिमेंट है वो डिलीट हो जाएगा। जब भी हमें फ्रंट वैल्यू चाहिए तो जैसे एक नॉर्मल क्यू के अंदर फ्रंट मिलता है, वैसे ही सर्कुलर क्यू से हम फ्रंट की वैल्यू प्रिंट करवा सकते हैं। अब ये फ्रंट है टू के इक्वल तो हम टू को प्रिंट करवा देंगे। नॉर्मल क्यू की तरह हमारी सर्कुलर क्यू भी फीफो स्ट्रक्चर ही होता है, बट देयर इज़ अ स्लाइट डिफरेंस बिटवीन अ नॉर्मल क्यू एंड अ सर्कुलर क्यू। दैट इज़ कि जनरली सर्कुलर क्यू को जब भी हम इंप्लीमेंट करते हैं, उसका अपना एक फिक्स साइज होता है तभी सर्कुलर क्यू होने का सेंस बनेगा। तो सर्कुलर क्यू के अंदर हम अपने एलिमेंट्स को एक सर्कुलर मैनर में इंसर्ट कर सकते हैं। तो इस तरीके से हम अपने एलिमेंट्स को इंसर्ट कर सकते हैं। इट हैज अ फिक्स्ड कैपेसिटी एंड जनरली हमारा जो लास्ट एलिमेंट होता है उसके बाद हम अपने फर्स्ट एलिमेंट पर भी जाकर रिवर्स कर सकते हैं। सो दिस इज हाउ द कांसेप्ट ऑफ अ सर्कुलर क्यू वर्क्स। अब हम अपनी एक सर्कुलर क्यू को किस तरीके से इंप्लीमेंट कर सकते हैं। बेसिकली अपनी सर्कुलर क्यू को इंप्लीमेंट करने के लिए हम यूज करेंगे एक एरे का। एरे हमें एक फिक्स साइज़ का जनरल स्ट्रक्चर प्रोवाइड करता है जिसके अंदर हम एलिमेंट्स को स्टोर कर सकते हैं। तो वैसे ही हम अपनी सर्कुलर क्यू को इंप्लीमेंट करने के लिए अपने एक एरे को यूज़ कर सकते हैं जिसके अंदर एक फिक्स्ड साइज़ या एक फिक्स्ड कैपेसिटी होगी। तो इसका जो भी साइज़ होगा दैट इज़ गोइंग टू बी द कैपेसिटी ऑफ़ द सर्कुलर क्यू। तो एक तरीके से हम ऐसे इमेजिन कर सकते हैं कि हमारे पास जो सर्कुलर क्यू थी उसको हमने ब्रेक कर दिया एंड वी हैव कन्वर्टेड दैट क्यू इंटू अ स्ट्रेट लाइन व्हिच इज बेसिकली आवर एरे स्ट्रक्चर। अब इस एरे के अंदर हम अपने डाटा को स्टोर करना स्टार्ट करेंगे। तो सर्कुलर क्यू लाइक अ नॉर्मल क्यू शुड हैव टू पॉइंट्स। एक उसके पास हमारा फ्रंट पॉइंटर होना चाहिए, एक रियर पॉइंटर होना चाहिए जिससे हम ट्रैक कर सके कि डाटा को कहां पर इंसर्ट करना है, कहां पर पुश करना है एंड कहां से पॉप करना है। तो उसके लिए वी विल मेक टू पॉइंट्स। एक हमारा फ्रंट पॉइंटर होने वाला है, एक हमारा रियर पॉइंटर होने वाला है। तो लेट अस सपोज हमने एक एरे क्रिएट किया विद अ कैपेसिटी ऑफ सिक्स। तो इस तरीके से हमारे पास उस एरे की फॉर्म में एक लार्ज क्यू आ गई। तो शुरुआत हम करेंगे फ्रंट एंड रियर पॉइंट्स के साथ। अभी क्योंकि शुरुआत में हमारी पूरी क्यू एम्टी है तो उस केस में हमारे जो फ्रंट एंड रियर की वैल्यू होगी उन्हें हम चाहें तो इनिशियलाइज़ कर सकते हैं विद -1 सो दैट वी नो दैट दे आर नॉट पॉइंट टू एनी वैलिड वैल्यू। उसके साथ में अपनी सर्कुलर क्यू के साथ हम उसका करंट साइज भी हमेशा स्टोर करके रखते हैं। करंट साइज से बेसिकली हम ट्रैक कर सकते हैं कि क्यू के अंदर कितनी एम्टी स्पेसेस हैं और कितना डाटा और इंसर्ट हो सकता है। एक हम करंट साइज ट्रैक करेंगे जिसको इनिशियली हम इनिशियलाइज़ करेंगे विद द वैल्यू ऑफ़ रो। एंड उसके साथ में हमारे पास हमारी क्यू की कैपेसिटी भी होगी, व्हिच इज बेसिकली इक्वल टू द सिक्स, व्हिच इज द साइज ऑफ़ द एरे। अब सर्कुलर क्यू को इंप्लीमेंट करने के लिए बेसिकली हमें इन तीन फंक्शंस को इंप्लीमेंट करना होता है विद अ टाइम कॉम्प्लेक्शन ऑफ बिग ओफ व। तो सबसे पहले अपने पुश फंक्शन की बात करते हैं। पुश कहने का मतलब है कि हम अपनी क्यू के अंदर एलिमेंट को इंसर्ट करना चाहते हैं एट द रियर एंड। तो फॉर एग्जांपल इस कैपेसिटी को हम थोड़ा सा और डिक्रीज करके लिखते हैं। लेट अस सपोज हमारी जो सर्कुलर क्यू है उसकी कैपेसिटी है 3 के इक्वल। तो उसके अंदर वी विल स्टार्ट बाय पुशिंग वन एलिमेंट, व्हिच इज़ इक्वल टू व। अब इस सिंगल एलिमेंट को पुश करने के लिए हमें पता है कि हम एलिमेंट को पुश करते हैं हमेशा एट द रियर एंड। अब नाउ आवर रियर पॉइंटर इज़ करेंटली पॉइंट टू दिस इंडेक्स -1। -1 कोई वैलिड इंडेक्स नहीं होता। तो जब भी हमें किसी भी एलिमेंट को पुश करना होगा सबसे पहले तो हमें अपने रियर पॉइंटर को प्लस प्लस करना होगा एंड उसके बाद रियर पॉइंटर जहां पर भी पॉइंट करेगा एरे के अंदर वहां पर हम अपने न्यू डाटा को स्टोर करा देंगे। तो बेसिकली रियर को प्लस प्लस करने के लिए हम यहां पर लेकर आएंगे। यहां पर वी विल स्टोर द डाटा वन। सिमिलरली अगर हमें दोबारा से पुश करना है एलिमेंट टू को तो दोबारा से हम अपने रियर को प्लस प्लस करेंगे और अपने सेकंड डाटा को पुश कर देंगे। दोबारा से हमें पुश करना है नई डाटा को तो यहां पर फिर से हम रियर को प्लस प्लस करेंगे एंड नाउ वी विल पुश अ न्यू एलिमेंट, व्हिच इज इक्वल टू 3। तो इस तरीके का बेसिक कांसेप्ट होगा जिसको हम फॉलो करेंगे जब भी हम अपनी क्यू के अंदर नए एलिमेंट्स को इंसर्ट करना चाहते हैं। तो दिस इज अ जनरल कांसेप्ट ऑफ पुश। अगर हम पॉप फंक्शन की बात करें तो पॉप के लिए हमें पता है कि एलिमेंट पॉप होना चाहिए फ्रॉम द फ्रंट। अब फ्रंट क्योंकि इनिशियलाइज़्ड है विद -1 तो हमारे पास कोई वैलिड इंडेक्स नहीं है फ्रंट के लिए। तो हम क्या कर सकते हैं? फ्रंट को -1 की जगह इनिश करने की जगह उसको हम ज़ीरो से इनिशियलाइज़ कर देंगे। हमें पता है इस एरे के अंदर बाय डिफॉल्ट हमारा फ्रंट एलिमेंट रोट इंडेक्स पर होगा। अगर फ्रंट चेंज होता है तो हम सिंपली फ्रंट को प्लस प्लस करेंगे पर उसकी शुरुआत हमेशा ज़ीरो इंडेक्स से होगी। तो हम जब भी इनिशियलाइज़ेशन कर रहे हैं, हम अपने फ्रंट को इनिशियलाइज़ कर देंगे -1 के साथ। तो फ्रंट को ज़ीरो से अगर इनिशियलाइज़ करेंगे तो वी विल ऑलवेज हैव आवर फ्रंट वैल्यू। तो जब भी हमें एलिमेंट्स को पॉप करना होगा हम सिंपली क्या कर सकते हैं? फ्रंट को कर सकते हैं प्लस प्लस। तो हमारा बेसिक लॉजिक होगा कि हम फ्रंट को प्लस प्लस कर देंगे तो ऑटोमेटिक जो भी एलिमेंट पुराने वाले फ्रंट की तरफ पॉइंट कर रहा होगा यह डिस्कार्ड हो जाएगा। अगली बार हम चाहे तो सर्कुलर मैनर में रियर आकर यहां पर अपने एलिमेंट्स को अपडेट कर सकता है। एंड देयर इज़ आल्सो वन मोर इंपोर्टेंट थिंग जो हमें सर्कुलर क्यू के पॉइंट्स के अपडेट्स में याद रखनी है। लेट अस सपोज हमारा जो रियर था इस पॉइंटर की शुरुआत यहां से हुई, फिर ये यहां पर आया, फिर ये यहां पर आया। अभी अगर हम अपने क्यू का साइज देखें तो ये एलिमेंट ऑलरेडी डिलीट हो चुका है। हमें पता है हमारी करंट क्यू का जो साइज है दैट इज इक्वल टू टू। साइज होने का मतलब है अगर कैपेसिटी थ्री है साइज टू है, इसका मतलब इसके अंदर एक और एलिमेंट इंसर्ट हो सकता है। तो उस एलिमेंट को इंसर्ट करने के लिए दोबारा पुश फंक्शन से हम क्या करेंगे? रियर को प्लस प्लस करेंगे। तो मतलब यहां पर पॉप करने के बाद हम क्या करना चाहते हैं? एक और एलिमेंट फोर उसे हम पुश करना चाहते हैं। अब पुश करने के लिए हमें अपने इस पॉइंटर को इंक्रीज करना पड़ेगा पर जब हम इस पॉइंटर को इंक्रीज करेंगे बाय वन तो ये एक इनवैलिड इंडेक्स पर चला जाएगा। पर हमें इसे इनवैलिड इंडेक्स पर नहीं भेजना। हमें इसे वापस से एट द स्टार्ट ऑफ द क्यू भेजना है। तो वो चीज करने के लिए जब भी हम अपने पॉइंट्स को अपडेट करेंगे चाहे वो हमारा रियर पॉइंटर हो गया चाहे वो हमारा फ्रंट पॉइंटर हो गया, अपने पॉइंट्स को अपडेट करने के लिए हम हमेशा करेंगे r + 1 मॉड्यूल द कैपेसिटी। जब भी हम r + 1 मॉड्यूल कैपेसिटी करते हैं तो हमें पता है हमारी जो रेंज होती है वो हमेशा ज़ीरो से कैपेसिटी के बीच में होगी। जब भी किसी भी नंबर का हम मॉड्यूल लेते हैं विद एनी नंबर, यहां जैसे यहां पर कैपेसिटी थ्री।
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Speaker A
वाइज डीएसए शीट इन द डिस्क्रिप्शन बॉक्स तो स्टार्ट करते हैं अपने कांसेप्ट के साथ टुडे वी आर गोइंग टू अंडरस्टैंड द कांसेप्ट ऑफ़ अ सर्कुलर क्यू अब सर्कुलर क्यू को इमेजिन करने से पहले लेट अस टॉक अबाउट अ नॉर्मल क्यू हम जब भी अपनी नॉर्मल
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Speaker A
क्यू की बात करते हैं वो क्यू कुछ ऐसी दिखती है जिसके अंदर वी जनरली हैव अ फ्रंट एंड वी हैव अ रियर एंड हम किसी भी एलिमेंट को इंसर्ट करते हैं तो उसे रियर एंड से इंसर्ट किया जाता है एलिमेंट्स को अगर पॉप
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Speaker A
करना होता है तो उन्हें हम फ्रंट से पॉप कर रहे होते हैं तो दिस इज हाउ अ नॉर्मल क्यू फंक्शंस एंड दिस इज अ फीफो टाइप ऑफ़ स्ट्रक्चर जब भी हम एक सर्कुलर क्यू की बात करते हैं तो वहां पर वी इमेजिन अ
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Speaker A
स्ट्रक्चर लाइक दिस व्हिच इज सर्कुलर इन नेचर जिसके अंदर हम अपने डिफरेंट डिफरेंट एलिमेंट्स को स्टोर कर सकते हैं इस सर्कुलर q के अंदर भी हमारे पास एक फ्रंट होता है एंड वी आल्सो हैव अ रियर एंड जैसे
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Speaker A
एक नॉर्मल क्यू के अंदर जब भी हम पुश करते हैं हमें पता है हमारा जो पुश ऑपरेशन होता है वह हमेशा रियर पर होता है रियर कहने का मतलब है कि जहां पर भी हमारा रियर एजिस्ट करता है वहां पर हम अपने न्यू एलिमेंट को
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Speaker A
पुश करते हैं उसके बाद नेक्स्ट एलिमेंट को पुश करने के लिए रियर को अपडेट कर देंगे नेक्स्ट एलिमेंट को पुश करेंगे उसके बाद दोबारा से हम अपने रियर को अपडेट कर देंगे हम अपने नेक्स्ट एलिमेंट को पुश करेंगे तो
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Speaker A
नॉर्मल q के अंदर जो पुश ऑपरेशन रियर एंड पर होता है वैसे ही सर्कुलर क्यू के अंदर भी वर्क करता है अगर हम पॉप की बात करें तो जैसे नॉर्मल q के अंदर पॉप होते हैं एलिमेंट्स फ्रॉम द फ्रंट वैसे ही सर्कुलर
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Speaker A
क्यू के अंदर होते हैं जैसे अगर हमें एलिमेंट को पॉप करना है तो हम इस वन को पॉप करेंगे एंड अपने फ्रंट को सिंपली कर देंगे अपडेट तो इस तरीके से हमारे पास ये एक जो एलिमेंट है वो डिलीट हो जाएगा जब भी
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Speaker A
हमें फ्रंट वैल्यू चाहिए तो जैसे एक नॉर्मल क्यू के अंदर फ्रंट मिलता है वैसे ही सर्कुलर q से हम फ्रंट की वैल्यू प्रिंट करवा सकते हैं अब ये फ्रंट है टू के इक्वल तो हम टू को प्रिंट करवा देंगे
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Speaker A
नॉर्मल q की तरह हमारी सर्कुलर q भी फीफो स्ट्रक्चर ही होता है बट देयर इज़ अ स्लाइट डिफरेंस बिटवीन अ नॉर्मल क्यू एंड अ सर्कुलर क्य दैट इज़ कि जनरली सर्कुलर क्यू को जब भी हम इंप्लीमेंट करते हैं
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Speaker A
उसका अपना एक फिक्स साइज होता है तभी सर्कुलर क्यू होने का सेंस बनेगा तो सर्कुलर क्यू के अंदर हम अपने एलिमेंट्स को एक सर्कुलर मैनर में इंसर्ट कर सकते हैं तो इस तरीके से हम अपने एलिमेंट्स को इंसर्ट कर सकते हैं इट हैज अ फिक्स्ड
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Speaker A
कैपेसिटी एंड जनरली हमारा जो लास्ट एलिमेंट होता है उसके बाद हम अपने फर्स्ट एलिमेंट पर भी जाकर रिवर्स कर सकते हैं सो दिस इज हाउ द कांसेप्ट ऑफ अ सर्कुलर क्य वर्क्स अब हम अपनी एक सर्कुलर क्यू को किस
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Speaker A
तरीके से इंप्लीमेंट कर सकते हैं बेसिकली अपनी सर्कुलर क्यू को इंप्लीमेंट करने के लिए हम यूज करेंगे एक एरे का एरे हमें एक फिक्स साइज़ का जनरल स्ट्रक्चर प्रोवाइड करता है जिसके अंदर हम एलिमेंट्स को स्टोर कर सकते हैं तो वैसे ही हम अपनी सर्कुलर
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Speaker A
क्यू को इंप्लीमेंट करने के लिए अपने एक एरे को यूज़ कर सकते हैं जिसके अंदर एक फिक्स्ड साइज़ या एक फिक्स्ड कैपेसिटी होगी तो इसका जो भी साइज़ होगा दैट इज़ गोइंग टू बी द कैपेसिटी ऑफ़ द सर्कुलर
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Speaker A
क्यू तो एक तरीके से हम ऐसे इमेजिन कर सकते हैं कि हमारे पास जो सर्कुलर q थी उसको हमने ब्रेक कर दिया एंड वी हैव कन्वर्टेड दैट q इंटू अ स्ट्रेट लाइन व्हिच इज बेसिकली आवर एरे स्ट्रक्चर अब इस
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Speaker A
एरे के अंदर हम अपने डटा को स्टोर करना स्टार्ट करेंगे तो सर्कुलर क्यू लाइक अ नॉर्मल क्यू शुड हैव टू पॉइंट्स एक उसके पास हमारा फ्रंट पॉइंटर होना चाहिए एक रियर पॉइंटर होना चाहिए जिससे हम ट्रैक कर सके कि डाटा को कहां पर इंसर्ट करना है
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Speaker A
कहां पर पुश करना है एंड कहां से पॉप करना है तो उसके लिए वी विल मेक टू पॉइंट्स एक हमारा फ्रंट पॉइंटर होने वाला है एक हमारा रियर पॉइंटर होने वाला है तो लेट अस सपोज हमने एक एरे क्रिएट किया विद अ कैपेसिटी
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Speaker A
ऑफ़ सिक्स तो इस तरीके से हमारे पास उस एरे की फॉर्म में एक लर क्यू आ गई तो शुरुआत हम करेंगे फ्रंट एंड रियर पॉइंट्स के साथ अभी क्योंकि शुरुआत में हमारी पूरी क्यू एमटी है तो उस केस में हमारे जो
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Speaker A
फ्रंट एंड रियर की वैल्यू होगी उन्हें हम चाहें तो इनिश इज कर सकते हैं विद -1 सो दैट वी नो दैट दे आर नॉट पॉइंट टू एनी वैलिड वैल्यू उसके साथ में अपनी सर्कुलर क्यू के साथ हम उसका करंट साइज भी हमेशा
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Speaker A
स्टोर करके रखते हैं करंट साइज से बेसिकली हम ट्रैक कर सकते हैं कि q के अंदर कितनी एम्टी स्पेसेस हैं और कितना डाटा और इंसर्ट हो सकता है एक हम करंट साइज ट्रैक करेंगे जिसको इनिशियली हम इनिश इइ करेंगे
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Speaker A
विद द वैल्यू ऑफ़ रो एंड उसके साथ में हमारे पास हमारी q की कैपेसिटी भी होगी व्हिच इज बेसिकली इक्वल टू द सिक्स व्हिच इज द साइज ऑफ़ द एरे अब सर्कुलर q को इंप्लीमेंट करने के लिए बेसिकली हमें इन
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Speaker A
तीन फंक्शंस को इंप्लीमेंट करना होता है विद अ टाइम कॉम्प्लेक्शन ऑफ़ बिग ऑफ व तो सबसे पहले अपने पुश फंक्शन की बात करते हैं पुश कहने का मतलब है कि हम अपनी q के अंदर एलिमेंट को इंसर्ट करना चाहते हैं एट
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Speaker A
द रियर एंड तो फॉर एग्जांपल इस कैपेसिटी को हम थोड़ा सा और डिक्रीज करके लिखते हैं लेट अस सपोज हमारी जो सर्कुलर कू है उसकी कैपेसिटी है 3 के इक्वल तो उसके अंदर वी विल स्टार्ट बाय पुशिंग वन एलिमेंट व्हिच
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Speaker A
इज़ इक्वल टू व अब इस सिंगल एलिमेंट को पुश करने के लिए हमें पता है कि हम एलिमेंट को पुश करते हैं हमेशा एट द रियर एंड अब नाउ आवर रियर पॉइंटर इज़ करेंटली पॉइंट टू दिस इंडेक्स -1 -1 कोई वैलिड
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Speaker A
इंडेक्स नहीं होता तो जब भी हमें किसी भी एलिमेंट को पुश करना होगा सबसे पहले तो हमें अपने रियर पॉइंटर को प्लस प्लस करना होगा एंड उसके बाद रियर पॉइंटर जहां पर भी पॉइंट करेगा एरे के अंदर वहां पर हम अपने
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Speaker A
न्यू डाटा को स्टोर करा देंगे तो बेसिकली रियर को प्लस प्लस करने के लिए हम यहां पर लेकर आएंगे यहां पर वी विल स्टोर द डाटा वन सिमिलरली अगर हमें दोबारा से पुश करना है एलिमेंट टू को तो दोबारा से हम अपने
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Speaker A
रियर को प्लस प्लस करेंगे और अपने सेकंड डाटा को पुश कर देंगे दोबारा से हमें पुश करना है नई डाटा को तो यहां पर फिर से हम रियर को प्लस प्लस करेंगे एंड नाउ वी विल पुश अ न्यू एलिमेंट व्हिच इज इक्वल टू 3
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Speaker A
तो इस तरीके का बेसिक कांसेप्ट होगा जिसको हम फॉलो करेंगे जब भी हम अपनी q के अंदर नए एलिमेंट्स को इंसर्ट करना चाहते हैं तो दिस इज अ जनरल कांसेप्ट ऑफ पुश अगर हम पॉप फंक्शन की बात करें तो पॉप के लिए हमें
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Speaker A
पता है कि एलिमेंट पॉप होना चाहिए फ्रॉम द फ्रंट अब फ्रंट क्योंकि इनिश इज्ड है विद -1 तो हमारे पास कोई वैलिड इंडेक्स नहीं है फ्रंट के लिए तो हम क्या कर सकते हैं फ्रंट को -1 की जगह इनिश करने की जगह उसको
05:41
Speaker A
हम ज़ीरो से इनिशियर हमें पता है इस एरे के अंदर बाय डिफॉल्ट हमारा फ्रंट एलिमेंट रोत इंडेक्स पर होगा अगर फ्रंट चेंज होता है तो हम सिंपली फ्रंट को प्लस प्लस करेंगे पर उसकी शुरुआत हमेशा जरत इंडेक्स से होगी तो हम
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Speaker A
जब भी इनिश इइ जशन कर रहे हैं हम अपने फ्रंट को इनिशियलिज्म इनिश इज कर देंगे -1 के साथ तो फ्रंट को रो से अगर इनिश इइ करेंगे तो वी विल ऑलवेज हैव आवर फ्रंट वैल्यू तो जब भी हमें एलिमेंट्स को पॉप करना होगा हम
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Speaker A
सिंपली क्या कर सकते हैं फ्रंट को कर सकते हैं प्लस प्लस तो हमारा बेसिक लॉजिक होगा कि हम फ्रंट को प्लस प्लस कर देंगे तो ऑटोमेटिक जो भी एलिमेंट पुराने वाले फ्रंट की तरफ पॉइंट कर रहा होगा यह डिस्कार्ड हो
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Speaker A
जाएगा अगली बार हम चाहे तो सर्कुलर मैनर में रियर आकर यहां पर अपने एलिमेंट्स को अपडेट कर सकता है एंड देयर इज आल्सो वन मोर इंपोर्टेंट थिंग जो हमें सर्कुलर क्य के पॉइंट्स के अपडेशंस में याद रखनी है
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Speaker A
लेट अस सपोज हमारा जो रियर था इस पॉइंटर की शुरुआत यहां से हुई फिर ये यहां पर आया फिर ये यहां पर आया अभी अगर हम अपने q का साइज देखें तो ये एलिमेंट ऑलरेडी डिलीट हो चुका है हमें पता है हमारी करंट q का जो
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Speaker A
साइज है दैट इज इक्वल टूटू टू साइज होने का मतलब है अगर कैपेसिटी थ्री है साइज टू है इसका मतलब इसके अंदर एक और एलिमेंट इंसर्ट हो सकता है तो उस एलिमेंट को इंसर्ट करने के लिए दोबारा पुश फंक्शन से
06:50
Speaker A
हम क्या करेंगे r+ + करेंगे तो मतलब यहां पर पॉप करने के बाद हम क्या करना चाहते हैं एक और एलिमेंट फोर उसे हम पुश करना चाहते हैं अब पुश करने के लिए हमें अपने इस पॉइंटर को इंक्रीज करना पड़ेगा पर जब
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Speaker A
हम इस पॉइंटर को इंक्रीज करेंगे बाय वन तो ये एक इनवैलिड इंडेक्स पर चला जाएगा पर हमें इसे इनवैलिड इंडेक्स पर नहीं भेजना हमें इसे वापस से एट द स्टार्ट ऑफ द क्य भेजना है तो वो चीज करने के लिए जब भी हम
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Speaker A
अपने पॉइंट्स को अपडेट करेंगे चाहे वो हमारा रियर पॉइंटर हो गया चाहे वो हमारा फ्रंट पॉइंटर हो गया अपने पॉइंट्स को अपडेट करने के लिए हम हमेशा करेंगे r + 1 मॉड्यूल द कैपेसिटी जब भी हम r+ 1 मॉड्यूल
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Speaker A
कैपेसिटी करते हैं तो हमें पता है हमारी जो रेंज होती है वो हमेशा रो से कैपेसिटी के बीच में होगी जब भी किसी भी नंबर का हम मॉड्यूल लेते हैं विद एनी नंबर यहां जैसे यहां पर कैपेसिटी थ्री के इक्वल है तो
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Speaker A
मॉड्यूल लिया अगर थ्री से तो हमेशा आंसर रो वन या टू ही होगा दिस इज बेसिक मैथमेटिक्स जो हमने छोटी प्राइमरी स्कूल के अंदर पढ़ी हुई है तो जब भी हम r की वैल्यू अभी अगर टू के इक्वल है हम यहां पर
07:48
Speaker A
2 + 1 मड 3 अगर करेंगे तो द आंसर इज गोइंग टू बी इक्वल टू ज़ीरो जिसका मतलब है दोबारा से हमारा जो रियर पॉइंटर है वो रोत इंडेक्स पर पहुंच जाएगा और हमारा जो न्यू एलिमेंट है फोर उसे हम यहां पर पुश कर
07:59
Speaker A
देंगे एंड उसके बाद वी आर गोइंग टू इंक्रीज द कैपेसिटी तो इस तरीके से सर्कुलर मैनर में हम अपने पॉइंट्स को अपडेट कर रहे होंगे टू इंप्लीमेंट अ सर्कुलर क्यू तो सबसे पहले सर्कुलर q को इंप्लीमेंट करने के लिए एक बेसिक सा पुश
08:10
Speaker A
फंक्शन लिखते हैं पुश के अंदर हमें पता है हमारे पास कुछ डाटा आएगा जिसको हम पुश करना चाहते हैं तो पुश फंक्शन के अंदर व्हाट डू वी नीड टू डू हमें अपने r को इंक्रीज करना है बाय वन अब r को इंक्रीज
08:20
Speaker A
करने के लिए हम इस फॉर्मूला को यूज़ करेंगे ताकि हमेशा हम सर्कुलर मैनर में अपने एरे के ऊपर मूव कर सक तो r इज गोइंग टू बी r + 1 मॉड्यूल द कैपेसिटी एंड उसके बाद अपने एरे के अंदर जहां पर भी हम होंगे
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Speaker A
वहां पर अपनी डाटा को हम इंसर्ट कर देंगे डटा को इंसर्ट करने के बाद जो भी हमारी करंट क्यू का साइज होगा उसे हम कर देंगे इंक्रीज सो दिस इज हाउ वी आर गोइंग टू इंसर्ट द डेटा अब डेटा को इंसर्ट करने से
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Speaker A
पहले एक हम एक्स्ट्रा चेक लगा सकते हैं पुश फंक्शन के अंदर कि हमारी q फुल तो नहीं हो गई है जैसे अभी अगर यहां पर हम पुश फाइव करें तो हमें पता है हमारी q ऑलरेडी अपनी कैपेसिटी रीच कर चुकी है इसके
08:53
Speaker A
अंदर फाइव को हम इंसर्ट नहीं कर पाएंगे तो कैपेसिटी कब रीच होती है कैपेसिटी तब रीच होती है जब हमारी करंट साइज बिकम इक्वल टू द टोटल कैपेसिटी तो यहां पर एक चेक लगा सकते हैं इफ q का करंट साइज बिकम इक्वल टू
09:06
Speaker A
द कैपेसिटी उस केस में हम यहीं से सिंपली रिटर्न कर जाएंगे क्योंकि यहां पर हमारी जो q है वो फुल हो चुकी है तो इस तरीके से वी आर गोइंग टू इंप्लीमेंट द पुश फंक्शन पॉप फंक्शन की अगर बात करें तो पॉप के लिए
09:18
Speaker A
भी हमें वही सेम चीज करनी है जो हमने पुश के लिए की थी यानी जब हम पॉप के लिए फ्रंट को प्लस प्लस करेंगे तो प्लस प्लस करने की जगह व्हाट डू वी नीड टू डू वी नीड टू डू
09:26
Speaker A
फ्रंट + व मॉड्यूल कैपेसिटी तो इस तरीके से हम सर्कुलर मैनर में अपने दोनों के दोनों पॉइंट्स को मूव कर पाएंगे इनसाइड आर क्यू तो यहां पर पुश फोर के बाद अगर हम नेक्स्ट ऑपरेशन परफॉर्म करते हैं व्हिच इज पॉप तो पॉप करने के लिए हम
09:41
Speaker A
सिंपली f+ प कर देंगे यहां से हमारा टू डिलीट हो जाएगा अगर हम एक और पॉप करें तो उस केस में हम दोबारा f प्लस प्लस कर देंगे पर प्लस प्लस कहने का मतलब है कि हम सर्कुलर मैनर में मूव करेंगे विद द हेल्प
09:52
Speaker A
ऑफ़ दिस फॉर्मूला तो दोबारा से हम मान सकते हैं कि ये एलिमेंट हमारे लिए डिलीट हो जाएगा तो इस पॉइंट पर मतलब ये सारे ऑपरेशंस परफॉर्म करने के बाद अभी हमारा रियर एंड फ्रंट दोनों इस फोर एलिमेंट की
10:02
Speaker A
तरफ पॉइंट कर रहे हैं तो पप फंक्शन के अंदर सिंपली हमें क्या करना है वी हैव टू क्रिएट दिस पप फंक्शन जिसके अंदर हमारा फ्रंट हो जाएगा फ्रंट + 1 मॉड्यूल कैपेसिटी एंड उसके साथ में हमारा जो भी
10:13
Speaker A
करंट साइज है उसे हम माइनस माइनस करके डिक्रीज कर देंगे ताकि हम हमेशा अपने करंट साइज को ट्रैक कर सकें अब एलिमेंट्स को डिलीट करने से पहले यहां पर भी एक एक्स्ट्रा चेक है जिसको लगाया जा सकता है
10:23
Speaker A
व्हिच बेसिकली इज कि क्या हमारी q एमटी तो नहीं है तो q एमटी तो नहीं है उसके लिए हम यहां पर एक बेसिक सा चेक लगा सकते हैं अगर हमारा करंट साइज इज इक्वल टू 0 उस केस में
10:35
Speaker A
हमें पता है हमारी q एमटी है तो उस केस में यहां से हम सिंपली रिटर्न कर जाएंगे बिकॉज द क्य इज एमटी हम किसी भी एलिमेंट को यहां से डिलीट नहीं कर सकते तो ये दो मेजर फंक्शंस हैं जिनको हम सर्कुलर क्यू
10:45
Speaker A
के लिए इंप्लीमेंट कर सकते हैं वी कैन आल्सो क्रिएट अ थर्ड फंक्शन व्हिच इज द फ्रंट फंक्शन जिसके अंदर हम अपने फ्रंट एलिमेंट को रिटर्न करेंगे फ्रंट कहने का मतलब है कि यहां पर दिस इज ऑफ इंटी जर टाइप एंड यहां पर
10:59
Speaker A
सिली हम रिटर्न करेंगे अपने ए आर आर ऑफ फ्रंट को सो दिस बिकम द फ्रंट ऑफ द सर्कुलर क्यू एंड यहां पर भी हमारी q एमटी है या नहीं है हम उसका एक और एडिशनल चेक लगा सकते हैं तो इन तीन फंक्शन को
11:12
Speaker A
इंप्लीमेंट करने से हम अपनी पूरी की पूरी सर्कुलर क्यू को इंप्लीमेंट कर सकते हैं सो दिस इज हाउ द जनरल सूडो कोड इज गोइंग टू लुक लाइक लेट अस कन्वर्ट इट इनटू एक्चुअल कोड एक्चुअल कोड के लिए हम एक
11:21
Speaker A
क्लास बनाने वाले हैं जिसे हम कहेंगे अपनी सर्कुलर क्य सर्कुलर क्य के अंदर क को इंप्लीमेंट करने के लिए हमें सबसे पहले तो एक इंटी जर एरे को क्रिएट करना पड़ेगा तो उसे हम क्रिएट करने वाले हैं इन द फॉर्म
11:34
Speaker A
ऑफ़ पॉइंट्स तो हम डायनेमिक मेमोरी को एलोकेट करेंगे टू दिस पॉइंटर एरे जो हमारे एरे को पॉइंट करेगा इसके साथ में हमारे पास करंट साइज नाम की एक प्रॉपर्टी होनी चाहिए हमारे पास कैपेसिटी होनी चाहिए अपनी q की एंड वी शुड हैव टू पॉइंट्स एक हमारा
11:45
Speaker A
फ्रंट जिसे इनिश इइ करेंगे ज़ीरो से एक हमारा रियर जिसे इनिशियलिज्म से तो नाउ लेट अस क्रिएट सम पब्लिक प्रॉपर्टीज सबसे पहले तो हम सर्कुलर q के लिए उसका एक कंस्ट्रक्टर बनाने वाले हैं जब भी हम सर्कुलर क को इनिश इज करेंगे हमें उसका
11:59
Speaker A
साइज पास करना पड़ेगा तो यहां पर हमारे पास साइज आएगा व्हिच विल बिकम द कैपेसिटी ऑफ आवर एरे एंड एरे के अंदर मेमोरी को इनिश करने के लिए कुछ इस तरीके से हम मेमोरी एलोकेट कर सकते हैं तो
12:12
Speaker A
कैपेसिटी के इक्वल साइज का एरे हमारे लिए क्रिएट होकर आ जाएगा इनफैक्ट हम चाहे तो यह फ्रंट एंड रियर का जो इनिश इजेशन है इसे हम एक्चुअली यहां पर करने वाले हैं तो यहां पर सिर्फ हम दो पॉइंट्स
12:24
Speaker A
लिखेंगे एफ एंड r शोइंग आवर फ्रंट एंड रियर वैल्यू तो इस तरीके से दिस इज़ द कंस्ट्रक्टर जिसको हमें क्रिएट करना है एंड साथ के साथ वी हैव टू इंप्लीमेंट थ्री मेन फंक्शंस एक हमारा वॉइड पुश फंक्शन हो
12:38
Speaker A
जाएगा जिसके हम अपने डाटा को इंसर्ट करेंगे एक वॉइड पॉप फंक्शन हो जाएगा दिस विल बी इंटी जर डेटा एंड एक हमारे पास हमारा इंटी जर फ्रंट फंक्शन हो जाएगा साथ के साथ हम चाहें तो एक बुलियन एमटी फंक्शन
12:53
Speaker A
को भी इंप्लीमेंट कर सकते हैं अब हमें पता है हमारा एमटी फंक्शन कैसे वर्क करेगा हम सिंपली चेक कर लेंगे जब भी द करंट साइज ऑफ द एरे इज गोइंग टू बी इक्वल टू 0 उस केस में हमारी जो सर्कुलर क्यू है दैट इज
13:08
Speaker A
एम्टी सबसे पहले इंप्लीमेंट करते हैं अपने पुश फंक्शन को पुश फंक्शन के अंदर सबसे पहले तो हम चेक करेंगे कि करंट साइज कैपेसिटी के इक्वल तो नहीं हो गया अगर करंट साइज कैपेसिटी के इक्वल है तो उस केस
13:19
Speaker A
में हमें सी आउट करना है दैट द सर्कुलर q इज फुल मतलब और नया डाटा इसके अंदर इंसर्ट नहीं हो सकता यहां से हम कर जाएंगे रिटर्न जिस केस में हमारे पास कैपेसिटी एजिस्ट करती है उस केस में सबसे पहले तो हम
13:32
Speaker A
क्योंकि हमेशा इंसर्ट करते हैं फ्रॉम द रियर एंड हम r पॉइंटर को अपडेट कर देंगे विद r + 1 मॉडलो कैपेसिटी एंड उसके बाद ए आरआर ऑफ आर पर हम इंसर्ट कर देंगे अपने डाटा को एंड करंट साइज को भी हम करने वाले
13:46
Speaker A
हैं प्लस प्लस पॉप फंक्शन को इंप्लीमेंट करने के लिए सबसे पहले हम चेक कर सकते हैं कि सर्कुलर क्यू एमटी तो नहीं है अगर एमटी है तो उस केस में इसकी तरह हम सिंपली प्रिंट करवा सकते हैं दैट द सर्कुलर क्य
13:58
Speaker A
इज ए मतलब कोई एलिमेंट पॉप नहीं हो सकता और अगर एलिमेंट पॉप हो सकता है तो सबसे पहले हम अपने फ्रंट को कर देंगे अपडेट तो फ्रंट प्लस प्लस कर दिया तो ऑटोमेटिक जैसे ही हमारा पॉइंटर अपडेट हो गया वी नो कि
14:11
Speaker A
पुराना डाटा अब हमारे लिए रिलेवेंट नहीं है एंड करंट साइज को हम कर देंगे माइनस माइनस कुछ इस तरीके से फ्रंट अगर हमें रिटर्न करना है तो इस केस में वी सिंपली रिटर्न एरे ऑफ फ्रंट की वैल्यू एंड यहां
14:24
Speaker A
पर भी ये जो एमटी वाला चेक है इसको हम अलग से लगा सकते हैं इन केस हमारे पास वैल्यू एजिस्ट नहीं करती जिस केस में फ्रंट एजिस्ट नहीं करता मतलब सर्कुलर क्यू एमटी है उस केस में वी आर गोइंग टू रिटर्न -1
14:34
Speaker A
टाइम कंपलेक्सिटी अगर एनालाइज करें अपने फंक्शंस की हमारा जो पॉप फंक्शन है इसको भी हमने कांस्टेंट टाइम कॉम्लेक्स टी के अंदर इंप्लीमेंट किया है हमारा जो पुश फंक्शन है इसे हमने कांस्टेंट टाइम कॉप्लेक्स टी के अंदर इंप्लीमेंट किया है
14:46
Speaker A
सिमिलरली पॉप फंक्शन को भी कांस्टेंट टाइम कॉम्लेक्स टी के अंदर फ्रंट को भी कांस्टेंट टाइम कॉम्लेक्स टी के अंदर एंड एमटी फंक्शन को भी कांस्टेंट टाइम कॉप्लेक्स के अंदर इंप्लीमेंट किया है तो लेट अस क्रिएट अ न्यू सर्कुलर
14:58
Speaker A
क्यू विद अ फिक्स साइज इसका फिक्स साइज हम रखेंगे थ्री के इक्वल सबसे पहले सर्कुलर q के अंदर हम कुछ डटा को पुश करने वाले हैं लेट अस सपोज हमने वन को पुश किया उसके बाद टू थ्री तो इस तरीके से वी विल ट्राई टू पुश
15:14
Speaker A
लेट्स सपोज फोर एलिमेंट्स हमें पता है हमारी सर्कुलर क्य के अंदर 1 2 3 तो पुश हो जाएंगे पर जैसे ही हम फोर को पुश करेंगे हमारे पास आ जाएगा q इज फुल तो इसे रन करने से पहले एक और छोटा सा चेंज है
15:24
Speaker A
जिसको हमें करना पड़ेगा अपने कंस्ट्रक्टर के अंदर वी आल्सो नीड टू इनिश इइ द करंट साइज़ विद अ वैल्यू ऑफ़ ज़ीरो तो इसे सेव कर लेते हैं एंड यहां पर लेट अस रन दिस तो 1 2 3 हमारी q के अंदर पुश हो गए जैसे ही
15:38
Speaker A
हम फोर को पुश करने चले हमारे पास आया सर्कुलर q इज़ फुल तो बेसिकली अभी हमने तीन ऑपरेशंस को परफॉर्म किया है व्हिच इज पुश 1 2 3 तो इन तीन ऑपरेशंस को अभी हमने परफॉर्म किया है अभी हमारा जो करंट साइज
15:51
Speaker A
है दैट इज इक्वल टूथ एंड अभी इस तरीके से 1 2 3 तीन एलिमेंट्स हमारे पास हैं हमारा फ्रंट यहां पर है हमारा रियर यहां पर है इसके बाद इ वी ट्राई टू पॉप वन एलिमेंट तो उससे क्या होगा हमारा फ्रंट इंक्रीज हो
16:02
Speaker A
जाएगा एंड वन यहां से हट जाएगा तो यहां पर हम एक पॉप का जो फंक्शन है उसे लिखने वाले हैं सर्कुलर q डॉट पॉप जिससे अब हमारी क कुछ इस तरीके की दिखाई देती है एंड साथ के साथ इसके अंदर जो साइज है वो भी अपडेट हो
16:15
Speaker A
चुका है टूटू एंड नेक्स्ट हम चाहे तो एक और नया एलिमेंट पुश कर सकते हैं व्हिच इज इक्वल टू फोर फोर पुश करने का मतलब है रियर अब यहां पर आ जाएगा एंड हमारा न्यू एलिमेंट यहां पर आ जाएगा एंड करंट साइज
16:25
Speaker A
विल बिकम इक्वल टू थ तो इन सारे ऑपरेशंस को परफॉर्म करने के लिए हमें सि सिली यहां पर सर्कुलर कडॉट पुश लिखना है फोर एंड नाउ वी आर गोइंग टू प्रिंट आवर एरे और हमारे एरे के अंदर एलिमेंट्स जो है वो एगजैक्टली
16:36
Speaker A
इसी ऑर्डर के अंदर प्रिंट होकर आने वाले हैं तो एक और एक्स्ट्रा हम फंक्शन बना सकते हैं लेट अस कॉल दिस प्रिंट एरे जिसके अंदर हम अपने पूरे के पूरे एरे के एलिमेंट्स को प्रिंट करवाएंगे तो लेट अस
16:48
Speaker A
क्रिएट अ लूप आ इक्वल 0 आ लेसन द कैपेसिटी आ प्लस प्लस हम हमेशा सी आउट कर देंगे अपने ए आर आर ऑफ आ को विथ सम स्पेस एंड सी आउट एंड ऑफ लाइन तो यहां पर सर्कुलर q के लिए हम प्रिंट एरे फंक्शन को
17:05
Speaker A
कॉल करने वाले हैं तो हमारे पास 4 2 3 इसी सिमिलर ऑर्डर में अपने एलिमेंट्स जो हैं वो प्रिंट होकर आ गए हैं अब सर्कुलर q की अगर बात करें ये तो हमने एरे के एलिमेंट्स को प्रिंट करवा दिया अकॉर्डिंग टू अ q
17:16
Speaker A
हमेशा फ्रंट प्रिंट होता है तो q के अंदर अभी एलिमेंट्स किस ऑर्डर में एजिस्ट करते हैं फ्रंट पर टू है उसके बाद थ्री है उसके बाद फोर है तो यहां पर हमारा फ्रंट एजिस्ट करता है यहां पर हमारा रियर एजिस्ट करता
17:27
Speaker A
है इसी एरे को अगर हम सर्कुलर q की तरह इमेजिन करें तो तो एक बार q के एलिमेंट्स को भी प्रिंट करवाते हैं तो हमारे पास 2 3 4 इसी ऑर्डर में एलिमेंट्स प्रिंट होकर आने चाहिए तो यहां पर इसे कॉमेंट आउट कर
17:37
Speaker A
देते हैं वी विल रन अ लूप जब तक आवर सर्कुलर क्य इज नॉट एमटी तब तक वी हैव टू प्रिंट द सर्कुलर क्यू का फ्रंट विथ सम स्पेस एंड सर्कुलर क्यू से पॉप कर देंगे हम अपनी वैल्यूज को एंड लास्ट में सी आउट
17:52
Speaker A
कर देंगे एंड ऑफ लाइन लेट्स सेव इट एंड रन तो 2 3 4 जो ऑर्डर सर्कुलर क्यू के लिए हमने विजुलाइज किया था 2 3 4 इसी ऑर्डर में हमारे जो एलिमेंट्स हैं हमारे पास प्रिंट होकर आ गए तो इस तरीके से हम अपनी
18:05
Speaker A
सर्कुलर क्यू को इंप्लीमेंट करते हैं इन c+ प अब सर्कुलर क्यू के एज सच कोडिंग टेस्ट में उतने सवाल नहीं आते पर कभी-कभी कुछ-कुछ इंटरव्यूज में सर्कुलर क्यू का जो कांसेप्ट है या जो इंप्लीमेंटेशन है वो पूछ लिया जाता है सो दैट इज व्हाई द
18:17
Speaker A
कांसेप्ट ऑफ़ अ सर्कुलर क्यू इज आल्सो इंपोर्टेंट फॉर अस टू अंडरस्टैंड तो आई होप कि आज के लेक्चर से सर्कुलर क्यू का जो कंप्लीट कांसेप्ट एंड इंप्लीमेंटेशन है वो हमें अच्छे से समझ में आया होगा इफ यू हैव सक्सेसफुली कंप्लीटेड टुडेज लेक्चर यू
18:27
Speaker A
कैन मार्क इट इन जज डाउन इन द कॉमेंट्स इसके साथ में यू कैन आल्सो शेयर योर प्रोग्रेस विद मी ऑन
Topics:सर्कुलर क्यूडेटा स्ट्रक्चरक्यू इंप्लीमेंटेशनफ्रंट और रियर पॉइंटरFIFOएरेपुश ऑपरेशनपॉप ऑपरेशनDSA हिंदीShradha Khapra

Frequently Asked Questions

सर्कुलर क्यू और नॉर्मल क्यू में क्या अंतर है?

सर्कुलर क्यू में एलिमेंट्स को एक सर्कुलर तरीके से स्टोर किया जाता है जिससे मेमोरी का बेहतर उपयोग होता है, जबकि नॉर्मल क्यू में मेमोरी का उपयोग सीमित होता है और फ्रंट से एलिमेंट्स पॉप होते हैं।

सर्कुलर क्यू को कैसे इंप्लीमेंट किया जाता है?

सर्कुलर क्यू को फिक्स्ड साइज एरे के रूप में इंप्लीमेंट किया जाता है जिसमें फ्रंट और रियर पॉइंटर्स होते हैं जो मॉड्यूलर ऑपरेशन के जरिए अपडेट होते हैं।

पुश और पॉप ऑपरेशन सर्कुलर क्यू में कैसे काम करते हैं?

पुश ऑपरेशन में नया एलिमेंट रियर पॉइंटर के स्थान पर डाला जाता है और रियर को अपडेट किया जाता है, जबकि पॉप ऑपरेशन में फ्रंट पॉइंटर को बढ़ाकर एलिमेंट को हटाया जाता है।

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