Speaker A
दादाजी ने एक सूखी लकड़ी को हाथ लगाया। वह चमचमाती Rolls-Royce में बदल गई। दादाजी घबरा गए। उन्होंने पास पड़ा एक पत्थर छुआ। वह भी Rolls-Royce बन गया। फिर उन्होंने एक पुरानी बाल्टी को हाथ लगाया। वह भी Rolls-Royce बन गई। पेड़ की सूखी टहनी छुई। वह भी Rolls-Royce बन गई। दादाजी के चेहरे पर डर साफ दिखाई देने लगा। वह जल्दी-जल्दी घर पहुंचे। लेकिन जैसे ही उन्होंने घर का गेट छुआ, वह एक विशाल Rolls-Royce में बदल गया। दादाजी और घबरा गए। तभी गलती से उनका हाथ घर की दीवार से लग गया और देखते ही देखते पूरा घर Rolls-Royce कारों में बदल गया। गांव वाले दौड़ते हुए वहां आ गए। चारों तरफ Rolls-Royce ही Rolls-Royce खड़ी थी। तभी गांव का मुखिया गुस्से में वहां पहुंचा। उसने चिल्लाकर कहा, "अगर इस बूढ़े ने पूरे गांव को छू लिया, तो हमारा गांव Rolls-Royce का जंगल बन जाएगा।" गांव वाले डर गए। दादाजी बार-बार समझाने की कोशिश [संगीत] करते रहे कि उन्हें खुद नहीं पता यह कैसे हो रहा है। लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। बेटे ने भी उनसे मुंह मोड़ लिया। आखिरकार गांव वालों ने दादाजी को गांव से बाहर निकाल दिया। आंखों में आंसू लिए दादाजी अकेले शहर की तरफ चल पड़े। कई घंटे भटकने के बाद वह शहर पहुंचे। वहां सड़क किनारे उन्हें एक फटा हुआ पुराना बैग दिखाई दिया। वह एक नई चमचमाती Rolls-Royce में बदल गया। तभी वहां से गुजर रही एक अमीर बिजनेसमैन की नजर उस कार पर पड़ी। वह हैरान होकर बोला, "वाह, ऐसी Rolls-Royce मैंने आज तक नहीं देखी।" उसने तुरंत दादाजी को मोटी रकम देकर वह कार खरीद ली। पैसे हाथ में आते ही दादाजी के दिमाग में एक जबरदस्त आइडिया आया। अब दादाजी रोज सड़क पर पड़े पत्थर, पुरानी लकड़ियां, टूटे डिब्बे और बेकार सामान को छूकर Rolls-Royce में बदलने लगे। पहले दिन 20 Rolls-Royce बिकी। देखते ही देखते पूरे शहर में दादाजी की Rolls-Royce मशहूर हो गई। लोग दूर-दूर से उनकी Rolls-Royce खरीदने आने लगे। कुछ ही महीनों में दादाजी ने शहर सबसे बड़ा Rolls-Royce शोरूम खोल दिया। ने लाइक, सब्सक्राइब नहीं किया।











