इश्क जुनूनी एपिसोड 06 में रूहानी पुलिस और न्याय व्यवस्था से संघर्ष करती है, परिवार और सत्ता के दबावों के बीच इंसाफ की लड़ाई लड़ती है।
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Key Takeaways
- न्याय पाने के लिए सिस्टम की बाधाओं और सत्ता के दबावों का सामना करना पड़ता है।
- सबूत और गवाही के बिना पुलिस कार्रवाई मुश्किल होती है।
- परिवार और व्यक्तिगत रिश्ते न्याय की लड़ाई में प्रभावित होते हैं।
- हिंसा से बचना और समझदारी से काम लेना जरूरी है।
- एक अकेली महिला भी बड़े सिस्टम के खिलाफ लड़ सकती है।
What the video covers
- रूहानी हाई कोर्ट चीफ जस्टिस को लेटर लिखकर पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने की कोशिश करती है।
- पुलिस और सिस्टम नागेश्वर चौधरी के प्रभाव में है, जिससे केस में बाधाएं आती हैं।
- रूहानी के पास अब सबूत हैं और वह गवाही देने के लिए तैयार है, लेकिन वकील और परिवार के दबावों का सामना करती है।
- नागेश्वर चौधरी और उसके परिवार के लोग पुलिस और सत्ता का दुरुपयोग कर मामले को दबाने की कोशिश करते हैं।
- परिवार के अंदर भी संघर्ष है, जहां कुछ सदस्य हिंसा और बदले की राह पर चलना चाहते हैं।
- रूहानी अपने भाई के लिए इंसाफ की लड़ाई अकेले लड़ने का संकल्प लेती है।
- परिवार के कुछ सदस्य रूहानी को रोकने और समझाने की कोशिश करते हैं कि हिंसा से बचना चाहिए।
- मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने का खतरा है, जिससे पूरे सिस्टम में हलचल मची हुई है।
- रूहानी और उसके परिवार के बीच रिश्ते टूटने लगते हैं, क्योंकि वे अलग-अलग रास्ते अपनाते हैं।
- एपिसोड में न्याय, परिवार, सत्ता और व्यक्तिगत संघर्ष की गहरी झलक मिलती है।
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Speaker A
इश्क जुनूनी
Speaker B
इश्क जुनूनी
Speaker B
एसपी साहब आप यहां?
Speaker C
यहां रूहानी साहेब कौन है?
Speaker D
जी सर मैं हूं रूहानी।
Speaker C
हाई कोर्ट चीफ जस्टिस को यह लेटर आपने लिखा था?
Speaker D
जी सर।
Speaker C
इस पर एक्शन लेते हुए आपको पुलिस स्टेशन आकर एफआईआर लिखवानी पड़ेगी।
Speaker B
क्या?
Speaker E
हाय दैया रे अब कौन सा बखेड़ा खड़ा हो गया?
Speaker D
ठीक है सर।
Speaker D
मैं रेडी हूं।
Speaker C
एजुकेटेड लगती हैं आप बट बेसिक प्रोटोकॉल्स आपको कुछ नहीं मालूम कोर्ट में कंप्लेन करने से पहले आपने एफआईआर क्यों नहीं लिखवाई?
Speaker D
ट्राई किया था सर एफआईआर तो दूर की बात है किसी ने मेरी बात तक नहीं सुनी।
Speaker C
पुलिस के भी कुछ रूल्स एंड रेगुलेशंस होते हैं मैडम बिना सबूत और आई विटनेसेस के कोई कंप्लेन नहीं लिखी जाती।
Speaker D
सर मैंने पुलिस स्टेशन में बार-बार कहा कि मैं आई विटनेस हूं यह आई विटनेस है।
Speaker D
लेकिन फिर भी किसी ने कोई एक्शन नहीं लिया।
Speaker D
उस वक्त मेरे पास कोई सबूत नहीं था लेकिन अब मेरे पास सबूत है।
Speaker C
आप दोनों आई विटनेसेस पुलिस स्टेशन आइए आपका एफआईआर मैं खुद लिखूंगा और एक्शन भी लूंगा।
Speaker F
गजब की लड़की है जी नागेश्वर चौधरी के सामने खड़ी हो गई।
Speaker E
बेटा तो पहले ही बिस्तर पर पड़ा था पता नहीं अब किस पे बवाल होगा।छोड़ेंगे नहीं वो लोग टीटी साहब को।
Speaker F
छोड़ेंगे नहीं वो लोग टीटी साहब को।
Speaker E
हो गया ना खेला शुरू हां अरे काहे थे बेटी है ज्यादा छूट मत दो।
Speaker E
बांध के रखो लेकिन नहीं अरे अब मधुमक्खी के छत्ता में हाथ डाल ही दिए हो तो डंक से मत घबराओ।
Speaker E
और शेखर बबुआ तुम दोनों कान खोल के सुन लो ये खेला नौटंकी में ना तुम लंबे नापे जाओगे बुझे।
Speaker D
शेखर किसी की बात सुनने की ना कोई जरूरत नहीं है तुम मेरे साथ चलो।
Speaker G
एक मिनट रूहानी।
Speaker G
रूहानी हद कर दी यार तुमने चीफ जस्टिस को लेटर लिख दिया तुम्हें पता है ना ये पुलिस वाले ईगो पे लेकर काम करेंगे।
Speaker G
और पुलिस छोड़ो अगर वो नागेश्वर चौधरी ने अपने ईगो पे ले लिया ना तो पता नहीं क्या होगा।
Speaker D
तो क्या उनके ईगो के सामने हमारी सेल्फ रिस्पेक्ट कुछ नहीं है भैया की जिंदगी मैटर नहीं करती है क्या?
Speaker D
ये सब छोड़ो तुम अभी मेरे साथ चलो।
Speaker G
रूहानी ये सब इतना सिंपल नहीं है।
Speaker G
पूरा सिस्टम नागेश्वर चौधरी के इशारे पे चलता है और अगर मैं इस केस में उलझा ना तो मेरा वीजा कैंसिल हो जाएगा।
Speaker G
मेरी लाइफ मेरा करियर बर्बाद हो जाएगा मैं गवाही नहीं दे सकता।
Speaker G
आई एम सॉरी।
Speaker D
तो ये है तुम्हारा असली चेहरा।
Speaker D
ठीक है तुम्हें अपने वीजा की अपने करियर की फिक्र है ना तो मुझे भी अपने परिवार की फिक्र है।
Speaker D
तुम्हें मेरा साथ नहीं देना ना तो मत दो ये लड़ाई मैं अकेले ही सही लेकिन खुद लडूंगी।
Speaker B
रूहानी।
Speaker G
रूहानी।
Speaker E
हाय दैया रे हम पहले ही कहे थे एक दिन ये लड़की हमने भाई को बर्बाद करके छोड़ेगी।
Speaker E
अरे वो नागेश्वर चौधरी नागेश्वर चौधरी छुच्छा नाग है नाग उसका डसा हुआ पानी तक नहीं मांगता समझे।
Speaker H
जी जी मंत्री जी हां देखिए आप क्या कर सकते हैं जी।
Speaker I
मंत्री जी फोन फोन।
Speaker H
हां हां एक एक मिनट एक मिनट।
Speaker H
हां जी साहब।
Speaker I
जी बहुत इंपोर्टेंट है जी जी।
Speaker H
बस मैं क्या बताऊं मैं जरूरी।
Speaker I
बहुत इंपोर्टेंट है जी जी।
Speaker H
एक सेकंड होल्ड कीजिए।
Speaker I
जी जी जी बहुत इंपोर्टेंट है जी जी।
Speaker H
हां हां।
Speaker I
बहुत इंपोर्टेंट है जी जी ये बात।
Speaker H
अरे चुप।
Speaker H
अरे हम इंसान हैं रावण नहीं है।
Speaker H
कि 10-10 सर लेकर 10-10 फोन सुनाएंगे।
Speaker H
एक लड़की ने एक दिन में हमारी बरसों की सत्ता को चुनौती दे दी और तुम लोग ये फोन-वोन खेल रहे हो।
Speaker H
ए वकील कहां है हमारे कहां है वकील?
Speaker J
पापा मैंने फोन कर दिया है आते ही होंगे।
Speaker H
वो सबूत तो हम अपनी आंखों के सामने तुड़वा दिए थे ना ये लड़की ये नया सबूत कहां से ले आई।
Speaker H
ए बंटी तू फोन लगा दर होगा को जरा।
Speaker I
जी जी वो कहां है वो सीधे हाई कोर्ट में अपील डाली है ऊपर से ऑर्डर है कोई कुछ नहीं करेगा।
Speaker I
वो अभी तो प्रदेश के चीफ जस्टिस को मेल की है कहीं ऐसा ना हो कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस तक बात पहुंच गई ना तो मामला गड़बड़ हो जाएगा।
Speaker K
कैसा बात कर रहे हैं आप और कुछ नहीं तो कम से कम।जीजी का मुंह देखिए हां कैसे सूख कैसा छोटा सा शक्ल हो गया है।
Speaker K
हे भगवान ये कैसा संकट ला दिए हमारे खुशहाल फैमिली पर।
Speaker K
लेकिन हम कहेंगे तो छोटा मुंह और बड़ा बात हो जाएगा लेकिन फिर भी हम कहना चाहते हैं कि इससे पहले कि पुलिस बड़ा हवेली पर आए अगर अगर गुरु बाबू खुद ही सरेंडर कर दें तो ठीक होगा।
Speaker H
कोई सरेंडर नहीं होगा।
Speaker L
ऐसा साधु महात्मा बनने का शौक होता ना तो गंगा किनारे जाते गांधी चौक पे गोली ना चलाते।
Speaker H
ए पुलिस साहिबा अरे शेर हम शेर और किसी के माई के लाल में अब दम नहीं जो शेर की गुफा में घुसकर शेर के बच्चे को उठा के ले जाए।
Speaker K
एक मिनट एक मिनट।
Speaker K
हाय बाप जीजी के अम्मा देखिए ना जिसका डर था वही हो गया आ गया कलमुहा लोग।
Speaker K
हमारा तो अब बीपी चढ़ रहा है हम तो ये सोच रहे हैं कि अगर अगर हमारे गुरु का गिरफ्तारी हो गया हम तो दुनिया में मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे।
Speaker M
ताऊ जी अग्रिम जमानत रद्द हो गई है।
Speaker M
पुलिस अंदर आ रही है।
Speaker N
वो कंपाउंडर पुलिस लेके आई है।
Speaker L
हां अगर ऐसा है ना तो पुलिस का इलाज भी हम ही कर देते हैं।
Speaker L
जहां एक गोली वहां 20-50 और सही।
Speaker J
छोटे गुरु रुक जा।
Speaker O
किसी की भी बात सुनकर कोई नासमझी मत करना अगर आज तूने गोली चलाई फिर ना तो कानून पीछे हटेगा और ना ही इस बड़ी कोठी के लोग।
Speaker O
और अगर गोलीबारी करके आज ही आज अपने खानदान को खत्म करना है तो ले चला जा।
Speaker L
ए।
Speaker O
गुरु आज जीवन में पहली बार तुम्हारी मां की बात से सहमत हैं हम।
Speaker J
हां पापा देखो दादी बिल्कुल ठीक कह रही है अभी केस हमारे हाथ में है अगर हमने पुलिस से झगड़ा मोल ले लिया तो प्रॉब्लम में फंस जाएंगे और छोटा भी फंस सकता है।
Speaker O
नागेश्वर गरम खाना अगर ठंडा करके ना खाया जाए ना तो जीभ जल जाती है बात को बिगाड़ना ना है संभालना है।
Speaker D
गुरु चौधरी मैंने कहा था ना तुम्हारी हर नाइंसाफी का बदला लेकर रहूंगी मैं।
Speaker D
अपने भाई को इंसाफ दिला कर रहूंगी मैं।
Speaker O
तुमसे कोई शिकायत नहीं है और ना ही हम तुम्हें रोकना चाहते हैं बस बेटा इतना समझाएंगे कि गलती और गुनाह में फर्क होता है।
Speaker O
हमारा गुरु ने गलती की पर सजा तुम उसे गुनाहों की दिलवाना चाहती हो बस इतना जान लो गुनाहों का रास्ता एक तरफा होता है तुम्हारा भाई तो लौट के आ जाएगा पर मेरा बच्चा अगर एक बार गुनाहों के रास्ते पे गया वो वापस लौट नहीं पाएगा।
Speaker D
तो जाओ।
Speaker D
संभाल लो अपनी जिंदगी।
Speaker D
क्योंकि मेरी लाइफ का एक ही मकसद है अपने भाई को इंसाफ दिलवाना।
Speaker D
और मुझे नहीं पता कि ये लड़ाई कहां और कब रुकेगी।
Speaker D
और तुम्हारे लिए यही बेहतर होगा तुम जाओ।
Speaker D
और अपने लिए एक न्यू लाइफ पार्टनर ढूंढ लो।
Speaker D
और हां।
Speaker D
तुमसे जुड़ा अपना हर एक रिश्ता आज मैं खत्म करती हूं।
Speaker D
ए।
Speaker D
हमारी मां की परवरिश में बोलने वाली तुम होती कौन हो।
Speaker D
गुरु बंदूक नीचे कर।
Speaker D
गुरु बंदूक नीचे कर वरना तेरे हाथों तेरी मां की जान जाएगी।
Speaker D
ले जाइए इसे।
Speaker D
पर सूरज उगने से पहले अपनी क्रांतिकारी बेटी के साथ पुलिस थाने पहुंच जाना।
Speaker D
वहां हमारा वकील कुछ कागजों पर उसके दस्तखत लेगा।
Speaker D
अगर हमारी इस विनती को तुमने नजरअंदाज किया।
Speaker D
या हमको हल्का में लिया तो पूरे परिवार को बहुत भारी पड़ेगा।
Speaker D
मम्मी।
Speaker D
निक्की।
Speaker D
निक्की।
Speaker D
निक्की।
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