उज्जाई प्राणायाम से मन और शरीर को डिटॉक्स और ऊर्जा मिलती है, तनाव कम होता है और मानसिक शांति बढ़ती है।
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Key Takeaways
- उज्जाई प्राणायाम मन और शरीर दोनों को डिटॉक्स करता है।
- यह तनाव कम करने और मानसिक शांति बढ़ाने में प्रभावी है।
- सांस लेने की प्रक्रिया में मांसपेशियों और आवाज का सही उपयोग जरूरी है।
- नियमित अभ्यास से जीवन शक्ति और ऊर्जा में वृद्धि होती है।
- मन को नियंत्रित करना और स्थिर रखना इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य है।
What the video covers
- उज्जाई श्वास एक विजयी संस्कृत शब्द से प्रेरित तकनीक है जो मन को नियंत्रित करती है।
- इस प्राणायाम में नाक से सांस लेना और छोड़ना शामिल है, जिससे मांसपेशियों का उपयोग होता है।
- सांस लेने और छोड़ने के दौरान एक विशिष्ट आवाज उत्पन्न होती है जो शिवलिंग खर्राटे जैसी होती है।
- यह तकनीक शरीर और मन को ऊर्जा और जीवन शक्ति प्रदान करती है।
- उज्जाई श्वास तनाव कम करने और मन को स्थिर करने में मदद करती है।
- सांस लेने की यह प्रक्रिया शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है।
- नियमित अभ्यास से मानसिक शांति और विश्राम की अनुभूति बढ़ती है।
- मन को संभालना और नियंत्रण में रखना इस प्राणायाम का एक महत्वपूर्ण लाभ है।
- इस तकनीक को सही तरीके से करने के लिए मांसपेशियों और आवाज पर ध्यान देना आवश्यक है।
- अधिक अभ्यास से इसके प्रभाव और अनुभव में वृद्धि होती है।
Chapters
- 00:00उज्जाई प्राणायाम का परिचय और महत्व
- 00:16सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया
- 00:32विशिष्ट आवाज और मांसपेशियों का उपयोग
- 00:59श्वास अभ्यास के दौरान ध्यान केंद्रित करना
- 01:54उज्जाई श्वास का अभ्यास और तकनीक
- 03:14स्वास्थ्य लाभ और तनाव कम करना
- 03:37सांस के चार मुख्य कार्य और मन का नियंत्रण
- 04:21मन को संभालने का महत्व और निष्कर्ष
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Speaker A
कि से तो विजयी संस्कृत का शब्द है। उसका मतलब होता है मंगल, जय, इस विक्ट्री। वह वास जिससे हम मन को जीत सके। जो मन में गड़बड़ होता रहता है, उसको कैसे कंट्रोल करें? उसके लिए ऊर्जा विश्वास होता है, राइट।
Speaker A
विक्टोरियस प्रैक्टिस बोलते हैं। तो इसमें हम नाक से सांस लेते, नाक से श्वास छोड़ते हैं। लेते और छोड़ते समय बैकअप तो थोड़ा कुछ मसल्स को इसको यूज करते हैं। तो स्वस्थ रहिए। कटी हुई गार्लिक उड़ती हुई स्थिति आती जाती है। तो कुछ आवाज क्रिएट करती है।
Speaker A
वह आवाज संभव सिमिलर टू शिवलिंग खर्राटे से मिलता-जुलता है। एक बार मुझे सुन लीजिएगा। तबीयत कैसा है? हुआ है? अच्छा, ठीक है ना? अभी सब देखते हैं कौन सी मसाज को यूज कर रहे हैं। मैं पाता उससे कई
Speaker A
बार आप देख छोटे से पोलो का मिनट का गोली खाते थे, पानी पीते थे, ठंडा लगता तो कैसे करते थे? कर देना उसको रिचार्ज कर सकते। आ हुआ है। लुट थोड़ा और रखेंगे तो आवाज कुछ और पर्व। तो गैस सुनिए एक बार अ
Speaker A
हुआ है हैं। तो जहां पानी ठंडा लगा करता था, वहीं उस उसी जगह की मसल्स तो हमें इसको यूज करना है। ठीक है? यह ऐसे करिए। आप पैसे करके जो जहां आपको कर जो सरसराहट है, वहां वही हमें ध्यान देना है। या कई बार आप कानाफूसी
Speaker A
करते ना? इस जगह फटाफट क्या कह रहा था? वह तुझे सुनना है क्या? मैं बताता हूं। तो ऐसा करके जाऊं। जब वह जिस मैसेज को बैकअप चोट यूज कर रहे हैं, उसी मुनि मसल्स को हमें उज्जाई श्वास में यूज करना है। वह होता है
Speaker A
ठीक है ना? तो इसको देख लेते हैं। एक बार प्रैक्टिस करेगा मेरे साथ। पहले मुंह खोलकर जैसे पिपरमेंट खातिर डरता कैसी घातें। इसको रगड़िए मेरे साथ करें। हैं हुआ है। में एक बार फिर से रगड़िए। मुंह खोल कर दो
Speaker A
का अभाव बंद कर लीजिए। अगर चालू करते हैं कि अ हुआ है हुआ है को चालू रखे 30 से और नीचे अपने आप से या कंटिन्यू। बहुत अच्छा कर रहे हैं आप लोग। करिए। हुआ है हुआ है कि आखिर बंद करेंगे तो रहता लोग अ
Speaker A
मैं एक और स्वास्थ्य शिकायत ए वंडरफुल से क्लियर हो गया आप लोगों। और दही स्वास्थ्य जितना ज्यादा प्रैक्टिस करेंगे, उतना ज्यादा स्ट्रेस्ड कर पाएंगे। जितना ज्यादा स्ट्रेच करेंगे, उतना ही ज्यादा इसका प्रभाव व अनुभव करेंगे। मन को संभालने का प्रभाव देखिए जो हमारी सांसें
Speaker A
हैं वह मुख्यतः चार काम करिए। अंदर आने वाली स्वास्थ्य में लाइफ फोर्स एनर्जी प्रेरणा लेकर आ रही है। राइज साथ में जो बाहर छुट्टी स्वास्थ्य शरीर को निशान डेढ मन को भी विशेष ध्यान दे रही है और टॉक्सिंस को भी रिलीज कर रही है। मन का एक
Speaker A
और काम है। वह समाज का एक और काम है मन को संभाल देना। तो मन मन को संभालती भी है सवा से। तो यह मुझे विश्वास में कंवर्ट करते हैं। हमारी नार्मल सांसों को ही चारों काम करने की क्षमता मल्टीफोल्ड हो जाती है। तो
Speaker A
वह इस वही है लेकिन वह ज्यादा टॉक्सिंस को रिलीज़ कर पाती है। वह ज्यादा विश्राम लेकर आप आती है। उसमें और पुराना लाइफ और से ज़्यादा आती है। मन ज्यादा समय लगता है। उठापटक नहीं होती। जनरल मैं कहता हूं आपका
Speaker A
सबसे बड़ा दो तो हमने आपके घरवाले नहीं, पड़ोसी बिल्कुल नहीं जो आपका बिखरा हुआ मन है ना। यह सबसे बड़ा दुश्मन है। तो दुश्मन की जरूरत नहीं है। और तो आसपास दोस्तों सब्सक्राइब करने लगता है कि आप इसको अच्छे से सब्सक्राइब
Speaker A
टो
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