The Art of Living Bhastrika Yoga-Energizing Pranayama — Transcript

भस्त्रिका प्राणायाम की विधि, लाभ और सावधानियां सीखें, जो ऊर्जा और प्राणशक्ति बढ़ाने में मदद करता है।

Key Takeaways

  • भस्त्रिका प्राणायाम ऊर्जा और प्राणशक्ति बढ़ाने का प्रभावी तरीका है।
  • सही पोजीशन और सांस लेने की विधि का पालन करना आवश्यक है।
  • हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट सर्जरी के बाद सावधानी जरूरी है।
  • आंखें बंद करके प्राणायाम करने से अधिक लाभ होता है।
  • प्राणायाम के बाद ध्यान और सुदर्शन क्रिया के लिए शरीर तैयार होता है।

Summary

  • भस्त्रिका प्राणायाम की परंपरागत विधि और उसका लोहार की धौंकनी से तुलना।
  • भस्त्रिका प्राणायाम से ऊर्जा, प्राणशक्ति और ऑक्सीजन स्तर बढ़ाने के लाभ।
  • ब्लड प्रेशर और हार्ट सर्जरी के बाद सावधानी और डॉक्टर की सलाह जरूरी।
  • सही प्रारंभिक पोजीशन: मुट्ठी कंधों के पास, रीढ़ की हड्डी सीधी, कंधे ढीले, चेहरे पर मुस्कुराहट।
  • सांस लेने और छोड़ने की विधि, हाथों की गति और ध्यान केंद्रित करने के निर्देश।
  • आंखें बंद करके प्राणायाम करने के फायदे, ऊर्जा का संचार महसूस करना।
  • प्राणायाम के दौरान शरीर की प्रतिक्रिया सुनना और आराम से करना।
  • तीन मुख्य राउंड करने से शरीर में नई ऊर्जा और प्राणशक्ति का संचार।
  • प्राणायाम के बाद ध्यान और सुदर्शन क्रिया के लिए तैयार होना।

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Speaker A
तो आइए अभी सीखते हैं भस्त्रिका प्राणायाम करते कैसे हैं। है जो गांव में लोहार की धौंकनी होती थी, उसको दूसरे का बोलते थे। लोहार किया करते थे, ढूंढो ऊपर करता था। तो नीचे जो चमड़े का थैला होता है, उसमें पूरा हवा भर जाती थी।
00:16
Speaker A
वह डे को नीचे खींचता है तो चमड़े के थैले से पूरी हवा निकल कर भट्टी में जाती थी। तो भट्टी की अग्नि तेज हो जाती थी। मैं इसी तरह से स्त्री का प्राणायाम में भी हम अपने लंस कि अपने हाथों को और फिर
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Speaker A
को यूज करके भस्त्रिका प्राणायाम करते हैं कि असीरगढ़ निगम के बहुत लाभ है। तुरंत हमारी ऊर्जा शक्ति को प्राणशक्ति को बढ़ाना हो तो भस्त्रिका प्राणायाम बहुत ही कारगर है। बस तरीका प्राणायाम हमको मेडिटेशन के लिए तैयार करता है। हमारी
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Speaker A
ऊर्जा शक्ति को बढ़ाता है, हमारी लर्न कैपेसिटी को बढ़ाता है। जो ऑक्सीजन लेवल काम को जरूरत होता है, हमारा ऑक्सीजन लेवल बढ़ जाता है। भस्त्रिका प्राणायाम करने से अच्छा क्या-क्या बातों का ध्यान रखना चाहिए। हमको यदि ब्लड प्रेशर हमारा बहुत
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Speaker A
ज्यादा हाई है तो या तो बस रिकार्ड नहीं करना चाहिए। बहुत आराम से करना चाहिए, बल नहीं लगाना चाहिए। कंबल के साथ करना चाहिए। हमको बसने का प्रणाम हैं। या आपको हार्ट सर्जरी वगैरह हुआ है तो भी भरेगा प्राणायाम आपको अवॉइड करना चाहिए।
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Speaker A
या डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए और अपने शरीर को सुनकर करें। जितने आपके लंग स्लो वर्क करते हैं, उसे थोड़ा ज्यादा करिए। तुम इससे हमें दूसरे प्राणायाम के पूरे लाभ मिलेंगे। भस्त्रिका करते कैसे हैं? बस तरीका के लिए इनिशियल पोजीशन में फल की मुट्ठी
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Speaker A
कंधों के पास रखिए। आप यह अंगूठे को फैलाते हैं तो आपके अंगूठे हल्के से कंधे को टच कर जाए। इतनी मुट्ठी आप अंगूठे के पास रखें। यह बाजू शरीर के पास, बाजू आप देख रहें हैं, इस शरीर के पास। यह रहे ऊपर ना रहें, कुनिया
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Speaker A
शरीर के पास रहे। रीड की हड्डी सीधा रहेगी, कंधे रहिए। हमारा टेंडेंसी हैव रीड थे, इसीलिए करते तो करने टाइट हो जाते हैं। या हाथ ऊपर कर दे तो करनी चाहिए। कंधों को ढीला रखिए, रीड की हड्डी को कमर को सीधा
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Speaker A
रखिए, गर्दन को सीधा रखेंगे। थोड़ी ऊपर रखते हैं, चेहरे पर मुस्कुराहट मिलाकर चेहरे को भी डाल कर लेते हैं। यह आपके लिए स्टार्टिंग पोजीशन है। तु लुटेरों को खोल देते हैं, हाथों को पूरी तरह खोल लेते हैं और अपने फैसलों में पूरी
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Speaker A
वॉल्यूम लेते हैं और बलपूर्वक वायु को पूरी तरह से खाली करते हैं। अपने बाजुओं को अपने रिप्स में, अपने यहां साइड में आकर टकराने देते हैं। कॉलोनियां भी लगे और पूरी तरह से फिट हो। खाली कर देते हैं, मुट्ठी वापस यही बंद हो
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Speaker A
जाए। इस पर ध्यान देते हैं। ध्यान रहे आप बहुत जोर से भी हाथों को नहीं मारिए। बहुत हद तक रूखी भी नहीं आकर लगने दीजिए। कैसे सांस भरकर हाथ ऊपर हैं। अजय को कि यदि आप पहली बार कर रहे हैं तो आप
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Speaker A
खोलकर पहला घूंट कर सकते हैं। अन्यथा भस्त्रिका प्राणायाम को आंखें बंद करके करना ही अधिक लाभकारी होता है। आंखें खोलकर भस्त्रिका करना ऐसा ही है जैसे छेदवाली बाल्टी से पानी लाने के जैसा। बंद आंखों से प्राणायाम करने से पूरी ऊर्जा शक्ति हमारे
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Speaker A
भीतर रहती है कि अ यह तीन राउंड स्त्री का हरण में 20,000 मिलकर भस्त्रिका करते हैं। साथ में की तैयारी के लिए लंबी गहरी साधारण सांस लेते हैं कि नॉर्थ पूरा फास्ट छोड़कर पिछड़ों को खाली करते हैं। ने पूरे जोश और होश में एक साथ अंदर रॉ एक
03:51
Speaker A
अंधाम अंधाम अंधाम अंधाम पांच अंदर छह अंद साथ अंदर रॉबर्ट अनअदर नो अंदसौर अंधे अंधे अंधे अंधा बिचार अंदर पांच अंदर छह अंदर था अंदर आठ अंदर नो अंद सांस विश्राम करें। हथेलियां उन घुटनों पर, हथेलियों रखते हैं।
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Speaker A
236 और खुली हथेली, आंखें बंद रखते हैं। वस्त्र का प्राणायाम से जो ऊर्जा का संचार है, उसको महसूस करते हैं। छाती के आसपास, गले में, चेहरे में अपने ध्यान को रखते हैं। तो आइए एक और राम बोस जी का करते हैं।
05:04
Speaker A
हल्की मुट्ठी कंधों के पास रखते हैं। बाजू शरीर के पास, कहानियां शरीर के पास, रीढ़ की हड्डी सीधी, कंधे धीरे, चेहरा लीला, आंखें बंध। की तैयारी के लिए लंबी गहरी साधारण सांस लेते हैं। का नोट पूरा साथ छोड़कर फिर उसको खाली
05:29
Speaker A
करते हैं। ने पूरे जोश और होश में एक साथ अंदर एक अंधा तो हंद्स्फ्री अंदर 4, अंदर पांच, अंदर थीं, अंद सा अंदर-अंदर नो अंदसौर अंदर-अंदर दो हंद्स्फ्री अंदर 4, अंजीर व पांच, अंदर छह, अंदर-अंदर रॉ के अंदर नो अंदर मिश्रा
06:22
Speaker A
ही समाप्त करके की हथेलियों को खुली रखते हैं। छत की ओर, घुटनों को, घुटनों पर हथेलियों को रखते हैं। में प्राण के संचार को महसूस करते हैं। का कण-कण में नई ऊर्जा को महसूस करते हैं। के विधान को छाती के गले के पास रखते हैं।
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Speaker A
चेहरे पर रखते थे। तो आइए एक और राम बोस जी का करते हैं। हल्की मुट्ठी स्तनों के पास रखते हैं। बाजू शरीर के पास, कहानियां शरीर के पास, रीढ़ की हड्डी सीईओ, अंधेरे, चेहरा, आंखें बंद हो। की तैयारी के लिए एक लंबी गहरी साधारण
07:15
Speaker A
सांस लेते हैं। का नोट पूरा साथ छोड़कर फिर को खाली करते हैं। ने पूरे जोश और होश में एक साथ अंदर एक अंधा, अंधा टीवी, अंधे, अंधा पांच अंदर छह अंद स्थित अंकुर और आठ अंधाम अंधाम अंधाम अंधाम अंधाम अंधाम अंधाम पांच अंदर थीं
08:05
Speaker A
अंदर अर्थात अंदर रॉबर्ट अंदर नो अंदसौर विश्राम समाप्त करके हथेलियों को खुली रखते हैं और घुटनों को घुटनों पर हथेलियों रखते हैं। में प्राण के संचार को महसूस करते हैं। का कण-कण में नई ऊर्जा को महसूस करते हैं।
08:30
Speaker A
यह के विधान को छाती के गले के पास रखते हैं, चेहरे पर रखते थे। कि इस प्रकार कुछ राउंड मुख्य तीन राउंड बस तरीका करने से हम नहीं ऊर्जा से भर जाते हैं। नई प्राणशक्ति हमारे शरीर में कण-कण में आती है और हम आगे ध्यान करने के
09:09
Speaker A
लिए तैयार हो जाते हैं। सुदर्शन क्रिया करने के लिए तैयार हो जाते हैं।
Topics:भस्त्रिका प्राणायामप्राणायाम विधिऊर्जा बढ़ानाप्राणशक्तियोगसांस लेने की तकनीकध्यानसुदर्शन क्रियाहाई ब्लड प्रेशर सावधानीयोग अभ्यास

Frequently Asked Questions

भस्त्रिका प्राणायाम करने के क्या मुख्य लाभ हैं?

भस्त्रिका प्राणायाम से हमारी ऊर्जा शक्ति, प्राणशक्ति और ऑक्सीजन स्तर बढ़ता है, जिससे शरीर और मन दोनों सक्रिय होते हैं। यह ध्यान और मेडिटेशन के लिए भी तैयार करता है।

क्या हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग भस्त्रिका प्राणायाम कर सकते हैं?

हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग भस्त्रिका प्राणायाम बहुत आराम से करें और बल न लगाएं। यदि हार्ट सर्जरी हुई हो तो डॉक्टर की सलाह के बिना इसे न करें।

भस्त्रिका प्राणायाम करते समय कौन सी मुद्रा अपनानी चाहिए?

मुट्ठी हल्की कंधों के पास रखें, रीढ़ की हड्डी और गर्दन सीधी रखें, कंधे ढीले रखें और चेहरे पर हल्की मुस्कुराहट होनी चाहिए। आंखें बंद करके प्राणायाम करना अधिक लाभकारी होता है।

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