इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे दिमाग को भ्रमित कर फेक हाथ को असली माना जाता है।
Key Takeaways
- मस्तिष्क भ्रमित होकर फेक हाथ को असली मान सकता है।
- संवेदनशीलता और धारणा में दिमाग की भूमिका महत्वपूर्ण है।
- दिमाग की प्रतिक्रिया बाहरी संकेतों पर निर्भर करती है।
- यह प्रयोग दिमाग की धारणा शक्ति को दर्शाता है।
What the video covers
- साइंटिस्ट ने एक फेक हाथ और रियल हाथ का उपयोग किया।
- रियल हाथ बोर्ड के पीछे छुपा दिया गया।
- दोनों हाथों को एक साथ हल्के से टच किया गया।
- इस प्रक्रिया से दिमाग भ्रमित हो गया।
- दिमाग ने फेक हाथ को असली हाथ मान लिया।
- जब फेक हाथ की उंगलियों पर टैप किया गया तो रियल हाथ ने प्रतिक्रिया दी।
- यह दिखाता है कि दिमाग कितना पावरफुल और भ्रमित करने वाला हो सकता है।
- यह प्रयोग मानव मस्तिष्क की धारणा और प्रतिक्रिया को समझने में मदद करता है।
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Speaker A
देखो इस वीडियो को देखने के बाद तुम्हें पता चलेगा कि तुम्हारा दिमाग कितना पावरफुल है।
Speaker A
क्योंकि इस साइंटिस्ट ने इस बंदे के सामने एक फेक हाथ रख दिया और उसका रियल हाथ एक बोर्ड के पीछे छुपा दिया।
Speaker A
फिर साइंटिस्ट ने एक स्केल को फेक हाथ और रियल हाथ दोनों पर एक साथ हल्के से टच करना शुरू किया ताकि उसका दिमाग कंफ्यूज हो जाए और फेक हाथ को ही अपना असली हाथ मान ले।
Speaker A
और धीरे-धीरे उसका दिमाग फेक हाथ को ही असली मान लेता है।
Speaker A
फिर जब साइंटिस्ट ने फेक फिंगर्स पर टैप किया तो उसका रियल हैंड एक्चुअली रिएक्ट करने लगा।
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