These 5 Lines changed my Whole Life – Ft. Savji Bhai Dh… — Transcript

सावजी भाई ढोलकिया की जिंदगी बदलने वाली 5 लाइनों और उनके बिजनेस सफर की प्रेरणादायक कहानी।

Key Takeaways

  • सपने देखना और उन्हें लगातार विजुअलाइज करना सफलता की कुंजी है।
  • छोटी-छोटी आदतें और बिजनेस थॉट्स बड़ा प्रभाव डालते हैं।
  • कर्मचारियों की खुशी और सम्मान से कंपनी की सफलता बढ़ती है।
  • सामाजिक जिम्मेदारी निभाना और समुदाय के लिए काम करना जरूरी है।
  • सफलता के लिए निरंतर सीखना, सुनना और इम्प्लीमेंट करना आवश्यक है।

Summary

  • सावजी भाई ढोलकिया ने 18 साल की उम्र में डायमंड किंग बनने का सपना देखा।
  • उन्होंने 600 कर्मचारियों को कार और फ्लैट गिफ्ट किए, जिससे उनकी उदारता और नेतृत्व दिखता है।
  • गुजरात के 108 बिलेनियर्स में से एक होने के नाते, उन्होंने गुजराती बिजनेस माइंडसेट की खासियत बताई।
  • उन्होंने विजुअलाइजेशन, मैनिफेस्टेशन और 'द सीक्रेट' किताब से प्रेरणा लेकर अपनी कंपनी को बड़ा बनाया।
  • उनकी पांच लाइनों ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी और ये लाइनें वे हमेशा अपने सामने रखते हैं।
  • सावजी भाई ने अपने कर्मचारियों को इतना कुछ देने का कारण उनकी खुशी और कंपनी की सफलता बताया।
  • उन्होंने सामाजिक कारणों में भी योगदान दिया, जैसे 155 लेक बनवाना और जल संकट को सुलझाना।
  • उनके बिजनेस का टर्नओवर 7000 करोड़ से अधिक है और वे समाज में एक आदर्श उदाहरण हैं।
  • पॉडकास्ट में सरल और व्यावहारिक टिप्स दी गई हैं जो किसी भी ड्रीमर को प्रेरित कर सकती हैं।
  • सावजी भाई की कहानी में परिवार, मेहनत, विश्वास और सपनों को साकार करने का संदेश है।

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00:00
Speaker A
स्मार्ट वर्क वाला भाड़े पे मिलता है। 191 बिलेनियर्स में से 108 जो हैं, वो गुजरात से हैं। ये गुजराती का ही क्यों इतना बोलबाला है बिजनेस में या धंधे में?
00:17
Speaker A
तब आपने काम शुरू किया था। तब सोचा था कि एक दिन लोग आपको डायमंड किंग कह के बुलाएंगे। वो सपना था 18 साल की उम्र का और वो मैं सोचता गया, वो होता गया। जो मैंने पढ़ा था 4000 लोगों को आप या तो गाड़ी या फ्लैट या
00:30
Speaker A
गहना। डायमंड किंग सौजी ढोलकिया ने 600 अंसारियों को कार गिफ्ट की, Mercedes गिफ्ट की जिसे देखकर आप कहेंगे भाई बॉस हो तो ऐसा। आपके मन में नहीं आया कि मेरे पास वो गाड़ी नहीं है जो मैं लोगों को दे रहा
00:41
Speaker A
हूं। मेरे पास सभी गाड़ियां हैं भी। लेकिन जो देने की खुशी है वो लेने की नहीं है। कोई एक दो चीजें ऐसी जो आपने कभी देखी थी पॉसिबल नहीं थी। बट आपने उसका एक विज़न देखा। मैं ऐसा भी मैंने सपना देखा था 1
00:57
Speaker A
लाख लोग के बीच में मैं बोल रहा हूं नरेंद्र भाई आवे ऐसा सपना तो था ही। लिख लिया था 2002 में हर कृष्ण कहां पे होगा। काका इतनी बड़ी बात कर रहा है या क्या मुमकिन है? क्या द सीक्रेट पिक्चर भी देखा
01:20
Speaker A
मैं इतना इंग्लिश नहीं समझ रहा तो इंग्लिश पिक्चर मैंने 17 बार देखा। हमें पांच सूत्र मैंने दिया है। वो पांच सूत्र एक बार आप बताओ ना मुझे। एक गांव का लड़का अपनी मदर के सपने को पूरा करने शहर आता है। अपने फ्यूचर को इमेजिन
01:34
Speaker A
करता है। बार-बार विजुअलाइज करता है। उसको रिजल्ट मिलने शुरू होते हैं। वो सीक्रेट बुक पढ़ता है। अपने माइंड को ट्रेन करता है और अपना बिलेनियर बनने का सपना पूरा करता है। ये वही है जिनके बारे में आपने न्यूज़ में
01:52
Speaker A
जरूर सुना होगा जो दिवाली पे अपने एम्प्लाइजस को कार्स या फ्लैट्स गिफ्ट करते हैं। 1260 कार्स और 400 से ज्यादा फ्लैट्स ये अपने एंप्लाइजस को दे चुके हैं। ये वही है जो सोशल कॉजेस में भी हमेशा आगे होते हैं। वाटर की प्रॉब्लम को
02:04
Speaker A
सॉल्व करने के लिए इन्होंने एक नहीं, 10 नहीं, 100 नहीं, 155 लेकक्स बनवाई हैं। वो जिनके बेटे की शादी पर खुद प्राइम मिनिस्टर आते हैं और वो जिनकी कंपनी का अब एनुअल टर्नओवर 7000 करोड़ से ज्यादा हो चुका है। पर मैंने यह पॉडकास्ट क्यों
02:22
Speaker A
किया? मैं क्यों चाहता हूं कि आप यह पॉडकास्ट देखो। आपके लिए इसमें क्या है?
02:26
Speaker A
यह ना सिर्फ उनकी कहानी के बारे में नहीं है। यह एक जीरो से बिलेनियर बनने वाले इंसान की लाइफ से निकला हुआ एक ट्रेनिंग प्रोग्राम है। इस पॉडकास्ट में आप देखोगे कि कितनी सिंपल और रियल टिप्स हैं उनके
02:39
Speaker A
सक्सेस के पीछे। छोटी-छोटी चीजें जिन्होंने उनको बड़ा बनाया। छोटी-छोटी आइडियाज, छोटी-छोटी बातें, छोटी-छोटे बिजनेस थॉट्स पर इंपैक्ट बहुत बड़ा। हमने जाना कि कैसे सीक्रेट बुक, मैनिफेस्टेशन, विजुअलाइजेशन से उन्होंने अपनी कंपनी को इतना बड़ा बनाया और खुद को एक मिलेनियर
02:56
Speaker A
बनाया। उन्होंने अपनी लाइफ की रियल एग्जांपल्स शेयर करी। बहुत इंटरेस्टिंग उन्होंने बताई वो फाइव लाइंस जो हमेशा वो अपने सामने रखते, अपने टेबल पर रखते और उनको फॉलो करते आए और उन पांच लाइंस ने उनकी जिंदगी बदल दी। मैंने यह भी पूछा
03:10
Speaker A
उनसे कि क्यों देते हैं वो अपने एंप्लाइजस को इतना कुछ? जो गाड़ी उनके पास नहीं थी वो उन्होंने अपने एम्प्लाइजस को क्यों दी?
03:17
Speaker A
इसके अलावा उनकी फैमिली की ना एक ऐसी ट्रेडिशन जो आज तक आपने कभी सुनी नहीं होगी और मैंने यह भी समझा कि 191 इंडियन बिलयर्स में से 108 गुजरात से हैं। तो कैसे गुजराती फैमिलीज में यह मनी माइंडसेट
03:31
Speaker A
बनाया जाता है। यह पॉडकास्ट ना आपको बिना कॉम्प्लिकेटेड नॉलेज बिना कॉम्प्लेक्स सब्जेक्ट्स के एक ड्रीमर से टूर बनाने की पावर रखता है। जब आपने काम शुरू किया था तब सोचा था कि एक दिन लोग आपको डायमंड किंग कह के बुलाएंगे।
03:47
Speaker A
डायमंड किंग का तो नहीं सोचा था लेकिन ऐसा सोचा था मां की वजह से ऐसा प्लान भी किया था और वो 24/7 360 डेज दिमाग में घूमता रहता था। हां हां क्योंकि मां ने बोला था बड़ा आदमी बनना और
04:02
Speaker A
बड़े के साथ अच्छा आदमी बनना और नाम कमाना। बड़ा आदमी बनना, अच्छा आदमी बनना और नाम कमाना। बड़ा होना और अच्छा होना नॉट नेसेसरी है। हम जरूरी नहीं है कि बड़ा है वो अच्छा है और अच्छा है वो बड़ा है
04:16
Speaker A
लेकिन हमारी लाइफ में ये मां का शब्द गूंजता रहा, गूंजता रहा और मैं मैं अपने आप को मानता हूं बड़ा भी हूं अच्छा भी हूं और भले छोटा सा नाम भी है पूरे भारत में क्योंकि ऐसा स्टेप जीवन में नेचर ने कुदरत
04:32
Speaker A
ने भावना ने लिया कि जो नाम पैसे से ज्यादा बढ़ जो आज मैं जी रहा हूं वो सपना था 18 साल की उम्र का। हां क्योंकि एक अनकॉन्शियस माइंड को डाटा दे दिया और मैं करता गया अच्छा कैसे किया जाए,
04:49
Speaker A
बड़ा कैसे होता है, बड़े लोग क्या करते हैं, बड़े लोग की क्या स्टाइल होती है, क्या उसकी काम करने का तजुर्बा होता है, अच्छे लोग क्या-क्या अच्छी चीज करते सब हम सीखते गए करते गए सीखते गए करते गए और
05:04
Speaker A
आजकल देखें मोटिवेटर या तो मीडिया के थ्रू सुनते गए। ऐसे पढ़ने का बहुत शौक नहीं था। ना तो पढ़ा हुआ लेकिन सुनने का बहुत शौक था। अच्छा और सुनने के बाद इंप्लीमेंट करने का जो चीज पसंद थी तो वैसे ऐसे करते गए और कारवा बनता गया।
05:25
Speaker A
जो बाद में मैंने वो द सीक्रेट बुक पढ़ा। हां हां। और द सीक्रेट पिक्चर भी देखा। मैं इतना इंग्लिश नहीं समझ रहा तो इंग्लिश पिक्चर मैंने 17 बार देखा। और हिंदी पुस्तक आया बाद में मैंने हिंदी पुस्तक भी पढ़ा।
05:40
Speaker A
सभी को गिफ्ट में भी दिया। इसके ऊपर मैंने लेक्चर लेना चालू किया अपने एंप्लाई का। तो जब आपने सीक्रेट पढ़ी आपको रिलेशन नजर आया कि जो आपने जिंदगी में किया है वो बुक तो आपने बाद में पढ़ी। आप तो पहले इंप्रूव
05:52
Speaker A
वही तो मेरे को मोटिवेट दे रही है कि ये तो है। वाओ ये तो मैं कर रहा था। ये तो मेरे काम की सीधे है। ये तो मैं कर सकता हूं। यह बिलीव आने लगा। आपको क्या-क्या लगा कि हां ये मेरी जिंदगी
06:03
Speaker A
में हो रहा था। क्या-क्या ऐसा उसके अंदर मैच किया आपकी लाइफ के साथ? हम जो सोचते हैं वही होता है। हम बुरा मत सोचे, गलत मत सोचिए, नेगेटिव मत सोचे। हमारे साथ जो हम सोचते हैं वही होता ही
06:16
Speaker A
है। हम नक्की करते हैं जो सपना देखते हैं वही होता है। कोई एक दो चीजें ऐसी जो आपने कभी देखी थी पॉसिबल नहीं थी। आपके आसपास शायद लोगों को लगे पॉसिबल नहीं है। बट आपने उसका एक विज़न देखा और वो रियलिटी में
06:28
Speaker A
कन्वर्ट हुई। ऐसी ऐसी कोई चीज थी जिसको आपने बार-बार देखा और वो रियलिटी बनी। एक बेटे की शादी का सबको सपना बड़ा होता है। अब समझ लो बड़ी करने का सपना नहीं था। लेकिन नरेंद्र भाई आवे ऐसा सपना तो था ही
06:41
Speaker A
में था और नामुमकिन सीज थी। हम नामुमकिन सीज थी। शादी की तारीख हमने ले ली थी। हम नरेंद्र भाई को कार्ड दे दिया था। कार्ड देने गया तभी मैंने वो बात बताया था। और मैं तो यही जी रहा था कि कुछ अलग
06:58
Speaker A
होगा, यह होगा, यह होगा, नरेंद्र भाई आता होगा, आशीर्वाद देता होगा, फेरा होगा, दुनिया देखती रहेगी यार सजीव भाई ने तो बढ़िया काम किया, यह मेरा काम भगवान करेगा ही। ये तो मैंने मैंने लेकिन मैं देख रहा था
07:12
Speaker A
वास्तविक में 28 तारीख को आया तभी दुनिया ने देखा था ये होता ही है। आपको जो बनना है, आपको जो मैं ऐसा भी मैंने सपना देखा था 1 लाख लोग के बीच में मैं बोल रहा हूं। हम 1 लाख के बीच में मैं बोल रहा हूं और लोग
07:27
Speaker A
मेरे को सुन रहा है। ये आपने विज़ देखा, विज़ देखा था। 2000 की दो, 2000 का दो ना हमारा विजुअलाइजेशन मैंने लिखा था जितेंद्र हड़िया की ये विजुअलाइजेशन का प्रोग्राम सुन के 2002 में। हां तभी हमारा शायद 100 करोड़ का एक्सपोर्ट
07:45
Speaker A
होगा। हां आज हमारा 15,000 करोड़ का एक्सपोर्ट है। मैंने लिख के लिखा था। लिख लिया था 2002 में हर कृष्ण कहां पे होगा? 2002 में लिखा था 2007 में कि 5 साल के बाद हर कृष्ण सूरत में नंबर वन होगा।
08:04
Speaker A
और इसके पास 5 साल के बाद हरे कृष्ण इंडिया में नंबर वन होगा। इसके 10 साल के बाद मतलब कि 15 साल बाद पांचप साल का स्टेप रखा था। इंडस्ट्री में नंबर वन होगा। और 25 साल के बाद 10 साल का बाद में गैप
08:25
Speaker A
रखा हरे कृष्ण 2027 अभी नहीं आया है ये मैंने लिखा हुआ है और ये मैंने काफी बार बोला है बच्चे को सब पता है मेरा बोल चार्ट में है 2027 तक हर कृष्ण दुनिया में नंबर वन तो होगा लेकिन
08:42
Speaker A
सोशल में भी नंबर वन होगा। तो आज 160 सरोवर, 108 सरोवर सिद्धराज जी सोलंकी सिद्धपुर राजा ये बनाया था। हम ये इतिहास हमारे पास है। 160 सरोवर वर्ल्ड में किसी एक आदमी ने नहीं बनाया। ये हर कृष्ण ने बनाया और
09:03
Speaker A
बिजनेस में पैसे से नहीं आगे है। ये बता दूं मैं आपको हमारे से आगे काफी लोग हैं इंडस्ट्री में। हम लेकिन दुनिया में ऐसी कोई कंपनी नहीं है कि हरिकृष्ण के साथ काम नहीं करती है। इतना प्रेम से, भाव से, लगन से आगे है
09:19
Speaker A
और 2027 तक ये सब सपना साकार होने वाला है। ये मिनमेक नहीं है। ये कुदरत का कानून है। ये नेचर का नियम है। ये 10 सीक्रेट है। ये आप देख लेना। ये तो मैं जी रहा हूं। मैं उसका
09:32
Speaker A
आपने जो इतनी बड़ी कंट्रीब्यूशन अभी यंगस्टर्स के लिए की है ना ये बता के कि कैसे आपने अपनी चीजों को लिखा और वो रियलिटी में कन्वर्ट हुई। बड़े से बड़ा सपना किस टाइम पे लिखा? फ्यूचर किसको पता था? लोग अक्सर फ्यूचर को लेकर नेगेटिव
09:45
Speaker A
सोचते हैं। इतना कहां पॉसिबल होगा? कुछ ना कुछ गलत हो जाएगा, रिसेशन आ जाएगा, दुनिया खत्म हो जाएगी। ये ट्रेड तो कुछ सालों के लिए है। वो सारे हजारों नेगेटिव साइड करके आपने कुछ लिखा उसको जिया उसको फील किया और
09:57
Speaker A
अचीव किया। मतलब लिविंग एग्जांपल आप समझ। कोई और ऐसी चीज है जो आपने लिखी हो और अचीव करी। एक इनेशन थी। हां हां। के बड़े आदमी होते हैं ना पैसे वाले उसका कपाल बड़ा होता है। ऐसा मैंने यह सपना
10:10
Speaker A
मतलब अधूरा नहीं देखा है और सपने में कभी डाउट नहीं किया हुआ है। ये 10 सीक्
10:22
Speaker A
होगा। होके ही रहेगा। ट्राई करो। फेल हुआ तभी मैं फिर भी ट्राई किया। फेल हुआ इसका मतलब है कि मैं सक्सेस होऊंगा। हम्म। फेल हुआ इसका मतलब है भगवान हमारी परीक्षा कर रहे हैं। हां। हमें पांच सूत्र मैंने जिया है।
10:37
Speaker A
वो पांच सूत्र एक बार आप बताओ ना। आई एम द बेस्ट। मैं एक श्रेष्ठ आदमी हूं। हां हां। मेरे से श्रेष्ठ कोई नहीं हो सकता। इतना श्रेष्ठ हूं। श्रेष्ठ की कोई डेविसिएशन नहीं है। कितना लिमिट नहीं है। हम श्रेष्ठ
10:49
Speaker A
बन सकते हैं। इसके लिए कोई क्वालीफायर नहीं जरूरत। ओवर कॉन्फिडेंस नहीं आ जाएगा। रोज आई एम द बेस्ट। आई एम द बेस्ट। ले बेस्ट सोच भी बेस्ट, आचरण भी बेस्ट, देना भी बेस्ट, करना भी बेस्ट, बिजनेस भी बेस्ट, नागरिक भी बेस्ट,
11:02
Speaker A
बेटा भी बेस्ट, बाप भी बेस्ट। बेस्ट की कोई लिमिट नहीं है। जो भी है सब बेस्ट। इसमें क्या ईगो की बात है? एक भक्त भी बेस्ट, एक बेटा भी बेस्ट, एक पति की भी बेस्ट, पत्नी, एक जो भी मैं हूं बेस्ट
11:17
Speaker A
हूं। एंड आई कैन डू इट। कोई भी आदमी कर सकता है। आई एम बेस्ट। उसके बाद, आई कैन डू इट। मैं कर सकता हूं। यह मैंने गुजराती और हिंदी इंग्लिश में यह मैंने पढ़ा था। यह गुजराती करा के मैंने यह इसके ऊपर ज्यादा
11:30
Speaker A
प्रोग्राम लिया है। दोनों पढ़ा है। इसलिए मेरे को ये थोड़ा आ जाता है। आई सब बोलते हैं यार ये पढ़ा लिखा बोलता है तो इंग्लिश में तो बहुत फटाफट इंग्लिश ना गुजराती इतना ही आता है। पर आई कैन डू इट।
11:40
Speaker A
तीसरे पे आने से पहले इसका रोल क्या है आपकी लाइफ में? आप क्यों इनको इतना प्रमोट करते हो? ये पांच लाइंस क्यों आपकी मैंने जिया है। मैंने वो पाया है। मैं उसको देख रहा हूं। हां और हमारी ऑफिस पे भी लिखा है आई कैन डू
11:56
Speaker A
इट। हम कर सकते हैं। कौन सी चीज नहीं सीखी? कौन सा नवा आईडिया आया? कौन सी टेक्नोलॉजी आई? कौन अच्छा बिजनेस कर रहा है? आई कैन डू इट। तीसरा है गॉड ऑलवेज विथ मी। जो भगवान हमारे साथ है ऐसा भरोसा है
12:08
Speaker A
तो हम गलत सोच भी नहीं सकते, बोल भी नहीं सकते। कर भी नहीं सकते। करने की बात दूर है। सोच भी नहीं सकते। गॉड इज ऑलवेज विथ मी। कोई देखता नहीं है। तभी हम क्या डिसीजन लेते हैं?
12:20
Speaker A
गॉड खाली बताने की बात नहीं है। इसके एक शब्द पे एक घंटा जा सकता है। गॉड इज ऑलवेज विथ मी। बाथरूम में भी है, दुख में भी है, सुख में भी है, अन्याय में भी है, न्याय में भी है। गॉड ऑलवेज विद मी। साए की तरह है।
12:38
Speaker A
तो, हमको कैसे रहना चाहिए? ये भरोसा होना चाहिए, ये श्रद्धा होना चाहिए, विश्वास होना चाहिए। ऐसा ही जी बोलने के लिए शब्द नहीं है भाई। जीने के लिए उतारने के लिए और आई एम द विनर आई एम द विनर
12:53
Speaker A
कितनी बार फेल हो डाउट मत करो आई एम द विनर अ रिग्रेट मत रखो पछतावा मत रखो कल की बात को याद मत रखो प्रूवग्रह मत रखो फॉरगेटिंग टुडे इज माय न्यू डे टुडे इज माय न्यू डे आज का मेरा नया दिन है आज से मैं क्या
13:08
Speaker A
करने वाला हूं आज से मैं क्या करूंगा आज हो गया बायगॉन्स आर बायगों्स अब हम अपना अपने आशीर्वाद आप भूतकाल में मत रहो वर्तमान में रहो टुडे इज माय न्यू डे। अगले सेगमेंट पर जाने से पहले अगर आप क्लिप्स और शॉट्स के
13:22
Speaker A
साथ हर रोज इंस्पिरेशन लेना चाहते हो, हर रोज थोड़ा-थोड़ा ग्रो करते रहना चाहते हो, तो आप हिश मददान पडकास्ट चैनल को सब्सक्राइब कर सकते हो, जिसमें हम डेली क्लिप्स डालते हैं, शॉट्स डालते हैं। सो दैट हर दिन आपको कुछ ना कुछ वैल्यू मिलती
13:33
Speaker A
रहे। हर दिन आप कुछ-कुछ ग्रो करते रहो। चैनल का लिंक आपको नीचे डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। यह बहुत इंटरेस्टिंग है कि आपने एक बुक पढ़ी और आपने देखा यार यह तो मैं कर रहा था। पर बुक पढ़ने के बाद या
13:44
Speaker A
उसकी वीडियो देखने के बाद क्या आपने और कुछ ऐड किया उसमें से अपनी जिंदगी में?
13:47
Speaker A
मैंने क्या किया जो मेरे काम का था और मेरे समझ में आता था वो इंप्लीमेंट इमीडिएटली मैं करता था। हां। पहले मेरे को श्रद्धा विश्वास कम था। हां हां। ना साला ये तो बात है। वैसे प्रैक्टिकली थोड़ा है।
14:04
Speaker A
हां। लेकिन बुक ने रेफरेंस दे दिया। तू जो रास्ते पे जा रहा है वो सही है। मत छोड़ उसको। हां हां। दिक्कत आती हां क्योंकि दिक्कत उसमें है ना नेगेटिव बहुत कम इंप्लीमेंट होता है। पॉजिटिव बहुत ज्यादा रिजल्ट देता है। नेगेटिव अपने मन
14:21
Speaker A
में भी आता था। शंका अपने मन में भी आती थी। लेकिन उसको मैंने बहुत जगह नहीं दी। जगह नहीं दी। ऐसा नहीं है कि मैंने सब मान लिया। हां लेकिन उसको मैंने समझा और अपनी लाइफ में इंप्लीमेंट किया और बाद में मैंने अपना
14:37
Speaker A
मजबूत एक जैसे आप इंटरव्यू ले रहे हैं ऐसे मैं लेक्चर ले रहा हूं तो मेरी कमिटमेंट पक्की होती थी क्योंकि मैं जो बोल रहा हूं वो मेरी कमिटमेंट के लिए लोगों को सिखाने के लिए तो बाय प्रोडक्ट था। मैं बोलता रहा हूं
14:51
Speaker A
मैं अच्छा आदमी कैसे बनूंगा और कैसे आगे जाऊंगा तो मेरी कमिटमेंट मेरा 17 18 साल से मैं यह बुक से बात कर रहा हूं और मोटिवेशन अपने एंप्लई को दे रहा हूं। सभी रिकॉर्डिंग है आज भी। अच्छा जब हमारी फैक्ट्री में 15,000 12,000 की
15:10
Speaker A
सैलरी की एवरेज चल रही थी। तभी मैं 500 की एंप्लई को बात कर रहा था। क्या बात है। तभी ये लोग बच्चे साथ में होते थे और वो बच्चे भी सोचते थे पापा काका इतनी बड़ी बात कर रहा है या क्या मुमकिन है क्या? हम
15:25
Speaker A
तो उसको भी शंका हो रही थी कि यह नामुमकिन चीज बात कर रहे 25 12,000 कमा रहे हैं या तो हम 12,000 सैलरी दे रहे हैं। हां इसमें से 500 कैसे पहुंचेंगे हम पहुंच गई 1 लाख में 12,000
15:42
Speaker A
आज टुडे है तीन साल से हमारी इंडस्ट्री बहुत स्ट्रगल कर रही है। हम हम ये पिंटू संभाल रहा है। आज दिवाली पे इतना खराब समय में पूरी साल का लाख की एवरेज है सैलरी अरे वाह और पूरी दुनिया को बता रहे हैं और हमने और
16:00
Speaker A
ये प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ाई नहीं है स्किल बढ़ाई है वैल्यू बढ़ाई है और जो वैल्यू बढ़ने से कंपनी को फायदा हो रहा वो शेयरिंग चालू किया है तो अपने आप बढ़ते गए लेकिन ये एक सपना था दुनिया दे रही है लोग
16:16
Speaker A
दे रहे हैं तो मैं कैसे नहीं दूं और ये हमारी इंडस्ट्री में इसकी वजह से पूरी इंडस्ट्री का ग्रोथ हुआ या तो ईर्ष्या कैसे या तो ईर्ष्या आएगी हां हां का तो कंप्यूटेशन आएगी दो बिजनेस में दो ही आएगा जो भी आएगा काम का है एंप्लई के
16:33
Speaker A
लिए हमारा पर्पस था कि हम लोगों में कैसे मैं भी काम करता था 10 साल मैंने काम किया मेरी 1977 में ₹179 की पर मंथ की सैलरी थी क्या काम करते थे आप डायमंड पॉलिसी का जो हमारा एम्प्लॉय कर
16:49
Speaker A
रहा है। मेरे बाजू में जो मेरे बगल में मेरा दोस्त था वो ₹1500 का काम करता था। अच्छा साला मैंने थाम लिया सोच लिया यह 1500 का कर सकता है तो मैं कैसे नहीं कर सकता और तीन महीने में मैं 1600 पे पहुंचा था
17:06
Speaker A
हां तो मेरे पास तो जीवन में प्रैक्टिकली था हम के कर सकते एक आदमी दुनिया में कर सकते हैं तो हम कर सकते तो पूरी कंपनी में जो दो-तीन लोग कर सकते थे तो पूरी फैक्ट्री क्यों नहीं कर सकती
17:21
Speaker A
है यह सोच लिया और यह टेक्नोलॉजी और प्रोग्राम आया उसको लिंक कर दिया और एंप्लई को समझा दिया यह कर सकता है तो तू भी कर सकता है तू भी कर सकता है वो ग्रो करेंगे तो अपने आप होगा
17:36
Speaker A
बिल्कुल तो ये मैंने उसको इतना मोटिवेट किया इतना हिप्नोटिज किया और उसको इतना भरोसा था मेरी बात पे और भरोसे का भी एक रीज़न था हम क्योंकि सब अनपढ़ थे अनपढ़ लोग जिस पे भरोसा करता है आंख बंद बंद करके करता है। हमारा
17:54
Speaker A
एंप्लई ने अपने पे भरोसा किया और जो मैं बोलता गया वो करता गया और जो मैं सोचता गया वो होता गया। इनकम बढ़ गया सैलरी बढ़ गया। आज हमारी इंडस्ट्री में ना तो टेक्सटाइल में है ना अदर इंडस्ट्री में
18:11
Speaker A
है। आईटी में जितनी सैलरी है, इतनी हमारे यहां इंडस्ट्री में सैलरी है। और स्किल बेस पे है। पहले क्या था? हम नक्की करते थे। आज स्किल बेस पे है तो स्किल सबके पास है। उसको यह स्किल है वह बता दो। ऐसे किया जाता है वो
18:31
Speaker A
बता दो। आंख बंद के साइना की तरह काम करता रहता है। ऐसा ही सोच का एक बीजा एग्जांपल बढ़िया सा है। हम सोच का 25 साल पहले हमारी इंडस्ट्री में दोपहर को एंप्लई खाना खाने घर पे जाता। अच्छा। हमारी फैक्ट्री में हमने यह प्लान
18:49
Speaker A
किया कि हम सबका खाना साथ में बनावे इधर खावे तो टाइम भी बच जाएगा और एक लॉजिक था कि उसको खर्चा कम लगेगा हम गाड़ी भी लेके जाना ट्रैफिक भी कम होगा हम दोपहर को धूप धूप में जाएगा
19:06
Speaker A
दोपहर के बाद काम की क्वालिटी कम आएगी हम ऐसा सब छोटा-छोटा सोच था लेकिन हमारा बजट बड़ा हो रहा था हम तो सबने प्लान बनाया लेकिन बैठता नहीं था कि भाई हमारी पूरी साल का जितना मुनाफा हो रहा है इतना खाने का तो खर्चा भी हम
19:25
Speaker A
छोटी-छोटी साइज बनाते थे और तभी भी 3000 लोग हमारे यहां काम कर रहे थे तो क्वांटिटी बड़ी थी लेकिन मार्जिन का रेशियो बहुत कम था हमारे पास इतना सारा नॉलेज नहीं था ₹2 मिला एक पीस पे ₹ मिला
19:39
Speaker A
पीस पे बेच देते थे सामने वालों को क्या मिलता है आई डोंट नो हमारा तो रोज रोज का बिकरा हो जाना चाहिए। यही सोच के हम साथ में चलते थे। लेकिन सोच ऐसी थी कि नहीं खाना तो करने का है। देख
19:52
Speaker A
लेते 2 महीना करके तीन महीना करके बाद में बंद कर दे पूरी साल नहीं रखेंगे और एक साल कर लेंगे। साल का पूरा रिजल्ट देखेंगे। क्या इसका फल मिलता है। कितना कॉस्ट कमाता है, कितना सैलरी बढ़ता है। तो जोरबरी से खाना तो हमने चालू कर दिया।
20:12
Speaker A
ठीक। खाने से एक घंटे का टाइम बच गया है तो 10 टका सैलरी बढ़ गई। हम घर पर खाना नहीं था तो उसका कर्जा कम हो गया। हम वाइफ कोई भी छोटा-मोटा खा के दोपहर को आदमी घर पे नहीं आता है। तो शाम को
20:31
Speaker A
बनाती है अच्छी तरह से। हां। घर पे खाना नहीं है तो वाइफ को शाम तक टाइम भी मिल गया। फैमिली के साथ टाइम भी मिल गया। प्रेम से खाएगा। हां। तीनों टाइम घर पे जाएगा तो और हमारी प्रोडक्शन कॉस्ट कम आई हम
20:47
Speaker A
और सबसे ज्यादा फायदा हुआ कि दोपहर को ही डायमंड हीराई की चोरी होती थी वो बंद हो गई अच्छा चोरी करने वाले दूसरी जगह पे चले गए हम या बंद हो गई हम इससे आगे फायदा यह हुआ दोपहर को खाने के टाइम बाद में ऐसे
21:10
Speaker A
डिस्कशन करते हैं। यह सेठ को इतना खर्चा परवड़ता होगा क्या? तो दूसरा बोलता था कि हम छोटा सा ध्यान देवे नहीं तो सब खर्चा निकल जावे। मानसिकता चेंज हुई जो परिवर्तन लाने में 100 साल लग जाता है। 50 साल लग जाता है।
21:28
Speaker A
ये हमारा खाने की वजह से मानसिकता चेंज हुई। बदलाव लाया। सोच बदल गई। हम् और सोच बदल गई तो बदल गई। दूध जिसका खाते हैं उसका खराब नहीं करते। 24 घंटे के बाद फिर से हमारा खाते हैं। पूरा एनवायरमेंट फैक्ट्री का वर्क टेंपल
21:49
Speaker A
बन गया। वर्क प्लेस था वो मंदिर बन गया। मतलब ये लाइंस बड़ी इंपॉर्टेंट है कि कुछ ना करने से कुछ नहीं होगा। पर कुछ करने से कुछ तो होगा। तो आपने हमेशा एक्शन लिए हैं कि करके देखते हैं। अगर मन में आ रहा है
22:02
Speaker A
कि मील स्टार्ट करते हैं। सोचते रहने से तो पता ही नहीं चलेगा। करके देखते हैं। और करके आपको जो नहीं भी फायदे सोचे थे वो भी फायदे में। हो गया हो गया। ये हमारे टेबल पे यही सेंटेंस लिखा हुआ
22:13
Speaker A
है। हां के कुछ करके निष्फल होना अच्छा है कि कुछ ना करके बैठे रहे। पर निर्णय तो लो। टेबल पे है ये लाइंस। हां, टेबल पे 20 साल से लिखी हुई है। अच्छा। ये लाइन। एक और सीक्रेट आपका पता चला हमें। या नहीं
22:29
Speaker A
ऐसा निर्णय तो बहुत फास्ट लेना सक्सेस होगा या नहीं होगा दोनों में से एक ही होगा यार और इससे तो हमको दूसरा फायदा हुआ ये हमने सोचा नहीं था पूरी फैमिली को ये पता है हमारी फैक्ट्री का हमारी कंपनी का
22:40
Speaker A
ये रूल्स है पूरी फैक्ट्री हमारे साथ जुड़ गई भावना से बच्चे भी जुड़ गए क्योंकि हम स्कॉलरशिप भी देते हैं और स्कूल की फी भी देते हैं। अच्छा और बच्चे को भी एक टूर कराते हैं और एंप्लई को भी एक टूर कराते हैं फैमिली के
22:57
Speaker A
साथ और उसका मदरफादर को भी एक टूर कराते हैं। अच्छा और उसका मदरफादर तो कराते हैं उसका मदर इन लॉ फादर इन लॉ को भी कराते हैं। वहां तक कोई नहीं सोचते। तो इससे बेनिफिट क्या हुआ? पूरा पैकेज
23:11
Speaker A
भावना से आशीर्वाद से जुड़ गए। एंप्लई को छोटा-मोटा प्रॉब्लम होगा तो फैमिली कहेगी भाई यह लोग अच्छे हैं तू उसको मत छोड़ उसके साथ जुड़ा रहे और वैसा नहीं है हम लोग जैसा हम लोग जीते हैं हमारा फैमिली
23:29
Speaker A
जीते हैं जैसे हम 65 लोग फैमिली में है साथ जुड़ते हैं वैसा ही हम हर रोज नॉलेज देते हैं हम हर रोज नॉलेज जिसको कोई भी प्रॉब्लम है तो हम इनवॉल्व होके सॉल्व करते हैं हम हम प्रॉब्लम क्या होता है? एक पैसे का
23:46
Speaker A
हम एक फैमिली का हम एक हेल्थ का हम और एक समाज का तो हम चारों चीज में अनुभव किया हुआ है। हम हर महीने पे आप जैसे फॉरकास्ट करते हैं। आप जैसे इंटरव्यू लेते हैं हर महीने पे हम पूरे एंप्लई के साथ हर
24:04
Speaker A
महीने 1 घंटे की ये टॉक रखते हैं। मीटिंग रखते हैं। अच्छा अगर मैं मैथमेटिकली भी सोचूं तो शायद आप करेक्ट करना अगर मैं गलत हूं शायद बिनेसेस के लिए ये कॉस्ट बड़ी नहीं है। इतनी बड़ी नहीं है। जो ट्रैवल है सब है अगर मैं नंबर्स रन
24:20
Speaker A
करूं बट ये थॉट बहुत बड़ा है। मतलब शायद क्योंकि ये आईएम्स में सिखाया नहीं जाता। बड़े से बड़े बी स्कूल्स में सिखाया नहीं जाता। तो कभी किसी ने सोचा नहीं। यह अंदर से थॉट आता है जो आपने सोचा। कॉस्ट वाइज
24:33
Speaker A
एक टर्नओवर के आगे यह बहुत छोटी कॉस्ट होगी। बट थॉट इतना बड़ा है कि एक एक एंप्लई के पेरेंट्स, उसके इन लॉस, उसके बच्चे की स्कॉलरशिप यह किस लेवल का एक इमोशन बना देगी। किस लेवल का रिलेशन बना देगी? किस
24:45
Speaker A
लेवल की इनवॉल्वमेंट काम के अंदर आ जाएगी? वो शायद बड़ी से बड़ी ट्रेनिंग नहीं ला सकती। वो जो कमिटमेंट इस वजह से आती होगी। यस यस यस। ये तो मैंने देखा है और ये सबसे अच्छी बात वही है जो काम कर
24:58
Speaker A
रहा है अपने को फादर की तरह मान रहा है ऐसे ही सब लोग चाचा बोलते हैं और फादर की तरह मान रहे हैं और मैं भी अपने बेटे की तरह उसको ट्रीट कर रहा हूं तो इतना बड़ा फैमिली बहुत इजी हमारे भारत
25:15
Speaker A
में मिल सकता है एक ये ये हमने फील किया है जब 95 में हमने तीन कार दिया था। हां। यह तो 500 कार दिया तभी हाईलाइट हुआ क्योंकि हम भी तभी लाइम लाइफ में आ गए थे। इसलिए हाईलाइट हुआ। तीन कार तभी दिया था।
25:33
Speaker A
ये तीन कार की वजह से ये तीन लोगों ने आज हमारे साथ वो पार्टनर है। तीन लोगों ने 52,000 की कार में लाइफ दे दी। 30 साल से हमारे साथ हैं। पर 95 में कार ही बहुत बड़ी चीज थी।
25:49
Speaker A
मेरे पास Fiat थी। अच्छा। मैंने गिफ्ट में Maruti 800 दिया था। जो कि मैं समझता हूं कि Maruti Fiat से बेटर गाड़ी थी। हां, तभी नई इंपोर्टेड गाड़ी आई थी। हम तो सालों से एंबेसडर ऑफ Fi चला रहे थे। राजीव
26:02
Speaker A
गांधी ने निकाली हां Maruti परमिशन दी और नई मॉडल इंपोर्टेड मॉडल, लॉन्च हुआ था पहली 800 Maruti कार। पर ये सवाल खुद को या परिवार का नहीं आया कि अपनी पास वो गाड़ी नहीं है जो हमने तीन गाड़ी एम्प्लाइज को दी हैं।
26:17
Speaker A
हमारा सबसे बड़ा प्लस पॉइंट वही है परिवार का। हां परिवार जो डिसीजन ले कभी सवाल करते ही नहीं है। तो भैया लेते हैं बेस्ट होगा अच्छा होगा सच्चा होगा ये श्रद्धा भी है। आपके मन में नहीं आया कि मेरे पास वो
26:32
Speaker A
गाड़ी नहीं है जो मैं अपनी अपने अपने लोगों को दे रहा हूं। देख ला गाड़ी से चमत्कार होगा क्योंकि जो पैसे से खुश नहीं होगा। कोई भी आदमी के दिमाग में सबसे बड़ा सपना होता है कि मेरी कार होवे।
26:46
Speaker A
मेरे पास टू व्हीलर होवे। घर नहीं हुआ तो चलेगा। शादी नहीं होगी तो चलेगा। लेकिन कार होनी चाहिए। सबसे पहले वही यह सोचता है। तो कार से जो वो मोटिवेशन होता है जो खुश होता है तो जान लगा देता है आर्मी की
27:02
Speaker A
तरह। वो हटता नहीं है वहां से काम में। कार का चमत्कार यही है। और हुआ है हमारे जीवन में। चमत्कार ही हुआ है। कार ने जो हमको परिचय दिलाया दुनिया में और दुनिया हमको ये ऐसे ही जानती है।
27:17
Speaker A
हम से शायद तभी हमारा 52 करोड़ का ही बजट था जो कार दिया था पर 500 करोड़ का ऐड दिया होता तो इतना मार्केटिंग के पब्लिसिटी नहीं होता जो हमारी शुद्ध भावना से देने की भावना से 52 करोड़ में हुआ
27:35
Speaker A
जो मैंने पढ़ा था कि 4000 लोगों को आप या तो गाड़ी या फ्लैट या गहना दे चुके है ना गाड़ी फ्लैट और गहना ही क्यों होता है गाड़ी का मुझे समझ आया सबसे मैंने जैसे बताया है गाड़ी पहले ले
27:49
Speaker A
लेगा लेकिन हमारा नियम था घर होना चाहिए अच्छा जिसके पास घर घर है उसको ही गाड़ी क्वालीफाई वरना वो पैसा घर के लिए दो पहले अच्छा क्योंकि सामान्य बुद्धि यूज़ करना चाहिए वरना तो यह यंगस्टर है आजकल उसके पास दिमाग नहीं है फ्री में मिल
28:02
Speaker A
गई तो गाड़ी ले ली अच्छा घर होना चाहिए तो घर है तो ही गाड़ी और घर और गाड़ी दोनों है तो वाइफ का नंबर होना चाहिए गहने के लिए पैसा दो और नहीं मिलेगा तो गहना में भी हमने ने
28:17
Speaker A
सुधार लाए गहना तो काफी बार वो बेच देते थे रोकड़ी करके खर्च करते मौज कर लेते थे लेकिन अभी वो भी बदल दिया कैसे नहीं अभी फिक्स में रख लो एफडी में रख लो राइट पे काम लगेगा तो ये हम लोग क्या यही सोचते हैं कि कैसे
28:35
Speaker A
उसका सेफली जीवन अच्छा बने वो सोच हमको यह डिजाइन बनाती है दिखाती है तो यह तीनों सिस्टम इसलिए है तो यह 4000 लोगों को अभी तक क्वालीिफायर हुए। तभी हमारे जब मैंने यह सपना देखा था तो तभी 5000 लोग थे।
28:53
Speaker A
लेकिन 1000 लोग ऐसे होते हैं जो सर्विंग्स का काम करते हो। वो क्वालीायर नहीं हो सकते क्योंकि उसकी एक लिमिट होती है। सफाई करने वाला है, किचन में है। उसकी एक लिमिट होती है। लेकिन जो हमने तभी चार 5200 लोग थे तो
29:11
Speaker A
4000 लोग अभी तक पहुंच चुके हैं। और हम कर चुके हैं। आज तो लाख सैलरी है। आज तो खुद की कार वो कभी भी चाहे ले सकते हैं। अभी कार का उसके लिए बहुत मोटिवेशन नहीं रहा है। अभी मोटिवेशन सेफ रहा कि
29:28
Speaker A
मेरा बच्चे की पढ़ाई पूरी हो जाए। मेरी लाइफ में रिटायर्ड पे मेरे पास एक अमाउंट के पैसे आ जाए और मेरी लाइफ अच्छी जाए। तो इसके हम इस पे हमारे ये पिंटू है तो वो रिटायर्ड पे सोर्स पे काम कर रहा है। मेरे
29:44
Speaker A
से आगे कर रहा है। वहां तक का भी है। अभी वो जिम्मेदारी उसने ले ली है। लेकिन अभी वो सोर्स उसमें आ गई है कि ये नीड है अभी। हम जिस टाइम पे जो उनकी नीड है वही है एक सोर्स है कि मेरा फैमिली तो सेफ
29:58
Speaker A
हो गया तो मैं रिटायर्ड हूं तभी तो सैलरी चालू नहीं रहेगी ना मरूंगा तो रिटायर्ड चालू होगी तो रिटायर्ड के बाद क्या तो एक अमाउंट कैसे उसको मिले और उसकी लाइफ टाइम लाइफ अच्छी कैसे होवे उस पे हम काम करें
30:15
Speaker A
जब आपने इस तरह के गिफ्ट्स दिए तो मैं तो विजुअलाइज कर रहा हूं इमेजिन कर रहा हूं तो मैं सोच रहा हूं आपने ने तो रियल लाइफ में एक्सपीरियंस किया है। कोई ऐसा बहुत यादगार रिएक्शन किसी एम्प्लई का कोई ऐसा
30:26
Speaker A
मोमेंट जो आपने अरे बढ़िया सवाल किया आपने। अच्छा सवाल किया। मेरा रोमटा खड़ा हो जाता है ये बात करते हुए। जब हमने ये 400 नेबू कार दिया ना हां तभी पूरी फैक्ट्री का फैमिली के साथ सबको एंप्लई को बुलाया था।
30:40
Speaker A
अच्छा और सरप्राइज हां हां रखा था। क्वालीिफायर जो लोग हुए थे। अच्छा उनको पता नहीं था। पता नहीं था। 500 कार का आर्डर दे दिया था। हां हां हां 49 कार 91 कार देने की थी हां और कार वाले को बोला था किसके नाम पे कार
30:57
Speaker A
देनी है मैं बाद में बोलूंगा अभी मेरे पास नाम नहीं है हम तेरा उसका नाम ये सब बाद में दूंगा लेकिन पहले डिलीवरी दे दो धनतेरस पे डिलीवरी आ गई थी हम और सब एंप्लई को फैमिली के साथ बुलाया था
31:13
Speaker A
हम और 49 कुर्सी अलग रखी थी और अलाउंस करते गए कि भाई आपको कार लगी है, आपको कार लगी है, आपको कार लगी है तो उसको वहां से इधर बिठा दो जो क्वालीिफायर हुए हैं। तभी एक आंख में
31:31
Speaker A
खुशी का आंसू हरक का आंसू मैंने देखा था। वो लोगों को देखा था और बाजू में ही बैठे थे जिसको क्वालीफायर नहीं हुए थे। दुख का आंसू भी था। हम फैमिली पूछ रहे है पापा आपको नहीं लगी वाइफ पूछ रही है आपको नहीं लगी देखो
31:54
Speaker A
थोड़ी करुणा थी लेकिन पापा ने क्या जवाब दिया बेटा हमारा अगली बार नंबर आने वाला है दूसरी ही बार 1200 लोग क्वालीफाई हुए थे दूसरी ही साल साल अच्छा तीसरी साल 1700 लोग क्वालीफाई हुए थे ऐसे बढ़ता गया जैसे दीवे में घी डालो और अग्नि
32:16
Speaker A
बड़ा होता है। वैसे ही उसका ईर्ष्या समझो, कंपटीशन समझो। बेटे ने वाइफ ने सवाल किया। क्या बोले? मैं कमजोर था। वैसे बोले ना बेटा अगली साल अपना नंबर है। और अगली साल उसने करके दिखाया। मेरे पास सभी गाड़ियां
32:34
Speaker A
है। Rollso भी है। लेकिन ये खुशी मैंने कभी नहीं देखी। जो देने की खुशी है वो लेने की नहीं है। जब हमने डिसाइड किया था इतनी गाड़ियां देनी है तो बहुत सारे कार डीलर आपके पीछे नहीं पड़ गए थे।
32:47
Speaker A
तीन कार डीलर ₹1 लाख पर कार पे हमने डिस्काउंट लिया था। हमारा ये तीन कंपनी से हमने डिसाइड किया था। तभी थोड़ी कार की इंडस्ट्री में मंदी भी चल रही थी। सबके पास स्टॉक भी था। तो 1 लाख यह पुटो कार ने
33:08
Speaker A
डिस्काउंट दिया था। तो यह यह तो हमने जम के डील किया था और तेरा भी मार्केटिंग होगा। दूसरी बार आपने मालूम होगा शायद एक बार हमने अपना पीएम से हाथ से 1200 कार दिलाया था। अच्छा फिजिकली नहीं आया था लेकिन पीएम हाउस से
33:26
Speaker A
हां एक दिव्यांग लड़की को भी कार लगा था। अच्छा क्वालीिफायर हुई थी। दिव्यांग लड़की और एक लड़का वहां पर कार की चाबी उसके हाथ से पीएम हाउस से दिलाया था और इधर वीडियो कॉन्फ्रेंस से सबको उसने एड्रेस किया था पीएम ने यूपीएम
33:43
Speaker A
इसीलिए पीएम भी इसलिए जानते हैं कि हम देने में माहिर है। सेवा में माहिर है। काम करने में माहिर है। बहुत ट्रांसपेरेंसी है। इंटेंशन क्लियर है। कोई बेनिफिट लेने का कोई लक्ष्य के लिए कोई काम नहीं कर रहे हैं। बेनिफिट तो बाय
33:57
Speaker A
प्रोडक्ट मिलता है। काम ऐसा करते हैं कि बेनिफिट हो जाता है। काम ऐसा करते हैं कि नाम हो जाता है। ऐड नहीं करते हैं ऐड हो जाता है। ऐसा ये स्टाइल हमको बहुत अच्छी लगी और ये स्टाइल से हम काम करते हैं।
34:12
Speaker A
थ्रूउ एक एक थॉट है के अगर हम डाटा भी देखें तो 191 बिलियर्स में से 108 जो है वो गुजरात से हैं। 30% एक्सपोर्ट गुजरात से है। ऐसा क्या होता है गुजरातीज में गुजराती माइंडसेट में के बिजनेस में एक
34:29
Speaker A
अलग ही ग्रोथ है। बिजनेस में अलग ही नाम है। अलग लेवल की कंट्रीब्यूशन है जीडीपी पे। यह यह गुजरातीज का ही क्यों इतना बोलबाला है बिजनेस के बिजनेस में या धंधे में?
34:41
Speaker A
पहले तो गुजराती बहुत हार्ड वर्क वाले हैं। उसके पास स्मार्ट वर्क कम है। लेकिन स्मार्ट वर्क वाला भाड़े पे मिलता है। जब भी हमारे पास हार्ड वर्क होता है तो यस या नो मिलता है और हार्ड वर्क है
34:57
Speaker A
और देने की भावना गुजराती में बहुत है। मैंने फील किया हूं। तो मेरे ख्याल से लगता है कि एक हार्ड वर्क और एक है भावना। दो ही काफी है और कोई बाद में स्मार्ट वर्क नहीं है। कोई चीज की
35:12
Speaker A
जरूरत नहीं है। पढ़ाई की जरूरत नहीं है। कुछ सब कुछ मिल जाता है। ये दो कांसेप्ट गुजराती में काफी आपको देखने शायद मिलेगा। तो क्या आपको लगता है इंपॉर्टेंट है पढ़ाई के?
35:25
Speaker A
नहीं आज तो मैंने सब बच्चों को बोलता हूं भाई बिना पढ़ाई कोई हमारे लिए जो हमारा एग्जांपल मत लो। हम हम बिना पढ़ाई कुछ होने वाला नहीं है। आज मैं स्ट्रगल कर रहा हूं। आज भी मैं ट्रगल कर
35:37
Speaker A
रहा हूं। लेकिन आज मेरे को सब कुछ मिल रहा है पैसे की वजह से। वरना मैं इतना बिज़नेस ग्रो नहीं कर सकता। जो हमारे बेटे ने आके हम जो एजुकेशन में आके हमारे साथ मिलके हमारा अनुभव उसका पढ़ाई
35:50
Speaker A
और पैसे की शक्ति ये तीनों मिलके 7 साल में थ्री टाइम हुआ है। जो मैं 50 साल से कर रहा था वो 50 साल में नहीं हुआ। इतना दो गुना उसने 7 साल में किया। उसकी वजह क्या है? तो पढ़ाई हम
36:05
Speaker A
पढ़ाई के साथ-साथ अगेन गुजराती माइंडसेट की बात कर रहा हूं। गुजराती सोच की बात कर रहा हूं। कहीं ना कहीं शायद किचन में, डाइनिंग टेबल पे, फैमिलीज में बिजनेस बचपन से सुनने को मिलता है, डिस्कस होने को मिलता है। जो कि शायद बहुत जगह नहीं होता।
36:19
Speaker A
क्या वो भी एक कंट्रीब्यूशन है कि घरों के अंदर बातचीत अलग है। ये 100% है। ये 100% है। हमारा बच्चा बचपन से हम लोग कहां भी जाते हैं? ये मेरा खुद का एक्सपीरियंस है। आज से नहीं मेरा 87
36:33
Speaker A
में मैं फर्स्ट टाइम इजराइल गया। हां र परचेस 87 में ना तो हिंदी आता था इंग्लिश आता था और सीधा हब्रू मेनिया खरीदना पड़ा। और एक वीक वहां रहा था। एक वीक बेल्जियम में रहा था। हम आप बिलीव नहीं कर पाएंगे।
36:52
Speaker A
एक मेरा दोस्त था इजराइल में। मैंने बोला था मेरे लिए होटल तू कर लेना। और मेरे को इंग्लिश नहीं आती है तो तेरे घर के नजदीक में तू होटल करना। तो इसने होटल मेरे लिए कर लिया था। मैं
37:06
Speaker A
होटल में रहता था और दिन को पूरा दिन डोर टू डोर है गैलम। बूट पहली बार पहना था। अच्छा बूट पहनने का था नहीं। तो बूट पहली बार जब पहनते हैं चप्पल के बाद तो बूट का 16 पड़ता है।
37:24
Speaker A
हां। पैर में हम 16 पड़ता है। आजकल तो टेक्नोलॉजी और बूट बहुत अच्छी चीज आएगी तबका तो तभी पूरा दिन चलता था तो पग में सोला पड़ जाता था और ठंड के मेरा काम इतनी ठंडी थी मेरे को बुखार आ जाता था हर
37:40
Speaker A
रोज ये ठंड की वजह से और सोला की वजह से और मैं 8 दिन तक वहां होटल में रहा मेरे दोस्त को बोला साला तूने कैसी होटल रखी पानी ठंडा नहीं आता है गरम नहीं आता है ऐसी होटल थोड़ी रखनी
37:54
Speaker A
चाहिए ठंडी में किसने बोला नहीं आता है आता है। मैंने बोला आ चल बाथरूम में। बाथरूम में जाके देखा तो उसने बोला ये गर्म आ रहा है। मैंने कभी ये नल ऐसे करना चाहिए ऐसा नहीं पता था। तो गर्म आया। इतना नॉलेज नहीं था लेकिन
38:12
Speaker A
इतनी परेशानी हुई इंग्लिश नहीं है। आके ये सब लोग गुजराती मीडियम में पढ़ रहे थे। सबको उठा के पहले दिन इजराइल से आके इंग्लिश मीडियम में डाल दिया। पढ़ने के लिए मेरे तभी भी मेरी आज तो हमारे को
38:26
Speaker A
तकलीफ पड़ी हम तो बड़ा बिजनेस करने वाले हैं। आज से 20 साल से बाद तो हमारा क्या होने वाला है? इंग्लिश मीडियम में डाल दिया और 12 साल की उम्र थी तब से हम हाथ साथ में घुमाना चालू कर दिया बच्चे को।
38:37
Speaker A
क्यों? हमको इंग्लिश नहीं आती थी। क्यों? तो ट्रांसलेशन करें। तो आओ घूमो। एग्बिशन में जाते थे। परचेस करने जाते थे। वेकेशन में पूरा महीना साथ में रखता था। एक चीज मैंने नोट करी कि जॉब वर्सेस बिजनेस वहां पर सबकी प्रेफरेंस बिजनेस
38:53
Speaker A
रहती है। अब हार्ड वर्क तो लोग जॉब में भी करते हैं। गिविंग लोग जॉब में भी हो सकते हैं जो दो फैक्टर आपने बताए पर चॉइस बिनेस क्यों ज्यादा है वहां पे एज कंपेयर टू मेनी अदर स्टेट्स। बाकी स्टेट्स में
39:04
Speaker A
माइंडसेट है। माइंडसेट और कुछ नहीं। नौकरी नहीं करने का है। मैं भी बोलता हूं। इसकी जड़ क्या है?
39:10
Speaker A
जड़ बाय बर्थ क्या जेनेटिकल होता है? और वहां सब बिजनेसमैन अनपढ़ है। सब फार्मर है और सब ने किया हुआ है। बिना पैसे किया है। जीरो से किया हुआ है। तो सबका एक श्रद्धा और विश्वास है। ये कर सकता तो मैं भी कर सकता हूं और
39:26
Speaker A
हार्ड वर्क करता है। और बिजनेस माइन ही रहेगा। गुजरात में से कोई आपको हमारे यहां हमारे यहां तो हमारी वहां तो हमारा कोई है नहीं। बाहर का ही है। हम हम वो सेट माइन है और वो करेगा ही। कुछ भी
39:38
Speaker A
करके फेल होगा। दो बार, तीन बार, 10 बार लेकिन ट्राई करता रहेगा। 100 बार फेल होगा लेकिन वो ट्राई और मैं सबको यही मैसेज देता हूं। फेल हो गए तो क्या हो गया?
39:50
Speaker A
ट्राई करते रहो। अपना नसीब को हमको जांचना ही चाहिए। हम आप नौकरी में बैठे रहो। अनुभव के लिए ऐसा नौकरी करो कि आपको वो पार्टनर बना दे। हम दैट्स इट। अपना बना के काम करो। अपने बाप का समझ के
40:07
Speaker A
काम करो। तो अपने बाप का हो जाएगा। आप ऐसा दिल से काम करो ना 5 साल 10 साल जहां भी नौकरी करते हैं सबको अच्छा आदमी चाहिए। आपको शेयर होल्डर बना दे ऐसा काम करो ना। बहुत इजी है आज। हमारा सबका बिजनेसमैन का
40:22
Speaker A
फोकस होता है। किसके वहां कौन सा अच्छा आदमी है। किसको मैं उठाऊं? आपको उठा लेगा। हम ये गलती मत करें। लायक तो बनो। काम तो करो। पैसा मिल जाएगा। पैसे के लिए नहीं। काम के लिए करो। पैसा मिल जाएगा।
40:35
Speaker A
पार्टनरशिप मिल जाएगी। जनरली ऐसा होता है कि अपर जनरेशन का बिजनेस है। नेक्स्ट जनरेशन सीधा आकर संभालती है। आपके यहां थोड़ा सा अलग तरीका है। आपके यहां जब नेक्स्ट जनरेशन ज्वॉइ करने वाली होती है, ग्रेजुएट होती है तो शायद कुछ डिफरेंट
40:54
Speaker A
किया जाता है। सीधा शायद जॉइ नहीं होते हुए। ये ट्रेनिंग का शायद दुनिया का हर श्रीमत परिवार को करना चाहिए। क्या क्या एक्सक्टली यह बहुत बड़ा लेसन है। 25 साल हम पढ़ाते हैं। जो नॉलेज नहीं मिलते हैं, जो
41:10
Speaker A
एक्सपीरियंस नहीं मिलते हैं। कितनी भी बुक पढ़ लो, कितना भी मोटिवेटर को सुन लो, मैनेजमेंट को सुन लो, कुछ भी कर लो यह नॉलेज नहीं मिलेगा जो एक महीने में मिलता है। वो बच्चे बोलते हैं। मैं नहीं बोलता।
41:23
Speaker A
आप उससे सुनेंगे तो पता चलेगा। उसका खुद का स्टेटमेंट है। मैं नहीं कहता। लास्ट अभी हित भाई आया। एक महीना हुआ हित भाई। एक महीना हुआ। तो अलग सा एक्सपीरियंस हुआ कि जो हमने सोचा नहीं था। हर बार नया
41:38
Speaker A
एक्सपीरियंस होता है। हर बार फैमिली को भी सीखने मिलता है। टफ है। मैं एक बार ऑडियंस के लिए समझना चाह रहा हूं। मैंने कहीं-कहीं पढ़ा समझा। लेकिन क्या एक्सक्टली क्या आपके रूल्स हैं? क्या करवाते हो?
41:52
Speaker A
पर्पस ये है कि बिना पैसा बिना मोबाइल हम और बिना आइडेंटिटी। बिना पैसा, बिना मोबाइल और बिना कोई पहचान। पहचान आइडेंटिटी। पहचान साथ ले गए तो फिर तो लोग तो को भी मदद कर देगा और पहचान में दूसरा
42:04
Speaker A
कोई गलत आदमी के हाथ में भी वो फंस जाएगा पहचान दो तरीके से नहीं देने की है आईडी नहीं देने का है टिकट लेके भेज देने का पहले ₹5000 इमरजेंसी का देते थे लेकिन अभी लास्ट में ईद भाई गया तो उसको
42:22
Speaker A
नया करने का था उसकी मां ने बोला भैला मेरा बेटा कुछ नया करेगा तो बोला भाई नया क्या करें बिना पैसा जाओ तो एक भी पैसा जेब में नहीं लेगा गया था। एयरपोर्ट से उतरने का और सोचने का टैक्सी
42:35
Speaker A
में जाओ चल के जाओ कैसे धंधा ढूंढू कहां रहने का ढूंढू क्या करूं और ना तो सलाह किसी के लिए नहीं फोन सिर्फ मेरे को करना ना तो मैं सलाह दूं एक महीने में उसको क्या करना है कमा के
42:47
Speaker A
आना चार नौकरी करने का चार नौकरी करना है और अलग-अलग एक महीने में चार नौकरी चार नौकरी करके पैसा कमा के आया इतने का तू है ये तो ये परिवार में है इसलिए तेरी वैल्यू है तू इतने का है
43:00
Speaker A
तेरी कैपेबिलिटी तेरे को मार्केट में क्या दे रही है? प्रेजेंट कर और रास्ता निकाल। हम तो ये गया था तो तो ऐसे गया था तो ज्यादा टफ था। क्या क्या हुआ था लास्ट एक्सपीरियंस?
43:12
Speaker A
इससे तो इसका तो मेरे हिसाब से इसके पास सुने तो अच्छा है। लेकिन ये टफ इसलिए था बिना पैसे था। हां। तो एक ही दिन में पहले ही दिन में मैंने ऐसी जगह पे मैं भेजता हूं जहां उसका दम
43:25
Speaker A
निकल जावे। अच्छा। जाना कभी जानी पहचानी होनी चाहिए। टफ से टफ होनी चाहिए। तो इनको आपने कहां पे भेजा था?
43:33
Speaker A
मैंने उसको वहां पे सिक्किम भेजा था। अच्छा एक चाइना की बॉर्डर का हिल पे एरिया है। वहां अपना भारत आधा भारत है। आधा भारत नहीं है। हम और वहां एक भी आदमी गरीब नहीं है। आपको शायद सर्वे कराया था सिक्किम में
43:52
Speaker A
एक भी परिवार गरीब नहीं है। बिना फोन का तो कोई हो ही नहीं सकता। हां और गुजरात में से वहां कोई नौकरी करने जाता ही नहीं होगा। हम वेजिटेरियन कम से कम मिलता है। हम और मिलता है तो नॉनवेज से ज्यादा पैसे में
44:08
Speaker A
मिलता है। हम सिगारेट और दारू यंगस्टर हर हर कोई पीता है। उसके बीच में रास्ता निकालना रहने का हम तो बहुत टफ पड़ा था। बहुत इजी नहीं था। हां और पहले ही दिन उसको अच्छा एक्सपीरियंस वही हुआ। किसी को उसके ऊपर
44:30
Speaker A
दया आई हम वो भी एक कंठी देख के हां और मदद किया ₹2000 दे दिया हां वो लड़की को पूछा उसने तूने मेरे को दो क्यों दिया इतना मेरे पे क्यों ट्रस्ट किया तो तूने एक माला पहनी थी माला भी फादर ने दिया था
44:47
Speaker A
जाते वक्त नहीं पहनी थी तो बच्चे समझ रहे थे माला मेरे को क्या करेगी फादर एक महीने के लिए माला थोड़ी मदद कर पहले ही दिन उसने माला ने मदद किया तो फादर की प्रति उसकी की भावना बदल गई
44:59
Speaker A
हम और माला क्या होती है कैसे होती है लोग कैसे हमको देखते हैं वो अनुभव हुआ और जो रास्ते पे जा रहा था तो गाड़ी में तो गाड़ी में ऐसे बॉर्डर पे जो गाड़ी के स्टाफ थे वो स्टाफ में किसी के पास ड्रग पकड़ा गया
45:21
Speaker A
तो पूरी गाड़ी को चेकिंग किया सबको चेक किया दो घंटा एक घंटा उसका बर्बाद कर दिया और रात रात को पहुंचे। पहुंचने वाला था 5:00 बजे। पहुंचे 10:00 बजे। कहां?
45:33
Speaker A
गैंगटन। अब रात को 10:00 बजे तो वहां सब क्लोज हो जाता है। कहां कहां रहने का ढूंढे, कहां नौकरी ढूंढे, किसको पूछे? तो McDonald में गया। बोला तेरा आईडी है। बोला आईडी नहीं है। और आईडी उसने गलत बनाया था।
45:52
Speaker A
हम तो वेरीफाई नहीं हो रहा था। तो वह लोगों को लगा कि कोई यह टेररिस्ट है। उसने पकड़ लिया। शटर बंद कर दिया। शटर में से बाहर एक मैनेजर गया और तीन अंदर रहा। और पुलिस को फोन कर दिया। पुलिस आ गई। उठा
46:10
Speaker A
गई। पुलिस समझ नहीं रही है। पुलिस ने कुछ भी करके दो नंबर था मेरा और एक मेरे छोटे भैया का बेटा। दोनों को ही इमरजेंसी में फोन कर रात को 12:00 बज गया था। मेरे को फोन नहीं किया। भाई को फोन किया। उसने
46:31
Speaker A
सही बात सब बताई और वो सोड रहे थे। का जो बैग चेकिंग किया था टेररिस्ट की वजह से तो वो ₹2000 वो बहन ने दिया था उसको नहीं मिला। तो उसने सीनियर को बोला सर मैंने इसमें पैसा रखा था। वो दिखता नहीं है। और
46:51
Speaker A
जो पुलिस वाले ने बैग चेक किया तुरंत 2000 निकाला। मैं तो मानता हूं आज सबके सामने बोल देता हूं। निकाला तो था लेकिन उसने वापस वापस रख लिया और उसको एक थप्पड़ लगा दिया। और लाइफ में कभी थप्पड़ नहीं मारा।
47:11
Speaker A
बिलियनर का बेटा है। पेच यूनिवर्सिटी में पढ़ा है और आतंकवादी समझ के पुलिस ने पकड़ लिया है। रात का थप्पड़ मारा। तभी ये लोग ने सोचा कि मेरे को इनवॉल्व करना पड़ेगा। मैंने मेरे को फोन आया। 1:00 बज गया था। 1:00 बज गया था रात को पुलिस
47:31
Speaker A
स्टेशन से फोन आया। इतना रडा, इतना रडा कि लाइफ में हम उसकी आवाज सुन नहीं सकते। और मजबूत रहना पड़ता। अभी ऐसे समय में मजबूत कैसे रहवे?
47:46
Speaker A
मेरी लाइफ का सबसे टफ लाइफ वो मोमेंट थी। मैंने बोला तू धीरज रख। सुबह में मैंने बोला तो सुबह में उसने डिसीजन ले लिया कि मैं अभी इधर ही रहूंगा। सबसे अच्छी मेरे साथ बन गया है और सबसे बुरा हो गया। अभी
48:01
Speaker A
इससे क्या बन जाएगा? तेरी इच्छा है तो डोंट वरी मैं यही चाहता था। तो उसने ही डिसीजन लिया कि अभी बुरा से बुरा हो गया है। अच्छा से अच्छा हो गया है। अभी मेरे से एक महीना निकालने का है।
48:14
Speaker A
अभी क्या होगा? होगा तो मैंने बोला तो रहे तू रहा तीन चार नौकरी किया दो बिजनेस किया और बढ़िया सा ₹18,000 लेके आया ₹9,000 का खर्चा करने के बाद तो यह बोलता था आया के वक्त पे शायद जिंदगी की सबसे बड़ी गलती करता मैं नहीं
48:34
Speaker A
गया होता। तो यह बेबच्चा बोलता है तो ऐसे लगता है कि नहीं अच्छा किया और करना चाहिए। आपकी पर्सनल लाइफ में पर्सनल रूटीन में कोई ऐसी रोज की आदत या कोई ऐसा रूटीन या कोई रिचुअल या कुछ आप
48:47
Speaker A
खुद को बोलते हो या देखते हो कोई ऐसी प्रैक्टिस है जो रोज आप करते हो अपने आप अपने माइंड को स्ट्रांग रखने के लिए बहुत पॉजिटिव सोचता हूं नेगेटिविटी आती है लेकिन एक सेकंड ये बे सेकंड हताशा आती है
48:59
Speaker A
मिनट 3 मिनट निराशा आती है नेगेटिव थोड़ा गुस्सा भी आता है दो-ती मिन मिनट में मैं अपने आपको कंट्रोल कर लेता हूं एक तो मेडिटेशन की वजह से आप मेडिटेशन हां मेडिटेशन विपस्या की वजह से दूसरा हर रोज मैं बोलता हूं यार निराशा हमको
49:17
Speaker A
परवड़ेगी नहीं हमको तो आगे जाने का है हताशा परवड़ेगी नहीं उदास चेहरा किसी को पसंद नहीं है हम काश में देख के उदास रहवे ना तो भी हमको खुद को पसंद नहीं है तो हमको ऐसा नहीं रहना चाहिए तो मैं मेरे को
49:30
Speaker A
तो इंप्लीमेंट करना पड़ेगा ना कि आप खुद को रोज याद करवाते हो हर रोज मैं चार्ज होता हूं अच्छा क्योंकि मेरा टॉक मजदूर से कायमी काम करने का है एम्प्लई से मेरा आज कोई भी दूसरा टॉप नहीं है। या तो मजदूर या तो एंप्लॉय
49:44
Speaker A
या तो फार्मर या तो किसी को भी डीमोटिवेट होता है उसको मिलने आते हैं। कोई प्रॉब्लम लेके आते हैं तो समझाने का और थॉट देने का ही जॉब है। मेरा और कोई काफी बार पूछते हैं आपकी कंपनी में एचआर हेड कौन है? बोलो एचआर हेड
50:04
Speaker A
क्या करते हैं? तो कि ये ये सब चीज करते मैं तो ये तो मैं करता हूं। तो ऐसा हुआ तो ऐसा मेरा खुद का यह शौक भी है और स्वभाव भी है और यही हमारी पॉलिसी है तो मैं खुद के लिए तो मोटिवेशन रहना ही
50:18
Speaker A
पड़ेगा कुछ भी हो जाए डीमोटिवेशन होना परवड़ेगा नहीं थोबड़ा बिगड़ा हुआ परवड़ेगा नहीं प्रॉब्लम तो आज भी आते हैं तभी भी आते थे एक ही प्रॉब्लम नहीं है पैसे का बाकी सब प्रॉब्लम ही है हां हां जैसे आपने कभी शुरुआत करी थी आज अगर कोई
50:35
Speaker A
शुरुआत कर रहा है जिसके पास उतने रिसोर्सेज नहीं है जिसके अंदर सिर्फ एक एंबिशन है। मुझे कुछ करना है। राइट? आपकी जर्नी से वो इंस्पायर्ड तो है। उसके लिए आप क्या एडवाइस देना चाहोगे? उसके लिए क्या आप एक रोड मैप क्या देना चाहोगे कि
50:49
Speaker A
वो आज जब शुरुआत कर रहा है तो किस डायरेक्शन में जाए? क्या आपको जो करना है 24/7 आपकी आंख में होना चाहिए। आपकी नजर में होना चाहिए। नजर हटाओ मत। हम कर सकेंगे नहीं कर सकते। भगवान पे छोड़ दो।
51:05
Speaker A
आपको जो बनना है वह आपकी नजर में होना चाहिए। आपको जो करना है यह दिमाग में 24/7 और नहीं होता है तो डिप्रेशन में मत आओ। आपका समय से पहले और नसीब से ज्यादा किसी को कुछ नहीं मिलता। समय की राह देखनी ही
51:24
Speaker A
पड़ेगी। आप समय की राह देखो। समय आएगा। लेकिन आपका लक्ष्य मत बदलो। लक्ष्य मत बदलो। आपको जो रुचि है, आपको जो शौक है, आपको जो करने का है, लेकिन आपको पॉजिटिव करने का है तो तात्कालिक इंप्लीमेंट होगा। और आप करके क्या करने का है? आप जो भी
51:43
Speaker A
अचीव करके क्या करने का है? ये मेरा सपना है। मेरा सोच था कि मैं सब बड़ा आदमी बनूंगा तो मैं यह मेरा जीव था कि मैं सोशल सबसे बड़ा करूंगा। मेरे को ज्यादा पैसा देने का था एम्प्लई को इसलिए मैं ज्यादा
51:56
Speaker A
कर रहा है। मेरा लक्ष्य क्लियर था कि सबसे ज्यादा मैं सैलरी मेरी ये ये नीड था मैं सबसे ज्यादा सैलरी दूंगा। ऐसा नहीं मैंने सोचा था कि सबसे ज्यादा पैसा कमाऊंगा और दुनिया में नंबर वन बनूंगा। ऐसा नहीं सोचा
52:09
Speaker A
था। सोशल में भी नंबर वन बनूंगा। पैसा कमाने का मतलब यही था कि मेरे को सोशल में नंबर वन बनने का था। आप देखो यह तो बाय हार्ट निकला था। आपका यह नजर होना चाहिए। पैसा कमा के मैं क्या करूंगा? मैं फैमिली
52:22
Speaker A
को कैसे रखूंगा? राष्ट्र के लिए क्या करूंगा? समाज के लिए क्या करूंगा? आपका विज़ क्लियर होना चाहिए। आपका विज़ क्लियर रखो। नहीं है तो चश्मा साफ कर लो। लेकिन क्लियर कट आपके पास आपका विज़ होना चाहिए। और पूरी दुनिया को बताओ मेरे को यह
52:37
Speaker A
करने। इस पडकास्ट से आपकी टॉप लर्निंग क्या रही? कोई एक टॉप लर्निंग नीचे कमेंट्स में जरूर बताना। जब सब अपनी टॉप लर्निंग्स बताएंगे ना तो एक दूसरे की लर्निंग से हमारी रिवीजन होगी। पडकास्ट के टॉप पॉइंट्स कमेंट्स में नजर आएंगे। एक
52:50
Speaker A
दूसरे की भी हम हेल्प कर पाएंगे और अपनी लर्निंग को भी शेयर कर पाएंगे। एंड मेरी बुक मैनिफेस्टेशन ब्लूप्रिंट जिसमें मैंने शेयर किया कैसे आप अपने थॉट्स को रियलिटी में बदल सकते हो। पूरा ब्लूप्रिंट दिया है जो आपकी कंफ्यूजन को क्लेरिटी में बदलेगा।
53:02
Speaker A
फियर को कॉन्फिडेंस में बदलेगा। अगर आप यह बुक पढ़ना चाहते हैं तो यह बुक Amazon पे अवेलेबल है। फिर मिलेंगे अगली वीडियो में। तब तक खुश रहिए, खुशियां बांटते रहिए। आई लव यू ऑल।
Topics:सावजी भाई ढोलकियाडायमंड किंगगुजराती बिजनेस माइंडसेटमैनिफेस्टेशनविजुअलाइजेशनद सीक्रेटबिजनेस प्रेरणाकर्मचारी सम्मानसामाजिक जिम्मेदारीहिंदी पॉडकास्ट

Frequently Asked Questions

सावजी भाई ढोलकिया ने अपने कर्मचारियों को इतने उपहार क्यों दिए?

सावजी भाई का मानना है कि देने की खुशी लेने से ज्यादा होती है। वे अपने कर्मचारियों को सम्मान और खुशी देना चाहते हैं, जो कंपनी की सफलता और टीम भावना को बढ़ाता है।

सावजी भाई ने अपनी सफलता के लिए कौन-कौन से सिद्धांत अपनाए?

उन्होंने विजुअलाइजेशन, मैनिफेस्टेशन और 'द सीक्रेट' किताब से प्रेरणा लेकर लगातार अपने सपनों को देखा और उन पर काम किया। वे छोटी-छोटी आदतों और बिजनेस थॉट्स को भी महत्वपूर्ण मानते हैं।

गुजराती बिजनेस माइंडसेट में क्या खास बात है?

गुजराती बिजनेस माइंडसेट में मेहनत, विश्वास, विजन और परिवार के प्रति समर्पण होता है। 191 भारतीय बिलेनियर्स में से 108 गुजराती हैं, जो इस माइंडसेट की ताकत को दर्शाता है।

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