डॉ. श्वेता आदित्य के साथ जानें एंग्जायटी के कारण, प्रकार और नेचुरल तरीके से इसे खत्म करने के प्रभावी उपाय।
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Key Takeaways
- एंग्जायटी एक सामान्य लेकिन गंभीर मानसिक स्थिति है जिसे समझना और सही तरीके से प्रबंधित करना जरूरी है।
- सही ब्रीथिंग तकनीक और ब्रेन वेव्स को नियंत्रित कर मानसिक शांति और कम तनाव प्राप्त किया जा सकता है।
- एंग्जायटी के लिए दवाओं के साथ-साथ प्राकृतिक और इंटीग्रेटिव उपाय भी प्रभावी हैं।
- न्यूरोपैरेंटिंग से बच्चों के मानसिक विकास को बेहतर बनाया जा सकता है।
- एंग्जायटी को ठीक करने के लिए निरंतर अभ्यास, समझ और सही मार्गदर्शन आवश्यक है।
What the video covers
- एंग्जायटी, वरी, स्ट्रेस और फियर की वर्तमान वैश्विक स्थिति में बढ़ती समस्या पर चर्चा।
- एंग्जायटी के प्रकार जैसे सोशल एंग्जायटी, जनरलाइज्ड एंग्जायटी डिसऑर्डर (GAD) और उनकी जीन संबंधी जानकारी।
- लिंबिक सिस्टम और अमगडेला की भूमिका और कैसे ये एंग्जायटी को प्रभावित करते हैं।
- एंग्जायटी के लक्षण और जब चिंता सामान्य से गंभीर हो जाती है तब के प्रभाव।
- एंग्जायटी को कम करने के लिए योगिक ब्रीथिंग, बॉक्स ब्रीथिंग और 4-7-8 ब्रीथिंग तकनीक।
- ब्रेन वेव्स (अल्फा, बीटा, गामा, थीटा, डेल्टा) और उनका मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव।
- लिमिटलेस ब्रेन लैब द्वारा विकसित लिमिटलेस काम प्रोटोकॉल और मास्टर क्लास की जानकारी।
- एंजायटी के इलाज में दवाओं के साथ-साथ इंटीग्रेटिव और न्यूरोसाइंस आधारित उपाय।
- न्यूरोपैरेंटिंग के टिप्स और बच्चों के ब्रेन विकास में सहायता।
- एंग्जायटी को समझने, स्वीकार करने और नियंत्रित करने के लिए मानसिकता और जीवनशैली में बदलाव।
Chapters
- 00:00परिचय और वर्तमान स्थिति में एंग्जायटी
- 01:06एंग्जायटी मास्टर क्लास और उद्देश्य
- 03:06एंग्जायटी का महत्व और नियंत्रण की आवश्यकता
- 04:01चिंता और एंग्जायटी में अंतर
- 05:02एंग्जायटी के प्रकार और जेनेटिक प्रभाव
- 05:59इंटीग्रेटिव उपचार और न्यूरोसाइंस
- 06:59ब्रीथिंग तकनीक और लिमिटलेस काम प्रोटोकॉल
- 08:01न्यूरोपैरेंटिंग टिप्स
- 09:004-7-8 ब्रीथिंग और अन्य तकनीकें
- 10:00एंग्जायटी के लिए अंतिम सुझाव और समापन
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Speaker A
नमस्कार, मैं हूं डॉक्टर श्वेता आत्या लिमिटलेस ब्रेन लैब से। तो आज जिस स्थिति जिस हिसाब से हम गुजर रहे हैं, कई सारे देशों की जो लड़ाई हो रही है, वहां पे जाहिर है कि एंग्जायटी, वरी, स्ट्रेस, फियर आना ये एक नॉर्मल सी चीज है।
Speaker A
तो आज हम जानते हैं और समझते हैं कि हम इस एंजायटी को नेचुरली किस हिसाब से ठीक [संगीत] कर सकते हैं। तो कई सारे लोग यह भी समझते हैं कि क्या एंजायटी का कोई क्योर है? एंग्जायटी हम किसको कहते हैं?
Speaker A
एंग्जायटी के लिए नेचुरली हमें क्या करना चाहिए? क्या एंजायटी ठीक हो सकती है? एंजायटी के प्रकार क्या हैं? कौन ठीक करता है एंजायटी? अगर आपको बहुत ज्यादा एंजायटी लगे, पैनिक में कन्वर्ट हो। यानी कि आप कुछ भी समझ नहीं पा रहे हैं। आप बहुत ही
Speaker A
बेचैन हैं। रेस्टलेस हैं। आपकी हार्ट की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। तो आज हम इन्हीं सारी चीजों के बारे में बात करेंगे। एंजायटी को कैसे समझें, जानें और ठीक करें। अगर आप कोई भी सीरियसली एंग्जायटी को ठीक करना चाहते हैं तो हमारा
Speaker A
जो यह नीचे दी गई लिंक है, आप क्लिक करें क्योंकि हमने एक पूरा एंजायटी का मास्टर क्लास भी बनाया हुआ है। तो मास्टर क्लास उन लोगों के लिए है जो सीरियसली अपनी एंजायटी को ठीक करना चाहते हैं। लेकिन
Speaker A
फिलहाल अगले कुछ मिनटों में मैं आपको एंजायटी की ए बी सी बखूबी बहुत ही आसानी से, इजी तरीके से बताऊंगी। कौन सा प्राणायाम, क्या ब्रीथिंग टेक्निक? कौन सी ऐसी चीज जो कॉम्बैट मिलिट्री वेटर्न्स करते हैं। सोचो आपके टाइम पे कितना उनके
Speaker A
दिमाग पे चल रहा होगा। तो वो अपनी एंजायटी कैसे खत्म करते हैं? कामनेस कैसे रखते हैं? सेंटर्डनेस कैसे रखते हैं? कौन सा वो ब्रेन वेव होना चाहिए जो [संगीत] हमें दिखता है। कमेंट सेक्शन में जरूर लिखें जीरो से 10 के बीच में। फिलहाल जीरो मतलब
Speaker A
नो एंजायटी। 10 मतलब बहुत ज्यादा एंग्जायटी। आप लोगों [संगीत] की एंग्जायटी कितनी है? क्योंकि आप समझेंगे कि जैसे-जैसे नंबर्स आते जाएंगे, आप समझेंगे कि आप इसमें अकेले नहीं हैं। हम सब साथ में हैं और लिमिटलेस ब्रेन लैब ने यह कसम
Speaker A
खाई हुई है। यह एक प्रण लिया हुआ है कि हेल्थ, वेल्थ एंड हैप्पीनेस हम 10 मिलियन लोगों तक जरूर पहुंचा के रहेंगे। क्यों यह जरूरी है आज के टाइम पे एंजायटी पे कंट्रोल करना सीखना?
Speaker A
[संगीत] क्योंकि बाहर का जो वातावरण है वह पूरा भूखा हो चुका है। वोलेटाइल, पता नहीं है कौन सी मिसाइल, कौन सा बॉम्ब, कौन सी लड़ाई, कौन सी हेल्थ की कंडीशन आपके झोली में आके गिरेगी। अनसर्टेनिटी है। इसको मैं
Speaker A
क्या करूं? इसको लेकर क्या करूं? बड़ा ही कॉम्प्लेक्स सा वातावरण बना हुआ है। एम्बिग्विटी है। मुझे पता ही नहीं है कि अगले मोमेंट पे क्या होने वाला है। सो क्या इसी वक़्त को वोलेटिलिटी से, विज़ अनसर्टेनिटी से, अंडरस्टैंडिंग,
Speaker A
कॉम्प्लेक्सिटी से सर्टेनिटी और एम्बिग्विटी से एक्सेप्टेंस। क्या हम यह सारी चीजें ला पाएंगे? आंसर है, यस। अगर हम इस पूरी एंजायटी की चीज को अच्छे से समझेंगे। तो शुरू करते हैं कि एंजायटी होती क्यों है?
Speaker A
तो ये हिस्से क्या हैं? एक है लिंबिक सिस्टम। लिंबिक सिस्टम यानी कि इमोशनल रेगुलेशन सिस्टम। कोई भी अलार्म कि ये थ्रेट है मेरे लिए। अब जैसे फॉर एग्जांपल हम फिलहाल जिस कंट्री में रहते हैं, वहां पे मिसाइल्स वगैरह का अटैक है। तो कोई भी
Speaker A
आवाज जैसे कि अगर फर्नीचर भी हिल रहा होगा ऊपर वाले के घर में तो भी एक बार लगता है कि ओ कहीं पे बॉम्ब तो नहीं है। कहीं पे मिसाइल तो नहीं है। तो यह जो चीजें होती हैं, यह क्यों होती हैं? क्योंकि आपका
Speaker A
अमगडेला ओवरएक्टिव, हाइपर रिएक्टिव, वॉच कर रहा है। अरे क्या थ्रेट है? क्या मुझे करना है? तो इस ओवर एक्टिव लिंबिक के अंदर बैठे हुए अमगडेला जब वो एक्स्ट्रा फायर करने लगता है, उसी को हम एंजायटी कहते हैं। अब
Speaker A
वरी किसको कहते हैं? मुझे चिंता हो रही थी। मेरी लड़की ठीक से घर नहीं पहुंची। मुझे चिंता हो रही है। मेरी बैंक में ऐसे पैसे पड़े हैं। मुझे चिंता हो रही है कि मेरा बच्चा अच्छे से पढ़ नहीं रहा है।
Speaker A
चिंता वहां तक सीमित रहती है। लेकिन जब वो चिंता लगातार बार-बार, दिनोंदिन, रातोंरात आपको सोने नहीं देती है। आपकी धड़कन तेज कर लेती है। आपको कई सारी दूसरी बीमारियां कर लेती है। आप फोकस नहीं कर पाते हैं। आप
Speaker A
कहीं जा नहीं सकते हैं। आप काम नहीं कर सकते हैं। जब यह सब हो जाता है तो इसको हम कहते हैं एंजायटी। एंजायटी कई प्रकार की होती है। सोशल एंग्जायटी यानी कि जब आप सोशल गैदरिंग में जाते हैं तो आपको फोबिया,
Speaker A
फियर रहता है। एंजायटी रहती है। अगर आप नई सिचुएशन में हैं। नया कंट्री, इनफैक्ट कहते हैं कि चौथे नंबर का वर्ल्ड का पूरा जो स्ट्रेसफुल फैक्टर है, यह है पिन कोड का चेंज होना। यानी कि आप कहीं नई देश जा रहे
Speaker A
हैं, नई दुनिया में बसाने जा रहे हैं। तो वहां पे जाहिर है कि एंजायटी होगी। तीसरी इंपॉर्टेंट चीज है वो है जीएडी, जनरलाइज्ड एंजायटी डिसऑर्डर। यह एक डिसऑर्डर है। यह जेनेटिक से संबंध रखता है। आपके ग्रैंडफादर, आपके ग्रेट ग्रैंड पेरेंट्स,
Speaker A
आपके पेरेंट्स वगैरह में है। तो आपको यह जीन भी इन्हेरिटेंस में मिल सकता है। जीएडी के पेशेंट्स जो होते हैं, वो काफी एशियस रहते हैं। तो जब हम उनका ब्रेन स्कैन करते हैं तो हाई बीटा के स्टेट में
Speaker A
रहते हैं। बहुत ही ज्यादा कास्टेंटली बीटा, बीटा, बीटा, बीटा फायर करते रहते हैं। इतना बीटा फायर करता है और मैं कुछ ऐसी चंद इमेजेस दिखाऊंगी कि नॉनस्टॉप चल रहा है दिमाग। [संगीत] कोई भी ठहराव नहीं है। कोई कामनेस नहीं है। तो ऐसे ब्रेन को हमें टोन
Speaker A
डाउन करना पड़ता है या हमें इसकी गतिविधियों को कम करना पड़ता है। कैसे करेंगे इसकी गतिविधि को कम? वही आज हम सीखेंगे। यह एंजायटी में कैसे है। अगर आपको विस्तार से सीखना है तो इस एंजायटी के मास्टर क्लास को जरूर अटेंड करें। लिंक
Speaker A
दी गई है। कमेंट सेक्शन को भी एक पिन किया गया है और नीचे भी इसकी डायरेक्ट लिंक जो है वह एक्सेस करी गई है। हम ऐसे ही कई सारी डिजीज़ेस पे इंटीग्रेटिव फॉर्म में चर्चा करते हैं। हम कई सारे क्वेश्चन आंसर
Speaker A
भी लेते हैं जो हमारे लाइव सेशंस होते हैं वहां से। तो आपको खुद भी अपने क्वेश्चंस का आंसर भी मिल सकता है। तो हम इंटीग्रेटिव प्रोसेससेस को क्यों करना चाह रहे हैं? आज मेरा एमगडेला फायर्ड है। एंजायटी है मुझे। मैं पिल लेती हूं।
Speaker A
एंजियोलिटिक और लेनी भी चाहिए अगर आपको सीवियर एंजायटी है। साइकेट्रिस्ट के पास जाइए जो आपको दवाई लिख सकता है। साइकोलॉजिस्ट जो है वो आपकी मदद बात करके समझ के कर सकता है। लेकिन कहीं ना कहीं हम लोग जो हैं वो दोनों के बीच में आते हैं।
Speaker A
तो हम क्या कहते हैं कि हम जब आपके ब्रेन को स्कैन करते हैं, जिसको हम न्यूरोसेंस का स्कैन कहते हैं। वहां से हम समझते हैं कि यह हाई बीटा कितना फायर कर रहा है। इस हाई बीटा के फायरिंग को हम काम कैसे करेंगे?
Speaker A
हमें उसको अल्फा यानी कि बिल्कुल रिलैक्स्ड स्टेट में कन्वर्ट करना है। तो इस अल्फा को बिल्ड करने के लिए रोज कंसिस्टेंटली मुझे क्या करना होगा? कौन से सप्लीमेंट लेने होंगे? तो आज हम इसके बारे में वन टू एंड थ्री स्टेप्स में समझते
Speaker A
हैं। तो सबसे पहला जो चीज एंजायटी ठीक करता है वो है ब्रीथिंग। [संगीत] द राइट टाइप ऑफ ब्रीथिंग। तो हमने लिमिटलेस ब्रेन लैब में एक लिमिटलेस काम का प्रोटोकॉल बनाया हुआ है। लिमिटलेस काम के प्रोटोकॉल में आप एक योगिक ब्रीथिंग करते हैं। फिर
Speaker A
आप बॉक्स ब्रीथिंग करते हैं। फिर आप फोर से 8 की ब्रीथिंग करते हैं। हर पांच राउंड में करते हैं और फिर आप अल्फा की बाइनोरल फ्रीक्वेंसीज को सुनते हैं और आखिर में आप अल्फा का एक मेडिटेशन करते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को 15 से 20 मिनट
Speaker A
लगते हैं। लेकिन हमारी गारंटी है कि वो आपको आपके अल्फा बिल्ड करने में बहुत बहुत फायदा करेगा। इसमें थोड़ा सा हमिंग बी भी आता है। तो आप जस्ट हमें यहां पे फॉर्म भर के दें। अगर आपको यह प्रोटोकॉल चाहिए तो
Speaker A
वैसे जब आप हमारा कोर्स लेंगे, मास्टर क्लास ऑन एंजायटी लेंगे तो यह सारा प्रोटोकॉल जो है वो विस्तार से समझाया गया है। सो योगिक ब्रीथिंग बहुत ही सिंपल, आसान डायफ्रागमेटिक ब्रीदींग है। नमस्कार, मैं हूं डॉक्टर श्वेता आदित्य, न्यूरोलॉजिस्ट
Speaker A
और अगर आप एक पेरेंट हैं, अंटिल दी एज ऑफ 18 इयर्स के बच्चे के तो आपको यह जानना जरूरी होगा कि न्यूरोपैरेंटिंग के कुछ-कुछ टिप्स एंड ट्रिक्स आपके बच्चे को नेक्स्ट लेवल तक, एक लिमिटलेस पोटेंशियल तक पहुंचा सकते
Speaker A
हैं। एक अलग ही दुनिया में ले जा सकते हैं। आपके कुछ सिंपल स्टेप्स, आपकी अंडरस्टैंडिंग कि आप बच्चे के ब्रेन के साथ कैसे बिहेव करते हैं? करेक्शन बिफोर कनेक्शन। कनेक्शन बिफोर करेक्शन क्या यूज करेंगे? [संगीत] आप डिकोड कैसे कर सकते हैं? ब्रेन की
Speaker A
क्षमता को आप कैसे सपोर्ट कर सकते हैं? किस रिसोर्सेज से आपको काम करना चाहिए?
Speaker A
अपने माइंडसेट को कैसे डेवलप करना चाहिए? इन सारी चीजों को हम ले आए हैं न्यूरो पैरेंटिंग के हिंदी के कोर्स में। तो जरूर देखिएगा, समझिएगा, डिकोड करिएगा अपने बच्चे का ब्रेन और फिर एक अलग ही लीप, एक न्यू डायरेक्शन, एक नई स्पीड, एक नई
Speaker A
क्षमता, एक नई पोटेंशियल लिमिटलेस जनरेशन की तरफ हम और आप मिलके बनाएंगे। तो जरूर जाइएगा www.lsbrainacademy.com एंड गेट द एक्सेस टू दिस प्रोग्राम टुडे। पॉक्स ब्रीथिंग। मैं चार अंदर लेती हूं। चार सांस सेकंड होल्ड करती हूं और चार एक्सेल
Speaker A
करती हूं। 478 को काफी हद तक स्टडी किया गया है। चार इन्हेल, सात होल्ड और आठ एक्सेल। 478 की ब्रीथिंग को जब स्टडी किया गया तो एंग्जायटी के लेवल्स 60-70 डेज के बाद 50 टू 60% कम देखने को मिले थे। तो
Speaker A
478 काफी पावरफुल है। हमिंग बी टेक्निक जो हम काफी बार
Speaker A
जो एक बीट है जो हम लैब में बनाते हैं वो बीट कैंसिल करके एक फेंटम बीट बनता है जिसको आप सुनते हैं तो वहां पे वो एक अल्फा बीट होता है और बाद में मेडिटेशन जो कि आंख बंद करके रिलैक्सेशन मेडिटेशन होता
Speaker A
है वो आप करते [संगीत] हैं। तो जैसे-जैसे जैसे आप यह स्टेप्स करते जाते हैं आपको अल्फा बनाने में इजी हो जाता है। अब दूसरी चीज आप क्या करेंगे? आपके जितने भी भय है, जितने [संगीत] भी फियर है, आपको जिस भी
Speaker A
चीज से परेशानी है, उन सबको आप रिकॉर्ड करेंगे। उन सबको आप लिखेंगे और वहां पे लिख के आप डिजिटली चाहे तो लिख ले या तो आप किताब पे लिख ले। इसको हम कैथारसिस कहते हैं। और रोज लिखते जाइए। जो भी डर
Speaker A
है, जो भी फियर है, एक पॉइंट ऐसा आएगा लिंबिक के पास जो भी लिखने की चीज है, वह खत्म हो जाएगा। लिंबिक यानी कि इमोशनल एनर्जी। उसके पास शब्द नहीं है। अब आप उसको शब्द दे रहे हैं जिसको हम इमोशनल
Speaker A
लेबलिंग कहते हैं। सो आपने [संगीत] ब्रीथिंग या प्रोटोकॉल ठीक कर लिया आपका जहां से आपकी फाइट फ्लाइट की क्षमता कम होके रेस्ट एंड डाइजेस्ट वेगस नर्व में आप आ जाएंगे। तो पहला स्टेप कंप्लीट। दूसरा स्टेप राइटिंग इमोशनल लेबलिंग। आप लिखते
Speaker A
जाइए। कथार्सिस करिए और खत्म करिए। तीसरा और सबसे सबसे जरूरी स्टेप यह है कि ए्जायटी को ठीक करने के लिए आपने ब्रीथिंग भी ठीक कर ली। आपने अपना अल्फा बायरल बीट्स भी सुन लिया। आपने अल्फा का मेडिटेशन भी रोज कर लिया। लेकिन फिर भी
Speaker A
ए्जायटी ठीक नहीं हो रही है। तीसरा स्टेप बहुत ही इंपॉर्टेंट है। जरूर अपना स्कैन कराइए। अपनी ए्जायटी को समझिए कि केवल एंग्जायटी है कि क्या और चल रहा है? क्या वह जेनेटिक है? क्या मेरा गट ठीक है? क्या
Speaker A
उस एंग्जायटी का कारण है? बेस क्या है? है तो जरूर वहां पे आप डिटेल में जाइए। साइकेट्रिस्ट है, हम लोग हैं, साइकोलॉजिस्ट है। हम आपको बताएंगे कि क्या हो रहा है। और सबसे इंपॉर्टेंट चीज कई सारी ऐसी न्यूरो मॉड्यूलेशन की टेक्निक्स
Speaker A
है। जैसे लाइट थेरेपी है, [संगीत] जैसे साउंड थेरेपी है, मंत्रा थेरेपी है, ओम का चटिंग है, कई सारी ऐसी चीज़ है जो मॉड्यूलेट करके फास्ट ब्रीथिंग को कम करके अल्फा में आपको पहुंचा देगी। तो एंग्जायटी कोई ऐसा वो नहीं है कि जहां पे आपको डरने
Speaker A
की जरूरत है। लेकिन अगर आप ए्जायटी को ठीक ढंग से समझना चाहते हैं तो आपको अल्फा, बीटा, गामा, थीटा और डेल्टा ये पांच ब्रेन वेव्स को जरूर समझना होगा कि डेल्टा सोने पे आता है। अल्फा रिलैक्स कामनेस पे आता
Speaker A
है। थीटा जब सोने से पहले आता है और बीटा फास्ट ब्रेन वेव की गति है जो आप में अगर आप ए्जायटी से पीड़ित है तो आ रहा है। तो एंग्जायटी को ठीक करने के लिए और सप्लीमेंट्स में क्या एल्थनीन अच्छा रोल
Speaker A
प्ले करता है? अश्वगंधा के बारे में हम पहले बात कर चुके हैं। अश्वगंधा केएस 66 [संगीत] जिसमें 5 टू 10% विनोलाइट है वह अच्छा है आपके लिए। मैग्नीशियम का काफी इंपॉर्टेंट रोल है। 400 मिलीग्राम्स ऑफ मैग्नीशियम आपको रोज लेना चाहिए। लेकिन
Speaker A
सप्लीमेंट्स जरूर अपने डॉक्टर से पूछ के लें। इंपॉर्टेंट चीज है कि हम उसको करेक्ट मात्रा में एग्जैक्ट उससे लें। तो ब्रिजिंग, साइंस एंड स्पिरिचुअलिटी यही हमारा मकसद है कि इंटीग्रेटिव थेरेपीज़, कॉम्प्रिहेंसिव थेरेपीज़ हम कैसे करें। तो एक अच्छा समाचार है कि लिमिटलेस ब्रेन लैब
Speaker A
अब आपके घरों में आपके पास स्कैनर्स लेके आ रहे हैं। कुछ ही महीनों में हम कई सारे सिटीज में उपलब्ध होंगे और आप हमें लिख सकते हैं। हम आप तक जरूर आएंगे और हम आपको डेफिनेटली हेल्प करेंगे जो भी इंटीग्रेटिव
Speaker A
एंड कॉम्प्रिहेंसिव केयर के लिए चाहिए वो। तो अमगडेला और लिंबिक सिस्टम का काम है आपको प्रोटेक्टेड रखना। लेकिन आपका काम है उसके ऊपर जाके उस प्रीफ्रंटल कॉेक्स जो मेन हमारा मस्तिष्क का भाग है वहां से उसको कंट्रोल में करना। उसको काबू में
Speaker A
करना। जब आप यह वन टू थ्री थिंग्स कर लेते हैं। बस ये तीन चीजों का ही आपको सहारा चाहिए। उसके बाद एंग्जायटी को हम परमानेंटली गुड बाय कह पाएंगे। सो गो अहेड एंड डू दिस थ्री थिंग्स। फर्स्ट राइट डाउन
Speaker A
जीरो टू 10 में आपकी ए्जायटी कितनी है और क्या आप 30 डेज मेरे साथ इस पूरे प्रोटोकॉल में शामिल है तो जरूर मास्टर क्लास को डाउनलोड करिएगा देखिएगा और फिर प्रैक्टिस करिएगा 30 डेज के बाद में हम फिर से मिलेंगे देखने के लिए कि आपकी
Speaker A
ए्जायटी का क्या हुआ दूसरा आप पूरे प्रोसेस में एक किताब एक नोटबुक जहां पे आप लिखते जाएंगे अपने फियर्स के बारे में कथारसिस जरूर प्रैक्टिस करेंगे और थर्ड एंड लास्टेंट थिंग कोई भी दवाई भाई को बिना डॉक्टर की सलाह के बिना अपने फैमिली
Speaker A
फिजिशियन से पूछे हुए कोई भी चेंजेस नहीं करेंगे और हमारी मदद हमेशा आपके साथ है। पूरी दुनिया विश्व में अभी जो हो रहा है उसके लिए हम शांति की प्रार्थना करते हैं। हम सबके भले की इच्छा रखते हैं और हमें
Speaker A
आपको और मुझे साथ-साथ ऐसे ही एक ऐसी लिमिटलेस जनरेशन पे काम करना है। जहां ए्जायटी नहीं होगी, बस खुशी होगी। जहां डिप्रेशन नहीं होगा, बस आनंद होगा। जहां कोई भी ऐसा सफरिंग नहीं होगा हिंदी का सफर लेकिन हम जारी रखेंगे और जरूर करेंगे। तो
Speaker A
बहुत-बहुत शुक्रिया धन्यवाद। थैंक यू शुक्राना। शुक्रान फॉर बीइंग हियर ऑन दिस [संगीत] चैनल एंड इफ यू हैव लर्न समथिंग मेरी बहुत गुजारिश है। शेयर करिएगा, लाइक करिएगा, सब्सक्राइब करिएगा। एक-एक आपकी लाइक, शेयर और सब्सक्राइब हमें इतना प्रोत्साहन देती है, मोटिवेशन देती है कि
Speaker A
हम आपकी हेल्प यूं ही करते रह। [संगीत] थैंक यू सो मच। साइनिंग ऑफ डॉक्टर श्वेता आध्या।
Topics:एंग्जायटीतनावडॉ. श्वेता आदित्यब्रीथिंग तकनीकलिंबिक सिस्टमअमगडेलाजनरलाइज्ड एंग्जायटी डिसऑर्डरन्यूरोपैरेंटिंगब्रेन वेव्सलिमिटलेस ब्रेन लैब











