Urdu dua emotional| ramadan 2020 urdu dua||makkah dua||… — Transcript

यह वीडियो रमजान 2020 की एक भावुक उर्दू दुआ है, जिसमें अल्लाह से रहमत, हिफाजत और सही रास्ते की दुआ की गई है।

Key Takeaways

  • रमजान के दौरान अल्लाह से रहमत और माफी की प्रार्थना की जाती है।
  • सही रास्ते पर चलने और गुनाहों से बचने की जरूरत पर जोर दिया गया है।
  • मुसलमानों की एकता और इज्जत की रक्षा महत्वपूर्ण है।
  • परिवार, विशेषकर मां-बाप की सेवा और उनकी माफी के लिए दुआ जरूरी है।
  • दुनिया और आखिरत दोनों में सफलता के लिए ईश्वर से मदद मांगी जाती है।

Summary

  • वीडियो में रमजान के पवित्र माह में अल्लाह से दुआ की गई है कि वह हमारी रहमतों की बारिश करें।
  • दुआ में गुनाहों की माफी, सही रास्ते पर चलने की हिदायत और हिम्मत मांगी गई है।
  • अल्लाह से कब्र के अज़ाब, सांप-बिच्छू और बुरी नजर से बचाने की प्रार्थना की गई है।
  • वीडियो में परिवार, खासकर मां-बाप की सेवा और उनकी माफी की दुआ भी शामिल है।
  • मुसलमानों की एकता, उनकी इज्जत की रक्षा और मुश्किल वक्त में हिम्मत देने की अपील की गई है।
  • शहादत पाने वाले भाइयों के लिए दुआ और उनके लिए हिम्मत की मांग की गई है।
  • दुनिया और आखिरत में कामयाबी, जन्नतुल फिरदोस की दुआ भी वीडियो में प्रमुख है।
  • दुआ में सांसारिक जरूरतों की पूर्ति और गुनाहों की माफी की भी गुहार लगाई गई है।
  • भाई-बहनों की सुरक्षा और बुरी नजर से बचाने के लिए भी दुआ की गई है।
  • वीडियो का स्वर भावुक और आध्यात्मिक है, जो रमजान के माह की पवित्रता को दर्शाता है।

Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:01
Speaker A
[संगीत] लुट लुट या ना हो में आ रही में हम पर रहम करने वाला और कोई नहीं है। अ यह ना कि अ क्रीम है कि हम अपनी रहमतों की बारिश करने वाला और कोई नहीं है। यह जानना आप मोहित हमारी इज्जत में ऐसा
00:41
Speaker A
करने वाला और कोई नहीं है कि यहां लिखा आप बलिए कि हमारी हिफाजत करने वाला और कोई नहीं है। यह लंच आप अव्वल हो, आप आखिर और जान लव यू अकबर हो। आप वकील होंगे, आप अगर हो सब देने
01:02
Speaker A
वाला, सब्जी वाला, सब्जी देखने वाला, सुनने वाला था कि इस तस्वीर सम्मानित इस हनुमान कमा लेंगे कि इस पूरी कहना कि आप यह फिर हो कि जहां-जहां कि हमारी जड़ों को सुनने हैं कि हमारी रहम की भीख कौशल्य
01:25
Speaker A
कि यहां मेरे अकबर याद दिला लेकर आराम करो कि हमें हिदायतें दीं कि यह लो हम्म हिदायत के मोहताज हैं। ज्यादा हमें सही रास्ते पर लाने झाला हमारे गुनाहों की आदत छुड़ा दे दो। हो जाला हम बहुत गोरेगांव है।
01:47
Speaker A
है या लिए हम आदत से मजबूर हैं कि जालियां हम चाहते हुए भी कुछ भी नहीं कर पाते हैं। आप सही रास्ते को जानते हुए भी उस पर नहीं चल पाते थे। हां जान ल कि ग्रहों के इशारों को जानते हुए भी हम
02:03
Speaker A
उन गुणों से नहीं बच पाते। यहां लिए विमान को हमारे लिए महबूब बनाने में कि वे कामयाब लोगों में शामिल वर्मा दें कि कि यह लार हमें लेख लोगों की शपथ न करें। हमें अनेक लोगों ने जी ने शहर के लोगों
02:21
Speaker A
में मरने की शहादत अता फरमाएं कि जहां-जहां कि हमें नोट की शक्ति से बचाना। यह हमें भरते हुए कल माता करना कि यह वाला हमारा हाफ मालिक शाहरूख खान अभिनीत मोहन शर्मा रखो ज्याला बहुत ही सबसे बड़ी चीज है। या लिए
02:42
Speaker A
अपने खुद बताया था कि बहुत बड़ी चीज है। है या अल्लाह हमे कब्र के अज़ाब से बचाना है। इस तरह के सांप बिच्छू और आंख से बचाना है। का जाल हमारी कमर को चैनलों के कणों में से एक कण नंबर आना। या अल्लाह हमारी शहर को
02:58
Speaker A
जन्नत की भाव में से एक बना देना। [संगीत] कि यह थी हमारी मदद करना है। हो जाला हम बहुत गहरे जा रहा हमारा भी रवि मान यह शान लास्ट में किधर है कि यह अल्लाह हमारे ढूंढ रहमान की हिफाजत
03:18
Speaker A
करें है कि यह हमें रिवर मॉल नसीब फरमा जिनकी बदोलत एरियर्स के नीचे जगह मिलेगी। अ जहां अ कितने लोग बाजारों में डूबे होंगे हैं कि मधुमेह तय होंगे। जैसा कितने लोग तेरे रश्के साए की तरह होंगे तो
03:38
Speaker A
अरे यार कि सारा हिसाब-किताब असर शर्मा शो हैं। जहां हमें चाहिए उसे प्रचारक हम बहुत कमज़ोर हैं। यह ल हमसे यह मामूली गर्मी बर्दाश्त नहीं होती थी कि हम जहन्नम की आग को कैसे हटा करेंगे तो कि इस वहां की जगबीर इग्नोर आंखें तिवारे
04:01
Speaker A
उस आर्थिक स्थिति के बचाई रे है। या अल्लाह रे झंडू से बचा है। है जहां लिए हम बहुत कमज़ोर हैं। या राहु से मामूली मच्छर बर्दाश्त नहीं होते। हम कवर के हिसामपुर बिच्छू के जहर को कैसे बर्दाश्त करेंगे तो
04:21
Speaker A
लुट जाना हमें जानू में जनों में ले जाने वाले अमाल कि हमारे से बचा रहे। आ जाना हमें सबसे बल्कि अपनी मोहब्बतें ही देर में कि हमें अपनी इतनी मोहब्बत करते हैं कि आप यह मोहब्बत हमें हर गौरव से रोकते हैं।
04:41
Speaker A
अरे यार रफी दें अपना आखिरी दौर में हमें इतना खौफ है कि आपका फॉर्म समय गुना करने से पहले ही रहते हम इस लायक नहीं। लेकिन राह आपने ही तो सिखाया है। इतनी बड़ी-बड़ी चीजें मांगना आपने ही तो बताया है
05:01
Speaker A
हैं। ज्यादा हमें दुनिया और आखिरत मे कामयाबी अता फरमा। हमें जन्नतुल फिरदोस अता फरमाएं कि यह लार हमारी फसलों को बर्बाद होने से बचा रहे। हमारी लक्षणों को बचा है कि हमारे बच्चों ने हमारे छोटे में अभी मोहब्बत चिढ़ाने। यह लार हम सब कुछ सही
05:21
Speaker A
रास्ते पर वापस लौट है कि यह हम सब कुछ सच्चा मुसलमान बढ़ा दे दो। आ जाओ खिला हमें हिम्मत देते की विधि कमज़ोर होने ना दे दे। ज्यादा इस दुनिया में जो हमारा हक है वह हमें दें। जाना इस दुनिया में जिस चीज पर
05:43
Speaker A
हमारा हक नहीं है नहीं और चीज से हमें दूर करते हैं। उस चीज से हमें नाइस माय है कि यह लार हमें अपनी ख्वाहिशों पर काबू करने की हिम्मत दें। हमें अपनी ख्वाहिशों के आगे झुके ना दे। यार राज्य मेरा नहीं है।
05:59
Speaker A
उसको मुझसे दूर करते थे। आ जाना यार कि जिस चीज से विरक्त यार रही है है उसको मुझे तोहरा थे। या अल्लाह मेरी मदद फरमा। निर्णय सही जगह पर है लेकिन कमज़ोर हो कि यह ड्रेस bhatt99in आजमाइशों को हमारे
06:24
Speaker A
लिए सार कर दें। या लाभ को ही रहते थे। अब हमें ब्रेड के बात ह हैं। ज्यादा हमें अ कि वह आपका हटाकर अपने बालों पर आते हैं। हम सब की दुआओं को कुबूल फरमाए। अ कि हम सब की बात को कबूल फरमा। अ
06:45
Speaker A
कि तुम्हारी यात्रा काफी पहचानते हैं कि हमारी यह वारदात में कुछ कमी रह गई हो तो उसे नजरअंदाज करती है। क्या है झाल यह लार जिनके मां-बाप उनको छोड़कर चले गए हैं उनको अपने मां-बाप की मगफिरत की दुआ करने की तौफीक अता फरमाएं।
07:04
Speaker A
में अरुचि मां-बाप को जन्नत नसीब फरमाए कि यहां लिया जिसके सर पर अभी तक उनके मां-बाप के साथ है। उस साथ छोड़ने लगते हैं। या अल्लाह बेशक जिंदगी आपने देखिए लेकिन वह आपके साथ इंसान की सबसे बड़ी हिम्मत
07:22
Speaker A
होती है। मैं ज्यादा किसी की हिम्मत का टूटना दे। या अल्लाह हमे इस काबिल बना दे ऐ कि तुम्हें कुछ तौफीक शर्मा दें कि हम अपनी मां और बाप की खिदमत कर सके। वह मोहब्बत व करीब-करीब पूरा नहीं कर सकते।
07:38
Speaker A
मगर ये हमे खुद आते हो। मैं बस स्टैंड तक हमें ज्यादा मिलते हैं कि यह मुद्दा हर मुश्किल वक्त है। मुश्किल वक्त में साथ जरूर देखिए आ जाऊं। क्या मैं कि इस दुनिया में हर कोने मुसलमान स्मैश विनर्स
07:58
Speaker A
मां कसम है सुबह पर यह कहते हुए हैं। है या लाइफ टर्म आफ थे उनके विमान के साथ उनकी जान के खा सकते करेंगे। ये दुनिया जहां के मुसलमां कमज़ोर पड़ चुकी थीं का रिकॉर्ड इसे एक नई इस माय सीखते हैं।
08:13
Speaker A
सिस्टम कभी हमला हमारी जान पेचे कभी हमारी यह सकते हैं कि तभी गैर-मुसलमानों की थी। इस तरह से शो से और कभी अपने ही बहन भाइयों के भटकने से अपने ही बहन भाइयों की छुट्टियों से ही की जालियां इस नंबर को
08:32
Speaker A
कि अभी यह पर्स में रख लें। अ मैं इसको मस्जिद भटकने ना दें हैं। मैं इसको मस्जिद टूटे डालते हैं। मैं इसको मस्जिद रोड आते हैं कि ज्यादा जितनी जाने जा चुकी है। इस पिछले साल है कि इसी माह के बेटे जितनी बहनों के बारे
08:51
Speaker A
में कितनी महफूज अपनी जान दे चुकी हैं। में कितने बच्चे हमारे कि इस पिछले साल व शहीद तमाम भाइयों को ही तमाम पैरों को जो मुश्किल वक्त से गुजर रहे हैं उनको हिम्मत तैनाती कि वह दुनियां की आजमाइश से लड़ सके और गैर-मुसलमानों की
09:11
Speaker A
नजर से बच सकते हैं कि अगर शहादत विश्व में लिखी हुई है तो जरूर आए। लेकिन यह दुनिया भर में हमारे बहन भाइयों को इस जख्मों के नाम झाला। दुनिया भर में हमारी एहसास नहीं है। हमारे भाइयों में इतनी ताकत नहीं है। हमारे
09:32
Speaker A
अंदर खुद इतनी ताकत नहीं है कि हम अपनी इज्जत को बचा सके था। यह लार हमारी यह बहनों की इज्जत को बचाना है कि यह दुनिया बहुत खराब हो चुकी है। कांग्रेस को रिलीज़ आबू शांति या अब रहम
09:48
Speaker A
फरमा रहा है। ऑफिस जाना है हुआ था। हम सबको मरने से पहले अपने गुनाहों की माफी मांगते का मौका दे रहा है कि हमारे अपनों के जाने के बाद उनकी मगफिरत की दुआ करने की सुविधा देना। यार हमारे भाइयों को दुनिया की घटना से बचाना।
10:09
Speaker A
हमें अपनी रचनाओं को नीचे रखने चाहिए और फरमाना हमें अपनी ज़ुबान को काबू करने के लिए बेहतर माना था। मैं अभी अपने दिमाग से फसल खरीदने की मदद करता है। हो जाला हमारी बहनों को दूसरों की बुरी नजर से बचाना चाहिए। हमारी बहनों क्रश बचा
10:30
Speaker A
शर्माना यार सकता अब सब करेगा जरूर है। है लेकिन अपने गुनाहों की माफी मांग रहा हमें जरूर से का रस कि यह लो हम्म तो वह लोगे जो अदाओं में घिरे हुए थे और फिर भी और हजारों में
10:46
Speaker A
डूबने की दुआ मांगते हैं। ये कैसा दोलत ए शोहरत इंसान को तबाह कर चुकी है। भाई को भाई का गला काटने पर मजबूर कर देती है। हम तो वह लोग हैं जो दुआ मेरी ऐसे आज आपको मानते हैं कि या अल्लाह हमे
11:03
Speaker A
और 2013 में है लेकिन यह अच्छा हमें दौलत महादेव ओ के अध्यक्ष शरद यादव। लेकिन यार जहां आपका हटाना बहुत बड़ा है। में किसी चीज की कमी नहीं है आपके पास कि हमें हर वह चीज जो चाहे सब
11:23
Speaker A
कि जो हमारी ज़रूरत हो। क्यों हारे को रोटी भी पहनते को कपड़ा कपड़ा आज तक ढूंढने के लिए छात्र यहां लिए हमें इजाजत देना इस दुनिया में भी और आंख रखने में है। या लिए हमारी दुआ कबूल फरमा
11:43
Speaker A
कि जो भी हंस पाता है या आता हमें इस रॉक के साथ हमेशा रूप देना। [संगीत] कर दो।
Topics:रमजानउर्दू दुआमक्का दुआमदीना दुआइस्लामी प्रार्थनागुनाह माफीअल्लाह से दुआमुस्लिम एकताआध्यात्मिकताहिंदी

Frequently Asked Questions

इस वीडियो में मुख्य दुआ क्या है?

वीडियो में अल्लाह से रहमत, गुनाहों की माफी, सही रास्ते पर चलने की हिदायत और मुश्किलों से बचाने की दुआ की गई है।

क्या इस दुआ में परिवार के लिए भी प्रार्थना की गई है?

हाँ, वीडियो में मां-बाप की सेवा करने और उनकी माफी की दुआ भी शामिल है।

यह दुआ किस अवसर पर बनाई गई है?

यह दुआ रमजान 2020 के पवित्र माह के दौरान बनाई गई है, जो इस्लामी आध्यात्मिकता को दर्शाती है।

Get More with the Söz AI App

Transcribe recordings, audio files, and YouTube videos — with AI summaries, speaker detection, and unlimited transcriptions.

Or transcribe another YouTube video here →