इतना शांत रहो कि लोगों में खौफ पैदा हो जाए | The Art of… — Transcript

इस वीडियो में बताया गया है कि कैसे गहरी शांति और स्थिरता से आप अपने जीवन को बदल सकते हैं और दूसरों पर प्रभाव डाल सकते हैं।

Key Takeaways

  • शांति सबसे बड़ी ताकत है जो आपको अजय बनाती है।
  • गुस्सा और तुरंत प्रतिक्रिया देना आपकी ऊर्जा बर्बाद करता है।
  • कम बोलना और सोच-समझकर बोलना प्रभावशाली होता है।
  • दूसरों के व्यवहार को उनकी जिम्मेदारी समझकर शांति बनाए रखें।
  • भावनाओं पर नियंत्रण रखना और महारत हासिल करना जरूरी है।

Summary

  • शांत और स्थिर रहना आपकी सबसे बड़ी ताकत है जो दूसरों में खौफ पैदा कर सकती है।
  • दो तरह के लोग होते हैं: जो हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं और जो सोच-समझकर बोलते हैं।
  • गुस्सा होने पर आपकी शांति दूसरों के हाथ में चली जाती है, इसलिए शांत रहना जरूरी है।
  • शांति कोई कमजोरी नहीं बल्कि बड़ी ताकत है, जो इंसान को अजय बनाती है।
  • पानी की तरह शांत रहो, जो जरूरत पड़ने पर बड़ी ताकत दिखाता है।
  • शांत रहने से ऊर्जा बचती है और जब काम करते हैं तो पूरी ताकत से करते हैं।
  • कम बोलने वाले लोगों के शब्दों में वजन होता है, इसलिए कम बोलो लेकिन प्रभावशाली बोलो।
  • शांति अंदर से आती है, दूसरों के व्यवहार को उनकी जिम्मेदारी समझना चाहिए।
  • शांत इंसान भावनाओं को दबाता नहीं बल्कि उन पर महारत हासिल करता है।
  • शांत रहना अभ्यास और धैर्य मांगता है, लेकिन सीखने पर कोई आपको हिला नहीं सकता।

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00:00
Speaker A
दोस्तों, आज की इस वीडियो में हम बात करने वाले हैं एक ऐसी खास बात की जो आपकी पूरी जिंदगी बदल सकती है। इतना शांत और स्थिर रहो कि कोई भी इंसान आपसे बात करने से पहले कम से कम 100 बार सोचे। बस एक पल के लिए रुक जाओ। पूरी तरह चुप हो जाओ और गहराई से सोचो।
00:14
Speaker A
[संगीत] क्या आपने कभी ऐसे व्यक्ति को देखा है जो बहुत कम बोलता है?
00:22
Speaker A
लेकिन जब बोलता है तो पूरा कमरा एकदम सन्नाटे में चला जाता है। उसकी आंखों में इतनी गहराई होती है कि सामने वाला व्यक्ति उसकी नजरों से नजरें नहीं मिला पाता। उसके पास बैठने मात्र से ही चारों तरफ एक अजीब सी ठंडक और शांति फैल जाती है।
00:35
Speaker A
[संगीत] वो व्यक्ति कोई जादूगर नहीं था। उसने कोई विशेष शिक्षा नहीं ली थी। उसने कोई बड़ी किताबें नहीं पढ़ी थी। उसने सिर्फ एक ही काम किया था। उसने अपने अंदर इतनी गहरी शांति विकसित कर ली थी कि बाहर की दुनिया का कोई भी शोर,
00:46
Speaker A
[संगीत] कोई भी हंगामा उसे हिला नहीं पाता था। और आज मैं आपसे ठीक उसी शांति के बारे में बात करने आया हूं। दुनिया में मुख्य रूप से दो तरह के लोग होते हैं। पहला प्रकार वह लोग हैं जो हर छोटी बड़ी बात पर तुरंत जवाब देते हैं।
00:59
Speaker A
[संगीत] हर घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। कोई कुछ कह दे तो तुरंत बोल पड़ते हैं। कोई कुछ कर दे तो तुरंत गुस्सा हो जाते हैं। वे हर मुद्दे में उलझे रहते हैं। हर बात उनके मन के अंदर तूफान खड़ा कर देती है। दूसरा प्रकार वो लोग हैं जो सब कुछ देखते हैं, सुनते हैं, अच्छे से समझते हैं और फिर जरूरत पड़ने पर ही बोलते हैं।
01:11
Speaker A
पहले प्रकार के लोगों के आसपास हमेशा अशांति, बेचैनी और नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। लोग उनसे दूर भागते हैं। जबकि दूसरे प्रकार के लोगों के आसपास एक गहरी
01:25
Speaker A
[संगीत] आकर्षक शांति होती है। लोग उनके पास खुद खींचे चले आते हैं। अब मैं आपसे एक सवाल पूछता हूं। आप कौन बनना चाहते हैं?
01:41
Speaker A
[संगीत] एक और सवाल। जब कोई आपको गाली देता है तो आप क्या करते हैं? जब कोई आपके बारे में बुरी बातें करता है तो आपके मन के अंदर क्या उठता है?
01:52
Speaker A
[संगीत] जब कोई आपको इग्नोर करता है तो आपकी क्या प्रतिक्रिया होती है? अगर इन स्थितियों में आपके अंदर गुस्सा भड़क उठता है
02:04
Speaker A
[संगीत] तो समझ लीजिए कि वह व्यक्ति आपके ऊपर राज कर रहा है। आपकी शांति उसके हाथ में है। वह जब चाहे आपको हिला सकता है।
02:17
Speaker A
[संगीत] जब चाहे आपको परेशान कर सकता है। लेकिन अगर आप शांत रहते हैं, सिर्फ देखते हैं। और कुछ नहीं
02:32
Speaker A
[संगीत] करते तो आप अपनी शांति वापस ले लेते हैं और फिर वह व्यक्ति आपसे बात करने से पहले 100 बार सोचेगा।
02:41
Speaker A
बहुत साल पहले की बात है। एक गांव में एक बुजुर्ग रहते थे। गांव के सारे लोग अपनी परेशानियां, झगड़े और तकलीफें लेकर उनके पास आते थे। बुजुर्ग ज्यादातर सुनते ही रहते थे। बहुत कम
02:55
Speaker A
[संगीत] बोलते थे। एक दिन एक युवक उनके पास बहुत गुस्से में आया। उसने कहा, "महाराज, बाजार में एक आदमी ने मुझे सबके सामने बेइज्जत कर दिया। मुझे बहुत बुरा लगा। अब मुझे क्या करना चाहिए?"
03:08
Speaker A
बुजुर्ग ने कुछ देर चुप रहकर कहा, "तुम्हें कब बुरा लगा?" युवक
03:21
Speaker A
[संगीत] बोला, "जब उसने मुझे गाली दी।" बुजुर्ग ने कहा, "तो फिर वह तुम्हारा मालिक बन गया है। तुम्हारी खुशी अब उसके हाथ में है। वो जब चाहे तुम्हें दुखी कर सकता है।" युवक चुप हो गया। बुजुर्ग आगे बोले, "जब तुम इतने
03:37
Speaker A
[संगीत] शांत हो जाओगे कि उसकी गालियां तुम तक पहुंच ही ना सके। तब तुम सचमुच आजाद हो जाओगे और उस दिन वह व्यक्ति तुमसे बात करने से पहले 100 बार सोचेगा क्योंकि उसे पता चल जाएगा कि इस इंसान को हिलाया नहीं जा सकता।
03:51
Speaker A
[संगीत] शांति कोई कमजोरी नहीं है। ध्यान से सुनिए। दुनिया ने एक बड़ा झूठ फैला रखा है कि जो चुप रहता है, वह डरपोक
04:06
Speaker A
[संगीत] है। जो शांत रहता है, वह कमजोर है। जो जवाब नहीं देता, वह हार मान लेता है। यह सब बिल्कुल गलत है। सबसे बड़ी ताकत शांति में छुपी है। जो इंसान किसी भी बात से नहीं हिलता,
04:21
Speaker A
[संगीत] उसे कोई तोड़ नहीं सकता। लेकिन जो इंसान हर छोटी उकसावे पर भड़क जाता है वह सबसे कमजोर होता है क्योंकि कोई भी उसे कठपुतली की तरह नचा सकता है।
04:36
Speaker A
[संगीत] बस दो शब्द बोल दो, वो गुस्सा हो जाएगा। बस एक काम कर दो, वो प्रतिक्रिया दे देगा।
04:50
Speaker A
[संगीत] उसकी शांति उसके पास नहीं रहती। अब पानी की बात करते हैं। पानी में बहुत बड़ी सीख छुपी हुई है। पानी पर पत्थर फेंको। थोड़ी देर लहरें उठती हैं।
05:03
Speaker A
[संगीत] फिर सब शांत हो जाता है। पानी पर चिल्लाओ। वह सुन लेता है और फिर शांत हो जाता है। पानी को गाली दो। वह कुछ नहीं
05:18
Speaker A
[संगीत] बोलता। शांत रहता है। लेकिन यही पानी जब जरूरत पड़ती है तो सब कुछ बहा ले जाता है।
05:32
Speaker A
[संगीत] पत्थर को काट देता है। रेगिस्तान को हराभरा बना देता है। शांत पानी में अपार ताकत होती है। आप भी पानी जैसे बनिए।
05:45
Speaker A
[संगीत] जो इंसान हर छोटी बात पर प्रतिक्रिया देता है, उसकी सारी ऊर्जा बर्बाद हो जाती है। वह गुस्से में ऊर्जा खर्च करता है।
06:00
Speaker A
[संगीत] बहस में ऊर्जा खर्च करता है। चिंता में ऊर्जा खर्च करता है। दूसरों के बारे में सोचने में ऊर्जा खर्च करता है। जब असली बड़ा काम करने का समय आता है तो उसके पास ऊर्जा ही नहीं बचती। लेकिन जो इंसान शांत रहता है उसकी ऊर्जा इकट्ठी होती जाती है। बढ़ती जाती है। जब
06:15
Speaker A
वह काम करता है तो पूरी शक्ति से करता है। लोग देखकर हैरान रह जाते हैं कि इस इंसान में इतनी ऊर्जा कहां से आ गई।
06:27
Speaker A
[संगीत] वे नहीं जानते कि उन्होंने अपनी सारी ऊर्जा छोटी-छोटी बातों में गमवा दी थी। आपने देखा होगा। कुछ लोग बहुत बोलते हैं, शोर मचाते हैं, हर जगह अपनी राय देते हैं और कुछ लोग कम बोलते हैं, चुपचाप काम करते हैं। जब वह कम बोलने वाला इंसान बोलता है तो सब चुप होकर सुनते हैं। क्योंकि उसके
06:43
Speaker A
शब्दों में वजन होता है। जो हर समय बोलता रहता है, उसके शब्द हल्के हो जाते हैं।
06:55
Speaker A
[संगीत] लेकिन जो कम बोलता है उसका हर शब्द सोने जैसा होता है। इसलिए अपने शब्दों को कीमती बनाइए। कम बोलिए। लेकिन जब बोले तो ऐसा
07:09
Speaker A
बोले कि लोग याद रखें।
07:24
Speaker A
[संगीत] शांति बाहर से नहीं आती। शांत जगह पर जाने से शांति नहीं मिलती। पहाड़ों पर जाने से नहीं मिलती। मंदिर जाने से नहीं मिलती। अगर आपके अंदर शोर है तो हिमालय पर भी वही शोर
07:36
Speaker A
रहेगा। शांति अंदर से आती है और अंदर की शांति तब आती है जब आप समझ लें कि दूसरों का व्यवहार उनकी अपनी जिम्मेदारी है। वे जो बोलते हैं वह उनके अपने दर्द से, डर से, असुरक्षा से आता है।
07:51
Speaker A
[संगीत] उसका आपसे कोई लेना देना नहीं। जब यह बात समझ में आ जाती है तो शांति अपने आप आ जाती है। जो इंसान सबसे ज्यादा शोर मचाता है वो अंदर से सबसे ज्यादा डरा हुआ होता है। जो आपको नीचा दिखाता है वह खुद बहुत कमजोर
08:06
Speaker A
है।
08:20
Speaker A
[संगीत] जो आपके बारे में बुरी बातें करता है, उसके अंदर खुद पर भरोसा बहुत कम है।
08:31
Speaker A
[संगीत] जो आप पर चिल्लाता है, वह खुद बहुत टूटा हुआ है। इसीलिए जब कोई आपके साथ बुरा बर्ताव करे तो गुस्सा मत कीजिए। उसके लिए थोड़ा दुख महसूस कीजिए क्योंकि वह इंसान बहुत तकलीफ में है। यही सोच आपको शांत रखेगी। सबसे खतरनाक इंसान वो नहीं होता जो बहुत बोलता है।
08:48
Speaker A
[संगीत] सबसे खतरनाक इंसान वो होता है जो बहुत कम बोलता है। क्योंकि कोई नहीं जानता वह क्या सोच रहा है। कोई नहीं जानता उसके अंदर क्या चल रहा है। इसलिए लोग उससे सावधानी बरतते हैं। उसे बात करने से पहले सोचते हैं। उसे उलझने से पहले 100 बार सोचते हैं। जो इंसान सब कुछ बता देता है, वह खुद को
09:02
Speaker A
कमजोर बना लेता है। लेकिन जो रहस्यमय रहता
09:17
Speaker A
[संगीत] है, कम बोलता है, अपने अंदर बहुत कुछ रखता है। उसे कोई पढ़ नहीं सकता और जिसे पढ़ा नहीं जा सकता, उसे हिलाया भी नहीं जा सकता। शांत रहने का मतलब यह नहीं
09:32
Speaker A
कि आप भावनाएं नहीं रखते। शांत इंसान बहुत गहराई से महसूस करता है। उसकी भावनाएं बहुत तेज होती हैं। लेकिन वो उन्हें बाहर नहीं बिखेरता। वो उन्हें अंदर अच्छे से समझता है और फिर एक स्थिर जगह से जवाब देता है। यह भावनाओं का दबाना नहीं बल्कि
09:44
Speaker A
उन पर महारत हासिल करना है। दोस्तों, अब हम आगे बढ़ते हैं और गहराई में जाते हैं इस शांति की यात्रा में। शांत रहने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है
09:58
Speaker A
[संगीत] कि आप भावनाओं को बिल्कुल नहीं रखते या गलतफहमी को पूरी तरह दूर कर दो। असल में शांत इंसान बहुत गहराई से महसूस करता है।
10:11
Speaker A
[संगीत] उसकी भावनाएं बहुत तेज, बहुत संवेदनशील होती हैं। लेकिन वह उन्हें बाहर इधर-उधर नहीं बिखेरता। वह उन्हें अपने अंदर अच्छे से पचाता है,
10:26
Speaker A
[संगीत] समझता है, विश्लेषण करता है और फिर एकदम स्थिर और संतुलित जगह से जवाब देता है। यह भावनाओं को दबाना नहीं है।
10:39
Speaker A
[संगीत] बल्कि भावनाओं पर सच्ची महारत हासिल करना है। यह महारत सीखने में समय लगता है, अभ्यास लगता है, धैर्य लगता है।
10:51
Speaker A
लेकिन एक बार जो इंसान इसे सीख लेता है, वह लगभग अजय हो जाता है। कोई उसे आसानी से नहीं हिला सकता। एक पल के लिए अपनी जिंदगी में वापस जाओ और सोचो क्या कभी ऐसा हुआ कि तुमने गुस्से में कुछ बोल दिया और बाद में
11:04
Speaker A
बहुत पछतावा हुआ। क्या कभी ऐसा हुआ कि किसी की बात पर तुरंत प्रतिक्रिया दे दी
11:17
Speaker A
[संगीत] और बाद में मन में आया कि काश मैं चुप रह जाता। क्या कभी गुस्से में कोई फैसला लिया और वह फैसला पूरी तरह गलत
11:32
Speaker A
साबित हुआ। यह सब क्यों होता है? क्योंकि उस वक्त तुम प्रतिक्रिया के चक्कर में थे। जवाब देने की जगह पर नहीं थे। प्रतिक्रिया और जवाब में बहुत बड़ा फर्क है। प्रतिक्रिया तुरंत आती है। बिना सोचे समझे सिर्फ भावना से आती है। लेकिन जवाब देर से
11:45
Speaker A
आता है। वह सोच विचार के बाद आता है। समझ के बाद आता है। जो इंसान हमेशा जवाब देता है, प्रतिक्रिया नहीं देता। वो कभी गलत नहीं होता। और यही वो इंसान है जिसे लोग बात करने से पहले 100 ब
11:58
Speaker A
यह विराम पछतावे से बचा सकता है। यह विराम तुम्हें वह इंसान बना सकता है जो तुम बनना चाहते हो ना कि वो जो दूसरों का व्यवहार तुम्हें बना दे। अब सबसे गहरी बात जो इंसान शांत रहता है वो अंदर से क्या करता
12:12
Speaker A
है? वो हर चीज को [संगीत] हर इंसान को हर स्थिति को बस देखता है। जैसे कोई नदी के किनारे शांत बैठा हो और पानी को बहते हुए देख रहा हो। नदी बह रही है। लहरें आ रही हैं। पत्थर गिर [संगीत] रहे हैं। मछलियां
12:27
Speaker A
उछल रही हैं। लेकिन वह नदी में नहीं कूदता। [संगीत] वो अपनी जगह पर स्थिर बैठा रहता है। यही सच्चा दृष्टाभाव है। यही वो अवस्था है जिसकी हम बात कर रहे हैं। अब तुम सोच रहे होंगे कि यह सब तो अच्छा लग
12:40
Speaker A
रहा है। लेकिन असली जिंदगी में कैसे लागू करें? जब घर में झगड़ा हो जाए। जब ऑफिस में कोई तुम्हें नीचा दिखाए, जब कोई धोखा दे जाए तब शांत कैसे रहें? सुनो ध्यान से। [संगीत] शांति एक रात में नहीं आती। यह एक
12:54
Speaker A
लंबा अभ्यास है। हर अभ्यास की शुरुआत छोटी-छोटी चीजों से होती है। जब कोई छोटी सी बात पर तुम्हें चिढ़ाए [संगीत] और तुम चुप रह जाओ। तो समझो तुम एक कदम आगे बढ़ गए। जब कोई बेकार की बहस शुरू करे [संगीत]
13:08
Speaker A
और तुम उसमें ना पड़ो। तो समझो एक और कदम आगे बढ़ गए। धीरे-धीरे [संगीत] एक-एक कदम और एक दिन बड़ी से बड़ी बात भी तुम्हें हिला नहीं पाएगी। [संगीत] एक और महत्वपूर्ण बात जो इंसान अपनी हर जरूरत सबको बता देता है वह कमजोर हो जाता है
13:26
Speaker A
क्योंकि जो तुम्हारी जरूरत जान लेता है वह तुम्हें नियंत्रित कर सकता है। लेकिन जो इंसान अपनी जरूरतें छुपा कर रखता है [संगीत] बाहर से बेपरवाह दिखता है उसे कोई आसानी से नहीं पकड़ सकता। [संगीत] उसकी कोई कमजोरी सामने नहीं आती और जिसकी
13:42
Speaker A
कमजोरी पता नहीं चलती लोग उससे सावधानी बरतते हैं। यह कोई चालाकी नहीं है। यह सच्चाई है। [संगीत] जो इंसान सच में शांत होता है, वह किसी को प्रभावित करने के लिए शांत नहीं रहता। वह इसलिए शांत रहता है
13:57
Speaker A
क्योंकि उसे अंदर से पूरा पता है कि दुनिया की कोई भी बात उसे तोड़ नहीं सकती। [संगीत] उसकी ताकत बाहर नहीं भीतर है और यही ज्ञान उसे शांत रखता है। झील की बात करते हैं। [संगीत] झील के ऊपर तूफान आता है। लहरें उठती हैं,
14:13
Speaker A
शोर होता है। लेकिन झील की गहराई में सब कुछ शांत रहता है। तूफान का कोई असर नहीं होता। तुम भी वह गहराई बनो। ऊपर लहरें उठे तो कोई बात नहीं। लेकिन भीतर से हमेशा शांत रहो। जो इंसान भीतर से शांत है
14:30
Speaker A
[संगीत] वह ऊपर की किसी भी लहर से नहीं डूबता। जो लोग जानबूझकर तुम्हें हिलाने की कोशिश करते हैं उनसे कैसे निपटे? हर जिंदगी में ऐसे लोग होते हैं वो तुम्हें उकसाते हैं। [संगीत] बुरी बातें करते हैं। क्योंकि वह चाहते हैं कि तुम प्रतिक्रिया
14:46
Speaker A
[संगीत] दो। जब तुम प्रतिक्रिया देते हो तो वह जीत जाते हैं। [संगीत] लेकिन जब तुम शांत रहते हो तो उनका खेल खत्म हो जाता है। वह खुद थक जाते हैं और अगली बार वह तुमसे उलझने से पहले 100 बार सोचेंगे
15:01
Speaker A
क्योंकि उन्हें पता चल जाएगा कि इस इंसान को हिलाना नामुमकिन है। यह शांति तुम्हारी ढाल है। यह ढाल तुमने खुद अपने अभ्यास से, अपनी समझ से, अपनी गहराई से बनाई है। [संगीत] कोई तलवार इसे नहीं तोड़ सकती। नींद की बात करते हैं। जो इंसान शांत नहीं
15:17
Speaker A
है, वह रात को करवटें बदलता रहता है। [संगीत] सो नहीं पाता। दूसरों की बातें याद करता रहता है। क्या कहा था? [संगीत] क्या होना चाहिए था? अगली बार क्या बोलूंगा? यह शोर रात में और बढ़ जाता है। सुबह उठता है, थका हुआ, टूटा [संगीत] हुआ।
15:35
Speaker A
लेकिन जो इंसान शांत है, वह रात को बिस्तर पर लेटते ही सो जाता है। [संगीत] क्योंकि उसके पास कोई बेकार का बोझ नहीं होता। दिन भर जो हुआ उसे देखा, समझा और छोड़ दिया। घर नहीं लाया। उसकी नींद उसका सबसे बड़ा
15:49
Speaker A
खजाना होती है। [संगीत] शरीर पर भी इसका असर पड़ता है। शांत इंसान की चाल में स्थिरता होती [संगीत] है। उतावलापन नहीं जल्दबाजी नहीं। उसका सांस लेना धीमा और गहरा होता है। उसकी मुद्रा में आत्मविश्वास छलकता है। जब वह [संगीत] किसी
16:05
Speaker A
कमरे में आता है तो कमरे की ऊर्जा बदल जाती है। लोग उसे देखते हैं और सोचते हैं कि इसमें कुछ खास है। लोग उसके पास खींचे चले आते हैं। लेकिन बात करने से पहले सोचते हैं क्योंकि उस इंसान का सम्मान
16:18
Speaker A
अपने आप बनता है। जो इंसान हर बात पर हां बोलता है, [संगीत] वह कभी शांत नहीं रह सकता। दूसरों की जरूरतें पूरी करते-करते वह खुद को भूल जाता है और जो खुद को भूल जाता है, वह अंदर से बिखर जाता है। इसलिए
16:33
Speaker A
ना बोलना सीखो। [संगीत] जब जरूरी हो, तो साफ-साफ ना कह दो बिना सफाई दिए बिना माफी मांगे। यह ना तुम्हारी सबसे बड़ी ताकत है। क्योंकि जो ना कह सकता है, वह अपनी ऊर्जा बचाता है। अपना समय बचाता है। अपनी शांति
16:48
Speaker A
बचाता है। शांत इंसान माफ करता है। [संगीत] लेकिन भूलता नहीं। फर्क समझो। माफ करना मतलब उस घटना का बोझ अपने ऊपर से हटा देना। लेकिन भूलना मतलब उसी इंसान को फिर वही मौका दे देना। [संगीत] शांत इंसान माफ
17:05
Speaker A
अपनी शांति के लिए करता है। और भूलता नहीं अपनी [संगीत] समझदारी के लिए। यह कठोरता नहीं बुद्धिमत्ता है। सबसे शांत इंसान वह नहीं होता जिसने [संगीत] कभी तकलीफ नहीं देखी। सबसे शांत इंसान वह होता है जिसने सबसे ज्यादा तकलीफ देखी और उससे पार निकल
17:23
Speaker A
आया। [संगीत] जो आग में तप चुका हो उसे छोटी चिंगारी नहीं जला सकती। जो तूफान में खड़ा रहा हो उसे हल्की हवा नहीं हिला सकती। इसलिए जब तकलीफ आए तो उससे भागो मत। उसमें से निकलो। क्योंकि [संगीत] वही
17:37
Speaker A
तकलीफ तुम्हारी शांति बना रही है। जब तुम उससे निकलोगे तो समझोगे कि जो लोग अभी तुम्हें परेशान कर रहे हैं वह बहुत छोटे हैं। उनकी बातें बहुत छोटी हैं। उनके आरोप बहुत छोटे हैं। और तुम जो इतनी बड़ी तकलीफ
17:52
Speaker A
से निकल आए हो, तुम्हें इन छोटी चीजों से क्या डर? तो बस इतना शांत रहो। इतना गहरा रहो, इतना स्थिर [संगीत] रहो कि जब कोई तुमसे बात करने की सोचे तो एक पल रुके, सोचे और सोच समझ कर ही बोले। क्योंकि वह
18:06
Speaker A
जानता है कि यह इंसान साधारण नहीं है। यह इंसान हिलता नहीं, [संगीत] टूटता नहीं। यह इंसान भीतर से इतना भरा हुआ है कि बाहर की कोई चीज इसे खाली नहीं कर सकती। वो शांति, वो गहराई, [संगीत] वो स्थिरता तुम्हारे अंदर पहले से मौजूद
18:23
Speaker A
है। बस बाहर का शोर हटाओ, रुको। [संगीत] भीतर झांको। वह हमेशा से तुम्हारा ही है। यह शांति कोई नई उपलब्धि नहीं है। यह तुम्हारा मूल स्वभाव है। [संगीत] जैसे आसमान का स्वभाव नीला होना है, जैसे पानी का स्वभाव बहना है, वैसे ही तुम्हारा
18:40
Speaker A
स्वभाव शांत होना है। बस इसे याद करो। जिस दिन तुम यह याद कर लोगे, उस दिन से कोई भी तुमसे बात करने से पहले 100 बार सोचेगा। क्योंकि तुम वो इंसान बन जाओगे जिसे पढ़ा नहीं जा सकता, जिसे हिलाया नहीं जा सकता,
18:55
Speaker A
जिसे तोड़ा नहीं जा सकता। तुम एक गहरी शांत अटल झील की तरह हो जाओगे। दोस्तों, [संगीत] यह शांति की राह आसान नहीं है, लेकिन बहुत फायदेमंद है। रोज छोटे-छोटे अभ्यास करो। [संगीत] एक-एक बात पर लागू करो। धीरे-धीरे तुम खुद को बदलते हुए
19:12
Speaker A
पाओगे। [संगीत] लोग तुम्हें सम्मान देने लगेंगे। तुम खुद को ज्यादा ताकतवर महसूस करोगे। जिंदगी आसान हो जाएगी। अगर तुम्हें यह वीडियो पसंद आई हो तो लाइक कर दो। कमेंट में बताओ कि तुम शांति कैसे विकसित करने वाले हो। चैनल को सब्सक्राइब कर लो
19:29
Speaker A
ताकि ऐसी और वीडियो मिलती रहे। शांत रहो, मजबूत रहो और अपनी अंदर की शांति को जगाओ। मिलते हैं अगली वीडियो में। [संगीत] तब तक अपना ख्याल रखना।
Topics:शांतिस्थिरतागुस्सा नियंत्रणभावनाओं पर नियंत्रणकम बोलनाऊर्जा प्रबंधनदूसरों का व्यवहारआत्म नियंत्रणThe Art of Warजीवन बदलना

Frequently Asked Questions

शांत रहने का असली मतलब क्या है?

शांत रहने का मतलब भावनाओं को दबाना नहीं बल्कि उन पर महारत हासिल करना है। इसका अर्थ है गहराई से महसूस करना, समझना और सोच-समझकर प्रतिक्रिया देना।

गुस्सा आने पर हमें क्या करना चाहिए?

गुस्सा आने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की बजाय शांत रहना चाहिए ताकि आपकी शांति दूसरों के हाथ में न जाए। इससे आप अपनी ऊर्जा बचा सकते हैं और बेहतर निर्णय ले सकते हैं।

कम बोलने वाले लोग दूसरों पर कैसे प्रभाव डालते हैं?

कम बोलने वाले लोगों के शब्दों में वजन होता है क्योंकि वे सोच-समझकर बोलते हैं। उनकी शांति और रहस्यमय स्वभाव से लोग उनसे सावधानी से पेश आते हैं और उनसे पहले 100 बार सोचते हैं।

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