देहदान कैसे करें।

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00:00
Speaker A
आकाशवाणी कोटा का यह चंबल चैनल है एफएम 102 मेगाहर्ट्ज मीडियम वेव 212.31 मीटर और प्रसार भारती के ऑफिशियल मोबाइल ऐप न्यूज़ ऑन एयर पर अब देश दुनिया में हर जगह।
00:18
Speaker A
सवेरे के 9:15 हुए हैं आइए अब सुनते हैं हमारा प्रायोजित कार्यक्रम उत्तम स्वास्थ्य उत्तम स्वास्थ्य कार्यक्रम के सभी श्रोताओं का बहुत स्वागत है।
00:36
Speaker A
श्रोताओं आज के कार्यक्रम का विषय देहदान और उससे जुड़ी भ्रांतियां हमारे विशेषज्ञ हैं मेडिकल कॉलेज और एमबीबीएस हॉस्पिटल से डॉक्टर सुमित गुप्ता जी।
00:40
Speaker A
डॉक्टर साहब बहुत-बहुत स्वागत आपका नमस्कार।
00:41
Speaker B
नमस्कार।
00:42
Speaker A
जी सर सबसे पहले हम आपसे यह जानना चाहते हैं बहुत सारे लोगों के लिए यह एक कौतूहल का एक विषय हो सकता है कि क्या देह का दान भी किया जाता है तो यह कैसे किया जाता है सबसे पहले हमें आप यही बताएं।
00:53
Speaker B
मैं सबसे पहले आकाशवाणी कोटा का बहुत-बहुत तहे दिल से शुक्रगुजार हूं कि आपने इस विषय पर चर्चा रखी।
01:00
Speaker B
जी देखिए इस यह एक ऐसा विषय है जिसमें लोग बहुत सारी भ्रांतियों से जुड़े हुए हैं।
01:10
Speaker B
जब तक अपन चर्चा नहीं करेंगे तब तक बात दूर तक नहीं जाएगी।
01:20
Speaker B
तो इस विषय पर चर्चा करना इसलिए जरूरी है ताकि हम लोगों में जो भी गलत धारणाएं हैं उनको दूर कर सकें।
01:30
Speaker B
और उनमें यह जागरूकता फैला सकें कि देह का दान भी किया जा सकता है।
01:37
Speaker B
देहदान इसलिए जरूरी है क्योंकि चिकित्सा शिक्षा में अगर आप देखें तो जो विद्यार्थी चिकित्सा की शिक्षा ले रहे हैं एमबीबीएस कर रहे हैं या एमबीबीएस के अलावा जो फिजियोथेरेपी कर रहे हैं डेंटल में हैं।
01:42
Speaker B
या जो हमारे पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थी हैं जो विभिन्न सर्जिकल ब्रांचेज में हैं उन सभी को अगर चिकित्सा शिक्षा की जानकारी लेनी है।
01:53
Speaker B
तो उनके लिए यह बहुत जरूरी है कि वह मानव देह पर अपना अनुसंधान करें।
02:02
Speaker B
उसको एक बार अंदर से देखें कि मानव की शरीर की संरचना कैसी होती है।
02:07
Speaker B
उसके लिए देहदान बहुत जरूरी है।
02:10
Speaker B
पुराने समय में जब देहदान नहीं किया जाता था उस समय आप यह देखिए कि जो हमारे पुराने साइंटिस्ट हैं।
02:20
Speaker B
वह लोग ग्रेवयार्ड्स में अंधेरे में जाया करते थे और समाज से दूर रहकर वह डिम लाइट्स में रात में यह सब प्रयोग किया करते थे।
02:28
Speaker A
अच्छा अच्छा अच्छा।
02:29
Speaker B
तो चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा विज्ञान के प्रचार प्रसार में देहदान का बहुत बड़ा योगदान है।
02:36
Speaker B
इसीलिए देखिए हमारे मेडिकल साइंस में बॉडी को हमेशा साइलेंट टीचर्स कहा जाता है।
02:40
Speaker A
अच्छा।
02:41
Speaker B
यह वह लोग हैं जो जाने के बाद भी अपने द्वारा चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा विज्ञान के ज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए बहुत अहम रोल अदा करते हैं।
02:50
Speaker A
हम हम हम।
02:51
Speaker B
तो इसलिए देहदान बहुत जरूरी है और देहदान का कोई दूसरा हमारे पास अल्टरनेट नहीं है।
02:56
Speaker A
अच्छा।
02:57
Speaker B
ऐसी कोई भी चीज नहीं है जिससे आप देहदान को रिप्लेस कर सकें।
03:00
Speaker A
हम हम हम।
03:01
Speaker B
तो इसलिए देहदान बहुत जरूरी है।
03:03
Speaker A
अच्छा अब दो-तीन चीजें मेरे दिमाग में चल रही हैं आपने कहा कि जो प्रयोग किए जाते हैं जो मानव शरीर की संरचना और उसमें विभिन्न बीमारियां किस तरह से मनुष्य के शरीर को नुकसान पहुंचाती है।
03:12
Speaker A
यह यह जांचने के लिए इस पर काम करने के लिए इस पर अनुसंधान करने के लिए मनुष्य का शरीर होना जरूरी है।
03:16
Speaker A
अच्छा तो हमारे देश में कुछ ऐसी सांस्कृतिक जो जो हमारी परंपराएं हैं उनके अनुसार से मानव का मृत शरीर आसानी से उपलब्ध नहीं होता है।
03:22
Speaker A
विदेशों में क्या स्थिति है आपकी जानकारियों के अनुसार।
03:25
Speaker B
देखिए मैं आपको फिर से बोलता हूं कि यह जो देहदान है यह विदेशों में या देश में अगर आप कहीं भी बात करें।
03:30
Speaker B
सारा जो दायित्व है वह उन लोगों का है जो दुनिया में जिंदा रह गए।
03:39
Speaker B
क्योंकि जो व्यक्ति जा चुका है वह भले ही अपनी कितनी भी इच्छा जाहिर करें उसकी उस अंतिम इच्छा को पूरा करना उसके ब्लड रिलेटिव्स का उसके घर वालों का कर्तव्य होता है।
03:45
Speaker B
विदेशों में भी यह देखिए कि देहदान जो होता है बॉडी डोनेशन जो है उसके लिए सब जगह एक्ट बने हुए हैं।
03:55
Speaker B
उन उन एक्ट्स के तहत सब जगह देहदान होता है और विदेशों में भी देहदान अब समय के साथ-साथ काफी बढ़ चुका है।
04:00
Speaker A
अच्छा अच्छा अच्छा।
04:01
Speaker B
पहले पूरे वर्ल्ड में पूरे विश्व में इस चीज को लेकर काफी भ्रांतियां थी लोग नहीं दान करते थे लेकिन अब जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ रही है जैसे-जैसे लोग स्वयं यह बात समझ पा रहे हैं कि अगर हमें कुछ नए रिसर्च करने हैं हमें लोगों को अनुसंधान करने हैं तो हमें बॉडी की जरूरत है।
04:10
Speaker B
तो विदेशों में भी देखिए पहले इस चीज का इतना अवेयरनेस नहीं था इसीलिए जो मैंने अभी आपको बताया कि जो हमारे पुराने वैज्ञानिक थे साइंटिस्ट थे।
04:15
Speaker B
वह लोग समाज की कुरीतियों से डर के रात के समय में डिग आउट करके बॉडीज पर स्टडी किया करते थे लेकिन अभी समय में बहुत बदलाव आ चुका है।
04:21
Speaker A
अच्छा अच्छा अच्छा।
04:22
Speaker A
तो अब आप यह बताएं सर कि यह जो देहदान है इससे मतलब क्या लाभ होगा लोगों को किस तरह से जो देहदान करने वाले हैं।
04:30
Speaker A
वह किस तरह से आगे आ सकते हैं ऐसी कौन सी भावना या उनको हम किस तरह प्रेरित कर सकते हैं उनको मतलब मानव जो समाज है।
04:38
Speaker A
उनके लिए वह क्या करते हैं अगर देहदान करते हैं तो।
04:46
Speaker B
देखिए जैसे मैंने आपको पहले बोला कि देहदानी जो होता है वह बहुत हमारे लिए अमूल्य व्यक्ति है।
04:51
Speaker B
क्योंकि वह एक साइलेंट टीचर है।
04:53
Speaker B
और दूसरा सबसे बड़ी बात यह देखिए कि जब भी हम भ्रांतियों की बात करते हैं देहदान से जुड़ी भ्रांतियां क्या हैं।
05:00
Speaker B
तो किसी भी नोबल कॉज में हमेशा भ्रांतियां जुड़ी होती हैं।
05:04
Speaker B
गलत काम में आपको भ्रांतियां नहीं मिलेंगी।
05:06
Speaker A
अच्छा।
05:07
Speaker B
जैसे आप देखिए कि लोग मदिरापान कर रहे हैं उस पर लिखा हुआ है स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
05:12
Speaker B
लेकिन वहां कोई भ्रांति नहीं है।
05:13
Speaker B
लेकिन जब हम कोई नोबल को कॉज के लिए बात करते हैं तो हमेशा समाज की कुरीतियां और भ्रांतियां उसके साथ जोड़ दी जाती हैं।
05:21
Speaker B
तो जो भी देहदान का संकल्प लेते हैं वह आप माने या ना माने वह समाज के लिए बहुत बड़ा कार्य करते हैं।
05:30
Speaker B
और वह ऐसा अमूल्य कार्य है जिसका कहीं कोई आपके पास रिप्लेसमेंट नहीं है।
05:36
Speaker A
हम हम हम।
05:37
Speaker B
इसीलिए जो देहदान है उसको महादान बोला गया है।
05:39
Speaker A
हम हम हम।
05:41
Speaker A
अच्छा अब सवाल यह आता है कि कोई व्यक्ति अगर देहदान करने का इच्छुक है वह उसे लगता है कि मैं मरने के बाद मेरा शरीर उन अनुसंधान कर्ताओं के लिए उपयोगी साबित हो जो इसके आधार पर मानव जाति को और जो स्वस्थ समाज है उसमें अपना योगदान दे सके मेरा मृत शरीर।
05:50
Speaker A
तो उसे क्या करना होगा किस तरह से कहां जाकर और यह घोषणा करनी होगी कोई घोषणा पत्र भरना होगा उसे।
05:54
Speaker A
या क्या करना होगा कि उसका उसकी मृत्यु के बाद में उसकी देह को मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया जाए।
05:57
Speaker A
यह क्या प्रक्रिया है इसके बारे में बताइए जरा।
06:00
Speaker B
हां देखिए कि हाल ही में 2 अगस्त को राज्य सरकार द्वारा एक परिपत्र जारी किया गया है।
06:05
Speaker A
अच्छा।
06:06
Speaker B
उस परिपत्र में राज्य सरकार ने यह बिल्कुल क्लियर दिशा निर्देश दिए हुए हैं कि कोई भी व्यक्ति जो देहदान करना चाहता है।
06:16
Speaker B
उसके पास दो तरीके हैं।
06:22
Speaker B
पहला तरीका तो यह है कि वह जीते जी एक हमारे पास प्रिस्क्राइब्ड देहदान फॉर्म है।
06:30
Speaker B
वह फॉर्म आप किसी मेडिकल कॉलेज की वेबसाइट से डाउनलोड करके उसको भरकर और उस चिकित्सा महाविद्यालय के एनाटॉमी या शरीर रचना विभाग में आप भेज सकते हैं डाक द्वारा भेज सकते हैं ईमेल द्वारा भेज सकते हैं।
06:38
Speaker B
लेकिन उसके लिए एक अतिरिक्त फोटो की जरूरत होती है।
06:42
Speaker B
अब यह जो देहदान का फॉर्म विभाग में जमा होता है उसके आधार पर उस देहदानी को एक कार्ड इशू किया जाता है।
06:55
Speaker A
अच्छा।
06:56
Speaker B
देखिए आपको मैं एक बहुत बड़ी बात बोलना चाहता हूं कि यह जो कार्ड है यह कार्ड का जो उपयोग है वह यह है कि उस कार्ड से देहदानी के जितने भी निकट संबंधी हैं।
07:05
Speaker B
वह हमेशा इस बात को याद रखें कि आपको उस देहदानी की अंतिम इच्छा का सम्मान करना है।
07:13
Speaker B
इसीलिए उस व्यक्ति के पास वह कार्ड है।
07:18
Speaker B
क्योंकि देखिए जब भी किसी भी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसके बाद उस बॉडी के ऊपर अधिकार सिर्फ उन रिश्तेदारों का है जो वहां उपस्थित हैं।
07:27
Speaker B
दूसरा जो तरीका है वह यह है कि कई बार ऐसे भी हमारे पास व्यक्ति आते हैं जिनके माता-पिता अपनी अंतिम इच्छा जाहिर करते हैं कि भई मुझे देहदान करना है लेकिन वह किसी कारणवश फॉर्म नहीं भर पाए हैं।
07:37
Speaker B
तो उसके लिए भी अभी राज्य सरकार ने जो गाइडलाइंस जारी की हैं उसमें एक परिपत्र दिया है जो कि उस व्यक्ति के जो ब्लड रिलेटिव्स हैं जो निकटतम संबंधी हैं उनके द्वारा भरा जा सकता है।
07:46
Speaker B
और उसके आधार पर आप जो है बॉडी डोनेशन या देहदान कर सकते हैं।
07:52
Speaker B
तो देहदान की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा बहुत ही आसान और लचीली बनाई गई है।
07:59
Speaker B
इसमें किसी भी तरीके का कोई कानूनी पेच नहीं है।
08:03
Speaker B
आपको कोई पुलिस से एनओसी नहीं लेनी होती।
08:07
Speaker B
किसी प्रकार का कोई एफिडेविट नहीं बनवाना पड़ता।
08:10
Speaker B
यह सिर्फ सादा कागज पर एक एप्लीकेशन है।
08:14
Speaker B
और दूसरा जो मैंने बताया कि जब आप एक अतिरिक्त फोटो लेकर स्वयं अगर देहदान की घोषणा करने आते हैं तो उसके आधार पर कार्ड बनाकर दिया जाता है।
08:22
Speaker A
हम हम हम।
08:23
Speaker A
तो श्रोताओं अगर आप चाहते हैं कि इस कार्यक्रम में आपके मन में भी कोई सवाल आ रहा है और आप पूछना चाहते हैं कि मैं इस विषय से जुड़ा हुआ मेरा यह जिज्ञासा है।
08:30
Speaker A
तो आप जरूर फोन करिएगा।
08:35
Speaker A
हेलो।
08:36
Speaker C
हां नमस्कार साहब।
08:37
Speaker A
जी नमस्ते स्वागत है कार्यक्रम में आपका।
08:40
Speaker C
हां मैं चित्रलाल मरमित बोल रहा हूं ग्राम पाल्या तहसील अट्रू जिला बारा से।
08:44
Speaker A
हां चित्रलाल जी बोलें बताएं।
08:47
Speaker C
हां मेरा एक बड़ा प्रश्न तो यह है कि कोई देहदान करता है तो उसको उसकी वह देह शांत होने के कितने घंटे तक वहां पहुंचना सही होता है।
08:55
Speaker A
हम हम हम।
08:57
Speaker A
जी डॉक्टर साहब बड़ा अच्छा सवाल आया है।
08:59
Speaker B
चित्रलाल जी बहुत-बहुत धन्यवाद।
09:02
Speaker B
देखिए वैसे तो पूरे 24 घंटे में देखिए इंसान की कभी भी मृत्यु हो सकती है।
09:08
Speaker C
हां हां।
09:09
Speaker B
उसका कोई समय नहीं है।
09:10
Speaker B
है ना।
09:11
Speaker C
जी जी।
09:12
Speaker B
तो लेकिन जो है हम अगर स्टाफ की बात करें हमारे कॉलेज की विभाग की बात करें तो एक जो आइडियल समय होता है वह सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले माना जाता है।
09:20
Speaker B
लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है।
09:23
Speaker B
अगर कभी भी कोई भी व्यक्ति मृत्यु हो जाती है और उसके रिलेटिव फोन करते हैं या हमें सूचना देते हैं।
09:30
Speaker B
तो हम उसको उसी समय पूरा गाइडेंस देते हैं।
09:33
Speaker B
अगर देखिए गर्मियों का समय होता है तो हम चाहते हैं कि बॉडी मृत्यु के 5 घंटे से 6 घंटे के अंदर-अंदर चिकित्सा महाविद्यालय के एनाटॉमी विभाग में पहुंच जाए।
09:40
Speaker B
और अगर सर्दियों का समय है तो दो-तीन घंटे डिले किया जा सकता है।
09:46
Speaker B
और कई बार ऐसी परिस्थितियां बनती हैं कि देखिए।
09:50
Speaker B
क्योंकि यह एक बहुत ही शोक का समय होता है दर्द भरा समय होता है।
09:55
Speaker C
सही है।
09:56
Speaker B
तो लोग इंतजार करते हैं सारे परिजनों का रिश्तेदारों का इकट्ठा होने में तो ऐसे समय में या तो अगर गर्मियां हैं तो आप देह को बर्फ की सिल्लियों पर घर पर रख सकते हैं।
10:04
Speaker B
तो घर पर आप जो बर्फ की सिल्लियां हैं उसको लाकर उसके ऊपर भी देह को रख सकते हैं जिससे दो-तीन घंटे समय बढ़ाया जा सकता है।
10:09
Speaker B
या निकटतम एरिया में कोई मॉर्चरी है तो आप वहां पर भी ले जाकर उस बॉडी को रख सकते हैं।
10:14
Speaker B
क्योंकि देखिए उसका जो मुख्य उद्देश्य है वह यह है कि हम बॉडी में कीटाणु पैदा होने से उसको रोक सकें।
10:20
Speaker B
क्योंकि हमें बॉडी अगर प्रिजर्व करनी है तो अगर वह समय पर मिलेगी तो ही हम उसको उपयोग में ले पाएंगे और उसमें केमिकल इंजेक्ट करके उसको लंबे समय के लिए काम में ले सकेंगे।
10:27
Speaker C
यह है कि मैंने देहदान कर रखा है।
10:29
Speaker A
अच्छा आपने घोषणा कर रखी है।
10:30
Speaker C
हां।
10:31
Speaker C
मुझे वह उसका जो है ना।
10:33
Speaker B
कार्ड।
10:34
Speaker C
रजिस्ट्रेशन कार्ड है।
10:35
Speaker C
वह मिला हुआ है।
10:36
Speaker A
अच्छा अच्छा अच्छा।
10:38
Speaker C
तो देहदान कर रखा है।
10:40
Speaker C
और मेरे बेटे ने किया मुझे मोटिवेट।
10:42
Speaker A
चलिए चित्रलाल जी अभी तो आप बहुत स्वस्थ हैं इसलिए ऐसा ऐसा विचार ना करें आप लेकिन फिर भी अभी आपने जो है एक बहुत बड़ा मनुष्य।
10:50
Speaker A
और मानव सेवा के लिए अपने शरीर को मृत्यु के बाद मेडिकल कॉलेज को दान करने का एक एक घोषणा की है यह तो यह वाकई में बहुत बड़े दिल वाली बात है।
11:00
Speaker A
इसके लिए हम ईश्वर से जब तक आप जीवित रहें स्वस्थ रहें और आनंदित रहें इस कार्यक्रम के माध्यम से हम यही प्रार्थना करते हैं।
11:07
Speaker A
बहुत धन्यवाद आपने सवाल पूछा इसके लिए शुक्रिया।
11:09
Speaker A
श्रोताओं आज अगर आप इस विषय पर बातचीत में शामिल होना चाहते हैं अपना सवाल पूछना चाहते हैं तो जरूर सवाल पूछिए मैं नंबर एक बार फिर से नए श्रोताओं के लिए बता देता हूं।
11:18
Speaker A
2333444 यानी 2333444 एसटीडी कोड 0744 कोटा शहर का यह नंबर आपको मिलाना है।
11:26
Speaker A
और हमसे या जो हमारे डॉक्टर साहब बैठे हुए हैं डॉक्टर सुमित गुप्ता जी।
11:34
Speaker A
मेडिकल कॉलेज कोटा से वह आपके सवालों का इंतजार कर रहे हैं जरूर पूछिएगा अच्छा लगेगा आपके सवाल से हो सकता है ऐसी जानकारियां भी श्रोताओं को पहुंचे जो हमारे ध्यान में नहीं हो वह सवाल।
11:41
Speaker A
तो आपके सवाल इस कार्यक्रम के लिए बड़े महत्वपूर्ण हैं दो बातें होती है डॉक्टर गुप्ता जी।
11:48
Speaker A
एक तो होता है अंगदान एक होता है देहदान।
11:51
Speaker A
तो दोनों में क्या भिन्नता है या दोनों किस तरह से अलग-अलग चीजें हैं।
11:58
Speaker B
देखिए बहुत अच्छा आपने सवाल पूछा है।
12:01
Speaker B
क्योंकि यह हमारे पास कई बार लोग इंक्वायरी करके आते हैं कि सर मैं मेरी बॉडी डोनेट करूंगा तो मेरी किडनी काम आ जाएगी क्या मेरा लीवर काम आ जाएगा क्या।
12:09
Speaker A
अच्छा।
12:10
Speaker B
तो देखिए मैं आपको यह बहुत साफ बात बता दूं कि देहदान एक अलग प्रक्रिया है और अंगदान एक अलग प्रक्रिया है।
12:16
Speaker B
क्योंकि कई ऐसे अंग हैं जो हम जीते जी भी दान कर सकते हैं जैसे कि आप अपने एक दो किडनी है तो एक किडनी लोग अपने सगे संबंधियों को दान करते हैं।
12:23
Speaker B
इसके अलावा जो लीवर होता है उसका एक छोटा हिस्सा भी जीते जी दान किया जा सकता है।
12:28
Speaker A
जी।
12:29
Speaker B
परंतु ऐसे बहुत सारे टिश्यू हैं जो कंप्लीट डेथ के बाद जो है दान किए जाते हैं।
12:34
Speaker B
जैसे कि आंखें हैं बोंस हैं।
12:39
Speaker B
है ना कई बार त्वचा जो स्किन है वह भी जो है दान की जाती है।
12:43
Speaker B
लेकिन उसके लिए कंप्लीट डेथ के बाद वह होती हैं।
12:47
Speaker B
इसी तरह से जब हम अंगदान में दूसरे अंगों की बात करते हैं जैसे हार्ट है पैंक्रियाज है।
12:52
Speaker B
तो उसमें एक शब्द बहुत कॉमन है उसको हम बोलते हैं ब्रेन डेथ।
12:56
Speaker A
अच्छा।
12:58
Speaker B
तो ब्रेन डेथ का मतलब यह होता है कि ऐसा व्यक्ति जो बहुत लंबे समय से जो है किसी इस तरीके की ब्रेन की बीमारी से ग्रसित है जो वहां से वह वापस नहीं आ सकता।
13:08
Speaker B
जैसे बहुत सीवियर हेड इंजरीज होती हैं ब्रेन हेमरेजेस होते हैं।
13:12
Speaker A
हम हम हम।
13:13
Speaker B
तो वह चिकित्सक अगर यह घोषणा करते हैं कि नहीं यह व्यक्ति ब्रेन डेड है और अब इसके वापस आने की कोई संभावना नहीं है उस समय उसके जो निकटतम संबंधी होते हैं।
13:22
Speaker B
वह उस व्यक्ति के जाने का जो दुख है जो दर्द है उससे बाहर आने के लिए एक नोबल कॉज के लिए अगर अंगदान करते हैं तो उसका वह जो दुख है वह कम होता है।
13:30
Speaker B
क्योंकि वह यह गर्व फील करते हैं कि हमने उन एक व्यक्ति जो जा रहा था उसके जाते-जाते इतने सारे दूसरे जो जरूरतमंद लोग हैं उनकी हम जान बचा पाएं।
13:38
Speaker B
तो अंगदान जो है वह एक अलग प्रक्रिया है और देहदान जो है उसमें हम जब बात करते हैं बॉडी डोनेशन की।
13:44
Speaker B
तो हम रिसर्च वर्क के लिए जब बॉडीज लेते हैं तो हमें उसमें किसी भी प्रकार का शत विक्षत नहीं होना चाहिए।
13:50
Speaker B
क्योंकि उसको प्रिजर्व करने में भी दिक्कत आती है।
13:53
Speaker B
और दूसरा यह है कि जो जो बच्चे जो एमबीबीएस कर रहे हैं जो शुरुआती दिनों में मेडिकल साइंस में आते हैं।
14:00
Speaker B
वह पूरा संरचना को एज ए कंप्लीट एज ए होल स्टडी करते हैं।
14:05
Speaker B
तो अंगदान एक अलग प्रक्रिया है उसका एक अलग प्लेज होता है और देहदान एक अलग प्रक्रिया है उसका एक अलग से प्लेज होता है।
14:10
Speaker B
तो यह लोगों में बड़ा कंफ्यूजन है कि हमारे पास जब भी लोग आते हैं बोलते हैं सर हमारी किडनी किसी के काम आ जाएंगी क्या अगर हम देहदान करते हैं।
14:17
Speaker A
अच्छा।
14:18
Speaker B
क्योंकि देखिए इन ऑर्गन्स का यूज तभी है जब ब्लड सर्कुलेशन चल रहा है।
14:24
Speaker A
हम हम हम।
14:25
Speaker B
तो जो ब्रेन डेड व्यक्ति होता है उसमें खून का जो सर्कुलेशन है वह मेंटेन रहता है।
14:32
Speaker B
तो उसकी किडनीज काम कर रही हैं।
14:34
Speaker B
उसका हार्ट काम कर रहा है।
14:35
Speaker A
जी।
14:36
Speaker B
है ना लेकिन वह ब्रेन डेड है यानी वह वापस नहीं आ सकता।
14:40
Speaker B
वह आर्टिफिशियल जो सिस्टम है उस पर है।
14:42
Speaker A
हम हम हम।
14:44
Speaker B
तो उस उस दौरान अगर सगे संबंधी इस तरीके का कदम उठाते हैं तो वह ऑर्गन डोनेशन किया जा सकता है।
14:50
Speaker A
एक और कॉलर है।
14:51
Speaker A
जी जी।
14:52
Speaker A
उनसे बात करते हैं।
14:54
Speaker A
हेलो।
14:55
Speaker D
हेलो।
14:56
Speaker A
हां नमस्कार स्वागत है कार्यक्रम में।
14:58
Speaker D
हां साहब कोटा से तरुण जी राधेश्याम चित्तौड़ा जी कर रहा था।
15:01
Speaker A
हां चित्तौड़ा जी बहुत स्वागत कार्यक्रम में बोलिए।
15:03
Speaker D
हां डॉक्टर साहब से यह जानना चाह रहा था मैं जनहित में ही।
15:08
Speaker A
हां जी जी।
15:09
Speaker D
देहदान की अगर प्रक्रिया कोटा में अगर होती है जो लिखा-पढ़ी होती है जो कोटा में अगर होती है और अन्य शहरों में 400-500 किलोमीटर दूरी पर अगर मान लो कोई सी डेड बॉडी मान लो वहां मृत्यु हो जाने के बाद में वह क्या करें।
15:17
Speaker D
और किस तरीके से अपनी बॉडी को।
15:21
Speaker D
और दूसरा प्रश्न यह था कौन-कौन सी बीमारियां अगर ऐसी खतरनाक है जिसके कारण देहदान नहीं कर सकता।
15:25
Speaker B
जी जी जी बहुत बहुत ही आपने दोनों।
15:27
Speaker D
और तीसरा तीसरा छोटा सा क्वेश्चन और था।
15:30
Speaker B
सर।
15:31
Speaker D
क्या आप लोग सर्टिफिकेट देते हैं तो सर्टिफिकेट देने के बाद जनता को यह सजेस्ट करें कि अपने ड्राइंग रूम में सजाकर के इस तरीके से उस सर्टिफिकेट को रखा जाए ताकि जनता की भावना इस तरीके से आगे प्रेरित हो सके।
15:40
Speaker B
देखिए पहले मैं आपका जो।
15:41
Speaker D
हां रेडियो पर सुन रहे हैं धन्यवाद।
15:42
Speaker B
हां जी जी।
15:43
Speaker B
जो आपने पहला सवाल पूछा कि अगर 400 किलोमीटर दूर कहीं किसी की मृत्यु हो जाती है तो देखिए परिजनों को अगर इस इस काम में अगर आप।
15:52
Speaker B
काम में लाते हैं तो आपके परिजन।
15:56
Speaker B
तो आजकल जो अभी हाल ही में राज्य सरकार ने राजस्थान में जो हमें गाइडलाइन जारी की हैं।
16:01
Speaker B
उसमें एक पार्ट टू जो है उसमें क्लियर कट यह लिखा हुआ है कि जो लोग देहदान नहीं फॉर्म भर पाए हैं या उनके जो नेक्स्ट टू किन होते हैं यानी जो सगे संबंधी हैं।
16:09
Speaker B
और वह अगर आपकी अंतिम इच्छा पूरी करना चाहते हैं तो वह निकटतम किसी भी चिकित्सा महाविद्यालय में जाकर वह जो पार्ट टू है जो कि रिश्तेदारों द्वारा भरा जाता है उसको भरकर और देहदान दे सकते हैं।
16:14
Speaker B
ऐसा कोई जरूरी नहीं है कि आप कोटा के रहने वाले हैं तो आप चिकित्सा महाविद्यालय कोटा में ही दे दें।
16:19
Speaker B
सपोज करिए अगर आप बीकानेर में हैं और वहां देना चाहते हैं तो आप वहां भी दे सकते हैं।
16:23
Speaker B
ऐसा कोई कंपल्शन नहीं है पहली बात।
16:26
Speaker B
और दूसरा जो आपने सवाल पूछा कि ऐसे कौन सी स्थितियां हैं जिसमें देह नहीं ली जाती।
16:32
Speaker B
तो उसमें देखिए एक तो जो डीकंपोज देह हैं जो खराब हो जाती हैं स्मेल मार रही हैं।
16:37
Speaker B
बहुत दिनों से जो हैं हैं जिनको हम कहते हैं कि उसमें कीटाणु लग चुके हैं शत विक्षत हो चुकी हैं।
16:43
Speaker B
दूसरी जो बहुत ज्यादा जली हुई बॉडीज होती हैं बर्न की जो डेड बॉडीज होती हैं।
16:48
Speaker B
तीसरा है कि अत्यधिक संक्रमित कोई बीमारी से ग्रसित है और उसके बाद उसकी मृत्यु हो गई है।
16:54
Speaker B
इसके अलावा जो सबसे बड़ा है कि किसी भी मृत्यु के बाद मेडिकोलीगल केस अगर होता है।
17:01
Speaker B
कोई कोई एफआईआर दर्ज होती है या किसी भी तरीके का उसमें जो है संदिग्ध अवस्था में या कोई पॉइजन से डेथ हो गई किसी की।
17:08
Speaker B
तो वह सब जो कारण हैं उन सब कारणों में देह जो है जनरली स्वीकार नहीं की जाती है।
17:12
Speaker A
हम हम हम।
17:14
Speaker A
तो इसको लेने के बाद में किस तरह प्रिजर्व किया जाता है।
17:17
Speaker B
हां देखिए देह को लेने के बाद सबसे पहले उसको कीटाणु रहित कर किया जाता है।
17:22
Speaker B
और फिर जो है नसों की सहायता से उसमें जो है केमिकल्स का घोल होता है जिसको हम एंबामिंग फ्लूइड कहते हैं।
17:30
Speaker A
अच्छा।
17:31
Speaker B
वह जो है इंजेक्ट किया जाता है जिसमें फॉर्मेलडीहाइड होता है ग्लिसरीन होते हैं और भी दूसरे स्पिरिट वगैरह होती हैं।
17:37
Speaker B
तो उसको डालने से जो है बॉडी जो है वह लंबे समय तक काम आती है उसमें कीटाणु पड़ने की संभावना खत्म हो जाती है।
17:44
Speaker B
और जो है हम उसको प्रिजर्व कर पाते हैं।
17:46
Speaker A
अच्छा एक चीज हम पहले कुछ जो परंपरागत तरीके थे और कहते हैं कि मिश्र में और यहां पर कुछ अलग तरह से बॉडी को लंबे समय तक रखा जाता था।
17:53
Speaker B
तो आप यह देखिए कि मिस्र की जहां आपने बात की तो वहां एक हम प्रोसेस देखते हैं जिसको हम बोलते हैं कि बॉडीज को मम्मी में कन्वर्ट कर लेते हैं।
17:58
Speaker A
जी जी जी।
17:59
Speaker B
तो मम्मी में हम भी मम्मी बनाते हैं।
18:02
Speaker B
लेकिन वह जो मम्मीज होती हैं वह बिल्कुल जो है बॉडी के अंदर जो फैट होता है जो वसा होता है वह पूरी तरह से उसमें से खत्म हो जाता है।
18:10
Speaker B
और वह जो है वह बच्चों के हमारे मेडिकल स्टूडेंट्स के काम आता है।
18:16
Speaker B
तो मम्मी बनाने का कार्य सभी चिकित्सालय महाविद्यालयों में भी किया जाता है।
18:20
Speaker A
अच्छा होता है।
18:21
Speaker A
जी जी।
18:22
Speaker B
तो मम्मी तो।
18:23
Speaker A
हां।
18:24
Speaker A
अच्छा कुछ भ्रांतियों के बारे में भी हम चर्चा करें।
18:26
Speaker A
जो समय बचा है हमारे पास 10 आठ या 9 मिनट का समय अब शेष है।
18:31
Speaker A
तो किस तरह की भ्रांतियां हैं लोगों में पहली भ्रांति तो क्या कहें मन नहीं होता होगा लोगों का कि वह चाहें कि भई उनके परिजन का शरीर इस तरह से उनके अंगों को काम में लिया जाए।
18:36
Speaker A
यह जो अभी तक यह जो लगाओ है जो यह जो एक भावनात्मक लगाओ है परिवारों का।
18:42
Speaker A
इसको हम किस तरह से एक नई दिशा दे सकते हैं और लोगों को प्रेरित कर सकते हैं।
18:47
Speaker A
वह कौन सी बातें हो सकती हैं।
18:50
Speaker B
देखिए इस बारे में मैं सिर्फ आपको संक्षेप में यही बोलना चाहूंगा कि किसी भी व्यक्ति के जाने का दुख बहुत बड़ा होता है।
18:57
Speaker B
और उस दुख को झेलने के लिए अगर आप कोई ऐसा नोबल कॉज एक ऐसा काम करें जो समाज में प्रेरणा बनकर उभरे।
19:07
Speaker B
तो वह उस व्यक्ति के जाने के बाद आपके दिल में बहुत तसल्ली देता है।
19:12
Speaker B
आपको उस दुख को झेलने की शक्ति देता है।
19:15
Speaker B
और जो दूसरी भ्रांति जुड़ी हुई है जो सबसे ज्यादा हमसे लोग पूछते हैं कि सर हम अगर हमारे जो रिलेटिव हैं उनकी अस्थियों को गंगा में नहीं बहाएंगे हरिद्वार नहीं ले जाएंगे तो सद्गति कैसे प्राप्त होगी।
19:22
Speaker A
हम हम हम।
19:23
Speaker B
तो देखिए यह जो भ्रांति है यह सबसे ज्यादा जो है एक आस्था का विषय है।
19:29
Speaker B
और मैं इस बारे में सिर्फ यही बोलना चाहता हूं कि देखिए आपको यह सिर्फ आपकी आस्था से जुड़ा हुआ है।
19:38
Speaker B
तो अगर आप चाहें तो जब भी आप देहदान करें तो उस समय आप उस मृत देह के नाखून या उसके कुछ जो बाल हैं वह अपने साथ रख सकते हैं।
19:47
Speaker B
क्योंकि देखिए यह एक प्रतीकात्मक प्रक्रिया होती है।
19:51
Speaker B
तो यह एक आस्था का विषय है तो उसको आप ले जाकर आगे की जो भी अपनी समाज की क्रियाएं हैं वह पूर्ण कर सकते हैं।
19:56
Speaker B
तो हम इसलिए लोगों को यह बोलते हैं कि ऐसा नहीं है कि जो है आप किसी भी तरीके की भ्रांति में आकर देहदान ना करें।
20:00
Speaker A
जी जी जी।
20:02
Speaker A
एक कॉलर और जुड़ना चाह रहे हैं।
20:04
Speaker A
जी जी।
20:06
Speaker A
हेलो।
20:07
Speaker E
हेलो।
20:08
Speaker A
हां नमस्कार।
20:09
Speaker E
मैं आत्मा बोल रहा था।
20:10
Speaker A
हां आत्मा जी बोलो।
20:12
Speaker E
अच्छा जैसे देहदान का फॉर्म भर दिया है।
20:16
Speaker E
अब उसके बाद में जो पहला फोन करना है किसको करना है हॉस्पिटल को करना है या एनाटॉमी विभाग को।
20:22
Speaker E
अगर वक्त पर फोन नहीं उड़ता है मान लो एक-दो घंटे में तो बाद में क्या करना चाहिए धन्यवाद।
20:28
Speaker B
देखिए सर इसके लिए आप।
20:30
Speaker B
चिकित्सा महाविद्यालय में जो हमारे अधीक्षक महोदय का कार्यालय है वहां पर फोन कर सकते हैं।
20:40
Speaker B
इसके अलावा प्रधानाचार्य कार्यालय में फोन कर सकते हैं।
20:43
Speaker B
इसके अलावा जो हमारा शरीर रचना विभाग है एनाटॉमी उसमें आप किसी भी शंकाएं सदस्य को अगर इन्फॉर्म करेंगे तो आपको सब जगह से एक एक पॉजिटिव वे में आपको रिस्पांस मिलेगा।
20:52
Speaker B
तो इसके लिए आप अगर चाहते हैं तो नंबर जो है हमारे मेडिकल कॉलेज की जो वेबसाइट है।
20:54
Speaker B
वहां से आप ले सकते हैं राजस्थान की जो मेडिकल एजुकेशन की जो वेबसाइट है उस पर आप जाएंगे वहां पर आप कोटा मेडिकल कॉलेज अगर सर्च करेंगे तो आपको हमारे प्रधानाचार्य कार्यालय का इवन अगर आप उसमें एनाटॉमी विभाग में जाएंगे तो हमारे विभाग के काफी जो अन्य संकाय सदस्य हैं एचओडी हैं एसोसिएट प्रोफेसर हैं।
21:02
Speaker B
और भी जो दूसरे संकाय सदस्य हैं सबके आपको वहां पर नंबर उपलब्ध हैं तो आप किसी भी नंबर पर आप अगर कॉल करेंगे तो आपको हमेशा एक पॉजिटिव रिस्पांस ही मिलेगा सर।
21:10
Speaker A
डॉक्टर साहब अब यह बताएं उनका भी सवाल था जो चित्तौड़ा जी का था उसको अपन वह हिस्सा ब्रेक के कारण हम उसको आगे भी नहीं बढ़ा पाए।
21:16
Speaker A
उन्होंने कहा और हमारी जो प्रश्नावली थी उसमें भी यह सवाल था कि किन-किन परिस्थितियों में देहदान नहीं किया जा सकता।
21:26
Speaker B
जैसा कि सर मैंने आपको पूर्व में बताया कि देहदान जो है उसमें नहीं करने का।
21:30
Speaker B
पूरा जो अधिकार है कि कौन सी बॉडी एक्सेप्ट करनी है नहीं करनी है उसके लिए हर चिकित्सा महाविद्यालय में एक बॉडी डोनेशन कमेटी बनी हुई है।
21:38
Speaker A
अच्छा।
21:39
Speaker B
और उस बॉडी डोनेशन कमेटी में तीन से चार मेंबर होते हैं तो मेनली तो पूरा अधिकार जो है वह कमेटी डिसाइड करती है।
21:45
Speaker B
इसके अलावा कुछ ऐसी जनरल जो हमें राज्य सरकार के गाइडलाइन जो मिली हुई हैं उसमें भी यह लिखा हुआ है कि देखिए बहुत ज्यादा अगर कोई ओबेस बॉडी है उसको मैनेज करना हमारे लिए बड़ा मुश्किल हो जाता है।
21:52
Speaker B
वह हम नहीं ले सकते।
21:54
Speaker B
कोई संक्रमित देह हैं।
21:57
Speaker B
कोई जली हुई बॉडी है।
22:00
Speaker B
या किसी की मृत्यु संदिग्ध अवस्था में हो जाती है।
22:05
Speaker B
और जो सबसे बड़ा है कि किसी भी मृत्यु के बाद मेडिकोलीगल केस अगर होता है कोई एफआईआर दर्ज होती है या किसी भी तरीके का उसमें जो है संदिग्ध अवस्था में या कोई पॉइजन से डेथ हो गई किसी की।
22:12
Speaker B
तो वह सब जो कारण हैं उन सब कारणों में देह जो है जनरली स्वीकार नहीं की जाती है।
22:16
Speaker A
हम हम हम।
22:17
Speaker A
तो इसको लेने के बाद में किस तरह प्रिजर्व किया जाता है आज के विषय पर अगर आपको ऐसा लगता है डॉक्टर गुप्ता जी कि कुछ बातें छूट गई हैं या बातचीत में नहीं आ पाई तो जरूर कहिए।
22:26
Speaker B
देखिए मैं अंत में सिर्फ कुछ दो-तीन बातें ही कहना चाहूंगा।
22:31
Speaker B
कि तो अगर आपके दिमाग में कोई भी भ्रांति है तो वह भ्रांति को रखकर देहदान का अगर आप कार्य कर रहे हैं तो उसको ना रोकें।
22:39
Speaker B
मैं आपसे सिर्फ एक यह निवेदन है कि आप कृपया कोई भी तरीके की अगर भ्रांति है तो चिकित्सा महाविद्यालय के में पधारें।
22:46
Speaker B
आपका स्वागत है आपके सभी सवालों को जो है वहां पर दूर किया जाएगा।
22:50
Speaker B
और दूसरा जो सबसे बड़ी बात है कि देखिए अच्छा काम जब भी हम करने जाते हैं।
22:56
Speaker B
हमेशा समाज में उस काम से संबंधित भ्रांतियां पहले पैदा हो जाती हैं।
23:02
Speaker B
गलत काम के लिए कभी कोई भ्रांति नहीं होती है।
23:04
Speaker B
तो अगर आप अच्छा काम कर रहे हैं और उस काम को करने में कोई भी अगर आप बाधा महसूस कर रहे हैं।
23:12
Speaker B
आपको लग रहा है कि नहीं यह काम में यह एक अटकन है तो उन अटकलों को दूर करने के लिए आप कृपया विभाग में पधारें और आप अपनी अपनी जो भी शंकाएं हैं उनको वहां दूर करें।
23:18
Speaker A
तो श्रोताओं आज के उत्तम स्वास्थ्य कार्यक्रम में हमने चर्चा की देहदान और उससे जुड़ी भ्रांतियों के संबंध में डॉक्टर सुमित गुप्ता जी बहुत-बहुत धन्यवाद आपका।
23:25
Speaker B
थैंक यू सर।
23:26
Speaker A
आप सभी श्रोताओं का इस कार्यक्रम को सुनने और फोन करने के लिए बहुत धन्यवाद अब आज के कार्यक्रम से हमें अनुमति दीजिए नमस्कार।

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