Iran vs Israel War | Does Iran REALLY Have Nukes? | Dhruv Rathee

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00:00
Speaker A
पहले इंडिया-पाकिस्तान की वॉर रुकवाई, अब ईरान-इजराइल की वॉर रुकवाई।
00:05
Speaker A
लाओ, मुझे नोबेल प्राइज दो।
00:07
Speaker A
मजाक नहीं कर रहा, एक्चुअली में ट्रंप ने पोस्ट करके नोबेल प्राइज का छह बार जिक्र किया।
00:11
Speaker A
ईरान-इजराइल के बीच 12 दिन लंबी चली ये वॉर शायद सबसे अजीब वॉर थी।
00:17
Speaker A
युद्ध लड़ने वाले तीनों देशों के लीडर्स ने वॉर खत्म होने के बाद खुद को विजेता घोषित कर दिया है।
00:22
Speaker A
ईरान पर हमला करने से ठीक 10 दिन पहले इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के करप्शन ट्रायल्स का क्रॉस एग्जामिनेशन शुरू हुआ था।
00:30
Speaker A
कोर्ट में लिटरली 1778 बार उन्होंने कहा, आई डोंट रिमेंबर।
00:35
Speaker A
एक फॉर्मर आईडीएफ के जनरल ने नेतन्याहू पर सीधा आरोप लगाया है कि वो जानबूझकर गाजा की वॉर को कंटिन्यू रख रहे हैं ताकि वो खुद को जेल जाने से बचा सकें।
00:47
Speaker A
नमस्कार दोस्तों, 13 जून 2025।
00:50
Speaker A
सुबह के करीब 3:00 बजे 200 से ज्यादा इजराइली फाइटर जेट्स ईरान के एयरस्पेस में एंटर करते हैं।
01:40
Speaker A
इनके निशाने पर थे 100 से भी ज्यादा न्यूक्लियर, मिलिट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर टारगेट्स जिन पर ये एक कोऑर्डिनेटेड तरीके से हमला करते हैं।
01:48
Speaker B
Breaking news in the Middle East and now escalating fears of an all-out war in the region.
01:52
Speaker A
इस सब में करीब 80 लोग मारे जाते हैं, 320 इंजर्ड होते हैं जिनमें से ज्यादातर आम बेगुनाह सिविलियंस थे।
01:59
Speaker A
लेकिन इन्हीं में ही कुछ हाई प्रोफाइल लोग भी थे जिनका एसेसिनेशन किया गया।
02:03
Speaker A
आर्म्ड फोर्सेज के चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बगेरी।
02:06
Speaker A
आईआरजीसी के कमांडर इन चीफ हुसैन सलामी।
02:09
Speaker A
ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़े लोगों को खासतौर पर टारगेट किया गया न्यूक्लियर साइंटिस्ट मोहम्मद मेहदी तेहरानची और फरेदून अब्बासी समेत छह साइंटिस्ट को भी मार दिया जाता है।
02:19
Speaker A
इजराइल इस पूरे ऑपरेशन को नाम देता है ऑपरेशन राइजिंग लायन।
02:23
Speaker B
The strikes were part of Operation Rising Lion.
02:26
Speaker B
Operation Rising Lion.
02:28
Speaker B
Operation Rising Lion.
02:29
Speaker A
इस पूरे मामले में अजीब चीज ये थी कि ईरान की तरफ से कोई प्रोवोकेशन नहीं किया गया था।
02:35
Speaker A
हां ये बात सच जरूर है कि इन दोनों देशों के बीच रिश्ते काफी लंबे समय से खराब रहे हैं।
02:40
Speaker A
पिछले साल इन दोनों देशों के बीच में लड़ाई भी देखने को मिली थी।
02:42
Speaker A
लेकिन इस स्पेसिफिक केस में ईरान ने कोई हमला नहीं किया था बस अचानक से इजराइल एक दिन उठकर आया और बम बरसाने शुरू कर दिए।
02:49
Speaker A
जब इजराइल से पूछा जाता है कि ऐसा क्यों किया?
02:53
Speaker A
तो इजराइल के प्रधानमंत्री जवाब में कहते हैं सेल्फ डिफेंस के लिए।
02:56
Speaker B
We have risen like lions to defend ourselves.
02:59
Speaker A
ये कैसा सेल्फ डिफेंस जिसमें पहले खुद जाकर दूसरे पर हमला करो।
03:03
Speaker A
वो कहते हैं कि उन्हें शक था कि ईरान न्यूक्लियर हथियार बनाने के बड़े करीब था।
03:07
Speaker B
Iran could produce a nuclear weapon in a very short time.
03:12
Speaker B
It could be a year.
03:14
Speaker B
It could be within a few months.
03:16
Speaker B
Less than a year.
03:17
Speaker A
असल में बात ये है कि 31 मई 2025 को यूनाइटेड नेशंस के न्यूक्लियर वॉच डॉग इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी की एक कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट लीक हुई थी।
03:24
Speaker A
इसमें लिखा था कि ईरान के पास लगभग 400 किलो 60% एनरिच्ड यूरेनियम है।
03:30
Speaker A
जिसका इस्तेमाल 10 न्यूक्लियर वेपंस बनाने के लिए किया जा सकता है।
03:34
Speaker A
यानी कि न्यूक्लियर हथियार अभी तक बना नहीं है लेकिन बन सकता है।
03:40
Speaker A
और इसी कारण से अमेरिका और इजराइल ईरान के पीछे पड़े हैं।
03:44
Speaker A
यहां पर दो बड़ी इंटरेस्टिंग चीजें हैं पहला डोनाल्ड ट्रंप का खुद ईरान के साथ पुरानी न्यूक्लियर डील को कैंसिल करना।
03:50
Speaker A
और दूसरा इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का अपने देश में चल रहा करप्शन ट्रायल।
03:56
Speaker A
इन दोनों की आगे बात करते हैं लेकिन पहले समझते हैं।
04:00
Speaker A
इस 12 दिन लंबी चली इस वॉर में एक्जेक्टली क्या हुआ और फिर इसके बाद सीजफायर कैसे देखने को मिला।
04:12
Speaker A
13 जून की ही रात को ईरान रिस्पॉन्ड करता है इजराइल के ऊपर दर्जनों मिसाइल्स और ड्रोन से हमला करके।
04:18
Speaker A
ज्यादातर इन स्ट्राइक्स को इंटरसेप्ट कर लिया जाता है लेकिन तेल अवीव और जेरूसलम की कुछ जगहों पर धमाके देखने को मिलते हैं।
04:24
Speaker A
इसके बाद अगले कुछ दिन तक ईरान और इजराइल एक दूसरे पर हमला करते रहते हैं।
04:30
Speaker A
दोनों तरफ तबाही देखने को मिलती है।
04:34
Speaker A
दोनों तरफ बेगुनाह लोगों की जान जाती है।
04:37
Speaker A
इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ईरान से अनकंडीशनल सरेंडर की मांग करते हैं।
04:42
Speaker A
और कहते हैं कि ईरान को न्यूक्लियर वेपन बनाने नहीं दिया जा सकता।
04:46
Speaker B
Iran cannot have a nuclear weapon.
04:49
Speaker B
I've been saying it for a long time.
04:50
Speaker A
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामिनी को धमकी भी दी जाती है।
04:55
Speaker A
कहते हैं कि अमेरिका को पता है कि वो कहां छिपे हैं लेकिन अभी उन्हें मारेंगे नहीं।
05:00
Speaker A
दूसरी तरफ जवाब में खामिनी कहते हैं कि ईरान किसी भी हालत में किसी के सामने सरेंडर नहीं करेगा।
05:05
Speaker B
The Iranian nation will never accept surrender imposed by anyone.
05:10
Speaker B
To tell the Iranian people to surrender is not a reasonable statement.
05:14
Speaker A
ईरान और इजराइल के बीच का युद्ध जारी रहता है।
05:18
Speaker A
अभी तक अमेरिका इस वॉर में डायरेक्टली शामिल नहीं हुआ था लेकिन 19 जून को डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से एक और धमकी दी जाती है।
05:24
Speaker A
ट्रंप कहते हैं कि वो ईरान को दो हफ्ते का समय दे रहे हैं न्यूक्लियर डील करने के लिए।
05:31
Speaker A
अगर वो नहीं माना तो अमेरिका खुद अपनी मिलिट्री स्ट्राइक्स करने लग जाएगा।
05:35
Speaker A
दो हफ्ते तो बहुत दूर की बात थी दोस्तों क्योंकि दो ही दिन बाद 21 जून की रात को अमेरिका के लगभग 125 प्लेंस ईरान की एयरस्पेस में एंटर करते हैं।
05:45
Speaker A
इनका टारगेट था ईरान की तीन मेन न्यूक्लियर फैसिलिटीज।
05:50
Speaker A
नक्शे पर देखिए फोर्डो, नटांज और इस्फाहान।
05:53
Speaker A
इनको टारगेट करना।
05:56
Speaker A
लेकिन इन्हें डिस्ट्रॉय करना इतना आसान नहीं था क्योंकि ये जमीन के बहुत नीचे सिचुएटेड है।
06:01
Speaker A
सैकड़ों मीटर्स गहरे पहाड़ों में फोर्डो में यूरेनियम एनरिचमेंट साइट है।
06:07
Speaker A
इसी तरह ईरान की सबसे बड़ी एनरिचमेंट फैसिलिटी नटांज का कुछ हिस्सा भी अंडरग्राउंड है।
06:12
Speaker A
ट्रेडिशनल बॉम्ब्स और मिसाइल्स से इन्हें नुकसान पहुंचाना मुमकिन नहीं था इसलिए इन्हें बंकर बस्टर बॉम्ब से टारगेट किया गया।
06:19
Speaker A
अमेरिका का बंकर बस्टर बॉम्ब जिसका ऑफिशियल नाम है जी बी यू 57।
06:24
Speaker A
मैसिव ऑर्डिनेंस पेनिट्रेटर।
06:26
Speaker A
ये 13000 किलो से ज्यादा भारी और 6 मीटर से ज्यादा लंबा एक बॉम्ब है।
06:30
Speaker A
जब ये कहीं पर फोड़ा जाता है तो जमीन के 60 मीटर से ज्यादा अंदर तक घुस सकता है।
06:36
Speaker A
इन्हें डिप्लॉय करने के लिए अमेरिका ने इस्तेमाल किया इस बी2 स्टेल्थ बॉम्बर हवाई जहाज का।
06:41
Speaker A
ये हवाई जहाज दिखने में बिल्कुल किसी साइंस फिक्शन मूवी का प्लेन लगता है।
06:48
Speaker A
लेकिन इसके जरिए कई सारे बंकर बस्टर बॉम्ब्स ड्रॉप किए जा सकते हैं।
06:52
Speaker A
एक स्पेसिफिक जगह को टारगेट करके इनका लक्ष्य होता है।
06:57
Speaker A
उसी जगह पर दोबारा से बम गिराना ताकि और जमीन के अंदर तक पहुंचा जा सके।
07:01
Speaker A
अमेरिका ने 21 जून के इस हमले में 14 से ज्यादा जी बी यू 57 बॉम्ब्स ईरान के ऊपर दागे।
07:11
Speaker A
ये जो स्पेसिफिक टाइप है जी बी यू 57 मैसिव ऑर्डिनेंस पेनिट्रेटर ये सबसे पावरफुल बंकर बस्टर बॉम्ब माना जाता है।
07:20
Speaker A
अमेरिका ने इस टाइप के बॉम्ब का इससे पहले किसी भी कॉन्फ्लिक्ट में इस्तेमाल नहीं किया था।
07:25
Speaker A
ये बी2 बॉम्बर हवाई जहाज अमेरिका के मिसूरी एयरपोर्ट से टेक ऑफ किए थे धरती का आधा चक्कर लगाकर नॉन स्टॉप 37 घंटे तक ये उड़े इस मिशन को कंप्लीट करने के लिए।
07:33
Speaker A
दूसरी तरफ ईरान की इस्फाहान न्यूक्लियर साइट को एक सबमरीन से लॉन्च की गई टोमाहॉक मिसाइल से टारगेट किया गया।
07:45
Speaker A
क्योंकि ये वाली न्यूक्लियर साइट फोर्डो से भी ज्यादा जमीन के अंदर थी और बस्टर बॉम्ब्स भी यहां पर इसे नुकसान नहीं पहुंचा सकते थे।
07:53
Speaker A
इस हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने टेलीवाइज एड्रेस में इस मिशन को कंप्लीट सक्सेस बताया।
07:59
Speaker B
Tonight I can report to the world that the strikes were a spectacular military success.
08:04
Speaker A
उन्होंने दावा किया कि ईरान की न्यूक्लियर एनरिचमेंट फैसिलिटीज को पूरी तरीके से नष्ट किया जा चुका है।
08:10
Speaker B
Iran's key nuclear enrichment facilities have been completely and totally obliterated.
08:15
Speaker A
इस पॉइंट तक अब सबको लग रहा था कि ये लड़ाई शायद लंबी चलने वाली है।
08:20
Speaker A
ये वॉर शायद तब तक ना रुके जब तक ईरान में सत्ता पलट ना हो जाए।
08:25
Speaker A
23 जून को ईरान की तरफ से जवाबी हमला देखने को मिलता है।
08:29
Speaker A
कतर में मौजूद अमेरिका के अल उदैद एयरबेस को टारगेट किया जाता है।
08:33
Speaker A
पूरे मिडिल ईस्ट में ये अमेरिका का सबसे बड़ा मिलिट्री बेस है जो यूएस सेंट्रल कमांड के फॉरवर्ड हेड क्वार्टर्स के तौर पर काम करता है।
08:40
Speaker A
यही वो मिलिट्री बेस है जिसने इराक, सीरिया और अफगानिस्तान में अमेरिका के ऑपरेशंस में सेंट्रल रोल निभाया था।
08:45
Speaker A
23 जून के इस हमले में इस बेस पर ईरान की तरफ से 19 मिसाइल्स फायर की जाती हैं।
08:51
Speaker A
लेकिन एक ही इस एयरबेस को हिट करती है।
08:55
Speaker A
लेकिन इस एक मिसाइल से भी ज्यादा कोई नुकसान नहीं पहुंचता।
08:59
Speaker A
मगर इसकी वजह से होता ये है कि पूरे मिडिल ईस्ट के ऊपर सारे फ्लाइट ऑपरेशंस रुक जाते हैं।
09:05
Speaker A
कमर्शियल एयरस्पेस पूरी तरीके से बंद हो जाती है करीब 8 से 10 घंटे के लिए कुवैत, बहरीन, कतर और यूएई के ऊपर से।
09:11
Speaker A
हालात बड़े एक्सट्रीम हो गए थे।
09:15
Speaker A
कई लोगों को लगा था कि कहीं ये वर्ल्ड वॉर थ्री की शुरुआत तो नहीं।
09:20
Speaker A
लेकिन फिर अगले दिन अचानक से ये वॉर खत्म हो जाती है।
09:24
Speaker A
डोनाल्ड ट्रंप ऐलान करते हैं ईरान और इजराइल के बीच कंप्लीट एंड टोटल सीजफायर का।
09:31
Speaker B
President Donald Trump announced a quote complete and total ceasefire for 12 hours at which point the war will be considered ended.
09:36
Speaker A
सबके मन में सवाल एक ही है कि ये हुआ क्या यहां पर?
09:41
Speaker A
अचानक से ये वॉर हुई और फिर अचानक से सीजफायर हो गया वॉर खत्म भी हो गई।
09:45
Speaker A
कई सारे सवाल हैं जो यहां पर उठते हैं लेकिन सीजफायर का एक इंडिकेशन।
09:50
Speaker A
23 जून के ईरान के रिटेलिएशन में ही देखने को मिल गया था।
09:54
Speaker A
असल में अमेरिका के एयरबेस पर हमला करने से पहले ईरान ने ऑलरेडी एक एडवांस्ड वार्निंग दे दी थी कतर और अमेरिका को।
10:00
Speaker A
उसी एडवांस्ड वार्निंग की वजह से अमेरिका ने अपने ज्यादातर एरोप्लेंस उस एयरबेस से हटा दिए थे जिसकी वजह से कोई भी नुकसान नहीं हुआ 23 जून के इस अटैक में।
10:07
Speaker A
जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान एक्चुअली में यहां पर लड़ाई चाहता नहीं था।
10:13
Speaker A
लेकिन क्योंकि इजराइल ने पहले हमला किया ईरान के ऊपर तो ईरान ये जरूर दिखाना चाहता था अपनी जनता को कि हमने रिटेलिएट किया।
10:19
Speaker A
हमने उन्हें मुंह तोड़ जवाब दे दिया।
10:22
Speaker A
हालांकि कोई इंपैक्ट नहीं हुआ उस हमले का।
10:26
Speaker A
लेकिन अपनी नेशनल पब्लिक को कन्विंस करने के लिए काफी है इतना।
10:31
Speaker A
क्योंकि ईरान के अंदर ईरान के सुप्रीम लीडर का कहना है कि ये वॉर उन्होंने जीत ली है।
10:36
Speaker B
Iran's Khamenei claims U.S. strike didn't cause major damage to nuclear facilities.
10:40
Speaker A
उनकी न्यूक्लियर साइट्स पर ना के बराबर नुकसान पहुंचा है और अगर दोबारा से उनके देश पर हमला करने की कोशिश की।
10:46
Speaker A
तो हमेशा एक मुंह तोड़ जवाब मिलेगा।
10:49
Speaker B
Any aggression against the Islamic Republic of Iran will have a dear cost, a big and high price.
10:57
Speaker A
दूसरी तरफ ट्रंप ने भी यहां अपने आप को हीरो बनवा दिया।
11:02
Speaker A
कहा कि देखो मैंने कैसे वॉर रुकवा दी।
11:06
Speaker A
देखो मैं कितना बड़ा एक्सपर्ट हूं वॉर रुकवाने में माहिर हूं।
11:10
Speaker B
But I'll be your peacemaker and I am the only candidate who can make this promise to you.
11:14
Speaker B
I will prevent World War III.
11:17
Speaker B
I stopped the war between Pakistan and India.
11:20
Speaker B
I stopped the war between two major nations, major nuclear nations.
11:24
Speaker A
पहले इंडिया-पाकिस्तान की वॉर रुकवाई, अब ईरान-इजराइल की वॉर रुकवाई।
11:28
Speaker A
लाओ, मुझे नोबेल प्राइज दो।
11:30
Speaker A
मजाक नहीं कर रहा, एक्चुअली में ट्रंप ने पोस्ट करके नोबेल प्राइज का छह बार जिक्र किया।
11:35
Speaker A
सरकास्टिकली लिखते हुए कहा कि इसके बाद भी मुझे नोबेल प्राइज नहीं दिया जाएगा।
11:40
Speaker B
I think I'm going to get a Nobel Prize for a lot of things if they gave it out fairly, which they don't.
11:45
Speaker B
Well, they gave one to Obama immediately upon his ascent to the presidency.
11:49
Speaker B
And he had no idea why he got it.
11:51
Speaker A
और तीसरी तरफ इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भी यही कहानी है।
11:55
Speaker A
उन्होंने भी अपने आप को हीरो बना दिया।
11:58
Speaker A
इजराइल में अपनी जनता के सामने जाकर कहा कि देखो हम वॉर जीत गए।
12:04
Speaker A
हमारा जो मिशन था वो सक्सेसफुल हो गया।
12:07
Speaker B
We rose like a lion, stood tall and our roar shook Tehran and echoed throughout the world.
12:12
Speaker A
हमने सारी न्यूक्लियर साइट्स को वहां डिस्ट्रॉय कर दिया।
12:17
Speaker A
एक ऐसा देश जो हमें खत्म करना चाहता था हमने उन्हें मुंह तोड़ जवाब दे दिया।
12:22
Speaker A
इजराइल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट के एक सर्वे के अनुसार 70% इजराइली लोग सपोर्ट में थे ईरान को अटैक करने के।
12:27
Speaker A
और इंटरेस्टिंग चीज ये है कि बेंजामिन नेतन्याहू के ऊपर इजराइल में तीन अलग-अलग करप्शन केसेस के ट्रायल्स चल रहे हैं।
12:33
Speaker A
लेकिन बार-बार ये ट्रायल्स डिले होते रहे क्योंकि कभी गाजा में वॉर हो जाती है तो कभी लेबनॉन में वॉर हो जाती है इजराइल में।
12:40
Speaker A
ईरान के ऊपर हमला करने से ठीक 10 दिन पहले थर्ड जून को नेतन्याहू की क्रॉस एग्जामिनेशन शुरू हुई थी इन करप्शन ट्रायल्स में।
12:47
Speaker A
कोर्ट ने उनसे ढेरों सवाल पूछे करप्शन एलिगेशंस को लेकर।
12:52
Speaker A
ज्यादातर में उनका जवाब था आई डोंट रिमेंबर।
12:56
Speaker A
मुझे याद नहीं।
12:57
Speaker A
लिटरली 1778 बार उन्होंने कोर्ट में आई डोंट रिमेंबर फ्रेज का इस्तेमाल किया।
13:02
Speaker A
मतलब सोचकर देखो कितना कमाल का जवाब है कि कोई आपसे कोर्ट में पूछे क्या आपने उस डील को करते वक्त रिश्वत ली थी?
13:09
Speaker A
और आप कहो मुझे तो याद नहीं।
13:13
Speaker A
हमको नहीं पता।
13:14
Speaker A
क्या आपके डिपार्टमेंट में करप्शन हुई थी?
13:18
Speaker A
मुझे याद नहीं।
13:20
Speaker A
हमको कुछ नहीं पता।
13:23
Speaker A
और इसी तरीके से आप 1800 बार मुझे याद नहीं कहते जाओ।
13:28
Speaker A
नेतन्याहू का सपोर्ट इजराइल पब्लिक में बहुत तेजी से नीचे घट रहा था।
13:32
Speaker A
पिछले महीने किया गया इजराइल के चैनल 12 न्यूज़ के द्वारा एक सर्वे के अनुसार करीब 55% इजराइली लोगों का मानना है।
13:40
Speaker A
कि नेतन्याहू गाजा में वॉर को सिर्फ इसलिए कंटिन्यू कर रहे हैं क्योंकि वो सत्ता में बने रहना चाहते हैं।
13:46
Speaker A
बाकी और सर्वेस ने भी यही बताया है कि 60% से ज्यादा इजराइली लोग गाजा में वॉर को खत्म करने के फेवर में हैं।
13:52
Speaker A
अगर हॉस्टेजेस को रिलीज करने की डील हो जाती है तो।
13:55
Speaker A
थर्ड जून को द टाइम्स ऑफ इजराइल में लिखे गए इस ओपिनियन आर्टिकल को देखिए।
14:00
Speaker A
टाइटल में लिखा है नेतन्याहू कैलकुलेशन द वॉर मस्ट गो ऑन।
14:04
Speaker A
दिसंबर 2024 में इजराइल के पार्लियामेंट में एक बिल पास हुआ था जिसके अनुसार पार्लियामेंट के किसी भी मेंबर को नियर टोटल क्रिमिनल इम्युनिटी है।
14:11
Speaker A
एज लॉन्ग एज वो ऑफिस में बने रहते हैं।
14:13
Speaker A
फॉर्मर आईडीएफ के जनरल इजराइल जिव ने भी नेतन्याहू पर आरोप लगाया कि वो जानबूझकर गाजा में वॉर को कंटिन्यू रख रहे हैं।
14:20
Speaker A
ताकि वो खुद जेल जाने से बच सकें।
14:24
Speaker A
ऐसे में जाहिर सी बात है सवाल यही उठता है कि क्या ईरान पर भी इसलिए हमला किया गया?
14:30
Speaker A
ताकि प्रधानमंत्री खुद को जेल जाने से बचा सकें।
14:35
Speaker A
खुद के ऊपर चल रहे इस करप्शन ट्रायल को डिले कर सकें।
14:40
Speaker A
इस चीज का अगर आपको और सबूत चाहिए तो 26 जून की इस खबर को देखिए।
14:45
Speaker A
डोनाल्ड ट्रंप इजराइल को कहते हैं कि नेतन्याहू के ऊपर चल रहे करप्शन ट्रायल को खारिज कर दिया जाए।
14:53
Speaker A
उनके अनुसार नेतन्याहू के खिलाफ विच हंट चल रही है।
14:57
Speaker A
और जवाब में नेतन्याहू ट्रंप को थैंक यू भी कहते हैं कि थैंक यू सर आपने मेरे खिलाफ चल रहे करप्शन ट्रायल को खत्म करने की बात कर दी।
15:04
Speaker A
मुझे बचाने की बात कर दी।
15:06
Speaker A
तो इससे पता चलता है दोस्तों एटलीस्ट दो देश जो इस 12 दिन की वॉर में इन्वॉल्व थे।
15:12
Speaker A
उनको कोई इंटरेस्ट था नहीं इस वॉर को कंटिन्यू रखने में।
15:15
Speaker A
ट्रंप की यहां नंबर वन प्रायोरिटी थी खुद को हीरो बनाकर अपने आप को नोबेल प्राइज दिलवाना।
15:20
Speaker A
इसलिए ट्रंप ने सबसे पहले नेतन्याहू से बात करी।
15:24
Speaker A
और इजराइल को सीजफायर के लिए तैयार किया।
15:26
Speaker A
ईरान को एग्री कराने के लिए कतर की मदद ली गई और ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को मैसेज भेजा कि अब वो यूएस पर और कोई हमला नहीं करेगा।
15:33
Speaker A
जवाब में अमेरिका ने भी किसी बेस पर ना हमला करने की बात कही जिसके बाद ईरान भी सीजफायर के लिए तैयार हो गया।
15:39
Speaker A
हालांकि वो अलग बात है कि सीजफायर डिक्लेअर होने के कुछ घंटे बाद भी दोनों तरफ से फायरिंग देखी गई।
15:45
Speaker A
ताकि दोनों देश अपनी पब्लिक को दिखा सकें कि आखिरी जवाब उन्होंने ही दिया था।
15:50
Speaker A
ईरान ने इजराइल के ऊपर दो बैलिस्टिक मिसाइल्स छोड़ी।
15:55
Speaker A
जवाब में इजराइल ने ईरान पर स्ट्राइक्स करके तेहरान के पास एक रेडार स्टेशन को डिस्ट्रॉय कर दिया।
16:00
Speaker A
इसके बाद ट्रंप थोड़ा नाराज जरूर हुए उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर किया इजराइल के खिलाफ।
16:05
Speaker B
Israel, as soon as we made the deal, they came out and they dropped a lot of bombs, the likes of which I'd never seen before.
16:10
Speaker B
I'm not happy with Israel.
16:11
Speaker B
You know, when I say, okay, now you have 12 hours, you don't go out in the first hour and just drop everything you have on them.
16:16
Speaker B
So I'm not happy with them.
16:18
Speaker B
I'm not happy with Iran either.
16:20
Speaker A
लेकिन फिर फोन पर बात करके नेतन्याहू के साथ वो फिर से ऐलान करते हैं कि इजराइली जेट्स ईरान की तरफ फ्रेंडली वेव करके लौट आएंगे।
16:26
Speaker A
और इसके बाद से थैंकफुली सीजफायर जारी रहा।
16:30
Speaker A
अब सवाल यहां पर ये भी है कि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को आखिर कितना नुकसान पहुंचा?
16:35
Speaker A
जो एक्चुअल रीजन दिया गया था वॉर पर जाने के लिए।
16:39
Speaker A
ट्रंप का कहना है कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम पूरी तरीके से डिस्ट्रॉय हो गया है।
16:43
Speaker B
You look at the before and the after picture, everything above is burned black.
16:47
Speaker B
I believe it was total obliteration.
16:49
Speaker B
I believe they didn't have a chance to get anything after.
16:52
Speaker B
We acted fast.
16:53
Speaker A
लेकिन पेंटागन की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी का शुरुआती असेसमेंट ये है कि तीनों न्यूक्लियर साइट्स के जमीन के बाहर बने स्ट्रक्चर को ही ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
17:00
Speaker A
असल में ये सारे बॉम्ब्स और मिसाइल्स जो गिराए गए वो सेंट्रीफ्यूज और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम को पूरी तरीके से डिस्ट्रॉय नहीं कर पाए हैं।
17:06
Speaker B
Three sources tell CNN that according to an early US intelligence assessment, the US military strikes on three of Iran's nuclear facilities last weekend.
17:12
Speaker B
Did not destroy the core components of the country's nuclear program.
17:17
Speaker A
इस एजेंसी के मुताबिक अमेरिका के हमलों से पहले ही एनरिच्ड यूरेनियम को न्यूक्लियर साइट से हटा दिया गया था।
17:24
Speaker A
और इस पूरी 12 दिन लंबी चली वॉर से ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को सिर्फ कुछ महीने का ही डिले हुआ है।
17:30
Speaker A
अब सवाल यहां पर ये भी है कि अगर ईरान यहां सही में एक न्यूक्लियर हथियार बना रहा था।
17:35
Speaker A
तो इस 12 डे वॉर के बाद क्या वो अब अपने न्यूक्लियर हथियार बनाने बंद कर देगा या फिर और जोरों से कोशिश करेगा न्यूक्लियर हथियार बनाने की?
17:42
Speaker A
क्योंकि ईरान के पर्सपेक्टिव से उन्हें देखने को यहां पर यही मिला है कि कोई भी देश हमारे देश के ऊपर हमला कर सकता है।
17:48
Speaker A
अगर वो सस्पेक्ट करते हैं कि हम न्यूक्लियर हथियार बना रहे हैं।
17:52
Speaker A
लेकिन अगर एक्चुअली में हमारे पास न्यूक्लियर हथियार है तो कोई हिम्मत नहीं करेगा हमला करने की।
17:56
Speaker A
इसका सबसे अच्छा उदाहरण है नॉर्थ कोरिया।
18:00
Speaker A
जिसके पास खुद का अपना एक न्यूक्लियर बॉम्ब है।
18:06
Speaker A
और माना जाता है कि वही कारण है कि अमेरिका ने अभी तक नॉर्थ कोरिया पर कोई हमला नहीं किया।
18:12
Speaker A
वॉशिंगटन के आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन के मुताबिक मिलिट्री स्ट्राइक से ईरान का न्यूक्लियर बॉम्ब बनाने का रिजॉल्व और मजबूत होने का खतरा है।
18:19
Speaker A
हालांकि ईरान का अभी तक ऑफिशियली कहना यही है कि उनका न्यूक्लियर प्रोग्राम सिविलियन और पीसफुल पर्पस के लिए है।
18:25
Speaker A
इनके सुप्रीम लीडर खामिनी ने 2003 में फतवा जारी किया था कि न्यूक्लियर वेपंस प्रोग्राम को सस्पेंड कर दिया जाए।
18:32
Speaker A
और ऑफिशियली अभी तक ये सस्पेंशन हटाया नहीं गया है।
18:35
Speaker A
मार्च 2025 में देखिए अमेरिका की डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस तुलसी गैबर्ड ने यूएस कांग्रेस में अपनी टेस्टिमनी में कहा था।
18:41
Speaker A
कि ईरान न्यूक्लियर वेपंस नहीं बना रहा है।
18:44
Speaker A
और सुप्रीम लीडर खामिनी ने उस न्यूक्लियर वेपन प्रोग्राम को दोबारा शुरू करने की इजाजत नहीं दी है।
18:50
Speaker A
जिसे उन्होंने 2003 में रोक दिया था।
18:52
Speaker A
लेकिन जैसे ही इजराइल ने हमला किया ईरान के ऊपर ये एक बहुत बड़ा यू टर्न लेती हैं और कहती हैं कि एक्चुअली में ईरान बना रहा है न्यूक्लियर वेपन।
18:59
Speaker A
और कुछ ही हफ्तों के अंदर उनका न्यूक्लियर वेपन बन सकता है।
19:03
Speaker A
आईएईए के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रोसी ने भी इन दावों को गलत बताया है कि ईरान न्यूक्लियर वेपंस बनाने के बहुत नजदीक है।
19:10
Speaker A
जिस रिपोर्ट की बात मैंने वीडियो के शुरू में की थी जिसके आधार पर इजराइल ने हमला बोला था ईरान के ऊपर।
19:16
Speaker A
उसमें कुछ भी ऐसा नहीं लिखा था जो पहले से पता ना हो।
19:19
Speaker A
2003 में भी दोस्तों ऐसा ही कुछ हुआ था जब अमेरिका ने इराक को इन्वेड कर लिया था।
19:25
Speaker A
अमेरिका के और उनके एलाइज ने कहा था कि इराक के पास वेपंस ऑफ मास डिस्ट्रक्शन है वो एक न्यूक्लियर बॉम्ब बना रहे हैं।
19:32
Speaker A
अमेरिकन अखबारों ने और इंटेलिजेंस कम्युनिटी ने उन दावों को सही बताया था और इसी के आधार पर इराक पर हमला किया गया।
19:39
Speaker A
लेकिन बहुत ढूंढने के बाद भी इराक में कभी कोई सबूत नहीं मिला किसी भी तरह के न्यूक्लियर हथियारों का।
19:44
Speaker A
इस पूरी सिचुएशन का दोस्तों एक बहुत ही सिंपल सलूशन है।
19:50
Speaker A
अगर ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोकना है तो अमेरिका ईरान के साथ जाकर एक न्यूक्लियर डील कर सकता है।
19:56
Speaker A
ये मैं अपने मन से बनाकर नहीं बोल रहा हूं जब ओबामा प्रेसिडेंट थे अमेरिका के 2015 में।
20:00
Speaker A
एक्जेक्टली उन्होंने यही चीज करी थी ईरान के साथ एक न्यूक्लियर डील।
20:04
Speaker A
आज अमेरिका ने अपने सहयोगियों और पार्टनर्स के साथ मिलकर ईरान के साथ एक ऐतिहासिक समझौता किया है।
20:09
Speaker A
इस फ्रेमवर्क के तहत ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार बनाने के हर रास्ते को बंद कर दिया जाएगा।
20:14
Speaker A
इस डील के अनुसार शर्त ये थी कि ईरान यूरेनियम को 3.67% से ज्यादा एनरिच नहीं करेगा।
20:20
Speaker A
ऐसा करने से न्यूक्लियर हथियार बनाना कभी पॉसिबल नहीं हो पाएगा।
20:23
Speaker A
प्लस चेक करने के लिए इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी को ईरान के अंदर जाकर उनकी न्यूक्लियर फैसिलिटीज को इंस्पेक्ट करना अलाउड होगा।
20:29
Speaker A
और बदले में ईरान को क्या मिला था जो सैंक्शंस अमेरिका, यूरोपियन यूनियन और यूनाइटेड नेशंस ने लगाए हुए थे ईरान के ऊपर उन्हें हटा लिया जाएगा।
20:36
Speaker A
और ईरान के साथ नॉर्मल ट्रेड कंटिन्यू रखी जाएगी।
20:39
Speaker A
बहुत ही अच्छी डील थी दोनों तरफ को यहां पर फायदा मिल रहा था।
20:43
Speaker A
ईरान से कोई खतरा भी नहीं था ईरान इस डील को फॉलो भी कर रहा था अच्छे से 2018 तक।
20:48
Speaker A
लेकिन फिर 2018 में क्या होता है डोनाल्ड ट्रंप ऑलरेडी प्रेसिडेंट बन चुके थे अमेरिका के।
20:52
Speaker A
ट्रंप जाकर इस न्यूक्लियर डील को कैंसिल कर देते हैं।
20:56
Speaker A
ईरान डील शुरू से ही गलत थी, इसलिए अमेरिका इससे पीछे हट गया।
21:00
Speaker A
क्यों कैंसिल किया यहां पर ट्रंप की तरफ से कोई प्रॉपर रीजनिंग नहीं दी जाती।
21:05
Speaker A
बस वही घिसी पिटी बातें कहते हैं कि ये बेकार डील थी मैं कैंसिल कर रहा हूं।
21:10
Speaker A
बीबीसी के आर्टिकल पे देखो पहला कारण क्या लिखा जाता है कैंसिल करने के पीछे।
21:15
Speaker A
श्रेडिंग द ओबामा लेगेसी।
21:17
Speaker A
यानी ट्रंप ओबामा से जलते थे और जो काम ओबामा ने किए थे बस उसका उल्टा करना चाहते थे।
21:23
Speaker A
सिर्फ इसलिए ये डील कैंसिल कर दी।
21:26
Speaker A
और कैंसिल करने का नतीजा क्या होता है ईरान के ऊपर सैंक्शंस वापस आ जाती हैं।
21:31
Speaker A
जो इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी को परमिशन मिली थी ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटीज को विजिट करने की वो अब उनके पास नहीं रहती।
21:38
Speaker A
और ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम को वापस कंसंट्रेट करने लग जाता है।
21:41
Speaker A
कुछ सालों बाद धीरे-धीरे करके ईरान दुनिया की इकलौती नॉन न्यूक्लियर कंट्री बन जाता है जिसके पास 60% एनरिच्ड यूरेनियम इकट्ठा है।
21:49
Speaker A
और फिर ईरान पर हमला करने के लिए इसी एनरिच्ड यूरेनियम को एज एन एक्सक्यूज इस्तेमाल किया जाता है।
21:54
Speaker A
यानी कि एक्चुअली में डोनाल्ड ट्रंप की ये खुद की गलती थी जिसकी वजह से ये वॉर शुरू हुई।
22:00
Speaker A
और फिर सीजफायर कराने का क्रेडिट भी खुद ही लेते हैं ये।
22:04
Speaker A
एंड बाय द वे हु न्यू द अदर साइड ऑफ द पिक्चर बेटर देन मी।
22:08
Speaker A
इस प्रॉब्लम का ये सिंपल सलूशन अभी भी एग्जिस्ट करता है।
22:12
Speaker A
आज के दिन भी अमेरिका ईरान के साथ एक नई न्यूक्लियर डील कर सकता है सिमिलर कंडीशंस के साथ।
22:18
Speaker A
लेकिन सवाल ये कि क्या ट्रंप यहां पर ऐसा करेंगे?
22:22
Speaker A
इस तरीके का डिप्लोमेटिक सलूशन निकालना एक्चुअली ट्रंप के फेवर में ही रहेगा।
22:27
Speaker A
क्योंकि ट्रंप के खुद के सपोर्टर्स इस बात से नाराज हैं कि उन्होंने ईरान की वॉर में अपने बॉम्बर्स भेजे।
22:32
Speaker A
अपनी पूरी इलेक्शन कैंपेनिंग के दौरान ट्रंप का स्लोगन रहा था अमेरिका फर्स्ट।
22:38
Speaker A
किसी भी वॉर में इन्वॉल्व नहीं करना अमेरिका को।
22:41
Speaker A
लेकिन ट्रंप ने ऐसा करके अपने खुद के सपोर्टर्स को नाराज कर दिया था।
22:46
Speaker A
ट्रंप के कट्टर समर्थक फॉक्स न्यूज़ के फॉर्मर जर्नलिस्ट टकर कार्लसन ने भी कहा है कि ट्रंप किसी नए वॉर में ना फंसने का अपना वादा तोड़ रहे हैं।
22:52
Speaker A
अब यहां पर अगर आप बेंजामिन नेतन्याहू की असलियत और गहराई से जानना चाहते हैं।
22:57
Speaker A
तो ये वाला वीडियो मैं रिकमेंड करना चाहूंगा।
23:00
Speaker A
दो साल पहले जब इजराइल में देश के सबसे बड़े प्रोटेस्ट देखने को मिले थे।
23:06
Speaker A
ये प्रोटेस्ट जो सत्ता पलट कर सकते थे नेतन्याहू को जेल भिजवा सकते थे।
23:12
Speaker A
लेकिन इसके बाद नेतन्याहू ने गाजा में वॉर शुरू कर दी।
23:16
Speaker A
यहां क्लिक करके देख सकते हैं।
23:18
Speaker A
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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