Speaker A
सर नेक्स्ट क्वेश्चन है कि हमारे बच्चे हमारी बातें सुनना ही नहीं चाहते और सुनते हैं तो बस अपने फ्रेंड्स की और सोशल मीडिया की, जिसके बिना वो रह नहीं सकते। मेरी बच्ची में धर्म के प्रति वैसी कट्टरता नहीं है जैसी दूसरों दूसरे धर्मों में हम देख रहे हैं आजकल जैसे मूवीज में भी देखते हैं। सच्चाई यह भी है कि दूसरे धर्मों की कट्टरता बढ़ती जा रही है ऐसे में डर है कि वह बह जाएगी तो क्या करें? यह सर थोड़ा पर्टिकुलर क्वेश्चन था मैंने इसको रिफ्रेम कर दिया यह हमें आया था कहीं से स्पेशली आजकल जो जैसे केरला फाइल्स, केरला स्टोरी और वह सब का है डर का जो माहौल है उससे रिलेटेड है।











