**यज्ञ ही कर्म है, कर्म ही साधना है | 1 महीना करके देखो, जीवन बदल जाएगा! 😯| Avadh Ojha Sir 🔥 — Transcript & Summary | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/yagya-karm-sadhana-1-month-challenge/

यज्ञ और कर्म की गहराई समझाएं, ध्यान और साधना से जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का मार्ग।

## Key Takeaways

- कर्म और यज्ञ का सही अर्थ समझना जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।
- ध्यान और साधना से आंतरिक शक्ति और समझ विकसित होती है।
- चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक और आध्यात्मिक तैयारी जरूरी है।
- सांसों पर ध्यान केंद्रित कर इष्ट का सुमिरन करना मानसिक शांति और जागरूकता बढ़ाता है।
- नियमित अभ्यास से जीवन में सुधार और शक्ति का अनुभव होता है।

## What the video covers

- यज्ञ ही कर्म है और कर्म ही साधना है, जो जीवन को बदल सकता है।
- इतिहास में औरंगजेब की गलतियों से सीख लेकर वर्तमान संकटों का विश्लेषण।
- ध्यान और समझ के विकास से आंतरिक शक्ति और साहस प्राप्त होता है।
- सांसों पर ध्यान केंद्रित कर इष्ट का सुमिरन करने से मानसिक शांति मिलती है।
- चुनौतियों का सामना करने के लिए धर्म, ध्यान और साधना आवश्यक हैं।
- व्यावसायिक संकट और बेरोजगारी के बीच भी आंतरिक शक्ति बनाए रखना जरूरी है।
- सुबह जल्दी उठने के लिए विचारों को नियंत्रित कर सांसों और इष्ट चिंतन से जुड़ना चाहिए।
- ध्यान की प्रक्रिया में शुरुआत में कठिनाई होती है, लेकिन धीरे-धीरे मजा और शक्ति बढ़ती है।
- ध्यान और कर्म को समझना और अपनाना जीवन में सुधार लाता है।
- गुरुदेव, भगवान, और संतों के नामों का स्मरण शक्ति जागृत करता है।

Answers

## Questions about this video

यज्ञ और कर्म का क्या अर्थ है इस वीडियो में?

इस वीडियो में बताया गया है कि यज्ञ ही कर्म है और कर्म ही साधना है। सांसों पर निरंतर ध्यान देना और इष्ट का सुमिरन करना ही सच्चा कर्म और यज्ञ है।

ध्यान क्यों जरूरी है और इसे कैसे करना चाहिए?

ध्यान से आंतरिक शक्ति, साहस और समझ विकसित होती है जो जीवन की चुनौतियों से निपटने में मदद करती है। इसे सांसों पर ध्यान केंद्रित कर और इष्ट का सुमिरन करके करना चाहिए।

सुबह जल्दी उठने के लिए क्या उपाय बताए गए हैं?

सुबह जल्दी उठने के लिए विचारों को नियंत्रित कर उन्हें चलने देना चाहिए, फिर सांसों पर ध्यान केंद्रित कर इष्ट का सुमिरन करना चाहिए, जिससे बड़बड़ाहट कम होगी और उठना आसान होगा।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

जो गलती औरंगजेब ने की दक्कन में

00:04

Speaker A

वही गलती ट्रंप ने कर दी ईरान में।

00:06

Speaker A

फंस गए ट्रंप चाचा।

00:07

Speaker A

और ट्रंप चाचा से दोस्ती करके मोदी जी।

00:09

Speaker A

98% लोग पत्नी घर में ला रहे हैं कि मजा लेंगे।

00:12

Speaker A

अरे भैया आज रात में तो मजा आएगा।

00:14

Speaker A

अरे रोज रात में दिन में मजा लेंगे।

00:16

Speaker A

पता नहीं कौन सा मल युद्ध करना है।

00:18

Speaker A

ओलंपिक खेलना है कि गोल्ड मेडलिस्ट लेना है।

00:20

Speaker A

जय हिंद फ्रेंड्स।

00:22

Speaker A

गुरुदेव भगवान के चरणों में सादर प्रणाम सादर नमन।

00:26

Speaker A

ईरान अमेरिका का युद्ध जारी है।

00:30

Speaker A

देश में संकटों की शुरुआत हो चुकी है।

00:34

Speaker A

जिसमें सबसे बड़ा संकट है गैस आपूर्ति का संकट।

00:40

Speaker A

कभी-कभी क्या होता है ना कि जब हमें किसी चीज की समझ नहीं होती तो हम उस चीज को लेकर बड़े सतही निर्णय लेते हैं।

00:57

Speaker A

इसलिए मैं बार-बार एक चीज पर ध्यान देता हूं समझ पर।

01:02

Speaker A

समझ अगर विकसित हो गई व्यक्ति की।

01:08

Speaker A

अब औरंगजेब पहुंचता है दक्कन।

01:11

Speaker A

महाराष्ट्र।

01:13

Speaker A

अब महाराष्ट्र की जो भूगोल है पठार जंगल।

01:19

Speaker A

उत्तर प्रदेश बिहार का जो भूगोल है प्लेन।

01:26

Speaker A

मैदानी इलाका।

01:28

Speaker A

अब मैदानी इलाका का सिपाही पठार और जंगल के इलाके में फंसेगा कि नहीं फंसेगा?

01:34

Speaker A

एकदम फंसेगा।

01:35

Speaker A

गुरिल्ला युद्ध में फंसेगा।

01:38

Speaker A

जहां-जहां ज्योग्राफी खतरनाक है, जहां-जहां भूगोल खतरनाक है।

01:44

Speaker A

वहां-वहां के राजाओं ने मैदानी राजाओं को हमेशा चना चबवाया है।

01:51

Speaker A

मैं उदाहरण देता हूं।

01:53

Speaker A

दिल्ली राजस्थान।

01:55

Speaker A

राजपूतों का सबसे बड़ा अहम क्या था?

02:00

Speaker A

कि भाई हम रेगिस्तान में हैं।

02:03

Speaker A

तुम ना सरवाइव कर पाओगे।

02:04

Speaker A

आओ लड़ो।

02:06

Speaker A

नॉर्थ ईस्ट पूर्वोत्तर।

02:08

Speaker A

पूर्वोत्तर के लोग हमेशा चुनौती देते रहे दिल्ली को।

02:11

Speaker A

दक्कन के लोग हमेशा चुनौती देते रहे दिल्ली को।

02:14

Speaker A

अफगानी जैसे ही मौका पाते थे भारत में घुसाते थे।

02:19

Speaker A

अब औरंगजेब ने क्या किया?

02:21

Speaker A

पहुंचा।

02:23

Speaker A

पहुंचा दक्कन, दक्कन पहुंचते ही 1689 में संभाजी को मार दिया।

02:27

Speaker A

अब चेस का गेम है।

02:29

Speaker A

और दूसरी साइड राजा है ही नहीं।

02:31

Speaker A

खेल होगा?

02:32

Speaker A

नहीं होगा।

02:33

Speaker A

बिना राजा के खेल कैसे होगा?

02:36

Speaker A

1689 में औरंगजेब ने सबसे बड़ा ब्लंडर किया संभाजी को मार दिया।

02:40

Speaker A

मराठा नेतृत्व खत्म।

02:43

Speaker A

अब बचा कौन?

02:45

Speaker A

मराठा सेनापति।

02:48

Speaker A

और मराठा जनता।

02:51

Speaker A

औरंगजेब मराठा जनता से लड़ गया।

02:54

Speaker A

अब अब इमेजिन करिए।

02:56

Speaker A

भूगोल खतरनाक।

02:59

Speaker A

पठार और जंगल।

03:02

Speaker A

और उधर नेतृत्व है ही नहीं।

03:05

Speaker A

मराठी से लड़ोगे।

03:06

Speaker A

जनता से लड़ोगे।

03:08

Speaker A

जनता से लड़ के ना जीत पाओगे।

03:14

Speaker A

और ट्रंप चाचा खुद तो फंसे।

03:18

Speaker A

पूरी दुनिया को फंसा दिए।

03:21

Speaker A

अगले 10 दिन में अगर यह युद्ध नहीं रुका तो मैं आपको बता दूं।

03:27

Speaker A

कि बहुत चुनौतियां आने वाली हैं।

03:32

Speaker A

और इन चुनौतियों में अगर आपकी कोई चीज रक्षा कर पाएगी।

03:37

Speaker A

तो वह है धर्म ध्यान साधना।

03:42

Speaker A

अगर चुनौतियां बढ़ी तो सिर्फ वही लोग बचेंगे जिनके अंदर ताकत होगी।

03:48

Speaker A

क्योंकि चुनौती तो सबके लिए आएगी।

03:50

Speaker A

भाई बेंगलुरु में होटल बंद हो रहे हैं, मुंबई में होटल बंद हो रहे हैं, लखनऊ में होटल बंद हो रहे हैं, हैदराबाद में होटल बंद हो रहे हैं।

03:56

Speaker A

करोड़ों लोग का व्यवसाय छिन जाएगा।

04:00

Speaker A

एक होटल बंद होगा कम से कम 50 लोग अनइंप्लॉयड हो जाएंगे।

04:06

Speaker A

अगर एक होटल बंद हुआ कम से कम 50 लोग अनइंप्लॉयड हो जाएंगे।

04:13

Speaker A

फिर शहरों में खाना शहरों में तो लकड़ी आ नहीं पाएगी।

04:18

Speaker A

नहीं नहीं मैं आपको डरा नहीं रहा हूं।

04:20

Speaker A

मैं आपको सिर्फ यह कह रहा हूं।

04:23

Speaker A

अब जो होना है वह तो होगा ही।

04:26

Speaker A

होई है वही जो राम रची राखा।

04:31

Speaker A

अब तो वही होगा।

04:33

Speaker A

चुनौतियां तो भगवान कृष्ण के पूरे जीवन थी।

04:36

Speaker A

चुनौतियां तो भगवान राम के पूरे जीवन में थी।

04:42

Speaker A

तो हमारे आपके जीवन में चुनौती कैसे नहीं रहेगी?

04:45

Speaker A

एकदम रहेगी।

04:48

Speaker A

लेकिन चुनौती से निपटने के लिए जिस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत है।

04:54

Speaker A

वह है आंतरिक शक्ति साहस और समझ।

04:57

Speaker A

और यह पैदा होगी सिर्फ ध्यान से।

05:01

Speaker A

इसलिए अब वह समय आ गया है जब आपको ध्यान की तरफ मुड़ना ही होगा।

05:08

Speaker A

साधना की तरफ मुड़ना ही होगा।

05:10

Speaker A

और चौथा अध्याय मेरा बस चलता तो मैं चौथे अध्याय पर ही गीता का यहीं पर शो समाप्त कर देता।

05:14

Speaker A

सब कुछ बता दिया।

05:17

Speaker A

कर्म क्या है?

05:19

Speaker A

भाई जिसको यह पता चल गया कि कर्म क्या है।

05:22

Speaker A

कर्म आराधना है।

05:24

Speaker A

कर्म भजन है।

05:28

Speaker A

90% लोग कर्म शब्द को जान ही नहीं पाते।

05:31

Speaker A

वह कर्म का मतलब सोचते हैं झाड़ू लगा रहे हैं वह कर्म है।

05:34

Speaker A

नौकरी कर रहे हैं वह कर्म है।

05:39

Speaker A

कर्म सिर्फ एक ही है।

05:43

Speaker A

यह जो श्वास प्रश्वास चल रही है।

05:47

Speaker A

इस पर निरंतर नजर।

05:54

Speaker A

निरंतर।

05:56

Speaker A

यही यज्ञ है।

05:58

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

06:02

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

06:06

Speaker A

आरंभ में।

06:08

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

06:13

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

06:16

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

06:20

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

06:23

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

06:25

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

06:27

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

06:30

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

06:34

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

06:36

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

06:37

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

06:39

Speaker A

आप क्या करिए?

06:42

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

06:46

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

06:50

Speaker A

इष्ट का।

06:52

Speaker A

मां-बाप का करिए।

06:54

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

06:56

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

07:02

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

07:08

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

07:10

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

07:12

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

07:15

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

07:19

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

07:21

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

07:22

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

07:25

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

07:29

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

07:31

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

07:33

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

07:38

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

07:42

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

07:46

Speaker A

अब आप उठ गए।

07:49

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

07:52

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

07:55

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

07:57

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

07:59

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

08:02

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

08:07

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

08:10

Speaker A

यही यज्ञ है।

08:12

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

08:16

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

08:20

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

08:24

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

08:27

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

08:30

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

08:32

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

08:34

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

08:36

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

08:39

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

08:43

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

08:45

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

08:46

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

08:48

Speaker A

आप क्या करिए?

08:51

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

08:55

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

08:59

Speaker A

इष्ट का।

09:01

Speaker A

मां-बाप का करिए।

09:03

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

09:05

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

09:11

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

09:17

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

09:19

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

09:21

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

09:24

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

09:28

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

09:30

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

09:31

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

09:34

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

09:38

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

09:40

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

09:42

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

09:47

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

09:51

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

09:55

Speaker A

अब आप उठ गए।

09:58

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

10:01

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

10:04

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

10:06

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

10:08

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

10:11

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

10:16

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

10:19

Speaker A

यही यज्ञ है।

10:21

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

10:25

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

10:29

Speaker A

आरंभ में।

10:31

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

10:36

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

10:39

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

10:43

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

10:45

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

10:47

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

10:49

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

10:52

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

10:56

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

10:58

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

10:59

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

11:01

Speaker A

आप क्या करिए?

11:04

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

11:08

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

11:12

Speaker A

इष्ट का।

11:14

Speaker A

मां-बाप का करिए।

11:16

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

11:18

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

11:24

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

11:30

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

11:32

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

11:34

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

11:37

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

11:41

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

11:43

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

11:44

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

11:47

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

11:51

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

11:53

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

11:55

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

12:00

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

12:04

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

12:08

Speaker A

अब आप उठ गए।

12:11

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

12:14

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

12:17

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

12:19

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

12:21

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

12:24

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

12:29

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

12:32

Speaker A

यही यज्ञ है।

12:34

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

12:38

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

12:42

Speaker A

आरंभ में।

12:44

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

12:49

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

12:52

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

12:56

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

12:58

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

13:00

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

13:02

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

13:05

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

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Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

13:11

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

13:12

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

13:14

Speaker A

आप क्या करिए?

13:17

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

13:21

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

13:25

Speaker A

इष्ट का।

13:27

Speaker A

मां-बाप का करिए।

13:29

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

13:31

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

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Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

13:43

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

13:45

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

13:47

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

13:50

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

13:54

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

13:56

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

13:57

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

14:00

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

14:04

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

14:06

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

14:08

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

14:13

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

14:17

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

14:21

Speaker A

अब आप उठ गए।

14:24

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

14:27

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

14:30

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

14:32

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

14:34

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

14:37

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

14:42

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

14:45

Speaker A

यही यज्ञ है।

14:47

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

14:51

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

14:55

Speaker A

आरंभ में।

14:57

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

15:02

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

15:05

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

15:09

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

15:11

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

15:13

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

15:15

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

15:18

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

15:22

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

15:24

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

15:25

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

15:27

Speaker A

आप क्या करिए?

15:30

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

15:34

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

15:38

Speaker A

इष्ट का।

15:40

Speaker A

मां-बाप का करिए।

15:42

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

15:44

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

15:50

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

15:56

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

15:58

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

16:00

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

16:03

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

16:07

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

16:09

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

16:10

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

16:13

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

16:17

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

16:19

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

16:21

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

16:26

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

16:30

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

16:34

Speaker A

अब आप उठ गए।

16:37

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

16:40

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

16:43

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

16:45

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

16:47

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

16:50

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

16:55

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

16:58

Speaker A

यही यज्ञ है।

17:00

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

17:04

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

17:08

Speaker A

आरंभ में।

17:10

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

17:15

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

17:18

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

17:22

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

17:24

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

17:26

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

17:28

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

17:31

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

17:35

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

17:37

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

17:38

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

17:40

Speaker A

आप क्या करिए?

17:43

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

17:47

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

17:51

Speaker A

इष्ट का।

17:53

Speaker A

मां-बाप का करिए।

17:55

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

17:57

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

18:03

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

18:09

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

18:11

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

18:13

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

18:16

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

18:20

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

18:22

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

18:23

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

18:26

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

18:30

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

18:32

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

18:34

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

18:39

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

18:43

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

18:47

Speaker A

अब आप उठ गए।

18:50

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

18:53

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

18:56

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

18:58

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

19:00

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

19:03

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

19:08

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

19:11

Speaker A

यही यज्ञ है।

19:13

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

19:17

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

19:21

Speaker A

आरंभ में।

19:23

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

19:28

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

19:31

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

19:35

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

19:37

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

19:39

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

19:41

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

19:44

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

19:48

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

19:50

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

19:51

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

19:53

Speaker A

आप क्या करिए?

19:56

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

20:00

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

20:04

Speaker A

इष्ट का।

20:06

Speaker A

मां-बाप का करिए।

20:08

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

20:10

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

20:16

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

20:22

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

20:24

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

20:26

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

20:29

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

20:33

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

20:35

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

20:36

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

20:39

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

20:43

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

20:45

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

20:47

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

20:52

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

20:56

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

21:00

Speaker A

अब आप उठ गए।

21:03

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

21:06

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

21:09

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

21:11

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

21:13

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

21:16

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

21:21

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

21:24

Speaker A

यही यज्ञ है।

21:26

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

21:30

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

21:34

Speaker A

आरंभ में।

21:36

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

21:41

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

21:44

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

21:48

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

21:50

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

21:52

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं.

21:54

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

21:57

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

22:01

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

22:03

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

22:04

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

22:06

Speaker A

आप क्या करिए?

22:09

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

22:13

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

22:17

Speaker A

इष्ट का।

22:19

Speaker A

मां-बाप का करिए।

22:21

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

22:23

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

22:29

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

22:35

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

22:37

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

22:39

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

22:42

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

22:46

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

22:48

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

22:49

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

22:52

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

22:56

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

22:58

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

23:00

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

23:05

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और आप उठ जाओगे।

23:09

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

23:13

Speaker A

अब आप उठ गए।

23:16

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

23:19

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

23:22

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

23:24

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

23:26

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

23:29

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

23:34

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

23:37

Speaker A

यही यज्ञ है।

23:39

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

23:43

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

23:47

Speaker A

आरंभ में।

23:49

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

23:54

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

23:57

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

24:01

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

24:03

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

24:05

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

24:07

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

24:10

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

24:14

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

24:16

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

24:17

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

24:19

Speaker A

आप क्या करिए?

24:22

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

24:26

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

24:30

Speaker A

इष्ट का।

24:32

Speaker A

मां-बाप का करिए।

24:34

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

24:36

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

24:42

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

24:48

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

24:50

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

24:52

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

24:55

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

24:59

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

25:01

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

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Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

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Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

25:09

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

25:11

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

25:13

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

25:18

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और आप उठ जाओगे।

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Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

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अब आप उठ गए।

25:29

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

25:32

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

25:35

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

25:37

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

25:39

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

25:42

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

25:47

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

25:50

Speaker A

यही यज्ञ है।

25:52

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

25:56

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

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Speaker A

आरंभ में।

26:02

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

26:07

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

26:10

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

26:14

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

26:16

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

26:18

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

26:20

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

26:23

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

26:27

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

26:29

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

26:30

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

26:32

Speaker A

आप क्या करिए?

26:35

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

26:39

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

26:43

Speaker A

इष्ट का।

26:45

Speaker A

मां-बाप का करिए।

26:47

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

26:49

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

26:55

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

27:01

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

27:03

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

27:05

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

27:08

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

27:12

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

27:14

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

27:15

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

27:18

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

27:22

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

27:24

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

27:26

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

27:31

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

27:35

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

27:39

Speaker A

अब आप उठ गए।

27:42

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

27:45

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

27:48

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

27:50

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

27:52

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

27:55

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

28:00

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

28:03

Speaker A

यही यज्ञ है।

28:05

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

28:09

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

28:13

Speaker A

आरंभ में।

28:15

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

28:20

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

28:23

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

28:27

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

28:29

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

28:31

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

28:33

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

28:36

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

28:40

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

28:42

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

28:43

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

28:45

Speaker A

आप क्या करिए?

28:48

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

28:52

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

28:56

Speaker A

इष्ट का।

28:58

Speaker A

मां-बाप का करिए।

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Speaker A

अपने गुरु का करिए।

29:02

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

29:08

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

29:14

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

29:16

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

29:18

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

29:21

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

29:25

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

29:27

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

29:28

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

29:31

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

29:35

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

29:37

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

29:39

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

29:44

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

29:48

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

29:52

Speaker A

अब आप उठ गए।

29:55

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

29:58

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

30:01

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

30:03

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

30:05

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

30:08

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

30:13

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

30:16

Speaker A

यही यज्ञ है।

30:18

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

30:22

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

30:26

Speaker A

आरंभ में।

30:28

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

30:33

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

30:36

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

30:40

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

30:42

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

30:44

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

30:46

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

30:49

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

30:53

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

30:55

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

30:56

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

30:58

Speaker A

आप क्या करिए?

31:01

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

31:05

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

31:09

Speaker A

इष्ट का।

31:11

Speaker A

मां-बाप का करिए।

31:13

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

31:15

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

31:21

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

31:27

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

31:29

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

31:31

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

31:34

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

31:38

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

31:40

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

31:41

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

31:44

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

31:48

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

31:50

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

31:52

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

31:57

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

32:01

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

32:05

Speaker A

अब आप उठ गए।

32:08

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

32:11

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

32:14

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

32:16

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

32:18

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

32:21

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

32:26

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

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Speaker A

यही यज्ञ है।

32:31

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

32:35

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

32:39

Speaker A

आरंभ में।

32:41

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

32:46

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

32:49

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

32:53

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

32:55

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

32:57

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

32:59

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

33:02

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

33:06

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

33:08

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

33:09

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

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Speaker A

आप क्या करिए?

33:14

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

33:18

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

33:22

Speaker A

इष्ट का।

33:24

Speaker A

मां-बाप का करिए।

33:26

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

33:28

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

33:34

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

33:40

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

33:42

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

33:44

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

33:47

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

33:51

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

33:53

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

33:54

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

33:57

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

34:01

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

34:03

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

34:05

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

34:10

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

34:14

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

34:18

Speaker A

अब आप उठ गए।

34:21

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

34:24

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

34:27

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

34:29

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

34:31

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

34:34

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

34:39

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

34:42

Speaker A

यही यज्ञ है।

34:44

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

34:48

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

34:52

Speaker A

आरंभ में।

34:54

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

34:59

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

35:02

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

35:06

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

35:08

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

35:10

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

35:12

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

35:15

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

35:19

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

35:21

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

35:22

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

35:24

Speaker A

आप क्या करिए?

35:27

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

35:31

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

35:35

Speaker A

इष्ट का।

35:37

Speaker A

मां-बाप का करिए।

35:39

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

35:41

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

35:47

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

35:53

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

35:55

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

35:57

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

36:00

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

36:04

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

36:06

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

36:07

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

36:10

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

36:14

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

36:16

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

36:18

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

36:23

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

36:27

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

36:31

Speaker A

अब आप उठ गए।

36:34

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

36:37

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

36:40

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

36:42

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

36:44

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

36:47

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

36:52

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

36:55

Speaker A

यही यज्ञ है।

36:57

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

37:01

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

37:05

Speaker A

आरंभ में।

37:07

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

37:12

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

37:15

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

37:19

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

37:21

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

37:23

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

37:25

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

37:28

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

37:32

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

37:34

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

37:35

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

37:37

Speaker A

आप क्या करिए?

37:40

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

37:44

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

37:48

Speaker A

इष्ट का।

37:50

Speaker A

मां-बाप का करिए।

37:52

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

37:54

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

38:00

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

38:06

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

38:08

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

38:10

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

38:13

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

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Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

38:19

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

38:20

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

38:23

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

38:27

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

38:29

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

38:31

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

38:36

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

38:40

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

38:44

Speaker A

अब आप उठ गए।

38:47

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

38:50

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

38:53

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

38:55

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

38:57

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

39:00

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

39:05

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

39:08

Speaker A

यही यज्ञ है।

39:10

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

39:14

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

39:18

Speaker A

आरंभ में।

39:20

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

39:25

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

39:28

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

39:32

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

39:34

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

39:36

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

39:38

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

39:41

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

39:45

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

39:47

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

39:48

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

39:50

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आप क्या करिए?

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Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

39:57

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अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

40:01

Speaker A

इष्ट का।

40:03

Speaker A

मां-बाप का करिए।

40:05

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

40:07

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

40:13

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

40:19

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

40:21

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

40:23

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

40:26

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

40:30

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इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

40:32

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

40:33

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आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

40:36

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

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तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

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बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

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इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

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और आप उठ जाओगे।

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आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

40:57

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अब आप उठ गए।

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ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

41:03

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अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

41:06

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

41:08

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

41:10

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

41:13

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

41:18

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

41:21

Speaker A

यही यज्ञ है।

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Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

41:27

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आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

41:31

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आरंभ में।

41:33

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

41:38

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

41:41

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

41:45

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

41:47

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

41:49

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

41:51

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

41:54

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

41:58

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अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

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इसको चलने दीजिए।

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विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

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आप क्या करिए?

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आप सांसों से जुड़ जाइए।

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अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

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इष्ट का।

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मां-बाप का करिए।

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अपने गुरु का करिए।

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अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

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यह सब शक्तियां हैं।

42:32

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

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Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

42:36

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

42:39

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

42:43

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

42:45

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

42:46

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

42:49

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

42:53

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

42:55

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

42:57

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

43:02

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

43:06

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

43:10

Speaker A

अब आप उठ गए।

43:13

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

43:16

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

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Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

43:21

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

43:23

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

43:26

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

43:31

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

43:34

Speaker A

यही यज्ञ है।

43:36

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

43:40

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

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Speaker A

आरंभ में।

43:46

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

43:51

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

43:54

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

43:58

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

44:00

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

44:02

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

44:04

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

44:07

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

44:11

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

44:13

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

44:14

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

44:16

Speaker A

आप क्या करिए?

44:19

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

44:23

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

44:27

Speaker A

इष्ट का।

44:29

Speaker A

मां-बाप का करिए।

44:31

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

44:33

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

44:39

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

44:45

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

44:47

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

44:49

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

44:52

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

44:56

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

44:58

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

44:59

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

45:02

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

45:06

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

45:08

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

45:10

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

45:15

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

45:19

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

45:23

Speaker A

अब आप उठ गए।

45:26

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

45:29

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

45:32

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

45:34

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

45:36

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

45:39

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

45:44

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

45:47

Speaker A

यही यज्ञ है।

45:49

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

45:53

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

45:57

Speaker A

आरंभ में।

45:59

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

46:04

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

46:07

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

46:11

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

46:13

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

46:15

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

46:17

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

46:20

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

46:24

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

46:26

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

46:27

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

46:29

Speaker A

आप क्या करिए?

46:32

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

46:36

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

46:40

Speaker A

इष्ट का।

46:42

Speaker A

मां-बाप का करिए।

46:44

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

46:46

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

46:52

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

46:58

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

47:00

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

47:02

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

47:05

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

47:09

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

47:11

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

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Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

47:15

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

47:19

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

47:21

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

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Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

47:28

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और आप उठ जाओगे।

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Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

47:36

Speaker A

अब आप उठ गए।

47:39

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

47:42

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

47:45

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

47:47

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

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Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

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Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

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वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

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Speaker A

यही यज्ञ है।

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और यज्ञ ही कर्म है।

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Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

48:10

Speaker A

आरंभ में।

48:12

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

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Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

48:20

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

48:24

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

48:26

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

48:28

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

48:30

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

48:33

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

48:37

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

48:39

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

48:40

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

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Speaker A

आप क्या करिए?

48:45

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

48:49

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

48:53

Speaker A

इष्ट का।

48:55

Speaker A

मां-बाप का करिए।

48:57

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

48:59

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

49:05

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

49:11

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

49:13

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

49:15

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

49:18

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

49:22

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

49:24

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

49:25

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

49:28

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

49:32

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

49:34

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

49:36

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

49:41

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

49:45

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

49:49

Speaker A

अब आप उठ गए।

49:52

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

49:55

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

49:58

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

50:00

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

50:02

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

50:05

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

50:10

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

50:13

Speaker A

यही यज्ञ है।

50:15

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

50:19

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

50:23

Speaker A

आरंभ में।

50:25

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

50:30

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

50:33

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

50:37

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

50:39

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

50:41

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

50:43

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

50:46

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

50:50

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

50:52

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

50:53

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

50:55

Speaker A

आप क्या करिए?

50:58

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

51:02

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

51:06

Speaker A

इष्ट का।

51:08

Speaker A

मां-बाप का करिए।

51:10

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

51:12

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

51:18

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

51:24

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

51:26

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

51:28

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

51:31

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

51:35

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

51:37

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

51:38

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

51:41

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

51:45

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

51:47

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

51:49

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

51:54

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

51:58

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

52:02

Speaker A

अब आप उठ गए।

52:05

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

52:08

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

52:11

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

52:13

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

52:15

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

52:18

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

52:23

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

52:26

Speaker A

यही यज्ञ है।

52:28

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

52:32

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

52:36

Speaker A

आरंभ में।

52:38

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

52:43

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

52:46

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

52:50

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

52:52

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

52:54

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

52:56

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

52:59

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

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Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

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Speaker A

इसको चलने दीजिए।

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विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

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Speaker A

आप क्या करिए?

53:11

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

53:15

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अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

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Speaker A

इष्ट का।

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मां-बाप का करिए।

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अपने गुरु का करिए।

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अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

53:31

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

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तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

53:39

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आप यह विचार से मत जुड़िए।

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Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

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कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

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इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

53:50

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

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Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

53:54

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और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

53:58

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तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

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Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

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इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

54:07

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और आप उठ जाओगे।

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आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

54:15

Speaker A

अब आप उठ गए।

54:18

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ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

54:21

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

54:24

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

54:26

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

54:28

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फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

54:31

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जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

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वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

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यही यज्ञ है।

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और यज्ञ ही कर्म है।

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आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

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आरंभ में।

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लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

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शक्ति पैदा होने लगेगी।

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आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

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मैं एग्जांपल देता हूं।

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जैसे आप सुबह उठे।

55:07

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

55:09

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

55:12

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

55:16

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अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

55:18

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इसको चलने दीजिए।

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विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

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आप क्या करिए?

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आप सांसों से जुड़ जाइए।

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अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

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इष्ट का।

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मां-बाप का करिए।

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अपने गुरु का करिए।

55:38

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अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

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यह सब शक्तियां हैं।

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Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

55:52

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आप यह विचार से मत जुड़िए।

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Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

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कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

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इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

56:03

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इससे सवाल जवाब मत करिए।

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आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

56:07

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और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

56:11

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तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

56:13

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बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

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इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

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और आप उठ जाओगे।

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आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

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अब आप उठ गए।

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Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

56:34

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

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Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

56:39

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

56:41

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

56:44

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

56:49

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

56:52

Speaker A

यही यज्ञ है।

56:54

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

56:58

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

57:02

Speaker A

आरंभ में।

57:04

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

57:09

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

57:12

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

57:16

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

57:18

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

57:20

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

57:22

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

57:25

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

57:29

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

57:31

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

57:32

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

57:34

Speaker A

आप क्या करिए?

57:37

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

57:41

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

57:45

Speaker A

इष्ट का।

57:47

Speaker A

मां-बाप का करिए।

57:49

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

57:51

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

57:57

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

58:03

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

58:05

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

58:07

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

58:10

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

58:14

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

58:16

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

58:17

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

58:20

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

58:24

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

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Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

58:28

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

58:33

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

58:37

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

58:41

Speaker A

अब आप उठ गए।

58:44

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

58:47

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

58:50

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

58:52

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

58:54

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

58:57

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

59:02

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

59:05

Speaker A

यही यज्ञ है।

59:07

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

59:11

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

59:15

Speaker A

आरंभ में।

59:17

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

59:22

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

59:25

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

59:29

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

59:31

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

59:33

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

59:35

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

59:38

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

59:42

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

59:44

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

59:45

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

59:47

Speaker A

आप क्या करिए?

59:50

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

59:54

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

59:58

Speaker A

इष्ट का।

60:00

Speaker A

मां-बाप का करिए।

60:02

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

60:04

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

60:10

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

60:16

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

60:18

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

60:20

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

60:23

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

60:27

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

60:29

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

60:30

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

60:33

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

60:37

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

60:39

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

60:41

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

60:46

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

60:50

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

60:54

Speaker A

अब आप उठ गए।

60:57

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

61:00

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

61:03

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

61:05

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

61:07

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा.

61:10

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

61:15

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

61:18

Speaker A

यही यज्ञ है।

61:20

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

61:24

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

61:28

Speaker A

आरंभ में।

61:30

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

61:35

Speaker A

शक्ति पैदा होने लगेगी।

61:38

Speaker A

आपके जीवन में सुधार होने लगेगा।

61:42

Speaker A

मैं एग्जांपल देता हूं।

61:44

Speaker A

जैसे आप सुबह उठे।

61:46

Speaker A

उठ नहीं पा रहे हैं।

61:48

Speaker A

अब 5:00 बजे आपकी आंख खुली आप उठ नहीं पा रहे हैं।

61:51

Speaker A

तो अब एक तरफ विचार चल रहा है कि यार एक घंटा और सो लो यार 6:00 बजे उठना कौन सी बुरी बात है यार।

61:55

Speaker A

अब अगर आप विचार से जुड़े तो आप कभी नहीं उठ पाएंगे।

61:57

Speaker A

इसको चलने दीजिए।

61:58

Speaker A

विचार जो चल रहा है इसको चलने दीजिए।

62:00

Speaker A

आप क्या करिए?

62:03

Speaker A

आप सांसों से जुड़ जाइए।

62:07

Speaker A

अपना सारा ध्यान सांसों पर ले जाइए और अपने इष्ट का सुमिरन करिए।

62:11

Speaker A

इष्ट का।

62:13

Speaker A

मां-बाप का करिए।

62:15

Speaker A

अपने गुरु का करिए।

62:17

Speaker A

अपने भगवान का करिए, भगवान राम का करिए, कृष्ण का करिए, बुद्ध का करिए, नानक जी का करिए, कबीर दास जी का करिए।

62:23

Speaker A

यह सब शक्तियां हैं।

62:29

Speaker A

तो आप इसको प्रैक्टिस करके देखिए।

62:31

Speaker A

आप यह विचार से मत जुड़िए।

62:33

Speaker A

इसको बोलने दीजिए बड़बड़ा रहा है इसको बड़बड़ाने दीजिए।

62:36

Speaker A

कि 6:00 बजे उठो और कुछ नहीं होता है 6:00 बजे भी अर्ली इन द मॉर्निंग।

62:40

Speaker A

इससे आप इसको छेड़छाड़ मत करिए।

62:42

Speaker A

इससे सवाल जवाब मत करिए।

62:43

Speaker A

आप तुरंत सांस पर आ जाइए।

62:46

Speaker A

और इष्ट चिंतन शुरू कर दीजिए।

62:50

Speaker A

तो जैसे ही आप सांस पर आएंगे।

62:52

Speaker A

बड़बड़ाना गायब हो जाएगा।

62:54

Speaker A

इष्ट चिंतन करेंगे आपकी शक्ति जागृत होने लगेगी।

62:59

Speaker A

और आप उठ जाओगे।

63:03

Speaker A

आप उठ जाओगे शर्तिया बता रहा हूं गारंटी आप उठ जाओगे।

63:07

Speaker A

अब आप उठ गए।

63:10

Speaker A

ब्रश किए फ्रेश हुए नहाए धोए।

63:13

Speaker A

अब यह हुआ कि भाई ध्यान किया जाए।

63:16

Speaker A

फिर यह समझा फिर यह बड़बड़ाएगा।

63:18

Speaker A

फिर आपको यही प्रक्रिया करनी है।

63:20

Speaker A

फिर यह होगा भाई सूर्य नमस्कार कर लिया फिर यह बड़बड़ाएगा।

63:23

Speaker A

जहां-जहां यह बड़बड़ा रहा है।

63:28

Speaker A

वहां-वहां आपको अपनी सांसों से जुड़कर इष्ट का चिंतन करना है।

63:31

Speaker A

यही यज्ञ है।

63:33

Speaker A

और यज्ञ ही कर्म है।

63:37

Speaker A

आरंभ में आरंभ में यह चुनौती है।

63:41

Speaker A

आरंभ में।

63:43

Speaker A

लेकिन धीरे-धीरे आपको इसमें मजा आने लगेगा।

Topics: यज्ञ कर्म ध्यान साधना आंतरिक शक्ति इष्ट चिंतन सांसों पर ध्यान आध्यात्मिकता जीवन सुधार चुनौतियों का सामना


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