**Why 99% channels never grow on youtube — Transcript & Summary | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/why-99-percent-channels-never-grow-youtube-2/

YouTube पर 99% क्रिएटर्स क्यों नहीं बढ़ पाते, उनके कॉमन पैटर्न और सफल होने के लिए जरूरी बदलाव।

## Key Takeaways

- YouTube पर सफलता के लिए धैर्य और लगातार मेहनत जरूरी है।
- गलत फोकस (जैसे केवल SEO) से बेहतर कंटेंट क्वालिटी पर ध्यान दें।
- अपनी विफलता के लिए बाहरी कारणों को दोष न दें, खुद को सुधारें।
- कम से कम 100 वीडियो बनाकर अनुभव और स्किल्स बढ़ाएं।
- रियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन रखें और जल्दी सफलता की उम्मीद न करें।

## What the video covers

- अधिकांश कंटेंट क्रिएटर्स 10,000 सब्सक्राइबर तक भी नहीं पहुंच पाते और जल्दी ही छोड़ देते हैं।
- लोग YouTube को आसान और जल्दी पैसा कमाने का जरिया समझ कर शुरू करते हैं, जिससे उनकी उम्मीदें असली मेहनत से मेल नहीं खातीं।
- कुछ मेहनती लोग गलत जगह मेहनत करते हैं जैसे केवल SEO और कीवर्ड रिसर्च पर ध्यान देना, जबकि कंटेंट क्वालिटी पर ध्यान नहीं देते।
- कई लोग अपनी विफलता के लिए उपकरणों और परिस्थितियों को दोष देते हैं, जबकि वे खुद अपनी स्किल्स सुधारने में रुचि नहीं दिखाते।
- बहुत से लोग आधे मन से काम करते हैं और कम वीडियो बनाकर जल्दी ग्रोथ की उम्मीद करते हैं।
- सफलता के लिए कम से कम 100 वीडियो बनाना जरूरी है ताकि कैमरा प्रेजेंस और कंटेंट क्वालिटी सुधर सके।
- सफल क्रिएटर्स के पास काम करने के मजबूत कारण होते हैं, जबकि फेल होने वालों के पास काम न करने के बहाने।
- कंटेंट क्रिएशन में धैर्य, मेहनत और सही दिशा में फोकस करना जरूरी है।
- रियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन रखना और लगातार सुधार करते रहना सफलता की कुंजी है।
- यह वीडियो नए क्रिएटर्स को उनके गलत सोच और आदतों को सुधारने के लिए प्रेरित करता है।

## Chapters

1. 00:00 परिचय: 99% क्रिएटर्स क्यों नहीं बढ़ पाते
2. 00:21 सब्सक्राइबर ग्रोथ और क्विट करने वाले क्रिएटर्स
3. 00:39 कॉमन पैटर्न और मेहनत के बावजूद रिजल्ट न मिलना
4. 00:56 एस्केपिज्म: आसान पैसा कमाने की गलत सोच
5. 02:07 गलत जगह मेहनत करना: SEO पर अधिक फोकस
6. 02:26 दूसरों और उपकरणों को दोष देना
7. 03:43 आधे मन से काम करना और कम वीडियो बनाना
8. 04:19 सफलता के लिए रियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन और मेहनत

Answers

## Questions about this video

YouTube पर ज्यादातर क्रिएटर्स क्यों सफल नहीं हो पाते?

अधिकांश क्रिएटर्स के पास रियलिस्टिक एक्सपेक्टेशन नहीं होते, वे मेहनत से बचते हैं या गलत जगह मेहनत करते हैं, जिससे वे जल्दी हार मान लेते हैं।

YouTube पर सफलता के लिए सबसे जरूरी क्या है?

लगातार मेहनत, कम से कम 100 वीडियो बनाना, कंटेंट क्वालिटी सुधारना और धैर्य रखना सफलता के लिए जरूरी है।

क्या केवल SEO और कीवर्ड रिसर्च से YouTube चैनल ग्रो कर सकता है?

नहीं, SEO जरूरी है लेकिन कंटेंट की क्वालिटी, स्क्रिप्टिंग, स्टोरीटेलिंग, और कैमरा प्रेजेंस पर भी ध्यान देना जरूरी है।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

क्यों 99% ऑफ द कॉन्टेंट क्रिएटर्स जो YouTube पे कॉन्टेंट बनाना स्टार्ट करते हैं, वह सक्सीड ही नहीं कर पाते कभी? वह इस वीडियो में हम डिस्कस करेंगे। मैंने अपनी कंटेंट क्रिएशन की जर्नी जब से स्टार्ट करी थी, तब से लेकर आज तक मैंने

00:10

Speaker A

ना बहुत सारे कोर्सेस खरीदे हैं YouTube वाले और काफी सारी ऑनलाइन कम्युनिटीज भी जॉइन करी हैं जिस पे बिगिनर्स आते थे और अपना वो काम दिखाते थे, क्वेश्चन आंसर पूछते थे। तो वहां पे सारे ऐसे क्रिएटर्स का वो ग्रुप होता था। है

00:21

Speaker A

ना? बट उसमें से ना मेजॉरिटी लोग कभी 10,000 सब्सक्राइबर भी पार नहीं कर पाते थे। वो मुश्किल से कभी 1000, 2000, 5,000 तक रहते थे। फिर वो क्विट कर देते। कुछ लोग होते थे जो तब भी कंटिन्यू करते थे बट

00:30

Speaker A

हार्डली कोई होता था जिसे तुम बोलो कि यार यह तो सक्सीड कर गया। बहुत कम लोग होते थे और मेजॉरिटी जो लोग फेल होते थे ना मतलब जो लोग क्विट कर दे रहे हैं उनको मैं फेलियर ही बोलूंगा वैसे तो और तो उनमें एक

00:39

Speaker A

कॉमन पैटर्न होता था या फिर जो मेहनत भी करते रहते थे उन्हें रिजल्ट नहीं मिलता था उनमें भी एक कॉमन पैटर्न होता था जिस वजह से उन्हें वो रिजल्ट नहीं मिल पाता था और वो इस वीडियो में चाह रहा हूं कि आपके साथ

00:47

Speaker A

शेयर करूं अगर आपको दिख रहा है आप भी उसी पैटर्न पे घूमते जा रहे हो बार-बार तो आपको वो चेंज करना पड़ेगा है ना ताकि आप रिजल्ट के पास पहुंचो ना कि अपना टाइम वेस्ट करो। सबसे पहली चीज थी एस्केपिज्म

00:56

Speaker A

वाली। YouTube के उन कोर्सेस में ना काफी सारे ऐसे वर्किंग प्रोफेशनल्स आया करते थे। काफी स्टूडेंट्स आया करते थे जो अपनी रियल लाइफ में बहुत परेशान थे कि यार मुझे जॉब नहीं करनी, मुझे पढ़ाई नहीं करनी, मैं YouTube करूंगा। और उनमें से

01:06

Speaker A

मेजॉरिटी ऑफ द लोग बताऊं क्या देख के आए हुए थे उस कोर्स पे? उन्होंने ऐसी कुछ वीडियोस देखी हुई थी YouTube पे कि यार एआई से वीडियो बना के कमाओ लाखों रुपए। कैसे मेरी एक ही वीडियो वायरल हुई? आ जाओ

01:15

Speaker A

कोर्स मैं सिखाऊंगा। तो वो ना यह सब देख के आए थे। तो उनकी एक्सपेक्टेशन बताऊं क्या थी कि YouTube शायद बड़ी आसान चीज होगी। ऐसी काम वीडियो बना दूंगा यहां पे। ऐसी वीडियो बना दूंगा यहां पे और लाखों

01:24

Speaker A

रुपए कमाऊंगा। तो यह एक्सपेक्टेशन लेकर वह आए थे कि काम बिल्कुल नहीं है पर रिजल्ट यहां पे है। फिर उन्हें जब वो कोर्स में आते थे तो उन्हें दिखता था कि यार रिजल्ट इतना मिल रहा है और मेहनत इतनी जा रही है

01:32

Speaker A

क्योंकि स्टार्टिंग में तो उन्हें कुछ आता ही नहीं था ना तो सारी चीजें सीखनी पड़ रही थी उन्हें तो बहुत मेहनत लगती है स्टार्टिंग में तो बट वो क्विट कर देते हैं फिर चार-पांच वीडियो बनाए क्यों क्योंकि उन्हें दिखता है कि भाई इधर भी मेहनत लग

01:42

Speaker A

रही है इससे अच्छा फिर मैं जॉब ही कर लेता हूं पढ़ाई ही कर लेता हूं क्योंकि यहां भी मेहनत लग रही है वहां भी लग रही है इससे अच्छा वही कर लेता हूं तो उनकी ना एक्सपेक्टेशन ही बहुत अलग लेवल की होती है

01:49

Speaker A

और मेहनत उन्हें करनी नहीं होती बेसिकली एस्केप कर रहे होते हैं वो मेहनत से कि यार कुछ आसान चीज मिल गई है जहां पैसा बहुत ज्यादा है। दूसरे इस टाइप के लोग भी आते थे जो बहुत मेहनती होते थे बट वो गलत

01:57

Speaker A

जगह मेहनत कर रहे होते थे। उनको अगर तुम देखोगे ना वो उस चीज में फंसे रहते थे कि यार टेक्निकल वाले पार्ट पे बहुत ज्यादा कि कीवर्ड रिसर्च कर रहे हैं। एसईओ पे ही फोकस कर रहे हैं। कभी इस पे नहीं कि

02:07

Speaker A

वीडियो खराब बन रही है। स्क्रिप्टिंग ठीक कर लूं, स्टोरी टेलिंग ठीक कर लूं, कैमरा प्रेजेंस ठीक कर लूं, एडिटिंग पे काम करूं। नहीं टेक्निकल वाला एस्पेक्ट कि डिजिटल मार्केटिंग सीखूंगा। राइट टाइम पे अपलोड करूंगा तो ज्यादा लोग देखेंगे। वो

02:16

Speaker A

इस समय फंसे रहते थे और वहां अपना टाइम वेस्ट करते थे। इवन जब क्यूएनए सेशन भी होता था ना मेंटोर के साथ तो उनसे भी वह यही सवाल पूछते थे कि सर एसईओ की क्लास कब होगी? कीवर्ड वाली क्लास कब होगी? यह

02:26

Speaker A

थंबनेल में फाइल नेम में कीवर्ड लिखूं या नहीं लिखूं? तो ऐसे अजीब अजीब से उनके सवाल होते थे। तीसरे टाइप के लोग बड़े मजेदार थे। इनका पैटर्न आप देखना आपके आसपास भी बहुत सारे मिलेंगे ऐसे आपको। वो ना सिचुएशन और ऑब्जेक्ट्स को ब्लेम करते

02:37

Speaker A

रहते थे। इक्विपमेंट्स को ब्लेम करते रहते थे कि मेरी आवाज अच्छी इसलिए नहीं आ रही क्योंकि मेरे पास अच्छा माइक नहीं है। उनको अगर आप पूछोगे क्या आपने वोकल एक्सरसाइजेज़ करी? क्या आपने वॉइस मॉड्यूलेशन की प्रैक्टिस करी? वो बोलेंगे

02:47

Speaker A

ये क्या होता है? यह सब फालतू चीजें हैं। माइक नहीं है मेरे पास इसलिए अच्छी आवाज नहीं आ रही मेरी। तो वह इस समय फंसे रहते थे दूसरों को ब्लेम करने में या चीजों को ब्लेम करने में या सिचुएशन को ब्लेम करने

02:56

Speaker A

में। मेरे पास ना स्क्रिप्ट सीखने का टाइम नहीं है। मेरे को नहीं करना। मैं ऐसी ही वीडियो बनाऊंगा जो मेरे मन से बन रही है। वो तुम देखना वो अपने आप को ना कभी भी आगे बढ़ाने की कोशिश नहीं करते। वो देखते हैं

03:06

Speaker A

कि यार यह नहीं करूंगा मैं। मैं करूंगा आसान वाली चीज। तो आसान उनके लिए क्या होता था? चीजों को ब्लेम करना कि ये लाइट अच्छी नहीं है। यह कैमरा नहीं है मेरे पास इसलिए अच्छी वीडियो नहीं बनती। और क्योंकि

03:15

Speaker A

क्वालिटी अच्छी नहीं है तो लोग नहीं देख रहे। उनको अगर तुम कैमरा पकड़वा भी दोगे ना तब भी वह बेकार ही बनाएंगे क्योंकि ना तो उन्हें कैमरा यूज़ करना आता है ना फ्रेमिंग कंपोजिशन लाइटिंग कुछ भी नहीं पता उन्हें

03:23

Speaker A

क्योंकि उन्होंने कभी अपने एग्जिस्टिंग इक्विपमेंट जो उनके पास था उसे ही यूज़ नहीं कराया तो उन्हें तुम कुछ भी दे दो वो फिर भी बेकार ही बनाने वाले हैं बट उन्हें पता है कि इतनी जल्दी उन्हें इक्विपमेंट मिल नहीं सकता तो चलो थोड़ी देर के लिए उसे

03:33

Speaker A

ब्लेम कर देते हैं ताकि मेरे ऊपर से क्वेश्चन हट जाए कि मेरे में तो खराबी नहीं है नहीं नहीं नहीं मैं परफेक्ट हूं इक्विपमेंट खराब है मेरा तो वो इसमें रहते थे और नंबर फोर ऐसे लोग जो हाफ हार्टेडली

03:43

Speaker A

काम करते थे और यह संख्या में बहुत ज्यादा होते थे सही में ऐसे लोग आते आते थे। बोलते थे मैंने चार वीडियो बनाई। मैं ग्रो कैसे नहीं हुआ? मुझे बताओ। मुझे जवाब चाहिए। कुछ आते थे बोलते थे भैया मैंने

03:51

Speaker A

कोर्स ज्वाइन करने के बाद ना 10 वीडियो डाल दी है पर व्यूज नहीं आ रहे। पता नहीं क्या मतलब उनकी एक्सपेक्टेशन कैसी थी यार कि 10 वीडियो तो भाई मैंने बना के डिस्कार्ड कर दी है। गैलरी पे ही है वो।

04:02

Speaker A

11वीं वीडियो बना रहा हूं। इसको अपलोड करूंगा क्योंकि ये अच्छी बनी है। काम इतना करके रिजल्ट इतना ज्यादा कैसे एक्सपेक्ट करते हो? आई डोंट नो तुम मतलब क्या सोच के आते हो भाई कि 10 वीडियो बन गई। यूटूबर

04:12

Speaker A

क्यों नहीं बना? एक तो ऐसी वीडियोस बहुत ज्यादा बनती हैं YouTube पे ना जो बोलते हैं मैंने पहली वीडियो डाली और उस पे मिलियन व्यूज आए। आओ तुम्हें बताता हूं मेरा कोर्स खरीदो। तो यह सब बड़ा ऐसे सेंसेशनल लगता है कि यार एक ही वीडियो बना

04:22

Speaker A

के हो गया तो मेरा 10 वीडियो में क्यों नहीं हो रहा है? तो वो सोचते हैं कि यार इसका हो गया मेरा क्यों नहीं हो रहा? नहीं होता भाई इतनी जल्दी। ये बड़ा नॉर्मल है। जिसका हो गया उसको तुम देख रहे हो केवल।

04:29

Speaker A

कितनों का नहीं हुआ वो भी तो देखो। वो तुम्हें दिखेगा नहीं। एक्चुअली वो तुम्हारे फीड में नहीं आएगा ना। बट ऑल आई वांट टू से इज कि यार एक्सपेक्टेशन थोड़ी रियलिस्टिक रखो भाई। मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे लोगों को अगर तुम बोलोगे ना कि

04:39

Speaker A

एटलीस्ट 100 वीडियो बना तेरी कैमरा प्रेजेंस इंप्रूव होगी। उसके बाद सोचना ग्रोथ की। वो 100 वीडियो बनाएंगे लेकिन एकदम लो एफर्ट वाली शॉट्स बना के आ जाएंगे एक-ए मिनट वाली कि देखो मैंने 100 वीडियो बना दी आपने बोला था 100 वीडियो बनाओ

04:49

Speaker A

मैंने बना दी अब ग्रोथ क्यों नहीं हो रही भाई मेहनत ही नहीं करी तूने उस काम में तूने कभी दिल से काम किया है। वो कुछ ऐसा कंटेंट पीस बनाओ जिसको देख के आप फील करो कि हां भाई मैं बड़ा प्राउड हूं यार ये

04:59

Speaker A

मैंने बनाया है मेरे भाई अगर मैं 10 साल बाद भी पीछे मुड़ के देखूंगा ना भले ही मैं 10 साल बाद उससे लाख गुना अच्छा कंटेंट बना सकता हूं बट उसको देख के मैं प्राउड जरूर फील करूंगा कि बहुत मेहनत से

05:07

Speaker A

बनाया था मैंने वो उसमें मैंने अपना 100% लिया था मेरे भाई इसमें रिसर्च वाला पार्ट भी आता है कि यार लोगों को उस चीज की जरूरत है जो तुम बना रहे हो या नहीं है। वो पार्ट भी है उसमें। अगर तुम केवल आर्ट

05:15

Speaker A

और हॉबी की तरह कर रहे हो फिर वो एक अलग क्वेस्ट हो जाती है। तो, यह कुछ पैटर्न्स हैं जो मेरे को आपके साथ शेयर करने थे। इस वीडियो को अगर एंड करना हो तो मैं यह बोलूंगा कि यार जिसको करना होता है उसके

05:24

Speaker A

पास काम करने के रीजन होते हैं और जिसको काम नहीं करना होता है उसके पास काम नहीं करने के रीजन होते।

Topics: YouTube ग्रोथ कंटेंट क्रिएशन सब्सक्राइबर बढ़ाना वीडियो मेकिंग टिप्स YouTube सफलता SEO गलतियां मेहनत और धैर्य क्रिएटर की गलतियां ऑनलाइन कम्युनिटी डिजिटल मार्केटिंग


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