**Unit-1 Educational Studies UGC NET Education Paper-2 Updated Marathons | Concept + Unit Wise PYQs — Transcript & Summary | SozAI**
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यूजीसी नेट एजुकेशन पेपर-2 के लिए 10 यूनिट्स की अपडेटेड मैराथन, कांसेप्ट और यूनिट वाइज प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस के साथ।

## Key Takeaways

- यूजीसी नेट पेपर-2 एजुकेशन के लिए 10 यूनिट्स की पूरी तैयारी इस मैराथन में उपलब्ध है।
- कांसेप्ट के साथ-साथ यूनिट वाइज प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस भी कवर किए गए हैं।
- 210+ मार्क्स लाकर जेआरएफ की संभावना मजबूत होती है।
- मैराथन फ्री क्लासेस के जरिए स्टूडेंट्स को नोट्स बनाने और तैयारी करने में मदद करता है।
- सिलेबस के सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स को बिना अनावश्यक सामग्री के समझाया गया है।

## What the video covers

- यह वीडियो यूजीसी नेट पेपर-2 एजुकेशन सब्जेक्ट के लिए 10 यूनिट्स की विस्तृत मैराथन प्रदान करता है।
- प्रत्येक यूनिट के कांसेप्ट को समझाने के बाद यूनिट वाइज प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस सॉल्व किए जाते हैं।
- पेपर की संरचना, मार्किंग स्कीम और कटऑफ स्कोर के बारे में विस्तार से बताया गया है।
- टीचर रवीना द्वारा 5 वर्षों के अनुभव के आधार पर महत्वपूर्ण टॉपिक्स और क्वेश्चंस को कवर किया गया है।
- फिलॉसफी, एजुकेशन के मूल शब्दों का अर्थ, इंडियन और वेस्टर्न स्कूल ऑफ फिलॉसफी, एजुकेशनल थिंकर्स आदि विषय शामिल हैं।
- मैराथन का उद्देश्य स्टूडेंट्स को बिना अतिरिक्त वीडियो देखे बेसिक से एडवांस्ड लेवल तक तैयारी कराना है।
- सभी क्लासेस फ्री हैं, नोट्स बनाने की सलाह दी गई है, और पीडीएफ्स पेड हैं।
- प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस को यूनिट वाइज सॉर्ट कर दिया गया है जिससे तैयारी आसान हो जाती है।
- सभी 10 यूनिट्स कवर करने पर जेआरएफ के लिए मजबूत संभावना बनती है।
- वीडियो में प्रमोशन नहीं है, केवल शैक्षिक सामग्री पर फोकस किया गया है।

## Chapters

1. 00:00 परिचय और यूजीसी नेट पेपर संरचना
2. 17:45 फिलॉसफी के मूल तत्व और एजुकेशन के शब्दार्थ
3. 36:16 एजुकेशन के सिद्धांत और प्रमुख विचारक
4. 54:01 योग और भारतीय दर्शन के महत्वपूर्ण पहलू
5. 92:11 सोशियोलॉजी और एजुकेशन के सामाजिक पहलू
6. 111:08 स्कूल और समाज का संबंध
7. 167:28 भारतीय संविधान और शिक्षा के मूल्य
8. 187:13 अंतिम विचार और तैयारी के सुझाव

Answers

## Questions about this video

क्या यह मैराथन सभी 10 यूनिट्स को कवर करता है?

जी हां, यह मैराथन यूजीसी नेट एजुकेशन पेपर-2 की सभी 10 यूनिट्स को कांसेप्ट और यूनिट वाइज प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस के साथ कवर करता है।

क्या इस वीडियो में प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस भी शामिल हैं?

हाँ, 2018 से लेकर अब तक के नेट पेपरों के यूनिट वाइज क्वेश्चंस इस मैराथन में शामिल हैं, जिससे अलग से क्वेश्चंस ढूंढने की जरूरत नहीं रहती।

क्या इन क्लासेस को फ्री में देखा जा सकता है?

जी हां, सभी क्लासेस इंकलकेट लर्निंग पर पूरी तरह से फ्री हैं, लेकिन नोट्स या पीडीएफ्स पेड हो सकते हैं।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

हेलो, नमस्कार। वेलकम टू इनकलकेट लर्निंग अपडेटेड मैराथंस में आपका स्वागत है। जी, यूजीसी नेट पेपर टू एजुकेशन सब्जेक्ट की ये मैराथंस हैं। हर एक पेपर में वैसे तो सेम पैटर्न होता है कि पेपर वन में आपकी 10 यूनिट हैं और वो 10 की 10 यूनिट सभी के लिए सेम है। पेपर टू आपका सब्जेक्ट स्पेसिफिक है। यूनिट उसमें भी 10 ही हैं। ठीक है? पेपर वन में से आपके क्वेश्चंस आते हैं कितने? 50 नंबर, दो नंबर के हिसाब से 100 मार्क्स का क्वेश्चंस हो गए सारे के सारे। ठीक है? 10 वाला जो है, मतलब ये पेपर टू जो होगा आपका, जो भी सब्जेक्ट हो उसमें क्वेश्चंस आते हैं 100, यानी कि 200 नंबर का क्वेश्चंस हो गए। यानी कि आपका टोटल 300 मार्क्स का पेपर होता है। जी।

00:16

Speaker A

आपको टारगेट करना है कि आप मिनिमम 200 प्लस, बल्कि अब तो 210 प्लस। 210 प्लस आप लेकर आओगे तो आप थोड़ा सा सोच सकते हो कि जेआरएफ हो जाएगा। ठीक है? ये मैं एजुकेशन सब्जेक्ट की कट ऑफ के बारे में बता रही हूं। हमें अब बहुत वाइड सिलेबस है 10 यूनिट का। ऑब्वियस सी बात है। तो उस यूनिट्स का, उन सारी यूनिट्स को कई बार कवर कर पाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए ये मैराथनंस हैं ताकि आपको डिटेल्ड वीडियो में भी जाने की जरूरत ना पड़े और बेयर मिनिमम आप ये चीजें कर लो। सो ये मिनिमम और मैक्सिमम दोनों रहेंगे आपके लिए। पेपर वन के लिए ऑलरेडी 10 अपडेटेड मैराथोंस मैं लास्ट साइकिल में, यानी कि अभी हम जून 2026 के लिए पढ़ रहे हैं। तो मैं दिसंबर के टाइम पे वो अपडेटेड मैराथोंस डाल चुकी हूं। वो आपके लिए मोर दैन इनफ है। आप वो कवर कर सकते हो। 10 की 10 मैराथन आपका 40 प्लस स्कोरर्स जरूर बनेगा अगर आपने अच्छे से फॉलो किया है तो। ओके? अब और सारी की सारी क्लासेस इंकलकेट लर्निंग पे बिल्कुल एब्सोलुटली फ्री हैं। आप सारी क्लासेस देख के खुद के नोट्स बना सकते हो। ओके? अगर आप नोट्स नहीं बनाना चाहते हो बाय एनी विच रीज़न तो आप जो है इनकी पीडीएफ्स ले सकते हो। वो ऑब्वियसली पेड होगी। ठीक है? सो जो जिनके पास टाइम है, जो स्टूडेंट्स हैं, प्लीज मेक योर ओन नोट्स। अपने नोट्स से बढ़कर कुछ नहीं होता। अब ये 10 यूनिट्स की अपडेटेड मैराथोंस आने वाली हैं। ये पहली मैराथन है जिसमें आपका स्वागत है। एजुकेशनल स्टडीज यानी यूनिट वन है। जी। ऐसे-ऐसे करके हम 10 की 10 यूनिट्स कवर करेंगे। कोशिश रहेगी जितनी जल्दी कवर हो पाए। जैसे ही मेरी मैराथन कंप्लीट होगी मैं रिकॉर्ड करूंगी और डाल दूंगी। ये प्रोसीजर रहता है। ओके? सो कोशिश रहेगी जल्दी से जल्दी आए। मैं भी अपनी तरफ से बेस्ट ट्राई करूंगी। आप भी अपनी तरफ से अच्छे से पढ़िए। नोट्स बनाइए और अपना बेस्ट दीजिए। ठीक है? इस मैराथन में जो है आपको पहले कांसेप्ट देखने को मिलेगा सब टॉपिक वाइज, टॉपिक इन द सेंस, क्योंकि एक्सपीरियंस है मुझे इतना अब कंपैरेटिवली, अब तो पांच साल हो गए हैं पढ़ाते हुए। सो इतना एक्सपीरियंस तो है कि किस कांसेप्ट से किस तरीके के क्वेश्चन आते हैं। सो आपको अननेसेसरी चीजें आपको इस मैराथन में देखने को नहीं मिलेंगी। कोई अननेसेसरी प्रमोशन भी देखने को नहीं मिलेगा किसी भी चीज का। क्योंकि अपनी तो सारी वीडियोस वैसे भी फ्री हैं। मैं किसी और चीज का भी प्रमोशन नहीं करती हूं। ओके? सो अब इस मैराथन में आपको कांसेप्ट्स उसके साथ-साथ प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस। आपको कई बार इशू होता है कि यूनिट वाइज पीवाईक्यूस कहां से करें? ओके?

00:28

Speaker A

सो मैंने 2018, यानी कि जुलाई में जो पेपर हुआ था, जून-जुलाई में 2018 में, तब से लेकर जितने भी पेपर हुए हैं एजुकेशन के, उन सब में से नेट के पेपरों की बात कर रही हूं। उन सब में से यूनिट वाइज क्वेश्चंस सॉर्ट कर दिए हैं। हर एक पेपर के जैसे 100 क्वेश्चन हैं, मान लो ये 90 क्वेश्चन हैं। कई बार 10 का मैराथन आ जाता है। 10 क्वेश्चन का, सॉरी, कंप्रहेंशन आ जाता है। तो जो भी क्वेश्चंस हैं, वो हर एक क्वेश्चन आपकी इन टोटल 10 क्लासेस में कंप्लीट हो जाएगा। ओके? सो इट्स लाइक आपको अलग से प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस भी करने की जरूरत अब नहीं पड़ेगी इन मैराथोंस के बाद। क्योंकि अभी जून 2026 की साइकिल के लिए यही मैराथनस आपके लिए मोर दन इनफ है। बस यही भगवान है। ऐसा मान के चलो। ओके? मैं अपनी तरफ से बहुत अच्छा करवाने की कोशिश कर रही हूं। आप भी करना। ओके? सो 10 यूनिट्स हैं। जी। पहली यूनिट आपका स्वागत है। वेलकम टू इंकलकेट लर्निंग एंड दिस इज़ प्रेजेंटेड बाय मी, रवीना। ओके? सो ये फर्स्ट यूनिट में चार पार्ट हैं। ये पहला पार्ट है, जिसको हम कवर करेंगे। ये चीज मैंने सिर्फ इसलिए डाली है कि ये 17 क्वेश्चन पेपर्स से छांट के यूनिट वाइज मैंने क्वेश्चंस अरेंज किए हैं। तो वो 10 की 10 यूनिट्स में आपको इन क्वेश्चन पेपर्स जो हैं, उनसे सारे क्वेश्चंस कवर हो जाएंगे। ओके? एक बार पेपर रद्द भी हुआ था। देखो, ये मैंने लिखा भी है कि इट वाज़, इट गॉट कैंसल्ड। सो इसके बाद ये हुआ था। तो मैंने सारे पेपर्स इंक्लूड किए हैं। ओके? अपना लेवल बेस्ट ट्राई करते हुए। ओके जी। अब हम पहले ये जो यूनिट है, हमारी यूनिट का फर्स्ट पार्ट चार पार्ट हैं। ऐसे एक में इन्होंने इंडियन स्कूल्स ऑफ फिलॉसफी की बात की है। बी पार्ट में इन्होंने वेस्टर्न स्कूल्स ऑफ फिलॉसोफी की बात की है। सी पार्ट में थोड़ी सोशियोलॉजी की बात की है और डी पार्ट में इन्होंने एजुकेशनल थिंकर्स की और नेशनल वैल्यूस की बात की है। ये ब्रॉड है पहली यूनिट का सिलेबस। यूनिट वाइज स्पेसिफिक नहीं होता कि किस यूनिट से कितने क्वेश्चन आएंगे। टेक्निकली तो बराबर-बराबर बटे हुए होने चाहिए। बट जैसे 2018 के टाइम पे होता था ना जून, मतलब ये देखो ये वाला जो पेपर है, इन पेपरों में आपको देखने को मतलब मैंने जब अरेंज की चीजें तो मुझे देखने को मिला कि वहां पे फिर भी कई बार ये होता था कि यूनिट नंबर थ्री से ज्यादा आ गए, यूनिट नंबर वन से ज्यादा क्वेश्चंस आ गए, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब आप कोई भी यूनिट छोड़ने का रिस्क नहीं उठा सकते हो अगर आप जेआरएफ के लिए टारगेट कर रहे हो। आपको 10 की 10 यूनिट्स करनी हैं। जितना मैं करवाऊं, उतना भी आप कर लेंगे तो आपका जेआरएफ कहीं नहीं गया है। ओके? सो जो जो इंपॉर्टेंट है, जो जो चीजें ऑलदो, मैंने सारे टॉपिक्स जो भी आपके सिलेबस में मेंशन हैं, सबको थोड़ा-थोड़ा टच करने की कोशिश करूंगी, लेकिन ज्यादा इंपॉर्टेंट चीजें जो हैं उस टॉपिक से वो आपको देखने को मिलेंगी। तो ये रिवीजन के लिए भी हैं ये मैराथनंस और यही मैराथनस आप अगर स्टार्टिंग से भी तैयारी कर रहे हो तो भी हैं। ठीक है? सो मैं कोशिश करूंगी कि बेसिक टू एडवांस किस तरीके का क्वेश्चन आता है? क्या चीजें होती हैं, मैं सारा आपको बता पाऊं। ओके? तो पहले हम क्वेश्चंस करें, पहले हम कांसेप्ट करेंगे। फिर हम क्वेश्चंस करेंगे। इन सबका टोटल मिला के 189 क्वेश्चंस जो हैं वो आपको इस मैराथन में देखने को मिलेंगे। बट उससे पहले हम कांसेप्ट्स को कवर करेंगे। आप कोशिश करना ये देखना कि कांसेप्ट पढ़ने के बाद कि आपसे पीवाईक्यूस सॉल्व हो रहे हैं जो हम इसी क्लास में सॉल्व करेंगे। ओके? चलिए जी। अब देखो, इंडियन स्कूल्स ऑफ फिलॉसफी है, वेस्टर्न स्कूल्स ऑफ फिलॉसफी है। तो हमें फिलॉसोफी के बारे में बेसिक आईडिया होना चाहिए। सो फिलॉसोफी से रिलेटेड आपको ये पता होना चाहिए कि उसका मतलब क्या है। ओके? सो फिलॉसोफी ग्रीक वर्ड से आया है। ये बात याद रख लो क्योंकि ये क्वेश्चन पहले आता था। आजकल नहीं आता है कि कौन से वर्ड से आया है फिलॉसफी, बट पता नहीं चलता सडनली कोई क्वेश्चन पॉप अप हो जाए। तो ग्रीक वर्ड से आया है भाई, फिलो प्लस सोफिया। सो फिलो मतलब लव और सोफिया मतलब विजडम। यानी आप विजडम की सर्च में हैं। विजडम को प्यार करते हैं। ठीक है? लव फॉर विजडम लगा लो। लव ऑफ विजडम लगा लो। या फिर आप लगा लो कि आप जो हैं ट्रुथ की सर्च में हो। ओके? इसीलिए इसका लिटरल मीनिंग जब आप देखोगे फिलॉसोफी का तो वो निकल के आता है कि फिलॉसोफर जो है वो कॉन्स्टेंटली लगातार हर जगह सच की ट्रुथ की सर्च में आपको दिखाओ दिख देखने को मिलेगा। सो वो फिलॉसोफर होता है जो हमेशा सच की तलाश में होता है। ओके? देन लेटिन वर्ड से आया है जी एजुकेशन क्योंकि हमें फिलॉसोफिकल एजुकेशन या एजुकेशन ऑफ फिलॉसोफी पढ़नी है।

00:41

Speaker A

ठीक है? ठीक है? तो लेटिन वर्ड एजुकेटम देखो बहुत सारे वर्ड्स हैं जैसे एड्यूसियर है, एडुकेयर है, एडुसियर है, एडुकेटम है। ये सारे ही वर्ड्स जहां से एजुकेशन निकला है वो लेटिन वर्ड्स हैं। जहां से फिलॉसफी निकला है वो आपका ग्रीक वर्ड है। ठीक है जी? मतलब वही है एजुकेशन का कि अपना बेस्ट। बच्चे के अंदर से बेस्ट बाहर निकालना। टू ड्रॉ आउट, टू लीड आउट, टू ब्रिंग अप। ठीक है? या टू ड्वेल। तो सारी चीजें अपना बेस्ट जब आप देने की कोशिश करते हो, बच्चे का बेस्ट बाहर निकालने की कोशिश करते हो, दैट इज़ एजुकेशन। ओके? अब एडमम जॉन एडमम्स जो हैं, उन्होंने एजुकेशन को बायपोलर प्रोसेस बोला है। बाय मतलब दो। पोलर मतलब पोल यानी दो पोल जिसमें एक टीचर होगा, एक स्टूडेंट होगा। तो दो पोल हैं। उसको ये एजुकेशन को एक्सप्लेन करते हैं ओवरऑल। जॉन डूई जो है, इसी में दो की जगह तीन पोल इंट्रोड्यूस करते हैं कि भ एक पोल टीचर है, एक पोल बच्चा है और एक जो है आपका क्या रहेगा, आप चाहे सोसाइटी लगा लो, चाहे करिकुलम लगा लो तो एक एनवायरमेंटल फैक्टर भी रहेगा, सोशल फैक्टर, जिसको जॉन डूई ने इंक्लूड करने की जो है वो जरूरत समझी और इंक्लूड किया। जॉन डूई को हम जब वेस्टर्न फिलॉसफीज पढ़ेंगे तो हम प्रगमेटिज्म में भी पढ़ेंगे। प्रगमेटिज्म में प्रगमेटिज्म की फिलॉसफी और जॉन डूई ने ही उन्हीं को ही रिलेट किया जाता है प्रोग्रेसिविज्म वर्ड से। ठीक है? प्रोग्रेस...

00:54

Speaker A

हूं। हमें अब बहुत वाइड सिलेबस है 10 यूनिट का। ऑब्वियस सी बात है। तो उस यूनिट्स का उन सारी यूनिट्स को कई बार कवर कर पाना मुश्किल हो जाता है। इसलिए ये मैराथनंस हैं ताकि आपको डिटेल्ड वीडियो में भी जाने की जरूरत ना पड़े और बेयर

01:08

Speaker A

मिनिमम आप ये चीजें कर लो। सो ये मिनिमम और मैक्सिमम दोनों रहेंगे आपके लिए। पेपर वन के लिए ऑलरेडी 10 अपडेटेड मैराथों्स मैं लास्ट साइकिल में यानी कि अभी हम जून 2026 के लिए पढ़ रहे हैं। तो मैं दिसंबर

01:21

Speaker A

के टाइम पे वो अपडेटेड मैराथों्स डाल चुकी हूं। वो आपके लिए मोर दैन इनफ है। आप वो कवर कर सकते हो। 10 की 10 मैराथन आपका 40 प्लस स्कोरर्स जरूर बनेगा अगर आपने अच्छे से फॉलो किया है तो। ओके? अब और सारी की

01:33

Speaker A

सारी क्लासेस इंकलकेट लर्निंग पे बिल्कुल एब्सोलुटली फ्री हैं। आप सारी क्लासेस देख के खुद के नोट्स बना सकते हो। ओके? अगर आप नोट्स नहीं बनाना चाहते हो बाय एनी विच रीज़न तो आप जो है इनकी पीडीएफ्स ले सकते

01:44

Speaker A

हो। वो ऑब्वियसली पेड होगी। ठीक है? सो जो जिनके पास टाइम है, जो स्टूडेंट्स हैं प्लीज मेक योर ओन नोट्स। अपने नोट्स से बढ़कर कुछ नहीं होता। अब ये 10 यूनिट्स की अपडेटेड मैराथोंस आने वाली हैं। ये पहली

01:55

Speaker A

मैराथन है जिसमें आपका स्वागत है। एजुकेशनल स्टडीज यानी यूनिट वन है। जी। ऐसे-ऐसे करके हम 10 की 10 यूनिट्स कवर करेंगे। कोशिश रहेगी जितनी जल्दी कवर हो पाए। जैसे ही मेरी मैराथन कंप्लीट होगी मैं रिकॉर्ड करूंगी और डाल दूंगी। ये

02:09

Speaker A

प्रोसीजर रहता है। ओके? सो कोशिश रहेगी जल्दी से जल्दी आए। मैं भी अपनी तरफ से बेस्ट ट्राई करूंगी। आप भी अपनी तरफ से अच्छे से पढ़िए। नोट्स बनाइए और अपना बेस्ट दीजिए। ठीक है? इस मैराथन में जो है आपको

02:20

Speaker A

पहले कांसेप्ट देखने को मिलेगा सब टॉपिक वाइज टॉपिक इन द सेंस क्योंकि एक्सपीरियंस है मुझे इतना अब कंपैरेटिवली अब तो पांच साल हो गए हैं पढ़ाते हुए सो इतना एक्सपीरियंस तो है कि किस कांसेप्ट से किस तरीके के क्वेश्चन आते हैं। सो आपको

02:34

Speaker A

अननेसेसरी चीजें आपको इस मैराथन में देखने को नहीं मिलेंगी। कोई अननेसेसरी प्रमोशन भी देखने को नहीं मिलेगा किसी भी चीज का। क्योंकि अपनी तो सारी वीडियोस वैसे भी फ्री हैं। मैं किसी और चीज का भी प्रमोशन नहीं करती हूं। ओके? सो अब इस मैराथन में

02:46

Speaker A

आपको कांसेप्ट्स उसके साथ-साथ प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस आपको कई बार इशू होता है कि यूनिट वाइज़ पीवाईक्यूस कहां से करें? ओके?

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Speaker A

सो मैंने 2018 यानी कि जुलाई में जो पेपर हुआ था जून जुलाई में 2018 में तब से लेके जितने भी पेपर हुए हैं एजुकेशन के उन सब में से नेट के पेपरों की बात कर रही हूं। उन सब में से यूनिट वाइज़ क्वेश्चंस सॉर्ट

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Speaker A

कर दिए हैं। हर एक पेपर के जैसे 100 क्वेश्चन है मान लो ये 90 क्वेश्चन हैं। कई बार 10 का मैराथन आ जाता है। 10 क्वेश्चन का सॉरी कंप्रहेंशन आ जाता है। तो जो भी क्वेश्चंस हैं वो हर एक क्वेश्चन

03:18

Speaker A

आपकी इन टोटल 10 क्लासेस में कंप्लीट हो जाएगा। ओके? सो इट्स लाइक आपको अलग से प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस भी करने की जरूरत अब नहीं पड़ेगी इन मैराथोंस के बाद। क्योंकि अभी जून 2026 की साइकिल के लिए यही मैराथनस आपके लिए मोर दन इनफ है। बस

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Speaker A

यही भगवान है। ऐसा मान के चलो। ओके? मैं अपनी तरफ से बहुत अच्छा करवाने की कोशिश कर रही हूं। आप भी करना। ओके? सो 10 यूनिट्स हैं। जी। पहली यूनिट आपका स्वागत है। वेलकम टू इंकलकेट लर्निंग एंड दिस इज़

03:44

Speaker A

प्रेजेंटेड बाय मी रवीना। ओके? सो ये फर्स्ट यूनिट में चार पार्ट हैं। ये पहला पार्ट है जिसको हम कवर करेंगे। ये चीज मैंने सिर्फ इसलिए डाली है कि ये 17 क्वेश्चन पेपर्स से छांट के यूनिट वाइज मैंने क्वेश्चंस अरेंज किए हैं। तो वो 10

03:59

Speaker A

की 10 यूनिट्स में आपको इन क्वेश्चन पेपर्स जो हैं उनसे सारे क्वेश्चंस कवर हो जाएंगे। ओके? एक बार पेपर रद्द भी हुआ था। देखो ये मैंने लिखा भी है कि इट वा इट गॉट कैंसल्ड। सो इसके बाद ये हुआ था। तो मैंने

04:11

Speaker A

सारे पेपर्स इंक्लूड किए हैं। ओके? अपना लेवल बेस्ट ट्राई करते हुए। ओके जी। अब हम पहले ये जो यूनिट है हमारी यूनिट का फर्स्ट पार्ट चार पार्ट हैं ऐसे एक में इन्होंने इंडियन स्कूल्स ऑफ फिलॉसफी की बात की है। बी पार्ट में इन्होंने

04:25

Speaker A

वेस्टर्न स्कूल्स ऑफ फिलॉसोफी की बात की है। सी पार्ट में थोड़ी सोशियोलॉजी की बात की है और डी पार्ट में इन्होंने एजुकेशनल थिंकर्स की और नेशनल वैल्यूस की बात की है। ये ब्रॉड है पहली यूनिट का सिलेबस। यूनिट वाइज स्पेसिफिक नहीं होता कि किस

04:40

Speaker A

यूनिट से कितने क्वेश्चन आएंगे। टेक्निकली तो बराबर-बराबर बटे हुए होने चाहिए। बट जैसे 2018 के टाइम पे होता था ना जून मतलब ये देखो ये वाला जो पेपर है इन पेपरों में आपको देखने को मतलब मैंने जब अरेंज की

04:53

Speaker A

चीजें तो मुझे देखने को मिला कि वहां पे फिर भी कई बार ये होता था कि यूनिट नंबर थ्री से ज्यादा आ गए यूनिट नंबर वन से ज्यादा क्वेश्चंस आ गए लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब आप कोई भी यूनिट छोड़ने का रिस्क

05:04

Speaker A

नहीं उठा सकते हो अगर आप जीआरएफ के लिए टारगेट कर रहे हो। आपको 10 की 10 यूनिट्स करनी है। जितना मैं करवाऊं उतना भी आप कर लेंगे तो आपका जीआरएफ कहीं नहीं गया है। ओके? सो जो जो इंपॉर्टेंट है जो जो चीजें

05:16

Speaker A

ऑलदो मैंने सारे टॉपिक्स जो भी आपके सिलेबस में मेंशन है सबको थोड़ा-थोड़ा टच करने की कोशिश करूंगी लेकिन ज्यादा इंपॉर्टेंट चीजें जो है उस टॉपिक से वो आपको देखने को मिलेंगी। तो ये रिवीजन के लिए भी हैं ये मैराथनंस और यही मैराथनस आप

05:29

Speaker A

अगर स्टार्टिंग से भी तैयारी कर रहे हो तो भी हैं। ठीक है? सो मैं कोशिश करूंगी कि बेसिक टू एडवांस किस तरीके का क्वेश्चन आता है? क्या चीजें होती हैं मैं सारा आपको बता पाऊं। ओके? तो पहले हम क्वेश्चंस

05:39

Speaker A

करें, पहले हम कांसेप्ट करेंगे। फिर हम क्वेश्चंस करेंगे। इन सबका टोटल मिला के 189 क्वेश्चंस जो हैं वो आपको इस मैराथन में देखने को मिलेंगे। बट उससे पहले हम कांसेप्ट्स को कवर करेंगे। आप कोशिश करना ये देखना कि कांसेप्ट पढ़ने के बाद कि

05:52

Speaker A

आपसे पीवाईक्यूस सॉल्व हो रहे हैं जो हम इसी क्लास में सॉल्व करेंगे। ओके? चलिए जी। अब देखो इंडियन स्कूल्स ऑफ फिलॉसोफी है, वेस्टर्न स्कूल्स ऑफ़ फिलॉसफी है। तो हमें फिलॉसोफी के बारे में बेसिक आईडिया होना चाहिए। सो फिलॉसोफी से रिलेटेड आपको

06:06

Speaker A

ये पता होना चाहिए कि उसका मतलब क्या है। ओके? सो फिलॉसोफी ग्रीक वर्ड से आया है। ये बात याद रख लो क्योंकि ये क्वेश्चन पहले आता था। आजकल नहीं आता है कि कौन से वर्ड से आया है फिलॉसफी बट पता नहीं चलता

06:17

Speaker A

सडनली कोई क्वेश्चन पॉप अप हो जाए। तो ग्रीक वर्ड से आया है भाई फिलो प्लस सोफिया। सो फिलो मतलब लव और सोफिया मतलब विज़डम। यानी आप विज़डम की सर्च में हैं। विज़डम को प्यार करते हैं। ठीक है? लव फॉर

06:31

Speaker A

विज़डम लगा लो। लव ऑफ़ विज़डम लगा लो। या फिर आप लगा लो कि आप जो है ट्रुथ की सर्च में हो। ओके? इसीलिए इसका लिटरल मीनिंग जब आप देखोगे फिलॉसोफी का तो वो निकल के आता है कि फिलॉसोफर जो है वो कॉन्स्टेंटली लगातार

06:45

Speaker A

हर जगह सच की ट्रुथ की सर्च में आपको दिखाओ दिख देखने को मिलेगा। सो वो फिलॉसोफर होता है जो हमेशा सच की तलाश में होता है। ओके? देन लेटिन वर्ड से आया है जी एजुकेशन क्योंकि हमें फिलॉसोफिकल एजुकेशन या एजुकेशन ऑफ़ फिलॉसोफी पढ़नी है।

07:00

Speaker A

ठीक है? ठीक है? तो लेटिन वर्ड एजुकेटम देखो बहुत सारे वर्ड्स हैं जैसे एड्यूसियर है, एडुकेयर है, एडुसियर है, एडुकेटम है। ये सारे ही वर्ड्स जहां से एजुकेशन निकला है वो लेटिन वर्ड्स हैं। जहां से फिलॉसफी निकला है वो आपका ग्रीक वर्ड है। ठीक है

07:15

Speaker A

जी? मतलब वही है एजुकेशन का कि अपना बेस्ट। बच्चे के अंदर से बेस्ट बाहर निकालना। टू ड्रॉ आउट, टू लीड आउट, टू ब्रिंग अप। ठीक है? या टू ड्वेल। तो सारी चीजें अपना बेस्ट जब आप देने की कोशिश

07:26

Speaker A

करते हो बच्चे का बेस्ट बाहर निकालने की कोशिश करते हो दैट इज़ एजुकेशन। ओके? अब एडमम जॉन एडमम्स जो हैं उन्होंने एजुकेशन को बायपोलर प्रोसेस बोला है। बाय मतलब दो। पोलर मतलब पोल यानी दो पोल जिसमें एक टीचर

07:40

Speaker A

होगा, एक स्टूडेंट होगा। तो दो पोल हैं। उसको ये एजुकेशन को एक्सप्लेन करते हैं ओवरऑल। जॉन डूई जो है इसी में दो की जगह तीन पोल इंट्रोड्यूस करते हैं कि भ एक पोल टीचर है एक पोल बच्चा है और एक जो है आपका

07:53

Speaker A

क्या रहेगा आप चाहे सोसाइटी लगा लो चाहे करिकुलम लगा लो तो एक एनवायरमेंटल फैक्टर भी रहेगा सोशल फैक्टर जिसको जॉन डूई ने इंक्लूड करने की जो है वो जरूरत समझी और इंक्लूड किया जॉन डूई को हम जब वेस्टर्न

08:08

Speaker A

फिलॉसफीज़ पढ़ेंगे तो हम प्रगमेटिज्म में भी पढ़ेंगे प्रगमेटिज्म में प्रगमेटिज्म की फिलॉसफी और जॉन डूई ने ही उन्हीं को ही रिलेट किया जाता है प्रोग्रेसिविज्म वर्ड से। ठीक है? प्रोग्रेसिविज्म। ओके? तो वो भी हम आगे डिस्कस करेंगे। सो

08:24

Speaker A

जॉन डूई इंपॉर्टेंट नाम है ये। अब देखो तीसरा पिलर ये सोसाइटी को एनवायरमेंट को इंक्लूड करते हैं। तो इन्होंने स्कूल को यानी ये सोसाइटी कोेंस दे रहे हैं ना। तो स्कूल यानी एजुकेशन स्कूल को अह मिनिएचर सोसाइटी भी बोला है। मिनिएचर सोसाइटी। ये

08:40

Speaker A

चीजें आगे आएंगी। बट मैं थोड़ा सा एक आपको बेस बनाने की कोशिश कर रही हूं कि यहां से भी आपको आईडिया रहे कि इस इन स्लाइड्स में हर एक चीज इंपॉर्टेंट है। ओके? कोई भी चीज रैंडमली नहीं डाली गई है। ओके? स्पेंसर ने

08:54

Speaker A

बोला कि ट्रू एजुकेशन तभी प्रैक्टिकल बन पाएगी तब जब फिलॉसफी उसकी ट्रू हो। यानी एजुकेशन और फिलॉसफी हैंड इन हैंड चलेंगे। साथ-साथ चलेंगे। एक दूसरे को कॉम्प्लीमेंट करेंगे। अगर फिलॉसफी थ्योरिटिकल पोर्शन है। सो एजुकेशन उसका प्रैक्टिकल आस्पेक्ट है। ओके? सो ट्रू एजुकेशन तभी प्रैक्टिकल

09:13

Speaker A

हो पाएगी जब उसके पीछे एक बैकअप जो है वो ट्रू फिलॉसफी होगी। ये बात स्पेंसर ने बोली। स्पेंसर ने बहुत सारा काम किया। उस काम में से हैं। सोशल स्टैटिक्स देन स्टडी ऑफ सोशियोलॉजी, प्रिंसिपल्स ऑफ सोशियोलॉजी, मैन वर्सेस द स्टेट। ये बातें

09:29

Speaker A

स्पेंसर ने की हैं। इंपॉर्टेंट हैं। नाम से पूछ ली जाती हैं कई बार। ओके? सो जॉन एडमम ने क्या बोला? जी एक तो बोला बायपोलर प्रोसेस है। दूसरा बोला कि एजुकेशन जो है वो डायनेमिक साइड है फिलॉसोफी की। ओके?

09:42

Speaker A

यानी कि एजुकेशन प्रैक्टिकल आस्पेक्ट है और फिलॉसफी जो है वो क्या है आपका? थ्योरिटिकल आस्पेक्ट है। तो डायनेमिक साइड बोल दिया यानी प्रैक्टिकल आस्पेक्ट यानी चेंज होती रहेगी। ठीक है? रोस जो है उन्होंने भी बोला। उन्होंने बोला कि

09:56

Speaker A

फिलॉसफी और एजुकेशन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। टू साइड्स ऑफ़ द सेम कॉइन। तो वो चीज आपको पता हो। ये ये चीज कई बार एग्जजेक्टली नाम लेके पूछ ली जाती हैं। अगर बहुत ईजी क्वेश्चन आना हो तो। अगर हम

10:08

Speaker A

फिलॉसफी और एजुकेशन की बात करें तो ऑब्वियसली मैंने बोला कि हैंड इन हैंड चलेंगे। इंटरडिपेंडेंट है। इंटरकनेक्टेड हैं। एक दूसरे के साथ ही चलेंगी चीजें बिना फिलॉसोफी के एजुकेशन और बिना एजुकेशन के फिलॉसफी। बिकॉज़ अगर एक थ्योरिटिकल फिलॉसोफिकल पार्ट नहीं होगा तो आप

10:21

Speaker A

प्रैक्टिकल एप्लीकेशन किस चीज की दिखाओगे? और प्रैक्टिकल एप्लीकेशन अगर नहीं हो रही है सिर्फ थ्योरी है उसका भी कोई पॉइंट नहीं है। तो दोनों ही जो है वो साथ की साथ चलेंगे आगे। ओके? ये ब्रांचेस ऑफ फिलॉसोफी आपको ओवरऑल होता है ना कई बार ब्रांचेस ऑफ़

10:35

Speaker A

फिलॉसफी को लेके काफी कंफ्यूजन देखने को मिलता है। ओके? सो मैं आपको एक चीज बता देती हूं कि कई जगह पे आपको दिखेगा कि भ एपिस्टोमोलॉजी मेटाफिजिक्स एग्जियोलॉजी फिलॉसफी ऑफ़ साइंस, फिलॉसफीज़ ऑफ़ सोशल साइंस, सिमेंटिक्स इनमें डिवाइड किया हुआ

10:48

Speaker A

है बहुत जगह पे। ओके? ये स्लाइड मैंने पहले जो रिवीज़ मैराथन थी उसमें भी डाल रखी थी। सो ये बेसिक्स हैं। यहां से बस आपको ये आईडिया हो जाए कि अगर मेटाफिजिक्स के पार्ट्स की बात आ रही है तो कॉस्मोगोनी,

11:00

Speaker A

कॉस्मोलॉजी, ऑंटोलॉजी, फिलॉसोफी ऑफ़ सेल्फ और स्कैटोलॉजी। ये वर्ड्स आपको पता हो कि अच्छा ये मेटाफिजिक्स से रिलेटेड हैं। अदरवाइज इनका ब्रॉड मीनिंग क्या रहेगा?

11:10

Speaker A

एपिस्टेमोलॉजी जो है वो नॉलेज की सर्च की बात करती है। ठीक है? कि नॉलेज स्टडी मतलब नॉलेज वर्ड आप याद रख सकते हो। तो स्टडी ऑफ़ नॉलेज लगा लो या सर्च ऑफ़ नॉलेज लगा लो या जिस प्रोसेस के थ्रू आप चीजों को

11:23

Speaker A

सीखोगे आपको चीजें आएंगी वो सारा प्रोसेस एपिस्टोमोलॉजी में इंक्लूडेड रहेगा। ओके? यानी किस तरीके से आप सीख रहे हो? कैसे सीख रहे हो? सो क्या मैं ये बोल सकती हूं कि मेथड्स जो हम यूज़ करते हैं, स्ट्रेटजी जो हम यूज़ करते हैं एजुकेशन में, पढ़ाने

11:39

Speaker A

में वो सारी की सारी वो प्रोसेस ही तो है। उसके थ्रू आप जान रहे हो। राइट? तो वो एपिस्टोमोलॉजी में आ जाएगा। ओके? देन बात आती है मेटाफिजिक्स की। कि मेटाफिजिक्स को एक वर्ड से रिलेट किया जाता है। दैट इज

11:49

Speaker A

रियलिटी। सो ये तो बेसिक है कि अगर नॉलेज वर्ड आए तो आपको एपिस्टोमोलॉजी ध्यान हो। रियलिटी वर्ड आए तो आपको मेटाफिजिक्स ध्यान हो। और अगर वैल्यूस वर्ड आए तो आपको एग्जियोलॉजी ध्यान हो। ओके? सो ये तीन चीजें हैं। कई बार इसको थ्योरी ऑफ़ नॉलेज

12:05

Speaker A

एपिस्टेमोलॉजी को, थ्योरी ऑफ़ रियलिटी, मेटाफिजिक्स को और थ्योरी ऑफ़ वैल्यू जो है वो एग्जियोलॉजी को बोल दिया जाता है। ओके?

12:12

Speaker A

बाकी ये इसके जो पार्ट हैं उसकी अगर हम बात करें कॉस्मोगोनी में ये पूछे नहीं जाते हैं बट ऑनटोलॉजी कई बार पूछ लिया जाता है। बस आपको ये पता हो कि ये सारे के सारे जो पार्ट्स हैं कॉस्मोगोनी

12:24

Speaker A

कॉस्मोलॉजी ऑनटोलॉजी स्केटोलॉजी फिलॉसोफी ऑफ़ सेल्फ ये सारे के सारे मेटाफिजिक्स के अंदर इंक्लूडेड रहेंगे। ओके? मेटाफिजिक्स में हम किस तरीके की चीजें पढ़ते हैं? किस तरीके के क्वेश्चंस पूछते हैं? वो सारी की सारी चीजें अभी आगे आएंगी जो मैं आपको

12:38

Speaker A

डिटेल में बताऊंगी। ओके? उसके बाद बात आती है एग्जियोलॉजी जिसमें हम वैल्यू सिस्टम वैल्यूस की बात करते हैं। सो थ्योरी ऑफ़ वैल्यूस भी बोला जाता है इसको। इसमें भी ये ब्रांचेस हैं। कोई फिक्स्ड नहीं है क्योंकि बहुत सारी इग्नू के इग्नू के ही

12:53

Speaker A

मटेरियल में मान लो एंथ्रोपोलॉजी के बोल कहीं मेंशन कर रखा है या कहीं फिलॉसफी मेंशन कर रखा है। कहीं एजुकेशनल फिलॉसोफी मेंशन कर रखा है। सो कई बार अलग-अलग तरीके से चीजों को एक्सप्लेन करने की कोशिश की गई है। ओके? बट आपको आईडिया हो कि अगर

13:07

Speaker A

एस्थेटिक, एथिक्स, लॉजिक की बात आ रही है क्योंकि ये जो तीन चीजें हैं ना एपिस्टोमोलॉजी, मेटाफिजिक्स और एग्जियोलॉजी ये तो बहुत बेसिक है। ये ब्रांचेस तीन तो हैं ही। मतलब उसके अलावा और धीरे-धीरे ब्रांचेस बनती रहे वो अलग

13:21

Speaker A

बात है। लेकिन ये तीन तो है ही। तो ये तीन का मतलब आपको पता होना चाहिए। जी। ओके?

13:25

Speaker A

ओके। उसके बाद है फिलॉसफी ऑफ़ साइंसेस, फिलॉसोफी ऑफ़ सोशल साइंसेस या फिर सिमेंटिक सिमेंटिक्स जो है वो कंसर्न रहेगा मीनिंग से कि डिफरेंट-डिफरेंट वर्ड्स को डिफरेंट-डिफरेंट लैंग्वेजज़ में अलग तरीके से पर्स्यू किया जाता है। वो चीज़ यहां पे

13:38

Speaker A

मेंशन है। ओके? सो ओवरऑल ये क्वेश्चंस ये मैंने पीवाईक्यूस से निकाला है ओवर द पीरियड ऑफ़ टाइम जो हमने ओवर ऑल द ईयर ऑफ़ पीवाईक्यूस देखे हैं तो उससे हमें ये समझ आता है कि जब एम्स ऑफ एजुकेशन की बात आई

13:52

Speaker A

जहां पे आप वैल्यू सिस्टम की बात करोगे तो वो एग्जियोलॉजी के अंदर आएगा। देन आप एपिस्टेमोलॉजी की बात कर रहे हो तो मेथड्स स्ट्रेटजीस किस तरीके से आप प्रोसेस मतलब उस पूरे प्रोसेस की जब बात आ गई कि नॉलेज

14:04

Speaker A

आपको कैसे मिलेगी वो आपका एपिस्टोमोलॉजी में आ गया। ऑब्जेक्टिव्स आपकी रियलिटी शो करेंगे कि क्या आप अचीव करना चाहते हो। सो वो मेटाफिजिक्स में आ जाएगा। जी। ओके?

14:14

Speaker A

ओवरऑल अगर हम एकेडमिक डिसिप्लिन के हिसाब से देखें तो ये छह ब्रांचेस जो है वो एक्सप्लेन की जाती हैं। मेटाफिजिक्स, एपिस्टमोलॉजी एथिक्स लॉजिक एंथ्रोपोलॉजी और आपका एस्थेटिक। तो इन छह की छह को मैं एक बार आपको ब्रॉड तरीके से

14:30

Speaker A

बता देती हूं। मेटाफिजिक्स को थ्योरी ऑफ़ रियलिटी, एपिस्टेमोलॉजी को थ्योरी ऑफ़ नॉलेज और एग्जियोलॉजी को थ्यरी ऑफ़ वैल्यूस भी बोला जाता है। ये बहुत बेसिक है। आपको पता होना चाहिए। पहली बात है मेटाफिजिक्स। देखो आपको चीजें यही याद रखनी है। अब

14:45

Speaker A

इन्हीं चीजों को आपके दिमाग में बिठाने के लिए थोड़ी सी और एक्सप्लेनेशन आ जाती है कि कैसे आपको समझाया जाए। ओके? सो मेटाफिजिक्स में हमें ये समझ आ गया नेचर ऑफ रियलिटी की बात हो रही है। ओके?

14:56

Speaker A

इंक्लूडिंग कैसे क्वेश्चंस? रियलिटी क्या है? क्या कॉमन कैरेक्टरिस्टिक्स हैं या एसेंस है जो जिसको हम रियल बोलते हैं कि भ ये रियल है। ओके? तो जिसको हम अल्टीमेट रियलिटी बोलते हैं। रियल रियल चीज बोलते हैं। सो या गॉड सोल कॉन्शियसनेस ये रियल

15:13

Speaker A

है नहीं है? है तो क्यों है? किस तरीके की चीजें रियल है। सो उस रियलिटी के अराउंड आपको सारे क्वेश्चंस घूमते हुए नजर आएंगे। ओके? तो आपको रटने की जरूरत नहीं है। आपको बस नेचर ऑफ़ रियलिटी वर्ड ध्यान होना

15:27

Speaker A

चाहिए। ओके? मेटाफिजिक्स को हार्ट या फिर क्राउनिंग पॉइंट भी बोला जाता है फिलॉसोफी का। ये क्वेश्चन पूछा जा सकता है। आज तक नहीं पूछा गया है कि हार्ट या क्राउनिंग पॉइंट किसको बोला गया? क्योंकि आजकल कई बार होता है कि इग्नू के मटेरियल से

15:41

Speaker A

डायरेक्ट उठ के डिट्टो लाइन आपके क्वेश्चंस में पूछ ली जाती है। ओके? देन मेटाफिजिक्स को हम डिफाइन कैसे करेंगे? जो अल्टीमेट कॉज, अल्टीमेट रियलिटी, मोस्ट यूनिवर्सल प्रिंसिपल्स ऑफ रियलिटी को समझने की कोशिश करें वो सारी चीजें मेटाफिजिक्स में आ जाएंगी। ओके? सो ये

15:58

Speaker A

रियलिटी को अल्टीमेट कारण क्या है उस रियलिटी का? प्रिसाइज़ तरीके से आप उसको समझ पाओ। उन सारी चीजों से रिलेटेड है ये। ओके? मेटाफिजिक्स जो है फाउंडेशनल साइंस है जो कि सारी रियलिटी को समझने की कोशिश कर रही है। तो आप देख पा रहे होंगे कि इस

16:15

Speaker A

पूरी स्लाइड में मैं आपको चीजें सेम समझा रही हूं कि भ रियलिटी की बात हो रही है बट अलग-अलग तरीके से चीजें आ रही है सामने। ओके? सो क्या रियलिटी है? क्या चीजें हैं?

16:25

Speaker A

कौन चीज एग्जिस्ट करती है? क्या अल्टीमेट कारण है उसके एग्जिस्टेंस का? तो वो सारी चीजें मेटाफिजिक्स में हम स्टडी करते हैं। देन बात आती है एपिस्टोमोलॉजी की। एपिस्टोलॉजी में हम नेचर ऑफ नॉलेज की बात करते हैं। हम इसमें ये देखेंगे कि मीन

16:41

Speaker A

क्या था? ओरिजिन क्या था? वैलिडेड वैलिड है या नहीं वो चीज। ठीक है? क्या हम सब कुछ जान सकते हैं? कैसे जान सकते हैं?

16:48

Speaker A

क्या लिमिट्स हैं? ठीक है? तो वो सारी चीजें जो आप जानना चाहते हो नॉलेज। तो वो सारी चीजें इसके अंदर आ जाएंगी एपिस्टेमोलॉजी में। ओके? जो एपिस्टेमोलॉजी वर्ड है वो ग्रीक वर्ड एपिस्टेम से आया है। ठीक है? एपिस्टेम मतलब नॉलेज और लोगस

17:04

Speaker A

मतलब साइंटिफिक या सिस्टेटिक तरीके से उसको पढ़ना। तो वही चीज हम पढ़ रहे हैं। स्टडी ऑफ़ नॉलेज सेम या थ्यरी ऑफ़ नॉलेज बोल लो। जैसे हमने मेटाफिजिक्स को थ्योरी ऑफ़ रियलिटी बोला था। यहां पे सारी चीजें नॉलेज के अराउंड रिवॉल्व करेंगी। सो अगर

17:19

Speaker A

कॉन्सेप्चुअल क्वेश्चन आता है। सो बी स्मार्ट कि कैसे आप रिलेट कर पाओ चीजों को। ओके? ये जो टर्म है ये सबसे पहले 1954 में जेएफ फेरियर ने यूज की ये क्वेश्चन नहीं पूछा गया है बट पूछा जा सकता है।

17:33

Speaker A

ओके? तो इन्होंने क्या किया? एपिस्टोमोलॉजी और ऑनटोलॉजी में क्योंकि ऑनटोलॉजी में ऊपर मैंने आपको बताया था कि हम अल्टीमेट रियलिटी की बात करते हैं। बट अगर हम अल्टीमेट कारण ओरिजिन जानने की कोशिश कर रहे हैं वही हम यहां कर रहे हैं।

17:45

Speaker A

तो इन्होंने बहुत सटीक तरीके से ऑनंटोलॉजी और एपिस्टोमोलॉजी में डिफरेंस जो है वो बताया था। ओके? एपिस्टोमोलॉजी जो है वो एक डिस्टिंक्ट साइंस है। अगर रीसेंट डेवलपमेंट की बात करें। ठीक है? अ बिगिनिंग इन द मॉडर्न पीरियड ऑफ़ फिलॉसोफी

17:59

Speaker A

विद डेस्क्रेट्स एंड गेनिंग प्रोमिनेंस विद द कंटेंपरेरी फिलॉसफर हसल। तो इनके टाइम पे ये चीजों के डिस्कशन हुआ। चीजें और पॉपुलराइज हुई। बात बढ़ी आगे। ओके? सो ये ब्रांच ऑफ़ फिलॉसफी जो किससे किससे डील करेगी? प्रॉब्लम ऑफ़ नॉलेज। ठीक है? सो

18:17

Speaker A

इन्वेस्टिगेट उसका ओरिजिन। नॉलेज कहां से आई? स्ट्रक्चर मेथड्स। वैलिडिटी ऑफ़ नॉलेज। सो ये वर्ड्स आपको पता होना चाहिए। जैसे एक बार पूछा गया था। नेट में नहीं पूछा गया। बाकी किसी और स्टेट एग्जाम में पूछा गया था कि जो मेथड्स हैं जो आप जिस तरीके

18:32

Speaker A

से आप पढ़ाते हो वो किसके अंडर आएंगे? तो वो एपिस्टोमोलॉजी में आएंगे। जो मैंने आपको ऊपर भी बताया था कि एम्स की बात हो तो एग्जियोलॉजी पे जाइए। ऑब्जेक्टिव्स की बात हो तो मेटाफिजिक्स पे जाइए और मेथड्स की बात हो तो एपिस्टोमोलॉजी पे जाइए। ठीक

18:45

Speaker A

है? ग्रेट। एक वर्ड होता है एपिस्टोमोलॉजी के सिनोनिमस क्राइटेरियोलॉजी। ओके? ये ग्रीक वर्ड क्राइटेरिया से आया है। क्राइटेरिया या रूल लगा लो जिसका मतलब कि होता है ना कि आप नॉलेज की बात कर रहे हो जब तो क्या चीज सही है, क्या गलत है?

19:00

Speaker A

तो एक रूल के साथ आगे बढ़ना। ओके? तो इसको कई बार ये आपका नोसियोलॉजी भी बोला जाता है जो कि नोसिस डिनोसिस वर्ड से आया है जिसका मतलब है नॉलेज इन अ क्वाइट जनरल सेंस। सो आपको बस थोड़ा आईडिया हो कि

19:14

Speaker A

एपिस्टोमोलॉजी क्राइटेरियोलॉजी नोसियोलॉजी, नोसियोलॉजी, गिनोसियोलॉजी। सो ये सारे वर्ड्स जो है वो एक तरीके से सिनोनिम की तरह यूज़ किए जाते हैं। ओके? अब जब हम इसकी बात कर रहे हैं तो देखो मैंने बोला आपको मेथड्स मेथड्स पे फोकस किया

19:29

Speaker A

यहां पे। ओरिजिन, स्ट्रक्चर, मेथड, वैलिडिटी इन चार चीजों पे फोकस किया। सो ओवरऑल हम ह्यूमन नॉलेज को ही तो स्टडी कर रहे हैं। कैसे वो चीज़ हमें मिली? किस मेथड से मिली? ओके? सो ह्यूमन नॉलेज बहुत कॉम्प्लेक्स प्रोसेस माना गया। और बहुत

19:41

Speaker A

सारी एक्टिविटीज़ इसमें इन्वॉल्व होती हैं कि आप देख के भी सीखते हो, सुन के, सूंघ के। ये तो सेंसेस के थ्रू वाली चीजें होगी। देन इंक्वायर करके इमेजिन करके समझ के कंसीव करके चीजों को रिफ्लेक्ट करके इंट्यूशन से आपके अंदर से आवाज आए जो

19:55

Speaker A

इंट्यूशन जज करके ठीक है तो बहुत सारे तरीके होते हैं जिसके थ्रू हम नॉलेज को एक्वायर करते हैं लेकिन उनमें से तीन मेन एक्टिविटीज हैं एक है एक्सपीरियंस करना अब एक्सपीरियंस आपको सुन के देख के स्मेल कैसे भी हो सकता है राइट फिर उसको समझना

20:11

Speaker A

और फिर उसको जज करना ठीक है यानी उसके ऊपर रिफ्लेक्ट बैक करना सो ये तीन तरीके तीन ये एक तरीके से ये स्ट्रक्चर माना जाता है कि कैसे आपको नॉलेज गेन होगी। आप एक्सपीरियंस करोगे। उसको समझने की कोशिश

20:24

Speaker A

करोगे और फिर आप उसको जज करोगे रिफ्लेक्ट बैक करके उस पे सोच के एविडेंस के साथ तो चीजों से सपोर्ट करके फिर आप उसको जज करोगे। ओके? सो ये तीनों चीजें आपकी एपिस्टोमोलॉजी में आएंगी। जी। तीसरा है हमने छह की बात की थी। पहला हमने

20:38

Speaker A

मेटाफिजिक्स बोला। दूसरा हमने एपिस्टोमोलॉजी बोला। देन हम एथिक्स पे आए। ठीक है? सो एथिक्स वर्ड जो है वो ग्रीक वर्ड इथोस से आया है। आपको पता है क्या चीज सही है क्या गलत है। वो कंडक्ट जिसकी जिसके थ्रू आप चीजें आगे बढ़ रहे हो चल

20:52

Speaker A

रहे हो तो इसको मोरल फिलॉसोफी भी बोला जाता है। ये जो बेसिक प्रिंसिपल्स हैं या स्टैंडर्ड्स हैं कि आप जो भी काम कर रहे हो द ह्यूमन कंडक्ट उसके क्या स्टैंडर्ड्स हैं? किस बेसिस पे आप कर रहे हो। आपके

21:04

Speaker A

अकॉर्डिंग किस बेसिस पे क्या चीज सही है और क्या चीज गलत है। ओके? तो ये सारी चीजें आपकी एथिक्स के अंदर आ जाती हैं। एथिक्स को साइंस ऑफ मोराल्स भी बोला जाता है। और दैट ब्रांच ऑफ फिलॉसफी जिसको कंस

21:17

Speaker A

जो कंसर्न है ह्यूमन कैरेक्टर और कंडक्ट से। इसी में ही यहां पे कई बार क्योंकि वो होता है ना ह्यूमन बीइंग्स डोंट लिव एंड एक्ट एट रैंडम। आप कुछ पैटर्न्स के साथ चलते हो। जो चीजें ऑलरेडी होती आ रही हैं

21:30

Speaker A

ट्रेडिशनली जो फोक एंड मोर्स चलते आ रहे हैं। मोर्स क्या रहेंगे? मोर्स लेटिन वर्ड से आया है लैटिन वर्ड से। इसका मतलब कस्टम और मैनर्स हैं। सो जो चीजें पहले से चली आ रही हैं आप उन्हीं को ही फिर सही मानने लग

21:43

Speaker A

जाते हो। ओके? तो वो आपके एथिक्स में आपके मोरल फिलॉसोफी में ऐड हो जाती हैं। सो एक तरीके से आप रैंडमली नहीं करते हो बट जो चीजें ऑलरेडी चली आ रही हैं आप उनको अडॉप्ट कर रहे हो हिस्टोरिकली, कल्चरली।

21:55

Speaker A

सो बहुत सारे फैक्टर्स हैं जो आपके एथिकल फिलॉसफी, इमोरल फिलॉसोफी को अफेक्ट करेंगे। ओके? सो ये मोरल्स की साइंस है। आप बोल सकते हो जो कि ह्यूमन कैरेक्टर और कंडक्ट से कंसर्नड है। उससे रिलेटेड है। ओके? एथिक्स को साइंस ऑफ़ व्हाट मैन ओट टू

22:10

Speaker A

डू क्या करना चाहिए? सो एक आइडियल सिचुएशन में क्या चीज होनी चाहिए वो चीज एक्सप्लेन करता है एथिक्स। ओके? इन शॉर्ट आपको जो याद रखना है दैट इज़ एथिक्स एक कैटेगोरिकली, नॉर्मेटिव, प्रैक्टिकल और साइंस है। ओके? तो ये वर्ड्स यहां पे

22:27

Speaker A

कंबाइन हो गए। कैटेगोरिकली नॉर्मेटिव प्रैक्टिकल साइंस जो है उसको हम एथिक्स बोलते हैं। ओके देन चौथे नंबर पे आता है जी लॉजिक। लॉजिक इंडक्टिव भी हो सकता है, डिडक्टिव भी हो सकता है। अगर आपने पेपर वन की थोड़ी तैयारी की हो तो लॉजिकल रीजनिंग

22:41

Speaker A

मैंने बहुत अच्छे से एक्सप्लेन किया था मैराथों्स में। आप वो देख सकते हैं। वहां से चीजें और बेटर तरीके से रिलेट कर सकते हैं। सो लॉजिक डिडक्टिव और इंडक्टिव आपको पता है मैंने आपको बताया था डिडक्टिव में डी आता है। डिडक्टिव में जनरल टू

22:55

Speaker A

पर्टिकुलर जाती हैं चीजें और इंडक्टिव में जब आप किसी पर्टिकुलर चीज से कोई जनरल कंक्लूजन निकालते हो। फॉर एग्जांपल हर एक मैन जो है वो मर्टल है। हर एक हर किसी को मौत आनी है। सोक्रेटीज़ जो है वो भी एक मैन

23:08

Speaker A

है। इसलिए सोक्रेटीज़ भी मर्टल है। सो आप एव्री हर किसी से शुरू हुए यानी एक जनरल स्टेटमेंट से आपने चीज शुरू की थी और लास्ट में आपने सोक्रेटीज़ के लिए एक स्टेटमेंट बना दी। यानी एक पर्टिकुलर स्टेटमेंट तक आप पहुंच गए। सो ये डिडक्टिव

23:24

Speaker A

रीजनिंग हो गई। डिडक्टिव लॉजिक डिडक्शन वो हो गया। जब आप पर्टिकुलर टू जनरल जाते हो कि दिस मैन इज़ मोटल। दैट मैन इज़ मोटल। यानी ये भी मोटल है, वो भी मर्टल है, फलाना भी मोटल है। इसलिए हम बोल रहे हैं

23:37

Speaker A

कि ऑल मैन आर मर्टल। सो आपने पर्टिकुलर एग्जांपल्स इंस्टेंसेस देखे और उसके बाद आप एक कंक्लूजन पे पहुंचे। सो आपने क्या कर दिया? पर्टिकुलर से जनरलाइज कर दी चीजें। सो ये इंडक्शन हो गया। ओके? सो डिड ये आपको समझ आ गया जनरल टू पर्टिकुलर

23:53

Speaker A

पर्टिकुलर टू जनरल की बात हो रही है। सो डिडक्शन डी डी से आगे आएगा। जी। तो अल्फाबेटिकली ये ध्यान रख सकते हो। डीजी वाला। अदरवाइज़ डीजीपी आईपीजी डीजीपी याद रखोगे। सो जनरल टू प्रैक्टिकल है। उससे उल्टा आपका इंडक्टिव में आ जाएगा। ठीक है

24:06

Speaker A

जी? सो ये दो तरीके की लॉजिकल रीजनिंग है। डिडक्टिव रीजनिंग जो है वो प्योर रीजनिंग है। जबकि इंडक्शन जो है वो रिककोर्स टू एक्सपीरियंस एंड ऑब्जरवेशन है। इड्शन में आपने जो जो एक्सपीरियंस किया है जो जो ऑब्जर्व किया है उसको आपने एक जनरल

24:21

Speaker A

स्टेटमेंट में डाल दिया। डिडक्शन में प्योरली रीजनिंग आपको यहां पे दिख रही है। ओके? देन आता है जी फिलॉसोफिकल एंथ्रोपोलॉजी यानी पांचवा पॉइंट आपका। ओके? सो जो फिलॉसोफिकल लैंग्वेज में अगर हम बात करें तो फिलॉसोफिकल एंथ्रोलॉजी जो है वो अभी कुछ एक टाइम से ये वर्ड सामने

24:39

Speaker A

आया है। रेनी डिस्क्रेट्स की होता है ना इन्होंने इस बारे में काफी बात की है। एंथ्रोपोलॉजी में हम ह्यूमंस की स्टडी करते हैं। ठीक है? सो एंथ्रोपोस यानी मैन और नाउन है लोगस यानी साइंस। तो ये ग्रीक वर्ड से आए हैं। फिलॉसोफिकल एंथ्रोपोलॉजी

24:54

Speaker A

जो है वो एक रिफ्लेक्शन है कि मैन एज ही इज़ उसका ओरिजिन क्या है? मैन का नेचर क्या है? है मैन की इन लाइफ का मतलब डेस्टिनी का मतलब क्या है? सो मैन से रिलेटेड ह्यूमन बीइंग से रिलेटेड हैं सारी बातें।

25:07

Speaker A

तो जब आप एंथ्रोपोलॉजी एक स्ट्रीम की तरह भी आता है अलग से जैसे अपना ये एजुकेशन है वैसे एंथ्रोपोलॉजी भी है। जैसे सोशियोलॉजी होता है, साइकोलॉजी होता है तो वैसे ही एंथ्रोपोलॉजी जहां पे आप ह्यूमन बीइंग्स की स्टडी करते हो। एंड कांत जो हैं

25:21

Speaker A

उन्होंने सबसे पहले ये टर्म यूज़ की थी। पूछी जा सकती है। ओके? तो सिस्टमैटिकली ऑर्डर्ड डॉक्ट्राइन ऑफ़ द नॉलेज ऑफ़ मैन। सो ओवरऑल फोकस यहां पे इंसान पे है कि मैं क्या हूं, क्यों हूं, मेरा पर्पस क्या है?

25:35

Speaker A

सो ह्यूमन बीइंग से रिलेटेड है सारी चीजें। देन आता है जी एग्जियोलॉजी वेरी इंपॉर्टेंट नेचर ऑफ़ वैल्यूज़ जिसमें आप वैल्यू सिस्टम की बात करते हो। सही गलत की बात करते हो। मोरालिटी, इम्मोरालिटी, राइट, रोंग, गुडनेस, बैडनेस उनकी बात करते

25:49

Speaker A

हो। ओके? सो, इसमें एक अह ब्रांच आ जाती है आपकी। जब आप ब्यूटी की बात कर रहे हो, वैल्यू ऑफ़ ब्यूटी, तो आपकी एस्थेटिक ब्रांच के अंदर आ जाएगी। यह बात आपको पता होनी चाहिए। ठीक है? जैसे आप ट्रू और

26:00

Speaker A

फॉल्स की बात कर रहे हो तो वो डोमेन ऑफ लॉजिक में आ जाएगा। अगर आप अच्छे बुरे की बात करते हो तो डोमेन ऑफ़ एथिक्स में आ जाएगा। सो एग्जियोलॉजी में मैंने आपको तीन डोमेन बताई थी ऊपर कि आपका लॉजिक, एथ

26:12

Speaker A

एथिक्स, लॉजिक और एस्थेटिक। ठीक है? तो ये तीनों चीजें आपको पता होनी चाहिए कि इनका मतलब क्या है। एस्थेटिक्स की अगर हम बात करें तो ये ग्रीक वर्ड से आया है। जी परसेप्शन कि होता है ना कि एस्थेट आपका

26:23

Speaker A

क्या परसेप्शन है किसी पर्टिकुलर चीज को लेके। ये जो टर्म है ये सबसे पहले एलेक्जेंडर बर्म गार्डन ने यूज की इन हिज वर्क एस्थेटिका। तो आपसे पूछा जा सकता है कि एस्थेटिका वर्क किसका है? किसने ये काम किया है? ओके। सो जो प्लेटो की अच्छा ये

26:39

Speaker A

दो तीन चीजें यहां से देखने को मिलती हैं कि अलेग्जेंडर बम गार्टन जो हैं उन्होंने एस्थेटिका वर्क है उनका। ये किसने लिखी है? तो उन्होंने लिखी है। रिपब्लिक प्लेटो ने लिखी है और पोएटिक्स जो है वो एरिस्टोटल ने लिखी है। ये सारी चीजें

26:53

Speaker A

फिलॉसफी के अराउंड रिवॉल्व करती हैं। और इन्होंने काफी चीजें जो है वो फिलॉसोफी में की भी हैं। कंट्रीब्यूशन रहा है। हम आगे जाके जब वेस्टर्न फिलॉसोफी की बात करेंगे। हम आइडियलिज्म रियलिज्म की बात करेंगे तब हम प्लेटो और एरिस्टोटल की बात

27:05

Speaker A

करेंगे। ओके? तो बट एरिस्टोटलल की पोएटिक्स और प्लेटो की रिपब्लिक और एलेक्जेंडर बर्मगार्टन की एस्थेटिका। ये आपको पता होने चाहिए। ओके? प्लेटो आर्ग्यू करते हैं आर्ट जो है वो इमिटेशन है और प्लेटो जो है वो सेट कर सेट अ प्रेसिडेंट

27:20

Speaker A

दैट मेनी फिलॉसोफर फॉलो इन सच व्यू एज आर्ट एक एक्सप्रेशन आर्ट को एक विश फुलफिलमेंट इस तरीके से भी लिया जाता है। सो आर्ट को इमिटेशन की तरह किसने बोला है?

27:31

Speaker A

प्लेटो ने बोला है। ओके जी। सो एग्जियोलॉजी में हम थ्योरी ऑफ़ वैल्यू नेचर ऑफ़ वैल्यू स्टडी बात करते हैं वैल्यू सिस्टम की। बहुत सारी फिलॉसोफीस हैं। ये मैंने बेसिक बता दिया फिलॉसफी का, फिलॉसोफी की ब्रांचेस का। वेस्टर्न और

27:44

Speaker A

इंडियन फिलॉसफी ये है मेजरली जो हमें पढ़नी है। हमें दोनों ही पढ़नी है वेस्टर्न और इंडियन। इंडियन में कई बार फर्दर जो है वो क्लासिफिकेशन बन जाती है। ऑर्थोडॉक्स और अनऑर्थोडॉक्स की। ऑर्थोडॉक्स जो वेदाज़ में भगवान में बिलीव

27:58

Speaker A

रखते हैं वो आस्तिक स्कूल है ये। और अनऑर्थोडॉक्स जो बिलीव नहीं करते वेदास की अथॉरिटी में इनको नास्तिक स्कूल बोला जाता है। आस्तिक में ये छह स्कूल्स आते हैं। कई बार षड दर्शन के नाम से भी इनको बोला जाता

28:12

Speaker A

है। षड दर्शन। ओके? देन अन ऑर्थोडॉक्स की बात करें उसमें मेजरली ये तीन आते हैं। चरक फिलॉसफी, जैन फिलॉसोफी और बुद्धिस्ट फिलॉसफी। हम इन सबको डिटेल में पढ़ेंगे। लेकिन उससे पहले क्योंकि ये यूनिट में जो पहला पार्ट है हमारा इंडियन फिलॉसोफीस का

28:28

Speaker A

है। तो हम इंडियन फिलॉसोफी के कुछ फीचर्स बेसिक फीचर्स की बात कर लेते हैं जहां से क्वेश्चन आ जाता है कई बार। ओके? सो इंडियन फिलॉसोफी हमारा मतलब ये होता है इससे कि भ जो इंडियन सोॉइल पे धरती पे

28:39

Speaker A

भारतीय धरती पे जो जो फिलॉसोफिकल सिस्टम्स बने हैं उगसे हैं यहां पे। ठीक है? जिनकी उपज हुई है यहां तो वो इंडियन फिलॉसोफी में आएंगे। कई बार आप कंफ्यूज कर जाते हो। कुछ एक स्कॉलर्स इसको बोलते भी हैं कि

28:52

Speaker A

इंडियन फिलॉसफी का मतलब है आप हिंदू फिलॉसोफी की बात कर रहे हो। व्हिच इज़ नॉट राइट। बिकॉज़ हमने चरक, जैनिज्म और आपका बुद्धिज्म की भी बात की जो अनऑर्थोडॉक्स स्कूल्स हैं बट वो भी इंडियन फिलॉसफी में ही आते हैं। लेकिन वो हिंदू फिलॉसोफी में

29:06

Speaker A

नहीं आते हैं। ओके? सो ये बात आपको समझनी चाहिए कि जब फिलॉसोफी की बात हो रही है तो इंडियन फिलॉसोफी को डेज़िग्नेट किया जाता है दर्शन की तरह। जैसे मैंने षट दर्शन की बात की थी। तो दर्शन का एक्चुअल मीनिंग

29:19

Speaker A

होता है इंट्यूटिव विज़न। दर्शन। किस तरीके से आप किसी चीज को देख रहे हो, पर्सव कर रहे हो। सो फिलॉसफी को फिलॉसफी से नियरेस्ट इक्विवेलेंट टर्म जो रिलेट की जाती है दैट इज़ दर्शन। ओके? और इंडियन फिलॉसफी जो है उसमें सुप्रीम गोल जो है

29:36

Speaker A

लाइफ का कि आप क्या करना चाहते हो? लाइफ ह्यूमन लाइफ अगर मिली है आपको तो आप क्या-क्या करोगे? वो किस टर्म के अंडर आते हैं? पुरुषार्थ टर्म के अंडर आते हैं। इनफैक्ट एंथ्रोपोलॉजी में एक थ्योरी भी है। ये थ्योरी ऑफ़ पुरुषार्थ। यानी ह्यूमन

29:50

Speaker A

बीइंग पैदा किस लिए हुआ है? क्या काम करने के लिए हुआ है? क्या पर्पस है? क्या गोल है उसकी लाइफ में? तो चार गोल्स की बात करते हैं जो हम अभी करेंगे बात इन स्पेशल फीचर्स के बाद। सो थ्योरी ऑफ़ पुरुषार्थ।

30:01

Speaker A

तो पुरुषार्थ वर्ड आए तो आपको पता होना चाहिए कि अच्छा सुप्रीम गोल्स की बात हो रही है कि ह्यूमन लाइफ आपको मिली है तो आप क्या काम करोगे? तो इसके अंदर हम कई चार चीजें पढ़ते हैं वैसे तो बट यहां पे देखो

30:12

Speaker A

वेल्थ, सेंशियस, एंजॉयमेंट यानी काम। ठीक है? इनको हम लोअर वैल्यूस मानते हैं और वेल्थ को अर्थ बोलते हैं। अभी लिखेंगे हम आगे आएगा थ्योरी ऑफ़ पुरुषार्थ में। और धर्म और राइटियसनेस यानी ठीक करना चीजें। सही चीजें। धर्म आपकी ड्यूटी क्या है?

30:28

Speaker A

राइट चीजें करना। सो वो जो है आपकी हायर वैल्यू में आ जाएगी। और ऑब्वियसली सबसे हाईएस्ट वैल्यू मोक्ष को माना गया है। तो चार वैल्यूज़ हैं जी जिनको हम पुरुषार्थ बोलते हैं कि आप धरती पे आए क्यों हैं

30:40

Speaker A

उसके लिए। ओके? अब स्पेशल फीचर्स की बात करें तो ऑलमोस्ट सारे स्कूल्स जो हैं वो अल्टीमेट गोल मोक्ष को लिबरेशन को ही मानते हैं। ठीक है? बट जैसे पुरानाज़ हैं वो लाइफ आफ्टर डेथ जो हैं उसको भी पॉइंट

30:53

Speaker A

आउट करते हैं कि लाइफ आफ्टर डेथ में है स्वर्ग या नर्क वाली चीज आएगी। बट इंटेलेक्चुअली हम मानते हैं कि एक पॉइंट पे आपको ये जो बर्थ और डेथ की साइकिल है उससे जब आप ऊपर उठ जाओगे तो मोक्ष की

31:06

Speaker A

प्राप्ति आपको हो जाएगी लिबरेट हो जाओगे तो ये सारी फिलॉसोफीस इसके बारे में बात करती है ओके जैसे हम बुद्धिज्म की बात करेंगे वो इंडियन फिलॉसोफी है वो भी निर्वाणा की बात करती है जैनिज्म भी लिबरेशन की बात करते हैं। हिंदू फिलॉसोफीस

31:19

Speaker A

भी सारी की सारी वेदांता वगैरह की जब हम बात करेंगे तो वो सारी भी बात अल्टीमेटली किसकी कर रही है? मोक्ष प्राप्ति की बात कर रही हैं। तो मोक्ष और लिबरेशन अल्टीमेट ऐ माना जाता है जब हम इंडियन फिलॉसोफीज़ की

31:31

Speaker A

बात करते हैं। ओके? इंडियन फिलॉसफीज़ जो है वो एक्सपेक्ट करती हैं द सीकर्स आफ्टर टू ट्रुथ एंड रिलीज़ टू लीड अ लाइफ ऑफ़ रनोसिएशन। सो वो आफ्टर वाली चीज़ कि आप वो सारे के सारे थॉट्स जो है वो इस पे मानते

31:44

Speaker A

हैं कि सफरिंग जो है वो होगी आपको। सफरिंग जो है उसी की वजह से फिर आप जो है मोक्ष की प्राप्ति के लिए आगे बढ़ोगे। सो ये चीज आपको आगे करते हुए जाना पड़ेगा। सो लाइफ ऑफ़ अटैचमेंट आप जब अटैच होके रहते हो चाहे

31:58

Speaker A

चीजों से ये तो आप अपनी डेली लाइफ में भी ऑब्जर्व कर सकते हो। जब आप चीजों से अटैच होने लग जाते हो। मान लो आपने गाड़ी ली है या मान लो छोटा बच्चा है साइकिल नहीं ली है या बाइक या स्कूटी नहीं ली है और उस पे

32:09

Speaker A

स्क्रैच लग गया। किसी ने मांग ली तो जब आप अटैच हो के रहते हो उससे तो आपको बहुत हर्ट होता है कि यार मेरी स्कूटी लेके गया था और उसने तोड़फोड़ कर दी या ऐसे डब डब्बे की तरह हिल रही है अब वो। राइट? सो वो

32:22

Speaker A

डिपेंड करता है। तो लाइफ जब अटैचमेंट के साथ आपने चीजें कर ली जब आप अटैच हो गए किसी भी चीज से चाहे वो ट्रेडिशन हो चाहे वो आपकी जॉब हो। किसी भी चीज से जब आप अटैच हो गए सो वो चीज आपको जो है वो

32:34

Speaker A

सफरिंग की तरफ लेके जाएगी। लेकिन जो लाइफ ऑफ डिटचमेंट है वो आपको इटरनल सोलेस और जो होता है ना संतुष्टि, सैटिस्फैक्शन वो आपको कौन लेके जाएगा? जब आप लाइफ ऑफ़ डिटचमेंट जो है वो जिओगे। सो ये लाइफ ऑफ

32:48

Speaker A

अटैचमेंट, डिटचमेंट, सफरिंग इसकी बात भी सारी फिलॉसोफीस करती हैं। ओके? देन कमेंसमेंट ऑफ इंडियन फिलॉसफी किस पे बेस्ड है? सफरिंग्स पे बेस्ड है क्योंकि तो इसलिए कई बार क्योंकि हम सफरिंग्स की बात कर रहे हैं कि ये तो होएगा झेलना पड़ेगा।

33:03

Speaker A

देन जाके आप जो है इल्यूमिनेसिएशन आपको मिलेगा, लिबरेशन मिलेगा। सो वो सारी चीजें देखते हुए कई बार जो क्रिटिसिज्म करते हैं इंडियन फिलॉसफीज़ का वो बोलते हैं कि भैसिमिस्टिक है, निराशावादी हैं चीजें। लेकिन अगर आप ओवरऑल देखोगे तो पैसिमिज्म से शुरू हो रही

33:20

Speaker A

है चीजें लेकिन एक ऑप्टिमिज्म की तरफ आपको लेके जा रही हैं क्योंकि हम उस उन ये जो सफरिंग है इससे कैसे निजात पाई जाए उसकी भी बात करते हैं। सो हम ऑप्टिमिज्म की यानी निराशावादी नहीं हम आशावादी की भी

33:33

Speaker A

बात करते हैं आशावाद की और उसके बाद हम इटरनल प्रगमेटिज्म कैसे मिलेगा? आप आपको लिबरेशन कैसे मिलेगा? उसकी भी बात करते हैं। सो जो क्रिटिसाइज करते हैं वो पैसिमिस्ट बोलते हैं हमें इंडियन फिलॉसोफर्स या इंडियन फिलॉसोफी को। लेकिन

33:48

Speaker A

अगर आप इंडियन थिंकिंग देखोगे तो इट स्टार्ट्स विद पैसिमिज्म पाससेस थ्रू ऑप्टिमिज्म एंड देन कल कलमिनेट्स इन इटरनल प्रगमेटिज्म। ठीक है जी। इसी में फर्दर क्योंकि ये बोलते हैं इंडियन फिलॉसफर्स या फिलॉसोफी जो है वो तीनों चीजों को सीरियसली लेती

34:04

Speaker A

हैं कि सत्य यानी आपका एग्जिस्टेंस, ट्रुथ। ठीक है? कॉन्शियसनेस और फिर एवरलास्टिंग हैप्पीनेस। सो ये प्लेजर की भी बात करते हैं, पेन की भी बात करते हैं। सब चीजों की बात कर रहे हैं। सो ये तीन वर्ड सत, चित्त, आनंद। तो सत मतलब

34:18

Speaker A

एग्जिस्टेंस व्हिच इज़ ट्रुथ एंड सित यानी कि आपका सतचित बोलते हैं इसको। वैसे तो सत, चित, आनंद। तो चित मतलब कॉन्शियसनेस आपकी और आनंद मतलब हैप्पीनेस, एवरलास्टिंग हैप्पीनेस। सो ये तीनों चीजों की बात जो है वो इंडियन फिलॉसोफीस में की जाती है।

34:33

Speaker A

फोर्थ और फिफ्थ पॉइंट स्लाइड हट वो नहीं लगा एनिमेशन बट इट्स ओके। तो देखो फोर्थ में हम बात कर रहे हैं कि जो हायरार्की है उसमें ये चार तरीके की चीजों की बात कर रहे हैं एज पर ऑर्थोडॉक्स फिलॉसोफी। तो जो

34:45

Speaker A

अनऑर्थोडॉक्स फिलॉसोफीस हैं या जिस कई बार हम इनको हेट्रोडॉक्स फिलॉसोफीस भी बोल देते हैं जो आपकी चरक, जैनिज्म और बुद्धिज्म की फिलॉसोफी हैं। सो इसमें मेजरली चार चीजों की बात हो रही है। जी काम जो हमने ऊपर बात की थी सेंशियस प्लेजर

34:59

Speaker A

की तो वो लोएस्ट वैल्यू है। अर्थ यानी वेल्थ वो आपकी लोअर वैल्यू है। धर्म या राइटिश राइट राइट वाली चीजें वो आपकी हायर वैल्यू है और मोक्ष आपकी हाईएस्ट वैल्यू में आएगी। ये मतलब आपको पता होना चाहिए कि

35:13

Speaker A

जब हायर वैल्यू बोल रहे हो, लोअर वैल्यू बोल रहे हो उसका मतलब क्या है या किसको आप बोल रहे हो। लेकिन जब हम थ्योरी ऑफ़ पुरुषार्थ पढ़ेंगे उसमें ये कंटिन्यूटी में सीक्वेंस में आएंगी कि भ पहला गोल ये है

35:24

Speaker A

लाइफ का। दूसरा ये है, तीसरा ये है, चौथा ये है। सो वो चारों उस सीक्वेंस में याद रखेंगे हम। आप इस सीक्वेंस में याद नहीं रखेंगे। ठीक है? देन है जी हर एक जो फिलॉसफी है इंडियन फिलॉसफी वो लिबरेशन की

35:38

Speaker A

बात करती है। तो कुछ थिंकर्स जो हैं वो जीवन मुक्ति को एडवोकेट करती हैं यानी आगे बढ़ाना चाहती हैं। जीवन मुक्ति मतलब जीवन रहते रहते ही लिबरेशन। सो लिबरेशन वाइल अलाइव तो आप जिंदा हो बट मुक्ति मिल गई।

35:51

Speaker A

ऐसे वाला और विदेह मुक्ति मतलब आपका जब बॉडी और सोल ही अलग हो गए। डिसइीग्रेट हो गए। तो मरने के बाद की जो मुक्ति मिल रही है उस लिबरेशन को विदेह मुक्ति बोला जा रहा है। तो आपको ये मतलब पता होना चाहिए।

36:03

Speaker A

ओके? और साल्वेशन तो साइलेंट फीचर रहा ही है इंडियन फिलॉसफी का क्योंकि साल्वेशन की तरफ जब आप आगे बढ़ते हो उसी वही एक ऑप्टिमिज्म आपके अंदर लेके आता है और एक आप लाइफ को एक ब्राइटर साइड की तरह देखने

36:16

Speaker A

लग जाते हो। ठीक है? देन है जी दूसरा इंपॉर्टेंट कैरेक्टरिस्टिक है लॉ ऑफ़ कर्मा। जैसे हमने लॉ ये पुरुषार्थ की थ्योरी भी बात की ऊपर अभी डिटेल में भी करेंगे। ऐसे ही कर्म की भी थ्योरी है। सो चाहे ये आपका बुद्धिज्म जैनिज्म हो, चाहे

36:30

Speaker A

आपकी ऑर्थोडॉक्स फिलॉसफीस हो वो सारे के सारे कर्मों पे बिलीफ रखते हैं कि जैसा आप बोगे वैसा ही आप काटोगे। ओके? तो इनफैक्ट थोड़ा और डिटेल में अगर हम जाएं तो इसमें कर्म की जो बात आती है तो कर्म में क्या आ

36:44

Speaker A

जाता है कि जो इसमें तीन तरीके के कर्म है। एक है संचित कर्म देन आपका ये आपका प्रारबद्ध कर्म। अगर मैं प्रोनाउंस गलत कर रही हूं तो मुझे माफ़ कीजिएगा। और एक है आगमिक कर्म। ठीक है? तो ये तीनों कर्म का

36:56

Speaker A

मतलब आपको पता होना चाहिए। इसीलिए मैंने इनको थोड़ा सा बोल्ड रखा है। ओके? तो समझने के लिए आप ये समझिए कि जो कर्म आप मतलब ना जिसकी वजह से आप दोबारा जन्म ले रहे हो या पिछले जन्म में कुछ हुआ हो तो

37:09

Speaker A

वो जो सारे ओवरऑल टोटल कर्मों की बात कर रहे हैं वो हैं संचित कर्म। ओके? जिन कर्मों का फल हमें ऑलरेडी मिलना शुरू हो गया है, चाहे हमने पहले अच्छे कर्म किए हो, बुरे कर्म किए हो, लेकिन जिनका कर्म

37:21

Speaker A

हम अभी भोग रहे हैं, दैट इज प्रारबद्ध कर्म। ओके? और तीसरा है आगमिक कर्म यानी आगे आने वाले कर्म जो हमारे बिहेवियर की वजह से आगे अब और चीजें होएंगी। फ्यूचरिस्टिक जो चीजें होने वाली हैं। ओके? सो ये तीन कर्म है। जी। इवन दोज़

37:39

Speaker A

सिस्टम्स जो एक्सेप्ट नहीं करते गॉड को। जैसे हमने बात की इसकी बुद्धिज्म की या जैनिज्म तो गॉड को मानता है लेकिन वो जिन्ना से नीचे रखता है जो हम अभी आगे देखेंगे। जिन्ना से नहीं अ आपके सॉरी सॉरी

37:51

Speaker A

सॉरी तीर्थंकरों से नीचे रखता है। जिन्ना तो इस्लाम में आ गया। ठीक है? सो गॉड में जो मानते हैं नहीं मानते सब लोग डॉक्ट्राइन ऑफ़ कर्मा में जरूर मानते हैं। ठीक है? सो अब ये तीन चीजें जो हैं इनको

38:03

Speaker A

आप समझने की कोशिश करो कि इसको एक एरो ऑफ़ थ्योरी एरो एरो एनालॉजी से हम समझते हैं। ठीक है? तो संचित कर्म मतलब मान लो आप जो है निशाना लगा रहे हो कुछ ओके एक तो है जो तीर आपने कमान पे तान रखा है ठीक है एक जो

38:18

Speaker A

तीर निकल के निशाने पे लग चुका है और एक जो तीर और मेरी पीछे रखे हुए हैं जिनके थ्रू मुझे आगे निशाना लगाना है तीन तरीके हुए ना तो जो ऑलरेडी लग चुका है निशाने पे वो है जी प्रारबद्ध यानी अब वो रोका नहीं

38:32

Speaker A

जा सकता आपने जो कर्म करने थे पहले कर चुके हो उनका फल अभी मिलेगा ठीक है चाहे इस जन्म में मिले चाहे चाहे अगले जन्म में मिले या जो इस जन्म में मिल रहा है वो पिछले जन्मों का मिल रहा हो व्हाटएवर इट

38:44

Speaker A

इज़ सो उसको हम प्रारबद्ध कर्म बोल रहे हैं कि ये ये वो तीर है जो कमान से निकल के लग चुका है निशाने पे आप रोक नहीं सकते इसको ओके संचित जो है वो जो लाइन में लगे हुए

38:56

Speaker A

एरो है और आगामी कर्म जो आप अभी कर्म कर रहे हो मतलब आपने एम लगा रखा है तो जो चीजें अभी आप कर रहे हो वो आगामी कर्म आपके आगे के लिए दिखेंगी चीजें और संचित कर्म मतलब ओवर वो टोटल जो आपके एरोस हैं

39:11

Speaker A

वो सारे के सारे संचित में आ गए। तो संचित कर्म जो है वो टोटल एक्यूमुलेटेड अनरिडीम्ड कार्मिक डेप्ट जो आपके ऊपर है। ठीक है? यानी इन चीजों का फल अभी आपको मिला नहीं है। कुछ बचा भी हुआ है।

39:23

Speaker A

प्रारबद्ध कम ये स्पेसिफिक है। ये वो पोर्शन है जो आप करेंटली लाइफ टाइम में एक्सपीरियंस कर रहे हो। संचित टोटल है। प्रारबद एक सबसेट हो गया और आगामी जो है वो की सेट हो गया। की कांसेप्ट हो गया जो

39:36

Speaker A

कि करंट जो एक्शंस हैं, थॉट्स हैं जो आप कर रहे हो प्रेजेंट लाइफ में उनका जो फ्यूचर में आपको रिजल्ट देखने को मिलेगा। ठीक है? समझ आई है चीज? सो ये तीनों कर्म आपको पता होने चाहिए। जी रिलीजन की भीेंस

39:49

Speaker A

है। ठीक है? तो एक इंपॉर्टेंट ब्रांच है फिलॉसफी की। इंडियन थॉट्स की जब हम बात करें ऑन पार विद वेस्टर्न फिलॉसफी। इंडियन फिलॉसोफी जो है वो डीपली पॉलिटिकल आइडियोलॉजीस, सोशल डॉक्ट्राइन, लिंग्विस्टिक एनालिसिस। तो इन सारी चीजों से डील करती है। ओके? सो ये ओवरऑल जो है

40:04

Speaker A

हमने स्पेशल फीचर्स की बात कर ली। अब हम बात करेंगे भाई जो थ्यरीज़ मैंने आपको बताई तो चार थ्यरीज़ की हम बात करेंगे। ठीक है?

40:12

Speaker A

यूजुअली ये हिंदू फिलॉसफी के अंडर आ जाते हैं। बट हमें हिंदू से लेना देना नहीं है। हमें लेना देना है कि हमें मतलब पता होना चाहिए कि भ जब पुरुषार्थ थ्यरी की बात हो रही है, कर्मा थ्योरी की बात हो रही है,

40:22

Speaker A

ऋण थ्योरी की बात हो रही है, तो इनका मतलब क्या है? ओके? तो पुरुषार्थ में मैंने आपको बताया था कि जो वैल्यूस हैं, वैल्यू एस्क्राइब्ड टू ह्यूमन एक्शन एंड बिहेवियर कि आपका मोटो क्या है? क्यों आप जिंदगी में आए हो? सो पुरुषार्थ एक कंपोजिट वर्ड

40:37

Speaker A

है। संस्कृत टर्म है। पुरुष और अर्थ। पुरुष मतलब ह्यूमन बीइंग और अर्थ मतलब उन ह्यूमन बीइंग की लाइफ का मतलब क्या है?

40:44

Speaker A

ऑब्जेक्टिव ऑफ़ लाइफ। सो एंटाइम एटाइमोलॉजिकली अगर हम देखें तो पुरुषार्थ का मतलब हो गया मीनिंग ऑफ़ ह्यूमन लाइफ। यानी आपका क्या उद्देश्य है इस जिंदगी में आने का? तो वो उद्देश्य की बात हम पुरुषार्थ में करते हैं। सो चार मेजर गोल

41:00

Speaker A

हैं जी। चार कारण हैं। चार चीजों के लिए हम धरती पे आए हैं। धर्म के लिए, अर्थ के लिए, काम के लिए और मोक्ष के लिए। ओके? सो इनहेरेंट कॉन्फ्लिक्ट आपको देखने को मिलेगा। किसके अंदर? अर्थ यानी आपकी वेल्थ

41:14

Speaker A

और आपका जो है वो काम या प्लेज़र वाली जो फीलिंग है उसके अंदर। ठीक है? रनसिएशन ऑफ वेल्थ एंड प्लेज़र फॉर द सेक ऑफ स्पिरिचुअल लिबरेशन। सो लास्ट में जाके आप मोक्ष की बात करते हो। ओके? सो जब कॉन्फ्लिक्ट आता

41:27

Speaker A

है इन केस ऑफ़ कॉन्फ्लिक्ट धर्म जो है वो ज्यादा इंपॉर्टेंट हो जाता है एज कंपेयर टू अर्थ और काम। इसलिए धर्म सबसे ऊपर रहता है। तो जब आप कंटिन्यूटी की बात करते हो सो कंफ्यूज नहीं होना है। फोकस ये है

41:41

Speaker A

हमारा कि हम धर्म की सबसे पहले बात करते हैं। क्योंकि इस बार अपने क्वेश्चन आया था ये लेकिन इसको वो कर दिया था। क्या बोलते हैं? इस बार नहीं मतलब जून अभी कौन सा पेपर हुआ? दिसंबर हुआ है ना? तो जून वाले

41:53

Speaker A

पेपर में आया था ये क्वेश्चन। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष कि इनको सीक्वेंस में लगाइए। तो ये है जी सीक्वेंस 1 2 3 4 क्योंकि फर्स्ट एंड फोरमोस्ट गोल है ह्यूमन लाइफ का धर्म यानी जो चीजें आपके बस बस में हैं

42:07

Speaker A

जिस चीज के लिए आप हो वो आप सही तरीके से करो अपनी ड्यूटी सही तरीके से करो दूसरा गोल है आपका अर्थ पैसा कमाना वेल्थ तो इसमें करियर स्किल वेल्थ प्रोस्पेरिटी सारी चीजें आ जाती हैं। तो वो है

42:20

Speaker A

प्रिंसिपल ऑफ धर्म। सो अर्थ सॉरी ये है प्रिंसिपल ऑफ आपका क्या बोलते हैं? अ अर्थ जिसमें आप पैसा कमा रहे हो। ठीक है? तो धर्म मतलब चीजों को सही रखना। आप चीजों को सही रखोगे। इट्स लाइक अर्थ को मेंटेन करने

42:34

Speaker A

के लिए पहले धर्म करना जरूरी है। सो अर्थ इज़ एसेंशियल फॉर द मेंटेनेंस ऑफ़ धर्म इन द सोसाइटी। सो जब पैसा होगा तभी आप चीजें सही कर पाओगे। ऐसा लगा लो या ओवरऑल ये सारी चीजें एक दूसरे पे डिपेंडेंट हैं। सो

42:47

Speaker A

अर्थ बहुत जरूरी है अगर आप धर्म सोसाइटी में मेंटेन करके रखना चाह रहे हो। धर्म का मतलब आप रिलीजन से मत लगा के चलना। धर्म का मतलब टू होल्ड टुगेदर टू प्रिजर्व चीजों को सही करना। अह धर्म ही जरूरी है

43:01

Speaker A

सोसाइटी में सोशल ऑर्डर और स्टेबिलिटी को मेंटेन करने के लिए, चीजों को सही करने के लिए, डिसिप्लिन मेंटेन करने के लिए। सो वो चीजें सही करने वाला जो है वो धर्म में आएगा। पैसा कमाने वाला अर्थ में आ जाएगा।

43:13

Speaker A

वेल्थ और काम मतलब यह तीसरा गोल है कि आपकी जो बॉडीली डिज़ायर्स हैं, प्लेज़र है, लव है, उसके प्रति ग्रेटिफिकेशन होना। ओके? सो वो सारी चीजें इसके अंदर आ जाएंगी। कई बार प्लेजर या काम को जो है हम

43:27

Speaker A

सिर्फ सेंशुअलिटी से ही रिलेट करते हैं। बट सिर्फ वहां तक सीमित नहीं है ये। इट इज़ एंजॉयंग द वर्ल्डली प्लेज़र। सो आप चीजों को देख रहे हो। बहुत सुंदर पहाड़ देखने गए हो आप नदियां देखने गए हो। सो वो सारी

43:40

Speaker A

चीजें भी एक तरीके से प्लेजर हैं। तो प्लेजर को स सिर्फ सेंशुअल प्लेजर से आप अटैच नहीं करेंगे। ओके? तो आप जो देख रहे हो, अच्छी चीजें सुन रहे हो, अच्छा खाना खा रहे हो, वो सारे प्लेजर ही हो रहे हैं।

43:53

Speaker A

जो आप पांच सेंस ऑर्गन के थ्रू चीजें फील कर रहे हो वो काम में आ गया। ओके? ये तीसरा गोल है ह्यूमन लाइफ का। चौथा गोल अल्टीमेट गोल आपका मोक्ष हो जाएगा। सो आपको ये तो इस सीक्वेंस में भी पता हो।

44:05

Speaker A

ऊपर जो हमने हायर वैल्यू, लोअर वैल्यू, हाईएस्ट वैल्यू की बात की थी वो भी पता हो। हाईएस्ट मोक्ष हो गया। धर्म जो है वो हायर वैल्यू हो गई। काम जो है वो लोएस्ट और अर्थ जो है वो लोअर वैल्यू हो गई। ठीक

44:18

Speaker A

है जी? सो ये चीजें आपको पता हो। मोस्ट इंपॉर्टेंट पुरुषार्थ जो है वो मोक्ष को बोला जाता है। इन चारों को हम पुरुषार्थ ही बोलते हैं। यानी पुरुष का क्या अर्थ है? पुरुष की पुरुष जब जिंदगी में आ गया

44:31

Speaker A

है तो पुरुष मतलब सिर्फ मेल काउंटर पार्ट की नहीं बात हो रही। ह्यूमन बीइंग की बात हो रही है। सो पुरुष और अर्थ यानी ऑब्जेक्टिव ऑफ ह्यूमन लाइफ। सो ये चार ऑब्जेक्टिव हैं। ठीक है? देन बात आती है

44:42

Speaker A

थ्यरी ऑफ़ आश्रम। सो आश्रम जो है वो आपका संस्कृत वर्ड श्रम से आया है। यानी मींस एग्जर्ट वनसेल्फ। सो वो होता है ना कि एक आप एक टेंपरेरी स्टेज की आश्रम इज़ लाइक अ टेंपरेरी स्टेज कि आप आपके चार आश्रम है

44:57

Speaker A

लाइफ में। तो इन चार आश्रमों की बात हिंदू फिलॉसोफी में होती है। ब्रह्मचारी आश्रम तो पहला आश्रम जिसमें थ्रेड सेरेमनी होगी। उपनयन सेरेमनी। उपनयन सेरेमनी हिंदूज में होती है जो कि कितने ऐज पे होती है वो आप मुझे बताना। ठीक है? ये मैंने कई बार

45:12

Speaker A

करवाया हुआ है। तो अगर आप पहली बार भी देख रहे हो तो आप मुझे बस देख के ये बताना क्योंकि मैंने सबसे पहली वीडियो ही वैदिक फिलॉसफी पे डाली थी। ठीक है? वैदिक स्कूल्स पे वैदिक एजुकेशन पे चैनल पे जो

45:23

Speaker A

डाली थी। ठीक है? तो आप ओल्डेस्ट वीडियो देखोगे तो वो भी देखना कभी। ठीक है? सो उपनयन सेरेमनी सैक्रेड थ्रेड सेरेमनी होती है। यहां से चीजें शुरू होती हैं। ठीक है?

45:33

Speaker A

सो वो चीज आपको पता होनी चाहिए कि अच्छा ये जो है ये कहां अच्छा ब्रह्मचर्य की जब हम बात कर रहे हैं तो सेलिब्रेट रहते हो आप तब तक शूद्रास जो हैं जो अनटचेबल्स हैं उनको अलाउड नहीं है एजुकेशन ग्रहण करना

45:46

Speaker A

ट्रेडिशनली ओके तो ये उस टाइम गुरुकुल सिस्टम के टाइम की बात हो रही है ओके सो चीफ ड्यूटी क्या है इंडिविजुअल की एजुकेशन को सीख करना और वेदाज़ को समझना बाकी ड्यूटीज़ क्या है गुरु के घर पे ही रह रहे

45:58

Speaker A

हो सेलिबसी प्रैक्टिस कर रहे हो दैट मींस यू आर नॉट सेक्सुअली एक्टिव फॉल फॉलोइंग लाइफ ऑफ ऑस्टेरिटी एंड सर्विस। सो आप जाके भिक्षा मांग रहे हो, लोगों के लिए अपनी जिंदगी दे रहे हो। तो ये 25 साल की उम्र

46:11

Speaker A

तक रहेगा। ओके? सो ये 25 साल तक रहेगा। यूजुअली छह मैं बता देती हूं। चलो। उपनयन सेरेमनी छह साल पे शुरू होती है ब्राह्मणों की। ठीक है? देन आठ साल पे आपकी क्षत्रियों की। अह छह आठ और 12 है आई

46:25

Speaker A

थिंक 12 पे वैश्यों की शुरू होती है। तो हमने चार वर्ण पड़े हैं। नहीं पता हो तो मैं अभी बता देती हूं। एक है ब्राह्मण, दूसरा है क्षत्रिय, तीसरा है वैश्य और चौथा है शूद्र। शूद्रों को अलाउड नहीं है

46:38

Speaker A

तो उनकी उपनयन सेरेमनी होएगी ही नहीं। पहली सबसे पहले ब्राह्मणस की होएगी छ साल की उम्र में, क्षत्रियों की होएगी आठ साल की उम्र में और 12 साल की उम्र में होएगी वैश्य की। ठीक है? सो वैश्य मतलब जो क्या

46:50

Speaker A

करते थे? ट्रेड करते थे। क्षत्रिय मतलब जो जंग लड़ने जाते थे। ब्राह्मण मतलब जो एजुकेशन सिस्टम में थे, टीचर्स थे, जिनको बहुत नॉलेज थी वो लोग। ओके? तो ये 6 8 12 आप याद रखेंगे हर एक वेद को के अंदरस्ट्री

47:04

Speaker A

हासिल करने का टाइम होता था 12 साल ओके यानी जब देखो ये सबसे पहले एडमिट हुए हैं ना तो ऑब्वियसली ये ज्यादास्ट हासिल ये ज्यादा वेदों पेस्ट हासिल कर पाएंगे। ओके? सो ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य एक वेद को कंप्लीटस्ट हासिल करने में 12 साल

47:23

Speaker A

लग रहे हैं। तो आप एक वेद तो कम से कम सीखोगे। जैसे अभी 12वीं तक की शिक्षा होती है। ठीक है? सो 25 साल तक आपका ब्रह्मचारी आश्रम चल रहा है। जी देन गृहस्थ आश्रम आ जाएगा। घर बसाने वाली सिचुएशन। अब 25 से

47:35

Speaker A

50 साल तक ये घर बसाने वाली चीज चलेगी। घर कब बसेगा? जब शादी हो जाएगी। सो मैरिज सेरेमनी जो है वो इसके अंदर आ जाएगा। सो आफ्टर ब्रह्मचारी आश्रम दूसरी स्टेज शुरू हो जाएगी इमीडिएटली। दैट इज़ गृहस्थ आश्रम।

47:49

Speaker A

ओके? देन तीसरे क्योंकि ये इस इस गृहस्थ आश्रम का मतलब है कि आप मेन फोकस अब अर्थ पे और काम पे दोगे यानी अपने प्लेजर पे एंजॉयमेंट पे और पैसे कमाने पे उस पे मेन फोकस है इन 25 साल में 50 साल तक। देन है

48:03

Speaker A

जी वनप्रस्थ आश्रम जो 50 के बाद शुरू होगा 75 तक जाएगा। ठीक है? तो 25-25 साल की लगा लो आप चारों। 100 साल की उम्र हम एवरेज लेके चल रहे हैं यहां। ठीक है? वनप्रस्थ आश्रम में जो है वो तीसरा फज़ है। 50 साल

48:16

Speaker A

की उम्र पे शुरू होगा। इंडिविजुअल अपनी रिस्पांसिबिलिटीज जो है हाउसहोल्ड की वो अपने बच्चों को ट्रांसफर कर देते हैं, सौंप देते हैं। ठीक है? और अब उनका टाइम आ जाता है जी भगवान का नाम लेने का। ठीक है?

48:28

Speaker A

सो इफ अ पर्सन डाइस ड्यूरिंग दिस आश्रम उनकी सोल को मोक्ष मिलेगा ऐसा माना जाता है। ओके? क्योंकि आपने सारी रिस्पांसिबिलिटीज़ जो हैं उनसे पार पा ली है। देन सन्यास आश्रम है जी 75 साल के बाद। अब आप अपने वर्ल्डली टाई से सारी

48:44

Speaker A

चीजों से सबसे दूर हो के अब मोक्ष मेडिटेशन वो वाली स्थिति जो है वो आ गई है। ओके? सो इस पे कोई भी नॉट ओनली सोशल इन इट्स इंप्लिकेशन बट ये एम्फसाइज करता है कि रनसिएशन हो। यानी कि आपका सन्यास और

48:59

Speaker A

वनप्रस्थ आश्रम में हम कोशिश करते हैं कि आप मेडिटेट करें। भगवान को याद करें ताकि आपको मोक्ष प्राप्ति हो। ओके? तो ये चारों आश्रम भी पता हो आपको। देन थ्योरी ऑफ़ कर्मा है। कर्म की थ्योरी का तो हमें समझ

49:11

Speaker A

आ ही रहा है कि जो आपने किया है वो भुगतोगे। जो आपने बोया है वो काटोगे। तो यही बेसिक प्रिंसिपल है। तो कॉज एंड इफेक्ट वाली चीज जो है वो आपको थ्योरी ऑफ़ कर्मा में नजर आएगी कि एक्चुअल में जो

49:23

Speaker A

आपने चीजें की हैं वही आपको जो इट्स लाइक वही कि सारी चीजों को रिबर्थ दोबारा से पुनर्जन्म, साल्वेशन वो सारी चीजें हम कनेक्ट करके चलते हैं। ओवरऑल आपको बस इतना पता होना चाहिए कि जो अनकॉन्शियस इनवोलंटरी या अनइटेंशनल एक्शन है वो कर्म

49:39

Speaker A

का पार्ट नहीं होंगे। सो इट्स लाइक इंटेंशनली आप किसी का बुरा मत कीजिए। इंटेंशनली आप कोई गलत काम मत कीजिए। कई बार कुछ चीजें अनइटेंशनली हो जाती हैं वो आपके कर्म में इंक्लूडेड नहीं होंगी। ओके?

49:52

Speaker A

तो चाहे मेंटल हो, फिजिकल हो, वर्बल हो बट जो भी चीजें जो भी इंटेंशनल एक्शन आप ले रहे हो मान लो आप किसी का बुरा कर नहीं रहे हो लेकिन बुरा सोच रहे हो तो वो भी आपके कर्म में इंक्लूड होगा। बिकॉज़ आप

50:05

Speaker A

इंटेंशनली सोच रहे हो। ओके? सो मेंटल, वर्बल, फिजिकल ये सारे तरीके से जो भी आप इंटेंशनल एक्शन कर रहे हो वो सारे कर्म में आएंगे। सो कर्म जो आपने किया है उसका फल तो आपको भुगतना पड़ेगा। यानी जो कॉज है

50:18

Speaker A

उसका एक इफेक्ट तो आपको देखने को मिलेगा। तो इन नटशेल जो भी अच्छे या बुरे एकशंस आप कर रहे हो ओवर द पीरियड ऑफ़ टाइम ओवर द ईयर ऑफ़ लाइफ योर लाइफ तो वो सारे के सारे एक्यूमुलेट होते जाएंगे और फिर आपको उनका

50:31

Speaker A

फल जो है वो देखने को मिलेगा। सो थ्योरी ऑफ़ कर्मा। कर्मा में दो तरीके के कर्म है। सकाम कर्म निष्काम कर्म। सकाम कर्म में आप रिजल्ट माइंड में लेके चल रहे हो कि आप किसी का अच्छा भी कर रहे हो तो क्यों कर

50:43

Speaker A

रहे हो वो वाली चीज बट आपका निष्काम कर्म है कि डिटच्ड इनवॉल्वमेंट यानी जो आप काम कर रहे हो वो डिटच होके कर रहे हो आपको अगले इंसान से कोई फायदे नुकसान वाली चीज दिमाग में नहीं है। ओके? तो वो निष्काम

50:57

Speaker A

कर्म है। यानी रिजल्ट से डिजायरेबल आउटकम से डिटच होके यानी वही सेल्फलेस वर्क वाली चीज़ आ गई। तो आप जो है स्वार्थ निस्वार्थ भाव से जब आप काम कर्म कर रहे हो तो निष्काम कर्म और किसी थोड़े स्वार्थ के

51:12

Speaker A

साथ थोड़े रिजल्ट के को दिमाग में रखते हुए कि डिजायर्ड आउटकम क्या होगा उसको दिमाग में रखते हुए आप कर रहे हो तो वो आपका सकाम कर्म हो जाएगा। ठीक है जी। अब धरती में आए हैं तो कुछ ना कुछ बोझ तो

51:24

Speaker A

चढ़ेगा सिर पे ऋण चढ़ेगा। तो वो जो ऋण है कि आपके थ्रूउ द लाइफ स्पैन आपका जो आपके सिर पे जो ऋण है डे है वो जो चढ़ रखा है वो तीन लोगों का बेसिकली माना जाता है। एक

51:35

Speaker A

देव ऋण। ठीक है? तो ये सतपथ ब्राह्मण जो है वो तीन टाइप के ऋण की बात करते हैं। देव ऋण मतलब जो भगवान का कर्ज आपके ऊपर है। पितृ ऋण जो आपके एनसेेस्टर्स और पूर्वजों का ऋण आपके ऊपर है। और ऋषि ऋण

51:49

Speaker A

यानी कि जो आपके गुरु और टीचर्स का आपके ऊपर ऋण है। जैसे एकलव्य ने जो है वो अपना थंब सैक्रिफाइस कर दिया था गुरु द्रोणाचार्य ने जब वो डिमांड की गुरु दक्षिणा। सो वो एक तरीके से ऋण उतारने

52:02

Speaker A

वाले ऑलदो उतर नहीं सकता बट वो ऋण उतारने वाली चीज है कि आपका आपके ऊपर गुरु का डेट था क्योंकि उसने आपको नॉलेज और विज़डम प्रोवाइड की है तो वो ऋषि ऋण हो गया। ओके?

52:12

Speaker A

कई बार आप धरती पे रह रहे हो तो ऑब्वियसली मनुष्य भी आपस में है तो मनुष्य ऋण भी बोला जाता है एक और ऋण। ठीक है? तो जो डेट आपके फॉलो बीइंग्स के लिए आपके आपका ऋण है आपके ऊपर। सो वो सारी चीजें ये आप फिर

52:26

Speaker A

चैरिटी फिलेंथ्रोफी इन चीजों में इंक्लूड हो के सोसाइटी को पेबैक करके सोसाइटी के वेलफेयर के लिए काम करके सो वो सारी चीजें मनुष्य ऋण आप उतार सकते हो या उसकी कोशिश कर सकते हो। ओके? तभी बोलते हैं ना जैसे

52:39

Speaker A

इसमें क्या नाम है? दान तो हर एक धर्म में ही है। बट जब हम गुरुद्वारे की बात करते हैं तो वहां पे गुरु वाणी या वो जो चीजें मैंने पढ़ी नहीं है बट मुझे बेसिक जस्ट पता है कि 10% ऑफ योर इनकम जो है वो वहां

52:52

Speaker A

जाना चाहिए। तो आप वो एक तरीके से पे यू आर पेइंग बैक टू द सोसाइटी। जो मनुष्य ऋण आपके ऊपर है वो आप थोड़ा सा कम करने की कोशिश कर रहे हो। ओके? सो ये कांसेप्ट ऑफ ऋण हो गया। ये चार कांसेप्ट्स आपको अच्छे

53:05

Speaker A

से पता होने चाहिए। अब हम इंडियन स्कूल्स ऑफ फिलॉसोफी की बात करेंगे। हम इसमें ऑन फिल सारी फिलॉसोफीस को मैं टच करूंगी। बट उतना टच करूंगी जितना आपको समझ भी आ जाए बेसिक से एडवांस तक और आपके क्वेश्चंस भी

53:18

Speaker A

सॉल्व हो जाएं। सबसे पहले हम बात करेंगे न्याय फिलॉसोफी की। न्याय वर्ड से ही आपको समझ आ रहा होगा कि रीजनिंग की बात हो रही है। न्याय प्रोवाइड करना, जस्टिस प्रोवाइड करना, लॉजिकली प्रॉपर आर्गुमेंट्स के साथ आगे बढ़ना उसकी बात हो रही है। राइट? सो

53:33

Speaker A

न्याय आपको पहले तो यह पता हो कि सेज गौतम जो हैं उन्होंने फाउंड किया है। ये फाउंडर हैं वो। इसको अक्षपद के नाम से भी जाना जाता है। तो अक्षपद की बात हो तो भी आपकी न्याय फिलॉसफी ही आप मान के चलो। न्याय

53:45

Speaker A

मतलब करेक्ट थिंकिंग, प्रॉपर आर्गुमेंट, वैलिड रीजनिंग, एक प्रैक्टिशनर जो है या बिलीवर ऑफ रियलिज्म जो कि रियलिटी की ट्रुथ में रियलिटी के जानने के लिए आप आगे बढ़ रहे हो। ठीक है? सो वो वो चीज न्याय में आएगी। अब न्यायिक फिलॉसफी को कई और

54:01

Speaker A

नामों से भी जाना जाता है। जैसे तर्कशास्त्र यानी तर्क देना, रीजनिंग देना, प्रमाण शास्त्र, प्रमाण देना, एक लॉजिक देना, एविडेंस देना। ठीक है? हेतु विद्या कारणों का पता करना तो साइंस ऑफ कॉज वाद विवाद वाद विद्या लगा लो ठीक है

54:16

Speaker A

तो वो वाद विवाद की स्थिति जो हम डिबेट में बात करते हैं देन अनविक्षी तो ये क्रिटिकल स्टडी साइंस ऑफ क्रिटिकल स्टडी सो ओवरऑल जो आप बात कर रहे हो न्याय से रिलेटेड है वर्ड पे जाइए उसी से चीजें

54:29

Speaker A

रिलेट हो जाएंगी ओके दो टाइप की नॉलेज की ये बात करते हैं कि भ वैलिड नॉलेज होती है इनवैलिड नॉलेज होती है ये वैलिड नॉलेज किसको बोलते हैं ये वैलिड बोलते हैं किसको चार तरीके के सोर्सेस से जो नॉलेज आपको

54:41

Speaker A

मिली है आपको परसेप्शन के थ्रू नॉलेज मिली है। इनका डिटेल जो है परसेप्शन, इनफ्रेंस, वर्बल टेस्टिमनी, कंपैरिजन ये हम पेपर वन की लॉजिकल रीजनिंग में भी पढ़ते हैं बहुत डिटेल में। ओके? सो मेनली हम छह सोर्सेस के साथ आगे बढ़ते हैं। उन छह में से ये इन

54:58

Speaker A

चार को जो है वो वैलिड सोर्स मानते हैं कि अगर आपने इन तरीकों से इन चार तरीकों से नॉलेज गेन की है तो वो वैलिड है आपकी नॉलेज। अदरवाइज वो इनवैलिड है। ओके? तो परसेप्शन यानी जो पर्सव करके देन इनफरेंस

55:12

Speaker A

अनुमान लगा के वर्बल टेस्टिमनी किसी ने कुछ बोले हैं शब्द जैसे गुरु ब्रह्मा के शब्द हो किसी के भी शब्द हो तो वो वो शब्द वो वर्बल टेस्टिमनी और कंपैरिजन कंपेयर करके जो आप चीजें सीख रहे हो। तो वो

55:25

Speaker A

सोर्सेस जो हैं ये चारों सोर्सेस वैलिड हैं। ओके? इसके अलावा सारे इनवैलिड है जिसमें याद रखना, डाउट होना, एरर, तर्क ये सारी चीजें तर्क वैसे टेक्निकली लॉजिक में आना चाहिए बट ये तर्क वर्ड जो है वो इसी के अंदर आप ध्यान रखो बिकॉज़ ये पीवाईक्यू

55:41

Speaker A

में एक बार आया हुआ है कि इनवैलिड नॉलेज। तो बाकी सारी चीजें इनवैलिड में जाएंगी। सिर्फ ये चार चीजें वैलिड में आएंगी। सेल्फ और लिबरेशन की बात करें तो ये बोलते हैं बहुत सारे सेल्फ एकिस्ट करते हैं यूनिवर्स में। कोई एक सेल्फ नहीं है। सो

55:55

Speaker A

इनमरेबल यानी कोई नंबर ही नहीं है सेल्फ का जो एग्ज़िस्ट करते हैं। बहुत नंबर है। ठीक है? सेल्फ जो है जिसमें कॉन्शियसनेस रहेगी। आप ट्रैप्ड हो लॉ ऑफ़ कर्मा के थ्रू। तो लॉ ऑफ़ कर्मा मोस्टली सारी इंडियन फिलॉसफीज़ मानती हैं। तो सफरिंग पेन ये

56:10

Speaker A

ऑब्वियस फिनोमिना है जिनको आप झे, चीजें देखोगे और फिर लिबरेशन की फॉर्म में आगे बढ़ोगे। लिबरेशन कब होगी? जब सेशन ऑफ कार्मिक चैन यानी जो कर्मों की चैन कर्मों का इनफ्लक्स चलता आ रहा है उससे जब निजात पाओगे जब डिटच्ड हो जाओगे बॉडी और सेंस

56:28

Speaker A

ऑर्गन से सेल्फ आपका डिटच हो जाएगा सोल आपकी डिटच हो जाएगी तब आपको लिबरेशन मिलेगा भगवान एक ही है इनफाइनाइट है इटरनल है सब जगह प्रेजेंट है वही क्रिएटर है वही सस्टेनर है और वही डिस्ट्र डिस्ट्रयर है ओके सो ये चीजें आपको पता होनी चाहिए

56:45

Speaker A

वर्ल्ड जो है वो चार इटर्न जनरल एलिमेंट से मिलके बना है। कौन से हैं वो चार एलिमेंट्स? स्पेस, टाइम, माइंड और सोल। सो गॉड जो है वो फर्स्ट एफिशिएंट कॉज है यूनिवर्सल फोर्सेस का। तो उसको हम क्रिएटर मान के चलते हैं। गॉड किसको बोल रहे हैं?

57:02

Speaker A

जिसमें छह परफेक्शन है वही गॉड है। इनफाइनाइट ग्लोरी है। एब्सोल्यूट सोवनिटी है। यानी प्रभु सत्व होता है ना प्रभु सत्ता खुद मतलब सोवरन है। इंडिपेंडेंट वाली चीज़ अनक्वालिफाइड वर्चू है। सुप्रीम ब्यूटी एस्थेटिक है। परफेक्ट नॉलेज है उनके पास और वो कंप्लीटली डिटच्ड है सारी

57:23

Speaker A

चीजों से। सो ये छह क्वालिटीज़ गॉड की इन्होंने बताई हैं। दीज़ सिक्स परफेक्शन हु सो एवर हैज़ इज़ गॉड। ओके? थ्योरी ऑफ़ कॉजेशन में ये बात करते हैं। यानी कारण क्या है चीजों का? सो ये कारण बताते हैं

57:36

Speaker A

असत्कार्यवाद या फिर आरंभवाद। सो दो थ्योरी होती हैं। जी एक सत्कार्यवाद की थ्योरी एक असतकार्यवाद की थ्योरी। ओके?

57:45

Speaker A

मैं समझा देती हूं। सत्कार्य दो थ्योरी हैं। थ्योरी ऑफ़ कोज़िशन। इंडियन फिलॉसोफी की जब हम बात करें। एक थ्योरी है सत्कार्यवाद की। एस से सत्कार्यवाद, एस से सांख्य फिलॉसोफी। सो सांख्य फिलॉसफी जो है वो इस थ्योरी को मानती है। न्याय फिलॉसोफी

58:01

Speaker A

असत्कार्यवाद की थ्योरी को मानती है। न्याय फिलॉसोफी असतकार्यवाद या आरंभवाद आपको आरंभ मतलब चीजों की शुरुआत है। जो इफेक्ट है डजंट एग्ज़िस्ट इन कॉज़। लेकिन यहां पे सांख्य फिलॉसोफी वाले बोल रहे हैं कि प्री एग्ज़िस्टेंस है इफ़ेक्ट में। सो

58:18

Speaker A

इफेक्ट और कॉज़। कॉज़ मतलब कारण। इफेक्ट मतलब जो हमें इफेक्ट देखने को मिला है उस वजह से जो रिजल्ट देखने को मिला है। जैसे दूध से दही बनाई। बहुत बेसिक एग्जांपल है आपको समझ आ जाना चाहिए। अगर मैंने दूध से

58:30

Speaker A

दही बनाई है। सत्कार्यवाद वाले बोल रहे हैं कि इट्स नॉट द रियल बिगिनिंग। दूध में दही ऑलरेडी एकज़िस्ट करती थी। इट्स लाइक हमें नहीं पता था। तो ये रियल या नई क्रिएशन नहीं है। यानी जो दूध से दही बनी

58:45

Speaker A

है। दही आपका रिजल्ट हो गया। दूध आपका कारण हो गया। का कॉज हो गया। तो जो आपका इफेक्ट है यानी दही है वो प्री एग्जिस्ट करता था दूध में। समझ आई ये चीज? ये सत्कार्यवाद वाले बोल रहे हैं। तो वो

58:57

Speaker A

ऑलरेडी एग्ज़िस्ट करता था। चूंकि हमें चीजें अब मिली हैं तो वो परिणाम वो रिजल्ट हमें देखने को मिल रहा है। तो इस थ्योरी को परिणामवाद की थ्योरी भी बोलते हैं। सो इफेक्ट जो है इज़ मैनिफेस्टेशन ऑफ़ कोर्स। ना कि उसके मतलब कोई नई चीज नहीं है। जैसे

59:14

Speaker A

अब आप दूध से दही ऑलरेडी बन सकती थी तभी तो आप बना पाए ना। आप तेल से थोड़ी दही बना दोगे। तेल से तो सीड और जो सीड है उनसे ही तेल निकलेगा ना। दूध से तो तेल नहीं निकाल सकते ना। तो ऑलरेडी एग्जिस्ट

59:30

Speaker A

करता है जो रिजल्ट है वो किस में? कारण में। तो इफेक्ट जो है वो कॉज में एग्ज़िस्ट करता है। सत्कार्यवाद। परिणामवाद ये परिणाम देखने को मिल रहा है। लेकिन सेम एग्जांपल में न्याय थ्योरी बोल रही है कि दूध से जो दही बनी है वो नई

59:45

Speaker A

क्रिएशन है। नई चीज की शुरुआत है। आरंभवाद है। दूध में दही पहले से एकिस्ट नहीं करती थी। सो इफेक्ट जो है डजंट एक्सिस्ट इन कोज़। ये बात स असतकार्यवाद वाले बोल रहे हैं। ठीक है। नाक बेची होने लग गई। हम तो

60:03

Speaker A

ये न्याय थ्यरी बोल रही है। जी। ठीक है। सो आपको असत्कार्यवाद सत्कार्यवाद दोनों का पता होना चाहिए। सांख्य फिलॉसफी सत्कार्यवाद की थ्योरी को फॉलो कर रही है और न्याय फिलॉसफी और वैशिष्ट्य फिलॉसफी जो है वो आपकी आरंभवाद या असत्कार्यवाद की

60:17

Speaker A

थ्योरी को फॉलो करते हैं। ओके जब बात आती है वैशिष्ट फिलॉसफी की फाउंडर कन्नड़ बट अकॉर्डिंग टू सम इनके फाउंडर जो है वो उल्लूक हैं। तो कई बार इसको अलुक्या फिलॉसफी भी बोला जाता है। ओके? वैशिष्ट फिलॉसफी में ये विशेष जो है वो उसका मतलब

60:35

Speaker A

है पर्टिकुलर विशेष। ठीक है? स्पेशल। सो दिस इस सिस्टम में सात कैटेगरी सात पदार्थ आपको देखने को मिलते हैं। आपको रटने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये एक्सप्लसिटली आपके सिलेबस में वैशिष्ट्य फिलॉसफी मेंशन नहीं है। तो जितना मैं बताऊं उतना आपके

60:50

Speaker A

लिए मोर दैन इनफ रहेगा। ओके? क्योंकि आपके मेंशन वेदांता, सांख्य, योग और आपका बुद्धिज्म, जैनिज्म ये मेंशन है पांच और इस्लाम फिलॉसफी। सो जो मेंशन है उनको थोड़ा और डिटेल में करेंगे। लेकिन जो मेंशन नहीं है उनको भी करना जरूरी है। सो

61:05

Speaker A

कन्नड़ जो जो फाउंडर हैं इसके वो पहली छह कैटेगरीज को मेंशन करते हैं। तो सात कैटेगरीज की बात हुई है। पहली छह कैटेगरीज उन्होंने दी। लास्ट का नाम जो है अभाव रख दिया। यानी सातवीं जो है वो अभाव कमी एक

61:17

Speaker A

तरीके से। ठीक है? इनकी जो मेटाफिजिक्स है वो प्लूरलिस्टिक है। यानी बहुत सारी रियलिटी एग्जिस्ट करती हैं। हमने मेटाफिजिक्स में रियलिटी की ही तो बात की है ना? तो वैशिष्ट्य फिलॉसफी में आपकी प्लूरलिस्टिक फिलॉसफी आपको ये देखने को

61:30

Speaker A

मिलेगी। दो प्रमाणास जैसे प्रमाणास मतलब सोर्स ऑफ नॉलेज। जैसे हमने ऊपर बात की थी चार वैलिड सोर्स ऑफ नॉलेज हैं। तो वो चार कौन-कौन से थे? आपका परसेप्शन, इनफेंस, वर्बल टेस्टिमनी और आपका क्या था?

61:43

Speaker A

कंपैरिजन, उपमान। लेकिन वैशिष्ट्य जो है वो सिर्फ परसेप्शन और इनफेंस को ही वैलिड सोर्स ऑफ नॉलेज मानती है। ओके? ये है वो सात कैटेगरीज। सब्सटांस यानी द्रव्य नो सब्सटांस हैं इसमें। ठीक है? अर्थ, वाटर, फायर, एयर, ईथर जिनको हम पंचभूताज़ बोलते

62:01

Speaker A

हैं। ओके? देन आपका टाइम, स्पेस, सेल्फ और माइंड बाद में इंक्लूड हो गया। क्वालिटी यानी गुण। 24 क्वालिटीज़ होती हैं। आपको रटने की जरूरत नहीं है। कौन सी 24 है?

62:11

Speaker A

एक्शन यानी कर्म। पांच तरीके के एक्शन की बात हुई है। अपवर्ड मोशन, डाउनवर्ड मोशन, कॉन्ट्रैक्शन, एक्सपेंशन और गमन। सम सामान्य जो है जनरली तीन व्यूज जो हैं वो यहां होंगे। एक नॉमिनलिज्म, कॉनसेप्चुअलिज्म और रियलिज्म। पर्टिकुलरिटी यानी विशेष की बात हो रही

62:28

Speaker A

है। इनहेरेंस समवय की बात हो रही है। नॉन एग्जिस्टेंस जो हमने सातवां डाला वो है अभाव। तो दो तरीके के अभाव हैं। ये वाला क्वेश्चन जो है वो उस पेपर में जरूर आता है पेपर वन में। ओके? तो ये आपका है जी

62:41

Speaker A

आपका समस क्या था? समसग्र भाव और आपका ये अनोन्य भाव और संस्कार भाव। ठीक है? सो ये जो दूसरे वाला है अनोन्य जिसको हम म्यूचुअल नॉन एग्जिस्टेंस बोल रहे हैं। सो जो म्यूचुअल नॉन एग्जिस्टेंस है वो आपको पता होना चाहिए कि पोर्ट जो है वो कपड़ा

63:00

Speaker A

नहीं है। कपड़ा जो है वो पोर्ट नहीं है। राइट? सो ये फोन जो है वो बुक नहीं है। बुक जो है वो फोन नहीं है। सो वो म्यूचुअली नॉन एग्जिस्टेंस है चीजों की। ओके? सो वो अनोन्य भाव हो गया। जो आपका ये

63:11

Speaker A

सं ये आपका संस्कार भाव है इसमें तीन सब डिवीजंस हैं। एक है प्राग अभाव, एक है धनुष भाव और एक है आपका अत्यंत भाव। अत्यंत मतलब बिल्कुल एब्सोल्यूट। तो एब्सोल्यूट नॉन एग्ज़िस्टेंस। एक सब्सिकुएंट नॉन एग्ज़िस्टेंस है और एक है

63:25

Speaker A

एंटीिसिडेंट। तो आपको एटलीस्ट ये टाइप्स पता हो कि किसके कौन से टाइप हैं। ओके?

63:30

Speaker A

सिस्टम जो है ये वैशिष्क वाला असतकार्यवाद जैसे न्याय फिलॉसफी असतकार्यवाद को मानती है। ये भी असतकार्यवाद की फिलॉसफी में मानते हैं। ये भी मेंशन करते हैं गॉड ही सब कुछ है। ही इज़ द कॉज़ ऑफ़ क्रिएशन। ही इज़

63:42

Speaker A

रिस्पांसिबल फॉर एट अ मूवमेंट्स। बॉन्डेज और लिबरेशन पे ये बोल रहे हैं बॉन्डेज। इग्नोरेंस की वजह से जो बंधन में आप बंधे हुए हो वो इग्नोरेंस की वजह से हो। और अगर आपको नॉलेज हासिल हो गई तो लिबरेट हो

63:54

Speaker A

जाओगे आप। और एक लिबरेटेड सोल जो है वो सारी सफरिंग्स और सारी एंजॉयमेंट सबसे दूर रहते हैं। समभाव में रहते हो आप। ओके? सो इट इज़ प्योर। हेंस इट इज़ अनवारेड। देन बात आती है जी सांख्य फिलॉसफी की।

64:09

Speaker A

वेरी इंपॉर्टेंट ओल्डेस्ट स्कूल ऑफ़ फिलॉसोफीस को माना जाता है। कपिल जो हैं उनको माना जाता है। उन्होंने सांख्य सूत्र लिखे हैं। साईं साईं उस उसी को हम सांख्य फिलॉसफी बोलते हैं। कई बार सांख्य लिखा मिलता है। कई जगह सामख्य लिखा मिलता है।

64:23

Speaker A

सो आप वो देख लीजिएगा। दोनों ही सेम ही चीज़ है। सांख्य करिका करके जो है वो ईश्वर कृष्णा ने लिखी है। गीता के अकॉर्डिंग सांख्य और योग फिलॉसफी जो है वो एक दूसरे का थ्योरिटिकल और प्रैक्टिकल आस्पेक्ट हैं। यानी सेम सिस्टम है। सांख्य फिलॉसोफी

64:38

Speaker A

थ्योरिटिकल आस्पेक्ट एक्सप्लेन कर रही है और योग फिलॉसफी उसका प्रैक्टिकल आस्पेक्ट समझा रही है। ओके? जैसे हमने ऊपर बोला कि वैशिष्ट्य जो है वो प्लूरलिस्टिक फिलॉसफी है। तो सांख्य को हम ड्यूललिस्टिक रियलिज्म की तरह ले चलते हैं। यानी दो

64:53

Speaker A

रियलिटी हैं। एक है पुरुष, एक है प्रकृति। सो पुरुष और प्रकृति से मिलके फिर सारी चीजें बनती हैं। तो जो होता है ना कि ये इवोल्यूशन को एक टेलियोलॉजिकल प्रोसेस या पर्पसिव साइक्लिक प्रोसेस मानते हैं। सर्ज और प्रलय यानी इवोल्यूशन हुआ। धीरे-धीरे

65:09

Speaker A

सर्ज हुआ फिर प्रलय आ गई। सब खराब हो गया। डिॉल्व हो गया। सो डिसोल्यूशन फिर वापस से चीजें शुरू होंगी। तो वो सर्ज और प्रलय की स्थिति चलती रहेगी हमेशा। वो चीज इन्होंने बोली। इसीलिए ये टेलियोलॉजिकल पर्पसिव साइक्लिक प्रोसेस इसको बोलते हैं

65:24

Speaker A

इवोल्यूशन को। पुरुष और प्रकृति से मिलके ही बहुत सारे एलिमेंट्स बनते हैं। टोटल 25 मेटाफिजिकल कैरेक्टर्स या एलिमेंट्स की ये बात करते हैं। ओके? पुरुष जो हैं ना किसी चीज का कारण है ना इफेक्ट है। ओके? सेल्फ है ये। सब्जेक्टिव है, इनक्टिव है, प्योर

65:44

Speaker A

कॉन्शियसनेस का सेंटर है। एब्सोल्यूट और इंडिपेंडेंट है। बहुत सारे पुरुष भी हो सकते हैं। ये बात आपको पता होनी चाहिए। प्रकृति इटरनल है, अनकॉन्शियस है बट एक्टिव है। इट इज़ रिस्पांसिबल फॉर फर्दर क्रिएशन। तो ये सिर्फ कारण है। यानी हर

66:01

Speaker A

चीज का कारण प्रकृति है। सो कॉज ओनली ये सिर्फ कॉज है। ओके? पुरुष जो है ना कॉज है ना इफेक्ट है। अब बहुत सारे मेटाफिजिकल कैटेगरीज हम पढ़ेंगे जो कॉज हैं इफेक्ट है क्या है उनको हम डिटेल में डिस्कस करेंगे।

66:16

Speaker A

त्रिगुणात्मक वर्ड आपको पता होना चाहिए। तीन गुणों से मिलकर बना है। ह्यूमन बॉडी भी सत्व, रजस और तमस। इन तीनों की बराबरी जो है वो किसी में ज्यादा, किसी में कम देखने को मिलेगी। किसी में रजस गुण ज्यादा

66:29

Speaker A

होगा, किसी में सत्वगुण ज्यादा होगा। किसी में तमस ज्यादा होगा। तो उस बेसिस पे ह्यूमन पर्सनालिटी डिसाइड होती है। ओके?

66:37

Speaker A

सो इक्विलिब्रियम ऑफ़ थ्री गुणाज़ सोर्स ऑफ़ ऑल मटेरियल एग्ज़िस्टेंस। तो सोर्स कौन है? कारण कौन है? प्रकृति है। ओके? सांख्य फिलॉसफी के सत्व, रजस, तमस। ये गुण इनको कलर से भी रिलेट किया जाता है। सत्व मतलब वाइट, रजस मतलब रेड और तमस मतलब ब्लैक।

66:56

Speaker A

ओके? ओके ये इनकी कैरेक्टरिस्टिक है वाइट है तो वाइट जैसी ही बिल्कुल पीसफुल अच्छी कैरेक्टरिस्टिक है पॉज फाइननेस लाइटनेस इलुमिनेशन जॉय रेड लाल जो होता है ना आजकल एक ऐड भी तो आती है Google की कि वो बच्चा

67:10

Speaker A

अंधा है और उसका उसका फादर जो है वो एआई मोड या जैेमिनी मोड से पूछता है कि माय सन कैन नॉट सी हाउ डू आई एक्सप्लेन कलर्स टू हिम। सो उस टाइम पे व्हेन दे एक्सप्लेन रेड। सो रेड इज़ द कलर फॉर पैशन

67:24

Speaker A

एक्साइटमेंट। सो वो चीज यहां पे शो की गई थी हीट। ठीक है? तो वो डायनामिज्म, एक्टिविटी, एक्साइटेशन, पेन उसका कलर रेड है। ऐसे ही ब्लैक ब्लैक इज द कलर ऑफ़ हैवीनेस लेज़नेस ड्राउज़नेस ऑब्स्ट्रैक्शन, डार्कनेस, इनर्शिया। तो ये सारी उल्टी चीजें तमस में है। सारी अच्छी

67:43

Speaker A

चीजें सत्व में हैं। और रजस जो है उसमें थोड़ा सा बैलेंस्ड चीजें आपको नजर आ रही हैं। ओके जी। सांख्य फिलॉसफी सत्कार्यवाद की थ्योरी को फॉलो करती है जिसको परिणामवाद भी बोलते हैं जो मैंने अभी-अभी ऊपर एक्सप्लेन की थी आपको। ओके? ये तीन

67:57

Speaker A

सोर्स अभी तक हमने किस-किस की बात की? हमने न्याय फिलॉसोफी की बात की और हमने वैशिष्ट्य फिलॉसोफी की बात की। हमने यहां बोला कि सिर्फ परसेप्शन और इनफरेंस दो ही वैलिड सोर्स हैं। न्याय में हमने बोला परसेप्शन है, इनफेंस है, वर्बल टेस्टिमनी

68:12

Speaker A

है और आपका कंपैरिजन है। चार वैलिड सोर्स हैं। यहां पे हम बोल रहे हैं ये आपका जो है तीन वैलिड सोर्स हैं। परसेप्शन, इनफेंस और वर्बल टेस्टिमनी। तो ये सांख के फिलॉसोफी के जो है वो तीन वैलिड सोर्स ऑफ

68:27

Speaker A

नॉलेज हैं। ओके? प्रमाता कौन होगा? का वो सब्जेक्ट वो नोअर यानी आप कुछ जानना चाह रहे हो तो आप प्रमाता हो। आप जिसके बारे में जानना चाह रहे हो दैट ऑब्जेक्ट दैट इज ब्रह्म्य और जो वैलिड सोर्स ऑफ नॉलेज है

68:39

Speaker A

जिसके थ्रू जानना चाह रहे हो वो प्रमाण है। तो अब वो आप परसेप्शन से भी जान सकते हो इनफेंस से भी जान सकते हो। वर्बल टेस्टिमनी से भी जान सकते हो। ओके? ये 25 मेटाफिजिकल कैटेगरीज हैं। जी। हमने बोला

68:52

Speaker A

कि पुरुष और प्रकृति से मिलके ही सारी चीजें बनी है। टेक्निकली पुरुष से नहीं बनी है क्योंकि ना हम उसको कोज मानते हैं ना हम उसको इफेक्ट मानते हैं। सो हम बोल सकते हैं कि प्रकृति से ही सारी चीजें बन

69:04

Speaker A

रही हैं। प्रकृति से आगे बना मे महत महत से अहंकार। अहंकार में फिर सत्व, रजस और तमस के हिसाब से पांच पांचवा जो है मनस हो गया। पांच सेंस ऑर्गन हो गए। पांच मोटर ऑर्गन हो गए। तमस में पांच सटल एसेंस हो

69:19

Speaker A

गए और पांच ग्रॉस बॉडीज हो गई। ये इसका डिटेल्ड चार्ट है जो आपको अच्छे से पता होना चाहिए। महत चूंकि प्रकृति से बना है। प्रकृति तो हर एक चीज का ही कारण है। तो महत्व को फर्स्ट प्रोडक्ट ऑफ इवोल्यूशन भी

69:32

Speaker A

बोला जाता है। देन बना अहंकार अहंकार में सत्व अहंकार रजस अहंकार तमस अहंकार। सत्व में एक मनस आपका मन। देन आपकी जो इंद्रियां हैं जिनको हम चाहे ज्ञानेंद्रियां बोल लो, ज्ञानेंद्रियां बोल लो, इंद्रियाज ऑफ कॉग्निशन बोल लो। तो

69:48

Speaker A

ये हमारे पांच सेंस ऑर्गन्स की बात हो रही है। नोज, इयर, आइज, स्किन और आपका टंग। ओके? देन है आपका इंद्रियाज़ ऑफ एक्शन जिससे आप काम करते हो, मुंह से खाना खा रहे हो, हाथ से काम कर रहे हो, फीट से काम

70:01

Speaker A

कर रहे हो, एनस से एक्सक्रीट कर रहे हो और ऑर्गन ऑफ़ जनरेशन से आप रिप्रोड्यूस कर पा रहे हो। सो ये चीजें आपकी किसमें आ गई? जी पांच की पांच इंद्रियाज़ ऑफ़ एक्शन या कर्मेंद्रियां जो कर्म कर रही हैं। ओके?

70:15

Speaker A

देन है आपका तमस अहंकार जिसमें हम ये जो पांच एलिमेंट्स हैं एयर फायर जो हमने ऊपर बोला स ये देखो ये रहा ये क्या है ग्रॉस बॉडीज महाभूतास सल एसेंसेस तो ये महाभूत ये सल एसेंसेस है जी तो ये ग्रॉस बॉडीज हो

70:32

Speaker A

गई अपनी ठीक है सो आपका एयर फायर अक्ष वाटर और पृथ्वी यानी वायु अग्नि ईथर जल और आपका धरती सटल एसेंस में आ गया शब्द यानी साउंड स्पर्श यानी टच रूप यानी फॉर्म रास यानी टेस्ट और आपका गंध यानी स्मेल। तो ये

70:48

Speaker A

आपके सटल एसेंसेस या तंत्राज इनको बोलते हैं। ओके? सो ये आपको पता होने चाहिए। ये 25 के 25 जो है वो कई बार पूछ लिए जाते हैं। ओके? कैसे पूछे जाते हैं? बोल देंगे कि आपका इनमें से कौन सा जो है वो आपका

71:03

Speaker A

क्या बोलते हैं? कारण है। कॉज है। जैसे मान हमने बोला पुरुष जो है ना कारण है ना इफेक्ट है। प्रकृति कारण है। प्रकृति से महत्व बना है। महत से अहंकार। यानी महक जो है वो कारण भी है और इफेक्ट भी है। जब

71:14

Speaker A

प्रकृति ने बनाया तो ये इफेक्ट है। इससे अहंकार बना तो ये कॉज हो गया। ऐसे ही अहंकार से फर्दर बन रही है चीजें तो अहंकार भी कॉज एंड इफेक्ट दोनों हो गया। ठीक है? तो वो चीजें आपको पता होनी चाहिए।

71:24

Speaker A

और वो चीजें हैं ये। यहां से आता है आपका क्वेश्चन। प्रकृति जो है हर चीज का कारण है। तो इट इज़ कॉज ओनली। ओके? इफेक्ट में क्या आया?

71:34

Speaker A

पांच सेंस ऑर्गन, पांच मोटर ऑर्गन, मन और आपके पांच के पांच ग्रॉस बॉडीज। तो ये सारी चीजें ये आपकी ग्रॉस बॉडी ये मन वगैरह ये सारी चीजें क्या है जी आपका इफेक्ट है सिर्फ बोथ कॉज एंड इफेक्ट महत

71:47

Speaker A

अहंकार और आपके सटल एसेंसेस पुरुष जो है ना आपका कौर कारण है ना आपका इफेक्ट है ओके देन बात आती है योग फिलॉसोफी की जिसको प्रैक्टिकल आस्पेक्ट बोला जाता है सांख्य फिलॉसोफी का फाउंडर पतंजलि है ठीक है अह

72:02

Speaker A

ये बोलते हैं कि सांख्य में हमने ऊपर बोला था कि पुरुष बहुत सारे हो सकते हैं बट योग फिलॉसफी प्रैक्टिकली एक्सेप्ट करती है कि सिर्फ एक ही पुरुष की एग्जिस्टेंस पॉसिबल है। सो एग्ज़िस्टेंस ऑफ़ ओनली वन पुरुष। ठीक

72:16

Speaker A

है? योग जो है वो वेल डिफाइंड है बाय फाउंडर पतंजलि। योगसूत्राज़ लिखे हैं। जैसे वहां पे सांख्यकारिका की बात की थी। यहां पे योग सूत्राज़ हैं। ओके? योगसूत्राज़ को चार पार्ट्स में डिवाइड किया गया। चार पदों में डिवाइड किया गया है। समाधि पद,

72:31

Speaker A

साधना पद, विभूति पद, कैवल्य पद। ओके? समाधि पद में इंट्रोडक्शन है। नेचर और मेथड्स ऑफ योगा एक्सप्लेन किए गए हैं। और आपका साधना पद में कारण सफरिंग का क्या कारण है? कैसे उससे निजात पाओगे? विभूति पद जो है वो प्रोसेस की बात करता है कि

72:49

Speaker A

कैसे आप सुपरानॉर्मल पावर्स अचीव कर सकते हो योग की हेल्प से। केवल्य पद बात करता है कि लिबरेशन कैसे मिलेगा? नेचर क्या है लिबरेशन का? लिबरेशन का प्रोसेस क्या है?

73:02

Speaker A

कैसे पहुंचेंगे वहां तक? सो लिबरेशन का एक मेजर तरीका है कि आपको अष्टांग योग के बारे में पता हो। यानी एट फोल्ड पाथ योगा। सो वो जो एट फोल्ड योगा है वो पता होना चाहिए। पतंजलि ने योगसूत्राज लिखे।

73:17

Speaker A

योगसूत्राज़ एक फर्स्ट और फोरमोस्ट सिस्टेटिक अथॉरिटेटिव रिप्रेजेंटेशन मानी जाती है। थ्योरिटिकल और प्रैक्टिकल हर आस्पेक्ट योगा का ये एक्सप्लेन करती है योगसूत्रस। ये योग फिलॉसफी के आठ फोल्ड योग हैं। जी। एट फोल्ड योग, अष्टांग योग। पहले हम यम

73:36

Speaker A

आपको एक तो यह आठ के आठ याद होने चाहिए। यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा, ध्यान, समाधि। सो, यह आपको आठ एज़ इट इज़ याद होने चाहिए। आपसे पूछे जाते हैं कौन सा अष्टांग योग का पार्ट नहीं है या

73:50

Speaker A

कौन सा है। ओके? यम यानी कंट्रोल। कंट्रोल ओवर योर बॉडी, माइंड, स्पीच। तो आप अहिंसा नहीं करोगे, सच बोलोगे, सत्य, चोरी नहीं करोगे। ब्रह्मचर्य फॉलो करोगे और अपरिग्रह यानी कि नॉन पोज़ेशन। आप जो है वर्ल्डली डिजायर से दूर रहोगे। ठीक है? नियम आपके

74:11

Speaker A

रूल्स रूल्स फॉर पज़ेसिंग गुड कंडक्ट। आप क्लीन रखोगे खुद को शौच संतोष कंटेंटमेंट सेटिस्फेक्शन जितना भी है आपके पास तप पावर ऑफ टॉलरेंस स्वाध्याय स्टडी करना रिलीजियस स्क्रिप्चर्स को और ईश्वर परिनिधान यानी भगवान को याद करोगे। दूसरा हो गया। इन दोनों में ये पांचप एलिमेंट्स

74:32

Speaker A

हैं जो आपको पता हो। आसन एडवांस्ड स्टेज है योगा की। कई बार हम योगा का मतलब ही आसन या पोश्चर से लेके चलते हैं। बट योगा में ये आठों चीजें आती हैं। यम, नियम, आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान, समाधि। ठीक है? सो जो नियम है वो

74:51

Speaker A

हमने देख लिए पांच। आसन में एडवांस्ड स्टेज ऑफ योगा, पोश्चर्स आ जाएंगे। प्राणायाम में आप जो ब्रीदीिंग कंट्रोल करते हो वो आ जाएगा। आप करते हो ना प्राणायाम सांस ली थोड़ी देर रोकी फिर छोड़ दी वो चीजें तो जितनी देर में सांस

75:06

Speaker A

ली उससे आधी देर रोको और फिर उससे उतनी देर में छोड़ो। जैसे मैंने सांस लेने में मान लो तीन सेकंड लगाए। अब मैं डेढ़ दो सेकंड तक सांस रोकूंगी और फिर मैं धीरे-धीरे तीन-चार सेकंड में ही छोडूंगी। ओके? तो जितना टाइम आपने इन्हेल

75:24

Speaker A

करने में लगाया दैट इज पूरक कुंभक जो आप रिटेन कर रहे हो और रेका यानी कि जो आपने छोड़ा है एक्सेल किया है ब्रीथिंग को ओके प्रत्याहार या टर्निंग इनवर्ड यानी जो पैशन है आपका ऑब्जेक्ट्स या मटेरियल डिजायर्स के लिए उसको कंट्रोल करना तो

75:40

Speaker A

टर्निंग इनवर्ड आप अपने अंदर टर्न हो गए हो टेक्निकली और आप कोई भी चीज जो है वो नहीं लेना चाह रहे हो आपका पैशन अब कंट्रोल में है ओके सो वो प्रत्याहार रहेगा देन धारणा यानी यानी धारणा मतलब

75:52

Speaker A

एक-एक जगह पे आपका निशाना बनाना। मेडिटेट करते टाइम स्टार्टिंग में बहुत मुश्किल होता है ना। सो आप एक ऑब्जेक्ट पे फोकस कर लो। ओके? ध्यान में एक स्टेप आगे आ गया कि एक पर्सन जो है वो ऑब्जेक्ट पे लंबे टाइम

76:05

Speaker A

तक कंसंट्रेट कर पा रहा है। तो वो ध्यान में आ गया। समाधि में आ जाएगा कि आप बहुत परफेक्ट हो गए हो मेडिटेशन में और आप जो है वो मतलब ध्यान बहुत टाइम तक लगा सकते हो। ऐसा। ओके? तो जो पहली फाइव स्टेजेस

76:19

Speaker A

हैं यानी यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार। ये एक्सटर्नल तरीके हैं। और लास्ट के जो तीन चीजें हैं धारणा, ध्यान, समाधि। ये इंटरनल तरीके हैं। मेडिटेशन वाले जो हैं वो इंटरनल बाकी सारे एक्सटर्नल क्या करने के लिए? लिबरेशन को

76:35

Speaker A

अचीव करने के लिए। ठीक है? अब ह्यूमन बीइंग सफर तो करता है क्योंकि मॉडिफिकेशन ऑफ चित्त। यानी बहुत सारे जिसको हम क्लेश बोलते हैं तो वो क्लेश इसमें मेंशन किए गए हैं पांच तरीके के। अविद्या यानी इग्नोरेंस, अस्मिता यानी ईगोइज़्म, राग

76:51

Speaker A

यानी अटैचमेंट, द्वेष यानी गुस्सा और अभिनिवेश यानी कि लंबे टाइम तक होता है ना बहुत लंबा जीने की या जीने की इच्छा होना या डर होना मौत का। तो वो चीजें अभिनिवेश में आ जाएंगी। ओके? सो ये पांच क्लेश जो

77:05

Speaker A

है वो मेंशन है योग फिलॉसोफी में जो आपको पता हो। अब हम बात करेंगे वेदांत फिलॉसोफी की। ओके? सो भद्रयाना सिस्टेमेटाइज्ड द वास्ट फिलॉसोफिकल बिलीफ जो उपनिषद जिन्होंने वेदांत सूत्र लिखे। सो ऊपर हमने बात की थी अह क्या क्या बात की थी? सांख्य

77:21

Speaker A

सूत्र की बात की थी और आपके योग सूत्र की बात की थी। तो ऐसे ही ये वेदांत सूत्र हैं। सो वेदांत सूत्र को ब्रह्मसूत्र भी बोला जाता है। और इनको होता है ना अनकंडीशनल सेल्फ की तरह चीजें मेंशन है

77:33

Speaker A

यहां। और यहां पे इसको सारिका सूत्र भी बोला जाता है। ओके? ये क्लासिफिकेशन है। वेदांता स्कूल में बहुत सारे स्कूल्स हैं, प्रोपोनेंट्स हैं। अलग-अलग तरीके मतलब ना कुछ-कुछ मॉडिफिकेशंस के साथ चीजों को अडप्ट किया गया है। सो अद्वैत वेदांता

77:46

Speaker A

विशिष्ट वेदांत द्वैत द्वैत अद्वैत शुद्ध अद्वैत और च अच चिंत भेदभेद। ओके? चैतन्य ने जो दिया है। सो ये नाम आप ध्यान रख सकते हो किसने कौन सा जो है वो वेदांता स्कूल क्लासिफाई किया है या दिया है। ओके।

78:02

Speaker A

अब मेजरली जो हम बात करते हैं हम बात करते हैं ये अद्वैत वेदांता की जो आदि शंकराचार्य ने दिया है। ओके? सो क्योंकि ये ज्यादा एक्सेप्टेड है। सो मेटाफिजिक्स ये बोलते हैं एक ही रियलिटी है। एकम सत्य ठीक है? प्रस्थान त्रयाई। प्रस्थान त्रयाई

78:19

Speaker A

किसको बोला जाता है? तीन चीजें यानी उपनिषद, भगवत गीता और ब्रह्मसूत्र। इन तीनों चीजों को आप मिला रहे हो तो इस सोर्स को हम प्रस्थन त्रयाई बोल रहे हैं। प्रस्थन्न त्रयाई तीन चीजें। ओके? तो ये आपको पता हो ब्रह्मा ही अल्टीमेट रियलिटी

78:33

Speaker A

है। वर्ल्ड रियल है ही नहीं। सब मोह माया है। नॉलेज को दो तरीके से क्लासिफाई किया गया है। पराविद्या अपराविद्या। परविद्या मतलब स्पिरिचुअल नॉलेज और अप्रविद्या मतलब वर्ल्डली नॉलेज। ओके? नॉलेज जो है उसको आप सुनके सोच के मनन चिंतन करके और प्रैक्टिस

78:52

Speaker A

करके निधि दयासना। तो ये तीन चीजों के थ्रू आप नॉलेज एक्वायर कर सकते हो। ओके?

78:57

Speaker A

साधना चतुष्या करके एक वर्ड आता है। यानी चार अल्टीमेट तरीके चार फोर मीन्स ऑफ प्रैक्टिस। तो वो क्या है? एक तो डिस्क्रिमिनेशन फॉलो करना एक नॉन अटैचमेंट छह वर्च्यूस जिसको शत संपत भी बोला जाता है और लोंगिंग। ठीक है? तो ये चार चीजें

79:15

Speaker A

हैं जो आपको पता होंगी। वेदांत फिलॉसफी जो है वो छह के छह जो सोर्सेज हैं नॉलेज के उनको वैलिडेट करती है। जैसे हमने ऊपर ऊपर पढ़ा था कि कौन सा कितने सोर्सेस को वैलिडेट करता है। ये छह के छह को वैलिडेट

79:30

Speaker A

करते हैं। ओके? एकनॉलेज टू फॉर्म ऑफ ब्रह्मा। एक निराकार विद निर्गुण और साकार विद सगुण। तो दो फॉर्म ऑफ ब्रह्मा ये मानते हैं। ओके? अह वेद फिर वेदांत फिलॉसफी में पंचकोष का कांसेप्ट आता है। जी। सो तैत्रीय उपनिषद में मेंशन है ये

79:46

Speaker A

पंचकोश जो वेदांत फिलॉसोफी के अंडर आते हैं। ये बोलते हैं कि जो मन है आत्मा है उसके बाहर जो है वो पांच लेयर्स हैं। ओके?

79:55

Speaker A

तो जो सबसे बाहर वाली लेयर है वो है बाहरी फूड लेयर फिजिकल लेयर जिसको अन्न माया कोष बोलेंगे। उसके अंदर जो लेयर है वो प्राण माया कोष उसके अंदर मनोमाया कोष फिर विज्ञान माया विजनन माया भी बोल देते हैं

80:09

Speaker A

कई बार। देन आनंद माया कोष। ओके। तो ये जो लेयरिंग है ये आपको इसी सीक्वेंस में पता हो। आपको अंदर से बाहर बाहर से अंदर भी पता हो कि अगर मैं यह बोल रही हूं कि भई ये आत्मा है आत्मन।

80:22

Speaker A

ठीक है? सो ये जो है सबसे पास जो है इसकी वो आनंद माया कोष हो गई। उसके बाद विजनन माया कोष देन आपका मनोमाया। ये प्राण माया और सबसे बाहर वाली आपकी फूड शीत यानी अन्न माया। सो यहां से हमें समझ आ रहा है कि ये

80:37

Speaker A

कंक्रीट बॉडी की और अर्थ की बात। अच्छा इसके जो प्रिंसिपल एलिमेंट हैं वो भी आपने याद रखने हैं। सो सबसे बाहरी है ये अर्थ देन वाटर देन फायर देन एयर और सबसे अंदर वाला अक्ष। ओके? तो ये आपको पता हो कि ये कॉन्क्रीट

80:53

Speaker A

बॉडी की बात हो रही है। ये बॉडी बिटवीन सटल एंड कॉन्क्रीट बॉडी। देन ये सटल बॉडी, ये कॉजलल बॉडी और ये एब्सोल्यूट कॉजलल बॉडी। ओके? जो पहली वाली है लेयर वो फिजिकल बॉडी से बिलोंग करती है। बाकी जो

81:06

Speaker A

शीत हैं वो एस्ट्रल बॉडी से बिलोंग करती हैं। सो ये जितनी भी इनेशन है बहुत इंपॉर्टेंट है। ब्लिसफुल शीथ, इंटेलेक्चुअल शीत, मेंटल शीत, वाइटल शीथ, फूड शीथ इस तरीके से भी इनको जाना जाता है। ब्लिस बॉडी, विज़डम बॉडी, मेंटल बॉडी,

81:22

Speaker A

एनर्जी बॉडी और फिजिकल बॉडी के नाम से भी जाना जाता है। तो आप मैंने ओवरऑल सारी इनेशन इसी चार्ट में कंबाइन कर दी है। मोर देन इनफ है। पंचकोश से रिलेटेड कुछ भी आए आपका यहां से सॉल्व हो जाएगा। ओके जी देन

81:36

Speaker A

है जी बुद्धिस्ट फिलॉसफी अपनी जैनिज्म की फिलॉसफी और आपकी चरक फिलॉसोफी और उसके बाद इस्लामिक फिलॉसफी। सो मैं कोशिश कर रही हूं कि मैं बहुत अच्छे से एक्सप्लेन कर पाऊं। स्लाइड्स आपकी बहुत ज्यादा नहीं है। ओवरऑल विद क्वेश्चंस आपकी इस यूनिट की

81:50

Speaker A

स्लाइड्स आई थिंक 220 224 कुछ हैं। ठीक है? सो उतनी ही स्लाइड्स हैं। लेकिन मैं एक्सप्लेनेशन पे जोर इसलिए दे रही हूं कि अपडेटेड मैराथ्स हैं। कोई बच्चा स्टार्टिंग से भी देख रहा हो तो उसको सारी इंफॉर्मेशन पता हो। उसको समझ आ जाए चीजें।

82:04

Speaker A

ओके? अब हम बात करेंगे बुद्धिस्ट फिलॉसफी की। बुद्धिस्ट फिलॉसफी में जो एंशिएंट बुद्धिस्ट टेक्स्ट हैं। ठीक है? जैसे गुरुकुल्स में तो टेक्स्ट होते नहीं थे। उसके बाद धीरे-धीरे करके वेद आए, चीजें आई। ठीक है? लिखा गया उनको। बट जो एंशिएंट

82:17

Speaker A

बुद्धिस्ट टेक्स्ट है उनको अगुलतरा निकाय बोलते हैं। ठीक है? तो वो पूरा जो टेक्स्ट है उसको अलुतरा निकाय बोलते हैं। बुद्धिज्म से रिलेटेड है ये टर्म। ये बात याद रखिए। बुद्धिस्ट लिटरेचर को ओवरऑल तीन पार्ट्स में डिवाइड किया गया है। जिसको

82:29

Speaker A

त्रिपितकास बोलते हैं। तो ये वर्ड ये मैंने जो हाईलाइट कर रखे हैं ना पूरी स्लाइड्स में आप उन पे फोकस कीजिए थोड़ा ना ताकि आपको एटलीस्ट इतना भी ध्यान हो कि अच्छा पंच इसकी पंचकोश की बात आ रही है तो

82:41

Speaker A

वेदांत फिलॉसोफी से रिलेटेड है। त्रिपितकाज़ की बात आ रही है तो आपकी बुद्धिस्ट फिलॉसफी से रिलेटेड है। सो आपको ये ये पॉइंट्स पता उपनयन संस्कार की बात आ रही है तो वैदिक एजुकेशन या वेदांत की बात हो रही है। सो या गृहस्थ आश्रम ना वो

82:54

Speaker A

ब्रह्मचारी आश्रम की बात हो रही है तो रिलेट करोगे ये वर्ड्स को फोकस में रखोगे तो चीजें याद हो जाएंगी। तो सूतपित्तिका विनय पित्तिका और अभिधाम पित्तिका। सूतवत्तिका में जो सर्मस जो उपदेश दिए हैं बुद्धा ने बेसिकली जो बुद्धिस्ट टीचिंग्स

83:09

Speaker A

हैं वो इसमें मेंशन है। विनय पित्तिका की आप बात करोगे तो जितने भी रूल्स ऑफ कंडक्ट हैं जो मक्स और नंद से रिलेटेड हैं जो वहां पे भिक्षुक और भिक्षुनी हैं उनसे जो रिलेटेड हैं वो विनय पित्तिका में है।

83:21

Speaker A

अभिधामपित्तिका में डिटेल्ड फिलॉसोफी है बुद्धिज्म से रिलेटेड। ओके? यह बात याद रखिए कि बुद्धिज्म कभी भी किसी भी चीज के बेसिस पे डिस्क्रिमिनेट नहीं करता है। जैसे हमने पहले बात की थी कि पहले टाइम पे शूद्रा को एजुकेशन अलाउड नहीं थी। उनका

83:36

Speaker A

उपनयन संस्कार होता ही नहीं था। ठीक है? तो लेकिन और वहीं से ही ये बुद्धिज्म की फिलॉसफी जैनिज्म की फिलॉसफीज़ निकल के आती हैं। क्योंकि कुछ ना कुछ भेदभाव हो रहा है ना? तो कोई और नई चीज बनेगी जो भेदभाव

83:48

Speaker A

नहीं कर रही है तो वो अट्रैक्ट करेगी लोगों को। राइट? सो वही चीज है यहां पे भी। बुद्धिज्म डज़ंट डिस्क्रिमिनेट। किस बेसिस पे? ना कास्ट, ना जेंडर। किसी भी बेसिस पे नहीं डिस्क्रिमिनेट कर रहा। वो एजुकेशन प्रोवाइड कर रहा है। ओके? दो मेजर

84:02

Speaker A

रिचुअल्स आपको बुद्धिज्म में देखने को मिलेंगे। पब्जा और उपसंपदा। पब्जा जो है वो आठ साल की ऐज में शुरू हो रहा है। याद रखिए उपनयन छ साल की ऐज में शुरू हुआ था। आठ साल पे भी हो रहा था, 12 साल पे भी हो

84:15

Speaker A

रहा था। ओके? यहां पे पब्जा जो है पब्जा इज सिमिलर टू उपनयन संस्कार। जैसे वहां सेक्रेड थ्रेड सेरेमनी थी। यहां पे भी मतलब वही है कि आप एजुकेशन को इनिशिएट कर रहे हो। ओके? तो ये पब्जा जो है वो आठ साल

84:28

Speaker A

की उम्र में शुरू हो रहा है। पब्जा बुद्धिज्म में हो रहा है। उपनयन संस्कार वेदांता वैदिक फिलॉसफी में हो रहा है। उपसंपदा तो एक रिचुअल है जी पोस्ट एजुकेशन जो परमानेंट मेंबरशिप देगा संघ की उसको उपसंपदा बोल रहे हैं। इसको आप कई बार

84:42

Speaker A

कॉन्वोकेशन सेरेमनी भी बोल सकते हो। ओके? चार नोबल ट्रुथ हैं जी जिसको आर्य सचानी बोलते हैं बुद्धिज्म में ये चार नोबल ट्रुथ एट फोल्ड एट नोबल पाथ जो एट फोल्ड पाथ है ये दोनों आपको पता होने चाहिए बहुत

84:56

Speaker A

इंपॉर्टेंट है चार नोबल ट्रुथ पहला है जी ट्रुथ ऑफ सफरिंग मिजरी दुख यानी सब अगर आप जिंदगी में आए हो तो दुख तो आएगा ही हमेशा रहेगा ठीक है अब आपको लग रहा है जेआरएफ क्लियर हो जाएगा तो दुख दर्द खत्म हो

85:09

Speaker A

जाएंगे नहीं चीजें और आगे बढ़ेंगी आपका नौकरी लग जाएगी तो फिर आपका जॉइनिंग की रिटेंशन बढ़ेगी। जॉइनिंग हो जाएगी तो आगे प्रमोशन की टेंशन होगी। तो दुख हमेशा रहने वाला है जिंदगी में। ओके? ट्रुथ ऑफ कॉज ऑफ़ सफरिंग। सो जब सफरिंग है सो हमेशा उसका

85:26

Speaker A

कुछ ना कुछ कारण होगा। ठीक है? तो समुदाय यानी कारण। कॉज ऑफ सफरिंग। सो वो भी एक सच है कि अगर पहला बात है कि सफरिंग रहेगी। दूसरी बात है कि कारण भी रहेगा। तीसरी बात है कि हम इस कारण को रिमूव कर सकते हैं जब

85:40

Speaker A

कारण है तो। राइट? यानी एक प्रॉब्लम है। उसका हमें पता है क्या प्रॉब्लम का कारण है। उस कारण का जब कारण पता चल गया तो हम उसको निरोध कर सकते हैं ना। हटा सकते हैं। अब उसको हटाएंगे कैसे? अष्टांगिका मार्ग

85:52

Speaker A

से। एट फोल्ड पाथ से। ठीक है? तो ये चारों चीजें आपको पता होनी चाहिए। अब अष्टांगिका मार्ग क्या है? ये है कि आपको सम्यक दृष्टि ये हिंदी में भी याद रखने हैं। इंग्लिश में भी याद रखने हैं। कई बार

86:04

Speaker A

हिंदी में भी सीक्वेंस में पूछ लिए जाते हैं। ओके? तो राइट फेथ और राइट व्यू साम्यक दृष्टि यानी आपको नजरिया ठीक रखना है। राइट रिजोल्व आपका संकल्प आपकी एस्पिरेशन सही होनी चाहिए। राइट स्पीच वाक वो सही होना चाहिए। राइट कंडक्ट आपका क्रम

86:20

Speaker A

सही होना चाहिए। लाइवलीहुड अजीवा वो सही होना चाहिए। आपका राइट एफर्ट हो, राइट अवेयरनेस हो, राइट कंसंट्रेशन हो। तो ये आठों राइट अगर हो गए तो आप जो है वो निरोध मतलब होता है ना कि निरोध तो है लेकिन

86:33

Speaker A

उसको निरोध मिलेगा कैसे? सो वो पॉसिबल है विद द हेल्प ऑफ दीज़ एट फोल्ड पाथ। ओके? अब इसमें ये जो एट फोल्ड पाथ है इसमें जो पहला दूसरा है वो मेजरली किससे रिलेट कर रहा है? दैट इज़ रिलेटेड टू कॉन्शियसनेस

86:47

Speaker A

एंड नॉलेज। ओके? सो प्रजन्ना और प्रज्ञा स्कंध बोलते हैं इसको। तीसरा, चौथा, पांचवा जो है राइट, स्पीच, कंडक्ट और लाइवलीहुड। ये सही चीजें करने पे मोरल तरीके से जीने पे फोकस कर रहे हैं। इसको शिला या शील स्कंध भी बोलते हैं। छठा,

87:03

Speaker A

सातवां आठवां राइट एफर्ट, राइट अवेयरनेस और राइट कंसंट्रेशन। ये मेडिटेशन और कंटेंप्लेशन से रिलेटेड है। तो इनको समाधि या समाधि स्कंध भी बोलते हैं। सो आपको ये पता होना चाहिए। ये चीज पूछी जाती है कि शील स्कंध में कौन सा आएगा? प्रज्ञा स्कंध

87:18

Speaker A

में कौन सा आएगा? समाधि स्कंध में कौन सा आएगा? ओके? अब बुद्धिज्म से रिलेटेड कुछ डॉक्टराइंस हैं। सो डॉक्टराइन ऑफ 12 लिंक चेन ऑफ डिपेंडेंट ओरिजिनेशन या प्रतीतया समुत्पदा भी बोलते हैं या लॉ ऑफ 12 कोज भी बोलते हैं। ओके? सो ये कारणों की बात हो

87:35

Speaker A

रही है यहां पे। ओके? सो एवरीथिंग इन दिस वर्ल्ड इज़ डायनेमिक। चेंज होता रहेगा वो। ठीक है? उसके ऊपर फोकस है। मिडिल पाथ पे फोकस रखने को बोला है इन्होंने। यानी एक्सट्रीम नेगेटिव एक्सट्रीम और पॉजिटिव एक्सट्रीम इन दोनों के बीच का। जैसे

87:50

Speaker A

प्रिंसिपल ऑफ एटर्निटी हम शाश्वतवाद बोल रहे हैं। प्रिंसिपल ऑफ एनहिलेशन हम उच्छेदवाद बोल रहे हैं। सो इन दोनों के बीच की बात हो रही है कि आप एक्सट्रिमिटीज को अवॉइड करो। ठीक है? इसीलिए कई बार बोलते हैं ना गुस्से में रिएक्ट नहीं करना

88:04

Speaker A

चाहिए। क्योंकि बहुत गुस्से में और बहुत इमोशनली अगर आप रो धो रहे हो तो इन दोनों एक्सट्रीम सिचुएशन में आप एक्सट्रीम फैसले लेते हो। राइट? कुछ ना कुछ बीच का रास्ता मिडिल रास्ता भी निकल सकता है। आपको वो

88:16

Speaker A

शांति से बैठ के सोचना पड़ेगा। डॉक्ट्राइन ऑफ़ कर्मा में ये भी बिलीव करते हैं कि सब कुछ हमारे कर्मकांडों की वजह से ही हो रहा है। डॉक्ट्राइन ऑफ़ मोमेंटरीनेस, डॉक्ट्राइन ऑफ़ इमपरमानेंस यानी हर एक चीज मोमेंट्री है। कोई भी चीज परमानेंट नहीं

88:29

Speaker A

है। क्षणिक वाद क्षण हर एक क्षण बदल जाता है। आप आज नौकरी लग गए, यू आर हैप्पी एट दैट मोमेंट। इन दैट मोमेंट यू आर हैप्पी ना? उसके बाद और चीजें शुरू हो जाएंगी। आपने वो चीज अचीव कर ली है। सो एवरीथिंग

88:43

Speaker A

इज टेंपरेरी। अगर आप किसी का कोई मम्मी गुस्सा कर रही है, पापा गुस्सा कर रहे हैं, जस्ट कीप क्वाइट एट दैट टाइम। वो चीज मोमेंट है वो निकल जाएगा। ठीक है? आप परेशान हो। जस्ट कीप क्वाइट ताकि वो चीजें

88:54

Speaker A

थोड़ी सी आप सिंक इन करोगे तो चीजें होंगी सही से। ठीक है? मैंने एक वेब सीरीज देखी थी। ऑलदो वो मैं प्रमोट नहीं कर रही हूं क्योंकि उसमें भी वलेंस वगैरह तो है ही बट आजकल हर चीज में हो रहा है। आर्या। ठीक

89:06

Speaker A

है? सुष्मिता सेन की। सो उसमें जो सुष्मिता सेन का कैरेक्टर है ना मतलब कोई भी बड़ी से बड़ी चीज भी उसको हिट करती है। कोई बड़ी से बड़ा भी धक्का लगता है ना उसके फेस पे दिखता है कि वो एक सेकंड के

89:18

Speaker A

लिए रुक जाती है। सिंक इन करती है। उसको अंदर डालने की कोशिश करती है उस इंफॉर्मेशन को कि अच्छा ठीक है ये हो गया है। राइट? चाहे उसको अपने बच्चों से रिलेटेड कोई बात पता चल रही है, चाहे कोई

89:29

Speaker A

और चीज पता चल रही है। ओके? सो हर एक चीज को वो सिंक इन करती है। सो वहां से ये चीज समझ आती है कि एवरीथिंग इज मोमेंटरी। चीजें टेंपरेरी है। कोई भी चीज परमानेंट नहीं है। ना कोई इंसान परमानेंट है ना आप

89:42

Speaker A

परमानेंट हो तो चीजें बदलेंगी। ओके? सो मोमेंटरीनेस इमपरमानेंस की जो क्षणिकवाद की थ्योरी है। ये बुद्धिज्म की बात बुद्धिज्म बात करता है। इस थ्योरी की ये बात याद रखिए। थ्योरी ऑफ़ नॉन सोल, डॉक्ट्राइन ऑफ़ अनत्ता या आत्मन। सो ये

89:56

Speaker A

बुद्धिज्म जो है वो रिजेक्ट करता है। इस आइडिया ऑफ़ सोल, इटरनल सोल। क्योंकि हर चीज में मोमेंट्री है तो कोई भी चीज इटरनल या हमेशा रहने वाली है ही नहीं। चाहे वो सोल ही क्यों ना हो। ओके? देन बात आती है जी

90:08

Speaker A

जैनिज्म की। जैनिज्म में वर्धमान महावीर सबसे ज्यादा जाने जाते हैं क्योंकि ये लास्ट तीर्थंकर रहे हैं। ठीक है? सो तीर्थंकर वो होते थे जो ब्रिज मेकर्स जो आपको चीजें समझाएंगे थोड़ा सा होता है ना पार लगा देंगे नैया को। वो वाली चीज है।

90:23

Speaker A

ठीक है? सो जैन कंसीडर करते हैं कि रिलीजन जो है वो इटरनल है, इंपैरिशेबल है। जैसे पेरिशेबल आइटम्स जो थोड़ी देर में मतलब बिगड़ सकते हैं। जैसे हम अगर मैं लिटरली प्रैक्टिकल आस्पेक्ट में बोलूं तो जो ये अपने फल सब्जियां हैं इनको हम पेरिशेबल

90:37

Speaker A

आइटम में इंक्लूड करते हैं। राइट? बट रिलीजन इंपैरिशेबल है तीर्थंकरों की बात हो रही है। यहां तीर्थ मतलब होली ब्रिज पीपल लोगों के लिए। ठीक है? तो बर्थ, मिज़री और डेथ। तो इनके बीच में जो एक लिंक बन रहा है वो लिंक तीर्थंकर बनाएंगे। 24

90:53

Speaker A

तीर्थंकर रहे हैं। पहले तीर्थंकर ऋषभ थे और लास्ट जो है वो महावीर हैं। टेक्निकली जो जैन फिलॉसोफी को प्रमोट कर रहे हैं उनको आप तीर्थंकर बोल लो। मतलब प्रमोट तो आजकल सब लोग करते हैं। तो आप उनको तो नहीं

91:05

Speaker A

बोल सकते तीर्थंकर। तो जो बहुत होता है ना इन्फ्लुएंशियल लोग रहे हैं जिन्होंने चीजों को बहुत आगे तक बढ़ाया है। ओके? तो जैन जो है उनको तो 24 के 24 नामों का उनकी डिटेल्स का भी पता होगा। ओके? सो ये कास्ट

91:18

Speaker A

सिस्टम को कंडेम नहीं करते। जी। यानी बुद्धिज्म जो है वो कास्ट सिस्टम को हटा देता है बिल्कुल ही। ठीक है? ये बोल रहे हैं कि आपका जन्म एक पर्टिकुलर कास्ट में इसलिए हुआ है कि पिछले जन्मों के कुछ कारण

91:29

Speaker A

कुछ आपके काम ऐसे रहे हैं। तो पिछले जन्मों के काम कर्म उनकी वजह से आपको इस जन्म में पाप का भागीदार या खुशी जो भी मिल रहा है वो इस वजह से मिल रहा है। तो ये कास्ट सिस्टम को कंडेम नहीं करते।

91:41

Speaker A

बुद्धिज्म बिल्कुल सरे से नकार देता है कास्ट सिस्टम को भी और गॉड को भी। ये कास्ट सिस्टम को नकार नहीं रहे हैं। गॉड के एकिस्टेंस को मान रहे हैं। रिकॉग्नाइज कर रहे हैं। लेकिन ये जो तीर्थंकर हैं जिन्ना हां जिन्ना ही था ना हां इनको

91:53

Speaker A

जिन्ना भी बोलते हैं। जी। सो जिन्ना और तीर्थंकर इनसे नीचे रख रहे हैं। ठीक है?

91:58

Speaker A

कि पहले ऊपर हमारे लिए टेक्निकली आप ये मान लो कि जिन्ना और तीर्थंकर इनके लिए भ्रम भगवान हैं। जो एक्चुअल भगवान है वो नीचे रखते हैं ये उसको। ओके? इनकी जो लिटरेचर है उसको अगम्स बोलेंगे। जैसे अगुलतरा निकाया बोला था बुद्धिज्म में।

92:11

Speaker A

अल्टीमेट गोल जो है एजुकेशन का जैनिज्म में वो है कैरेक्टर डेवलपमेंट का और फाइनली तो लिबरेशन क्योंकि मोस्टली इंडियन फिलॉसफीज़ लिबरेशन मोक्ष के ऊपर ही फोकस कर रही हैं। ओके? जैनिज्म के अकॉर्डिंग पाथ टू लिबरेशन है जी त्रिरत्न और पंचमहाव्रत।

92:27

Speaker A

सो पंच देखो वर्ड्स आ गए ना पंचमहाव्रत, त्रिरत्न देन हमने ऊपर बात की थी एट फोल्ड पाथ। योगा में बात की थी अष्टांग योग। तो ये चीजें आपको पता हो कि कौन सा वर्ड किससे रिलेटेड है। त्रिरत्न थ्री ज्वेल्स

92:40

Speaker A

को भी बोलते हैं। ठीक है? ये मेजरली एक और प्रिंसिपल है कि नॉन वायलेंस पे, सेल्फ कंट्रोल पे, सोल कर्मा इन सब चीजों की बात ये करते हैं। ओके? सो ये है जी मेन चीज पंच महाव्रत और त्रिरत। त्रिरत्न मतलब

92:51

Speaker A

थ्री ज्वेल्स तीन रतन ओके तो रत्नातराया भी बोलते हैं इसको तो जैसे वहां पे हमने आठ आठ चीजों की बात की थी कि भ राइट रिजॉल्व हो राइट दृष्ट साम्यक दृष्टि और वो बात की थी तो यहां पे चार तीन ही चीजें

93:04

Speaker A

हैं साम्यक दर्शन साम्यक जनन और साम्यक जो है ज्ञान बोल लो चाहे इसको साम्य क्योंकि नॉलेज है तो राइट कंडक्ट साम्यक चरित्र ओके तो ये तीन चीजें हैं जिनको त्रिरत्न बोल रहे हैं ये चीजें हैं जी पंच महाव्रत

93:18

Speaker A

सो आप देखेंगे कि ये जो पांच वचन हैं। पंच महाव्रत हैं। ये कहीं ना कहीं आपके यम से फोकस कर रहे हैं। जो हमने अष्टांग योग योग फिलॉसोफी में बात की थी। तो सेम वही हैं। अहिंसा है, असत्य है, असत्यहः देन आपका ये

93:34

Speaker A

ब्रह्मचर्य है और अपरिग्रह है। तो ये वही चीजें हैं। बट इनको जैन फिलॉसोफी में पंच महाव्रत के नाम से जाना जा रहा है। रत्नत्रया थ्री ज्वेल्स के नाम से जाना जा रहा है। वहां पे अलग यम के नाम से जाना जा

93:46

Speaker A

रहा था। ओके? देन ये सैयदवाद की थ्योरी पे फोकस करते हैं। जी तो सैयदवाद की थ्योरी या जैन थ्योरी ऑफ़ जजमेंट या डॉक्ट्राइन ऑफ रिलेटिविटी नॉलेज एंड जजमेंट ये चीजें ये सैयदवाद का कांसेप्ट जैन फिलॉसफी से रिलेट करता है। ये बोलते हैं कि डिसाइपल कैन नॉट

94:02

Speaker A

अटेन डेफिनेटिव नॉलेज। क्योंकि ट्रुथ और नॉलेज जो हैं उनके बहुत सारे चेहरे हैं। मल्टीफेसिटेड और रिलेटिव होता है। मेरा सच आपके लिए गलत हो सकता है। झूठ हो सकता है। आपका सच मेरे लिए झूठ हो सकता है। ओके? तो

94:15

Speaker A

सच, झूठ, सही, गलत ये सारी चीजें रिलेटिव हैं। जैसे मोटा पतला होता है। आप किसको मोटा बोल रहे हो? किसको पतला बोल रहे हो?

94:22

Speaker A

कई लोग मुझे पतला बोल देंगे। लेकिन वो किससे? रेफरेंस पॉइंट क्या है? आप हो सकता है मैं किसी इंसान से पतली हूं, किसी इंसान से मोटी हूं। राइट? सो वो रिलेटिव हैं चीजें। सो, ये रिलेटिविटी सैयदवाद की बात करते हैं। ये अनेकांतवाद की बात करते

94:36

Speaker A

हैं कि प्लूरलिस्टिक हैं चीजें। कोई भी एक रियलिटी नहीं है। आप एक इंसान को हेल्दी या मोटा पतला नहीं बोल सकते। चीजें रिलेटिव हैं। सो वो रिलेटिविटी की थ्योरी की ये बात करते हैं। जैसे वहां पे मोमेंटरीनेस इंपपरनेंस की थ्योरी बहुत

94:50

Speaker A

फेमस है। बुद्धिज्म में जैनिज्म में आपकी सैयदवाद अनेकांतवादी ये दोनों थ्यरीज़ बहुत फेमस है। ओके? जैन फिलॉसफी जो है वो नॉलेज को क्लासिफाई करती है मीडिएट नॉलेज और इमीडिएट नॉलेज में। ठीक है? मीडिएट नॉलेज जब सेंस ऑर्गन्स का इंटरवेंशन है। जब आप

95:06

Speaker A

नॉलेज अटेन कर रहे हो सेंस ऑर्गन की हेल्प से। अपरोक्ष ये परोक्ष था। ये अप्रोक्ष है। इमीडिएट नॉलेज मतलब कोई सेंस ऑर्गन का इंटरवेंशन नहीं है। ओके? इसमें तीन एक्स्ट्रा सेंसरी परसेप्शन की बात होती है। जैसे यहां मति और श्रुति है। यहां पे

95:22

Speaker A

अवधि, मनप्राय और कैवल्य है। कैवल्य मतलब ओमनीसेंस। कैवल्य को आप जो है अल्टीमेट रियलिटी वो होता है ना कि आपको अटेन करना है कैवल्य। वो भी बोल सकते हो। ये सीक्वेंस आपको याद रखनी है। मति जन श्रुति जनन अवधि जन्यन, मनप्राय जनन और आपका

95:38

Speaker A

कैवल्य। सो ये चीजें आपको पता होनी चाहिए। देखो मनप्राय में टेलीपैथी से रिलेट कर रहे हो आप। सो ये वर्ड्स आपको ध्यान रहेंगे तो आप कॉनंसेप्चुअल लेवल पे रिलेट कर पाओगे कि कहां पे किस चीज की बात हो

95:49

Speaker A

रही है। ओके देन बात आती है जी जैन फिलॉसोफी में मॉक और नन जो है वो स्ट्रिक्टली पंच महाव्रत से अियर करेंगे। लेकिन जो ऑर्डिनरी लोग हैं जो मॉक और नन नहीं बने हैं। वो 12 जो है वो उस 12 वचनों

96:05

Speaker A

को फॉलो करेंगे। ओके? सो ये है जी छह इटरनल सब्सटेंस हैं। इसमें सोल है और नॉन सोल है यानी जीवा और अजीवा। उसके बाद आपका स्विच अजीवा में पांच चीजें हैं। अक्ष, पुद्गाला, धर्म, अधर्म और टाइम। एक बार

96:19

Speaker A

पूछा गया था पुद्गाला किससे रिलेट करता है? सो वर्ड्स बस आपको वर्ड्स भी ध्यान होंगे कि अच्छा जैन फिलॉसोफी में पुद्गाला पढ़ा है जिसको मैटर को बोलते हैं। तो स्पेस को अक्ष, मैटर को पुद्गाला, मीडियम ऑफ मोशन को धर्म, मीडियम ऑफ रेस्ट को अधर्म

96:33

Speaker A

और मैटर को हम टाइम बोलते हैं। ठीक है जी? फोर फोल्ड ऑर्डर ऑफ फॉलोअर्स हैं बाय महावीरा। सो ऑर्डर ऑफ साधु मोंक के लिए अलग ऑर्डर है। मोंक और नन मोंक को साधु साध्वी। और जो नॉर्मल मैन है ऑर्डिनरी मैन

96:47

Speaker A

जो जैनिज्म फॉलो करते हैं उनको श्रवक और वुमेन जो है उनको श्रविका। तो ये जो चार लोग हैं इनमें से साधु और साध्वी पंच महाव्रताज़ को फॉलो करेंगे। जो ऊपर अल्टीमेट पांच चीजें हमने पढ़ी हैं। श्रवक और श्रविका 12 वचनों को फॉलो करेंगे। ओके?

97:03

Speaker A

जब जैनिज्म की बात आती है तो दिगंबरा श्वेतांबरा दो जो है वो आपको मिलेंगे। इनफैक्ट जैन मैंने कहीं तो अभी रिसेंटली देखा। मेरा ध्यान पहले कभी नहीं गया था। पास में ही है ये। बट वो बात करते हैं जैन

97:15

Speaker A

मंदिर दिगंबर यानी दिगंबर फिलॉसफी को फॉलो करता हुआ वो है वहां पे। ओके? सो वो दिगंबर स्काई क्लैड भी बोलते हैं। श्वेतांबर वाइट क्लैड। श्वेतांबर मतलब ये वाइट कपड़े पहनते हुए आपको नजर आएंगे। दिगंबर कपड़े ही नहीं पहनते हैं। ठीक है?

97:30

Speaker A

तो ये बोलते हैं कि भ वाइट कपड़े वेयर सिंपल वाइट क्लोथ्स। सो ये ऑोजिट फिलॉसफी है इनकी दिगंबर से। ये बोल रहे हैं कि नंगे रहने की जरूरत नहीं है। दिगंबर बोल रहे हैं कि भ ये नेकेडनेस जो है उसको एक

97:43

Speaker A

प्रूफ या साइन कंसीडर किया जाता है कि आपने पाप से निजात पा ली है। कॉन्क्वेस्ट ओवर सीन। ओके? सो मक्स को जो है वो नेक्ड यहां रहना पड़ेगा। वुमेन को नेक्ड होने की जरूरत नहीं है। सो दे कैन नॉट गेट

97:55

Speaker A

एनलाइटनमेंट लाइक मैन। क्योंकि अगर नेक्ड वो हो पाती। सो वो होता है ना कि अगर वो भी नेक्ड हो पाती तो वो जो है वो भी अटेन कर लेंगी। तो जो नेक्ड है नंगा है वही अटेन कर पाएगा लिबरेशन। ओके? ये बोल रहे

98:07

Speaker A

हैं भ मैन और वुमेन दोनों को एनलाइटनमेंट मिलेगा बट किसी को भी नंगे रहने की जरूरत नहीं। वाइट कपड़े पहनने की जरूरत है। ओके?

98:15

Speaker A

सो ये जो श्वेतांबर है ये नदन और वेस्टर्न इंडिया में ज्यादा फेमस है उस तरफ। और दिगंबर जो है वो आपका सदर्न इंडिया और इन्होंने पैटर्न है जिनको सेंट्रल इंडिया के राजाओं से मिली थी उस टाइम। ये सात

98:27

Speaker A

तत्वों की बात करते हैं। जीव अजीव देखो हमने ऊपर बात की थी ना इनकी ये 1 2 3 4 5 6 7 इनकी बात की थी तो ये बोल रहे हैं जीव अजीव अशरा बंद समश्वरा निर्जरा मोक्ष ओके

98:40

Speaker A

ये नौ तत्वों की बात करते हैं श्वेतांबर वाले तो ये पाप और पुण्य ये सात थे आठ और नौ पाप और पुण्य इन्होंने इंक्लूड कर लिया सो ये पाप और पुण्य की भी बात करते हैं ओके चरक फिलॉसफी क्योंकि हमारे सिलेबस में

98:53

Speaker A

भी नहीं है ज्यादा आती भी नहीं है तो जितना मैं बता रही हूं उतना मोर दैन इनफ रहेगा चरक या लोकाया याता भी बोलते हैं इसको। ठीक है? सो इंडियन मटेरियलिस्टिक स्कूल ऑफ़ फिलॉसफी है। चरक के पीछे इसका

99:04

Speaker A

नाम पड़ा है। फाउंडर हैं वो इसके। ये बोलते हैं कि भ सेंसरी बेस्ड अंडरस्टैंडिंग यानी ये सिर्फ परसेप्शन यानी प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं होती ना। तो प्रत्यक्ष यानी परसेप्शन को ही एक वैलिड सोर्स ऑफ़ नॉलेज मानते हैं। ठीक है? चरक जो

99:20

Speaker A

है वो कंसीडर करते हैं काम या सेंशियस प्लेज़र जो है दैट इज द ओनली ह्यूमन वैल्यू। हमने पुरुषार्थ की बात की थी। हमने चार चीजों की बात की थी। तो उन चार में से सिर्फ ये एक को ही कंसीडर कर रहे

99:32

Speaker A

हैं काम को। जबकि जो अर्थ यानी जो वेल्थ है उस वो एक तरीका रहेगा इन चीजों को अचीव करने के लिए। बट अल्टीमेटली हम काम ही अचीव करना चाह रहे हैं। ये इनका कहना है। ओके जी। ये फिलॉसफी फंडामेंटली रिजेक्ट

99:45

Speaker A

करती है जो भी हिंदूइज़्म में हमने पढ़ा कि भ जन्म लाइफ के बाद क्या होगा? कर्म लिबरेशन इन सारी चीजों को ये मानते ही नहीं है। ओके? तो ये मेजरली एम्फेसाइज करते हैं। जो भी चीजें आप ऑब्जर्व कर रहे

99:57

Speaker A

हो, देख रहे हो स्कैप्टिसिज्म वाला जो अप्रोच है आपका देख के शक करना, चीजें समझना वो सारी चीजें जो है परसेप्शन के थ्रू तो ये परसेप्शन को ही एक वैलिड सोर्स ऑफ़ नॉलेज मानते हैं। ओके? देन बात आती है

100:10

Speaker A

जी इस्लामिक फिलॉसफी वेरी इंपॉर्टेंट। आजकल काफी क्वेश्चंस आ जाते हैं इससे। इस्लामिक एजुकेशन जो है उसको पनिकंड इस्लाम भी बोलते हैं। देखो यहां पे कुछ प्रोनंसिएशन अगर गड़बड़ हो तो मुझे माफ़ करना। बिकॉज़ मैंने कहीं मैंने सिर्फ वो

100:24

Speaker A

होता है ना थ्योरिटिकल नॉलेज है मुझे इसकी जितना मुझे किताबों में मिला है। उसके अलावा ना मेरा कोई मुस्लिम दोस्त है या मुझे आसपास मैं नहीं रही हूं कहीं भी कि मैं इन वर्ड्स को अच्छे से शायद प्रोनाउंस

100:36

Speaker A

कर पाऊं। सो अगर मेरी प्रोनंसिएशन यहां गड़बड़ हो सो आई एम रियली सॉरी फॉर दैट। बट मैं आपको चीजें समझा दूंगी कि यहां से ऐसे क्वेश्चन आ सकता है तो वो आपको पता होना चाहिए। ओके? सबको पता है प्राइमरी

100:47

Speaker A

सोर्स जो है वो कुरान होता है इस्लाम में। ठीक है? तो प्राइमरी सोर्स टू नो अबाउट इस्लाम और उसकी फिलॉसफी एक तो कुरान है दूसरा है सुनना यानी जो नोन प्रैक्टिससेस हैं प्रॉफेट मोहम्मद की उसको सुनना बोल रहे हैं। इज़्मा यानी कंसेंससेस कयास यानी

101:02

Speaker A

एनालॉजी। एनालॉजी के थ्रू आप सीख रहे हो। जैसे वेदांत फिलॉसोफी में उपनयन सेरेमनी करी थी। बुद्धिस्ट फिलॉसफी में पब्जा की थी। वैसे ही यहां पे होता है बिस्मिल्लाह। और सबसे अर्ली हो जाता है। आप देखोगे 4 साल चार महीने चार दिन पे ये एक रिचुअल

101:18

Speaker A

परफॉर्म किया जाता है जिसको बिस्मिल्लाह बोलते हैं। जी। ठीक है? सो ये इनिशिएशन ऑफ एजुकेशन से रिलेटेड है इस्लाम में। मकतबाज़ और मदरसाज जो हैं वो रिलीजियस एजुकेशन इंपार्ट करने के सेंटर्स हैं। जैसे नॉर्मली स्कूल्स होते हैं। इनको नॉर्मली मस्जिद से अटैच करके देखा

101:37

Speaker A

जाता है। मकतबा जो है वो प्लेस होता है जहां पे नॉर्मल बचपन की जो पढ़ाई है, रीडिंग राइटिंग सिखाई जा रही है। और मदरसा जहां पे लेक्चर्स डिलीवर हो रहे हैं। सॉर्ट ऑफ़ हायर एजुकेशन। ओके? मकतबाज़ जो है

101:48

Speaker A

वो एलिममेंट्री एजुकेशन के हैं। मदरसाज़ जो है वो सेकेंडरी और हायर एजुकेशन के लिए होते हैं। ओके?

101:57

Speaker A

मैं एक बार चेक करती हूं। कहीं आवाज ना गूंजने लग गई हो। ठीक है जी। आई थिंक ठीक है आवाज अब तक तो ठीक है। मुझे लगा कई बार ऐसे खांसी या कुछ गले में हो जाता है ना तो उससे उससे भी एक रीज़न हो

102:10

Speaker A

सकता है। कई बार आवाज गूंजने लग जाती है। जिसकी वजह से मैं रिकॉर्ड करती रहती हूं और वो गड़बड़ हो जाती है फिर। बट ठीक है आवाज़। ओके? चलो। तो मद्र मकतबाज़ जो है वो एलिमेंट्री एजुकेशन के लिए हैं। मदरसाज़ जो

102:20

Speaker A

है वो सेकेंडरी और हायर एजुकेशन के लिए हैं। जैन जय फिर है जी। खलीफतुल्लाह फिलर्द फी अलर्द ओके सो ये रिप्रेजेंट करता है ये जो कांसेप्ट ऑफ बिकमिंग अल्लाहज़ रिप्रेजेंटेटिव यानी आप जो हैं भगवान जो अल्लाह जो है उसके रिप्रेजेंटेटिव वो धरती

102:37

Speaker A

पे कुरान बोलती है कि कोई गॉड नहीं है बट गॉड और मोहम्मद जो है वो मैसेंजर हैं गॉड के। ओके? देन है आपका कुरान टीचेस अस अबाउट द वननेस ऑफ़ गॉड। तो एक ही भगवान है दैट इज़ अल्लाह। ठीक है? वन गॉड की ये बात

102:52

Speaker A

करते हैं। एंड एजुकेशनल प्रैक्टिस कंबाइन द नॉलेज ऑफ़ स्किल अलोंग विद द नॉलेज ऑफ़ वन गॉड। तो ये गॉड की रिलीजियस नॉलेज वगैरह सब साथ में प्रोवाइड करते हैं। इस्लामिक ट्रेडिशन जो है एजुकेशन पे स्ट्रेस देता है। इंकल्केशन ऑफ़ ह्यूमिलिटी, नोबिलिटी,

103:07

Speaker A

देन मोरल वैल्यूज़, पीसफुल कोएज़िस्टेंस, ट्रुथफुलनेस। सो सारी चीजों की सारी अच्छी-अच्छी चीजें हैं। चाहे कोई भी धर्म या कोई भी चीज हो। यहां पे भी वही अच्छी चीजों पे फोकस है। ओके? देन तीनचार वर्ड हैं जी। ठीक है? तालीम, तरबियत, तरबिया,

103:23

Speaker A

तादीब। ये सारे वर्ड्स जो हैं वो एजुकेशन, अपब्रिंगिंग, डिसिप्लिन इन्हीं चीजों से रिलेट करते हुए हैं। और ये एजुकेशन से रिलेट करते हुए ही वर्ड्स हैं। ओके? एक बार क्वेश्चन आया हुआ है रिसेंटली कि इनमें से कौन सा जो है वो एजुकेशन से

103:37

Speaker A

रिलेट नहीं करता? तो वो था त तिजरथ। ठीक है? तो तिजरथ मतलब एक प्लेस ऑफ़ ट्रेड या कॉमर्स या मार्केट, बिनेस सेंटर आप जिसको बोलो। सो दिस इज़ नॉट रिलेटेड टू एजुकेशन। बाकी चारों वर्ड जो ऊपर है वो एजुकेशन से

103:49

Speaker A

रिलेटेड है। ओके? अब बिलीफ इन द डे ऑफ़ जजमेंट एंड गुड डीड्स। उसमें बिलीफ रखते हैं ये लोग। ये फिलॉसफी इस्लामिक फिलॉसफर जो है वो क्लासिफाई करते हैं यूनिवर्सल एक्सप्रेशन को पांच टाइप्स में जो हम अभी आगे पढ़ेंगे भी। जीनस, स्पीशीज़, डिफरेंस,

104:05

Speaker A

प्रॉपर्टी एंड कॉमन एक्सीडेंट। जीनस, स्पीशीज़ और डिफरेंस को ये ज्यादाेंस देते हैं। प्रॉपर्टी और कॉमन एक्सीडेंट जो है वो एक्सीडेंटल हैं। ओके? मकतबाज में जो मेथड ऑफ टीचिंग रहेगा रिसाइटेशन ऑफ कुरान रहेगा। ठीक है? और मदरसाज में जो है वह

104:20

Speaker A

टीचर डायरेक्ट या इनडायरेक्ट इंस्ट्रक्शंस बच्चों को दे सकता है। इसमें सेल्फ स्टडी भी इंक्लूडेड रहेगी। कुरान शरीफ जो है वो तीन मेथड्स बताता है नॉलेज अटेन करने के। एक है अह इल्मुल याकीन यानी सिमिलर टू कयास यानी कयास लगाना। एनालॉजी गेस करना।

104:38

Speaker A

ठीक है? देन है एनुल याकीन यानी विजुअल परसेप्शन। और तीसरा है आपका हकुल याकिन यानी टैक्टाइल परसेप्शन। ओके? शॉर्ट में हम देखें तो रेसाइटेशन, कलेक्टिव रिपीटेशन, ओरल मॉनिटोरियल मॉनिटोरियल सिस्टम रहता है जिसके अंदर आप जैसे मान लो मैं 10वीं क्लास में पढ़ रही हूं तो मैं

104:55

Speaker A

पांचवी क्लास के बच्चों को पढ़ा दूं। तो वो है वहां से हेल्प लेना। ठीक है? सो वो मॉनिटोरियल रहता है। पीियर ट्यूटरिंग टाइप का आप चीज लगा लो इसमें। देन है आपका पीियर तो साथ वाले को बोल देते हैं ना। सो

105:07

Speaker A

आपके सीनियर्स पढ़ा रहे हैं सॉर्ट ऑफ। ओके? रीडिंग, राइटिंग, एक्सपीरियंशियल लर्निंग, इंडिपेंडेंट स्टडी। तो ये सारे मेथड्स जो हैं वो इस्लामिक एजुकेशन में यूज़ किए जाते हैं। एजुकेशनल प्रैक्टिससेस को कंबाइन किया जा रहा है अलोंग विद द नॉलेज ऑफ़ वन गॉड। ये चीज जो है वो वन की

105:23

Speaker A

क्योंकि उसमें भी तो हम एक ही की बात कर रहे हैं ना। ब्रह्मा की बात कर रहे हैं। तो ये भेद-अभेद वेदांता में बात की जाती है। तो ये दोनों चीजें भेद-अभेद वाली से रिलेट करते हैं। तो पैरेलली चलती है। ये

105:34

Speaker A

पीवाईक्यू बहुत पुराने क्वेश्चंस में आया हुआ है। ठीक है जी? तो इस्लाम में इस्लाम हम मानते हैं जो कुरान में मेंशन है वही है। थियोसेंट्रिक है क्योंकि ये एक ही ट्रू ओनली ट्रू रियलिटी की बात करते हैं और वो ट्रू रियलिटी गॉड है। गॉड ही

105:48

Speaker A

अल्टीमेट रियलिटी है। वही अल्टीमेट बीइंग है। वही अल्टीमेट ओनली ट्रू रियलिटी है। ओनली। ओके? एवरीथिंग एल्स जो है वो उसकी विल के ऊपर ही चलेगा। गॉड जो है अकॉर्डिंग टू इस्लामिक स्क्रिप्चर वो एब्सोल्यूट रियल है। यानी अल हक है। सो वो एब्सोल्यूट

106:04

Speaker A

रियल है। रियलिटी है। ठीक है? वो कोई प्रोजेक्शन नहीं है कि इंसान के दिमाग की उपज हो ऐसा कुछ नहीं है। एब्सोल्यूट रियल माना गया है। ना ही उसको इल्यूजन माना गया है ना ही कुछ और माना गया है। ओके देन ही

106:17

Speaker A

इज़ इटरर्नली लिविंग ट्रांजेंडिंग द लिमिटेशंस जो भी हम देखते हैं। सो वो इटरनल है मतलब है लेकिन एग्ज़िस्ट करता है। रियल है। ओके? सो एग्जैक्ट नेचर तो नहीं पता है गॉड का बट बिय्ड कॉम्प्रिहेंशन है। आप उसको कॉम्प्रिहेंड नहीं कर पाओगे।

106:33

Speaker A

इस्लामिक कॉनंसेप्ट ऑफ नॉलेज फंडामेंटल और लिबरल व्यूज दोनों की बात करता है। फंडामेंटल व्यूज जो है वो नॉलेज ऑफ रियलिटी इन इस्लामिक स्क्रिप्चर्स यानी कुना कुरान सुनना इन सब से रिलेटेड जो चीजें हैं उनसे रिलेटेड है। और लिबरल व्यू

106:46

Speaker A

जो है वो रियलिटी जो फिजिकल यूनिवर्सल वर्ल्ड में चीजें एक्ज़िस्ट करती हैं। उस बेसिस पे जो व्यू है वो लिबरल व्यू है। ओके? ये है वो पांच टाइप्स जो हम पांच प्रिडिकबल्स भी बोलते हैं। तो एक हायरार्की सी बना देते हैं ये। कैसे कि

107:02

Speaker A

जीनस है। जीनस मतलब जो कॉमन नेचर है। ठीक है? जैसे एनिमलिटी तो सभी ह्यूमन बीइंग हो, डॉग हो, कैट हो, हम उनको एनिमल ही बोल रहे हैं ना? राइट? तो वो जीनस हो गया। फिर हम स्पीशीज़ में जाते हैं। जैसे ह्यूमन

107:14

Speaker A

बीइंग एक स्पीशीज़ आ गई और ह्यूमन बीइंग में फिर जॉन है, जॉर्ज है, रवीना है, कोई है सब लोग आ गए। ओके? देन डिफरेंस है कि आप जो है डिफरेंशिएट कर पाओ बिटवीन द मेंबर्स ऑफ़ जीनस। ओके? सो वो एक रैशनलिटी

107:27

Speaker A

के साथ आएगा कि ह्यूमन जो है वो एनिमल स्पीशीज से अलग है। दो अलग स्पीशीज हैं। सो वो डिफरेंस होना। ओके? ये जो तीन यूनिवर्सल एसेंशियल्स हैं ये मेन चीज हैं। अदरवाइज इसके अलावा जैसे ये प्रॉपर्टी और कॉमन वाली चीजें हैं ये एक्सीडेंटल हैं।

107:43

Speaker A

यानी ये तीन चीजें तो होती है। आपको समझनी पड़ेंगी। ये तीन ये दो चीजें हमने एक्सीडेंटली समझी हैं। राइट? जैसे ह्यूमन बीइंग है तो वो हंस सकते हैं, रो सकते हैं। सो ये उनकी जो प्रॉपर्टी है ये एक्सीडेंटली हमें पता चल गई है। ओके? जो

107:58

Speaker A

कि कॉमन है। देन कॉमन एक्सीडेंट जो है वो क्या है कि मान लो क्रो है और क्रो काला ही होता है। तो ये इनसेपरेबल मैनर में जो चीज यूनिवर्सली अटैच हो गई। ओके? जैसे ब्लैक फॉर ह्यूमन बीइंग्स या

108:12

Speaker A

इनसेपरेबिलिटी ऑफ़ द कॉमन एक्सीडेंट। हाउएवर इज़ द ओनली इन एकज़िस्टेंस। सो ये इनसेपरेबल चीज जो है ना कि आप अटैच कर रहे हो क्वालिटी टू मोर देन वन यूनिवर्सल। सो वो चीज यहां पे कॉमन एक्सीडेंट में आ जाएगी। इसलिए कॉमन एक्सीडेंट और प्रॉपर्टी

108:26

Speaker A

जो हैं ये एक्सीडेंटल प्रॉपर्टीज हैं जो हमें मिल गई हैं बाय चांस। अदरवाइज ऐसा कुछ था नहीं पर्टिकुलर। बट जीनस, स्पीशीज़ और डिफरेंस जो हैं वो यूनिवर्स ये जो तीन यूनिवर्सल्स हैं ये एसेंशियल हैं किसी भी चीज के लिए। ओके जी। ये देखो जी। एजुकेशनल

108:42

Speaker A

प्रोग्रेशन देखो इसमें ना कई बार ये कालिम और फाजिल में ऐसे हो जाता है कि फाजिल जो है वो अंडर ग्रेजुएट को बोल रहे हैं। कालिम जो है वो पोस्ट ग्रेजुएट को। लेकिन ये जो मैंने इंफॉर्मेशन मेंशन की है ये

108:54

Speaker A

यूपी में जो मदरसाज के बोर्ड्स वगैरह होते हैं वहां से प्रॉपर इंफॉर्मेशन है ये। ओके? सो मुंशी मौलवी सेकेंडरी लेवल पे जो हैं यानी जिसने 10वीं पास कर ली हो, मैट्रिक कर ली हो, वो मुंशी और मौलवी इक्विवेलेंट डिग्री। ओके? आलिम जो है वो

109:10

Speaker A

इक्विवेलेंट टू 12th माना जा रहा है। काल कामिल जो है वो ग्रेजुएशन और फाजिल जो है वो पोस्ट ग्रेजुएशन। ओके? सो ये चीजें आपको पता हो। अब एक लैंडमार्क रूलिंग आई 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने क्लेरिफाई किया जो मदरसा से क्वालीफाई करते हैं यानी

109:25

Speaker A

जिसने आलिम, कामिल, फाजिल ये जो डिग्री हासिल की है सो कॉल्ड इनके ऊपर एक लीगल स्टेटस जो है उन्होंने दिया। उन्होंने बोला कि भई वर्डिक्ट क्या निकला? आलिम ठीक है। यानी 12वीं तक की पढ़ाई मदरसा में ठीक है। ओके है। हम इक्विवेलेंट मानेंगे और

109:41

Speaker A

बाद में जो है आप उसको डाल सकते हो बच्चे को कहीं किसी और ग्रेजुएशन के कोर्स में। बट जो कामिल और फाजिल हैं उनको स्ट्रक डाउन कर दिया। यानी ये दोनों चीजें इक्विवेलेंट नहीं मानी जाएंगी ग्रेजुएशन पोस्ट ग्रेजुएशन के। क्योंकि ये

109:56

Speaker A

अनकॉन्स्टिट्यूशनल बोला इनको। ठीक है? और इनको कॉन्फ्लिक्ट में भी बोला किसके कॉन्फ्लिक्ट में? जो आपका यूजीसी के थ्रू चीजें आती हैं। यूजीसी एक्ट के कॉन्फ्लिक्ट में बोला। ओके? तो इसलिए जुरिसडिक्शन ये निकल के आती है कि हायर एजुकेशन स्टैंडर्ड्स जो हैं दे फॉल अंडर

110:12

Speaker A

यूनियन लिस्ट। यानी स्टेट लेवल मदरसा बोर्ड जो है वो डिग्री ग्रांट नहीं कर सकते। ओके? सो ये जुरिसडिक्शन थी कि अगर हायर एजुकेशन जो हायर एजुकेशन के स्टैंडर्ड्स यूनियन लिस्ट में आते हैं जबकि जो 12th तक के जो चीजें हैं सेकेंडरी

110:28

Speaker A

एजुकेशन सीनियर सेकेंडरी एजुकेशन वो आपकी आती है कॉनकरेंट लिस्ट में तो स्टेट बोर्ड के अंडर जो चीजें हो रही हैं वो चल जाएंगी बट पोस्ट ग्रेजुएशन वाले कोर्सर्सेस जो हैं वो यूजीसी के अंडर ही चलेंगे वो मदरसाज़ के अंडर नहीं चलेंगे ओके तो ये चीज

110:43

Speaker A

आपको पता हो आपको ये मतलब पता हो ये भी पूछा गया था कि इसको सीक्वेंस में लगाओ तो मुंशी मौलवी या आलिम कामिल ये सीक्वेंस आपको पता होनी चाहिए। ओके जी। देन आपके सिलेबस में स्वामी दयानंद सरस्वती का नाम

110:56

Speaker A

मेंशन है। जी। सो इनके बारे में मेजर चीजें देख लेते हैं। अदरवाइज इनसे क्वेश्चन आता नहीं है मोस्टली। फाउंडर हैं ये आर्य समाज के। ये बैक टू वेदाज़ की बात करते हैं। वैदिक एजुकेशन को प्रमोट किया। इन्होंने डीएवी स्कूल्स खोल के। तो डीएवी

111:10

Speaker A

स्कूल पहला 1886 में लाहौर में खुला था। दयानंद एंग्लो वैदिक स्कूल्स। इन्होंने सत्यार्थ प्रकाश लिखी। लाइट ऑफ ट्रुथ देन आपका संस्कार विधि और ऋग्वेद भाष्यम ये इनकी लिखा लिखी हुई चीजें हैं। मोनोथिस्ट पे ये बिलीव करते हैं। कोई आइडियल वरशिप

111:27

Speaker A

जो है ये नहीं मानते हैं कि एक ही है एकिस्ट करता है बट फॉर्मलेस गोल्ड है। सो आइडियल या मूर्ति पूजा में ये बिलीव नहीं करते हैं। परोपकारिणी सभा जो है वो उसके भी ये फाउंडर हैं और ये बिलीव करते हैं

111:40

Speaker A

चक्रधिपत्या यानी कॉनंसेप्ट ऑफ वन गवर्नमेंट थ्रूउ द वर्ल्ड। ये क्वेश्चन पूछा जा सकता है। अभी तक नहीं पूछा है। ओके? तो ये स्वामी दयानंद सरस्वती हैं। आप और इंफॉर्मेशन इनसे रिलेटेड कुछ मिले तो आप इसी स्लाइड में यहां ऐड कर सकते हो। जो

111:54

Speaker A

बच्चे नोट्स ले आप नोट्स बना रहे हो। सो बाकी जरूरत नहीं है इससे क्वेश्चंस जो हैं वो नहीं आते हैं कभी। ओवरऑल हमने फर्स्ट पार्ट जो पढ़ा उसमें ऑर्थोडॉक्स स्कूल्स अनऑर्थोडॉक्स स्कूल्स पढ़े। ये उनके मेजर प्रोपाउ प्रोपोनेंट हैं। फाउंडर लगा लो या

112:09

Speaker A

चीफ प्रोपोनेंट लगा लो। तो ये नाम आपको पता होने चाहिए। देन ये इंडियन स्कूल्स जो हमने पढ़े ये वैलिड सोर्स ऑफ नॉलेज जिसको हम प्रमाण बोल रहे थे कि चरक जो है वो सिर्फ परसेप्शन यानी एक में ही बिलीव करते

112:20

Speaker A

हैं। वैशिष्ट बुद्धिज्म ये दोनों के दोनों जो है वो दो सोर्सेस में बिलीव करते हैं। परसेप्शन और इनफेरेंस योग, सांख्य और जैनिज्म ये तीन में परसेप्शन, इनफरेंस और वर्बल टेस्टिमोनी। न्याय वाले जो है वो चार में जिसमें कंपैरिजन भी आ गया। और जो

112:35

Speaker A

वैदिक फिलॉसफी या वेदांता वाले हैं वो छह के छह प्रमाण में बिलीव करते हैं। उनको वैलिड सोर्स ऑफ नॉलेज बोलते हैं। ठीक है जी। अब बात आती है हमारी नेक्स्ट पार्ट की यानी बी पार्ट की जिसमें हम वेस्टर्न

112:48

Speaker A

स्कूल्स ऑफ थॉट की बात करेंगे। अभी तक हमने इंडियन स्कूल्स ऑफ फिलॉसफी पढ़ लिया है। इतनी इनेशन आपके लिए मोर देन इनफ है। ओके? वेस्टर्न स्कूल्स में हमें स्पेशली मेंशन है। आइडियलिज्म, रियलिज्म, नेचुरलिज्म, प्रगमेटिज्म, मार्क्सिज्म और एकिस्टेंशियलिज्म। छह चीजें मेंशन हैं। हम

113:04

Speaker A

सात आठ आठ नौ चीजें करेंगे। बट जो आपके एग्जाम पर्सपेक्टिव से इंपॉर्टेंट है। बहुत शॉर्ट में इनको समझाने की कोशिश करूंगी क्योंकि इनके लिए आप जितनी थ्योरी यूज़ करोगे उतनी ही कम पड़ेगी। तो आपको मेन जस्ट समझना है कि क्या कहना चाह रहे हैं।

113:18

Speaker A

ओके? आइडियलिज्म आइडियाज पे फोकस है। माइंड और थॉट जो है वही रियल है और कुछ भी रियल नहीं है। ओके? तो जो प्लेटो हैं वो क्या है? जी फादर ऑफ़ आइडियलिज्म है। उनकी एक फेमस बुक है। द रिपब्लिक। पूछी जाती है

113:31

Speaker A

किसने लिखी है। ओके? माइंड और थॉट ही रियल है। उसके अलावा कोई भी चीज़ रियल नहीं है। वर्ल्ड जो है माइंड और आइडियाज़ का वही परमानेंट, रेगुलर और ऑर्डरली है। आइडियलिस्ट आउटलुक जो है वो स्पिरिचुअल आउटलुक है। अल्टीमेट रियलिटी आपको

113:46

Speaker A

स्पिरिचुअलिटी में दिखेगी। यानी ये एग्जिस्टेंस ऑफ गॉड में बिलीव करते हैं। यूनिवर्स गॉड ने ही बनाया है। इटरनल स्पिरिचुअल वैल्यूस जो है वो कभी चेंज नहीं होती है। वो एब्सोल्यूट हैं। और वो वैल्यूज़ हैं जी ट्रुथ, ब्यूटी, गुडनेस। सो

114:01

Speaker A

ट्रुथ, गुडनेस, ब्यूटी यानी सत्यम, शिवम, सुंदरम। सो ये तीन इटरनल वैल्यूज़ हैं। यही मेन प्रोपोन मेन मेन फाउंडेशन है आइडियलिस्ट करिकुलम की। स्पिरिचुअल लॉज़ जो हैं वो यूनिवर्सल हैं। आप चेंज नहीं कर सकते। आइडियल है चीजें। ओके? देन एम ऑफ़

114:17

Speaker A

एजुकेशन अकॉर्डिंग टू आइडियलिज्म वो सेल्फ रियलाइजेशन है। टीचर की पोजीशन बहुत हाई लेवल पे है। टीचर ही गाइड करेगा, डायरेक्ट करेगा। सिचुएशन को कंट्रोल करेगा। सब चीजें टीचर करेगा। ओके? सोक्रेटीज़, प्लेटो डेस्क्रेट स्पिंजो बकले महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, श्री और

114:34

Speaker A

ओबिंदो ये सारे आइडियलिज्म की फिलॉसोफी में बिलीव रखते हैं। ठीक है जी। देन रियलिज्म इसके एग्जैक्ट ऑोजिट अरिस्टोटल जो है वो फादर ऑफ रियलिज्म है। अकॉर्डिंग टू बटलर रियलिज्म एक कॉमन एक्सेप्टेंस है कि जैसा संसार है वैसे उसको एक्सेप्ट करना

114:51

Speaker A

जैसे हमें दिख रहा है। ओके? व्यूज द वर्ल्ड इन टर्म्स ऑफ़ ऑब्जेक्ट एंड मैटर। जैसे वो सिर्फ माइंड की फिनोमिना में देख रहे थे। ये जैसा फिनोमिनल वर्ल्ड हमें दिख रहा है उसको ही ट्रू मानते हैं। सेंसेस जो

115:04

Speaker A

है वो गेटवे हैं नॉलेज के। रेगुलैरिटी है ऑब्जेक्टिव वर्ल्ड में। रियलिज्म ट्रांसडेंटलिज्म को एक्सेप्ट नहीं करता। यानी बिय्ड जैसे हमने बोला ना बियों्ड आइडियाज कुछ नहीं है वाली सिचुएशन की आइडियाज ही हैं जो हैं। यहां पे ये बोल

115:18

Speaker A

रहे हैं बियों्ड जैसा कुछ नहीं है। जो दिख रहा है वही है। ओके? मेन एम्फेसिस है प्रेजेंट और प्रैक्टिकल लाइफ ऑफ मैन बीइंग। तो ह्यूमन बीइंग की प्रेजेंट और प्रैक्टिकल लाइफ पे ये फोकस कर रहे हैं। सो दिस अपील्स फॉर एक साइंटिफिक

115:31

Speaker A

स्टैंडर्डाइज्ड डिस्टिंक्ट डिसिप्लिन बेस्ड करिकुलम आपको यहां देखने को मिलता है। ओके? सब्जेक्ट एरिया अप्रोच पे फोकस करते हैं। लर्नर्स को डे टू डे लाइफ में कैसे डील करना है? बेसिक नीड्स कैसे पूरी करनी है? उन चीजों से रिलेटेड ये फोकस

115:46

Speaker A

करते हैं। वो चीजें समझाने पे, सिखाने पे। टीचर जो है वो बच्चे को रियलिटी से रूबरू करवाएगा। टीचर साइंटिफिक नॉलेज, साइंटिफिक टेंपरामेंट बच्चे में डालेगा ताकि एक अच्छे इजी और इफेक्टिव वे में डालेगा। एक्यूरेट इनेशन जो है वो बच्चों में

116:01

Speaker A

इंपार्ट करेगा। ओके? सो जॉन लॉक अह मेनली कॉमनस ये बर्ट रशल फ्रांसिस बैकन ये नाम अक्सर पूछ लिए जाते हैं हरबर्ट स्पेंसर कि ये किससे रिलेटेड हैं? तो ये रियलिज्म से रिलेटेड हैं। तो दीज़ आर रियलिस्ट्स जो हमने ऊपर पढ़े थे। दीज़ आर आइडियलिस्ट। ओके?

116:20

Speaker A

देन तीन तरीके चार तरीके के रियलिज्म की बात होती है। उसमें किसका नाम आता है?

116:24

Speaker A

जैसे एरिस्टोटेलियन में एररिस्टोटलल का। रिलीजियस रियलिज्म में थॉमस एक्वेनस का जो आगे जाके पेरिनियलिज्म बनता है। एक नई फिलॉसफी बनती है। ओके? इसीलिए पेरिनियलिज्म पढ़ेंगे। तो थॉमस एक्वेनस को हम फादर भी बोलते हैं पेरिनियलिज्म का। ह्यूमनिस्टिक रियलिज्म। देन मॉडर्न

116:42

Speaker A

रियलिज्म। तो आप ये नाम ध्यान रख सकते हो बस। ओके जी। देन है प्रगमेटिज़्म। सो फादर ऑफ़ प्रैग्मिज़्म। चार्ल्स एंडर्स स्पियर्स को बोलते हैं। प्रग्मा मतलब रियलिटी। आप यहां पे लर्निंग बाय डूइंग पे फोकस कर रहे हो। सिखाने पे फोकस कर रहे हो।

116:56

Speaker A

प्रगमेटिज्म सोसाइटी के करीब रखना चाह रहा है बच्चों को। सोसाइटी से दूर नहीं करना चाह रहा है। जैसे नेचुरलिज्म नेचर के करीब और सोसाइटी से दूर रखेगा बच्चों को। प्रगमेटिज्म सोसाइटी के पास रखेगा। क्योंकि सोसाइटी से ही हम सीखते हैं और

117:10

Speaker A

हमसे ही सोसाइटी बनती है। ओके? यहां पे मेन नाम जो है वो जॉन डूई का देखने को मिलता है। रियलिटी लाइज़ इन द प्रोसेस इट इज़ स्टिल इन मेकिंग। सो कोई भी रेडीमेड चीजें नहीं है। रियलिटी चेंजिंग प्रोसेस

117:23

Speaker A

में है। बनती रहती है। चेंज होती हैं चीजें। प्रगमेटिज्म बिलीव करता है गॉड एग्जिस्टेंस में। लेकिन एक एक्सटेंट तक। ओके? यूनिवर्स जो है वो मैन ने क्रिएट किया है। सारी चीजें मैन ने बनाई है। आसपास चीजें चेंजबल हैं। क्योंकि हमने

117:38

Speaker A

बनाई है। तो टाइम, प्लेस, सरकमस्टेंस के हिसाब से चीजें बदलेंगी। कोई भी चीज यूनिवर्सल नहीं है। ओके? रिकॉग्नाइज़ज़ आइडियल्स एंड बिलीव्स एक्सपेरिमेंट्स के बेस पे यानी करके देखो। वो एक्सपीरियंस करो उस बेस पे। सो आउटलुक जो है वो इनका

117:53

Speaker A

सोशल होगा क्योंकि सोसाइटी को ही ये बेस मान के चलते हैं। हम सोसाइटी से अलग नहीं करेंगे बच्चे को क्योंकि अल्टीमेटली उसने सोसाइटी में ही रहना है। ओके? मेन एम क्या है एजुकेशन का? कि ये डायनेमिक है नेचर

118:06

Speaker A

में मेन एम कि चीजें चेंज होती हैं यहां पे। लर्नर्स जो है वो हैंड्स ऑन एक्टिविटी, ऑब्जरवेशन, लर्निंग बाय डूइंग एक्टिविटी मेथड इनसे सीखते हैं। ओके? मेन नाम चार्ल्स एंडर्स स्पियर्स, विलियम जेम्स और जॉन डूई। तीन नाम बहुत फेमस हैं।

118:20

Speaker A

एजुकेशन को ट्राईपोलर प्रोसेस जॉन डूई ने बोला था। मैंने आपको समझाया था पहली स्लाइड में। जॉन डूई जो है उनके एजुकेशनल फिलॉसफी जो है उसको कई बार एक्सपेरिमेंटलिज्म फंक्शनलिज्म इंस्ट्रूमेंटलिज्म, प्रो ऑपरेशनलिज्म, प्रैक्टिकलिज्म प्रगमेटिज्म प्रोग्रेसिविज़्म तो वो भी बोला जाता है।

118:39

Speaker A

ओके? जॉन डई ने एक बुक लिखी है। बहुत फेमस है। डेमोक्रेसी एंड एजुकेशन पूछ ली जाती है। प्रेयर्स जो है वो आप एंप्टी स्टमक नहीं ऑफर कर सकते। ठीक है? तो वो जो ये आइडियल चीजें हैं कि पहले भगवान का नाम लो

118:51

Speaker A

फिर वो वाली चीज आप खाली पेट भजन भी नहीं होता। भूखे पेट भजन ना होए। ठीक है? सो वो वो वो चीज की फिलॉसोफी जो है वो प्रगमेटिज्म में आपको देखने को मिलती है। नेचुरलिज्म प्रगमेटिज्म से उल्टा है। ठीक

119:03

Speaker A

है? सो देखो हमने पढ़ा आइडियलिज्म। आइडियाज पे, माइंड पे, रियल थॉट, ट्रुथ, ब्यूटी, गुडनेस, सत्यम, शिवम सुंदरम उन पे फोकस है। ओके? आई आइडियल चीजें हैं थोड़ी सी। रियलिज्म इसके ऑोजिट था। साइंटिफिक चीजों पे फोकस कर रहा है। और जो चीजें हैं

119:18

Speaker A

एग्जैक्टली उन पे फोकस कर रहा है। ओके? प्रगमेटिज्म में सोसाइटी पे फोकस है कहीं ना कहीं लेकिन लर्निंग बाय डूइंग पे फोकस है कि अपना करके सीखो। नेचुरलिज्म थोड़ा सा एक्सट्रीम चला गया। ये सोसाइटी को करीब ही नहीं आने देना चाह रहा। ये बोल रहे हैं

119:32

Speaker A

नेचर अलोन इज़ द एंटायर रियलिटी और नेचर रेडीमेड है। जैसे हमने ऊपर बोला प्रेग्नेंटिज्म में कि चीजें बन रही हैं। प्रोसेस में है। बट यहां पे सारा फोकस ही नेचर पे है। जीन, जैकिस, रोस रूसो जो हैं वो इसके फादर माने जाते हैं। रूसो ने बहुत

119:46

Speaker A

प्रमोट की है सारी चीजें। ठीक है? तो यह बोलते हैं कि कोई मैटर और कॉन्शियसनेस में क्लियर कट डिफरेंस नहीं है। फिजिकल नेचुरल लॉज़ जो हैं वो सारे यूनिवर्सल हैं। यह नेचर को ही बेस मान रहे हैं। फॉलो द नेचर

119:58

Speaker A

का स्लोगन फॉलो करते हैं। वैल्यू सोल गॉड इन चीजों में बिलीव नहीं करते हैं। ऑटोनॉमस डेवलपमेंट पे फोकस करते हैं। इंडिविजुअलिटी पे फोकस करते हैं। ठीक है?

120:08

Speaker A

ये भी सेल्फ एक्सप्रेशन पे फोकस कर रही हैं। नेचर ही टीचर है। तो रूसो ने तो ये भी बोल दिया कि जितनी भी चीजें नेचर के जब तक हाथ में थी तब तक चीजें अच्छी हैं। जैसे ही वो इंसान के हाथ में आती है उनका

120:21

Speaker A

कवाड़ा हो जाता है और डीजनरेट होती हैं वो। ठीक है? तो डिस्ट्रॉय कर देता है इंसान उसको। तो सेम है कि छोटे बच्चे भी जब तक नेचर के करीब रहेंगे वो सीखेंगे। जैसे ही सोसाइटी में आने लगेंगे तो वो

120:32

Speaker A

डेटरट होने लग जाएंगे। ओके? नेचुरलिस्ट भी कोई फिक्स्ड करिकुलम को फॉलो नहीं करते हैं। ये नेगेटिव एजुकेशन की बात करते हैं। ये क्वेश्चन बहुत बार पूछा जाता है। रूसो ने नेगेटिव एजुकेशन टर्म दी है। नेगेटिव एजुकेशन की बात की है। नेगेटिव एजुकेशन जो

120:47

Speaker A

है वो टीचर की अथॉरिटी को डिसमिस कर रही है और बच्चे को अलाउ कर रही है कि वो उसका जो नेसेंट माइंड है नया-नया बिल्कुल फूल जैसा माइंड उसको नेचर में छोड़ो। वो अपने आप चीजें करके सीख जाएगा। ओके? इसमें एक

121:01

Speaker A

बेस्ट एग्जांपल आता है उनकी एमील नाम की बुक है। सो एमील में एमील एक कैरेक्टर है और वो एमील को बोलते हैं कि वो उसमें ले उसमें सो रहा है। मान लो ठंड है और उसने खिड़की तोड़ दी। तो अब वो जो खिड़की तोड़ी

121:13

Speaker A

है उसको टूटी हुई खिड़की वाले रूम में ही सोने दो। जब उसको ठंड लगेगी तो वो सीख जाएगा। सो इट्स लाइक यू आर लर्निंग फ्रॉम योर कॉन्सीक्वेंसेस व्हिच इज एक्सट्रीम। ठीक है? क्योंकि कई बार होता है कि आप आग

121:25

Speaker A

लगानी नहीं है। ये सीखने के लिए पहले आग थोड़ी लगा के देखोगे। राइट? सो वो थोड़ा सा एक्सट्रीम है। अदरवाइज ये नेचर पे ही फोकस कर रहे हैं। कॉन्सिक्वेंसेस से सीखने पे फोकस कर रहे हैं। नेगेटिव एजुकेशन को

121:36

Speaker A

प्रमोट करते हैं। नेगेटिव एजुकेशन इज़ सॉर्ट ऑफ दूर जो जो सोसाइटी से दूर है उसको ये नेगेटिव एजुकेशन बोल रहे हैं। ऑपोज़ करते हैं ये बुकिश नॉलेज को। सेल्फ लर्निंग सेंट्रल पोजीशन है बच्चे की और स्पेंसर मैकडगल डारमिन लेमार्क रूसो टीपी

121:54

Speaker A

नन ये जो है नेचुरलिज्म की बात करते हैं अलग-अलग टाइप के जैसे एटॉमिक नेचुरलिज्म में हम एपिकरस और डेमोक्रेटस को याद रखेंगे ये चीफ प्रोपोनेंट्स हैं और ये बोलते हैं कि एटॉमिक एटॉमिक नेचुरलिज्म मतलब जो आपका नेचर है जो एट वो छोटे-छोटे

122:09

Speaker A

पार्ट्स से मिलके बना हुआ है। ओके? देन साइंटिफिक नेचुरलिज्म में फिजिकल और बायोलॉजिकल आ जाता है। फिजिकल में मेजरेंस एक्सटर्नल मटेरियल वर्ल्ड को दी है और बायोलॉजिकल में डार्विन की थ्योरी कोेंस दी है कि एडप्ट करोगे आप एनवायरमेंट के

122:23

Speaker A

अकॉर्डिंग एडप्ट करोगे, स्ट्रगल करोगे। जो स्ट्रगल करके फिट हो गया सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट वो बचेगा। अदरवाइज़ आप सर्वाइव नहीं कर पाओगे। मैकेनिकल नेचुरलिज्म हरबर्ट स्पेंसर ने दिया है। ये वर्ड याद रखिए। उनके अकॉर्डिंग एक बड़ी मशीन है।

122:37

Speaker A

पूरा जो ब्रह्मांड है और उसमें हम छोटे-छोटे पुरजे हैं जो सारे मिलके काम कर रहे हैं। ओके ऐसे ही एक वर्ड हिस्टोरिकल नेचुरलिज्म भी आता है। सो आपको एटलीस्ट वर्ड्स पता हो कि अच्छा ये नेचुरलिज्म में आते हैं। ओके जी एमील बुक का ध्यान रखना।

122:52

Speaker A

देन है जी एग्ज़िस्टेंशियलिज्म। सो दो नाम आते हैं यहां पे वैसे तो बट फाउंडर या मॉडर्न जो है एग्ज़िस्टेंशियलिज्म में सोरेन किरगार्ड को ही बोला जाता है। ठीक है? कि ये फाउंडर हैं और ये अह मॉडर्न एकिस्टेंशियलिज्म ये 19थ सेंचुरी में

123:06

Speaker A

फाउंडर माने जाते हैं। उसके बाद 20थ सेंचुरी में जीन पोल सर्टे भी काफी फेमस हैं। ओके? तो बाकी ये निश और मार्टिन जो है इनके नाम भी एकिस्टेंशियलिस्ट की तरह ही देखे जाते हैं। ओके?

123:17

Speaker A

एग्ज़िस्टेंशियलिज्म फोकस करता है एग्ज़िस्टेंस पे। ठीक है? कि एग्ज़िस्टेंस पहले देन एसेंस। सो एग्ज़िस्टेंस प्रसीड्स एसेंस। यानी एसेंस से पहले अगर मैं बोलती एकिस्टेंस प्रोसीड प्रोसीड मतलब उसके बाद प्रसीड मतलब पहले तो एग्ज़िस्टेंस पहले देन एसेंस फोकस सेल्फ के ऊपर है।ेंस ऑफ़

123:37

Speaker A

सब्जेक्टिविटी है। मैन की फ्रीडम उसकी सेल्फ वो सारी चीजों पे फोकस है कि मैन हमेशा कॉन्फ्लिक्ट में ही नजर आएगा आसपास के रिलेशंस से। ठीक है? तो ये जेपी साटे ने ये बात बोली। ये आइडियलिज्म, नेचुरलिज्म, साइंटिफिक कल्चर इन सबकी इन

123:52

Speaker A

सबको क्रिटिसाइज करते हैं। ये इनर और इमीडिएट रियलाइजेशन पे फोकस करते हैं। ओके? एजुकेशन एक प्रोसेस है जो कॉन्शियसनेस डेवलप करेगा फ्रीडम। सो फ्रीडम टू चूज़ के बारे में, आपकी चॉइससेस के बारे में। तो ये कैरेक्टर फॉर्मेशन पे,

124:05

Speaker A

सेल्फ रियलाइज़ेशन पे फोकस करेगा। चाइल्ड सेंटर्ड हैं चीजें। फुल फ्रीडम देते हैं ये बच्चे को। मैन इज़ नथिंग बट जो आप अपने आप को बनाते हो, आप वही बनते हो। चाइल्ड इज़ इंटीग्रल पार्ट ऑफ़ अल्टीमेट यूनिवर्स। बोथ पेन एंड प्लेजर जो है वो इंसान की

124:20

Speaker A

वेल्थ है और उसी से ही आप सीखोगे तो दे आर गुड टीचर्स। ओके? कुछ एक थीम्स भी हैं एक्सिस्टेंशियलिज्म में जैसे एकिस्टेंस, इंडिविजुअलिटी सब्जेक्टिविटी फ्रीडम डिसीजन ये चीजें आपको एकिस्टेंशियलिज्म में नजर आती हैं। ओके? पेरिनियलिज्म जैसे मैंने आपको कहा था कि रिलीजियस रियलिज्म

124:39

Speaker A

वहां से जो है हम थॉमस एक्वेनस हमने पढ़ा था और मैंने आपको कहा था कि ये आगे जाके पेरिनियलिज्म की नई फिलॉसोफी बनाते हैं। सो पेरिनियल इज़ लाइक एवरलास्टिंग। सो एक पेरिनियल फ्लावर आप देखेंगे। ठीक है? दैट कम्स अप ईयर आफ्टर ईयर। यानी वो हर बार

124:53

Speaker A

आएगा। ओके? सो पेरिनियलिज्म इज़ लाइक जो मेरे पड़दाओं ने पढ़ा वही मैं पढूं वही मेरे बच्चे पढ़ें। सो चीजें चेंज नहीं होनी चाहिए। एवरलास्टिंग होनी चाहिए। एजुकेशन की भी ये ऐसे ही बात करते हैं। ओरिजिनली ये रिलीजियस था नेचर में। इसीलिए रिलीजियस

125:08

Speaker A

रियलिज्म से निकल के आया है। थॉमस एक्वनिस्ट जो हैं उनको फादर ऑफ़ पेरिनलिज्म बोला जाता है। ये बोलते हैं कि जो नॉलेज है वो टाइमलेस है कि नॉलेज चेंज नहीं होती है। नॉलेज जो मेरे दादाओं ने ली, मैंने

125:21

Speaker A

ली, वही मेरे बच्चे ली। वो चीज होनी चाहिए। ओके? सब्जेक्ट सेंटर्ड फिलॉसफी पे फोकस कर रहे हैं। लर्निंग विदाउट एजुकेशन का ये आईडिया है। स्टैंड फॉर द आईडिया। इट प्रमोट्स लाइफ लॉन्ग लर्निंग। और एक एजुकेशन सिस्टम जो कांस्टेंटली इवॉल्व हो

125:35

Speaker A

रहा हो लेकिन चीजें वैसे ही सेम हो। ओके? पैरेनलिस्ट एजुकेशन टीचर सेंटर्ड है टेक्निकली। पैरेंलिस्ट एजुकेशन जो है वो प्रोवाइड करती है चिल्ड्रन को। रेलेवेंट स्किल्स जो आज की हैं विल बी रेलेवेंट इन द फ्यूचर आल्सो। ओके? तो वो हमेशा

125:48

Speaker A

रेलेवेंट रहने वाली चीजों की बात कर रहे हैं। ये फोकस करते हैं। एजुकेशन शुड बी द आईडिया दैट हैव लास्टेड ओवर सेंचुरीज़। तो वो एजुकेशन होनी चाहिए। सो कॉनस्टेंट करिकुलम, क्लासिकल सब्जेक्ट्स, लिटरली एनालिसिस के ऊपर फोकस करते हैं। तो

126:01

Speaker A

स्टूडेंट्स वही सीखेंगे जो उनके ग्रैंड पेरेंट्स ने सीखा है। ओके? ये मेन-मेन नाम है जी हर्टचिन का, एडलर का, म्टेन का। सो ये एजुकेशनल लीडर्स हैं पेरिनलिज्म के फील्ड में। बट सेंट थॉमस एक्वस का आप नाम याद रखो। मार्क्सिज्म की जो फिलॉसफी है वो

126:16

Speaker A

फोकस सोसाइटी पे करती है टेक्निकली। ठीक है? सो एजुकेशन ये व्यू एक एजुकेशन को एक टूल की तरह देखते हैं कि कैसे हम सोशल ट्रांसफॉर्मेशन इससे कर सकते हैं। ओके?

126:27

Speaker A

कार्ल मार्क्स जो है वो फादर ऑफ़ मार्क्सिज्म है। बहुत फेमस हैं। मार्क्सिज्म सिर्फ एक फिलॉसफी नहीं है। ये क्लास कॉन्फ्लिक्ट, क्लास स्ट्रगल, वायलेंट रेवोल्यूशन इन सारी चीजों को एक्सप्लेन करती है। ठीक है? तो ये ह्यूमनिज्म और फ्रीडम की फिलॉसफी है। एक

126:41

Speaker A

तरीके से एजुकेशन को एक सोशल ग्रोथ और इकोनॉमिक प्रोडक्शन के लिए तरीका देखा जाता है कि एजुकेशन की वजह से ये चीजें हो पाएंगी। सो यहां पे दो क्लासेस आपको देखने को मिलेंगी। एक ओनर वाली क्लास और एक आपकी

126:53

Speaker A

जो वर्किंग क्लास है वो। ठीक है? तो ओनर वाली क्लास जो है वो आगे बढ़ती हुई दिखती है सोसाइटी में। वर्किंग क्लास पीछे छूटती हुई दिखती है। तो इसलिए इन्होंने इनका ये मानना है कि वर्किंग क्लास ऊपर होनी चाहिए

127:06

Speaker A

और सो जो गवर्नमेंट है वो अपने जो है वो चीजों को मेंटेन रखें। सो ये गवर्नमेंट इकॉनमी पे ज्यादा फोकस करते हैं। ओके? ये बेसिक टेनेट्स हैं जी मार्क्सिज्म के। डायलेक्टिकल मटेरलिज्म, हिस्टोरिकल, थ्योरी ऑफ़ सरप्लस वैल्यूज़। सो एक बार इनके

127:21

Speaker A

बारे में थोड़ा-थोड़ा देख लेते हैं। ठीक है? तो अ मेन पॉइंट्स अगर हम देखें तो साइंटिफिक मेथोडोडोलॉजी या फिलॉसोफिकल बैकबोन है डइलेक्टिकल ये मटेरियलिज्म की। ठीक है? सो ये रियलिटी को एक मटेरियल की तरह लेके चलते हैं। रियलिटी इज़ मटेरियल और

127:37

Speaker A

वो रेोलशंस ऑफ़ इंटरनल कंट्राडिक्शन से जो है वो प्रोग्रेस होगी उसकी। ओके? तो थीसिस, एंटीथीसिस और सिंथेसिस। तो इन तीन चीजों की बात करते हैं। आते नहीं है ये एग्जाम में। बस आपको यह वर्ड्स पता हो कि डइलेक्टिकल मटेरियलिज्म, हिस्टोरिकल

127:52

Speaker A

मटेरियलिज्म, थ्योरी ऑफ़ सरप्लस वैल्यू, क्लास स्ट्रगल, रिवॉल्यूशन, डिक्टेटरशिप ऑफ़ प्रोलिटेरियट। सो ये सारी चीजें कहां से रिलेट कर रही हैं? मार्क्सिज्म से। यूजुअली क्या होता है कि जैसे हमने बोला क्लास स्ट्रगल। सो ये बोर्गियस हैं और प्रोलिटेरिएट हैं। प्रोलिटेरिएट यानी

128:09

Speaker A

वर्कर्स और ये ओनर। इनके बीच में हमेशा कॉन्फ्लिक्ट चलता रहेगा। तो वो स्ट्रगल चलता रहेगा। एक कॉन्फ्लिक्ट जो चल रहा है। ओके? जो भी सरप्लस अमाउंट कमाया गया है वो प्रॉफिट की तरह कैपिटलिस्ट रख लेते हैं। वेजेस को नहीं बढ़ाते। वर्कर्स तक नहीं

128:24

Speaker A

पहुंचने देते उसको। सो थ्योरी ऑफ़ सरप्लस वैल्यू। हिस्टोरिकल मटेरियलिज्म एप्लीकेशन है ये डइलेक्टिकल मटेरियलिज्म की। इट असर्ट्स दैट इकोनॉमिक बेस डिटरमाइंस द सुपर नेचर ऑफ़ सोसाइटी। यानी जिसके हाथ में पैसा पावर है वही सारी चीजें कंट्रोल करता है। ठीक है? रिवॉल्यूशन होगा क्योंकि

128:44

Speaker A

वर्कर्स रिवॉल्यूशन लाएंगे क्योंकि स्ट्रगल चल रही है, कॉन्फ्लिक्ट चल रहा है तो कोई तो जीतेगा। सो ये बात करते हैं कि वो तो चलती रहेंगी चीजें और उसकी वजह से ही रिवॉल्यूशन आता है कि एक पॉइंट आएगा कि

128:56

Speaker A

एकदम से प्रोलिटेरियट जो हैं उनकी डिक्टेटरशिप आ जाएगी और ओनर्स जो हैं वो दब जाएंगे। सो डिक्टेटरशिप ऑफ प्रोलिटेरियट यानी सोशलिस्ट स्टेट की बात हो रही है कि जो रिवॉल्यूशन चल रहा है जहां वर्किंग क्लास जो हैं वो स्टेट

129:10

Speaker A

पावर्स को यूज करें और स्टेट ऊपर हो जाए रादर देन जो ओनर्स हैं ओके तो कैपिटलिस्ट को ये दबाना चाह रहे हैं ये जो फिलॉसफी है ओके देन कम्युनिज्म थ्योरी ऑफ़ एलिनेशन एंटोनियो ग्रमसी एंटोनियो ग्रमसी ने कल्चरल हेगिममेनी जो है वो इंट्रोड्यूस की

129:27

Speaker A

इसका मतलब वही है कि कल्चरली डायवर्स सोसाइटी में जो डोमिनेंस है एक रूलिंग क्लास की वो आपको दिखेगी कि वो मैनपुलेट कर रहे हैं कल्चर को बिलीफ को वैल्यू सिस्टम को। सो वो चेंज करते हुए कल्चरल हेगिमनी इस कांसेप्ट को बोलते हैं जो

129:42

Speaker A

एंटोनियो ग्रामसी ने दिया है। ठीक है? बहुत इंपॉर्टेंट है ये कि मार्क्सिज्म की फिलॉसफी को ये एक्सपेंड करता है एक तरीके से। ओके? सो ये सिर्फ समझा रहे हैं कि जो डोमिनेंस आपको देखने को मिलती है डोमिनेंस एक कल्चरली डवर्स सोसाइटी की बाय रूलिंग

129:57

Speaker A

क्लास। सो वो मैनपुलेट करेगी फिर क्योंकि कल्चरली डवर्स हैं चीजें। बट अगर आपको रूलिंग क्लास में आना है सो आप मैनपुलेट करना चाहोगे ताकि आप ही सत्ता में बने रहो उस तरीके से। ओके? कम्युनिज्म यानी एक क्लासलेस स्टेटलेस एक्सप्लइटेशन फ्री

130:11

Speaker A

सोसाइटी जो है वो मेन गोल है किसका? मार्क्सिज्म का। थ्योरी ऑफ़ एलिनेशन। ये है जी कॉनंसेप्ट प्राइमरली फाउंड बाय मार्क्स अर्लियर राइटिंग्स। इट डिस्क्राइब्स कि कैसे कैपिटलिज्म जो है एस्ट्रेंजेस वर्कर्स फ्रॉम द प्रोडक्ट ऑफ देयर लेबर द प्रोसेस ऑफ प्रोडक्शन देयर फेलो ह्यूमंस

130:29

Speaker A

एंड देयर ओन क्रिएटिव पोटेंशियल सो कैसे जो है वो कैपिटलिज्म इनको दूर कर रहा है इन चीजों से ठीक है सो वो चीजें हैं ये कल्चरल हेगिमनी का कांसेप्ट एंटोनियो ग्रमसी ने दिया है ये बात याद रखिएगा रिकंस्ट्रक्शनिज्म और सोशल

130:44

Speaker A

रिकंस्ट्रक्शनिज्म ये थोड़ी सी स्टूडेंट सेंटर्ड हैं चीजें थियोडोर आपका ब्रामल्ड ठीक है? इन इनको फाउंडर या फादर बोला जाता है सोशल रिकंस्ट्रक्शनिज्म का। मेन चीज यही है कि सोसाइटी को ट्रांसफॉर्म किया जा सकता है एजुकेशन के थ्रू। ठीक है? एजुकेशन

131:01

Speaker A

एंपावर करेगी बच्चों को और वो चेंजिंग एजेंट जो है वो एक तरीके से बनेंगे जो चीजों को एनालाइज करेंगे क्रिटिक इंप्रूव करेंगे सोसाइटी को क्रिटिकल थिंकिंग के थ्रू। सो कहीं ना कहीं एक्टिविज़्म वाली फिलॉसफी आपको यहां नजर आएगी। सो स्टूडेंट

131:15

Speaker A

सेंटर्ड एजुकेशनल फिलॉसोफी है जो स्कूल को कैसे देखते हैं कि वो रिफॉर्म कर सकता है सोसाइटी को वो एक्टिवली एड्रेस कर सकता है जो सोसाइटल इशूज़ और प्रॉब्लम्स चल रही हैं। ओके? सो हम सिर्फ इतना चाह रहे हैं

131:27

Speaker A

ये थॉट जो है ये एफसाइज कर रहा है एजुकेशन को एक तरीका बना के सोसाइटी को रिकंस्ट्रक्ट करने पे। तो सोशल प्रॉब्लम अप्रोच रहेगा। सोशल प्रॉब्लम्स पे फोकस रहेगा और उसी के बेसिस पे आप करिकुलम बनाओगे। उसी के बेसिस पे आपकी सारी चीजें

131:42

Speaker A

चलेंगी। तो करिकुलम का फोकस आपका एग्जामिन करना होगा सोशल इकोनॉमिक प्रॉब्लम्स को और आपकी जो है इक्वलिटी इक्वल ओपॉर्चुनिटीज प्रोवाइड करने पे। ठीक है? एसेंशियलिज्म भी एक वर्ड आता है जो आजकल पूछ लिया जाता है। विलियम सी बागले जो है उनको कंसीडर

131:59

Speaker A

किया जाता है फादर ऑफ एजुकेशनल एसेंशियलिज्म। ये एक टीचर सेंटर्ड फिलॉसफी है। तो जो बिल्कुल बेसिक पहले वाली चीजें चली आ रही हैं ट्रेडिशनली वो आप एसेंशियलिज्म से कनेक्ट करके देख सकते हो। ओके? सो विलियम सी बैगले नाम याद रख लो।

132:12

Speaker A

बैक टू बेसिक्स की ये बात करते हैं कि जैसे पहले चलता आ रहा था। ठीक है? सो एजुकेशनल एसेंशियलिज्म से एसोसिएट करते हैं ये बैक टू बेसिक्स को कि कोर करिकुलम होना चाहिए। कोर चीजें होनी चाहिए। आप एक

132:24

Speaker A

स्किल मास्टर करने पे फोकस करो। फैक्ट्स पे कॉनंसेप्ट्स पे फोकस करो। बैक टू बेसिक मूवमेंट पे फोकस करो। एक वर्ड आता है यहां कल्चरल लिटरेसी। ये वर्ड जो है वो ईडी हर्ष ने जो है इन्होंने कॉइन किया था।

132:37

Speaker A

इन्होंने दी थी जो एफेसाइज़ करता है कि आप जो है बेसिक रीडिंग स्किल्स जो इंक्लूड हो रही हैं टू इंक्लूड वर्ल्ड वर्ल्ड नॉलेज आप उसको कॉम्प्रिहेंड करो बिय्ड जाओ। सो ट्रू कॉम्प्रिहेंशन जो है वो बिय्ड बेसिक रीडिंग स्किल जाएगा। ठीक है? सो वो कल्चर

132:53

Speaker A

को भी इंक्लूड करेगा चीजों को इंटरप्रेट करने के लिए। सो कल्चरल लिटरेसी यानी आप जो है स्पेसिफिक सोसाइटी को, उसके ट्रेडिशंस को, उसके कल्चर को समझो वो चीज पे फोकस कर रहे हैं। ओके? प्रोग्रेसिविज्म मैंने बता दिया था आपको ऊपर जॉन डूई के

133:09

Speaker A

नाम आता है यहां पे और प्रोग्रेस कर रहे हो आप एक तरीके से तो जॉन डूई से रिलेट करते हैं स्टूडेंट सेंटर्ड अप्रोच होगा डेमोक्रेटिक क्लासरूम्स एक्सपीरियंशियल लर्निंग सो बेटर ही चीजें होंगी यहां पे फोकस रहेगा कि फोस्टर करो सोशल इमोशनल

133:23

Speaker A

इंटेलेक्चुअल ग्रोथ होलिस्टिक डेवलपमेंट उन चीजों के ऊपर हम बच्चे के फोकस करेंगे ये मेन कोर डिफरेंस है एसेंशियलिज्म जो है वो अथॉरिटी टीचर एक्सपर्ट होगा बच्चे प्रोसिव रोल में होंगे अब्सॉर्ब करेंगे चीजें कोर स्किल्स और नॉलेज प्रोवाइड करने

133:37

Speaker A

पे फोकस है। प्रोग्रेसिविज़्म में स्टूडेंट के इंटरेस्ट पे फोकस है। उनको लाइफ स्किल्स प्रोवाइड करने पे फोकस है। टीचर फैसिलिटेटर रहेगा। बच्चे जो है वो एक्टिव प्रॉब्लम सॉल्व के रोल में रहेंगे। पेरिनेलिज्म एवरलास्टिंग ग्रेट आइडियाज के ऊपर फोकस कर रहा है। एक मेंटोर रहेगा

133:52

Speaker A

यहां। बच्चे एनालिटिकल थिंकर की भूमिका में रहेंगे। एग्ज़िस्टेंशियलिज्म इंडिविजुअल सेल्फ डेफिनेशन पे फोकस कर रहा है। टीचर एक रिसोर्स पर्सन की तरह बिहेव करेगा। बाकी बच्चे जो है वो सेल्फ डायरेक्टेड रहेंगे। उनको फुल फ्रीडम यहां पे प्रोवाइड करवाई जाएगी। ठीक है जी। ये

134:07

Speaker A

आपकी फिलॉसफीज़ हो गई। एक और वर्ड आता है आजकल एपीफिनोमिनलिज्म। ठीक है? सो ये एक थ्योरी है जो ये बोल रही है कि जो मेंटल इवेंट्स हैं ना वो बाय प्रोडक्ट हैं। फिजिकल प्रोसेससेस इन ब्रेन। तो ये फिजिकल प्रोसेससेस पे फिजिकल

134:22

Speaker A

एक्टिविटी पे फोकस कर रहे हैं कि फिजिकल इवेंट्स की वजह से जो है वो मेंटल एक्सपीरियंसेस हो रहे हैं। ठीक है? तो जो ब्रेन एक्टिविटी है उसकी वजह से मेंटल एक्सपीरियंस हो रहे हैं। दीज़ मेंटल एक्सपीरियंसेस फिजिकल इवेंट को अफेक्ट

134:37

Speaker A

नहीं कर रहे हैं। सो कंफ्यूजिंग लग सकता है बट अभी तक यही पूछा जाता है सिर्फ इतना ही कि एपीफिनोमिनलिज्म में क्या रहेगा? तो एपिफिनोमिनलिज्म में माइंड जो एजर्ट करता है मेंटल इवेंट्स वो बाय प्रोडक्ट हैं। एपिफिनोमिना है फिजिकल प्रोसेससेस इन द

134:54

Speaker A

ब्रेन। सो ये फिजिकल प्रोसेससेस के ऊपर फोकस कर रहे हैं। ठीक है? सो मेन फोकस इनका उसी के ऊपर है। बस ये ध्यान रखो। देन आता है जी हमारा थर्ड पार्ट। सी पार्ट में हम बात करेंगे जी सोशियोलॉजी ऑफ़ एजुकेशन

135:07

Speaker A

से रिलेटेड। बेसिकली ओवरऑल सोशियोलॉजी आसपास चीजें क्या होती हैं? टेक्निकली आपको ये तो पता ही है कि फैमिली, स्कूल, सोसाइटी ये सारे इंस्टीटशंस जो हैं वो एक तरीके से सोशल एजेंट का काम करते हैं। ठीक है? तो सोशल इंस्टीटशंस भी इनको बोला जाता

135:21

Speaker A

है। सोशल मूवमेंट्स कैसे होते हैं? थ्यरीज़ जो सोशल मूवमेंट से रिलेटेड है वो इन्होंने कुछ एक पर्टिकुलर थ्यरीज़ का नाम दिया है। हम इन्हीं तक स्टिक करेंगे ताकि क्योंकि इस इस पोर्शन से जितने क्वेश्चंस आते हैं वो इसी सिलेबस से आते हैं। इससे

135:36

Speaker A

एक्स्ट्रा बहुत ज्यादा कुछ नहीं पूछा जाता है। ओके? तो सिंबॉलिक इंटरेक्शनिज्म, स्ट्रक्चरल फंक्शनलिज्म, कॉन्फ्लिक्ट थ्योरी इन सबको डिस्कस करेंगे। सबसे पहले पता हो हमें कि जब सोशियोलॉजी की बात आती है तो फादर ऑफ सोशियोलॉजी जो है वो ऑगस्ट

135:49

Speaker A

कॉमटे को बोला जाता है। एंड इन्होंने पॉजिटिविज्म वाला अप्रोच जो है वो डेवलप किया था। ये सारी चीजों में पॉजिटिव आस्पेक्ट रखना उसके बारे में ज्यादा बात करते हैं। तो ऑगस्ट कॉमटे क्योंकि इन्होंने ये टर्म भी दी थी स्पेसिफिकली तो

136:02

Speaker A

फादर ऑफ़ सोशियोलॉजी जो है इनको बोला जाता है। ये बात आप ध्यान रख सकते हो। ओके?

136:07

Speaker A

दूसरा फादर ऑफ़ एजुकेशनल सोशियोलॉजी जो है या सोशियोलॉजी ऑफ़ एजुकेशन। कई बार एमिल डरकिम को वाइडली कंसीडर किया जाता है। तो आपको वाइडली आपको एमिल डरकिम का भी नाम याद हो और ऑगस्ट कॉमटे का भी। हो सकता है

136:20

Speaker A

आपसे फादर ऑफ एजुकेशनल सोशियोलॉजी पूछे और एमिल डरकिम वहां पे ऑप्शन में ना हो तो आप ऑगस्ट कॉमटे के साथ ही जाएंगे। ठीक है? सो ये दो चार चीजें आपको पता होनी चाहिए। देन बात आती है सिंबॉलिक इंटरेक्शनिज्म।

136:31

Speaker A

थ्योरी किसने दी है वो आपको पता हो। फाउंडर जो है वो जॉर्ज हरबर्ट मीड हैं। लेकिन ये जो टर्म जो दी है कांसेप्ट इन्होंने दिया है मीड ने। लेकिन हरबर्ट ब्लूमर ने जो है ये टर्म जो दी थी

136:43

Speaker A

सिंबॉलिक इंटरेक्शनिज्म नाम से ही पता चल रहा है कि ये थ्योरी ये क्लेम करती है कि जो फैक्ट्स हैं वो किस पे बेस्ड हैं बेस्ड ऑन एंड डायरेक्टेड बाय सिंबल्स। ठीक है?

136:54

Speaker A

तो आप सोसाइटी में जब इंटरेक्ट करते हो तो सोसाइटी में कुछ एक एक दूसरे से कम्युनिकेट करने के लिए क्योंकि कम्युनिकेट करते हो तभी सोसाइटी बनती है। लेकिन उसके लिए कुछ एक सिंबल्स होते हैं। उन सिंबल्स के कुछ एस्टैब्लिश्ड मीनिंग्स

137:06

Speaker A

होते हैं। फिर आप अपना पॉइंट ऑफ व्यू डेवलप करते हो उन चीजों से रिलेटेड। फिर आप जो हैं वो मीनिंग एस्टैब्लिश हुआ। सबने अलग-अलग पॉइंट ऑफ व्यू डेवलप किया उससे रिलेटेड। और उनको फिर कम्युनिकेशन के लिए यूज़ किया गया सोसाइटी में। ठीक है? तो

137:20

Speaker A

इंटरेक्शन के लिए कुछ सिंबल्स यूज़ करना। ओके? तो सिंबॉलिक इंटरेक्शनिज़्म इनवॉल्व्स सेवरल की कॉनंसेप्ट जो हेल्प करते हैं टू एक्सप्लेन हाउ इंडिविजुअल्स इंटरप्रेट एंड गिव मीनिंग टू देयर सोशल वर्ल्ड। सो आप कैसे एनवायरमेंट के बेसिस पे चीजों के

137:38

Speaker A

मतलब निकालते हो। उनका एस्टैब्लिश्ड मीनिंग बनता है। आप उनको यूज़ करना शुरू करते हो एक सोसाइटी में। सो वो सिंबॉलिक इंटरेक्शनिज़्म है। ओके? देन बात आती है जी थ्योरी ऑफ़ स्ट्रक्चरल फंक्शनलिज्म। जब भी इस फंक्शनलिज्म की बात आएगी तो दो लोगों

137:53

Speaker A

का नाम जरूर याद रखिएगा। एक है अपने दरखिम एमिल डरकिम और दूसरा नाम है अपना टालकोट पार्सल का। ओके? सो फाउंडर बोले जाते हैं जी ये फंक्शनलिस्ट थ्योरी के एमिलडरिम। ये आइडेंटिफाई करते हैं लेटेंट रोल ऑफ़ एजुकेशन कि जब आप सोशल मेन स्ट्रीम में

138:10

Speaker A

मोरल एजुकेशन में चीजों में बात करते हो। यानी जब आप सोशलाइज करते हो लोगों से सोसाइटी में तो एजुकेशन का बहुत बड़ा रोल होता है। तो जो लेटेंट रोल है छुपा हुआ रोल है एक तरीके से उसको आइडेंटिफाई करते

138:21

Speaker A

हैं ये। ओके? एजुकेशन सिर्फ सोशल चेंज ही नहीं लाती बल्कि सोशल चेंज जो है उससे एजुकेशनल चेंज भी आते हैं। सो ये कंप्लीट स्ट्रक्चर है एक तरीके से। ओके? एक स्ट्रक्चर के थ्रू चीजें चल रही हैं। ओके?

138:34

Speaker A

स्टडी ऑफ़ सोशियोलॉजी एमएल धरकिम ये इन्होंने लिखी है। देन एमएल धरकिम जो उन्होंने बोला कि जो पनिशमेंट आप देते हो क्राइम के लिए उसका मेन पर्पस ही ये है कि आप सोशली चीजों को रेगुलेट कर पाओ। पनिशमेंट जो है वो एक तरीके से सोशल

138:50

Speaker A

सॉलिडेरिटी को अपहोल्ड करती है कि जो शेयरर्ड नॉर्म्स हैं, वैल्यूज़ हैं उनको आप एक्सेप्ट करो। वो सोशली अगर नहीं किया गया तो पनिशमेंट चीजें बहुत सारी चीजें हो जाती हैं। तो पर्पस जो है पनिशमेंट फॉर क्राइम वो सोशल रेगुलेशन को रिइंफोर्स

139:05

Speaker A

करना है। ओके? इनका ये भी कहना था कि एजुकेशन जो है इज़ द इन्फ्लुएंस एक्सरसाइज्ड बाय एडल्ट जनरेशन ऑन दोज़ दैट आर नॉट येट रेडी फॉर सोशल लाइफ। सो ये बेसिक सी चीजें जो है वो इन्होंने बोली। ठीक है? इस डेफिनेशन से हमें ये समझ आ रहा

139:22

Speaker A

है कि इट कंसिस्ट ऑफ एजुकेशन कंसिस्ट ऑफ मेथोडोलिकल मेथोडिकल सोशलाइजेशन ऑफ यंगर जनरेशन। तो जो एडल्ट जनरेशन सिखाती हैं सोसाइटी में बच्चों को या लोगों को कैसे रहना चाहिए तो वो सोसाइटी के तौर तरीके एक तरीके से उनको सिखाती हैं तो एक तरह

139:38

Speaker A

एजुकेशन जो है वो काम करेगी मेथड मेथोडोलिकल मेथोडोलिकल मेथोडिकल हां मेथड है ना सो मेथोडोलिकल मैथ व्हाटएवर ठीक है कई बार जुबान पे ऐसा हो जाता है ना सो मेथोडिकल सोशलाइजेशन में हेल्प करती है ये ओके एज़ पर दिस थ्योरी ईच ऑफ़ अस कंसिस्ट ऑफ़

139:57

Speaker A

टू बीइंग्स एक हमारा हमारा इंडिविजुअल बीइंग होता है। एक हमारा सोशल बीइंग होता है। ठीक है? एक हमारे इंडिविजुअल पॉइंट ऑफ व्यूज और चीजें हो सकती हैं। दूसरा जो सोसाइटी के हैं और हम सोसाइटी के सामने वैसे ही चीजों को पर्स्यू करते हैं। हो

140:10

Speaker A

सकता है वो हमारी पर्सनालिटी का पार्ट ना हो। बट चकि हम एक रिलीजियस बिलीफ का पार्ट हैं। मोरल बिलीफ हमारे हैं। उनके बेसिस पे कुछ एक सर्टेन नॉर्म्स होंगे तो वो हम फॉलो करते हैं एज अ ग्रुप रादर देन चाहे

140:23

Speaker A

वो हमारी पर्सनालिटी हो ना हो। तो वो सोशल बीइंग हो जाएगा। ठीक है जी। एमएल डरकिम के और भी बहुत सारे काम है। तो बट आपको काम का आईडिया होगा बस कि अच्छा ये थ्योरी ऑफ़ सुसाइड, थ्योरी ऑफ़ सोशल फैक्ट, थ्योरी ऑफ़

140:34

Speaker A

डिवीज़ ऑफ़ लेबर, थ्योरी ऑफ़ सोशल सॉलिडरिटी ये सारी थ्यरीज़ की बात एमल दरख्यम ने की है। ओके? देन बात आती है जी टैलकोट पार्सन की। टैलकोट पार्सन जो है वो सारे अप्रोचेस को रिजेक्ट कर देते हैं और अपना खुद का

140:48

Speaker A

अप्रोच बनाते हैं। अप्रोच इन द सेंस सोसाइटी चलती कैसे है? ठीक है? तो एमल डरकिम ने तो बोला कि अच्छा इंडिविजुअल और सोशल दो दो बीइंग हैं। उस हिसाब से चीजें चलती हैं। और कैसे जो है एडल्ट जनरेशन

141:00

Speaker A

यंगर जनरेशन को पास ऑन करती है चीजें। कैसे जो है वो ओवरऑल सोसाइटी का स्ट्रक्चर काम करता है। टालकोट पर्सन सारे अप्रोच को रिजेक्ट करते हैं। उन सारे अप्रोच में जैसे हमने बोला ऑगस्ट कॉमटी ने पॉजिटिविज़्म का अप्रोच दिया था। सो आप

141:14

Speaker A

सारे ही पॉजिटिव आस्पेक्ट पे हो तो पॉजिटिविज़्म वाले में एरर का कोई स्कोप बचता ही नहीं है। ओके? यूटिलिटेरियन में एक्सटर्नल मोटिवेशनल फैक्टर्स पे बहुत ज्यादा स्ट्रेस है। आइडियलिस्ट में वैल्यू सिस्टम पे आइडियलिज्म पे बहुत ज्यादा स्ट्रेस्ड है। इसलिए उन्होंने अपना एक

141:30

Speaker A

अप्रोच बनाया एक्शन अप्रोच थ्यरी। अब ये एक बेसिक अप्रोच जो है वो टलकोट पार्क पार्सन ने दिया। ओके? पार्सन ने एक और कांसेप्ट दिया जी एजीआईएल फ्रेमवर्क जिसकी फुल फॉर्म आपको पता हो एजीआईएल में। मतलब इट्स लाइक ये एनालाइज किया उन्होंने कि ये

141:46

Speaker A

फंक्शनल रिक्वायरमेंट है किसी भी सोशल सिस्टम की। तो उसको देखते हुए उन्होंने एजीआईएल फ्रेमवर्क बनाया एजिल। तो एजिल में एडप्टेशन है, गोल अटेनमेंट है, इंटीग्रेशन है और लेटेंसी है। यानी एक पैटर्न जो है वो मेंटेन रहेगा। लेटेंट हो

142:02

Speaker A

गई हैं चीजें। ओके? सो ये चार चीजें आपको पता हो। ये फुल फॉर्म आपको पता होनी चाहिए। ठीक है जी। देन बात आती है इकोनॉमिक थ्योरी की या इकोनॉमिक डेटरमिनिज्म की थ्योरी या कॉन्फ्लिक्ट थ्योरी। क्योंकि सोशियोलॉजी चल ही इस

142:15

Speaker A

बेसिस पे रही है कि चीजें कॉन्फ्लिक्ट में हैं उनको रिजॉल्व करना। सोसाइटी चल कैसे रही है? आप सोचो ना। ठीक है? सोसाइटी में कुछ गोल्स आपको दे रखे हैं ना। जैसे हमने चार गोल्स की तो ऊपर ही बात की थी कि भ

142:26

Speaker A

आपका जो है वो धर्म है। फिर आपके जो है अर्थ है, काम है फिर आपको मोक्ष मिलेगा। सो वो तो बहुत ब्रॉड है। उसके अलावा भी तो चीजें हैं ना छोटी-छोटी जिसकी वजह से सोसाइटी चल रही है। सो उनमें एक सेंट्रल

142:39

Speaker A

फीचर्स जो है वो आपको प्रोसेस ऑफ इंटरेक्शन जिसको हम एक कॉन्फ्लिक्ट की तरह देखते हैं कि जब आप इंटरेक्ट करते हो चीजें तो सोशियोलॉजी एनालाइज करती है कि चीजें कॉन्फ्लिक्ट में हैं। ठीक है? सो कॉन्फ्लिक्ट थ्योरी अस्यूम करके चलती है

142:53

Speaker A

कि सारी की सारी सोसाइटीज़ में चाहे पावर डिवीज़न बेसिस पे हो, चाहे रिसोर्स की इनकलिटी हो। बहुत सारे ऐसे बेसिस हैं जिस बेसिस पे कॉन्फ्लिक्ट चलता ही रहता है। ओके? पावर एज अ सेंट्रल फीचर ऑफ़ सोसाइटी रादर देन थिंकिंग ऑफ़ सोसाइटी एज़ हेल्ड

143:09

Speaker A

टुगेदर बाय कलेक्टिव एग्रीमेंट कंसर्निंग अ कोहेसिव सेट ऑफ़ कल्चरल स्टैंडर्ड्स एज फंक्शनलिस्ट टू डू। तो फंक्शनलिस्ट ये मान के चलते हैं कि कुछ कलेक्टिव एग्रीमेंट्स हैं, चीजें हैं, कल्चरल स्टैंडर्ड्स हैं जो हमें जोड़ के चल रहे हैं। तभी हम हमारी

143:23

Speaker A

सोसाइटी फंक्शन कर रही है। लेकिन कॉन्फ्लिक्ट थ्योरी या थ्योरी ऑफ़ इकोनॉमिक डिटरमिनिज्म जो है वो फोकस कर रही है कि पावर सेंट्रल फीचर है सोसाइटी का। और जब पावर ऑब्वियसली अगर पावर सेंट्रल फीचर है तो सबके पास तो नहीं हो सकती पावर। किसी

143:37

Speaker A

के पास होगी, किसी के पास नहीं है तो एक कॉन्फ्लिक्ट देखने को मिलेगा आपको। राइट?

143:41

Speaker A

सो कॉन्फ्लिक्ट थ्यरीज ये अस्यूम करके चलती हैं कि सारी सोसाइटी में जो स्ट्रक्चरल पावर डिवीजन है या रिसोर्स इनकलिटीज हैं उनमें कॉन्फ्लिक्टिंग इंटरेस्ट देखने को मिलते हैं। दो या दो से ज्यादा इंडिविजुअल्स जब वो पर्स्यू कर रहे हैं इनकंपैटिबल इंटरेस्ट तब वो रिलेशनशिप

143:58

Speaker A

में कई बार हो सकता है उनके गोल्स इनकंपैटिबल ना हो लेकिन वो होस्टाइल फील कर रहे हो एक दूसरे के लिए तो तब कॉन्फ्लिक्ट हो सकता है या व्हेन देयर इज़ अ कॉन्फ्लिक्ट इन द माइंड ऑफ़ एन इंडिविजुअल। ठीक है? कि वो पूरा का पूरा

144:10

Speaker A

वैल्यू सिस्टम ही चेंज कर दे। वो वाला एक कॉन्फ्लिक्ट हो सकता है। ठीक है? इट सी्स टू एक्सप्लेन पॉलिटिकल और इकोनॉमिक इवेंट्स इन टर्म ऑफ़ ऑनगोइंग स्ट्रगल। सो फाइनाइट रिसोर्सेज हैं। उनके ऊपर स्ट्रगल चल रहा है। तो स्ट्रगल की वजह से फिर आपको

144:23

Speaker A

कॉन्फ्लिक्ट देखने को मिलता है। कार्ल मार्क्स ने हमने मार्क्सिज्म की थ्योरी में पढ़ा। तो उन्होंने भी दो भी दो क्लास दो सोशल क्लासेस के बीच में जो है ये कॉन्फ्लिक्ट की बात की है। जिसमें हमने वर्किंग क्लास और आपका ओनर्स की बात की

144:36

Speaker A

थी। ओके? सो प्रोलिटेरियट और ओनर्स की जो बात की थी सो वो कॉन्फ्लिक्ट ही देखने को मिलता है। उस वजह से चीजें चल रही होती हैं। ठीक है? सो कॉन्फ्लिक्ट थ्यरी ये मान के चल रही है कि सोसाइटी बहुत सारे

144:47

Speaker A

ग्रुप्स से बनती है। जिनके कंपटिंग इंटरेस्ट भी हैं। सोशल चेंज जो है वो कब आएगा? जब ये कमटिंग इंटरेस्ट जो ये स्ट्रगल चल रहा है ये एक तरफ थोड़ा सा सेटल होगा। ओके? तो फोकस जो है सोशियोलॉजी का एजुकेशन सोशियोलॉजी ऑफ़ एजुकेशन का वो

145:02

Speaker A

फोकस है जी क्लास कॉन्फ्लिक्ट रेोल्यूशन पे कि कैसे इस कॉन्फ्लिक्ट को ठीक किया जाए। ओके? सो कार्ल मार्क्स का जब आप काम देखेंगे तो उसमें तो कॉन्फ्लिक्ट थ्यरी बिल्कुल ऐसे रूट्स में नजर आ रही है जो हमने ऊपर भी डिस्कस किया था। ठीक है? सो

145:15

Speaker A

अकॉर्डिंग टू कार्ल मार्क्स सोशल कॉन्फ्लिक्ट जो है वो इकोनॉमिक इनकलिटी की वजह से क्रिएट होता है। ओके? कि आप जो है एक मींस ऑफ़ प्रोडक्शन के ऊपर सारा कंट्रोल खुद ही चाह रहे हो। वर्कर्स को कुछ नहीं दे रहे हो। तो वो इकोनॉमिक लेवल पे जो इन

145:29

Speaker A

हमने थ्योरी ऑफ़ सरप्लस वैल्यू की भी बात की थी। तो वो सरप्लस तो सारा का सारा ओनर्स ले जा रहे हैं ना प्रॉफिट के फॉर्म में वर्कर्स को तो कुछ नहीं मिल रहा। तो वो एक इकोनॉमिक लेवल पे जो इनकलिटी है उस

145:39

Speaker A

वजह से जो है आपकी ये कॉन्फ्लिक्ट थ्योरी निकल के आ रही है। ओके जी। सो ये ओवरऑल इकोनॉमिक डिटरमिनिज्म या फिर कॉन्फ्लिक्ट थ्योरी का क कांसेप्ट आपको पता होना चाहिए। ओके। उसके बाद सोसाइटी की अगर हम बात करें तो सोसाइटी के बहुत सारे

145:54

Speaker A

डेफिनेशंस हैं। जैसे ये ऑटवे ने बोला एजुकेशन फॉलोस सोशल चेंज। बालवि ने बोला कि सोसाइटी एक रिलेशन अमंग पर्सनल आइडियाज। देन ये ओकबर्न की डेफिनेशन है। जब वो टेक्नोलॉजिकल चेंज की बात कर रहे हैं। इवान एलएच ने डीस्कूलिंग सोसाइटी की

146:09

Speaker A

बात की है। तो ये डीस्कूलिंग सोसाइटी का क्वेश्चन कई बार आ जाता है। ओके? सो डी स्कूलिंग का कांसेप्ट क्या बोलता है? तो स्कूल बाय नेचर हमें पता है कि टोटल क्लेम ऑन द टाइम एंड एनर्जी ऑफ़ इट्स

146:21

Speaker A

पार्टिसिपेंट। ओके? तो वो क्लेम करते हैं। बट इन टर्न अगर हम टीचर को कस्टोडियन, प्रीचर और थेरेपिस्ट। ठीक है? उसके उसकी फॉर्म में अगर ले रहे हैं तो ओके? दिस इन टर्न मेक्स द टीचर। तो टीचर को कैसे लेके

146:35

Speaker A

चल रहे हैं वो बताया। ओके? सोशल चेंज जो है इज़ नॉट अ सोशल फंक्शन ऑफ़ स्कूलिंग एज़ पर डी स्कूलिंग कांसेप्ट। तो सोशल चेंज इसका स्कूलिंग का काम नहीं है। ओके? सो इन ईच ऑफ दीज़ थ्री रोल्स टीचर जो है वो

146:50

Speaker A

बेससेस हिज अथॉरिटी ऑन डिफरेंट क्लेम। तो ये टीचर के तीन रोल जो है वो डी स्कूलिंग सोसाइटी में बताए गए हैं। एक कस्टोडियन की तरह दूसरा क्योंकि कस्टोडियन में ये डी स्कूलिंग का पर्सपेक्टिव है कि जो ट्रेडिशनल स्कूलिंग है वो सर्व करती है

147:05

Speaker A

कस्टोडियल फंक्शन। ओके? सो प्रोवाइड्स अ सुपरवाइज्ड एनवायरमेंट फॉर चिल्ड्रन व्हाइल पेरेंट्स वर्क। तो बेसिकली कस्टोडियन का काम दे रखा है। डी स्कूलिंग का कांसेप्ट ये बोल रहा है कि ट्रेडिशनल तरीके से जो स्कूलिंग चल रही है उसमें सिर्फ जब पेरेंट एब्सेंट है उसकी एब्सेंस

147:22

Speaker A

में ही तो टीचर काम कर रहा है ना। एक तरीके से पेरेंट्स की एब्सेंस में टीचर को कस्टडी मिली हुई है उसका देखभाल करने की। सो वो कस्टोडियन वाली बात जो है वो ये लेके आते हैं कि टीचर कस्टोडियन की तरह

147:34

Speaker A

एक्ट करता है। ठीक है? डीस्कूलिंग पर्सपेक्टिव है ये। टीचर को वो मोरलिस्ट की तरह देखते हैं कि पेरेंट्स गॉड स्टेट का सब्सीट्यूट है एक तरीके से कि वो सही और गलत बताएगा इनडॉक्टिनेट करेगा उनको समझाएगा कि क्या-क्या चीजें हैं। सो वो

147:49

Speaker A

लोकोपेरेंटिस्ट जो है वो रहेगा यानी पेरेंट्स की एब्सेंस में पेरेंट्स का काम करना। ओके? टीचर को एक थेरेपिस्ट भी बोला गया है जी। तो वो इट फील टीचर जो है थेरेपिस्ट की तरह जब फील्स ऑथोराइज्ड कि वो पर्सनल लाइफ में भी बच्चों की झांक

148:03

Speaker A

सकता है। ओके? सो व्हेन दिस फंक्शन इज़ एक्सरसाइज्ड बाय कस्टोडियन या प्रीचर इट मींस दैट ही पर्सुएड द पीपल टू सबमिट टू अ डोमेस्टिकेशन ऑफ़ हज़ विज़न। सो क्या सही है?

148:14

Speaker A

वो उसकी नजर में जो सही है बच्चा भी वही सही मान ले। सो वो थेरेपिस्ट, मोरलिस्ट और कस्टोडियन की तरह टीचर को देखा जा रहा है। सोशल रोल सिलेक्शन की जब बात आएगी तो ये रिकॉग्नाइज़ करते हैं कि ट्रेडिशनल

148:26

Speaker A

स्कूलिंग जो है वो क्या रोल प्ले कर रही है? वो इंडिविजुअल को सोशलाइज करवाने में हेल्प कर रही है। उनको सोसाइ स्पेसिफिक सोसाइटल रोल्स में डालने के ऊपर फोकस कर रहे हैं जो स्कूलिंग वाला है। सो ये डीस्कूलिंग का पर्सपेक्टिव है कि वो

148:41

Speaker A

स्कूलिंग को कैसे देखते हैं। ओके? सो क्रिटिक क्या है? जी इट चैलेंज द रिजिड नेचर ऑफ़ दीज़ रोल्स कि ऐसा नहीं होना चाहिए। डीस्कूलिंग का पर्सपेक्टिव वाली चीज़। तो ये जो बिल्कुल ट्रेडिशनल चीजें चली आ रही हैं उसके ऑोजिट जो है वो

148:54

Speaker A

डीस्कूलिंग का पर्सपेक्टिव बोलता है। अभी तक मेजरली सिर्फ यही पूछा जाता है कि डी स्कूलिंग सोसाइटी की बात किसने की? तो डी स्कूलिंग सोसाइटी का काम इवान इलिट्ट इंस्टीटशंस हैं। सबसे मेन चीज पे हम बात करेंगे फैमिली पे। ओके? सो फैमिली, स्कूल

149:10

Speaker A

और सोसाइटी हमें सोसाइटी का ऑलरेडी पता है। स्कूल को हम मिनिएचर सोसाइटी बोल के चलते हैं। फैमिली में कई बार कुछ चीजें पूछ ली जाती हैं। अभी तक नहीं पूछी गई हैं बट पूछी जा सकती हैं। ओके? सो ओवरऑल अगर

149:21

Speaker A

हम इंस्टीट्यूशन को देखें तो इंस्टीट्यूशन जो है वो सोशल है नेचर में क्योंकि कलेक्टिव एक्टिविटीज जो है वो लोगों की हो रही हैं। ओके? देन क्योंकि वो ओरल या रिटन कैसे भी ट्रेडिशंस हो बट उस हिसाब से कलेक्टिव एक्टिविटीज हो रही हैं। तो वो

149:33

Speaker A

इंस्टीट्यूशन हो गया। ओके? बेसिक इंस्टीट्यूशन है, फैमिली है, रिलजन है, इकोनमी है, पॉलिटिकल इंस्टीटशंस जो हैं वो सारी सोसाइटी में एग्ज़िस्ट करते हैं। सारे इंटररिलेटेड हैं। ओके? एक स्टैंड सर्टेन स्टैंडर्डाइज प्रोसीजर्स होते हैं टू प्रिस्राइब द वे ऑफ़ डूइंग कि कैसे आप

149:48

Speaker A

करोगे? तो वो चीजों को ऑर्डरली मैनर में चलाने के लिए ये इंस्टीटशंस काम करते हैं। ओके? उनके अपने सिंबल्स होते हैं। जैसे मैरिज रिंग या मंगलसूत्र हो गया, स्टार, मून, स्वास्तिक तो सबके अपने सिंबल्स कुछ इंस्टीटशंस लेके चलते हैं। ठीक है? सो

150:03

Speaker A

नॉर्मली आप देखेंगे कि इंस्टीटशंस में सडन या रैपिड चेंज आपको देखने को नहीं मिलते। जब सरकमस्ट्ससेस डिमांड करते हैं तभी चेंजज़ आपको देखने को मिलते हैं और इंस्टीटशंस जो है वो रिलेटिवली परमानेंट ही कंसीडर किए जाते हैं। ओके? सो

150:17

Speaker A

इंस्टीटशंस जो हैं वो सोशल ऑर्डर को प्रिजर्व करना, मेंटेन करना, उन चीजों को कंट्रोल करने में काम करते हैं। ओके?

150:24

Speaker A

फंक्शनंस क्या हैं भाई सोशल इंस्टीटशंस के? तो ये सिग्निफिकेंट रोल प्ले करते हैं बेसिक नीड्स एक इंडिविजुअल की पूरा करने के लिए। ठीक है? सो ये रोल असाइन करते हैं, स्टेटस असाइन करते हैं इंडिविजुअल को। ये रिलेशनशिप रेगुलेट करते हैं।

150:38

Speaker A

कभी-कभी हार्मफुल भी हो जाते हैं ये इंस्टीटश सिंस इंस्टीटशंस डोंट अंडरगो चेंज ईजीली एंड क्विकली तो वो ग्रोथ को भी हैंपर करते हैं। ठीक है? तो यह कई बार हार्मफुल भी हो सकते हैं। फैमिली की जब बात आएगी तो मैकाइवर ने फैमिली को एक

150:53

Speaker A

ग्रुप की तरह डिफाइन किया बाय अ सेक्स रिलेशनशिप सफिशिएंटली प्रिसाइज़ एंड एंड्यूरिंग टू प्रोवाइड फॉर द प्रोक्रिएशन एंड अपब्रिंगिंग ऑफ़ चिल्ड्रन। सो ये फैमिली को एक ग्रुप की तरह देखते हैं और वो फैमिली जो है वो सेक्स रिलेशनशिप्स के

151:09

Speaker A

थ्रू बनी हुई है। ओके? नेचर क्या है फैमिली का? यूनिवर्सल है नेचर में हर जगह होती है। सेंट्रल पोजीशन है सोसाइटी में। ठीक है? हमारे इंपल्ससेस ऑफ मीटिंग, प्रोक्रिएशन उन चीजों के ऊपर बेस्ड होती है। ठीक है? फैमिली स्मालेस्ट सोशल यूनिट

151:22

Speaker A

है। एक तरीके से ये चीज पूछी जा सकती है। फैमिली एक्सरसाइज करती है मोस्ट फॉर्मेटिव इन्फ्लुएंस ओवर इट्स मेंबर्स। ठीक है? तो वो उनकी पर्सनालिटी को चीजों को शेप करेगी। बिकॉज़ फैमिली ही तो फर्स्ट स्कूल होती है एक तरीके से। राइट? सो फैमिली जो

151:35

Speaker A

है वो न्यूक्लियस पोजीशन जो है उसने सोशल स्ट्रक्चर में ले ली है। तो सारा का सारा सोशल स्ट्रक्चर ही एक फैमिली यूनिट पे बना हुआ है। वो बेस है सोशल स्ट्रक्चर का। ओके? मेंबर्स जो हैं फैमिली के उनकी कुछ

151:47

Speaker A

रिस्पांसिबिलिटीज़, कुछ ड्यूटीज़, कुछ ऑब्लिगेशंस होती हैं। अगर वह चलते रहेंगे तो कोऑर्डिनेशन अच्छा रहेगा। स्मूथ फंक्शनिंग चलती रहेगी। फैमिली जो है पिकुलियरली गाइडेड बाय सोशल कस्टम्स और कुछ लीगल रेगुलेशंस के थ्रू चीजें बनी हुई हैं कि आप जोड़ के रखते हो चीजों को। ठीक

152:03

Speaker A

है? तो वो एक होता है ना कि सेफगार्ड की तरह बन रखा है। फैमिली जो है परमानेंट है नेचर में। फैमिली एक इंस्टीट्यूशन की तरह परमानेंट और यूनिवर्सल मानी जाती है। ओके?

152:12

Speaker A

ये अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग फंक्शनंस बताए हैं फैमिली के। ओके? तो ये फंक्शनंस हैं जी फैमिली के। जैसे किंसले डेविस जो है ये चार फंक्शन बताते हैं। कभी भी कोई भी फंक्शन पूछा जा सकता है रैंडमली। ओके?

152:24

Speaker A

रिप्रोडक्शन मेंटेनेंस प्लेसमेंट सोशलाइजेशन। ओगबर्न और निमकोफ जो है वो छह मेजर फंक्शनंस बताते हैं। अफेक्शनल, इकोनॉमिक, रिकक्रिएट करना, प्रो प्रोटेक्टिव, रिलीजियस और एजुकेशनल। ये छह फंक्शन हैं। मैकाइवर जो है वो दो ये पूछा जा सकता है कभी भी कि मैकाइवर जो है वो दो

152:42

Speaker A

कैटेगरीज़ में क्लासिफाई कर रहे हैं। फंक्शनंस ऑफ़ फैमिली, एक एसेंशियल फंक्शन, एक नॉन एसेंशियल। एसेंशियल में बहुत जरूरी वाले हैं। जैसे स्टेबल सेटिस्फैक्शन ऑफ़ सेक्स नीड्स, प्रोडक्शन एंड रियरिंग ऑफ़ चिल्ड्रन और प्रोविज़न ऑफ़ होम। ओके? नॉन एसेंशियल में फिर वो बाकी सारी चीजें आ

152:58

Speaker A

गई। रिलीजियस, एजुकेशन, इकोनॉमिक, हेल्थ और रिकक्रिएशन। ओके? तो आपको एसेंशियल, नॉन एसेंशियल का मतलब पता होना चाहिए। ठीक है? देन ये फॉर्म्स ऑफ फैमिली है अलग-अलग तरीके से अलग-अलग वे में जैसे जैसे यहां पे नेचर ऑफ रिलेशनशिप के बेसिस पे है

153:13

Speaker A

कजुगल और कॉनसेंगुंट फैमिलीज़ ओके सो कजुगल फैमिली जो है वो मैरिज बेस्ड है और कॉनसेंगुंट फैमिली इज़ फॉर्म्ड थ्रू ब्लड रिलेशंस। सो पीपल हु आर मैरिड हैव टू फैमिलीज़ वन फैमिली जो ओरिएंटेशन है देन द एक फैमिली जिसमें वो बड़े पले बड़े हैं और

153:30

Speaker A

चीजें हुई हैं जिसमें पेरेंट्स हैं। ओके? सो द अदर वन इज़ द फैमिली ऑफ़ प्रोक्रिएशन और द फैमिली दैट वन एस्टैब्लिश थ्रू मैरिजेस कंसिस्टिंग वनसेल्फ एंड वन स्पाउस और उनके बच्चे। सो वो जो आप मैरिज के थ्रू बना रहे हो वो कंजुगेल है। जो पहले आपकी

153:45

Speaker A

फैमिली थी वो आपकी कनसेंगुन हो गई। ओके? ऐसे ही जॉइंट फैमिली, न्यूक्लियर फैमिली एक्सटेंडेड फैमिली होता है। ऐसे ही पेट्रिलिनियल मैट्रिलिनियल चीजें होती हैं। पेट्रिलिनियल में प्रॉपर्टी जो है मेल मेंबर्स को इन्हहेरिट हो रही है और मैट्रिलिनियल में फीमेल मेंबर्स को

153:59

Speaker A

इन्हहेरिट हो रही है। मेजरली हमने पेट्रिलिनियल सोसाइटी देखी। मैट्रिलिनियल भी होती है नॉर्थ ईस्ट साइड पे। ओके?

154:05

Speaker A

अथॉरिटी के बेसिस पे भी होता है। पेट्रियाकल जॉइंट फैमिली, मैट्रियाकल और एग्लिटेरियन। पेट्रियाकल में मेल काउंटर पार्ट डिसीजन ले रहा है। मैट्रियाकल में फीमेल और एगिटेरियन में दोनों इक्वल इक्वल डिसीजंस शेयर कर रही हैं। अथॉरिटी दोनों की है। ओके? फैमिली को रेजिडेंस बेसिस पे

154:21

Speaker A

आप कहां रह रहे हो? जैसे पैट्रीकल। ठीक है? जैसे अभी जो हमारी सोसाइटी चल रही है वो पेट्रीकल है कि फीमेल काउंटर पार्ट मेल काउंटर पार्ट के घर पे जाके उनके साथ रह रही है। मैट्रलोकल में रहेगा कि हस्बैंड

154:33

Speaker A

जिसको हम घर जमाई बोल देते हैं। वो अब वाइफ के पास आके रहे। सारे बच्चे वहीं रहेंगे। मम्मी के पास चीजें वो रहेंगी। नियो लोककल जब मैरिड कपल दोनों ही पेरेंट्स से दूर आगे-आगे सोसाइटी नियोकल हो रही है कि भ मैं जब अपना घर छोड़ के आ

154:46

Speaker A

रही हूं तुम भी आओ तो दोनों एक घर छोड़ के एक अलग घर बना रहे हैं। ओके? तो जब मैरिड कपल्स दोनों में से किसी भी फैमिली या कम्युनिटी के साथ नहीं रह रहे हैं। अपने वर्क प्लेस पे या काम पे जहां पे भी हो वो

154:57

Speaker A

अलग रह रहे हैं। दैट इज नियोकल। ओके? एवेंकुलेट ये थोड़ा सा डिफरेंट लगा मुझे जब मैरिड कपल से एक्सपेक्ट किया जाए कि वो मदर्स ब्रदर यानी मामा के पास जाके आप रह रहे हो। सो वो एक अंकल नेफ्यू लिंक जो है

155:11

Speaker A

वो एक एसोसिएटेड न्यूक्लियर फैमिलीज़ को कनेक्ट कर रहा है ताकि एक सिंगल डोमेस्टिक ग्रुप बना रहे। इट वाज़ डिफरेंट फॉर मी आल्सो। ये चीज़ मुझे भी नहीं आईडिया थी। मुझे नहीं पता था। ठीक है जी। देन इवन इलिजच की हमने बात की थी ऊपर। तो इलिजच के

155:24

Speaker A

व्यू मेडिकल एस्टैब्लिशमेंट पे भी हैं। जी। उन्होंने मेडिकल नेमिसिस द एक्सक्रोप्रिएशन ऑफ हेल्थ ये उन्होंने ये भी इनकी इक्वली रेडिकल जो है वो हमें देखने को मिलती है एंड बस आप इसका नाम ध्यान रख लो दैट विल बी मोर दैन इनफ ओके

155:39

Speaker A

सो इन्होंने ये बोला इन्होंने एक होप यहां से मिलती है इनकी इस आईडिया से कि सारी की सारी सफरिंग्स जो है आप उनको अवॉइड कर सकते हो सब कुछ आपके दिमाग में ही होता है वाली चीज ओके देन है

155:54

Speaker A

सफरिंग्स ठीक बोला ना मैंने हम ठीक है ओके देन है इवान इलिच जो है वो हाई इन डिमांड थे एज अ लेक्चरर टीचर पॉपुलर काफी थे वो ट्रू टू हिज कन्वेक्शंस ला हां ये यही चीज मैं ढूंढ रही थी ये

156:09

Speaker A

वाली कि वो उनकी डेथ कैसे हुई थी ठीक है तो उन्होंने मेडिकल ट्रीटमेंट जो है वो रिफ्यूज कर दिया था ट्यूमर के लिए और अल्टीमेटली उनकी डेथ हो गई थी। सो ये मेडिकल नेमिसिस तो ये जो ये पैथोलॉजी वाला

156:20

Speaker A

आईडिया है उसको ज्यादा कंसीडर करते नहीं थे। ओके प्राइमरी प्रोपोनेंट जो है सिस्टम थ्योरी के कई बार सिस्टम वर्ड आ जाता है तो सिस्टम थ्योरी के जो है वो लुडविक वन और ब्लैंफी हैं सही बोला ना हां ब्लैनफी

156:33

Speaker A

बायोलॉजिस्ट हैं ये जिन्होंने इस थ्योरी को दिया सिस्टम्स थ्योरी ठीक है प्रोपोनेंट जो है सिस्टम थ्योरी के वो आपका नाम याद रख लो क्योंकि ये पूछ ली जाती है रैंडमली कि किसने दिया ओके डिटेल में जाने की जरूरत नहीं है ये क्रोनोलॉजी

156:46

Speaker A

है जी अपने सोशियोलॉजिस्ट की कि कॉन्फ्लिक्ट थ्योरी की बात आएगी तो मार्क्स है फंक्शनलिज्म की बात आएगी तो दरखिम टालकोट पार पार्सन भी आप साथ में लिख सकते हो। कॉन्फ्लिक्ट थ्यरिस्ट जो हैं ये भी वेबर भी कॉन्फ्लिक्ट थ्यरिस्ट हैं।

156:57

Speaker A

सिंबॉलिक इंटरेक्शनिज़्म में मीड और हर्बर्ट ब्लूमर की बात होती है। और ओपन सिस्टम थ्यरी जो है उसमें बर्ट लफी की बात होती है। ओके? देन बात आती है सोशल मूवमेंट थ्यरीज़ की। यानी सोशल मूवमेंट सोसाइटी के लेवल पे चीजें बहुत बड़े लेवल

157:11

Speaker A

पे मूव हुई। क्यों हुई? कोई तो रीज़न रहा होगा रिलेटिव डेप्रिवेशन कि जब आप रिलेटिवली किसी से कंपेयर करके डिप्र्राइव्ड फील करो कि हाय मेरे पास ये नहीं है। ठीक है? उस वजह से तो जो एब्सोल्यूट डेप्रिवेशन है वो बहुत

157:24

Speaker A

पोटेंशियली लाइफ थ्रेटनिंग सिचुएशन होती है। ठीक है? बट रिलेटिव डेप्रिवेशन जो है वो लैक ऑफ रिसोर्सेज की वजह से आप फील करते हो। ये एक रीज़न हो सकता है जिसकी वजह से सोशल मूवमेंट देखने को मिले। ओके?

157:36

Speaker A

रिसोर्स मोबिलाइजेशन थ्योरी ये एक्सप्लेन करती है कि कैसे सोशल मूवमेंट्स बनते हैं जब आप रिसोर्सेज जो अवेलेबल हैं कुछ पर्टिकुलर ग्रुप्स के लिए वो चीजों पे फोकस कर रहे हो। सो इट व्यू सोशल मूवमेंट एज रैशन गोल ओरिएंटेड ऑर्गेनाइजेशंस दैट

157:52

Speaker A

नीड टुगेदर द रिसोर्सेज ताकि वो अपने गोल्स अचीव कर पाएं। तो ये रिसोर्सेज जो है वो टेंजिबल या इनटेंजिबल दोनों हो सकते हैं। यहां से आपको ये समझ आ रहा है कि आप टेंजिबल और इनटेंजिबल रिसोर्सेज आपको मतलब

158:03

Speaker A

पता होना चाहिए। ठीक है? जैसे नेटवर्क है या कल्चरल कमिटमेंट्स हैं तो वो इनटेंजिबल है बट मनी है, अदर फैसिलिटीज़ हैं जो फिजिकल लेवल पे हैं वो टेंजिबल रहेंगे। ओके? न्यू सोशल मूवमेंट थ्योरी जो किसी रैंडम नई चीज की वजह से कि जैसे एलपीजी

158:17

Speaker A

रिफॉर्म्स हुए थे तो लिबरलाइजेशन, प्राइवेटाइजेशन, ग्लोबलाइजेशन इसकी वजह से जो चेंजेस एक आउटकम की तरह देखने को मिले वो न्यू सोशल मूवमेंट थ्योरी के अंडर आ जाते हैं। ओके? एक पीपीएम भी होती है जी पॉलिटिकल प्रोसेस थ्योरी जो आपके सिलेबस

158:31

Speaker A

में है। ठीक है? कैसे चीजें प्रोसेस करती हैं। ओके? सो ये आर्ग्यू करते हैं कि सोशल मूवमेंट जो हैं वो एमर्ज होते हैं, सक्सीड होते हैं। किस बेसिस पे? कि उनको कितनी पॉलिटिकल अपॉर्चुनिटी मिली है, कितना मोबिलाइजेशन ऑफ रिसोर्सेज हो पाया है और

158:46

Speaker A

कितना इफेक्टिव फ्रेमिंग हो पाई है इनजस्टिस की जो भेदभाव हो रहा था उसकी। ओके? रादर देन जस्ट शेयरर्ड ग्रेवेंसेस। बिकॉज़ कई बार जब हम ग्रुप की बात करते हैं और वो ग्रुप मिलके एक मूवमेंट क्रिएट करता है तो वो ग्रुप में हम मेन चीज बात करते

159:01

Speaker A

हैं कि उनकी शेयरर्ड दिक्कतें हैं। सबकी सेम कॉमन प्रॉब्लम है। बट उस कॉमन प्रॉब्लम के अलावा भी आपको कई चीजें चाहिए होती हैं जिसमें मेन चीजें पॉलिटिकल अपॉर्चुनिटी कितनी है उस टाइम के लिए। मोबिलाइजेशन ऑफ रिसोर्सेज कितना है और

159:14

Speaker A

इफेक्टिवली आप इनजस्टिस को फ्रेम कर पाए हो या नहीं कर पाए हो। ठीक है जी। सो पॉलिटिकल प्रोसेस थ्यरी इसको पॉलिटिकल अपॉर्चुनिटी थ्यरी भी बोला जाता है। डगल ये डगल्स डगल्स मैगडम ने दी है ये पॉलिटिकल प्रोसेस मॉडल इन्होंने ये वर्ड

159:29

Speaker A

यूज़ किया 1982 में अपनी बुक में। ठीक है? सो ये उस टाइम पे भी इन्होंने यही मेन चीज बोली कि तीन चीजें ज्यादा जरूरी हैं। एक पॉलिटिकल अपॉर्चुनिटी उस चीज को सक्सीड करने के लिए। एक रिसोर्स मोबिलाइजेशन और

159:43

Speaker A

दूसरा आपका फ्रेमिंग प्रोसेससेस जो हमने ऊपर अभी बात की। उसके अलावा तीन वाइटल कॉमोनेंट्स ये बोलते हैं जैसे इंसर्जेंट कॉन्शियसनेस यानी आप सारे किस वजह से इकट्ठा हो रहे हो। ओके? तो एक कलेक्टिव साइकोलॉजिकल पॉलिटिकल अवेकनिंग उनकी कि

159:58

Speaker A

जहां पे जो मार्जिनलाइज्ड ग्रुप है वो रिकॉग्नाइज करें कि वो कैसे मिसट्रीट किए जा रहे हैं। क्या इनजस्टिस है? क्या चीजें हैं? सो वो चीजें आए। देन ऑर्गेनाइजेशन की स्ट्रेंथ कितनी है? कि कितने लोग मिलके मूवमेंट करना चाह रहे हैं। 30 लोगों से तो

160:12

Speaker A

नहीं होगा ना। बड़े मास लेवल पे होनी चाहिए ना चीजें। प्लस उसी के साथ-साथ उस माहौल में पॉलिटिकल अपॉर्चुनिटी कितनी है। सो ये पॉलिटिकल प्रोसेस थ्यरी है जी कि कैसे चेंज आ सकता है। ओके सो ये ओवरऑल आपको पता होना चाहिए। देन कल्चर की कुछ एक

160:27

Speaker A

कैरेक्टरिस्टिक होते हैं। कल्चर सोशल होता है। शेयरर्ड होता है। आप सीखते हो कल्चर को। जन्म से लेके नहीं पैदा हो रहे हो। डायनेमिक होता है। ट्रांसमिसिव होता है। ट्रांसफर कर सकते हो। ग्रेटिफाइंग होता है। सोसाइटी टू सोसाइटी वेरीरी करता है

160:40

Speaker A

कल्चर। कंटीन्यूअस और क्यूमुलेटिव कल्चर आपको देखने को मिलता है। लिंटन जो है सोशियोलॉजिस्ट हैं वो कल्चर को कल्चर द सोशल हेरिटेज ऑफ़ मैन। ये बात लिंटन ने बोली है और ये ये इनका वर्क है जो आपको ध्यान रखना है। ओके जी। देन इन्फ्लुएंस ऑफ़

160:56

Speaker A

कल्चर ऑन एजुकेशन। एजुकेशन पे क्या फर्क पड़ रहा है कल्चर का? सो कल्चर की वजह से ही आपके एम्स और आइडियाज वैसे ही डिसाइड होंगे। आपका करिकुलम वैसा बनेगा। आपकी टेक्स्ट बुक में वो चीजें दिखेंगी। क्योंकि सोसाइटी से ही तो रिफ्लेक्ट बैक

161:08

Speaker A

कर रहे हो ना सारी चीजें। तो वो सारी चीजें आपके एजुकेशन सिस्टम में दिखेंगी। उल्टा भी पॉसिबल है क्योंकि एजुकेशन के थ्रू आप क्या कर रहे हो? ट्रांसमिट कर रहे हो। कल्चर को प्रिजर्व करके रख रहे हो। कंटिन्यूटी मेंटेन रख रहे हो। कोई कल्चर

161:22

Speaker A

लैग है तो वो रिमूव हो रहा है और कल्चर डवप हो रहा है। तो ये सारी चीजें कल्चर का एजुकेशन पे एजुकेशन का कल्चर पे बहुत बड़ा रोल जो है वो रहता है। ओके? देन है जी हमारा लास्ट पार्ट लास्ट इस यूनिट का डी

161:35

Speaker A

पार्ट। ठीक है? जिसमें हम मेजरली बात करेंगे किसकी? कि ये एजुकेशन और कल्चर मैंने ऊपर ही डाल दिया था। ठीक है?

161:41

Speaker A

सोशलाइजेशन एंड एजुकेशन जो एजुकेशन और कल्चर था। सो ये आपका इस स्लाइड में आ गया है। जी। ओके? सो कंट्रीब्यूशन ऑफ़ थिंकर्स की हम बात करेंगे। मेनली जो थिंकर्स दे रखी हैं उनको तो डिस्कस करेंगे ही। कोई एक

161:52

Speaker A

आधा और भी करेंगे एक्स्ट्रा में ही। एंड देन नेशनल वैल्यूज़ जो एंशुंड है इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन में जो बेसिक चीजें आपको पता होनी चाहिए जहां से क्वेश्चंस आते हैं उनको डिस्कस करेंगे। ओके? सो ये भी मैं बहुत क्रिस्प रख रही हूं। जितनी

162:05

Speaker A

इंफॉर्मेशन मैंने प्रोवाइड की है उसके अलावा अगर एक आधी कोई इंफॉर्मेशन होगी भी तो वो आपके पीवाईक्यूस के थ्रू कवर हो जाएगी। ओके? सो ये मिनिमम मैक्सिमम यही है। इतना कर लो बहुत रहेगा। स्वामी क्योंकि बहुत सारी चीजें समझने की बहुत

162:17

Speaker A

सारी चीजें याद करने की हो जाती है। और ये तो एक ही यूनिट है। बहुत सारी यूनिट अभी करनी है हमने। ओके? सो स्वामी विवेकानंद की बात करते हैं। जी नेशनल यूथ डे उनके बर्थडे वाले दिन मनाया जाता है। ये

162:27

Speaker A

एजुकेशन को मैन मेकिंग, लाइफ गिविंग और कैरेक्टर बिल्डिंग बोलते हैं। जीवा इज़ शिवा बोलते हैं। यानी सर्विस टू मैन इज़ सर्विस टू ह्यूमैनिटी। देन है आपका नेशनल इंटीग्रेशन की ये बात करते हैं कि नेशनल इंटीग्रेशन में इनटोलरेंस और सेक्रेटेरियल

162:43

Speaker A

वायलेंस जो है वो एक बाधा बनते हैं। ओके? कंपेयर करते हैं ये ह्यूमन माइंड को मंकी से कि उछलता कूदता रहता है ना जैसे मंकी वैसे ही ह्यूमन माइंड होता है। दो मेजर इशूज़ हैं इंडिया में। एक है ट्रेंपलिंग ऑफ

162:56

Speaker A

वुमेन और एक ग्राइंडिंग द पुअर थ्रू कास्ट रेस्ट्रिक्शन। तो वुमेन और पुअर को जो आप दबा के रखते हो वो मेजर दिक्कतें हैं इंडिया में। ओके? रामकृष्ण स्कूल जो है वो इन्होंने बनाया है। उस उससे रिलेट करते हैं ये। प्रैक्टिकल वेदांता, अद्वैत

163:10

Speaker A

वेदांता, भारतम भारत ये इनके लिखे हुए काम हैं। ओके? स्वामी विवेकानंद जो है वो अपनी स्पीच जो शिकागो में उन्होंने दी थी उसके लिए फेमस हैं। उन्होंने यूनिवर्सल एक्सेप्टेंस जो है उस तरीके से कॉनसेप्चुअलाइज़ किया। ऑल रिलीजंस आर

163:25

Speaker A

मेयरली पाथ टू सेम फ्रथ वन मस्ट ट्रांज़िट रिलीजियस डोगमा टू रियलाइज़ द अवेयरनेस ऑफ़ ऑल। सो आपको सारी चीजें करने के लिए आपको रिलीजन से ऊपर उठना पड़ेगा। सारे रिलिजन एक ही पाथ आपको दिखा रहे हैं। बात वही है

163:38

Speaker A

जाना सबने वहीं है। तो आप उससे थोड़ा सा ये जो ऑल रिलीजंस हैं वो एक तरीका है वहां तक पहुंचने का। ओके? व्हाट वी वांट ये ये स्टेटमेंट्स हैं जीन की जो पूछी जा सकती हैं। ठीक है? जैसे व्हाट वी वांट इन

163:51

Speaker A

प्रोग्रेस इज़ प्रोग्रेस डेवलपमेंट रियलाइज़ेशन। कोई भी थ्यरीज़ एवर मेड ह्यूमन बीइंग हायर। उसने बनाई नहीं। नो थ्यरीज़ एवर मेड ह्यूमन बीइंग हायर। नो अमाउंट ऑफ़ बुक्स कैन हेल्प। तो लेट ह्यूमन बीइंग थिंक। तो उसको सोचने दो। वहां से चीजें

164:06

Speaker A

शुरू होएंगी। वो वो रियल रियलाइजेशन वहां से शुरू होगी। ठीक है? नो नेशन इज़ ग्रेट और गुड बिकॉज़ पार्लियामेंट इनक्ट्स दिस और दैट। बट नेशन इसलिए अच्छे हैं क्योंकि वहां के लोग अच्छे हैं। ओके? एजुकेशन शुड बी मैन मेकिंग एंड सोसाइटी मेकिंग। ये

164:21

Speaker A

वर्ड्स आप याद रखेंगे। एजुकेशन इज़ द मैनिफेस्टेशन ऑफ़ परफेक्शन जो ऑलरेडी एक इंसान में है। ओके? सो, यही चीजें पूछी जाती हैं मेजरली। इसके अलावा खास कुछ पूछा नहीं जाता है। सो आपको एटलीस्ट ये पता हो और कुछ नहीं तो आप उससे वो क्योंकि बहुत

164:36

Speaker A

सारे थिंकर्स हैं। बहुत सारी फिलॉसोफीज़ हैं। सो वो मैच द फॉलोविंग कई चीजें इंक्लूड करने की कोशिश करते हैं आपके क्वेश्चन में। सो एक पर्टिकुलर इंसान से रिलेटेड बहुत डिटेल में चीजें नहीं पूछी जाती। ओके? रविंद्र नाथ टैगोर तो रूसो की

164:49

Speaker A

तरह जो हमने नेचुरलिज्म में पढ़े थे। टैगोर भी एक इंडिविजुअलिस्ट और नेचुरलिस्ट रहे हैं। ठीक है? इन्होंने बोला कि आई हैव फाउंड दैट लिटिल चिल्ड्रन लर्न मोर क्विकली एटीट्यूड ऑफ़ टीचर से रादर देन जो नॉलेज वो दे रहे हैं। तो आपका टीचर का

165:02

Speaker A

एटीट्यूड पंक्चुअलिटी चीजें पर्सनालिटी वो अगर वैसी रहेगी, अच्छी रहेगी तो बच्चे ऑटोमेटिकली सीख जाएंगे। ओके? ये जो कोटेड स्टेटमेंट्स हैं, ये पूछी गई हैं। कभी भी पूछी जा सकती हैं दोबारा भी। सो, टीचर कैन नेवर ट्रूली टीच अनलेस ही इज़ स्टिल

165:18

Speaker A

लर्निंग हिमसेल्फ। सो एक लैंप जो है वो अगर खुद नहीं जल रहा तो दूसरे को फ्लेम नहीं दे सकता। ओके? सो टीचर को खुद जलना पड़ेगा, पढ़ना पड़ेगा, सीखना पड़ेगा तभी वो सिखा पाएगा। गॉड जो है दैट इज़ ग्रेट

165:31

Speaker A

गिवर कैन ओपन द होल यूनिवर्स टू आवर गेज इन द नैरो स्पेस ऑफ़ अ सिंगल लैंड। गॉड ही सबसे बड़ा गिवर है। नेशनल एंथम इन्होंने लिखा। इंटरनेशनलाइज़ इंटरनेशनलिज़्म की बात की। इंटरनेशनल ब्रदरहुड भाईचारे की इन्होंने बात की। फर्स्ट एशियन है ये जिनको नोबेल प्राइज

165:49

Speaker A

मिला लिटरेचर में मिला 1913 में गीतांजलि इनका काम है उसके लिए मिला और इंग्लिश वर्जन के लिए मिला ओके ये इनके प्रमुख काम है जी जो आप ध्यान रख सकते हो दैट्स इट ठीक है देन है शांतिनिकेतन बहुत फेमस है

166:03

Speaker A

जैसे रामकृष्णन परमहंस वाला स्कूल आप जो है स्वामी विवेकानंद से रिलेट करोगे वैसे शांतिनिकेतन आप रविंद्र नाथ टैगोर से रिलेट करोगे ठीक है पॉपुलरली नोन ऐ यूनिवर्सिटी टाउन ओके तो विश्व भारतीय यूनिवर्सिटी जो है आई थिंक मैं सही बोल

166:18

Speaker A

रही हूं। वो यूनिवर्सिटी अब इनकी जगह पे है। ओके? सो रविंद्र नाथ टैगोर ने 1901 में शांतिनिकेतन खोला। बहुत सारे बच्चे जो हैं वो नहीं वहां पे पढ़ने भी आते हैं। बट ये था कहां पे? ये कोलकाता में नॉर्थ ईस्ट

166:31

Speaker A

नॉर्थवेस्ट ऑफ कोलकाता वहां पे 1008 कि.मी. नॉर्थवेस्ट में है कोलकाता से। ओके? सो वहां पे बहुत बड़ी लैंड में मतलब नेचर के करीब जो है वो चीजें वहां शुरू की गई। स्टार्टिंग में तो इतने बच्चे भी नहीं थे बट स्टिल उन्होंने वो चीजें शुरू की

166:47

Speaker A

आगे कंटिन्यू की तो वो एक बहुत बड़ी चीज आज बन रखी है। ओके विश्व भारती यूनिवर्सिटी ही आज की डेट में ऐसी यूनिवर्सिटी है पूरे इंडिया में जिनके चांसलर जो हैं वो आपके प्रेसिडेंट नहीं है प्राइम मिनिस्टर हैं। अदरवाइज सबके चांसलर

167:02

Speaker A

जो हैं जो भी सेंट्रल यूनिवर्सिटीज वगैरह होती हैं उनके चांसलर प्रेसिडेंट होते हैं रादर देन पीएम। ओके? तो इकलौते इन्हीं के पीएम हैं। ऑब्वियसली नेचुरलिज्म पे फोकस कर रहे हैं। तो ये सेल्फ एक्टिविटी के थ्रू लर्निंग बाय डूइंग एक्सपीरियंशियल

167:16

Speaker A

लर्निंग उनसे ज्यादा सिखा रहे हैं। ओके? देन है जी महात्मा गांधी। ठीक है? बहुत इंपॉर्टेंट हैं। लिटरेसी ना तो सिखाई जा सकती है ना एंड की जा सकती। तो लिटर लिटरेसी से चीजें शुरू भी नहीं हो रही है,

167:28

Speaker A

एंड भी नहीं हो रही है। ठीक है? तो इज़ नीदर द बिगिनिंग नॉर द एंड ऑफ़ द एजुकेशन। ओके? प्रिंसिपल आईडिया क्या है होल एजुकेशन का? कि बच्चों की बॉडी, माइंड और सोल। ठीक है? इन इनकी बेस्ट चीजें बाहर

167:40

Speaker A

निकाली जाए थ्रू हैंडीक्राफ्ट। ठीक है? जो बच्चों को सिखाया जाएगा। वारदा एजुकेशन कमेटी सेंट्रल एडवाइज़री बोर्ड ऑफ़ एजुकेशन जिन्होंने रेकमेंड किया कि इंक्रीजिंग एक्सपेंडिचर ऑन एजुकेशन। सो इसके चेयर पर्सन जाकिर हुसैन थे। लेकिन वारदा एजुकेशन या वारदा स्कीम की बात आती है तो

167:57

Speaker A

गांधी जी का नाम हमेशा ध्यान रखना है। ओके? बट अगर सिर्फ चेयर पर्सन पूछा जाता है तो आप जाकिर हुसैन पे जाएंगे। ओके?

168:03

Speaker A

बारदा स्कीम ऑफ़ एजुकेशन ने एम किया टू डेवलप एन एक्टिविटी बेस्ड करिकुलम। ठीक है? जो एक्टिविटीज़ पे चीजों पे पार्टिसिपेशन पे फोकस करें। तीन इंटरकनेक्टेड सेंटर्स पे इन्होंने फोकस किया। एक फिजिकल एनवायरमेंट अच्छा, एक सोशल एनवायरमेंट और एक क्राफ्ट वर्क। ओके?

168:18

Speaker A

गांधी जी ने एक वीकली जर्नल शुरू की थी 1933 में यवदा जेल से हरिजन। सो उसमें उन्होंने कुछ चीजें पब्लिश की थी। वहां से जो है ये वारदा स्कीम का आईडिया निकल के आता है। ही क्रिएटेड थ्री पब्लिकेशंस

168:31

Speaker A

हरिजन इंग्लिश में, हरिजन बंधु गुजराती में और हरिजन सेवक हिंदी में। ओके जी। देन मोहनदास करमचंद गांधी 1930 में टाइम्स मैगज़ीन के मैन ऑफ द ईयर रहे हैं। ये भी पूछा जा सकता है। मोहनदास करमचंद गांधी जो है वो पांच बार नोबेल पीस प्राइज के लिए

168:47

Speaker A

नॉमिनेट भी हुए हैं। ये इनकी प्रमुख लिखी हुई चीजें हैं जो आपने ध्यान रखनी है। ओके? ये फिलॉसफी है जी महात्मा गांधी की कि डी एस पटेल के एम सॉरी एमएस डॉक्टर एम एस पटेल उनके शब्दों में अगर हम कहें तो

169:01

Speaker A

गांधी की जो फिलॉसफी है वो सेटिंग में नेचुरलिस्टिक है। ठीक है? एम्स और ऑब्जेक्टिव्स में आइडियलिस्टिक है और मेथड जो तरीका जो है जिसमें आप एक्टिव लर्निंग बाय डूइंग की बात कर रहे हो वो प्रैगटिक है। ओके? सो सेटिंग नेचुरलिस्टिक सेटिंग

169:16

Speaker A

हो आसपास। मेथड प्रगमेटिक हो और एम्स और ऑब्जेक्टिव्स आपके आइडियलिज्म वाले। ओके? तो जो बेसिक कांसेप्ट है बेसिक एजुकेशन का, नई तालीम का, बुनियादी शिक्षा का वो इन्होंने दिया। छ से 14 साल कई जगह पे आपको मेंशन मिलेगा 7 से 14 साल। ओके? तो

169:31

Speaker A

वो फ्री एंड कंपलसरी एजुकेशन की इन्होंने बात की। इंटरेस्ट बेसिस पे लर्निंग होनी चाहिए। मदर टंग में होनी चाहिए। क्राफ्ट सेंटर्ड होनी चाहिए। ठीक है? ऐ क्या था?

169:40

Speaker A

इस क्राफ्ट सेंटर्ड एजुकेशन का? ऐ था कि लेबर डिग्निटी ऑफ़ लेबर समझा पाएं। यूथ जो है वो नौकरी ढूंढने के लिए शहरों में कम जाए। ठीक है? है मीनिंग द मीटिंग द एक्सपेंसेस ऑफ़ टीचर्स सैलरीज़। यह भी विश्वास किया गया कि टीचर जो है वो सेल्फ

169:55

Speaker A

सैक्रिफाइसिंग है और वह मोडेस्ट सैलरी में काम चला लेंगे। तो इन्हीं से सैलरीज़ निकल जाएंगी। एजुकेशन जो है वो सेल्फ सपोर्टिंग, सेल्फ सफिशिएंट होनी चाहिए। एक्टिविटी, क्राफ्ट सेंटर्ड, सोशल स्टडीज, ऑल अराउंड डेवलपमेंट ये सारी चीजों पे इन्होंने फोकस किया था। ओके? अल्टीमेट

170:11

Speaker A

पर्पस जो था वो था प्रमोशन ऑफ़ ह्यूमन बीइंग। ओके? अल्टीमेट ऐ जो है एजुकेशन का वो है इंडिविजुअल को हेल्प करना और गेनफुली एंप्लॉयमेंट भी उसको मिले लाइफ में। ये भी ऐ है एजुकेशन का। ओके? सो गांधी जी ने पहला जो सत्याग्रह था वो ल्च

170:28

Speaker A

कर दिया था जी कहां पे? 1906 में जोहसनबर्ग में। ओके? क्योंकि वहां पे एशियंस को रेस्ट्रिक्ट किया जा रहा था। उन पे रेस्ट्रिकशंस लगाई जा रही थी। देन मास मीटिंग्स करवाई उन्होंने वहां पे। सिविल डिसओबिडियंस जो है वह करवाया कि आप बात

170:42

Speaker A

नहीं मानोगे सरकार की। ठीक है? शांति से तो वो चीज इन्होंने की। देन गांधी जो हैं उन्होंने इंप्रज़नमेंट भी बहुत बार बहुत बार जेल भी गए हैं वो। ठीक है? इंक्लूडिंग द फेमस व्कर सत्याग्रह जो 1913 में हुआ।

170:54

Speaker A

देन इन्होंने फोनिक सेटलमेंट जो है वो डरबन में शुरू किया। बिकॉज़ टॉलस्टॉय फार्म यहां पे शुरू किया था। वो तो आप सबको याद रहता है। टॉलस्टॉय फार्म फिर भी याद रह जाता है। बट फोनिक सेटलमेंट भी है। ओके?

171:05

Speaker A

सो वहां पे सारे लोग मिलके इकट्ठे रहेंगे ताकि हमें कोई दबा ना पाए। सो कम्युनिटी लिविंग एक्सपेरिमेंट था ये फोनिक सेटलमेंट डरबन में और उसके बाद 1910 में जो है टॉलस्टॉय फार्म जो हसनबर्ग के पास उन्होंने शुरू किया ताकि जितने भी नॉन

171:18

Speaker A

वायलेंस के फॉलोअर्स हैं सत्याग्रहीस हैं वो वहां पे आके रह सकते हैं। ओके देन साउथ ये जो है साउथ अफ्रीकन नेटिव नेशनल कांग्रेस जो है वो 1912 में बनती है इनकी कोशिशों के बाद एंड इंडियन रिलीफ एक्ट जो

171:32

Speaker A

है वो भी रिलीज़ किया जाता है पास किया जाता है साउथ अफ्रीकन गवर्नमेंट के द्वारा 1914 में। उसके बाद भारत आ जाते हैं। फिर भारत में चीजें शुरू हो रही हैं। 1908 के आसपास ही आ जाते हैं। भारत में तो आई थिंक

171:44

Speaker A

या 1901 भारत कब आए थे वापस वो बताना मुझे। महात्मा गांधी की जो क्लासिफिकेशन है वैल्यूज़ की तो इसमें वो अहिंसा, सत्य, नॉन थ्राइविंग, प्योरिटी, देन अपरिग्रह, नॉन एक्विज़िटिवनेस। ठीक है? देन आपका यह अह फिजिकल वर्क, शारीरिक श्रम। ठीक है?

172:02

Speaker A

शारीरिक श्रम। देन अह अस्वाद यानी कंट्रोल ऑफ़ अस्वाद। कंट्रोल ऑफ़ पैेट कि वह वाली चीज़ है कि ज़्यादा तीखा चीज़ वो नहीं खानी है। स्वाद पे ध्यान नहीं देना है। बस पेट भरने के लिए खाओ। फ़ियरफुलनेस ठीक है? सॉरी

172:16

Speaker A

फियरलेसनेस फियरफुल बोल दिया मैंने। ठीक है? फियरलेसनेस देन लुकिंग अप एट ऑल रिलीजंस इक्वली। टोलरेशन होना चाहिए। इनटोलरेंस ना हो। असहिष्णु ना बने आप। देशभक्त हो, स्वदेशी हो, अबोलिशन हो अनटचेबिलिटी का। तो ये इनके वैल्यूज़ रही हैं। अगर हम क्लासिफाई करना चाहें तो ये

172:35

Speaker A

इनका काम रहा है। जी मेजरली हिंद स्वराज इंडिया ऑफ़ माय ड्रीम माय एक्सपेरिमेंट विद ट्रुथ सबसे ज्यादा फेमस है। उसके बाद एथिकल रिलीजन भी फेमस है। ओके इंडियन ओपिनियन जो है वो भी इन्होंने एस्टैब्लिश किया था। एंड इंडियन ओपिनियन के फर्स्ट

172:48

Speaker A

एडिटर जो है वो मनसुखलाल हीरालाल नज़र थे। देन यंग बुक। तो बुक के ऑथर लाला लाजपत राय हैं। उन्होंने ये बुक लिखी और बाद में फर्स्ट टाइम 1916 में पब्लिश हुई। यंग इंडिया जो है वो वीकली पेपर अगर बुक है तो

173:03

Speaker A

लाला लाजपत राय कंफ्यूज नहीं होना है और यंग इंडिया अगर वीकली पेपर की बात हो रही है तो वो फिर जो है एम के गांधी ने पब्लिश किया था ठीक है इंग्लिश में श्री रोबिंदो मेजर चीज इंटीग्रल एजुकेशन ठीक है सो ये

173:16

Speaker A

इनके बारे में बेसिक चीजें हैं कि इन्होंने बंगाल डेली युगांतर इंग्लिश डेली वंदे मातरम अपने रिवोल्यूशनरी आइडियाज को प्रमोट करने के लिए शुरू किए थे अरबिंदो की लाइफ की जो फिलॉसोफी है वो आइडियलिज्म रियलिज्म नेचुरलिज्म प्रैग्मिज़्म इन सब से

173:30

Speaker A

मिक्स होके निकलती है एक फिलॉसोफी। ठीक है? तो ये नॉलेज, डिवोशन, वर्क एथिक्स इसकी वजह से इंसान एक सही रास्ते पे जा सकता है। लेकिन बट ये जो स्पिरिचुअलिटी की सिंथेसिस है, क्रिएटिवनेस है, इंटेलेक्चुअलिटी है वो बहुत जरूरी है एक

173:45

Speaker A

साउंड पर्सनालिटी के लिए। तो ये चीजें भी होनी चाहिए। ओके? सो इनीड इफ एजुकेशन इज़ टू हैव इट्स मैक्सिमम रिजल्ट इट मस्ट बिगेन इवन बिफोर बर्थ। तो बर्थ से भी पहले जैसे हम वो गर्भ शिक्षा देते हैं ना गर्भ

173:56

Speaker A

में ही बच्चे को। सो वो वो वहां से चीजें शुरू होनी चाहिए कि बच्चे की सोल में वो चीजें बस जाएं। ऐसा ओके चीफ ऐम है एजुकेशन का जी शुड बी टू हेल्प द ग्रोइंग सोल टू ड्रॉ आउट दैट इट इन इटसेल्फ व्हिच इज़

174:10

Speaker A

बेस्ट एंड मेक्स इट परफेक्ट फॉर अ नोबल यूज़ आर्या श्री अरविंदो आश्रम ये इन्होंने खोले हैं मीरा अंबिका फ्री प्रोग्रेस स्कूल जिसको मीरा अंबिका के नाम से जाना जाता है 1981 में इन्होंने खोला एंड अभी की अगर हम बात करें तो ये दिल्ली ब्रांच

174:26

Speaker A

के अंडर आपको ये मिल जाएगा श्री अरविंदो आश्रम में ठीक है सो वहां पे कैंपस मिल जाएगा आपको ट्रू नॉलेज जो है ही इज़ नॉट अटेंड बाय थिंकिंग। यह वही है जो आप हो। ऐसा ही कुछ एक और ने भी बोला था पहले हमने

174:38

Speaker A

जो बात की थी। देन है जी श्री अरविंदो ने इंटीग्रल एजुकेशन की बात की है। ह्यूमैनिटी एक है। इंडिविजुअलिटी इज़ वन होल। माइंड को सिक्स सेंस बोला है। माइंड के ऊपर इन्होंने काफी कुछ बोला है। इन्होंने स्ट्रोंगली आर्ग्यू किया कि एक

174:51

Speaker A

नेशनल सिस्टम ऑफ़ एजुकेशन होना चाहिए। थ्यरी ऑफ़ इवोल्यूशन की जब ये बात करते हैं, तो ये मेजर दो प्रोसेससेस की बात करते हैं कि कैसे चीज़ इवॉल्व होती हैं रियलिटी को एक्सप्लेन करने के लिए। तो ये बोल रहे हैं कि एक प्रोसेस है प्रोसेस ऑफ़

175:04

Speaker A

डाउनवर्ड मूवमेंट। ठीक है? इवॉल्यूशन हमने पढ़ा है कि अपवर्ड मूवमेंट। चीजें बढ़िया इवॉल्व हो रही है, बड़ी हो रही हैं। राइट?

175:10

Speaker A

लेकिन वही चीज अगर उल्टी हम देखेंगे तो ये इनवॉल्यूशन है। ये वर्ड आपको पता हो। ओके?

175:15

Speaker A

सो इवोल्यूशन प्रीसपोजेस इनवॉल्यूशन। यानी पहले से ही उसके अंदर वो चीज निहित है कि इवॉल्यूशन हो रहा है तो इवोल्यूशन भी होगा। ओके? सो इवोल्यूशनरी ग्रोथ जो है वो एक ट्रिपल प्रोसेस है जिसमें वाइडनिंग होगी, हाइटनिंग होगी और आपका इंटीग्रेशन

175:31

Speaker A

होगा। ओके? तो जो प्रोसेस ऑफ़ वाइडनिंग है दैट इज़ स्कोप की आप बात कर रहे हो। प्रोसेस ऑफ़ हाइटनिंग में आप जो है डीपर लेवल पे वन स्टेप और ग्रेड टू अनदर हायर ग्रेड की बात कर रहे हो। और मोस्टेंट

175:45

Speaker A

फैक्टर जो है वो इंटीग्रेशन रहेगा जिसमें सारी चीजें इंटीग्रेट करके। इसीलिए इंटीग्रल एजुकेशन की बात जो है वो अरविंदो के नाम पे आती है। ओके? इनकी बुक है लाइफ डिवाइन देन टू नेगेशन। ये काफी इंपॉर्टेंट बुक्स हैं। आप ध्यान रख सकते हो। ठीक है?

176:00

Speaker A

ये जो लाइफ डिवाइन है इसमें इन्होंने बात की थी टू नेगेशंस की। तो दो ऑपोजिंग बट इक्वली लिमिटिंग पर्सपेक्टिव रियलिटी के। एक मटेरियलिस्टिक डिनाइयल है और एक एस्केटिक रिफ्यूज़ल है। ओके? सो दीज़ नेगेशंस रिप्रेजेंट वन साइडेड व्यूज़ और

176:17

Speaker A

इदर डिसमिस द स्पिरिचुअल वर्ल्ड या फिर फिजिकल वर्ल्ड को ही अनरियल बोल रहे हो। तो दो एक्सट्रीम साइड्स हैं। ये टू नेगेशंस की बात जो है वो अरबिंदो ने की है। अपनी बुक लाइफ डिवाइन में की है। ये

176:28

Speaker A

बात याद रखेंगे आप। ओके? देन बात आती है जी माइंड के बारे में। तो ये बोल रहे हैं माइंड मस्ट बी परफेक्टली ट्रेंड टू द हाईएस्ट पॉसिबल लिमिट। ठीक है? अदरवाइज़ एजुकेशन ऑफ़ वन चाइल्ड जो है वो इनकंप्लीट

176:40

Speaker A

और वन साइडेड रह जाएगी। एजुकेशन जो है वो पावर्स ऑफ़ माइंड को बिल्ड करने पे फोकस करे, ऐ करे। ओके? दो क्वालिटीज़ हैं माइंड की। वेल डिसिप्लिंड, वेल स्ट्रक्चरर्ड माइंड और दूसरा रहेगा आपका इंडिविजुअलाइज्ड और वेल टेक्सचर्ड माइंड।

176:55

Speaker A

ओके? तो माइंड की चार लेयर्स हैं। जी। पहली लेयर चित्त जो पैसिव मेमोरी चीजें स्टोर हो रही हैं। ऐसे वाला। ठीक है? हम ओके। दूसरी, तीसरी, चौथी। हां, अब ठीक है। ठीक है। दूसरी लेयर आपकी मनस है। प्रॉपर

177:08

Speaker A

माइंड जो रिसीव करता है इमेजज़ को जो सेंसेस से आ रही हैं। परसेप्शन के थ्रू आ रही हैं मन। ठीक है? देन इंटेलेक्ट है जी। जो अरेंज और रिअरेंज करता रहेगा नॉलेज को। ठीक है? है कॉम्प्रिहेंसिव क्रिएटिव सिंथेटिक एनालिटिकल फैकल्टीज आपको

177:23

Speaker A

दिखेंगी। फोर्थ लेयर है जी इंट्यूशन जो अंदर से ब्रिलियंट आइडियाज एकदम से आते हैं। तो ये बिगिनिंग है ऑफ हज़ हायर नॉलेज अगर इंट्यूशन वाले आइडियाज आ रहे हैं तो। ओके? तो ये चार लेयर्स हो गई। ये ऑर्डिनरी

177:35

Speaker A

माइंड में भी तीन तरीके की। ये माइंड मैं इसलिए बता रही हूं क्योंकि कभी भी कुछ भी पूछ लेते हैं इनके माइंड से रिलेटेड ना। सो थिंकिंग माइंड, डायनेमिक माइंड, एक्सटर्नलाइजिंग माइंड। ये पता हो आपको। देन इनकी राइटिंग्स में डिफरेंट प्लेेंस

177:47

Speaker A

हैं माइंड के। तो ये छह के छह इसी सीक्वेंस में पता हो। ऑर्डिनरी माइंड, हायर माइंड, इलुमिनेटेड माइंड, इंट्यूटिव, ओवर और सुपर माइंड। सो कई बार आप कंफ्यूज हो जाते हैं हायर आएगा, पहले, सुपर ऊपर आएगा, क्या आएगा? सो ये छह सीक्वेंस में

178:00

Speaker A

आपको ये माइंड के डिफरेंट-डिफरेंट प्लेेंस पता होने चाहिए। ओके? चार टाइप के रूम की भी ये बात करते हैं। जब आप वेरियस एक्टिविटीज़ के लिए काम करते हो, तो रूम ऑफ़ साइलेंस, कोलैबोरेट करना, कंसल्ट करना और फिर लेक्चरर रूम। ओके? लेक्चर रूम। यह

178:14

Speaker A

इंपॉर्टेंट पब्लिकेशंस हैं। लाइफ डिवाइन सबसे ज्यादा फेमस है जिसमें यह दो नेगेशंस दो ऑोजिट चीजों की बात करते हैं। ओके?

178:21

Speaker A

सावित्री बुक इन्होंने लिखी है। सावित्रीबाई फुले ने नहीं लिखी है। ये बात भी आपने ध्यान रखनी है। देन बात आती है जी जिद्दू कृष्ण मूर्ति की। ओके? तो जिद्दू कृष्णमूर्ति जो है वो एजुकेशन और सिग्निफिकेंस ऑफ़ लाइफ। ये इन्होंने लिखा

178:34

Speaker A

है। द फर्स्ट एंड द लास्ट फ्रीडम इन्होंने लिखा है। ठीक है? फंक्शन जो है एजुकेशन का इज़ टू हेल्प यू फ्रॉम चाइल्डहुड ना कि इमिटेट करना बट बी योरसेल्फ ऑल द टाइम। ये काम है एजुकेशन का कि आपको आप बने रहने

178:48

Speaker A

में मदद करें। ओके? आपको यह ना हो कि आप जो हैं कुछ और ही बन रहे हो। इमिटेट कर रहे हो किसी और को। ओके? ही बिलीव्ड दैट टीचिंग मींस शेयरिंग टुगेदर रियलाइजिंग द सेल्फ। तो आपको शेयर भी करना है, सेल्फ को

179:02

Speaker A

भी रियलाइज़ करना है। लेकिन इमिटेट कॉपी नहीं करना है। ठीक है? एक पर्सन जो है वो हैप्पीली कब रह पाएगा? जब वो नॉन कॉम्पिटिटिव होगा। ऐसा इन्होंने कहा। सो ये बिलीव करते हैं कि बुक्स एक बहुत वैल्यूुएबल सोर्स हैं। आप उससे भी सीखोगे।

179:14

Speaker A

आपके एक्सपीरियंसेस से भी सीखोगे लेकिन बुक से भी सीखते हो आप। ओके? फैक्ट्स मेमोराइजेशन पे ये बोलते हैं कि मेमोराइजिंग फैक्ट्स वाज़ नॉट द मोस्टेंट पार्ट ऑफ़ एजुकेशन। बट ये वन ऑफ़ द पार्ट है जिसकी जरूरत होती है। ठीक है? तो

179:28

Speaker A

प्रिंसिपल्स तो आप उस उन फैक्ट्स के पीछे का प्रिंसिपल्स समझिए। फिर ध्यान में रखिए। ओके? डेवेलपिंग माइंड्स। तो ये बिलीव करते हैं कि एजुकेशन जो है वो माइंड डेवलपमेंट में हेल्प करे ना कि नॉलेज एक्यूमुलेशन में कि इकट्ठी कर ली नॉलेज।

179:42

Speaker A

ओके? सो ये मेम ये ये पॉइंट्स इसलिए हाईलाइट किए गए हैं बिकॉज़ ये क्वेश्चंस आए हुए हैं। जहां पे हमें कंफ्यूजन हुआ था कि भ मेमोराइज़ थोड़ी करने को बोलेगा कोई। बट ये मेमोराइजिंग फैक्ट्स बुक्स से भी सीखना

179:53

Speaker A

है। माइंड को भी डेवलप करना है। नेचुरल डायवर्सिटी को भी एंजॉय करना है। तो इन चीजों पे ये फोकस डालते हैं। ओके? देन पावलो फ्रायरे। पावलो फ्रायरे बहुत इंपॉर्टेंट है जी क्रिटिकल पेडागोजी के ये इनकी बुक्स हैं। जहां भी पेडागोजी ऑफ़ दिखे

180:08

Speaker A

ऑफ़ ऑप्रेस्ड ऑफ़ लिबरेशन ऑफ़ फ्रीडम ऑफ़ द सिटी। ये सारी की सारी इन्होंने लिखी है। ओके? सो अपने रेडिकल आइडियाज़ के लिए ये जाने जाते हैं लर्निंग में, पेडागोजी में, नॉलेज में। इन्होंने सबसे पहले क्रिटिकल पेडागोजी टर्म दी। ही वाज़ इन्फ्लुएंस्ड

180:21

Speaker A

बाय प्लेटो एंड मार्क्स। ये बैंकिंग मॉडल को क्रिटिसाइज़ करते हैं। बैंकिंग मॉडल क्या है? जो चलता आ रहा है जिसमें स्टूडेंट पैसिव है, खाली है, एंप्टी है, टीचर भरा हुआ है, नॉलेजेबल है, एक्टिव है, वही सारी इनेशन बच्चों के अंदर डालेगा,

180:34

Speaker A

इंपार्ट करेगा। सो ये एक बैंकिंग मॉडल ऑफ़ एजुकेशन है जिसके ये अगेंस्ट हैं। ये बच्चे को भी एक्टिवली इनवॉल्व करने पे फोकस करते हैं। तो इन्होंने प्रॉब्लम पॉजिंग एजुकेशन की बात की कि टीचर पहले प्रॉब्लमेटाइज करेगा। स्टूडेंट सॉल्यूशन

180:47

Speaker A

देंगे और फिर दोनों मिलके जो हैं क्या बदलाव आ सकते हैं? कैसे इंप्लीमेंट कर सकते हो? उन पे डिस्कशन करेंगे। ओके?

180:54

Speaker A

यह बोल रहे हैं कि यह जो ऑपरेस्ड हैं उनको अवेयर करना, कॉनश करना उनके ऊपर फोकस कर रहे हैं। ओके? सो ये कंसर्न है विद प्रैक्टिस व्हिच इनवॉल्व्स एनालिसिस, डिस्कशन और एक्शन टू चेंज द सिचुएशन। कि आपको सिचुएशन होता है ना भगवान भी उसी की

181:13

Speaker A

मदद करेगा जो खुद की मदद करेगा। सो आपको पहले खुद की मदद करनी पड़ेगी। आप ऐसे दब के नहीं रह सकते हो। वो बात इन्होंने बोली और ये काम एजुकेशन ही कर सकती है उनको बड़ा बनाने का। निकालने का उस सिचुएशन से।

181:24

Speaker A

देन है जी मैरी वस्टन क्राफ्ट। एजुकेशन जो है वो एसेंशियल एलिमेंट है फॉर द पीपल ऑफ़ द सोसाइटी। यह बात इनका कहना है। ठीक है?

181:32

Speaker A

ये मेजरली एम्फेसाइज़ करती हैं चिल्ड्रन यूथ और वुमेन की एजुकेशन के ऊपर। मेजरली गर्ल एजुकेशन पे, वुमेन एजुकेशन पे इन्होंने बहुत फोकस किया है। एंड इन्होंने पार्लियामेंट्री रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ वुमेन के बारे में भी बात की है। ओके? प्रोफेशनल

181:46

Speaker A

करियर्स के लिए वुमेन को ट्रेन किया जाए। तो वुमेन एजुकेशन पे काफी कुछ इन्होंने बोला है। ओके? सो ये इनकी बुक्स हैं। मैरी एंड फिक्शन, मैरी एंड मैरी। विंडिकेशन ऑफ द राइट्स ऑफ़ मैन। कई बार ऑफ द राइट्स ऑफ़

181:59

Speaker A

वुमेन भी देखने को मिल जाता है। तो विंडिकेशन वाली टर्म जहां आए वो इन्होंने ही लिखी है। ओके? नेलनोडिंग्स वेरीेंट। जहां भी केयर वर्ड आए आप नेलनोडिंग्स को जोड़ के देखिए। ठीक है? देन ये तो इनकी लिखी हुई बुक्स हैं। ओके? देन ये केयरिंग

182:15

Speaker A

सिंपैथी केयरिंग फॉर एंड केयरिंग अबाउट पे फोकस करती हैं। केयरिंग फॉर किसके लिए केयर कर रहे हो? यानी रिक्वायर्स द एस्टैब्लिशमेंट ऑफ रिलेशन और केयरिंग अबाउट इज समथिंग मोर जनरल कि आई एम यू आर केयरिंग अबाउट चिल्ड्रन तो वो इन जनरल चीज

182:30

Speaker A

है बट यू आर केयरिंग फॉर योर चाइल्ड वो आपकी पर्सनल चीज हो गई थोड़ी सी। ठीक है?

182:35

Speaker A

तो ये दो कांसेप्ट जो है वो इन्होंने दिए हैं। होम प्राइमरी एजुकेटर की बात कर रहे हैं यह। यह बोल रहे हैं कि स्कूल शुड ऐज़ फार ऐज़ पॉसिबल यूज़ द सॉर्ट ऑफ़ मेथड फाउंड इन बेस्ट होम्स टू एजुकेट। ठीक है? तो वो

182:49

Speaker A

चीज़ आप एनालाइज़ करके बच्चों के अंदर इंक्लकेट करो। नेल नोडिंग ने ये आर्ग्यू किया दैट एजुकेशन फ्रॉम द केयर चार की कॉम्पोनेंट्स हैं। केयर पर्सपेक्टिव से आप देखोगे तो मॉडलिंग, डायलॉग, बातचीत, प्रैक्टिस एंड देन कंफर्मेशन। सो ये चारों

183:04

Speaker A

के चारों स्टेप्स आपको पता हो। ओके? उन्होंने एजुकेशन को बोला कि इट्स अ कॉनस्टिलेशन ऑफ़ एनकाउंटर्स बोथ प्लंड एंड अनप्लैंड। तो एजुकेशन में सारी चीजें आ जाएंगी जो आपकी ग्रोथ को प्रमोट कर रही हैं। कैसे? नॉलेज एक्विजिशन से, स्किल

183:16

Speaker A

एक्विजिशन से, अंडरस्टैंडिंग और एप्रिसिएशन से। ओके? सो कुछ-कुछ चीजें बस नेल नोडिंग्स और केयर का वर्ड याद रखिए। शी वाज़ शी आई थिंक कुछ टाइम पहले ही एक्सपायर हुई हैं। शी इज़ शी वाज़ द ग्रेट लेडी बट वो हमेशा केयर की बात कर रही हैं।

183:30

Speaker A

ओके? सावित्रीबाई फुले आपको सब पता होना चाहिए इनके बारे में। ये बेसिक चीज़ हैं। बाकी हम पीवाईक्यूज़ के थ्रू भी कवर कर लेंगे। ओके? सो ये पोएटिस्ट भी हैं, एजुकेशनिस्ट भी हैं, सोशल रिफॉर्मर भी हैं। पॉलिटिकल आस्पेक्ट इनका कोई भी नहीं

183:45

Speaker A

है। ओके? काव्या फुले इन्होंने लिखी है बुक पोएम्स का एक कॉम्बिनेशन है। ज्योतिराव की स्पीच। ज्योतिराव इनके हस्बैंड हैं। उनकी स्पीच जो एडिट की हैं सावित्रीबाई फुले ने। इन्होंने बहुत सारे लेटर्स लिखे ज्योतिराव को जब ये दूर रह

183:58

Speaker A

रहे थे। भवानी काशी सुबोध रत्नाकर पोएम्स गो गेट एजुकेशन। तो ये सारे वर्ड्स सावित्रीबाई फुले से रिलेटेड हैं। लेकिन सावित्री नाम की बुक अरबिंदो ने लिखी है। बात याद रखना। ओके? वुमेन एजुकेशन पे बहुत ज्यादा काम किया। तो सबसे पहले अगर

184:12

Speaker A

प्रायोरिटाइज कभी करना पड़े तो आप इनके वुमेन एजुकेशन वाले काम के लिए हाथ उठाएंगे। देन शेड्यूल्ड कास्ट के लिए भी इन्होंने काम किया है। फर्स्ट फीमेल टीचर भी इनको बोला जाता है। शी वाज़ सो डेडिकेटेड कि लोग इनके ऊपर जो है कचरा और

184:24

Speaker A

पता नहीं कुछ-कुछ कीचड़-विचड़ फेंक देते हैं। तो ये एक साड़ी अपने पॉलिथीन में पैक करके ले जाती थी और स्कूल जाके साड़ी चेंज करके फिर ये बच्चों को पढ़ाती तो शी वाज़ सो डेडिकेटेड टुवर्ड्स हर वर्क। इनकी पढ़ाई

184:36

Speaker A

इनका भी बाल हुआ हुआ था। लेकिन इनके हस्बैंड ने इनको पढ़ाया था और उसके बाद इन दोनों ने काफी अच्छा काम किया। ज्योतिबा फुले और उनकी वाइफ। ठीक है? सावित्रीबाई फुले उन्होंने पहला स्कूल भी शुरू किया भिड़ेवाड़ा में पुणे में। उन्होंने एक

184:48

Speaker A

ब्राह्मण विडो से एक बच्चे को भी अडॉप किया। यशवंत राव जो बाद में जाके डॉक्टर बना। शी वाज़ द शी वाज़ दैट टाइप ऑफ़ लेडी जब उन्होंने अपने हस्बैंड की चिता को खुद आग दी थी। ठीक है? इनकलिटीज जो कास्टिज्म पे

185:01

Speaker A

बेस्ड है उनके रिमूवल पे ये काम कर रही थी। तो ये सारे जो स्टिग्मा वाली चीजें हैं उन पे काम कर रही थी। पॉलिटिक्स से लेना देना नहीं है वो ध्यान रखो और फर्स्ट फीमेल टीचर इनको बोला जाता है। ओके?

185:15

Speaker A

जोहान एमोस कॉमिनस ये आपके लिए एडिशनल इनेशन है जी जो आप खुद पढ़ सकते हो। ठीक है? एक चीज़ द ग्रेट डैक्टिक। सो ये बुक को होता है ना मैच द फॉलोइंग में कई बार पूछी गई है तो आपको बस ये आईडिया होना चाहिए

185:29

Speaker A

बाकी आप इसकी रीडिंग ले लेना ओके एडिशनल इनेशन है ये ठीक है जॉन ये कॉमिनस की और इन्होंने जो है अलग-अलग छह वो स्टेजेस होती है ना इन्होंने सिक्स इयर्स ऑफ़ स्कूलिंग जो है वो यहां पे मेंशन की थी

185:42

Speaker A

क्योंकि बच्चे वो मदर के लैब से ही शुरू हो रही है चीजें तो बट उसके बाद क्या रहेंगी चीजें तो इनफेंसी के थ्रू देन सेंसेस के थ्रू सिखाना ठीक है एक ये भी इंपॉर्टेंट है फर्स्ट पिक्चर बुक जो है

185:52

Speaker A

बच्चों के है वर्ल्ड इन पिक्चर वो भी काफी फेमस है जिसमें बर्ड्स और एनिमल्स की पिक्चर हैं ताकि बच्चे सीख पाएं बेटर तरीके से। ओके? देन जॉन डूई वेरी फेमस जो हमने ऊपर भी डिस्कस किए थे। ठीक है? सो

186:03

Speaker A

जॉन डूई बहुत फेमस हैं। जी। अ प्रगमेटिस्ट हैं। प्रेग्मिज़्म में हमने इनको पढ़ा था। स्पेशलाइज़ स्कूल एक स्पेशलाइज़ सोशल इंस्टीट्यूशन और मिनिएचर सोसाइटी स्कूल को इन्होंने बोला है। ये ट्रेडिशनल सिस्टम जो स्ट्रिक्ट डिसिप्लिन का है उसके अगेंस्ट हैं। इन्होंने एक्सप्रेस किया कॉन्सेप्ट

186:19

Speaker A

ऑफ़ टीचिंग को एक इक्वेशन के थ्रू। टीचिंग इज लर्निंग एज सेलिंग इज टू बाइंग। सो टीचिंग और लर्निंग ऐसे हैं जैसे खरीदना और बेचना। ऑलदो ये स्टेटमेंट इन जनरल बहुत गलत साउंड करता है। लेकिन ये स्टेटमेंट अगर किसने दिया पूछा जाए तो जॉन डूई ने

186:33

Speaker A

दिया। ओके? स्कूल और सोसाइटी बीइंग थ्री लेक्चर्स ये जॉन डूई का पहला काम है। वर्क ऑफ लेंथ ऑन एजुकेशन। सो ये बहुत बड़ा अच्छा काम है इनका। देन डेमोक्रेसी एंड एजुकेशन भी इन्होंने लिखा है। ये मेन जो एम्स हैं एजुकेशन के वो बोलते हैं कि

186:47

Speaker A

वैल्यू क्रिएट करनी है। मैक्सिमम ग्रोथ होनी चाहिए। सोशल एफिशिएंसी पे फोकस करना है। एक्सपेरिमेंटलिस्ट बनाना है। उसको लाइफ के लिए प्रिपेयर करना है। सो ये आउटलाइन भी करते हैं। ये तीन में डिवाइड करते हैं। एक प्ले पीरियड, स्पॉनटेनियस

187:00

Speaker A

अटेंशन का पीरियड और आपका रिफ्लेक्टिव अटेंशन का पीरियड। तो ये एजुकेशन की स्कीम एक तरीके से इन्होंने दी थी। ठीक है? देन क्रिटिसिज्म भी बहुत मिला क्योंकि ये प्रेजेंट क्रिटिसिज्म अगर हम देखें इनके थॉट्स पे तो इन्होंने ये वाली बातें इनकी

187:15

Speaker A

चीज़ समझ आती है कि ये लर्निंग बाय डूइंग डायरेक्ट एक्सपीरियंस इन चीजों पे फोकस करते हैं। ठीक है? तो एक्सपेरिमेंटल है सारी चीजें बट आप हर चीज को एक्सपेरिमेंट के साथ नहीं सीख सकते। इन्होंने ट्रुथ और वैल्यूस जो है उसकी इटरर्निटी क्योंकि

187:27

Speaker A

इन्होंने बोला था ना हमने प्रगमेटिज्म में बात की थी चीजें चेंजिंग में है। कोई भी चीज़ इटरनल नहीं है। डायनेमिक है। ट्रुथ जो है वो मेकिंग में है। रियलिटी मेकिंग में है। तो ये ट्रुथ और वैल्यू की इटरनल चीज़

187:37

Speaker A

को एक्सेप्ट नहीं कर रहे हैं। मटेरियलिस्टिक बायसनेस देखने को मिली। एम ऑफ़ एजुकेशन नहीं है क्योंकि ये डायनेमिक बोल रहे हैं। इंडिविजुअल डिफरेंसेस पे बहुत ज्यादा एम्फेसिस है। लिमिटेशन होती है लर्निंग बाय डूइंग कि आप हर एक चीज़

187:50

Speaker A

लर्निंग बाय डूइंग से प्रैक्टिकल से नहीं करवा सकते। रिलीजियस एजुकेशन को इन्होंने नेगलेक्ट कर दिया। प्रोजेक्ट मेथड इन प्रैक्टिकल है बहुत जगह जो इन्होंने कंसीडर नहीं किया। टीचर के ऊपर बहुत बर्डन आ जाएगा। बिकॉज़ टीचर को सारी चीजें अरेंज

188:03

Speaker A

करनी पड़ेंगी, देखनी पड़ेंगी। सो टीचर हैवली बर्डन हो जाएगा। अगर सब चीजें लर्निंग बाय डूइंग और प्रोजेक्ट मेथड से होंगी तो। ये प्रेजेंट पे तो फोकस कर रहे हैं बट ये फ्यूचर को नेगलेक्ट कर रहे हैं। ओके? और

188:14

Speaker A

ये सिर्फ प्रैक्टिकलिज्म पे फोकस कर रहे हैं। वो भी कई जगह पे वही सेम जैसे प्रोजेक्ट मेथड भी प्रैक्टिकल हर जगह नहीं हो सकता। सेम लर्निंग बाय डूइंग। सो प्रैक्टिकिटी पे बहुत ज्यादा फोकस है जो कि कई बार पॉसिबल नहीं होता। ओके? रूसो

188:29

Speaker A

अगेन बहुत फेमस हैं। रूसो की एमील बुक मैंने बताई भी थी आपको। को यह फादर ऑफ़ फ्रेंच रिवोल्यूशन भी इनको बोला जाता है। ये तो इनका जो आईडिया है वो नेचुरल स्टेट, नेचुरल, नेचुरल मैन, नेचुरल सिविलाइज़ेशन, नेचुरलिस्ट उसके ऊपर फोकस कर रहे हैं ये।

188:44

Speaker A

ठीक है? तो सोसाइटी आर्टिफिशियल है। अननेचुरल प्रोडक्ट है, फुल ऑफ़ एिल्स है। जब तक चीजें नेचर के हाथ में है, बढ़िया है। जैसे ही सोसाइटी के हाथ में जाएंगी, चीजें गड़बड़ा जाएंगी। दैट्स व्हाई ही टूक दैट वर्ड नेगेटिव एजुकेशन। ठीक है? एमील

189:00

Speaker A

नाम की बुक है जिसमें इन्होंने पांच स्टेजेस में करिकुलम डिवाइड किया है। करिकुलम इनफेंसी के लिए, चाइल्डहुड के लिए, अलेसेंस के लिए, यूथ के लिए और वुमेन के लिए एक अलग से सेक्शन इन्होंने रखा है। इनकी जो बुक सोशल कॉन्ट्रैक्ट उन्होंने

189:12

Speaker A

बोला कि मैन जो है वो फ्री पैदा हो रहे हैं। बट एवरीवेयर ही इज़ इन चेस। ठीक है?

189:17

Speaker A

तो वो सोसाइटी में आके बंधनों में बंधे हैं ना। तो सोशल कॉन्ट्रैक्ट नाम की बुक में इन्होंने मेंशन किया। इनकी लास्ट बुक कंफेशन थी। ये बात आप याद रख सकते हो। ओके? एजुकेशन अगेन नेचर पे फोकस कर रहे

189:29

Speaker A

हैं। नेचर के पास रहेंगे। बच्चा अपने आप सीख जाएगा। डिस्कवरी से ही चीजें सीखेंगे। देन आप उसको पनिशमेंट या रिवॉर्ड मत दो। वो नेचुरली सीखेंगे। ठीक है?

189:39

Speaker A

कॉन्सिक्वेंसेस से सीखेंगे। वो सारी चीजों पे फोकस किया। कैरेक्टरिस्टिक्स क्या रहेंगी? क्योंकि इन्होंने नेगेटिव एजुकेशन का कांसेप्ट दिया है। तो नो पॉजिटिव एजुकेशन देन आपका कोई टाइम सेविंग नहीं हो रही है इसके अंदर। कोई बुक लर्निंग नहीं हो रही है। कोई हैबिट नहीं बनवाई जा रही

189:54

Speaker A

है। कोई मोरल एजुकेशन नहीं दी जा रही है। कोई ट्रेडिशनल मेथड ऑफ टीचिंग जो है वो नहीं है। यहां कोई फॉर्मल डिसिप्लिन नहीं है। तो जो जो चीजें हम करते आए हैं वो एजुकेशन एक तरीके से पॉजिटिव है। और अब जो

190:06

Speaker A

ये बात कर रहे हैं ये उससे उलट बात कर रहे हैं। तो ये ये वाली नेगेटिव एजुकेशन है जिसमें वो बैक टू नेचर बच्चे को सीखने दो। नेचुरल इंपल्ससेस से सीखने दो। उस चीज के ऊपर ज्यादा फोकस करते हैं। ठीक है जी।

190:19

Speaker A

देन फदर अगर बात करें तो यह जो है इनकी फेमस राइटिंग्स हैं। इस फेमस राइटिंग में एमील और कंसर्निंग एजुकेशन यह तो याद हो ही आपको। उसके अलावा जो सोशल कॉन्ट्रैक्ट है, सोशल कनंफेशन है, सोशल कंफेशन नहीं कंफेशन ना? हां कंफेशन। तो ये बुक्स आप

190:35

Speaker A

याद रख सकते हैं। ओके? देन है जी फ्रेडरच फ्रोबल। ठीक है? सो इनका हमारे सिलेबस में तो नहीं है ये बट मैंने थोड़ा सा मेंशन कर दिया है क्योंकि कई बार आ जाती हैं चीजें। ठीक है? फर्स्ट किंडरगार्टन की बात

190:48

Speaker A

इन्होंने की, सेल्फ एक्टिविटी की बात इन्होंने की। ठीक है? फर्स्ट लॉ ऑफ़ दिस इंस्टीट्यूशन। तो सेल्फ एक्टिविटी ऑफ़ माइंड कि बच्चे खुद सीखें, खेल के सीखें। प्ले एक प्यरेस्ट फॉर्म है। ठीक है?

190:58

Speaker A

फ्रोबल का केजी सेंटर्ड जो किसके अराउंड है? तीन एलिमेंट्स के अराउंड कि वो करके सीखें। ठीक है? प्ले मटेरियल्स जो है वो दो टाइप के हैं। गिफ्ट या ऑक्यूपेशन। देन ऑक्यूपेशन में आपकी सीविंग, व्यूविंग ये सारी चीजें आ जाएंगी जिससे आपको ऑक्यूपेशन

191:12

Speaker A

भी मिलेगा। ओके? देन है इनकी बुक है जी एजुकेशन ऑफ मैन वो आपने ध्यान रखनी है। ठीक है? ये इनकी और बाकी पब्लिकेशन भी है जो किंडरगार्टन के अराउंड बच्चों के अराउंड हैं वो आप ध्यान रख सकते हो। देन

191:24

Speaker A

है हेनरीच पिस्टोलॉजी अगेन ये भी बहुत ज्यादा नहीं पूछे जाते हैं लेकिन इनकी बुक पूछी गई है। हाउ जर्ड टीचेस हर चिल्ड्रन। ये इनकी बुक है कि कैसे वो पढ़ाती हैं। सो एक मैनुअल इन्होंने मदर्स के लिए एक तरीके

191:37

Speaker A

से लिखी। ठीक है? देन एम ऑफ़ एजुकेशन जो है इनके अकॉर्डिंग क्या था? हार्मोनस डेवलपमेंट ऑफ़ ऑल पावर्स। तो ये ओवरऑल होलिस्टिक डेवलपमेंट की बात कर रहे हैं। चाइल्ड सेंटर्ड एजुकेशन होनी चाहिए। रोल के मदर पे काफी एम्फसाइज़ जो है वो

191:51

Speaker A

पेस्टोलॉजी ने किया है। गेम्स में भी किया है कि बच्चे खेल खेल में सीख जाएंगे। मारिया मॉन्टेसरी अगेन वेरी इंपॉर्टेंट। मारिया मॉनंटेसरी के तीन मेन प्रिंसिपल हैं। आजकल मेरे फील्ड में तो बहुत बार आता है। मे बी अभी बच्ची है मेरे तो उस वजह से

192:04

Speaker A

मैं कुछ देखती होंगी ऐसा जिसकी वजह से मेरे रील्स में कई बार आता है कि बच्चे हमारी मॉनटेसरी टॉयज़ मॉनंटेसरी टॉयज़ करके जो एड्स आते हैं। ठीक है? तो रिस्पेक्ट फॉर चाइल्ड एनवायरमेंट प्रिपेयर करो। स्पेशल मटेरियल जो है वो यूज़ करो चीजों को बेटर करने के

192:20

Speaker A

लिए। ओके? सो ये बच्चों को फ्रीडम देना चाह रहे हैं कि वो अपने आप एक्सप्लोर करें चीजों को। सो ये कलेक्टिव मेथड ऑफ़ टीचिंग के अगेंस्ट है। इंडिविजुअलिज्म पे इंडिविजुअल इंस्ट्रशंस पे थोड़ा सा ज्यादा फोकस करते हुए नज़र आएंगी। ठीक है? सेंसेस

192:34

Speaker A

आर द गेटवेज़ ऑफ़ नॉलेज। इस पे फोकस किया। फर्स्ट सिक्स इयर्स जो है वो बहुत क्रूशियल पीरियड होता है। अह आप उनको बोलते है ना डेवलप्ड उन्होंने अपने खुद के एजुकेशनल मटेरियल्स डेवलप किए। टीचिंग मेथोडोलॉजीस डेवलप की जो इन इस इस

192:46

Speaker A

आस्पेक्ट के ऊपर डेवलप की। ठीक है? देन बायपोलर ट्राइपोलर की बात मैंने आपको पहले भी बता दी थी। सो ट्राइपोलर में सोशियोलॉजिकल आस्पेक्ट पे ज्यादा फोकस है जो जॉन डूई ने किया है और बायपोलर में जो है वो सोशियोलॉजिकल आस्पेक्ट इंक्लूड नहीं

192:59

Speaker A

किया है। तो ये जो बुक है एडम्स की इवोल्यूशन ऑफ एजुकेशनल थ्यरी उसमें बात की है बायपोलर प्रोसेस की और जॉन डूई का आस्पेक्ट जो है जो ट्राईपोलर प्रोसेस है वो एफेसाइज करता है सोशियोलॉजिकल व्यू पॉइंट पे। ठीक है जी। देन एक जॉन लॉक भी

193:14

Speaker A

हैं जी। ये फिलॉसफर जो एक्सप्रेस करते हैं दैट आईडिया दैट सेंसेस आर नॉट ऑलवेज रिलायबल। ठीक है? सो दे ऑलवेज डिसीव ऑफन डिसीव्स अस विद सेंस इंप्रेशन समटाइ्स कॉन्फ्लिक्टिंग विद ईच अदर। तो ये जॉन लॉक का आईडिया है। बच्चे को आई थिंक ब्लैंक

193:30

Speaker A

स्लेट भी जॉन लॉक ने ही बोला था। वो भी आपको पता ये क्रोनोलॉजी है जी। आई थिंक अभी रिसेंटली किसी तो ईयर में पूछी गई है कहीं तो। तो इसलिए मैंने ऐड कर दी है यहां पे। एक से लेके 11 ये आपके सिलेबस वाले ही

193:43

Speaker A

लोग हैं जो 11 मेंशन है हमने। किए यहां पे 15 16 हैं। बट यहां पे ये 11 की तो क्रोनोलॉजी आपको पता हो कि कौन से का जन्म कब हुआ था और कब जो है कब मत याद रखो

193:55

Speaker A

सीक्वेंस याद रख लो कि कौन किसके बाद था। ओके? अब बात करेंगे हम नेशनल वैल्यूज़ की। ये हमारा कॉनसेप्चुअल लेवल पे लास्ट टॉपिक रहेगा। कुछ इंपॉर्टेंट चीजें, कुछ इंपॉर्टेंट आर्टिकल्स हमें यहां डिस्कस करने हैं। तो सबसे पहले हम शुरू करते हैं

194:10

Speaker A

जो वर्ड्स यहां मेंशन हैं। जैसे सोशलिज्म है, सेकुलरिज्म है, जस्टिस है, लिबर्टी है, डेमोक्रेसी है। बहुत बेसिक से वर्ड हैं। बट इनसे रिलेटेड कई बार कुछ आर्टिकल्स, कुछ एक्ट्स वो पूछ लिए जाते हैं जो मैं आपको यहां पे बता दूंगी।

194:22

Speaker A

सोशलिज्म तो मेजर कॉन्टेक्स्ट तो यही होता है कि जो इनकलिटीज़ हैं सोसाइटी के लेवल पे, सोशलिज़्म में हम उनको कम करने की बात करते हैं। चाहे वो वेल्थ के लेवल पे हो, स्टेटस के लेवल पे हो, अपॉर्चुनिटीज़ के

194:33

Speaker A

लेवल पे हो। ठीक है? तो एक वेलफेयर स्टेट मॉडल के थ्रू हम सोशलिज्म में फोकस करें। जैसे मार्क्सिज्म में हम फोकस कर रहे हैं कि हमारा मेन ऐ जो है वो कम्युनिज्म की तरफ है। सारी चीजें सही हो। सबको इक्वल

194:45

Speaker A

ओपोरर्चुनिटीज मिले। तो सॉर्ट ऑफ वही चीज यहां देखने को मिलेगी। उसके लिए एजुकेशनल लेवल पे अगर हम बात करें तो इक्वल अपॉर्चुनिटीज़ मिले। आरटीई एक्ट हम पढ़ेंगे नेक्स्ट क्लास में। ठीक है? आरटीई एक्ट के साथ। आरटीई एक्ट में पर्टिकुलरली 25%

194:59

Speaker A

सीट्स जो है वो इकोनॉमिकली वीकर सेक्शंस के लिए रिजर्व हैं प्राइवेट स्कूल्स में। ओके? सो वो सारी चीजें इक्वलिटी लाने की कोशिश पे हैं। ओके? देन है सेकुलरिज्म। सेकुलरिज्म में सर्वधर्म सर्वधर्म समभाव यानी सब धर्मों को इक्वली रिस्पेक्ट देना।

195:15

Speaker A

ठीक है? सो इस चीज के ऊपर ज्यादा फोकस होता है कि अगर मैं सेकुलर हूं दैट मींस मैं किसी एक पर्टिकुलर धर्म को नहीं फोकस कर रही हूं। मैं सबको इक्वल रिस्पेक्ट देती हूं। ओके? इसके लिए भी हमारे

195:26

Speaker A

आर्टिकल्स हैं बहुत सारे। जैसे आर्टिकल 28 जिसमें स्टेट फंडेड इंस्टीटशंस आर प्रोहिबिटेड फ्रॉम इंपार्टिंग रिलीजियस इंस्ट्रक्शंस। यानी जो स्टेट फंडेड है मान लो स्कूल है जो स्टेट फंडेड है या जो एडेड है स्टेट जो है कुछ एक स्कूल्स को कुछ

195:41

Speaker A

पोर्शन एड देता है ना सो उनमें भी रिलीजियस इंस्ट्रक्शन आप नहीं दे सकते हो। ठीक है? तो वो चीजें यहां पे हैं इक्वलिटी लाने के लिए। आर्टिकल 30 जो है उसमें जो रिलीजियस और लिंग्विस्टिक माइनॉरिटीज हैं उनके पास राइट है कि वो अपने एजुकेशनल

195:54

Speaker A

इंस्टीटशंस अलग से खोल सकते हैं। राइट? सो ये सारा फोकस सेकुलरिज्म पे रहेगा। इंडिया एक सेकुलर कंट्री है एज़ पर द कॉन्स्टिट्यूशन। सो कोई भी एक पर्टिकुलर धर्म को बढ़ावा देने के लिए हम कोई चीज नहीं करेंगे। स्पेसिफिकली एक को। ओके?

196:08

Speaker A

सबको आप देने के लिए चीजें कर सकते हो। सबको बढ़ावा दे सकते हो। सबको अच्छा बोल सकते हो। बट किसी एक के लिए आप काम नहीं करोगे। वो ध्यान रखना है जस्टिस जब प्रएमबल आता है तो प्रियमबल में सोशल

196:19

Speaker A

इकोनॉमिक और पॉलिटिकल जस्टिस की बात आती है। यानी तीन टाइप के जस्टिस का डिस्कशन होता है। ठीक है? तो जस्टिस मतलब इक्वलिटी की ही बात हो रही है एक तरीके से जिसमें डिस्क्रिमिनेशन ना हो। जस्टिस मतलब न्याय जहां डिस्क्रिमिनेशन नहीं है वहां न्याय

196:31

Speaker A

हो ही जाएगा। राइट? तो ऐसे ही एक आर्टिकल 46 का प्रोविज़ है जिसमें एजुकेशनल इंटरेस्ट जो एससीज़, एसटीज़ या अदर वीकर सेक्शन है वो प्रोटेक्ट करता है सोशल इनजस्टिस से। सो ये प्रमोट करता है एजुकेशनल इंटरेस्ट। इन इन सेक्शंस का। सो

196:46

Speaker A

ये बात आर्टिकल 46 में मेंशन है। आपको आर्टिकल 46 भी ध्यान हो। ओके? लिबर्टी और फ्रीडम तो बहुत सारे हैं। हमारे पास आर्टिकल फ्रीडम के भी हैं। बहुत सारे आर्टिकल 19, 20, 21, 22 अ 22 तक। ठीक है? तो ये आर्टिकल्स में फ्रीडम

197:03

Speaker A

और लिबर्टी से ही रिलेटेड बातें हुई हैं। ठीक है? 19 में स्पेशली सारी फ्रीडम की बातें हैं। ठीक है? ऐसे ही आर्टिकल 29 जो है तो लिबर्टी जब बात करते हैं हम तो लिबर्टी ऑफ़ थॉट, एक्सप्रेशन, बिलीफ, फेथ

197:15

Speaker A

एंड वरशिप। सो ये पांच तरीके की लिबर्टी की बात होती है। ये बात आपने ध्यान रखनी है। ठीक है जी? देन आपका आर्टिकल 29 है ये। ठीक है? इट आल्सो प्रोटेक्ट्स द राइट ऑफ सिटीज़ंस टू कंजर्व डिस्टिंक्ट लैंग्वेज, स्क्रिप्ट्स एंड कल्चरर्स। सो

197:28

Speaker A

आर्टिकल 29 भी इंपॉर्टेंट है। देन डेमोक्रेसी वर्ड है हमारे पास। डेमोक्रेसी में क्या है? पार्टिसिपेशन है। ठीक है?

197:34

Speaker A

सबसे डिस्कस की जा रही हैं चीजें। सो डेमोक्रेसी जो है वो पॉलिटिकल सिस्टम में की तरह भी में भी फंक्शन करती है और सोशल लेवल पे भी। ओके? ऐसे ही क्लास में भी हम कई बार बोलते हैं डेमोक्रेटिक होनी चाहिए

197:45

Speaker A

चीजें। यानी बच्चों से डिस्कस करके चीजें होनी चाहिए। सो डेमोक्रेसी एनकरेज करती है डायलॉग को, शेयरर्ड डिसीजन मेकिंग को, लीडरशिप स्किल्स बच्चों के अंदर हम डेवलप कर पाएं। उन चीजों पे फोकस करती है डेमोक्रेसी। ओके? देन इक्वलिटी है जी।

197:59

Speaker A

इक्वलिटी ऑब्वियसली इक्वल प्रोटेक्शन ऑफ़ लॉ इक्वल अपॉर्चुनिटीज़ प्रोवाइड करना, डिस्क्रिमिनेटरी प्रैक्टिससेस रिमूव करना। सो ये आर्टिकल 14 और 15 में बेसिकली आर्टिकल 14, 15, 16, 17, 18 ये राइट टू इक्वलिटी के ही आर्टिकल्स हैं। जब हम फंडामेंटल राइट्स पढ़ते हैं। ओके? मैं अभी

198:16

Speaker A

करवा दूंगी आपको। तो आर्टिकल 14, 15 में तो क्लियरली 14 इक्वलिटी बिफोर लॉ कि आप कानून की नजरों में सब बराबर हो। आर्टिकल 15 बात करता है कि प्रहबि प्रोहिबिट करता है कि डिस्क्रिमिनेशन नहीं होना चाहिए। किस बेस पे? रिलीजन, रेस, कास्ट, सेक्स और

198:29

Speaker A

प्लेस ऑफ़ बर्थ के बेस पे डिस्क्रिमिनेशन नहीं होना चाहिए। ऑलदो इसी आर्टिकल में फर्दर एक्सेप्शनंस भी हैं कि वुमेन के लिए आप रिजर्व कर सकते हो चीजें एससी एसटीज के लिए रिजर्व कर सकते हो। सो वो रिजर्वेशंस भी मेंशन है वो एक्सेप्शनंस हैं इसके कि

198:43

Speaker A

कॉन्स्टिट्यूशनल प्रोविज़ंस जो हमें पता होने चाहिए जो हमें काम आएंगे जब हम क्वेश्चन सॉल्व करेंगे। ओके? सो आर्टिकल 21 ए है जो बात करता है 45 में ही चीजें थी सिक्स छ से 14 साल की एजुकेशन फ्री एंड

198:55

Speaker A

कंपलसरी वो आर्टिकल 21 ए में डाल दी अब हमने। ठीक है? है फंडामेंटल राइट बनाते हुए आर्टिकल और ये ए में कब डाली थी? 86 कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट एक्ट के थ्रू डाली 2002 में। ठीक है? देन आर्टिकल 30 है

199:09

Speaker A

जो माइनॉरिटीज के राइट को प्रोटेक्ट कर रहा है। आर्टिकल 350 ए है जो मदर टंग में प्राइमरी स्टेज पे मदर टंग में इंस्ट्रक्शंस फैसिलिटेट करने पे फोकस कर रहा है। आर्टिकल 51 ए के ठीक है? ठीक है?

199:21

Speaker A

ये फंडामेंटल ड्यूटीज में आता है। तो फंडामेंटल ड्यूटी में 11वीं ड्यूटी जो कि इसी दौरान 86 कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट एक्ट के दौरान 2002 में इंट्रोड्यूस की गई थी कि छ से 14 साल की एजुकेशन फ्री होनी चाहिए। ये फ्री है। बट बच्चे पेरेंट्स की

199:36

Speaker A

ड्यूटी है कि वो प्रोवाइड करवाएं। बच्चे को स्कूल तो भेजें कम से कम। ओके? देन लैंग्वेज से रिलेटेड कई बार क्वेश्चन आ जाते हैं। तो अपने पार्ट 17 में लैंग्वेजज़ मेंशन है। आर्टिकल 343 से लेके 351 तक। ओके? कोई भी नेशनल लैंग्वेज नहीं है जी

199:50

Speaker A

हमारी लेकिन आर्टिकल 351 हिंदी के प्रमोशन पे फोकस करता है। ओके? सो एज अ मीडियम ऑफ एक्सप्रेशन हमें हिंदी को प्रमोट करना है। ये बात आर्टिकल 351 में मेंशन है। अदरवाइज कोई भी नेशनल लैंग्वेज नहीं है हमारी। ओके? जैसे फादर ऑफ नेशन जो है वो ऑफिशियल

200:08

Speaker A

नहीं है गांधी जी। ऐसे ही कोई ऑफिशियल लैंग्वेज नहीं है हमारी नेशनल लेवल पे। ओके? कि आर्टिकल 343 जो है वो हिंदी जो कि देवनागरी स्क्रिप्ट में लिखी हुई है उसको ऑफिशियल लैंग्वेज मानते हैं और इंग्लिश को एसोसिएट ऑफिशियल लैंग्वेज। ऑलदो ये

200:22

Speaker A

इंग्लिश जो है वो 15 साल के लिए ही बोली थी लेकिन 1963 में हमने इसको परमानेंटली ही एसोसिएट ऑफिशियल लैंग्वेज बना दिया। सो ऑफिशियल लैंग्वेज है हिंदी नेशनल लैंग्वेज नहीं है और इंग्लिश जो है वो एसोसिएट ऑफिशियल लैंग्वेज है। ओके? 345 जो है वो

200:37

Speaker A

बोलता है कि हर एक को हर एक स्टेट को लीगली राइट है कि वो एक या उससे ज्यादा लैंग्वेज जो बोली जाती है उनके स्टेट में उसको अलोंग विद हिंदी अपनी ऑफिशियल लैंग्वेज बना सकते हैं। मल्टीलिंग्वलिटी बहुत सारी लैंग्वेजज़ एक साथ बहुत सारी

200:52

Speaker A

लैंग्वेजज़ जो है वो एक कल्चर में होना जैसे इंडियन जो है वो लिंग्विस्टिक हेरिटेज का पार्ट आपको दिखेगा मल्टीलिंगटी। सो कल्चर एटीट्यूड जो लैंग्वेज की तरफ है वो मल्टीलिंगुअल है हमारा तो हमारा कंट्री भी मल्टीलिंग्वल में काउंट होता है। ओके? ये वो स्टेट्स

201:08

Speaker A

हैं जी और ये वो ऑफिशियल लैंग्वेज हैं जो इन्होंने अडॉप्ट की हैं। अभी तक नहीं आया है एज अ क्वेश्चन बट कभी भी आए आई डोंट नो आ भी जाए। ठीक है? पोंडीचेरी की ऑफिशियल लैंग्वेज तमिल है। दमनदीव, चंडीगढ़,

201:19

Speaker A

अंडमान बाकी सारी यूनियन टेरिटरीज की लैंग्वेज जो सेंटर की लैंग्वेज है यानी हिंदी और एसोसिएट लैंग्वेज आपकी इंग्लिश हो जाएगी। ओके? बाकी जो अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मेघालय हैं उन्होंने कोई ऑफिशियल लैंग्वेज अडॉप्ट नहीं की है। तो इंग्लिश ही यूज़ होती है यहां ऑफिशियल लैंग्वेज के

201:34

Speaker A

तौर पे। ठीक है? देन तीन तरीके की कैटेगरीज़ हैं जी लैंग्वेज में जो पूछ ली जाती हैं। शेड्यूल्ड लैंग्वेज है, रीजनल लैंग्वेज है और क्लासिकल लैंग्वेज है जो हम डिस्कस करेंगे। ओके? शेड्यूल्ड में आठ एट्थ शेड्यूल में जो लैंग्वेजज़ मेंशन है।

201:49

Speaker A

यानी हमारे पास 12 शेड्यूल हैं जो हम अभी देखेंगे भी। सो आठवें शेड्यूल में लैंग्वेज मेंशन है। 14 लैंग्वेज 1950 में मेंशन थी। उसके बाद एक 21वें अमेंडमेंट के दौरान हमने 1967 में सिंधी को ऐड किया। फिर कॉनकरी, मणिपुरी, नेपाली को हमने 1992

202:06

Speaker A

में ऐड किया। बोरो, संथली, मैथिली, डोगरी को 2003 में टोटल मिला के अब 22 लैंग्वेजज़ हैं जो शेड्यूल्ड लैंग्वेजज़ हैं। ओके?

202:14

Speaker A

रीजनल लैंग्वेजज़ बहुत सारी हैं। आपको रटने की जरूरत नहीं है। रीजनल लैंग्वेजज़ तो इनफैक्ट 1652 मदर टंग है। ये बात भी लैंग्वेज सेंसेस में बोली गई थी जो 1961 में हुआ था। ओके? सो दो लोगों के अगर सेम

202:27

Speaker A

फैमिली में भी रह रहे हैं तो भी उनकी मदद टंग डिफरेंट हो सकती है। मान लो एक इंटर रिलजन मैरिज है या एक इंटर व्हाटएवर इंटर लैंग्वेज मैरिज ही लगा लो। कोई तमिल है, कोई जो है आपका हिंदी नॉर्थ इंडियन से

202:39

Speaker A

शादी हो गई। तो उन दोनों लोग जो एक फैमिली है अब हस्बैंड वाइफ उनकी मदद टंग डिफरेंट है। ओके? तो सेम फैमिली में भी डिफरेंट मदर टंग हो सकती है। दिस इज़ अ पॉसिबिलिटी। क्लासिकल लैंग्वेजज़ जो बहुत पुराने टाइम

202:51

Speaker A

से जिनके लिए एक लिटरेचर मिल रहा है। हमें तीन-तीन यहां पे ऑप्शंस हैं हमारे पास। तीन ये कंडीशंस पूरी होंगी। उसको क्लासिकल लैंग्वेज बोला जाएगा। जिसमें जिस लैंग्वेज की एक हिस्ट्री हो रिटन लिटरेचर की जैसे संस्कृत है मान लो। ठीक है? या तमिल है

203:05

Speaker A

उसमें 1500 2000 साल पहले भी हमें चीजें मिल रही हैं। ठीक है? कोई एंशिएंट लिटरेचर या कोई बड़ी ऐप एक ऐसे लिखी गई हो उस लैंग्वेज में जो कि एक वैल्यूुएबल रिसोर्स की तरह काम करे। लैंग्वेज जो ओरिजिनल

203:17

Speaker A

लिटरेसी ट्रेडिशन हो किसी लैंग्वेज से बोरो ना की गई हो। सो ये तीन आस्पेक्ट हैं जिसके बेसिस पे हम क्लासिकल लैंग्वेज डिसाइड करते हैं। 11 क्लासिकल लैंग्वेज हैं। छह ये पहले से थी। 2004 5 8 2013 और 2014 में इंट्रोड्यूस हुई। अब 2024 में

203:33

Speaker A

मराठी, पाली, प्राकृत, आसामीज़ और बंगाली। ये पांच लैंग्वेजज़ जो है वो 204 में ऐड हुई। टोटल मिला के अब 11 क्लासिकल लैंग्वेजज़ हैं। ओके जी? ये पार्ट्स हैं हमारे इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन के। 1 2 3 4 5 ऐसे करके छह तक। फर्दर सातवां पार्ट

203:49

Speaker A

ओमिट आउट कर दिया। 18 पार्ट हैं ये। ठीक है? तो ये 18 नहीं भाई ज्यादा है। 20 22 ठीक है? 22 22 पार्ट्स दिखा रखे हैं हमने यहां ना। टोटल 18 होते हैं यूजली मैं देखती हूं जब ठीक है यहां मेंशन है तो गलत नहीं है यह

204:06

Speaker A

मैंने ठीक ही डाला है। ठीक है ओके देन आते हैं जी फंडामेंटल राइट्स मैं आपको बेसिक आईडिया दे रही हूं फंडामेंटल राइट हमने यूएस कॉन्स्टिट्यूशन से अडॉप्ट किए हैं। डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स हमने आइरिश कॉन्स्टिट्यूशन से अडॉप्ट किए हैं और आपका

204:18

Speaker A

फंडामेंटल ड्यूटीज हमने सोवियत कॉन्स्टिट्यूशन से अडॉप्ट किए हैं। इनफैक्ट हमारा जो कॉन्स्टिट्यूशन है कई बार उसको बैग ऑफ बोरोइंग्स भी बोलते हैं। यानी हमने सारे कहीं से अडॉप्ट कर करके सबकी अच्छी चीजें अपने कॉन्स्टिट्यूशन में डाल दी। ओके? तो ये सात फंडामेंटल राइट्स

204:31

Speaker A

हैं जिसके अंदर जिसके अंदर ये जो प्रॉपर्टी वाला राइट है ये ओमिट आउट कर दिया गया बाद में। ठीक है? सो राइट टू इक्वलिटी, फ्रीडम, अगेंस्ट एक्सप्लइटेशन, राइट टू फ्रीडम ऑफ़ रिलिजन, कल्चरल एंड एजुकेशनल राइट। सो ये सारे राइट हैं।

204:43

Speaker A

प्रॉपर्टी वाला राइट 44 कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट एक्ट के थ्रू डिलीट कर दिया गया। इसको लीगल राइट बना दिया गया 12वें पार्ट में डाल के। ओके? तो हमारे पास टेक्निकली अब छह ही फंडामेंटल राइट हैं। ये मैंने पूरे राइट्स डाल दिए हैं। जी।

204:55

Speaker A

एक-एक आर्टिकल जो बात करता है जैसे ये इक्वलिटी के हैं, फ्रीडम के हैं। देन आपका एक्सप्लइटेशन के अगेंस्ट हैं। देन राइट टू फ्रीडम ऑफ रिलीजन है। कल्चरल और एजुकेशनल राइट्स हैं। देन राइट्स टू कॉन्स्टिट्यूशनल रेमेडीज़ हैं। कुछ एक हैं

205:09

Speaker A

जो फंडामेंटल राइट्स जो सिटीज़ंस को अवेलेबल हैं। फॉरेनर्स को नहीं है। कुछ एक हैं जो सिटीज़ंस, फॉरेनर्स सबको अवेलेबल हैं। सिटीज़ंस। ठीक है? तो ये आर्टिकल्स मैंने यहां मेंशन कर दिए हैं। ये आपके डीपीएसपीस हैं डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स ऑफ

205:23

Speaker A

स्टेट पॉलिसीज। यानी स्टेट जब भी कोई पॉलिसी बनाएगा इन चीजों का ध्यान रखिएगा। जो आर्टिकल 45 में मेंशन था हमने उसको हटा के आर्टिकल 21 एस ए ए इंसर्ट कर दिया और उसके अंदर हमने ये चीज बोल दी कि भ छ से

205:37

Speaker A

14 साल के एजुकेशन का ध्यान रखो। ओके सो वो चीज थी। देन है आपका ओके ओके ओके ओके ये फंडा ये आपको याद रखने की जरूरत नहीं है बस बी आर अंबेडकर जो हैं वो नोवेल फीचर्स बोलते हैं इनको ठीक है ग्रनविले

205:53

Speaker A

ऑस्टिन जो है वो कॉन्शियंस ऑफ कॉन्स्टिट्यूशन बोलते हैं इनको जो सबसे लेटेस्ट अमेंडमेंट के थ्रू डीपीएसपी ऐड की गई दैट इज़ 43 बी यानी प्रमोशन ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ ओके तो 45 46 याद रखो 44 में यूसीसी है यूनिफॉर्म सिविल कोड फॉर

206:09

Speaker A

द सिटीजन देन देन ये फंडामेंटल राइट और डायरेक्टिव प्रिंसिपल में डिफरेंस मेंशन है। जी मैंने कर ही दिया यहां पे। अब मेजर तो यही है कि डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स जो हैं वो पॉजिटिव हैं। सारे अच्छे आस्पेक्ट में लिखे गए हैं। फंडामेंटल राइट्स

206:21

Speaker A

नेगेटिव है। वो प्रोहिबिट करते हैं कि सरकार ये नहीं करेगी, ये नहीं करेगी, ये शोषण नहीं होगा, ये नहीं होगा। जस्टिसिएबल है। आप सुप्रीम कोर्ट में डायरेक्ट जा सकते हो। अगर आपके फंडामेंटल राइट्स का वलेशन हो रहा है तो डायरेक्टिव

206:32

Speaker A

प्रिंसिपल्स के लिए आप नहीं जा सकते। ठीक है? जो फंडामेंटल राइट्स हैं वो पर्सनल और इंडिविजुअलिस्टिक आस्पेक्ट को प्रमोट कर रहे हैं। डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स सबकी बात कर रहे हैं तो सोसाइटेरियन और सोशलिस्ट आस्पेक्ट को फोकस कर रहे हैं। ये मेन-मेन

206:44

Speaker A

पॉइंट्स हैं। ओके? ये फंडामेंटल राइट्स हैं जी जो कि 1976 में सरदार स्वर्ण सिंह कमेटी ने रेकमेंडेशंस दी थी कि भ फंडामेंटल ड्यूटीज भी होनी चाहिए जब फंडामेंटल राइट्स हैं। सो ये 11 फंडामेंटल ड्यूटीज हैं। ये 10 फंडामेंटल ड्यूटीज जो

206:59

Speaker A

है वो 42 कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट एक्ट में ऐड की गई थी। और उसके बाद जो है बाकी ये जो लास्ट ड्यूटी है ये आपके 86 कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट एक्ट से हमने 2002 में ऐड की है। ओके? यही था बेसिक सारा का सारा। ये शेड्यूल्स हैं आखिरी

207:15

Speaker A

में। फर्स्ट शेड्यूल में सारी की सारी यूनियन, टेरिटरी, स्टेट सब मेंशन हैं। सेकंड शेड्यूल में आपके पास जो है वो ये प्रोविज़ंस, उनके अला एमॉरोमेंट्स और आपके अलाउंसेस, प्रिविलेजेस वो मेंशन हैं। थर्ड शेड्यूल ये आपको सारे शेड्यूल याद नहीं

207:30

Speaker A

रखने चकि एट्थ शेड्यूल में हमारे पास लैंग्वेजज़ हैं। रिकॉग्नाइज़्ड लैंग्वेजज़ 22 हैं टोटल। सो वो चीज़ इसलिए मैंने ये ऐड कर दिया। ठीक है? 11th और 12th शेड्यूल जो है वो डिसेंट्रलाइजेशन के लिए ऐड किए गए ताकि पावर एक जगह पे सिमट के ना रहे। पावर नीचे

207:45

Speaker A

तक जो है वो डिस्ट्रीब्यूट हो जाए। ओके? अब हम बात करेंगे क्वेश्चंस की। मम्मा कितनी देर हो गई हमें? कमर दुखने लग गई। मेरी गर्दन दुखने लग गई। ठीक है? अब हमारे 189 क्वेश्चंस हैं। जी। चंकि मैंने कांसेप्ट बहुत अच्छे से करवाया है। सो जो

208:01

Speaker A

चीज ऑलरेडी मैं कांसेप्ट में करवा चुकी हूं वो मैं यहां बहुत डिटेल में एक्सप्लेन नहीं करूंगी। ओके? कोई एक आधा क्वेश्चन होगा जो हमने कांसेप्ट में नहीं किया। सो फॉर श्योर हम यहां पे थोड़ी डिटेल उसकी डिस्कस करेंगे। ओके? सो पहला क्वेश्चन

208:14

Speaker A

आपके सामने है। जी। आप पढ़िए और बताइए मुझे एजुकेशनल फिलॉसोफीज़ दे रखी हैं। करिकुलम किसके ऊपर फोकस कर रहा है इन एजुकेशनल फिलॉसोफीज़ में वो चीज आपसे पूछी गई है। पेरिनियलिज्म हमें पता है एवरलास्टिंग है। प्रोग्रेसिविज़्म प्रोग्रेस की बात करती

208:27

Speaker A

है। एसेंशियलिज्म ट्रेडिशनल आस्पेक्ट की बात करती है। और रिकंस्ट्रक्शनिज़्म सोसाइटी में पर्टिकुलर अपॉर्चुनिटीज़ की बात करती है। इक्वलिटी की बात करती है। तो देखो ना रिकंस्ट्रक्शनिशनिज़्म में एग्जामिनेशन ऑफ़ सोशल इकोनॉमिक प्रॉब्लम्स एंड इक्वलिटी ऑफ़ एजुकेशनल अपॉर्चुनिटी। ठीक है? एसेंशियलिज्म जो है वो किसकी बात

208:46

Speaker A

करेगा? अच्छा ये कांस्टेंट करिकुलम पेरिनियलिज्म में आएगा। ठीक है? तो पहले का सेकंड देन डी का फर्स्ट ये रहा आंसर आपका। ठीक है? आंसर आपका क्या हो गया?

208:55

Speaker A

फोर्थ हो गया। जी। समझ आई ये चीज? बाकी सारी चीजें आपको समझ आ जानी चाहिए। देन पंचशील है, पंचकोष है, पंच महाभूताज़ हैं और पंच महाव्रत हैं। तो ये करवाए हैं मैंने आपको। पंच महाव्रत और आपका त्रिरतन ये तो हमने जैनिज्म में करे हैं। इतना भी

209:12

Speaker A

याद होता तो आंसर तो आपका यहीं से आ गया टेक्निकली। अगर आपको फिर भी नहीं आया तो पंचकोष हमने उपनिषद या योगा में किए ना सॉरी वेदांता में किए हैं। सो ये आपका फर्स्ट आ जाता। ये लो फर्स्ट। ठीक है?

209:24

Speaker A

यहां से अब पंचशील समझ आ गया कि अच्छा बुद्धिज्म की बात हो रही है और आपका ये पंच महाभूताज़ की बात हो रही है तो योगा योगा की बात हो रही है। ठीक है?

209:35

Speaker A

हु अम्स द फॉलोइंग कैन बी एसोसिएटेड विद द फंक्शनलिस्ट पर्सपेक्टिव फंक्शनलिज्म की बात की है मैंने सबसे ऊपर नाम आपको दो नाम दिए थे एमिल डरकीम और टेलकोट पार्सन ठीक है टैलकोट पार्सन ने एजिल की भी बात की थी

209:47

Speaker A

तो वो आ गए नाम दोनों के दोनों ठीक है दो स्टेटमेंट्स दी हुई हैं पाणिनि और चाणक्य ये यूनिवर्सिटीज से रिलेटेड है जो मैंने हायर एजुकेशन की जब क्लासेस ली हैं यानी आपकी जो 10थ मैराथन है पेपर वन के लिए

210:00

Speaker A

उसमें ये ये एक्स्ट्रा इनेशन आपको वहां से कवर हो जाएगी तो मैंने यहां दोबारा दोबारा से नहीं डालिए बिकॉज़ ऑब्वियसली यू विल प्रिपेयर फॉर पेपर वन। ओके? सो असरशन है पाणिनि और चाणक्य मोस्ट फेमस प्रोडक्ट हैं नालंदा यूनिवर्सिटी के। नालंदा हैज़

210:14

Speaker A

डिफाइंड प्रोसीजर ऑफ़ एडमिटिंग स्टूडेंट्स एंड हेड अ स्प्लैंडेड लाइब्रेरी। तो लाइब्रेरी तो बहुत अच्छी थी इनकी। सो ये पहला स्टेटमेंट गलत है जी। दूसरा सही है। ओके। पाणिनि और चाणक्य दोनों नालंदा से नहीं आते। चाणक्य तक्षशिला से आते हैं।

210:29

Speaker A

पाणिनि बताना मुझे। ठीक है? तो आप ये ये आपका होमवर्क रहेगा कि आप पाणिनि और चाणक्य का बताएंगे। मैंने शॉर्ट वीडियो में भी कई बार डाला हुआ है। तो आपको पता होगा इस्लामिक एजुकेशन में डिग्री अवार्डेड टू वन हु हैज़ द स्पेशल नॉलेज इन रिलीजन इज़

210:44

Speaker A

एंड टू दोज़ हु शोड एक्सीलेंस इन लॉजिक। सो जो रिलीजन में महारत हासिल कर रहे हैं और इसमें लॉजिक में तो वो दोनों क्या है? जी आलिम और फाजिल हैं। ठीक है? सो आलिम रिलीजन में आ गए और फाजिल जो है वो आपका

210:59

Speaker A

लॉजिक। क्योंकि जैसे-जैसे आप पोस्ट ग्रेजुएशन की तरफ जाओगे लॉजिक आएगा और उससे पहले रिलीजन पे ज्यादा फोकस था। व्हिच ऑफ द फॉलोविंग इज़ नॉट वन ऑफ द पंच महाव्रत? तो पांच महाव्रतों की बात हमने की थी। अहिंसा ब्रह्मचर्य योगासना सत्य

211:14

Speaker A

असत्य। तो देखो सत्य ब्रह्मचर्य अहिंसा ये तो थे। उसके अंदर योगासना नहीं था। जी। ओके। चलिए रोल ऑफ़ एजुकेशन है। पर्सपेक्टिव है। ट्रांसमिशन ऑफ़ सोसाइटी इज़ नोम एंड वैल्यू। जहां भी सोसाइटी की बात आ जाए वहां पे तो हम किस पे जा सकते हैं? हम

211:31

Speaker A

मार्क्सिज्म पे जा सकते हैं। पर यहां पे ऑप्शन में ही नहीं है। मार्क्सिज्म तो कुछ और मिलेगा। तो देखो देखो टू ट्रांसमिट द जनरल रूलिंग क्लास आइडियोलॉजी। अच्छा ओके अह टू फ़स्टर ओवरऑल डेवलपमेंट एंड टू डेवलप टैलेंट्स टू द फुल फुलेस्ट। ठीक है? देन

211:47

Speaker A

है यूनिफॉर्म स्टेट एजुकेशन वुड नॉट प्रोवाइड एवरीवन विद इक्वल चांस। सो क्या रहेगा इसका आंसर? बताइए। लिबरलिज्म की बात हो रही है तो आप ओवरऑल पर्सपेक्टिव पर तो यही बात करेंगे। बी का आना चाहिए। फोर्थ आंसर आपका फोर आएगा क्या? फोर आएगा। देखो

212:04

Speaker A

एक से ही आपका सॉल्व हो गया। ठीक है? तो यहां से समझ आ गया कि भ ये तो ट्रांसमिशन की जो बात हो रही है ये फंक्शनलिस्ट पर्सपेक्टिव हो गया। फोस्टर की बात हो रही है। लिबरल पर्सपेक्टिव हो गया। रूलिंग

212:14

Speaker A

क्लास जनरल रूलिंग क्लास आइडियोलॉजी की बात हो रही है। उसको ट्रांसमिट करना। तो रूलिंग क्लास आईडियोलॉजी की बात मारक्सिज्म ने की है। यूनिफॉर्म स्टेट एजुकेशन जो है वो आपको प्रोवाइड नहीं करेगी इक्वल चांसेस। तो यानी कल्चरल डेप्रिवेशन भी आपको देखने को मिलेगा। ठीक

212:29

Speaker A

है? फोनिक्स फार्म और टॉलस्टॉय फार्म आएगा भाई ये एफ ए आर एम। ठीक है? तो टॉलस्टॉय तो याद ही है। फ़िक्स मैंने आज बता भी दिया। सो एम के गांधी आपका आंसर हो जाएगा। देखते ही होने चाहिए। आपने जितना कांसेप्ट

212:42

Speaker A

मैंने बताया अगर याद हो गए हो तो देखते ही आंसर आना चाहिए। ओके? वैदिक स्टडी सेंटर्स घटिकास वर लोकेटेड ऑल ओवर द नॉर्थ इंडिया नहीं घटिकास जो है वो साउथ इंडिया में देखने को मिलते हैं। ये बात हम अ बात करते

212:54

Speaker A

हैं जब हायर एजुकेशन में बात करते हैं। नालंदा एक बुद्धिस्ट सेंटर ऑफ़ लर्निंग है। नालंदा रिसीव्ड द रॉयल पैटर्ननेज़ ऑफ़ हिंदू गुप्त किंग एज़ वेल ऐज़ बुद्धिस्ट किंग दोनों से मिली है। उपनयन फॉर वुमेन हेल्ड एट सेम ऐज। देखो कहीं मेंशन नहीं है बट

213:09

Speaker A

उपनयन सेम। मैन और वुमेन में उस टाइम पे फर्क नहीं बताया गया है। तो हम बोल सकते हैं सेम टाइम पे ही होएगा। ओके? हमने ब्राह्मण, वैश्य, क्षत्रिय इनके अलग-अलग टाइम पे देखे हैं उपनयन संस्कार। लेकिन मैन और वुमेन में कोई डिफरेंशिएशन नहीं

213:24

Speaker A

है। द लर्न द डैश ऑफ़ लर्निंग इन वैदिक एजुकेशन इज़ डिमार्केटेड एज। ओके? नॉलेज ऑफ़ लर्निंग या व्हाटएवर। ओके? श्रवण, मनन, अपरिग्रह और असत्यम। तो कौन सा इसमें सही रहेगा? पहला तो फॉर श्योर गलत है। अगर पहला गलत है तो आंसर मेरा बी, सी, डी आ

213:39

Speaker A

गया। ठीक है? चलिए अरेंज द फॉलोवंग फाइव शीत। तो ऑफ कॉन्शियसनेस। तो हमने पांच शीत की बात की थी। प्राण माया, आनंद माया, अन्न माया, विजन माया, मनोमाया तो अन्न माया सबसे पहले था। ठीक है? क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर में

213:54

Speaker A

लगाना है। सो या तो सी सबसे पहले आएगा या लास्ट में आएगा। लास्ट में इन्होंने कहीं दे नहीं रखा है तो सबसे पहले आएगा। तो देखो सी। ठीक है? अन्न माया कोष फिजिकल शीत। ठीक है? अन्न के बाद क्या आएगा? सबसे

214:06

Speaker A

अंदर आनंद आएगा तो सबसे लास्ट में बी आएगा। तो सबसे लास्ट में बी आएगा। यहीं से सॉल्व हो गया क्वेश्चन। ऐसे क्वेश्चन सॉल्व देखो नॉलेज मैं आपको ऑलरेडी दे चुकी हूं। आपको क्वेश्चंस के आंसर्स आते होंगे। आप खुद सॉल्व कर लोगे। बट किस-किस तरीके

214:19

Speaker A

से सॉल्व किया जा सकता है वो आईडिया अब आपको क्वेश्चन सॉल्विंग में होगा। ओके? तो ये बात ध्यान रखिए कि आपको क्वेश्चंस तो अब आते हैं। मैं पढ़ के सॉल्व करके बताऊं वो नहीं है। अब मैं एक अलग तरीका कैसे

214:30

Speaker A

सिखा सकती हूं आपको वो यहां पे काम करेगा। ओके? कि आप कैसे सॉल्व कर सकते हो कि भ मेरे को बेयर मिनिमम इनेशन याद है तो मैं कैसे सॉल्व करूं। ठीक है? ये जून 2025 के क्वेश्चंस आ गए जी। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग

214:42

Speaker A

स्टेटमेंट इज़ नॉट ट्रू अबाउट आइडियलिज़्म? तो इन द स्कीम ऑफ़ करिकुलम आइडियलिज़्म इज़ नॉट प्रिपयर्ड टू गिव एनी पर्टिकुलर प्रेफरेंस टू एनी सब्जेक्ट? आइडियलिज़्म हैज़ टॉक्ड मोर ऑफ़ ऑब्जेक्टिव्स एंड एम्स ऑफ़ एजुकेशन लेस अबाउट डिवाइसेस मेथड्स एंड ऑर्गेनाइज़ेशंस। सब्जेक्ट्स व्हिच हैव अ

214:57

Speaker A

फ्लेवर ऑफ़ पर्सनल ग्रेटनेस आर ग्रेटली एम्फसाइज़्ड बाय आइडियलिज़्म। आइडियलिज्म पे मच अटेंशन टू द प्रेजेंट एक्सपीरियंस ऑफ़ चाइल्ड इन इट्स अप्रोच टू द प्रॉब्लम ऑफ करिकुलम। सो नॉट ट्रू पूछा है। यानी तीन चीजें आपको आइडियलिज्म के अराउंड रिवॉल्व

215:12

Speaker A

करती हुई नजर आएंगी। एक चीज थोड़ी सी अलग नजर आएगी। ओके? तो स्कीम ऑफ़ करिकुलम में इट इज़ नॉट प्रिपयर्ड टू गिव एनी पर्टिकुलर प्रेफरेंस टू एनी सब्जेक्ट। ये कुछ सब्जेक्ट्स को प्रेफरेंस देते हैं वैसे बट ओवरऑल जो बेसिक पहले से चीजें चली आ रही

215:26

Speaker A

हैं वही सब्जेक्ट्स रहेंगे। ओके? आंसर क्या होएगा? इसका फोर्थ होएगा। बिकॉज़ एक्सपीरियंस की बात आ गई, प्रॉब्लम की बात आ गई तो अप्रोच टू द प्रॉब्लम ऑफ़ करिकुलम, चाइल्ड सेंटर्ड अप्रोच, एक्सपीरियंस वो सारी चीजें हम आइडियलिज्म में बात नहीं

215:40

Speaker A

करते हैं। ओके? तो दिस इज़ नॉट ट्रू। बाकी सारी चीजें ट्रू हो जाएंगी कि इट इज़ नॉट प्रिपयर्ड टू गिव एनी पर्टिकुलर प्रेफरेंस। किसी एक को प्रेफरेंस नहीं दे रहे। बट जो बेसिक चीजें चली आ रही हैं वो

215:50

Speaker A

आ रही हैं। एम्स ऑब्जेक्टिव्स पे ज्यादा फोकस है। हमने डिवाइड देखो यहां से आपको आइडियलिज्म की एडिशनल इनेशन मिल गई। जो अगर आप चाहो तो अपने नोट्स में ऐड कर सकते हो। ठीक है? ठीक है कि भ आइडियलिज्म

216:00

Speaker A

ऑब्जेक्टिव्स और एम्स के बारे में ज्यादा बात करता है। डिवाइसेस मेथड ऑर्गेनाइजेशन की कम बात करता है। सब्जेक्ट्स जिनमें व्हिच हैव अ फ्लेवर ऑफ़ पर्सनल ग्रेटनेस वो ज्यादा एफसाइज किए जाते हैं। क्योंकि जैसे एम के गांधी वो वो लोग उनको ज्यादा

216:13

Speaker A

आइडियाज को ज्यादा प्रमोट किया जाता है। ओके? व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग एजुकेशनल थिंकर एफसाइज़्ड ऑन केयर एथिक्स? केयर नेल नोडिंग्स एंड केयर गोज़ हैंड इन हैंड। ठीक है? ये तो सोचने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए कि पावलो फ्रायरे में क्रिटिकल

216:27

Speaker A

पेडागोजी वालस्टन में वुमेन पे फोकस है। नेलन नोडिंग्स केयर पे फोकस करते हैं। तो केयर एथिक्स मतलब नेलन नोडिंग्स। ओके?

216:34

Speaker A

अरेंज द फॉलोविंग फोर पोजीशंस ऑफ़ सोल फ्रॉम फर्स्ट टू फोर्थ। ये नई इनेशन है आपके लिए। सोल के चार पोजीशंस बता रखे हैं। जागृत, तुरिया, स्वप्न और प्रज्ञा। तो ये एडिशनल इनेशन है जो हम बात करेंगे। आंसर आपका फोर्थ रहेगा। सबसे पहले जागृत

216:51

Speaker A

यानी वॉकिंग स्टेट यानी हम अवेयर हैं इसमें। ठीक है? स्वप्न ड्रीम स्टेट। हम कुछ ड्रीम लाइक सिनेरियोस सोते टाइम एक्सपीरियंस कर रहे हैं। प्रज्ञा हाईएस्ट स्टेट ऑफ़ कॉन्शियसनेस जिसमें इंट्यूशन, इंसाइट, विज़डम वो चीजें आती हैं। ओके?

217:07

Speaker A

तुरैया अल्टीमेट स्टेट ऑफ़ कॉन्शियसनेस। ठीक है? सो बिय्ड इसमें वॉकिंग, ड्रीमिंग, डीप स्लीप कोई फर्क नहीं पड़ता। आपको सारी चीजें पता है। आप अल्टीमेट स्टेट में जा चुके हो। ओके? तुरिया। तो जागृत स्वप्न, प्रज्ञा और तुरिया ये ये सीक्वेंस आप याद

217:22

Speaker A

रखेंगे। ओके जी। नेक्स्ट क्वेश्चन है धारणा, प्रत्याहार, ध्यान और समाधि जो हम ऑलरेडी कर चुके हैं। एट फोल्ड योगा के जो एट फोल्ड पाथ थे उसमें हमने किया था अष्टांग योग। ठीक है? सो समाधि सबसे लास्ट था जिसमें सब कुछ हो जाता है। ठीक है? सो,

217:37

Speaker A

अब देखते हैं कि कैसे हम इस क्वेश्चन को सॉल्व कर सकते हैं। मुझे नहीं याद है कि क्या चीज़ क्योंकि चीजें भी तो नहीं आएंगी ना। ठीक है? टू कट द रिलेशनशिप ऑफ़ वेरियस सेंस ऑर्गन्स फ्रॉम द रिस्पेक्टिव

217:47

Speaker A

सब्जेक्ट्स टू अप्लाई द माइंड टू सम इंटरनल सब्जेक्ट। ध्यान बिकम्स स्टेबल इन धेय एंड टू कंसंट्रेट अटेंशन ऑन अ पर्टिकुलर सब्जेक्ट ऑफ़ माइंड। देखो मुझे जितना ध्यान आ रहा है मुझे ये ध्यान आ रहा है कि मैंने आपको दो-तीन बार बोल के बताया

218:01

Speaker A

था। तो मैंने कहा था कि यम नियम वहां से हम शुरू कर रहे थे। सो ध्या धारणा ध्यान समाधि। सो प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि। ये सीक्वेंस थी। यानी समाधि सबसे लास्ट है। धारणा, ध्यान और समाधि में हम किसी ना

218:17

Speaker A

किसी चीज पे तो फोकस कर रहे हैं। धारणा में हमने फोकस किया था। ध्यान में हमारा फोकस एक पर्टिकुलर सब्जेक्ट पे था और जो अच्छे से आ गया था हमें और समाधि में तो सब कुछ ही हो गया था। आपको डीपली मेडिटेशन

218:28

Speaker A

आ गया था। ओके? तो ये देखो ये जो तीन स्टेटमेंट्स हैं टू अप्लाई द माइंड ऑन सम इंटरनल सब्जेक्ट। ध्यान बिकम स्टेबल इन धेय और कंसंट्रेशन कंसंट्रेट अटेंशन ऑन अ पर्टिकुलर सब्जेक्ट ऑफ़ माइंड। ठीक है? सो मुझे यहां से ये समझ आ रहा है कि धारणा

218:43

Speaker A

में क्या जाएगा बताओ हम ए वाला पार्ट है ना हमारा धारणा में जाएगा जी कि आप जो है एक इंटरनल सब्जेक्ट पे माइंड को अप्लाई कर रहे हो ठीक है ध्यान में जाएगा कि अब आपको कंसंट्रेशन आ गई है तो टू कंसंट्रेट

218:59

Speaker A

अटेंशन ऑन अ पर्टिकुलर सब्जेक्ट ऑफ माइंड ठीक है और समाधि में ध्यान जो है वो स्टेबल हो गया है ओके अगर मुझे इतना भी आईडिया हो जाए कि समाधि में ध्यान स्टेबल हो गया है तो ध्यान के बाद ही है ना समाधि

219:12

Speaker A

तो तो यहां पे जब ध्यान ही स्टेबल हो गया है तो समाधि में आ गए हो तो ऑप्शन थर्ड तो सिर्फ थर्ड से भी सॉल्व हो रहा है आपका आंसर तो ओके प्रत्याहार में फिर ये बच गया टूक एट द रिलेशनशिप ऑफ वेरियस सेंस

219:24

Speaker A

ऑर्गन्स फ्रॉम द रिस्पेक्टिव सब्जेक्ट्स यानी टर्निंग इनवर्ड वाली चीज आ गई ओके आंसर आपका थर्ड आ गया ठीक है सो ये देखो यम नियम देन आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि और समाधि में भी कॉन्शियस समाधि जो है वो वो भी होती है और

219:41

Speaker A

एक सुप्राकॉन्शियस भी होती है। तो ये आपका समप्रजनत और आपका असम प्रजननत्व। ठीक है?

219:46

Speaker A

तो ये हाईएस्ट फॉर्म होती है समाधि की सुप्राक कॉन्शियस समाधि। ओके? तो पहली फाइव स्टेजेस योगा वो एक्सटर्नल मींस पे काम कर रही है और लास्ट थ्री इंटरनल मींस पे काम कर रही हैं। ये तो हमने किया था

219:57

Speaker A

डिस्कस। ओके? देन है जी रविंद्र नाथ टैगोर, श्री अरविंदो, एम के गांधी, स्वामी विवेकानंद। तो ऐसा तो कोई नाम नहीं है जो आपको दिखना सुना ना हो। राइट? देन है। अब हम देखते हैं कि कौन सा किस पे फोकस करता

220:09

Speaker A

है। क्योंकि एग्जैक्ट चीजें जो हमने पढ़ी वो नहीं आएंगी। हमें एनालाइज करना पड़ेगा। ओके? दिस एजुकेशन ऑ टू बी फॉर देम अ काइंड ऑफ़ इंश्योरेंस अगेंस्ट अनइंप्लॉयमेंट। यू कैन नॉट टीच अ चाइल्ड एनी मोर देन यू कैन ग्रो अ प्लांट। द प्लांट डेवलप्स इट्स ओन

220:23

Speaker A

नेचर। तो खुद डेवलप होंगी। खुद होंगी चीजें। हर एक चाइल्ड एक इंक्वायरर, इन्वेस्टिगेटर, एनालाइजर है अपने आप में। ट ट्रू एजुकेशन कंसिस्ट इन नोइंग द यूज़ ऑफ़ एनी यूज़फुल मटेरियल दैट हैज़ बीन कलेक्टेड टू नो इट्स रियल नेचर एंड टू बिल्ड अलोंग

220:41

Speaker A

विद लाइफ अ रियल शेल्टर फॉर लाइफ। देखो अभी तो ये तो दिमाग के ऊपर से जा रही हैं। अब हम सॉल्व कैसे करेंगे इसको? हम सॉल्व करेंगे कि मुझे इतना आईडिया है कि गांधी जी जो हैं उन्होंने अनइंप्लॉयमेंट के

220:54

Speaker A

अगेंस्ट जो है एजुकेशन को बोला था कि एजुकेशन एक क्राफ्ट बेस्ड एजुकेशन हो जो अनइंप्लॉयमेंट पे भी काम कर जाए। ओके? सो दिस एजुकेशन ऑड टू बी फॉर देम अ काइंड ऑफ़ इंश्योरेंस अगेंस्ट अनइंप्लॉयमेंट। ये स्टेटमेंट साउंड कर रही है कि एमके गांधी

221:08

Speaker A

पे जा सकती है। अब मैं एक बार देखती हूं कि अच्छा फर्स्ट वाले ऑप्शन में ये देखो पहले का थर्ड। अब क्या बाकी ऑप्शंस अलाइन हो रहे हैं? क्योंकि मुझे अभी भी नहीं पता सही और गलत। तो बट क्या अलाइन हो रहे हैं

221:21

Speaker A

उनकी थ्योरिटी उनकी थिंकिंग के साथ वो हमें देखना है। ये बोल रहे हैं कि ये फोर्थ आएगा स्वामी विवेकानंद वाला। यू कैन नॉट टीच अ चाइल्ड एनी मोर देन यू कैन ग्रो अ प्लांट। सो प्लांट डेवलप्स इट्स ओन नेचर

221:33

Speaker A

तो वो अपने आप डेवलप होगा। ओके? देन ये एव्री चाइल्ड इज़ अ इंक्वायरर। ये बात कौन बोल रहा है? श्रीो बोल रहे हैं। तभी हम इंटीग्रल एजुकेशन की बात करेंगे। ट्रू एजुकेशन जो है वो ये जानने में है कि यूज़

221:45

Speaker A

ऑफ़ एनी यूज़फुल मटेरियल जिसको आप कलेक्ट करो टू नो इट्स रियल नेचर। सो ये आपका अलोंग विद रियल अलोंग विद लाइफ अ रियल शेल्टर फॉर लाइफ। रविंद्र नाथ टैगोर साउंड तो ठीक कर रही है सारी की सारी चीजें।

221:58

Speaker A

आंसर आपका सेकंड आ जाएगा। राइट? कई बार आपको नहीं पता होता क्या पूछ रखा है। कोई ऐसे एग्जैक्ट स्टेटमेंट्स भी नहीं है जो आप रट्टे मारोगे। राइट? बट किसी-किसी की बेसिक फिलॉसफीज़ तो है ना कि गांधीवाली अनइंप्लॉयमेंट वाली बात से सॉल्व हो गया

222:12

Speaker A

क्वेश्चन। ओके? चूज़ द करेक्ट स्टेटमेंट। फॉर्मल सिस्टम ऑफ़ स्कूलिंग इज़ बेस्ड ऑन द फिलॉसफीज़ ऑफ़ आइडियलिज़्म एंड रियलिज़्म। स्कूल्स फॉर्मल सोशल सिस्टम हैज़ हायरार्की ऑफ़ पोजीशंस अलोंग वि पीपल आर असाइन डिफरेंट रोल्स। रियलिज्म डज़ंट रेकमेंड द डेफिनेट करिकुलम। इनफॉर्मल एंड नॉन फॉर्मल

222:32

Speaker A

एजुकेशन हैव देयर रूट्स इन प्रोग्रेसिव फिलॉसफी ऑफ़ एजुकेशन। आइडियलिज़्म बिलीव्स दैट नॉलेज कैन बी ऑब्टेंड विदाउट द हेल्प ऑफ़ टीचर। कब बोला आइडियलिज्म ने? ये तो फॉर श्योर गलत हो गया। आइडियलिज्म ने ऐसा कुछ नहीं बोला है। आइडियलिज्म तो टीचर को

222:48

Speaker A

सर्वोपरि मान रहा है। ठीक है? टीचर ही आप में नॉलेज इंपार्ट करेगा। ये बात हमने पढ़ी है। सो ई अगर गलत हो गया तो ये दो ऑप्शन तो गलत हो गए। अब बचा ए बी डी और ए सी डी। यानी ए और डी तो ठीक है। क्या समझ

223:01

Speaker A

आया कि फॉर्मल सिस्टम जो है स्कूलिंग का वो आइडियलिज्म रियलिज्म पे बेस्ड है। और डी क्या है? इनफॉर्मल वाला नॉन फॉर्मल वाला प्रोग्रेसिविज़्म की फिलॉसोफी पे बेस्ड है। अब दो चीजें बच गई बी और डी। एक बोल रहा है कि रियलिज्म डजंट रेकमेंड द

223:15

Speaker A

डेफिनेट करिकुलम। और दूसरा बोल रहा है कि स्कूल का जो फॉर्मल सोशल सिस्टम है उसमें हायरार्की ऑफ़ पोजीशंस हैं अलोंग व्हिच पीपल आर असाइन डिफरेंट रोल्स। रियलिज्म करता है रेकमेंड डेफिनेट करिकुलम। डेफिनेट करिकुलम तो प्रगमेटिज़्म नहीं करता। रियलिज़्म तो करता ही है।

223:35

Speaker A

ठीक है? सो डज़ंट रेकमेंड नहीं रेकमेंड्स। तो सी गलत हो गया ना? ए बी डी आ गया। ठीक बोला ना? हां। रियलिज्म तो करता है। प्रगमेटिज्म नहीं करता। नेचुरलिज्म भी नहीं करता कोई पर्टिकुलर फिक्स्ड करिकुलम। बट जब आइडियलिज्म रियलिज्म पे अगर फॉर्मल

223:48

Speaker A

सिस्टम बेस्ड है और फॉर्मल सिस्टम में हम जो करिकुलम देख रहे हैं वो डेफिनेट है। समझ रहे हो? कैसे रिलेट करना है? ओके? सो आंसर आपका ए, बी और डी आ जाएगा। ठीक है?

223:59

Speaker A

व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग इज़ नॉट रिलेटेड टू सोरेन किटगार्ड? सोरेन किटगार्ड हम एकिस्टेंशियलिज्म में पढ़ते हैं। ठीक है?

224:05

Speaker A

ये क्वेश्चन टेक्निकली ड्रॉप्ड है। ठीक है? तो यानी कुछ ना कुछ स्टेटमेंट गड़बड़ हुई होगी जिस वजह से शायद ये ड्रॉप किया गया हो। नॉट रिलेटेड तो कौन सी सही नहीं है। ठीक है? तो देखो टेक्निकली इसमें बहुत

224:18

Speaker A

सारी सही हैं। ठीक है? जैसे एग्जिस्टेंशियल सेल्फ एक्सपीरियंस इज़ नेसेसरी। तो आप फ्रीडम देते हो तो वो भी आ जाता है। तो ये भी ठीक ही लग रही है। नॉट रिलेटेड क्यों है? रिलेटेड तो है। ठीक है?

224:29

Speaker A

देन आइडिया सेंटर्ड है। एंटायर यूनिवर्स इज़ ओनली एन आइडिया। ये तो आइडियलिज्म वाली चीज़ आ गई। तो बी तो हो सकता है ना भी हो। ठीक है? एग्ज़िस्टेंस ऑफ़ इंडिविजुअलिटी इज़ रिलायबल एंड इट कम्स प्रायर टू थिंकिंग। एग्ज़िस्टेंस पहले आती है। बोल सकते हैं

224:44

Speaker A

हम। ठीक है? एसेंस बाद में आती है तो सी भी ठीक लग रहा है। ठीक है? तो आंसर सिर्फ बी तो नहीं हो सकता ना? बट हमारे और बी बी और ई भी ई भी सब में है। सो ये क्वेश्चन

224:55

Speaker A

ड्रॉप्ड था। तो हम सब्जेक्टिविटी की भी बात करते हैं। हम हम ऑब्जेक्टिविटी की भी बात करते हैं। हम मिक्स्ड बात करते हैं। फ्रीडम की भी बात करते हैं। तो वो आपको आईडिया हो बस। बट ये क्वेश्चन ड्रॉप्ड था।

225:05

Speaker A

व्हिच ऑफ द फॉलोवंग स्टेटमेंट्स इज ट्रू अबाउट सांख्य फिलॉसफी? सो गया इज मैटर और प्रकृति व्यक्त इज कॉन्सिक्वेंस ऑफ़ कार्य कर्म कार्यकारण। ठीक है? अव्यक्त इज़ पुरुष और सांख्य एज़र्ट्स दैट एकज़िस्टेंस ऑफ़ गॉड कैन बी प्रूव्ड। तो आपसे सच वाली चीज़ पूछी

225:24

Speaker A

है। ट्रू आपका सेकंड आएगा। ठीक है? यहां से अब आपको एक्स्ट्रा नॉलेज मिलेगी कि गया का मतलब मैटर नहीं होता। नॉलेज होता है अव्यक्त जिसको नहीं व्यक्त किया गया हो अनमैनिफेस्टेड अनडवलप्ड चीज़ ठीक है तो वो यहां पे अव्यक्त रेफर्स टू अनमैनिफेस्ट

225:40

Speaker A

स्टेट ऑफ़ प्रकृति ओके सो ट्रू पूछा था ये भी गलत हो गया सांख्य एक ड्यूलिक फिलॉसफी है दो फंडामेंटल रियलिटीज़ है पुरुष और प्रकृति तो वो डज़ंट पोइज़ द एकज़िस्टेंस ऑफ़ गॉड। तो वो गॉड की तो एकज़िस्टेंस को मान ही नहीं

225:54

Speaker A

रहे हैं। ऐसा कुछ बोला ही नहीं है उन्होंने। तो वो प्रूव क्या करेंगे? राइट?

225:57

Speaker A

तो ये गलत हो गया। अव्यक्त इज पुरुष नहीं अव्यक्त इज प्रकृति ठीक है और गया इज मैटर और प्रकृति नहीं गया इज नॉलेज तो ये भी गलत हो गया ये ठीक है बस व्यक्त मतलब जो कॉन्सिक्वेंस है कार्यकारण का वो आपका

226:11

Speaker A

व्यक्त है जो आ गया है सामने दिख गया है दिसंबर 2024 के क्वेश्चन शुरू हो रहे हैं जी 1848 में सावित्रीबाई फुले अलोंग विद हर हस्बैंड ज्योतिबा फुले एंड फातिमा शेख आई एम रियली सॉरी कई बार ऐसे होता है इसके

226:27

Speaker A

बाद कहीं आवाज ना खराब हो जाए यहां पे साउंड सिस्टम में या ऐसे हो जाए कुछ ओके तो उन्होंने एक स्कूल ओपन किया स्कूल का नाम बताओ ओके जुबिदा स्कूल बाल गंधर्व विद्यालय फुले शिक्षण मंदिर और पुणे विद्यापीठ तो देखो टेक्निकली एज सच हमने

226:43

Speaker A

कुछ डिटेल में जाके देखेंगे सो हमें नहीं पता चलेगा कि क्या था क्या नहीं था क्योंकि हो सकता है हमने पढ़ा भी ना हो बट जो सबसे सटीक बैठ रहा है वो फुले शिक्षण मंदिर है उसी के साथ जाएंगे ऑलदो कहीं ऐसा

226:55

Speaker A

नाम मेंशन नहीं है क्योंकि भीड़ेवाड़ा में ये स्कूल ओपन ओपन हुआ था। तो कहीं नाम मेंशन नहीं है इसका। बट यहां पे ऑफिशियली एक क्वेश्चन मेंशन कर दिया। तो अब आप याद रख सकते हो कि इन्होंने जो स्कूल खोला था

227:06

Speaker A

वो भू ये फुले शिक्षण मंदिर था। सावित्रीबाई इंडिया की फर्स्ट फीमेल टीचर हैं। फातिमा शेख चाहे सेकंड फीमेल टीचर बोल लो चाहे इंडिया की फर्स्ट मुस्लिम वुमेन टीचर बोल लो। तो इन्होंने साथ में मिलके जो है वो स्कूल खोला था तीनों ने

227:20

Speaker A

मिलके। तात्या साहिब के भीड़ भीड़े नाम की जगह भीड़ेवाड़ा रेजिडेंस में। ओके? सो वो चीज आपको पता होनी चाहिए इनेशन। नालंदा यूनिवर्सिटी वाज़ फर्स्ट एस्टैब्लिश्ड ड्यूरिंग गुप्ता रिजीम। इट वाज़ अ नोन डैश सेंटर ऑफ़ लर्निंग। अभी-अभी ऊपर आया था कि

227:35

Speaker A

ये बुद्धिस्ट सेंटर है लर्निंग का। तो वो तो ठीक था। बुद्धिस्ट सेंटर है। ओके?

227:40

Speaker A

पीवाईक्यू से ही याद हो गई हमें चीज़। स्वामी विवेकानंद का पूछा है। उनकी जो फेमस स्पीच है शिकागो में उन्होंने कॉनसेप्चुअलाइज़ किया यूनिवर्सल एक्सेप्टेंस को। ओके? व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग स्टेटमेंट एनकैप्चुलेट हिज़ फिलॉसफी अबाउट रिलीजन एंड ह्यूमन? तो उन्होंने बोला था

227:55

Speaker A

कि सारे रिलीजन तो सिर्फ पाथ है वहां तक जाने का। ठीक है? आपको रिलीजियस डोगमा से ऊपर उठ के चीजों को रियलाइज करना चाहिए। अवेयर होना चाहिए। तो ये स्टेटमेंट भी ठीक है। ठीक है?

228:07

Speaker A

सेकंड ऑप्शन आ गया। अर्थपति, अभाव, उपमान और शब्द किसका क्या मतलब है? ठीक है? सो ये वो ये ये मतलब आपको स्पेसिफिकली तो समझ आता है लॉजिकल रीजनिंग से। जहां पे ये जो छह सोर्सेज की हमने अभी बात की थी ना कि

228:22

Speaker A

फलाना जो है फिलॉसफी चार सोर्सेस को मान रही है। वैलिड सोर्स ऑफ नॉलेज फलानी छह को मान रही है। सो वो चीजें जो हमने बात की थी उसमें इनका मतलब पूछ लिया अब। तो अभाव मतलब कमी। ठीक है? अभाव में हमने कहा था

228:34

Speaker A

चेयर इज़ नॉट अ टेबल। ऑब्वियसली ना टेबल चेयर है ना चेयर टेबल है। ओके? देन बाकी और क्या चीजें हो सकती हैं? कॉनशियल इज नॉट अ बोर्न अकॉर्डिंग टू वेदास। तो देखो वेदों ने बोली है ये बात। यानी ये शब्द हो

228:46

Speaker A

गए। ओके? तो ये शब्द हो गए कि उनकी वेदों का वेद वेद एक शब्द होता है ना वर्बल टेस्टिमनी दे रहे हैं वेद तो उनकी बात तो हमें माननी पड़ेगी ऐसा ब्रह्मा ने कुछ बोला है वेद ने कुछ बोला है वो चीजें मान

228:58

Speaker A

रहे हैं हम ओके देन है जी अ ओके इसका ऑप्शंस कहां है ये रहे ऑप्शंस तो डी का फर्स्ट डी का फर्स्ट यहां से समझ तो आ रहा है कि अभाव मतलब कमी दैट चेयर इज़ नॉट अ टेबल

229:11

Speaker A

टेबल इज़ नॉट अ चेयर ओके तो ये यहां सेकंड जा सकता है बट एक बार के लिए रुकते हैं बाकी ऑप्शंस भी देख लेते हैं। ही डजंट ईट इन डे टाइम ही इज़ फैट ही ईट्स इन नाइट। ये

229:22

Speaker A

आपने खुद से ही अनुपलब्ध होता है ना अर्थपति वाली चीज में चला गया ये कि आपने ये खुद से ही मान लिया कि अगर वो दिन में नहीं खा रहा तो आपने अस्यूम कर लिया तो अर्थपति में अजमशन होता है कि वो मोटा तो

229:34

Speaker A

है ही। दिन में वो खाते हुए देखा नहीं तो रात में ही खाता होगा। तो वो चीज जो है वो अनुप इसमें अर्थपति में चली गई। ओके? देन दिस काऊ इज़ डिफरेंट फ्रॉम डोमेस्टिक काऊ मस्ट बी अ नीलगा। तो आपने कंपेयर किया है

229:46

Speaker A

काऊ और डोमेस्टिक काऊ और नीलगाय को तो ये उपमान हो गया कंपैरिजन हो गया बस फिर तो ये अभाव हो गया ये भी ठीक है और ये भी ठीक है तो यानी कि आपका ऑप्शन नंबर चार ठीक है

229:55

Speaker A

ठीक है तो वैलिड हो जाती है चीजें वैलिडेशन भी मिल जाती है आपको व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग वैल्यू इज़ मेंशेंड इन द प्रिएबल ऑफ़ कॉन्स्टिट्यूशन सो प्रएमबल में सेकुलरिज्म मेंशन है हमने बात की थी ठीक है तो डेमोक्रेट अच्छा एक बात बताना

230:08

Speaker A

इंडिया को मैं बता देती हूं चलो सोशलिस्ट सोशलिस्ट सेुलर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ये वर्ड्स हैं कॉन्स्टिट्यूशन में मेंशन सोवरन एनआई सोवनिटी ठीक है तो सोवरन सोशलिस्ट सेकुलर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक हैं हम। सो ये चारप वर्ड जो हैं ये आपको याद होने

230:38

Speaker A

चाहिए। तो सेकुलरिज्म मेंशन है भाई आपके प्रिएबल में। एक बार प्रएमबल खोल के पढ़ लेना कि प्रियमबल में क्या-क्या चीजें हैं। अरेंज द फॉलोवंग स्टेप्स ऑफ इनफेंस एज प्रोपाउंडेड बाय न्याय स्कूल ऑफ इंडियन फिलॉसफी। सो हमें अरे वो अरेंज की बजाय

230:51

Speaker A

हमें क्या करना है? इनफरेंस एज प्रोपाउंडेड बाय न्याय स्कूल ऑफ़ फिलॉसोफी। अच्छा ओके। सो इनफरेंस मतलब आप जब कंक्लूजन निकालते हो, अनुमान लगाते हो किसी चीज का तो किस किस पोजीशन पे लगाते हो? ठीक है? सो आप पहले रीजनिंग करते हो,

231:05

Speaker A

प्रपज़िशन देखते हो, एग्जांपल देखते हो, एप्लीकेशन देखते हो या कंक्लूजन निकालते हो। ठीक है? सो देखो लास्ट पार्ट सबका ही क्या है? कंक्लूजन है। जी। यहां से मुझे समझ आ गया कि ओके? लास्ट कंक्लूजन है। तो शुरुआत कहां से होएगी? शुरुआत ये बोल रहे

231:19

Speaker A

हैं या तो सी से होएगी या ई से होएगी। यानी कि या तो एप्लीकेशन से होएगी या प्रपोज़िशन से होएगी। ऑब्वियसली प्रपज़िशन से होएगी। ठीक है? सो पहले प्रपज़िशन आएगा। ओके? प्रपोज़िशन के बाद क्या आएगा? जी?

231:30

Speaker A

रीजनिंग आएगी उसकी। ये भी रीजनिंग सेम है दोनों के अंदर। ठीक है? अब रीजनिंग के बाद ये बोल रहे हैं कि एग्जांपल पहले आएगा कि एप्लीकेशन पार्ट पहले आएगा। ओके? सो अगर एग्जांपल पहले आएगा तो आंसर थर्ड हो गया।

231:41

Speaker A

अगर आप एप्लीकेशन पार्ट पहले सोच रहे हो तो आपका सेकंड आंसर हो गया। तो आंसर आपका थर्ड हो गया जी। ओके? यानी पहले एग्जांपल देन एप्लीकेशन और फिर आप उसका कंक्लूजन निकालो। ओके? फोरफोल्ड वैल्यू्यूएशन ऑफ़ इंडियन कल्चर व्हेन अरेंज्ड इन

231:56

Speaker A

हायरार्किकल ऑर्डर कैन बी रिप्रेजेंटेड बाय फॉलोइंग क्रोनोलॉजी। सो, यह क्रोनोलॉजी क्या होनी जी यह धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष यह आना था आंसर। लेकिन फिर इन्होंने आंसर कुछ और दे दिया था। और उसके बाद जो है इन्होंने क्या किया? ड्रॉप कर

232:10

Speaker A

दिया ये क्वेश्चन। ओके? सो क्योंकि एग्जैक्ट क्रोनोलॉजी तो नहीं है। बट जैसे मैंने आपको थ्योरी ऑफ़ पुरुषार्थ पढ़ाई उसमें यही क्रोनोलॉजी बताई गई है कि पहला गोल जो है वो धर्म है। दूसरा गोल अर्थ है, तीसरा गोल काम है। और चौथा गोल आपका मोक्ष

232:24

Speaker A

है लाइफ का। ओके? सो ये रहेगी एक तरीके से आपकी क्रोनोलॉजी। अकॉर्डिंग टू जैनिज्म। जैनिज्म में मोक्ष अटेन करने के लिए किन चीजों की जरूरत है? तो इनमें से तीन ही आंसर आएंगे। बिकॉज़ हमने त्रिरत्न थ्री ज्वेल्स की बात की थी। त्रिरत्ना ठीक है?

232:39

Speaker A

तो दर्शन क्योंकि दृष्टि तो नहीं था। साम्यक दृष्टि तो अपना बुद्धिज्म में था। दर्शन चरित्र और ज्ञान ये बात की थी हमने। नॉलेज ज्ञान मैंने बोला था ना चलो नॉलेज है तो राइट नॉलेज राइट आपका परसेप्शन और आपका चरित्र राइट कंडक्ट। ठीक है? सो आपका

232:56

Speaker A

ए ए, सी और डी है क्या आंसर में? फर्स्ट ऑप्शन। ठीक है? तो ये क्या था आपका? राइट नॉलेज, राइट कंडक्ट और राइट फेथ दर्शन। चलिए जी। व्हिच अमंग द फॉलोवंग थ्योरी अफर्म्स दैट इनकलिटी इज़ सोशली कंस्ट्रक्टेड एंड कैन बी इरेडिकेटेड। सो,

233:16

Speaker A

सोशली जो चीज़ बनाई गई है, उसको आप इरेडिकेट कर सकते हो इनकलिटी को। ये बात किसने बोली है? रैशन चॉइस थ्यरी, थ्योरी ऑफ़ सिस्टम्स एनालिसिस, मार्क्सिज्म या कंजर्वेटिवज़्म। तो यानी सोशल लेवल पर इनकलिटी क्रिएट की गई है। सोशल लेवल पर वो

233:31

Speaker A

क्लास और कास्ट चीजें क्रिएट की गई हैं। ओके? तो इसमें कहीं भी रैशन चॉइस की बात नहीं हो रही है। कोई सिस्टम एनालिसिस की बात नहीं हो रही है। कोई कंजर्विज्म की बात नहीं हो रही है। तो बात आपकी

233:40

Speaker A

मार्क्सिज्म की हो रही है क्योंकि मार्क्सिज्म के अंदर ही आपको दो क्लासेस, क्लास कॉन्फ्लिक्ट वो चीजें देखने को मिल रही थी। राइट? तो ये मार्क्सिज्म आ जाएगा जी। अब है जी आपके जून 204 के क्वेश्चंस जो 22 अगस्त को पेपर हुआ है। स्कूलिंग

233:53

Speaker A

रिप्रोड्यूसेस नॉर्म्स एंड वैल्यूज़। नॉर्म्स एंड वैल्यूज़ आर सिंपली एपी फिनोमिनल एक्सप्रेशन ऑफ़ रूलिंग क्लास। तो जब भी रूलिंग क्लास वर्ड आ गया तो आप कहां जाओगे? आप मार्क्सिज्म पे जाओगे और कुछ देखने की ही जरूरत नहीं है। आंसर

234:06

Speaker A

मार्क्सिज्म हो जाएगा। कौन सी चीज़ सही है? ट्रू पूछी है स्टेटमेंट। बिस्मिल्लाह 4 साल 4 महीने 4 दिन पे शुरू होता है। ठीक है जी। बिल्कुल ठीक है ये बात। पब्जा 8 साल पे शुरू हो रहा है बुद्धिस्ट एजुकेशन

234:17

Speaker A

में। ये बात भी ठीक है। उपसंपदा एक रिचुअल होता है। पोस्ट एजुकेशन फॉर परमानेंट मेंबरशिप ऑफ अ संघ। तो वही कॉन्वोकेशन जैसी बात हो गई। ये भी है। उपनयन जो है वो 8, 11, 12 और 15 साल पे होता है। नहीं।

234:32

Speaker A

अरे क्या हो गया? रुको। तो ये तीन चीजें तो ठीक हैं। जी। ठीक है। सो उपसंपदा सॉरी। अरे यार हां तो ये तीन चीजें ठीक है आपकी। और ये आपका उपनयन संस्कार आठ छह। छह, आठ और 12 साल पे होता है। 11 और 15 पे नहीं

234:50

Speaker A

होता। ठीक है? और ना ही शूद्रों का होता। शूद्रा तो इनका एक्सक्लूडेड है। बालाबी और जगादला वैदिक सेंटर नहीं बाला ये तो बालाबी और बालाबी वाला भी होता है। यूजुअली ये भी आता है। बट इन इस क्वेश्चन में बाला भी इन्होंने मेंशन किया। सो

235:04

Speaker A

बालाबी जो है वो जगादला आपके उसके जाएंगे। बुद्धिस्ट बुद्धिस्ट एजुकेशन सेंटर जाएंगे। तो ये भी गलत हो गया। सो आपका ए बी सी सही है। जी ऑप्शन ए। ठीक है? व्हिच अमोंग्स द फॉलोवंग इज़ नॉट अ मार्क्सिस्ट थ्योरी ऑफ़ सोशियोलॉजी ऑफ़ एजुकेशन?

235:19

Speaker A

सोशियोलॉजी ऑफ़ एजुकेशन में मार्क्सिस्ट थ्योरी की बात हो रही है। एमएल डरकियम, एलथ्थुसर और मार्क्सिस्ट थरिस्ट। तो कौन सा इनमें से मार्क्सिस्ट थ्यरिस्ट नहीं है। ओके? सो आंसर क्या आ जाएगा? जी आपका फर्स्ट आ जाएगा क्योंकि ये फंक्शनल

235:34

Speaker A

थ्यरिस्ट हैं। ये स्ट्रक्चरल फंक्शनलिज्म की बात करते हैं। देन है इस्लामिक फिलॉसोफर डिवाइड नेचुरल और यूनिवर्सल मैनिफेस्टेशन इंटू फाइव टाइप्स। तो आपको सीक्वेंस में लगाने हैं। ये हमने किया था। हमने जीनस से शुरू किया था। जीनस यहां दे

235:48

Speaker A

नहीं रखा। था तो हम लीनियर से शुरू करेंगे। लीनियज़ देन आपका स्पीशीज़ देन आपका डिफरेंस देन आपका प्रो प्रॉपर्टी आएगा वैसे तो ये और आपका कॉमन अकरेंसेस ये नहीं आना चाहिए। ई बी ई बी कहां है? ये रहा ई

236:03

Speaker A

बी डी सी ए आंसर आपका सेकंड आ गया। पिक द इनकरेक्ट मैच। तो जो सबसे गलत है वो आपसे आपको चूज़ करना है। एजुकेशन एंड स्कूलिंग आर आइडियोलॉजिकल स्टेट अपेरेटिससेस। ये बात अलथुसर ने बोली कि एजुकेशन और स्कूलिंग दोनों ही स्टेट के साधन हैं। आप

236:20

Speaker A

ऐसा लगा सकते हो। ठीक है? इंस्ट्रूमेंट लगा लो अपेरेटस को इंस्ट्रूमेंट भी बोल देते हैं। ओके? एजुकेशन इज़ फॉर कल्चरल एंड सोशल रिप्रोडक्शन। सो बहुत ने ये बोली बात स्कूल इज़ अ मिनिएचर सोसाइटी। पार्सन। तो देखो पार्सन ने भी मिनिएचर सोसाइटी या

236:35

Speaker A

स्कूल को सोसाइटी से रिलेट किया है। बट एग्जैक्टली अगर हम देखें तो मिनिएचर सोसाइटी वर्ड जो है वो किसने यूज़ किया था?

236:42

Speaker A

जॉन ड्यूई ने यूज़ किया था। तो ये एज सच गलत नहीं है लेकिन मतलब सही में ही जाएगा क्योंकि पार्सन ने भी कंसीडर किया है। ओके? एजुकेशन हेल्प्स द इंडिविजुअल टू ग्रो एंड अचीव हर पोटेंशियल्स नहीं। कार्ल मार्क्स ये बात नहीं बोलते हैं।

236:56

Speaker A

मार्क्सिज्म तो बोलता है कि एजुकेशन तो स्टेट इंस्ट्रूमेंट है और वो मतलब होता है ना रूलिंग क्लास और वो उसमें डिवाइड कर देता है। सो पोटेंशियल ग्रो करना काम होना चाहिए। लेकिन ये काम है हो नहीं रहा है

237:07

Speaker A

एजुकेशन का। सो ये गलत हो गया जी। एजुकेशन फॉर डेमोक्रेसी इज़ दिस एजुकेशन फ्रीड फ्रॉम द अथॉरिटेरियन रिलेशनशिप्स। ये बात भी ठीक है। तो सारी बातें ठीक है जी। आपको ध्यान रखनी है सारी। ये एक गलत हो गई। डी

237:19

Speaker A

ओनली। ओके? ओके। डीस्कूलिंग, नॉन फॉर्मल एजुकेशन, फॉर्मल एजुकेशन, इनफॉर्मल एजुकेशन। ओके? हायरिकली स्ट्रक्चरर्ड क्रोनोलॉजिकली ग्रेडेड एजुकेशन सिस्टम है। यह फॉर्मल सिस्टम साउंड कर रहा है। ओके? अह देन है सेट ऑफ लर्निंग एक्सपीरियंसेस फ्री ऑफ़ टाइम एंड स्पेस लिमिटेशन। सो फ्री ऑफ़ टाइम

237:40

Speaker A

हो एक है लाइफ लॉन्ग प्रोसेस वेयर बाय एव्री इंडिविजुअल लर्न्स फॉर डेली एक्सपीरियंसेस ये आपकी इनफॉर्मल होगी और ये आपकी नॉन फॉर्मल होगी। ओके? और एजुकेशन आउट ऑफ कनफाइन ऑफ़ स्कूल फॉर डवर्स नीड्स एंड इंटरेस्ट। तो ये डी स्कूलिंग हो गया।

237:55

Speaker A

यानी जो ट्रेडिशनल कांसेप्ट चला आ रहा है स्कूलिंग का उसको हटाना। तो आंसर आपका फोर्थ हो गया जी। ठीक है? अरेंज द फॉलोवंग थरिस्ट क्रोनोलॉजिकली फंक्शनलिस्ट ओपन सिस्टम थ्योरी देन आपका सिंबॉलिक इंटरेक्शनिस्ट कॉन्फ्लिक्ट थरिस्ट और कॉन्फ्लिक्ट थ्यरिस्ट ओके अह तो देखो

238:13

Speaker A

मार्क्सिज्म पहले आया है। सो कॉन्फ्लिक्ट थ्यरिस्ट में मार्क्सिज्म सबसे पहले जाएगा फिर फंक्शनलिज्म निकल के आता है। ठीक है?

238:20

Speaker A

सो आपको अगर इतना भी आईडिया होता फंक्शनलिज्म तो ये देखो देन आपका कॉन्फ्लिक्ट थ्यरिस्ट वेबर आ जाएंगे। देन आपका सिंबॉलिक इंटरेक्शनिज्म और लास्ट में आपका ओपन सिस्टम थ्योरी आ जाएगा। ओके जी। ओपन सिस्टम थ्योरी के बारे में थोड़ा सा

238:35

Speaker A

मुझे आप जो है कमेंट करके जरूर बताइएगा कि ये होता क्या है? ओके एवरीबडी कैन लर्न ओज इट्स जेनेसिस टू। तो जब हर कोई सीख पा रहा है तो इसका जो है वो आप जो है किसको दायित्व या किसको किसकी वजह से आप सीख पा

238:49

Speaker A

रहे हो? तो कॉलोनियलिज्म की वजह से नहीं मॉडर्निज्म की वजह से। ठीक है? ना कि पोस्ट मॉडर्निज्म या रिफॉर्मिज्म। सो मॉडर्निज्म की वजह से आज आप सारी चीजें सीख पा रहे हो जब हर कोई इंसान सीख सकता है। ओके? एकिस्टेंशियलिज्म, आइडियलिज्म,

239:03

Speaker A

क्रिटिकल थिंकिंग, मार्क्सिज्म। रियलिटी इज़ अल्टीमेटली मेंटल। ओके? आइडियलिज़्म साउंड कर रहा है। एजुकेशन एज़ अ मीन ऑफ़ प्रोलिटेरिएट एममेंसिपेशन। सो प्रोलिटेरियट वर्ड आते ही आपको मार्क्सिज्म पे जाना है। ठीक है? तो डी का सेकंड। तो यहां से ही आपके सेकंड और फोर्थ

239:19

Speaker A

ऑप्शन तो कट आउट हो गए। ओके? एसेंस प्रसीड्स इन द नेचुरल वर्ल्ड। नेचुरल वर्ल्ड में एसेंस जो हैं दैट विल प्रसीड एग्ज़िस्टेंस। टेक्निकली होता है एग्ज़िस्टेंस प्रसीड एसेंस। बट एसेंस और एग्ज़िस्टेंस की अगर बात हो रही है तो हम

239:34

Speaker A

किसके साथ जाएंगे? एग्ज़िस्टेंशियलिज्म के साथ जाएंगे जो कि यहां पे दोनों में ही है। ओके? देन है आपका ऑल एजुकेशन इज़ कंसर्न विद रीज़ एंड लॉजिक। तो ये क्रिटिकल थिंकिंग हो गई ना? ये क्रिटिकल थिंकिंग हो गई। ये आपका रियलिटी वाला मेंटल मेंटल

239:47

Speaker A

लेवल पे आइडियाज़ लेवल पे आ गई। तो आइडियलिज़्म आ गया। तो आंसर आपका फर्स्ट एंड फोर्थ आंसर आपका थर्ड हो गया। ठीक है?

239:56

Speaker A

व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग स्टेटमेंट्स आर ट्रू एज़ पर फंक्शनलिस्ट पर्सपेक्टिव ऑन सोशियोलॉजी ऑफ़ एजुकेशन? मेजर फंक्शन ऑफ़ एजुकेशन इज़ द ट्रांसमिशन ऑफ़ सोसाइटीज़ नॉर्म्स एंड वैल्यूज़। तो ये मेजर फंक्शन है सोसाइट स्कूल का या एजुकेशन का। स्कूल सर्व्स ऐज़ अ फंक्शन दैट कैन नॉट बी

240:12

Speaker A

प्रोवाइडेड इदर बाय फैमिली और पियर्स। आजकल तो डी वो होता है ना होम स्कूलिंग भी चल रहा है तो टेक्निकली स्कूल फैमिली और फैमिली वो चीजें भी प्रोवाइड कर रही है बट स्कूल वो फंक्शनंस देता है वो चीजें करता

240:25

Speaker A

है जो सिर्फ फैमिली और पियर्स नहीं कर सकते ओके स्कूल इज़ अ फोकल सोशलाइजिंग एजेंसी ओके एजुकेशनल सिस्टम इज़ अ पार्ट ऑफ़ सुपरस्ट्रक्चर एंड रिप्रोड्यूसेस रूलिंग आइडियोलॉजी ओके मास एजुकेशन बिगेन इन इंडस्ट्रियल सोसाइटी एंड इज़ एन एस्टैब्लिश्ड रिक्वायरमेंट ऑफ एन

240:45

Speaker A

इंडस्ट्रियल सोसाइटी। हम इंडस्ट्रियल सोसाइटी में मास एजुकेशन शुरू होती है। अब देखो ऑप्शंस के हिसाब से अगर हम जाए तो तीन या चार ऑप्शन ही ठीक है। यानी एक तो फॉर श्योर गलत होने वाला है। ओके? सो हमसे

240:58

Speaker A

पूछा है फंक्शनलिस्ट पर्सपेक्टिव। जब ये रूलिंग आईडियोलॉजी को आप रिप्रोड्यूस कर रहे हो तो ये तो आपकी मार्क्सिज्म वाली आईडियोलॉजी नहीं हो गई। सो डी तो नहीं आना चाहिए। अगर डी नहीं आएगा तो एक ही ऑप्शन बचा। फोर्थ। आंसर आपका फोर्थ आ जाएगा। ठीक

241:14

Speaker A

है? कई बार क्या होता है ना आप स्टेटमेंट्स पढ़ते हो आपको सारी सही नजर आती है क्योंकि आपने कोई ना कोई कांसेप्ट तो पढ़ा है। बट आप ऑप्शन में आप क्वेश्चन के हिसाब से देखो हमसे फंक्शनलिस्ट पर्सपेक्टिव पूछा है जिसमें सोसाइटी जो है

241:26

Speaker A

वो नॉर्म्स के हिसाब से चलेगी। एजुकेशन उन नॉर्म्स को वैल्यूस को आगे बढ़ाने का, कल्चर को आगे बढ़ाने का काम करेगी। स्कूल जो है वो वाला काम करेगा जो बाकी क्योंकि स्कूल भी तो एक सोशलाइजिंग एजेंसी है ना

241:37

Speaker A

जो पीियर या फैमिली नहीं कर पा रहे वो काम स्कूल करेगा। अगर वो काम नहीं होता या वो फैमिली और पेअर कर लेते तो स्कूल को एक अलग से सोशलाइजिंग एजेंसी बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। राइट? तो बाकी सारी चीजें

241:48

Speaker A

ठीक है। ये आईडियोलॉजी वाली चीज़ रूलिंग आईडियोलॉजी मार्क्सिज्म की चीज है। पाली त्रिपितिका टेक्स्ट। तो यहां से एक और चीज़ समझ आती है। देखो त्रिपितिका तो हमें पता है बुद्धिस्ट टेक्स्ट है। अब ये पाली लैंग्वेज में लिखा गया था। ये बात याद

242:02

Speaker A

रखिए। ओके? अह पाली लैंग्वेज आपकी बुद्धिज्म से रिलेट करती है और प्राकृत लैंग्वेज आपकी जैनिज्म से रिलेट करती है। हिंदूइज़्म संस्कृत लैंग्वेज पे फोकस करता था। ओके? सो इसमें से पूछा है व्हिच अमोंग्स द फॉलोविंग इज़ नॉट अ

242:14

Speaker A

त्रिपित्तिका। सो ज्ञानपित्तिका, विनय पित्तिका, सूत पित्तिका, धामपित्तिका। तो क्या रहेगा बताओ इसके अंदर? विनय पित्तिका, सूतपित्तिका, अभिधाम पित्तिका था ना? तो आंसर आपका क्या आ जाएगा जी?

242:26

Speaker A

ज्ञानपित्तिका। यह नहीं है। ओके? तो मैंने करवाया था ये आपको ऊपर। इनकरेक्ट मैचेस बताइए। सेकुलरिज्म में जॉर्ज होलक सोशलिज्म मिल नेचुरल राइट्स में होब सोशल कॉन्ट्रैक्ट जॉन लॉक सोशल कॉन्ट्रैक्ट जॉन लॉक ने तो नहीं लिखा है। सोशल कॉन्ट्रैक्ट रूसो ने लिखा है। सो ये

242:46

Speaker A

तो गलत हो गया। व्हेल ऑफ़ इग्नोरेंस रोल। सो यानी डी तो फॉर श्योर आएगा। अरे वाह ये लो डी आएगा तो आंसर ही आपका सी और डी हो गया। थर्ड। ठीक है? तो एक इनेशन तो आप देखो आपको सारी इनेशन नहीं पता थी। लेकिन

242:58

Speaker A

आपको मैंने करवाया है ऊपर रूसो में कि यार एक तो आप इसका सोशल कॉन्टैक्ट याद रखो इनका एमील याद रखो और इनका कंफेशन याद रखो। ये तीन काम तो याद रखो जो रूसो ने लिखे हैं। राइट? सो इनकरेक्ट में जॉन लॉक

243:09

Speaker A

ने तो नहीं लिखा। जॉन लॉक ने दो अलग चीजें लिखी है और जॉन लॉक ने ब्लैंक स्लेट बोला है। सो यहां से हमें समझ आता है अगर सी और डी गलत है सो आपको एडिशनल इनेशन क्या मिल गई कि सेकुलरिज्म जॉर्ज होलक सेकुलरिज्म

243:22

Speaker A

से रिलेट करते हैं। मिल बैकुन जो है बैकुनिन जो है वो सोशलिज्म और वेल ऑफ़ इग्नोरेंस जो है वो र्स तो तीन नई इनेशन आपके नोट्स में ऐड हो जाती है। जी ओके गांधी एस्टैब्लिश्ड टॉलस्टॉय फार्म विद द

243:34

Speaker A

स्कूल ऑन कैंपस फॉर द कैंपेन ऑफ़ सत्याग्रह। तो कहां था ये? तो फोनिक सेटलमेंट टॉलस्टॉय फार्म ये सारे के सारे कहां थे? जी साउथ अफ्रीका में थे। ठीक है?

243:44

Speaker A

पिक द करेक्ट मैच। ओके? सिंबॉलिक इंटरेक्शनिज्म जॉर्ज मीड। तो हमने दो पढ़े थे। इसमें एक जॉर्ज हरबर्ट मीड और एक हरबर्ट ब्लूमर। तो ठीक है। अह स्ट्रक्चरल फंक्शनलिज्म में पार्सन। हां ये भी पढ़ा है हमने। स्ट्रक्चर फंक्शनलिज्म में हम डरकिम

243:58

Speaker A

को और पार्सन को दोनों को पढ़ते हैं। रैशनलिज्म में जॉन लॉक, एंपेरसिज़्म में रेने और सोशलिज़्म में मार्क्स और एंगल्स। तो हमसे करेक्ट पूछा है तो फॉर श्योर ए और बी तो सही हैं। अगर ए और बी ही मुझे पता

244:09

Speaker A

है मेरी इनेशन के हिसाब से तो भी मेरा आंसर ए, बी और ई आ गया। ठीक है? सो वो चीजें आपको देखनी है क्योंकि ए कहीं नहीं है और एक ही ऑप्शन में है और हमने ये पढ़ा है ऊपर सिंबॉलिक इंटरेक्शनिज़्म भी और

244:21

Speaker A

स्ट्रक्चरल फंक्शनिज़्म। यहां से ये समझ आता है कि आपने जो चीज़ें पढ़ी है ना उनसे भी आपका क्वेश्चन सॉल्व हो जाएगा। ओके? द क्लास व्हिच इज डोमिनेंट मटेरियल फोर्स इन सोसाइटी इज़ एट द सेम टाइम इट्स डोमिनेंट इंटेलेक्चुअल फोर्स दे रूल एस थिंकर्स एज़

244:37

Speaker A

प्रोड्यूसर्स ऑफ़ आइडियाज़ दैट गेट नोटिस्ड द अबव अंडरस्टैंडिंग कैन बी एसोसिएटेड विद तो आप इसको रैशनलिस्ट थ्योरी से जोड़ोगे प्रगमेटिस्ट से जोड़ोगे इंपेरिकल से या फिर मार्क्सिस्ट थ्यरी से तो आप क्या बोल रहे हो क्लास जो है वो एक डोमिनेंट मटेरियल फ़

244:52

Speaker A

है सोसाइटी में एट द सेम टाइम इस इसका डोमिनेंट इंटेलेक्चुअल फोर्स भी है। ठीक है? तो वो थिंकर्स की तरह रूल करते हैं एज प्रोड्यूसर्स ऑफ़ आइडियाज़ दैट गेट नोटिस्ड। तो ये बात किससे रिलेट करती हुई नजर आ रही

245:07

Speaker A

है आपको? तो आंसर आपका मार्क्सिज्म हो जाएगा। सोसाइटी की बात हो रही है। ओके?

245:12

Speaker A

सीट आइडल नो मोर गो गेट एजुकेशन। गो गेट एजुकेशन देखते ही आपको समझ आ जाना चाहिए कि ज्योति सावित्रीबाई फुले की बात हो रही है। ओके? इन अरेबिक लैंग्वेज एंड इस्लामिक ट्रेडिशन एजुकेशन इज़ नोन बाय थ्री टर्म्स। तो इनमें से कौन सी टर्म एजुकेशन के लिए

245:28

Speaker A

नहीं है? सो तालीम, अह तरबिया और तालीम ये एजुकेशन के लिए हैं। जी। तिजरत जो है वो आपकी किसके लिए? बिज़नेस के लिए जो हमने ऊपर भी पढ़ी थी। ओके? आइडियल सोसाइटी मॉडल। ओके? देखो हमने ग्रेट डक्टिक ये ग्रेट

245:43

Speaker A

डैक्टिक की बात की थी। कॉम्युनस। मैंने आपको बोला था कि बाकी इनफेशन आप पढ़ लेना। बट ये एक चीज़ याद रखो। ठीक है? सो डी का फॉर श्योर सेकंड आएगा। यहां से ही आपके दो ऑप्शन कट आउट हो गए। ओके? देन है

245:54

Speaker A

रिपब्लिक। रिपब्लिक हमें पता है प्लेटो। प्लेटो थे ना? हां, पहला प्लेटो। ठीक है? सो, रिपब्लिक प्लेटो आ गया। तो, आंसर आपका थर्ड आ गया। यहां से यह समझ आ गया कि यूटोपिया जो है वो आपका थॉमस मोर और सिटी

246:06

Speaker A

ऑफ़ गॉड जो है वो आपका ऑगस्टाइन। ठीक है? अकॉर्डिंग टू तैत्रीय उपनिषद अरेंज द फॉलोविंग कोश गोइंग इनवर्ड। सो आप जब अरेंज करोगे तो यहां पे जो आएगा लास्ट में अंदर की तरफ यानी इनर इनर सबसे इनर मोस्ट शीत की बात हो रही है। तो सबसे इनर

246:24

Speaker A

मोस्ट क्या है? है जी आपकी आनंद माया तो सबसे लास्ट में ए आएगा ठीक है सबसे पहले अन्नमाया आएगा तो आंसर आपका यहीं से आ गया आपको और कुछ देखने की भी जरूरत नहीं है फर्स्ट ऑप्शन ठीक है

246:36

Speaker A

देन है जी सांख्य फिलॉसफी वेदांता जैनिज्म बुद्धिज्म दिनाग दिगनाग और पश्वनाथ कपिल और आदि शंकराचार्य तो हमने आदि शंकराचार्य तो पढ़े ही हैं वेदांता की बात है कपिल की भी हमने बात की है कपिल कपिल कपिल सांख्य में बात आती है कपिल की सो तीन और चार है

246:54

Speaker A

क्या ऑप्शन? ये लो यहीं से सॉल्व हो गया। ठीक है? सो जैनिज्म जो है वो पार्श्वनाथ और बुद्धिज्म में दिगनाग। तो इन दोनों फिलॉसफर्स के नए नाम है। ये याद रखना क्योंकि हम यूजुअली बुद्धिज्म में बात करते हैं। आपके गौतम बुद्ध की और जैनिज्म

247:08

Speaker A

में हम तीर्थंकरों की बात करते हैं जिसमें सबसे पहले ऋषभ थे और सबसे लास्ट महावीर जैन थे। तो अब आप पार्श्वनाथ का भी नाम याद रख सकते हो। ठीक है जी। सो दिगनाग जो है वो इंडियन बुद्धिस्ट स्कॉलर रहे हैं।

247:20

Speaker A

फाउंडर ऑफ इंडियन लॉजिक दिग्नाग्स वर्क लेड द ग्राउंड वर्क फॉर द डेवलपमेंट ऑफ़ डिडक्टिव लॉजिक इन इंडिया। तो फर्स्ट सिस्टम ऑफ़ इन्होंने फर्स्ट सिस्टम ऑफ़ बुद्धिस्ट लॉजिक एंड एपिस्टोमोलॉजी क्रिएट किया। पार्श्वनाथ जो है वो 23 जो है वो

247:34

Speaker A

तीर्थंकर थे। हमने 24 और फर्स्ट याद किया था। सो एटलीस्ट आप बाकी पूछा नहीं जाता इतनी डिटेल में। एक और ऐड हो गई इनफेशन। अब आप 24 के 24 तीर्थंकर याद करने बैठो वो तो समझदारी नहीं है। ओके? देन नेक्स्ट

247:47

Speaker A

2023 के क्वेश्चन शुरू हुए हैं। जी अकॉर्डिंग टू रियलिस्ट करिकुलम फॉलोज़ अ हायरार्किकल ऑर्डर विद द एब्स्ट्रैक्ट सब्जेक्ट्स एट द टॉप एंड ट्रांज़िशनरी सब्जेक्ट्स एट द बॉटम। सो रियलिस्ट जो हैं उनके अकॉर्डिंग अह हायरार्किकल ऑर्डर में एब्स्ट्रैक्ट सब्जेक्ट्स टॉप पे आते हैं

248:02

Speaker A

और उसके नीचे ट्रांज़िटरी जो चेंज होते रहते हैं। ओके? अह देन है प्रगमेटिस्ट करिकुलम वुड फोकस ऑन एक्सपीरियंसेस एंड सब्जेक्ट्स दैट लैंड देमसेल्फ टू फिलॉसोफिकल डायलॉग एंड एक्ट ऑफ चॉइस मेकिंग। तो ये जो फिलॉसोफिकल डायलॉग वाली चीज़ आ गई ये थोड़ी सी फिट नहीं बैठ रही है

248:20

Speaker A

जी। ठीक है प्रगमेटिज़्म में। तो आंसर आपका फर्स्ट सही है। दूसरा गलत हो गया। ओके? सो अब आप अपने रियलिज्म और प्रगमेटिज़्म के नोट्स में ये दो लाइनें ऐड कर सकते हो। ओके?

248:31

Speaker A

अकॉर्डिंग व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज नॉट अ सोशल फंक्शन ऑफ स्कूलिंग एज अंडरस्टुड बाय द डी स्कूलिंग मूवमेंट? तो सोशल फंक्शन ऑफ स्कूलिंग क्या नहीं है? सो हमने किस-किस चीज की बात की? हमने कस्टोडियल केयर की बात की थी। सोशल रोल सिलेक्शन की बात की

248:44

Speaker A

थी। इनडॉक्टिनेशन की बात की थी। सोशल चेंज जो है वो सोशल फंक्शन नहीं है स्कूलिंग का। ओके? ओके। दो स्टेटमेंट्स हैं। नई तालीम वाज़ सजेस्टेड बाय जाकिर हुसैन कमेटी एट वारदा। नई तालीम सजेस्टेड दैट ऑल एजुकेशन मस्ट बी इन इंग्लिश टू मेक

248:59

Speaker A

इंडिपेंडेंट सिटीजन। नहीं इंग्लिश की तो बात ही नहीं हुई है। मदर टंग की बात हुई है। तो दूसरी स्टेटमेंट गलत हो गई। जाकिर हुसैन वाली बात सही है। पहली सही है। ओके। व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग आर आस्तिक स्कूल्स ऑफ़

249:10

Speaker A

इंडियन फिलॉसफी? तो जैनिज्म, चरक और बुद्धिज्म ये आपके नास्तिक स्कूल हैं। सांख्य और न्याय आपके आस्तिक स्कूल हैं। आंसर आपका सी और डी हो जाएगा। ओके? ये तो ईजी लगने चाहिए आपके। आपको अब तो व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग कैन बी एसोसिएटेड विद गांधी?

249:23

Speaker A

साबरमती आश्रम साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल। यहां से भी याद रख सकते हो। ठीक है? नई तालीम गीतांजलि के लिए वो हमने ऊपर पढ़ा भी है कि रविंद्र नाथ टैगोर को गीतांजलि के लिए नोबेल प्राइज मिला है। ये

249:35

Speaker A

नहीं है। शांतिनिकेतन नहीं है। क्राफ्ट बेस्ड एजुकेशन है। सो ए बी और ई आपका आंसर हो जाएगा। ठीक है? अरेंज द फॉलोविंग इन क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर पोस्ट मॉडर्निज्म, ट्रांसडेंटलिज्म इंपेरिसिज्म एनालिटिकल फिलॉसफी और रैशनलिज्म। आंसर आपका फोर्थ रहेगा जी। रैशनलिज्म आप जो है सबसे पहले

249:54

Speaker A

लेके आएंगे रैशनलिज्म के बाद इंपेरसिज्म एक्सपेरी एक्सपीरियंस से। इंपेरिसिज्म के बाद आपका ट्रांसडेंटलिज्म यानी बियड दीज़ थिंग्स और उसके बाद एनालिटिकल फिलॉसफी और लास्ट में पोस्ट मॉडर्निज्म। सो सबसे लास्ट अभी पोस्ट मॉडर्निज्म चल रहा है। ठीक है? ओके? गिवन बिलो टू स्टेटमेंट्स।

250:09

Speaker A

बुद्धिज़्म एक नास्तिक स्कूल है। बिल्कुल सही बात है। आस्तिक नास्तिक इन इंडियन फिलॉसफी इज़ अबाउट फेथ इन वेदास। सही बात है ये। सो फेथ है तो आस्तिक है। नास्तिक है जब फेथ नहीं है। तो दोनों स्टेटमेंट सही है और करेक्ट एक्सप्लेनेशन है कि

250:21

Speaker A

नास्तिक क्यों है? जब यूजुअली ना ये एक्सप्लेनेशन आप ये समझने की कोशिश करो कि करेक्ट एक्सप्लेनेशन कब आएगी कि वो स्टेटमेंट की रीजनिंग दे रखी हो। अब इन्होंने बोल दिया बुद्धिज्म नास्तिक है। पर नास्तिक का मतलब क्या है? क्यों है

250:34

Speaker A

नास्तिक वो यहां पे इन्होंने वेदों के बेस पे बता दिया। तो इसलिए करेक्ट एक्सप्लेनेशन भी हो गई। बुक्स हैं जी ऑथर्स हैं ईजी बुक है तो डी स्कूलिंग सोसाइटी इवान इलिच पेडागोजी ऑफ़ ओप्रेस पाउलो फ्राय देन आपका यह

250:47

Speaker A

डेमोक्रेसी एंड एजुकेशन जॉन ड्यूई और आपका एजुकेशन एंड सोशल ऑर्डर बर्ट रेंडर रशल रशल वाली बुक आपको नहीं पता होगी बाकी तीनों तो हमने पढ़ रखी है तो ये वाली बुक भी एक नई चीज आपको पता चलती है ओके आंसर

251:00

Speaker A

आपका फर्स्ट क्या है दो चार एक तीन व्हिच ऑफ़ द फॉलोवंग आर मेथड ऑफ़ नोइंग अकॉर्डिंग टू न्याय फिलॉसोफी नोइंग न्याय के अकॉर्डिंग तो न्याय फिलॉसोफी में हमने अगर आपको याद हो वो जो चार्ट किया है तो कितने

251:12

Speaker A

टाइप के उनको ये देते हैं बढ़ावा। सो परसेप्शन, इन्फ्लुरेंस, अभाव, स्मृति और अर्थपति। परसेप्शन इन्फ्लुएंस तो है ही। राइट? तो आंसर आपका ए और बी आ गया। सो परसेप्शन इन्फ्लुएंस है। ये तो फॉर श्योर ही है। कंपैरिजन और वर्बल टेस्टिमनी जो यहां पे

251:29

Speaker A

मेंशन ही नहीं था। ओके? तो आंसर आपका एंड बी ओनली आ गया। व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग आर एसोसिएटेड विद रूसो? तो दे देखो जी सोशल कॉन्ट्रैक्ट अमील नॉलेज इज़ बेस्ड ऑन रीज़न ऑल तो फॉर श्योर A और बी तो है ये लो ए और

251:43

Speaker A

बी है तो ए बी सी आंसर आ गया ठीक है सो बैक टू नेचर मैन इज़ बोर्न एस स्लेव नहीं मैन फ्री बोर्न होता है ऐसा रूसो का कहना है नॉलेज इज़ बेस्ड ऑन रीज़ ओनली नहीं नॉलेज है और सारी चीजों को ये डायनेमिक मानते

251:55

Speaker A

हुए नेचर के ऊपर छोड़ते हैं। वी आर कॉट इन नैरेटिव एंड मैटर नैरेटिव्स एंड दे स ऑन आवर जजमेंट्स। वी मस्ट बी इंक््र इंक्रड्यूलस टुवर्ड्स मेटा नैरेटिव्स। दिस सेंटेंस कैन बी एसोसिएटेड विद। सो हम नैरेटिव्स में बंधे हुए हैं नैरेटिव और

252:11

Speaker A

मेटा नैरेटिव में। ठीक है? सो नैरेटिव के बारे में भी फर्दर और नैरेटिव बनाना। दैट इज़ मेटा नैरेटिव। ठीक है? सो ये बात आइडियलिज्म में है, स्ट्रक्चरलिज्म में है, पोस्ट मॉडर्निज़्म में है या रियलिज़्म में है। ये बात पोस्ट मॉडर्निज़्म में है।

252:23

Speaker A

जी। ठीक है? क्योंकि हमने ऐसा कुछ भी आइडियलिज्म, रियलिज़्म इनमें नहीं पढ़ा है। सो कुछ नई चीज़ है ये पोस्ट मॉडर्निज़्म की बात हो गई। सो मेटा नैरेटिव एक क्रिटिकल थ्योरी है। पर्टिकुलरली इन पोस्ट मॉडर्निज्म इज़ अ नैरेटिव अबाउट नैरेटिव।

252:35

Speaker A

मैंने बोला ना नैरेटिव के बारे में भी एक नैरेटिव बना देना। ठीक है? सो हिस्टोरिकल मीनिंग एक्सपीरियंस और नॉलेज जो एक सोसाइटी को लेजिटिमेटिंग ऑफर्स अ सोसाइटी लेजिटिमेटिंग थ्रू एंटीिसिपेटेड कंप्लीशन ऑफ़ मास्टर आइडिया। सो ये पोस्ट मॉडर्निज़्म का कांसेप्ट है। ये हिंदी में था जी। तो

252:51

Speaker A

इसको भी देख लीजिए। शैक्षिक ज्ञान और वर्चस्व शिक्षा में बदलाव के सवाल। शिक्षा और जन आंदोलन और दिवा स्वप्न। सो ये आपको याद रखने पड़ेंगे किसने कौन सी बुक जो है वो लिखी है। ऑप्शन नंबर चार आपका सही होगा

253:04

Speaker A

यानी कि शैक्षिक वैज्ञान शैक्षिक ज्ञान और वर्चस्व कृष्ण कुमार ने लिखी है। शिक्षा में बदलाव के सवाल जो है वो अनिल सदगोपाल ने शिक्षा और जन आंदोलन जो है वो साधना सक्सेना और दिवा स्वप्न जो है वो गिज्जू

253:18

Speaker A

भाई बदेका। तो ये गिज्जू भाई बदेका वाला तो फॉर श्योर याद रख लेना। नेक्स्ट जून 2023 के क्वेश्चंस सावित्रीबाई फुले सावित्री फुले कैन नॉट बी कैरेक्टराइज्ड एस तो वो पोएटिस्ट थी एजुकेशनिस्ट थी सोशल रिफॉर्मर थी मैंने आपको बोला था कि वो पॉलिटिक्स से कहीं भी

253:34

Speaker A

रिलेटेड नहीं थी ये बात जरूर याद रखना तो वो पॉलिटिकल एक्टिविस्ट नहीं थी भाई हु हैज़ मेड दिस स्टेटमेंट नो नेशन इज़ अ ग्रेट और गुड बिकॉज़ पार्लियामेंट इनक्ट दिस और दैट बट बिकॉज़ इट्स मैन आर ग्रेट एंड गुड।

253:48

Speaker A

तो ये बात किसने बोली है? यह बात स्वामी विवेकानंद ने बोली है। ठीक है? अकॉर्डिंग टू सिद्धू कृष्णमूर्ति एजुकेशन मींस बुक से भी सीखना है। फैक्ट्स भी मेमोराइज करने हैं। माइंड्स को भी डेवलप करना है। नेचुरल डायवर्सिटी को भी एंजॉय करना है। अर्निंग

254:03

Speaker A

एकेडमिक डिग्रीज़ एंड अवॉयडिंग रियलिटीज़। रियलिटी को अवॉइड करने की बात नहीं हुई है। आंसर ए, बी, सी, डी आ जाएगा। ओके?

254:10

Speaker A

आइडियलिस्ट करिकुलम, एकज़िस्टेंशियलिस्ट करिकुलम, रियलिस्ट और प्रगमेटिस्ट। ओके? तो देखो यहां से कहां से शुरू करें? बेस्ड ऑन एक्सपीरियंस ऐज़ अ पार्टनर ऐज़ अह एक्सपीरियंस अ पार्टनर इज़ द पार्टनर। बेस्ड ऑन एक्सपीरियंसेस अ पार्टनर इज़ द अह टीचिंग लर्निंग प्रोसेस।

254:30

Speaker A

पार्टनर थोड़ा सा डाउट क्रिएट कर रहा है मुझे कि यह स्टेटमेंट ठीक भी है नहीं। इज़ बेस्ड ऑन बॉडी एंड माइंड अलोंग विथ वर्चूज़ एंड इट्स इट इज़ अ इट अ रीडिंग, जिम्नास्टिक म्यूजिक पेंटिंग। आइडियलिज़्म है क्या? बॉडी और माइंड तो

254:43

Speaker A

आइडियलिज़्म से रिलेट कर रहा है। अह शुड बी सो प्लंड दैट इट इंड्यूसेस द टीचर एंड स्टूडेंट टू थिंक क्रिटिकली ऐज़ टीचिंग मोर एक्सप्लोरेटरी देन एक्सप्लेनेटरी। सो ये तो रियलिज़्म की बात लग रही है। साउंड तो रियलिज़्म कर रहा है। हम ये यहां वन ये

254:58

Speaker A

यहां टू बेस्ड ऑन एक्सपीरियंसेस। एक्सपीरियंसेस बेस पे ये लग रहा है। ब्रॉड आइडियाज़ कॉन्सप्ट फोकस ऑन एब्स्ट्रैक्ट सब्जेक्ट्स फॉललोड बाय मोरल एंड कल्चरल वैल्यूज़। कुछ साउंड कर रहा है क्या? ये स्टेटमेंट ठीक लग रही है कहीं पे क्या? 2

255:11

Speaker A

4 1 3 2 4 1 3 फोर्थ है क्या आंसर? फोर्थ है। ठीक है? सो आपको थोड़ा-थोड़ा आईडिया लगाना पड़ेगा ऐसे क्वेश्चंस में। चलिए हु अमोंग्स द फॉलोविंग एडवोकेटेड फॉर क्रिटिकल पेडागोजी? तो ये तो आपको आंख बंद करके पता होना चाहिए पाउल। ठीक है? फोर्थ

255:27

Speaker A

रविंद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, अरविंदो घोष कोई नाम ऐसा नहीं है जो सुना हुआ नाम हो। ओके? सो देखो करिकुलम शुड प्रमोट लैंग्वेजज़, साइंस, फिजिकल एजुकेशन फॉर अ स्पिरिचुअल ग्रोथ एंड डेवलपमेंट ऑफ़ प्रोस्पेरिटी। प्रमोट्स इंडिविजुअल क्रिएटिविटी, एनकरेज डायलॉग

255:43

Speaker A

एंड अटेम्प्ट्स ऑल अराउंड डेवलपमेंट थ्रू योगा एंड स्पिरिचुअल एजुकेशन। करिकुलम इज़ टू बी बेस्ड ऑन एक्टिविटी टू प्रमोट ओरिजिनलिटी एंड क्रिएटिविटी ऑफ़ थॉट्स बाय डिबेट्स एंड डिस्कशन फॉर इंटरकल्चरल एंड इंटर रेशियल अह यूनिटी। सजेस्टेड एक्टिविटी एंड क्राफ्ट सेंटर्ड क्राफ्ट

256:00

Speaker A

क्राफ्ट क्राफ्ट क्राफ्ट। क्राफ्ट नाम आते ही गांधी जी के ऊपर चले जाना है। और यहां से भी आपका क्वेश्चन सिर्फ यहीं से सॉल्व हो गया। क्योंकि कई बार होता है रविंद्र नाथ टैगोर और स्वामी विवेकानंद अरविंद घोष सबने अच्छी-अच्छी बातें बोली तो आप कई बार

256:12

Speaker A

कंफ्यूज हो जाते हो। ओके? सो वो चीज नहीं होनी चाहिए। तो उससे बचने के लिए आपके पास है कि आप कोई ऐसा चीज ढूंढो जो बहुत फॉर श्योर हो आप। तो क्राफ्ट सेंटर्ड महात्मा गांधी आंसर तो आपका यहीं से ही सेकंड आ

256:24

Speaker A

गया। ठीक है? तो यहां से समझ आता है कि रवींद्र नाथ टैगोर किस तरीके। तो आप ये ये जो लाइंस हैं ये एग्जैक्टली आप नोट्स में ऐड कर सकते हो अपने कि करिकुलम इज़ इज़ टू बी बेस्ड ऑन एक्टिविटी ताकि वो

256:35

Speaker A

ओरिजिनलिटी क्रिएटिविटी कल्चर इंटररेशियल यूनिटी इन सबको सपोर्ट करें। ठीक है? क्योंकि इंटरनेशनलिज्म के भी बारे में बात की थी इन्होंने। देन है आपका स्वामी विवेकानंद। सो ये इंडिविजुअल क्रिएटिविटी को प्रमोट कर रहे हैं। तो योगा और स्पिरिचुअल एजुकेशन से रिलेट कर

256:50

Speaker A

पाएंगे हम स्वामी विवेकानंद को। और अरबिंदो जो है वो सारी चीजों के इंटीग्रल एजुकेशन की बात करते हैं। इन द व्यू ऑफ़ जिद्दू कृष्णमूर्ति अ पर्सन लिव्स हैप्पीली इफ अगर वो नॉन कॉम्पिटिटिव है। पहली लाइन बताई थी मैंने। ठीक है? चैलेंज

257:04

Speaker A

को एक्सेप्ट करता है तो भी अच्छे से हैप्पीली जिएगा डेयरिंग और इंटेलिजेंट। बट ये कोई स्पेसिफिक चीज़ नहीं है। अगर वो नॉन कॉम्पिटिटिव है तो बेटर तरीके से वो ज्यादा सीख पाएगा। ओके? इन द बुक पेडागोजी ऑफ़ ऑप्रेस्ड इज़ अ डिस्टिंशन हैज़ बीन मेड

257:18

Speaker A

बिटवीन ऑप्रेस्ड एंड ऑप्रेसर। ऑप्रेसर्स एंड ऑप्रेस जो ऑप्रेस हो रहा है और जो ऑप्रेस कर रहा है राइट रियलिज्म प्रगमेटिज्म नेचुरलिज्म आइडियलिज्म प्लेटो रविंद्र नाथ टैगोर एिस्टोटलल जॉन डुई तो रियलिज्म प्लेटो नहीं रियलिज्म एरिस्टोटलल आइडियलिज्म प्लेटो प्रगमेटिज्म जॉन डुई और नेचुरलिज्म

257:40

Speaker A

रविंद्र नाथ टैगोर सो तीन चार दो एक ऑप्शन नंबर वन टीचर्स गांधी जी बिलीव्ड दैट टीचर्स आर टू बी सेल्फ सैक्रिफाइसिंग हां कि वो मोडेस्ट सैलरी में काम चला लें बॉयज एंड एंड गर्ल्स शुड नॉट बी टॉट टुगेदर।

257:52

Speaker A

ऐसा कुछ नहीं बोला था इन्होंने। रीजनल लैंग्वेजज़ शुड बी द मीडियम ऑफ़ इंस्ट्रक्शंस। हां, प्राइमरी, रीजनल लैंग्वेज, मदर, टंग टीचर्स मैनेज देयर लिविंग वि द मोडेस्ट सैलरीज़। हां, इंटरेस्ट इज़ टू बी द बेसिस ऑफ़ लर्निंग। ये बात भी सही है। तो, अपनी एक ही बात गलत है

258:07

Speaker A

जी। बी तो ए, सी, डी, ई तो सही है। पर ऐसा कुछ ऑप्शन में नहीं दे रखा है। तो, हम किसके साथ जाएंगे? हमारा सेल्फ सैक्रिफाइसिंग होने चाहिए। देखो, बी नहीं है फॉर श्योर। और बी तो फॉर श्योर

258:20

Speaker A

नहीं है। तो अगर मैं बी को कट करूं तो हमारे पास ए डी ई और सी डी ई बचा। यानी डी ई तो फॉर श्योर है ही। ओके? तो ए और सी में से हमें अगर सेलेक्ट करना है देखो

258:29

Speaker A

उन्होंने हिंदी को बोला था। अगर रीजनल के ऊपर भी ना जाएं तो हिंदी या मदर टंग को स्पेशली बोला था मीडियम ऑफ लैंग्वेज जो है ना तो आंसर आपका ए डी ही आ जाएगा। ओके? सो रीजनल में उन्होंने हिंदी स्पेसिफाई किया

258:40

Speaker A

था प्राइमरी लेवल पे या मदर टंग। सो रीजनल में बहुत सारी लैंग्वेज आ जाती है। मदर टंग ज्यादा बेटर वर्ड होगा शायद। ओके? तो यहां पे ऑप्शन में ए डीई ज्यादा बेटर साउंड कर रहा है। रिलेटिव डेबिवेशन थ्योरी, कॉन्फ्लिक्ट थ्योरी, स्ट्रक्चरल

258:52

Speaker A

फंक्शनलिज्म और पॉलिटिकल थ्योरी। सो क्या चीज़ किससे रिलेट करती है? वो हमसे पूछा है। इट बिलीव्स दैट एम्स ऑफ़ एनी की एजेंसी सच ऐज़ एजुकेशन इज़ टू सोशलाइज़ द चाइल्ड एंड टीनएजर्स। स्ट्रक्चरल फंक्शनलिज़्म जैसा ज़्यादा साउंड कर रहा है। क्योंकि सोसाइटी

259:09

Speaker A

की बात हो रही है। ठीक है? कैसे काम होएगा सोसाइटी में? इट क्लेरिफाई द मीनिंग ऑफ़ कॉनसेप्ट सच ऐज़ फ्रीडम, इक्वलिटी, जस्टिस। पॉलिटिक्स से रिलेटेड बातें आ गई। ये पॉलिटिकल थ्यरी साउंड कर रही है। इट बिलीव्स दैट सोशल कॉन्फ्लिक्ट्स अराइज़

259:24

Speaker A

व्हेन अ सोशल ग्रुप फील्स दैट इट वास ऑफ़ देन अराउंड इट। यानी आप डिप्र्राइव्ड फील कर रहे हो। तो ये तो फॉर श्योर जो है वो रिलेटिव डेप्रिवेशन में जाएगा। दिस थ्यरी इज़ मोस्ट कॉमनली एसोसिएटेड विद मार्क्सिज्म। मार्क्सिज्म में कॉन्फ्लिक्ट

259:37

Speaker A

थ्यरी। थ्योरी ऑफ़ इकोनमिक डेटमिनिज्म काफी रिलेट करती है। सो तीन चार और आपका दो तीन चार एक और दो। ऑप्शन नंबर वन जो है वो आपका सही हो जाएगा। ओके जी। पलो फ्राय्स फिलॉसफी ऑफ़ एजुकेशन इज़ कंसीडर्ड टू बी

259:53

Speaker A

स्टेम्ड फ्रॉम। तो कहां से आई हुई लगती है? प्लेटो के आइडियाज़ से। मैंने आपको बताया था कि ये इन्फ्लुएंस्ड हैं इनके आइडियाज़ से। प्रो कॉलोनियल थिंकर्स, एंटी कॉलोनियल थिंकर्स, मॉडर्न मार्क्सिस्ट थिंकर्स एंड आपका एजुकेशन सिस्टम दैट सप्रेसेस द ऑप्रेसर। तो हां जो सप्रेस कर

260:11

Speaker A

रहा है ऑप्रेसर को ये भी सही साउंड कर रहा है। लेकिन प्लेटो का आईडिया तो है फॉर श्योर जितना मुझे ध्यान आ रहा है। सो ए, बी, ए, सी, डी ए, सी और डी। तो आंसर आपका ए, सी, डी हो जाएगा। जी। ठीक है? सो बेटर

260:26

Speaker A

इनमें से क्योंकि प्लेटो जो होता है ना इनमें से किसके अंदर रूट्स? ये तो बात इनकी जनरल बात ही हो गई कि एजुकेशन सिस्टम जो है वो सप्रेस करता है ऑप्रेसर ऑप्रेसर्स को नहीं ऑप्रेस्ड को ऑप्रेसर्स तो अ

260:39

Speaker A

ऑप्रेसर और ऑप्रेस्ड है ना एक दबाता है सो वो ऑप्रेस्ड को सप्रेस कर रहा है जो क्योंकि सप्रेस करके ही आप ऑप्रेस्ड बना रहे हो ना ऑप्रेसर जो ऑपरेशन मतलब जो उसको सप्रेस कर रहा है वो बंदा है ना ऑप्रेसर

260:52

Speaker A

तो जितना मैं समझ पा रही हूं। सो आंसर आपका ए, सी और डी हो जाएगा। जी। गिवन बिलो आर टू स्टेटमेंट्स इन जैन फिलॉसफी देयर इज़ नो प्लेस टू अ यूनिवर्सल सोल और गॉड। तो देखो वो गॉड की एग्ज़िस्टेंस को तो मानते

261:04

Speaker A

हैं लेकिन यूनिवर्सली एक ही एग्ज़िस्ट करता है। ऐसा कुछ इन्होंने बोला नहीं है। ठीक है? सो कोई प्लेस नहीं है यूनिवर्सल सोल या यूनिवर्सल गॉड का। क्योंकि अगर ऐसा कुछ हुआ तो इस ये एग्ज़िस्टेंस जो है वो मोरल

261:15

Speaker A

रिस्पांसिबिलिटी और इंडिविजुअल एफर्ट्स को मीनिंगलेस बना देगी। क्योंकि आप एक उसी इंसान ही उसी के ऊपर डिपेंडेंट हो जाओगे। अगर यूनिवर्सल सोल या गॉड एक्सिस्ट करता होगा तो ठीक है जी ये दोनों चीजें और एक्सप्लेनेशन भी करेक्ट है। जिद्दु

261:28

Speaker A

कृष्णमूर्ति बिलीव्ड दैट टीचिंग मींस गिविंग और रिसीविंग समथिंग स्टडिंग फर्स्ट एंड देन ट्रांसलेटिंग इंटू एक्शन शेयरिंग टुगेदर हेल्पिंग स्टूडेंट्स टू पास एग्जामिनेशन और रियलाइजिंग द सेल्फ। तो सेल्फ को रियलाइज़ करना। तो आंसर आपका फर्स्ट हो जाएगा जी सी और ई यानी शेयरिंग

261:44

Speaker A

टुगेदर और रियलाइजिंग द सेल्फ। ओके? सो ये पास एग्जामिनेशन वाला तो फॉर श्योर नहीं आएगा। वो हटते ही ये दो ऑप्शन हट गए सी ई और ए बी सी तो सी और ई ज्यादा बेटर है रेदर देन बाकी ऑप्शंस ओके नेक्स्ट है जी

261:59

Speaker A

व्हिच ऑफ़ द फॉलोवंग इंडियन स्कूल्स ऑफ़ फिलॉसोफी आर डज़ नॉट रिजेक्ट वैदिक अथॉरिटी सो वैदिक अथॉरिटी को रिजेक्ट नहीं करते तो बुद्धा चरक और जैन तो रिजेक्ट करते हैं। आंसर आपका सांख्यिक फिलॉसफी हो गया। व्हिच ऑफ़ द फॉलोवंग डज़ नॉट बिलोंग टू द कॉन्सप्ट

262:14

Speaker A

ऑफ़ सोशल मूवमेंट, रिलेटिव डेप्रिवेशन, थ्योरी, रिसोर्स मोबिलाइज़ेशन और पॉलिटिकल प्रोसेस? ये तो सिलेबस में ही है। ये तो वर्ड्स मैंने भी टच कर दिए। सो एक ही बचता है नॉर्मेटिव थ्योरी। नॉर्मेटिव थ्योरी जो है वो सोशल मूवमेंट से नहीं बिलोंग करती।

262:27

Speaker A

ये जो है आपकी कम्युनिकेशन से बिलोंग करती हैं। ठीक है? तो ये चार प्रेस थ्यरीज़ हैं जो कि फ्रेड साइबर्ट और थियोडोर, पेटसन और बिलबर्न ने दी हैं सैक्रम। ठीक है? तो फोर थ्यरीज़ ऑफ़ प्रेस। फोर थ्यरीज़ ऑफ़ प्रेस और

262:40

Speaker A

मीडिया में अथॉरिटेरियन, लिब्रिटेरियन, सोशल रिस्पांसिबिलिटी थ्यरी और सोवियत मीडिया थ्यरी आती हैं। ये चारों थ्यरी नॉर्मेटिव कहलाएंगी। और यह हमने वहां पे भी बात की है पेपर वन में। ओके?

262:52

Speaker A

सेलेक्ट द करेक्ट फोर्थ, एथ्स एंड 12थ लिंक इन 12 लिंक्स ऑफ़ सफरिंग अकॉर्डिंग टू बुद्ध फिलॉसोफी। सो 12 लिंक हैं सफरिंग के। ठीक है? तो उन 12 में से आपसे पूछा है फोर्थ, एथ और 12थ लिंक जो है वो क्या

263:05

Speaker A

रहेगा? ओके? सो ये आपको नहीं पता होगा। आंसर तो सेकंड है। ये चीज़ मैं बता देती हूं। ओके? सेलेक्ट द करेक्ट फोर्थ, एथ एंड 12थ लिंक। तो ये आपके हैं चीजें माइंड बॉडी ऑर्गेनिज्म आपका क्रेविंग्स और सफरिंग ठीक है इन्होंने क्या किया आगे

263:22

Speaker A

पीछे की है चीजें तो पहले माइंड बॉडी ऑर्गेनिज्म देन क्रेविंग और सफरिंग यही सिचुएशन में रहेंगे सारे के सारे अह ट्रुथ ऑफ़ सफरिंग ये है वो 12 लिंक्स ठीक है इग्नोरेंस कार्मिक फ़ेशन कॉन्शियसनेस नेम एंड फॉर्म सिक्स सोर्सेस कांटेक्ट फीलिंग

263:38

Speaker A

क्रेविंग रेस्पिंग बिकमिंग बर्थ और लास्ट में एजिंग एंड डेथ ओके तो ये थोड़ी सी फ़क्चुअर इनफेशन है जो आप ध्यान रख सकते हो। एक ही बार पूछी गई है। मुश्किल है दोबारा पूछना बट पूछा जा सकता है। कोई

263:48

Speaker A

भरोसा भी नहीं है। देन अच्छा ये भी था ये ट्रुथ ऑफ़ सफरिंग जो हमने चारों चीजें पढ़े इनमें से सेवंथ 11थ 12थ जो है वो ट्रुथ ऑफ़ सफरिंग से रिलेट करता है। वन टू 8 नाइन 10 ट्रुथ ऑफ़ सफरिंग ओरिजिन ऑफ़ सफरिंग से। ये

264:01

Speaker A

ससेशन और आपका ये हमने पढ़ा था दुख निरोध मार्ग जो एट फोल्ड बाथ। तो ये ये चीज़ आप थोड़ी सी ध्यान रख सकते हो। स्पिंजो इज आइडेंटिफाइड विद द आइडियलिस्ट ट्रेडिशन बिकॉज़ तो स्पिंजो को आइडियलिज्म के साथ रिलेट किया जाता है। क्यों? सो ही

264:17

Speaker A

इंसिस्टेड अपॉन फेमस कार्टिसन इनफरेंस। आई थिंक देयर फॉर आई एम यानी मैं सोचता हूं इसीलिए मैं हूं। ओके? इस वजह से या ही इंसिस्टेड दैट देयर इज़ एन अनचेंजिंग एंड अबाइडिंग एकज़िस्टेंस अनगिडिंग ऑल थिंग्स वन ऑफ़ द चीफ एट्रिब्यूट ऑफ़ व्हिच इज़ थॉट।

264:34

Speaker A

तो ये थॉट से रिलेट करते हैं, आइडिया से रिलेट करते हैं। इस वजह से इनको आइडियलिज्म से रिलेट किया जाता है। ही इंसिस्टेड अपॉन द प्राइमसी ऑफ़ सेल्फ नहीं। ही इंसिस्टेड अपॉन द कॉनसेप्ट ऑफ़ मोनार्ड्स। नहीं। ओके? तो आंसर आपका सेकंड

264:48

Speaker A

रहेगा। स्पिंजोस थ्योरी ऑफ़ एट्रिब्यूट्स भी आप इसको बोल सकते हो। एंड फोकस इसका किस पे रहता है? स्पिंजो जो है वो मोनेस्ट है जो देखता है मेंटल एंड फिजिकल एज़ टू साइड ऑफ़ सेम पॉइंट। ओके? तो स्पिंजो का जो

265:02

Speaker A

सिस्टम है वो सेंटर्ड ऑन द इनडेफिनेट इनफाइनाइट सिस्टम ना कि सेल्फ पे डिपेंडेंट हो। ठीक है? दूसरा कांसेप्ट ऑफ़ मोनार्ड जो है वो हॉलमार्क है जी गोट फ्राइड विलहम लिबनिस्ट का। ये उनकी फिलॉसफी है ना कि स्पिंजो की फिलॉसफी।

265:16

Speaker A

स्पिंजो जो है वो आर्ग्यू करते हैं कि एक ओनली वन सब्सटेंस है। जबकि लिबनिस्ट जो है वो आर्ग्यू करते हैं कि बहुत सारे सब्सटेंस हैं। बहुत सारे मोनार्ड्स। मोनार्ड्स मतलब सिंपल या नॉन इंटरेक्टिंग सब्सटेंसेस। तो बहुत सारे ऐसे सिंगल-सिंगल

265:28

Speaker A

सब्सटेंसेस हैं। ओके? टू अंडरस्टैंड पॉलिटिक्स, रैशन चॉइस थ्योरी इज़ बेसिकली एक्सप्लेनिंग सोशल फ़िनोमिना एज़ एन आउटकम ऑफ़ इंडिविजुअल एक्शन दैट कैन अच्छा ये मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि रैशन चॉइस थ्योरी तो अगले उसमें आएगी ना सेकंड सेकंड

265:44

Speaker A

यूनिट में आई थिंक। ओके? इन दिस कॉन्टेक्स्ट व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग इज़ नॉट द की एलिमेंट इन ऑल रैशन चॉइस एक्सप्लेनेशन?

265:51

Speaker A

सो इंडिविजुअल प्रेफरेंस, बिलीफ़ ऑफ़ द सोसाइटी, इंडिविजुअल कॉन्स्टेंट, इंडिविजुअल बिलीफ़। तो जब भी रैशन चॉइस यानी लॉजिकली आप अपनी चॉइस के हिसाब से आगे बढ़ोगे। उसकी जब बात आती है तो उसके अंदर इंडिविजुअल की प्रेफरेंसेस, इंडिविजुअल कॉनंस्टेंट, इंडिविजुअल बिलीफ

266:04

Speaker A

पे फोकस किया जाता है ना कि सोसाइटी के बिलीफ पे। ओके? सोसाइटी के बिलीफ पे फोकस करोगे उसके हिसाब से चलोगे तो वो रैशन चॉइस तो नहीं हुई ना। तो सेकंड ऑप्शन आपका गलत हो गया। जी। हु इज़ द राइटर ऑफ़ फेमस

266:14

Speaker A

बुक, फाउंडेशंस ऑफ़ एजुकेशन, किलपैट्रिक, जॉन ड, टाइलर और कैसवेल? आंसर आपका किलपैट्रिक रहेगा। व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग पर्पस हैव बीन सर्व्ड बाय फैमिली एज़ अ सोशल इंस्टीट्यूशन? सोशलाइज़ करती है बच्चों को? बिल्कुल करती है। इट प्रोड्यूस इट प्रोवाइड्स प्रैक्टिकल एंड इमोशनल

266:30

Speaker A

सपोर्ट अपने मेंबर्स को। बिल्कुल एक गोल एस्ट इट एस्टैब्लिशज़ अ गोल ऑफ़ सोशल इक्वलिटी। सोशल इंस्टीट्यूशन फैमिली की जब हम बात करते हैं तो वो सोशल इक्वलिटी कैसे लेके आएगी सिर्फ फैमिली? इट रेगुलेट्स द सेक्सुअल रिप्रोडक्शन। बिल्कुल। इट

266:43

Speaker A

प्रोवाइड्स इट्स मेंबर्स विद सोशल आइडेंटिटी। तो वो सोशल आइडेंटिटी प्रोवाइड करती है अपने मेंबर्स को ना कि सोशल इक्वलिटी का कोई ऐसा गोल हो। ओके? हमारे पास ऑप्शन पांच में से चार ही सही हो सकते हैं। तो हम सी को हटाएंगे जी। हम ए, बी,

266:56

Speaker A

डी, ई के साथ जाएंगे यानी ऑप्शन नंबर सेकंड। ओके? व्हिच ऑफ़ द फॉलोवंग स्टेटमेंट्स आर ट्रू? स्टडी ऑफ़ प्रॉब्लम ऑफ़ फ्रीडम कम्स अंडर मेटाफिजिक्स? स्टडी ऑफ़ इंपेरेसिज्म कम्स अंडर सिस्टेमोलॉजी। इंडक्शन मेथड फॉल्स अंडर द परव्यू ऑफ़ लॉजिक। और अ प्रायरी नॉलेज फॉल्स अंडर

267:15

Speaker A

एग्जियोलॉजी कांसेप्ट ऑफ गॉड फॉल्स अंडर एपिस्टमोलॉजी तो कौन सा इसमें से सही है? यहां से आपको नई चीजें भी पता चलेंगी। आंसर आपका ए बी सी सही है। जी यानी स्टडी ऑफ़ प्रॉब्लम ऑफ़ फ्रीडम जो है रियलिटी के

267:28

Speaker A

बारे में जब आप बात कर रहे हो तो मेटाफिजिक्स एक्सपीरियंस की जब आप बात कर रहे हो करना चीजें सीखना मेथड तो वो आपका एपिस्टोमोलॉजी और इंडक्शन मेथड आपका लॉजिक में क्योंकि लॉजिक में इंडक्शन और डिडक्शन दो मेथड्स की हम बात करते हैं। ठीक है? सो

267:42

Speaker A

ये दोनों चीजें जो है वो गलत होनी चाहिए। चूज़ द फॉलोइंग स्टेटमेंट्स आर ट्रू। सांख्य मींस फिलॉसफी ऑफ़ राइट नॉलेज सांख्य सामख्य ख्याति। ओके? अह सांख्य इज़ अ प्लुरलिस्टिक स्पिरिचुअलिज़्म एंड एन अनक्प्रोमाइजिंग डुअलिज़्म। डुअलिज़्म तो है ही ये। प्रकृति और उसकी बात करता है ये

268:02

Speaker A

पुरुष की। राइट नॉलेज इज़ द नॉलेज ऑफ़ एसोसिएशन ऑफ़ पुरुष विद द प्रकृति। शंकराचार्यज़ रिगार्ड सांख्य ऐज़ अ मेन कॉम्पोनेंट ऑफ़ वेदांता। व्यू ऑफ़ वेदांत सांख्य योग इज़ कॉल्ड प्राकृति आरंभवाद। तो व्यू ऑफ़ सांख्य योग आपसे पूछा है। सो ये

268:19

Speaker A

आरंभवाद को फॉलो कर रहे हैं या फिर परिणामवाद को? तो सांख्य फिलॉसफी जो है वो प्री एक्जिस्टेंस को मानती है। तो परिणामवाद को फॉलो करते हैं। तो ई तो नहीं आना चाहिए। बचा ए बी डी और बी सी डी। ए बी

268:33

Speaker A

डी और बी सी डी। डी तो यानी आएगा ही आएगा। ठीक है? ए बी और बी सी तो बी भी आएगा। प्लुरलिस्टिक है। मैंने बोला था ड्यूललिज्म। ठीक है? अब बचा आपका ए और सी। सो ए और सी में से अगर हम देखें तो सांख्य

268:48

Speaker A

मींस सही चीज। सांख्य वैसे तो अंक से रिलेटेड था ये। ठीक है? सो फिलॉसफी ऑफ़ राइट नॉलेज और राइट नॉलेज आप पुरुष और प्रकृति के एसोसिएशन को बोल रहे हो। सो राइट नॉलेज वाली चीज़ बेटर रहेगी। जी। ए,

269:01

Speaker A

बी और डी आपका आंसर हो जाएगा। ओके? फाइंड द करेक्ट पेयर्स। रैशनलिस्ट, इंपेरेसिस्ट, एग्ज़िस्टेंशियलिस्ट, प्रगमेटिस्ट और आइडियलिस्ट। तो रैशनलिस्ट में क्या है?

269:11

Speaker A

टीचर ऐज़ अ सोर्स ऑफ़ आइडियाज़, फैक्ट्स, इनेशन। इंपेरेसिस्ट में है टीचर को हम एक डेमोंस्ट्रेटर ऑफ़ प्रोसेस मान रहे हैं। एग्ज़िस्टेंशियलिज़्म में फैसिलिटेटर ऑफ़ चॉइससेस मान रहे हैं। प्रगमेटिस्ट में हम टीचर को कंट्रोलर मान रहे हैं। नहीं, टीचर

269:25

Speaker A

कंट्रोलर तो नहीं है। प्रगमेटिस्ट में फॉर श्योर और आइडियलिस्ट में फ्रेंड नहीं है। इतना पता है। ये उल्टा दे दिया। यहां फ्रेंड और यहां कंट्रोलर आप बोल सकते हैं। तो डी और ई तो फॉर श्योर गलत हो गया जी।

269:35

Speaker A

ठीक है? सो अगर डी और ई गलत है तो आपके पास एक ही ऑप्शन बचा आपका ए, बी और सी। ओके? तो आंसर आपका फर्स्ट हो गया। ओके?

269:43

Speaker A

एग्नोसिटिसिज्म। एग्नोस्टिटिसिज्म अ रैशनलिज्म, मेलरिज्म और आपका हेडोनिज़्म। ओके? सो, कंक्लूज़न एज़ टू द गुडनेस और एविल ऑफ़ एकज़िस्टेंस कैन नॉट बी मेड फ़ाइनल। द हाईएस्ट गुड इज़ प्लेज़र। ओके? द पोजीशन दैट कंक्लूसिव नॉलेज ऑफ़ अल्टीमेट रियलिटी इज़ एन इंपॉसिबिलिटी। पोजीशन दैट रीज़ इज़ द चीफ

270:09

Speaker A

सोर्स ऑफ़ नॉलेज। तो रीज़ को अगर आप चीफ सोर्स बोल रहे हो तो रैशनलिज्म में आएगा। है ना? और कुछ नहीं भी पता। तो रीजनिंग तो है ना रैशनलिज्म में। सो ये तो आंसर सेकंड आना चाहिए। उस हिसाब से अगर मुझे ये तीनों

270:23

Speaker A

भी नहीं पता थे तो भी मेरा आंसर सेकंड आ रहा है। व्हिच इज़ राइट। ओके? तो अब मुझे ये पता होना चाहिए कि जब मैं हेडोनिज़्म की बात कर रही हूं। दैट मींस दिस इज़ द हाईएस्ट गुड इन हाईएस्ट गुड इज़ प्लेज़र।

270:33

Speaker A

ठीक है? आप प्लेज़र पे फोकस कर रहे हो। मेलरिज्म में आप कंक्लूजन निकाल रहे हो। कंक्लूज़ंस एज़ टू द गुडनेस और एविल ऑफ़ एकज़िस्टेंस कांट बी मेड फाइनल। और ये बचा हुआ आपका क्या हो गया? जी एग्नोस्टिसिज्म हो गया। नेक्स्ट क्वेश्चन है पेरिनलिज्म,

270:47

Speaker A

एसेंशियलिज़्म प्रोग्रेसिविज़्म रिकंस्ट्रक्शनिशक्शनिज़्म। अच्छा एक और चीज जब भी आपको कभी कंफ्यूजन लगे कि पहले की कोई पुरानी वीडियो में अगर कोई आंसर कुछ अलग दे रखा है और अब की वीडियोस में कुछ अलग है तो ट्रस्ट अपडेटेड वीडियोस क्योंकि

271:00

Speaker A

कई बार होता है क्योंकि मैं भी धीरे-धीरे ही सीखी हूं ना सारी चीजों को एक्सपीरियंस के साथ चीजें आती हैं। बेटर होती हैं। सो अगर पहले वाली किसी वीडियो में कोई चीज आपको ऊपर नीचे लगे। सो आप अपडेटेड वीडियो

271:11

Speaker A

के हिसाब से ही जाइएगा। जैसे ये वाला क्वेश्चन मैंने रिचेक किया। जब मैंने पीवाईक्यूस करवाए होंगे तो यहां पे ये थर्ड ऑप्शन ही ऊपर नीचे हो रखा है। आंसर थर्ड ही था लेकिन वो पता नहीं टाइप करने में कुछ गड़बड़ हुआ है या क्या हुआ और

271:24

Speaker A

मैंने भी शायद वहां ज्यादा एक्सप्लेन नहीं किया। बस बोल दी वो चीज। राइट? कि ये आंसर रहेगा। ओके? और कोई फिर आप कई बार क्वेश्चन भी नहीं उठाते बच्चे। सो पॉइंट ये है कि जब भी आपको डाउट लगे तो आप

271:34

Speaker A

क्वेश्चन उठाया करिए। ठीक है? आप निर्जीव नहीं है, सजीव इंसान हैं। सो आप अपने लॉजिक के साथ जाके कोई इशू लगे तो आंसर बताया कीजिए कि मैम ये हो सकता है क्या?

271:44

Speaker A

अगर मुझे लगा जब मैंने देखा या किसी बच्चे ने देखा तो कम से कम कोई बोले तो उस पे ओके बातचीत होगी उस पे। सो पेरिनियलिज्म, एसेंशियलिज्म प्रोग्रेसिविज़्म रिकंस्ट्रक्शनिज़्म, क्लासिकल सब्जेक्ट्स, लिटरी एनालिसिस, कॉन्स्टेंट करिकुलम। जब कॉन्स्टेंट करिकुलम आ गया तो पेरिनियलिज़्म

272:00

Speaker A

ही रहेगा ना। ओके? एसेंशियलिज्म है तो एसेंशियल स्किल्स और एसेंशियल सब्जेक्ट्स जो है वो एसेंशियलिज्म में आ जाएंगे। स्टूडेंट्स के इंटरेस्ट की बात हो रही है तो प्रोग्रेसिविज़्म में आ जाएगा और सोशल साइंसेस सोसाइटी पे प्रेजेंट फ्यूचर सोशल

272:13

Speaker A

इकोनॉमिक पॉलिटिकल प्रॉब्लम्स पे फोकस है तो रिकंस्ट्रक्शनिज्म आ जाएगा। ओके? तो आंसर आपका 1 4 2 3 आएगा जी। आई थिंक पहले जो पीवाईक्यूस करवाए हुए हैं उसमें 1 2 3 4 जा रखा है ये। ओके? सो वो एक दो तीन चार

272:27

Speaker A

नहीं है। गड़बड़ है वो। एक चार तीन और दो आपका सही आंसर होगा। फ़र्स्ट फाइव अमोंग सेवन काइंड ऑफ़ कंडीशनल जजमेंट सप्त भंजन्य भजन अभंजन्य। ओके? तो सम ये सात कंडीशंस होती हैं। जैसे ये इन्होंने बोला है सम

272:43

Speaker A

हाउ एस इज़ पी। सम हाउ एस इज़ नॉट पी। ठीक है? तो इज़ नॉट पी। एस इज़ इज़ नॉट इज़ पी और इज़ और इज़ नॉट। ठीक है? एस इज़ एंड इज़ इनस्ट्रक्ट इनस्क्राइबल। और ये है इज डिस्क्राइबल। तो आंसर आपका

273:00

Speaker A

इसके अंदर ए बी सी ई डी रहेगा। ठीक है? ये इसकी सिचुएशन रहेगी। और ये है चीजें। ओके?

273:06

Speaker A

पहले में इज़ देन इज़ नॉट देन इज़ एंड इज़ नॉट। ये किसी भी सिचुएशन है। जैसे ये कोई भी स्टेटमेंट हो सकती है। सम हाउ एस इज़ पी। एस इज़ नॉट पी। एस इज़ पी एंड इज़ नॉट पी। एस इज़ इन एक्सप्रेसिबल। एस इज़ एंड एस

273:22

Speaker A

इज़ पी एंड इज़ इन एक्सप्रेसिबल। एस इज़ नॉट पी एंड इज़ इनप्रेसिबल। तो ऐसे जाएंगे ये स्टेटमेंट्स। ओके? तो ये सात की सात स्टेटमेंट्स आप ध्यान रख सकते हो। एक ही बार आया है। ये इसके अलावा कभी पूछा नहीं

273:35

Speaker A

गया है। सांख्य थ्योरी दैट कॉज़ेशन मींस अ रियल ट्रांसफ़ेशन ऑफ़ मटेरियल कॉज़ इंटू इफ़ेक्ट। इट लॉजिकली लीड्स टू द कॉन्सेप्ट ऑफ़ इवोल्यूशन एज़ द अल्टीमेट कॉज़ ऑफ़ वर्ल्ड ऑफ़ ऑब्जेक्ट। सेकंड टाइप ऑफ़ अल्टीमेट रियलिटी एडमिटेड बाइ सांख्या इज़ सेल्फ़।

273:50

Speaker A

एग्ज़िस्टेंस ऑफ़ सेल्फ़ मस्ट बी एडमिटेड बाइ ऑल। सो, फ़र्स्ट स्टेटमेंट गलत है जी। दूसरे वाली सही है। ओके? सो कोज़ेशन मींस अ रियल ट्रांसफ़ेशन ऑफ़ मटेरियल कॉज़ इंटू इफ़ेक्ट। सो वो रियल मतलब वो ऑलरेडी एग्ज़िस्ट करता था। सो अल्टीमेट कॉज़ हम

274:04

Speaker A

प्रकृति को ही मानते हैं। ओके? तो फर्स्ट स्टेटमेंट गलत हो गई। दूसरे वाली आपकी सही है। व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग इंडियन स्कूल ऑफ़ फिलॉसोफी रिजेक्ट्स द वैदिक अथॉरिटी?

274:13

Speaker A

सोसांख्य, न्याय, चरक, वैशिष्ट्य। तो चरक जो है वो रिजेक्ट करते हैं। तो आंसर आपका चरक हो गया। इसके अलावा 100 क्वेश्चंस और बच गए। 189 क्वेश्चंस हैं इस यूनिट में। व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग पर्सपेक्टिव एग्जामिनस हाउ फैमिली मेंबर्स एंड इंटिमेट

274:29

Speaker A

कपल इंटरेक्ट ऑन अ डेली बेसिस एंड अराइव एट अ शेयर्ड अंडरस्टैंडिंग ऑफ़ देयर सिचुएशन? तो ये क्या हो रहा है? सो ये सोशल इंटरेक्शन थ्योरी पर्सपेक्टिव है। तो सोसाइटी कैसे इंटरेक्ट करती है वो पर्सपेक्टिव है। केयर एजुकेशन हैज़ बीन

274:44

Speaker A

फोकस्ड बाय? तो केयर और नेल नोडिंग्स का बहुत ही जन्मोंज्मों पुराना नाता है। आपको याद होना चाहिए। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ नॉट एन इनपुट फंक्शन ऑफ़ स्ट्रक्चरल फंक्शनल एनालिसिस एज़ स्पेसिफाइड बाय गैब्रियल एलमेंट। ठीक है? तो नॉट एन इनपुट

274:58

Speaker A

फंक्शन। तो ये इनपुट और इनपुट और आउटपुट दो फंक्शनंस की बात करते हैं। ठीक है?

275:02

Speaker A

आंसर आपका सेकंड हो जाएगा जी। ये हैं गैब्रियल एलमेंट के इनपुट और आउटपुट फंक्शन जो आपको याद रखने हैं। ओके? आउटपुट में रूल मेकिंग, एप्लीकेशन, एडजुडिकेशन और ये पॉलिटिकल सोशलाइज़ेशन एंड रिक्रूटमेंट, इंटरेस्ट आर्टिकुलेशन, इंटरेस्ट एग्रीगेशन और आपका पॉलिटिकल कम्युनिकेशन। तो जो रूल

275:19

Speaker A

एप्लीकेशन है दैट इज़ आउटपुट फंक्शन ना कि इनपुट फंक्शन। ओके? अ चाइल्ड फ्रॉम कल्चरली बैकवर्ड फैमिली बैकग्राउंड हैज़ बीन एडमिटेड टू योर स्कूल एज़ अ स्कूल हेड। आप क्या करोगे? यू विल कीप हिम इन अ क्लास इन व्हिच देयर आर मेनी मोर स्टूडेंट्स

275:32

Speaker A

फ्रॉम कल्चरली बैकवर्ड बैकग्राउंड। ऐसा तो नहीं होगा। आप सेम सब बच्चों को एक मतलब आप डायवर्सिटी को सेलिब्रेट कीजिए ना। आस्क अ टीचर टू नो मोर अबाउट द कल्चरल बैकग्राउंड ऑफ़ स्टूडेंट चाइल्ड। कीप हिम इन नॉर्मल क्लास बट विल मेक स्पेशल

275:46

Speaker A

अरेंजमेंट्स। कीप हज़ स्पेशल नीड्स इन व्यू। ये बात बहुत अच्छी है। इसके बाद तो कुछ पढ़ने की भी जरूरत नहीं है। ओके? व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग स्टेटमेंट्स आर ट्रू। वेद इज़ नॉट द नेम ऑफ़ एनी पर्टिकुलर बुक। हिम्स

275:59

Speaker A

जो हैं हम्स ऑफ़ ऋग्वेद आर कंपोज्ड इन द प्रेज़ ऑफ़ गॉड। वैदिक टीचिंग्स बिलोंग टू कर्म मार्ग। उपनिषद्स को हम वेदांता भी बोलते हैं। वेद का अंत। वेदांता इज़ लास्ट पार्ट ऑफ यजुर्वेद। वेदांता हर पार्ट का ही हर वेद का लास्ट पार्ट है टेक्निकली।

276:16

Speaker A

ठीक है? तो आंसर आपका ए बी सी डी हो जाएगा। जी ई नहीं होगा। सिर्फ यजुर्वेद का नहीं है। सब वेदों का आखिरी पार्ट उपनिषद या वेदांता ही है। वेद का अंत। तो हर एक वेद में वेदांत आएगा ना। अंत आएगा। व्हिच

276:29

Speaker A

ऑफ़ द फॉलोवंग स्टेटमेंट्स आर ट्रू इन रिलेशन टू वैल्यूज़। द टर्म वैल्यू डिराइव्ड फ्रॉम लेटिन वर्ड वेलरेरी। वैल्यू इज़ डिफ़ाइंड ऐज़ एन एंड्यूरिंग बिलीफ़ दैट द वे थिंग्स शुड बी डन और अबाउट द नीड्स वि एंड्स वि डिज़ायर। इंडियन

276:43

Speaker A

कॉन्स्टिट्यूशन क्लियरली इन इनिशिएट द वैल्यूज़ ऑफ़ जस्टिस, लिबर्टी, इक्विटी, इक्वलिटी, ब्रदरहुड, अ इक्विटी, इक्वलिटी ये इनमें से एक वर्ड नहीं है। दोनों ही नहीं है। आई थिंक रुको। जस्टिस लिबर्टी इक्व इक्वल अपॉर्चुनिटीज़ की बात करते हैं। हम इक्विटी नहीं है। जी। इक्विटी नहीं है।

277:05

Speaker A

ठीक है। अ इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन के प्रएमबल को जब आप चेक करोगे। इक्वलिटी राइट टू इक्वलिटी तो है बट इक्विटी नहीं है। तो ये तो स्टेटमेंट गलत हो गई। पार्लियामेंट्री कमेटी 1999 में पांच कोर यूनिवर्सल वैल्यूस जो है वो उन्होंने

277:19

Speaker A

आइडेंटिफाई की। वैल्यू कैन ओनली बी टोट एट स्कूल। तो ओनली तो गलत हो गया। तो देखो ओनली टोट वाली गलत हो गई। ये वाली गलत हो गई। तो ऑप्शन आपके दो ही ए, बी और डी ही ऑप्शन बचे। ठीक है? अब आपको ये पता होना

277:32

Speaker A

चाहिए कि हां ठीक है ये पांच यूनिवर्सल वैल्यूज़ की बात हुई है पार्लियामेंट्री कमेटी में। और ये पांच वैल्यूज़ ट्रुथ, राइटियस, कंडक्ट, पीस, लव और नॉन वायलेंस। ओके? लेटिन वर्ड से आया है। ये भी याद रखना। आइडियलिज़्म, प्रेगमेटिज़्म,

277:45

Speaker A

एक्सिस्टेंशियलिज़्म, रियलिज़्म हिज़ डॉक्ट्राइन एम्फसाइज़ज़ दैट देयर इज़ देयर आर नो वैल्यूज़ आउटसाइड मैन। ओके? मैन के ऊपर फोकस है। तो, यह एगज़िस्टेंशियलिज़्म हो सकता है। अह व्यूज़ द वर्ल्ड इन टर्म्स ऑफ़ ऑब्जेक्ट एंड मैटर। सो, ऑब्जेक्ट और मैटर

278:01

Speaker A

में तो कौन देखता है? रियलिज़्म देखता है। वर्ल्ड ऑफ़ माइंड एंड आइडियाज़ इज़ परमानेंट, रेगुलरली, ऑर्डरली। ठीक है? द वैल्यू ऑफ़ एन आइडिया लाइज़ इन इट्स एक्चुअल कॉन्सिक्वेंसेस। सो, ये प्रेगनेंट ये टेक्निकली कॉन्सिक्वेंसेस वाली चीज़ तो आपकी उसके अंदर आती है वैसे नेचुरलिज़्म

278:17

Speaker A

में। ठीक है? बट सेम सेम सी ही है चीजें। सोसाइटी वाला आस्पेक्ट थोड़ा अलग है बस। सो ये तो ये साउंड कर रहा है जी। चार तीन एक और दो। है क्या ऐसा कुछ? सॉरी तीन चार एक और दो। तीन चार एक और दो। ऑप्शन नंबर टू।

278:30

Speaker A

ओके। बुक है जी कृष्ण कुमार की बुक जो हिंदी में एक क्वेश्चन आया था सिंगल क्वेश्चन उसमें कृष्ण कुमार की बुक थी अगर आपको थोड़ा ध्यान हो तो ठीक है पावलो फ्रायरे की बुक की अगर आप बात करोगे डेमोक्रेसी

278:44

Speaker A

एंड एजुकेशन जॉन डोई ने लिखी है फॉर श्योर सो दो ऑप्शंस तो आपके यहां से कट हो गए फर्स्ट और लास्ट ठीक है उसके अलावा अगर आपको कुछ समझ आए तो बढ़िया है नहीं समझ आए तो फिर डाउट है आपको लिख लेनी चाहिए ये

278:57

Speaker A

बुक्स आंसर आपका थर्ड रहेगा तो यानी ये है पावलो फरी की पॉलिटिक्स ऑफ़ एजुकेशन देन आपका पॉलिटिक्स ये अगर कल्चर पावर लिबरेशन है तो पावलो की है। पॉलिटिक्स ऑफ़ एजुकेशन है तो आपकी सल्तमन की है। और पॉलिटिकल एजेंडा है तो आपकी कृष्ण कुमार है ना

279:14

Speaker A

कृष्ण कुमार की है। पांच पाथ हैं जी लिबरेशन के बुद्ध फिलॉसोफी में। तो ये पांच ही दिए हैं। लास्ट फाइव पाथ हैं। ये टोटल तो आठ होते हैं। तो ये लास्ट फाइव को आपको क्या लगाना है? कंटिन्यूटी में लगाना

279:26

Speaker A

है। ठीक है? तो आपको ये वही सीक्वेंस याद होनी चाहिए। आठ के आठ की सेम योग में याद होनी चाहिए उन आठों की। तो सों में आपको कुछ चीजें याद करने की है। आंसर आपका थर्ड हो जाएगा। देखना सही है कि नहीं है। ओके?

279:38

Speaker A

व्हिच ऑफ़ द फॉलोवंग स्टेटमेंट्स ऑफ़ डेस्क्रेट्स रिलेट हिम टू द डेवलपमेंट ऑफ़ आइडियलिज़्म दैट द सेल्फ इज़ द मोस्ट इमीडिएट रियलिटी इन द एक्सपीरियंस ऑफ़ ईच वन ऑफ़ अस। और दैट द एकज़िस्टेंस ऑफ़ गॉड इज़ एविडेंस्ड इन द एक्सपीरियंस ऑफ़ अस। बाय द

279:51

Speaker A

फ़ैक्ट दैट वी हैव एन आइडिया ऑफ़ परफेक्ट बीइंग। सो आइडियलिज्म जो डिस्क्रेट का आईडिया है वो पूछा है। दोनों स्टेटमेंट सही है। गिवन बिलो आर टू स्टेटमेंट्स। द ईगो आइडियल्स इंक्लूड्स द रूल्स एंड स्टैंडर्ड्स फॉर गुड बिहेवियर्स कॉन्शियस

280:04

Speaker A

इंक्लूड्स इनफेशन अबाउट थिंग्स दैट आर व्यूड एज़ बैड बाय पेरेंट्स एंड सोसाइटी। सो टेक्निकली ये क्वेश्चन वही मैंने ध्यान से नहीं देखा। ये थर्ड यूनिट में जाना चाहिए। ठीक है? क्योंकि फ्लूइड से रिलेटेड है। ये ईगो और कॉन्शियस का है। ईगो

280:17

Speaker A

आइडियल्स जो है वो इद ईगो सुपर ईगो की हम बात करेंगे। इद ईगो सुपर ईगो। सो ये टेक्निकली थर्ड यूनिट का क्वेश्चन है। यानी एक क्वेश्चन हमने सेकंड यूनिट का डाल दिया गलती से और एक थर्ड का। बट ठीक है

280:28

Speaker A

हमें तो क्वेश्चन कवर होने से मतलब है। वो तो सारे हो ही जाएंगे पीवाईक्यूस। सो ईगो जो है वो बैलेंस करके रखता है इस प्लेज़र प्रिंसिपल को और सुपर ईगो जो है वो मोरल प्रिंसिपल होता है जिसको कई बार पेरेंट्स

280:39

Speaker A

और सोसाइटी जो है वो सही नहीं मानते। यानी एक्सट्रीम है सुपर ईगो। ओके? और ईद जो है वो दूसरी साइड में एक्सट्रीम है। ईगो जो है वो रूल्स और स्टैंडर्ड्स हैं जो अच्छे बिहेवियर के लिए बोले जाते हैं बैलेंस

280:50

Speaker A

करने के लिए। तो स्टेटमेंट्स तो दोनों ठीक है ये बस ये यूनिट थर्ड की थी। ओके नेक्स्ट है जी हु अमोंग्स द फॉलोइंग इज़ कंसीडर्ड ए फादर एफ ऑफ सोशियोलॉजी ऑगस्ट कॉमटे ठीक है अकॉर्डिंग टू सांख्य फिलॉसफी द

281:04

Speaker A

माइंड और द इंटेलेक्ट इज़ ओके सांख्य फिलॉसफी के अकॉर्डिंग माइंड या इंटेलेक्ट क्या है? अनकॉन्शियस मटेरियल एंटिटी है। सबकॉन्शियस मटेरियल एंटिटी है या कॉन्शियस मटेरियल एंटिटी है या कॉन्शियसनेस और इंटेलेक्ट है? सो आंसर आपका फर्स्ट होएगा। ये अनकॉन्शियस मटेरियल एंटिटी है। जी।

281:21

Speaker A

ओके। इन द कॉन्टेक्स्ट ऑफ़ पाथ मार्ग टू रीच अ स्टेट फ्री फ्रॉम मिज़री ऐज़ रेकमेंड रेकमेंडेड बाय बुद्धा। व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग इज़ नॉट अमोंग्स दोज़ एट स्टेप्स और रूल्स आल्सो कॉल्ड अष्टांगिका मार्ग। ऑप्शन ए राइट कंडक्ट, बी राइट एफर्ट, राइट

281:37

Speaker A

नॉलेज, राइट स्पीच? तो, ये चार ऑप्शन है हमारे पास। हमसे पूछा क्या है? व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ नॉट अमोंग्स द एट स्टेप्स? तो उन आठ में से कौन सा नहीं है? सो आंसर आपका राइट नॉलेज आ जाएगा। ओके? तो कंडक्ट,

281:49

Speaker A

एफर्ट, स्पीच ये सारे उसके अंदर हैं। व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग वाज़ नॉट द एम ऑफ़ क्राफ्ट बेस्ड एजुकेशन रेकमेंडेड बाय महात्मा गांधी। ऑप्शन ए मीटिंग द एक्सपेंसेस ऑफ़ टीचर्स सैलरी, क्रिएशन ऑफ़ स्पेशलाइज़्ड क्लास ऑफ़ क्राफ्ट्समैन, डिग्निटी ऑफ़ लेबर, मिनिमाइज़ेशन ऑफ़

282:04

Speaker A

ड्रिफ्ट। तो, मिनिमाइजेशन ऑफ़ ड्रिफ्ट ऑफ़ रूरल यूथ टू सिटीज़ इन सर्च ऑफ़ जॉब। ये तो था। ये तो ऐ था कि मिनिमाइज़। डिग्निटी ऑफ़ लेबर हम उनको सिखा पाएं। ठीक है? सो स्पेशलाइज्ड क्लास ऑफ क्राफ्ट्समैन रेडी हो जाए या एक्सपेंसेस मीट हो जाए। तो आंसर

282:19

Speaker A

बी है जी। ये कोई मोटिव नहीं था कि स्पेशलाइज्ड क्लास ऑफ़ क्राफ्ट्समैन हम रेडी करें। हमारा ये था कि मोडेस्ट सैलरी और टीचर्स की टीचर्स सेल्फ सैक्रिफाइसिंग हो। टीचर्स की सैलरीज़ का एक्सपेंस जो है इस क्राफ्ट बेस्ड एजुकेशन से ही निकल जाए।

282:34

Speaker A

ओके? सो और डिग्निटी ऑफ़ लेबर हम सिखा पाए। यूथ जो है वो ज्यादा बाहर ना जाए काम करने के लिए। उनको यहीं काम मिल जाए। सो ऐसा कुछ नहीं था कि हम कुछ क्राफ्ट्समैन की स्पेशलाइज़्ड क्लास बनाना चाह रहे थे।

282:45

Speaker A

बैंकिंग कांसेप्ट ऑफ़ एजुकेशन इज़ कॉइ बाय सोचने की भी जरूरत नहीं होनी चाहिए। पावलो आंसर है। व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग इज़ नॉट अ करेक्ट स्टेटमेंट विद रिगार्ड टू इंडियन फिलॉसोफी? इंडियन फिलॉसोफी डिनोट्स द फिलॉसफिकल स्पेकुलेशंस ऑफ़ एंशिएंट और

282:59

Speaker A

मॉडर्न थिंकर्स? स्पेकुलेशंस ऑफ़ इंडियन थिंकर्स हु आर एसेंशियली हिंदू। एसेंशियली तो फॉर श्योर नहीं है। मैंने आपको बताया था कि इंडियन फिलॉसफी मतलब जो इंडियन सोइल पे बनी है टेक्निकली। ठीक है? सो स्पेककुलेशंस ऑफ़ इंडियन थिंकर्स, थिस्ट और

283:11

Speaker A

एथिस्ट और इज़ मार्क्ड विद द डिवोशन टू द सर्च फॉर ट्रुथ। तो आंसर आपका क्या हो जाएगा? बी हो जाएगा। ठीक है? हमसे नॉट करेक्ट ही तो पूछा है ना? बाकी चीजें तो सही हो गई। नॉट करेक्ट बी। ठीक है? तो

283:23

Speaker A

एसेंशियली हिंदूज़ हो ऐसा कोई जरूरी पॉइंट नहीं है। एरिस्टोटलल्स टीचिंग बिकम द फिलॉसोफिकल फाउंडेशन फॉर? तो एरिस्टोटल इज़ द फादर ऑफ़ रियलिज़्म। प्लेटो आइडियलिज्म के फादर हैं। तो रियलिज्म का बेस बनी ना ये। व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग कॉन्स्टिट्यूशनल

283:38

Speaker A

प्रोविज़न इज़ मेड टू एलिमिनेट डिस्क्रिमिनेशन ऑफ़ कास्ट, क्रेट, कलर इन एनी गवर्नमेंट एडेड स्कूल? सो गवर्नमेंट एडेड स्कूल की बात हो रही है। जी, आंसर आपका 29 आर्टिकल आएगा। ठीक है? मैंने आपको ऊपर बताया भी था। डेविस हैज़ कैरेक्टराइज़्ड

283:53

Speaker A

व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग एज़ मेन सोशल फंक्शनंस ऑफ़ फैमिली? तो मेन सोशल फंक्शन कौन-कौन से हैं? वो आपसे पूछा है। रिप्रोडक्शन, मेंटेनेंस, प्लेसमेंट, सोशलाइज़ेशन ऑफ़ यंग वंस, मैरिंग द किड्स। तो आंसर आपका क्या आ जाएगा? ए, बी, सी, डी आ जाएगा। ठीक है?

284:06

Speaker A

ठीक है? तो ओनली डेविस हैज़ कैरेक्टराइज़ द मेन सोशल फंक्शन। तो ये चार डिवीज़ंस उन्होंने किए हैं पहले चार। ओके? दीक्षा आरंभ क्वालिटी एनहांसमेंट प्रोग्राम और फैकल्टी डेवलपमेंट मैंडेट केयर। ओके? ये आई थिंक हमने क्वेश्चन फोर्थ यूनिट के डाल

284:19

Speaker A

दिया। एक आधा क्वेश्चन ऐसा होता है जैसे दीक्षा आरंभ करके डाल दिया होगा मैंने क्योंकि दीक्षा का शुरू होना। जैसे उपनयन संस्कार है वो दीक्षा आरंभ ही हो गया एक तरीके से। हिंदूइज़्म में दीक्षा आरंभ बोल देते हैं। तो दीक्ष आरंभ इज़ लाइक इंडक्शन

284:31

Speaker A

प्रोग्राम फॉर स्टूडेंट्स। ओके? जीवन कौशल। कौशल यानी स्किल्स। तो उनको स्किल प्रोवाइड करना गुरु दक्षता यानी गुरु का क्या होना उस प्रॉपर चीज में दक्ष होना तो यानी फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम ओके सो दो चार है ना और एक और तीन दो चार एक और तीन

284:50

Speaker A

ये कंसर्टियम केयर आ जाएगा ये केयर एथिक्स सी ए आर ठीक है केयर सो आपका आंसर क्या हो जाएगा जी दो चार एक और तीन ऑप्शन नंबर वन ओके क्लासिकल लिबरल थ्योरी मार्क्सिस्ट सोशलिस्ट थ्योरी नेशनलिस्ट टोलेट टेररियंट थ्योरी और प्रोग्रेसिव लिबरल थ्योरी ओके

285:09

Speaker A

ये वन टू थ्री लगना रह गया होगा इट्स ओके कई बार हो जाती हैं चीजें एफसिस ऑन इंडिविजुअलिज्म एंड जनरल वेलफेयर जनरल वेलफेयर ओके सुप्रीमेसी ऑफ़ स्टेट एफेसी अगर सुप्रीमेसी पे स्टेट के ऊपर फोकस है सो ये लग तो रहा है मार्क्सिज्म जैसा

285:24

Speaker A

सोशलिज़्म जैसा प्रोपगेशन ऑफ़ सोशलिस्ट कंसेप्शन ऑफ़ द स्टेट प्रोपगेट्स दैट स्टूडेंट अह स्टेट इज़ अ प्रमोटर ऑफ़ सोशल वेलफ़ेयर एंड प्रमोटर ऑफ़ इंडिविजुअल राइट्स। तो कौन सा आपको लग रहा है? जहां पे ज्यादा लिबरल चीजें मिल रही हैं, वह

285:38

Speaker A

प्रोग्रेसिव लिबरल थ्योरी हो जाएगा। सोशलिस्ट कंसेप्शन को प्रोपगेट किया जा रहा है। क्लासिकल लिबरल यानी थोड़ा सा लिबरल है बट पुराने टाइप का लिबरल है। एक नेशनलिस्ट टोटिटेरियन आंसर आपका फर्स्ट हो जाएगा। जी। यानी 1 3 2 4 क्लासिकल लिबरल

285:54

Speaker A

में यही है। इंडिविजुअलिज्म और जनरल वेलफेयर पे फोकस है। मार्क्सिज्म सोशलिज्म में सोशलिस्ट कंसेप्शन को प्रमोट करने पे है। अह देन आपका नेशनल टोटलिटेरियन में सुप्रीमसी ऑफ़ स्टेट पे फोकस है। और प्रोग्रेसिव लिबरलिज्म में प्रमोटर ऑफ़ सोशल वेलफेयर और प्रोटेक्टर ऑफ़ इंडिविजुअल

286:10

Speaker A

राइट्स। अरेंज द फॉलोइंग इंडियन फिलॉसफ़र्स इन क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर। ये मैंने आपको बताया था कि कई बार आजकल इनको भी क्रोनोलॉजी में पूछा जा रहा है। तो एटलीस्ट जो मैंने एक स्लाइड ऐड की है जिसमें आपके सिलेबस में जो जो थिंकर्स

286:23

Speaker A

मेंशन है उनको ऐड किया गया है। तो आपको वो याद होने चाहिए। ठीक है? आंसर आपका थर्ड हो जाएगा जी डी बी ए सी। देन है जी जैन फिलॉसफी, चरक फिलॉसफी, न्याय फिलॉसफी और प्रभाकर परसेप्शन इज़ द ओनली वैलिड सोर्स ऑफ़ नॉलेज। तो ये जो

286:39

Speaker A

प्रभाकर है ये आप वेदांता वाला ही मान के चलो। और प्रभाकर फिलॉसोफी में भी छह के छह जो हैं उनको हम मान के चलते हैं कि वो वैलिड सोर्स ऑफ नॉलेज हैं। ओके? सो चरक में हमें पता है सिर्फ परसेप्शन है। सो

286:50

Speaker A

अगर आपको इतना भी ध्यान हो कि चरक में सिर्फ परसेप्शन है तो आंसर तो आपका यहीं से आ गया। ओके? थर्ड ऑप्शन। सो बाकी आपको एक बार पता होना चाहिए। मैंने करवाई है ये चीजें ऊपर। तो आई होप आपको याद रहे।

287:01

Speaker A

फाइंडिंग सॉलशंस ऑफ़ प्रॉब्लम बाय सॉल्यूशन ऑफ़ प्रॉब्लम्स बाय क्रिएटिंग प्रॉपर एनवायरमेंट इन द मेन एसेंस ऑफ़ व्हिच फिलॉसफी। तो आप एक एनवायरमेंट बेटर एनवायरमेंट क्रिएट करने पे फोकस कर रहे हो। यह आपका बायोलॉजिकल प्रगमेटिज्म में आ जाएगा। गॉड द क्योंकि बायोलॉजिकल

287:17

Speaker A

प्रैग्मिज़्म में हमने सर्वाइवल ऑफ़ द फिटनेस की बात की थी ना तो वो चीज़ है कि एक प्रॉपर एनवायरमेंट गॉड द ग्रेट गिवर कैन ओपन द होल यूनिवर्स टू आर गेज़ इन द नैरो स्पेस ऑफ़ अ सिंगल लैंड। तो ये बात भी मैंने आपको ऊपर नोट्स

287:31

Speaker A

में करवाई थी। आंसर रविंद्र नाथ टैगोर हो जाएगा। डी स्कूलिंग सोसाइटी किसने लिखी है? इवान इलिजच ने लिखी है। ईज़िएस्ट क्वेश्चन एवर। और अब तो अब तो ईजी होना चाहिए ये। आइडियलिज्म एक्सिस्टेंशलिज्म प्रैग्मिटिज़्म नेचुरलिज़्म रिकॉग्नाइज़ज़ आइडियल्स एंड बिलीव्स ऑन द बेसिस ऑफ़

287:45

Speaker A

एक्सपेरिमेंट्स। प्रगमेटिज़्म सम कर रहा है। बाकी देखते हैं एक बार। देन है हां देखो ऑप्शंस में देखो। प्रगमेटिज़्म या आइडियलिज़्म। ऑब्वियसली प्रेगमेटिज़्म। ठीक है? देन है इनर और इमीडिएट रियलाइज़ेशन। यह आइडियलिज्म लग रहा है। रिकॉग्नाइज़ नो क्लियर कट डिफरेंस बिटवीन

288:03

Speaker A

मैटर एंड कॉन्शियसनेस। नेचुरलिज्म। हम या एक्सिस्टेंशियलिज्म ट्रुथ ब्यूटी रुको भाई रुको रुको ट्रुथ ब्यूटी गुडनेस ट्रुथ ब्यूटी गुडनेस जहां भी आ जाए तो देखो यह तो फॉर शोर आइडियलिज्म है ये लो अब आएगा आंसर सही ठीक है क्योंकि ट्रुथ

288:20

Speaker A

ब्यूटी गुडनेस की जहां बात आई वो आइडियलिज्म में ही बात हुई है तो ये ज्यादा स्ट्रांग ओपिनियन है फर्स्ट का थर्ड हो गया ये आपका एक्सपेरिमेंट्स वाला हो गया और आपका नो क्लियर कट बाउंड्रीज़ ये नेचुरलिज्म और इमीडिएट रियलाइज़ेशन आपका

288:32

Speaker A

एकज़िस्टेंशियलिज्म ओके आंसर बी हु कॉइ द टर्म सोशल सोशियोलॉजिकल इमेजिनेशन। तो किसने ये टर्म जो है वो कॉइन की है? आंसर आपका राइट मींस आ जाएगा। एक आधे ऐसे क्वेश्चन जो थोड़े से अलग लीग से लेवल से लीग से हटके कुछ नए आते हैं। आप उनको

288:48

Speaker A

ध्यान रखो। आप बार-बार पीवाईक्यूस देखोगे या बार-बार इन मैराथोंस को देखोगे आपको ऑटोमेटिकली याद हो जाएंगे क्वेश्चंस। अच्छा सोशियोलॉजिकल इमेजिनेशन होता क्या है? ये आप मुझे बताइएगा। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग स्टेटमेंट्स आर ट्रू? अकॉर्डिंग टू सांख्य बोथ स्पिरिट एंड मैटर आर

289:02

Speaker A

इनफाइनाइट एंड एक्सटर्नल? उपनिषद डिसिपल्स इग्नोरर्स एंड इग्नोरेंस एंड टेक्स द पर्सन डिजायरस ऑफ इमेंसिपेशन नियर गॉड एंड फ्रीज़ द बॉन्डेज ऑफ़ बर्थ एंड डेथ। केन इज़ वन ऑफ़ द चीफ उपनिषद। शंकराचार्य हैज़ सपोर्टेड भक्ति योग ऑफ़ गीता अकॉर्डिंग टू

289:22

Speaker A

महायाना। अ मैन शुड स्ट्राइव फॉर हिज़ ओन इमसिपेशन। सो महान महायाना हिनायाना ये बुद्धिज्म के पार्ट हैं। जैसे दिगंबर और श्वेतांबर की बात की थी हमने जैनिज्म में। सो महायाना, हिनायाना जो है वो आपके बुद्धिज्म में आएंगे। ये बात आप ध्यान रख

289:37

Speaker A

सकते हो। आंसर आपका ए, बी और सी आएगा। जी। ये ऑप्शंस ठीक हैं। बाकी दोनों ऑप्शंस गलत हैं। ओके? सो ये ध्यान रखना है। ये तीनों ऑप्शंस अब आप अपने नोट्स में ऐड कर लो। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग आर की कॉम्पोनेंट्स ऑफ़

289:49

Speaker A

केयर, मॉडल ऑफ़ नल नोडिंग्स? तो चार ऑप्शंस बताए थे मैंने। मॉडलिंग, डायलॉग, प्रैक्टिस, कन्फर्मेशन। यही थे। आई थिंक ऑप्शन नंबर ए। ठीक है? ओरिजिनलिटी नहीं है। महर्षि पतंजलि हैज़ स्पोकन अबाउट फाइव काइंड्स ऑफ़ चित्तवृत्ति और मेंटल प्रोसेससेस अरेंज देम सीक्वेंशियली। यानी

290:06

Speaker A

ये पांचों ऑप्शन ठीक तो हैं बट इनको सीक्वेंस में लगाना है। अनेबल अस टू गेट ट्रू नॉलेज ऑफ़ थिंग्स रिमेंबेंस ऑफ़ सब्जेक्ट रिटेन इन द मेमोरी। इन ड्रीम एंड ऑब्जेक्ट इज़ नॉट प्रेजेंट सीम्स टू बी प्रेजेंट। व्हिच डिपेंड्स ऑन वर्ड्स इन द

290:19

Speaker A

एब्सेंस ऑफ़ कंसर्न ऑब्जेक्ट। फॉल्स नॉलेज दैट डज़ नॉट अलाउ वन टू गेट ट्रू पिक्चर ऑफ एनीथिंग और सिचुएशन। सो चित्तवृत्ति मेंटल प्रोसेससेस किस तरीके से चलते हैं? आंसर आपका बी रहेगा जी। सबसे पहले ए यानी आप गेट यू इनेबल दिस दीज़ प्रोसेससेस इनेबल अस

290:38

Speaker A

टू गेट ट्रू थिंग्स। ट्रू नॉलेज। तो अच्छी सही चीज़ पता चलती है हमें इससे। देन फॉल्स नॉलेज जो है वो अलाउ ही नहीं करती। अह नॉट डज़ नॉट अलाउ वन टू गेट ट्रू पिक्चर। फॉल्स नॉलेज की वजह से आपको एग्जैक्ट आईडिया

290:50

Speaker A

नहीं लग पाता सिचुएशन का। इन ड्रीम एन ऑब्जेक्ट इज़ नॉट प्रोजेक्ट। प्रोजेक्ट प्रेजेंट सीम्स टू बी प्रेजेंट। तो ड्रीम में ऐसा लग रहा है कि प्रेजेंट है बट वो प्रेजेंट नहीं है। व्हिच डिपेंड्स ऑन वर्ड्स इन द एब्सेंस ऑफ़ कंसर्नड ऑब्जेक्ट

291:03

Speaker A

और लास्ट में रिमेंबेंस। ओके? सिंबॉलिक इंटरेक्शनिज़्म स्ट्रक्चरलिज्म फंक्शनलिज्म, कॉन्फ्लिक्ट थ्योरी, यूज़ सिंबल्स एंड फेस टू फेस इंटरेक्शन। तो, यह तो सिंबॉलिक इंटरेक्शनिज़्म ही साउंड कर रहा है। एक्सेप्ट आस्पेक्ट्स ऑफ़ सोसाइटी एंड इट्स फंक्शनंस। यह फंक्शनंस फंक्शनलिज्म भी हो सकता है। कंपटीशन फॉर

291:21

Speaker A

स्के्स रिसोर्सेज। तो यह आपका कॉन्फ्लिक्ट हो गया। जब आप रिसोर्सेज के लिए कॉन्फ्लिक्ट में आ रहे हो और ये आपका वन हो गया। सो वन और थ्री से आ रहा है क्या आंसर? आ तो रहा है। बाकी देखो

291:32

Speaker A

स्ट्रक्चरलिज्म बोल रहा है ब्रेकिंग डाउन मेंटल प्रोसेससेस इंटू स्मॉल कॉम्पोनेंट्स। तो स्ट्रक्चर फॉर्म कर दिया और वो फंक्शनलिज्म हो गया। ऑप्शन नंबर ए। ओके?

291:41

Speaker A

ओके। एजुकेशन ऑफ़ माइनॉरिटी इज़ इंस्ट्रक्शन इन मदर टंग एट प्राइमरी लैंग। प्राइमरी ये तो मैंने बताया था। ये ये तो बताया था। राइट टू एजुकेशन भी बताया था। आर्टिकल 21 ए माइनॉरिटीज़ टू एस्टैब्लिश एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और एजुकेशन ऑफ़ माइनॉरिटीज़।

291:55

Speaker A

दो अलग-अलग चीजें हैं। तो क्या इससे सॉल्व हो रहा है क्या पांच और एक से? पांच और एक पांच और एक नहीं भाई सॉल्व नहीं हो रहा इससे। तीन, चार या दो या तीन? तीन चार चार नहीं है जी। फॉर श्योर चार नहीं है। बिकॉज़

292:08

Speaker A

29 और 30 में माइनॉरिटीज की और इनकी बात की है हमने। तो फोर्थ नहीं आएगा। यानी ये चार गलत है। तो आंसर हमारा डी हो गया। ठीक है? सो अब आपको याद होना चाहिए कि जब हम माइनॉरिटीज़ की एजुकेशन की बात कर रहे हैं

292:21

Speaker A

तो वो आंसर आपका आर्टिकल 29 है। और जब आप एजुकेशनल इंस्टीटश एडमिनिस्टर कर सकते हो, एस्टैब्लिश कर सकते हो वो आपका आर्टिकल 30 है। ओके? 2021 में पहुंच गए हम। स्ट्रेटिफिकेशन इन सोसाइटी इज़ बेस्ड ऑन। तो जो स्ट्रेटिफिकेशन होता है सोसाइटी में

292:38

Speaker A

एक लेयरिंग जो बनती है सोसाइटी में वो पावर प्रॉपर्टी प्रेस्टीज कल्चर कास्ट क्लास एजुकेशन एजुकेशन के बेस पे तो फॉर श्योर नहीं बनती है मोटिवेशन मोबिलिटी मटेरियल पोज़ेशन नहीं तो ये चीजें बचती है पावर प्रॉपर्टी प्रेस्टीज ठीक है ये आपका सही आंसर होगा कास्ट बेसिस

292:55

Speaker A

पे होती हैं बट क्लास बेसिस पे कुछ नहीं होता है ओके क्लास ही इनफैक्ट प्रॉपर्टी और पावर के बेस पे बनती है कर्म योग वुमेन एंड एल एथिकल एथिकल रिलजन मैंने आपको बताया था गांधी जी की है कि आप माय

293:08

Speaker A

एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रुथ के अलावा एथिकल रिलजन तो याद रखो एट लीस्ट ठीक है तो सी का तो फर्स्ट आएगा ओके दिस देन है आपका श्री अरविंदो नेलनोडिंग्स नेलनोडिंग्स नहीं है क्योंकि केयर की बात नहीं हुई है तो ये डी तो ये फोर्थ तो आएगा ही नहीं

293:22

Speaker A

कहीं एक ही ऑप्शन बचता है हमारे पास कर्म योग जो है वो स्वामी विवेकानंद ने लिखी है वुमेन एंड एिल आपकी अच्छा रुको हां वुमेन एंड एल नेल नोडिंग्स ने लिखी है भाई ठीक ठीक है? वुमेन एंड एविल

293:36

Speaker A

नेलनोडिंग्स ने लिखी है और योगा सिंथेसिस जो है वो आपके किसने लिखे हैं? श्री अरविंदो ने तो नेलनोडिंग्स ने लिखी है भाई वुमेन एंड एल याद आ गया मुझे। ओके? तो आंसर आपका क्या रहेगा? जी फर्स्ट रहेगा पावर एज़ अ सेंट्रल फीचर ऑफ़ सोसाइटी रादर

293:50

Speaker A

देन थिंकिंग ऑफ़ सोसाइटी एज़ हेल्ड टुगेदर बाय कलेक्टिव एग्रीमेंट कंसर्न्स एज़ फंक्शनलिस्ट डू एग्जैक्ट एग्जैक्ट सेम स्टेटमेंट मैंने आपको नोट्स में बताई थी और कॉन्फ्लिक्ट थ्यरी में बताई थी। ठीक है?

294:04

Speaker A

माइंड इज मेयरली अ फंक्शन ऑफ द ब्रेन एंड ओवरटोन कंपेनिंग बॉडीली एक्टिविटी। इट इज़ एन ऑन लुकर एट इवेंट्स नेवर इन्फ्लुएंसिंग देम बिलोंग्स टू। तो ये पैरेलिज्म, इंटरेक्शनिज़्म या एपिफिनोमिनलिज़्म या एब्सोल्यूटिज़्म। सो देखो ये बोल रहे हैं कि बॉडीली एक्टिव तो यानी फिजिकल

294:20

Speaker A

प्रोसेससेस को तवज्जो दी जा रही है कि उन्हीं की वजह से मेंटल प्रोसेससेस होंगे। सो मेंटल प्रोसेससेस इन्फ्लुएंस नहीं करेंगे फिजिकल को। तो ये एपिफ़ेनोमिनलिज़्म आ गया। ओके? आइडियलिज्म, रियलिज्म, नेचुरलिज्म प्रगमेटिज्म वर्ल्ड इज कैरेक्टराइज थ्रू आउट बाय प्रोसेस एंड चेंज। तो, यह तो प्रैग्मिज्म

294:38

Speaker A

है। चेंज की बात कर रहे हो आप। कॉस्मोस इज़ मेड अप ऑफ़ नंबर ऑफ़ एंटिटीज़ हैविंग वेरियस रिलेशंस टू वन अनदर एंड वेरियस क्वालिटीज़। सराउंडिंग वर्ल्ड विद इज़ स्पिरिचुअल। नेचर इन टर्म्स ऑफ़ प्रोसेस रादर देन इदर सब्सटेंस। ओके? सो, तीन, 2, 4, एक ऑप्शन नंबर एक।

294:59

Speaker A

ओके? अरेंज द फॉलोवंग इन ऑर्डर अकॉर्डिंग टू एट लिम्स ऑफ़ योगा। सो हम यम से शुरू करते हैं। यम नियम अह आसन देन आपका यम नियम आसन प्राणाया यम नियम आसन प्राणायाम। हां ऐसे ही है। यम नियम आसन प्राणायाम

295:17

Speaker A

प्रत्याहार ध्यान धारणा ध्यान और आपका समाधि। समाधि है नहीं यहां पे। तो आपका यम भी नहीं है। नियम से शुरू है। तो सबसे पहले नियम आएगा। ऑप्शन डी कट आउट हो गया। नियम के बाद आसन आएगा। ऑप्शन बी ये एक

295:33

Speaker A

यहीं से आ गया आंसर। तो देन चेक कर लो। देन प्राणायाम आसन के बाद और फिर आपका प्रत्याहार है और फिर आपका ध्यान है। ठीक है जी? ऑप्शन नंबर टू। ओके? प्रएमबल ऑफ़ आवर इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन हैज़ अ सीक्वेंस

295:46

Speaker A

ऑफ़ जस्टिस, लिबर्टी, इक्वलिटी, फ्रेटरनिटी। सीक्वेंस पूछी है ना हमसे तो सीक्वेंस। ठीक है? तो जस्टिस सबसे पहले आता है जी। ऑप्शन नंबर ए दे रखा है। ठीक है? लिबर्टी इक्वलिटी फ्रेटरनिटी सबसे जस्टिस लिबर्टी इक्वलिटी फ्रेटरनिटी इक्विटी नहीं होता है। सो बी तो नहीं

296:03

Speaker A

आएगा। बी नहीं आएगा तो एक ऑप्शन कट आउट। अब सीक्वेंस में लगानी पड़ेगी चीजें। सो जस्टिस लिबर्टी जस्टिस लिबर्टी इक्वलिटी और फ्रेटरनिटी भाईचारा सबसे लास्ट में। तो ए ई सी डी ऑप्शन नंबर ए। ठीक है?

296:17

Speaker A

व्हाट वी वांट इज़ प्रोग्रेस डेवलपमेंट, रियलाइज़ेशन, नो थ्यरीज़? तो लेट ह्यूमन बीइंग थिंक। सो लेट ह्यूमन बीइंग थिंक की बात किसने की है? जी मैंने आपको बताया था स्वामी विवेकानंद ने। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग स्टेटमेंट्स इज़ नॉट करेक्ट इन केस ऑफ़

296:30

Speaker A

वॉलस्टन क्राफ्ट? अ इंग्लिश राइटर फिलॉसफर एडवोकेट ऑफ ह्यूमन राइट्स। ठीक है ये तो वस्टन क्राफ्ट इज़ रिगार्डेड एज वन ऑफ़ द फाउंडिंग फेमिनिस्ट फिलॉसफर। हां केयरिंग अ फेमिनिन अप्रोच टू एथिक्स केयर ये तो केयर मॉडल वाला हो गया ना। उनकी फर्स्ट

296:45

Speaker A

सोल ऑथर्ड बुक ये तो नहीं है। मेजॉरिटी ऑफ़ व्सन क्राफ्ट्स अर्ली प्रोडक्शन आर अबाउट एजुकेशन। ये ठीक है। थर्ड ऑप्शन गलत है जी। उनकी बुक है मैरी अफिक्शन। ठीक है? तो मैरी वस्टन क्राफ्ट। मैरी वस्टन क्राफ्ट है। तो मैरी नाम से है उनकी एक बुक।

297:00

Speaker A

फर्स्ट एजुकेशन वाज़ बोट इनू कॉनकरेंट लिस्ट। सो एजुकेशन जो है ओरिजिनली जो है किसमें था भाई? स्टेट लिस्ट में था। ठीक है? स्टेट उसके ऊपर रूल्स बना सकता था। सो कॉन्स्टिट्यूशन में ओरिजिनली स्टेट लिस्ट में मेंशन था। बट 42 कॉन्स्टिट्यूशनल

297:15

Speaker A

अमेंडमेंट एक्ट 1976 में हमने कॉन्करेंट लिस्ट में इसको ऐड कर दिया ताकि यूनियन भी इसके ऊपर काम कर पाए। प्राइमरी बिलीफ क्या है एसेंशियल एग्ज़िस्टेंशियलिज्म का?

297:26

Speaker A

एग्ज़िस्टेंस प्रसीड्स एसेंस। है ना यही है प्राइमरी बिलीफ तो प्रपजीिशन दैट एक्सिस्टेंस प्रसीड्स एसेंस तो फ्रेंच में एल एकिस्टेंस प्रसीड एसेंस इज़ अ सेंट्रल क्लेम ऑफ़ एक्सिस्टेंशियलिज्म व्हिच ऑफ़ द फॉलोवंग फैक्टर्स रेजिस्ट सोशल चेंज सोशल चेंज नई चीजें अगर आएंगी तो

297:49

Speaker A

फियर ऑफ़ न्यू थिंग्स ये रेजिस्ट करेगा ठीक है साइंटिफिक इन्वेंशन फिजिकल एनवायरमेंट डिग्री ऑफ़ आइसोलेशन सो आइसोलेशन फियर ऑफ़ न्यू न्यू थिंग्स ये चीजें सोशल चेंज को रेजिस्ट करेंगी। सो आंसर बी और ई तो आएगा ही आएगा। बी और ई अगर आएगा तो

298:06

Speaker A

आंसर आपका ए, बी और ई हो गया भाई। ठीक है? सो कल्चरल इनर्शिया फियर ऑफ़ थिंग्स। कल्चरल इनर्शिया होता है कि आप वही पोजीशन में हो तो सेम पोजीशन में रहने की कोशिश करते हो। आप वो चीज़ चेंज नहीं करना चाहते।

298:18

Speaker A

जैसे हम वो एग्जांपल देते हैं ना आप बस में खड़े हो अगर तो बस चल रही है, चल रही है। लेकिन जैसे ही वो ब्रेक मारेंगे आपकी बॉडी उसी पोजीशन में रहने की कोशिश करेगी। लेकिन आपके इट्स लाइक आपका वो आप वहीं पे

298:29

Speaker A

ही खड़े हो बट वो ब्रेक लगने की वजह से आप आगे मूव कर रहे हो। ठीक है? सो वो कल्चरबल आप मूव करना नहीं चाहते हो, रेजिस्ट करते हो तो वो कल्चरल इनर्शिया आएगा। गिवन बिलो अर टू स्टेटमेंट्स। द एम ऑफ़ एजुकेशन इन

298:41

Speaker A

एंशिएंट इंडिया वाज़ नॉट जस्ट द एक्विज़िशन ऑफ़ नॉलेज एज़ प्रिपरेशन फॉर लाइफ इन दिस वर्ल्ड और लाइफ बिय्ड स्कूलिंग बट फॉर द कंप्लीट रियलाइज़ेशन ऑफ़ सेल्फ। द एम ऑफ एजुकेशन शुड बी कॉग्निटिव डेवलपमेंट इक्विप्ड विद 21 सेंचुरी स्किल्स ओनली

298:56

Speaker A

सेंचुरी स्किल्स तो ठीक है बट ओनली गलत हो गया यहां बाकी चीजें ठीक है ओके तो पहली ठीक है दूसरी गलत हो गई लेकिन ये ओनली की वजह से गलत हुई है ओके इन सांख्य फिलॉसफी इवोल्यूशन इज़ कंसीडर्ड टू बी अ टिलियोलॉजी

299:09

Speaker A

हां इवोल्यूशन टिलियोलॉजिकल प्रोसेस है हमने बोला था नॉर्मेटिव टिलियोलॉजिकल साइक्लिक प्रोसेस परपसिव साइक्लिक प्रोसेस व्हिच स्कूल ऑफ़ वेस्टर्न फिलॉसफी एंडोस द फॉलोइंग मेटाफिजिकल असरशन। सिंस द यूनिवर्स एकज़िस्ट इंडिपेंडेंट ऑफ़ अस एंड इज़ गवर्नड बाय लॉज़ ओवर व्हिच वी हैव लिटिल

299:28

Speaker A

कंट्रोल। इट इज़ नेसेसरी टू नो सर्टेन डेफिनेट थिंग्स अबाउट दिस यूनिवर्स इन ऑर्डर टू अडॉप्ट टू इट। सो हमें कुछ चीज़ें तो पता होनी चाहिए ना उसके बारे में ताकि हम उन चीज़ों के बारे में अडैप्ट कर सकें

299:39

Speaker A

खुद को भी और उन चीज़ों को अडॉप्ट कर सकें। तो आंसर आपका रियलिज़्म रहेगा। रियलिस्टिक बातों की बात हो रही है। सावित्रीबाई फुले इज़ नोन फॉर हर कंट्रीब्यूशन इन व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग लिस्टेड एरियाज़? तो देखो पांच हैं। पांच में से दो ही ऑप्शन है यहां। सो

299:52

Speaker A

मैंने आपको बताया था जब ऐसे कोई ऑप्शन आए तो सबसे पहले वुमेन एजुकेशन पे जाओ। तो वुमेन एजुकेशन फॉर श्योर रहेगा ऑप्शन में। अब देख लो ए डी आएगा या सी डी आएगा। सो ऑब्वियसली सी डी आएगा। पीस एजुकेशन जैसा

300:03

Speaker A

कुछ नहीं बात की उन्होंने। उन्होंने शेड्यूल्ड कास्ट की एजुकेशन, वुमेन एजुकेशन इनकी बात की है। तो सी डी आपका आंसर हो जाएगा। कॉनसेप्ट ऑफ़ एजुकेशन व्हिच विल बी एसेंटेड टू बाय वेदांत फिलॉसफी आर अवेकनिंग ऑफ़ इंटेलिजेंस विद ऑल थ्री

300:18

Speaker A

क्यूज़। आईक्यू ईक्यू सी एसक्यू सो इंटेलिजेंस कोशेंट इमोशनल कोशेंट स्पिरिचुअल कोशेंट वोकेशनलाइज़ेशन ऑफ़ एजुकेशन इंक्लूसिव एजुकेशन रैप्टेरियन लीडरशिप मॉडल और एजुकेशन फॉर ऑल सो वेदांत फिलॉसोफी के टाइम की बात हो रही है सो आंसर आपका क्या आएगा जी ए सीई आएगा ठीक है

300:37

Speaker A

सो इंक्लूसिव एजुकेशन एजुकेशन फॉर ऑल और अवेकनिंग ऑफ़ ऑल थ्री टाइप्स ऑफ़ क्यूज़ ओके आइडेंटिफाई फ्रॉम द फॉलोविंग लिस्ट दोज़ फैक्टर्स दैट हेल्प हेल्प इन सोशल मोबिलिटी। एजुकेशन हेल्प करेगा सोशल मोबिलिटी में कि आप एक स्टेटस से दूसरे

300:54

Speaker A

स्टेटस में एजुकेशन की वजह से पहुंच पाओगे। कास्ट में कोई सोशल मोबिलिटी नहीं होती। आप जो पैदा हुए हो वही रहेगी। आप इनफैक्ट इंटरकास्ट या इंटर रिलिजन मैरिज भी कर लोगे तो भी आपकी कास्ट सेम रहेगी। ऐसे वाला। हां जब आप धर्म ही चेंज कर लेते

301:06

Speaker A

हो तो अलग बात है। बट विदिन अगर विदिन वन धर्म अगर आप बात कर रहे हो तो इंटरकास्ट मैरिज अगर आपने की है तो ऐसा नहीं है कि आपने जिस लड़के से शादी की तो आपकी कास्ट भी वो लड़के वाली ही कास्ट हो जाएगी। ठीक

301:18

Speaker A

है? आपकी कास्ट वही रहेगी। वो बाय बर्थ है। ये बात सुप्रीम कोर्ट ने भी बोली बिकॉज़ एक ऐसा केस आया था कि एक लड़की ने जो जनरल थी आई थिंक और उसने एससी लड़के से शादी करके एससी का बेनिफिट उठाया। ठीक है?

301:31

Speaker A

सो वो एससी का सर्टिफिकेट आपका नहीं बन सकता। था बिकॉज़ आपकी कास्ट बाय बर्थ होती है। ऐसा सुप्रीम कोर्ट ने बोला था। ठीक है जी। सो कास्ट के बेसिस पे फॉर श्योर नहीं हो सकता। तो बी ऑप्शन नहीं आएगा। यानी ये

301:42

Speaker A

फर्स्ट ऑप्शन कट आउट हो गया। ए ऑप्शन फॉर श्योर आएगा तो सेकंड भी कट आउट हो गया। तो ए सी यानी इनकम के बेस पे, आपकी एजुकेशन के बेस पे और आपके ऑक्यूपेशन के बेस पे आपकी सोशल मोबिलिटी पॉसिबल है। आपकी सोशल

301:55

Speaker A

मोबिलिटी रिलीजन या कास्ट के बेस पे पॉसिबल नहीं है। ओके? महात्मा गांधी, रविंद्र नाथ टैगोर, अरविंदो, स्वामी विवेकानंद लाइफ डिवाइन डिवाइन वाली स्पेलिंग आई थिंक यह आएगी। यहां भारतम भारत होम एंड द वर्ल्ड माय एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रुथ। तो माय

302:09

Speaker A

एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रुथ से ही आपका क्वेश्चन सॉल्व हो गया। जी। ओके? कॉज़ ओनली इफ़ेक्ट ओनली बोथ कॉज़ एंड इफ़ेक्ट। नीदर कॉज़ नॉर इफ़ेक्ट। तो, हमें पता है पुरुष ना कारण है ना इफ़ेक्ट है। सो, डी का आएगा जी

302:21

Speaker A

फर्स्ट। लो यहीं से ही सॉल्व हो गया। प्रकृति जो है वो हर चीज का कारण है। वो कॉज ओनली है। फोर्थ लॉ फॉर रीशोर हो गया। ये तो दो दो ही बातें पता होनी चाहिए थी आपको। बाकी मैंने आपको करवाया था ऊपर।

302:33

Speaker A

व्हिच ऑफ़ द फॉलोवंग फीचर्स एक्सप्लेन द कॉनसेप्ट ऑफ़ डिपेंडेंट ओरिजिनेशन इन बुद्धिस्ट फिलॉसफी। एवरीथिंग इन दिस वर्ल्ड इज़ कंडीशनल एंड रिलेटिव। कंडीशनल हां, डिपेंडेंट है चीज़। अह मोमेंट्री हैं। फ्रॉम द अल्टीमेट स्टैंड पॉइंट देयर इज़ नो डिफरेंस बिटवीन संसार और निर्वाण। ओके? अह

302:51

Speaker A

ऑल एक्सपीर अपीयरेंसेस हैव रियल ओरिजिनेशन। अपीयरेंसेस आर नॉट डिवॉइड ऑफ़ अल्टीमेट रियलिटी। ऑल अपीयरेंसेस यानी धर्म। बीइंग रिलेटिव हैव नो रियल ओरिजिन। सो डिपेंडेंट ओरिजिनेशन की थ्योरी है। ए, बी, ई ऑप्शंस आपके ठीक हैं। डिपेंडेंट है यानी कंडीशनल और रिलेटिव है चीज़ें। अह

303:09

Speaker A

अल्टीमेट स्टैंड पॉइंट से अगर आप देखो तो कोई भी डिफरेंस नहीं है। चीजों में रिलेटिव हैं। ठीक है? देन आपका ए बी और डी नहीं ए बी ई ना? ई ऑल ए बी ई ठीक है एबी ई ऑल अपीयरेंसेस जो है वो रिलेटिव है उनका

303:24

Speaker A

कोई रियल ओरिजिनेशन नहीं है इट्स लाइक मोटा पतला सो वो नहीं है चीजें डिपेंडेंट है एक दूसरे के ऊपर रिलेटिविटी ऑलदो एग्जैक्ट रिलेटिविटी सैयदवाद की बात करोगे आप तो वो आपकी बात है जैनिज्म फिलॉसोफी की बट जब बुद्धिज्म में डिपेंडेंट ओरिजिनेशन

303:38

Speaker A

की बात करते हैं उसमें भी ये कंडीशनल और रिलेटिव बताते हैं चीजों को। इन एट फोल्ड पाथ गिवेन बाय बुद्धा व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग इज़ द बेसिस ऑफ़ राइट नॉलेज? तो देखो मैंने बताया था कि राइट रिजॉल्व नॉलेज तो वो जो

303:50

Speaker A

चार ऑप्शंस बताए तीन बनाए थे मैंने कि फर्स्ट सेकंड मिलके थर्ड फोर्थ मिलके फिफ्थ में ऐसे करके तो वो चीजें हैं यहां राइट स्पीच एंड राइट एक्शन राइट एक्शन राइट लिविंग राइट थॉट राइट कंसंट्रेशन राइट फेथ और रिज़ॉल्व सो फेथ और रिज़ोल्व जो

304:03

Speaker A

है वो मिलके राइट नॉलेज बनाते हैं। ठीक है? राइट नॉलेज एग्जैक्टली नहीं है आपके कोई ऑप्शन में अगर आप उन आठ को देखोगे बट इन दोनों को मिला के राइट नॉलेज बनेगा। प्रएमबल ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ़ इंडिया मेंशंस डिफरेंट टाइप्स ऑफ लिबर्टी। सो

304:17

Speaker A

लिबर्टी की बात करते हैं। हां, व्हिच टाइप्स ऑफ लिबर्टी आउट ऑफ दीज़ हैव अ डायरेक्ट बियरिंग ऑन द प्रैक्टिशनर इन द फील्ड ऑफ़ एजुकेशन। सो लिबर्टी ऑफ़ बिलीफ, फेथ, थॉट, एक्सप्रेशन इनकी हम बात करते हैं। थॉट एक्सप लिबर्टी ऑफ़ बिलीफ, फेथ,

304:31

Speaker A

थॉट, एक्सप्रेशन एंड वरशिप। ये पांच तरीके की लिबर्टी की हम बात करते हैं। सो थॉट, एक्सप्रेशन, बिलीफ या फेथ कौन सा एजुकेशन से रिलेट करेगा? सो आंसर आपका थॉट और एक्सप्रेशन आएगा। ओके? अकॉर्डिंग टू जैन फिलॉसोफी व्हेन बाय द पोज़ेशंस एंड

304:45

Speaker A

प्रैक्टिस ऑफ़ राइट फेथ नॉलेज एंड कंडक्ट त्रिरत्न। ठीक है? द इनफ्लक्स ऑफ़ फ्रेश कार्मिक मैटर इज़ ब्लॉक्ड। सो अगर उसको ब्लॉक किया जा रहा है फ्रेश कार्मिक मैटर को। यानी आप सारी चीजें सही कर रहे हो। आप त्रिरत्न को फॉलो कर रहे हो थ्री ज्वेल्स

304:58

Speaker A

को। सो वो फॉलो करते हुए आपकी जो कार्मिक चेन बनी हुई है उसमें और कर्मा का जो है चीज़ ऐड होने से रोकने का तरीका है कि आप त्रिरत्न को फॉलो करो। तो आप त्रिरत्न को फॉलो कर रहे हो तो आप स्टॉपेज यानी सनवर

305:11

Speaker A

जो है वो वहां पे आ गया। ब्लॉक आ गया। ओके? ये है यहां पे आठ काइंड ऑफ़ कर्मों की बात करते हैं। यहां पे घटीकरम अघटीकरम। ठीक है? सो ये आपको पता होना चाहिए कि अच्छा घटीकरम अघटीकरम की बात जो है वो

305:22

Speaker A

आपके जैन फिलॉसोफी में हुई है। देन अ नियरेस्ट कोष टू आत्मन अकॉर्डिंग टू वेदांत फिलॉसफी। तो आत्मा बीच में है। सबसे नियरेस्ट उसके आनंद माया कोष हो जाएगा। सबसे बाहर वाला अन्न माया कोष। ओके?

305:35

Speaker A

इस्लामिक ट्रेडिशन इन एजुकेशन ले स्ट्रेस ऑन द इंकल्केशन ऑफ ह्यूमैलिटी ह्यूमिलिटी एंड नोबिलिटी यह क्वेश्चन भी आए हुए हैं और मैंने करवाया भी था ऊपर उसमें आपके ह्यूमिलिटी नोबिलिटी सोशल इक्वलिटी ये सारी इनेशन बताई थी महत द ग्रेट ईगो अह

305:51

Speaker A

देन आपका माइंड और आपका सटल एसेंसेस यानी तंत्राज़ ओके सो ये यहां पे चीजें पूछी हैं आर नीदर द क्वालिटीज़ नॉर द डिफरेंशिया ऑफ़ ग्रॉस एलिमेंट्स नॉर द फंक्शन कॉस्मिक इन नेचर फंक्शनंस एज़ साइकोलॉजिकल आस्पेक्ट ऑफ़ नोइंग। अह इट इज़ द अह क्या बोलते हैं?

306:07

Speaker A

प्रिंसिपल ऑफ़ इंडिविजुअल इंडिविजुअलाइज़ेशन अह एंड इट्स फंक्शन इज़ टू जनरेट सेल्फ सेंस। इट इज़ द सटल एंड सेंट्रल सेंस ऑर्गन व्हिच सिंथेसाइज़ेज़ सेंस डाटा इंटू डिटरमाइन डिटरमिनेट परसेप्शन। ओके? हमने बोला था पुरुष और प्रकृति है। प्रकृति सब चीजों का कारण है। महत सबसे

306:28

Speaker A

पहले बनता है। फिर अहंकार आता है और अहंकार के बाद फिर हम बाकी एसेंसेस में जाते हैं। ठीक है? ये चीज की हमने बात की थी। हमने रजस रजस में कोई आता नहीं है। सत्व सत्व में हमने मनस और उसकी हां मनस

306:43

Speaker A

की और सेंस ऑर्गन्स की बात की थी। राइट? सो कहां से क्या चीज मैच होती हुई लग रही है। सो कॉस्मिक नेचर आई थिंक ये फर्स्ट वाले का आएगा। ऑप्शन सी है क्या? सी है। तो महत जो है वो कॉस्मिक होता है नेचर

306:57

Speaker A

में। ठीक है? ईगो की जब आप बात करोगे तो प्रिंसिपल ऑफ़ इंडिविजुअल यानी आप खुद पे सेल्फ सेंस जनरेट करना चाह रहे हो। इंडिविजुअल पे फोकस कर रहे हो अहंकार। ठीक है? फोर्थ ये आपका मनस माइंड जो है वो सल

307:08

Speaker A

और सेंट्रल सेंस ऑर्गन वाली चीज़ आएगी। और सल एसेंसेस जो है वो ना क्वालिटीज़ हैं ना डिफरेंशिया है ना ही फंक्शनंस हैं। स्वामी विवेकानंद रविंद्र नाथ टैगोर को गीतांजलि के लिए पुरस्कार मिला था। तो यहीं से ही हमारा क्वेश्चन सॉल्व हो गया।

307:24

Speaker A

माय एक्सपेरिमेंट विद ट्रुथ। फोर्थ ऑप्शन आपका कंफर्म करता है। इसको आंसर सी आ जाएगा। यानी जिद्दु कृष्णमूर्ति की फर्स्ट एंड लास्ट फ्रीडम और मॉडर्न इंडिया आपकी किसकी आ गई? स्वामी विवेकानंद की। ओके?

307:36

Speaker A

व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग स्टेटमेंट्स कॉन्स्टिट्यूट क्रिटिकल पेडागोजी ऑफ़ पावलो ऑफ़ रे? टीचिंग इनहेरेंटली पॉलिटिकल होती है। टीचिंग इंप्ल्लाई एब्सेंस ऑफ़ न्यूट्रलिटी ऑफ़ नॉलेज, प्रो एस्टैब्लिशमेंट, इशू ऑफ़ सोशल जस्टिस एंड डेमोक्रेसी आर इंटीग्रल पार्ट ऑफ़ टीचिंग। टीचिंग इज़ अ वे फ्रॉम सो अवे। टीचिंग इज़

307:54

Speaker A

अवे फ्रॉम सोशल रियलिटी। सोशल लेवल पे कुछ और रियलिटी है। पढ़ा कुछ और रहे हो वो चीज़। तो ए बी डी की बात हो रही है यहां जी पहला ठीक है इनहेरेंट पॉलिट इनहेरेंटली पॉलिटिकल है एब्सेंस ऑफ़ न्यूट्रलिटी ऑफ़

308:06

Speaker A

नॉलेज है और आपका इशूज़ जो है वो इसका इंटीग्रल पार्ट रहेंगे आइडियलिज्म रियलिज्म टर्मेटिटिज़्म एक्सिस्टेंशियलिज्म नॉलेज को इंपार्ट कर रहे हो टू बी अ रोल मॉडल टू बी एमुलेटेड रोल मॉडल की तो बात इसमें होती है वैसे फंक्शन टू फंक्शन एज अ कंसलटेंट इन

308:22

Speaker A

प्रॉब्लम सिचुएशन प्रॉब्लमेटिक सिचुएशन है तो कंसलटेंट का काम तो प्रगमेटिज़्म वाले करते हैं टू असिस्ट टीच स्टूडेंट पर्सनली इज़ इन इन हिज़ और हर जर्नी टुवर्ड्स सेल्फ रियलाइज़ेशन। ओके? सो नॉलेज इंपार्ट करने का काम फिर यहां आएगा। सो तीन चार दो एक ऑप्शन नंबर

308:38

Speaker A

बी। ठीक है? सोशलिज्म, सेकुलरिज्म, डेमोक्रेसी और रिपब्लिक स्टेट का कोई रिलीजन नहीं है। इट इज़ ना तो वो प्रो है रिलीजन के ना वो अगेंस्ट हैं। ये बात सेकुलरिज्म बोलता है। ठीक है? ये लो। यहीं से ही आपका ऑप्शन आंसर सॉल्व हो गया।

308:52

Speaker A

सिस्टम इन व्हिच गवर्नमेंट इज़ इेड डेमोक्रेसी पॉलिटिकल आईडिया दैट ऑल पीपल आर इक्वल एंड रिसोर्सेज शुड बी इक्वली शेयरर्ड तो ये आपका सोशलिज्म नेशन दैट हैज़ एन इेड गवर्नमेंट और इेड लीडर वो रिपब्लिक होती है। तो हमारे यहां मैंने बोला था आपको

309:07

Speaker A

सोवरन सोशलिस्ट सेकुलर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक हैं हम। ठीक है? तो आंसर आपका फर्स्ट हो गया। इन टर्म्स ऑफ़ बुद्धिस्ट फिलॉसफी व्हिच ऑफ़ द फॉलोवंग इज़ कंट्रीब्यूटिव टू राइट नॉलेज? प्रज्ञा। मैंने आपको बोला था प्रज्ञा। वो आपका समाधि और स्किल शील स्कंध तो प्रज्ञा

309:26

Speaker A

स्कंध शील स्कंध वो मैंने आपको बात की थी तो प्रज्ञा सबसे पहले वाला था। राइट फेथ और राइट रिज़ॉल्व आपका आंसर हो जाएगा। हु डिफाइन डेमोक्रेसी एज़ अ फॉर्म ऑफ़ गवर्नमेंट ऑफ़ पीपल फॉर द पीपल बाय द पीपल।

309:37

Speaker A

तो ये अब्राहम लिंकन का बहुत फेमस कोर्ट है। बचपन में बहुत पढ़ा है हमने। हु अमंग द फॉलोविंग थिंकर्स प्रोपगेटेड द आईडिया ऑफ़ एजुकेशन ऑफ़ द मोस्ट टैलेंटेड। सो आईडिया ऑफ़ एजुकेटेड ऑफ़ मोस्ट टैलेंटेड की बात प्लेटो ने की है। जी। उन्होंने बोला

309:50

Speaker A

स्पेशलाइज्ड एजुकेशन होनी चाहिए जो इंटेलेक्चुअली गिफ्टेड यंग मैन और वुमेन है ताकि उनको और बेटर सिखाया जा सके। इन सांख्य द इक्विलिब्रियम ऑफ़ थ्री गुण इज़ कॉल्ड तो तीन गुणों का बैलेंस जो है वो क्या रहेगा? पुरुष महत प्रकृति या सटल

310:05

Speaker A

एसेंसेस। तो इक्विलिब्रियम प्रकृति। ठीक है? बैलेंस तीनों गुणों। प्रकृति के तीन गुण बताए थे हमने। ये सतगुण, रजस गुण, तमस गुण। उनको हमने सत को वाइट कलर से, रजस को रेड कलर से, तमस को ब्लैक कलर से रिलेट

310:17

Speaker A

किया था और उनकी प्रॉपर्टीज भी की थी। इन व्हिच ऑफ़ द फॉलोवंग एरियाज़ इज़ द कंट्रीब्यूशन ऑफ़ सावित्रीबाई फुले हाईली अक्लेम्ड? तो सबसे ज्यादा काम उन्होंने वुमेन एजुकेशन के लिए किया। बाकियों के लिए भी किया है। जैसे शेड्यूल कास्ट के

310:28

Speaker A

लिए बहुत काम किया है। पुअर को भी रिसेटल करने का काम किया है। उन्होंने किया है। बट सबसे ज्यादा कंट्रीब्यूशन वुमेन एजुकेशन में माना जाता है उनका। हु अमंग द फॉलोइंग इंडियन थिंकर्स हैज़ कंट्रीब्यूटेड टुवर्ड्स द इंटीग्रल एजुकेशन। इंटीग्रल

310:42

Speaker A

इंटीग्रल वर्ल्ड दिखते ही अरबिंदों के साथ जाओ। व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग इज़ सेड टू बी द इमीडिएट नॉलेज इन जैन फिलॉसोफी? तो हमने इमीडिएट और मीडिएट नॉलेज की बात की थी परोक्ष और अपरोक्ष वाली। ठीक है? सो इमीडिएट नॉलेज में कौन सा आ जाएगा? जी

310:56

Speaker A

आंसर डी आ जाएगा अवधि। तो हमने मति जनना, श्रुति जनना की बात की थी। वो आपका इमीडिएट नॉलेज में था। फिर हमने अवधि जनना, मनप्राय जनना और कैवल्य जनना की बात की थी। वो आपका इमीडिएट नॉलेज में था।

311:08

Speaker A

फैमिली, स्कूल, प्लेयर ग्रुप और मास मीडिया अह प्रोवाइड्स अपॉर्चुनिटी फॉर अंडरस्टैंडिंग डेमोक्रेटिक प्रोसेस। ओके?

311:15

Speaker A

अ सोर्स ऑफ़ पॉलिटिकल इनेशन एंड आल्सो एन इंस्ट्रूमेंट फॉर शेपिंग पॉलिटिकल वैल्यूज़ एंड बिलीव्स। तो सोर्स ये सोर्स तो मीडिया ही लग रहा है। ठीक है? देखो यहां से तो आंसर ये सॉल्व हो जाता। बट क्या? बाकी ठीक

311:26

Speaker A

है। पहले का थर्ड फैमिली को बोल रहे हैं परसेप्चुअल वैल्यूज़ दैट सपोर्ट अथॉरिटीज़। ओके? इन्फ्लुएंस टीनएजर्स लाइफस्टाइल एंड एटीट्यूड। ये तो पीियर ग्रुप ही करेगा ना। नहीं। सी का फोर्थ ना ठीक है और स्कूल जो है वह आपको अपॉर्चुनिटी प्रोवाइड करता है।

311:42

Speaker A

ठीक है जी थर्ड सी सी ऑप्शन व्हिच ऑफ़ द फॉलोइंग स्टेटमेंट्स मोस्ट एप्रोप्रियटली डिस्क्राइब्स द कॉनसेप्ट ऑफ़ पॉलिटिकल मॉडर्नाइज़ेशन? पॉलिटिकल चेंजज़ आर नेसेसरी फॉर द अचीवमेंट्स ऑफ़ अ स्पेसिफिक ऑब्जेक्टिव। अ जनरल प्रोसेस ऑफ़ चेंज इन द पॉलिटिकल स्फीयर इज़ क्लोजली रिलेटेड टू

311:59

Speaker A

अदर एरियाज़ ऑफ़ सोसाइटी। हमसे पूछा क्या है? हमसे मॉडर्न कॉनंसेप्ट ऑफ़ पॉलिटिकल मॉडर्नाइज़ेशन पूछा है। पॉलिटिकल सिस्टम्स कैपेसिटी टू सॉल्व प्रॉब्लम्स टू इनिशिएट न्यू पॉलिसीज़ एबिलिटी टू लर्न बेटर एंड हाउ टू परफॉर्म पॉलिटिकल फंक्शनंस। सो पॉलिटिकल चेंजज़ नेसेसरी हैं फॉर अचीवमेंट

312:16

Speaker A

ऑफ़ स्पेसिफिक ऑब्जेक्टिव। जनरल प्रोसेस ऑफ़ चेंज इन द पॉलिटिकल स्फीयर जो है वो क्लोजली रिलेटेड है। आंसर आपका बी आ जाएगा। जनरल प्रोसेस जो चेंज होता है ना वो सोसाइटी से रिलेटेड है। सोसाइटी चाहेगी तब चेंज दिखता है आपको। अदरवाइज़ नहीं

312:29

Speaker A

दिखता। फोकस ऑफ कंसर्न ऑफ़ सोशियोलॉजी ऑफ़ एजुकेशन द क्लासिकल अप्रोच हैज़ बीन ऑन। तो सोशियोलॉजी का अप्रोच कॉन्फ्लिक्ट क्लास कॉन्फ्लिक्ट को रिज़ॉल्व करने पे रहा है। ओके? फोकस ये मैंने आपको ऊपर भी बताया था नोट्स में। अ टीचर इज़ फेस्ड विद द

312:45

Speaker A

प्रॉब्लम ऑफ़ चूज़िंग द एप्रोप्रियट टीचिंग मेथड फॉर द ट्रांजैक्शन ऑफ़ अ कोर्स कंटेंट। व्हिच ब्रांच ऑफ़ फिलॉसफी विल मोस्ट एप्रोप्रियटली डिस्क्राइब हिज़ और हर प्रेडिक प्रेडिकमेंट। टीचर इज़ फेस्ड विद द प्रॉब्लम ऑफ चूजिंग एप्रोप्रियट टीचिंग मेथड। टीचिंग मेथड की

313:02

Speaker A

बात हो रही है ना। वह चूज़ नहीं कर पा रहा है तो एपिस्टेमोलॉजी में जाएगा ना टीचिंग मेथड। ठीक है? द प्रिंसिपल ऑफ़ चाइल्ड द स्कूल एजुकेशन इटसेल्फ आर शेप्ड लार्जली बाय सोशल एंड कल्चरल फोर्सेस बाय ये बात

313:14

Speaker A

कौन कौन बोलता है ये? तो प्रिंसिपल ऑफ़ चाइल्ड स्कूल एजुकेशन इटसेल्फ शेप्ड बाय सोसाइटी को सोसाइटी शेप करती है ना इन चीजों को। तो ये बात तो अपना रिकंस्ट्रक्शनिज्म बोलेगा ना। रियलिस्टिक एपिस्टोमोलॉजी विल प्लीड द केस ऑफ वि टाइप

313:30

Speaker A

ऑफ नॉलेज। रियलिस्टिक एपिस्टोमोलॉजी जो है वो आपका पोस्टीरियर नॉलेज की बात करेगा। रियलिस्टिक वो यानी एक्सपीरियंस के बेस पे चीज़ है। प्रायोरी नॉलेज होती है कि आपको बिना किसी एक्सपीरियंस के पहले से कोई चीज़ पता है। तो इंडिपेंडेंट ऑफ़ एक्सपीरियंस है

313:44

Speaker A

तो प्रायोरी है। और अगर पोस्टीरियरी की बात हो रही है तो वो रियलिस्टिक एपिस्टोमोलॉजी हो गया। व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग स्टेटमेंट्स एक्सप्रेस द रिलेशनशिप बिटवीन एजुकेशन एंड फिलॉसफी?

313:56

Speaker A

ओके? द ऑब्जेक्टिव एंड गोल्स ऑफ़ एजुकेशन हैव टू बी डिसाइडेड बाय आवर स्टैंड ऑन नेचर ऑफ़ मैन। लर्निंग इंप्ल्लाईज़ अ प्रोसेस ऑफ़ एक्वायरिंग एंड इंटरनलाइजिंग। एजुकेशन शुड बी इटसेल्फ शुड बी लाइफ इटसेल्फ रादर देन प्रिपरेशन फॉर लाइफ। हां, यह बात तो ठीक है। एजुकेशन अपने आप

314:13

Speaker A

में ही लाइफ़ होनी चाहिए। ओके? अह सोशल चेंज इज़ इंटर एलिया कॉन्टिंजेंट ऑन एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी। स्कूल शुड एनकरेज कोपरेशन रादर देन कंपटीशन। ठीक है?

314:26

Speaker A

पर्सनालिटी इज़ डायनेमिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ साइकोफिजिकल कैरेक्टरिस्टिक्स? तो देखो मुझे फोर थर्ड और फिफ्थ तो ठीक लग रहे हैं। थर्ड और फिफ्थ है क्या कहीं? थर्ड और फिफ्थ तो एक ही ऑप्शन में है। सो ये तो फर्स्ट, थर्ड और फिफ्थ के साथ जाएंगे हम।

314:40

Speaker A

ठीक है? व्हिच वन ऑफ द फॉलोविंग एकिस्टेंशियलिस्ट इज रिलेटेड टू द थीसिस दैट मैन इज पोटेंशियली ऑलवेज इन कॉन्फ्लिक्ट विद हज नेबर एंड ऑल सोशल रिलेशनशिप्स आर डूम्ड टू फ्रस्ट्रेशन। सो ये बात किसने बोली है? तो ये बात जेपी ने

314:54

Speaker A

बोली है जेपी साटरी करवाई थी ऊपर। व्हिच ऑफ़ द अह कंटेंपररी एजुकेशनल थ्यरीज़ विल एंडोर्स द व्यू दैट ओनली टाइप ऑफ़ एडजस्टमेंट टू व्हिच एजुकेशन शुड लीड इज़ एडजस्टमेंट टू द ट्रुथ व्हिच इज़ यूनिवर्सल एंड अनचेंजिंग। तो यह कौन सी थ्यरी बोलती है यह बात कि

315:12

Speaker A

ओनली टाइप ऑफ एडजस्टमेंट जो एजुकेशन में हो सकती है शुड लीड इज एडजस्टमेंट टू द ट्रुथ जो कि यूनिवर्सल और अनचेंजिंग है। सो यूनिवर्सल और अनचेंजिंग ट्रुथ की बात कौन करता है? सेम रहनी चाहिए। कॉन्स्टेंट रहनी चाहिए चीजें। तो पेरिनियलिज्म करता

315:28

Speaker A

है ये बात। हु अमंग द फॉलोविंग इंडियन एजुकेटर्स थिंकर्स ड्रू हेवली फ्रॉम द फिलॉसफी ऑफ़ वेदांता। सो वेदांता वाली फिलॉसफी को देखते हुए बैक टू वेदास भी तो बात की स्वामी विवेकानंद बात करते हैं। प्रैक्टिकल वेदांता भी लिखी है इन्होंने।

315:43

Speaker A

हमने पढ़ा था। एजुकेशन हेल्प्स इन द ग्रेजुअल ट्रांसफॉर्मेशन फ्रॉम लोएस्ट टू हाईएस्ट लेवल ऑफ़ कॉन्शियसनेस कॉल्ड इग्नोस्टिक बीइंग। तो ये बात किसने बोली है? अरविंदों ने बोली है भाई। ठीक है?

315:54

Speaker A

ग्रेजुअल ट्रांसफॉर्मेशन की बात। द डिपार्टमेंट ऑफ़ एजुकेशन ऑफ़ स्टेट गवर्नमेंट इनवाइट्स प्रपोजल्स फ्रॉम डाइट्स फॉर इंक्लूज़। ओके? तो ये ये वाला क्वेश्चन आपका कहां से आ गया? ये वाला क्वेश्चन अगेन या तो आपके मॉडल्स में जाए या आपकी फोर्थ यूनिट में

316:09

Speaker A

जाए। सो आई थिंक इसको मिला के तीसरा क्वेश्चन है ये जो हमने किसी और यूनिट का ऐड कर दिया है गलती से बट है पीवाईक्यू ही। सो वहां पे नहीं ऐड होगा ये ऑब्वियसली तो यहां पे कवर हो गया। ठीक है? सो ये

316:19

Speaker A

क्या किया है आपने? अ डाइट से प्रपोजल मांगा है। तो ये अप्रोच को आप क्या बोलोगे? यानी आपने बॉटम टू अप की बात की है। सो ये क्या हो गया? जी एडमिनिस्ट्रेटिव मॉडल हो गया। ठीक है?

316:31

Speaker A

यानी आप नीचे से चीजें मांग रहे हो और उसके बाद आप काम कर रहे हो तो एडमिनिस्ट्रेशन ऊपर से आप ऑर्डर दोगे तो वो मानेंगे एग्जैक्ट ओके अन्नमाया कोष आनंद माया कोष मनोमाया कोष प्राणमाया कोष अन्नमाया विघ्न माया और विज्ञान माया और

316:44

Speaker A

आपका ये इंडिविजुअल सेल्फ चलो जी इट इज़ मेड अप ऑफ़ फूड वी ईट तो अन्न माया बाहर की बात हो रही है। ये लो यहीं से ही सॉल्व हो गया। उसके आगे तो जाने की जरूरत नहीं पड़ी। आंसर वन। ओके? बट अगर मैं यहां पे

316:57

Speaker A

बता रही हूं जैसे ऐसे सॉल्व हो गया तो आप चेक करो फिर कि बाकी सारे ऑप्शंस फिट बैठ रहे हैं कि नहीं बैठ रहे हैं। स्कूल शुड एक्टिवली फोस्टर द डेमोक्रेटिक स्पिरिट एंड अलाउ इट्स स्टूडेंट्स एज मच स्कोप एज़

317:08

Speaker A

पॉसिबल फॉर गवर्निंग देमसेल्फ विल फाइंड फेवर फ्रॉम व्हिच स्कूल ऑफ़ फिलॉसफी। तो स्कूल को एक्टिवली स्कूल जो है वो एक्टिवली फ़स्टर करे डेमोक्रेटिक स्पिरिट बच्चों के अंदर। सो ये क्या हो रहा है? है जी ये पॉजिटिव रिलेटिविज़्म की बात है जो

317:23

Speaker A

मोरल वैल्यूज़ जो है वो रिलेटिव हैं सोसाइटी और कल्चर को लेके। सो हमें डेमोक्रेटिक स्पिरिट जो है वो बच्चों के अंदर डालनी है। चाइल्ड स्कूल एजुकेशन इटसेल्फ आर लार्जली शेप्ड बाय सोशल एंड कल्चरल फोर्सेस वाज़ वन ऑफ़ द बेसिक

317:38

Speaker A

प्रिंसिपल ऑफ़ व्हिच फिलॉसोफिकल थॉट। तो स्कूल ये सोसाइटी से रिलेट की बात हो रही है। रिकंस्ट्रक्शनिज़्म। अकॉर्डिंग टू द फिलॉसफी ऑफ़ रियलिज्म व्हिच कॉम्बिनेशन ऑफ़ सब्जेक्ट इज़ मोस्ट एप्रोप्रियट फॉर इंक्लूजन इन करिकुलम। सो रियलिज्म की बात हो रही है जी। तो रियलिज्म में साइंस तो

317:53

Speaker A

आएगा। तो साइंस मैथमेटिक्स लॉजिक चाइल्ड इज़ बोर्न लाइक अ ब्लैंक स्लेट जॉन लॉक। ठीक है? रिलेशनशिप बिटवीन एजुकेशन एंड होम इज़ बेस्ट इलस्ट्रेटेड थ्रू व्हिच ऑफ़ द फॉलोवंग फ्रेजेस? तो एजुकेशन और होम के बीच में अगर आप देखोगे। सो लोकोपेरेंटिस

318:09

Speaker A

यानी ये डी स्कूलिंग का कांसेप्ट बोलता है लोकोपेरेंटिस की बात कि भ स्कूल जो है वो पेरेंट्स की एब्सेंस में पेरेंट बन जाता है ऐसे वाली चीज। ठीक है?

318:21

Speaker A

चलिए इन द इंडियन सोशल सिस्टम एज़ इट ऑब्टेंस टुडे द गोल ऑफ़ इक्वलिटी एंड एक्सीलेंस विल नॉट बी व्यूड ऐज़ टू ऑपोज़िट पोल्स इन टर्म्स ऑफ़ हूज़ फिलॉसफी। तो ड्यू इज़ फ़िलॉसफी ऑफ़ स्कूल ऐज़ मिनिएचर सोसाइटी। क्या बोल रहे हैं ये? अह द गोल ऑफ़

318:37

Speaker A

इक्वलिटी एंड एक्सीलेंस विल नॉट बी व्यूड ऐज़ टू अपोजिट पोल। ओके? अह गांधी की फिलॉसफी ऑफ़ बेसिक एजुकेशन, शंकराचार्य की वेदांतिक फिलॉसफी और मोहम्मद्स की इस्लामिक फिलॉसफी। सो आप दो अलग-अलग चीजों की तरह नहीं एक ही चीज़ की तरह उसको देख

318:50

Speaker A

रहे हो। तो ये शंकराचार्य की फिलॉसफी बोलती है। आंसर सी रहेगा। ओके? ओके। लास्ट ये जुलाई 2018 के क्वेश्चन है। जी। आठ नौ क्वेश्चन आएंगे यहां। व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग रिफ्लेक्ट्स द स्टैंड्स टू बी टेकन बाय टीचर एडवोकेटिंग एकज़िस्टेंशियलिस्ट

319:04

Speaker A

एजुकेशन? वैल्यूज़ सिखाई नहीं जा सकती। वो सब्जेक्टिव और पर्सनल होती हैं। अह एसेंशियल कॉन्टेक्स्चुअल बट ऑब्जेक्टिव भी होती हैं। आर डिराइव्ड फ्रॉम मार्केट फोर्सर्सेस। सो सिखा तो नहीं मतलब वो सब्जेक्टिव तो हमने पढ़ा है एकिस्टेंशियलिज्म में बट कॉन्टेक्स्चुअल

319:20

Speaker A

भी होती हैं कहीं ना कहीं। तो वो कॉन्टेक्स्ट और सब्जेक्टिव कहीं ना कहीं मैच करेगा। बट ऑब्जेक्टिव तो हम नहीं मान के चलते। तो वैल्यूज़ आप सिखा नहीं सकते किसी को। वो सब्जेक्टिव होती हैं और पर्सनल होती हैं। अपने आप सीखेगा बच्चा।

319:31

Speaker A

प्रेयर्स भूखे पेट भजन भी नहीं होता। यह बात किसने की थी? प्रेगमेटिज़्म में बात होती है इसकी। माया टेक्स अ कॉन्ट्ररी व्यू टू ब्रह्मा। माया क्रिएट्स एन इल्यूजनरी वर्ल्ड। सो वो इल्यूजन क्रिएट कर दिया। ये दोनों स्टेटमेंट ठीक है।

319:45

Speaker A

करेक्ट एक्सप्लेनेशन नहीं है बस। बाकी ठीक है। ठीक है? ठीक है? तो ब्रह्मा एक मेटाफिजिकल कांसेप्ट है। माया जो है वो एक वर्ल्ड एज एन वो इल्यूजन की तरह उसको लेके चलती है। सो माया का कॉन्टरी व्यू है

319:56

Speaker A

ब्रह्मा से रिलेटेड बट माया इल्यूजनरी वर्ल्ड भी बना रही है। सो करेक्ट एक्सप्लेनेशन नहीं है। बाकी दोनों स्टेटमेंट्स ठीक है। ठीक है? सो क्रेडिबिलिटी ऑफ़ माया बीइंग रियल और अनरियल इज़ नॉट फॉर श्योर। सेलेक्ट द करेक्ट कॉम्बिनेशन ऑफ़ कॉनसेप्ट्स। तो

320:10

Speaker A

बुद्धिज़्म से रिलेट करने वाले। पब्जा है फॉर श्योर। ठीक है? पब्जा है। सैयदवाद अपना बुद्धिज्म से नहीं है। ये आपका सैयदवाद की थ्योरी जैनिज्म से रिलेट करती है। तो सिक्स्थ नहीं आएगा। देखो सिक्स्थ आएगा नहीं। थर्ड फॉर शोर आएगा। थर्ड फॉर

320:24

Speaker A

शोर आएगा। यानी थर्ड तो बाकियों में दे ही रखा है। तो बचा क्या? अनेकांतवाद यानी प्लूरलिज्म। ठीक है? सो अनेकांतवाद की थ्योरी और सैयदवाद की थ्योरी। ये उसने नहीं दी है। क्या बोलते हैं? जैनिज्म में। सो फर्स्ट भी नहीं आना चाहिए उस हिसाब से।

320:39

Speaker A

तो फर्स्ट और सिक्स्थ तो नहीं आना चाहिए और थर्ड फॉर श्योर आना चाहिए। तीन चार पांच या 2 3 5 नहीं 2 तीन चार दो तीन चार बोल रहे हैं ये दो तीन चार या तीन चार पांच ना। सो तीन तो फॉर श्योर है ही। सो

320:53

Speaker A

स्वतंत्रिक संस्कार और पब्जाय आएंगे भाई। आंसर आपका तीन चार और पांच हो जाएगा। ओके?

320:59

Speaker A

सो ये मैंने यहां पे एक्स्ट्रा इनेशन ऐड कर दी है। वो आप देख लो। अल्टीमेट पर्पस ऑफ़ गांधीियन एजुकेशन इज़ एक क्लासलेस सोसाइटी बनाना। ह्यूमन बीइंग अल्टीमेट रियल अल्टीमेट पर्पस है ह्यूमन बीइंग को प्रमोट करना। ठीक है? कॉज़ ओनली इफ़ेक्ट

321:15

Speaker A

ओनली बोथ कॉज़ एंड इफ़ेक्ट। तो ये तो मतलब पुरुष ना कॉज़ है ना इफ़ेक्ट है। ये लो यहीं से ही सॉल्व हो गया। लो ये लो। ठीक है?

321:25

Speaker A

श्री अरविंदोज़ आईडिया ऑफ़ सुपर माइंड इंप्लाइस दैट डार्विनिज़्म थ्योरी इज़ रेलेवेंट। हेंस एजुकेशन कांट डू मच। टास्क ऑफ़ अ टीचर इज़ टू अपलिफ्ट द अवेकंड कॉन्शियसनेस। तो ये काम है टीचर का कि वो कॉन्शियसनेस जो है वो अभी मतलब अपलिफ्ट

321:40

Speaker A

करें उन चीजों को। आंसर बी एजे अय्यर विटी जस्टिन बर्टलैंड रशेल बर्टलैंड रशेल का तो हमें पता है कि वो बात करते हैं रियलिज्म की। अह रियलिज़्म में भी कई चीज़ें इन्होंने आस्पेक्ट्स दे दिए हैं। और जी ई मुरे। सो,

321:54

Speaker A

आप यह ध्यान रख लो भाई। पहले का दूसरा है अय्यर जो है वह लॉजिकल पॉज़िटिविज़्म पे फ़ोकस करते हैं। ये लिंग्विस्टिक एनालिसिस पे, बर्ट ट्रेंड रशल जो है वो लॉजिकल एटॉमि पे और मूरे जो हैं वो आपके नियोरियलिज्म पे। ओके?

322:09

Speaker A

वेरिफिकेशन थ्यरी ऑफ अय्यर वो है वह यहां पर यहां समझ आ जाएगी आपको कि वह लॉजिकल पॉजिटिविज्म की बात करते हैं। यह कांसेप्ट ऑफ लिंग्विस्टिक कन्फ्यूजन की बात करते हैं और बर्ट ट्रेंड रशल लॉजिकल एटॉमिज्म की बात करते हैं। विज्ञान माया विजनन

322:25

Speaker A

मायाकोष या फिर आपका मनोमाया कोष प्राण मायाकोष तो देखो प्राण अन्न अन्न मायाकोष सबसे बाहर वाला था जिसकी हम बात कर रहे थे वो कौन बाहर फिजिकल बॉडी की बात कर रहे थे ना हम फर्स्ट आएगा क्या इसका आंसर सी आएगा

322:41

Speaker A

क्या सी है ठीक है सो ये आपको याद होने चाहिए भई मैंने तो फिलहाल के लिए तुक्का लगाया था कि मुझे जो इनेशन मैं बार-बार बोल के आपको समझाई है उस हिसाब से अदरवाइज आपको ये याद होनी चाहिए कि अर्थ वाटर फायर

322:52

Speaker A

एयर अक्ष जो हमने हमने बात की थी। ओके लास्ट क्वेश्चन आई थिंक व्हिच ऑफ़ द फॉलोविंग विल नॉट बी एसेंटेड टू बाय इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन? सो लिबर्टी इक्वलिटी फॉर एटरर्निटी जस्टिस ये बात तो बोलते हैं। रिपब्लिक एंड डेमोक्रेटिक सोसाइटी है। रिलीजन गॉड साल्वेशन,

323:08

Speaker A

रेशियलिज्म और आपका रीजनलिज्म, वसुदेव कुटुंबकम और यूनिवर्सल ब्रदरहुड की भी बात हम करते हैं। आंसर आपका थर्ड एंड फोर्थ ये गलत हो जाएगा। नॉट पूछा है। विल नॉट बी एसेंटेड। सो थर्ड एंड फोर्थ आपका आंसर हो जाएगा। बाकी सारे इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन

323:24

Speaker A

के साथ में ही मिल रहे हैं। ओके? ये हो गई जी आपकी पहली यूनिट कंप्लीट। मैं उम्मीद कर रही हूं आपको कुछ अच्छे से समझ आया होगा। आपको अगर कहीं भी लगे कि पिछली क्लासेस में से किसी में और इस क्लास में

323:36

Speaker A

कहीं कॉन्फ्लिक्ट है तो आप इस क्लास को फॉलो कीजिए क्योंकि ये न्यू अपडेटेड इनफार्मेशन है। मैं भी अलग तरीके से समझाती हूं क्योंकि एक्सपीरियंस के साथ आपका थोड़ा सा समझाने का तरीका या एक्सप्लेन करने का तरीका भी चेंज होता है

323:48

Speaker A

धीरे-धीरे। राइट? सो मैं उम्मीद करती हूं मैंने अच्छे से आपको समझाया होगा। अगर आपको ये क्लास हेल्पफुल लगी हो सो प्लीज फीडबैक जरूर दीजिएगा। ठीक है? आपको समझ आया नहीं आया। सो फीडबैक इज़ नेसेसरी। सो कमेंट जरूर कीजिएगा। एक कमेंट में कुछ

324:02

Speaker A

नहीं जाता आपका। मेरा भी कुछ नहीं जाता वैसे तो कि मेरे को कोई पैसे नहीं मिलने हैं आपके कमेंट से। बट एक मोटिवेशन मिलता है, एक चीज़ लगती है कि हां मैंने इट्स लाइक 10-12 दिन बाद ये वीडियो आ रही है।

324:12

Speaker A

तो 10-12 दिन लगे हैं इस चीज को प्रिपेयर करने में, कंपाइल करने में, रिकॉर्ड करने में, टोटल ओवरऑल मिला के। सो, कोशिश कीजिएगा कि कमेंट करके जरूर बताएं समझ आया नहीं आया? नहीं आया तो क्या समझ नहीं आया?

324:25

Speaker A

और क्या चीज़ अच्छी लगी आपको इस क्लास में। ठीक है? मिलते हैं सेकंड यूनिट के साथ। जैसे ही वो यूनिट कंप्लीट होगी, देखो, ये भी हो सकता है मैं छोटी-छोटी वीडियोस डाल दूं। बट मैं 10 कंपाइल करके 10 बढ़िया

324:36

Speaker A

मैराथनस आपके लिए लाना चाह रही हूं। पहली मैराथन मैंने करवा दी है। आपका सेकंड मैराथन में स्वागत करेंगे अब। ठीक है? सो दिस वाज़ ऑल अबाउट टुडे। आई होप ये क्लास आपके लिए हेल्पफुल रही हो। थैंक यू सो मच

324:46

Speaker A

फॉर वाचिंग। अगेन दिस इज़ मोर देन इनफ। आपको इससे ज्यादा इस यूनिट में कुछ और करने की जरूरत नहीं है। ओके? सो दिस वाज़ ऑल अबाउट टुडे। थैंक यू सो मच फॉर वाचिंग। बी हैप्पी, कीप स्माइलिंग, सब्सक्राइब टिंकल केक लर्निंग बिकॉज़ इट इज़ अब्सोलुटली

324:58

Speaker A

फ्री। टेक केयर। सी यू इन नेक्स्ट क्लास।

Topics: यूजीसी नेट एजुकेशन पेपर 2 शैक्षिक अध्ययन मैराथन प्रश्नोत्तर प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस फिलॉसफी शिक्षा के सिद्धांत रवीना इंकलकेट लर्निंग


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