**Translation | Translation In English | Hindi To English | How To Translate Hindi To English |Grammar — Transcript & SRT | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/translation-translation-in-english-hindi-to-english-transcript/

Answers

## Questions about this video

यह वीडियो किस बारे में है?

यह वीडियो अंग्रेजी व्याकरण और अनुवाद के सही पैटर्न को समझने के बारे में है। इसमें बताया गया है कि कैसे सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट का सही उपयोग करके वाक्य बनाए जाते हैं।

वीडियो में 'मी' और 'आई' के बारे में क्या गलत धारणा बताई गई है?

वीडियो में बताया गया है कि बचपन से हमें 'मी' का मतलब 'मुझे' और 'आई' का मतलब 'मैं' रटवाया जाता है, जो कि गलत है। यह वीडियो इस गलत धारणा को दूर करने और सही उपयोग सिखाने पर केंद्रित है।

यह कोर्स किसके लिए है और इसकी क्या विशेषता है?

यह इंग्लिश ग्रामर का पूरा कोर्स उन लोगों के लिए है जो अंग्रेजी सीखना चाहते हैं। यह कोर्स बिल्कुल मुफ्त है और इसमें अंग्रेजी की नींव को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

दोस्तों आपके सामने लिखा हुआ है मी का मतलब मुझे और आई का मतलब मैं, जो कि एकदम गलत बात है।

00:08

Speaker A

ये बिल्कुल गलत है तो फिर हम ऐसा पढ़ते क्यों हैं हमने तो बचपन से यही रटा है।

00:16

Speaker A

हिंदी से इंग्लिश सीखने के चक्कर में हमें ये चीजें रटवाई जाती हैं।

00:20

Speaker A

जो कि हमें आगे चलकर बड़ा नुकसान देती हैं जो हमारी इंग्लिश की जो बेस है जो नींव है ना वो कमजोर पड़ जाती है।

00:26

Speaker A

वेलकम बैक एवरीवन बहुत-बहुत स्वागत है आपका आपके अपने चैनल डियर सर में और मैं आपके सामने हाजिर हुआ हूं एक अमेजिंग वीडियो के साथ।

00:35

Speaker A

वीडियो क्या कहूं कि ये एक ऐसा कांसेप्ट एक ऐसी नींव मैं आपकी मजबूत करने जा रहा हूं कि इस वीडियो को जब आप देख लोगे ना उसके बाद जो आपका कॉन्फिडेंस है इंग्लिश को लेके ग्रामर को लेके वो बहुत हाई हो जाएगा बहुत ज्यादा कॉन्फिडेंट फील करोगे।

00:48

Speaker A

क्योंकि आज की इस लेक्चर में हम लोग डिस्कस करेंगे कि कैसे सब्जेक्ट रखा जाता है कैसे ऑब्जेक्ट की इंग्लिश बनाई जाती है कैसे एक सेंटेंस का स्ट्रक्चर तैयार किया जाता है इंग्लिश के अंदर ट्रांसलेशन का सही पैटर्न क्या है सही तरीका क्या है।

01:01

Speaker A

बहुत बारीक बातें जो आपके एग्जाम में पूछी जाती हैं आप जहां अटकते थे अब तक अब अटकना बंद करोगे ये मेरा वादा है आपसे।

01:10

Speaker A

अगर आपको नहीं मालूम तो मैं आपको बता देना चाहता हूं कि मैं सिर्फ आपके लिए इंग्लिश का ये इंग्लिश ग्रामर का ये पूरा कोर्स आपके लिए मैंने चलाया हुआ है जो कि फ्री ऑफ कॉस्ट है।

01:20

Speaker A

हमारे चैनल पे ये वीडियोस आपको मिल जाएंगी प्लेलिस्ट बनी हुई है डिस्क्रिप्शन में लिंक है इससे पहले तीन वीडियोस जो कि जीरो से स्टार्ट की थी मैंने वो आपके लिए बनी हुई हैं।

01:30

Speaker A

वो नहीं देखी बहुत बड़ा चांस मिस कर रहे हो इंग्लिश सीखने का जरूर देख लेना फ्री ऑफ कॉस्ट है।

01:37

Speaker A

लेकिन फिलहाल अभी ये वीडियो आराम से देखो एंजॉय करते हुए देखो वीडियो देखते-देखते ही ना आपके इतने सारे डाउट्स क्लियर हो जाएंगे।

01:45

Speaker A

जो आपको पहले आते थे बहुत सारे टॉपिक्स आपको अब अच्छे से समझ में आने लगेंगे जस्ट बिकॉज़ ऑफ दिस वीडियो।

01:52

Speaker A

तो उम्मीद करता हूं आपको ये वीडियो बहुत पसंद आएगी बहुत यूजफुल रहेगी।

01:58

Speaker A

लाइक आप अभी कर देना मुझे कहने की जरूरत नहीं है इस वीडियो को लाइक कर देना।

02:04

Speaker A

ताकि और लोगों तक भी पहुंच जाए।

02:06

Speaker A

आइए अब हम शुरू करते हैं हमारा एक ऐसा टॉपिक जो मेरे दिल के बहुत करीब है।

02:11

Speaker A

अच्छा दोस्तों मैं आपको अपने बारे में एक बात बताऊं।

02:14

Speaker A

मैंने कभी भी ना इंग्लिश के जो रूल्स हैं उनको रटा नहीं।

02:19

Speaker A

बल्कि उनको समझा है कि भई उनका जिस्ट क्या है उनका निचोड़ क्या है।

02:23

Speaker A

क्या आप भी उसी अंदाज में सीखना चाहते हो कमेंट में यस लिख के मुझे बता दो।

02:27

Speaker A

और फिलहाल मैं आपके सामने जो मैंने बात बोली है कि भई मी का मतलब मुझे नहीं होता आई का मतलब मैं नहीं होता इसे साइड में रख देता हूं।

02:34

Speaker A

क्योंकि वीडियो के एंड में यहीं पर आऊंगा वापस और आपसे पूछूंगा बताओ क्या मैं सही कह रहा था कि नहीं।

02:39

Speaker A

और आपका उस वक्त एक कॉन्फिडेंस अलग लेवल का होगा।

02:42

Speaker A

चलो बात करते हैं इंग्लिश बनाने की।

02:45

Speaker A

भई हम ये सब तो अच्छे से समझ चुके हैं कि कोई भी सेंटेंस बनता कैसे है।

02:50

Speaker A

तीन चीजों से बनता है एक होता है सब्जेक्ट एक होती है वर्ब और तीसरा होता है ऑब्जेक्ट।

02:54

Speaker A

मैंने लास्ट वीडियो में बहुत अच्छे से डिस्कस की थी इस चीज को।

02:58

Speaker A

जिसने वो लास्ट वीडियो नहीं देखी है वो वो पार्ट नहीं देखा है हमारे इस कोर्स का।

03:02

Speaker A

कोई बात नहीं मैं दोबारा से एक बार आपको बता देता हूं।

03:05

Speaker A

शॉर्ट में समझ लेते हैं सब्जेक्ट क्या होता है।

03:08

Speaker A

जो काम को करने वाला होता है या जिसके बारे में बात हो रही होती है।

03:11

Speaker A

वर्ब जो काम हो रहा होता है जो भी वर्ड जिससे हमें पता चले कोई काम हो रहा है या चल रहा है वो वर्ब हो गई।

03:14

Speaker A

और ऑब्जेक्ट क्या होता है भई जिसके ऊपर काम का असर पड़ रहा होता है।

03:17

Speaker A

ठीक है ना।

03:18

Speaker A

ये हमने पढ़ा था तो सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट की इंग्लिश अगर हम बना लें तो वर्ब तो रख ही लेंगे कोई दिक्कत नहीं है।

03:22

Speaker A

असल में ये सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट होते क्या हैं कौन होता है ये सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट।

03:26

Speaker A

कौन होता है ये तो हमने सीख लिया कि किसी जो काम करने वाला होता है।

03:30

Speaker A

लेकिन हमेशा काम करने वाला होता कौन है किसके बारे में बात हो रही होती है।

03:33

Speaker A

तो सोच के देखते हैं आओ सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट को सोच के देखो।

03:36

Speaker A

जरा सोचते हैं हम पढ़ नहीं रहे हैं हम कुछ नहीं पढ़ रहे हैं हम ग्रामर नहीं पढ़ रहे हैं।

03:40

Speaker A

हम सिर्फ सोच रहे हैं कि हम अपनी डेली लाइफ में कौन से सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट रखते हैं।

03:44

Speaker A

तो हम ऐसे बोलते हैं प्रिया ने मुझे मैसेज किया।

03:47

Speaker A

तो प्रिया सब्जेक्ट हो गई थी किसी लड़की का नाम था।

03:50

Speaker A

ठीक है ध्यान देना ध्यान देना है ना।

03:51

Speaker A

मेरे पापा ने मुझे धोया तो किसने धोया मेरे पापा ने।

03:55

Speaker A

तो पापा भी किसी का नाम था नाम था भई किसी इंसान का नाम था है ना।

03:58

Speaker A

विराट कोहली ने सेंचुरी मारी किसने मारी विराट कोहली ये भी किसी का नाम था।

04:02

Speaker A

लिखते रहूं क्या क्या मैं लिख सकता हूं।

04:04

Speaker A

हां मैं लिख सकता हूं मैं लिख सकता हूं कि अभी ना पर्सन के नेम आए थे किसके नेम आ रहे थे सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट में पर्सन के।

04:10

Speaker A

और क्या मेरी मम्मी ने बहुत अच्छा खाना पकाया।

04:12

Speaker A

तो कौन हुई मेरी मम्मी ये भी किसी पर्सन का नाम था।

04:15

Speaker A

है ना है ना है ना।

04:16

Speaker A

राकेश मुझसे बहुत प्यार करता है राकेश राकेश मेरा छोटा भाई मुझसे बहुत प्यार करता है।

04:20

Speaker A

तो राकेश भी किसी पर्सन का नाम था है ना।

04:23

Speaker A

है ना इस तरह के हम चीजें का नाम ले रहे थे।

04:26

Speaker A

तो कुल मिला के क्या बात हुई कि मैंने बहुत सोचा बहुत सोचा तब भी मैं बस यही देखा कि मैं जितने भी सेंटेंस इंग्लिश में बनाता हूं।

04:32

Speaker A

उनका जो सब्जेक्ट होता है या तो वो किसी इंसान का नाम होता है किसी जगह का नाम हो जाता है या किसी चीज का नाम हो जाता है।

04:37

Speaker A

चीज का मतलब कोई भी चीज खाने की चीज हो सकती है।

04:40

Speaker A

पहनने की चीज हो सकती है या फिर मोबाइल कोई इस्तेमाल की चीज हो सकती है।

04:44

Speaker A

कोई भी उन सबके नाम होते हैं।

04:46

Speaker A

क्या होता है नाम होते हैं।

04:47

Speaker A

नाम है सब कुछ क्या है नाम।

04:50

Speaker A

क्या मैं मेरे प्यारे दोस्तों दिल से आवाज आए।

04:53

Speaker A

तो वीडियो को लाइक एक बार और कर देना रगड़ देना और दिल से आवाज आए तो बताना मुझे।

04:58

Speaker A

क्या मैं कह सकता हूं कि सब्जेक्ट का मतलब नाम होता है।

05:02

Speaker A

हां सही बात है।

05:03

Speaker A

किसी का भी जो नाम होता है वो हम सब्जेक्ट रख देते हैं इंग्लिश के अंदर।

05:07

Speaker A

कि प्रिया ने काम किया तो प्रिया आ गई आकाश ने किया तो आकाश आलिया तो आलिया वरुण तो वरुण।

05:10

Speaker A

विकेश तो विकेश है ना रॉकी तो रॉकी बबलू तो बबलू पप्पू तो पप्पू।

05:13

Speaker A

तो सबके क्या हम लिखते हैं नाम लिखते हैं।

05:15

Speaker A

और फिर उन्होंने जो काम किया वो वर्ब आ जाती है।

05:16

Speaker A

है कि नहीं।

05:17

Speaker A

है कि नहीं।

05:18

Speaker A

ऐसे ही क्या ऑब्जेक्ट कौन होता है।

05:20

Speaker A

ऑब्जेक्ट भी किसी का नाम होता है।

05:21

Speaker A

कि उस काम का असर किसको पड़ा।

05:23

Speaker A

प्रिया ने आकाश को लेटर लिखा।

05:26

Speaker A

तो प्रिया ने किसको लिखा आकाश को।

05:28

Speaker A

तो सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट तो ऑलमोस्ट एक ही चीज है।

05:30

Speaker A

कि ये भी क्या होते हैं।

05:31

Speaker A

ये भी किसी के नाम होते हैं।

05:32

Speaker A

नाम होते हैं।

05:33

Speaker A

मैंने मम्मी को पैसे दिए किसको दिए मम्मी मम्मी किसी का नाम है।

05:36

Speaker A

मम्मी है ना।

05:37

Speaker A

तो हम क्या कर रहे हैं तो सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट हम इतना समझ चुके कि ये कुछ नहीं होते।

05:41

Speaker A

ये तो नाम होते हैं।

05:42

Speaker A

क्या होते हैं नेम होते हैं।

05:43

Speaker A

किसके किसी के भी किसी इंसान का नेम हो सकते हैं किसी जगह का नेम हो सकते हैं।

05:47

Speaker A

और किसी किसी चीज का नाम हो सकते हैं।

05:50

Speaker A

तो इतना तो मुझे बहुत अच्छे से क्लियर हो गया कि अगर मुझे इंग्लिश बनानी है मैं कोई सेंटेंस बना रहा हूं।

05:55

Speaker A

ध्यान से आओ आओ जल्दी जल्दी जल्दी जल्दी ध्यान से सुनो।

05:58

Speaker A

कम ऑन कम ऑन बहुत आसान चीज पढ़ रहे हैं हम लोग बहुत मजेदार है।

06:01

Speaker A

कि हम अगर कोई भी सेंटेंस बना रहे हैं तो उसमें जो सब्जेक्ट होगा और वो जो ऑब्जेक्ट होगा।

06:07

Speaker A

वो होना हो किसी चीज का नाम होगा और कुछ नहीं।

06:10

Speaker A

अभी रुको।

06:11

Speaker A

अभी और सुनो।

06:12

Speaker A

अभी और सुनो।

06:13

Speaker A

अब मैं आपको बताता हूं असल में सब्जेक्ट ज्यादातर नाम हम किसका लेते हैं।

06:16

Speaker A

अब ये बताता हूं मैं आपको।

06:17

Speaker A

ज्यादातर इंग्लिश किसकी बनती है ट्रांसलेशन किसकी करते हैं हम।

06:20

Speaker A

वो सुनो अब।

06:21

Speaker A

दोस्तों याद रखना।

06:22

Speaker A

और मेरी बात को ध्यान से सुनना।

06:25

Speaker A

हम जो भी सेंटेंस बनाते हैं ना जो भी बात इंग्लिश में बनाते हैं जो भी हम ट्रांसलेशन कर रहे होते हैं।

06:30

Speaker A

उसमें सबसे ज्यादा पता है हम किसकी बातें कर रहे होते हैं।

06:33

Speaker A

हम किसी चीज का नाम नहीं ले रहे होते हैं ज्यादा हम किसी जगह का नाम नहीं ले रहे होते हैं।

06:37

Speaker A

हम कर रहे होते हैं पर्सन की बातें किसकी पर्सन की।

06:40

Speaker A

पर्सन मतलब क्या होता है।

06:41

Speaker A

व्यक्ति हिंदी में क्या बोलते हैं व्यक्ति।

06:43

Speaker A

हम किसकी बातें कर रहे होते हैं व्यक्ति की।

06:45

Speaker A

इंसानों की बातें कर रहे होते हैं।

06:46

Speaker A

इंसान भी किसकी सबसे ज्यादा आदमी किसकी बात करता है।

06:48

Speaker A

सच बताओ।

06:49

Speaker A

सबसे ज्यादा हम हम से प्यार करते हैं मैं मुझसे सबसे ज्यादा प्यार करता हूं।

06:52

Speaker A

ये कहना गलत नहीं होगा।

06:54

Speaker A

हर कोई खुद से प्यार करता है।

06:55

Speaker A

तो सबसे ज्यादा तो हम अपने से प्यार करते हैं खुद से लेकिन एक बात बताओ अगर आपको कहना हो कि।

07:00

Speaker A

अपने बारे में कोई बात कहनी हो तो अपना नाम लेके करते हो क्या।

07:04

Speaker A

मान लो तुम्हारा नाम अरविंद है।

07:05

Speaker A

तो तुम ऐसे बोलोगे अरविंद आपसे कुछ कहने आया है अरविंद इंग्लिश सीखना चाहता है।

07:10

Speaker A

अरविंद जा रहा है।

07:11

Speaker A

ऐसे बोलते हो क्या।

07:12

Speaker A

नहीं नहीं नहीं नहीं।

07:13

Speaker A

आप अपना नाम थोड़ी लेते हो क्या मैं ये बात लिख सकता हूं।

07:16

Speaker A

क्या मैं ये बात लिख सकता हूं कि आप अपना नाम बार-बार नहीं लेते हो।

07:20

Speaker A

क्या मेरी बात सही है।

07:21

Speaker A

क्या अगर किसी का नाम अंजलि है क्या किसी का नाम अंजलि है और अंजलि कहना चाहती है कि उसे खाना खाना है।

07:26

Speaker A

तो वो ऐसे बोलती है अंजलि को खाना खाना है।

07:28

Speaker A

हैं ऐसे थोड़ी होता है।

07:29

Speaker A

वो बोलती है क्या बोलती है क्या बोलती है।

07:31

Speaker A

मुझे खाना खाना है।

07:32

Speaker A

मैं यहां आया हूं।

07:34

Speaker A

मुझे इंग्लिश सीखनी है।

07:36

Speaker A

मैं इंग्लिश सीख रहा हूं।

07:38

Speaker A

हम नाम बार-बार अपना नहीं लेते बल्कि हम किसी और का भी नाम बार-बार नहीं लेते।

07:42

Speaker A

मान लो तुमने मुझसे कहा कि पूजा मेरी बेस्ट फ्रेंड है।

07:45

Speaker A

कौन फ्रेंड है बेस्ट फ्रेंड कौन है पूजा।

07:47

Speaker A

पूजा मेरी बेस्ट फ्रेंड है एकदम बेस्टी है मैं उससे सब कुछ शेयर करती हूं अपना।

07:52

Speaker A

पूजा मेरी बेस्ट फ्रेंड है हमने ऐसा कहा।

07:54

Speaker A

तो बार-बार ये थोड़ी बोलोगे कि पूजा बहुत अच्छी है पूजा मुझसे रोज मिलती है पूजा मुझे लड्डू पेड़े खिलाती है पूजा मेरे साथ पब्जी खेलती है पूजा और मैं बैठ के बिचिंग करते हैं।

08:02

Speaker A

ऐसे थोड़ी बोलोगे।

08:03

Speaker A

आप क्या बोलोगे क्या बोलोगे।

08:05

Speaker A

पूजा मेरी बेस्ट फ्रेंड है ये बोल दिया।

08:07

Speaker A

उसके बाद क्या बोलोगे वो मेरी बहुत अच्छी दोस्त है।

08:10

Speaker A

वो मुझे बिस्किट खिलाती है।

08:13

Speaker A

वो मेरे साथ बिचिंग करती है।

08:15

Speaker A

तो हम बार-बार नाम नहीं लेते।

08:17

Speaker A

बल्कि कुछ और वर्ड्स का इस्तेमाल करते हैं।

08:20

Speaker A

किसका इस्तेमाल करते हैं।

08:21

Speaker A

कुछ और वर्ड्स का इस्तेमाल करते हैं और वो वर्ड्स पता है कौन से होते हैं।

08:24

Speaker A

वो मुझे मालूम है कौन से होते हैं।

08:25

Speaker A

वो वर्ड्स पता है कौन से होते हैं।

08:27

Speaker A

वो ये वाले वर्ड्स होते हैं खुद के लिए आई लगाते हो।

08:30

Speaker A

और अगर बहुत सारे लोग हो तो वी।

08:33

Speaker A

और दूसरे के लिए जो सामने बैठा होता है उसके लिए यू।

08:36

Speaker A

और कुछ और बहुत सारे लोग होते हैं दे ही शी इट।

08:39

Speaker A

ये हम ऐसे वर्ड हैं ऐसे मेरे सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट हैं जिनका हम रोजाना इंग्लिश बोलते हुए इंग्लिश लिखते हुए इंग्लिश पढ़ते हुए हम उनका इस्तेमाल करते हुए देखते हैं।

08:46

Speaker A

ऐसा क्यों होता है कि यही सबसे ज्यादा मेरे सब्जेक्ट बनते हैं।

08:48

Speaker A

उसका रीजन है।

08:49

Speaker A

क्योंकि हम जब भी इंग्लिश इंग्लिश एक लैंग्वेज है एक भाषा है।

08:51

Speaker A

जब हम किसी से बात करते हैं ना तो हम उससे अपनी ही बातें कर रहे होते हैं या उसकी बातें कर रहे होते हैं या तीसरे की बात कर रहे होते हैं।

08:56

Speaker A

टोटल तीन लोग ही तो होते हैं ना जिनकी हम बातें कर रहे होते हैं।

08:58

Speaker A

हम रोज आईफोन की बातें थोड़ी कर रहे होते हैं।

09:00

Speaker A

हम रोजाना आईफोन की बातें नहीं कर रहे होते हैं।

09:03

Speaker A

हम रोजाना किसी शहर की बातें नहीं कर रहे होते हैं।

09:05

Speaker A

आपने अपने फ्रेंड को क्या कहा उसने आपसे क्या कहा आप यही सब तो बता रहे होते हो।

09:08

Speaker A

तो हम बेसिकली जो भी सेंटेंस इंग्लिश में बनाते हैं बेसिकली हम जो भी इंग्लिश में बातें करते हैं इंग्लिश ट्रांसलेशन करते हैं सेंटेंस बनाते हैं।

09:14

Speaker A

अब मैं आपको बताने वाला हूं खुलासा जितने भी आप सेंटेंस देखोगे।

09:17

Speaker A

उनमें पता है किसकी बात हो रही होगी।

09:19

Speaker A

या तो कोई कहने वाला होगा जिसे कह देते हैं हम फर्स्ट पर्सन।

09:23

Speaker A

जो कहने वाला होता है वो हमेशा कौन होगा।

09:25

Speaker A

आई या फिर वी।

09:27

Speaker A

एक होगा सुनने वाला एक होगा सुनने वाला।

09:29

Speaker A

जिसे हम कह देते हैं सेकंड पर्सन।

09:32

Speaker A

जो सुन रहा होता है आपकी बात को जो कौन होता है यू तुम।

09:34

Speaker A

इसी तरह सेंटेंस बनते हैं।

09:35

Speaker A

और एक होता है हमारा थर्ड पर्सन जिसके बारे में बात की जाती है।

09:39

Speaker A

वो कौन होता है ही शी इट दे।

09:41

Speaker A

जिसके बारे में बात हो रही है ना।

09:42

Speaker A

तो तो दोस्तों हमने क्या सीखा हमने यहां पे क्या सीखा।

09:45

Speaker A

हमने ये चीज देखी कि कुल मिला के जितनी भी इंग्लिश है जितने भी हम इंग्लिश के सेंटेंसेस बना रहे होते हैं।

09:51

Speaker A

उनमें हम सबसे ज्यादा जो सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट लगा रहे होते हैं वो यही होते हैं जो आपके सामने मैंने लिख दिए हैं।

09:56

Speaker A

वो यही होते हैं इसके अलावा और कुछ भी नहीं होते।

09:59

Speaker A

वो ज्यादातर तो यही होते हैं।

10:00

Speaker A

मैक्सिमम सेंटेंस इसी की मदद से बनते हैं।

10:01

Speaker A

अरे आपको पता ही नहीं चला।

10:02

Speaker A

जी हां आपको पता ही नहीं चला कि मैंने मजाक-मजाक में आपको नाउन पढ़ा दिए।

10:05

Speaker A

देखना जरा।

10:06

Speaker A

पर्सन का नेम थिंग का नेम प्लेस का नेम क्या होता है बचपन में क्या पढ़ा था।

10:10

Speaker A

क्या होता है नाउन नाउन इज द नेम ऑफ ए पर्सन प्लेस और अ थिंग।

10:13

Speaker A

रट के आते थे ना।

10:14

Speaker A

लिख के आते थे ना।

10:15

Speaker A

यही तो हमने देखा।

10:16

Speaker A

कि कोई भी सब्जेक्ट या कोई भी ऑब्जेक्ट कौन होता है।

10:19

Speaker A

किसी चीज का नाम होता है।

10:20

Speaker A

तो क्या मैं कह सकता हूं क्या मैं कह सकता हूं कि मेरे जो भी सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट होंगे।

10:24

Speaker A

मेरे जो भी सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट होंगे वो कोई ना कोई नाउन होगा।

10:27

Speaker A

वो कोई ना कोई नाउन ही होगा।

10:28

Speaker A

तो क्या मैं ऐसा बोल सकता हूं।

10:29

Speaker A

हां सर बोल सकते हैं।

10:30

Speaker A

सर आज समझ में आया।

10:32

Speaker A

अच्छा कि हमें नाउन क्यों पढ़ाते थे।

10:34

Speaker A

अब समझ में आ रहा है।

10:36

Speaker A

क्योंकि ये तो प्रैक्टिकल अप्लाई हो रहा है।

10:38

Speaker A

कि दुनिया का कोई भी सेंटेंस हो उसका जो भी सब्जेक्ट होगा जो भी ऑब्जेक्ट होगा वो होना हो कोई ना कोई नाउन होगा।

10:43

Speaker A

अभी रुको।

10:44

Speaker A

अभी और सुनो।

10:45

Speaker A

अभी और सुनो।

10:46

Speaker A

अभी और मजा आएगा।

10:47

Speaker A

हमने क्या देखा था कि हम बार-बार नाम नहीं लेते।

10:50

Speaker A

बार-बार पूजा कह के बात नहीं करते।

10:53

Speaker A

बार-बार लोगों का नाम लेके बात नहीं करते क्योंकि फिर तो बात बहुत बड़ी हो जाएगी।

10:56

Speaker A

है ना।

10:57

Speaker A

उसके लिए हमने क्या करा था क्या करा था हमने नाम की जगह कुछ दूसरे वर्ड्स का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

11:01

Speaker A

खुद के नाम की जगह आई लगाने लगे।

11:03

Speaker A

सबके नाम की जगह वी लगाने लगे।

11:05

Speaker A

सामने वाले के नाम की जगह यू लगाने लगे।

11:09

Speaker A

जो बाहर लोग बैठे हैं तीसरे लोग हैं कोई तीसरे लोग हैं जो सामने आमने नहीं बैठे हमारे।

11:13

Speaker A

कहीं और जिनकी बातें हो रही हैं उनके नाम की जगह दे लगाने लगे।

11:16

Speaker A

कोई बाहर एक लड़का है एक सिंगुलर है एक है कोई लड़का है या लड़की उनके लिए ही या फिर शी लगाने लगे।

11:20

Speaker A

और इसी तरह इट लगाने लगे।

11:22

Speaker A

प्रोनाउन की डेफिनेशन क्या थी जरा बताना मुझे।

11:24

Speaker A

प्रोनाउन प्रोनाउन वो वर्ड्स होते हैं जो नाउन की जगह इस्तेमाल किए जाते हैं।

11:29

Speaker A

ये वही तो है।

11:30

Speaker A

ये वही है दोस्तों।

11:31

Speaker A

तो कुल मिला के क्या मैं अब कह सकता हूं क्या मैं अब कह सकता हूं कि मेरे जो सब्जेक्ट और ऑब्जेक्ट होते हैं।

11:36

Speaker A

या तो वो नाउन होते हैं या फिर वो कोई प्रोनाउन होते हैं।

11:39

Speaker A

या तो वो कोई नाउन होते हैं या तो वो कोई प्रोनाउन होते हैं।

11:42

Speaker A

क्या इस बात को समझने के बाद दिल में एक अलग सी ठंडक महसूस हुई।

11:46

Speaker A

क्या कलेजे को ठंडक और दिमाग को सुकून मिला।

11:49

Speaker A

हां यही तो हो रहा होता है।

11:50

Speaker A

अंदर की कहानी ये थी क्या।

11:51

Speaker A

हां ये कहानी थी।

11:52

Speaker A

कुल मिला के तो यही कहानी थी।

11:54

Speaker A

अब भी इसका क्या फायदा।

11:55

Speaker A

मुझे एक और बात बताओ।

11:56

Speaker A

अभी भी इसका पूरा फायदा आपको नहीं मिला।

11:59

Speaker A

एक और बात करते हैं।

12:00

Speaker A

ये वर्ब ना वर्ब रखी हुई है यहां पे।

12:01

Speaker A

ये वर्ब आपको नजर आ रही है ये वर्ब।

12:03

Speaker A

अगर सब्जेक्ट कोई नाउन या प्रोनाउन होता है।

12:06

Speaker A

या फिर कोई ऑब्जेक्ट नाउन या प्रोनाउन ही होता है हमेशा।

12:09

Speaker A

इस बात का पता होने से मुझे क्या फायदा क्या मिल गया मुझे।

12:12

Speaker A

क्या मुझे सोने की सोने की कोई खान मिल गई।

12:15

Speaker A

क्या मुझे हीरे जवाहरात मिल गए।

12:17

Speaker A

मुझे क्या इंग्लिश में मेरा फायदा हो गया।

12:19

Speaker A

अभी बताता हूं फायदा क्या हुआ।

12:21

Speaker A

फायदा ये हुआ कि दोस्तों याद रखना ये जो वर्ब होती है ना वर्ब।

12:25

Speaker A

पहचान कैसे करोगे वर्ब की ये सुनो मेरी बात इंपोर्टेंट।

12:28

Speaker A

सेंटेंस में वर्ब कहां पे लगानी है कौन सा वर्ड वर्ब है या नहीं कौन सा नाउन है ये पहचानना आसान हो गया कि नहीं।

12:34

Speaker A

क्या माइंड खुल गया कि नहीं।

12:35

Speaker A

क्लियर हो गया ना एकदम चीरफाड़ कर डाली पोस्टमार्टम हो गया ना इसका सब्जेक्ट सेंटेंस का पूरे।

12:38

Speaker A

पूरे सेंटेंस का पोस्टमार्टम हो गया सब्जेक्ट होता क्या है ऑब्जेक्ट होता क्या है।

12:41

Speaker A

कौन-कौन से वर्ड सब्जेक्ट ऑब्जेक्ट हो सकते हैं नाउन या कोई ना कोई प्रोनाउन होगा है ना।

12:45

Speaker A

अब प्रोनाउन में भी सबसे ज्यादा कौन सा प्रोनाउन होगा प्रोनाउन के भी बहुत सारे टाइप होते हैं ना।

12:49

Speaker A

बेकार के टाइप हैं और बाकी मेन जो टाइप है वो यही है जिसे कहते हैं पर्सनल प्रोनाउन जो मैं आपको आज पढ़ा रहा हूं।

12:53

Speaker A

ठीक है वर्ब की पहचान कैसे होगी किसी भी सेंटेंस में।

12:55

Speaker A

भई अगर उसके अंदर ना की आवाज निकल रही है अगर उसकी हिंदी में समझ लो वो वर्ड वो शब्द वर्ब है।

13:00

Speaker A

वरना वो वर्ब नहीं है।

13:02

Speaker A

इज इट क्लियर ऑर नॉट।

13:03

Speaker A

उम्मीद करता हूं ये क्लियर हो गया।

13:05

Speaker A

अब आ जाओ आ जाओ आ जाओ।

13:06

Speaker A

अब एक ऐसा कांसेप्ट जिससे ग्रामर की बहुत बड़ी-बड़ी गलतियां दूर होंगी।

13:10

Speaker A

सेंटेंस कोई सा भी बना पाओगे।

13:11

Speaker A

वो सुनो मुझे बड़ा मजा आ रहा है मैं डूब के पढ़ा रहा हूं।

13:15

Speaker A

उम्मीद करता हूं आप भी डूबे हुए पढ़ रहे होंगे समझ रहे होंगे।

13:18

Speaker A

हम दोनों का ना एक एक रिश्ता बना हुआ है एक कनेक्शन बना हुआ है एक टेलीपैथी हो रही है अब तो।

13:21

Speaker A

आओ जरा ये देखते हैं।

13:22

Speaker A

भई ये प्रोनाउन होते हैं इनकी हिंदी आई का मतलब मैं होता है मुझे होता है।

13:25

Speaker A

है ना।

13:26

Speaker A

दिमाग से निकाल के फेंक दो।

13:27

Speaker A

बिल्कुल निकाल के फेंक दो क्योंकि मैं आपसे पूछना चाहता हूं एक क्वेश्चन।

13:30

Speaker A

मुझे एक सवाल का जवाब दे दो।

13:32

Speaker A

मुझे आप एक सवाल का जवाब दे दो इस सवाल का जवाब अगर आपने मुझे दे दिया तो मैं आपको आपकी सारी बात मान लूंगा।

13:36

Speaker A

मुझे बस इस सवाल का जवाब दे दो आप।

13:37

Speaker A

ठीक है आपके सामने कुछ सेंटेंस लिखे हुए हैं।

13:39

Speaker A

इन्हें पढ़ो।

13:40

Speaker A

मुझे आइसक्रीम पसंद है।

13:42

Speaker A

यहां मुझे एक सब्जेक्ट है।

13:44

Speaker A

आइसक्रीम एक ऑब्जेक्ट है।

13:46

Speaker A

इतना तो सबको क्लियर है जब हम इसकी इंग्लिश बनाएंगे।

13:48

Speaker A

मुझे पसंद करने वाला कौन।

13:49

Speaker A

मैं पसंद करना वर्ब है कि नहीं।

13:50

Speaker A

तो पसंद करना वर्ब हो गई।

13:51

Speaker A

क्या पसंद है किसको पसंद करते हो काम का असर किस पे पड़ता है आइसक्रीम पे।

13:54

Speaker A

तो मेरा ऑब्जेक्ट हो गया अगर मुझे इसकी इंग्लिश बनानी हो तो कोई बहुत बड़ा काम बचा नहीं है अब इसमें।

13:56

Speaker A

सब्जेक्ट रखो वर्ब रखो ऑब्जेक्ट रखो इंग्लिश बन गई बात खत्म है।

13:58

Speaker A

लेकिन मुझे की इंग्लिश क्या बनाओगे।

13:59

Speaker A

आपने कहा कि सर मुझे की हिंदी इंग्लिश तो हमेशा मी होती है।

14:02

Speaker A

हमने तो ये पढ़ा।

14:03

Speaker A

हां हां हां ये ये था ना ये रहा।

14:06

Speaker A

मुझे की इंग्लिश तो मुझे यहां बनाई नहीं आपने आई कैसे बना दी अब सोचो आगे बढ़ते हैं।

14:10

Speaker A

मैं चॉकलेट खाना पसंद करता हूं इसकी इंग्लिश क्या होगी मैं बता रहा हूं आपको।

14:12

Speaker A

आई लाइक चॉकलेट इसकी इंग्लिश ये होगी।

14:14

Speaker A

सर यहां मैं के लिए आपने आई लगा दिया और मुझे के लिए भी आपने आई लगा दिया।

14:19

Speaker A

इससे तो बड़ी दिक्कत हो गई।

14:20

Speaker A

मुझे के लिए भी आई और मैं के लिए भी आई।

14:22

Speaker A

ये कैसे मुमकिन है।

14:23

Speaker A

ये इसलिए गलती लग रही है आपको क्योंकि आपने हिंदी से रटा हुआ है।

14:26

Speaker A

अभी इसका लॉजिक समझाऊंगा।

14:27

Speaker A

एक और समस्या देखो।

14:28

Speaker A

हमें वो बुक चाहिए किसे चाहिए हमें।

14:30

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

14:31

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

14:32

Speaker A

सर सर हमें की इंग्लिश वी लिख दो।

14:34

Speaker A

वी लिख दो।

14:35

Speaker A

हां हमें की इंग्लिश वी बना देते हैं।

14:36

Speaker A

आ जाओ उसने हमें मारा हमें हमें यहां भी वी होना चाहिए।

14:38

Speaker A

होना चाहिए कि नहीं।

14:42

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

14:43

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

14:44

Speaker A

ये कैसे हो गया।

14:45

Speaker A

ये कैसे हो गया।

14:46

Speaker A

यहां तो वी था यहां अस बन गया जबकि हमें ही है दोनों में।

14:48

Speaker A

यानी इतना तो मुझे समझ में आ चुका कि अगर मैं हिंदी से रटकर उसे ट्रांसलेट करके बनाने बैठूं।

14:52

Speaker A

इन्हें वी को अस को मी को आई को तो तो ये बिल्कुल गलत हो रहे हैं।

14:55

Speaker A

तो कौन से ऐसे लॉजिक लग रहे हैं।

14:57

Speaker A

जो हमें पता चल जा रहा है या काशिफ सर को पता चल रहा है कि यहां आई आएगा यहां पे मी आएगा।

15:02

Speaker A

यहां पे वी आएगा यहां पे अस मुझे कैसे पता है।

15:04

Speaker A

मैं बताता हूं असल तरीका क्या होता है।

15:06

Speaker A

कैसे ये आई बनते हैं कैसे वी बनते हैं।

15:07

Speaker A

आओ देख लेते हैं।

15:08

Speaker A

आओ देख लेते हैं मेरे प्यारे दोस्तों।

15:09

Speaker A

ये वाला कंफ्यूजन तो समझ में आया ना कंफ्यूजन तो समझ में आया ना कि क्या प्रॉब्लम आ रही है हमें।

15:12

Speaker A

हां समझ में आ गया सर।

15:13

Speaker A

अब सुनो मेरी बात।

15:14

Speaker A

भूल जाओ कि आई की हिंदी मैं होती है मुझे होती है कुछ भी सब भूल जाओ।

15:18

Speaker A

आपको तो बस इतना याद रखना है कहीं भी कोई भी आप इंग्लिश का सेंटेंस बना रहे हो और उसकी हिंदी में उसका मतलब निकल रहा हो मैं मुझे मुझको मैंने।

15:23

Speaker A

आपको देखना ही नहीं है क्या है बस आप दिमाग में क्या याद रखोगे उसका मतलब क्या निकल रहा है।

15:26

Speaker A

आई निकल रहा है।

15:27

Speaker A

क्या निकल रहा है मतलब।

15:28

Speaker A

आई निकल रहा है चाहे मुझे लिखा है तब भी मानो आई है मैं लिखा है तब भी मानो आई है।

15:32

Speaker A

बस एक चीज का ख्याल रख लेना।

15:34

Speaker A

कि अगर वो सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो रहा है अगर वो सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो रहा है तो वहां लग जाएगा वहां लग जाएगा नॉमिनेटिव केस।

15:40

Speaker A

कौन सा केस लग जाएगा वहां।

15:41

Speaker A

नॉमिनेटिव केस।

15:43

Speaker A

जिसका मतलब होता है कि आई का नॉमिनेटिव केस आई ही रहेगा।

15:46

Speaker A

लेकिन अगर वही आई वही मुझे मुझको मैंने जो भी है जो भी है वो सेंटेंस में ऑब्जेक्ट की तरह लग जाए।

15:51

Speaker A

यानी काम का असर उस पे पड़े तो वहां क्या लगेगा।

15:54

Speaker A

ऑब्जेक्टिव केस लग जाएगा।

15:56

Speaker A

यानी वो ऑब्जेक्ट की तरह दिखा देंगे हम।

15:58

Speaker A

और आई का क्या बन जाएगा मी बन जाएगा।

16:00

Speaker A

इसी तरह से सारे सेंटेंस बने होते हैं।

16:01

Speaker A

बचपन से जितनी आपने इंग्लिश पढ़ी वो ऐसे ही तो बन रही है।

16:04

Speaker A

आपने गलत पढ़ा था आपको गलत पढ़ाया गया था।

16:06

Speaker A

इंग्लिश में कोई कमी नहीं थी इंग्लिश में तो साफ-साफ कहा था कि अगर आप ये जितने भी प्रोनाउन देख रहे हो।

16:10

Speaker A

जितने भी ये वर्ड जिन्हें हम प्रोनाउन के नाम से जानते हैं पर्सनल प्रोनाउन के नाम से ये देख रहे हो।

16:14

Speaker A

अगर ये सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल होंगे तो तो सब्जेक्टिव केस लगा देना या नॉमिनेटिव केस जिसे कहते हैं।

16:19

Speaker A

जिसमें कुछ नहीं बदलता।

16:20

Speaker A

ये सब सेम रहते हैं आई का आई वी का वी।

16:23

Speaker A

यू का यू दे का दे ही का ही और शी का शी।

16:26

Speaker A

कोई बदलाव ही नहीं होता अगर सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह लग जाए।

16:28

Speaker A

अगर सेंटेंस में ये ऑब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो तो बदल जाएंगे आई का मी बन जाएगा।

16:33

Speaker A

आओ चलो उसी पे लेके जाता हूं।

16:34

Speaker A

वो जो हमारा जो हमारा कंफ्यूजन था आओ क्या उसमें ऐसा कुछ हो रहा है।

16:37

Speaker A

सर प्रूफ करके दिखाओ मुझे।

16:38

Speaker A

आओ देखते हैं मुझे आइसक्रीम पसंद है।

16:40

Speaker A

इसमें सब्जेक्ट क्या था मुझे था मुझे देखते ही मैंने तो दिमाग से निकाल ही दिया कि इसकी इंग्लिश क्या होती है।

16:43

Speaker A

मेरे को बस ये याद था कि मुझे हो मैंने हो मेरा हो मुझे तो आई याद रखना था।

16:46

Speaker A

वो आई क्या है सेंटेंस में सब्जेक्ट है।

16:48

Speaker A

हां है।

16:49

Speaker A

तो कौन सा केस लगेगा सब्जेक्ट सब्जेक्टिव केस लगा देंगे।

16:51

Speaker A

जिसे नॉमिनेटिव केस के नाम से भी जाना जाता है।

16:53

Speaker A

तो आई का क्या बन गया आई बन गया।

16:54

Speaker A

अब समझ में आया कि आई क्यों बना।

16:56

Speaker A

ये आई यहां पे क्यों आया क्लियर हो गया।

16:57

Speaker A

बिल्कुल क्लियर हुआ।

16:58

Speaker A

आओ दूसरा चेक करते हैं।

16:59

Speaker A

दूसरा चेक करते हैं ऐसे थोड़ी छोड़ देंगे।

17:00

Speaker A

मैं चॉकलेट खाना पसंद करता हूं।

17:02

Speaker A

सेंटेंस में सब्जेक्ट क्या है मैं पसंद करता हूं ना।

17:04

Speaker A

अब मैं हूं मुझे हो मैंने हो मुझे क्या लेना देना।

17:07

Speaker A

मैं तो इसका सीधा सा मतलब आई निकालूंगा।

17:09

Speaker A

अब मैं चॉकलेट खाना पसंद करता हूं दिमाग में फौरन क्या आएगा आई कि सब्जेक्ट क्या होगा सब्जेक्टिव केस होगा ना आई होगा।

17:12

Speaker A

क्या सर हमें बार-बार इतना सोचना पड़ेगा।

17:14

Speaker A

अरे नहीं जैसे प्रैक्टिस करते जाओगे ना।

17:17

Speaker A

आपको समझ में आ जाया करेगा कि ऑब्जेक्टिव केस क्या आ रहा है।

17:20

Speaker A

दिमाग में अपने आप ही मी जब लगना होगा समझ में आ जाया करेगा।

17:22

Speaker A

क्योंकि अब आपका माइंड क्लियर हो चुका है।

17:23

Speaker A

सोचना नहीं पड़ रहा है।

17:24

Speaker A

तुक्के नहीं मारोगे अब।

17:25

Speaker A

आओ चलो और देखते हैं।

17:26

Speaker A

हमें वो बुक चाहिए किसे चाहिए हमें।

17:28

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

17:29

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

17:30

Speaker A

सर सर हमें की इंग्लिश वी लिख दो।

17:32

Speaker A

वी लिख दो।

17:33

Speaker A

हां हमें की इंग्लिश वी बना देते हैं।

17:34

Speaker A

आ जाओ उसने हमें मारा हमें हमें यहां भी वी होना चाहिए।

17:36

Speaker A

होना चाहिए कि नहीं।

17:37

Speaker A

लेकिन इसकी इंग्लिश तो कुछ और बनेगी इसका मतलब हो गया ही बीट अस।

17:39

Speaker A

He beat us.

17:40

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

17:41

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

17:42

Speaker A

ये कैसे हो गया।

17:43

Speaker A

ये कैसे हो गया।

17:44

Speaker A

यहां तो वी था यहां अस बन गया जबकि हमें ही है दोनों में।

17:46

Speaker A

यानी इतना तो मुझे समझ में आ चुका कि अगर मैं हिंदी से रटकर उसे ट्रांसलेट करके बनाने बैठूं।

17:50

Speaker A

इन्हें वी को अस को मी को आई को तो तो ये बिल्कुल गलत हो रहे हैं।

17:53

Speaker A

तो कौन से ऐसे लॉजिक लग रहे हैं।

17:55

Speaker A

जो हमें पता चल जा रहा है या काशिफ सर को पता चल रहा है कि यहां आई आएगा यहां पे मी आएगा।

18:00

Speaker A

यहां पे वी आएगा यहां पे अस मुझे कैसे पता है।

18:02

Speaker A

मैं बताता हूं असल तरीका क्या होता है।

18:04

Speaker A

कैसे ये आई बनते हैं कैसे वी बनते हैं।

18:05

Speaker A

आओ देख लेते हैं।

18:06

Speaker A

आओ देख लेते हैं मेरे प्यारे दोस्तों।

18:07

Speaker A

ये वाला कंफ्यूजन तो समझ में आया ना कंफ्यूजन तो समझ में आया ना कि क्या प्रॉब्लम आ रही है हमें।

18:10

Speaker A

हां समझ में आ गया सर।

18:11

Speaker A

अब सुनो मेरी बात।

18:12

Speaker A

भूल जाओ कि आई की हिंदी मैं होती है मुझे होती है कुछ भी सब भूल जाओ।

18:16

Speaker A

आपको तो बस इतना याद रखना है कहीं भी कोई भी आप इंग्लिश का सेंटेंस बना रहे हो और उसकी हिंदी में उसका मतलब निकल रहा हो मैं मुझे मुझको मैंने।

18:21

Speaker A

आपको देखना ही नहीं है क्या है बस आप दिमाग में क्या याद रखोगे उसका मतलब क्या निकल रहा है।

18:24

Speaker A

आई निकल रहा है।

18:25

Speaker A

क्या निकल रहा है मतलब।

18:26

Speaker A

आई निकल रहा है चाहे मुझे लिखा है तब भी मानो आई है मैं लिखा है तब भी मानो आई है।

18:30

Speaker A

बस एक चीज का ख्याल रख लेना।

18:32

Speaker A

कि अगर वो सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो रहा है अगर वो सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो रहा है तो वहां लग जाएगा वहां लग जाएगा नॉमिनेटिव केस।

18:38

Speaker A

कौन सा केस लग जाएगा वहां।

18:39

Speaker A

नॉमिनेटिव केस।

18:41

Speaker A

जिसका मतलब होता है कि आई का नॉमिनेटिव केस आई ही रहेगा।

18:44

Speaker A

लेकिन अगर वही आई वही मुझे मुझको मैंने जो भी है जो भी है वो सेंटेंस में ऑब्जेक्ट की तरह लग जाए।

18:50

Speaker A

यानी काम का असर उस पे पड़े तो वहां क्या लगेगा।

18:53

Speaker A

ऑब्जेक्टिव केस लग जाएगा।

18:55

Speaker A

यानी वो ऑब्जेक्ट की तरह दिखा देंगे हम।

18:57

Speaker A

और आई का क्या बन जाएगा मी बन जाएगा।

18:59

Speaker A

इसी तरह से सारे सेंटेंस बने होते हैं।

19:00

Speaker A

बचपन से जितनी आपने इंग्लिश पढ़ी वो ऐसे ही तो बन रही है।

19:03

Speaker A

आपने गलत पढ़ा था आपको गलत पढ़ाया गया था।

19:05

Speaker A

इंग्लिश में कोई कमी नहीं थी इंग्लिश में तो साफ-साफ कहा था कि अगर आप ये जितने भी प्रोनाउन देख रहे हो।

19:08

Speaker A

जितने भी ये वर्ड जिन्हें हम प्रोनाउन के नाम से जानते हैं पर्सनल प्रोनाउन के नाम से ये देख रहे हो।

19:12

Speaker A

अगर ये सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल होंगे तो तो सब्जेक्टिव केस लगा देना या नॉमिनेटिव केस जिसे कहते हैं।

19:17

Speaker A

जिसमें कुछ नहीं बदलता।

19:18

Speaker A

ये सब सेम रहते हैं आई का आई वी का वी।

19:21

Speaker A

यू का यू दे का दे ही का ही और शी का शी।

19:24

Speaker A

कोई बदलाव ही नहीं होता अगर सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह लग जाए।

19:26

Speaker A

अगर सेंटेंस में ये ऑब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो तो बदल जाएंगे आई का मी बन जाएगा।

19:31

Speaker A

आओ चलो उसी पे लेके जाता हूं।

19:32

Speaker A

वो जो हमारा जो हमारा कंफ्यूजन था आओ क्या उसमें ऐसा कुछ हो रहा है।

19:35

Speaker A

सर प्रूफ करके दिखाओ मुझे।

19:36

Speaker A

आओ देखते हैं मुझे आइसक्रीम पसंद है।

19:38

Speaker A

इसमें सब्जेक्ट क्या था मुझे था मुझे देखते ही मैंने तो दिमाग से निकाल ही दिया कि इसकी इंग्लिश क्या होती है।

19:41

Speaker A

मेरे को बस ये याद था कि मुझे हो मैंने हो मेरा हो मुझे तो आई याद रखना था।

19:44

Speaker A

वो आई क्या है सेंटेंस में सब्जेक्ट है।

19:46

Speaker A

हां है।

19:47

Speaker A

तो कौन सा केस लगेगा सब्जेक्ट सब्जेक्टिव केस लगा देंगे।

19:49

Speaker A

जिसे नॉमिनेटिव केस के नाम से भी जाना जाता है।

19:51

Speaker A

तो आई का क्या बन गया आई बन गया।

19:52

Speaker A

अब समझ में आया कि आई क्यों बना।

19:54

Speaker A

ये आई यहां पे क्यों आया क्लियर हो गया।

19:55

Speaker A

बिल्कुल क्लियर हुआ।

19:56

Speaker A

आओ दूसरा चेक करते हैं।

19:57

Speaker A

दूसरा चेक करते हैं ऐसे थोड़ी छोड़ देंगे।

19:58

Speaker A

मैं चॉकलेट खाना पसंद करता हूं।

20:00

Speaker A

सेंटेंस में सब्जेक्ट क्या है मैं पसंद करता हूं ना।

20:02

Speaker A

अब मैं हूं मुझे हो मैंने हो मुझे क्या लेना देना।

20:05

Speaker A

मैं तो इसका सीधा सा मतलब आई निकालूंगा।

20:07

Speaker A

अब मैं चॉकलेट खाना पसंद करता हूं दिमाग में फौरन क्या आएगा आई कि सब्जेक्ट क्या होगा सब्जेक्टिव केस होगा ना आई होगा।

20:10

Speaker A

क्या सर हमें बार-बार इतना सोचना पड़ेगा।

20:12

Speaker A

अरे नहीं जैसे प्रैक्टिस करते जाओगे ना।

20:15

Speaker A

आपको समझ में आ जाया करेगा कि ऑब्जेक्टिव केस क्या आ रहा है।

20:18

Speaker A

दिमाग में अपने आप ही मी जब लगना होगा समझ में आ जाया करेगा।

20:20

Speaker A

क्योंकि अब आपका माइंड क्लियर हो चुका है।

20:21

Speaker A

सोचना नहीं पड़ रहा है।

20:22

Speaker A

तुक्के नहीं मारोगे अब।

20:23

Speaker A

आओ चलो और देखते हैं।

20:24

Speaker A

हमें वो बुक चाहिए किसे चाहिए हमें।

20:26

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

20:28

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

20:29

Speaker A

सर सर हमें की इंग्लिश वी लिख दो।

20:31

Speaker A

वी लिख दो।

20:32

Speaker A

हां हमें की इंग्लिश वी बना देते हैं।

20:33

Speaker A

आ जाओ उसने हमें मारा हमें हमें यहां भी वी होना चाहिए।

20:35

Speaker A

होना चाहिए कि नहीं।

20:36

Speaker A

लेकिन इसकी इंग्लिश तो कुछ और बनेगी इसका मतलब हो गया ही बीट अस।

20:38

Speaker A

He beat us.

20:39

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

20:40

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

20:41

Speaker A

ये कैसे हो गया।

20:42

Speaker A

ये कैसे हो गया।

20:43

Speaker A

यहां तो वी था यहां अस बन गया जबकि हमें ही है दोनों में।

20:45

Speaker A

यानी इतना तो मुझे समझ में आ चुका कि अगर मैं हिंदी से रटकर उसे ट्रांसलेट करके बनाने बैठूं।

20:49

Speaker A

इन्हें वी को अस को मी को आई को तो तो ये बिल्कुल गलत हो रहे हैं।

20:52

Speaker A

तो कौन से ऐसे लॉजिक लग रहे हैं।

20:54

Speaker A

जो हमें पता चल जा रहा है या काशिफ सर को पता चल रहा है कि यहां आई आएगा यहां पे मी आएगा।

20:59

Speaker A

यहां पे वी आएगा यहां पे अस मुझे कैसे पता है।

21:01

Speaker A

मैं बताता हूं असल तरीका क्या होता है।

21:03

Speaker A

कैसे ये आई बनते हैं कैसे वी बनते हैं।

21:04

Speaker A

आओ देख लेते हैं।

21:05

Speaker A

आओ देख लेते हैं मेरे प्यारे दोस्तों।

21:06

Speaker A

ये वाला कंफ्यूजन तो समझ में आया ना कंफ्यूजन तो समझ में आया ना कि क्या प्रॉब्लम आ रही है हमें।

21:09

Speaker A

हां समझ में आ गया सर।

21:10

Speaker A

अब सुनो मेरी बात।

21:11

Speaker A

भूल जाओ कि आई की हिंदी मैं होती है मुझे होती है कुछ भी सब भूल जाओ।

21:15

Speaker A

आपको तो बस इतना याद रखना है कहीं भी कोई भी आप इंग्लिश का सेंटेंस बना रहे हो और उसकी हिंदी में उसका मतलब निकल रहा हो मैं मुझे मुझको मैंने।

21:20

Speaker A

आपको देखना ही नहीं है क्या है बस आप दिमाग में क्या याद रखोगे उसका मतलब क्या निकल रहा है।

21:23

Speaker A

आई निकल रहा है।

21:24

Speaker A

क्या निकल रहा है मतलब।

21:25

Speaker A

आई निकल रहा है चाहे मुझे लिखा है तब भी मानो आई है मैं लिखा है तब भी मानो आई है।

21:29

Speaker A

बस एक चीज का ख्याल रख लेना।

21:31

Speaker A

कि अगर वो सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो रहा है अगर वो सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो रहा है तो वहां लग जाएगा वहां लग जाएगा नॉमिनेटिव केस।

21:37

Speaker A

कौन सा केस लग जाएगा वहां।

21:38

Speaker A

नॉमिनेटिव केस।

21:40

Speaker A

जिसका मतलब होता है कि आई का नॉमिनेटिव केस आई ही रहेगा।

21:43

Speaker A

लेकिन अगर वही आई वही मुझे मुझको मैंने जो भी है जो भी है वो सेंटेंस में ऑब्जेक्ट की तरह लग जाए।

21:49

Speaker A

यानी काम का असर उस पे पड़े तो वहां क्या लगेगा।

21:52

Speaker A

ऑब्जेक्टिव केस लग जाएगा।

21:54

Speaker A

यानी वो ऑब्जेक्ट की तरह दिखा देंगे हम।

21:56

Speaker A

और आई का क्या बन जाएगा मी बन जाएगा।

21:58

Speaker A

इसी तरह से सारे सेंटेंस बने होते हैं।

21:59

Speaker A

बचपन से जितनी आपने इंग्लिश पढ़ी वो ऐसे ही तो बन रही है।

22:02

Speaker A

आपने गलत पढ़ा था आपको गलत पढ़ाया गया था।

22:04

Speaker A

इंग्लिश में कोई कमी नहीं थी इंग्लिश में तो साफ-साफ कहा था कि अगर आप ये जितने भी प्रोनाउन देख रहे हो।

22:07

Speaker A

जितने भी ये वर्ड जिन्हें हम प्रोनाउन के नाम से जानते हैं पर्सनल प्रोनाउन के नाम से ये देख रहे हो।

22:11

Speaker A

अगर ये सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल होंगे तो तो सब्जेक्टिव केस लगा देना या नॉमिनेटिव केस जिसे कहते हैं।

22:16

Speaker A

जिसमें कुछ नहीं बदलता।

22:17

Speaker A

ये सब सेम रहते हैं आई का आई वी का वी।

22:20

Speaker A

यू का यू दे का दे ही का ही और शी का शी।

22:23

Speaker A

कोई बदलाव ही नहीं होता अगर सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह लग जाए।

22:25

Speaker A

अगर सेंटेंस में ये ऑब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो तो बदल जाएंगे आई का मी बन जाएगा।

22:30

Speaker A

आओ चलो उसी पे लेके जाता हूं।

22:31

Speaker A

वो जो हमारा जो हमारा कंफ्यूजन था आओ क्या उसमें ऐसा कुछ हो रहा है।

22:34

Speaker A

सर प्रूफ करके दिखाओ मुझे।

22:35

Speaker A

आओ देखते हैं मुझे आइसक्रीम पसंद है।

22:37

Speaker A

इसमें सब्जेक्ट क्या था मुझे था मुझे देखते ही मैंने तो दिमाग से निकाल ही दिया कि इसकी इंग्लिश क्या होती है।

22:40

Speaker A

मेरे को बस ये याद था कि मुझे हो मैंने हो मेरा हो मुझे तो आई याद रखना था।

22:43

Speaker A

वो आई क्या है सेंटेंस में सब्जेक्ट है।

22:45

Speaker A

हां है।

22:46

Speaker A

तो कौन सा केस लगेगा सब्जेक्ट सब्जेक्टिव केस लगा देंगे।

22:48

Speaker A

जिसे नॉमिनेटिव केस के नाम से भी जाना जाता है।

22:50

Speaker A

तो आई का क्या बन गया आई बन गया।

22:51

Speaker A

अब समझ में आया कि आई क्यों बना।

22:53

Speaker A

ये आई यहां पे क्यों आया क्लियर हो गया।

22:54

Speaker A

बिल्कुल क्लियर हुआ।

22:55

Speaker A

आओ दूसरा चेक करते हैं।

22:56

Speaker A

दूसरा चेक करते हैं ऐसे थोड़ी छोड़ देंगे।

22:57

Speaker A

मैं चॉकलेट खाना पसंद करता हूं।

22:59

Speaker A

सेंटेंस में सब्जेक्ट क्या है मैं पसंद करता हूं ना।

23:01

Speaker A

अब मैं हूं मुझे हो मैंने हो मुझे क्या लेना देना।

23:04

Speaker A

मैं तो इसका सीधा सा मतलब आई निकालूंगा।

23:06

Speaker A

अब मैं चॉकलेट खाना पसंद करता हूं दिमाग में फौरन क्या आएगा आई कि सब्जेक्ट क्या होगा सब्जेक्टिव केस होगा ना आई होगा।

23:09

Speaker A

क्या सर हमें बार-बार इतना सोचना पड़ेगा।

23:11

Speaker A

अरे नहीं जैसे प्रैक्टिस करते जाओगे ना।

23:14

Speaker A

आपको समझ में आ जाया करेगा कि ऑब्जेक्टिव केस क्या आ रहा है।

23:17

Speaker A

दिमाग में अपने आप ही मी जब लगना होगा समझ में आ जाया करेगा।

23:19

Speaker A

क्योंकि अब आपका माइंड क्लियर हो चुका है।

23:20

Speaker A

सोचना नहीं पड़ रहा है।

23:21

Speaker A

तुक्के नहीं मारोगे अब।

23:22

Speaker A

आओ चलो और देखते हैं।

23:23

Speaker A

हमें वो बुक चाहिए किसे चाहिए हमें।

23:25

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

23:26

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

23:27

Speaker A

सर सर हमें की इंग्लिश वी लिख दो।

23:29

Speaker A

वी लिख दो।

23:30

Speaker A

हां हमें की इंग्लिश वी बना देते हैं।

23:31

Speaker A

आ जाओ उसने हमें मारा हमें हमें यहां भी वी होना चाहिए।

23:33

Speaker A

होना चाहिए कि नहीं।

23:34

Speaker A

लेकिन इसकी इंग्लिश तो कुछ और बनेगी इसका मतलब हो गया ही बीट अस।

23:36

Speaker A

He beat us.

23:37

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

23:38

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

23:39

Speaker A

ये कैसे हो गया।

23:40

Speaker A

ये कैसे हो गया।

23:41

Speaker A

यहां तो वी था यहां अस बन गया जबकि हमें ही है दोनों में।

23:43

Speaker A

यानी इतना तो मुझे समझ में आ चुका कि अगर मैं हिंदी से रटकर उसे ट्रांसलेट करके बनाने बैठूं।

23:47

Speaker A

इन्हें वी को अस को मी को आई को तो तो ये बिल्कुल गलत हो रहे हैं।

23:50

Speaker A

तो कौन से ऐसे लॉजिक लग रहे हैं।

23:52

Speaker A

जो हमें पता चल जा रहा है या काशिफ सर को पता चल रहा है कि यहां आई आएगा यहां पे मी आएगा।

23:57

Speaker A

यहां पे वी आएगा यहां पे अस मुझे कैसे पता है।

23:59

Speaker A

मैं बताता हूं असल तरीका क्या होता है।

24:01

Speaker A

कैसे ये आई बनते हैं कैसे वी बनते हैं।

24:02

Speaker A

आओ देख लेते हैं।

24:03

Speaker A

आओ देख लेते हैं मेरे प्यारे दोस्तों।

24:04

Speaker A

ये वाला कंफ्यूजन तो समझ में आया ना कंफ्यूजन तो समझ में आया ना कि क्या प्रॉब्लम आ रही है हमें।

24:07

Speaker A

हां समझ में आ गया सर।

24:08

Speaker A

अब सुनो मेरी बात।

24:09

Speaker A

भूल जाओ कि आई की हिंदी मैं होती है मुझे होती है कुछ भी सब भूल जाओ।

24:13

Speaker A

आपको तो बस इतना याद रखना है कहीं भी कोई भी आप इंग्लिश का सेंटेंस बना रहे हो और उसकी हिंदी में उसका मतलब निकल रहा हो मैं मुझे मुझको मैंने।

24:18

Speaker A

आपको देखना ही नहीं है क्या है बस आप दिमाग में क्या याद रखोगे उसका मतलब क्या निकल रहा है।

24:21

Speaker A

आई निकल रहा है।

24:22

Speaker A

क्या निकल रहा है मतलब।

24:23

Speaker A

आई निकल रहा है चाहे मुझे लिखा है तब भी मानो आई है मैं लिखा है तब भी मानो आई है।

24:27

Speaker A

बस एक चीज का ख्याल रख लेना।

24:29

Speaker A

कि अगर वो सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो रहा है अगर वो सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो रहा है तो वहां लग जाएगा वहां लग जाएगा नॉमिनेटिव केस।

24:35

Speaker A

कौन सा केस लग जाएगा वहां।

24:36

Speaker A

नॉमिनेटिव केस।

24:38

Speaker A

जिसका मतलब होता है कि आई का नॉमिनेटिव केस आई ही रहेगा।

24:41

Speaker A

लेकिन अगर वही आई वही मुझे मुझको मैंने जो भी है जो भी है वो सेंटेंस में ऑब्जेक्ट की तरह लग जाए।

24:47

Speaker A

यानी काम का असर उस पे पड़े तो वहां क्या लगेगा।

24:50

Speaker A

ऑब्जेक्टिव केस लग जाएगा।

24:52

Speaker A

यानी वो ऑब्जेक्ट की तरह दिखा देंगे हम।

24:54

Speaker A

और आई का क्या बन जाएगा मी बन जाएगा।

24:56

Speaker A

इसी तरह से सारे सेंटेंस बने होते हैं।

24:57

Speaker A

बचपन से जितनी आपने इंग्लिश पढ़ी वो ऐसे ही तो बन रही है।

25:00

Speaker A

आपने गलत पढ़ा था आपको गलत पढ़ाया गया था।

25:02

Speaker A

इंग्लिश में कोई कमी नहीं थी इंग्लिश में तो साफ-साफ कहा था कि अगर आप ये जितने भी प्रोनाउन देख रहे हो।

25:05

Speaker A

जितने भी ये वर्ड जिन्हें हम प्रोनाउन के नाम से जानते हैं पर्सनल प्रोनाउन के नाम से ये देख रहे हो।

25:09

Speaker A

अगर ये सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल होंगे तो तो सब्जेक्टिव केस लगा देना या नॉमिनेटिव केस जिसे कहते हैं।

25:14

Speaker A

जिसमें कुछ नहीं बदलता।

25:15

Speaker A

ये सब सेम रहते हैं आई का आई वी का वी।

25:18

Speaker A

यू का यू दे का दे ही का ही और शी का शी।

25:21

Speaker A

कोई बदलाव ही नहीं होता अगर सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह लग जाए।

25:23

Speaker A

अगर सेंटेंस में ये ऑब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो तो बदल जाएंगे आई का मी बन जाएगा।

25:28

Speaker A

आओ चलो उसी पे लेके जाता हूं।

25:29

Speaker A

वो जो हमारा जो हमारा कंफ्यूजन था आओ क्या उसमें ऐसा कुछ हो रहा है।

25:32

Speaker A

सर प्रूफ करके दिखाओ मुझे।

25:33

Speaker A

आओ देखते हैं मुझे आइसक्रीम पसंद है।

25:35

Speaker A

इसमें सब्जेक्ट क्या था मुझे था मुझे देखते ही मैंने तो दिमाग से निकाल ही दिया कि इसकी इंग्लिश क्या होती है।

25:38

Speaker A

मेरे को बस ये याद था कि मुझे हो मैंने हो मेरा हो मुझे तो आई याद रखना था।

25:41

Speaker A

वो आई क्या है सेंटेंस में सब्जेक्ट है।

25:43

Speaker A

हां है।

25:44

Speaker A

तो कौन सा केस लगेगा सब्जेक्ट सब्जेक्टिव केस लगा देंगे।

25:46

Speaker A

जिसे नॉमिनेटिव केस के नाम से भी जाना जाता है।

25:48

Speaker A

तो आई का क्या बन गया आई बन गया।

25:49

Speaker A

अब समझ में आया कि आई क्यों बना।

25:51

Speaker A

ये आई यहां पे क्यों आया क्लियर हो गया।

25:52

Speaker A

बिल्कुल क्लियर हुआ।

25:53

Speaker A

आओ दूसरा चेक करते हैं।

25:54

Speaker A

दूसरा चेक करते हैं ऐसे थोड़ी छोड़ देंगे।

25:55

Speaker A

मैं चॉकलेट खाना पसंद करता हूं।

25:57

Speaker A

सेंटेंस में सब्जेक्ट क्या है मैं पसंद करता हूं ना।

25:59

Speaker A

अब मैं हूं मुझे हो मैंने हो मुझे क्या लेना देना।

26:02

Speaker A

मैं तो इसका सीधा सा मतलब आई निकालूंगा।

26:04

Speaker A

अब मैं चॉकलेट खाना पसंद करता हूं दिमाग में फौरन क्या आएगा आई कि सब्जेक्ट क्या होगा सब्जेक्टिव केस होगा ना आई होगा।

26:07

Speaker A

क्या सर हमें बार-बार इतना सोचना पड़ेगा।

26:09

Speaker A

अरे नहीं जैसे प्रैक्टिस करते जाओगे ना।

26:12

Speaker A

आपको समझ में आ जाया करेगा कि ऑब्जेक्टिव केस क्या आ रहा है।

26:15

Speaker A

दिमाग में अपने आप ही मी जब लगना होगा समझ में आ जाया करेगा।

26:17

Speaker A

क्योंकि अब आपका माइंड क्लियर हो चुका है।

26:18

Speaker A

सोचना नहीं पड़ रहा है।

26:19

Speaker A

तुक्के नहीं मारोगे अब।

26:20

Speaker A

आओ चलो और देखते हैं।

26:21

Speaker A

हमें वो बुक चाहिए किसे चाहिए हमें।

26:23

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

26:24

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

26:25

Speaker A

सर सर हमें की इंग्लिश वी लिख दो।

26:27

Speaker A

वी लिख दो।

26:28

Speaker A

हां हमें की इंग्लिश वी बना देते हैं।

26:29

Speaker A

आ जाओ उसने हमें मारा हमें हमें यहां भी वी होना चाहिए।

26:31

Speaker A

होना चाहिए कि नहीं।

26:32

Speaker A

लेकिन इसकी इंग्लिश तो कुछ और बनेगी इसका मतलब हो गया ही बीट अस।

26:34

Speaker A

He beat us.

26:35

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

26:36

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

26:37

Speaker A

ये कैसे हो गया।

26:38

Speaker A

ये कैसे हो गया।

26:39

Speaker A

यहां तो वी था यहां अस बन गया जबकि हमें ही है दोनों में।

26:41

Speaker A

यानी इतना तो मुझे समझ में आ चुका कि अगर मैं हिंदी से रटकर उसे ट्रांसलेट करके बनाने बैठूं।

26:45

Speaker A

इन्हें वी को अस को मी को आई को तो तो ये बिल्कुल गलत हो रहे हैं।

26:48

Speaker A

तो कौन से ऐसे लॉजिक लग रहे हैं।

26:50

Speaker A

जो हमें पता चल जा रहा है या काशिफ सर को पता चल रहा है कि यहां आई आएगा यहां पे मी आएगा।

26:55

Speaker A

यहां पे वी आएगा यहां पे अस मुझे कैसे पता है।

26:57

Speaker A

मैं बताता हूं असल तरीका क्या होता है।

26:59

Speaker A

कैसे ये आई बनते हैं कैसे वी बनते हैं।

27:00

Speaker A

आओ देख लेते हैं।

27:01

Speaker A

आओ देख लेते हैं मेरे प्यारे दोस्तों।

27:02

Speaker A

ये वाला कंफ्यूजन तो समझ में आया ना कंफ्यूजन तो समझ में आया ना कि क्या प्रॉब्लम आ रही है हमें।

27:05

Speaker A

हां समझ में आ गया सर।

27:06

Speaker A

अब सुनो मेरी बात।

27:07

Speaker A

भूल जाओ कि आई की हिंदी मैं होती है मुझे होती है कुछ भी सब भूल जाओ।

27:11

Speaker A

आपको तो बस इतना याद रखना है कहीं भी कोई भी आप इंग्लिश का सेंटेंस बना रहे हो और उसकी हिंदी में उसका मतलब निकल रहा हो मैं मुझे मुझको मैंने।

27:16

Speaker A

आपको देखना ही नहीं है क्या है बस आप दिमाग में क्या याद रखोगे उसका मतलब क्या निकल रहा है।

27:19

Speaker A

आई निकल रहा है।

27:20

Speaker A

क्या निकल रहा है मतलब।

27:21

Speaker A

आई निकल रहा है चाहे मुझे लिखा है तब भी मानो आई है मैं लिखा है तब भी मानो आई है।

27:25

Speaker A

बस एक चीज का ख्याल रख लेना।

27:27

Speaker A

कि अगर वो सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो रहा है अगर वो सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो रहा है तो वहां लग जाएगा वहां लग जाएगा नॉमिनेटिव केस।

27:33

Speaker A

कौन सा केस लग जाएगा वहां।

27:34

Speaker A

नॉमिनेटिव केस।

27:36

Speaker A

जिसका मतलब होता है कि आई का नॉमिनेटिव केस आई ही रहेगा।

27:39

Speaker A

लेकिन अगर वही आई वही मुझे मुझको मैंने जो भी है जो भी है वो सेंटेंस में ऑब्जेक्ट की तरह लग जाए।

27:45

Speaker A

यानी काम का असर उस पे पड़े तो वहां क्या लगेगा।

27:48

Speaker A

ऑब्जेक्टिव केस लग जाएगा।

27:50

Speaker A

यानी वो ऑब्जेक्ट की तरह दिखा देंगे हम।

27:52

Speaker A

और आई का क्या बन जाएगा मी बन जाएगा।

27:54

Speaker A

इसी तरह से सारे सेंटेंस बने होते हैं।

27:55

Speaker A

बचपन से जितनी आपने इंग्लिश पढ़ी वो ऐसे ही तो बन रही है।

27:58

Speaker A

आपने गलत पढ़ा था आपको गलत पढ़ाया गया था।

28:00

Speaker A

इंग्लिश में कोई कमी नहीं थी इंग्लिश में तो साफ-साफ कहा था कि अगर आप ये जितने भी प्रोनाउन देख रहे हो।

28:03

Speaker A

जितने भी ये वर्ड जिन्हें हम प्रोनाउन के नाम से जानते हैं पर्सनल प्रोनाउन के नाम से ये देख रहे हो।

28:07

Speaker A

अगर ये सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल होंगे तो तो सब्जेक्टिव केस लगा देना या नॉमिनेटिव केस जिसे कहते हैं।

28:12

Speaker A

जिसमें कुछ नहीं बदलता।

28:13

Speaker A

ये सब सेम रहते हैं आई का आई वी का वी।

28:16

Speaker A

यू का यू दे का दे ही का ही और शी का शी।

28:19

Speaker A

कोई बदलाव ही नहीं होता अगर सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह लग जाए।

28:21

Speaker A

अगर सेंटेंस में ये ऑब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो तो बदल जाएंगे आई का मी बन जाएगा।

28:26

Speaker A

आओ चलो उसी पे लेके जाता हूं।

28:27

Speaker A

वो जो हमारा जो हमारा कंफ्यूजन था आओ क्या उसमें ऐसा कुछ हो रहा है।

28:30

Speaker A

सर प्रूफ करके दिखाओ मुझे।

28:31

Speaker A

आओ देखते हैं मुझे आइसक्रीम पसंद है।

28:33

Speaker A

इसमें सब्जेक्ट क्या था मुझे था मुझे देखते ही मैंने तो दिमाग से निकाल ही दिया कि इसकी इंग्लिश क्या होती है।

28:36

Speaker A

मेरे को बस ये याद था कि मुझे हो मैंने हो मेरा हो मुझे तो आई याद रखना था।

28:39

Speaker A

वो आई क्या है सेंटेंस में सब्जेक्ट है।

28:41

Speaker A

हां है।

28:42

Speaker A

तो कौन सा केस लगेगा सब्जेक्ट सब्जेक्टिव केस लगा देंगे।

28:44

Speaker A

जिसे नॉमिनेटिव केस के नाम से भी जाना जाता है।

28:46

Speaker A

तो आई का क्या बन गया आई बन गया।

28:47

Speaker A

अब समझ में आया कि आई क्यों बना।

28:49

Speaker A

ये आई यहां पे क्यों आया क्लियर हो गया।

28:50

Speaker A

बिल्कुल क्लियर हुआ।

28:51

Speaker A

आओ दूसरा चेक करते हैं।

28:52

Speaker A

दूसरा चेक करते हैं ऐसे थोड़ी छोड़ देंगे।

28:53

Speaker A

मैं चॉकलेट खाना पसंद करता हूं।

28:55

Speaker A

सेंटेंस में सब्जेक्ट क्या है मैं पसंद करता हूं ना।

28:57

Speaker A

अब मैं हूं मुझे हो मैंने हो मुझे क्या लेना देना।

29:00

Speaker A

मैं तो इसका सीधा सा मतलब आई निकालूंगा।

29:02

Speaker A

अब मैं चॉकलेट खाना पसंद करता हूं दिमाग में फौरन क्या आएगा आई कि सब्जेक्ट क्या होगा सब्जेक्टिव केस होगा ना आई होगा।

29:05

Speaker A

क्या सर हमें बार-बार इतना सोचना पड़ेगा।

29:07

Speaker A

अरे नहीं जैसे प्रैक्टिस करते जाओगे ना।

29:10

Speaker A

आपको समझ में आ जाया करेगा कि ऑब्जेक्टिव केस क्या आ रहा है।

29:13

Speaker A

दिमाग में अपने आप ही मी जब लगना होगा समझ में आ जाया करेगा।

29:15

Speaker A

क्योंकि अब आपका माइंड क्लियर हो चुका है।

29:16

Speaker A

सोचना नहीं पड़ रहा है।

29:17

Speaker A

तुक्के नहीं मारोगे अब।

29:18

Speaker A

आओ चलो और देखते हैं।

29:19

Speaker A

हमें वो बुक चाहिए किसे चाहिए हमें।

29:21

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

29:22

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

29:23

Speaker A

सर सर हमें की इंग्लिश वी लिख दो।

29:25

Speaker A

वी लिख दो।

29:26

Speaker A

हां हमें की इंग्लिश वी बना देते हैं।

29:27

Speaker A

आ जाओ उसने हमें मारा हमें हमें यहां भी वी होना चाहिए।

29:29

Speaker A

होना चाहिए कि नहीं।

29:30

Speaker A

लेकिन इसकी इंग्लिश तो कुछ और बनेगी इसका मतलब हो गया ही बीट अस।

29:32

Speaker A

He beat us.

29:33

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

29:34

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

29:35

Speaker A

ये कैसे हो गया।

29:36

Speaker A

ये कैसे हो गया।

29:37

Speaker A

यहां तो वी था यहां अस बन गया जबकि हमें ही है दोनों में।

29:39

Speaker A

यानी इतना तो मुझे समझ में आ चुका कि अगर मैं हिंदी से रटकर उसे ट्रांसलेट करके बनाने बैठूं।

29:43

Speaker A

इन्हें वी को अस को मी को आई को तो तो ये बिल्कुल गलत हो रहे हैं।

29:46

Speaker A

तो कौन से ऐसे लॉजिक लग रहे हैं।

29:48

Speaker A

जो हमें पता चल जा रहा है या काशिफ सर को पता चल रहा है कि यहां आई आएगा यहां पे मी आएगा।

29:53

Speaker A

यहां पे वी आएगा यहां पे अस मुझे कैसे पता है।

29:55

Speaker A

मैं बताता हूं असल तरीका क्या होता है।

29:57

Speaker A

कैसे ये आई बनते हैं कैसे वी बनते हैं।

29:58

Speaker A

आओ देख लेते हैं।

29:59

Speaker A

आओ देख लेते हैं मेरे प्यारे दोस्तों।

30:00

Speaker A

ये वाला कंफ्यूजन तो समझ में आया ना कंफ्यूजन तो समझ में आया ना कि क्या प्रॉब्लम आ रही है हमें।

30:03

Speaker A

हां समझ में आ गया सर।

30:04

Speaker A

अब सुनो मेरी बात।

30:05

Speaker A

भूल जाओ कि आई की हिंदी मैं होती है मुझे होती है कुछ भी सब भूल जाओ।

30:09

Speaker A

आपको तो बस इतना याद रखना है कहीं भी कोई भी आप इंग्लिश का सेंटेंस बना रहे हो और उसकी हिंदी में उसका मतलब निकल रहा हो मैं मुझे मुझको मैंने।

30:14

Speaker A

आपको देखना ही नहीं है क्या है बस आप दिमाग में क्या याद रखोगे उसका मतलब क्या निकल रहा है।

30:17

Speaker A

आई निकल रहा है।

30:18

Speaker A

क्या निकल रहा है मतलब।

30:19

Speaker A

आई निकल रहा है चाहे मुझे लिखा है तब भी मानो आई है मैं लिखा है तब भी मानो आई है।

30:23

Speaker A

बस एक चीज का ख्याल रख लेना।

30:25

Speaker A

कि अगर वो सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो रहा है अगर वो सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो रहा है तो वहां लग जाएगा वहां लग जाएगा नॉमिनेटिव केस।

30:31

Speaker A

कौन सा केस लग जाएगा वहां।

30:32

Speaker A

नॉमिनेटिव केस।

30:34

Speaker A

जिसका मतलब होता है कि आई का नॉमिनेटिव केस आई ही रहेगा।

30:37

Speaker A

लेकिन अगर वही आई वही मुझे मुझको मैंने जो भी है जो भी है वो सेंटेंस में ऑब्जेक्ट की तरह लग जाए।

30:43

Speaker A

यानी काम का असर उस पे पड़े तो वहां क्या लगेगा।

30:46

Speaker A

ऑब्जेक्टिव केस लग जाएगा।

30:48

Speaker A

यानी वो ऑब्जेक्ट की तरह दिखा देंगे हम।

30:50

Speaker A

और आई का क्या बन जाएगा मी बन जाएगा।

30:52

Speaker A

इसी तरह से सारे सेंटेंस बने होते हैं।

30:53

Speaker A

बचपन से जितनी आपने इंग्लिश पढ़ी वो ऐसे ही तो बन रही है।

30:56

Speaker A

आपने गलत पढ़ा था आपको गलत पढ़ाया गया था।

30:58

Speaker A

इंग्लिश में कोई कमी नहीं थी इंग्लिश में तो साफ-साफ कहा था कि अगर आप ये जितने भी प्रोनाउन देख रहे हो।

31:01

Speaker A

जितने भी ये वर्ड जिन्हें हम प्रोनाउन के नाम से जानते हैं पर्सनल प्रोनाउन के नाम से ये देख रहे हो।

31:05

Speaker A

अगर ये सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल होंगे तो तो सब्जेक्टिव केस लगा देना या नॉमिनेटिव केस जिसे कहते हैं।

31:10

Speaker A

जिसमें कुछ नहीं बदलता।

31:11

Speaker A

ये सब सेम रहते हैं आई का आई वी का वी।

31:14

Speaker A

यू का यू दे का दे ही का ही और शी का शी।

31:17

Speaker A

कोई बदलाव ही नहीं होता अगर सेंटेंस में सब्जेक्ट की तरह लग जाए।

31:19

Speaker A

अगर सेंटेंस में ये ऑब्जेक्ट की तरह इस्तेमाल हो तो बदल जाएंगे आई का मी बन जाएगा।

31:24

Speaker A

आओ चलो उसी पे लेके जाता हूं।

31:25

Speaker A

वो जो हमारा जो हमारा कंफ्यूजन था आओ क्या उसमें ऐसा कुछ हो रहा है।

31:28

Speaker A

सर प्रूफ करके दिखाओ मुझे।

31:29

Speaker A

आओ देखते हैं मुझे आइसक्रीम पसंद है।

31:31

Speaker A

इसमें सब्जेक्ट क्या था मुझे था मुझे देखते ही मैंने तो दिमाग से निकाल ही दिया कि इसकी इंग्लिश क्या होती है।

31:34

Speaker A

मेरे को बस ये याद था कि मुझे हो मैंने हो मेरा हो मुझे तो आई याद रखना था।

31:37

Speaker A

वो आई क्या है सेंटेंस में सब्जेक्ट है।

31:39

Speaker A

हां है।

31:40

Speaker A

तो कौन सा केस लगेगा सब्जेक्ट सब्जेक्टिव केस लगा देंगे।

31:42

Speaker A

जिसे नॉमिनेटिव केस के नाम से भी जाना जाता है।

31:44

Speaker A

तो आई का क्या बन गया आई बन गया।

31:45

Speaker A

अब समझ में आया कि आई क्यों बना।

31:47

Speaker A

ये आई यहां पे क्यों आया क्लियर हो गया।

31:48

Speaker A

बिल्कुल क्लियर हुआ।

31:49

Speaker A

आओ दूसरा चेक करते हैं।

31:50

Speaker A

दूसरा चेक करते हैं ऐसे थोड़ी छोड़ देंगे।

31:51

Speaker A

मैं चॉकलेट खाना पसंद करता हूं।

31:53

Speaker A

सेंटेंस में सब्जेक्ट क्या है मैं पसंद करता हूं ना।

31:55

Speaker A

अब मैं हूं मुझे हो मैंने हो मुझे क्या लेना देना।

31:58

Speaker A

मैं तो इसका सीधा सा मतलब आई निकालूंगा।

32:00

Speaker A

अब मैं चॉकलेट खाना पसंद करता हूं दिमाग में फौरन क्या आएगा आई कि सब्जेक्ट क्या होगा सब्जेक्टिव केस होगा ना आई होगा।

32:03

Speaker A

क्या सर हमें बार-बार इतना सोचना पड़ेगा।

32:05

Speaker A

अरे नहीं जैसे प्रैक्टिस करते जाओगे ना।

32:08

Speaker A

आपको समझ में आ जाया करेगा कि ऑब्जेक्टिव केस क्या आ रहा है।

32:11

Speaker A

दिमाग में अपने आप ही मी जब लगना होगा समझ में आ जाया करेगा।

32:13

Speaker A

क्योंकि अब आपका माइंड क्लियर हो चुका है।

32:14

Speaker A

सोचना नहीं पड़ रहा है।

32:15

Speaker A

तुक्के नहीं मारोगे अब।

32:16

Speaker A

आओ चलो और देखते हैं।

32:17

Speaker A

हमें वो बुक चाहिए किसे चाहिए हमें।

32:19

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

32:20

Speaker A

हमें की इंग्लिश क्या लिख दूं।

32:21

Speaker A

सर सर हमें की इंग्लिश वी लिख दो।

32:23

Speaker A

वी लिख दो।

32:24

Speaker A

हां हमें की इंग्लिश वी बना देते हैं।

32:25

Speaker A

आ जाओ उसने हमें मारा हमें हमें यहां भी वी होना चाहिए।

32:27

Speaker A

होना चाहिए कि नहीं।

32:28

Speaker A

लेकिन इसकी इंग्लिश तो कुछ और बनेगी इसका मतलब हो गया ही बीट अस।

32:30

Speaker A

He beat us.

32:31

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

32:32

Speaker A

यहां पे तो अस आ गया।

32:33

Speaker A

ये कैसे हो गया।

32:34

Speaker A

ये कैसे हो गया।

32:35

Speaker A

यहां तो वी था यहां अस बन गया जबकि हमें ही है दोनों में।

Study this video

- [Flashcards from this video](https://sozai.app/tools/ai-flashcard-generator/?from=transcript&id=6396)
- [Quiz on this video](https://sozai.app/tools/quiz-generator/?from=transcript&id=6396)
- [Summary of this video](https://sozai.app/youtube-video-summarizer/?from=transcript&id=6396)

Free, made by AI from this transcript. No signup.


---
This is the markdown twin of https://sozai.app/transcript/translation-translation-in-english-hindi-to-english-transcript/ — the same content, without the markup.
Published by SozAI (https://sozai.app). Reuse and quotation are allowed with attribution and a link back.
Machine-readable index: https://sozai.app/llms.txt · data API: https://sozai.app/api/
