**Tata Power vs NTPC vs JSW Energy: Which One Will Win the Energy Shift? | How to Analyse Power Sector — Transcript & Summary | SozAI**
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भारत के पावर सेक्टर का विश्लेषण, Tata Power, NTPC और JSW Energy की तुलना और ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव के अवसर।

## Key Takeaways

- पावर सेक्टर भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए आधारशिला है और इसमें विस्तार के कई अवसर हैं।
- जनरेशन और ट्रांसमिशन कंपनियां अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं, जबकि डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में अधिक ऑपरेशनल रिस्क होता है।
- रेगुलेटेड रिटर्न मॉडल और लंबी अवधि के पावर परचेज़ एग्रीमेंट्स से कंपनियों को स्थिर आय मिलती है।
- डिस्कॉम्स की वित्तीय कमजोरी पावर सेक्टर के लिए एक बड़ा जोखिम है, लेकिन सरकार सुधार कर रही है।
- रिन्यूएबल एनर्जी और कार्बन क्रेडिट्स से पावर सेक्टर में नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।

## What the video covers

- भारत में पावर सेक्टर का महत्व और इसका विस्तार, जिसमें पावर ग्रिड स्ट्रक्चर का विकास शामिल है।
- पावर इंडस्ट्री के तीन मुख्य चरण: जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन की व्याख्या।
- जनरेशन कंपनियों के लिए प्लांट लोड फैक्टर और लॉन्ग टर्म पावर परचेज़ एग्रीमेंट्स महत्वपूर्ण हैं।
- ट्रांसमिशन कंपनियों का रेगुलेटेड इक्विटी मॉडल और 15.5% ROE की गारंटी।
- डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के लिए एटीएनसी लॉसेस और स्मार्ट मीटरिंग का महत्व।
- पावर सेक्टर की कैपिटल इंटेंसिव और हाई लेवरेज्ड प्रकृति, जिससे इंटरेस्ट रेट्स का प्रभाव पड़ता है।
- लंबे जस्टेशन पीरियड्स के कारण निवेश और रेवेन्यू में देरी।
- डिस्कॉम्स की कमजोर स्थिति, लेट पेमेंट्स और सरकार द्वारा सुधार के प्रयास।
- रिन्यूएबल एनर्जी और सोलर कैपेसिटी के विस्तार के साथ थर्मल कैपेसिटी का बैकअप रोल।
- कार्बन क्रेडिट्स से नई रेवेन्यू स्ट्रीम का विकास।

## Chapters

1. 00:00 परिचय और पावर सेक्टर का महत्व
2. 01:08 भारत में पावर ग्रिड का विस्तार और पावर डिमांड
3. 02:20 पावर इंडस्ट्री का वैल्यू चेन: जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन
4. 03:25 ट्रांसमिशन सेक्टर का रेगुलेटेड इक्विटी मॉडल
5. 04:29 डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के जोखिम और स्मार्ट मीटरिंग
6. 05:36 पावर सेक्टर के वित्तीय और ऑपरेशनल जोखिम
7. 06:43 लंबे जस्टेशन पीरियड्स और डिस्कॉम्स की चुनौतियां
8. 08:59 रिन्यूएबल एनर्जी, थर्मल कैपेसिटी और कार्बन क्रेडिट्स

Answers

## Questions about this video

पावर सेक्टर में जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन का क्या मतलब है?

जनरेशन में बिजली का उत्पादन होता है, ट्रांसमिशन में उच्च वोल्टेज लाइनों के माध्यम से बिजली का परिवहन होता है, और डिस्ट्रीब्यूशन में अंतिम उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाई जाती है।

पावर सेक्टर में रेगुलेटेड रिटर्न मॉडल कैसे काम करता है?

इस मॉडल में कंपनियों को 15.5% तक का गारंटीड रिटर्न मिलता है, साथ ही उनके फ्यूल और ऑपरेटिंग कॉस्ट को कवर किया जाता है, जिससे उनकी आय स्थिर और पूर्वानुमानित होती है।

डिस्कॉम्स की कमजोर स्थिति पावर सेक्टर को कैसे प्रभावित करती है?

डिस्कॉम्स के लेट पेमेंट्स और उच्च तकनीकी व वाणिज्यिक लॉसेस के कारण जनरेशन कंपनियों को भुगतान में देरी होती है, जिससे उनकी नकदी प्रवाह में समस्या आती है और यह पूरे पावर सेक्टर के लिए जोखिम पैदा करता है।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:03

Speaker A

[संगीत] हेलो एंड वेलकम टू य इन्वेस्टमेंट एकडमी। मेरा नाम है ईशा एंड जैसे कि हम पिछले कुछ हफ्तों से एक-एक इंडस्ट्री कवर कर रहे हैं। आज भी हम एक वाइटल इंडस्ट्री के बारे में एनालिसिस करेंगे। तो बिफोर वी डाइव

00:18

Speaker A

इंटू इट मैं आपको बताना चाहती हूं कि invest.in पे काफी एक्साइटिंग ऑफर्स चल रहे हैं। आप कूपन कोड रेड यूज़ करके 60% का डिस्काउंट अवेल कर सकते हैं हमारे सब रिसर्च प्रोडक्ट्स पे। स्टोकोमीटर, फंडोमीटर और मॉडल पोर्टफोलियोस पे। तो

00:33

Speaker A

जरूर हमारी वेबसाइट इनवेस्ट.in चेक करें एंड हमारे प्रोडक्ट्स एक्सप्लोर करें। सो लेट्स डव इनू दिस वीडियो। तो हम अभी इलेक्ट्रिसिटी के बिना एक दुनिया इमेजिन ही नहीं कर सकते हैं। राइट फ्रॉम योर स्मार्टफोनोंस टू इंटरनेट कुछ भी नहीं

00:47

Speaker A

होगा अगर दुनिया में इलेक्ट्रिसिटी नहीं है। तो ऐसे फंडामेंटल इंडस्ट्री को आज हम एनालाइज करेंगे कि ये बैकबोन है क्या?

00:55

Speaker A

एग्जैक्टली ये इंडस्ट्री कैसे स्ट्रक्चरर्ड है? हम ये इंडस्ट्री में से स्टॉक्स कैसे पिक कर सकते हैं? कंपनीज़ क्या करती है? ये फंडामेंटली अंडरस्टैंड करके। सो लेट्स लुक एट व्हाई वी शुड लुक एट द पावर सेक्टर कि यह इंडिया को इतना

01:08

Speaker A

फंडामेंटल क्यों है? कैसे चेंजेस बने हैं? सो अगर आपको थोड़ा सा बैकग्राउंड होगा तो इंडिया में इनिशियली बहुत पावर कट्स होते थे। एंड अभी वी आर इन अ पोजीशन दैट वी आर अग्रेसिवली एक्सपेंडिंग आवर पावर ग्रिड स्ट्रक्चर। तो हमारा एक ऐसे पावर डेफिसिट

01:23

Speaker A

टू अ सरप्लस स्टोरी है इंडिया की। इंडिया का पीक पावर डिमांड एक ऑल टाइम हाई हिट किया है 270 गीगावाट के ऊपर रिसेंटली। काफी गर्मी थी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ भी पीक पे चल रही है। तो दिस ऑल टाइम हाई वाज़

01:36

Speaker A

मेड रिसेंटली। एंड इंडिया की अभी इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 520 गीगावाट्स की है। एंड गवर्नमेंट 500 गीगावाट्स का सिर्फ नॉन फॉसिल फ्यूल्स का टारगेट रखता है टिल 2030। सो दैट मेक्स इट अ वेरी लुकटिव इंडस्ट्री टू लुक एट इन टर्म्स ऑफ़

01:49

Speaker A

एक्सपेंशन। देन गवर्नमेंट ने अप्रोक्सिममेटली 9 लाख करोड़ का केपेक्स भी अनाउंस किया है हमारी ट्रांसमिशन नेटवर्क को सुधारने। सो वी हैव प्ल्टी ऑफ़ अपोरर्चुनिटीज़ ओवर देयर आल्सो। नेक्स्ट इसका वैल्यू चेन समझते हैं। आपको एक सिंपल सी एनालॉजी दूं तो एक प्रिंटिंग प्रेस

02:05

Speaker A

हजारों कॉपीज प्रिंट करती है यानी कि जनरेशन। देन वो प्रिंटिंग प्रेस ट्रक्स को ये पेपर्स डिस्ट्रीब्यूट करने भेजती है डिस्ट्रीब्यूशन हब्स में अलग-अलग सिटीज में। दैट इज़ ट्रांसमिशन। देन द नेक्स्ट पार्ट इज़ डिस्ट्रीब्यूशन। जहां पे वो डिस्ट्रीब्यूशन हब्स में से डिलीवरी बॉय

02:20

Speaker A

आके आपको न्यूज़पेपर डिलीवर करता है। तो उसको डिस्ट्रीब्यूशन कहा जाता है। सो इसमें पावर इंडस्ट्री में भी वी कैन विजुअलाइज़ इट एस जनरेशन, ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन व्हिच इज़ द एंटायर वैल्यू चेन इन द पावर इंडस्ट्री। तो जनरेशन मतलब

02:32

Speaker A

एग्जैक्टली क्या यहां पे? यानी कि आप पावर जनरेट कर रहे हो। कर रहे हो या कोल से, पानी से, विंड से एंड सोलर से। ऐसे अलग-अलग सोर्सेस होते हैं जहां से आप पावर जनरेट कर सकते हो। तो ये स्पेस में

02:44

Speaker A

लिस्टेड कंपनीज़ जैसे कि NTPC, पावर ग्रिड, adानी ग्रीन और एनएसपीसी जैसे प्लेयर्स हैं। इनके लिए कौन से बिनेस मैट्रिक्स है जो काफी इंपॉर्टेंट है देखने के लिए? इज़ वन प्लांट लोड फैक्टर एंड लॉन्ग टर्म पीपीएस। लॉन्ग टर्म पीपीएस मतलब जो पावर

02:58

Speaker A

परचेस एग्रीमेंट साइन करते हैं कंपनीज़ उनसे रेवेन्यू विज़िबिलिटी दिखती है। फिक्स्ड रेवेन्यू जनरेट होता है। सो दैट्स अ की मैट्रिक वी कैन ट्रैक फॉर जनरेशन कंपनीज़। देन द नेक्स्ट फज़ इज़ योर ट्रांसमिशन फज़। मतलब आप पावर ट्रांसमिट कर

03:10

Speaker A

रहे हो, ट्रांसपोर्ट कर रहे हो हाई वोल्टेज इंटरस्ट लाइंस से। ये नेशनल ग्रिड के नाम से भी जाना जाता है। यहां पे प्लेयर्स जैसे कि पावर ग्रिड, adानी, एनर्जी सॉलशंस जैसे कंपनीज़ का प्रेजेंस है। एंड इनके लिए कौन से मैट्रिक्सेंट है?

03:25

Speaker A

तो इनका फ्रेमवर्क इज़ बेसिकली वर्क्स ऑन देयर रेगुलेटेड इक्विटी मॉडल। इनको अप्रोक्सिममेटली 15 एंड 1/2% आरओई अशर्ड मिलता है रेगुलेटर्स से। हम इसके बारे में और आगे डिस्कस करेंगे। सो प्लीज स्टिल स्टिक टू दी एंड ऑफ़ द वीडियो टू नो कि यह

03:39

Speaker A

एक्सजेक्टली रेगुलेटेड इक्विटी मॉडल है क्या कि कैरेक्टरिस्टिक्स मैं यह कवर करने वाली हूं डेप्थ में। यहां पे ट्रांसमिशन में स्टेबिलिटी लगती है। एंड देन लाइन अवेलेबिलिटी इज एन आल्सो क्रिटिकल पार्ट ऑफ़ दिस। एक ये यूटिलिटी लाइक बिज़नेस है इस

03:52

Speaker A

ट्रांसमिशन सेगमेंट। नेक्स्ट कमिंग टू योर डिस्ट्रीब्यूशन यानी कि इनको डिस्कॉम्स बोलते हैं। तो, यह लास्ट माइल कनेक्टिविटी है। यह आपको इलेक्ट्रिसिटी घर में या फैक्ट्रियों में पहुंचाती है। हिस्टोरिकली इंडिया के लिए यह वीकेस्ट लिंक है। देयर आर अ फ्यू रीज़ंस फॉर दैट। यह भी मैं बाद

04:06

Speaker A

में कवर करने वाली हूं। यहां पे टॉरेंट पावर और सीईएसई जैसे कंपनीज़ का काफी तगड़ा प्रेजेंस है। देन द की मैट्रिक्स दैट आरेंट फॉर डिस्ट्रीब्यूशन एंड कंपनीज़ दैट वी शुड मॉनिटर आर देयर एटीएनसी लॉसेस। यानी कि इनके एग्रीगेटेड टेक्निकल एंड

04:19

Speaker A

कमर्शियल लॉसेस। यानी कि ये जो ऐसे लॉसेस होते हैं जिसके लिए कंपनी पावर तो जनरेट करती है पर इसके पैसे नहीं मिलते हैं। तो दीज़ आर सम लॉसेस दैट वी शुड मॉनिटर एंड व्हिच शुड बी ऑन द मिनिमल साइड। देन

04:29

Speaker A

स्मार्ट मीटरिंग अडप्शन भी अभी अभी अभी अभी अभी अभी अभी अभी अभी अभी अभी रिसेंटली काफी एक शिफ्ट मेजर शिफ्ट दिखाई दे रहा है ये इंडस्ट्री में। सो दैट इज़ आल्सो समथिंग वी कैन मॉनिटर। जनरली ऐसे बोलते हैं कि

04:38

Speaker A

जनरेशन एंड ट्रांसमिशन आर जनरली सेफर कंपनीज़। क्योंकि इनके रेवेन्यूस थोड़े से फिक्स्ड इन नेचर होते हैं या प्रेडिक्टेबल इन नेचर होते हैं। इनका जो एक हाईली रेगुलेटेड बिज़नेस मॉडल है। इसकी वजह से इनको थोड़ा सा सेफ माना जाता है एज़ कंपेयर

04:51

Speaker A

टू डिस्ट्रीब्यूशन कंपनीज़। क्योंकि डिस्ट्रीब्यूशन कंपनीज़ में कैश कलेक्शंस होते हैं। एंड यहां पे थोड़ा सा ऑपरेशनल रिस्क हो सकता है। नेक्स्ट वी विल डिस्कस सम की कैरेक्टरिस्टिक्स ऑफ़ द पावर इंडस्ट्री। तो द फर्स्ट बीइंग कि इनका एक जो रेगुलेटेड रिटर्न्स मॉडल मैंने डिस्कस

05:06

Speaker A

किया पहले तो यहां पे द मेन फीचर इज कि एफएमसीजी जैसे सेक्टर्स में जैसे कंपनीज़ अपने प्रोडक्ट्स के प्राइसेस खुद तय कर सकते हैं। यहां पे कंपनीज़ ऐसे नहीं कर सकते। मेजर जो पीएसयू प्लेयर्स है यानी कि एनटीपीसी, पीजीसीआईएल ये ऑपरेट करते हैं

05:21

Speaker A

कॉस्ट प्लस रेगुलेटेड रिटर्न ऑन इक्विटी फ्रेमवर्क पे। यह गवर्न होता है सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन के द्वारा। सो ये मॉडल में रेगुलेटर्स कंपनीज़ को 15% आरओई गारंटी करते हैं। दे कवर देर फ्यूल एंड ऑपरेटिंग कॉस्ट। तो अगर एक पावर कंपनी

05:36

Speaker A

ने एक पावर प्लांट एस्टैब्लिश किया तो द रेगुलेटर्स विल कवर देयर फ्यूल एंड ऑपरेटिंग कॉस्ट। इससे क्या होता है कि रेवेन्यू वोलेटिलिटी थोड़े हद तक कम हो जाती है। एंड पावर प्लांट बनने के बाद इसके कैश फ्लोस 25 टू 30 इयर्स तक

05:49

Speaker A

वर्चुअली गारंटी हो जाते हैं। इससे स्टॉक्स का रिस्क कम हो जाता है। एंड कंपाउंडिंग यूटिलिटी एसेट जैसे बिहेव करता है यह। अनदर रिस्की फीचर ऑफ़ दिस इंडस्ट्री इज दैट इट इज़ हाइली लेवरेज्ड एंड हाइली कैपिटल इंटेंसिव। तो यहां पे जो

06:02

Speaker A

प्रोजेक्ट्स फंड होते हैं दोज़ आर नॉर्मली 70 टू 30 डेप्ट टू इक्विटी रेशो में इनका फंडिंग नॉर्मली होता है। तो यहां पे काफी हद तक डेप्ट डिपेंडेंसी होती है। इंटरेस्ट रेट्स में अगर थोड़ा भी उतार-चढ़ाव होता है तो इनके इंपैक्ट सिग्निफिकेंटली इंपैक्ट

06:16

Speaker A

हो सकते हैं। इनकी एक्सट्रीम डे डिपेंडेंसी है तो फिर इंटरेस्ट रेट्स में थोड़े से उतार-चढ़ाव होने के बाद भी इनके अर्निंग्स काफी हद तक इंपैक्ट हो सकते हैं। व्हिच इज़ अ बिट रिस्कीियर ऑन द साइड फॉर द पावर कंपनीज़। इनका बैलेंस शीट हेल्थ

06:30

Speaker A

भी उतने ही अटमोस्टेंस का है क्योंकि बहुत डेप्ट होता है यह कंपनीज़ पे एंड कंपनीज़ कैन फेस अ लिक्विडिटी क्राइसिस इफ दे आर नॉट एबल टू सर्विस देयर डेट्स। नेक्स्ट कमिंग टू देयर लॉन्ग जेस्टेशन पीरियड्स। अगर एक कंपनी को एक सोलर प्लांट या फिर एक

06:43

Speaker A

थर्मल प्लांट एस्टैब्लिश करना है तो उस उसको तीन से सात साल का तो समय आराम से लगता है। सो दैट क्रिएट्स अ लैग बिटवीन द अनाउंस्ड केपेक्स एंड द टाइम टिल द इन्वेस्टमेंट स्टार्ट्स जनरेटिंग रेवेन्यू। काफी साल जाते हैं कि कैपेसिटी

06:58

Speaker A

अनाउंसमेंट्स आपके बॉटम लाइन तक इफेक्ट ले। तो फिर इट इट्स अ मैसिव लैग बिटवीन स्टार्टिंग और पावर प्लांट एंड देन द पावर प्लांट जनरेटिंग रेवेन्यू। सो देयर इज़ अ मैसिव जस्टेशन पीरियड फॉर दीज़ कंपनीज़। इनमें हाई काउंटर पार्टी और ऑफटेक रिस्क

07:11

Speaker A

भी ज्यादा है। खासकर यह डिस्ककोम्स का बॉटल नेक है। हिस्टोरिकली लाइक आई हैड सेड दैट डिस्कॉम्स आर अ बिट वीक लिंक इन इंडिया। क्योंकि सब्सिडाइज पेमेंट्स होते हैं, इनफिशिएंट कलेक्शंस होते हैं। टेक्निकल लॉसेस भी काफी हाई होते हैं। तो

07:25

Speaker A

फिर डिस्काउंट्स हैव बीन वीकर इन इंडिया बाय दीज़ रीज़ंस। एंड जनरेशन कंपनीज़ जो होती है वो डायरेक्टली घर या फैक्ट्री को इलेक्ट्रिसिटी नहीं देती है। वो गवर्नमेंट यूटिलिटी कंपनीज़ को यानी कि डिस्कॉम्स को यह इलेक्ट्रिसिटी बेचती है। एंड दीज़ आर

07:40

Speaker A

नटोरियस फॉर मेकिंग लेट पेमेंट्स टू द डिस्कॉम्स। तो फिर कक्शंस इनके डिले होते हैं। इनके रिसीवेबल डज़ बढ़ सकते हैं। एंड दैट कुड लीड टू अ लिक्विडिटी क्राइसिस फॉर दीज़ कंपनीज़। एंड दिस ट्रेंड हैज़ बीन विज़िबल इन डिस्कॉम्स फॉर द पास्ट फ्यू

07:52

Speaker A

इयर्स। बट गवर्नमेंट ने इनिशिएटिव लिया है लेट पेमेंट सरचार्ज अप्लाई करके टू रिड्यूस दीज़ लेट पेमेंट्स। तो फिर इफ कंपनीज़ डोंट पे डिस्कॉम्स ऑन टाइम देन उनको लेट पेमेंट सरचार्ज उनको पे करना पड़ता है। सो दैट काइंड ऑफ़ इंसेंटिवाइज़ेस

08:06

Speaker A

कंपनीज़ टू पे द डिस्काउंट्स ऑन टाइम। तो इसकी वजह से काफी रीरेटिंग ये सेक्टर में दिखाई दिया है रिसेंटली। नेक्स्ट वी विल डिस्कस सम कंपनी केस स्टडीज। इंडिया में कौन से ऐसे मेजर पावर प्लेयर्स हैं उनकी हम थोड़ी कहानी देखेंगे। फॉर द फर्स्ट वन

08:19

Speaker A

एनटीपीसी। एनटीपीसी हिस्टोरिकली इंडिया का कोल किंग जाना जाता है। बट नाउ इट इज़ प्लेइंग अ मैसिव ड्यूल रोल। उसके एनटीपीसी के जो कोल से रेवेन्यू जनरेट हो रहे हैं। इट इज़ नाउ यूजिंग दैट टू फंड अ मैसिव रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांजिशन। नाउ दे आर

08:33

Speaker A

ट्रांजिशनिंग फ्रॉम द कोल टू योर रिन्यूएबल एनर्जी। सो दैट इज़ वन थिंग दैट दे आर गोइंग थ्रू। इनका एक इन्वेस्टर मोड कह सकते हैं कि इनके स्टेडी रिटर्न्स हैं। इनका रेगुलेटेड एसेट मॉडल है। इसकी वजह से वो स्टेडी रिटर्न्स देते हैं। डिविडेंड्स

08:45

Speaker A

इनके काफी डिसेंट आते हैं। एनटीपीसी के देन लोअर रिस्क है इनका रीरेटिंग का। नेक्स्ट कंपनी दैट वी आर गोइंग टू डिस्कस इज़ Tata Power। दिस इज़ एन इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम प्ले। अ Tata Power इज़ नॉट इंटू प्योर प्ले। यानी कि जो सिर्फ जनरेशन

08:59

Speaker A

डिस्ट्रीब्यूशन एंड ट्रांसमिशन में नहीं है। इट स्पैन्स अक्रॉस द एंटायर वैल्यू चेन। एंड इन्होंने रिसेंटली रूफ टॉप सोलर या फिर ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी बिल्ड करने का बिल्ड करना चालू किया है। सो दैट हेल्प्स देम डवर्सिफाई अ बिट। तो

09:13

Speaker A

इनका बी टू सी ब्रांड प्रेजेंस भी काफी तगड़ा है। Tata Power सिर्फ गवर्नमेंट्स को नहीं बेच रहा है। वो बिज़नेसेस को भी बेच रहा है और रूफटॉप सोलर कंपनीज़ जो है उनको भी बेच रहा है। सो दैट दैट मेक्स हेल्प्स

09:24

Speaker A

देम डवर्सिफाई एंड इट्स अ हाई ग्रोथ बिज़नेस। तो डेफिनेटली इट शुड इट्स अ कंपनी पावर कंपनी दैट शुड बी ऑन योर ट्रैक लिस्ट। देन द नेक्स्ट कंपनी इज पावर ग्रिड कॉरपोरेशन। इनका सॉर्ट ऑफ़ एसेंशियली मोनोपोली ही है क्योंकि दे ट्रांसमिट रफली

09:38

Speaker A

हाफ ऑफ इंडियास इलेक्ट्रिसिटी व्हिच इज अ मेजोरिटी जंप फॉर देम। एंड इनका मूड है कि दिस देयर इज़ नियर ज़ीरो वॉल्यूम रिस्क इन दिस। एंड पीजीसीएल काफी अच्छे डिविडेंड्स भी देता है। इफ यू सी द डिविडेंड पे आउट्स

09:50

Speaker A

दे आर वेरी अट्रैक्टिव फॉर रिटेल इन्वेस्टर्स एंड वन ऑफ़ द रीज़ंस हु आई पीपल आर अट्रैक्टेड टुवर्ड्स पीजीसीआईएल। सो इट एसेंशियली एक्ट्स एज़ अ फिक्स्ड इनकम बॉन्ड विथ एन इक्विटी अपसाइड। तो इतना रिस्क कम है इस पीजीसीएल में इज़ व्हाट आई वांट टू

10:04

Speaker A

कन्व एंड इन ये नेशनल ग्रिड स्ट्रेंथन कर रहे हैं एक्सपैंड कर रहे हैं राजस्थान एंड गुजरात जैसे स्टेट्स में जहां पे काफी स्कोप है पावर कंपनीज़ को एंड काफी प्रोजेक्ट्स भी स्केल कर रहे हैं पावर कंपनीज़ क्योंकि वहां पे सोलर एज़ यू नो

10:18

Speaker A

राजस्थान एंड गुजरात आर ज्योग्राफिकली वेल प्लेस्ड फॉर हैविंग सोलर सोलर प्रोजेक्ट्स इन इंडिया सो दैट प्लेज़ आउट वेरी वेल फॉर देम एंड पीजीसीएल इज़ आल्सो एक्सपेंडिंग देयर नेटवर्क देयर सो इट्स अ गुड थीम टू वॉच देन देन द नेक्स्ट कंपनी इज़ JSW

10:32

Speaker A

एनर्जी। इट इज़ वन ऑफ़ द मोस्ट अग्रेसिव प्लेस इन इंडिया राइट नाउ। इन्होंने पिवटल ट्रांसफॉर्मेशन किया है फ्रॉम देयर थर्मल डोमिनेंट पोर्टफोलियो टुवर्ड्स द रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो। बहुत ही अग्रेसिवली किया है। हम जानेंगे आगे इनकी स्ट्रेटजी क्या रही है। बट एसेंशियली इफ

10:49

Speaker A

वी सी द स्टोरी ऑफ़ JSW एनर्जी। वो ट्रेडिशनली एक थर्मल प्ले कंपनी थी। वो हैवली रिलायंट थी कोल पे अपने पोर्टफोलियो में। बट दे हैव पवर्टेड फियर्सली रिसेंटली एंड इन्होंने अपने ऑपरेशनल कैपेसिटीज़ को ऑलमोस्ट 13 गीगावाट्स तक स्केल स्केल किया

11:03

Speaker A

है। उसमें से नाउ देयर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स अकाउंट अप टू 60% ऑफ़ देयर पोर्टफोलियो। तो व्हिच यू कैन सी कि इन्होंने कितने अग्रेसिवली थर्मल से रिन्यूएबल में ट्रांजिशन किया है। हाउ डिड इट दैट इज़ नॉट बाय बिल्डिंग देयर ओन

11:20

Speaker A

प्रोजेक्ट्स रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स। व्हाट दे डिड वाज़ टू एक्वायर स्ट्रेस्ड एसेट्स या फिर एकिस्टिंग जो रिन्यूएबल एसेट्स है उनको बाय आउट किया ऑपरेशनल एसेट्स को। जैसे कि रिसेंटली इनका जो महानदी का प्रोजेक्ट है इन्होंने एक्वायर किया था कि एसेट एक्वायर किया था। नाउ इट इज़ अ कैश

11:34

Speaker A

जनरेटिंग एसेट फॉर देम। देन दे आर आल्सो द फर्स्ट मूवर्स इन बैटरी स्टोरेज या फिर पंप हाइड्रो स्टोरेज। एनर्जी स्टोरेज जो अभी एक नया ट्रेंड चल रहा है इंडस्ट्री में। दे आर द दे हैव द फर्स्ट मूवर एडवांटेज इन दैट आल्सो। JSW एनर्जी का एक

11:48

Speaker A

मोड कह सकते हैं कि उनको JSW ग्रुप ऐसे बड़े कंग्लमरेट का बैकिंग है जिसकी नेटवर्थ इज़ 23 बिलियन डॉलर्स। तो वी कैन सी दैट इट इज़ बैक बाय सच अ बिग कंग्लमरेट हु कैन अफोर्ड टू हु कैन रादर अफोर्ड से ज्यादा

12:02

Speaker A

हु कैन अग्रेसिवली स्केल अप अकॉर्डिंग टू द चेंजिंग ट्रेंड्स। एंड ये इंफ्रास्ट्रक्चर काफी हद तक जल्दी बना सकते हैं। तो दे हैव दैट बैकिंग। एंड यह 30 गीगावाट्स की कैपेसिटी टारगेट कर रहे हैं टिल 2030। एंड इन्होंने इनका बिज़नेस

12:15

Speaker A

मॉडल जो है थोड़ा सा डीरिस्क किया है। इनके 85% कैपेसिटीज़ है दोज़ आर टाइड अप टू योर लॉन्ग टर्म पीपीएस यानी कि इनके फिक्स्ड रेवेन्यूस आते हैं। सो दैट्स अ वैरी गुड थिंग फॉर देम। नाउ लेट्स सी सम ऑफ़ द मेगा

12:25

Speaker A

ट्रेंड्स इन द इंडस्ट्रीज़ दैट आर टेकिंग प्लेस। फर्स्ट बीइंग द स्टोरेज रेवोल्यूशन। तो लाइक वी आर मूविंग फ्रॉम थर्मल टू रिन्यूएबल एनर्जी। एस्पेशली सोलर कैपेसिटीज़ हम काफी हद से बढ़ा रहे हैं। वी आर अ लीडर इन दैट। सोलर एनर्जी कैन नॉट बी

12:38

Speaker A

जनरेटेड एट नाइट। सो रात को सोलर एनर्जी जनरेट नहीं कर सकते। तो हमको स्टोर करनी पड़ती है। तो यहां से हमारा फोकस जनरेटिंग टू स्टोरिंग चले गया है। एंड हम मैसिव पंप हाइड्रो स्टोरेजेस या फिर डीएसएस यानी कि

12:52

Speaker A

बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स यूज़ कर रहे हैं कि ग्रिड स्टेबलाइज हो जाए रात को। देन द नेक्स्ट इज़ योर ट्रांसमिशन बूम। लाइक आई हैड मेंशंड अर्लियर इन द वीडियो दैट द गवर्नमेंट इज़ मेकिंग अ मैसिव केपेक्स ऑफ़ 9 लाख करोड़ टू स्ट्रेंथन आवर

13:05

Speaker A

ट्रांसमिशन नेटवर्क व्हिच इज़ वेरी एसेंशियल फॉर द एंटायर पावर वैल्यू चेन। क्योंकि अगर एक भी स्टेप में अह गलती हुई या फिर एक भी स्टेप फेल करता है तो द एंटायर पावर इंडस्ट्री कैन कोलैप्स या फिर इट कैन फेस मेजर डिसरप्शन। तो दिस

13:19

Speaker A

ट्रांसमिशन इज़ वन ऑफ़ द की पार्ट्स इन दिस इंडस्ट्री। तो हमें वो पहले स्ट्रेंथन करना है एंड द गवर्नमेंट इज़ गिविंग मैसिव इंफ्रास्ट्रक्चर बेनिफिट्स टू दीज़ कंपनीज़ टू डू दैट। देन द नेक्स्ट इज़ कोल रियलिटी चेक। तो हो क्या रहा है? जैसे हम सोलर की

13:34

Speaker A

तरफ मूव कर रहे हैं। हमारा डिमांड भी उतना ही बढ़ते जा रहा है। सोलर इज़ प्रोबेब्ली नॉट एबल टू कीप विथ द पेस। अह ऑफ़ द डिमांड राइट नाउ। सो वी आर आल्सो एक्सपेंडिंग आवर अह थर्मल कैपेसिटीज़ टू एक्ट ऐज़ अ बैकअप

13:48

Speaker A

शील्ड। फॉर दोज़ अह फॉर द सब डिमांड गैप दैट देयर इज़ या फिर अगर ब्लैकआउट्स हुए तो थर्मल शुड हैव द कैपेसिटी टू बैकअप फॉर व्हाट सोलर कैन नॉट मेक अप। तो दिस इज़ आल्सो वन ऑफ़ द ट्रेंड्स दैट वी कैन सी कि

14:03

Speaker A

सिर्फ सोलर नहीं बढ़ रहा है। सिर्फ रिन्यूएबल नहीं बढ़ रहा है। वे आल्सो स्ट्रेंथनिंग आवर एकज़िस्टिंग थर्मल कैपेसिटीज़ या फिर कोल पे डिपेंडेंस हमारा अभी तक बना रहेगा जब तक रिन्यूएबल्स कैन कीप अप विद इंडियास ग्रोइंग डिमांड। देन द

14:16

Speaker A

नेक्स्ट इज़ स्मार्ट ग्रिड्स एंड योर कार्बन मार्केट्स। तो रिसेंटली आपने काफी कॉल कॉल्स में या प्रेजेंटेशंस में पढ़ा रहेगा कि स्मार्ट मीटिंग्स चालू किए हैं। यानी कि यूटिलिटी कंपनीज़ कैन डायरेक्टली मेजर कितना यूनिट्स कंज्यूम हो रहे हैं घरों से, फैक्ट्रियों से एंड दे कैन

14:32

Speaker A

कलेक्ट फॉर द सेम यानी कि इलेक्ट्रिसिटी की चोरी कम होगी। सो अभी तक 4 करोड़ डिजिटल मीटर्स इंस्टॉल हुए हैं। इससे पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनीज़ काफी हद से बेनिफिट हो रही है। उनको कैश इंस्टेंटली सिक्योर हो रहा है। देन द ग्रीन प्लेयर्स आर आल्सो

14:48

Speaker A

गेनिंग अ ब्रांड न्यू स्ट्रीम रेवेन्यू स्ट्रीम बाय सेलिंग द कार्बन क्रेडिट्स। तो कार्बन क्रेडिट्स मार्केट में बेच के उनको रेवेन्यू स्ट्रीम वो भी थोड़े से अमाउंट में जनरेट हो रहा है। सो दैट इज़ आल्सो अनदर ट्रेंड व्हिच इज़ गोइंग ऑन इन द

15:00

Speaker A

इंडस्ट्री। सो दिस वाज़ इट विथ द पावर इंडस्ट्री। बट बिफोर वी एंड द वीडियो आई हैव अ क्विज़ फॉर यू। एक पावर कंपनी ऐसी है जो एक बड़े कंग्लमरेट को बिलोंग करती है इंडिया के जो अभी खावड़ा गुजरात में एक बड़ा

15:13

Speaker A

रिन्यूएबल एनर्जी पार्क बिल्ड कर रहा है जो फाइव टाइम्स द साइज ऑफ़ पेरिस बनेगा बाय 2030 तो मैं चाहती हूं कि आप यह कंपनी गेस कर सके एंड देयर इज़ वन मोर हिंट कि यह कंपनी के इंडस्ट्री लीडिंग इबड्डा

15:26

Speaker A

मार्जिनस है ₹91% के यानी कि ऑपरेटिंग प्रॉफिट ऑफ़ ₹91 फॉर एव्री 100 दैट यू अर्न। सो, दिस इज अ फेयरली इजी कंपनी टू गेस। तो कमेंट्स में जरूर बताना कि यह कौन सी कंपनी है। एंड डोंट फॉरगेट टू लाइक,

15:40

Speaker A

शेयर, कमेंट एंड सब्सक्राइब टू यना इन्वेस्टमेंट एकडमी। थैंक यू।

Topics: पावर सेक्टर Tata Power NTPC JSW Energy जनरेशन ट्रांसमिशन डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेटेड रिटर्न डिस्कॉम्स रिन्यूएबल एनर्जी


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