**Sun Tzu (HINDI/हिंदी में) — Transcript & Summary | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/sun-tzu-hindi/

सुनजू वछी की आर्ट ऑफ वॉर और युद्ध रणनीतियों का हिंदी में विस्तृत विश्लेषण।

## Key Takeaways

- युद्ध में जीत के लिए सही योजना, अनुशासन और धोखे का उपयोग आवश्यक है।
- लंबी लड़ाई राज्य के संसाधनों को खत्म कर देती है, इसलिए जल्दी जीत जरूरी है।
- जनरल को स्पष्ट आदेश देने और सैनिकों को प्रशिक्षित करने में कड़ाई बरतनी चाहिए।
- मोरल लॉ और कमांडर के गुण युद्ध की सफलता में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
- युद्ध के दौरान दुश्मन की मानसिकता और स्थिति का सही आकलन करना चाहिए।

## What the video covers

- सुनजू वछी की आर्ट ऑफ वॉर की किताब और उनकी सैन्य रणनीतियों का परिचय।
- राजा होलू के सामने सुनजू द्वारा महिलाओं की सेना प्रशिक्षण का उदाहरण।
- युद्ध के पांच मूल तत्व: मोरल लॉ, आसमान, जमीन, कमांडर, और तरीका।
- युद्ध की योजना बनाना और धोखे की रणनीतियों का महत्व।
- लंबी लड़ाई के नुकसान और युद्ध के खर्चों का विश्लेषण।
- सैनिकों की ट्रेनिंग, अनुशासन और कमांड की स्पष्टता की आवश्यकता।
- दुश्मन की मानसिकता को समझकर उसे धोखा देने की कला।
- युद्ध में संसाधनों का सही प्रबंधन और दुश्मन से संसाधन लेना।
- स्मार्ट जनरल की विशेषताएं और युद्ध में जीत के लिए रणनीतियाँ।
- युद्ध के दौरान सही समय और स्थान का चयन और स्थिति के अनुसार योजना बदलना।

## Chapters

1. 00:00 सुनजू वछी और राजा होलू के बीच सेना प्रशिक्षण
2. 04:50 युद्ध के पांच मूल तत्व और उनकी महत्ता
3. 09:33 युद्ध की योजना और धोखे की रणनीतियाँ
4. 14:23 लंबी लड़ाई के नुकसान और संसाधन प्रबंधन
5. 18:23 सैनिकों का अनुशासन और कमांड की स्पष्टता
6. 23:03 युद्ध में स्थिति का आकलन और रणनीति का अनुकूलन
7. 27:49 युद्ध के दौरान मानसिकता और दुश्मन की समझ
8. 31:49 स्मार्ट जनरल की विशेषताएं और युद्ध की सफलता

Answers

## Questions about this video

सुनजू वछी ने महिलाओं की सेना को कैसे प्रशिक्षित किया?

सुनजू ने महिलाओं को दो समूहों में बांटा और प्रत्येक समूह की अगुवाई राजा की पसंदीदा रखेल को दी। उन्होंने स्पष्ट कमांड देकर और अनुशासन सिखाकर उन्हें युद्ध की ट्रेनिंग दी।

युद्ध के पांच मूल तत्व कौन-कौन से हैं?

मोरल लॉ, आसमान (मौसम), जमीन (स्थान), कमांडर के गुण, और तरीका एवं अनुशासन ये पांच मूल तत्व युद्ध की योजना और सफलता के लिए जरूरी हैं।

लंबी लड़ाई राज्य के लिए क्यों हानिकारक होती है?

लंबी लड़ाई में हथियार कमजोर हो जाते हैं, सैनिकों का जोश कम होता है, और राज्य के संसाधन खत्म हो जाते हैं, जिससे अंततः राज्य कमजोर पड़ जाता है।

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00:05

Speaker A

सुनजू वछी राज्य के रहने वाले थे। उनकी आर्ट ऑफ वॉर वाली इस किताब ने उनको व के राजा होलू की नजर में ला दिया। राजा होलू ने कहा कि मैंने तुम्हारे 13 चैप्टर्स ध्यान से पढ़े हैं। क्या मैं

00:23

Speaker A

तुम्हें यह फौज संभालने वाले सिद्धांत का छोटा सा टेस्ट ले सकता हूं? सुजू ने कहा बिल्कुल। होलू ने पूछा क्या टेस्ट औरतों पर किया जा सकता है? सुजू ने हां में जवाब दिया तो महिलाओं को महल से बुलाने का बंदोबस्त किया गया। 180 औरतें

00:45

Speaker A

लाई गई। सुनजू ने उन्हें दो ग्रुप्स में बांट दिया और हर ग्रुप की हेड राजा की एक पसंदीदा रखेल को बना दिया। फिर उन सबको हाथ में भाला लेने को बोला और ऐसे समझाया। मुझे लगता है कि तुम्हें समझ है

01:06

Speaker A

कि आगे का क्या मतलब होता है। पीछे का दाएं हाथ और बाएं हाथ का फर्क क्या होता है। लड़कियों ने कहा हां। सुनजू ने बोला जब मैं बोलूं आंखें सीधा तो सीधा देखना। जब मैं बोलूं बाएं घूमो तो बाएं हाथ की तरफ घूमना। जब बोलूं

01:30

Speaker A

दाएं घूमो तो दाएं हाथ की तरफ घूमना। जब बोलूं पीछे घूमो तो बिल्कुल उल्टा घूमना। फिर से लड़कियों ने हां बोला। जब यह सब कमांड समझा दिए गए तो सुनजू ने ट्रेनिंग शुरू करने के लिए बरछियां और कुल्हाड़ियां लगा

01:47

Speaker A

दी। फिर ढोल बजाया गया और कमांड दी गई। दाएं घूमो। लेकिन लड़कियां हंसने लग गईं। सुजू ने कहा अगर कमांड साफ और क्लियरली नहीं दिए गए अगर ऑर्डर्स समझ में नहीं आए तो गलती जनरल की होती है। फिर से ट्रेनिंग शुरू हुई। इस बार

02:09

Speaker A

बोला गया बाएं घूमो। लेकिन फिर से लड़कियां हंसी में फूट पड़ीं। सुजू ने कहा अगर कमांड साफ नहीं है समझा नहीं पाए तो गलती जनरल की है। लेकिन अगर ऑर्डर्स बिल्कुल साफ हैं और फिर भी सोल्जर्स नहीं मानते तो उनके ऑफिसर्स

02:29

Speaker A

जिम्मेदार हैं। यह कहकर उसने उन दोनों ग्रुप के लीडर्स के सर काटने का हुक्म दिया। उस टाइम राजा होलू एक ऊंचे मंच से सब देख रहे थे। जब उन्होंने देखा कि उनकी पसंदीदा रखे मारे जाने वाली हैं तो घबरा गए और तुरंत

02:48

Speaker A

मैसेज भेजा। हमें अब यकीन हो गया है कि हमारा जनरल फौज संभाल सकता है। अगर यह दोनों रखेलें चली गईं तो हमारे खाने-पीने का मजा चला जाएगा। हमारी इच्छा है कि इन्हें ना मारा जाए। सुमजू ने जवाब दिया। जब महाराज ने

03:07

Speaker A

मुझे अपना सेनापति बना लिया है तो कुछ ऐसे आदेश होते हैं जो उस पद पर होते हुए मैं नहीं मान सकता। और उन्होंने दोनों लीडर्स का सर कटवा दिया। और उनकी जगह लाइन में अगली दो औरतों को लीडर बना दिया। फिर से

03:22

Speaker A

ढोल बजाया गया। ट्रेनिंग शुरू हुई और लड़कियों ने हर कमांड, दाएं घूमना, बाएं घूमना, सीधा चलना, पीछे घूमना, बैठना, उठना सब कुछ बिल्कुल सही किया। बिना एक आवाज किए। फिर संजू ने एक संदेश भेजा राजा को। महाराज आपकी सेना प्रॉपर्ली ट्रेंड और

03:45

Speaker A

डिसिप्लिंड है। आपके हुक्म का इंतजार है। आप उनसे आग या पानी में भी जाने को कहेंगे तो वह मना नहीं करेंगी। लेकिन राजा ने जवाब दिया हमारा जनरल अब ट्रेनिंग बंद करें और कैंप वापस चला जाए। हमें सेना देखने की कोई इच्छा नहीं

04:04

Speaker A

है। तब सुंजू ने कहा राजा सिर्फ बातें पसंद करता है लेकिन उन्हें अमल में नहीं ला सकता। इसके बाद होलू को समझ आ गया कि सुंजू फौज संभालने के एक्सपर्ट है। और उन्हें उन्होंने अपना जनरल बना लिया। वेस्ट में उन्होंने चू राज्य को हरा दिया

04:28

Speaker A

और यंग उनकी राजधानी तक पहुंच गए। नॉर्थ में ची और चीन राज्यों में डर का माहौल बना दिया और सब फ्यूडल राज्यों के बीच अपना नाम और शोहरत फैला दी। और सुनजू राजा की ताकत का हिस्सा बन गया। आइए इस बुक को लाइन बाय लाइन समझने

04:50

Speaker A

की कोशिश करते हैं। वन लेइंग प्लांस। सोजो ने कहा कि जंग का ज्ञान रियासत के लिए बहुत जरूरी है। यह जिंदगी और मौत का मामला है। या तो सुरक्षा मिलती है या बर्बादी। इसलिए इस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। इसे इग्नोर नहीं किया जा

05:14

Speaker A

सकता। जंग का ज्ञान पांच बेसिक चीजों पर डिपेंड करता है जो सोचने समझने में जरूर याद रखनी चाहिए जब बैटल फील्ड की सिचुएशन समझनी हो। यह पांच चीजें हैं। पहला मोरल लॉ। दूसरा आसमान यानी समय और मौसम। तीसरा जमीन यानी लोकेशन और ग्राउंड का

05:37

Speaker A

टाइप। चौथा कमांडर और पांचवा तरीका और डिसिप्लिन। मोरल लॉ से लोग अपने राजा के साथ पूरी तरह से एकता में रहते हैं और उसके लिए अपनी जान देने को भी रेडी होते हैं। किसी भी खतरे से नहीं डरते। आसमान का मतलब है दिन रात, ठंडी और

05:59

Speaker A

गर्मी और मौसम का समय। जमीन का मतलब है दूरी, छोटी या बड़ी, खतरा या सुरक्षा, खुला मैदान या पतली राहें और जिंदगी मौत के चांसेस। कमांडर का मतलब है बुद्धि, ईमानदारी, दया, हिम्मत और सख्ती जैसे गुण। तरीका और डिसिप्लिन का मतलब है सेना

06:27

Speaker A

को सही तरीके से डिवाइड करना। ऑफिसर्स के रैंक फिक्स करना, सप्लाई लाने के रास्ते मेंटेन करना और फौज का खर्चा कंट्रोल में रखना। यह पांच बातें हर जनल को अच्छी तरह से पता होनी चाहिए। जो इन्हें जानता है वह

06:45

Speaker A

जीतेगा। जो नहीं जानता वह हारेगा। इसलिए जब भी मिलिट्री सिचुएशन को समझना हो तो इन्हीं पॉइंट्स को कंपेयर करना चाहिए। इस तरह से दोनों राजाओं में कौन मोरल लॉ को फॉलो करता है? दोनों जनरल्स में कौन ज्यादा कैपेबल है? किस तरफ आसमान और जमीन का

07:08

Speaker A

फायदा है? किस साइड पर डिसिप्लिन ज्यादा स्ट्रांग है? कौन सी सेना ज्यादा पावरफुल है? कौन सी सेना के ऑफिसर्स और सोल्जर्स ज्यादा ट्रेंड हैं? कौन सी सेना में रिवॉर्ड और पनिशमेंट बराबर मिलता है? इन्हीं सात पॉइंट से मैं अंदाजा लगाता

07:28

Speaker A

हूं कि जीत होगी या हार। जो जनरल मेरी सलाह सुनेगा और फॉलो करेगा वह जीतेगा। उसे कमांड में रहने दो। जो नहीं सुनेगा वह हारेगा। उसे हटा दो। मेरी सलाह का फायदा उठाओ। लेकिन साथ ही किसी भी हेल्पफुल सिचुएशन का भी यूज

07:50

Speaker A

करो जो नॉर्मल रूल से अलग हो। सिचुएशन के हिसाब से अपने प्लांस बदल लेने चाहिए। हर जंग धोखे पर बेस्ड होती है। इसलिए जब हम अटैक करने के लायक हो तो ऐसे दिखाएं जैसे हम कमजोर हैं। जब हम अपनी

08:09

Speaker A

सेना का यूज कर रहे हो तो लगे कि हम कुछ नहीं कर रहे। जब हम पास हो तो दुश्मन को लगे हम दूर हैं। जब दूर हो तो लगे हम पास हैं। दुश्मन को लुभाने के लिए बैठ डालो।

08:24

Speaker A

जैसे कि सब कुछ बिगड़ गया है वैसे दिखा के उसे हरा दो। अगर दुश्मन हर जगह स्ट्रांग है तो उसके लिए तैयार रहो। अगर वह हमसे ज्यादा पावरफुल है तो उससे बच के निकल जाओ। अगर वह गुस्से वाला है तो उसे

08:41

Speaker A

चिढ़ाने की कोशिश करो। अपने आप को कमजोर दिखाओ ताकि वह और कॉन्फिडेंट हो जाए। अगर वह रिलैक्स मोड में है तो उसे चैन मत लेने दो। अगर उसकी फौज एकजुट है तो उसे तोड़ने की कोशिश करो। जहां वह तैयार

08:58

Speaker A

ना हो वहां अटैक करो। जहां तुम्हारा आना एक्सपेक्ट ना हो वहां आ जाओ। ऐसे ट्रिक्स जो जीत की तरफ ले जाती हैं उन्हें पहले से कभी मत बताओ। जो जनरल जीतता है, वह जंग से पहले अपने मंदिर में

09:13

Speaker A

बैठकर बहुत सारी कैलकुलेशन करता है। जो हारता है, वह कुछ ज्यादा सोचता ही नहीं। जितनी ज्यादा प्लानिंग उतनी जीत की चांस। कम प्लानिंग का मतलब हार। और अगर प्लानिंग ही नहीं हो तो सोचो क्या होगा। इसी पॉइंट पर ध्यान देकर मैं बता सकता हूं कि कौन

09:33

Speaker A

जीतेगा और कौन हारेगा। वेजिंग वॉर सुजू ने कहा जब जंग होती है और मैदान में हजार तेज रथ हजार भारी रथ और 1 लाख लोहे के बख्तर वाले सिपाही होते हैं जिनके लिए इतना सम्मान होता है कि वह हजार ली तक

10:01

Speaker A

जा सकें तो घर और मैदान दोनों जगह का खर्चा जैसे मेहमान नवाजी छोटी-छोटी चीजें जैसे ग्लू और पेंट, रथ और आर्मर का खर्चा सब मिला के हर दिन 1000 चांदी के सिक्के लगते हैं। 1 लाख की सेना खड़ी करने के लिए यह

10:22

Speaker A

डेली खर्चा है। जब असली जंग होती है और जीत देर से मिलती है तो सिपाहियों के हथियार ब्लंट हो जाते हैं और उसका जोश ठंडा पड़ जाता है। अगर किसी शहर को घेर लो तो अपनी ताकत खत्म कर

10:40

Speaker A

दोगे। अगर जंग लंबी खींचती है तो राज्य के पास इतने रिसोर्सेज नहीं बचते कि वह सब कुछ संभाल सके। जब हथियार कमजोर हो जाए, जोश चला जाए, ताकत खत्म हो जाए और पैसा भी खत्म हो जाए, तब दूसरे राज्य या नेता तुम्हारी

10:58

Speaker A

कमजोरी का फायदा उठाएंगे। उस वक्त कोई भी चाहे कितना भी समझदार हो नतीजे को नहीं रोक सकता। हमने सुना है कि बेवकूफी से की गई जल्दी हार लाती है। लेकिन कभी भी यह नहीं सुना कि समझदारी लंबी जंग से जुड़ी

11:17

Speaker A

हो। ऐसा एक भी एग्जांपल नहीं है जहां किसी देश को लंबी जंग से फायदा हुआ हो। सिर्फ वही आदमी जो जंग की बुराइयों को अच्छी तरह जानता है वही जंग को फायदे के साथ समझदारी से चला सकता है। एक स्किल्ड सोल्जर दोबारा सेना नहीं

11:37

Speaker A

बुलाता। उसके सप्लाई की गाड़ियां भी दो बार से ज्यादा लोड नहीं होती। जंग का सामान घर से लाओ लेकिन खाना दुश्मनों से ले लो। इस तरीके से फौज के पास काफी खाना होगा। जब राज्य के पास पैसा कम पड़ जाता है तो

11:56

Speaker A

सेना को दूर से आने वाले टैक्सेस से चलाया जाता है। दूर से आने वाले पैसों से सेना चलाना लोगों को गरीब बना देता है। दूसरी तरफ जब सेना पास होती है तो चीजों के दाम बढ़ जाते हैं। दाम बढ़ने से

12:14

Speaker A

लोगों का माल खत्म हो जाता है। जब उनका माल खत्म हो जाता है तो गांव के लोग भारी टैक्स के नीचे दब जाते हैं। जब माल खत्म हो जाए और ताकत भी निकल जाए तो लोगों के घर खाली हो जाते हैं।

12:31

Speaker A

उनकी सैलरी का 30% उड़ा जाता है। और सरकार का 40% खर्चा टूटे रथ, थके हुए घोड़े, पुरानी आर्मर, धनुष, तीर, भाले, ढाल, सुरक्षा का सामान, बैलों और भारी गाड़ियों सब पर चला जाता है। इसलिए एक समझदार जनरल हमेशा दुश्मन से

12:58

Speaker A

सामान उठवाता है। दुश्मन के एक गाड़ी समान का मतलब होता है हमारे 20 गाड़ियों के बराबर। और उनका एक भारी तोल हमारे 20 के बराबर होता है। दुश्मन को मारने के लिए अपने लोगों में गुस्सा जगाना पड़ता है और दुश्मन को

13:17

Speaker A

हराने का फायदा तभी मिलेगा जब अपने...

13:38

Speaker A

मिक्स करके अपने साथ यूज करो। जो दुश्मन के सिपाही पकड़े जाए उनके साथ अच्छा व्यवहार करो और उन्हें संभाल के रखो। इसको कहते हैं हराए हुए दुश्मन को अपनी ताकत में बदल लेना। जंग में सबसे बड़ा गोल होना चाहिए

13:56

Speaker A

जीत ना कि लंबी-लंबी मुहिम चलाना। इससे पता चलता है कि सेना का जो लीडर है वही लोगों की किस्मत का फैसला करता है। देश शांति में रहेगा या मुसीबत में यह उस पर डिपेंड करता है। अटैक बाय स्ट्रेटजीज।

14:23

Speaker A

सोजू ने कहा कि जंग के काम में सबसे अच्छा तरीका यह है कि दुश्मन के देश को पूरा का पूरा ले लो बिना उसे बर्बाद किए। उसी तरह पूरी सेना को जिंदा पकड़ना तोड़ने से बेहतर है। एक रेजीमेंट, एक छोटी टीम या एक

14:41

Speaker A

कंपनी को जिंदा पकड़ना तोड़ने से ज्यादा बेहतर है। हर जंग जीत जाना सब कुछ नहीं होता। सबसे बड़ी बात यह होती है कि दुश्मन की हिम्मत तोड़ दो बिना लड़े। सबसे अच्छी लीडरशिप होती है दुश्मन के प्लांस को फेल

15:00

Speaker A

करना। उससे कम अच्छा है उनकी सेना को मिलने से रोकना। उसके बाद है उनकी सेना से मैदान में लड़ना। और सबसे बेकार स्ट्रेटजी है उनके शहर को घेर लेना। रूल यह है कि अगर पॉसिबल हो तो शहर को

15:19

Speaker A

घेरना अवॉइड करो। शहर पर अटैक करने के लिए जो प्रोटेक्शन वाले टूल्स, चलते फिरते कवर और और भी जंग के साधन चाहिए वह बनाने में 3 महीने लग जाते हैं। और शहर की दीवारों के सामने मिट्टी के टीले बनाने में और 3

15:37

Speaker A

महीने लग जाते हैं। जब जनरल का गुस्सा कंट्रोल से बाहर हो जाता है तो वह अपने आदमियों को ऐसे भेजता है जैसे कीड़े मकोड़े और रिजल्ट यह होता है कि उसकी एक तिहाई सेना मर जाती है और शहर फिर भी नहीं मिलता।

15:55

Speaker A

यही होता है जब सीज फेल हो जाती है। इसलिए एक एक्सपर्ट लीडर दुश्मन की सेना को बिना लड़े हराता है। शहर को बिना घेराबंदी के ले लेता है और राज्य को बिना लंबी जंग के गिराता है। जब उसकी अपनी सेना पूरी सलामत होती है

16:15

Speaker A

तब वह पूरे एंपायर पर कब्जा करने के लिए लड़ता है और बिना किसी आदमी को खोए उसकी जीत पूरी होती है। यही है चाल से अटैक करना। जंग का रूल यह है। अगर हम दुश्मन से 10 गुना ज्यादा हो तो उसे घेर लो। अगर

16:34

Speaker A

पांच गुना हो तो अटैक करो। अगर दो गुना हो तो अपनी सेना दो हिस्सों में बांट लो। अगर दोनों बराबर हो तो जंग लड़ी जा सकती है। अगर हम थोड़े कम हैं तो दुश्मन से बच के निकल जाओ। अगर हम हर तरीके से कमजोर हैं

16:51

Speaker A

तो भाग जाओ। छोटी सेना जिद करके लड़ भी ले पर एंड में बड़ी सेना उसे हरा देती है। जनरल पूरे राज्य का सपोर्ट सिस्टम होता है। अगर वह हर एंगल से स्ट्रांग है तो राज्य भी स्ट्रांग होगा। अगर उसमें कमी है तो राज्य

17:10

Speaker A

कमजोर बन जाएगा। राजा अपनी सेना पर तीन तरीके से मुसीबत ला सकता है। पहला जब वह सेना को आगे या पीछे जाने का आर्डर देता है बिना यह समझे कि वह ऐसा नहीं कर सकती। इसे कहते हैं सेना के

17:27

Speaker A

पैर बांध देना। दूसरा जब वह सेना को वैसे ही चलाने की कोशिश करता है जैसे एक राज्य को चलाता है। बिना यह समझे कि सेना के अपने अलग रूल्स होते हैं। इससे सोल्जर्स के दिमाग में उलझन आ जाती है। और

17:44

Speaker A

तीसरा जब वह बिना सोचे समझे किसी भी ऑफिसर को काम दे देता है। बिना यह समझे कि अलग सिचुएशन में कौन फिट है। इससे सोल्जर्स का भरोसा हिल जाता है। जब सेना उलझन में होती है और भरोसा टूट जाता है तब दूसरे राजा या नेता फायदा

18:03

Speaker A

उठाते हैं। इसका मतलब होता है सेना के अंदर ही कंफ्यूजन लाकर जीत को छोड़ देना। इसलिए हम जान लेते हैं कि जीत के लिए पांच जरूरी बातें होती हैं। वह जीतेगा जो जानता है कब लड़ना है और कब नहीं। वह जीतेगा जो छोटी और बड़ी

18:25

Speaker A

दोनों सेनाएं संभाल सकता है। वह जीतेगा जिसका हर सोल्जर एक जैसे जज्बे में लड़ता है। वह जीतेगा जो खुद तैयार है और दुश्मन के तैयार ना होने का इंतजार करता है। वह जीतेगा जिसमें मिलिट्री का टैलेंट है और

18:43

Speaker A

जिसमें राजा दखल नहीं देता। इन पांच चीजों का ज्ञान ही जीत दिलाता है। इसलिए कहा गया है अगर तुम दुश्मन को जानते हो और खुद को भी जानते हो तो 100 जंगों का रिजल्ट तुम्हें डराएगा नहीं। अगर तुम खुद

19:02

Speaker A

को जानते हो पर दुश्मन को नहीं तो हर जीत के साथ एक हार भी मिलेगी। अगर ना तुम दुश्मन को जानते हो ना खुद को तो हर जंग में तुम हारे जाओगे। प्रैक्टिकल डिस्पोजिशंस सोजे ने कहा कि पुराने जो

19:25

Speaker A

अच्छे योद्धा थे वह पहले अपने आप को हार से बचाने लायक बनाते थे। फिर दुश्मन को हराने का सही मौका ढूंढते थे। अपने आप को हार से बचाना हमारे हाथ में होता है। लेकिन दुश्मन को हराने का मौका दुश्मन खुद देता है।

19:44

Speaker A

इसलिए अच्छा योद्धा अपने आप को तो सेफ रख सकता है लेकिन दुश्मन की हार की गारंटी नहीं दे सकता। इसलिए कहा गया है किसी को यह पता हो कि कैसे जीतना है इसका मतलब यह नहीं कि वह जीत ही जाएगा।

20:00

Speaker A

हार से बचने के लिए डिफेंस करना पड़ता है। दुश्मन को हराने के लिए अटैक करना पड़ता है। डिफेंस पर खड़े रहने का मतलब है कि ताकत कम है। अटैक करना मतलब है ताकत ज्यादा है। जो जनरल डिफेंस में एक्सपर्ट होता है, वह

20:17

Speaker A

जमीन के छिपे हुए कोनों में रहता है। और जो अटैक में एक्सपर्ट होता है, वह आसमान के सबसे ऊपर से वॉर करता है। एक तरफ खुद को बचा सकते हो। दूसरी तरफ जीत पूरी मिलती है। जीत तभी देखना जब वह सबको

20:38

Speaker A

दिखे। यह कोई बड़ी बात नहीं होती। और अगर तुम लड़ते हो, जीतते हो और पूरा देश तुम्हें शाबाशी देता है तो यह कोई बड़ी बात नहीं है। पंझड़ के एक पत्ते को उठाना कोई बड़ी ताकत का सबूत नहीं है। सूरज या चांद को

20:56

Speaker A

देखना कोई तेज नजर का साइन नहीं है। बिजली की गरज सुनना कोई तेज कान का साइन नहीं है। पुराने लोग जिसे स्मार्ट फाइटर कहते थे, वह सिर्फ जीतने वाला नहीं होता था बल्कि आसान तरीके से जीतने वाला होता

21:16

Speaker A

था। उसकी जीत उसको ना समझदारी का क्रेडिट देती है ना हिम्मत का। वह जंग इसलिए जीतता है क्योंकि वह गलती नहीं करता। गलती ना करना ही जीत की गारंटी होती है। क्योंकि इसका मतलब है ऐसे दुश्मन को हराना जो पहले

21:32

Speaker A

से ही हारा हुआ है। इसलिए जो स्किल्ड फाइटर होता है वह ऐसी पोजीशन में खुद को रखता है जहां उसकी हार इंपॉसिबल हो जाती है। और दुश्मन को हराने का मौका कभी चूकता नहीं। इसलिए जंग में स्मार्ट स्ट्रेटजिस्ट पहले

21:52

Speaker A

जीत फिक्स कर लेता है फिर लड़ता है और जो हारा हुआ होता है वह पहले लड़ता है फिर जीत ढूंढता है। एक परफेक्ट लीडर मोरल लॉ को फॉलो करता है और मेथड और डिसिप्लिन का पूरा पालन करता है। इस वजह से वह सक्सेस

22:09

Speaker A

को कंट्रोल कर सकता है। मिलिट्री मेथड में पांच चीजें होती हैं। पहली मेज़रमेंट दूसरा क्वांटिटी का एस्टिमेशन तीसरा कैलकुलेशन चौथा चांसेस का बैलेंस और पांचवा विक्ट्री मेजरमेंट जमीन की वजह से होता है। क्वांटिटी का एस्टीिमेशन मेजरमेंट की वजह से होता है। कैलकुलेशन एस्टिमेशन की

22:34

Speaker A

वजह से होता है। चांसेस का बैलेंस कैलकुलेशन की वजह से होता है और जीत बैलेंस की वजह से होती है। जीतने वाली सेना का अटैक उस पानी जैसा होता है जो बंद करके रखा गया हो और फिर एकदम से हजार फेदम गहरी घाटी में टूट पड़ा

22:53

Speaker A

हो। टैक्टिकल डिस्पोजिशन का मतलब भी बस इतना ही है। एनर्जी संजू ने कहा बड़ी सेना को कंट्रोल करना भी वैसा ही होता है जैसे छोटे ग्रुप को कंट्रोल करना। बस उनका नंबर डिवाइड करना होता है। बड़ी सेना के साथ जंग लड़ना

23:19

Speaker A

छोटी सेना जैसे ही होता है। फर्क सिर्फ सिग्नल्स और साइंस का होता है। पूरी सेना को इतना स्ट्रांग बनाना कि वह दुश्मन के अटैक को झेल सके और हिल ना पाए। यह डायरेक्ट और इनडायरेक्ट चालों से होता है। तुम्हारी सेना का इंपैक्ट ऐसा होना

23:38

Speaker A

चाहिए जैसे एक चक्की का पत्थर अंडे से टकरा जाए। यह तब होता है जब तुम्हें पता हो कि दुश्मन की कमजोर और स्ट्रांग जगह का। जंग में सीधा अटैक करना लड़ाई शुरू करने के लिए होता है। लेकिन जीत के लिए घूम के

23:57

Speaker A

चाले चलनी पड़ती हैं। इनडायरेक्ट चाले अगर सही तरह से चली जाए तो वह आसमान जमीन की तरह कभी खत्म नहीं होती। नदियों जैसे लगातार चलती रहती हैं। सूरज और चांद जैसे हर बार दोबारा शुरू हो जाती हैं। मौसम की

24:15

Speaker A

तरह जाती हैं और फिर लौट आती हैं। सिर्फ पांच संगीत के सुर होते हैं। पर उनका मिक्स बनता है अनेक तरह की धुनें जो कभी पूरी सुन ही नहीं सकते। सिर्फ पांच बेसिक रंग होते हैं पर उनका मिलन बनाता है हजारों रंग जो कभी

24:34

Speaker A

पूरे देखे नहीं जा सकते। सिर्फ पांच असली स्वाद होते हैं पर उनका मिक्स बनाता है अनेक टेस्ट जो कभी पूरे चखे नहीं जा सकते। जंग में सिर्फ दो तरीके के अटैक होते हैं सीधा और घूम के। लेकिन इनका

24:51

Speaker A

मिक्स बनाता है अनेक तरह के वॉर मोस। सीधा और घूम के अटैक एक के बाद एक आते हैं। यह गोल चक्कर जैसे होते हैं। कभी खत्म नहीं होता। इन दोनों के मिक्स की लिमिट कोई नहीं जानता। सेना का आगे बढ़ना ऐसे होता है

25:10

Speaker A

जैसे तेजी से बहते पानी में पत्थर भी बह जाए। फैसला लेने की क्वालिटी ऐसी होती है जैसे बाज सही टाइम पर झपटा मार के शिकार को मार दे। इसलिए अच्छा योद्धा अपने अटैक में डरावना होता है और डिसीजन में तेज।

25:29

Speaker A

एनर्जी उस क्रॉसबो जैसे होती है जो खींच के रखी गई हो। डिसीजन उसके ट्रिगर छोड़ने जैसा होता है। जंग के शोरशराबे में ऊपर से सब गड़बड़ लगे पर असली में कुछ भी गड़बड़ ना हो। सब कंफ्यूजन में भी तुम्हारी सेना बिना हेड

25:48

Speaker A

टेल के भी स्ट्रांग बनी रहे और हार से सेफ हो। नकली गड़बड़ तभी दिखाई जा सकती है जब असली में परफेक्ट डिसिप्लिन हो। नकली डर तब दिखाया जा सकता है जब असली में हिम्मत हो। और नकली कमजोरी तब दिखाई जा सकती है जब

26:06

Speaker A

असली में ताकत हो। डिसिप्लिन को गड़बड़ के कवर में छुपाना मतलब होता है पार्ट्स में सब कुछ डिवाइड करना। हिम्मत को डर के पीछे छुपाना मतलब होता है अंदर से एनर्जी रेडी रखना। ताकत को कमजोरी जैसे दिखाना होता है

26:23

Speaker A

स्ट्रेटजी से। जो आदमी दुश्मन को हमेशा मूव पर रखता है, वह दिखावा करता है। जिसके चक्कर में दुश्मन रिएक्ट करता है, वह कुछ छोड़ता है ताकि दुश्मन उस पर टूट पड़े। ऐसे ट्रैप्स डाल के वह दुश्मन को चलते

26:42

Speaker A

रहने पर मजबूर करता है। फिर अपनी चुनी हुई टीम के साथ छुप के उसका वेट करता है। स्मार्ट फाइटर हमेशा टीम की मिलीजुली एनर्जी पर ध्यान देते हैं। वह हर आदमी से ज्यादा उम्मीद नहीं रखते। इसलिए वह सही

26:58

Speaker A

लोग चुनते हैं और उनकी कलेक्टिव पावर का यूज करते हैं। जब वह टीम की एनर्जी का यूज करते हैं तब उसके फाइटर लोग गोल पत्थर जैसे हो जाते हैं जो पहाड़ी से रोल हो जाए क्योंकि पत्थर फ्लैट जमीन पर रुक जाता है। स्लोप

27:15

Speaker A

पे चल पड़ता है। अगर चार कोने वाला हो तो अटक जाता है लेकिन गोल हो तो सीधा रोल होता है। इसलिए अच्छे फाइटर्स की एनर्जी एक गोल पत्थर जैसी होती है जो हजारों फीट ऊपर से पहाड़ी से नीचे घूमता हुआ गिरता

27:36

Speaker A

है। वीक पॉइंट्स एंड स्ट्रांग सोजो ने कहा जो बैटल फील्ड में पहले पहुंच जाता है और दुश्मन का वेट करता है वह लड़ाई के लिए फ्रेश रहता है। लेकिन जो बाद में आता है और जल्दी में पहुंचता है, वह थका हुआ होता है। इसलिए स्मार्ट

27:56

Speaker A

फाइटर दुश्मन पर अपनी मर्जी थोपता है। लेकिन दुश्मन की मर्जी कभी अपने ऊपर नहीं चलने देता। अगर दुश्मन को फायदा दिखाएं तो वह खुद अपने आप चले आएंगे। और अगर उसे नुकसान पहुंचाए तो वह पास भी नहीं आ

28:13

Speaker A

पाएगा। अगर दुश्मन आराम कर रहा हो तो उसे तंग करो। अगर उसके पास खाना ज्यादा हो तो उसे भूखा करो। अगर वह शांति से कैंप में बैठा हो तो उसे हिलने पर मजबूर करो। ऐसे जगह दिखो जहां दुश्मन को तुरंत

28:30

Speaker A

डिफेंस करना पड़े। और तेज चलो उन जगह की तरफ जहां तुम्हारा आना एक्सपेक्ट ही नहीं है। सेना लंबी दूरी तक बिना थके मार्च कर सकती है। अगर वह ऐसे रास्ते से जाए जहां दुश्मन ना हो। तुम्हारा अटैक तभी सफल होगा जब तुम सिर्फ

28:49

Speaker A

उन जगहों पर अटैक करोगे जो अनगार्डेड है। और तुम्हारा डिफेंस तभी सेफ रहेगा जब तुम ऐसी जगह संभाल के रखोगे जहां से अटैक पॉसिबल ही ना हो। जो जनरल अटैक में एक्सपर्ट होता है उसके दुश्मन को समझ ही नहीं आता कि कहां

29:08

Speaker A

डिफेंड करें। और जो डिफेंस में एक्सपर्ट होता है उसके दुश्मन को समझ ही नहीं आता कि कहां अटैक करें। वो छुपी हुई चालबाजी और सीक्रेसी की कला तुम्हारे थ्रू हम दिखाई नहीं देते। तुम्हारे थ्रू हम सुनाई नहीं देते। इसीलिए

29:27

Speaker A

हम दुश्मन की किस्मत अपने हाथ में ले लेते हैं। अगर तुम दुश्मन के वीक पॉइंट्स पर जाओ तो तुम्हारा अटैक रोकना नामुमकिन हो जाता है। और अगर तुम उससे ज्यादा तेजी से पीछे हटो तो तुम सेफ रहोगे। दुश्मन पीछे

29:44

Speaker A

नहीं आ पाएगा। अगर हमें लड़ना हो तो हम दुश्मन को लड़ाई के लिए मजबूर कर सकते हैं। चाहे वह ऊंची दीवार और गहरी खाई के पीछे छुपा हो। हमें बस किसी और जगह अटैक करना होगा जिसे वह बचाना

30:01

Speaker A

चाहेगा। अगर हमें नहीं लड़ना तो हम दुश्मन को लड़ाई से रोक सकते हैं। चाहे हमारा कैंप सिर्फ जमीन पर बना हुआ नक्शा ही क्यों ना हो। हमें बस उसके सामने कुछ अजीब और कंफ्यूजिंग रखना होगा। [संगीत] अगर हम दुश्मन की प्लानिंग जान लें और खुद

30:21

Speaker A

छुपे रहे तो हम अपनी सेना एक जगह रख सकते हैं। जबकि दुश्मन को अपनी सेना डिवाइड करनी पड़ेगी। हम एक यूनाइटेड ग्रुप बन जाते हैं और दुश्मन छोटे-छोटे टुकड़ों में बट जाता है। इसका मतलब हम पूरी फोर्स लेकर लड़ते

30:36

Speaker A

हैं और दुश्मन सिर्फ टुकड़ों में। और अगर हम अपनी बड़ी सेना से उनकी छोटी सेना पर अटैक कर सके तो वह बहुत बुरी हालत में आ जाएंगे। जहां हम जंग लड़ने वाले हैं वह जगह दिखनी नहीं चाहिए क्योंकि अगर दुश्मन

30:54

Speaker A

को पता चल गया तो वह हर जगह पर तैयारी करेगा और उसकी सेना अलग-अलग जगह बनती चली जाएगी। जिसका मतलब है हर पॉइंट पे हमें कम लोगों का सामना करना पड़ेगा। अगर दुश्मन अपना फ्रंट स्ट्रांग करेगा तो उसका बैक

31:12

Speaker A

वीक हो जाएगा। अगर बैक स्ट्रांग करेगा तो फ्रंट वीक हो जाएगा। अगर लेफ्ट स्ट्रांग करेगा तो राइट वीक हो जाएगा। अगर राइट स्ट्रांग करेगा तो लेफ्ट वीक हो जाएगा। अगर वह हर जगह रीइंफोर्समेंट भेजेगा तो वह हर जगह कमजोर बन जाएगा।

31:32

Speaker A

जब हमें हर जगह से अटैक होने का डर होता है तब हमारी सेना कम पड़ जाती है। लेकिन जब हम दुश्मनों को मजबूर करते हैं कि वह हर जगह से रेडी रहे तब हमारी सेना ज्यादा स्ट्रांग लगती है। अगर हमें पता हो कि जंग

31:49

Speaker A

कब और कहां होने वाली है तो हम दूर से भी अपनी सेना एक जगह इकट्ठी करके लड़ सकते हैं। लेकिन अगर ना टाइम पता हो ना जगह तो लेफ्ट साइड राइट को हेल्प नहीं कर पाएगी। राइट भी लेफ्ट को नहीं। फ्रंट वाले बैक को

32:06

Speaker A

नहीं, बैक वाले फ्रंट को नहीं। और अगर आर्मी के दूर के पार्ट्स 100 ली से ज्यादा दूर हो और जो पास है वह भी कई ली दूर हो तो और भी मुश्किल हो जाती है। मेरे हिसाब से यूएई की सेना नंबर में

32:23

Speaker A

हमसे ज्यादा है। लेकिन इससे उन्हें जीत का कोई फायदा नहीं मिलने वाला। मैं कहता हूं जीत हमारी हो सकती है। चाहे दुश्मन नंबर में ज्यादा हो हम उन्हें जंग लड़ने से रोक सकते हैं। ऐसी प्लानिंग करो कि उसके प्लांस और उसके

32:41

Speaker A

सक्सेस के चांस समझ में आ जाए। उसे उकसाओ और देखो वह कैसे रिएक्ट करता है। तब पता चलेगा वह कब एक्टिव होता है और कब नहीं। उसे मजबूर करो कि वह खुद को दिखाए ताकि उसकी कमजोरी ढूंढ सको। अपनी और दुश्मन की सेना का ध्यान से

33:01

Speaker A

कंपैरिजन करो ताकि तुम्हें समझ आए कि कहां ताकत ज्यादा है और कहां कम है। जब स्ट्रेटजी बनाओ तो उसका हाईएस्ट लेवल यह है कि उसे छुपा लो। अगर तुमने अपनी प्लानिंग छुपाई तो सबसे तेज स्पाई भी उसे समझ नहीं पाएगा। सबसे समझदार दिमाग भी

33:23

Speaker A

उसे तोड़ नहीं पाएगा। दुश्मन की अपनी टैक्टिक से ही उसके खिलाफ जीत कैसे हासिल की जाए। यह आम लोग समझ ही नहीं सकते। सब लोग देखते हैं कि मैं कैसे जीतता हूं। लेकिन कोई नहीं समझता कि जीत का

33:40

Speaker A

प्लान अंदर से कैसे बनता है। जो चाल तुम्हें एक बार जीत दिलाए उसी को बार-बार मत दोहराओ। हर सिचुएशन के हिसाब से अपनी स्ट्रेटजी बदलो। मिलिट्री प्लानिंग पानी जैसी होती है। पानी हमेशा ऊंची जगह से निकल के नीचे

33:57

Speaker A

की तरफ भागता है। जंग में भी वही रूल है। जो जगह स्ट्रांग हो उससे बच के रहो और जो वीक हो वहां अटैक करो। पानी जैसा फ्लो करता है वैसे ही उस जगह के ग्राउंड पर डिपेंड करता है। वैसे ही

34:13

Speaker A

सोल्जर भी जीत का तरीका दुश्मन के टाइप के हिसाब से निकालता है। जैसे पानी की शेप फिक्स नहीं होती वैसे ही जंग की कंडीशंस भी फिक्स नहीं होती। जो आदमी अपनी स्ट्रेटजी को दुश्मन के हिसाब से बदल लेता है और जीत जाता है

34:33

Speaker A

उसे आसमान से उतरा हुआ लीडर कहना चाहिए। पांच तत्वों में कभी कोई एक ज्यादा होता है, कभी कोई और। चार मौसम एक के बाद एक आते हैं। कभी दिन छोटे होते हैं, कभी लंबे और चांद भी कभी छोटा होता है, कभी

34:56

Speaker A

बड़ा। मनुवरिंग सुनजू ने कहा कि जंग में जनरल को अपने आदेश राजा से मिलते हैं। जब आर्मी इकट्ठी हो जाए और ताकत एक जगह आ जाए तो उस जनरल को सबको मिलाकर एक जैसा बनाना होता है। तभी कैंप लगता

35:16

Speaker A

है। उसके बाद आता है टैक्टिकल घूमना फिरना जो सबसे मुश्किल काम है। इसकी मुश्किल यह है कि गलत रास्ते को सही बनाना पड़ता है और नुकसान को फायदे में बदलना पड़ता है। जैसे कि लंबा और घूम के जाने वाला

35:34

Speaker A

रास्ता लेना। दुश्मन को रास्ता छोड़ने पर मजबूर करना और उसके बाद भी उससे बाद में निकल के पहले पहुंच जाना। यह दिखाता है कि तुम चालबाजी का आर्ट जानते हो। आर्मी के साथ चलना फायदा देता है। लेकिन एक बिना अनुशासित भीड़ के साथ चलना

35:58

Speaker A

बहुत खतरनाक होता है। अगर तुम फुल रेडी आर्मी को फायदा छीनने के लिए तेज भेजो तो लगता है तुम देर से पहुंचोगे और अगर एक छोटे ग्रुप को अलग भेजो तो उसका सामान छोड़ना पड़ेगा। अगर तुम अपने आदमियों को

36:18

Speaker A

बोलो कि अपने जैकेट्स बंद करो और बिना रुके दिन रात तेज मार्च करो। यूजुअल से डबल दूरी तय करो। सोली सिर्फ फायदा लेने के लिए। तो तुम्हारे तीनों डिवीजंस के लीडर दुश्मन के हाथ लग जाएंगे। स्ट्रांग आदमी आगे रहेंगे। थके

36:36

Speaker A

हुए पीछे रह जाएंगे। और इस तरीके से सिर्फ एक दवां हिस्सा ही डेस्टिनेशन तक पहुंच पाएगा। अगर तुम 50 ली मार्च करो दुश्मन को चकमा देने के लिए तो तुम्हारा फर्स्ट डिवीजन का लीडर मर जाएगा और सिर्फ आधी

36:53

Speaker A

सेना पहुंच पाएगी। अगर तुम तीसरी का मार्च करो तो तुम्हारी सेना का दो तिहाई हिस्सा पहुंच जाएगा। तो यह माना जाए कि आर्मी बिना अपने सामान के बर्बाद है। बिना खाने के बर्बाद है। बिना सप्लाई बेस के बर्बाद

37:12

Speaker A

है। हम किसी के साथ अलायंस तब तक नहीं कर सकते जब तक हमें अपने आसपास के लोगों के प्लांस का पता ना हो। हम आर्मी को तब तक ले जाने लायक नहीं है जब तक हमें एरिया का पूरा ज्ञान ना हो। उसके पहाड़, जंगल,

37:28

Speaker A

गड्ढे, खाइयां, दलदल सब कुछ। जब तक हम लोकल गाइड का यूज नहीं करते तब तक हम नेचर के फायदे का यूज नहीं कर सकते। जंग में दिखावा करो तभी कामयाबी मिलेगी। मूव तभी करो जब असली फायदा हो। अपनी सेना को एक जगह रखना या बांटना यह

37:50

Speaker A

डिसीजन सिचुएशन के हिसाब से लो। तुम्हारी स्पीड हवा जैसे हो और तुम्हारा फॉरेशन जंगल जैसे टाइट हो। जब लूट मार करो तो आग जैसे हो और जब रुक जाओ तो पहाड़ जैसे हिलना भी मत। तुम्हारी प्लानिंग अंधेरे और राज भरी

38:11

Speaker A

रात जैसे हो और जब तुम मूव करो तो बिजली की तरह गिरो। जब तुम किसी एरिया को लूट लो तो माल अपने लोगों में बांट दो और जब नया इलाका लो तो उसे छोटे हिस्सों में बांट दो ताकि

38:25

Speaker A

सोल्जर्स को फायदा हो। हर मूव से पहले अच्छी तरह सोचो समझो। वही जीतेगा जो चालबाजी से रास्ते बदलने का आर्ट सीख गया हो। यही है मैनरिंग का आर्ट। बुक ऑफ आर्मी मैनेजमेंट कहती है कि जंग के मैदान में बोला गया शब्द दूर तक नहीं

38:46

Speaker A

सुनाई देता। इसलिए गोंग और ढोल का यूज़ होता है और नॉर्मल चीजें अच्छी तरह दिखती नहीं। इसलिए झंडे और निशान यूज किए जाते हैं। गोंग, ढोल, झंडे और निशान इनका यूज़ होता है ताकि सेना के कान और आंख एक ही जगह

39:05

Speaker A

फोकस हो जाए। जब पूरी सेना एक जैसी बन जाए तब ना कोई बहादुर अकेला आगे बढ़ सकता है ना कोई डरपोक अकेला पीछे हट सकता है। यही है बड़े झुंड को संभालने का आर्ट। रात में लड़ाई हो तो सिग्नल, फायर्स

39:25

Speaker A

और ढोल का ज्यादा यूज़ करो और दिन में लड़ाई हो तो झंडे और निशान का। ताकि तुम्हारी सेना के कान और आंखों पर असर हो। पूरी सेना का जोश छीन सकते हो और एक कमांडर का दिमाग भी उसे छीन सकते

39:44

Speaker A

हो। सोल्जर का जोश सुबह सबसे ज्यादा होता है। दोपहर तक कम होने लगता है। शाम को उसका दिमाग सिर्फ कैंप वापस जाने पर लगा होता है। इसलिए स्मार्ट जनरल कभी उस सेना पर अटैक नहीं करता जब वह फुल जोश में हो। वह

40:02

Speaker A

तब अटैक करता है जब वह थक गई हो और वापस जाने के मूड में हो। यही है मूड समझने का आर्ट। खुद डिसिप्लिन और शांत रहो और वेट करो दुश्मन के बीच गड़बड़ और शोर मचने का। यही होता है अपना कंट्रोल बनाए रखने का

40:21

Speaker A

आर्ट। जब हम गोल के पास हो और दुश्मन दूर। जब हम आराम से हो और दुश्मन थक रहा हो। जब हम पेट भर के हो और दुश्मन भूखा यही है अपनी ताकत बचा के रखने का आर्ट। अगर दुश्मन के झंडे परफेक्ट ऑर्डर

40:37

Speaker A

में हो तो उसे बीच में मत रोको। अगर उसकी सेना शांत और कॉन्फिडेंट लाइन में खड़ी हो तो उस पर अटैक मत करो। यही है सिचुएशन समझने का आर्ट। जंग का सिंपल रूल है। कभी चढ़ाई करते वक्त दुश्मन के अगेंस्ट मत जाओ। और

40:56

Speaker A

जब वह नीचे उतर रहा हो तब सामना मत करो। अगर दुश्मन भागने का नाटक करे तो पीछे मत भागो। और अगर उसके सोल्जर्स का गुस्सा हाई हो तो उन पर अटैक मत करो। अगर दुश्मन कोई भेट दे तो उसे मत लो।

41:13

Speaker A

और जो सेना अपने घर वापस जा रही हो उसे मत छेड़ो। जब किसी सेना को घेरो तो एक रास्ता खुला छोड़ो। और जो दुश्मन आखिरी हद पर हो उस पर ज्यादा प्रेशर मत डालो। यही है जंग का असली

41:34

Speaker A

आर्ट। वेरिएशन इन टैक्टिक्स। सुनजू ने कहा जंग में जनरल को आदेश राजा से मिलते हैं। फिर वह अपनी सेना जमा करता है और ताकत एक जगह पर ले आता है। जब एरिया मुश्किल हो तो वहां कैंप मत लगाओ। जहां बड़े रास्ते मिलते हो वहां

41:55

Speaker A

अपने साथियों के साथ जुड़ जाओ। जो जगह अकेली और खतरनाक हो वहां रुकना मत। अगर चारों तरफ से घिरे हो तो चाल चलो। अगर हालत बिल्कुल खराब हो तो लड़ना पड़ेगा। कुछ रास्ते होते हैं जहां नहीं जाना चाहिए। कुछ सेनाएं होती हैं जिनसे

42:16

Speaker A

नहीं लड़ना चाहिए। कुछ शहर होते हैं जिन्हें घेरना नहीं चाहिए। कुछ जगह होती है जिन पर कभी लड़ाई ना करनी चाहिए। और कुछ राजा के आदेश होते हैं जो नहीं मानने चाहिए। जो जनरल टैक्टिक्स बदलने के फायदे को

42:33

Speaker A

अच्छे से समझता है, वही अपनी सेना को सही तरीके से चला सकता है। जो जनरल यह नहीं समझता चाहे उसे जमीन का पूरा ज्ञान हो, वह भी अपने नॉलेज का सही यूज़ नहीं कर पाएगा। जंग का स्टूडेंट अगर अपने प्लानिंग

42:50

Speaker A

को बदलने का आर्ट नहीं जानता, तो चाहे उसे पांच फायदे पता हो, वह अपने लोगों का बेस्ट यूज नहीं कर पाएगा। इसलिए समझदार लीडर की प्लानिंग में फायदे और नुकसान दोनों का ध्यान होता है। अगर हम अपने फायदे की उम्मीद को कंट्रोल में रखें

43:10

Speaker A

तो हम अपने असली प्लान का इंपॉर्टेंट पार्ट पूरा कर सकते हैं। और अगर मुश्किल वक्त में भी हम फायदा ढूंढने को रेडी हो तो हम अपनी बुरी हालत से निकल सकते हैं। दुश्मन के लीडर्स को नुकसान पहुंचाओ। उनके लिए दिक्कत खड़ी

43:28

Speaker A

करो। उन्हें हमेशा बिजी रखो। उनके सामने झूठे लालच रखो ताकि वह तुम्हारे दिखाए पॉइंट पर दौड़ जाए। जंग का आर्ट यह सिखाता है कि दुश्मन आएगा या नहीं। इस पर भरोसा मत करो। अपने रेडी होने पर भरोसा रखो। वो अटैक करे या

43:47

Speaker A

नहीं यह सोचना छोड़ो। तुम अपनी पोजीशन इतनी स्ट्रांग बनाओ कि वह अटैक कर भी ले तो कुछ ना बिगाड़े। पांच खतरनाक गलतियां होती हैं जो एक जनरल को बर्बाद कर सकती हैं। पहली बिना सोचे समझे हिम्मत दिखाना जो खत्म होने तक ले

44:06

Speaker A

जाता है। दूसरा डरपोक होना जिससे वह पकड़ा जाता है। तीसरा जल्दी गुस्सा होना जिससे कोई भी छोटी बात उससे उकसा देती है। चौथा अपनी इज्जत को लेकर ज्यादा नाजुक होना जिससे वह शर्म से टूट जाता है। पांचवा अपने आदमियों की ज्यादा चिंता करना

44:30

Speaker A

जिससे वह टेंशन और परेशानी में आ जाता है। यही पांच बुरी आदतें होती हैं जो एक जनरल को बर्बाद कर देती हैं और जंग को खराब कर देती हैं। जब सेना हार जाए और उसका लीडर मर जाए तो वजह इन्हीं पांच गलतियों में

44:49

Speaker A

मिलती है। इन सब पर अच्छी तरह सोचना चाहिए। द आर्मी ऑन द मार्च। सुनजू ने कहा अब बात करते हैं आर्मी के कैंप लगाने और दुश्मन के निशान पर ध्यान देने की। जब पहाड़ों से गुजरो तो जल्दी से पार करो

45:15

Speaker A

और घाटियों के पास रहो। कैंप ऊंची जगह पर लगाओ जहां धूप आए। लड़ने के लिए कभी ऊंचा चढ़ाई मत करो। इतनी बात पहाड़ों वाली जंग के लिए। जब नदी पार करो तो वहां से दूर चले जाओ। जब दुश्मन की

45:33

Speaker A

सेना नदी पार करते हुए आगे बढ़ रही हो तो बीच नदी में जाकर मत लड़ना। बेहतर होगा आधी सेना को पार करने दो। फिर अटैक करो। अगर तुम्हें लड़ाई की जल्दी हो तो उस नदी के पास जाकर दुश्मन से मत लड़ना जहां

45:51

Speaker A

से उसे पार करना हो। अपनी नाव दुश्मन से ऊपर वाले पानी में बांधो और धूप की तरफ फेस करो। कभी भी अपरिवर जाकर दुश्मन से मत भिड़ो। इतनी बात नदी वाली जंग के लिए जब दलदल जैसे नमकीन जमीन से गुजरो तो

46:12

Speaker A

सिर्फ इतना सोचो कि जल्दी से निकल जाओ रुकना नहीं। अगर उसी दलदल में लड़ाई हो जाए तो पानी और घास पास में हो और पीठ पेड़ के झुंड की तरफ हो। इतनी बात दलदल वाली जंग के लिए। सूखे और सीधी जमीन पर ऐसी जगह कैंप लगाओ

46:33

Speaker A

जहां आसानी से पहुंचा जा सके और तुम्हारे दाएं और पीछे थोड़ा ऊंचा हो ताकि खतरा सामने हो और सुरक्षा तुम्हारे पीछे। इतनी बात फ्लैट ग्राउंड वाली जंग के लिए। यह चार मिलिट्री ज्ञान के तरीके येलो एपरर ने यूज़ किए थे। जिससे उसने चार

46:55

Speaker A

अलग-अलग राज्यों को हरा दिया। हर सेना ऊंची जगह को लो ग्राउंड से ज्यादा पसंद करती है और धूप वाली जगह को अंधेरी जगह से ज्यादा। अगर तुम अपने लोगों का ध्यान रखो और कैंप हार्ड जमीन पर लगाओ तो आर्मी किसी

47:11

Speaker A

भी बीमारी से बचेगी और जीत तुम्हारे पास होगी। जब तुम किसी पहाड़ी या किनारे पर पहुंचो। तो धूप वाली साइड लो और स्लोप तुम्हारे दाएं पीछे हो। इससे तुम अपने सोल्जर्स का फायदा भी सोचोगे और जमीन का फायदा भी

47:30

Speaker A

उठाओगे। अगर ऊपर के एरिया में तेज बारिश के बाद नदी में पानी चढ़ गया हो और झाग आ रही हो तो रुक जाओ। पानी कम होने का वेट करो। ऐसी जगह जहां पहाड़ के नीचे से पानी बह रहा हो। गहरी खाइयां, बंद जगह,

47:48

Speaker A

झाड़ियों के जंगल, दलदल और छेद हो। उन जगहों को जल्दी छोड़ दो। उनके पास भी मत जाओ। जब हम उन जगहों से दूर रहे तो दुश्मन को वहां भेजने की कोशिश करें और जब हम उनके सामने हो तो उन जगहों को दुश्मन के

48:06

Speaker A

पीछे छोड़ दें। अगर तुम्हारे कैंप के आसपास पहाड़ी एरिया हो या पानी के तालाब हो जिनके आसपास घास हो या झाड़ी से भरे जंगल हो तो उन सब जगहों को अच्छी तरह चेक करो क्योंकि वहां छिपे हुए दुश्मन या जासूस मिल सकते

48:24

Speaker A

हैं। जब दुश्मन पास हो और चुप रहे इसका मतलब है वह अपनी जगह की नेचुरल सेफ्टी पर भरोसा कर रहा है। जब वह दूर रहे और हमें लड़ाई के लिए उकसाए। इसका मतलब है वह चाहता है कि हम

48:38

Speaker A

आगे बढ़े। अगर दुश्मन का कैंप आसान जगह पर हो तो समझ जाओ वह तुम्हें ट्रैप देना चाहता है। जंगल में अगर पेड़ों के बीच मूवमेंट दिखे तो समझ लो दुश्मन आगे बढ़ रहा है। घास में अगर छोटी-छोटी स्क्रीन दिखे तो

48:56

Speaker A

समझो वो तुम्हें शक में डालना चाहता है। अगर पक्षी अचानक उड़ जाए तो समझो छुपा हुआ दुश्मन वहां है। अगर जानवर डर के भाग जाए तो समझो अचानक अटैक होने वाला है। अगर धूल ऊपर की तरफ सीधी उठती हो तो समझो रथ आ रहे

49:16

Speaker A

हैं। अगर धूल नीची हो और छोटी जगह पर फैली हो तो समझो पैदल से नहा रही है। अगर धूल अलग-अलग डायरेक्शन में फैलती हो तो समझो लोग लकड़ी इकट्ठी करने गए हैं। अगर कुछ धूल इधर-उधर हिल रही हो तो इसका मतलब सेना

49:32

Speaker A

कैंप लगा रही है। जब दुश्मन मीठा बोले और तैयारी ज्यादा करे तो समझ लो वह आगे बढ़ने वाला है। जब दुश्मन जोर-जोर से बोले और ऐसे लगे जैसे अटैक करेगा तो समझ लो वह पीछे हटने वाला है। जब हल्की छोटी गाड़ियां सबसे पहले आकर

49:53

Speaker A

दोनों साइड पर खड़ी हो जाए तो इसका मतलब दुश्मन लड़ाई के लिए तैयार हो रहा है। अगर दुश्मन शांति की बात करें लेकिन बिना किसी पक्के वचन के तो समझ लो वह कुछ चाल चल रहा है। जब दुश्मन की सेना इधर-उधर भागे और

50:08

Speaker A

फिर लाइन में लग जाए तो समझ लो अब सबसे इंपॉर्टेंट वक्त आ गया है। जब कुछ लोग आगे बढ़े और कुछ पीछे हट जाए तो समझ लो वह तुम्हें फंसाने की चाल है। जब सोल्जर्स अपने भाले पर झुक के खड़े हो तो इसका मतलब

50:24

Speaker A

है वह भूख से कमजोर हो गए हैं। अगर पानी लेने वाले लोग खुद पहले पानी पीने लगे तो मतलब है पूरी सेना प्यासी है। अगर दुश्मन को फायदा दिख रहा हो और फिर भी वह उसे लेने की कोशिश ना करें तो समझ लो उसकी

50:39

Speaker A

सेना बिल्कुल थक चुकी है। अगर किसी जगह पर पंछी इकट्ठा हो गए तो समझ लो वहां कोई नहीं है। रात को अगर शोर हो तो मतलब है दुश्मन घबराया हुआ है। अगर दुश्मन के कैंप में हंगामा हो तो जनरल की

50:56

Speaker A

पावर कमजोर है। अगर झंडे बार-बार बदले जा रहे हो तो अंदर से बगावत हो रही है। अगर ऑफिसर्स गुस्से में हो तो सोल्जर्स थक चुके हैं। जब आर्मी अपने घोड़ों को अनाज खिला रही हो और अपने पशु काट के खा रही

51:12

Speaker A

हो। और लोग अपने कुकिंग पॉट भी आग पर नहीं लटका रहे हो। इसका मतलब है वह अपने टेंट में वापस नहीं जाएंगे। मतलब वह जान देकर भी लड़ने को तैयार हैं। अगर सोल्जर्स छोटी-छोटी ग्रुप में छुप छुप बात कर रहे

51:30

Speaker A

हो या धीरे आवाज में बातें कर रहे हो तो समझ लो अंदर से सब कुछ ठीक नहीं है। अगर बार-बार इनाम दिए जा रहे हो तो समझ लो दुश्मन के पास कुछ बचा नहीं है। अगर ज्यादा सजाएं दी जा रही हो तो मतलब है

51:46

Speaker A

वह बहुत बुरी हालत में है। पहले दिखावा करें और बाद में दुश्मन के नंबर देखकर डर जाएं तो समझ लो बिल्कुल बुद्धि का यूज़ नहीं होगा। अगर दुश्मन के लोग आकर अच्छी बातें करने लगे तो समझ लो वह शांति चाहता

52:01

Speaker A

है। अगर दुश्मन की सेना गुस्से में आकर सामने खड़ी हो जाए और ना लड़ाई करे ना चली जाए तो समझ लो हालत बहुत सेंसिटिव है। पूरी सावधानी चाहिए। अगर हमारी सेना दुश्मन के बराबर भी हो तो वह काफी है। बस

52:18

Speaker A

सीधा अटैक नहीं कर सकते। हमें अपनी पूरी ताकत इकट्ठी करनी चाहिए। दुश्मन पर नजर रखनी चाहिए और मदद मांगनी चाहिए। जो आदमी पहले से सोचता नहीं और दुश्मन को हल्के में ले लेता है, वह पक्का पकड़ा जाता है। अगर तुम सोल्जर्स को उस वक्त सजा दो

52:38

Speaker A

जब उनका तुमसे रिश्ता बना ही नहीं हो, तो वह तुम्हारी बात नहीं मानेंगे। और अगर वह बात नहीं मानेंगे तो वह किसी काम के नहीं। और अगर सोल्जर्स तुमसे जुड़ गए हो और उसके बाद भी सजा ना हो तो वह तब भी किसी काम के

52:54

Speaker A

नहीं। इसलिए पहले सोल्जर्स के साथ इंसानियत से पेश आओ। लेकिन उन्हें डिसिप्लिन में रखना जरूरी है। यही है जीत का पक्का रास्ता। अगर ट्रेनिंग के टाइम हर ऑर्डर फॉलो करवाया जाए तो आर्मी का डिसिप्लिन स्ट्रांग होता है। अगर नहीं तो डिसिप्लिन

53:12

Speaker A

खराब हो जाता है। अगर जनरल अपने लोगों पर भरोसा करें और साथ ही अपने आदेश भी जरूरी समझे तो दोनों का फायदा होता है। टरेन सुजू ने कहा जमीन के छह टाइप होते हैं। आसान रास्ते वाली जमीन, फंसने वाली

53:38

Speaker A

जमीन, रुकने वाली जमीन, पतली रास्ते, ऊंची पहाड़ी वाली जगह और दुश्मन से बहुत दूर वाली जगह। वह जमीन जहां दोनों साइड के लोग आसानी से जा सकके उसे कहते हैं आसान रास्ते वाली जमीन। ऐसे रास्ते पर अगर दुश्मन से पहले

53:56

Speaker A

पहुंच जाओ तो धूप वाली और ऊंची जगह लो और अपने सप्लाई लाइन को अच्छी तरह बचाओ। फिर तुम्हारा फाइट में फायदा होगा। वह जमीन जो छोड़ी जा सकती हो लेकिन वापस ले पाना मुश्किल हो उसे कहते हैं फंसने वाली जमीन।

54:15

Speaker A

ऐसी जगह से अगर दुश्मन तैयार ना हो तो तुम अचानक निकल के उसे हरा सकते हो। लेकिन अगर दुश्मन तैयार हो और तुम जीत नहीं पाए तो वापस जाना मुश्किल होगा और सब बर्बाद हो जाएगा। वो जगह जहां दोनों साइड को पहला

54:32

Speaker A

मूव करने से फायदा ना हो उसे कहते हैं रुकने वाली जमीन। ऐसे टाइम पर अगर दुश्मन कोई लालच दे तो भी वहां से हटेगा नहीं। बल्कि तुम ही पीछे हटो ताकि दुश्मन आगे आए। जब उसकी आधी सेना बाहर निकल आए तब

54:49

Speaker A

अटैक करो। पतले रास्ते हो तो अगर तुम पहले पहुंच जाओ तो उसे मजबूती से संभाल लो और दुश्मन का वेट करो। अगर दुश्मन पहले पहुंच गया हो और उसने पास को मजबूती से संभाल लिया हो तो उसके पीछे मत जाओ। सिर्फ तब

55:07

Speaker A

जाओ जब उसका डिफेंस कमजोर हो। ऊंची पहाड़ी वाली जगह पर अगर तुम पहले पहुंच जाओ तो धूप वाली साइड लो और वहीं रुककर दुश्मन का इंतजार करो। अगर दुश्मन पहले पहुंच गया हो तो उसके पीछे मत जाओ। वापस हटो और उससे वहां से निकलने की चाल

55:26

Speaker A

चलो। अगर तुम दुश्मन से बहुत दूर हो और दोनों सेना एक जैसी हो तो जंग करवाना मुश्किल होगा और लड़ाई तुम्हारे लिए नुकसान में जाएगी। यह छह तरीके हैं जमीन के जो समझना एक रिस्पांसिबल जनरल के लिए जरूरी है। एक

55:43

Speaker A

सेना छह तरीके से बर्बाद हो सकती है। यह नेचुरल रीजन से नहीं होता बल्कि जनरल की गलती से होता है। भाग जाना, आदेश ना मानना, गिर जाना, तबाही, बिखरा और टूटी हुई हार। अगर सब कुछ बराबर हो और एक छोटी सेना को

56:03

Speaker A

10 गुना बड़ी सेना के सामने भेज दिया जाए तो छोटी सेना भाग जाएगी। जब नॉर्मल सोल्जर्स ज्यादा स्ट्रांग हो और ऑफिसर्स कमजोर तो आदेश नहीं मानते। और जब ऑफिसर्स ज्यादा स्ट्रांग हो और सोल्जर्स कमजोर तो सब टूट जाता है। जब बड़े ऑफिसर्स गुस्से में आकर

56:23

Speaker A

दुश्मन से अपनी मर्जी से लड़ लें और चीफ को पता भी ना हो लड़ाई करनी चाहिए या नहीं तो पूरी सेना तबाह हो जाती है। जब जनरल कमजोर हो उसके पास पावर ना हो। उसके ऑर्डर्स साफ ना हो। किसी को क्या

56:39

Speaker A

काम है वह फिक्स ना हो और सेना रैंडम लाइन में खड़ी हो तो पूरा सिस्टम बिगड़ जाता है। जब जनरल दुश्मन की ताकत का अंदाजा नहीं लगा पाता और कमजोर सेना को बड़ी सेना से टकरा देता है या वीक लोगों को स्ट्रांग

56:56

Speaker A

दुश्मन के सामने भेज देता है और फ्रंट में बेस्ट सोल्जर्स नहीं रखता तो पूरी सेना टूट जाती है। यह छह तरीके हैं अपनी हार को भुलाने के। एक अच्छे जनरल को इन सब बातों का ध्यान रखना चाहिए। जमीन का नेचर सोल्जर का बेस्ट दोस्त होता

57:15

Speaker A

है। लेकिन दुश्मन को समझना, जीत को कंट्रोल करना और मुश्किल खतरा और डिस्टेंस का अंदाजा लगाना यही एक ग्रेट जनरल की असली पहचान है। जो इन बातों को जानता है और जंग में उनका यूज करता है, वह जीत जाता है। जो ना

57:34

Speaker A

जानता है, ना फॉलो करता है, वह पक्का हारता है। अगर लड़ाई से जीत पक्की है तो लड़ना ही पड़ेगा। चाहे राजा मना करे और अगर लड़ाई से जीत नहीं मिलने वाली तो मत लड़ना। चाहे राजा बोले भी। जो जनरल बिना

57:52

Speaker A

नाम के लालच के आगे बढ़ता है। बिना बदनामी के डर के पीछे हटता है। जिसका सिर्फ एक मकसद है। अपने देश की रक्षा करना और राजा की सेवा करना। वही देश का असली रतन होता है। अपने सोल्जर्स को अपने बच्चे समझो तो

58:10

Speaker A

वह तुम्हारे साथ गहरी घाटियों तक चले जाएंगे। उन्हें अपने प्यारे बेटे समझो तो वह तुम्हारे साथ जान देने को भी खड़े रहेंगे। लेकिन अगर तुम सिर्फ नरम हो पर तुम्हारी बात का असर नहीं है। दिल के अच्छे हो पर

58:26

Speaker A

ऑर्डर फॉलो नहीं करवा पाते और अगर तुम गड़बड़ को कंट्रोल नहीं कर सकते तो तुम्हारे सोल्जर्स बिगड़े हुए बच्चों जैसे हो जाएंगे। किसी काम के नहीं रहेंगे। अगर हमें पता हो कि हमारी सेना अटैक के लायक है, लेकिन हमें यह ना पता हो कि

58:43

Speaker A

दुश्मन अटैक के लायक है या नहीं, तो हम सिर्फ आधी जीत की तरफ बढ़े हैं। अगर हमें पता हो कि दुश्मन पर अटैक हो सकता है लेकिन हमारी सेना रेडी नहीं है तो भी हम सिर्फ आधी जीत तक ही पहुंचे

58:59

Speaker A

हैं। अगर हमें पता हो कि दुश्मन कमजोर है और अपनी सेना भी रेडी है। लेकिन जमीन ऐसी है जहां लड़ाई पॉसिबल ही नहीं तो भी हम सिर्फ आधी जीत तक ही पहुंचे हैं। इसलिए एक अनुभव वाला सोल्जर जब एक

59:16

Speaker A

बार निकल पड़ता है तो कभी कंफ्यूज नहीं होता। जब वह कैंप छोड़ता है तो कभी उलझन में नहीं पड़ता। इसलिए कहा गया है अगर तुम दुश्मन को जानते हो और खुद को भी तो जीत तुम्हारी पक्की है। अगर तुम आसमान और जमीन

59:33

Speaker A

दोनों को समझ जाओ तो तुम्हारी जीत पूरी हो जाएगी। द नाइन सिचुएशंस सुजू ने कहा जंग के आर्ट में नौ तरह की जमीन होती है। बिखरी हुई जमीन आसान जमीन जिस पे झगड़ा हो खुली जमीन जहां से कई रास्ते मिलते हो। सीरियस जमीन, मुश्किल

60:00

Speaker A

जमीन जहां चारों तरफ से घेरा हो और नौवा जहां बस लड़ के ही बचा जा सकता हो। जब एक लीडर अपने ही एरिया में लड़ता है, वह होती है बिखरी हुई जमीन। जब वह दुश्मन के एरिया में घुस जाता है, लेकिन

60:18

Speaker A

ज्यादा दूर नहीं गया होता, तो वह होती है आसान जमीन। वह जमीन जिसका दोनों तरफ के लिए फायदा हो उसे कहते हैं झगड़ा वाली जमीन। वह जमीन जहां दोनों साइड आराम से चल सकती हैं। उसे कहते हैं खुली

60:33

Speaker A

जमीन। वह जगह जहां से तीन राज्यों को कंट्रोल किया जा सकता है। जहां पहले पहुंचने वाला आधा राज्य जीत जाए उसे कहते हैं रास्ते मिलने वाली जमीन। जब आर्मी दुश्मन के मेन एरिया में घुस जाए और पीछे कई मजबूत शहर छोड़ आए तो वह होती

60:53

Speaker A

है सीरियस जमीन। पहाड़ों के जंगल खुरदुरे चढ़ाई वाले रास्ते, दलदल जहां चलना मुश्किल हो वह होती है मुश्किल जमीन। वो जमीन जहां सिर्फ एक पतली घाटी से पहुंचा जा सके और वापस जाने का रास्ता टेढ़ामेढ़ा हो। जहां थोड़ा

61:13

Speaker A

सा दुश्मन भी हमारी बड़ी सेना को हरा सके उसे कहते हैं चारों तरफ से घिरी जमीन। जहां सिर्फ लड़के ही बचा जा सकता हो बिना रुके उसे कहते हैं मौत वाली जमीन। बिखरी हुई जमीन पर लड़ाई मत करो।

61:32

Speaker A

आसान जमीन पर रुकना मत और झगड़ा वाली जमीन पर अटैक मत करो। खुली जमीन पर दुश्मन का रास्ता मत रोको। जहां कई रास्ते मिलते हो वहां अपने अलायस के साथ जुड़ो। सीरियस जमीन पर लूट इकट्ठी करो। मुश्किल जमीन पर मार्श करते रहो। रुकना

61:51

Speaker A

मत। घिरी हुई जमीन पर चाल चलो और मौत वाली जमीन पर सीधा लड़ लो। पुराने समय के जो एक्सपर्ट लीडर्स थे, वह जानते थे कैसे दुश्मन के फ्रंट और बैक को अलग करना है। कैसे उनकी बड़ी और छोटी सेना

62:07

Speaker A

को अलग रखना है। कैसे अच्छी सेना को बेकार वाली सेना से मिलने नहीं देना है। और कैसे ऑफिसर्स को उनके लोगों तक पहुंचने से रोकना है। जब दुश्मन की सेना बिखरी होती थी तो वह उन्हें इकट्ठा नहीं होने देते थे और जब

62:24

Speaker A

वह इकट्ठी होती थी तब भी उनका सिस्टम बिगाड़े रखती थी। जब फायदा होता था तब वह आगे बढ़ते थे और जब नहीं होता था तब रुक जाते थे। अगर कोई पूछे कि जब दुश्मन की बड़ी और तैयार से नाटक के लिए मार्च कर रही हो तो क्या

62:41

Speaker A

करें? तो मैं बोलूंगा उस चीज को पकड़ लो जो दुश्मन के लिए सबसे ज्यादा कीमती हो। फिर वह तुम्हारी बात मानेगा। स्पीड ही जंग की जान है। जब दुश्मन तैयार ना हो तब मूव करो। ऐसे रास्ते लो जो वह एक्सपेक्ट ना करें और उन

62:59

Speaker A

जगहों पर अटैक करो जहां कोई गार्ड ना हो। जब तुम किसी देश में अंदर तक घुस जाते हो तो तुम्हारी सेना और ज्यादा एकजुट हो जाती है और ऐसे में दुश्मन तुमसे जीत नहीं सकता। जो जमीन उपजाऊ हो वहां से खाना लो ताकि

63:17

Speaker A

अपनी सेना को सप्लाई मिलती रहे। अपने लोगों की हालत को ध्यान से देखो। उन पर ज्यादा बोझ मत डालो। अपनी एनर्जी एक जगह रखो। अपनी ताकत बचा के रखो। सेना को हमेशा मूव में रखो और ऐसे प्ल्स बनाओ जो कोई समझ ना पाए। अपने सोल्जर्स को

63:36

Speaker A

ऐसी जगह ले जाओ जहां से भागना पॉसिबल ही ना हो। फिर वह भागने के बजाय लड़ने और मरने को तैयार हो जाएंगे। जब उन्हें लगता है कि उनके पास सिर्फ लड़ने का ऑप्शन है तो वह कुछ भी कर सकते हैं। ऑफिसर और

63:51

Speaker A

सोल्जर दोनों अपनी पूरी ताकत लगा देते हैं। जब सोल्जर्स एकदम डेस्पिरेट सिचुएशन में होते हैं तो उनका डर चला जाता है। जब छुपने की जगह नहीं होती तो वह जमीन पकड़ के खड़े रहते हैं। अगर वह दुश्मन के एरिया

64:07

Speaker A

में होते हैं तो और ज्यादा जिद्दी हो जाते हैं। जब कुछ और रास्ता नहीं होता तो वह दिल से लड़ते हैं। ऐसे में सोल्जर्स को लाइन में लगने का भी वेट नहीं होता। वह हमेशा रेडी रहते हैं। उन्हें बोलने की जरूरत नहीं पड़ती। वह खुद

64:24

Speaker A

ही काम करते हैं। बिना रोक-टोक के भी वह वफादार रहते हैं और बिना आर्डर दिए भी उन पर भरोसा किया जा सकता है। भविष्यवाणी और अंधविश्वास से रोको। जब तक मौत सामने ना आए तब तक किसी और चीज का

64:39

Speaker A

डर नहीं होना चाहिए। अगर हमारे सोल्जर्स पैसों के पीछे नहीं भागते, इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें दौलत पसंद नहीं। अगर उन्हें ज्यादा लंबी जिंदगी चाहिए नहीं होती, इसका मतलब यह नहीं कि वह जीना नहीं चाहते। जब उन्हें लड़ाई के लिए भेजा जाता

64:58

Speaker A

है तो शायद वह रो लें। कुछ बैठ के अपने कपड़ों तक को भे लें। कुछ लेटे आंसू बहाते हैं। लेकिन जब उन्हें कॉर्नर में कर दिया जाता है तो वह चू या कुई के जैसे हिम्मत दिखाते हैं। एक एक्सपर्ट टेक्टिशियन को सुई जैन

65:19

Speaker A

सांप जैसे समझो। यह सांप चेंग पहाड़ियों में मिलता है। उसके सिर पर वार करो तो पूंछ से अटैक करेगा। पूंछ पर वार करो तो सिर से अटैक करेगा। बीच पर मारो तो दोनों से अटैक करेगा। अगर पूछा जाए कि क्या सेना को सुई जैन की

65:36

Speaker A

तरह बनाया जा सकता है? तो जवाब है हां। जैसे वह और विए के लोग दुश्मन हैं। लेकिन अगर एक ही बोट में नदी पार कर रहे हो और तूफान आ जाए तो दोनों एक दूसरे की मदद करते हैं। जैसे बाया हाथ दाएं हाथ की मदद

65:52

Speaker A

करता है। इसलिए सिर्फ घोड़ों को बांध देना या रथ के पहहिए जमीन में गाड़ देना काफी नहीं है। सेना को संभालने का तरीका यह है कि सबके लिए एक जैसा हिम्मत का स्टैंडर्ड फिक्स करो जिसे सबको पूरा करना ही

66:09

Speaker A

होगा। स्ट्रांग और वीक दोनों का बेस्ट यूज़ कैसे हो? इसका जवाब जमीन का सही यूज़ करने में छुपा होता है। एक एक्सपर्ट जनरल अपनी सेना को ऐसे ले जाता है जैसे एक आदमी को हाथ पकड़ के ले जाए। चाहे उसकी मर्जी

66:24

Speaker A

हो या ना हो। जनरल को शांत रहना चाहिए ताकि राज छुपा सके। उसका इंसाफ सही होना चाहिए ताकि आर्डर बना रहे। उसे अपने ऑफिसर्स और सोल्जर्स को गलत खबरों और झूठी चीजों से कंफ्यूज रखना आना चाहिए ताकि वह कुछ समझ ही ना

66:45

Speaker A

पाए। जब जनरल अपनी प्लानिंग बदलता रहता है और रास्ता घूम के चुनता है तो दुश्मन समझ नहीं पाता कि वह क्या करने वाला है। जब सबसे इंपॉर्टेंट वक्त आता है तो लीडर ऐसे काम करता है जैसे किसी ऊंची जगह चढ़

67:02

Speaker A

के सीढ़ी गिरा दे। अपने सोल्जर्स को दुश्मन के एरिया में ले जाता है। फिर उन्हें दिखाता है असली प्लान। वह अपने नाव जला देता है। बर्तन तोड़ देता है। जैसे एक गड़िया भेड़ को इधर-उधर ले जाता है, वैसे ही वह अपनी सेना को ले जाता

67:19

Speaker A

है। किसी को नहीं पता वह कहां जा रहा है। अपनी पूरी सेना को इकट्ठा करके उसे खतरे में डालना यह जनरल का काम है। जमीन के नौ टाइप कब अटैक करना है, कब डिफेंस लेना है और इंसान की फितरत इन सब

67:37

Speaker A

चीजों का ज्ञान जरूरी है। जब दुश्मन के एरिया में घुसो तो अंदर तक जाने से सेना एकजुट होती है। थोड़ा सा ही अंदर जाने से लोग बिखरते हैं। जब अपना एरिया छोड़कर पड़ोस के एरिया में घुसते हो तो वह होती है नाजुक जमीन।

67:54

Speaker A

और जब चारों तरफ से रास्ते हो तो वह होती है रास्ता मिलने वाली जमीन। जब तुम एक देश में अंदर तक घुस जाते हो तो वह गंभीर जमीन होती है और जब थोड़े ही घुसते हो तो वह आसान जमीन होती है। जब

68:11

Speaker A

पीछे दुश्मन के फोर्ट्स हो और सामने पतले रास्ते तो वह घेरी हुई जमीन होती है और जब छुपने की कोई जगह ना हो तो वह मजबूरी वाली जमीन होती है। बिखरी जमीन पर अपनी सेना को एक लक्ष्य दो। आसान जमीन पर अपनी सेना के

68:28

Speaker A

सब हिस्से को जोड़ के रखो। झगड़े वाली जमीन पर अपनी पिछली सेना को आगे बढ़ाओ। खुली जमीन पर अपना डिफेंस ध्यान से देखो। रास्ते मिलने वाली जमीन पर अपने साथियों के साथ मिलकर चलो। गंभीर जमीन पर सप्लाई का स्ट्रीम

68:47

Speaker A

चालू रखो। मुश्किल जमीन पर बिना रुके आगे बढ़ते रहो। घिरी जमीन पर भागने के रास्ते बंद कर दो। मजबूरी वाले जमीन पर अपनी सेना को बता दो कि बचने का कोई चांस नहीं। जब सोल्जर्स घेरे होते हैं तब वह डर

69:05

Speaker A

भूल जाते हैं। जब कोई रास्ता नहीं होता तब वह मजबूती से खड़े रहते हैं। जब हेल्प नहीं मिलती तब वह जान लगा के लड़ते हैं। अपने आसपास के राजाओं से अलायंस तब तक मत करो जब तक उनके प्लांस का पता ना हो। सेना

69:21

Speaker A

को तब तक मार्च पर मत भेजो जब तक जमीन का पूरा ज्ञान ना हो। पहाड़, जंगल, खड्डे, दलदल सब समझना जरूरी है। लोकल गाइड का यूज करो। अगर इन चार पांच बेसिक रूल्स का ज्ञान नहीं है तो राजा जंग के लायक नहीं

69:38

Speaker A

है। जब एक जंग का राजा किसी पावरफुल स्टेट पर अटैक करता है तो उसका काम होता है कि दुश्मन की सेना इकट्ठा ना हो पाए। वह दुश्मन को डरा देता है और उनके अलायंस उसके खिलाफ नहीं आते। इसलिए वह सबसे अलायंस बनाने की कोशिश नहीं

69:57

Speaker A

करता और ना ही दूसरे स्टेट्स को स्ट्रांग होने देता है। वह अपना सीक्रेट प्लान क्वाइटली पूरा करता है और दुश्मन को डरा के रखता है। ऐसे ही वह उनके शहर ले लेता है। उनका राज तोड़ देता है। इनाम बिना किसी रूल के दो और आर्डर

70:15

Speaker A

बिना पहले से प्लान किए जारी करो। तब तुम पूरी सेना को वैसे चला सकते हो जैसे एक आदमी से बात कर रहे हो। सोल्जर्स को सीधा काम दिखाओ। प्लान मत बताओ। जब हालत अच्छे हो तो वह दिखाओ। जब

70:30

Speaker A

हालत खराब हो तो कुछ मत बोलो। अपनी सेना को खतरे में डालो। तभी वह बचेगी। उसे मजबूरी में डालो। तभी वह जीत के बाहर निकलेगी। जब सेना मुसीबत में होती है तभी वह जीत के लिए सबसे तेज वार करती है। जंग में जीत तब

70:50

Speaker A

मिलती है जब तुम दुश्मन के प्लान के हिसाब से चल पाओ। अगर तुम बार-बार दुश्मन के साइड में चिपके रहो तो आखिर तुम उनका कमांडर भी मार दोगे। इसको कहते हैं सिर्फ चाल से काम निकालना। जब तुम कमांड लो उसी दिन बॉर्डर

71:08

Speaker A

के रास्ते बंद कर दो। गवर्नमेंट के पेपर्स तोड़ दो और किसी को भी अंदर बाहर जाने मत दो। काउंसिल की मीटिंग में सख्त बनो ताकि पूरी हालत तुम्हारे कंट्रोल में रहे। अगर दुश्मन एक रास्ता खुला छोड़ता है तो तुरंत

71:24

Speaker A

उसमें घुस जाओ। जो चीज दुश्मन के लिए सबसे ज्यादा कीमती हो उसे पहले पकड़ो और ऐसे प्लान करो कि वह उस जगह लेट पहुंच सके। पहले एक शर्मीली लड़की जैसे बनो जब तक दुश्मन अपना रास्ता ना खोल दे। फिर एकदम

71:41

Speaker A

से तेज खरगोश जैसे दौड़ो और तब तक दुश्मन कुछ कर भी नहीं पाएगा। द अटैक बाय फायर। सुनजू ने कहा आग से अटैक करने के पांच तरीके होते हैं। दुश्मन के कैंप में सोल्जर्स को जलाओ। उनका सामान जलाओ। उनके

72:08

Speaker A

बैगेज ट्रेन को जलाओ। उनके हथियार और गोदाम जलाओ। और पांचवा उनके बीच गिरती हुई आग फेंको। आग से अटैक करने के लिए सामान तैयार होने चाहिए। आग लगाने का सामान हमेशा रेडी रखना चाहिए। आग से अटैक करने का एक सही टाइम होता है और कुछ खास दिन

72:30

Speaker A

होते हैं जब आग लगाई जा सकती है। सही समय होता है जब मौसम बिल्कुल सूखा हो और खास दिन होते हैं जब चांद, सीव, वॉल, विंग या क्रॉस बार के स्टार ग्रुप में हो। क्योंकि इन दिनों हवा तेज चलती

72:47

Speaker A

है। आग से अटैक करते वक्त पांच चीजें हो सकती हैं जिनके लिए तैयार रहना चाहिए। पहला जब दुश्मन के कैंप के अंदर आग लग जाए तो तुरंत बाहर से अटैक करो। दूसरा अगर आग लगती है लेकिन दुश्मन शांत है तो रुक जाओ। अटैक मत करो।

73:08

Speaker A

तीसरा जब आग अपने पीक पर पहुंच जाए तब अटैक करो अगर पॉसिबल हो। अगर नहीं हो सकता तो वहीं रुक जाओ। चौथा अगर बाहर से आग लगा के अटैक करना हो तो अंदर आग लगने का वेट मत करो। सही समय पर अटैक कर दो। और पांचवा

73:26

Speaker A

जब आग लगाओ तो हवा की साइड में रहो। हवा के उल्टे साइड से कभी अटैक मत करो। दिन में चलने वाली हवा लंबी चलती है लेकिन रात की हवा जल्दी रुक जाती है। हर सेना को इन पांच फायर वाले रूल्स

73:45

Speaker A

पता होने चाहिए। स्टार्स का हिसाब पता होना चाहिए और सही दिन के लिए नजर रखनी चाहिए। जो लोग आग का यूज अटैक में समझदारी से करते हैं, वह इंटेलिजेंट होते हैं। जो पानी का यूज करते हैं, उन्हें ज्यादा ताकत

74:00

Speaker A

मिलती है। पानी से दुश्मन को रोका जा सकता है, लेकिन उसका सब कुछ छीन नहीं सकते। जो बिना डेरिंग के जंग जीतने की सोचता है, उसका टाइम वेस्ट होता है और कुछ होता नहीं। इसलिए कहा गया है कि समझदार राजा पहले से

74:20

Speaker A

प्लानिंग करता है। अच्छा जनरल अपने रिसोर्सेज का ध्यान रखता है। मूव तभी करो जब तुम्हें कोई फायदा दिखे। सेना का यूज़ तभी करो जब कुछ मिलने वाला हो। लड़ाई तभी करो जब सिचुएशन बहुत टाइट हो। राजा सिर्फ गुस्से में आकर सेना को

74:39

Speaker A

भेजना नहीं चाहिए। जनरल सिर्फ अपने ईगो के चक्कर में लड़ाई नहीं करनी चाहिए। अगर तुम्हारे लिए फायदा हो तो आगे बढ़ो। अगर नहीं तो वहीं रुक जाओ। गुस्सा कभी खुशी में बदल जाता है। परेशानी के बाद सुकून आ जाता है।

74:59

Speaker A

लेकिन एक बार जो राज्य बर्बाद हो गया वह वापस नहीं आता और जो मर गया उसे जिंदा नहीं किया जा सकता। इसीलिए समझदार राजा हमेशा सतर्क रहता है और अच्छा जनरल हमेशा संभाल के चलता है। इसी तरीके से देश में शांति बनी रहती है

75:18

Speaker A

और सेना सुरक्षित रहती है। द यूज़ ऑफ स्पाइस। सुंजू ने कहा जब हम 1 लाख सोल्जर्स की सेना तैयार करते हैं और उसे दूर भेजते हैं तो लोगों पर भारी बोझ पड़ता है और देश के रिसोर्सेज खत्म होते हैं। हर दिन का खर्चा

75:44

Speaker A

हजार चांदी के सिक्के तक पहुंचता है। घर और बाहर दोनों जगह हलचल मचती है। लोग रास्तों पर थक के गिर जाते हैं। लगभग 7 लाख परिवारों का काम रुक जाता है। दुश्मन की सेना सालों तक एक दूसरे के सामने खड़ी

76:01

Speaker A

रहती है। लेकिन जीत सिर्फ एक दिन में डिसाइड होती है। ऐसे में अगर हम सिर्फ इसलिए दुश्मन की हालत नहीं जानते क्योंकि हम 100 चांदी के सिक्के खर्च करने से कतराते हैं तो यह सबसे बड़ी निर्दयीता है। ऐसा करने वाला ना तो लोगों का लीडर है ना

76:21

Speaker A

राजा का सहारा और ना जीत का मास्टर। जो समझदार राजा और अच्छे जनरल को जीत दिलाता है वह होता है पहले से सब कुछ जान लेना। यह नॉलेज ना तो भूतों से मिलती है ना ही अनुभव से ना ही किसी हिसाब किताब

76:37

Speaker A

से। दुश्मन की हालत का सच सिर्फ दूसरे लोगों से पता लगाया जा सकता है। इसलिए स्पाइस यानी जासूसों का यूज़ होता है। और स्पाइस के पांच टाइप होते हैं। लोकल स्पाइस, इनवर्ड स्पाइस। कन्वर्टेड स्पाइस, डूड और सर्वाइविंग स्पाइस। जब यह पांच तरह के जासूस एक साथ

77:03

Speaker A

काम करते हैं तो कोई भी हमारे सीक्रेट सिस्टम को नहीं समझ सकता। इसे कहते हैं डिवाइन मैनपुलेशन ऑफ थ्रेड्स। यह राजा की सबसे बड़ी पावर होती है। लोकल स्पाइस वह होते हैं जो किसी जगह के लोकल लोग होते

77:18

Speaker A

हैं। इनवर्ड स्पाइस वह होते हैं जो दुश्मन के अफसर होते हैं। कन्वर्टेड स्पाइस वो होते हैं जो दुश्मन के स्पाइस को पकड़ के अपना बना लिया जाता है। डूम्ड स्पाइस वो होते हैं जिनके जरिए हम कुछ बातें जानबूझकर दिखाते हैं ताकि वह दुश्मन तक

77:37

Speaker A

झूठ पहुंचाए। सर्वाइविंग स्पाइस वह होते हैं जो दुश्मन के कैंप से जिंदा वापस आकर खबर लाते हैं। इसीलिए पूरी सेना में सबसे गहरा रिश्ता स्पाइस के साथ होना चाहिए। उन्हें सबसे ज्यादा इनाम मिलना चाहिए और किसी और काम

77:55

Speaker A

में इतना सीक्रेट नहीं रखा जाता जितना यहां। स्पाइस का यूज़ बिना शार्प दिमाग के सही नहीं होता। उनका सही मैनेजमेंट बिना दया और ईमानदारी के नहीं हो सकता। जब तक तुम्हारे पास छुपी सोच और समझने की कला नहीं है तब तक उनकी

78:15

Speaker A

रिपोर्ट का सच समझना मुश्किल है। बहुत ही सटल बनो। और स्पाइस का यूज़ हर तरह के काम के लिए करो। अगर स्पाई किसी सीक्रेट खबर को गलत वक्त पर किसी को बता दे तो उस स्पाई के साथ उस आदमी को भी मार देना

78:32

Speaker A

चाहिए। चाहे गोल हो एक सेना को तोड़ना, एक शहर पर कब्जा करना या किसी व्यक्ति को मारना। सबसे पहले हमें उसके आसपास के लोगों के नाम पता करने चाहिए। जैसे गार्ड, मददगार, गेट पर खड़े लोग, हमारे स्पाइस को यह काम

78:51

Speaker A

दिया जाता है। जो दुश्मन के स्पाइस हमें देखने आए हैं, उन्हें ढूंढ के रिश्वत देकर अपनी तरफ मिलाओ और उन्हें आराम दो। तभी वह कन्वर्टेड स्पाइस बन जाते हैं। कन्व्टेड स्पाइस से ही हमें लोकल और इनवर्ड स्पाइस मिलते हैं। उसके ही इनफो से हम डूम्ड

79:12

Speaker A

स्पाइस के जरिए झूठी खबरें दुश्मन को भेजते हैं। और उसी की वजह से सर्वाइविंग स्पाई को सही वक्त पर काम में लाया जा सकता है। स्पाइन के पांचों टाइप का ऐ दुश्मन की नॉलेज। और यह नॉलेज सबसे पहले कन्वर्टेड

79:30

Speaker A

स्पाई से मिलती है। इसलिए कन्वर्टेड स्पाई को सबसे अच्छे तरीके से ट्रीट करना चाहिए। पुराने जमाने में यन डायनेस्टी का राइज हुआ क्योंकि हची ने हसिया के अंदर काम किया था। वैसे ही चोऊ डायनेस्टी का राइज हुआ क्योंकि लुया ने यन में काम किया

79:49

Speaker A

था। इसीलिए सिर्फ समझदार राजा और चालाक जनरल ही आर्मी के सबसे इंटेलिजेंट लोगों का यूज स्पाइन के लिए करते हैं और इसी से बड़े रिजल्ट्स मिलते हैं। स्पाइस जंग का सबसे इंपॉर्टेंट हिस्सा है क्योंकि पूरा आर्मी का चलना

80:07

Speaker A

उन्हीं पर डिपेंड करता है। यह किताब बस इतना ही थी। आज के लिए बस इतना ही। हम फिर मिलेंगे आपसे एक नए एपिसोड में एक नए टॉपिक के साथ। मेरा नाम है रोहित और आप सुन रहे थे सिलेबस वि रोहित। धन्यवाद।

80:51

Speaker A

ओम

Topics: सुनजू वछी आर्ट ऑफ वॉर युद्ध रणनीति मिलिट्री ट्रेनिंग राजा होलू मोरल लॉ धोखे की रणनीति लंबी लड़ाई के नुकसान जनरल की भूमिका युद्ध योजना

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