**Story of India's First Billionaire ! | Full Biopic — Transcript & Summary | SozAI**
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धीरूभाई अंबानी की कहानी, जिन्होंने Reliance को भारत का पहला बिलियनेयर बनाया, संघर्ष, राजनीति और बिजनेस की जंग में।

## Key Takeaways

- धीरूभाई अंबानी ने सेल्फ मेड बिजनेसमैन के रूप में भारतीय उद्योग जगत में क्रांति लाई।
- राजनीतिक और मीडिया दबावों के बावजूद धीरूभाई ने अपने बिजनेस को सफल बनाया।
- कंपनी के विस्तार और सफलता में परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
- धीरूभाई की रणनीतियाँ और नेतृत्व ने Reliance को भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनाया।
- व्यक्तिगत स्वास्थ्य के बावजूद उन्होंने कंपनी और अपने सपनों को प्राथमिकता दी।

## What the video covers

- 1980 के दशक में Reliance एक बड़ी कंपनी से सिस्टम के लिए खतरा बन गई थी।
- धीरूभाई अंबानी और पुरानी इंडस्ट्रीयल फैमिली जैसे नुसलीवाडिया के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा हुई।
- धीरूभाई ने पॉलिटिकल और बिजनेस गेम दोनों खेलकर कंपनी को बचाया।
- मीडिया और राजनीतिक दबावों के बावजूद Reliance ने अपनी स्थिति मजबूत रखी।
- रामनाथ गोयनका और इंडियन एक्सप्रेस के साथ मीडिया वॉर शुरू हुआ।
- धीरूभाई की हेल्थ पर इस संघर्ष का गहरा असर पड़ा, उन्हें स्ट्रोक हुआ।
- नेक्स्ट जनरेशन ने कंपनी के संचालन और मार्केटिंग को संभाला।
- धीरूभाई ने एक सिस्टम बनाया जो Reliance को भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनाने में मददगार था।
- उनकी जिंदगी में संघर्ष, परिवार, और बिजनेस के बीच संतुलन की कहानी है।
- 6 जुलाई 2002 को धीरूभाई अंबानी का निधन हुआ, लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित है।

## Chapters

1. 00:00 Reliance का उदय और शुरुआती संघर्ष
2. 01:49 धीरूभाई और नुसलीवाडिया की टक्कर
3. 03:00 पॉलिटिकल गेम और बैंकिंग रणनीति
4. 04:33 सरकार का दबाव और टैक्स विवाद
5. 05:59 मीडिया वॉर और रामनाथ गोयनका का संघर्ष
6. 09:20 शांति प्रस्ताव और फिर से शुरू हुई जंग
7. 11:59 व्यक्तिगत खतरे और हत्या की साजिश
8. 16:48 धीरूभाई की सेहत और नेक्स्ट जनरेशन का उदय
9. 22:00 धीरूभाई की विरासत और अंतिम दिन

Answers

## Questions about this video

धीरूभाई अंबानी ने Reliance को कैसे सफल बनाया?

धीरूभाई ने पॉलिटिकल और बिजनेस रणनीतियों का उपयोग कर, कठिन परिस्थितियों में भी कंपनी का विस्तार किया और बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की।

Reliance और नुसलीवाडिया के बीच संघर्ष का कारण क्या था?

यह संघर्ष पुरानी इंडस्ट्रीयल फैमिली और नए सेल्फ मेड उद्यमी के बीच बाजार और राजनीतिक दबावों को लेकर था, जो दोनों के लिए सत्ता की लड़ाई थी।

धीरूभाई अंबानी की सेहत पर इस संघर्ष का क्या प्रभाव पड़ा?

लगातार तनाव और दबाव के कारण धीरूभाई को स्ट्रोक हुआ, जिससे उनकी सेहत प्रभावित हुई और कंपनी संचालन में नेक्स्ट जनरेशन की भूमिका बढ़ी।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:01

Speaker A

जब कोई आदमी बहुत बड़ा हो जाता है तो उसके दुश्मन भी बड़े हो जाते हैं। 1980 के दशक में Reliance अब सिर्फ एक कंपनी नहीं थी। वो सिस्टम के लिए थ्रेट बन चुकी थी। टेक्सटाइल किंग्स, पॉलिटिशियंस, मीडिया कंट्रोलिंग, स्टॉक मार्केट ऑपरेटर्स सब एक ही सवाल पूछ रहे थे। धीरू भाई अंबानी को कैसे रोक सकते हैं? और यहीं से शुरू होती है सबसे खतरनाक कहानी।

00:19

Speaker A

[संगीत] बॉम्बे के बिजनेस वर्ल्ड में दो नाम अब सीधा टकराने वाले हैं। जिन्ना का पोता नुसलीवाडिया और [गला साफ़ करने की आवाज़] धीरूभाई अंबानी। एक तरफ [संगीत] थी ओल्ड मनी रॉयल्टी और दूसरी तरफ था सेल्फ मेड आउटसाइडर।

01:20

Speaker A

सर Reliance की पीएफआई कैपेसिटी हमारी डीएमटी से ज्यादा हो गई है। [संगीत] उन्होंने पीटीए इंपोर्ट से गेम चेंज कर दिया। हमारी फैमिली ने 300 साल टेक्सटाइल बनाया है जिन्ना साहब [संगीत] के टाइम से और एक गांव का लड़का गेम बदल रहा है।

01:36

Speaker A

सर वो [संगीत] पॉलिटिकल है। गवर्नमेंट उसको प्रोटेक्ट करती है। तो हम पॉलिटिकल गेम भी खेलेंगे। राजीव गांधी से बात करूंगा, जी आरडी अंकल से।

01:49

Speaker A

[संगीत] रामनाथ गोयनका से। यह आदमी रुकेगा। [संगीत] वाडिया साहब आ रहे हैं। पारसी प्रिंस बड़ा नाम, बड़ा घर, बड़ा फैमिली। पापा क्या करना है?

02:07

Speaker A

कुछ नहीं। हम अपना काम करेंगे। वो [संगीत] अपना करेंगे। देखते हैं किसका गेम मजबूत है। यह सिर्फ कंपटीशन नहीं था। यह दो इंडिया के बीच वॉर थी। पुरानी इंडिया वर्सेस नई इंडिया।

02:28

Speaker A

असली पावर वही होती है जब गेम शुरू होने से पहले रूल पता हो। गवर्नमेंट पीटीए नाम के प्रोडक्ट पर रिस्ट्रिक्शन लगाने वाले थे। पर यह न्यूज़ धीरू भाई को पहले ही पता चल जाती है।

02:45

Speaker A

सर इंफॉर्मेशन है। पीटीए रिस्ट्रिक्टेड होने वाला है। कितना टाइम?

03:00

Speaker A

दो-तीन दिन ज्यादा नहीं। सब बैंक्स को कॉल करो। आज रात स्टैंडर्ड चार्टर्ड केरा, SBI, [संगीत] सोसाइटी जनरल, बैंक इंडस सबको लेटर्स ऑफ क्रेडिट खोलो। 500 टन का नया कॉन्ट्रैक्ट रजिस्टर करो दिल्ली में। कल सुबह से पहले सब साइन होना चाहिए।

03:20

Speaker A

सर दिल्ली और बॉम्बे एक ही दिन लॉजिस्टिकली इंपॉसिबल है। पॉसिबल बनाना पड़ेगा। पीटीए नहीं [संगीत] मिला तो प्लांट बंद। हजारों लोग सड़क पे। इसके [संगीत] बाद धीरू भाई 72 घंटे के अंदर बैंकों से क्रेडिट लेकर 1 लाख टन से

03:49

Speaker A

[संगीत] ज्यादा रॉ मटेरियल सिक्योर कर लेते हैं और बाकी लोग सिर्फ देखते ही रह जाते हैं। पॉलिसी चेंज से तीन दिन पहले 1,14,000 टन ये कोइंसिडेंस नहीं ये लीक था।

04:12

Speaker A

सर गवर्नमेंट ब्रोक शुरू होगी। होनी चाहिए। [संगीत] इस बार यह बच नहीं सकता। वाडिया का कहना बिल्कुल सही था। क्योंकि पूरी सिस्टम अब धीरू भाई के कंट्रोल में थी।

04:33

Speaker A

लेकिन दिल्ली की हवा बदल रही थी और दिल्ली में हवा बदलने का मतलब होता है रूल्स बदलना। जीरो टैक्स कंपनी Reliance इतना बड़ा बिजनेस एक पैसा टैक्स नहीं देता। कैसे सर?

05:00

Speaker A

एक्सपेंशन के नाम पे डेप्रिसिएशन क्लेम करते हैं। टेक्निकली लीगल है तो टेक्निकली इललीगल कर दो। लॉ बदलो और रेड करो और उसके इंपोर्ट एक्सपोर्ट का फुल इन्वेस्टिगेशन करो। ऑफिसिसेस और फैक्ट्रियों पर रेड होने लगे।

05:25

Speaker A

लाइसेंसेस डिले होने लगे। इन्वेस्टिगेशंस शुरू होने लगी। Reliance पे प्रेशर बिल्ड होने लगा।

05:43

Speaker A

सर 272 करोड़ फैक्ट्री कॉन्फिस्केशन की धमकी और पेनल्टी इंडिया का सबसे बड़ा एक्साइज नोटिस। रूटीन नोटिस है। सबको ये आता है। रिप्लाई करेंगे।

05:59

Speaker A

सर और केके के कपिल मेहरा जेल में है। थापर जी अरेस्ट हो गए। वीपी सिंह रुकने वाला नहीं। तो गेम शुरू।

06:32

Speaker A

धीरू भाई अब सिर्फ बिजनेस मैनेज नहीं कर रहे थे। सर्वाइवल भी मैनेज कर रहे थे। धीरू भाई अपनी पीक पे थे। हर जगह उनका ही इन्फ्लुएंस था। पर एक आदमी था जो किसी से नहीं डरता था। रामनाथ गोयन का।

06:57

Speaker A

इंडियन एक्सप्रेस [संगीत] का मालिक। धीरू भाई मेरे पेपर में तुम्हारी प्लांटेड स्टोरीज छप रही हैं। मेरे एडिटर्स को तुम्हारे लोग डायरेक्टली अप्रोच कर रहे हैं। पीटीआई से भी रिट्रक्शन करवाना पड़ा। यह क्या है?

07:21

Speaker A

अप्पू जी आप तो जानते हैं दुनिया ऐसे ही चलती है। कैसे चलती है? मेरे पास एक गोल्ड चप्पल है और एक सिल्वर चप्पल। जिसको जो चाहिए वो दे देता हूं। इस लाइन के बाद पूरे रूम की हवा बदल गई थी।

07:37

Speaker A

तो तुम्हें लगता है सबकी कीमत है। अप्पू जी आप गलत समझ रहे हो। समझ गया मैं बहुत अच्छे से समझ गया। इस मीटिंग के बाद इंडिया का सबसे डेंजरस मीडिया वॉर शुरू होने वाला था।

07:56

Speaker A

गुरुमूर्ति कल सुबह बॉम्बे आ जाओ। काम है।

08:23

Speaker A

[संगीत] गोयंका ने सीए गुरुमूर्ति को हायर किया एक सीक्रेट स्टिंग [संगीत] ऑपरेशन के लिए। Reliance इसके सब अकाउंट्स खोलो हर कंपनी हर ट्रांजैक्शन मुझे सब चाहिए।

08:49

Speaker A

अप्पू जी यह तो वेब है। कंपनियां विद इन कंपनियां, ऑइल ऑफ मैन, BCCI, लंदन स्विस बैंक ट्रांसफरर्स। हर वेब का सेंटर होता है एक मकड़ी। मकड़ी ढूंढो।

09:20

Speaker A

गुरुमूर्ति ने धीरे-धीरे Reliance की हर एक चीज ढूंढ के निकाली। कंपनियों के अंदर कंपनियां, लंदन के कनेक्शंस, स्विस बैंक के ट्रांसफर्स। जितना अंदर जाता गया उतनी गलत चीजें मिलने लगी।

09:33

Speaker A

स्मगल्ड मशीनरी एट पाताल गंगा। 1.14 बिलियन अंडर इनवॉइस। यह ट्रू है। ड्यूपॉर्ड के ओरिजिनल कॉन्ट्रैक्ट में 10,000 टन लिखा था। एक्चुअल प्रोडक्शन 18,000 टन हो रही है। एक्स्ट्रा 8000 टन की मशीनरी आई कैसे? बिना लाइसेंस के?

09:46

Speaker A

फिर इंडियन एक्सप्रेस की हेडलाइंस में हर दिन Reliance के लिए बैड न्यूज़ आने लगी है।

10:12

Speaker A

[संगीत] सर, एक्सप्रेस रोज नया आर्टिकल छाप रही है। इन्वेस्टर्स डर रहे हैं। शेयर प्राइस गिर रहा है। और पहली बार धीरू भाई प्रेशर फील कर रहे थे।

10:41

Speaker A

सिचुएशन काफी खराब हो चुकी थी इसलिए वाडिया और धीरू भाई गोयनका के पास आए थे एक शांति का प्रस्ताव [संगीत] रखने। नसली भाई यह लड़ाई किसी के फायदे में नहीं। मार्केट बांट लेते हैं। हम आपकी डीएमटी प्लेस करवा सकते हैं।

11:01

Speaker A

धीरू भाई अगर मार्केट फेयर हो तो बांटने की जरूरत नहीं होती। तो दोस्ती पक्की। गोयंका को लगा अब यह झगड़ा खत्म। पर वाडिया धीरू भाई [संगीत] को अच्छे से जानता था।

11:16

Speaker A

अप्पू जी मैं गारंटी देता हूं। लेफ्ट ग्राउंड फ्लोर पहुंचने से पहले वह प्लान कर रहा होगा अगला छुरा कहां मारे। तीन दिन बाद धीरूभाई वाडिया के ब्रांड के अगेंस्ट एक कैंपेन शुरू करते हैं और यह वॉर फिर से शुरू हो जाती है।

11:44

Speaker A

[संगीत] और अब यह वॉर न्यूज़पेपर्स और बोर्ड रूम से बाहर निकल चुकी थी।

11:59

Speaker A

मिस्टर वाडिया गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने आपको अनडिजायरेबल एलियन डिक्लेअर कर दिया है। 24 घंटे के अंदर देश छोड़ना है।

12:31

Speaker A

मैं मैं कहां का एलियन [संगीत] हूं? मैं यहां पैदा हुआ हूं। मेरी फैमिली 300 साल से यहां है। ऑर्डर्स हैं सर।

12:46

Speaker A

24 आवर्स।

13:09

Speaker A

[संगीत] इसके बाद वाडिया पूरे तरीके से शॉक में था। राम डिपोर्ट कर रहे हैं मुझे 24 घंटे। कल सुबह कोर्ट में स्टे चाहिए। कुछ भी करो।

13:28

Speaker A

[संगीत] ये कौन कर रहा है?

13:48

Speaker A

तुम जानते हो कौन कर रहा है? यह बिजनेस [संगीत] वॉर अब पॉलिटिक्स का सपोर्ट ले रही थी और आगे जाकर और भी डार्क होने वाला था।

14:10

Speaker A

अब यह झगड़ा सारी लाइन क्रॉस कर चुका था। और अब बात एक दूसरे की जान पे आ चुकी थी।

14:42

Speaker A

एक बड़ा इंडस्ट्रियलिस्ट है। काम करना है। बहुत पैसा मिलेगा। कौन? नसलीवाडिया बॉम्बे डाइंग वाला। 50 लाख मिलेगा। एडवांस अभी।

15:03

Speaker A

ये किसी गैंगस्टर फिल्म से कम नहीं था। क्योंकि कीर्ति अंबानी ने वाडिया को मरवाने की सुपारी दी थी और अब सारे गुंडे वाडिया को दिन रात फॉलो कर रहे थे।

15:38

Speaker A

लेकिन हर प्लान फेल हो रहा था। फिर एक छोटी सी मिस्टेक हो जाती है। मेन गैंगस्टर ने दारू [संगीत] पीते-पीते सारी बातें बोल दी और पुलिस के एजेंट इन्हें फॉलो कर रहे थे। इसलिए अंबानी का प्लान फेल हो गया।

16:00

Speaker A

भाई 9 महीने हो गए कुछ नहीं हुआ। मेरे बॉस नाराज हैं। काम नहीं हो रहा तो एडवांस वापस करो। वाडिया पुलिस की रिपोर्ट पढ़ रहा था और उसे पता चला कि अब इस वॉर में कोई सेफ नहीं है।

16:16

Speaker A

यह इंसान बिजनेस नहीं कर रहा। यह जंग लड़ रहा है और जंग में रूल्स नहीं होते। और धीरे-धीरे यह सब धीरू भाई [संगीत] की हेल्थ पे अफेक्ट करने लगा।

16:48

Speaker A

आज फिर नहीं सोए?

17:05

Speaker A

डॉक्टर ने बोला रेस्ट करो। 272 करोड़ का नोटिस, सीबीआई रेड, एक्सप्रेस रोज छाप रही है और तुम रेस्ट बोल रही हो।

17:23

Speaker A

[संगीत] कंपनी बचाने के चक्कर में खुद को मत खो देना। महीनों से धीरू भाई सिर्फ [संगीत] कंपनी बचा रहे थे खुद को इग्नोर करके।

17:41

Speaker A

कुछ दिखाई नहीं दे रहा। जो आदमी पूरी मार्केट को कंट्रोल करता था, अब वह अपनी ही हेल्थ के साथ लड़ रहा था। स्ट्रोक हुआ है। राइट साइड पार्शियली पैरालाइज्ड। रिकवरी होगी पर टाइम लगेगा और [संगीत] स्ट्रेस नहीं चाहिए।

18:02

Speaker A

मैं इतना आगे आ गया। फिर भी इतना कमजोर क्यों लग रहा है?

18:30

Speaker A

गिर गया हूं। पर खत्म नहीं हुआ। उस दिन पहली बार Reliance के अंदर डर का माहौल था। स्ट्रोक के बाद धीरू भाई वापस तो आ गए थे लेकिन अब वो पहले वाले धीरू भाई नहीं थे और तब पहली बार नेक्स्ट जनरेशन सामने आई।

18:41

Speaker A

मेरी गलती स्पीड नहीं थी। गलती ये थी कि सब अकेले करना चाहता था। आपसे मुकेश मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपेंशन तेरा, अनिल फाइनेंस और पब्लिक रिलेशंस तेरा। मैं मैं सिर्फ सोचूंगा पाताल गंगा फज़ टू का प्लान रेडी है। पीटीए प्लान भी टाइमलाइन पे है।

19:04

Speaker A

पापा G सीरीज डिबेंचर 5 बिलियन रेज कर सकते हैं। इंडिया का सबसे बड़ा इशू होगा।

19:26

Speaker A

5 बिलियन तो करो। पर याद रखना पैसा लोगों का है। ट्रस्ट सबसे पहले। मुकेश ऑपरेशन संभाल रहा था। अनिल, मार्केट और इन्वेस्टर्स।

19:44

Speaker A

मुकेश मुझसे ऑपरेशंस में आगे निकल गया है। अनिल, अनिल के पास मेरी शार्क [संगीत] इंस्टिंक्ट है। दोनों अलग हैं। ध्यान रखना बीच में दीवार ना आए।

20:14

Speaker A

धीरूब ने सिर्फ कंपनी नहीं बनाई थी। एक सिस्टम बनाया था। लेकिन फ्यूचर कुछ अलग ही था। सबको लगा स्ट्रोक के बाद Reliance स्लो हो जाएगा।

20:34

Speaker A

खत्म कर दिया। पापा LIC चेयरमैन ने कॉल किया गवर्नमेंट इंस्टीटश हमें वोट नहीं करेंगे मोशन विड्रॉ करना पड़ेगा विथड्रॉ करो धीरू भाई [संगीत] समझ गया था इंडिया बदल चुका है मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी हार प्रॉक्सीस फर्ज थे या नहीं वो बाद में

20:57

Speaker A

देखेंगे [संगीत] पर पहली बार गवर्नमेंट ने मुझे रोक दिया पापा मनमोहन सिंह के रिफॉर्म्स आए हैं रूल्स बदल गए हैं अब पॉलिटिकल गेम पुराना हो गया। हां, अब गेम मार्केट का है, कंज्यूमर का है, टेक्नोलॉजी का है और उसके लिए तुम रेडी

21:12

Speaker A

हो। एंड मे बी यह वो गेम था जो नेक्स्ट जनरेशन को जीतना था। धीरू भाई की असली ताकत फैक्ट्रीज नहीं [संगीत] उनके शेयर होल्डर्स थे। प्यारे धीरू भाई, मैं सातारा की रिटायर्ड [संगीत] स्कूल टीचर हूं। 1977 में मैंने

21:33

Speaker A

100 शेयर्स लिए थे। आज उन शेयर्स [संगीत] की वैल्यू से मेरी बेटी की शादी हो गई। मैं आपको अपना भाई मानती हूं। कोकिला यह दुनिया मुझे चोर कहती है, ठग कहती है, पॉलिटिकल फिक्सर कहती है। और यह आंटी आपको भाई कहती है।

22:00

Speaker A

कौन ठीक है कोकिला? आप दोनों में से कोई नहीं और आप दोनों ही ठीक हैं। आदमी एक ही चीज नहीं होता। दुनिया चाहे धीरू भाई [संगीत] को कुछ भी बोले बिजनेसमैन, जीनियस, मैनपुलेटर। पर लाखों लोगों के लिए वो एक भगवान बन

22:22

Speaker A

चुका था। धीरू भाई सिर्फ बिजनेस नहीं लेगसी बिल्ड कर रहे थे और अब Reliance दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल [संगीत] रिफाइनरी बना रहा था। पापा डॉक्टर ने बोला था आप ट्रैवल नहीं करेंगे। डॉक्टर को बोलो मेरा इलाज यहां हो रहा है। जब मैं छोटा था

22:46

Speaker A

इसी समंदर को देखता था चोरवार के क्लिप से। सोचता था कब वो जहाज मेरे होंगे। अब जहाज आपके हैं पापा। जहाज मेरा नहीं है मुकेश। सपना मेरा था। जहाज इंडिया का है। और धीरू भाई दूर से अपना बचपन का सपना

23:06

Speaker A

रियलिटी बनते देख रहे थे। बापू को याद करता हूं। वो कहते थे हमारी दुनिया यही है। मैं उन्हें दिखाना चाहता। दुनिया इतनी छोटी नहीं होती। धीरू भाई का असली टैलेंट शायद पैसा बनाना नहीं था। लोग बड़ा सपना कैसे देखें यह

23:27

Speaker A

सिखाना था। धीरू भाई एक आखिरी बार चोरवाड़ जाते हैं। अपनी मां को मिलने। वही गांव जहां पर उनकी मां ने [संगीत] कभी अपनी चूड़ी बेची थी। धीरू तू आ गया बॉम्बे से। मां मैं आ गया। याद है? 1942 में आपने एक

24:00

Speaker A

चूड़ी बेची थी मेरी स्कूल फीस के लिए। [संगीत] मैंने बोला था एक दिन मैं आपको पूरा सोना पहनाऊंगा। एक प्रॉमिस जो एक बेटे ने अपनी मां को किया था। 57 साल बाद पूरा हो रहा था। बेटा जोड़ी छोटी थी। यह बड़ा है।

24:19

Speaker A

मां जो मैं बना वो आपकी बदौलत हूं। दुनिया के लिए धीरू भाई बिलिनेयर थे। लेकिन उस मां के लिए आज भी वो एक 10 साल का लड़का ही थे। धीरू अच्छा [संगीत] इंसान बना। मां मैंने कोशिश की। कभी ठीक किया कभी

24:40

Speaker A

गलती पर कोशिश की। शायद जिंदगी के एंड में इंसान पैसा नहीं याद करता। बस वो लोग याद करता है जिनके बिना कुछ भी नहीं होता। 2000 तक मुकेश और अनिल ने Reliance को टेकओवर किया। लेकिन दोनों फ्यूचर को अलग

25:10

Speaker A

तरीके से देख रहे थे। पापा जामनगर अभी ऑप्टिमाइज कर रहे हैं। पेट्रोलियम बिजनेस पे फोकस करना चाहिए। टेलीकॉम डिस्ट्रैक्शन है। डिस्ट्रैक्शन मुकेश फ्यूचर है टेलीकॉम में। पावर में इंफ्रास्ट्रक्चर में पापा Reliance को एक ऑयल कंपनी नहीं बनना चाहिए। इकोसिस्टम

25:30

Speaker A

[संगीत] बनना चाहिए। इकोसिस्टम का मतलब स्कैटर्ड। स्कैटर्ड का मतलब है रिस्क। और तेरा फोकस का मतलब स्टैग्नेशन दोनों सही हो दोनों गलत हो आज फैसला नहीं होगा। घर जाओ कोकिला के साथ खाना खाओ। मुकेश स्टेबिलिटी [संगीत] चाहता था और

25:54

Speaker A

अनिल को स्पीड चाहिए था। कोकिला सही कह रही थी। बीच में दीवार आ रही है। मैं नहीं रुकूंगा। मैं नहीं रोक पाऊंगा। धीरू भाई ऑलरेडी समझ चुके थे कि उनके बाद यह दोनों एक टेबल पर [संगीत] ज्यादा देर नहीं बैठेंगे।

26:20

Speaker A

रात [संगीत] के 3:00 बजे बॉम्बे सो रहा था। लेकिन धीरू भाई अब [संगीत] भी जाग रहे थे। गोयका अप्पू जी तुम 1991 [संगीत] में चले गए। मैं आज भी तुम्हारे सिल्वर चप्पल बोल को याद करता हूं। गलत बोला था।

26:37

Speaker A

भाई [संगीत] जी, इंदिरा जी, राजीव साहब सब चले गए। सब मेरे और [संगीत] मेरी कहानी का हिस्सा। अब सब सिर्फ यादें। मैं अकेला बचा हूं। अकेला मैं भी जाऊंगा। यही रूल है। वो सब लोग जिनके साथ [संगीत] उसने पूरी

26:59

Speaker A

जिंदगी लड़ाई लड़ी थी। अब चले गए थे। [संगीत] एनिमीज़, अलयस, फ्रेंड्स, राइवल्स [संगीत] सब अब सिर्फ यादें थी। धीरू भाई को शायद पहली बार फील हुआ कि एंपायर [संगीत] कितना भी बड़ा हो। एंड में इंसान अकेला ही रह

27:25

Speaker A

[संगीत] जाता है। [संगीत] नींद नहीं आ रही। आ रही है। पर आज थोड़ी देर से पूरे [संगीत] बॉम्बे में शायद सिर्फ एक ही पर्सन था जो धीरू भाई को बिजनेसमैन नहीं सिर्फ धीरू के नाम से जानता [संगीत] था।

27:55

Speaker A

24 जून 2002 कहां आया? यहां पर गया जिसका डर सबको था। धीरू भाई को सेकंड मैसिव स्ट्रोक आया था। ब्रेन में मैसिव [संगीत] हैमरेज हुआ है। रिकवरी के चांसेस बहुत कम है। मुकेश, अनिल, कोकिला बेन सब पास में थे।

28:21

Speaker A

लेकिन इस बार धीरू [संगीत] भाई वापस नहीं आने वाले थे। बापू वो जहाज कहां जाते हैं?

28:40

Speaker A

एडन मस्कट दूर देश। हमारी दुनिया यहीं है बेटा। एक दिन मैं भी जाऊंगा। वहां से भी आगे। एक गांव का लड़का पूरी इंडिया की एंबिशन बन गया था। 6 जुलाई 2002 धीरूभाई हीराचंद अंबानी नहीं रहे। इंडिया ने उसे पूरी जिंदगी [संगीत] भर अलग-अलग

29:02

Speaker A

नेम से बुलाया। जीनियस, मैनपुलेटर, विजनरी, लेकिन उस दिन एक मोमेंट के लिए पूरा देश चुप हो गया। वो कहता था एक दिन मैं भी जाऊंगा वहां से भी आगे। धीरूभाई अंबानी चले गए थे लेकिन उसका सपना अब भी जिंदा था

29:29

Speaker A

क्योंकि कुछ लोग सिर्फ कंपनी नहीं बनाते वो पूरी [संगीत] जनरेशन की सोच ही बदल देते हैं और फिर मुंबई की सारी सड़कें भर गई थी। 10 लाख लोग आए थे। वर्कर्स, इन्वेस्टर्स, [संगीत] मिडिल क्लास फैमिलीज बिना इनविटेशन, बिना

29:53

Speaker A

प्लानिंग खुद से आए थे। मेरा बाप फार्मर था। 1980 में Reliance के शेयर्स लिए थे। उस पैसे से मेरी पढ़ाई हुई। आज मैं [संगीत] इंजीनियर हूं। यह आदमी मेरा रिश्तेदार नहीं था। पर वो सब कुछ था। मेरा [संगीत] भाई चला गया। भाई था वो।

30:11

Speaker A

कुछ और नहीं। यह देखिए। ₹1 करोड़ से लेकर ₹10 तक के शेयर होल्डर्स आज एक साथ खड़े हैं। बॉम्बे ने आज तक ऐसा किसी बिजनेसमैन के फ्यूनरल में नहीं देखा। [संगीत] धीरूभाई अंबानी अमीर जरूर बने। पावरफुल भी बने। लेकिन उनकी सबसे बड़ी [संगीत] जीत

30:29

Speaker A

शायद यह थी कि लाखों लोग उसे अपना मानते थे। [संगीत] धीरूभाई अंबानी के जाने के बाद 2005 में [संगीत] मुकेश और अनिल अलग-अलग हो गए। दोनों भाइयों ने अलग रास्ते चूज़ किए लेकिन एक चीज नहीं बदली। अंबानी [संगीत] नाम।

30:56

Speaker A

चलो बेटा खाना रेडी है। पापा ये जहाज कहां जाते हैं? दूर बहुत दूर। दुनिया के दूसरे कोने तक एक दिन मैं भी जाऊंगा [संगीत] वहां से भी आगे जाओ बेटा दुनिया तुम्हारी है। बस एक [संगीत] बात याद रखना नाम दिया नहीं जाता

31:22

Speaker A

बनाया जाता है। धीरू भाई ने इंडिया को बड़ा सोचना सिखाया और इसीलिए उनकी कहानी हर उस इंसान में जिंदा है जो छोटे गांव से बड़ा सपना देखने की [संगीत] हिम्मत रखता है।

Topics: धीरूभाई अंबानी Reliance भारतीय उद्योग बिजनेस स्ट्रगल राजनीति और मीडिया नुसलीवाडिया रामनाथ गोयनका इंडियन एक्सप्रेस स्ट्रोक नेक्स्ट जनरेशन

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