**Signs of Qiyamat | Jibril AS | The Kohistani — Transcript & Summary | SozAI**
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इस वीडियो में कयामत के निशानियों और जिब्रील AS के साथ हजरत मुहम्मद SAW की बातचीत का वर्णन है।

## Key Takeaways

- कयामत के निशानियां सहाबा के समय से अलग और आज के दौर से जुड़ी हैं।
- बेदुइन कबीलों की गरीबी से लेकर अरब की आधुनिकता में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
- रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की हदीसें आज के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों को दर्शाती हैं।
- अरब देशों में लंबी बिल्डिंग्स बनाने की प्रतियोगिता कयामत की एक महत्वपूर्ण निशानी मानी जाती है।
- इस्लामिक इतिहास और भविष्यवाणी का आधुनिक संदर्भ में विश्लेषण वीडियो का मुख्य उद्देश्य है।

## What the video covers

- रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सहाबा को कयामत के निशानियां पहले से बताईं।
- जिब्रील अल सलाम ने मस्जिदे नबवी में आकर इस्लाम, ईमान और एहसान के बारे में सवाल किए।
- कयामत के दिन के बारे में केवल अल्लाह को पता है, लेकिन कुछ निशानियां बताई गईं।
- निशानियों में नंगे पैर गरीब चरवाहों का लंबी बिल्डिंग्स बनाने में मुकाबला शामिल है।
- बेदुइन कबीलों की सामाजिक और ऐतिहासिक स्थिति का विस्तृत वर्णन किया गया।
- औद्योगिक युग में बेदुइनों के जीवन और उस्मानिया सल्तनत के सुधारों का उल्लेख।
- सऊदी अरब और दुबई में बेदुइनों की भूमिका और अरब में लंबी इमारतों की प्रतियोगिता।
- दुबई और सऊदी अरब की आधुनिकता की ओर बढ़ती प्रगति और विश्व की सबसे बड़ी इमारतों का निर्माण।
- रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की भविष्यवाणियां आज के समय में पूरी होती दिख रही हैं।
- वीडियो में इस्लामिक इतिहास, भविष्यवाणी और आधुनिक अरब की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का समन्वय है।

Answers

## Questions about this video

जिब्रील अल सलाम ने रसूलुल्लाह से क्या सवाल किए थे?

जिब्रील अल सलाम ने इस्लाम, ईमान, एहसान और कयामत के दिन के बारे में सवाल किए थे, ताकि सहाबा को उनके धर्म की सही समझ हो।

कयामत के दिन की कौन सी निशानियां बताई गई हैं?

कयामत की निशानियों में नंगे पैर गरीब चरवाहों का एक-दूसरे से लंबी बिल्डिंग्स बनाने में मुकाबला शामिल है, जो आज के समय में पूरी होती दिख रही है।

बेदुइन कबीलों का आधुनिक अरब में क्या महत्व है?

बेदुइन कबीलों ने अरब की सामाजिक और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, खासकर तेल की खोज के बाद वे अरब के सबसे अमीर लोगों में से बने।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की वफात से पहले उन्होंने सहाबा को बहुत सारी बातों का पहले से बता दिया था कि उनके जाने के बाद दुनिया में क्या-क्या होने वाला है। एक दिन हजरत उमर रजि अल्लाह ताला अ बाकी सहाबा के साथ आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास मस्जिदे नबवी में बैठे हुए थे कि अचानक एक बहुत ही रोबदार और हैंडसम आदमी मस्जिद में दाखिल हुआ। उनके कपड़े एक्सट्रीमली वाइट और बाल बिल्कुल ब्लैक थे। उस दिन से पहले उन्हें मदीना में किसी ने भी नहीं देखा। मतलब वो मदीना के रहने वाले नहीं थे और उनके कपड़ों और बालों से बिल्कुल ऐसा नहीं लग रहा था कि वो कहीं दूर से ट्रैवल करके मदीना आए हैं। मस्जिद में बैठे सारे सहाबा इस शख्स को गौर से देख रहे थे। वो आदमी सीधा मस्जिदे नबवी के अंदर आया और आके रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बिल्कुल सामने बैठ गया और कहा, "ऐ मोहम्मद, मुझे इस्लाम के बारे में बताएं।" इस आदमी के जाने के बाद आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सहाबा से पूछा कि क्या तुमने इस शख्स को पहचाना? ये जिब्रील अल सलाम थे और तुम्हें तुम्हारा दीन सिखाने के लिए आए थे। आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जिब्रील को इस्लाम के बारे में बताया कि अल्लाह के सिवा किसी को खुदा ना मानना, मोहम्मद को अल्लाह का रसूल मानना, नमाज, रोजा, जकात और हज अदा करना। जिस पर जिब्रील अल सलाम ने कहा कि आपने बिल्कुल सच फरमाया। फिर जिब्रील अल सलाम ने आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से ईमान के बारे में पूछा। आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि अल्लाह को मानना, उसके एंजल्स, फरिश्तों को मानना, उसकी किताबों को मानना, उसके पैगंबरों को मानना, आखिरत को मानना और तकदीर को मानना। जिस पर जिब्रील अल सलाम ने फिर कहा कि आपने बिल्कुल सच फरमाया। जिब्रील अलैहि सलाम ने आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से एहसान के बारे में भी पूछा और फिर जिब्रील अल सलाम ने आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा कि कयामत, द डे ऑफ जजमेंट कब आएगी? जिस पर आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा कि जितना आपको पता है, सिर्फ उतना ही मुझे पता है। मतलब कयामत के दिन का अल्लाह के सिवा किसी को भी नहीं पता। जिब्रील अल सलाम ने यह सुनने के बाद फरमाया कि मुझे उस दिन के बारे में कुछ निशानियां बताएं। अब तक इस डिस्कशन में जितनी भी बातें हुईं, उन सबको आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पहले भी एक्सप्लेन कर चुके थे क्योंकि यह वाकया आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की वफात से कुछ ही अरसे पहले हुआ था जब ऑलमोस्ट सारा कुरान नाजिल हो चुका था। लेकिन इसके बाद जो आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कयामत की निशानियां बताईं, वो इससे पहले किसी को भी पता नहीं थीं और इन निशानियों का ताल्लुक सहाबा से ज्यादा हमसे है क्योंकि जो निशानियां आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने बताईं, वो सहाबा ने अपनी जिंदगी में पूरे होते नहीं देखी बल्कि वो निशानियां आज हम देख रहे हैं। मतलब जिब्रील अल सलाम सिर्फ सहाबा को नहीं बल्कि आज के मुसलमानों को भी कयामत की बहुत इंपॉर्टेंट निशानियां सिखाना चाहते थे। आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जिब्रील अल सलाम को जवाब दिया कि जब एक लौंडी अपने मालिक को जन्म देगी, जिसको बहुत सारे स्कॉलर समझते हैं कि जब औलाद अपने वालदैन को गुलाम समझेगी। और जब ये नंगे पैर गरीब शेफर्ड्स, चरवाहे एक दूसरे से लंबी बिल्डिंग्स बनाने में कंपटीशन, मुकाबला करेंगे। जिब्रील अल सलाम ने फिर कहा कि आपने बिल्कुल सच फरमाया और उठकर वहां से चले गए। आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सहाबा को भेजा कि कोई जाकर इस आदमी को ढूंढे लेकिन उस दिन के बाद यह आदमी किसी को भी नहीं दिखा। नाउ आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने नंगे पैर गरीब चरवाहों का जिक्र किया जिन्हें उस जमाने में अरब बेडविन बद्दू कहा करते थे जो अरब के बाकी कबीलों से हमेशा दूर रहते थे और कभी भी एक जगह पर नहीं रहते थे बल्कि अपने जानवरों के साथ हमेशा ट्रैवल करते रहते थे। मतलब एक खानाबदोश, नोमेडिक जिंदगी गुजारते थे। यह इसलिए बहुत अजीब बात थी क्योंकि बद्दू पूरे अरब में सबसे गरीब कबीलों में से होते थे। सिर्फ उस जमाने में नहीं बल्कि इस हदीस के हजार साल बाद भी ये बेडविन अरब के सबसे लोअर क्लास होते थे। इसलिए सहाबा हैरान थे कि हमारी सोसाइटी के सबसे गरीब क्लास कैसे आपस में लंबी बिल्डिंग्स बनाने में मुकाबला करेंगे। आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बाद खिलाफत रास्ता हर तरफ फैलने के बाद दुनिया की सबसे बड़ी सुपर पावर बन गई। सिर्फ मुसलमानों में नहीं बल्कि यह उस वक्त तक इंसानों की तारीख की सबसे बड़ी एंपायर थी जो एलेग्जेंडर द ग्रेट और रोमन एंपायर के जूलियस सीजर के एंपायर से भी बहुत बड़ी थी। इसका फायदा उठाते हुए यह बेडविन्स पूरे दुनिया में फैल गए लेकिन फिर भी इनकी सबसे बड़ी पॉपुलेशन इसी अरब के इलाके में रही। आहिस्ता आहिस्ता वक्त गुजरता गया और इनका कल्चर बिल्कुल भी नहीं बदला। ये बेडविन उसी तरह जिंदगी गुजारते रहे। आखिर 1000 साल बाद उस्मानिया खिलाफत के आखिरी जमाने में दुनिया पुराने तरीकों से एक नई इंडस्ट्रियल एज की तरफ बढ़ने लगी तो आखिर उस्मानी खलीफा सुल्तान अब्दुल हमीद ने मुसलमानों को भी मॉडर्न दुनिया की तरफ लाने के लिए बहुत स्ट्रांग रिफॉर्म्स की और पूरी एंपायर में बहुत सारे प्रोजेक्ट शुरू किए जिसमें इस्तांबूल से मदीना तक एक ट्रेन भी बनाई गई। लेकिन इस ट्रेन के रास्ते में हमेशा एक बहुत बड़ी रुकावट थी, यही बेडस। क्योंकि इन्हीं बेडुइन ने इससे बहुत साल पहले 1757 में 200 हज हाजियों को शहीद भी किया था जिसके बाद उस्मानिया सल्तनत इनके कल्चर को चेंज करने लगी और इन्हें खानाबदोश, नोमेडिक जिंदगी से एक परमानेंट इलाके में सेटल करने की कोशिश की। लेकिन बेडविन कबीले उस्मानिया सल्तनत के इन रिफॉर्म्स से बिल्कुल भी खुश नहीं थे और आखिर सऊदी अरब के पहले बादशाह इब्ने सऊद ने बेडविन को यूनाइट करके ऑटोमन एंपायर के खिलाफ एक फौज बनाई और फिर ब्रिटिश की मदद से इस पूरे इलाके को फतह कर लिया जिसे आज हम सऊदी कहते हैं। और कुछ सालों बाद इन इलाकों से ऑयल, तेल डिस्कवर होने के बाद यही बेडस जिनकी इससे पहले कोई औकात नहीं थी, आप दुनिया के सबसे रिच लोगों में से बने और इनमें से बहुत सारे मिलियनेयर और बिलियनर्स भी सामने आए। लेकिन तेल डिस्कवर होने के बाद इन सारे को पता चला कि यह ऑयल हमेशा के लिए नहीं रहने वाला बल्कि एक दिन बहुत जल्द खत्म होने वाली है जिसके साथ इनकी सारी लग्जरीज भी खत्म हो जाएंगी। तो सबसे पहले दुबई के बादशाह शेख मोहम्मद बिन राशिद, जो एक बेडविन बद्दू कबीले से हैं, जिन्होंने एक बार खलीज टाइम के इंटरव्यू में खुद यह कहा है कि उन्हें बेडविन कबीले से होने पर फख्र है। उन्होंने दुबई को ऑयल से निकालकर टूरिज्म और बिजनेस की तरफ लाया और बहुत तेजी से कुछ ही सालों में दुबई दुनिया की बेस्ट सिटीज में से बन गई। और फिर कुछ सालों बाद दुनिया की सबसे लंबी बिल्डिंग बुर्ज उल खलीफा भी दुबई में बनाई गई। यह अब तक इंसानों की बनाई हुई सबसे बड़ी बिल्डिंग है। इससे पहले एक जमाने में आज से 4500 साल पहले इजिप्त में फिरौन के बनाए हुए पिरामिड, स्पेसिफिकली द पिरामिड ऑफ गीजा, इंसानों की बनाई हुई सबसे बड़ी बिल्डिंग और दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग होने का यह टाइटल इस पिरामिड के पास 3800 साल तक रहा। मतलब फिरौन के बाद 3800 साल तक कोई भी फिरौन से लंबी बिल्डिंग नहीं बना सकता था। लेकिन 3800 साल बाद यूरोप के एक चर्च ने पिरामिड्स का यह रिकॉर्ड तोड़ दिया जिसके बाद पेरिस के एफिल टावर और 911 में तबाह होने वाले वर्ल्ड ट्रेड सेंटर भी दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग्स चुकी हैं। इसके बारे में फिर हम बात करेंगे। तो सब्सक्राइब। दुबई की इस अजीम कामयाबी को देखकर सऊदी ने भी इसे कॉपी करना शुरू किया और मक्का में काबा के बिल्कुल सामने दुनिया की चौथी सबसे बड़ी बिल्डिंग बनाई। और कुछ ही साल बाद दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग का ऐलान करती है किंगडम टावर या जद्दा टावर जो दुबई के बुर्ज खलीफा से भी बड़ी होगी। और इस तरह सऊदी यूएई से आगे निकल जाएगी। इस सारे प्रोजेक्ट को हेड करने वाले का नाम अलवलीद बिन तलाल है जो कुछ साल पहले दुनिया के सबसे अमीर अरब हैं जिनके कबीले का ताल्लुक अगेन एक बेडविन कबीले से है। जिसके बाद दुबई ने सऊदी से दोबारा आगे निकलने के लिए दुबई में एक नई दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग बनाने का ऐलान किया जो इन दोनों बुर्ज खलीफा और जद्दा टावर से भी बड़ी होगी। और आजकल हर कुछ अरसे बाद बहुत तेजी से अरब में ऐसी लंबी बिल्डिंग्स के प्रोजेक्ट्स का ऐलान हो रहा है। इवन अरब कंट्रीज एक दूसरे को यह तक नहीं बता रही कि उनके अगले प्रोजेक्ट की हाइट क्या होगी क्योंकि फिर बाकी अरब कंट्रीज उनसे आगे निकलने के लिए उससे भी बड़ी बिल्डिंग का ऐलान कर दें। और इस तरह लंबी बिल्डिंग्स बनाने का एक बहुत सख्त कंपटीशन है। इन सारे अरब ममालाकंडम ऑलमोस्ट सारे प्रोजेक्ट्स के पीछे ऐसे लोग हैं जिनका कोई ना कोई ताल्लुक उन्हीं बेडविन कबीलों से है। और आज ये जो कुछ भी हो रहा है, इस सब का रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आज से 1400 साल पहले ही जिब्रील अल सलाम और सहाबा को बता दिया था कि एक दिन ये बेड इंस जो आज नंगे पैर और बहुत ही गरीब शेफर्ड चरवाहे हैं, वो एक दूसरे से लंबी बिल्डिंग्स बनाने में मुकाबला करेंगे। और ये कयामत की इतनी इंपॉर्टेंट निशानी है कि जिब्रील अल सलाम खुद मुसलमानों को यह सिखाने आए थे। और आज रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई हुई इस निशानी को हम अपने आंखों के सामने पूरा होते देख रहे हैं। सब्सक्राइब।

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Speaker A

सहाबा के साथ आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास मस्जिदए नबवी में बैठे हुए थे कि अचानक एक बहुत ही रोबदार और हैंडसम आदमी मस्जिद में दाखिल हुआ उनके कपड़े एक्सट्रीमली वाइट और बाल बिल्कुल ब्लैक थे उस दिन से पहले उन्हें मदीना में किसी ने

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Speaker A

भी नहीं देखा मतलब वो मदीना के रहने वाले नहीं थे और उनके कपड़ों और बालों से बिल्कुल ऐसा नहीं लग रहा था कि वो कहीं दूर से ट्रेवल करके मदीना आए हैं मस्जिद में बैठे सारे सहाबा इस शख्स को गौर से

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Speaker A

देख रहे थे वो आदमी सीधा मस्जिदए नबवी के अंदर आया और आके रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बिल्कुल सामने बैठ गया और कहा ऐ मोहम्मद मुझे इस्लाम के बारे में बताएं इस आदमी के जाने के बाद आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सहाबा से पूछा

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Speaker A

कि क्या तुमने इस शख्स को पहचाना ये जिब्रील अल सलाम थे और तुम्हें तुम्हारा दीन सिखाने के लिए आए थे आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जिब्रील को इस्लाम के बारे में बताया कि अल्लाह के सिवा किसी को खुदा ना मानना मोहम्मद को अल्लाह का रसूल

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Speaker A

मानना नमाज रोजा जकात और हज अदा करना जिस पर जिब्रील अल सलाम ने कहा कि आपने बिल्कुल सच फरमाया फिर जिब्रील अल सलाम ने आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से ईमान के बारे में पूछा आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि अल्लाह को मानना उसके एंजल्स

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Speaker A

फरिश्तों को मानना उसकी किताबों को मानना उसके पैगंबरों को मानना आखिरत को मानना और तकदीर को मानना जिस पर जिब्रील अलसलाम ने फिर कहा कि आपने बिल्कुल सच फरमाया जिब्रील अलैहि सलाम ने आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से एहसान के बारे में भी

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Speaker A

पूछा और फिर जिब्रील अल सलाम ने आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा कि कयामत द डे ऑफ जजमेंट कब आएगी जिस पर आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा कि जितना आपको पता है सिर्फ उतना ही मुझे पता है

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Speaker A

मतलब कयामत के दिन का अल्लाह के सिवा किसी को भी नहीं पता जिब्रील अल सलाम ने यह सुनने के बाद फरमाया कि मुझे उस दिन के बारे में कुछ निशानियां बताएं अब तक इस डिस्कशन में जितनी भी बातें हुई उन सबको

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Speaker A

आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पहले भी एक्सप्लेन कर चुके क्योंकि यह वाकया आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की वफात से कुछ ही अरसे पहले हुआ था जब ऑलमोस्ट सारा कुरान नाजिल हो चुका था लेकिन इसके बाद जो आप सल्लल्लाहु अहि वसल्लम ने कयामत की

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Speaker A

निशानियां बताई वो इससे पहले किसी को भी पता नहीं थी और इन निशानियां का ताल्लुक सहाबा से ज्यादा हमसे है क्योंकि जो निशानियां आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने बताई वो सहाबा ने अपनी जिंदगी में पूरे होते नहीं देखी बल्कि वो निशानियां आज हम

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Speaker A

देख रहे हैं व्च मींस जिब्रील अल सलाम सिर्फ सहाबा को नहीं बल्कि आज के मुसलमानों को भी कयामत की बहुत इंपॉर्टेंट निशानियां सिखाना चाहते थे आप सल्लल्लाहु अहि वसल्लम ने जिब्रील अल सलाम को जवाब दिया कि जब एक लौंडी अपने मालक को जन्म

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Speaker A

देगी जिसको बहुत सारे स्कॉलर समझते हैं कि जब औलाद अपने वालदैन को गुलाम समझेगी और जब ये नंगे पैर गरीब शेफर्ड्स चरवाहे एक दूसरे से लंबी बिल्डिंग्स बनाने में कंपटीशन मुकाबला करेंगे जिब्रील अल सलाम ने फिर कहा कि आपने बिल्कुल सच फरमाया और

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Speaker A

उठकर वहां से चले गए आप सल्लल्लाहु अ वसल्लम ने सहाबा को भेजा कि कोई जाकर इस आदमी को ढूंढे लेकिन उस दिन के बाद यह आदमी किसी को भी नहीं दिखा नाउ आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने नंगे पैर गरीब

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Speaker A

चरवाहों का जिक्र किया जिन्हें उस जमाने में अरब बेडविन बद्दू गह करते थे जो अरब के बाकी कबीलों से हमेशा दूर रहते थे और कभी भी एक जगह पर नहीं रहते थे बल्कि अपने जानवरों के साथ हमेशा ट्रेवल करते रहते थे मतलब एक

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Speaker A

खानाबदोश नोमेडिक जिंदगी गुजारते थे यह इसलिए बहुत अजीब बात थी क्योंकि बद्दू पूरे अरब में सबसे गरीब कबीलों में से होते थे सिर्फ उस जमाने में नहीं बल्कि इस हदीस के हजार साल बाद भी ये बेडस अरब के

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Speaker A

सबसे लोअर क्लास होते इसलिए सहाबा हैरान थे कि हमारी सोसाइटी के सबसे गरीब क्लास कैसे आपस में लंबी बिल्डिंग्स बनाने में मुकाबल करेंगे आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बाद खिलाफत रास्ता हर तरफ फैलने के बाद दुनिया की सबसे बड़ी सुपर पावर बन गई

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Speaker A

सिर्फ मुसलमानों में नहीं बल्कि यह उस वक्त तक इंसानों की तारीख की सबसे बड़ी एंपायर ी जो एलेग्जेंडर द ग्रेट और रोमन एंपायर के जूलियस सीजर के एंपायर से भी बहुत बड़ी थी इसका फायदा उठाते हुए यह बेड

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Speaker A

विंस पूरे दुनिया में फैल गए लेकिन फिर भी इनकी सबसे बड़ी पॉपुलेशन इसी अरब के इलाके में रही आहिस्ता आहिस्ता वक्त गुजरता गया और इनका कल्चर बिल्कुल भी नहीं बदला ये बेडविन उसी तरह जिंदगी गुजारते रहे आखिर 1000 साल बाद उस्मानिया खिलाफत के आखिरी

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Speaker A

जमाने में दुनिया पुराने तरीकों से एक नई इंडस्ट्रियल एज की तरफ बढ़ने लगी तो आखिर उस्मानी खलीफा सुल्तान अब्दुल हमीद ने मुसलमानों को भी मॉडर्न दुनिया की तरफ लाने के लिए बहुत स्ट्रांग रिफॉर्म्स की और पूरी एंपायर में बहुत सारे प्रोजेक्ट

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Speaker A

शुरू किए जिसमें इस्तांबूल से मदीना तक एक ट्रेन भी बनाई गई लेकिन इस ट्रेन के रास्ते में हमेशा एक बहुत बड़ी रुकावट थी यही बेडस क्योंकि इन्हीं बेडुइन इससे बहुत साल पहले 1757 में 200 हज हाजियों को शहीद

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Speaker A

भी किया था जिसके बाद उस्मानिया सल्तनत इनके कल्चर को चेंज करने लगी और इन्हें खानाबदोश नोमेडिक जिंदगी से एक परमानेंट इलाके में सेटल करने की कोशिश की लेकिन बेडविन कबीले उस्मानिया सल्तनत के इन रिफॉर्म से बिल्कुल भी खुश नहीं थे और

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Speaker A

आखिर सऊदी अरब के पहले बादशाह इब्ने सऊद ने बेडविन को यूनाइट करके ऑटोमन एंपायर के खिलाफ एक फौज बनाई और फिर ब्रिटिश की मदद से इस पूरे इलाके को फतह कर लिया जिसे आज हम सऊदी कहते हैं और कुछ सालों बाद इन

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Speaker A

इलाकों से ऑयल तेल डिस्कवर होने के बाद यही बेडस जिनकी इससे पहले कोई औकात नहीं थी आप दुनिया के सबसे रिच लोगों में से बने और इनमें से बहुत सारे मिलियनेयर और बिलियनर्स भी सामने आए लेकिन तेल डिस्कवर

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Speaker A

होने के बाद इन सारों को पता चला कि यह ऑयल हमेशा के लिए नहीं रहने वाला बल्कि एक दिन बहुत जल्द खत्म होने वाली है जिसके साथ इनकी सारी लग्जरीज भी खत्म हो जाए तो सबसे पहले दुबई के बादशाह शेख मोहम्मद बिन

05:28

Speaker A

राशिद जो एक बेडविन बद्दू कबीले से हैं जिन्होंने एक बार खलीज टाइम के इंटरव्यू में खुद यह कहा है कि उन्हें बेडविन कबीले से होने पर फखर है उन्होंने दुबई को ऑयल से निकालकर टूरिज्म और बिजनेस की तरफ लाया और बहुत तेजी से

05:42

Speaker A

कुछ ही सालों में दुबई दुनिया की बेस्ट सिटीज में से बन गई और फिर कुछ सालों बाद दुनिया की सबसे लंबी बिल्डिंग बुर्ज उल खलीफा भी दुबई में बनाई गई यह अब तक इंसानों की बनाई हुई सबसे बड़ी बिल्डिंग

05:54

Speaker A

इससे पहले एक जमाने में आज से 4500 साल पहले इजिप्त में फिरन के बनाए हुए पैरम स्पेसिफिकली द पिरामिड ऑफ गीजा इंसानों की बनाई हुई सबसे बड़ी बिल्डिंग और दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग होने का यह टाइटल इस

06:08

Speaker A

पिरामिड के पास 3800 साल तक रहा मतलब फिरौन के बाद 3800 साल तक कोई भी फिरन से लंबी बिल्डिंग नहीं बना सकते लेकिन 3800 साल बाद यूरोप के एक चर्च ने पिरामिड्स का यह रिकॉर्ड तोड़ दिया जिसके बाद पेरिस के

06:23

Speaker A

आफल टावर और 911 में तबाह होने वाले वर्ल्ड ट्रेड सेंटर भी दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग चुकी है इसके बारे में फिर हम बात करेंगे तो सब्सक्राइब दुबई की इस अजीम कामयाबी को देखकर सऊदी ने भी इसे कॉपी करना शुरू किया और मक्का में काबा के

06:38

Speaker A

बिल्कुल सामने दुनिया की चौथी सबसे बड़ी बिल्डिंग बनाई और कुछ ही साल बाद दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग का ऐलान करती है किंगडम टावर या जद्दा टावर जो दुबई के बुर्ज खलीफा से भी बड़ी होगी और इस तरह

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Speaker A

सऊदी यूएई से आगे निकल जाएगी इस सारे प्रोजेक्ट को हेड करने वाले का नाम अलवलीद बिन तलाल है जो कुछ साल पहले दुनिया के सबसे अमीर अरब जिन के कबीले का ताल्लुक अगेन एक बेडविन कबीले से है जिसके बाद

07:03

Speaker A

दुबई ने सऊदी से दोबारा आगे निकलने के लिए दुबई में एक नई दुनिया की सबसे बड़ी बिल्डिंग बनाने का ऐलान किया जो इन दोनों बर्ज खलीफा और जद्दा टावर से भी बड़ी होगी और आजकल हर कुछ अर् से बाद बहुत तेजी से

07:16

Speaker A

अरब में ऐसी लंबी बिल्डिंग्स के प्रोजेक्ट्स का ऐलान हो रहा है इवन अरब कंट्रीज एक दूसरे को यह तक नहीं बता रही कि उनके अगले प्रोजेक्ट की हाइट क्या होगी क्योंकि फिर बाकी अरब कंट्रीज उनसे आगे निकलने के लिए उससे भी बड़ी बिल्डिंग का

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Speaker A

ऐलान कर दें और इस तरह लंबी बिल्डिंग्स बनाने का एक बहुत सख्त कंपटीशन इन सारे अरब ममालाकंडम ऑलमोस्ट सारे प्रोजेक्ट्स के पीछे ऐसे लोग हैं जिनका कोई ना कोई ताल्लुक उन्हीं बेडविन कबीलों से है और आज ये जो कुछ भी हो रहा है इस सब का

07:42

Speaker A

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आज से 1400 साल पहले ही जिब्रील अल सलाम और सहाबा को बता दिया था कि एक दिन ये बेड इंस जो आज नंगे पैर और बहुत ही गरीब शेप चरवाहे हैं वो एक दूसरे से लंबी

07:54

Speaker A

बिल्डिंग्स बनाने में मुकाबला करें और ये कयामत की इतनी इंपॉर्टेंट निशानी है कि जिब्रील अल सलाम खुद मुसलमानों को यह सिखाने आए थे और आज रसूलल्लाह सल्ला अ वसल्लम की बताई हुई इस निशानी को हम अपने आंखों के सामने पूरा होते देख रहे हैं

08:08

Speaker A

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