**A General Survey of the Reform Movements and Their Leaders FULL CHAPTER | Spectrum Chapter 9 — Transcript & Summary | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/reform-movements-leaders-survey-spectrum-9/

यह वीडियो सामाजिक सुधार आंदोलनों और उनके नेताओं का व्यापक सर्वे करता है, विशेषकर राजा राम मोहन रॉय से शुरू होकर आधुनिक भारत के सामाजिक और राजनीतिक बदलावों तक।

## Key Takeaways

- राजा राम मोहन रॉय ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आधुनिक भारत में पहला बड़ा सुधार आंदोलन शुरू किया।
- सामाजिक सुधार और राजनीतिक जागरूकता दोनों ही स्वतंत्रता संग्राम के लिए आवश्यक थे।
- सामाजिक सुधार आंदोलन विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समूहों में फैले थे, जिनका उद्देश्य समानता और शिक्षा का प्रसार था।
- नारी शिक्षा और जाति भेदभाव के खिलाफ आंदोलन भारतीय समाज के महत्वपूर्ण सुधार क्षेत्र थे।
- धार्मिक सुधारों ने भारतीय समाज में नई सोच और आधुनिकता को जन्म दिया।

## What the video covers

- वीडियो में रवींद्रनाथ टैगोर के गीत 'एकला चलो रे' के माध्यम से आत्मविश्वास और सामाजिक सुधार की प्रेरणा दी गई है।
- 1857 के बाद के भारत के सामाजिक और राजनीतिक सुधार आंदोलनों का परिचय दिया गया है।
- राजा राम मोहन रॉय को आधुनिक भारत के पिता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने सामाजिक कुरीतियों जैसे सती प्रथा और जाति व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष किया।
- सामाजिक सुधारों के दो मुख्य पहलुओं पर चर्चा की गई है: सामाजिक सुधार और राजनीतिक जागरूकता।
- स्वामी विवेकानंद, देवेंद्रनाथ टैगोर, और अन्य प्रमुख सुधारकों के योगदानों का उल्लेख किया गया है।
- ब्राह्म समाज, तत्व बोधनी सभा, प्रार्थना समाज जैसे सुधार आंदोलनों की चर्चा की गई है।
- नारी शिक्षा, छुआछूत और जाति भेदभाव के खिलाफ आंदोलन की बात की गई है।
- धार्मिक सुधारों और हिंदू धर्म में मोनोथिज्म की अवधारणा पर विचार किया गया है।
- वीडियो में सामाजिक सुधारों को राजनीतिक स्वतंत्रता संग्राम से जोड़कर समझाया गया है।
- प्रत्येक सुधारक के दार्शनिक और सामाजिक दृष्टिकोण को संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है।

## Chapters

1. 00:00 परिचय और सामाजिक सुधारों का महत्व
2. 13:20 राजा राम मोहन रॉय और उनके योगदान
3. 26:40 ब्राह्म समाज और तत्व बोधनी सभा
4. 40:00 प्रार्थना समाज और अन्य सुधार आंदोलन
5. 71:40 नारी शिक्षा और जाति भेदभाव के खिलाफ प्रयास
6. 88:20 धार्मिक सुधार और हिंदू धर्म में बदलाव
7. 105:00 सामाजिक सुधारों का राजनीतिक स्वतंत्रता संग्राम से संबंध
8. 120:00 निष्कर्ष और आगे की दिशा

Answers

## Questions about this video

राजा राम मोहन रॉय ने भारतीय समाज में कौन-कौन से सुधार किए?

राजा राम मोहन रॉय ने सती प्रथा को समाप्त करने, जाति व्यवस्था के दुष्प्रभावों को कम करने, और शिक्षा व धार्मिक सुधारों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें आधुनिक भारत के पिता के रूप में भी जाना जाता है।

सामाजिक सुधार आंदोलनों का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्या योगदान था?

सामाजिक सुधार आंदोलनों ने भारतीय समाज में जागरूकता और समानता की भावना को बढ़ावा दिया, जिससे राजनीतिक स्वतंत्रता संग्राम को मजबूती मिली। ये आंदोलन सामाजिक बुराइयों को खत्म कर देश को एकजुट करने में सहायक थे।

इस वीडियो में किन प्रमुख सामाजिक सुधारकों का उल्लेख किया गया है?

वीडियो में राजा राम मोहन रॉय, स्वामी विवेकानंद, देवेंद्रनाथ टैगोर, और अन्य कई सामाजिक सुधारकों का उल्लेख है, जिन्होंने विभिन्न सामाजिक और धार्मिक सुधार आंदोलनों का नेतृत्व किया।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

हेलो लर्नर्स और वापस स्वागत है आपका। तो रवींद्रनाथ टैगोर जी का एक बहुत फेमस जो है गाना है, एकला चलो रे। दुनिया आपकी माने ना माने, लोग आप में विश्वास करें ना करें, बट अगर आपको अपनी थॉट प्रोसेस पर भरोसा है।

00:12

Speaker A

अगर अपने आपको आपको अपनी सोच पर भरोसा है तो एकला चलो रे राइट ना फिक्र मत करो कि लोग क्या कहेंगे बढ़ो आगे तो आज का हमारा मुद्दा जो है चच इज अ जनरल सर्वे ऑफ सोश कल्चरल रिफॉर्म मूवमेंट्स एंड देर लीडर्स

00:24

Speaker A

अगर अपने आपको, आपको अपनी सोच पर भरोसा है, तो एकला चलो रे, राइट ना? फिक्र मत करो कि लोग क्या कहेंगे, बढ़ो आगे। तो आज का हमारा मुद्दा जो है, चच इज अ जनरल सर्वे ऑफ सोश कल्चरल रिफॉर्म मूवमेंट्स एंड देर लीडर्स।

00:36

Speaker A

कंट्रीब्यूट किया है तो अब तक हम लोगों ने जो बात करी है हम लोगों ने बात करी है कि हम लोग सीजन टू में पहुंच चुके हैं 1857 हमने क्रॉस कर लिया था 1857 और कहानी आगे की कहानी जो आजादी की

00:49

Speaker A

तो समग्र बैच में मॉर्डन इंडिया की कहानी और आगे बढ़ाते हैं, राइट वाया स्पेक्ट्रम। और हम बात करने वाले हैं आज रिफॉर्म मूवमेंट्स की और उनके लीडर्स की, राइट। ऐसे लीडर्स जो, जिन्होंने इतिहास रचा है, जिन्होंने हमारे सोशल रिफॉर्म मूवमेंट में।

01:02

Speaker A

होगी तो कॉमन कॉमन मैन आम आदमी अब ये आम आदमी जो है इसको दो रिफॉर्म की जरूरत है दो अपग्रेडेशन की जरूरत है पहला अपग्रेडेशन है पहला अपग्रेडेशन है आपका सोशल रिफॉर्म राइट कि जब सोशल रिफॉर्म होगा सोशल इविल्स से हम लोग लड़ेंगे सोशो

01:18

Speaker A

कंट्रीब्यूट किया है। तो अब तक हम लोगों ने जो बात करी है, हम लोगों ने बात करी है कि हम लोग सीजन टू में पहुंच चुके हैं। 1857 हमने क्रॉस कर लिया था 1857 और कहानी आगे की कहानी जो आजादी की।

01:33

Speaker A

पॉलिटिकल अपग्रेडेशन पॉलिटिकल अवेक निंग और उसके बाद कहीं जो है पॉलिटिकल पार्टीज बनेंगी इंडियन नेशनल कांग्रेस बनेगी उसके बाद कहीं धीरे धीरे धीरे हम देखेंगे कि हां मूवमेंट हो रहा है मास मूवमेंट हो रहा है और हम लोग ब्रिटेन को

01:50

Speaker A

कहानी है टिल 1947। इसमें युद्ध में दो लोग हैं, एक तो ब्रिटेन है जो हमारे ऊपर राज्य कर रहा है, राइट, और उसके सामने खड़ा है कॉमन मैन। उम्मीद है कि लास्ट वीडियो आपने देखा होगा, लास्ट क्लास आपने अटेंड करी।

02:10

Speaker A

वी हैड हमारे आरआरआर राइट राजा राम मोहन रॉय तो कहानी शुरू करेंगे राजा राम मोहन रॉय से राइट तो बहुत सारे सोशल रिफॉर्मर की हम बात करने वाले हैं बहुत लंबी लिस्ट है बट ऐसा नहीं कि हम लोग बायोग्राफी

02:21

Speaker A

होगी तो कॉमन, कॉमन मैन, आम आदमी। अब ये आम आदमी जो है, इसको दो रिफॉर्म की जरूरत है, दो अपग्रेडेशन की जरूरत है। पहला अपग्रेडेशन है, पहला अपग्रेडेशन है आपका सोशल रिफॉर्म, राइट, कि जब सोशल रिफॉर्म होगा, सोशल इविल्स से हम लोग लड़ेंगे, सोशो।

02:31

Speaker A

बहुत डिटेल में हमें नहीं जाना तो डू नॉट गेट वरी वड वी ओनली नीड टू अंडरस्टैंड कि उनका कंट्रीब्यूशन उतनी ही कहानी है राइट खैर खैर सो एक लंबी लिस्ट है दो पार्ट में बात करेंगे पहले एक पार्ट वन में जिसमें

02:41

Speaker A

रिलीजस रिफॉर्म्स। उसके बाद ही हम जग पाएंगे और पॉलिटिकल चीजों को ऑब्जर्व कर पाएंगे। पहले अपने घर से, अपनी सोसाइटी के जो प्रॉब्लम्स हैं, उनको सॉल्व करते हैं। उसके बाद बात करते हैं कि देश को आजाद करना है। एंड आफ्टर दैट विल कम योर।

02:52

Speaker A

सबका डिस्कशन करेंगे तो खैर बात शुरू करते हैं तो मैं अभिषेक श्रीवास्तव आई एम कोर फैकल्टी बीडब्ल्यू ओनली आईएस और आपको मैं हिस्ट्री ऑफ कल्चर पढ़ाता हूं बाकी आ ये मुद्दे पे आते हैं खैर सो राजा राम मोहन

03:03

Speaker A

पॉलिटिकल अपग्रेडेशन, पॉलिटिकल अवेक निंग और उसके बाद कहीं जो है, पॉलिटिकल पार्टीज बनेंगी, इंडियन नेशनल कांग्रेस बनेगी। उसके बाद कहीं धीरे-धीरे, धीरे हम देखेंगे कि हां, मूवमेंट हो रहा है, मास मूवमेंट हो रहा है और हम लोग ब्रिटेन को।

03:15

Speaker A

राजा राम मोहन रॉय की बदौलत हुआ बड़ी बात है हां भाई बड़ी बात है क्या एजाज मेशन सा लगता है अगर आप इन्हें नहीं जानते तो थोड़ा एग्जा जिरेन भी लगता है राइट कि फादर ऑफ मॉडर्न इंडिया कहा जा रहा है फादर

03:25

Speaker A

चैलेंज करेंगे। फाइनली 1947 में आजादी पाएंगे। तो ये हमारी आगे की स्टोरी है, बट कमिंग बैक टू द सोशल रिफॉर्म। सोशल रिफॉर्म्स, सोशल रिफॉर्म कॉमर्स और उनके मूवमेंट्स। तो थैंकफूली हमें 1857 का वेट नहीं करना पड़ा। थैंकफूली 1810 के दौर में, हमारे दूसरे ही दशक में।

03:36

Speaker A

अगर हम राजा राम मोहन रॉय थोड़ा सा लाइफ लाइन अगर हम देखें टाइम लाइन देखें इनकी लाइफ की तो पहली बात तो जो है बंगाल से है तो एकला चलो रे इन प सूट भी करता है राइट ही इज मच अहेड ऑफ हिज टाइम राइट सो 1770

03:51

Speaker A

वी हैड हमारे आरआरआर, राइट, राजा राम मोहन रॉय। तो कहानी शुरू करेंगे राजा राम मोहन रॉय से, राइट। तो बहुत सारे सोशल रिफॉर्मर की हम बात करने वाले हैं, बहुत लंबी लिस्ट है, बट ऐसा नहीं कि हम लोग बायोग्राफी।

04:04

Speaker A

पर्शियन अरेबिक उर्दू हिंदी संस्कृत बहुत सारी भाषाएं उनको आती है और यही रीजन है कि बहुत सारी भाषाओं की किताबें उन्होंने पढ़ी हुई है लैटिन एंड इंग्लिश एंड ऑल राइट तो बहुत सारी भाषाओं की किताबें जब उन्होंने पढ़ी हुई है तो उनका ज्ञान भी

04:17

Speaker A

पढ़ने वाले हैं। हम लोग बात करने वाले हैं कि उनका कंट्रीब्यूशन क्या रहा है हमारे इस सोशल रिफॉर्म की जंग में, राइट। और जो है हमारी इस ओवरऑल फ्रीडम स्ट्रगल में इन लोगों का कंट्रीब्यूशन की बात करेंगे। तो।

04:33

Speaker A

थोड़ा सा बढ़ता हूं जरा पब्लिक सर्विस की तरफ राइट जो है पब्लिक सर्विस में मुझे लगता है कि मेरी जरूरत है तो 1814 ही विल लीव द ईस्ट इंडिया कंपनी सर्विस एंड यहां से इनकी पब्लिक सर्विस या बेसिकली जो है

04:44

Speaker A

बहुत डिटेल में हमें नहीं जाना। तो डू नॉट गेट वरी। वड वी ओनली नीड टू अंडरस्टैंड कि उनका कंट्रीब्यूशन उतनी ही कहानी है, राइट। खैर, खैर। सो एक लंबी लिस्ट है, दो पार्ट में बात करेंगे। पहले एक पार्ट वन में जिसमें।

05:05

Speaker A

और कोलक में एक ये छोटा सा सर्कल है है ना दोस्तों का सर्कल है ना कि हां कुछ फ्रेंड्स उनके घर पे आ रहे हैं और क्या है कि हां एक थोड़ा सा जो है यू कैन से एफ्लूएंट क्लास को बिलोंग करते हैं तो दैट

05:17

Speaker A

हम स्वामी विवेकानंद तक पहले पढ़ेंगे और उसके बाद हम पार्ट टू में बात करेंगे, स्टार्टिंग फ्रॉम आर्य समाज एंड डिफरेंट मूवमेंट्स, स्टार्टिंग फ्रॉम इंक्लूडिंग लो कास्ट मूवमेंट्स, राइट। प्लस हम बात करेंगे बाकी रिलीजियस रिफॉर्म्स जो हो रहे हैं, उन।

05:28

Speaker A

सोशल रिफॉर्म्स को लीड कर सकते तो उनका सर्कल भी इस तरीके का है नाउ दिस होल आत्मीय सभा इज अबाउट फिलोसॉफिकल डिस्कशन कि फिलोसोफी का डिस्कशन होता है यहां पे शाम को सारे दोस्त बैठते हैं मतलब जब भी

05:41

Speaker A

सबका डिस्कशन करेंगे। तो खैर, बात शुरू करते हैं। तो मैं अभिषेक श्रीवास्तव, आई एम कोर फैकल्टी बीडब्ल्यू ओनली आईएस और आपको मैं हिस्ट्री ऑफ कल्चर पढ़ाता हूं। बाकी आ ये मुद्दे पे आते हैं। खैर, सो राजा राम मोहन।

05:58

Speaker A

कुछ ऊपर नीचे हो गई है गलत हो हो गई है एंड इट नीड्स रिफॉर्म एंड यहां पे वो बात कहते हैं मोनोथेज्म की तो ये जो डिस्कशन है दिस इज वेरी मच ऑन द मोनोथेस्ट कि लाइंस कि हमारे देश में इस समय पॉलीथिस्म

06:11

Speaker A

रॉय, राइट, फादर ऑफ इंडियन रेनेसा कहा गया है इनको कि हां जो हम जगे हैं, राइट, हमारा जो जगना हुआ है, पुनर्जन्म हुआ है 1800 के दौर में। तो वो जो जगना हुआ है, वो कहीं ना कहीं राजा राम मोहन रॉय के भरोसे हुआ है।

06:26

Speaker A

पूजा करनी चाहिए ब्रह्म में मानना चाहिए तो मोनोथेस्ट जो है यू नो आइडियाज है प्लस प्लस ही टॉक्स अबाउट वेदांता या फिर उपनिषद तो ये हिंदू वेदांतिका रहे हैं तो वेदांता में उपनिषद में तो उपनिषद या फिर उपनिषद से वेदांता फिलॉसफी निकली है तो

06:43

Speaker A

राजा राम मोहन रॉय की बदौलत हुआ। बड़ी बात है। हां भाई, बड़ी बात है। क्या एजाज मेशन सा लगता है अगर आप इन्हें नहीं जानते तो थोड़ा एग्जा जिरेन भी लगता है, राइट, कि फादर ऑफ मॉडर्न इंडिया कहा जा रहा है, फादर।

06:55

Speaker A

वेदांतिका ऊपर बेस्ड डिस्कशन हो रहा है क्या लोग इसको लोग इसको एकदम से एक् एक्सेप्ट कर पा रहे हैं राइट इतना आसान नहीं इतना आसान नहीं है वी मस्ट अंडरस्टैंड कि हमने लास्ट क्लास में बात करी थी कि हमारे इस समय जो सोशल इविल्स

07:07

Speaker A

ऑफ इंडियन नेसा कहा जा रहा है। तो क्या क्या ये बात कितनी जस्टिफाइड है, कितनी सही है? ऐसा तो नहीं खाली रिस्पेक्ट देने के लिए हमने ऐसी बात कह दी है, राइट। तो आइए समझते हैं। ज राजा राम मोहन रॉय को तो नाओ।

07:23

Speaker A

प्रैक्टिसेस हैं जैसे कि सती है पॉलीगार्ड मैरिज हो रही है राइट है ना विडो विडो की जो कंडीशन है कम से कम दो लिख लेते हैं इसमें विडो की जो कंडीशन है राइट वो काफी दयनीय है विडो की शादी दोबारा नहीं हो

07:36

Speaker A

अगर हम राजा राम मोहन रॉय थोड़ा सा लाइफ लाइन अगर हम देखें, टाइम लाइन देखें इनकी लाइफ की तो पहली बात तो जो है बंगाल से है। तो एकला चलो रे इन प सूट भी करता है, राइट। ही इज मच अहेड ऑफ हिज टाइम, राइट। सो 1770।

07:50

Speaker A

ऑर्थोडॉक्सी जो प्रीस्ट है या ब्राह्मण ब्राह्मण है तो प्रीस्ट प्रीस्ट क्या डोमिनेट कर रहे हैं तो प्रीस्टली डोमिनेशन एजिस्ट करता है यह भी एक बड़ी प्रॉब्लम है राइट प्रीस्ट डोमिनेशन ऑर्थोडॉक्सी एटस एटस तो धर्म में इशू है धर्म में एक और

08:05

Speaker A

में कहीं जन्म हुआ है, 1774, राइट। एंड ही इज फ्रॉम बंगाल। वेर टू डू फैमिली को बिलोंग करते हैं। ऐसे कोई पुअर फैमिली को बिलोंग नहीं करते थे। और जो है वेल लर्नेट भी है, पढ़ा हुआ है। दर्जनों लैंग्वेज आती है इनको।

08:21

Speaker A

हमें किसी ज ऐसी पावर की पूजा करनी चाहिए जिसने हमें क्रिएट किया ऐसा ऐसा हमारे रिफॉर्मर्स मानते हैं नाउ अनदर प्रॉब्लम इज योर का सिस्टम और कास्ट सिस्टम में भी जो डिस्क्रिमिनेशन है स्पेशली विद रिस्पेक्ट टू शूद्र स्पेशली विद रिस्पेक्ट टू अनटचेबल्स

08:41

Speaker A

पर्शियन, अरेबिक, उर्दू, हिंदी, संस्कृत। बहुत सारी भाषाएं उनको आती हैं। और यही रीजन है कि बहुत सारी भाषाओं की किताबें उन्होंने पढ़ी हुई हैं। लैटिन एंड इंग्लिश एंड ऑल। राइट। तो बहुत सारी भाषाओं की किताबें जब उन्होंने पढ़ी हुई हैं तो उनका ज्ञान भी।

08:55

Speaker A

की बात करेगा एंड थर्ड प्रॉब्लम इ एजुकेशन या फिर इलिटरेसी राइट कि हां एजुकेशन में हमको एजुकेशन में क्या हमको रिफॉर्म चाहिए एजुकेशन में भी हमको सपोर्ट चाहिए तो जो भी हम सोशल रिफॉर्मर्स का डिस्कशन करने जा रहे हैं वो

09:10

Speaker A

उतना ही विविध है। उनकी अंडरस्टैंडिंग भी उतनी ही विविध है। इनिशियली, इनिशियली अगर हम देखें तो इनिशियल दौर में टिल 1814 ही हैज वर्क्ड फॉर ईस्ट इंडिया कंपनी, ईस्ट इंडिया कंपनी। लेकिन 1814 में वो रिटायरमेंट ले देंगे, कहेंगे बस भाई मैं।

09:21

Speaker A

इंक्लिनेशन है हम बात कर रहे हैं कि राजा राम मोहन रॉय इज फर्स्ट ऑफ ऑल इंक्लाइंड टुवर्ड्स रिलीजन राइट कि धर्म को प्यूरिफाई करना है राजा राम मोहन रॉय इज अ डिवाउट हिंदू ऐसा नहीं कि वो हिंदु जम छोड़ने की

09:35

Speaker A

थोड़ा सा बढ़ता हूं जरा पब्लिक सर्विस की तरफ, राइट। जो है पब्लिक सर्विस में मुझे लगता है कि मेरी जरूरत है। तो 1814 ही विल लीव द ईस्ट इंडिया कंपनी सर्विस। एंड यहां से इनकी पब्लिक सर्विस या बेसिकली जो है।

09:49

Speaker A

1805 ही हैज रिटन अ बुक 1805 गिफ्ट टू मोनोस गिफ्ट टू मोनोथेस्ट मोनोथेस्ट गिफ्ट टू मोनोथेस्ट चच इज तोफा उल मु वाहिदी तो ये जो किताब है कि हां मोनोथेज्म क्यों होना चाहिए मोनोथेज्म के कैरेक्टरिस्टिक क्या है एक्सट एटस तो मोनोथेज्म की पूरी पूरी ऊपर

10:14

Speaker A

लोगों के लिए सोशल रिफॉर्म यहां से चालू होता है। नाउ 1815 में उन्होंने एक सभा स्टार्ट करी। 1815 च इज च इज आत्मीय सभा। अब ये क्या है? शिफ्ट हो गए कलक, राइट। आत्मीय सभा कोलक शिफ्ट हो गए हैं।

10:24

Speaker A

रुको तो व्हाट वी हैव ऑब्जर्व्ड कि 1815 तक आते आते 18 जब ये आत्मीय सभा है तो 1815 समवेल सो ट्रांसलेटेड अ लॉट ऑफ वेदाज एंड उपनिषद इन बंगाली राइट बंगाली में ट्रांसलेशन हमको देखने को मिलेगा कि भाई ठीक है मेरी बात

10:45

Speaker A

और कोलक में एक ये छोटा सा सर्कल है, है ना? दोस्तों का सर्कल है ना कि हां कुछ फ्रेंड्स उनके घर पे आ रहे हैं। और क्या है कि हां एक थोड़ा सा जो है यू कैन से एफ्लूएंट क्लास को बिलोंग करते हैं। तो दैट।

10:55

Speaker A

आपकी जो अंडरस्टैंडिंग है राइट क्या वो वेदों के साथ अलाइन है या उपनिषद के साथ अलाइन है तो वो खुद ही ट्रांसलेट करके दिखा रहे हैं कि हां भाई देखो इसको आप पढ़ लोगे तो आपको काफी चीजें समझ में आएंगी

11:05

Speaker A

इज द रीजन कि उनके जो दोस्त हैं, जो उनका सर्कल है, जो नेटवर्क है, वो भी थोड़ा सा एफ्लूएंट है। यू कैन से जो है उनका नेटवर्क काफी ऐसा है जो जो मैटर करता है, वो कल को जो है लीडर्स बन सकते हैं और और और भी।

11:24

Speaker A

क्राइस्ट की जो टीचिंग्स हैं उसमें वीी कैन सेग गट द द मिरेकल्स एंड द मोरल लेसन कि हां उसमें कुछ मोरल टीचिंग है वो मैसेज ये है और मिरेकल्स की बात है वो मैसेज ये है राइट तो दोनों को सेग गट करने की यहां

11:37

Speaker A

सोशल रिफॉर्म्स को लीड कर सकते। तो उनका सर्कल भी इस तरीके का है। नाउ दिस होल आत्मीय सभा इज अबाउट फिलोसॉफिकल डिस्कशन कि फिलोसोफी का डिस्कशन होता है यहां पे। शाम को सारे दोस्त बैठते हैं, मतलब जब भी।

11:48

Speaker A

क्रिश्चन मिशनरीज विल नॉट एट ऑल बी हैप्पी विद जो है राजा राम मोहन रॉय एनीवे तो आत्मीय सभा तो आत्मीय सभा इज द यू कैन से फर्स्ट टेक जब उन्होंने कोशिश करी है कि हां जो है यू नो इस तरह का थॉट प्रोसेस

11:58

Speaker A

बैठते हैं तो फिलोसॉफिकल डिस्कशन होता है। और इस फिलोसॉफिकल डिस्कशन में दे टॉक अबाउट, दे टॉक अबाउट वेरियस सोशल लेवल्स एंड स्पेशली रिलेटेड टू रिलीजन कि धर्म में। धर्म में जो हमारे यू नो प्रैक्टिसेस बहुत सारी फॉलो हो रही है, वो कहीं ना कहीं।

12:19

Speaker A

सभा विल बिकम यू नो अ होल मूवमेंट जो यही मोनोथेज्म के जो आइडिया है मोनोथेज्म का जो थॉट प्रोसेस है उसी को जो है स्प्रेड करेगा और अभी तो ये शुरुआत है है ना वो एक रा चलो हैं राइट अकेले चले हैं तो अभी अभी

12:31

Speaker A

कुछ ऊपर नीचे हो गई है, गलत हो गई है। एंड इट नीड्स रिफॉर्म। एंड यहां पे वो बात कहते हैं मोनोथेज्म की। तो ये जो डिस्कशन है, दिस इज वेरी मच ऑन द मोनोथेस्ट कि लाइंस कि हमारे देश में इस समय पॉलीथिस्म।

12:42

Speaker A

बट यही आगे जाके चेन रिएक्शन क्रिएट होगी बड़ी रिएक बड़ी जो है मूवमेंट बनेगी तो आइए बात आगे बढ़ाते हैं तो ब्रह्म सभा तो ब्रह्मो सभा हेयर इन ब्रह्म सभा ही टॉक्स अबाउट कि हां भाई जो है हमें हमें

12:54

Speaker A

चल रहा है। पॉलीथिस्म मतलब बहुत सारे भगवानों की पूजा हो रही है। वो उन्होंने कहा कि नहीं, मोनोथेज्म। मोनोथेज्म इज समथिंग जो हमें हमें प्रीच करना चाहिए। वी शुड ऑल स्ट्राइव फॉर मोनोथेज्म कि एक भगवान, एक शक्ति की हमें।

13:10

Speaker A

रिचुअल्स आ चुके हैं कि हां हर हर चीज में एक कर्मकांड एसोसिएटेड है है ना हर है ना हर उसमें कुछ भी हो रहा है फॉर एग्जांपल अगर बर्थ हो रही है तो एक कर्मकांड है राइट बर्थ के बाद जो है अनुप्रास हो रहा

13:21

Speaker A

पूजा करनी चाहिए, ब्रह्म में मानना चाहिए। तो मोनोथेस्ट जो है, यू नो आइडियाज है। प्लस प्लस ही टॉक्स अबाउट वेदांता या फिर उपनिषद। तो ये हिंदू वेदांतिका रहे हैं। तो वेदांता में उपनिषद में तो उपनिषद या फिर उपनिषद से वेदांता फिलॉसफी निकली है। तो।

13:33

Speaker A

राइट तो इनिशियली वेदिक जो टीचिंग थी इट वाज मोर अबाउट रिचुअल्स कि हां भाई हमको कुछ ना कुछ इस तरह के रिचुअल्स कुछ ना कुछ इस तरह के फॉर्मूले करने चाहिए कर्मकांड करना चाहिए तो क्या वो कर्मकांड के साथ है

13:44

Speaker A

उपनिषद में मोनोथेज्म का जिक्र है, राइट है ना कि हां भाई जो है ब्रह्म होती है, आत्मा होते, सॉरी, ब्रह्म एक शक्ति होती है, आत्मा होती है, राइट। तो ब्रह्म और आत्मा का जिक्र है जो है आपकी उपनिषद में। तो हिंदू।

13:56

Speaker A

है बेस ऑफ दी होल फिलॉसफी वेदांता बेसिकली उपनिषद से निकला हुआ थ्योरी उपनिषद से निकली हुई फिलॉसफी इज वेदांता राइट अब कभी फिलॉसफी पढ़ाऊंगा तो बात करेंगे आई थिंक हम जो है आर एस शर्मा जी जो पढ़ रहे हैं राइट वहां पे जो है एंड

14:10

Speaker A

वेदांतिका ऊपर बेस्ड डिस्कशन हो रहा है। क्या लोग इसको, लोग इसको एकदम से एक्सेप्ट कर पा रहे हैं, राइट? इतना आसान नहीं, इतना आसान नहीं है। वी मस्ट अंडरस्टैंड कि हमने लास्ट क्लास में बात करी थी कि हमारे इस समय जो सोशल इविल्स।

14:21

Speaker A

तक आपको लगा होगा कि क्या वो खुद भी ऑर्थोडॉक्स है क्या खुद भी वो रिलीजन या फिर रिलीजियस स्क्रिप्चर के ऊपर बेस्ड है यू विल रियलाइफ नो ऐसा भी नहीं है राइट ही आल्सो टॉक्स अबाउट रीजन रैशनल कि ऐसा भी नहीं है कि अगर

14:35

Speaker A

हैं, सोशल इविल्स तो सोशल इविल्स को मेनली चार पार्ट में बांटा जा सकता है। एक हम बात कर रहे थे कि जो स्टेटस ऑफ वुमेन है। स्टेटस ऑफ वुमेन क्या इस समय लो है? वेरी लो, वेरी वेरी लो। इनफैक्ट बहुत सारी।

14:47

Speaker A

है रिलीजियस किताब में अगर कोई ऐसी बात लिखी हुई है जो रीजन के खिलाफ है जो रैशनल नहीं लगती जो लॉजिकल नहीं लगती जो सही नहीं लगती हमारे समय के हिसाब से वी शुड डिस्कार्ड दैट तो लिटी ऊपर है उसके बाद

15:00

Speaker A

प्रैक्टिसेस हैं जैसे कि सती है, पॉलीगार्ड मैरिज हो रही है, राइट है ना? विडो, विडो की जो कंडीशन है, कम से कम दो लिख लेते हैं इसमें। विडो की जो कंडीशन है, राइट, वो काफी दयनीय है। विडो की शादी दोबारा नहीं हो।

15:16

Speaker A

राशनलिटी को इन्होंने जो है तवज्जो दी है राशनलिटी जो है सबसे ज्यादा सुप्रीम है तो प्रमोटेड राशनलिज्म के अंध विश्वास नहीं करना कि लिखा हुआ है तो मान लेंगे ब्लाइंड फेथ नहीं राशनलिज्म जो है इ वेरी वेरी इंपोर्टेंट राइट सो सो प्रिसेप्स ऑफ जीसस

15:31

Speaker A

सकती है। प्लस ज सती तो एक बड़ी प्रॉब्लम है ही है। अदर दन दैट, अदर देन दैट जो जो रिलीजन है, रिलीजन धर्म में स्पेशली हिंदू जम की अगर हम इस समय बात कर रहे हैं तो धर्म में बहुत सारी ऑर्थोडॉक्सी आ गई।

15:43

Speaker A

ब्रह्म नाम ही क्या है ब्रह्म नाउ लेट मी लेट मी ज एग्रीगेट जो ब्रह्मा जी है जो जो हिंदु में फॉलो करते हैं ब्रह्मा विष्णु महेश जो ब्रह्म है और ब्रह्मा है वो दोनों अलग-अलग है राइट ब्रह्मा जी जो है इ इज द

15:57

Speaker A

ऑर्थोडॉक्सी जो प्रीस्ट है या ब्राह्मण। ब्राह्मण है तो प्रीस्ट। प्रीस्ट क्या डोमिनेट कर रहे हैं? तो प्रीस्टली डोमिनेशन एजिस्ट करता है। यह भी एक बड़ी प्रॉब्लम है, राइट। प्रीस्ट डोमिनेशन, ऑर्थोडॉक्सी एटस एटस। तो धर्म में इशू है, धर्म में एक और।

16:09

Speaker A

आकार नहीं है कोई शेप नहीं है समथिंग दैट दैट जो है पावर इज इज योर ब्रह्मा अगेन रिलीजस डिस्क्लेमर इज ऑन है ना मेरी कोई अथॉरिटी रिलीजन में नहीं है कोई बात मैं गलत कह दूं राइट तो मैं सिर्फ पढ़ने के

16:20

Speaker A

इशू इनके हिसाब से नोट करते हैं। च इ पॉलीथिस्म, बहुत सारे भगवानों की पूजा हो रही है। एंड एंड लास्ट आइडलेट्री, मूर्ति पूजन के भी खिलाफ लोग आवाज उठाएंगे कि मूर्ति पूजन क्यों करते हैं? हमें शक्ति की पूजा करनी चाहिए। हमें।

16:29

Speaker A

व्हाट ही इ जो व्हाट ब्रह्म समाज इज टीचिंग इज इटरनल बीइंग कि वो ब्रह्म है राइट है ना वो ब्रह्म है सर्वव्यापी है इटरनल है इमू बल है हर जगह है वो राइट उनकी पूजा करनी है और कैसे पूजा करनी है

16:40

Speaker A

हमें किसी ऐसी पावर की पूजा करनी चाहिए जिसने हमें क्रिएट किया। ऐसा, ऐसा हमारे रिफॉर्मर्स मानते हैं। नाउ अनदर प्रॉब्लम इज योर का सिस्टम और कास्ट सिस्टम में भी जो डिस्क्रिमिनेशन है, स्पेशली विद रिस्पेक्ट टू शूद्र, स्पेशली विद रिस्पेक्ट टू अनटचेबल्स।

16:54

Speaker A

रिलेशनशिप है इस बात को समझ सके तो मोनोथेज्म को समझ सके ब्रह्म को को समझ सक उस शक्ति से कनेक्ट कर सकें दिस इज समथिंग दे वांट टू डू ओवर हियर तो प्रेयर मेडिटेशन एंड मेडिटेशन एंड उपनिषद क्या

17:05

Speaker A

राइट। यह जो डिस्क्रिमिनेशन है, रिलेटेड प्रैक्टिसेस ये अलग मुद्दा है। क्यों मैं चारों नोट डाउन कर रहा हूं। हमें समझना होगा कि को।

17:14

Speaker A

रीडिंग ऑफ उपनिषद दिस इज द वे तो ये सारे लोग इकट्ठा होंगे ब्रह्म समाज के जो है जो हॉल है राइट और वहां पे ये डिस्कशंस होंगे डिबेट्स होंगे और रीडिंग ऑफ उपनिषद होगा प्रेयर होगी राइट भजन होंगे ऐसा यहां पे

17:26

Speaker A

हमें देखने को मिलेगा नाउ अगेन विल इनकॉरपोरेट टीचिंग्स फ्रॉम अदर्स एज वेल जैसे हमने बात करी क्रिश्चियनिटी की तो बाकी धर्मों की क्या टीचिंग्स भी थोड़ा बहुत इसमें इवॉल्व होंगी यस इवॉल्व होंगी बट अगेन लेट मी क्लेरिफाई ही इज अ डिवाउट

17:38

Speaker A

हिंदू क्या वो कोई नया धर्म क्रिएट कर रहे हैं नहीं क्या ब्रह्म समाज कोई नया धर्म है नहीं क्या ये सेक्ट ऑफ हिंदुइज्म है नहीं ये हिंदुइज्म को प्यूरिफाई करने की बात कर रहा है कि हिंदुइज्म में अगर कुछ

17:49

Speaker A

गलत प्रैक्टिसेस आ गई हैं फॉर एग्जांपल आइडलेट्री पॉलीथििज्म एज पर हिम तो जो है उसको हमें प्यूरिफाई करना है क्या हमें हिंदुइज्म के बाहर निकल जाना है नहीं हिंदुइज्म के बाहर निकलने की बात ऐसी यहां पे कोई डिस्कशन नहीं है तो सो जो है तो

18:02

Speaker A

हिंदू जम को प्यूरिफाई करना इज द मेन एम यहां पे कुछ और कर रहे हैं नहीं अब नाउ नाउ जब जब जो है आप अकेले चलेंगे तो कोई चैलेंज भी करेगा है ना दुनिया कहेगी तो कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम में कहना

18:14

Speaker A

तो कुछ लोग है जो इनको अपोज भी कर रहे हैं फॉर एग्जांपल राधा कांता देव तो राधाकांता देव विल एस्टेब्लिश धर्म सभा जो जो वो सब कुछ करेगी हम बात करेंगे धर्म सभा के आगे बट वो जो सब कुछ करेगी जो

18:27

Speaker A

जो है जिस के खिलाफ ब्रह्म समाज ब्रह्म समाज कह रहा है मोनोथेज्म तो कहेंगे नहीं पॉलीथििज्म ब्रह्म समाज कह रहा है कि आइडलेट्री नहीं होना चाहिए मूर्ति पूजा नहीं होना चाहिए तो ये कहेंगे नहीं मूर्ति पूजा नहीं होना चाहिए एक मूर्ति मूर्ति की

18:38

Speaker A

स्थापना कर लेंगे राइट और पूजा करेंगे सो दे आर चैलेंजिंग बेसिकली जो है राजा राम मोहन रॉय एंड ऑल हिज आइडियाज एंड ऑल हिज एक्ट्स राइट तो राधाकांता देव अगेन अ फेमस नेम जो है धर्म सभा तो ओवरऑल हमने समझा कि

18:51

Speaker A

हां जो है ब्रह्म समाज अब जैसे कि ब्रह्म समाज नाउ यू कैन ऑटोमेटिक प्रिडिक्ट क्या ब्रह्म समाज अवतारों में विश्वास करेगा है ना कि ऐसे ही ऐसा जो है मानते हैं कि विष्णु जी के 10 अवतार है राइट क्या या

19:02

Speaker A

किसी भी भगवान के जो अवतार है तो क्या डिवाइन इंकार्नेट या अवतारों में ब्रह्म समाज का विश्वास होगा ऑफकोर्स नॉट राइट प्लस प्लस क्या अथॉरिटी स्क्रिप्चर अल्टीमेट है हमने समझा नहीं राशनलिटी प्रीवेल करती है क्या वो जो है कर्म कर्म

19:16

Speaker A

में विश्वास करेंगे क्या ट्रांस माइग्रेशन ऑफ सोल में विश्वास करेंगे तो ट्रांस माइग्रेशन ऑफ सोल और कर्मा कि हां आपके कर्मों के ऊपर डिपेंड करेगा कि आपकी आत्मा आगे कहां जाएगी राइट है ना आत्मा एक शरीर से दूसरे शरीर में जाएगी तो ट्रांस

19:30

Speaker A

माइग्रेशन ऑफ सोल अगेन इज अ उपनिषद कांसेप्ट उपनिषद में लिखा हुआ है राइट तो इस दोनों कांसेप्ट पे कि कर्मों से क्या होगा आप क्या करेंगे तो क्या होगा और आपका ट्रांस माइग्रेशन ऑफ सोल दोनों ही कांसेप्ट दोनों ही कंसेप्ट पे ब्रह्मोस

19:46

Speaker A

कहते हैं कि आप जैसा विश्वास करना चाहे आप विश्वास कर सकते हैं यू आर फ्री टू बिलीव ऐसा कुछ जो है इस पे टेक नहीं है उनका ना ही ऐसा कोई साल्वेशन की तरफ टेक है कि हां ऐसे ही साल्वेशन मिलेगा ऐसे ही मोक्ष

19:57

Speaker A

मिलेगा यही कोई कोई मोक्ष होता है ऐसा कोई डिस्कशन नहीं है इट इज मोर अबाउट नॉलेज इट इज मोर अबाउट अप्लाइज इट इज मोर अबाउट अंडरस्टैंडिंग द रिलेशन बिटवीन आत्मा एंड ब्रह्म उसके आगे यू आर फ्री टू डिसाइड कि

20:09

Speaker A

हां आत्मा ट्रांस माइग्रेट करती है एक शरीर से दूसरे शरीर में जाती है नहीं जाती है ये सारा कॉल अपने आप ले सकते हैं प्लस ब्रह्मो समाज भी क्या क्या जो है कास्ट सिस्टम को मानेगा नहीं कास्ट सिस्टम में

20:21

Speaker A

ब्रह्मो समाज भी नहीं मानेगा एंड इट विल क्रिटिसाइज द कास्ट सिस्टम व्हाट वी आर रिलाइजिंग कि व्हाट ही हैज हेयर इज अ बॉडी जिसकी फिलॉसफी जो है फिलॉसफी रिलीजियस रिफॉर्म के ऊपर बेस्ड है पहले ही रिफॉर्मर हमारे सबसे बड़े

20:36

Speaker A

रिफॉर्मर सबसे पहले रिफॉर्मर राइट उनकी फिलॉसफी मोनोथेज्म पे बेस्ड है सोशल रिफॉर्म पे या रिलीजियस रिफॉर्म के ऊपर बेस्ड है राइट क्या वो कास्ट सिस्टम में मान रहे हैं नहीं कास्ट सिस्टम मैं नहीं मान र चलिए खैर तो बढ़ते हैं आगे तो

20:47

Speaker A

ब्रह्मो समाज नाउ कहानी बढ़ाते हैं थोड़ा सा क्या या सिर्फ और सिर्फ रिलीजन पे ध्यान दिया उन्होंने क्या बाकी एस्पेक्ट पे ध्यान नहीं दिया क्या बाकी एस्पेक्ट उन्होंने कोई काम नहीं किया वी विल ही इज अ पायनियर इनके साथ कोई और नहीं है

21:01

Speaker A

अकेले ही हैं ये राइट बट यू विल रियलाइफ कि ही इज बेसिकली इवॉल्वड वो हर इवॉल्वड है हर तरह के रिफॉर्म में चाहे वो एजुकेशन हो चाहे वो कास्ट सिस्टम हो चाहे वो विडो हो राइट चाहे वो वुमेन के रिलेटेड जो है

21:13

Speaker A

टॉपिक्स हो सारे जो है इश्यूज हो या फिर पॉलिटिक्स हो राइट हम एक्सपेक्ट नहीं करेंगे कि हां ही विल आल्सो हैव सम पॉलिटिकल व्यूज बट ही हैज पॉलिटिकल व्यूज ही ही इज अ इंटरनेशनलिस्ट राइट कि दुनिया में क्या हो रहा है जिओ पॉलिटिक्स में

21:26

Speaker A

क्या हो रहा है और क्या होना चाहिए क्या सही है क्या सपोर्ट करना है ही हैज ऑल डेट अंडरस्टैंडिंग राइट है ना तो आइए समझते हैं तो वुमेन पे बात करते हैं कि वुमेन स्टेटस पे जो है उन्होंने क्या किया तो

21:36

Speaker A

राजा राम मोहन रॉय ऑन वुमेन क्या उन्होंने महिलाओं के लिए काम किया यस जो सबसे बड़ा कंट्रीब्यूशन है उनका इज विद रिस्पेक्ट टू सती सती तो लगभग 1818 से ही उन्होंने यह कैंपेनिंग शुरू कर दी थी ये मूवमेंट शुरू

21:55

Speaker A

कर दिया था हुआ यह था कि उन्हीं की एक्चुअली सती वाज वेरी मच प्रिवेंट इन बंगाल राइट तो उनकी अपनी भाभी को सती कर दिया गया था तो उन्होंने बहुत कोशिश करी सबको समझाने की कोशिश करी कि ऐसा नहीं

22:06

Speaker A

होना चाहिए राइट सती सती आई होप आप समझते होंगे कि यहां जो जो है महिला है वो हस्बैंड की डेथ के बाद हस्बैंड हस्बैंड की चिता के ऊपर लेट जाएगी राइट और हस्बैंड के साथ उनको भी जला दिया जाएगा तो सि सती जो

22:19

Speaker A

है स्पेशली हाई कास्ट में काफी प्रिवेंट हुआ करता था बंगाल में तो जो है राजा राम मोहन रॉय ने इसको देखा और उन्होंने समझा कि नहीं ये तो गलत है है ना चैलेंज किया अपनी फैमिली को भी चैलेंज किया बट क्या

22:29

Speaker A

सॉल्व कर पाए नहीं उनकी भाभी को सती कर दिया गया बट फ्रॉम 1818 ही हैज टेकन दिस चैलेंज कि हां भाई मैं जो है सती को रोकूंगा राइट तो उसमें लोगों को उन्होंने समझाने की काफी कोशिश करी विजिलेंट

22:40

Speaker A

ग्रुप्स बनाए कि हां जहां भी ऐसा हो रहा है उनको रोका जाए लोगों को समझाया जाए किसी को सती ना होने दिया जाए अ लॉट ऑफ अवेयरनेस वास सरकार को सर उस समय गवर्नर जनरल थे बेंट तो बेंट को जो है इन्होंने काफी पर्स

23:05

Speaker A

एड किया एंड फाइनली देयर इज अ सती रेगुलेशन इन 1829 जिसके तहत सती को बैन किया गया राइट कि सती इज फॉर बिडेन कोई भी सती नहीं कर सकता अगेन अगेन क्या समाज ने इसका भी विरोध किया यस समाज ने इसका भी

23:19

Speaker A

विरोध किया राइट ज है राजा राम मोहन राय ने काफी लोगों को सिग्नेचर लिए थे यह काफी लोगों का अलाइन मेंट दिया था कि हां भाई बेंट को दिखाना है कि हम सारे लोग चाहते हैं कि सती नाउ राधाकांता देव द काउंटर ग्रुप दे वर

23:31

Speaker A

आल्सो ट्राइकों किया जाए राइट ये सही नहीं है तो उन्होंने भी उससे भी ज्यादा लोगों के सिग्नेचर दिए दे हैड गन टू गॉन टू ब्रिटेन राइट कि वहां प जाएंगे और वहां प जाके वहां प जाके जो जो है जो है ब्रिटेन

23:44

Speaker A

सरकार है उनको परसु एड करेंगे और इस इस इस रेगुलेशन को बंद कराएंगे इस रेगुलेशन को नल एंड वॉइड कराएंगे इसीलिए 1833 में 1833 में राजा राम मोहन रॉय भी वही ब्रिटेन गए थे राइट है ना राजा राम मोहन रॉय एंड वहीं

24:02

Speaker A

पर उनकी डेथ होती है राइट कि हां ऐसा नहीं होना चाहिए एक और पर्पस था एक और पर्पस ये था कि जो है उस समय मुगल राजा हुआ करते थे अकबर टू अकबर टू ने उनसे कहा कि मेरी पेंशन बढ़वार तो

24:15

Speaker A

मेरी एप्लीकेशन लेके जाओ और पेंशन बढ़वार और अकबर टू ने ही उनको राजा का टाइटल दिया था ऐसा हमने पीछे भी बात करी एक बारी राइट तो राजा का टाइटल भी उनको अकबर नहीं दिया था अकबर टू ने तो इस काम के लिए भी गए थे

24:26

Speaker A

और फाइनली पेंशन भी बढ़ गई थी जैसा वो कह ने गए थे तो पेंशन भी बढ़ा दी गई थी एनीवे वो हमारा मुद्दा नहीं है अभी तो राजा का टाइटल उनको यहां पर मिलता है अकबर टू द्वारा उनको राजा का टाइटल मिलता है बट वन

24:36

Speaker A

ऑफ द बिगेस्ट जो है यू कैन से फाइट उनकी जो सबसे बड़ी फाइट है वोह है सती की फाइट उसके अलावा उसके अलावा क्या उन्होंने बाकी चीजों के खिलाफ आवाज उठाई है यस पॉलिगामी के खिलाफ कि एक मेल है और बहुत सारी

24:49

Speaker A

महिलाओं से शादी कर रहा है यस यह भी गलत है राइट प्लस जो विडोस की डिग्रेडेड कंडीशन है तो विडो उस की कंडीशन अपलिफ्टमेंट के लिए क्या इन्होंने आवाज उठाई है यस राइट प्लस प्लस अ वुमेन की राइट टू प्रॉपर्टी

25:06

Speaker A

जी हां उनको भी प्रॉपर्टी इन्हेरिटेंस लगती है राइट है ना कि हां इन्हेरिटेंस है महिलाओं को भी इन्हेरिटेंस है तो हमें लगता है कि हां ये इतना ही आसान था बट इस जमाने में हम समझ सकते हैं कि यहां

25:22

Speaker A

सिचुएशन बहुत ज्यादा खराब थी आज भी खराबी है राइट बट स्टिल जो है स्टिल इफ यू सी आज भी अगर आप रूरल एरियाज में देखेंगे तो आपको काफी सारी सिचुएशन आज भी दिखेंगी राइट बट एनीवे एनीवे तो ही हैज फॉट फॉर ऑल

25:34

Speaker A

दीज थिंग्स यस तो उन्होंने आवाज उठाई है महिलाओं के लिए भी यस तो एंटी सती कैंपेन और गवर्नमेंट रेगुलेशन इन 1829 इज हिज बिगेस्ट अचीवमेंट राइट है ना कि हां जो है उन्होंने सती बैन कराया यह एक बहुत बड़ा

25:47

Speaker A

उन्होंने जो है काम किया था खर गोइंग अहेड तो वुमेन बाकी चीजों प भी उन्होंने काम कर काम करा जैसा हमने डिस्कस किया देन एजुकेशन राइट क्या एजु इशन में उनका जो है से रहा है यस तो डेविड हरे तो

26:02

Speaker A

डेविड हरे वाज एस्टेब्लिशिंग हिंदू कॉलेज 1817 में राजा राम मोहन रॉय को भी सपोर्ट करेंगे प्लस 1825 तक आते-आते ही विल एस्टेब्लिश वेदांता कॉलेज तो नाम भी देखो क्या है वेदांता कॉलेज राइट वेदांता कॉलेज नाउ वेदांता कॉलेज में वेदांता कॉलेज दिस इज अगेन एट

26:22

Speaker A

कोल्काटा वेदांता कॉलेज में इंडियन लर्निंग होगी यस ठीक है इंडियन लर्निंग कि हमारा जो कल्चर है हमारी हिस्ट्री हमारी जो है लॉज हमारे जो है स्क्रिप्चर टसेट पढ़े जाएंगे यस बट साथ ही साथ वेस्टर्न सोशल साइंस और फिजिकल साइंस

26:44

Speaker A

दोनों ही ज्योग्राफी साइंस एक्सेट्रा क्या ये सब भी पढ़ाया जाएगा यस ये सब भी पढ़ाया जाएगा तो उनके कॉलेज में विदांता में तो विदांता में यस जो जो है आपके स्क्रिप्चर की नॉलेज है वो भी होगी जो इंडियन लिटरेचर

26:58

Speaker A

है वह भी पढ़ा जाएगा बट उसके साथ-साथ क्या वेस्टर्न नॉलेज भी दी जाएगी यस बिकॉज़ ही बिलीव्स ही बिलीव्स कि हां हमारे हमारे कल्चर में बहुत कुछ बहुत अच्छा है बट ही आल्सो बिलीव्स कि वेस्टर्न कल्चर में भी

27:10

Speaker A

बहुत कुछ सीखने लायक है क्या उसको हमें इनग्रेन कर लेना चाहिए यस वेस्टर्न कल्चर में जो है वापस आते हैं एक बारी वेस्टर्न कल्चर की अगर हम बात करें राइट वेस्टर्न कल्चर जो हमारे रिफॉर्मर्स हैं वह वेस्टर्न एजुकेशन में कुछ चीजें इंग्रे करना चाहते

27:29

Speaker A

हैं कुछ चीजें लाना चाहते हैं फॉर एग्जांपल सबसे इंपोर्टेंट है साइंस राइट दूसरा यस इंग्लिश भी चाहते हैं कि वो वहां पढ़े हम बट मोस्ट इंपॉर्टेंट थिंग व्हिच वी वांट कि हम कहीं ना कहीं लैक कर रहे हैं मिडाइवल टाइम से लैक कर

27:44

Speaker A

रहे हैं कि हमारे यहां टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट साइंस का डेवलपमेंट बंद हो गया राइट तो क्या राजा राम मोहन रॉय चाहते हैं कि साइंस पढ़ाई जाए यस तो हमारे बहुत सारे रिफॉर्मर्स चाहते हैं कि साइंस पढ़ाना बहुत इंपॉर्टेंट है स्कूल कॉलेजेस में

27:55

Speaker A

साइंस पढ़ाइए बिकॉज़ जो भी ग्रोथ ब्रिटेन की की हो रही है अगर उनके यहां आज इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन हो पाया है तो उसके पीछे कहीं ना कहीं ना कहीं कारण जो है टेक्नोलॉजिकल ग्रोथ है राइट तो टेक्नोलॉजिकल टेक्नोलॉजिकल ग्रोथ

28:08

Speaker A

इंपोर्टेंट है तो हां भाई जो है इसके ऊपर भी काम किया जाएगा तो एजुकेशन में ही इ बिल्डिंग अप कि हां भाई यह भी होना चाहिए प्लस उनका एक इंग्लिश स्कूल भी है कलक में ही ऑफकोर्स इंग्लिश स्कूल एंड

28:23

Speaker A

यहां पर भी इस तरह की फिलॉसफी पढ़ाई जा रही वोल्टर पढ़ाए जा रहे हैं राइट है ना वोल टायर पढ़ाए जा रहे हैं मैकेनिक्स पढ़ाई जा रही है सो यू रिलाइज कि यहां उनका अच्छा खासा रुझान साइंस की तरफ भी है कि साइंस जो है

28:38

Speaker A

जरूर पढ़ाना चाहिए ओके तो ईस्ट प्लस वेस्ट ऐसा करके आप ध्यान में रख सकते हैं कि हां भाई जो है आपकी वेस्टर्न साइंस और लर्निंग भी होनी चाहिए और ईस्ट और वेस्ट दोनों का अमल गमेश यहां की अच्छी बातें वहां की अच्छी बातें

28:49

Speaker A

दोनों पढ़नी चाहिए राइट एजुकेशन प्लस प्लस लोकली ही हैज आल्सो हेल्प बंगाली लैंग्वेज उन्होंने एक बुक लिखी है गदिया व्याकरण राइट गदिया व्याकरण दिस इज अ ग्रामर बुक तो एक बंगाली ग्रामर प भी किताब लिखी है प्लस प्रोज स्टाइल इन्होंने डेवलप किया

29:06

Speaker A

है राइट देन देन जैसा कि हम पहले बात कर चुके हैं कि हां ही हिमसेल्फ इज अ गिफ्टेड पर्सन ही हिमसेल्फ इज अ लिंग्विस्ट और दर्जनों लैंग्वेज उनको आती है तो हां उ उन लैंग्वेजेस को पढ़ के क्या कुछ जर्नल्स

29:17

Speaker A

वगैरह न्यूज़पेपर भी बनाएंगे वो यस तो उनके कुछ न्यूजपेपर्स भी है तो दो न्यूजपेपर्स इनके इंपोर्टेंट है चच इज वन इज संवाद कॉम संवाद कमदी संवाद कमदी इ इज इन बंगाली राइट एंड अनदर पेपर इज मेरात उल अकबर मेरात उल

29:48

Speaker A

अकबर दिस इ दिस इज इन पर्शियन लैंग्वेज तो दो उनके न्यूज पेपर्स भी है एंड यू कैन से कि हां जो है यहां से हम देखेंगे कि हमारे एक बड़े रिफॉर्मर न्यूजपेपर का इस्तेमाल कर रहे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक

29:59

Speaker A

अपने आइडियाज पहुंचा सके अब उस समय न्यू पेपर और या फिर बाकी के जो 20 पर है दे विल बी एसोसिएटेड विद सम न्यूज़पेपर कि यहां पे मेरा भी आर्टिकल छाप देना कुछ ऐसा तो यहां पे इनके खुद के न्यूज़पेपर हमको

30:35

Speaker A

दिख रहे हैं संवाद कमदी एंड मेरात उल अकबर चलिए नाउ एज वी हैव सेड कि क्या उनका जो है बाकी जगह जो है कंट्रीब्यूशन नहीं है वी सी कि पॉलिटिकल डिमांड भी एजिस्ट करती है राजा राम मोहन रॉय की नाउ बिफोर

30:51

Speaker A

आई यू नो गो इन टू पॉलिटिकल डिमांड्स वी मस्ट आल्सो अंडरस्टैंड कि वो अपने समय से कहीं आ गए राइट अभी सोशल रिफॉर्म में ही वो एक ला चलो हैं राइट कोई और सोशल रिफॉर्मर भी अभी हमें बड़ा यहां दिखाई

31:01

Speaker A

नहीं दे रहा है अब ऐसे टाइम में अगर वो पॉलिटिकल डिमांड भी रख दे थे और एक मोर्चा खोल लेते और कहते इंकलाब जिंदाबाद तो कहीं ना कहीं क्या अंग्रेजों के खिलाफ कुछ जो है क्रिएट कर पाते नहीं कहीं ना कहीं उनको

31:12

Speaker A

भी अंडरस्टैंडिंग है कि ये समय है पहले सोशल रिफॉर्म करने का तो उनका जो मेजर फोकस है वो सोशल रिफॉर्म पे है बट उनकी कुछ पॉलिटिकल डिमांड्स हैं आई विल नॉट से कि हां वो बहुत एग्रेसिव थे इन डिमांड्स

31:23

Speaker A

के ऊपर बट आई वि से कि हां उनका जरूर जरूर जो है यू कैन से इंक्लिनेशन है उनके कुछ डिमांड्स हैं जिसमें ऑफकोर्स अग्रेशन मिसिंग है रीजन कि ही इज इनटू सोशल रिफॉर्म अब अंग्रेजों से भी दुश्मनी कर दे

31:34

Speaker A

बेंटिक को भी जो है एक तरफ कह रहे हैं कि हां सती रेगुलेशन चाहिए और दूसरी तरफ कह रहे हैं ये डिमांड करके देना तो ऑफकोर्स बेंटिक नहीं मानेगा तो वी मस्ट अंडरस्टैंड कि वो अपने समय से कहीं ज्यादा है कहीं

31:42

Speaker A

आगे हैं दैट इज रीजन दज डिमांड्स आर देयर बट ही इज नॉट सुपर एग्रेसिव ऑन दिस तो बहुत एग्रेसिव नहीं है बहुत जोर नहीं है तो क्या ये कह रहे हैं कि जमीदार जो है जमींदार बंगाली जमींदार बंगाली जमींदार

31:54

Speaker A

कहीं ना कहीं पीजेंट से कहीं ज्यादा पैसा जो है वसूल ूल रहे हैं स्पेशली जो रेवेन्यू सेटलमेंट हुआ है उसमें जमीदारों की वैल्यू काफी ज्यादा बढ़ गई परमानेंट सेटलमेंट पढ़ाऊंगा आगे मैं तो परमानेंट सेटलमेंट के तहत बंगाल में परमानेंट

32:08

Speaker A

सेटलमेंट हो गया था तो इनका कहना था कि रेंट फिक्स करो कि हां भाई अगर ये जमीन है तो इसमें से मैक्सिमम रेंट कितना लिया जा सकता है मैक्सिमम पैसा कितना लिया जा सकता है इट शुड बी डिक्लेयर्ड ऐसा नहीं कि जमींदार की

32:22

Speaker A

मर्जी है कि हां 00 लेगा कि 000 लेगा तो मूड आए तो 00 ले देगा ऐसा नहीं हो सकता तो जमींदार की विम्स एंड फैमसी प नहीं होना चाहिए राइट देयर शुड बी सम डेडिकेटेड और यू कैन से डिफाइंड रेंट कि हां भाई इतना

32:34

Speaker A

ही पैसा लेना है राइट तो मैक्सिमम रेंट आपको डिफाइन करना है और जमींदार जो है जमींदार ऑपरेस नहीं करना चाहिए जमींदार किसानों को किसानों के साथ जोर जबरदस्ती ना करें इस तरह परेशान ना करें राइट प्लस अगर कोई टैक्स फ्री लैंड है तो भाई उसके

32:48

Speaker A

ऊपर टैक्स क्यों ले रहे हो डिफाइंड है कि ये टैक्स फ्री लैंड है हो सकता है कोई ऐसा रिलीजन रिलीजन रिलेटेड रिलीजस लैंड हो जिसको कभी दान मिला हुआ हो अब आप कह रहे सरकार कह रही कि नहीं हम इस पे भी टैक्स

32:57

Speaker A

चाहिए तो कह रहे कि नहीं ये नहीं होना चाहिए प्लस प्लस एक्सपोर्ट ड्यूटीज कि हमारे इंडियन ट्रेडर और मर्चेंट जो हैं जब वो एक्सपोर्ट करने की कोशिश करते हैं तो आप उनके ऊपर ड्यूटी लगा देते हैं तो क्या

33:08

Speaker A

वो बेचारे एक्सपोर्ट कर पा रहे हैं नहीं क्या हमारा जो जो है इंडस्ट्री है हमारा जो हैंडीक्राफ्ट है क्या इसकी वजह से परेशान है यस दिस सी अगेन इट इज नॉट अबाउट कि क्या ये डिमांड मानी जाएंगी इट इज मोर

33:20

Speaker A

अबाउट अंडरस्टैंडिंग कि 1820 के दौर में या 1810 के दौर में वी हैव अ लीडर हु हैज ऑल दीज अंडरस्ट हु इज आस्किंग फॉर ल दिस दिस इज मोर इंपोर्टेंट कि कोई तो समझ रहा है कि हां देखो दिक्कत है तो बंगाली जो बंगाली जो जो

33:34

Speaker A

है यू कैन से यू नो एजुकेटेड क्लास है या जो एलाइट क्लास है कहीं ना कहीं क्या व सारी बातें ऑब्जर्व कर पा रहे हैं यस यही सही बात है पॉलिटिकल डिमांड आज मैंने कहा कि अग्रेसिव नहीं है बट क्या यही डिमांड

33:45

Speaker A

आगे अग्रेसिव हो जाएंगी यस इट विल बी लाइक वेरी अग्रेसिव यही पॉलिटिकल अवेक निंग है तो खैर एनीवे तो ये बात करेंगे कि जो ईस्ट इंडिया कंपनी है क्योंकि हम 1810 1820 की बात कर रहे हैं इंडिया कंपनी जो कि एक

33:58

Speaker A

प्राइवेट कंपनी है राइट वो हमारे यहां सरकार भी चला रही है तो इसको सरकार चला रही है तो ट्रेडिंग राइट नहीं होना चाहिए राइट या तो बिजनेस ही कर लो और या फिर सरकारी चला लो दोनों में से कोई एक काम

34:08

Speaker A

होना चाहिए जो कि बात मान ली जाएगी आगे जाके बाय द वे देन ही इ सेइंग कि इंडिना इजेशन ऑफ द सुपीरियर सर्विसेस कि हां जो आईएस पीसीएस हैं या जो भी इस समय सुपीरियर सर्विसेस हैं कवनेंट्स में इंडियंस होने चाहिए हमारे हमारे आईएएस

34:22

Speaker A

ऑफिसर्स हमारे अपने इंडियंस होने चाहिए क्या बाहर के ऑफिसर्स आप लेकर आ रहे हो राइट तो ही हैज डिमांडेड दिस एज वेल प्लस एग्जीक्यूटिव और जुडिशरी दोनों अलग-अलग चीजें होनी चाहिए ऐसा नहीं कि सरकार ही जो है न्याय कर रही है जुडिशरी भी जो है सेम

34:34

Speaker A

ही है नहीं दोनों में सेपरेशन होना चाहिए दोनों में कनेक्शन नहीं होना चाहिए राइट प्लस जुडिशियस इक्वलिटी कि जो इंडियन जज है है ना इंडियन जजेस हायर होते हैं ऑफकोर्स शुरू से होते हैं तो इंडियन जज जो हैं और जो यूरोपियन जज हैं दोनों की

34:47

Speaker A

वैल्यू दोनों का स्टेटस सेम होना चाहिए हो क्या रहा था कि बहुत सारे केसेस में फॉर एग्जांपल अगर मैं इंडियन जज हूं और मेरे सामने कोई यूरोपियन जो है कॉन्वेक्स जो है जो है इसके ऊपर सजा सुनानी है तो

34:58

Speaker A

मैं नहीं सुना सकता राइट क्यों क्योंकि मैं तो इंडियन जज हूं राइट रेशल इनफीरियर हूं मैं क्या ही जानूं कि इसके साथ क्या करना है है ना तो मुझे लॉ की जानकारी होगी बट अंग्रेजों को मैं कोई ऐसा न्याय नहीं

35:08

Speaker A

दे सकता या अंग्रेजों को सजा नहीं सुना सकता अगर यूरोपियन है तो यूरोपियन को सजा देने को यूरोपियन जज ही आएगा मैं इस लायक नहीं हूं ऐसा समझा जाता था तो ही वाज लाइक कि ना ये तो गलत है तो जुडिशियस इक्वलिटी

35:19

Speaker A

होनी चाहिए तो ही हैड ऑल दीज पॉलिटिकल डिमांड्स एंड नॉट ओनली दिस वो डेली न्यूज़पेपर ही पढ़ते थे डेली द हिंदू पढ़ते थे नहीं द हिंदू नहीं देख बट ही हैड ऑल दिस यू कैन से जियोपोलिटिकल अंडरस्टैंडिंग सो ही इज आल्सो कॉल्ड एज

35:32

Speaker A

इंटरनेशनलिस्ट कि हां वो सिर्फ धर्म की बात नहीं कर रहे हैं सिर्फ सोसाइटी की बात नहीं कर रहे हैं सिर्फ पॉलिटी की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि दुनिया में क्या हो रहा है उसपे भी उनका व्यू है उसके ऊपर उसकी

35:42

Speaker A

अंडरस्टैंडिंग है तो दिस शोज यू नो व्हाट अ इनलाइटें पर्सन ही वाज फॉर एग्जांपल ही बिलीव्स इन यूनिवर्सल प्रिंसिपल ऑफ लिबर्टी इ क्वालिटी फ्रेटरनिटी जस्टिस राइट कि भाई समझते हैं कि हां भाई जो है ये क्या है और इसका एप्लीकेशन होना चाहिए

35:55

Speaker A

इंडिया में भी होना चाहिए उसी के हिसाब से वो डिमांड कर रहे हैं प्लस नेपल्स में रेवोल्यूशन हो रहा है तो सपोर्ट कर रहे हैं स्पेनिश अमेरिका में रेवोल्यूशन हो रहा है वो सपोर्ट कर रहे हैं प्लस आयरलैंड

36:04

Speaker A

में जो जोर जबर जबरदस्ती कर रहा है ब्रिटेन जबरदस्ती उसपे कब्जा बिठा रखा है उसके भी खिलाफ है और कह रहे हैं कि अगर ये सब नहीं सुधरा तो मैं एंपायर छोड़ के चला जाऊंगा राइट छोड़ ही दूंगा आपकी अंपायर

36:14

Speaker A

ऐसा भी धमकी दे रहे हो राइट सो व्हाट वी आर ऑब्जर्विंग कि ही हैज डिमांड्स इन ऑल दी डायमेंशन राइट है ना चाहे वो विद रिस्पेक्ट टू कास्ट हो विद रिस्पेक्ट टू जो है एजुकेशन हो विद रिस्पेक्ट टू वुमेन

36:25

Speaker A

हो या फिर विद रिस्पेक्ट टू रिलीजन एंड उसके साथ ही साथ ही इज आल्सो इन टू पॉलिटिकल एरीना उनकी पॉलिटिकल डिमांड भी है प्लस प्लस जो है ही इज आल्सो एन इंटरनेशनलिस्ट राइट एंड एंड विद हिम वी विल सी अ लॉट ऑफ न्यू लीडर्स कमिंग इन फॉर

36:40

Speaker A

एग्जांपल हम डेविड हरे की बात कर रहे थे एलेग्जेंडर डफ है देवेंद्रनाथ टैगोर राइट वन ऑफ दी वेरी वेरी इंपोर्टेंट जो है यू कैन से एसोसिएट ही हैज प्लस पी के टैगोर चंद्रशेखर देव ताराचंद एट सेक्ट्रा राइट आई एम नॉट सेइंग सारे नाम रटने हैं आपको

36:54

Speaker A

बट हां देवेंद्रनाथ टैगोर इतना ध्यान रखिएगा राइट अभी आगे देखेंगे देवेंद्रनाथ टैगोर को नाउ बिफोर आई गो अहेड राइट दिस इज दिस इज जो है उनका जो मसलम है ब्रिस्टल में राइट जहां पे उनकी डेथ हुई थी राइट

37:06

Speaker A

इंग्लैंड में और ये एक 1965 1964 समवेल एक जो है कमेमोरेटिव स्टैंप निकाला गया था फॉर राजा राम मोहन रॉय नाउ नाउ एक छोटी सी बात जो है और ऐड करनी थी पीछे वापस चलते हैं टाइम लाइन पे

37:20

Speaker A

तो सवेर इन 1823 1823 ही हैज आल्सो एस्टेब्लिश कलक यूनिटेरियन कमिटी कलक यूनिटेरियन कमिटी राइट अब यह जो है दिस इ रिलेटेड टू क्रिश्चियनिटी इसमें इसमें राजा राम मोहन रॉय तो फाउंडर है ही है बट उनके साथ-साथ देर इज द मिशनरी च इज विलियम

37:52

Speaker A

एडम्स विलियम एडम्स ब्रिटिश है और बहुत ज्यादा इंस्पायर्ड है जो है राजा राम मोहन रॉय से प्लस प्लस अनदर पर्सन अलोंग विद हिम इज द्वारकानाथ टैगोर द्वारका नाथ टैगोर राइट है ना तो ज है टैगोर फैमिली यहीं से एक्टिव है तो ये जो कलका

38:15

Speaker A

यूनिटेरियन कमिटी है ये क्रिश्चियनिटी में रिफॉर्म की बात कर रही है कि क्रिश्चियनिटी में बात होती है ट्रिनिटी की जैसे जैसे हिंदुइज्म में ट्रिनिटी है कि हां ब्रह्मा विष्णु महेश कि हां सबब इज ब्रह्मा इज जो है जी इज योर क्रिएटर देन

38:29

Speaker A

विष्णु जी इज बेसिकली जो है प्रिजर्वर एंड महेश और बेसिकली भगवान शिव इज दी डिस्ट्रॉयर ऑफ द यूनिवर्स तो ऐसा माना जाता है वैसे ही क्रिश्चियनिटी में भी ट्रिनिटी की बात है कि तीन है कि यहां जो है फादर सन एंड द होली स्पिरिट तो

38:42

Speaker A

ट्रिनिटी की बात है तो वो वहां पे जो रिफॉर्म की बात है कि नहीं ट्रिनिटी नहीं होना चाहिए यूनिटरी होना चाहिए तो यूनिटेरियन कमेटी तो उस क्रिश्चियनिटी में रिफॉर्म के लिए एक कलकाता यूनिटेरियन कमेटी स्थापित करी गई थी मैंने क्यों

38:54

Speaker A

इंट्रोड्यूस किया इसे राइट बिकॉज आई वांटेड ट टू टेल यू अबाउट विलियम एडम्स विलियम एडम्स हम वापस कनेक्ट करेंगे जब पॉलिटिकल डिस्कशन करेंगे राइट है ना तो नाम ध्यान रखिएगा विलियम एडम्स एंड एक और हमने समझा कि उनके इंपॉर्टेंट एसोसिएट है

39:08

Speaker A

देवेंद्रनाथ टैगोर देवेंद्रनाथ टैगोर स नाउ दिस वाज अबाउट राजा राम मोहन रॉय हमने ये भी समझा कि भाई जो है अ क्यों नाउ थोड़ा सा ये क्लेरिटी हुई होगी कि क्यों फादर ऑफ इंडियन नेसा कहा जा रहा है

39:22

Speaker A

या मॉडर्न इंडिया के जो है फादर कहे जा रहे हैं वो क्योंकि उन्होंने उन्होंने 1810 1820 के दशक में पहली बार इस तरह की जो है डिमांड रखी और ब्रह्म समाज की स्थापना करी नाउ अगेन अगेन जैसा कि मैंने

39:33

Speaker A

कहा कि एकता चलो तो आज अभी भले जो है 1820 में इसका इंपैक्ट हमें बहुत ज्यादा नहीं दिख रहा हमें दिख रहा है कलकता में कोई पर्सन है जो कि इनलाइटेंड है और कुछ इस तरह की डिमांड्स कर रहा है पर क्या वो

39:45

Speaker A

दुनिया हिज देगा क्या वो इंडिया हिरा देगा आइए समझते हैं नाउ गोइंग अहेड दिवि नाथ टैगोर एंड ब्रह्म समाज तो ब्रह्मो समाज की कहानी अभी खत्म नहीं हुई ब्रह्म समाज की कहानी अभी शुरू हुई है 1828 में वो तो चले गए ब्रह्म सभा को

40:00

Speaker A

रिनेम कर दिया गया ब्रह्म समाज तो काफी टाइम तक जो है यू कैन से ब्रह्म समाज लाइक साइडलाइन नाउ अनदर रिफॉर्मर देवेंद्रनाथ टैगोर जो राजा राम मोहन रॉय से कहीं ना कहीं एसोसिएटेड भी थे देवेंद्रनाथ टैगोर की एसोसिएशन है तत्व बोधनी तत्व बोधनी सभा तो

40:22

Speaker A

1839 में देवेंद्रनाथ टैगोर देवेंद्र नाथ टैगोर राट देवेंद्रनाथ टैगोर ड स्टार्टेड तत्व बोधनी सभा तत्व बोधनी सभा और इसके साथ साथ एक पत्रिका भी है जनल भी है जो लोग पढ़ते हैं अगेन एक पत्रिका इंपॉर्टेंट है राट तो प्लस

40:48

Speaker A

पत्रिका भी है जिसम व अपने आइडिया प्रीच कर र दिस बॉडी इ अबाउट दिस बॉडी इज अबाउट सिस्टमिक स्टडी ऑफ द इंडियाज पास्ट यहां जो है एक बार थोड़ा साइंटिफिकली या राशनली देखते हैं कि भारत का इतिहास क्या रहा है तो सिस्टमैटिक

41:07

Speaker A

स्टडी ऑफ द इंडियास पास्ट तो इंडिया का पास्ट पढ़ रहे सिस्टमैटिकली यस इंडियास पास्ट और वो भी कैसी स्टडी सिस्टमैटिक राइट है ना रिलीजस पॉइंट ऑफ व्यू से नहीं सिस्टमिकली देखें कि हां जो है कैसा क्या हुआ है प्लस ही अगेन

41:27

Speaker A

इंस्पायर्ड बाय राजा राम मोहन राय तो कहीं ना कहीं ब्रह्मो आइडियाज भी इसका पार्ट है यस क्या व यह प्रीच कर रहे क्या इस डायरेक्शन में आगे बढ़ रहे हैं यस नाउ 1843 में देवेंद्रनाथ टैगोर जो है बिकम इंपोर्टेंट पार्ट बेसिकली स्टार्टेड

41:43

Speaker A

हेडिंग द ब्रम सॉरी ब्रह्म समाज तो 1843 में इन्होंने ब्रह्मो समाज हेड करना शुरू किया 1843 ब्रह्मो समाज अब क्या है कि वापस वास वापस हमें एक लीडर मिल गया है राइट है ना एक लीडर मिल गया है एक बड़ा लीडर मिल गया है जिनके पास

42:02

Speaker A

अपना एक नेटवर्क भी है अपनी एक बॉडी भी है लोग भी राइट सो नाउ कैन ही कैन ही जो है यू नो स्प्रेड दीज आइडियाज क्या इस इन आइडियाज को फैला सकते हैं राइट लोगों को तक लेके जा सकते हैं यस तो नाउ नाउ द न्यू

42:14

Speaker A

लीडर कमिंग इन इज देवेंद्रनाथ टैगोर तो विद हिज तत्वबोधिनी पत्रिका ही विल बी एबल टू जो है टेल पीपल कि हां जो है यू नो ब्रह्मो समाज के आइडियाज ये हैं ये सारे रिफॉर्म्स जो भी ब्रह्म समाज चाहता था उन

42:25

Speaker A

रिफॉर्म्स पे यह काम करना चालू कर देंगे राइट नाउ ये जो रिफॉर्म्स है रिफॉर्म्स ये दो डायमेंशन में यहां पर जो अब जो काम चालू हुआ है राट दिस इ इन टू डायरेक्शंस पहला पहला डायरेक्शन है कि हां ही वांटेड

42:45

Speaker A

टू वर्क इन द डायरेक्शन जो ज राजा राम मोहन राय खुद देके गए हैं फॉर एग्जांपल आइडल वशिप नहीं करनी चाहिए आइडलेट्री के खिलाफ है पॉलिम के खिलाफ है राइट सो दिस इ मोर लाइक रिलीजियस रिफॉर्म जैसा हम पहले

42:58

Speaker A

बात कर रहे थे है ना कि यहां पे जो है आपको ऐसा कोई तीर्थ यात्रा करने में बहुत पैसे नहीं खर्च करने चाहिए आप लोग शादी बयाह में बहुत पैसे खर्च करते हैं वो भी नहीं करना चाहिए तो दिस इज अगेंस्ट

43:07

Speaker A

सेरेमनीज एज वेल सेरेमनीज है ना कि हां दिस इज नॉट द रियल और द करेक्ट वे ऑफ यूजिंग मनी राइट आपको सेरेमनीज वगैरह प इतने खर्चे नहीं करने चाहिए तीर्थ यात्रा में कुछ नहीं रखा ऐसा करके जो है ये एक जो है विंग है एक जो है

43:23

Speaker A

सेगमेंट जो उनके काम का है वो ये है दूसरा दूसरा क्रिश्चन मिशनरीज काफी एक्टिव हो चुके थे तो क्रिश्चन मिशनरीज व ट्रांग कि हां जो जो हिंदू है या जो भी इंडियन पॉपुलेशन है उनको उनको कन्वर्ट कर दिया

43:38

Speaker A

जाए तो क्या यह क्रिश्चन मिशनरी के खिलाफ भी ऑपरेट करेंगे यस कि यहां भा इनको कन्वर्ट करने नहीं दिया जाए एंड देवनाथ टैगोर की वजह से जो अब तक ब्रह्म समाज कलका में पॉपुलर था राइट ड बिकॉज ऑफ

43:50

Speaker A

देवेंद्रनाथ टैगोर अब यह ब्रह्म समाज कलका से निकलकर बंगाल में पॉपुलर होने लग गया तो वो जो ब्रह्म समाज के आइडियाज हैं राजा राम मोहन रॉय के आइडियाज हैं अब वो सिर्फ कलकाता तक सीमित नहीं है विद द

44:06

Speaker A

हेल्प ऑफ देवेंद्रनाथ टैगोर नाउ इट इज रिचिंग द अदर पार्ट्स ऑफ बंगाल एज वेल राइट बट बट एक अच्छे लीडर की पहचान ये होती है कि वो खुद तो लीडरशिप करता है बट एक अच्छा लीडर वो होता है जो अपने नीचे

44:20

Speaker A

बहुत सारे लीडर्स क्रिएट करता है ताकि ये सस्टेनेबल प्रोसेस हो जाए ऐसा ना हो कि हां ये लीडर चला गया तो नीचे आपको कुछ है ही नहीं सन्नाटा हो गया वैक्यूम हो गया नहीं तो बड़ा लीडर वो है जो लीडर्स क्रिएट

44:30

Speaker A

करे राइट तो यहां पे हम देखेंगे कि देवेंद्रनाथ टैगोर काफी सारे बड़े-बड़े नामों को या फिर बड़े-बड़े रिफॉर्मर्स को अपने साथ लेकर आएंगे उन्हें प्लेटफॉर्म प्रोवाइड करेंगे और वो लोग भी ग्रो करेंगे प्लस आगे के बहुत सारे रिफॉर्मर यहां से

44:44

Speaker A

क्रिएट हो रहे हैं बिकॉज ऑफ देवेंद्रनाथ टैगोर फॉर एग्जांपल फॉर एग्जांपल जिन लोगों को इन्होंने एसोसिएट किया है उसमें बड़ा नाम आता है एक ईश्वर चंद्र विद्यासागर का ईश्वर चंद्र राइट प्लस प्लस देन यू कैन आल्सो राइट अश्विनी कुमार

45:05

Speaker A

दत्त अश्विनी कुमार दत्त और जो सबसे बड़ा कंट्रीब्यूशन है वह है केशव चंद्र सेन तो केशव चंद्र सेन से जब मिले वो 188 में 188 केशव केशव चंद्र सेन 18582 है वो सिर्फ बंगाल की नहीं सोच रहे वो भारत की सोच रहे हैं राइट उनका उनका जो

45:55

Speaker A

एम है कि ये जो थॉट प्रोसेस है ये जो रिफॉर्म मूवमेंट है इसे सिर्फ बंगाल तक सीमित क्यों रखना है इसको भारत में लेके जाना है तो जगह ये ब्रांचेस खुलने लग जाएंगे फॉर एग्जांपल बंगाल तो था ही यूपी बॉम्बे

46:32

Speaker A

मद्रास तो यूपी बिकॉज ऑफ केसीएस तो यूपी बॉम्बे मद्रास पंजाब अब यह थॉट प्रोसेस पैन इंडिया हो गया है और बड़ी-बड़ी जगह जो है अब ये थॉट प्रोसेस पहुंच रहा है हमारी ये ब्रांचेस इस समय इस समय ऐसे ओपन हो रही है तो बाहर

46:54

Speaker A

ऐसी कुछ नहीं तो 54 ब्रांचेस 54 ब्रांचेस तो यू कैन अंडरस्टैंड कि केशव चंद्र सेन हैज गिवन अ न्यू मीनिंग टू ब्रह्मो समाज राइट इसको अलग ही लेवल पर उन्होंने एक्सपेंड कर दिया है बिकॉज ऑफ हिज पर्सनालिटी बिकॉज ऑफ द वे ही स्पीक्स राइट

47:08

Speaker A

है ना तो जो उनका जो एलक्ट बिहेवियर है जो बेसिकली उनकी जो स्पीस हैं वो जो सुनेगा मंत्र मुग्ध हो जाएगा भगवान मानने लग जाएगा केशव चंद्र सेन को कि भाई मान गए आपको राइट तो बिकॉज ऑफ हिस फैन फॉलोइंग ये

47:19

Speaker A

बढ़ने लगा प्लस उनका एक न्यूज़पेपर भी है इंडियन मिरर इंडियन मिरर क्योंकि मैंने कहा कि हर किसी का एक न्यूज़पेपर होना बनता है भाई राइट अपना एक भी उनकी मीटिंग्स में आने लग गए हैं जुड़ने लग गए हैं उनकी बातें होने लगी हैं

47:59

Speaker A

दूसरे धर्मों के स्क्रिप्चर की बातें होने लग गई हैं तो कहीं ना कहीं केशव चंद्र सेन जो ओरिजिनल आईडिया था कि हिंदुइज्म को प्यूरिफाई करना है उस आइडिया से दूर जाने लग ग राइट है ना तो अब जो है हिंदू

48:10

Speaker A

मूरिंग्स या फिर जो हिंदू यू कैन से रूट था हिंदू रूट से अब ये कहीं ना कहीं दूर जा रहे हैं तो ग्रैजुअली व्हाट वी विल ऑब्जर्व कि यहां जो है हिंदू रूट्स से अब क्या वो दूर चले गए यस काफी कॉस्मो पॉलिटन

48:24

Speaker A

बिहेवियर हो गया काफी यू से बाकी के जो धर्मों की बातें होने लग गई राइट नाउ नाउ इनफैक्ट ही वाज वेरी मच वोकल अपॉन कास्ट सिस्टम कि कास्ट सिस्टम तो नहीं ही होना चाहिए अब ये जो एग्रेसिव नेचर है या जो

48:38

Speaker A

वोकल नेचर है केशव चंद्र सेन का कहीं ना कहीं ये देवेंद्रनाथ टैगोर जी को लगा कि नहीं दिस इज नॉट अस ये ब्रह्मो समाज नहीं है राइट है ना ये हमें नहीं चाहिए था तो होता है कभी-कभी यहां जो है आपकी जो

48:49

Speaker A

फिलॉसफी है तो जो अगली जनरेशन की जो फिलॉसफी है वो कहीं आपसे आगे निकल गई है राइट तो यही हुआ है कि केशव चंद्र सेन की फिलॉसफी बहुत आगे निकल गई तो अब देवेंद्रनाथ टैगोर को लगा कि नहीं ये तो

48:59

Speaker A

गलत हो गया एंड फिर होगा स्प्लिट 1866mhz समाज ऑफ इंडिया क्यों क्योंकि भाई पूरे इंडिया में इन्होंने स्प्रेड किया था तो उसे ब्रह्म समाज ऑफ इंडिया कहेंगे राइट और जो ओरिजिनल ब्रह्म समाज है उसे क्या कहेंगे ओरिजिनल ब्रह्म समाज मतलब आदि

49:38

Speaker A

ब्रह्म समाज तो यहां पर 66 में 186 तक आते आते एक प्रॉपर स्प्लिट हमें नजर आ रहा है च इ इनटू ब्रह्म समाज ऑफ इंडिया एंड एंड एंड आदि ब्रह्म समाज अब केशव चंद्र सेन मेन ब्रह्म समाज समा से बाहर आ चुके हैं बट वी

49:57

Speaker A

मस्ट आल्सो अंडरस्टैंड कि अब वो बहुत बड़े लीडर हो चुके हैं राइट उनकी फैन फॉलोइंग उनकी जो यू कैन से जो है यू कैन से फॉलोअर बेस है वो पैन इंडिया है लोग उनको फॉलो कर रहे हैं लोग चाहते हैं कि एक बार केशव

50:07

Speaker A

चंद्र सेन से मिल ले एक बार हाथ मिला ले राइट है ना यू विल फाइंड कि हां देर विल बी लीडर्स हु विल से कि हां केशव चंद्र सेन ने मुझे एक किताब दी थी राइट उनके लिए वो जीवन की बहुत बड़ी जो है बात है कि

50:17

Speaker A

केशव चंद्र सेन यहां पे आए थे मैंने उनके साथ स्टेज शेयर किया था बहुत बड़ी बातें हैं सारी राइट तो खैर खैर तो ब्रह्म समाज ऑफ इंडिया विल सी कि चंद्र सेन लेके आगे बढ़ रहे हैं एंड 18706 व्हिच इज इंडियन रिफॉर्म

50:39

Speaker A

एसोसिएशन इंडियन रिफॉर्म एसोसिएशन व्हिच इज मोर इनटू कि हां भाई जो अवेयरनेस है चाहे वो महिलाओं को रिलेटेड हो चाहे एजुकेशन को रिलेटेड हो चाहे टेंपरेंस कि हां भाई अल्कोहल कंज्यूम नहीं करना चाहिए सिगरेट स्मोक नहीं करना चाहिए ये जो भी ज

50:53

Speaker A

यूथ को सिखाना है तो इन सारी बा बातों पे इंडियन रिफॉर्म एसोसिएशन वर्क करने लग जाएगा अब यहां पे यहां पे एक और जो है जो हमें इंपैक्ट देखने को मिलेगा हम देखेंगे कि केशव चंद्र सेन पहली बात तो बहुत

51:06

Speaker A

सेकुलर हो रहे हैं राइट बीच में 187 के दौर में वो ब्रिटेन चले जाएंगे एंड वो काफी सेकुलर हो चुके हैं और कहीं ना कहीं अब इस जो है थॉट प्रोसेस है वो और दूर जा रहे हैं राइट एंड एंड एडिशनल एडिशन वो

51:19

Speaker A

काफी इंस्पायर हो रहे हैं काफी इंस्पायर होने लग जाएंगे विद विद राम कृष्ण परमहंस अभी थॉट बाद में कनेक्ट करेंगे मतलब इसी इसी क्लास में करेंगे बट हा राम कृष्ण परमहंस राट तो राम कृष्ण परमहंस से भी वो काफी इंस्पायर होने लग रहे हैं आगे

51:41

Speaker A

जाके एनीवे एनीवे यहां पर एक और एक इवेंट होगा कि जो है कि उनकी जो बेटी है 13 साल की बेटी जो है उनकी शादी वो करा देंगे कुछ बिहार के राजा है उनके साथ तो अब लोग कहेंगे सर ये

51:55

Speaker A

क्या क्या कर दिया आपने राइट चाइल्ड मैरिज कर दिया आपने ऐसे कैसे हो सकता है तो उनके फॉलोअर्स बहुत सारे फॉलोअर्स भी चौक जाएंगे ऐसा कैसे हो सकता है केशव चंद्र सेन ऐसा कैसे कर सकते हैं आफ्टर ऑल दीज

52:05

Speaker A

टीचिंग्स फिलॉसफी एवरीथिंग अपनी ही बेटी की शादी 13 साल की बेटी की शादी आपने जो है कैसे कर दी राइट महाराजा के साथ तो उन्होंने कहा कि मुझे सपना आया था मुझे भगवान ने कहा था कि ऐसा करना चाहिए एटस जो

52:16

Speaker A

भी उन्होंने एक्सप्लेनेशन दिया तो हमें समझ में आ रहा है कि हां इसमें कुछ सेगमेंट कुछ जो सेक्शन था लीडर्स का उन्हें लगेगा कि नहीं हम केशव चंद्र सेन जी के साथ आगे क नहीं कर पाएंगे और 18788

52:28

Speaker A

में एक और स्प्लिट क्रिएट होगा च इ कि भाई हम हाईफाई ब्रह्म समाज नहीं है हम है साधारण ब्रह्म समाज जिसमें जिसमें मेजर जो जो है लीडर का नाम आता है च ज आनंद मोहन बोस आनंद मोहन बोस एंड एस एन

53:04

Speaker A

शास्त्री दे विल बी लाइक कि हां जो है अब हम अपना एक सिंपल सा ब्रह्मो समाज एस्टेब्लिश कर रहे हैं साधारण ब्रह्म समाज राइट सो नाउ अगेन द पॉइंट इज कि जो हम लेकर चले थे उसका पीक हमें 1860 जो तक

53:17

Speaker A

हमको दिख रहा है बट उसके आगे पहली बात तो केशव चंद्र सेन की खुद की फिलोसोफी चेंज हो रही है ही इज इंक्लाइंड टुवर्ड्स राम कृष्ण परमहंस प्लस जो उन्होंने बॉडी भी बनाई थी में भी स्प्लिट आने लगे लोग उनको

53:27

Speaker A

उनको जो है इंकार्नेट अवतार मानने लग गए थे और यहां पर एंथ तक आते-आते ही विल आल्सो एस्टेब्लिश नवा विधान नवा विधान जिसे न्यू डिस्पेंसेशन भी कहते हैं न्यू डिस्पेंसेशन नवा विधान या फिर न्यू डिस्पेंसेशन एक मंदिर बन जाएगा राइट न्यू

53:54

Speaker A

डिस्पेंसेशन का और और वो वो मंदिर में जो है आप समझिए तो सारे ही धर्म मिले हुए हैं तो ये जो फिलॉसफी है कहीं ना कहीं जो है यू कैन से डाइल्यूट हो गई है जो ब्रह्म समाज की जो ओरिजिनल फिलॉसफी थी इस रास्ते

54:06

Speaker A

तक आते-आते फाइनली 1880 तक आते आते 187 तक आते-आते अब वो फिलॉसफी काफी चेंज हो चुकी है तो ब्रह्म समाधि आगे कोई बहुत सिग्निफिकेंट है राइट इंपैक्ट वाइज हम कह सकते हैं यस बट 1890 तक आते-आते जो है

54:18

Speaker A

ब्रह्म समाज विल बी लाइक वेरी मच डाइल्यूटेड और उसके आगे कोई बहुत सिग्निफिकेंट ब्रह्मो समाज की नहीं रह जाएगी बट हां क्या ये 6070 का दौर ब्रह्म समाज का पीक था यस अब क्या आप कहेंगे कि सर तो फिर क्या इस टीचिंग की मतलब ही नहीं

54:31

Speaker A

रह गया नहीं ये नहीं है टीचिंग का मतलब बहुत है टीचिंग का मतलब इसलिए बहुत है क्योंकि जब 1850 के दशक में 60 के दशक में जब केशव चंद्र सेन है देवेंद्रनाथ टैगोर हैं और जब सारे लोग ये बात कह रहे हैं कि

54:43

Speaker A

मोनोथेस्ट होना चाहिए पॉलीथििज्म नहीं होना चाहिए आइडलेट्री नहीं होनी चाहिए तो ये जो फिलॉसफी है यू विल फाइंड कि बाकी जितने भी रिफॉर्मर हैं वो भी यही बात कहेंगे कि हां मोनोथेज्म होना चाहिए आइडलेट्री नहीं होनी चाहिए पॉलीथििज्म

54:57

Speaker A

नहीं होना चाहिए राइट तो वो भी मोनोथेस्ट आइडियाज की ही बात करेंगे तो मोनोथेज्म टेक्निकली सोशल रिफॉर्म का बेस बन जाएगा बिकॉज ऑफ राजा राम मोहन राय राइट तो ये कहानी थी ब्रह्मो समाज की इसके साथ-साथ हमने केशव चंद्र सेन को देखा राइट है ना

55:13

Speaker A

केशव चंद्र सेन एंड ब्रह्म समाज और हमने समझा कि लास्ट तक आते-आते जो है काफी उनके जो फॉलोअर्स है उनसे नाराज हो जाएंगे राइट कुछ लोग उन्हें अवतार मानने लग गए हैं राइट कुछ लोग कहने लगे हैं कि अथॉरिटेरियन

55:22

Speaker A

हो गए हैं अथॉरिटेरियन मतलब अपने हिसाब से च अपनी मर्जी से चलाते डिक्टेटर हो गए राइट तो काफी लोग उनको अनफॉलो कर देंगे कि नहीं भाई हम आपके साथ नहीं चलेंगे आ तो वो एक दूसरा साधारण ब्रह्म समाज का स्प्लिट

55:34

Speaker A

हमने एक और देखा 187 ओके सो सो केशव चंद्र सेन हमने साधारण ब्रह्म समाज की बात करी राइट हमने समझा तो सिग्निफिकेंट कि ओवरऑल क्या जो है सिग्निफिकेंट रहा है कि एक नई फिलॉसफी जो है ब्रह्म समाज हमको

55:48

Speaker A

देके गया है प्लस प्लस इट वि इट विल बी वर्किंग इन ऑल द डायमेंशन जो हमने डिस्कस करी राइट चलिए बढ़ते हैं आगे बढ़ते हैं नाउ अ लॉट ऑफ बॉडी विल बी इंस्पायर्ड बाय ब्रह्मो समाज लट ऑफ बॉडी विल बी

56:00

Speaker A

क्रिएटेड्रॉअर्नेविगेटर यूपी पंजाब जो है बम्बे मद्रास एंड बम्बे में स्वयं केशव चंद्र सेन आए थे तो 186 में आत्माराम पांडुरंग आत्माराम पांडुरंग अंडर द गाइडेंस ऑफ केशव चंद्र सेन केशव चंद्र सेन केसीएस यूज करूंगा अंडर द गाइडेंस ऑफ केशव चंद्र सेन राइट ही

56:51

Speaker A

विल एब्लिश प्रार्थना समाज प्रार्थना समाज जो कि क्या ब्रह्मो समाज से इंस्पायर्ड है यस क्या ब्रह्म समाज का ही थॉट प्रोसेस आगे बढ़ रहा है यस क्या ब्रह्मो समाज महाराष्ट्र तक पहुंच गया यस राइट नाउ लेट्स अंडरस्टैंड ब्रह्मो समाज

57:09

Speaker A

तो हम देख रहे कि हा यही थॉट प्रोसेस अब कुछ बॉडीज क्रिएट करेगा इन अदर प्लेसेस एज वेल जैसे कि प्रार्थना समाज तो 187 राइट है ना एक परमहंस मंडली है बाद में बात करेंगे उसकी बट नाउ प्रार्थना

57:21

Speaker A

समाज तो प्रार्थना समाज अगेन देखिए क्या मोनोम एमफसा करेगा यस इट आल्सो टॉक अबाउट मोनोम राइट नाउ नाउ तो मोनोथेज्म इंपोर्टेंट है यस माना दिस विल आल्सो टॉक अबाउट मोनोथेज्म दिस विल आल्सो टॉक अबाउट सोशल रिफॉर्म्स बट बट द मेजर एस्पेक्ट ऑफ

57:42

Speaker A

द प्रार्थना समाज इज इज सोशल रिफॉर्म और सोशल सर्विस नॉट द कंफ्रे मतलब मतलब क्या हुआ मतलब यह कि सोसाइटी को यह नहीं बताना है कि तुम यह गलत कर रहे हो राइट ऐसा कंफ्रे लेकर आनी है तो अगेन यू मस्ट

58:04

Speaker A

अंडरस्टैंड कि प्रार्थना समाज एक नई बॉडी यहां पे क्रिएट हो रही है दिस इज अ न्यू थर्ड प्रोसेस अगर जनता को सीधे ऐसा कह दिया जाएगा कि नहीं ये प्रैक्टिस गलत है आपको आपको लोअर कास्ट के साथ ऐसा नहीं

58:14

Speaker A

करना चाहिए लोअर कास्ट जैसा कुछ होता ही नहीं है ऐसा समझाने की कोशिश करी जाएगी या फिर अगर कहा जाएगा कि नहीं ये महिलाओं के लिए जो है यू नो महिलाओं के साथ आप गलत कर रहे हैं तो हो सकता है लोग रिएक्ट कर जाए

58:24

Speaker A

हो सकता लोग इनके खिलाफ हो जाए तो इसीलिए कोई कंफ्रे नहीं है जोर जबरदस्ती नहीं है दे विल ओनली वर्क और मेनली वर्क इन सोशल सर्विस कि जो भी डाउन ट्रोड है जो महिलाएं हैं जिनकी सिचुएशन सही नहीं है उनको हेल्प

58:36

Speaker A

करना एजुकेशन लेकर आना है यस तो ये ये मेन काम है जिसमें ऑफकोर्स दे विल गो फॉर अवेयरनेस कि लोगों को समझाना है हां समझाना है अवेयरनेस लेकर आनी है धीरे धीरे धीरे क्या रिफॉर्म करना है यस करना है बट

58:50

Speaker A

बट क्या कंफरट्स दे वि आल्सो सपोर्ट जो है एक तो सोशल रिफॉर्म या फिर सोशल सर्विस दिस इज द मेन टेक ऑफ प्रार्थना समाज प्लस दे हैव सपोर्टेड एजुकेशन एंड दे हैड सपोर्टेड पर्वेज कंफ्रे नहीं लोगों को पर्स एड करना

59:07

Speaker A

है समझाना है प्यार से समझाना है धीरे-धीरे लेकर आना है तो सोशल एजेंडा में अगर देखें कि क्या करेगा प्रार्थना समाज तो प्रार्थना समाज के यहां कास्ट सिस्टम को डिसपे के एजुकेशन पे काम करेंगे विडियो रीमैरिज पे काम करेंगे राइट प्लस जो मैरिज

59:21

Speaker A

की एज है मेल और फीमेल दोनों के लिए ये बढ़ाना है ना प्रार्थना समाज में विदन थ्री इयर्स एक नई जान आ जाएगी जब वन ऑफ द ग्रेट रिफॉर्मर एम जी रानाडे एम जी रानाडे इसे जॉइन करेंगे राइट है ना फॉर एग्जांपल अगेन जैसे

59:41

Speaker A

मान लीजिए कि जो है अ मान लीजिए किसी ने कोई रिफॉर्म मूवमेंट चालू किया आज आज किसी को लगा कि हां सोशल सोसाइटी में सारे इश्यूज हैं या फिर लेट्स से जो है यहां पे गंदगी बहुत होती है और

59:54

Speaker A

हम सोसाइटी को लेकर आएंगे और गंदगी साफ करेंगे राइट है ना सबको लेकर आए जोड़ने की कोशिश करने लगे तो लोग एक उसका एक लेवल तक इंपैक्ट आएगा लोग सुनेंगे लोग नहीं सुनेंगे काफी लोग आएंगे आपके साथ सफाई

60:04

Speaker A

करना चालू कर देंगे बट अगर सुनने में आए कि हां कोई बहुत बड़ा लीडर है फॉर एग्जांपल लेट्स से शाहरुख खान आ गए राइट और शाहरुख खान ने कहा कि हां यहां पे बहुत गंदगी है और मैं इसमें उतरूंगा मैं सफाई

60:14

Speaker A

करूंगा राइट तो जैसे ही कोई बड़ा लीडर जिसका फॉलोअर बेस कहीं ज्यादा है जिसका नाम कहीं बड़ा है जैसे ही वो यहां पे सफाई करने उतरेंगे क्या उनके साथ लाखों लोग जुट जाएंगे यस तो डेफिनेटली अगर ये ब्रांड ऐड

60:26

Speaker A

हो जाती है तो इंपैक्ट काफी डिफरेंट हो जाता है तो 18704 पहली बार उनका नाम आएगा पहली बार उनको जानोगे फॉर एग्जांपल आत्माराम पांडुरंग नाउ यू नो कि य प्राथन समाज की स्थापना आत्माराम जी ने करी नाउ ओके इसके साथ साथ इसके साथ साथ जो है

61:08

Speaker A

आर जी भंडारकर जी इसमें जुड़ेंगे आरजी भंडारकर कुछ नाम आप और सुनते रहिए तो आर जी भंडारकर एमजी रानाडे जी के फ्रेंड है तो अगर रानाडे जी जाएंगे तो भंडारकर जाएंगे ही जाएंगे आर जी भंडारकर राइट तो आर जी भंडारकर और एमजी

61:24

Speaker A

रानाडे इन अ पैकेज राइट अगेन जस्ट किडिंग लेकिन जो है यू मस्ट अंडरस्टैंड कि हां ये जनरली नाम आपको साथ में सुनाई देगा प्लस अंजी चंद्र वर्कर तो ये लोग जब ये बॉडीज जॉइन करेंगे तो ये बॉडीज का जो है जो यू कैन से

61:39

Speaker A

इंपैक्ट है वो कहीं ज्यादा बढ़ जाएगा सिमिलरली प्रार्थना समाज हमने बात करी नाउ नेक्स्ट बात करते हैं जो है यंग बंगाल मूवमेंट की यंग बंगाल तो एक हमने बात समझी जो है प्रार्थना समाज ब्रह्म समाज और उसका इंपैक्ट जिसमें एक बड़ा नाम आता है

61:56

Speaker A

प्रार्थना समाज का ये हमने देखा वापस बंगाल चलते हैं और बंगाल में हेनरी विवियन डिरोजियो की बात करते हैं हेनरी विवियन डिरोजियो ओके तो हमने सब तक अब तक क्या हमने देखा अब तक हमने देखा जय राजा राम

62:08

Speaker A

मोहन रॉय हमने देखा ब्रह्म समाज की ग्रोथ और उसके साथ देवेंद्रनाथ टैगोर एंड केशव चंद्र सेन की हमने बात करी राइट दो बड़े लीडर्स हमने जोड़े बाकी कुछ नाम और भी लिए हैं ब वो आगे अभी आएंगे प्लस हमने देखा

62:19

Speaker A

महाराष्ट्र में एक प्रार्थना समाज एस्टेब्लिश हुआ है वापस अभी हम बंगाल में आ गए हैं बंगाल में कहानी और आगे बढ़ाते हैं नाउ तो हम देख रहे हैं कि 1810 का जो दशक है 1815 से जोड़ लो राइट और 1833

62:39

Speaker A

तक वी हैव वी हैव इंपैक्ट ऑफ राजा राम मोहन राय राइट यहीं पे यहीं पे 1820 के दशक में 1820 एंड देन 1830 वी हैव यंग बंगाल मूवमेंट कहां की बात हो रही बंगाल की ऑफकोर्स नाम में ही बंगाल

63:01

Speaker A

दिस इ यंग बंगाल मूवमेंट अब ऐसा नहीं कि यहां पर अब्रप्टली खत्म हो जाएगा 40 में भी कुछ इंपैक्ट रहेगा राइट है ना बट हा 1820 और 1830 के इसका मेन दौर है यस क्या है भाई यंग बंगाल

63:13

Speaker A

मूवमेंट नाउ देर टीचर जिनका नाम है हेनरी विवियन रोज राइट ये हिंदू कॉलेज में पढ़ाते हैं और ये पढ़ाएंगे टिल 1831 उसके बाद कॉलेज कहेगा कि सर आप जो पढ़ा रहे हैं वो सिलेबस के बाहर है राइट आप मत पढ़ाइए तो हेनरी विवियन डिरोजियो

63:38

Speaker A

लेट्स अंडरस्टैंड ऐसा क्या पढ़ा दिया कि कॉलेज ने भी हाथ जोड़ लिए कि भाई सर आप मत पढ़ाइए राइट जो है हिंदू कॉलेज में है ना कोई और पढ़ा लेगा बट आप मत पढ़ाइए सो फिलहाल तो हेनरी विवियन डिरोजियो ही इज अ

63:49

Speaker A

टीचर हिंदू कॉलेज में अब इनके कुछ स्टूडेंट्स आते हैं इनसे पढ़ते हैं राइट तो इनकी जो ये जो पढ़ाते हैं ही टॉक्स अबाउट ही टॉक्स अबाउट फ्री थिंकिंग क्रिटिकल थिंकिंग क्वेश्चनिंग अथॉरिटी कि हम जो भी कुछ देख रहे हैं समाज में या

64:04

Speaker A

सरकार को या लोगों को उसके बारे में सोचो क्रिटिकली एनालाइज करो क्या यह सही है क्या ये जो हो रहा है सही है शुड वी चैलेंज दिस राइट तो वी हैव वी शुड हैव दैट फ्री थिंकिंग क्रिटिकल थिंकिंग कि हां हम

64:16

Speaker A

उसको समझे क्यों हो रहा है क्वेश्चन करें एंड अकॉर्डिंग एक्ट करें राइट तो यहां पे यहां पे हम देखेंगे कि जो जो फ्रेंच रिवोल्यूशन का जो थॉट प्रोसेस है लिबर्टी इक्वलिटी एंड फ्रेटरनिटी ये इन्होंने ठीक से पढ़ा दिया

64:31

Speaker A

है एकदम बस गया है इनके स्टूडेंट्स में राइट तो लिबर्टी इ क्वालिटी फ्रेटरनिटी जो है उनके स्टूडेंट्स बिल्कुल इनग्रेन हो चुका है एंड नाउ ही ही इज टीचिंग अबाउट वूमेंस राइट ही इज ंग टीचिंग अबाउट एजुकेशन में क्या चेंजेज होने चाहिए

64:49

Speaker A

एंड इन ऑल द डायमेंशन सोसाइटी इकॉनमी पॉलिटिकल राइट जो भी इश्यूज इंडिया में चल रहे हैं उन्होंने सारा पढ़ा दिया राइट तोब बच्चे भी जाग गए बच्चे भी कहने लगे अरे ये क्या बात कर दी आपने है ना तो ये तो सब

65:00

Speaker A

गलत हो रहा है तो हमें हमें इसके खिलाफ आवाज उठानी पड़ेगी तो ये जो स्टूडेंट्स की जो आवाज है है ना ये जो यंग लोगों की यूथ की जो आवाज है वही आवाज क्या है वही आवाज आपकी यंग बंगाल मूवमेंट राइट है ना यूथ है

65:14

Speaker A

जो जाग उठा है क्योंकि उनके टीचर ने उनको यह समझा दिया है राइट नाउ नाउ तो इनकी डिमांड अगर आप देखिए तो इनकी डिमांड सोसाइटी तो बाद में इनकी डिमांड पॉलिटिकल साइड भी काफी एक्टिव है एंड दे आर लाइक आस्किंग फॉर इट तो हम

65:29

Speaker A

पॉलिटिकल जब डिस्कशन करेंगे तो हम बात करेंगे कि यंग बंगाल मूवमेंट का पॉलिटिकल जो है यू कैन से टेक भी है राइट है ना पॉलिटिकल कंट्रीब्यूशन भी है सो दे आर आस्किंग सिमिलर थिंग्स कि हां हाईयर ग्रेड सर्विसेस में इंडिय होने चाहिए रैयत का

65:42

Speaker A

प्रोटेक्शन एंड नॉट ओनली इन इंडिया बट इंडियन लेबर्स अब्रॉड भी बाहर जो आप लेबर्स हमारे लेके जाते हैं उनके उनका राइट आपको प्रोटेक्ट करना है राइट प्लस कंपनी का चार्टर रिवाइज करो क्या ये कंपनी फिट है हमारे ऊपर रूल कर करने के लिए नहीं

65:55

Speaker A

राइट है ना ये प्राइवेट कंपनी हमारे ऊपर रूल कर रही है इसके चार्टर में कुछ चीजें चेंज करिए फॉर एग्जांपल इसके जो है ट्रेडिंग राइट्स वगैरह छीन लीजिए जैसा कि राजा राम मोहन रॉय कर रहे थे प्लस प्रेस

66:04

Speaker A

प्रेस का जो है फ्रीडम है ना फ्रीडम फ्री होना चाहिए पूरी तरह से प्रेस कुछ भी हम लिख सके कोई भी बात क्रिटिसाइज कर सके सरकार की प्लस ट्रायल बा जूरी राइट है ना तो ये सारी चीजें ही इ आस्क दे आर आस्किंग

66:14

Speaker A

है ना एंड मोर डिमांड्स कि दे आर आस्किंग कि हां जो है पॉलिटिकल साइड ये सारे चेंजेज होने चाहिए राइट बट बट ये बिकॉज ये यूथ है राइट है ना तो यूथ है तो यहां पे थोड़ा सा यू कैन से अग्रेशन भी ज्यादा है

66:27

Speaker A

अग्रेशन ज्यादा होने की वजह से प्रॉब्लम क्या है बिकॉज ऑफ द अग्रेशन अभी हम पीछे बात कर रहे थे कि कंफ्रे नहीं होगा पर्स वेशन होगा राइट कि आपको चूज करना पड़ेगा कंफ्रे या पर्सन मान लीजिए आप आप अपनी फैमिली में कल

66:45

Speaker A

को जाते हैं लव मैरिज करने राइट सपोज करिए कि आप जो है अपनी फैमिली के पास एक प्रपोजल लेके जाना चाहते हैं कि हां हम जो है लव मैरिज करना चाहते हैं ते हैं राइट है ना आप लोगों का आशीर्वाद चाहिए तो एक

66:56

Speaker A

तरीका ये है कि आशीर्वाद चाहिए व्हिच इज पर्स एज दूसरा तरीका क्या है दूसरा तरीका ये है कि इसमें गलत ही क्या है राइट फैमिली को आप जाके बोलने ल गलत क्या है भाई इसमें राइट सही है ऐसा कास्ट स्वास

67:06

Speaker A

कुछ भी नहीं होता राइट क्यों ही माने हम इस बात में अगेन टेक है मैं ये नहीं कह रहा सही क्या है गलत क्या है बट मैं आई एम सेइंग कि तरीके दो तरीके ही हो सकते हैं एक तरीका कि मम्मी को समझाना है पापा को

67:15

Speaker A

समझाना है कि नहीं जो है यू नो आपको आप प्लीज इसके लिए हां कर दीजिए आपकी रजामंदी के बिना नहीं होगा एटस एक्सट्रा दूसरा तरीका हो सकता है कंफ्रे का कि गलत ही क्या कर रहा हूं मैं राइट है ना कि भाई जो

67:25

Speaker A

है यू नो मुझे जीवन बिताना है अपने पार्टनर के साथ मैं चूज कर रहा हूं कास्ट जैसा कोई सिस्टम नहीं होता जो आप कह रहे हो अगर इंटरकास्ट मैरिजस एंड ऑल तो नहीं होता तो मैं आपकी बात नहीं मान रहा मुझे

67:35

Speaker A

तो यही वाली शादी करनी है दो तरीके हो सकते हैं राइट कंफ्रे एंड पसु तो प्रार्थना समाज ने परसु एशन का रास्ता चुना था इन्होंने कंफ्रे का रास्ता चुना दे स्टार्टेड कंफ्रे प्रैक्टिस गलत है वो प्रैक्टिस गलत है और इस कंफ्रे के चक्कर

67:50

Speaker A

में दे स्टार्टेड डूइंग थिंग्स जो कि फॉर बिडेन था फॉर एग्जांपल कोई ऐसा मीट जो ज धर्म के हिसाब से सही नहीं है दे स्टार्टेड कंजूमिंग कि हम चैलेंज कर रहे हैं हम रिलीजियस जो जो है ऑर्थोडॉक्सी है उसको

68:04

Speaker A

चैलेंज कर रहे हैं हम इन नॉर्म्स में नहीं मानते तो क्या जनता जाग उठेगी हमने ऑलरेडी देखा था राधाकांता देव राइट जो राजा राम मोहन रॉय को चैलेंज कर रहे थे तो यू कैन अंडरस्टैंड कि क्या यहां पे यहां पे इनको

68:15

Speaker A

सपोर्ट मिलेगा नहीं इनफैक्ट लोग इनके खिलाफ हो जाएंगे और यही सबसे बड़ा रीजन है फेलियर का हालांकि फेलियर नहीं कहना चाहिए यह भी अपने अपने समय के हिसाब से बहुत आगे हैं दे आर आस्किंग फॉर पॉलिटिकल डिमांड्स राइट दे आर कंफ्री तो अपने समय के काफी

68:29

Speaker A

आगे हैं राइट बट बट क्या माहौल चैलेंज क्रिएट किया है क्या वो सवाल उठा दिया सोसाइटी में भले भले वो तरीका शायद सही नहीं है राइट है ना तरीका सही नहीं है कंफ्रे का बट स्टिल क्या आवाज उठा दी है

68:41

Speaker A

क्या सवाल अब निकल चुका है तो दूर तक जाने वाला है है ना तो बात निकल चुकी है अब तो कम से कम ये कंट्रीब्यूशन उनका है एंड दैट इज द रीजन वी कैन नॉट से कि हां इट वाज अ

68:49

Speaker A

फेलियर राइट इट वाज जस्ट अहेड ऑफ द टाइम है ना इट इज जस्ट अहेड ऑफ द टाइम एंड दैट इज द रीजन कि हां यह सोसाइटी में बहुत ज्यादा इंपैक्ट यंग बंगाल मूवमेंट नहीं कर पाएगा है ना यूपीएससी का सवाल भी यंग

69:00

Speaker A

बंगाल मूवमेंट प ही था खैर चलिए समस्या आ गई तो हेनरी विन डिरोजियो तो दैट इज द रीजन सुरेंद्रनाथ बैनर्जी उनके बारे में लिखते हैं कि दे दे आर द पायनियर्स ऑफ द मॉडर्न सिविलाइजेशन ऑफ बंगाल और जब भी

69:10

Speaker A

हमें उनकी बात करनी चाहिए है ना वी शुड अंडरस्टैंड कि कहीं ना कहीं वो हमारे फाउंडेशन में इंपॉर्टेंट रोल प्ले करते हैं यंग बंगाल सो दिस इज यंग बंगाल मूवमेंट कहानी और आगे बढ़ाते हैं तो नाउ तो हमने एक नाम दिया ईश्वर चंद्र

69:25

Speaker A

विद्यासागर लास्ट सेशन में भी ईश्वर चंद्र विद्यासागर जी का नाम दिया था ईश्वर चंद्र विद्यासागर ईश्वर चंद्र विद्यासागर जी का जो दौर है इट इज इट इज ही इज मोर एक्टिव इन 18 40 50 राइट दिस इज दी एरा ऑफ ईश्वर चंद्र

69:50

Speaker A

विद्यासागर ईश्वर चंद्र विद्यासागर जी तो बात कर ईश्वर चंद्र विद्यासागर तो देखो पहली बात तो ईश्वरचंद्र विद्यासागर वो संस्कृत के प्रकांड विद्वान है राइट है नाय समझते हैं तो संस्कृत जो है की जो नॉलेज है उनकी तो विद्यासागर उनको बेसिकली टाइटल

70:16

Speaker A

दिया गया है राइट बिकॉज ऑफ हिज अंडरस्टैंडिंग ऑफ संस्कृत ईश्वर चंद्र विद्यासागर को बेसिकली संस्कृत कॉलेज राइट संस्कृत कॉलेज उनकी एकेडमिक परफॉर्मेंस की वजह से उनको ये टाइटल देगा विद्यासागर राइट स दिस इज बाय संस्कृत कॉलेज राइट प्लस वो

70:33

Speaker A

तत्वबोधिनी पत्रिका के मेंबर हैं ब्रह्म समाज के मेंबर है ये हमने पहले ही बात करी थी तो ही इज ऑलरेडी यू कैन से जो है एक्टिव नाउ 185151 18511 वो प्रिंसिपल बन गए हैं संस्कृत कॉलेज प्रिंसिपल ऑफ संस्कृत कॉलेज तो क्या

70:55

Speaker A

सोसाइटी में यू कैन से एक बड़ी पोजीशन हासिल हुई है यस क्या वो इस पोजीशन के द्वारा क्या बहुत सारे रिफॉर्म कर सकते हैं यस तो वी विल फाइंड कि जब हम ईश्वरचंद विद्यासागर जी की बात करते तो दो डायमेंशन

71:07

Speaker A

उनके इंपोर्टेंट है एक विद रिस्पेक्ट टू वुमेन और वो भी विडो राट विडो वुमन लिख लो विडो दोनों लिखलो वुमेन जिसमें हालांकि विडो एक इंपोर्टेंट एलिमेंट है और एजुकेशन जिस दो डायमेंशन में उन्होने काम किया है और दूसरा इन फैक्ट लो

71:29

Speaker A

कास्ट राइट थर्ड एजुकेशन इन जनरल राइट आइए बात करते कंट्रीब्यूशन की तो 185151 तो पहले बात करते हैं जो है विद रिस्पेक्ट टू वुमेन वुमेन ना नारी शिक्षा भंडार राइट तो इन्होंने इनिटर शिक्षा भंडार किसलिए कि वुमन एजुकेशन पर काम करना

72:07

Speaker A

है तो नारी शिक्षा कुछ चीज देखो बुक में नहीं है राइट नोट कर लो कॉपी में लिख लो भंडार नारी शिक्षा भंडार नारी शिक्षा भंडार इस बेसिकली जो है दिस इ मेंट फॉर ओपनिंग स्कूल फॉर वमन महिलाओं के लिए हमें स्कूल

72:29

Speaker A

खोलने स्कूल फॉर वुमेन नेक्स्ट नेक्स्ट ओवरऑल जो है यू नो ही हैज वर्क्ड फॉर गर्ल्स स्कूल तो बहुत सारे गर्ल्स स्कूल खोले हैं इन्होने गर्ल्स स्कूल बॉम्बे में एंड कोलका तो बॉम्बे एंड कोलक बोथ तो जैसा कि मैंने कहा कि फीमेल

72:55

Speaker A

एजुकेशन एक इंपोर्टेंट एलिमेंट है राइट इंपोर्टेंट आेट है इनकी इनके रिफॉर्म का अदर देन दैट ही हैज वर्क्ड ऑन चाइल्ड मैरिज चाइड मैरिज आई थंक टाइमलाइन की ऐसी बहुत जरूरत नहीं और एनीवे हम बात करेंगे तो इसको ऊपर ले लेते हैं थोड़ा सा राइट है

73:12

Speaker A

ना ये मेन एलिमेंट है य आप अकॉर्डिंग नोट कर लीजिएगा पेपर में चलिए चाइल्ड मैरिज प्लस ही हैज वर्क्ड अगेंस्ट पॉग पॉलिगामी एंड जो सबसे बड़ी जीत है जिनके लिए हम उनको याद रखते हैं इ फाइनली ही वास एबल टू

73:39

Speaker A

गेट विडो रि मैरिज एक्ट 186 विडो रीमैरिज एक्ट की जो जो है विडो है विडो की रीमैरिज लीगल होगी राइट है ना और वह अपनी अपनी कोई कास्ट एंड ऑल जो है लीव नहीं करेगी राइट ऑल दज थिंग्स कोई डिसेबिलिटी उसके ऊपर

74:01

Speaker A

लागू नहीं होगी तो विडो रीमैरिज लीगल है दिस हैपेंड इन 18567 का स्पेशल मैरिज एक्ट 182 यह इंटरकास्ट मैरिज के लिए 18720 प्लस प्लस इन्होंने दो किताबें लिखी है दो बुक्स है इनकी फेमस बुक्स एक है बहुविवाह मैं इसे वापस

74:44

Speaker A

लूंगा बहुविवाह क्या ये सवाल बन सकता है हां ये सवाल बन सकता है बहुविवाह एंड विधवा विवाह विधवा विवाह बहु विवाह और विधवा विवाह इनकी दो फेमस किताबें हैं प्लस इन्होंने बहुत सारी संस्कृत बुक्स को भी ट्रांसलेट किया है राइट तो ओवरऑल एक बहुत बड़ा

75:09

Speaker A

कंट्रीब्यूशन हमें देखने को मिलता है जो है वुमन स्कूल की तरफ नाउ एडिंग सेम सेम जो है जो है थिंग तो हम समझेंगे कि हां एजुकेशन में भी फीमेल एजुकेशन एक इंपोर्टेंट एलिमेंट है लेट्स टॉक अबाउट एजुकेशन लेट मी टेक दिस

75:22

Speaker A

बैक एजुकेशन एजुकेशन एजुकेशन सो इन्होंने कहा कि हां जो इंस्ट्रक्शन होना चाहिए जो पढ़ाई होनी चाहिए पढ़ाई होनी चाहिए हमारी देसी देसी भाषा में वर्नाकुलर लैंग्वेज तो वर्नाकुलर लैंग्वेज में इंस्ट्रक्शन होना चाहिए ना कि इंग्लिश में अगर आपको पढ़ाना है तो आप वरना को

75:53

Speaker A

लैंग्वेज में पढ़ाई राइट है ना तो वर्नाकुलर लैंग्वेज में इंस्ट्रक्शन होना चाहिए न न न ऑफ द मोस्ट इंपोर्टेंट थिंग ही एडेड प्लस प्लस इन्होने विलियम शेक्सपियर भी ट्रांसलेट किया है बंगाली में य पढ़ लो सब लोग पढ़

76:09

Speaker A

लो राइट प्रिंसिपल थे तो हा ही कैन डू ल दिस प्लस एक और जो चीज उन्होने जो है ड करा है इन्होने कहा कि संस्कृत कॉलेज जब मैं प्रिंसिपल हूं तो आई कैन डू लट ऑफ थिंग्स तो संस्कृत कॉलेज में

76:26

Speaker A

समझना बड़ा ये इंपोर्टेंट पॉइंट है संस्कृत कॉलेज में उन्होंने कहा कि लेट अस स्टार्ट वेस्टर्न एजुकेशन राइट तो वेस्टर्न थॉट इन्होंने संस्कृत कॉलेज में वेस्टर्न थॉट कि ऐसा नहीं कि खाली संस्कृत लिटरेचर आप पढ़ेंगे लेट अस इंट्रोड्यूस वेस्टर्न थॉट जैसे कि शेक्सपियर इन्होंने

76:42

Speaker A

ऐड किया वेस्टर्न थॉट क्यों क्योंकि इन्होंने रिलाइज किया कि संस्कृत कहीं ना कहीं आइसोलेटेड है संस्कृत की पढ़ाई हो रही है और संस्कृत के ही स्क्रिप्चर सीखे जा रहे हैं व्हिच इज रिलेटेड टू ओनली रिलीजन एंड ऑल क्या बाकी बाकी जनरस में

76:54

Speaker A

क्या हम संस्कृत को लेके जा पा रहे हैं तो उनको रिलाइज हुआ कि संस्कृत की ग्रोथ कहीं ना कहीं लिमिटेड हो गई है बिकॉज ऑफ दिस आइसोलेशन बट अगर मैं उसम वेस्टन लर्निंग भी डाल दूं अगर 360 डिग्री संस्कृत का

77:04

Speaker A

डेवलपमेंट मुझे करना है तो मुझे संस्कृत को ओपन करना पड़ेगा इस आइसोलेशन में से निकालना पड़ेगा एंड दैट इज द रीजन ही विल स्टार्ट ही विल स्टार्ट ब्रिंगिंग वेस्टर्न एजुकेशन इन संस्कृत कॉलेज राइट प्लस प्लस अनदर एस्पेक्ट व्हि

77:18

Speaker A

इज रिलेटेड टू हेयर एज वेल इज फीमेल एजुकेशन राइट फीमेल एजुकेशन तो ये जो है यू नो इनकी मुलाकात हुई बेथ जी से बेथ तो ड्रिंक वाटर बेथ वो भी फीमेल एजुकेशन पर काम कर रहे थे तो ही बिकम सेक्रेटरी ऑफ दज

77:42

Speaker A

स्कूल्स तो ओवरऑल सरकार के इनिशिएटिव पर टोटल 35 स्कूल कुछ चल रहे थे जिसमें मोस्ट ऑफ देम उनके अपनी सैलरी प चल रहे थे उन्होंने कहा मेरे पैसे दे दो राट है ना तो ड्रिंक वाटर बेथन का नाम आता है और

77:55

Speaker A

उनके जो है जो बेथन स्कूल्स है बेथन स्कूल्स के सेक्रेटरी कौन है स्वयं ईश्वर चंद्र विद्यासागर राइट तो बेथन स्कूल बेथन स्कूल इज फॉर गर्ल्स ओनली राइट है ना तो फीमेल स्कूल्स के लिए जो फीमेल्स के लिए फीमेल

78:06

Speaker A

एजुकेशन के लिए स्कूल्स आ रहे हैं और बेथ तो डी डब्लू बेथन इज एन इंपोर्टेंट नेम और ये जो बेथन स्कूल्स हम देख रहे हैं दिस इज हैपनिंग इन 1849 तो 1849 तो 18515 बने हैं तो 1849 तो

78:20

Speaker A

बेसिकली हियर यू कैन ऐड 1849 बेथ राइट और टाइमलाइन में आप का इंट्रोडक्शन तो ये बिल्कुल बेसिक बुक है जब बच्चे स्कूल में पढ़ने जाते हैं तो उनको जो है इनिशियली प्राइमरी कक्षा में ये वर्ण परिचय पढ़ाई जाती है कि हां भाई

79:01

Speaker A

अल्फाबेट्स आप पढ़ लीजिए तो वर्ण परिचय भी लिखी इन्होंने रेड जो इनके नाम के साथ एसोसिएटेड है नाउ वन वन मोर थिंग च ही हैज एडेड टू एजुकेशन इज इन्होंने कहा कि एजुकेशन में एजुकेशन में लोअर कास्ट तो लोअर कास्ट के लिए

79:20

Speaker A

इन्होंने दरवाजे खोल दिए कि जो संस्कृत एजुकेशन है यह लोअर कास्ट के जो बच्चे हैं वह भी पढ़ेंगे राइट लोअर कास्ट विल आल्सो गेट संस्कृत एजुकेशन इससे क्या फायदा होगा इससे इससे फायदा यह होगा कि यहां जो है जो

79:36

Speaker A

प्रीस्टली डोमिनेशन है प्रीस्टली डोमिनेशन चैलेंज हो जाएगा तो क्या कास्ट सिस्टम पर भी उन्होने काम किया है प्रीस्टली डोमिनेशन के खिलाफ है वो यहां ऐसा कोई डोमिनेशन नहीं होना चाहिए और जो लोअर कास्ट है लोअर कास्ट को भी संस्कृत एजुकेशन म होनी चाहिए उनको भी

79:54

Speaker A

जो है संस्कृत पढ़ने का मौका मिलना चाहिए राइट तो तीनों ही डायमेंशन में लोअर कास्ट एजुकेशन एंड वुमेन राइट तीनों ही डायमेंशन में बड़ा कंट्रीब्यूशन हमको दिखाई देता है ईश्वर चंद्र विद्यासागर आप कहेंगे सर रिलीजन में कंट्रीब्यूट नहीं किया ऐसा

80:07

Speaker A

देखो अगेन अगेन हर किसी की लाइफ में उसे पता है कि हां ये चार मेजर एलिमेंट है कहीं पे ज्यादा फोकस होगा कहीं पे कम फोकस होगा क्योंकि अगर आप सब पे बराबर फोकस करने लगेंगे तो डाइल्यूट हो जाएंगे उनको

80:18

Speaker A

लगा कि महिलाओं का जो मुद्दा है वो कहीं इंपॉर्टेंट है तो ओवरऑल उनका मेजर फोकस महिलाओं पे है बट क्योंकि वो एजुकेशन से जुड़े हुए हैं तो एजुकेशन को भी यूज कर रहे हैं महिलाओं की हेल्प करने के लिए

80:27

Speaker A

राइट है ना फीमेल स्कूल्स लाने में प्लस उनकी पॉलिसीज में जो कुछ हो सकता है वो कर पा रहे हैं लोअर कास्ट में भी उन्होंने क्या किया उन्होंने खाली स्कूल खोले राइट है ना क्यों स्कूल में उनको एंट्री दी या

80:36

Speaker A

फिर कॉलेज में उनको एंट्री दी बिकॉज वो उनके जो है एमबिट में आता था वो उनके जो है पावर के अंडर आता था राइट तो उन्होंने ये काम किया तो जो भी पॉसिबल था अपनी यू नो अपनी पोजीशन को पोजीशन के साथ या फिर

80:47

Speaker A

अपने पोटेंशियल के साथ जो कुछ पॉसिबल था जिस डायरेक्शन में कर पाना उन्होंने किया है राइट है ना अब इसमें थोड़ा बहुत माइनर डेफिनेटली कहीं ना कहीं रिलीजन रिलेटेड भी है है ना कि हां भाई विडियो रि मैरिज जो

80:58

Speaker A

है लोग कह रहे हैं कि रिलीजन ही इसको इसको जो है जो है सपोर्ट नहीं करता बट हां वो उसके खिलाफ है तो अगेन ही वाज आल्सो पार्ट ऑफ ब्रह्म समाज तो ओवरऑल रिलीजन साइड उतना इंपैक्ट हमको नहीं दिखता बट क्या बाकी

81:10

Speaker A

तीनों चीजों में हम इनके इंपैक्ट की बात कर सकते हैं कर सकते हैं स्पेशली स्टेटस ऑफ वुमेन दिस इज ईश्वर चंद्र विद्यासागर राइट हमने ईश्वरचंद विद्यासागर जी की बात करी वन ऑफ अ ग्रेट रिफॉर्मर तो हम बंगाल में है ईश्वरचंद विद्यासागर जी की बात कर

81:23

Speaker A

रहे हैं वूमेंस एजुकेशन उनके 35 स्कूल का हमने बात करी राइट हमने बेथन स्कूल की बात करी कि ही वाज सेक्रेटरी ऑफ़ बेथन स्कूल्स एज वेल राइट प्लस प्लस जो है हम बात कर रहे थे कि हां जो है

81:34

Speaker A

अ या ओके सो यस ओवरऑल ओवरऑल जब भी वो इस तरह का कोई भी काम करेगा कोई भी रिफॉर्मर क्या इन्होंने भी कुछ ना कुछ काउंटर फेस किया है हां इन्होंने भी कुछ ना कुछ काउंटर फेस किया है ऐसा माना जा रहा था कि

81:46

Speaker A

हां जो महिलाएं अगर पढ़ लेंगी तो फिर वो अपनी हस्बैंड की बात नहीं मानेंगे राइट हस्बैंड को गुलाम बना दंगी ऐसी बातें कही जाती थी तो हा इस तरह के काउंटर क्वेश्चन भी उन्होंने क्या हैंडल किए हैं यस तो यहां तक मेजर डिस्कशन हमने किया है

82:01

Speaker A

यह था बंगाल के बारे में राइट है ना यह सारी कहानी अब तक बंगाल के बारे में थी मेनली प्रार्थना समाज वास जो है महाराष्ट्र बम्बे बट बट जो है महाराष्ट्र देख लो बट अब तक हम लोग कहां पर सीमित थे

82:15

Speaker A

बंगाल राइट अब कहानी थोड़ा लेकर चलते हैं महाराष्ट्र की तरफ महाराष्ट्र राइट महाराष्ट्र की तरफ कहानी देके चलते हैं जो है बात करते हैं बाल शस्त्री जाम बेकर जी की नाओ तो बाल शास्त्री जाम भेक बाल शस्त्री जांबेर तो एक हमने देखा

82:38

Speaker A

कि हां बिकॉज ऑफ राजा राम मोहन रॉय एक बड़ा एरा क्रिएट हुआ है बंगाल में काफी दूर तक गई बात 1850 त तक हम बात कर रहे हैं 50 तक बात कर रहे हैं ईश्वरचंद विद्यासागर देन देयर विल बी मोर रिफॉर्म

82:49

Speaker A

इन बंगाल हां हम वापस जाएंगे बंगाल बट अभी अभी फिलहाल इसी दौर में जो हम हमने जो है जो अर्ली दौर आप कह सकते हैं बिफोर 18 जो है 50 या 1850 60 तक का जो दौर पहले महाराष्ट्र देखते हैं कि महाराष्ट्र में

83:00

Speaker A

क्या हो रहा है राइट महाराष्ट्र की बात करते हैं ना महाराष्ट्र में पहला नाम आता है जो पायनियर है जैसे राजा राम मोहन राय बंगाल में हम बात करते हैं वैसे ही पायनियर है बाल शस्त्री जांबे करर राइट

83:11

Speaker A

बाल शस्त्री जांबेर अब यहां पे अगर आप दौर देखिए तो दिस इज 1832 कि जो जो करियर शुरू हो रहा है या ओवरऑल जो इंपैक्ट हमें दिख रहा है मेजर इवेंट दिख रहा है दैट इज 1832 1832 में

83:24

Speaker A

1830 के दौर में अब महाराष्ट्र भी धीरे-धीरे जागता हुआ नजर आएगा राइट सो नाउ तो बाल शस्त्री जांबेर बाल शस्त्री जांबेर का पहला रिलाइजेशन कि अगर मुझे महाराष्ट्र में रिफॉर्म करना है इन दैट केस मुझे अवेयरनेस फैलाने के लिए किस चीज का सहारा

83:40

Speaker A

लेना पड़ेगा प्रिंट मीडिया का राइट जर्नलिज्म का तो ही इ एसोसिएटेड विद प्रिंट मीडिया जर्नलिज्म राइट है ना तो 1830 के दौर में ही विल स्टार्ट स्टार्ट प्रिंट यूजिंग प्रिंट मीडिया ताकि जो है ताकि वही सारी फिलॉसफी वही सारे थॉट प्रोसेस जो रिफॉर्म में उनको

84:00

Speaker A

लाने हैं वो जो है उसको कर सके राइट सो ब्रह्मनिकल ऑर्थोडॉक्सी के खिलाफ है यस ये भी ब्रह्मनिकल ऑर्थोडॉक्सी के खिलाफ है हिंदुइज्म को प्यूरिफाई करने की बात कर रहे हैं यस तो 1832 में एक न्यूज़पेपर शुरू करेंगे व्हिच इज

84:14

Speaker A

दर्पण तो नाउ अगेन कमिंग बैक 1832 वी हैव दर्पण तो यहां से कहानी शुरू हो रही है बाल शस्त्री जांबेर जी की 1832 वी हैव दर्पण एंड दिस इ द स्टोरी ऑफ महाराष्ट्र बाल शस्त्री जामकर जी राइट अब दर्पण में अपनी बात रखेंगे

84:43

Speaker A

क्या होना चाहिए क्या नहीं होना चाहिए तो रिफॉर्म करने की कोशिश करेंगे तो दर्पण दर्पण से य शुरुआत हो रही है नाउ किस तरफ की बात कर रहे सारी बातें जैसे कि विडो मैरिज राइट साइ साइंस जो है अगेन हम बात

84:54

Speaker A

कर रहे थे साइंस इज वेरी वेरी इंपोर्टेंट साइंस की तरफ झुकाव होगा रिफॉर्मर का देखिए ही इज आल्सो टॉकिंग अबाउट इंक्लूजन ऑफ साइंस कि साइंस की पढ़ाई होनी चाहिए साइंस अपनी लाइफ में लेकर आना चाहिए साइंटिफिक एटीट्यूड होना चाहिए ही इज

85:06

Speaker A

आल्सो टॉकिंग अबाउट साइंस राइट दिग्दर्शन में दिग्दर्शन 1840 में उन्होंने शुरू किया दिग्दर्शन व्हिच इज टॉकिंग अबाउट साइंटिफिक सब्जेक्ट्स एंड हिस्ट्री राइट तो 1840 दिग दर्शन तो अनदर अनदर जो है जर्नल जो ये शुरू करते हैं है व्हिच इज

85:25

Speaker A

1840 1840 दिग्दर्शन राइट झुकाव साइंस की तरफ अच्छा खासा हमें झुकाव दिखाई देगा एजुकेशन की तरफ जनरल नॉलेज की तरफ हमें अच्छा खासा दिखाई झुकाव दिखाई देगा फॉर एग्जांपल ही विल आल्सो एस्टेब्लिश बम्बे नेटिव जनरल लाइब्रेरी एंड नेटिव इंप्रूवमेंट सोसाइटी

85:44

Speaker A

कि हां जो है जो स्टूडेंट है वो पढ़ाई करें अब यहां से एक सब बॉडी क्रिएट हो रही है वो सब बॉडी है स्टूडेंट्स की लिटरेरी एंड साइंटिफिक लाइब्रेरी क्या हमें अच्छा खासा झुकाव दिख रहा है जामकर जी का टुवर्ड्स साइंस यस

85:59

Speaker A

प्लस एलफिंस्टन में एल्फिन कॉलेज में हिंदी के प्रोफेसर रह चुके हैं और कोलाबा ऑब्जर्वेटरी के डायरेक्टर भी है ना एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू से कहीं अगर ऐसा कुछ पूछे तो वी शुड बी एबल टू रिकॉग्नाइज बाल शस्त्री जांबे करर तो आप चाहे तो

86:11

Speaker A

बॉम्बे नेटिव जनरल लाइब्रेरी ये भी ऐड कर सकते हैं एंड एंड स्टूडेंट्स की जो है लिटरेरी एंड साइंटिफिक सोसाइटी यह भी आप जो है ऐड कर सकते हैं चलिए नेक्स्ट बात करते हैं परमहंस मंडली की नाउ आत्माराम पांडुरंग जी की हमने बात करी थी राइट

86:25

Speaker A

आत्माराम पांडुरंग उन्हीं के उन्हीं के जो है बड़े भाई हैं दद बा पांडुरंग दादो बा पांडुरंग दादाजी दादो बा पांडुरंग तो 1849 वी हैव परमहंस मंडली कमिंग इन तो इन 1849 परमहंस मंडली अब समझो कि अभी अभी ज महाराष्ट्र

86:54

Speaker A

में शुरू ही हुई है कहानी राइट है ना यहां पर नाम आता है दद पांडुरंग का दद बा पांडुरंग हमने ऑलरेडी देखा था कि 186 में इन्हीं के भाई हैं आत्माराम पांडुरंग जिन्होंने प्रार्थना समाज शुरू किया था राइट तो बड़े भाई ने क्या किया आइए समझते

87:12

Speaker A

हैं तो बड़े भाई ने पहले ही 1849 में परमहंस मंडली शुरू करी थी परमहंस मंडली नाउ इफ यू सी परमहंस मंडली तो यू विल रिलाइज क्योंकि अभी माहौल महाराष्ट्र में रिफॉर्म का नहीं है राइट बंगाल में भी राधाकांता देव अगेंस्ट में खड़े थे राइट

87:27

Speaker A

तो यू कैन अंडरस्टैंड कि क्या महाराष्ट्र में रिफॉर्म का माहौल हो रहा है नहीं बहुत रिफॉर्म का माहौल नहीं हो रहा तो परमहंस मंडली इज मोर लाइक अ सीक्रेट सोसाइटी राइट सीक्रेट सोसाइटी अरे चुपके से मिल रहे हैं रात को मिल रहे हैं कि हां

87:40

Speaker A

जो है बात करेंगे कि हां एक कास्ट सिस्टम बड़ा दिक्कत कर रहा है हमें इसके खिलाफ जाना चाहिए हमें इसे रोकना चाहिए तो ये छुप-छुप के मिलन हो रहा है राइट और यहां पे स्ट्रेटजी बनाई जा रही है कि इस तरीके

87:49

Speaker A

से हम रिफॉर्म से कर जाएंगे इसमें धीरे-धीरे जोड़ा जाएगा लोगों को राइट ना लेकर आया जाएगा समझाया जाएगा कि हां भाई आपको इस तरह का कोई जो है यू कैन से जो कास्ट के खिलाफ डिसेबिलिटी है या जो कास्ट

87:59

Speaker A

के खिलाफ जो आप जो है ऊंच नीच कर रहे हैं वो आपको नहीं करना चाहिए तो ये थोड़ा सीक्रेट सोसाइटी की तरह से यहां पे बिहेव कर रहे हैं राइट नाउ दे आल्सो बिलीव इन व्हाट वरशिपिंग इन वन गॉड मोनोथेज्म राइट

88:13

Speaker A

लव एंड एंड मोरल कंडक्ट ये बात कर रहे हैं कि फ्रीडम ऑफ थॉट एंड रैशनल होनी चाहिए तो सिमिलर ब्रह्म समाज जैसा ही आईडिया कि रैशनल की बात कर रहे हैं फ्रीडम ऑफ थॉट होना चाहिए राइट प्लस प्लस मेन थिंग इज़

88:25

Speaker A

ब्रेकिंग कास्ट रूल्स तो जब सीक्रेट मीटिंग होगी तो सीक्रेट मीटिंग में जो खाना बनाया जा रहा होगा वह लोअर कास्ट के लोग बना रहे होंगे राइट है ना सो कॉल्ड लोअर कास्ट कि उनसे खाना बनवाया जा रहा होगा क्यों ताकि ताकि हम सारे लोग यह खाना

88:37

Speaker A

खाएं और यह जो भ्रम है जो मिथ्या है कि हां जो है इनके हाथ का खाना नहीं खाना चाहिए किसी पर्टिकुलर कास्ट के हाथ के लोगों का खाना हम खाएंगे राइट तो फिर जो है लोगों के हाथ का खाना खाएंगे तो हमारा

88:47

Speaker A

धर्म भ्रष्ट हो जाएगा तो होगा कि हां ठीक है हम खाएंगे कुछ नहीं होता ऐसा तो इसलिए इसलिए नॉट फॉर द अदर पर्पस इसलिए कि हां भाई जो है हम सारे लोग मिलकर लोअर कास्ट के लोगों द्वारा जो खाना बना हुआ है उस

88:59

Speaker A

खाने को खाएंगे ताकि ये जो कास्ट का डिस्टिंक्शन है जो लो हाई की जो हम बात कर रहे हैं ये मिट जाए तो इस तरह की सीक्रेट मीटिंग हुआ करेंगी प्लस दे विल आल्सो टॉक अबाउट विडो रि मैरेज वूमेंस एजुकेशन वही

89:09

Speaker A

सारे मुद्दे जो हैं बाकी राइट है ना दे विल कंटिन्यू विद दैट तो दिस इज मोर मोर ऑफ अ सीक्रेट सोसाइटी परमहंस मंडली राइट पुना सातारा बाकी जगह भी इधर-उधर ब्रांचेस ओपन होंगे सो दिस इज 1849 परमहंस मंडली

89:23

Speaker A

अब इसी दौर में 1849 के ही दौर में 1850 के ही दौर में एंट्री हो रही है महाराष्ट्र में महाराष्ट्र के सबसे बड़े रिफॉर्मर ज्योतिबा राव फूले राइट ज्योतिबा राव फूले एंड सावित्रीबाई फूले नाउ ज्योतिबा राव फूले दिस रिफॉर्म इज टुवर्ड्स टुवर्ड्स

89:41

Speaker A

लोअर कास्ट राइट है ना जो कास्ट डिस्टिंक्शन की हम बात कर रहे थे कि जो अनटचेबल और शूद्र जो प्रॉब्लम फेस कर रहे हैं जो डिस्क्रिमिनेशन फेस कर रहे हैं सोसाइटी में ये उनके बारे में राइट तो ज्योतिबा राव फुले ए सावित्री बाय फ तो

89:54

Speaker A

इनका जन्म महाराष्ट्र में हुआ सतारा में और माली फैमिली में हुआ है अब माली इ अ माली इज अ सो कॉल्ड लो कास्ट फैमिली तो अब जो है उसमें क्या हो रहा है कि इन्होंने जो डिस्क्रिमिनेशन फेस किया है राइट बचपन

90:05

Speaker A

से ही खुद भी देखा है फैमिली को भी देखा है कम्युनिटी के लोगों को भी देखा है कि हा वो कितनी प्रॉब्लम फेस करते हैं अब ऐसे दौर में ऐसे दौर में वो स्कॉटिश चर्च मिशनरी एक स्कूल है स्कॉटिश मिशन स्कूल व से पढ़े

90:22

Speaker A

तो ज्योतिबा राव फूले ज्योतिबा राव फूले इज एजुकेटेड एंड नाउ ही अंडरस्टैंड की हां यह जो भी प्रैक्टिसेस है या जो भी चीजें है वो सही नहीं है एंड ही नीड्स टू चैलेंज इट राइट ज्योतिबा राव फुले आइए समझते

90:41

Speaker A

हैं ज्योतिबा राव फूले विल सी कि जो सबसे बड़ा जो जो है इवेंट है इनकी लाइफ में वो है 18 का सत्यशोधक समाज सत्य शोधक समाज तो उन्होने सत्य शोधक समाज की स्थापना करी राइट है ना च इ मोर

91:05

Speaker A

अबाउट हा भाई हमें अनटचेबिलिटी रिमूव करनी है तो 183 में इन्होने सत्यशोधक समाज की स्थापना करी और एक किताब लिखी च च ज बुक का नाम है गुलामगिरी गुलामगिरी ना जैसा कि मैंने कहा कि यहां जो मोस्ट इंपोर्टेंट बॉडी सबसे

91:24

Speaker A

जरूरी बॉडी जो है वो है 1870s इनफैक्ट यहीं पे एक और बात कहनी चाहिए हमें कि जो 18735 का जो पॉइंट है या 1870s का जो दौर है ये सोशल रिफॉर्म का यू कैन से क्रिटिकल पॉइंट है इसके आगे भी सोशल रिफॉर्म होगा

91:38

Speaker A

बट 1870s तक आते-आते आपको इंडिया में मैक्सिमम सोशल रिफॉर्म होते हुए दिख रहे होंगे राइट हर कोई एक्टिव हो चुका होगा हर जगह एक्टिव हो चुका होगा तो एक एक 1820 का दौर था जब राजा राम मोहन रॉय कुछ ही लोग

91:49

Speaker A

हैं यंग बंगाल मूवमेंट है राइट कुछ ही लोग हैं लेकिन ले फिर एक 1850 की दौर तक आते-आते हमें और लोग दिख रहे हैं जैसे ईश्वर चंद्र विद्यासागर महाराष्ट्र बहुत सारे लोग दिख रहे हैं प्रार्थना समाज आ रहा है राइट है ना परमहंस मंडली ऑलरेडी आ

92:00

Speaker A

चुकी है बट 18753 तक आते आते वी विल सी कि हां हम उस जोन में आ चुके हैं जहां पर मैक्सिमम रिफॉर्मर्स यहां पे हैं राइट और रिफॉर्म का जो ओवरऑल काम है खूब तेजी से चल रहा है

92:12

Speaker A

तो 187 के दौर में वी हैव सत्यशोधक समाज बाय बाय ज्योतिबा राव फूले नाउ सत्यशोधक समाज लेट्स टॉक अबाउट की सत्यशोधक समाज किस डायमेंशन में काम कर रहा है तो सत्यशोधक समाज मल्टीपल डायमेंशन में जो है हमें काम करता हुआ दिखाई देगा

92:32

Speaker A

सत्यशोधक समाज जिसम ऑफकोर्स पहला डायमेंशन बात करते हैं इ अनटचेबिलिटी अनटचेबिलिटी नाउ अनटचेबिलिटी अनटचेबिलिटी इज लाइक कि हां भाई हम जो है खिलाफ है प्रीस्टली डोमिनेशन के राइट प्रीस्टली डोमिनेशन के खिलाफ है प्लस प्लस जो है दे बिलीव इन सोशल

93:04

Speaker A

इक्वलिटी कि कोई कास्ट सिस्टम ए या कास्ट नहीं होती है राइट सारे लोग बराबर है राइट एंड दे बिलीव इन एजुकेशन टू द लोअर कास्ट राइट तो इस डायमेंशन में इस डायरेक्शन में यह सोसाइटी का कर नाउ नाउ यहीं से एक और एक और जो है

93:26

Speaker A

थ्रेड निकलता है च से कि हा बिलीव इन सोशल इक्वलिटी एंड देरर वी बिलीव इन कंप्लीट एलिशन है ना ये समझिए देख मेनस हम पढ़ रहे तो सब मेन भी आ सकता है य कंप्लीट आंसर भी हो सकता है इसलिए डिटेल में पढ़ते हम लोग

93:41

Speaker A

राट कंप्लीट एलिशन कंप्लीट एबलेशन ऑफ कास्ट सिस्टम प्लस ये जो भी जो भी सोशो इकोनॉमिक इनिक्वालिटीज है सोशो ये जो भी भेदभाव है ऊपर नीचा है एक इनिक्वालिटीज प्लस कंप्लीट अबोलिशन ऑफ मूर्ति पूजन आइडलेट्री तो सारे ही एलिमेंट पे जो है दे

94:15

Speaker A

आर अगेंस्ट कास्ट सिस्टम की कास्ट सिस्टम खत्म ही कर देना चाहिए राइट यही बात और अग्रेशन के साथ आगे जाके बाबा राव बाबा भीमराव अंबेडकर कहेंगे राइट है ना कि हां जो है कास्ट सिस्टम खत्म ही कर देना चाहिए

94:25

Speaker A

ही विल टॉक अबाउट एलेशन ऑफ द कास्ट सिस्टम कि एलेट कर दो खत्म कर दो स्वाहा कर दो उसको राइट यहां भी क्या सत्यशोधक समाज सेम बातें कर रहा है राइट तो 18735 एजुकेशन राट तो एजुकेशन प्लस सोशल

94:59

Speaker A

राइट ए नॉट ओनली दिस मच बट पॉलिटिकल एक्सेस होना चाहिए राट पॉलिटिकल एक्सेस भी होना चाहिए फॉर फॉर वुमेन वुमेन शुद्रास एंड अनटचेबल के लिए उन्होने वर्ड यूज किया है दलित राइट वुमन शूद्र और दलित इनको जो है

95:23

Speaker A

यू ो पॉलिटिकल एक्सेस भी होना चाहिए इनको एजुकेशन मिलना चाहिए तो क्या इस डायरेक्शन में काम करेंगे लोग हा क्या स्कूल वग एब्लिश होंगे यस राइट प्लस लास्ट दे हैव ही हैज आल्सो इन्फ्लुएंस ही है आल्सो इन्फ्लुएंस पीजेंट रिवोल्ट

95:41

Speaker A

कि जो किसान है यहां के क्या उनको भी जागरूक जागरूक किया है यस नॉन ब्राह्मण मूवमेंट्स राइट है ना इन सारी डायरेक्शन में उन्होने काम किया फॉर एग्जांपल जैसे उन्होने पपलेट जो है पब्लिश किया था एक पपलेट पब्लिश

96:02

Speaker A

किया था च च इशारा इशारा इशारा पपलेट जो है इट इ अबाउट इकोनॉमिक इशू ऑफ द पीज जो पीजेंस के जो इश्यूज है उसके ऊपर एक पूरी इन्होंने पपलेट बनाया था जो उन्होने लोगों को राइट सो या सो तीनों ही डायरेक्शन में तो

96:24

Speaker A

बड़ा जो है यू कैन से हमें दिखता है एमबिट दिखता है सत्यशोधक समाज का ये आगे की लीडरशिप भी क्रिएट करेगा दस 18704 समाज का राइट कमिंग बैक सुनाओ सुनाओ तो हम बात कर रहे थे जो है ज्योतिबा राव

96:42

Speaker A

फूले की राइट है ना बिकॉज ऑफ द कास्ट बचपन में उन्होंने काफी प्रॉब्लम फेस करी है बिकॉज वो माली कम्युनिटी को बिलोंग करते थे स्कूलिंग कंटिन्यू नहीं कर पाए राइट उसके बाद जाके स्कट बश मिशनरी चर्च स्कूल में उन्होंने पढ़ाई करी थी राइट नाउ

96:56

Speaker A

नाउ तो उसके बाद हमने समझा कि सत्यशोधक समाज और सत्यशोधक समाज क्या कर रहा है ये भी हमने समझा तो एज आई सेड कि इसके बाद बहुत सारी लीडरशिप क्रिएट हुई है राइट तो सत्यशोधक समाज की जो लीडरशिप है हमें

97:08

Speaker A

दिखेगा कि ये मोस्टली लो कास्ट लीडर्स में से ही आ रहे हैं राइट है ना कि हां लो कास्ट में लीडरशिप य लेकर आए हैं चाहे वो माली हो तेली हो कुनबीस हो सारीज हो दे विल बी लाइक दे विल बी द हेड ऑफ और

97:19

Speaker A

बेसिकली दे आर द वन हु आर लीडिंग और दे दे आर द वन हु आर टेकिंग फॉरवर्ड द आइडियाज ऑफ सत्यशोधक समाज राइट तो ये एक बड़ा रेवोल्यूशन एक बड़ा मूवमेंट इन्होंने क्रिएट कर दिया है है ना जिसके लिए हम

97:29

Speaker A

इनको याद करते हैं तो या तो सोशल सर्विस स्प्रेड ऑफ एजुकेशन ये सारी हमने बात करी अबाउट सत्यशोधक समाज प्लस जैसे सत्यशोधक मैरिज सेरेमनी राइट कि हां जो जो है लेट्स से विडो रीमैरिज होनी है क्या विडो रीमैरिज सरकार या बेसिकली समाज अलाउ कर

97:45

Speaker A

रहा है नहीं समाज तो अलाउ नहीं कर रहा तो क्या सत्यशोधक मैरिज सेरेमनी यहां पे हो सकता है ऐसा कुछ यहां पे हो सकता है तो सत्य शोधक ऐसी शादियों को भी सपोर्ट करेगा राइट सार्वजनिक सत्य धर्मा और गुलामगिरी

97:56

Speaker A

तो ये दो किताबें गुलामगिरी की हमने बात करी एक और बुक सार्वजनिक सत्य धर्म राइट फॉर एग्जांपल ही विल से कि हां हम जो है इंस्पायर होंगे राजा बली से नॉट भगवान राम राइट है ना कि जैसे ब्राह्मण कह

98:10

Speaker A

रहे हैं कि भगवान राम की पूजा होनी चाहिए कहते हैं ना हमारे भगवान कौन है राजा बली तो कहीं ना कहीं एक और बात यहीं पे समझो कि जो है उनके थॉट प्रोसेस में वो एक और बात कहना चाहते हैं कि ये जो वैदिक रिलीजन

98:22

Speaker A

है जो ब्राह्मण कल डोमिनेशन है दिस इज बिकॉज ऑफ जो आर्यन थॉट प्रोसेस आया था या जो आर्यन माइग्रेशन हुआ है आर्यंस ने ये वर्ण वर्ण सिस्टम बाकी लोगों के ऊपर इंपोज किया है राइट तो इसी की वजह से ब्रह्म

98:37

Speaker A

निका जो डोमिनेशन हो रहा है तो ही इज अगेंस्ट ब्रह्मनिकल डोमिनेशन ही इज आल्सो अगेंस्ट दिस थॉट प्रोसेस कि हां ये आर्यंस की वजह से ऐसा कुछ हो रहा है मतलब ही इज इन टू दिस थॉट प्रोसेस कि यहां भी जो है

98:48

Speaker A

जो भी ये यू कैन से डिस्टिंक्शन आ रहा है डिस्क्रिमिनेशन आ रहा है सोसाइटी में में जो भेदभाव आ रहा है सोसाइटी में ये कहीं ना कहीं आर्यन इसके लिए जिम्मेदार है राइट और इसीलिए वो कह रहे हैं कि हां वो भगवान

98:58

Speaker A

राम को हमें जो है फॉलो नहीं करना है हम राजा बली को फॉलो करेंगे राइट है ना तो जैसा कि हमने कहा कि हां एलेशन ऑफ कास्ट सिस्टम की बात कर रहे हैं ओके सो सो सो जो है आगे जाके उनको

99:11

Speaker A

महात्मा कहा जाएगा 1888 में महात्मा कह रहे हैं विट्ठल राव कृष्णा जी वांडे करर राइट तो ये टाइटल क्या ये एमसीक्यू बन सकता है तो 1888 में महात्मा का टाइटल दिया है विट्ठल राव कृष्णा जी वांडे करर जी ने

99:25

Speaker A

नाउ ओके अनदर एस्पेक्ट अनदर एस्पेक्ट इज अबाउट एजुकेशन तो हस्बैंड वाइफ दोनों ही सावित्रीबाई फुले एंड ज्योतिबा ज्योतिबा फुले दोनों ने ही वुमेन एजुकेशन पे काफी काम किया नॉट ओनली वुमेन एजुकेशन बट लोअर कास्ट जो है एजुकेशन पे काफी काम किया है

99:41

Speaker A

इनफैक्ट उनका करियर शुरू ही वहीं से हो रहा है ओके तो बात करते हैं स्कूल की बात करते हैं गर्ल्स एजुकेशन की बात करते हैं तो नाउ अ देखिए जो शादी हुई है सावित्रीबाई फूले जी की यह शादी बहुत कम

100:05

Speaker A

उम्र में हो गई है है ना कुछ आठन साल की उम्र में शादी हो गई है और ज्योतिबा राव फूले ने ही सावित्रीबाई फूले को इनिशियली पढ़ाया भी है राइट है ना प पहले पढ़ाया है थोड़ा फिर सपोर्ट किया है एंड देन देन जो

100:16

Speaker A

है शी शी हैड गोन टू एक एमएस फरार इंस्टिट्यूशन है वहां पे उन्होंने पढ़ाई करी है तो दिस इज हाउ शी गट एजुकेटेड राइट अब जब 1849 सम वेयर 1849 1848 49 जब उन्हें स्कूल खोलना हुआ तो पुणे में उन्होंने गर्ल्स स्कूल खोला

100:35

Speaker A

है समवेत गर्ल्स स्कूल एट पुणे राइट गर्ल्स स्कूल एट पुणे तो अब अब जो है हुआ कि कौन पढ़ाए तो नाउ एक लो कास्ट जो है ओनर के घर में में ओनर के स्कूल में या लो कास्ट इनिशिएटिव पे कोई

100:54

Speaker A

टीचर मानने को रेडी नहीं कि हम पढ़ाएंगे कह र नहीं हम नहीं पढ़ाएंगे लोग क्या कहेंगे लोग हमको सपोर्ट नहीं करेंगे एटस तो कोई यहां सपोर्ट करने को रेडी नहीं है तो सावित्री बाई फूले वाज आइ कि ठीक है

101:03

Speaker A

मैं पढ़ाऊंगा राइट अगर कोई नहीं पढ़ा रहा तो इन दैट केस मैं पढ़ाऊंगा तो सावित्रीबाई फुले यहां पे आगे आई और उन्होंने पढ़ाना शुरू किया तो शी इज द फर्स्ट फीमेल टीचर राइट एज वी नो तो 18 सावित्रीबाई फुले इज द फर्स्ट फीमेल टीचर

101:16

Speaker A

ऑफ इंडिया और इन्होंने पैरेंट्स टीचर मीटिंग भी शुरू करी बाय फर्स्ट फीमेल टीचर राइट है ना तो गर्ल्स स्कूल एट पुणे तो पुणे में इ लोगों ने जो है दोनों लोगों ने एक स्कूल की स्थापना करी और यहां से पढ़ाना चालू होता

101:40

Speaker A

है दिस नेटिव फीमेल स्कूल नेटिव फीमेल स्कूल क्या विरो विरोध हुआ बहुत विरोध हुआ राइट है ना गांव वालों ने बिल्कुल ऐसे सोने नहीं दिया जब वो पढ़ाने जब पढ़ाने जाती थी तो रास्ते भर में उनको गोबर मारते थे जो है मिट्टी फेंकते थे

102:00

Speaker A

उनके ऊपर बुरा भला कहते थे तो क्या ये दिक्कत हुई उनको बहुत दिक्कत हुई है बट स्टिल स्टिल इन दोनों की जो लाइफ है वो पूरी स्ट्रगल की ही लाइफ है उन्हें फर्क नहीं पड़ता लोग क्या कहेंगे क्या करेंगे

102:09

Speaker A

समथिंग राइट है ना एकला चलो कोई बात नहीं हमको पता है नाम सही कर र है तो हा तो ठीक है करते रहो राइट धीरे-धीरे लोग जो है अपने आप आगे बढ़ेंगे 185 महिला सेवा महिला सेवा मंडल रा तो महिला सेवा

102:35

Speaker A

मंडल की स्थापना हुई है 1800 52 में प्लस एक जो बड़ा मुद्दा सावित्रीबाई फुले और ज्योतिबा फुले का है दोनों का ही है वह है विडो री मैरिज तो दे हैव ऑलवेज वर्क ऑन विडो री मैरिज डोरी मैरिज तो एक गांव का भी किस्सा

102:50

Speaker A

है कि हां एक महिला है विडो है हु इज नाउ प्रेग्नेंट राइट है ना अब जो गांव है पूरा उनके खिलाफ हो गया है कि कैसी महिला है ये एट्स एट्स राइट है ना ये तो विडो थी एंड

103:00

Speaker A

नाउ शी इज प्रेग्नेंट राइट सो नाउ नाउ तो ज्योतिबा फूले एंड सावित्रीबाई फूले ब्रॉट हर होम कि हां ठीक है आप हमारे घर चलिए हमारे घर पे रहिए हम आपकी केयर करेंगे पूरा तो उन्होंने ये नहीं सोचा कि हां जो

103:11

Speaker A

है गांव क्या कहेगा हमें सपोर्ट करेगा नहीं करेगा एटस एटस बट दे वर लाइक कि हां हमें फर्क नहीं पड़ता हमारे हम आपको जो है यू नो पूरी केयर प्रोवाइड करेंगे एंड देन एंड देन द बेबी वाज डिलीवर्ड उनके घर पे

103:23

Speaker A

राइट खैर सो जो है हमने समझा कि हां विडो रीमैरिज के वो साथ है प्लस 18544 दे विल आल्सो स्टार्ट अ स्कूल फॉर अनटचेबल्स 18546 के बाद जो है ऐसा कुछ यू नो चालू हुआ है दे वर ऑलवेज ऑलवेज एक्टिव एंड जो

103:50

Speaker A

है 18 49 से ही या 1850 के दौर से हम देख रहे हैं कि पब्लिक करियर उन लोगों का शुरू हो चुका है एंड दे हैव स्टार्टेड हेल्पिंग जो भी पॉसिबल है जितना भी पॉसिबल जैसे भी पॉसिबल है दे हैव स्टार्टेड हेल्पिंग कोई

104:00

Speaker A

पढ़ाने को नहीं मिल रहा हम खुद पढ़ा देंगे कोई बात नहीं राइट सो दिस इज हाउ दे आर दे आर गोइंग अहेड राइट प्लस उन्होंने ऑर्फनेजेस वगैरह भी शुरू किए हैं ताकि जो है जो अ फीमेल इन्फेंट साइड हो रहा है बच्चियों को मारा

104:11

Speaker A

जा रहा है उनको ना मारा जाए वो कहते थे कि हां अगर लेट्स से कोई फीमेल बच्ची है हमको दे दो हम पाल देंगे कोई बात नहीं राइट है ना इसे मारिए नहीं आप हमको दे दीजिए हमारा अनाथ आश्रम है यहां पे में बच्चियां पल

104:21

Speaker A

जाएंगी इनको मारिए नहीं राइट सो जो है ये उन्होंने इस तरह से लोगों को पसु एड किया डिमांड किया ओके प्लस जैसे बाल हत्या प्रतिबंधक ग्रह कहते हैं राइट बाल हत्या प्रतिबंधक ग्रह आप लिखना चाहे लिख सकते हैं ओके प्लस दे हैव

104:41

Speaker A

आल्सो स्टार्टेड नाइट स्कूल्स नाइट स्कूल्स क्यों शुरू किए नाइट स्कूल्स क्योंकि जिन लोगों को ये पढ़ा रहे हैं वो लोग इकोनॉमिकली बहुत वीक है तो दिन में हर कोई काम करता है कुछ कुछ जॉब करता है है ना कोई भले छोटा मोटा जॉब कर रहा है बट

104:52

Speaker A

जॉब करता है तो क्या वो पढ़ने आ सकता है इवन बच्चे भी पढ़ने नहीं आ सकते तो कई बार ये लोग नाइट स्कूल शुरू करेंगे कि हां चलो कोई बात नहीं रात को आना रात को पढ़ाएंगे है ना अभी दिन में काम कर लो रात को

105:01

Speaker A

दो-तीन घंटे आ जाना दो-तीन घंटे की क्लासेस हम ले लेंगे तो दे विल आल्सो दे विल आल्सो स्टार्ट नाइट स्कूल्स ताकि जो है बच्चे पढ़ाई कर सके चलिए ओके सो जो है हमने बात करी सावित्रीबाई फूले एंड ज्योतिबा फूले

105:16

Speaker A

जी की राइट है ना चलिए तो सावित्रीबाई फूले हमने समझा तो 1831 अ मात्र 9 साल की उम्र में उनकी शादी हो गई थी जैसा कि मैंने पहले कहा था राइट एंड जो है आठ साल कहा था पहले मैंने बट हां ठन साल की उम्र

105:28

Speaker A

में शादी हो गई थी एंड टीचर्स टीचर जो है उन्होंने टीचर बन गई थी और पहली महिला जो टीचर है वो है प्लस हमने बात करी नेटिव फीमेल स्कूल की पुणे की प्लस सोसाइटी फॉर प्रमोटिंग एजुकेशन ऑफ महारस मंस एंड अदर

105:40

Speaker A

अदर्स विद ज्योतिबा तो उन्होंने ये स्कूल शुरू किए जिससे फीमेल एजुकेशन और लोअर क्लास एजुकेशन उन्होंने चालू किया महिला सेवा मंडल की हम बात कर रहे थे राइट इनफैक्ट इनफैक्ट विडो विडो विडोज की जो कंडीशन जो है ओवरऑल सिचुएशन काफी खराब है

105:53

Speaker A

तो विडोस के साथ क्या किया जाता है उनके बाल मुंडा दिया जाता है सर कटा दिया नहीं सर मुंडा दिया जाता है बाल्ड कर दिया जाता है तो इन्होंने बार्बर्सविले हत्या प्र प्रबंध प्रतिबंधक ग्रह पे जो है अगर कोई अनवट मदर भी है राइट है ना या फिर

106:25

Speaker A

कोई विडो है उसको वो अगर प्रेग्नेंट है तो इन दैट केस क्या उसकी पूरी केयर करी जाएगी यस तो उसके लिए पूरा एक उन्होंने इंस्टिट्यूट क्रिएट कर दिया है बाल हत्या प्रतिबंधक ग्रह राइट बिकॉज मेजर इशू था उस

106:37

Speaker A

समय है ना खाली कहने की बात नहीं करने की बात है राइट इट वाज मोर इनटू कि हां इन्होंने करके दिखाया खाली जो प्रीच नहीं कर रहे कि हां भाई जो है विडयो रीमैरिज करा दो दे हैव गॉन बियोंड इट राइट प्लस

106:47

Speaker A

वटर स्टोरेज एंड टचेबल वगैरह के लिए ओपन करवाए यस ओके साथ ही साथ साथ ही साथ जो है आफ्टर आफ्टर जो है अ डेथ ऑफ ज्योतिबा फूले राइट तो यह 1890 में 1890 में सत्यशोधक समाज को लीड करने लगे

107:05

Speaker A

तो 1890 में ज्योतिबा फुले की डेथ होगी एंड आफ्टर दैट आफ्टर दैट ज्योतिबा सावित्रीबाई फुले वो यहां से लीड करना स्टार्ट करेंगे प्लस उन्होंने कैंप लगाया था जो है फॉर प्लेग विक्टिम्स और उसी जो है कैंप में जो है कोई बच्चा था जिसको

107:19

Speaker A

प्लेग हो रखा था ब था और उसको उन्होंने गोद में लिया हुआ था उसी से उनको प्लेग हो गया एंड शी डाइड राइट तो अनफॉर्चूनेटली जो है वी लॉस्ट हर 18974 की राइट है ना इंपोर्टेंट लीडर्स ज्योतिबा फुले एंड सावित्रीबाई

107:38

Speaker A

फुले चलिए सावित्रीबाई फुले की दो फेमस जो है वर्क्स है कलेक्शंस है एक है काव्य फुले और एक है भवन काशी सुबोध रत्नाकर आगे जाके जो है रिसेंटली अगर आप देखिए तो यूनिवर्सिटी ऑफ पुणे को सावित्रीबाई फूले पुणे ने यूनिवर्सिटी में नाम बदल दिया गया

107:52

Speaker A

है बाद हम बात कर रहे थे कि सिमिलर स्टोरी महार फैमिली में जो है जन्म हुआ है राइट आर्मी में भी रहे हैं और ज्योतिबा फुले से काफी इंस्पायर्ड है अगेन अगेन बड़ा लीडर वो है जो और लीडर्स क्रिएट

108:30

Speaker A

करे और लोगों को इंस्पायर करे और लीडर्स बने राइट तो क्या हमें एक और लीडर बनते हुए दिख रहे हैं सिमिलर थॉट प्रोसेस कि आर्यन इनवेजन थ्योरी जो फूले जी का आईडिया है अगर आपको आर्यन इनवेजन थ्योरी नहीं पता

108:42

Speaker A

है तो अभी पढ़ाई है मैंने आर्य एस शर्मा जी जोब पढ़ा रहा हूं राइट है ना एशियंट इंडिया वाले जो सीरीज है उसमें आप जाकर ऋग्वेदी कैरा अगर आप देख लेंगे तो यू विल गेट टू नो अगर आपने पूरी सीरीज नहीं भी

108:52

Speaker A

देखी वैसे मेरा रिकमेंडेशन उसे पूरा पढ़ लो आप साथ ही साथ पढ़ते चलो सो दैट जो है दोनों दोनों बुक्स आप खत्म करले दोनों सब्जेक्ट आप खत्म कर लो बट अगर आपने नहीं पढ़ा तो कम से कम जो है इतना पढ़ लीजिएगा

109:01

Speaker A

ओके सो नाउ तो यहां पे भी वही बात उठ रही है कि हां बिकॉज इट वाज आरन इवेडर्स या बेसिकली आरन जिनकी वजह से जिनकी वजह से जो अन आर्यंस थे राइट अन आर्यंस उनको जो है उनको दिक्कत हुई तो जो पहले से लोग इंडिया

109:13

Speaker A

में रह रहे थे विचार अन आरस उनके ऊपर भी कास्ट सिस्टम या वर्ण सिस्टम आ जाता है राइट तो क्या ये भी प्रीस्ट डोमिनेशन ब्राह्मण डोमिनेशन के खिलाफ है यस तो एस्ट्रोलॉजर्स वगैरह महार एस्ट्रोलॉजर्स वगैरह बनाएंगे कि हां हम प्रीस्ट डोमिनेशन

109:27

Speaker A

नहीं मानेंगे तो यू विल सी कि यहां अनार्य दोष प्रतिहार परिहार मंडली कि अनार्य जो आर्य नहीं है उनके जो दोष दोष है उनको प्रहार उनको खत्म करने के लिए मंडली बनाई गई है राइट है ना प्लस वच वास अगेंस्ट कि

109:43

Speaker A

हां महार से रिक्रूटमेंट नहीं हो रहा था तो उन्होंने कहा आर्मी में रिक्रूटमेंट होना चाहिए राइट तो इसके लिए इन्होंने क्या बनाया अनार्य दोष परिहार मंडली ताकि गवर्नमेंट जो है महार महार कम्युनिटी से रिक्रूटमेंट कर सके आर्मी में प्लस प्लस

109:57

Speaker A

जर्नल्स कुछ क्रिएट हुए हैं फॉर एग्जांपल विताल विद वंक विताल विद वंक विताल विद वंक यह जनरल कैसे है जनरल्स है यू कैन से पहली बार कुछ ऐसे जर्नल लिखे जा रहे हैं जिनकी टारगेट ऑडियंस क्या है जिनकी टारगेट

110:11

Speaker A

ऑडियंस लोअर कास्ट है अनटचेबल है दलित है राइट तो इस तरह के जनरल्स यहां पर जो इन्होने लेकर आए बस इन्होंने लिखा हिंदू धर्म दर्पण प्लस मराठी लैंग्वेज वगैरा में भी कंट्रीब्यूट किया है स दिस इज गोपाल बाबा गोपाल बाबा लाकर अनदर लीडर इज अच्छा

110:28

Speaker A

ओके गोपाल बाबा लंकर एंड जो है अगेन अगर हम देखें जो है थोड़ी सी बात और करते हैं कि हां यहां ही इ आल्सो नॉट इनटू डायरेक्ट अपोजिशन ऐसा नहीं कि किसी को जो है कंफरट्स अबाउट पर्सन सेम कहानी कि पर्सन

110:43

Speaker A

इज द बेटर मेथड राइट है ना तो अगेन घर में अगर जो है लव मैरिज करनी है तो पर्सन इज द बेटर मेथड कंफ्री वर्क इन टू अवेयरनेस एंड ऑल प्लस यू कैन से कि हां आगे जाके यही मशाल आगे

110:59

Speaker A

अंबेडकर जी लेके चलेंगे तो फर्स्ट इंटेलेक्चुअल रिबेल कहा जाता है इनको दलित कम्युनिटी का राइट है ना और देन जो है इनको लोकल तालुक बोर्ड में अपॉइंट्स है वो उनको अपोज भी करेंगे कि नहीं होना चाहिए छोटी-छोटी बातें जो है

111:11

Speaker A

मोस्ट प्रॉली एमसीक्यू नहीं बनना चाहिए बट वी मस्ट अंडरस्टैंड की स्टोरी क्या है अनदर लीडर इज किसान फागु जीी बनसोडे इट है ना सिमिलर सिमिलर एरर सिमिलर टाइम राइट क्या वो भी इसी इसी जो है यू कैन से इसी

111:24

Speaker A

नई इसी दूसरी जनरेशन का पार्ट है यस तो जैसे गोपाल बाबा थे वैसे ही वैसे ही किसान फागु जीी किसान फागु जीी ये भी महार कम्युनिटी में जन्म जन्म हुआ है इनका राइट है ना देन जो है पढ़े लिखे एंड देन ही इज

111:36

Speaker A

आल्सो वर्किंग फॉर फीमेल एजुकेशन तो एक गर्ल्स स्कूल इन्होंने शुरू किया है व्हिच इज चोखा माले चोखा मेला चोखा मेला चोखा मेला तो गर्ल्स स्कूल शुरू किया है नागपुर में सवाल बन सकता है यस प्लस इनका अपना प्रेस है और जब अपना प्रेस है तो बहुत

111:53

Speaker A

सारे जनरल्स इनकी इनके यहां से निकलेंगे जैसे कि निराश्रित हिंद नागरिक वितल विध्वंस कभी हम देख रहे थे एंड मजूर पत्रिका प्लस ही इज आल्सो सेक्रेटरी ऑफ ऑल इंडिया डिप्रेस्ड क्लासेस कॉन्फ्रेंस 1920 में बनेगा उसके सेक्रेटरी जो है ऑल इंडिया

112:07

Speaker A

डिप्रेसो सिएन के देखेंगे आगे जब बनेगा तब हम बात करेंगे हम बात करेंगे जब जो है मूवमेंट की बात करेंगे तब डिस्कशन करेंगे ऑल इंडिया डिप्रेसेंट राइट प्लस प्लस यू विल मोर इनटू यू नो भक्ति कट राइट भक्ति जो जो

112:24

Speaker A

है व्हाट इज भक्ति भक्ति इज कि जब आप भगवान पहुंच भगवान तक पहुंचने के लिए कर्म मार्ग का इस्तेमाल नहीं करते यज्ञ का इस्तेमाल नहीं करते रिचुअल्स का इस्तेमाल नहीं करते और ना ही ज्ञान मार्ग का इस्तेमाल करते हैं कि हां मैं ब्रह्म और

112:38

Speaker A

आत्मा को समझूंगा इन दोनों मार्गों को छोड़कर एक मार्ग होता है भक्ति मार्ग जहां पे आप मानते हैं कि भगवान मेरे हैं मैं भगवान से प्रेम करता हूं राइट तो मैं जो भी मेथड अपनाना चाहूं भगवान तक पहुंचने के

112:47

Speaker A

लिए वो ठीक है जैसे मीरा भाई फेमस एग्जांपल कि मेरा बाई जो है मीरा बाई कहती हैं कि ऐसी लागी लगन मैं तो हो गई मगन राइट है ना मुझे घड़ी-घड़ी जो है हरि हरि गुण गाने लगी तो हरि के गुण गाने लग गई वो

112:59

Speaker A

स जो जो बेसिकली जो है वो हरि को क्या मान रहे हैं कि वो उनकी प्रेमिका है राइट है ना तो वो उनका उनका कनेक्शन है तो दैट इज भक्ति कल्ट तो ही बिलीव्स इन टू जो है भक्ति कट बाकी ब्रह्म समाज एंड जो है

113:10

Speaker A

प्रार्थना समाज क्या उनको बहुत इन्फ्लुएंस कर रहा है नहीं ओके देन ही इज आल्सो टॉकिंग अबाउट रिफॉर्म्स इन हिंदुइज्म फॉर द अपलिफ्टमेंट ऑफ द दलित्स कि हां भाई दलित का रिफॉर्म होना चाहिए इसीलिए जो है पस की बात हम कर रहे थे प्लस प्लस ही

113:22

Speaker A

आल्सो बिलीव्स इन टू एंस्लेवमेंट ऑफ दलित ड्यू टू द आर्यन इनवेजन क्या यहां भी सेम थॉट प्रोसेस है तो चाहे ज्योतिबा राव फुले हो चाहे गोपाल बाबा हो या फिर किसान वागू जीी बांसोड राइट सब लोग सब लोग सेम

113:35

Speaker A

कांसेप्ट की बात कर रहे हैं कि इट इज बिकॉज ऑफ आरएन इनवेजन या फिर बेसिकली आरन माइग्रेशन कि जो वर्ण आश्रम है वो इंपोज हुआ है लोअर कास्ट पे नेक्स्ट लीडर अगेन लोअर कास्ट लीडर इज वी आर शंडे वी आर शंडे नाउ ही इज अगेन ही

113:50

Speaker A

इज फ्रॉम कर्नाटका वी आर शंडे अब होता क्या है कि इन्होंने अगेन भक्ति मूवमेंट के कुछ फेमस लीडर्स हैं महाराष्ट्र इज आल्सो वन ऑफ द इंपोर्टेंट सेंटर ऑफ भक्ति मूवमेंट महाराष्ट्र में जो है जो विट्ठल स्वामी जी का मंदिर है राइट है ना पंढरपुर

114:05

Speaker A

में तो पारपी जी के मंदिर से बहुत सारे यू कैन से जो है अ भजन निकले हैं या फिर ओवरऑल थॉट प्रोसेस निकला है फिलॉसफी निकली है तो विट्ठल में विट्ठल में जो है बहुत सारे जो अ जो भक्ति सेंट है वो विश्वास

114:19

Speaker A

करते हैं राइट पंढरपुर मूवमेंट भी कहा जाता है इसे तो जो है मरा महाराष्ट्र क्या हब रहा है जो है मूवमेंट का यस और बहुत सारे मराठी रिफॉर्मर्स मराठी भक्ति सेंट्स फॉर एग्जांपल तुकाराम एकनाथ राइट रामदास तो यू विल फाइंड कि हां देयर आर सो मेनी

114:34

Speaker A

सो मेनी रिफॉर्मर्स तो उनसे इन्फ्लुएंस हुए हैं भक्ति से इन्फ्लुएंस हुए हैं क्या जो है वी आर वी आर शंडे यस आप कहेंगे सर भक्ति का इतना इंपैक्ट क्यों है भक्ति का इंपैक्ट इसलिए है क्योंकि भक्ति भक्ति जो

114:47

Speaker A

है सबके लिए ओपन है कोई भी भक्ति कर सकता है भक्त कास्ट नहीं देखती तो कास्ट डिस्क्रिमिनेशन भक्ति में नहीं एंड दैट इज द रीजन दैट इज द रीजन यू कैन से कि जो लो कास्ट लीडर्स है रिफॉर्मर्स हैं वो भक्ति

114:59

Speaker A

की तरफ काफी झुकाव रखते हैं राइट है ना बनता भी है सही बात है कि हां भाई जब जो है कोई ऐसी फिलॉसफी कोई ऐसा थॉट प्रोसेस जो डिस्क्रिमिनेट नहीं कर रही है जो भेदभाव नहीं कर रही है उस फिलॉसफी को माना

115:10

Speaker A

जाएगा राइट तो यहां पर आप देखेंगे कि हां भा उस फिलॉसफी में वो मानेंगे नाउ नाउ तो ही हैड आल्सो जॉइन जो है प्रार्थना समाज राइट और प्रा प्राथना समाज प्रार्थना समाज क्या करेगा वी आर सिंडे को 1901 में कहेगा कि आप ऐसा करिए आप जो है

115:26

Speaker A

जाइए आप जाइए ऑक्सफोर्ड राइट है ना मैनचेस्टर कॉलेज तो मैनचेस्टर कॉलेज भेज देगा फॉरेन भेज देगा कि वहां प जाके धर्म की स्टडी करो तो वी आर सिंडे चले जाएंगे ऑक्सफर्ड चले जाएंगे राइट मैनचेस्टर कॉलेज वहां प जाके पढ़ाई करेंगे कंपैरेटिव

115:39

Speaker A

रिलीजन पढ़ेंगे धर्मों को पढ़ेंगे कि हां भाई जो है यू नो इस धर्म में क्या है इस धर्म में क्या है इस धर्म क्या है इन तीनों में क्या डिफरेंस है क्यों हो रहा है एट्स तो इस तरह की कंपैरेटिव स्टडी ही

115:48

Speaker A

विल डू एंड देन ही विल कम बैक राइट अब जब वापस आएंगे सो नाउ यू कैन अंडरस्टैंड कि ही हैज अ लॉट ऑफ अंडरस्टैंडिंग फर्स्ट हैंड नॉलेज ऑफ द ऑफ द रिलीजस ऑफ द वर्ल्ड राइट एंड हेयर 1905 में आकर वो एक नाइट

116:02

Speaker A

स्कूल की स्थापना करेंगे अनटचेबल्स के लिए पुणे में तो ये जो कहानी है विट्ठल वी आर सिंडे जी की दिस इज मोर टुवर्ड्स 1910 1920 राइट है ना तो वी आर सिंडे तो वी फाइंड कि 1905 में आते ही उन्होंने एक

116:15

Speaker A

पहले नाइट स्कूल बनाया है एंड देन द फेमस जिसके लिए हम उनको जानते हैं इज डिप्रेस्ड क्लास मिशन तो 1906 में अब वो भारत से पढ़ के आए तो नाम भी ऐसा होना चाहिए राइट डिप्रेस्ड क्लास मिशन तो ही हैज

116:26

Speaker A

एस्टेब्लिश डिप्रेस्ड क्लास मिशन इन बॉम्बे राइट परपस वही है अनटचेबिलिटी पर्पस वही है कि यहां एजुकेशन लेकर आना है राइट और ये अनटचेबल्स जो डिस्क्रिमिनेशन फेस कर रहे हैं उसके खिलाफ हमें जंग लड़नी है राइट प्लस 1800 1917 में एक बार

116:42

Speaker A

डिस्कशन हो रहा था कि वोटिंग राइट किसे मिलना चाहिए जब हम बात करेंगे जो है 1919 के रिफॉर्म की तो 1917 में 19 के रिफॉर्म से पहले एक कमेटी आई है 1917 सवेर साउथ बोरो फ्रेंचाइजी कमेटी 1918 में

116:55

Speaker A

आई है बेसिकली राइट है ना 1819 की कमेटी है तो साउथ बोरो जो है फ्रेंचाइजी कमेटी तो साउथ बोरो फ्रेंचाइजी कमेटी बेसिकली क्या डिसाइड कर रही है फ्रेंचाइजी किसको किसको वोटिंग राइट देना है राइट नहीं 1919 ठीक लिखा हुआ है राइट

117:15

Speaker A

1919 तो 18 में जो है मट फोर्ड होंगे मट फोर्ड आएंगे और उसके बाद जो है ये डिस्क होगा ठीक है 1919 में य साउथ बोरो फ्रेंचाइजी कमेटी एंड दे आर टॉकिंग अबाउट दे आर डिस्कसिंग कि किसको किसको वोटिंग

117:26

Speaker A

राइट देना है महिलाओं को देना है राइट अटर चस को देना है राइट तो यहां पे यहां पे एविडेंसेस बहुत सारे एविडेंसेस प्रोवाइड करेंगे बाय यू नो वी आर संडे और इसी को इसी को जो है वापस कंफर्म करने के लिए

117:37

Speaker A

बुलाया जाएगा अंबेडकर जी को राइट तो ही हैड गिवन एविडेंसेस बिफोर साउथ बोरो कमिटी आगे जाके डिप्रेसो से वो रिजाइन कर देंगे ज आइल जिकल डिफरेंसेस पे देन देन इन्होंने किताब लिखी है भारतीय अ पृषित चा प्रश्न अस्पृश्य अस्पृश्य मतलब जि छुआ ना जा सकता

117:54

Speaker A

हो अनटचेबल तो भारतीय अस्पृश्य ित चा प्रश्न यह किताब जो है विट्ठल रामजी शंडे ने देखी राइट बाकी कास्ट सिस्टम के खिलाफ है आइडल वशिप के खिलाफ है इनिक्विटीज के खिलाफ है राइट है ना सेम बातें अगेन इन

118:05

Speaker A

सबको हर किसी के लिए रटना नहीं है यू शुड हैव ब्रॉड अंडरस्टैंडिंग फैक्ट्स आपको देखना है कि हां इनके साथ कौन-कौन से फैक्ट्स एसोसिएटेड हैं एंड दैट्ची अंडरस्टैंड कि वो किस जॉनर के रिफॉर्मर है फॉर एग्जांपल वी आर ंडे की

118:20

Speaker A

बात होगी जो है गोपाल बाबा बलाकर की बात होगी राइट बंसर जी की बात होगी तो यू नो कि ये सारिया जो है जैट से ज्योतिबा राव फूले या फिर जो है लेट्स से बी आर अंबेडकर यू नो कि ये सारे रिफॉर्मर्स जो हैं वो जो

118:31

Speaker A

है आपके अनटचेबिलिटी के खिलाफ है राइट कास्ट सिस्टम के खिलाफ है तो अकॉर्डिंग यू कैन प्लेस देम अब वो बातें जो भी है सारी कॉमन बातें हैं हर जगह आप लिख सकते हैं कोई ऐसी बहुत बड़ी बात नहीं है उसमें हर

118:42

Speaker A

किसी के बारे में अलग-अलग से रटना नहीं हां किसने क्या बॉडी बनाई है राइट है ना कौन सा जो है यू नो इंस्टीट्यूट क्रिएट किया है ये खाली आप थोड़ा ध्यान रख रख सकते हैं ट्स इट ओके नाउ आगे बढ़ते हैं गोपाल हरि

118:54

Speaker A

देशमुख जी की बात करते हैं तो हम लोग लोअर कास्ट जो मूवमेंट था जो लोअर कास्ट रिफॉर्मर्स थे जो है आपके महाराष्ट्र में उनसे आगे बढ़ रहे हैं हम बात कर रहे हैं गोपाल हरि देशमुख जी की गोपाल हरि देशमुख

119:07

Speaker A

इन्हें लोकहितवादी भी कहा जाता है तो गोपाल हरि देशमुख नाउ या ओके सो नाउ तो गोपाल हरी देशमुख एक्चुअली पहले जज थे अंडर ब्रिटिश राज राइट तो जज ऑलरेडी यू कैन अंडरस्टैंड कि जजेस की सोसाइटी में बहुत वैल्यू होती

119:56

Speaker A

सोसाइटी बहुत उनको रिकॉग्नाइज करती है तो ऑलरेडी एक सोशल स्टेचर एजिस्ट करता है गोपाल हरि देशमुख जी का राइट बट साथ ही साथ जो है अंडर हिज पेन नेम जो है अपना नाम नहीं दिख र है पेन नेम पेन नेम है

120:08

Speaker A

लोकवादी लोकित वादी के नाम से वो प्रभाकर में अपने आर्टिकल्स छापा करते हैं राइट प्रभाकर इज अ वीकली न्यूज़पेपर या वीकली जर्नल और उसमें वो अपने सोशल रिफॉर्म इश्यूज के ऊपर अपने जो आइडियाज हैं अपने जो थॉट प्रोसेस है वो सारे यहां पे दिया

120:22

Speaker A

करते हैं राइट तो लोकहितवादी तो बेसिकली ही इज टॉकिंग अबाउट ऑल दिस राइट तो दैट इज द रीजन लोग पढ़ रहे समझ रहे हैं लोग जाग रहे हैं कि हां भाई ऐसी बात कह रहे हैं ए लोकहितवादी ने नया आर्टिकल क्या दिया

120:31

Speaker A

लोकहितवादी जी ने फिर क्या कहा है राइट तो इस वजह से बहुत जो है यू कैन से अवेयरनेस लेकर आ रहे हैं गोपाल हरि देशमुख जी राइट ये भी क्या कौन सा दौर है दिस इज आल्सो योर 1850 60 का दौर राइट है ना कि लो जो

120:42

Speaker A

है गोपाल हरि देशमुख है और जो है ये इस तरह के इस तरह के आर्टिकल्स लिख रहे हैं सो नाउ सो ही विल आल्सो टॉक अबाउट मॉडर्न ह्यूमरिस्ट सेकुलर जो है वैल्यूज कि यहां सोसाइटी में सोसाइटी में ह्यूमन

120:53

Speaker A

इंपॉर्टेंट ह्यूमरिस्ट कि आइडियाज राइट है ना कि हां जो भी कुछ हम कर रहे हैं जो भी पॉलिसी हम क्रिएट कर रहे हैं उसका सेंटर ह्यूमन होना चाहिए हमारा एजेंडा डेवलपमेंट ऑफ ह्यूमैनिटी होना चाहिए राइट ह्यूमन की ग्रोथ होनी चाहिए तो मॉडर्न आइडियाज ह्यूम

121:05

Speaker A

निस्ट आइडियाज सेकुलर वैल्यूज ये सारी बातें वो प्रीच कर रहे हैं इन पेपर में इन आर्टिकल्स में प्लस क्या वो हिंदू ऑर्थोडॉक्सी के खिलाफ है यस क्या वो रिलीजस इक्वलिटी चाहते हैं यस तो कास्ट सिस्टम के अगेंस्ट सीखेंगे कहेंगे इफ

121:17

Speaker A

रिलीजन डज नॉट सक्शन सोशल रिफॉर्म अब तो रिलीजन ही बदल दो प्लस एक वीकली पेपर शुरू करेंगे वो हित चो हिचो एंड देन ही इज आल्सो इंस्ट्रूमेंटल बाकी के कुछ पेपर्स के साथ जैसे कि ज्ञान प्रकाश हिंदू प्रकाश

121:29

Speaker A

लोकहितवादी एटस एक्सेट्रा राइट सो गोपाल हरि देशमुख अगेन जैसे कि मैंने कहा था कि छोटी-छोटी स्टोरीज है हमें कंट्रीब्यूशन जानना है कि हां भाई जो है ये नाम आपने रिकॉग्नाइज किया और उनका कंट्रीब्यूशन क्या है फॉर एग्जांपल अगर एक

121:43

Speaker A

एमसीक्यू बनता है हिद चु अगर एक एमसीक्यू बनता है लोकहितवादी या फिर ऐसा कुछ बनता है कि हां जो है वो जज थे या नहीं थे राइट ऐसा कोई एक स्टेटमेंट बनता है तो यू शुड बी एबल टू

121:53

Speaker A

रिकॉग्नाइज नाउ गोपाल गणेश अगरकर गोपाल गणेश अगरकर अगेन जैसा कि मैंने कहा था कि जब एम जी रानाडे जी का नाम आता है तो उनके साथ-साथ नाम आता है आर जी भंडारकर जी का कि हां ये कुछ मित्र है वैसे ही एक मित्र

122:06

Speaker A

है गोपाल गणेश अगरकर और यह मित्र है तिलक के राइट तो बाल गंगाधर तिलक तो जब तिलक का नाम आता है तो उनके साथी जो है एक गोपाल गणेश आगरकर जी भी है राइट तो मोस्ट ऑफ द थिंग्स वो भी इंवॉल्व

122:21

Speaker A

होंगे अगर तिल तिलक उसमें है तो उनके साथ जो है अगरकर जी भी होंगे तो गोपाल गणेश अगरकर तो ही इज द फाउंडर ऑफ न्यू इंग्लिश स्कूल डेकन एजुकेशन सोसाइटी फर्गुसन कॉलेज ये कहां पे हो रहा है ये जो सब हो रहा है

122:35

Speaker A

दिस इज मोस्टली हैपनिंग इन 1880 का दौर राइट हम थोड़ा सा और आगे बढ़ गए हैं 1880 के दौर में आ गए हैं और हम बात कर रहे हैं कि हां जो है इस तरह के कॉलेजेस वगैरह का

122:45

Speaker A

एस्टेब्लिशमेंट हो रहा है पहले पहले इन लोगों ने स्कूल बनाया राइट तो तो तिलक वांटेड टू वेंचर इनटू एजुकेशन तिलक चाहते थे कि हां भाई जो है स्कूल वगैरह की स्थापना करी जाए राइट है ना जो है पढ़ाया

122:56

Speaker A

जाए और एक पर्टिकुलर सेट ऑफ जो है चीजें लोगों को सिखाई जाए बच्चों को सिखाई जाए तो इसी हिसाब से उन्होंने पहले एक इंग्लिश स्कूल बनाया फिर डेकन एजुकेशन सोसाइटी एस्टेब्लिश कर रहे हैं फिर एक अपना कॉलेज बना दिया फर्ग असन कॉलेज राइट सो दिस इज

123:08

Speaker A

हैपनिंग इन महाराष्ट्र फर्ग असन कॉलेज प्लस प्लस ही इज अगेन जैसा कि हम कह रहे हैं ही हेयर दे आर आल्सो लाइक कि हां हमें ट्रेडिशनल नहीं करना है फॉल्स ग्लोरिफिकेशन ऑफ पास्ट कि पास्ट में हम जो है ऐसा हुआ करते थे वैसा हुआ करते थे य

123:26

Speaker A

फर्जी बातें नहीं है ना खोखरी बातें नहीं राइट हां जो कि जो कि सही है जो है कहना चाहिए वो ठीक है बट जबरदस्ती पास के ऊपर बहुत ग्लोरिफाई नहीं करना है कि हां बहुत ऐसा कुछ हुआ था राइट है ना कि उड़ उड़न

123:36

Speaker A

खटोला हुआ करता था ऐसी बातें नहीं करनी प्लस हेयर ही इज आल्सो टॉकिंग अबाउट ह्यूमन रीजन नाउ नाउ तो प्रिंसिपल ऑफ फर्ग असन कॉलेज भी रहे हैं प्लस केसरी जय लोकमान्य तिलक का फेमस न्यूज़पेपर है केसरी राइट है ना तिलक को आप नहीं जानते

123:50

Speaker A

बट जो है आगे के जो हमारे चैप्टर्स है उसमें आप अभी तिलक जी को बहुत अच्छे से जानेंगे तो तिलक इस जो है यू कैन से समझिए तो तीन मेजर लीडर्स है तो अगर 1885 में कांग्रेस की स्थापना

124:09

Speaker A

हो रही है 1905 तक यह जो दौर है यह दौर डोमिनेटेड बाय मॉडरेट्स है जिसमें एक बड़ा नाम आता है गोपाल कृष्ण गोखले तो बड़े पॉलिटिकल लीडर गोपाल कृष्ण गोखले राइट दूसरा 1905 से 1900 199 तक जो लीडरशिप रही है वो एक्सट्रीमिस्ट की रही

124:34

Speaker A

है जिसमें एक बड़ा नाम आता है तिलक बाल गंगाधर तिलक और इसके बाद गांधी जी टेक ओवर करते हैं तो ये तीन बहुत बड़े पॉलिटिकल लीडर्स है राइट गोपाल कृष्ण गोखले तिलक एंड गांधी जी बाल गंगाधर तिलक एंड गांधी

124:48

Speaker A

जो पहली बार पढ़ रहे हैं उनके लिए कि गोपाल कृष्ण गोखले तो गोखले एक बड़ा नाम है पॉलिटिकल लीडर्स में तिलक है और फिर गांधीजी और गोपाल कृष्ण गोखले खुद भी कनेक्टेड है या कहा जाता है मानस पुत्र है

124:59

Speaker A

यह एम जी रानाडे जी के तो वन ऑफ द ग्रेट सोशल रिफॉर्मर वन ऑफ द वेरी पॉपुलर सोशल रिफॉर्मर जो हमने कहा था प्रार्थना समाज से हमने जिनको जोड़ा था प्रार्थना समाज इज एम जी रानाडे एमजी रानाडे बहुत सारी बॉडीज

125:14

Speaker A

के साथ एसोसिएटेड है जिसमें एक प्रार्थना समाज भी है राइट तो एमजी रानाडे इनकी फिलॉसफी फॉलो करते हैं गोपाल कृष्ण गोखले गोपाल कृष्ण गोखले की फिलोसोफी हम देखेंगे कि गांधी जी भी काफी हद तक फॉलो करते हैं पॉलिटिकल गुरु मानते हैं गोखले को अपना तो

125:28

Speaker A

दीज आर थ्री मेन लीडर्स और एक एमजी रानाडे राइट तो बिफोर वी गो इन टू जो है पॉलिटिक्स पॉलिटिकल साइड राइट है ना लेट्स अंडरस्टैंड दीज फोर तो हमने समझा कि जो अगरकर हैं अगरकर किसके साथी है तिलक के

125:39

Speaker A

साथी हैं और तिलक का एक पेपर है केसरी तो केसरी के एडिटर भी रह चुके हैं प्लस इन्होंने एक शुरू किया है सुधारक है ना तो ये जो पेपर है ये अनटचेबिलिटी के खिलाफ है कास्ट सिस्टम के खिलाफ तो गोपाल गणेश

125:51

Speaker A

अगरकर देन सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी तो सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी इज टुवर्ड्स 1905 समवेत 1905 तो 1905 में गोपाल कृष्ण गोखले एक सोशल सर्विस बॉडी क्रिएट कर रहे हैं व्हिच इज कॉल्ड एज सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी अब उनका मकसद यहां पे यह

126:10

Speaker A

है कि सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी में जो लोग जवाइन करेंगे राइट दीज आर वॉलंटस दीज आर सर्वेंट्स ऑफ द सोसाइटी नाम समझो कि दीज आर द सर्वेंट्स ऑफ द सोसाइटी और यह जो वॉलंटस हैं ये सोसाइटी का सारा सोशल

126:24

Speaker A

रिफॉर्म विद रिस्पेक्ट टू एनीथिंग राइट है ना जो भी कुछ करना है वो सारी डायमेंशन में सारे डायरेक्शंस में ये लोग ऑपरेट करेंगे राइट तो ऐसा सेट ऑफ मिशनरी या वॉलंटस हमको क्रिएट करना है नेशनल मिशनरीज हमको क्रिएट करना है जो कि इंडियन

126:37

Speaker A

इंटरेस्ट या फिर सोशल इंटरेस्ट हर तरीके से ऑपरेट करे एंड दे विल बी लाइक सेल्फलेस वर्कर्स राइट अपनी कोई इच्छा नहीं है अपना कोई स्वार्थ नहीं है लोगों की सेवा करनी है सोशल रिफॉर्म करना है ऐसा ग्रुप ऑफ

126:49

Speaker A

वॉलंटस हम क्रिएट करेंगे राइट इसी के तहत वो एक पेपर शुरू करेंगे 1911 में व्हिच इज हितवाद राइट नाउ ये क्योंकि जैसा कि मैंने कहा कि वो पॉलिटिकल साइड भी काफी एक्टिव है और बहुत बड़े लीडर है पॉलिटिक्स में राइट तो

127:04

Speaker A

इसको वो पॉलिटिक्स से दूर रखेंगे उनकी सेपरेट बॉडी है व्हिच इज सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी नाउ वो चाहते थे कि आफ्टर हिज डेथ है ना जो है कौन लीड करे वो चाहते थे गांधी जी लीड करें गांधी जी अगर

127:16

Speaker A

सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी लीड करने लग जाएंगे तो उनको लगता था कि विल बी इन अ वेरी सेफ हैंड राइट बट जब गांधी जी सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी में पहुंचे उन्होंने देखा कि यहां पे लोग जो है मैनुअल लेबर नहीं कर रहे हैं यहां पे यहां

127:27

Speaker A

पे जो है सर्वेंट्स रखे गए हैं कपड़े धोने के लिए एंड जो है एटस एटस तो ही वाज नॉट एट ऑल हैप्पी उनकी मुलाकात भी होगी श्रीनिवास शास्त्री जी से एंड श्रीनिवास शास्त्री जी के साथ मिलके उन्होंने देखा

127:37

Speaker A

कि य जो सूट बूट सब उन्होंने पहना हुआ है तो देखा जूता कोई और पॉलिश कर रहा है कपड़ा कोई और प्रेस कर रहा है तो गांधी जी वाज इन टू यू नो डिग्निटी ऑफ द मैनुअल लेबर गांधी जी का मानना था अपना सारा काम

127:47

Speaker A

खुद करना चाहिए राइट है ना तो कहीं ना कहीं जो ओवरऑल थॉट प्रोसेस है फिलॉसफी ऑफ सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी है राइट गांधी जी को रास नहीं आई एंड दैट इज द रीजन की गांधी जी इसको जवाइन नहीं करेंगे

127:58

Speaker A

है ना बहुत चाहते थे कि हां जो है गोपाल कृष्ण गोखले काफी चाहते थे कि हां ये जवाइन कर दे राइट लेकिन वो अपना मेंबरशिप वापस से देंगे आफ्टर हिज डेथ है ना जो जो उनकी जो है ये दोनों एक्चुअली मिले भी

128:09

Speaker A

श्रीनिवास शास्त्री और गांधी जी मिले भी रास्ते में ही है कि दोनों ही तिलक के जो है डेथ उसमें जा रहे थे उनकी जब डेथ हो गई खबर आई दोनों ही वहीं जा रहे थे वहीं पर दोनों की मुलाकात होती है ट्रेन में

128:19

Speaker A

मुलाकात होती है दोनों की एनीवे तो श्रीनिवास शास्त्री विल बी लीडिंग सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी आफ्टर गोपाल कृष्ण गोखल राइट एंड दे विल बी अगेन वर्किंग ऑन डिफरेंट डायमेंशन राइट तो जैसे कि जो है एजुकेशन है बाद में भी इनफैक्ट बाद में

128:33

Speaker A

भीय जो है जो सोसाइटी है वर्क करती रहेगी एंड देल बी वर्किंग फॉर ट्राइबल गर्ल्स बलवाड़ी राइट है ना सो मेनी थिंग्स इनटू सोशल रिफॉर्म राइट कंटिन्यू करेंगे तो नाउ सिमिलर बॉडी हमें दिखती है सोशल सर्विस लीग सेम सिमिलर कांसेप्ट है इनफैक्ट गोपाल

128:50

Speaker A

कृष्ण गोखे से काफी जो है प्रभावित भी है नारायण मलहार जोशी तो नारायण मलहार जोशी सेम एरा में ही विल क्रिएट अ सोशल सर्विस लीग सोशल सर्विस लीग राइट सोशल सर्विस लीग बट इसका जो काम है आप देखिएगा तो दोनों के

129:05

Speaker A

काम में जो है बहुत डिफरेंस है यहां पे एग्जैक्ट वर्क में क्लेरिटी नहीं है कि क्या करेंगे वॉलंटस बट यहां पे सोसाइटी क्याक करेगी यह कहीं ज्यादा क्लियर है राइट तो फॉर एग्जांपल दे विल बी ऑर्गेनाइजिंग स्कूल लाइब्रेरी रीडिंग रूम

129:19

Speaker A

डे नर्सरी जो है आपकी कोऑपरेटिव सोसाइटीज प्लस पुलिस कोर्ट के एजेंट वगैरह कि हां कोई पुअर है और पुलिस को हैंडल नहीं कर पा रहा है कोई लीगल एड जो है अफोर्ड नहीं कर पा रहा है राइट किसी पुअर को कुछ ऐसा

129:31

Speaker A

एडवाइस चाहिए सपोर्ट चाहिए समथिंग दे विल प्रोवाइड नॉट ओनली दिस दे विल आल्सो बी प्रोवाइड जो है जिम थियोरेटिकल परफॉर्मेंसेस राइट सम डलर्स को कोई सपोर्ट चाहिए एक्सेट्रा सैनिटरी वर्क मेडिकल रिलीफ बॉयज क्लब ऑल दीज थिंग्स जो है दे

129:45

Speaker A

विल बी प्रोवाइड तो ये जो ये जो वर्क है सोशल सर्विस लीग का राइट है ना जो है एनएम जोशी द्वारा दिस इज दिस इज यू नो मच मोर प्रोफाउंड और मच मोर डिफाइंड दन दन जो है सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी राइट है ना

129:57

Speaker A

तो नारायण मलहार जोशी तो नारायण मलहार जोशी आगे जाके एआईटीयूसी की स्थापना करेंगे दिस इज इंपोर्टेंट फॉर अस पढ़ेंगे इसको आगे जाके एआईटीयूसी 1920 सो सो बात करते हैं लास्ट जो है पार्ट वन में स्वामी विवेकानंद स्वामी विवेकानंद स्वामी विवेकानंद तो वापस चलते

130:16

Speaker A

हैं बंगाल तो हमने महाराष्ट्र की कहानी देख ली है राइट महाराष्ट्र हमने देख लिया है महाराष्ट्र हमने इनिशियली बंगाल देख लिया था नाउ वी विल गो बैक टू गो बैक टू बंगाल तो चलते हैं जो है बंगाल फिर से और हमने देखा था कि 1880

130:34

Speaker A

तक आते-आते जो बंगाल का जो ब्रह्म समाज मूवमेंट था डिक्लाइन कर रहा था अभी 1880 90 का दौर है जहां पे हम दो मूवमेंट्स देख रहे हैं एक राम कृष्ण राम कृष्ण जी का मूवमेंट राम कृष्ण परमहंस जी को और स्वामी

130:46

Speaker A

दयानंद जी को आइए समझते हैं राम कृष्ण परमहंस एंड स्वामी दयानंद सो नाउ स्वामी विवेकानंद सॉरी नॉट दयानंद विवेकानंद तो राम कृष्ण परमहंस कमिंग बैक सो राम कृष्ण परमहंश तो हमें क्या दिख रहा है तो ये 1860 70 का दौर है 1860 का दौर

131:17

Speaker A

है जब जब केशव चंद्र सेन भी हुआ करते थे राइट और केशव चंद्र सेन की मुलाकात हो गई है राम कृष्ण परमहंस से और राम कृष्ण परमहंस का से काफी ज्यादा वो प्रभावित भी हो चुके राइट तो कौन है राम कृष्ण परमहंस

131:30

Speaker A

सबसे पहले यह समझते हैं राइट टाइम लाइन आई डोंट थिंक अभी हम वी नीड टाइमलाइन बात करते हैं राम कृष्ण परमहंसी की राम कृष्ण परमहंस यहां पर मैंने टाइमलाइन नहीं बनाई है आप लोग बिल्कुल ऐड कर सकते हैं राइट है

131:49

Speaker A

ना थोड़ा सा पॉज करके वहां पे अपना खुद जो है लाइन क्रिएट करके जैसे हम लोग जो है लोअर कास्ट साइड हम लोग नहीं बना रहे थे वहां पे भी आप पूरा एक साथ ड्रा कर सकते हैं राइट या एक ही टाइमलाइन टोटल बना

131:59

Speaker A

लीजिए वो भी ठीक है ओके सो राम कृष्ण परमहंस इनका रियल नेम है गदाधर चटो पाध्य है राइट और जो है अ कलकता के पास एक जगह है दक्षिणेश्वर दक्षिणेश्वर का जो मंदिर है काली मंदिर जो है काली मंदिर के पुजारी

132:14

Speaker A

हुआ करते थे रामकृष्ण परमहंस नाउ इन फिलॉसफी अगर हम समझे फिलोसोफी तो हिज फिलॉसफी इज वेरी वाइड राइट इनकी फिलॉसफी में अद्वैत भी है इनकी फिलॉसफी में जो है भक्ति भी है इनकी फिलॉसफी में योगा भी है फिलॉसफी में तंत्र भी

132:39

Speaker A

है और कहते हैं जो एक्सट्रीम जो है सिचुएशन या एक्सट्रीम जो है स्टेटस पॉसिबल है योगा में वो उन्होंने जो है पा लिया है राइट है ना प्लस प्लस ही आल्सो बिलीव्स इन द फिलोसोफी ऑफ जीसस बुद्धा यानी थोड़ा यूनिवर्सल नेचर भी

132:54

Speaker A

दिख रहा है हमें इट इज नॉट ओनली अबाउट हिंदुइज्म राइट बुद्धा अल्लाह सिख [संगीत] गुरुस इस्लाम लिख सकते हैं आप राइट सो वी विल फाइंड वी विल फाइंड कि इनकी फिलोसोफी काफी यूनिवर्सल है ही बिलीव्स इन सो मेनी

133:12

Speaker A

गॉड्स ही बिलीव्स इन यू कैन से वेरियस एस्पेक्ट्स उनको अद्वैत भी जो है उनकी फिलॉसफी का पार्ट है भक्ति भी पार्ट है राइट है ना योगा भी पार्ट है राइट है ना जो है तो ओवरऑल ओवरऑल हमें जो है क्या

133:23

Speaker A

दिखता है इनका कहना है यतो मत ततो पत कि जहां भी जो है फेथ है जहां भी मत है जहां भी विश्वास है वहां पे पथ है वहां पे रास्ता है वहां पे भगवान है राइट डिफरेंट डिफरेंट रिलीजन क्या है सेम भगवान को जाने

133:35

Speaker A

के रास्ते हैं राइट तो यतो मत ततो पथ ऐसा जो है ये मानते हैं जैसा कि हमने कहा कि ही विल नॉट ओनली इंस्पायर्ड इंस्पायर केशव चंद्र सेन बल्कि मैक्स मूलर जो है मैक्स मूलर मैक्स मूलर इज अ जो है अ राइटर जो

133:51

Speaker A

हमारी हिस्ट्री के बारे में जो है काफी हमारे जो एसिएंट स्क्रिप्चर हैं उनको ट्रांसलेट करेंगे और उनके बारे में काफी कुछ लिखेंगे तो बहुत सारा पर्सपेक्टिव जो हमारे बारे में हमने शुरू के चैप्टर्स में बात करी थी मैक्स मलर की राइट तो बहुत

134:03

Speaker A

सारा पर्सपेक्टिव जो इंडियन हिस्ट्री के बारे में है या इंडियन सोसाइटी के बारे में है वो मैक्स मलर की राइटिंग पे है तो मैक्स मलर भी प्रभावित है रामकृष्ण परमहंश से तो काफी दूर तक जो है रामकृष्ण परमहंस

134:13

Speaker A

की जो है बातें पहुंच चुकी है राइट सो इन हिज टीचिंग्स अगर हम देखें तो हि टीचिंग विल इवॉल्व इनकी टीचिंग में यह सब तो होगा ही होगा राइट प्लस य फाइंड इनकी जो टीचिंग है व इंडियन रूट्स में भी है इंडियन रूट से

134:30

Speaker A

जुड़ी हुई है राट भारतीय टीचिंग है य प्लस प्लस इनके हिसाब से जो मोक्ष है दयानंद जी के हिसाब से सॉरी रामकृष्ण जी के सॉरी कन्फ्यूजन रता दोनों में राइट दोनों नाम एक जैसे तो रामकृष्ण जी के हिसाब से

134:45

Speaker A

साल्वेशन जो है साल्वेशन मोक्ष मोक्ष मिलेगा त्याग द्वारा रिनंसीएशन द्वारा मोक्ष मिलेगा भक्ति द्वारा तो भक्ति अलग अलग मार्ग है भाई मेडिटेशन द्वारा भी मोक्ष मिल सकता है तो अगर आप भक्ति करें मेडिटेटर त्याग करें तो क्या आपको रिनसन मिल सकता

135:08

Speaker A

साल्वेशन मिल सकता है यस एंड टीचिंग का जो बहुत बड़ा एलिमेंट है इज सर्विस ऑफ मैन यह तो मत भूलना सबसे इंपोर्टेंट लाइन यही है सर्विस ऑफ मैन इज सर्विस ऑफ गॉड अगर आप भगवान की सेवा करना चाहते हैं तो इंसान की

135:23

Speaker A

सेवा करिए तो सोशल सर्विस सर्विस ऑफ मैन इज द बिगेस्ट एलिमेंट ऑफ दिस होल फिलॉसफी प्लस प्लस ही बिलीव्स इन आइडलेट्री राइट ही आल्सो बिलीव्स इन पॉलिम अगर सारे रास्ते ठीक है तो सारे भगवान भी ठीक है तो आइडलेट्री और पॉलीथिस्म जो है उनके

135:50

Speaker A

हिसाब से दोनों के इनके हिसाब से जो है राम कृष्ण परमहंस के हिसाब से ठीक है कोई ऐसी बुराई नहीं है हालांकि उनका मानना है कि अगर मूर्ति पूजन हो रहा है तो ये सिर्फ जो है मूर्ति की बात नहीं है उसके साथ जो

136:00

Speaker A

फीलिंग एसोसिएटेड है राइट वो मेन है इट इज नॉट अबाउट स्टैच्यू इज पावरफुल नो स्टैचू इज नॉट पावरफुल इट इज अबाउट कि उसके पीछे जो फीलिंग्लेस हिसाब से जो है आइडलेट्री ठीक है तो आइडलेट्री पॉलीथिस्म जैसा भी आपको

136:15

Speaker A

विश्वास हो जो भी आपका मन करे राइट है ना वो सारीज ठीक है नाउ ओके सो हम देखेंगे कि अपनी लाइफ में ही विल एस्टेब्लिश राम कृष्ण मठ राम कृष्ण मठ की स्थापना करेंगे राम कृष्ण मठ जो उनकी टीचिंग्स को जो है

136:39

Speaker A

स्प्रेड करे राइट राम कृष्ण मट प्लस उनके बहुत सारे डिसाइल्स है एक तो उनकी वाइफ है वाइफ इज शारदा देवी तो शारदा मणि मुखर्जी नाम है उनका बट वो मदर है राइट शारदा देवी कहा जाएगा और मदर है

137:03

Speaker A

प्लस उनके जो सबसे बड़े डिसाइल है वो है विवेकानंद विवेकानंद राइट सो नाउ वी आर रिलाइज कि एक्चुअली राम कृष्ण परमहंस जी की जो फिलॉसफी हैय काफी लिबरल जो है फिलॉसफी है राइट है ना एक और एक और चीज जो है इसमें

137:24

Speaker A

ऐड कर लीजिए सो यू हैव क्लेरिटी 1836 से 18864 6 से 18864 में डेथ हो रही है और जो जो जो है यू कैन से जो स्प्रेड है वो 1860 ऑनवर्ड है राइट 1860 के बाद ही इ लाइक

137:44

Speaker A

वेरी वेरी पॉपुलर केशव चंद्र सेन उनको अपने घर में बुलाएंगे राइट उनके घर में मीटिंग्स हुआ करेंगी तो ही इज वेरी पॉपुलर इन इन 60 70 80 राइट नाउ आफ्टर हिम ये जो जो फिलॉसफी है जो थॉट प्रोसेस है ये टेक

137:57

Speaker A

अप करेंगे स्वामी विवेकानंद तो बात करते हैं पहले राम कृष्ण परमहंस जी की राम कृष्ण परमहंस तो हम देख रहे हैं कि जो ब्रह्म समाज था ब्रह्म समाज वास टॉकिंग अबाउट उपनिषद ब्रह्म समाज वाज टॉकिंग अबाउट यह वेदांतिका समझ में आता है राइट वी विल

138:17

Speaker A

रिलाइज नो ये खाली जो एलाइट है पढ़े लिखे लोग हैं राइट है ना वो खाली समझ सकते हैं बट भक्ति भक्ति हर कोई समझ सकता है तो जो राम कृष्ण परमहंस की जो थॉट प्रोसेस है जो टीचिंग है राइट उसका इंपैक्ट उसका जो है

138:30

Speaker A

यू कैन से जो है जो इन्फ्लुएंस होगा वो आम आदमी तक है वो मासस की कहानी है तो ब्रह्म समाज जो है वो खाली टॉप लोगों को जो है एलाइट लोगों को जो है यू कैन से इन्फ्लुएंस करता है

138:43

Speaker A

फर्क पड़ता है उनसे लेकिन जो भक्ति है और जो बेसिकली राम कृष्ण परमहंस की जो टीचिंग है राइट या राम कृष्ण मूवमेंट आप कह दीजिए तो वो सब पे इंपैक्ट करेगा मासे जो पढ़ा लिखा है नहीं है कोई फर्क नहीं पड़ता बट

138:54

Speaker A

भक्ति हर कोई समझ सकता है और इसीलिए स्प्रेड जो है राम कृष्ण जो है जो है परमहंस जी का या जो ओवरऑल इंपैक्ट है वो कहीं ना कहीं ज्यादा बड़े बेस पे है तो फॉलोअर बेश राम कृष्ण परमहंस का कहीं

139:05

Speaker A

ज्यादा है और वो ब्रह्मो समाज को कहीं ना कहीं साइडलाइन कर बैठेगा पहले भी हमने देखा कि यहां जो ब्रह्मो समाज के जो सबसे बड़े लीडर है केशव चंद्र सेन वही फैन हो गए राम कृष्ण परमहंस जी के तो यू कैन

139:15

Speaker A

अंडरस्टैंड कि यहां ब्रह्मो समाज के साइड में जा रहा है यस साइड में जा रहा है और कहीं ना कहीं ये जो थॉट प्रोसेस है राम कृष्ण मूवमेंट का जो थॉट प्रोसेस है परमहंस जी का थॉट प्रोसेस है ये थॉट

139:24

Speaker A

प्रोसेस आगे उजागर हो रहा है राइट प्लस प्लस जो है जैसा कि हमने समझा कि हां जो है उनको एक्सपर्टीज है योगा में काफी ज्यादा एक्सपर्टीज है है ना मेटाफर में बात करते थे पैराबोल में बात करते थे

139:35

Speaker A

थोड़ा पहेलियों में बात किया करते थे तो जो रामकृष्ण मूवमेंट है इसके दो ऑब्जेक्टिव पहला ऑब्जेक्टिव क्या है कि ऐसे मक्स क्रिएट करने हैं जैसे विवेकानंद स्वामी विवेकानंद राइट तो इस तरीके के मक्स क्रिएट करने जो जो पूरी तरह से डेडिकेटेड हो टू

139:51

Speaker A

स्पिरिचुअलिटी राइट और स्प्रेड यूनिवर्सल मैसेज ऑफ वेदांता कि वेदांता का मैसेज या जो उनकी फिलॉसफी है उसको स्प्रेड करें राइट ऐसे मक्स को क्रिएट करना है तो उनके बहुत सारे बड़े बड़े बहुत सारे शिष्य है जिसमें वे कानंद एक बड़ा नाम है कुछ 16

140:05

Speaker A

बड़े जो है उनके श शिष्यों का नाम है राइट दूसरा एक ऑब्जेक्टिव है च इज अबाउट प्रीचिंग एंड फिथ पिक एंड चैरिटेबल वर्क्स [संगीत] जो इस फिलॉसफी को प्रीच करने की बात कर रहे हैं ज्यादा लोगों को पहुंचाने की बात

140:26

Speaker A

कर रहे हैं प्लस सोशल सर्विस राट चैरिटी सोशल सर्विस ये भी एक बड़ा ऑब्जेक्टिव है तो डेफिनेटली यह पहला ऑब्जेक्टिव जो है ये तो राम कृष्ण परमहंस जी ने अपनी लाइफ में मठ एस्टेब्लिश कर दिया है मक्स को जो है

140:39

Speaker A

ट्रेन कर रहे हैं मठ में जो है मक्स आ रहे ट्रेनिंग हो रही है उनकी तो बहुत सारे मंगस क्रिएट हो रहे हैं राइट पर जो दूसरा ऑब्जेक्टिव है मोर और लेस दिस इज अचीव बाय स्वामी विवेकानंद जब वो रामकृष्ण मिशन जो

140:49

Speaker A

है एस्टेब्लिश करेंगे इन 18971 197 में जब मिशन जो है एस्टेब्लिश होगा ओके राइट तो दोनों अलग-अलग बॉडीज हैं देखते हैं अभी थोड़ी देर में सो हमने समझा कि टीचिंग हमने समझा कि सर्विस ऑफ मैन इज अ सर्विस ऑफ मैनकाइंड राइट दिस इज मेन

141:05

Speaker A

कृष्णा हरि राम क्राइस्ट अल्लाह सब जो है सेम गॉड के नाम है राइट फिलॉसफी हमने टीचिंग हमने ऑलरेडी समझ ली प्लस हम बात करें थे शारदा देवी जी की राइट शी इज अ डिवाइन मदर राइट है ना एंड शी इज द वाइफ

141:16

Speaker A

ऑफ अ स्वामी रामकृष्ण परमहंस प्लस नाउ लेट्स टॉक अबाउट स्वामी विवेकानंद स्वामी विवेकानंद तो उनके बहुत बड़े शिष्य जो सबसे यू कैन से जो है सबसे ज्यादा नाम किया इज स्वामी विवेकानंद ने तो आइए बात करते हैं स्वामी विवेकानंद जी की तो

141:32

Speaker A

स्वामी विवेकानंद इनका रियल नेम है नरेंद्रनाथ दत्त नरेंद्रनाथ दत्त एंड अनफॉर्चूनेटली अगेन ईयर अगर आप देखो तो 1902 में वी विल लूज हिम राइट तो स्वामी विवेकानंद के नाम से जो है फेमस होंगे और ये अपने गुरु का

141:47

Speaker A

मैसेज आगे पहुंचाएंगे नाउ अगेन तो कहानी है 18630 2 की अब इसमें 1880 का जो दौर है 1880 यू विल फाइंड कि 1880 तो बहुत छोटा सा टाइम है 40 साल अगेन जिंदगी बड़ी होनी चाहिए राइट है ना

142:16

Speaker A

लंबी से फर्क नहीं पड़ता तो 18 विवेकानंद इ आल्सो वर्किंग विथ केशव चंद्र सेन इन हि जो है कैंपेन तो केशव चंद्र सेन और विवेकानंद भी साथ में ऑपरेट किया करते थे 1880 के दशक में क्योंकि केशव चंद लडी

142:29

Speaker A

पार्ट बन चुके थे य रामकृष्ण परमहंश जी के साथ तो उनकी दोस्ती जो है विवेकानंद जी के साथ हुई तो दोनों लोग साथ में ऑपरेट करने लगे तो यह भी हुआ राइट खैर खैर 1893 में एक बड़ा इवेंट होता है 1893 दिस दिस इ

142:43

Speaker A

वर्ल्ड कान्फ्रेंस ऑफ रिलीजन वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ रिलीजन और यह शिकागो में एंड यहां पर स्वामी विवेकानंद जाएंगे राइट स्वामी विवेकानंद तो इस वर्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ रिलीजन में स्वामी विवेकानंद खुद भी है और यहां पर पहली बार जो उन्होंने बात कही वह बहुत पॉपुलर हो

143:10

Speaker A

जाएगी वो लोगों के घर करर जाएगी राइट सो कहते हैं कि यहां पर जो है ही टॉकिंग अबाउट रिलीजस टोलरेंस कहते हिम इंट्रोड्यूस किया है अमेरिका को रिलीजस टोलरेंस ही टॉकिंग अबाउट जो जो जो है ईस्ट का जो मटेरियल जम

143:31

Speaker A

है राइट यूरोप और अमेरिका का जो मटेरियल जम है और हमारा जो स्पिरिचुअलिज्म हम क्रिएट कर ले जाए तो नथिंग लाइक इट तो दोनों के अमलगम मेशन की बात कर रहे हैं दोनों के बैलेंस की बात कर रहे हैं राइट है ना कि हां अगर ये बैलेंस

143:55

Speaker A

क्रिएट हो गया तो दिस इज दिस इज हार्मोनी ये क्रिएट करना है तो आप में भी कुछ बहुत अच्छी बातें हैं मटेरियल मटेरियल जम और प्लस हमारे यहां स्पिरिचुअलिज्म है और दोनों की अगर अच्छी-अच्छी बातें मिला दी जाए तो देन देन वी कैन हैव

144:09

Speaker A

हार्मोनी राइट है ना तो किसी भी तरह की कट्टरता के खिलाफ है टॉलरेंस की बात वो कर रहे हैं कि हां किसी भी धर्म को जो है ऐसा नहीं सोचना चाहिए कि हां हम ही जो है धर्म है राइट हम सबसे अच्छे धर्म है राइट है ना

144:18

Speaker A

और बाकी धर्मों को भी रिस्पेक्ट देना चाहिए रिलीजस टोलरेंस की बात करते हैं जो है राजाराम सॉरी स्वामी विवेकानंद नाउ नाउ 1893 से 97 वो काफी सारे लेक्चर देंगे इन यूके इन यूएसए एंड लंदन राइट और फिर 97 में जब उनकी वापसी

144:42

Speaker A

होगी इंडिया तब वो स्थापित करते हैं रामकृष्ण मिशन यहां पर स्थापना हो रही है रामकृष्ण मिशन की हेड क्वार्टर कहां है हेड क्वार्टर एट बेलूर है ना बंगाल कलक के पास ही है बेलूर राइट सो नाउ नाउ तो यहां पे यहां प जो है

145:05

Speaker A

राम फाइनली ही वाज एबल टू एब्लिश अ राम कृष्ण मिशन जो कि उनके गुरु का जो थॉट प्रोसेस था सोशल सर्विस हमको आगे देके जानी है राइट सोशल सर्विस करनी है उस उस जो है थॉट प्रोसेस प उस चीज प काम करना है

145:16

Speaker A

तो ही विल लिश राम कृष्ण मिशन इन 97 राइट और फिर हमें पता है कि हां 1902 वी विल लूज हिम तो ये इसके आगे कोई बहुत बड़ी कहानी नहीं है ना 5 साल की ही कहानी है रामकृष्ण मिशन बट अगेन अगेन ऐसा नहीं कि

145:30

Speaker A

हां इसका कोई इंपैक्ट नहीं इसका इंपैक्ट बहुत सॉलिड है राइट है ना ये मिशन आज भी चल रहा है आज भी पॉपुलर है राइट रीजन रीजन कि हां जिस तरह से उन्होंने एस्टेब्लिश किया था और जिस तरह से ये ब्रांडिंग

145:40

Speaker A

क्रिएट हुई है राइट है ना डेफिनेटली उसका इंपैक्ट आज भी है प्लस इट इज नॉट अबाउट हिंदुइज्म इट इज नॉट अबाउट पर्टिकुलर रिलीजन राइट इट इज ओपन फॉर एवरीवन राइट सो लेट्स टॉक अबाउट जो है स्वामी विवेकानंद तो नयो हिंदुइज्म तो ये जो

145:54

Speaker A

हिंदुइज्म में प्रीच कर रहे हैं व्हिच इज मॉडर्न हिंदुइज्म राइट जो ओपन है ओपन फॉर एवरीवन जिसमें कोई कास्ट जो है ऐसा कोई डिस्क्रिमिनेशन नहीं है राइट ऐसा कोई जो है अ बाउंड्री नहीं है राइट कोई भी इसमें

146:05

Speaker A

एंटर कर सकता है और प्लस किसी के साथ कोई अत्याचार कोई ऑपरेशन नहीं होता है नाउ तो जो है वी वी वर डिस्कसिंग कि हां जो है बेसिस ऑफ विवेकानंद अगर हम मैसेज देखें तो ये पूरा पूरा गुरु जी के मैसेज के ऊपर

146:18

Speaker A

बेस्ड है राट हैना व भी यही बात कर रहे थे उपनिषद गीता बुद्धा जीसस तो हा क्या उनका भी थ प्रोसेस सेम है यस क्या वेदांता की तरफ यह भी झुके हुए हैं यस राट यह कहते वेदांता जो हैली रशन है प्लस प्लस जो है

146:33

Speaker A

एक जो इंपोर्टेंट बात है व यह है अन आंसर परमार्थ और व्यवहार में दोनों को जोड़ देना चाहिए राइट परमार्थ और व्यवहार दोनों में ब्रिज करना है परमार्थ मतलब होता है सर्विस राइट एंड व्यवहार इज बिहेवियर तो हमारे

146:51

Speaker A

बिहेवियर में सर्विस आ जानी चाहिए सोशल सर्विस आ जाना चाहिए राइट वो लेकर आना चाहते हैं कि स्पिरिचुअलिटी जो है स्पिरिचुअलिटी कोई ऐसी चीज नहीं है कि किसी पर्टिकुलर टाइम प जाके हम अचीव करें डे टू डे लाइफ में

147:03

Speaker A

स्पिरिचुअलिटी कैसे लाई जा सकती है दिस इज विवेकानंद मैसेज राइट तो हर किसी को सोशल सर्विस करनी चाहिए फॉर एग्जांपल जी वही शिव है तो जीव ही शिव है मतलब जो जीवित है वही भगवान शिव है उसी की सेवा कर लो

147:15

Speaker A

दरिद्र नारायण का जो है थॉट दिया है तो दरिद्र नारायण मतलब जो भी पुअर है डेस्टिट्यूट है जिसको जरूरत है वही भगवान नारायण है उनकी जो है पूजा कर लीजिए वही भगवान विष्णु है राइट तो यू विल फाइंड यह जो न्यू हिंदुइज्म है इट इज़ मोर

147:28

Speaker A

अबाउट कि हिंदुइज्म में ही इज़ ब्रिंगिंग द थॉट ऑफ़ लिबर्टी इक्वलिटी तो अगर हिंदुइज्म में यह थॉट आ जाए और हर कोई बराबर हो जाए राइट एंड फ्री थिंकिंग दिस इज़ न्यू हिंदुइज्म राइट तो एक न्यू हिंदुइज्म जो है इन्होंने

147:47

Speaker A

यहां पे इंट्रोड्यूस किया है ये मानते हैं कि वेदांता जो है फुल्ली रैशनल है और अगर वेद पढ़े कोई कोई भी वेद पढ़े अगर हिंदू पढ़े तो वो बेटर हिंदू बन जाएगा अगर कोई क्रिश्चियन पढ़ेगा तो बेटर क्रिश्चन बन

147:57

Speaker A

जाएगा अगेन मैंने कहा ना कि हां इट इज नॉट ओनली अबाउट हिंदुइज्म इट इज बियोंड हिंदुइज्म राइट सो जो है सर्व गॉड एंड सर्व जो है मैनकाइंड दैट इज दैट इज हिज थॉट प्रोसेस क्या ये भी इमेज वरशिप सपोर्ट

148:09

Speaker A

करेंगे गुरुजी सपोर्ट करते थे तो ये भी सपोर्ट करेंगे क्या ये पॉलिस जम के साथ हैं यस पॉलिस जम के साथ भी हैं क्यों क्योंकि गुरुजी सपोर्ट करते थे तो ये भी करेंगे तो फिलस तो मोर और लेस सेम ही है

148:18

Speaker A

फिलॉसफी में बहुत कोई डिफरेंस यहां पे नहीं है राइट तो ओवरऑल ओवरऑल ही टॉक्स अबाउट फंडामेंटल वननेस फॉर गॉड ही टॉक्स अबाउट कि हिंदुइज्म और इस्लाम को साथ में ऑपरेट करना पड़ेगा तभी हम देश को जो है आगे लेके जा सकते हैं ही टॉक्स अबाउट कि

148:31

Speaker A

खाली ज्ञान होने से कोई बात नहीं होती राइट ज्ञान को अप्लाई करना पड़ेगा ज्ञान के साथ एक्शन आ ले लेकर आना पड़ेगा सोशल एक्शन होना चाहिए राइट सोशल सर्विस होनी चाहिए दिस इज समथिंग जो है वी नीड और

148:42

Speaker A

हिंदुओं का जो टच मी नॉट एटीट्यूड है आइसोलेशनिस्ट एटीट्यूड है ये गलत है है ना कि हां जो है हमें कोई रिफॉर्म नहीं चाहिए चेंस नहीं चाहिए हमें कुछ मत कहो समथिंग राइट इस तरह का जो एटीट्यूड है चेंस जो है

148:53

Speaker A

वो गलत थॉट प्रोसेस जो है गलत है राइट व हिंदू जम को थोड़ा क्रिटिसाइज करते हैं कि बिकॉज ऑफ हिंदू जम देर इज अ लॉट ऑफ ऑपरेशन ऑफ पुअर राइट गरीबों को दबाया जा रहा है राइट एंड देन ही टॉक्स अबाउट लिबर्टी

149:07

Speaker A

इक्वलिटी एंड फ्री थिंकिंग कि हमको यह जो है रिलीजन में इंबाइब करना चाहिए या सो दिस इ दिस इज द यू कैन से मेन बिलीफ एंड टीचिंग और हमने बात करी एलिमेंट ऑफ रिलीजन 1893 स्वामी विवेकानंद यहां पे शिकागो में

149:20

Speaker A

1893 में राइट हमने समझा उसके बाद जो है उन्होंने बात करी कि हां मैटेरियलिज्म और जो है स्पिरिचुअलिज्म दोनों का ब्लेंड दिस इज समथिंग व्हिच इज इंपोर्टेंट और उसके बाद फिर विदांता में बहुत सारे लेक्चर दिए उन्होंने यूएसए में और यूके में और फिर

149:33

Speaker A

उन्होंने स्थापना करी राम कृष्ण मिशन की राइट राम कृष्ण मिशन राम कृष्ण मिशन इज मोर अबाउट सोशल सर्विस इट इज मोर अबाउट जो है ब्रिंगिंग स्पिरिचुअलिटी टू द पीपल प्लस प्लस इट इज आल्सो अबाउट सोशल सर्विस राइट है ना कि सोशल सर्विस किया जा सके

149:49

Speaker A

स्वामी विवेकानंद फिलॉसफी हम लोग ने बात कर ली है राइट आई होप यू गॉट द पॉइंट राइट शिव शिव जो है जीव ही शिव एन ऑल ये सारा हमने बात कर लीया चलिए तो जो है अ रामकृष्ण मिशन अगर हम समझे तो ये कोई

150:00

Speaker A

कन्वर्जन की एक्टिविटी नहीं है इट इज नॉट अ प्रोसेलिटाइजिंग बॉडी डज नॉट कंसीडर इट सेल्फ टू बी अ सेक्ट ऑफ हिंदुइज्म हिंदुइज्म का भी पार्ट अपने आप को नहीं मानते हैं राइट इमेज वरशिप क्या हमने समझा कि हां क्या अलाउड है या इट इज अलाउड आज

150:12

Speaker A

भी रामकृष्ण मिशन वर्क्स ऑन सोशल सर्विस अगर कोई भी ऐसी कैलेमिटी आ जाती है कहीं जरूरत होती है दे आर देयर प्लस दे आर आल्सो दे आर आल्सो जो है रनिंग अ लॉट ऑफ चैरिटेबल इंस्टिट्यूट फॉर एग्जांपल हॉस्पिटल्स जो है डिस्पेंसरीज एटस

150:26

Speaker A

एट्स राइट तो राम कृष्ण मठ उन्होंने 187 98 सवेर जो है 97 में शुरू किया था राम कृष्ण मिशन राइट मठ जो है उन्होंने एस्टेब्लिश किया था रामकृष्ण मिशन ओके तो रामकृष्ण मिशन एस्टेब्लिश किया था बेलूर में सो

150:42

Speaker A

नाउ तो वी हैव फिनिश्ड पार्ट वन राइट लेट्स टॉक अबाउट पार्ट पार्ट टू राइट तो यहां से कहानी शुरू करते हैं सो बात करते हैं आर्य समाज की आर्य समाज तो नाउ तो कहानी आती है दयानंद सरस्वती जी की

150:57

Speaker A

कहानी आती है पंजाब की दयानंद सरस्वती आर्य समाज ना आर्य समाज जो ओवरऑल हमें अप्रोच देखने को मिलता है आर समाज का इट इज मोर ऑफ अ रिवाइवलिस्ट नेचर राइट कहीं ना कहीं ये जो है ये भी थॉट प्रोसेस यही

151:09

Speaker A

है कि हां भाई जो है जो वेदों की जो प्योरिटी है या फिर वेदिक रिलीजन की जो प्योरिटी है हमें उस प्योरिटी को अचीव करना है राइट समझते दयानंद सरस्वती हम बात कर रहे हैं दयानंद सरस्वती जी की दयानंद

151:30

Speaker A

सरस्वती एंड दिस 1824 टू 1883 1824 से 1883 नाउ तो दयानंद सरस्वती जी का जो रियल नाम है वह है मूल शंकर मूल शंकर तो 1824 में इनका जन्म हुआ है मूल शंकर तो गुजरात में जन्म हुआ है मूल शंकर

151:58

Speaker A

ब्राह्मण फैमिली में जन्म हुआ है और उनके जो फादर थे उनके फादर एक बहुत जो है बड़े वेदिक टीचर हुआ करते थे तो आप समझिए तो बचपन से ही उन्होंने वेद पढ़े हैं और इसीलिए वेदों की तरफ इतना रुझान है इसी

152:09

Speaker A

तरफ वेदों की इसीलिए वेदों की तरफ इतना ज्यादा इंक्लिनेशन देखने को मिलता है हमें दयानंद सरस्वती जी का जैसे उनका जो फेमस जो जो है कोट है वो है बैक टू द वेदास राइट बैक टू द वेदास तो वेदों में इतना

152:20

Speaker A

भरोसा क्यों है क्योंकि बचपन से जो है उन्होंने वेद बहुत पढ़े हुए हैं राइट उनके गुरु हैं विरजा नंदा गुरु इज विरजा नंदा एट मथुरा विराज नंदा एट मथुरा एंड फॉर अ वेरी वेरी लॉन्ग टाइम फ्रॉम 1845 टू 1860 ही वाज अ वांडरर

152:44

Speaker A

है ना घूम रहे थे वो 1845 टू 1860 थ सत्य की तलाश में घूम रहे थे राइट ही वाज एन एटिक वांडरर की सत्य की तलाश थी और फिर यहां से यहां से वो जो है पब्लिक सर्विस में आते हैं तो इनिशियल इनिशियल जो उनका

152:58

Speaker A

जो है यू कैन से रुझान है 1860 से 18693 से अगर हम देखें टिल 18735 अब यहां पे हमें सुन के ऐसा लगता है कि हां ये कहीं कोई ऑर्थोडॉक्स नेचर है राइट है ना क्या जो है क्या वो भी रिफॉर्म

153:22

Speaker A

की बात करेंगे क्या रिलीजन को रिफॉर्म करने की बात करेंगे कि नहीं करेंगे रिचुअल्स की बात करेंगे कि नहीं करेंगे तो सबसे पहले फिलॉसफी समझते हैं कि दयानंद सरस्वती जी की फिलॉसफी क्या है थॉट प्रोसेस क्या है जब उन्होंने उन्होंने

153:35

Speaker A

18753 में आर्य समाज की स्थापना करी आर्य समाज तो आर्य समाज को समझने से पहले दयानंद जी की फिलॉसफी को थोड़ा सा जानते हैं कि क्या थॉट प्रोसेस है दयानंद सरस्वती जी का तो दयानंद सरस्वती ही बिलीव्स इन यूनाइटिंग

153:51

Speaker A

इंडिया कि हां भारत को जोड़ना है किस तरीके से जोड़ना है भारत को जोड़ना है हमें रिलिजियसली धर्म के हिसाब से हमें जोड़ना है सोशली सोसाइटी भी जुड़ी होनी चाहिए सोशली एंड एंड इवन पॉलिटिकली तो अब तक जो

154:11

Speaker A

भी सोशल रिफॉर्मर थे हमने देखा था कि हां वो पॉलिटिकल एंगल से ऐसी बातें बहुत ज्यादा नहीं करते थे खाली राजा राम मोहन रॉय की हम बात कर रहे थे कि ही हैड सम पॉलिटिकल डिमांड्स फिर हम जो है यंग बंगाल

154:20

Speaker A

मूवमेंट में देख रहे थे कि जो डिरोजियंस है हेनरी वियन डिरोजियो के जो स्टूडेंट्स हैं उनकी पॉलिटिकल डिमांड्स हुआ करती थी बट दयानंद सरस्वती जी की बातों का फिलॉसफी का भी एक पॉलिटिकल एंगल है यस तो 18753 हर किसी का रिलीजन होना चाहिए तो

154:48

Speaker A

आरन रिलीजन शुड बी द कॉमन रिलीजन टू ऑल कॉमन रिलीजन होना चाहिए एंड सेकंड सेकंड ही बिलीव्स कि हां जो सोसाइटी होनी चाहिए वो क्लास लेस होनी चाहिए कोई ऐसा भेदभाव नहीं कास्टलेस होनी चाहिए कोई भेदभाव नहीं जाति के बेसिस पे कोई भेदभाव

155:05

Speaker A

नहीं तो एक बार जब हम सुनते हैं बैक टू द वेदास तो हमें लगता है कि हां वो वर्ण को सपोर्ट करेंगे राइट है ना कास्ट सिस्टम को सपोर्ट करेंगे बट उनका थॉट प्रोसेस काफी डिफरेंट है राइट लेट्स अंडरस्टैंड कि यहां

155:15

Speaker A

जो है उनका थॉट प्रोसेस कसे बिल्ड हो रहा है तो क्लासले और कास्टलेस सोसाइटी की बात कर रहे हैं वो कह रहे हैं कि वर्ण सिस्टम ठीक है वर्ण सिस्टम के मैं खिलाफ नहीं जा रहा बट वर्ण सिस्टम जो है वो जात के बेसिस

155:26

Speaker A

पर नहीं होना चाहिए वर्ण सिस्टम या फिर जात सिस्टम जो ब्राह्मण जो है क्षत्रिय वैश्य शूद्र है दिस इज बेस्ड अपऑन ऑक्यूपेशन कर्म के हिसाब से होना चाहिए आप क्या जॉब करते हैं उसके हिसाब से होना चाहिए ना कि बर्थ के बेसिस पे कोई

155:40

Speaker A

ब्राह्मण होना चाहिए राइट एंड मोस्ट इंपोर्टेंट जो नेशनल एंगल है पॉलिटिकल एंगल है वहां पे उनका का मानना है कि वी शुड बी फ्री फ्री फ्रॉम फ्री फ्रॉम एनी पॉलिटिकल एनी फ्री फ्रॉम एनी फॉरेन रूल कोई फॉरेनर हमारे ऊपर रूल नहीं करने

156:01

Speaker A

का राइट तो फ्री फ्रॉम द फॉरेन रूल दिस इज समथिंग दिस इज समथिंग ही बिलीव्स ही बिलीव्स कि हिंदी जो है वो नेशनल लैंग्वेज होनी चाहिए एंड ही बिलीव्स जो एक फेमस लाइन है उनकी नेशनल लैंग्वेज होनी चाहिए तो

156:18

Speaker A

टेक्निकली ही इज आल्सो टॉकिंग अबाउट इंडिया फॉर इंडियंस इंडिया फॉर इंडियंस ही इज टॉकिंग अबाउट ही इज टॉकिंग अबाउट स्वराज कि हमारा अपना राज्य होना चाहिए स्वराज्य होना चाहिए राइट ये जो है ये मेन थॉट प्रोसेस अगर हम देखें जो वो जो लाना

156:36

Speaker A

चाहते हैं सोसाइटी में जो चेंजेज लाना चाहते हैं इट इज अबाउट कि भारत भारतीयों का होना चाहिए तो हम बात कर रहे थे कि सोशल रिफॉर्म कहीं ना कहीं पॉलिटिकल रिफॉर्म को वे देगा राइट तो हमें दिख रहा

156:46

Speaker A

है कि हां सोशल रिफॉर्मर दयानंद सरस्वती हु इज अ सोशल रिफॉर्मर मेनली कहीं ना कहीं क्या वो पॉलिटिकल थॉट को भी जो है प्रवोक कर रहे हैं क्या पॉलिटिकल थॉट भी डिस्कशन में लेकर आ रहे हैं यस पॉलिटिकल थॉट

156:55

Speaker A

डिस्कशन में लेकर आ रहे हैं स्वराज की बात कर रहे हैं कह रहे हैं अंग्रेजों का रूल नहीं होना चाहिए राइट जो है रूल जो है होना चाहिए इंडियंस का रूल होना चाहिए स्वराज का रूल होना चाहिए हालांकि यहां पे

157:05

Speaker A

जब वो कहते हैं कि हां रूल जो है स्वराज होना चाहिए तो वो हिंदू का स्वराज जो है यहां पे कहना चाहते हैं कि हां इट शुड बी स्वराज ऑफ हिंदूजा नाउ अगेन अगेन अदर दन दिस अदर दन

157:15

Speaker A

दिस ही आल्सो बिलीव्स इन इक्वल राइट्स फॉर वुमेन राइट तो इसी में ऐड करते हैं कि सोसाइटी में वुमेन के स्टेटस की बात अगर करें तो इक्वल राइट्स फॉर वुमेन भी मांगते हैं वो राइट्स फॉर वुमेन राइट इक्वल राइट्स फॉर वुमेन की

157:34

Speaker A

डिमांड है प्लस ही आल्सो बिलीव्स की एजुकेशन जो है एजुकेशन एजुकेशन इज फॉर ऑल कोई भेदभाव नहीं कोई डिस्क्रिमिनेशन नहीं राइट तो ऐसा हमें देखने में जो लगता है कि हां कहीं कोई और ऑर्थोडॉक्स थॉट प्रोसेस हो सकता है बट यहां पे ऑर्थोडॉक्स थॉट

157:49

Speaker A

प्रोसेस हमें नजर नहीं आता है फिर आप कहेंगे सर बैक टू द वेदास का मतलब क्या हुआ आपने शुरू में कहा कि ही सेज कि बैक टू द वेदास तो फिर इसका इसका मतलब क्या हुआ क्या कहना चाहते हैं इस बात से व्हेन

157:59

Speaker A

ही मींस व्हेन ही सेज कि बैक टू द वेदास तो व्हाट ही मींस राइट है ना इंपोर्टेंट क्वेश्चन कि हां भाई क्या कहना चाहते हैं जब वो सारी जो रिफॉर्म है सारी रिफॉर्म राजा राम मोहन रॉयट की तरह ही बात कर रहे हैं इक्वल

158:11

Speaker A

राइट्स और वुमेन की बात कर रहे हैं कह रहे क्लासेस क्सस सोसाइटी होनी चाहिए कास्ट के बेसिस पे कोई डिस्क्रिमिनेशन नहीं होना चाहिए तो फिर बैक टू द वेदास का एक्चुअल मीनिंग क्या है राइट क्या कहना चाहते हो

158:21

Speaker A

यहां पे खैर खैर तो बिफोर वी टॉक अबाउट हिज फिलॉसफी बैक टू द वेदास लेट्स ऐड फ्यू मोर पॉइंट्स टू हिज जो है हिज क्वेश्चंस फॉर एग्जांपल ही इज आल्सो चैलेंजिंग ही इज आल्सो चैलेंजिंग वेस्टर्न इन्फ्लुएंस कि वेस्टर्न एजुकेशन दिया जा रहा है

158:37

Speaker A

वेस्टर्न कल्चर लाया जा रहा है कह र ना ये सब नहीं होना चाहिए राइट ही इज आल्सो चैलेंजिंग क्रिश्चियन मिशनरीज कि हां ये क्रिश्चियनिटी में जो आप कन्वर्जन कर रहे हैं यह भी सही नहीं है तो क्रिश्चन मिशनरीज का जो मिशन है जो भारत में वो कर

158:51

Speaker A

रहे हैं वो भी सही नहीं है प्लस ही इज आल्सो अगेंस्ट आइडलेट्री ओहो अब तो हम और ज्यादा कंफ्यूज हो सकते हैं कि हां आप कह रहे हैं कि हम बैक टू द वेदास और फिर कह रहे हैं आइडलेट्री के खिलाफ है पॉलीथििज्म

159:03

Speaker A

के खिलाफ है राइट आइडलेट्री और पॉलीथििज्म के भी खिलाफ है प्लस प्लस ही इज आल्सो अगेंस्ट सुपरस्टिशन ही इज आल्सो अगेंस्ट किसी भी तरह का सैक्रिफाइस यज्ञ कर्मकांड राइट तो सुपरस्टिशन सैक्रिफाइस राइट और प्लस प्लस कह रहे हैं कि हां जो

159:24

Speaker A

है जो हिंदुइज्म में जो डायवर्जेंस आया है डायवर्जेंस जो है हिंदुइज्म में जो कहीं ना कहीं हम लोग रास्ते से भटक गए हैं इट इज बिकॉज़ ऑफ प्रीस्ट जो पंडित हैं उनकी वजह से जो है ये भटकाव आया एंड दैट इज द रीजन ही

159:38

Speaker A

बिलीव्स कि हां ये हमें चेंज करना है एंड दैट इज द रीजन कि हम यहां पे थोड़ा सा कहते हैं कि क्या रिवाइवलिस्ट डिमांड है उनकी रिवाइवल चाहते हैं राइट आइए इसको जस्टिफाई करते हैं एटली ये दोनों बातें कि हां भाई एक तरफ

159:53

Speaker A

उनका जो ओवरऑल थॉट प्रोसेस दिख रहा है मॉडर्न सा दिख रहा है राइट है ना देन देन बैक टू द वेदास क्या हुआ है ना आइए इस बात को समझते हैं तो समझते हैं कि उनकी फिलोसोफी क्या है एंड विद हिस फिलोसोफी वी

160:04

Speaker A

विल बी एबल टू एड्रेस एक्चुअली वो क्या कह रहे हैं वन ही से बैक टू द वेदास फिलोसोफी तो फिलोसोफी ऑफ दयानंद सरस्वती ऑफ दयानंद सरस्वती नाउ ही बिलीव्स तो फर्स्ट ऑफ ल पहला थॉट प्रोसेस जो है कि ही बिलीव्स इन डॉक्ट्रिन

160:22

Speaker A

ऑफ कर्मा कि कर्म के ऊपर डिपेंड करता है आप जो भी कर्म करेंगे उसके हिसाब से आपके जीवन में आपके जीवन में चेंजेज आएंगे आपके जीवन में ट्रांस माइग्रेशन ऑफ सोल होगा री इनकार्नेसियों कर्म अच्छे देन देन ही आल्सो बिलीव की वेदों

160:50

Speaker A

में जो ब्रह्मचर्य की बात करी गई है कि यहां जीवन में 25 साल तक या इनिशियल स्टेज में आपको ब्रह्मचर्य ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए वह इसके भी साथ है इस इसको भी सपोर्ट कर रहे है व राइट नाउ न ही सेज गो बैक टू द वेदास गो

161:09

Speaker A

बैक टू द वेदास क्या मीनिंग हुआ इसका वो कहते हैं कि हिंदु जम में इली जब वेद और उपनिषद लिखे गए थे वहां तक का थॉट प्रोसेस सही है राइट है ना वेदों का थॉट प्रोसेस सही है राइट वहां पे जो बातें कही

161:22

Speaker A

गई है ठीक है लेकिन उसके आग आगे जो पुराण लिखे गए हैं पुराणा पुराणों को डिस्कार्ड कर देना चाहिए उनके हिसाब से पुराणों में बहुत सारी स्टोरीज बताई गई है राइट और वो कहानियां कहीं ना कहीं हमें गुमराह कर रही

161:36

Speaker A

है और कहानियों की वजह से जो जो यू कैन से जो हिंदुइज्म में गलत गलत जो है प्रैक्टिसेस आ रही है वो पुराणों की वजह से हैं वेद जो लिखे गए थे वो भगवान ने या ब्रह्मा जी ने खुद ही रिवील किया था लेकिन

161:47

Speaker A

जो पुराण है वो लेसर मैन का काम है और पुराणों की वजह से प्रॉब्लम आती है तो हमारा जो थॉट प्रोसेस होना चाहिए किस तरफ होना चाहिए वेदों की तरफ होना चाहिए पुराणों की तरफ नहीं होना चाहिए राइट जो

161:56

Speaker A

पुराणिक पौराणिक प्रैक्टिसेस है वो हमें यहां पे छोड़ देनी चाहिए देन ही बिलीव्स कि वेदों वेद जो है वेद आर द सोर्सेस ऑफ ट्रू नॉलेज राइट वेद जो है वेद आर द सोर्सेस ऑफ ट्रू नॉलेज एंड एंड हेयर हेयर ही बेसिकली

162:15

Speaker A

मींस उपनिषद एंड ही बिलीव्स कि यहां आइडलेट्री भी नहीं होनी चाहिए और पॉलीथिस्म भी नहीं होना चाहिए तो जब वो वेदिक लिटरेचर की बात करते हैं तो कहीं ना कहीं वो भी जो है उपनिषद को कोट कर रहे

162:27

Speaker A

हैं उपनिषद थॉट मोनोथेस्ट थॉट को कोट कर रहे हैं कि मोनोथेज्म होना चाहिए राइट तो यहां पे वो वेदों का मतलब हो गया कि हां ही इज टॉकिंग अबाउट उपनिषद ही इज टॉकिंग अबाउट मोनोथेज्म कि मोनोथेज्म होना चाहिए बाकी जो आइडलेट्री

162:45

Speaker A

है या फिर फिर पॉलीथिस्म है ये दोनों ही प्रैक्टिसेस गलत है और ये दोनों ही प्रैक्टिसेस नहीं होनी चाहिए ही इज नॉट टॉकिंग अबाउट कि वेदों में वापस जाने का मतलब है सैक्रिफाइस रिचुअल ना वेदों में वापस जाने का या वेदिक नॉलेज को में वापस

162:57

Speaker A

जाने का मतलब सैक्रिफाइस नहीं है रिचुअल नहीं है यज्ञ नहीं है इट इज अबाउट उपनिषद इट इज अबाउट कर्मा इट इज अबाउट कि जो आप करेंगे उसके हिसाब से आप जीवन में पाएंगे इट इज अबाउट मोर अबाउट ज्ञान मार्ग कि

163:10

Speaker A

ट्रू नॉलेज ज्ञान ज्ञान इंपॉर्टेंट है तो ही इज बेसिकली कोटिंग उपनिषद कि हां भाई जो ज्ञान इंपॉर्टेंट है एंड यहां पर यहां पर वेदों का उन्होंने अपना इंटरप्रिटेशन भी दिया है ओन इंटरप्रिटेशन और अपने ओन इंटरप्रिटेशन को वो लिखते हैं इन सत्यार्थ

163:30

Speaker A

प्रकाश तो सत्यार्थ प्रकाश में वो अपने आर्टिकल्स पब्लिश करते हैं और वहां पर उनका इंटरप्रिटेशन हमको देखने को मिलता है जो कि बात करता है इस फिलॉसफी की कि पुराणों को डिस्कार्ड करना है ट्रू नॉलेज ज्ञान की तरफ बढ़ना है एंड एंड जो है

163:44

Speaker A

आइडलेट्री और दोनों ही दोनों ही नहीं जाना रा बली की जो वेद है वेद वेद वेदा आर एक्चुअली एक्चुअली इंडिया रॉक ऑफ एस राइट हमारा सपोर्ट सिस्टम है इंडिया रॉक ऑफ एजेस हमारा सपोर्ट सिस्टम हमारा फाउंडेशन है राइट इसी थ प्रोसेस में ही

164:06

Speaker A

ल्स सेज ल्स सेज की हा हमें हमें माया को रिजेक्ट कर देना चाहिए माया को रिजेक्ट कर कि हां जो है यह सब मोह माया है राइट विक्टिम कार्ड जो हम प्ले करते हैं क्या नहीं ऐसा कुछ भी

164:23

Speaker A

नहीं है तो माया और नियति की किस्मत में लिखा हुआ है इसीलिए ऐसा होगा नहीं दोनों को रिजेक्ट कर देते हैं कहते हैं ना माया पर विश्वास करो ना नियति पर विश्वास करो इन फैक्ट ही बिलीव्स कि हां जो है उनका जो थॉट प्रोसेस है वो

164:39

Speaker A

कहते हैं कि गॉड सोल और मैटर प्रकृति ये तीनों अलग-अलग ये तीनों ही डिस्टिंक्ट है तीनों अलग-अलग जो है थॉट प्रोसेस है गॉड सोल और प्रकृति तो ये बेसिकली बात कर रहे द्वैत की राइट अद्वैत कहता है कि हां जो आत्मा है और जो

164:57

Speaker A

ब्रह्मा है वो एक ही है लेकिन द्वैत कहता है कि नहीं वो अलग-अलग है तो यहां पे यहां पे दुनिया जो है वो ब्रह्म से अलग है तो ये बेसिकली डुअल जम की बात कर रहे हैं द्वैत की बात कर रहे हैं तो डिस्टिंक्ट

165:07

Speaker A

थॉट डिस्टिंक्ट कह रहे हैं कि हां ये सब कुछ अलग-अलग है और ये भी ब्रह्म की बात कर रहे हैं मतलब मतलब एनीवे वी अंडरस्टैंड कि ही इज प्रीचिंग मोनोथेज्म मोनोथेस्ट थॉट हैय मोनोथेज्म राइट तो ही इज टॉकिंग अबाउट मोनोथेज्म तो बिकॉज ही

165:25

Speaker A

बिलीव्स कि हां जो है हमें वेदिक प्योरिटी या इस थॉट प्रोसेस प वापस जाना है हमें लेट्स से उपनिषद थॉट प्रोसेस प वापस जाना है एंड दैट इज द रीजन कि हमें ऐसा लगता है कि ये जो थॉट है दिस इज दिस इज रिवाइवल ऑफ

165:38

Speaker A

वेदिक लर्निंग और इसीलिए रिवाइवलिस्ट कहा जाता है इस मूवमेंट को रिवाइवल ऑफ वेदिक लर्निंग तो इसीलिए मूवमेंट जो है वो ऐसा लगता है कि हां रिवाइवलिस्ट मूवमेंट है इट इज नॉट अ रिफॉर्म मूवमेंट यहां थोड़ा बहुत रिफॉर्म से नहीं चलेगा रिवाइव करना वेदिक

165:53

Speaker A

लर्निंग प्योर लर्निंग की तरफ जाना है राइट नाउ अगेन व्हेन ही सेज वेदिक लर्निंग इट आल्सो मींस कि यहां पे ही डज नॉट वांट टू गो बैक टू वैदिक टाइम्स क्या हमें एशियंट समय में जाना है नहीं एशियंट

166:06

Speaker A

समय में नहीं जाना है राइट है ना हमें सिर्फ और सिर्फ वेदिक लर्निंग को वापस लेकर आना है क्या उस वापस एसिंट टाइम्स में पहुंचने की बात कर रहे हैं नहीं नहीं नहीं वो वापस बस एसिंट समय में एसिंट

166:16

Speaker A

टाइम्स में जाने की बात नहीं कर रहे इन फैक्ट ही एक्सेप्टेड म मॉडर्निटी कि अगर कोई साइंटिफिक सॉल्यूशन है किसी प्रॉब्लम का तो उसे एक्सेप्ट करो मॉडर्न थॉट अगर अच्छी है तो उसे एक्सेप्ट करो तो ही एक्सेप्टेड मॉडर्निटी ही इज

166:31

Speaker A

बेसिकली टॉकिंग अबाउट कि जो भी जो भी गुप्ता पीरियड से या फिर लेटर एसिएंट टाइम से एंड ऑफ द एसिएंट टाइम से जहां पुराण लिखे गए हैं जहां से हमारी प्रैक्टिसेस चेंज हो गई हैं जहां पे बहुत सारी स्टोरीज

166:43

Speaker A

का डिस्कशन हो रहा है वहां से हिंदुइज्म में प्रॉब्लम आनी शुरू हुई है तो हमें बेसिकली पुराणों को डिस्कार्ड करके जो उपनिषद थॉट है ओरिजिनल थॉट है हमें उसकी तरफ जाना चाहिए और हमें ब्रह्म की पूजा करनी चाहिए हमें जो है हमें ब्रह्म में

166:56

Speaker A

मानना चाहिए और और सत्य की तलाश करनी चाहिए ज्ञान के ऊपर ध्यान देना चाहिए तो ही इज प्रीचिंग ज्ञान मार्ग फ्रॉम उपनिषद ही इज नॉट टॉकिंग अबाउट रिचुअल्स ही इज नॉट टॉकिंग अबाउट कि हां यज्ञ होना चाहिए और जो है कर्मकांड होना चाहिए नहीं तो ये

167:09

Speaker A

जो थॉट है ये टेक्निकली उपनिषद थॉट है दिस इज नॉट वेदिक संहिता थॉट है ना ये उपनिषद थॉट है कि मोनोथेज्म ऐसा ही राजा राम मोहन रॉय भी कह रहे थे हां वो भी मोनोथेज्म ही बोल रहे थे मोर और लेस यही बातें कह रहे

167:20

Speaker A

थे बट राजा राम मोहन रॉय इतना ज्यादा पुश नहीं कर रहे थे फॉर अ फॉर जो है अ जो है वेदिक लर्निंग राइट अगेन अगेन वन मोर थॉट व्हिच इज वेरी वेरी इंपोर्टेंट एंड इंपोर्टेंट एलिमेंट ऑफ दिस कि ये जो भी वैदिक लर्निंग है राइट

167:36

Speaker A

लास्ट एलिमेंट बट सुपर इंपोर्टेंट एलिमेंट कि जो भी वेदिक लर्निंग है इट हैज टू बी कंडीशन बाय रशन इज्म कि रैशनल भी होना चाहिए ऐसा नहीं है अगर वेदों में या उपनिषद में लिखा है तो सब सही है राशनलिटी

167:49

Speaker A

है वो लॉजिकल भी होना चाहिए चेक करिए राशनलिटी के पैमाने पे भी अगर वो सही जा रहा है वो चीजें लॉजिकल है तभी फॉलो करनी है अदर वाइज नहीं फॉलो करनी राइट तो यहां यहां दिस इज मोर और लेस यू नो वेरी क्लोज

168:01

Speaker A

टू जो है राजा राम मोहन रॉय राइट राजा राम मोहन रॉय भी कह रहे थे कि राशनलिटी ऊपर है रीजन ऊपर है उसके बाद हम पढ़ेंगे स्क्रिप्चर को पढ़ेंगे यहां भी वो यही बात कर रहे हैं बट मोस्ट इंपोर्टेंट थिंग ये

168:12

Speaker A

पुराणों को डिस्कार्ड करके मेनली वेदांता या उपनिषद की बात कर रहे हैं कि उपनिषद में जो लिखा है हमें उसे फॉलो करना है प्लस द्वैत फिलॉसफी है सबको जो है अलग कर दिया है इन्होंने प्लस इन्होंने माना है

168:22

Speaker A

कि माया जो है जैसा कुछ भी नहीं है कि हां देयर इज नथिंग लाइक माया जो भी है सब कुछ सत्य है राइट और कुछ भी ऐसा लिखा नहीं हुआ है नियती जैसा कुछ भी नहीं है कि हमारी

168:30

Speaker A

किस्मत में जो लिखा है हमें लिखा हुआ है कि यूपीएससी का सिलेक्शन होगा किस्मत में तो होके ही रहेगा ऐसा किस्मत में कुछ भी नहीं लिखा है आपके कर्म आपके कर्म ही डिसाइड करेंगे कि आपकी मेहनत आपकी कंसिस्टेंसी डिसाइड करेगी कि हां यूपीएससी

168:43

Speaker A

में सिलेक्शन हो रहा है कि नहीं हो रहा है इस थॉट प्रोसेस से 18753 लीडिंग जो है यू नो आर्य समाज नाउ हमने समझा कि 1883 में उनकी डेथ हो गई राइट ही डाइड इन 1883 राइट 1883 य

169:31

Speaker A

1883 इन 186 वी आल्सो हैव 18864 दयानंद एंग्लो विद्यालय राइट एंगलो वेदिक एंग्लो वेदिक स्कूल्स मतलब मतलब ऐसे स्कूल्स की स्थापना हो रही है ऐसे कॉलेजेस की स्थापना हो रही है जो कि एंगलो भी है दिस इज आफ्टर द डेथ ऑफ जो

169:58

Speaker A

है जो है दयानंद सरस्वती एंड यहां पे जो कॉलेजेस स् स्थापित हो रहे हैं डीएवी कॉलेजेस वो एंग्लो भी है यानी कि वेस्टर्न एजुकेशन भी उसमें दी जाएगी अंग्रेजी भी पढ़ाई जाएगी एंग्लो एंजेलिकल इंग्लिश तो इंग्लिश पढ़ाई जाएगी और साथ ही साथ वैदिक

170:13

Speaker A

ज्ञान भी दिया जाएगा तो क्या क्या ये जो है मिश्रण है क्या ये जो है यू कैन से अमलगम मेशन है इंग्लिश और वेस्टन और ईस्ट का यस अमलगम मेशन दिखेगा हमें डीएवी कॉलेजेस में तो डीएवी कॉलेजेस की स्थापना

170:25

Speaker A

होनी यहां से शुरू होगी प्लस आर समाज इज आल्सो नोन फॉर शुद्धि [संगीत] मूवमेंट शुद्धि मूवमेंट क्यों क्यों भाई क्योंकि जो है दे दे वर आल्सो अगेंस्ट क्रिश्चन मिशनरीज तो जो भी कन्वर्जन हुआ हिंदुओं से हिंदू सोसाइटी से जो कन्वर्जन हुआ है आइर इनटू

170:49

Speaker A

इस्लाम या तो इस्लाम में कोई कन्वर्ट हुआ है या फिर अगर क्रिश्चियनिटी में कोई कन्वर्ट हुआ है तो उसको वापस लेकर आया जाए राइट शुद्धि मूवमेंट जैसे आजकल आप शायद ऐसा सुना हो घर वापसी राइट है ना तो कुछ

171:00

Speaker A

वैसा ही कि यहां शुद्धि मूवमेंट की प्रोसेलिटाइजिंग मूवमेंट है कि आर्य समाज में जो है उनको वापस लेकर आया जाए राइट है ना उनको वापस हिंदू फोल्ड में लेकर आया जाए तो शुद्धि मूवमेंट जो है काफी पॉपुलर होगा देन देन 189 त आते आते यह जो सेगमेंट

171:18

Speaker A

है 1893 ल फाइंड अ स्लिट जो फॉलोअर्स ऑफ आर्य समाज है अभ दो पार्ट में बट जाएंगे आफ्टर 1893 लेट अंडरस्टैंड स्लिट क्या है राइट दो पार्ट कौन से क्रिएट हो रहे तो 1893 का जो स्प्लिट है व दो

171:38

Speaker A

डायमेंशन में जा रहा है एक डायमेंशन है जो आपका गुरुकुल सेक्शन कहा जाता है गु सेक्शन इसे ऑर्थोडॉक्स सेक्शन भी कहा जाता है गुरुकुल सेक्शन यहां पर जो बड़े लीडर है बड़ा नाम जो आता है वह है स्वामी श्रद्धानंद

171:55

Speaker A

स्वामी श्रद्धानंद राइट स्वामी श्रद्धानंद एंड 186 में इन्होंने स्थापना करी कन्या कन्या महाविद्यालय कन्या महाविद्यालय अब नाम से पता फीमेल कॉलेज है राइट विद्यालय एंड दिस इ एट जालंधर जालंधर राइट प्लस प्लस 1902 में दो में जो है अच्छा यह जो है कहीं ना कहीं

172:31

Speaker A

विडोस को विडोस को भी हेल्प करेगा दिस आल्सो फॉर विडो प्लस प्लस 1902 में व विल हैव 1902 1902 गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना गुरुकुल कांगड़ी और यह स्थापना यह जो जो है स्थापना हो रही है यह हरिद्वार में हो रही

172:55

Speaker A

है दिस इज दैट हरिद्वार हरिद्वार आईडिया क्या है कि जो अंग्रेजी जो करिकुलम है जो सरकार करिकुलम दे रही है जो बेसिकली मैले का करिकुलम है मैकलेनाघन प्रोवाइड किया जा रहा है कि ना हम जो है जो भी पढ़ाएंगे वो इंडियन स्टडीज

173:17

Speaker A

होगा इंडियन लिटरेचर होगा इंडियन स्क्रिप्चर होंगे ये सारी चीजें यहां पर पढ़ाई जाएंगी तो ये जो सेक्शन है दिस इज गुरुकुल सेक्शन इसे ऑर्थोडॉक्स सेक्शन भी कहते हैं दूसरा सेगमेंट जो है जिसे कॉलेज सेक्शन कहा जाता है कॉलेज

173:35

Speaker A

सेक्शन कॉलेज सेक्शन वो है जिसे जिसे कंट्रोल मिला डीएवी स्कूल्स का तो डीएवी स्कूल्स की स्थापना अब यहां पे देखो यहां पे एंग्लो इंग्लिश भी है यानी कि वेस्टर्न एजुकेशन भी यहां पे दी जाएगी प्लस वेदिक एजुकेशन भी दी जाएगी तो डीए

173:52

Speaker A

स्कूल्स यहां पे जो बड़े लीडर्स हैं वो है आपके लाला लाजपत राय सबसे बड़ा नाम लाला लाजपत राय एंड हंसराज लाला राजपत राय एंड हंसराज सो दिस वाज ऑल अबाउट आर्य समाज कहानी और आगे बढ़ाते हैं राइट है ना थोड़ा

174:15

Speaker A

साइड ही पढ़ लीजिएगा है ना जो है यही इसी को समरा इज करके मैंने आपको पढ़ाया है राइट है ना तो जो है साइड्स पढ़ लीजिए कुछ डिस्कशन और भी इसमें ऐड कर देते हैं फॉर एग्जांपल अगर हम आर्य समाज के टेनेट्स की

174:26

Speaker A

बात करें राइट कि आर्य समाज क्या कहता है तो आर्य समाज या आर्य समाज जो है अगर हम देखें तो ओवरऑल ओवरऑल अगेन तो अगर आप देखिए तो थॉट प्रोसेस सेम ही है दयानंद किसके खिलाफ है दयानंद हिंदू ऑर्थोडॉक्सी

174:38

Speaker A

के खिलाफ है कास्ट लिटीज के खिलाफ है अनटचेबिलिटी के खिलाफ है आइडलेट्री पॉलीथििज्म मैजिक में विश्वास नहीं होगा चार में विश्वास नहीं होगा एनिमल सैक्रिफाइस के खिलाफ है राइट सी वॉयस कि यहां लोग कह रहे थे कि समुद्र नहीं पार

174:50

Speaker A

किया जा सकता है नहीं करना चाहिए हमको धर्म अलाव नहीं करता उसके भी खिलाफ है प्लस प्लस जो है फीडिंग डेड थ्रू श्रद्धा एंड ऑल कि हां जो है जो अ पित्रों को अगर कुछ दान दिया जाता है या फिर पूर्वजों को

175:02

Speaker A

जो है कुछ ऐसा दान दिया जाता है समथिंग कह रहे हैं नहीं ये सब भी विश्वास हमें नहीं करना चाहिए राइट है ना तो ओवरऑल ओवरऑल वी अंडरस्टैंड कि उनका जो वर्ण सिस्टम प विश्वास है इट इज मोर ऑन ऑक्यूपेशन नॉट ऑन

175:13

Speaker A

बर्थ कि जो जात है वो बर्थ के हिसाब से नहीं है वो किसके हिसाब से है वो वो आपके अ जो है अ काम के हिसाब से ऑक्यूपेशन के हिसाब से इनफैक्ट वो चाइड मैरिज के खिलाफ भी हैं और कह रहे हैं बॉयज की एज 25 होनी

175:26

Speaker A

चाहिए शादी के लिए और लड़कियों की उम्र जो है 16 साल होनी चाहिए शादी के लिए नाउ नाउ तो 10 गाइडिंग प्रिंसिपल्स अगर हम देखें आर्य समाज के नाउ अब ये आप मान लो सवाल आया तो ये ऐसे प्रिंसिपल्स

175:37

Speaker A

हैं कि आप खुद भी टिक मार सकते हैं कि हां ये होना चाहिए ये होगा आर समाज के हिसाब से देखिए क्या आप समझ पाते हैं अगर लिखा है कि गॉड इज द प्राइमरी सोर्स ऑफ ऑल ट्रू नॉलेज हां भाई ठीक है राइट गॉड गॉड जज ऑल

175:49

Speaker A

ट्रुथ ऑल नॉलेज ऑलमाइटी इम्मोर्टल क्रिएटर ऑफ यूनिवर्सेज अलोन वर्दी ऑफ यूनिवर्स राइट है ना क्या बात हो रही है सब ये मोनोथेज्म की बात हो रही है राइट कि ब्रह्म से ही ज्ञान निकलेगा राइट यूनिवर्स अलोन हां वेदास आर द बुक्स

176:03

Speaker A

ऑफ ट्रू नॉलेज समझा हमने हां सही बात है आर शुड ऑलवेज बी रेडी टू एक्सेप्ट ट्रुथ एंड अब एेंट ट्रुथ आर्य समाज तो जो आरएन सी बात हो रही है कि हां भाई इनिशियली वेद जो है वो आरएन टाइम्स में लिखे गए हैं

176:13

Speaker A

आरएन माइग्रेशन के बाद लिखे गए हैं तो आर्य जो है वो हमेशा हमेशा जो है सत्य के साथ रहेगा राइट धर्मा दैट इज ड्यू कंसीडरेशन ऑफ राइट एंड रॉन्ग शुड बी गाइडिंग प्रिंसिपल ऑफ ऑल एक्शंस कि कुछ भी

176:24

Speaker A

करने से पहले सोचिए क्या सही है क्या गलत है उसके हिसाब से जो है काम करिए देन देन समाज का मेन एम है कि दुनिया की वेल बीइंग इन मटेरियल स्पिरिचुअल एंड सोशल सेंस कि दुनिया को लेके आगे बढ़ना है दुनिया को

176:36

Speaker A

जगाना है हर किसी को प्यार करना चाहिए जस्टिस होना चाहिए इग्नोर हैंस हटा देना चाहिए अपनी प्रोग्रेस के पहले सोसाइटी की प्रोग्रेस होनी चाहिए दिस इज मोर इंपॉर्टेंट कि हां आपकी इंपॉर्टेंस से आपसे ज्यादा इंडिविजुअल से ज्यादा सोसाइटी

176:49

Speaker A

इंपॉर्टेंट है सोसाइटी इज मोर इंपॉर्टेंट देन इंडिविजुअल अब ये तो डिबेट है कि इसमें क्या सही है क्या गलत है राइट इंडिविजुअल फॉर एग्जांपल हमारे फंडामेंटल राइट्स पहले लिखे गए हैं राइट और बाद में डीपीएसपी आता है एनीवे सोशल वेल बीइंग ऑफ़ मैनकाइंड इज

177:06

Speaker A

टू बी प्लेस अबोव एन इंडिविजुअल वेल बींग समझा हमें तो दीज आर बेसिकली द टेनेट्स 10 टेनेट्स ऑफ आर्य समाज है ना बेसिक ही है ऐसा कुछ बहुत नहीं है अगर आप फिलॉसफी समझ गए तो आप इसको समझ जाएंगे बाकी हमने थॉट

177:18

Speaker A

प्रोसेस समझा सोशल आइडियाज एंड ऑल डेवी हमने स्प्लिट की बात करी राइट 1893 का स्प्लिट डिस्कस किया हमने राइट गुरुकुल एंड सोशल रिफॉर्म्स हम इसी की बात कर रहे थे कन्या महाविद्यालय एंड एंड योर अ गुरुकुल का अंगड़ी राइट है ना तो शुद्धि

177:32

Speaker A

मूवमेंट एंड कम कम्यून आइजे तो शुद्धि मूवमेंट कहीं ना कहीं कहीं ना कहीं चैलेंज कर रहा है दूसरे रिलीजन को भी प्रोसेलिटाइजिंग मूवमेंट है कि भाई कोई कन्वर्ट हो चुका है उसको वापस लेकर आना है दिस इज व्हाट दिस इज प्रोसेलिटाइजिंग दिस

177:45

Speaker A

इज कन्वर्जन राइट तो अब क्या यहां पे थोड़ा सा कम्यूनली जम की तरफ ही बढ़ रहे हैं हां हम थोड़ा सा कम्युनल एंगल भी टेक अप कर रहे हैं और 1893 तक आते ये थोड़ा सा जो है यू कैन से फॉल्ट लाइंस क्रिएट होने

177:56

Speaker A

लग रही हैं कि हां भा जो है यू नो कुछ इस तरह की बातें होने लग रही है कि एक कम्युनिटी यह चाह रही है और दूसरी कम्युनिटी यह जान चाह रही है तो दो कम्युनिटीज के बीच में भारत की दो बड़ी

178:06

Speaker A

कम्युनिटीज के बीच में धीरे-धीरे धीरे धीरे थोड़ी दरारें आनी शुरू हो रही है राइट नाउ र ने बात करी अब कं की बात आगे करेंगे तो दिस वाज मोर अबाउट आर्य समाज कहानी और आगे बढ़ाते हैं बात करते हैं

178:19

Speaker A

सेवा सदन की सेवा सदन नाउ सेवा सदन जो है या तो सेवा सदन हम बात कर रहे थे लास्ट चैप्टर में बहराम जी एम मालाबारी राइट बी एम मालाबारी बीएम मालाबारी का डिस्कशन हमने किया था जब हम लोग बात कर रहे थे

178:35

Speaker A

रुकमा बाई जी की तो ये करा हुआ डिस्कशन है अपना रुकमा बाई केस अब मालाबारी जी के साथ है दीवान दयाराम गिडल और 1908 में उन्होंने स्थापना करी है सेवा सदन राइट सेवा सदन तो पहले सबसे पहले लोग मिलने गए जो है रामा बाई

178:52

Speaker A

रानाडे जी से तो रामा बाई रानाडे इज द वाइफ ऑफ एम जीी रानाडे और रामा बाई रानाडे बहुत टाइम से बहुत सालों से ऑलमोस्ट 20 साल से या शी इज वेरी मच एक्टिव इन वूमेंस वेलफेयर महिलाओं के साथ वो काम कर रही है

179:05

Speaker A

उनके अपने स्कूल्स हैं हुजूर पग एंड ऑल राइट तो उनका जो एक्सपीरियंस है कि महिलाओं के लिए क्या करना चाहिए कैसे करना चाहिए एक्सेट्रा एक्सेट्रा उनके एक्सपीरियंस से ज्यादा कोई ऐसा लीडर वहां पे नहीं है तो बीएम मालाबारी जी पहले

179:17

Speaker A

मिलने जाएंगे राइट रामा बाई जी से मिलने जाएंगे और उनसे पहले एडवाइस मांगेंगे मंत्रणा करेंगे कि कैसे करना चाहिए आपके हिसाब से क्या होना चाहिए राइट एंड देन आफ्टर दैट ही विल एस्टेब्लिश सेवा सदन तो 1908 में सेवा सदन की स्थापना होगी अब

179:32

Speaker A

इसकी एक ब्रांच रामा बाई जी भी ओपन करेंगी 1909 में एनीवे फिलहाल तो हम देखें तो यहां पे दे आर दे आर बेसिकली जो है ट्राइज भी महिलाएं जिनके साथ कुछ गलत हो रहा है जिन्हें समाज ने थोड़ा सा साइडलाइन कर

179:46

Speaker A

दिया है राइट उन सारी महिलाओं के उत्थान के लिए सेवा साधन वर्क करेगा राइट तो चाइल्ड मैरिज के खिलाफ है विडो रीमैरिज के खिलाफ हैं राइट एंड नाउ ये जो सेवा सदन है ये एजुकेशन मेडिकल और वेलफेयर सर्विस

179:58

Speaker A

प्रोवाइड कर रहा है किसको डेस्टिट्यूट वुमेन ऑफ ऑल कास्ट ऐसी महिलाएं जो किसी भी कास्ट की हैं बट बट जो है उनको समाज ने साइडलाइन कर दिया है मे बी वो विडो हैं कोई और रीजन है राइट मे बी अनवेल मदर्स

180:10

Speaker A

हैं राइट तो जो भी रीजन है तो अगर उन्हें समाज ने जो है लाइन कर दिया है निकाल दिया है तो इन दैट केस दे वर दे वर सपोर्टेड बाय सेवा सदन ऐसी जो भी महिलाएं हैं व्हिच वर एक्सप्लोइटेड बाय द सोसाइटी इट वाज

180:22

Speaker A

सपोर्टेड बाय सेवा सदन राइट प्लस एक न्यूज़पेपर है इंडियन स्पेक्टर स्पेक्टर ये पेपर ये एक्वायर करेंगे और इसमें अपने आर्टिकल्स लिखा करेंगे तो इंडियन स्पेक्टर इज एसोसिएटेड विद बीएम मालाबारी नेक्स्ट बात करते हैं देव समाज नाउ तो बीएम मालाबारी अगेन जुड़े हुए थे

180:40

Speaker A

हमारे पिछड़े थ्रेट से बट बात करते हैं देव समाज की तो देव समाज अगेन लाहौर में है और 1887x पॉपुलर हो रहा था कहां पर पंजाब एरिया राइट अब ऐसे में ऐसे में यहां पर पंजाब में ही एक लीडर है शिवनारायण

181:25

Speaker A

अग्निहोत्री शिव नारायण अग्निहोत्री जो कि बेसिकली किसको बिलोंग करते हैं ब्रह्मो समाज को बिलोंग करते हैं ब्रह्मो समाज राइट तो ब्रह्म समाज जब आर समाज ग्रो हो रहा है तो ये डिफरेंट थॉट प्रोसेस है ये कहीं ना कहीं हिंदू जम से जो है अलग हो

181:48

Speaker A

रहा है राइट तो यहां पे शिव नारायण ऐसा नहीं हां हिंदुइज्म से अलग हो जाएगा बट हां हिंदू जम के प्यूरीफाइड की बात कर रहा है राइट और यहां पे यहां पे हम देख रहे हैं कि हां ये

181:58

Speaker A

ब्रह्मो समाज है ब्रह्मो समाज उतना रेडिकल नहीं है उतना रिवाइवलिस्ट नहीं है रिफॉर्मिंग नेचर है तो थॉट प्रोसेस में काफी डिफरेंस है शिवनारायण अग्निहोत्री या फिर ब्रह्मो समाज का और आर्य समाज का तो यहां शिवनारायण अग्निहोत्री कहीं ना कहीं

182:12

Speaker A

अगेंस्ट है आर्य समाज की ग्रोथ के राइट है ना कि दो अलग अलग बॉडीज है जब सामने एक और बॉडी ग्रो हो रही है तो ही अगेंस्ट जो है द ग्रोथ ऑफ आर समाज तो टेक्निकली ही चैलेंजिंग आर्य

182:24

Speaker A

समाज नाउ नाउ 187 में आते आते 187 तक आते आते व एक अपना समाज शुरू करेंगे च इ देव समाज राइट देव समाज देव समाज देव समाज में जो है वो कहते हैं पर देव समाज इसको थोड़ा सा देव समाज थोड़ा लिखते है देव समाज के

182:49

Speaker A

बारे में देव समाज में कहते हैं कि जो ब्रह्मो राशनलिज्म है व कहते यह भी ठीक नहीं है राशनलिटी होनी चाहिए क नहीं यह भी जो है ठीक नहीं लग रहा तो ब्रम रेजम को उन्होने रिजेक्ट कर दिया प्लस उन्होंने कहा कि जो

183:09

Speaker A

है एक गुरु का होना एक इनलाइटें बीइंग का होना लाइफ में मार्गदर्शन के लिए इंपॉर्टेंट है तो गुरु की इंपॉर्टेंस बताई इन्होंने राइट कि गुरु इज इंपॉर्टेंट प्लस प्लस प्लस बाकी बाकी रेस्ट ऑफ ब्रह्मो ही इज अलाइड बाकी जो भी कुछ ब्रह्मो समाज में

183:35

Speaker A

कहा गया है कि आइडलेट्री नहीं होनी चाहिए पॉलीथिस्म नहीं होना चाहिए मोनोथेज्म होना चाहिए एट्स एट्स ये सारी चीजें ही इज अलाइन ही आल्सो टॉक्स अबाउट ही आल्सो टॉक्स अबाउट वेजिटेरियन जम राइट ही आल्सो टॉक्स अबाउट सोशल इंटीग्रेशन ऑफ

184:00

Speaker A

कास्ट सोशल इंटीग्रेशन ऑफ कास्ट एंड विडो एजुकेशन विडो मैरिज विडो एजुकेशन विडो रीमैरिज चाइल्ड मैरिज के खिलाफ है एटस एट सिमिलर कांसेप्ट राइट ये सारी चीजों के साथ तो देव समाज तो देव समाज प्लस इसमें एक और जो उन्होंने पॉइंट ऐड किया कि जो भी

184:22

Speaker A

देव समाज को फॉलो करेगा उनको फॉलो करना पड़ेगा अलोंग विद जो है गुरु गुरु के साथ-साथ देव शस्त्र तो देव शस्त्र की स्थापना करी एक स्क्रिप्चर एक अलग लिटरेचर की स्थापना करी च इज देव शास्त्र कि हम सारे लोग क्या

184:37

Speaker A

फॉलो करेंगे द्व शास्त्र फॉलो करेंगे राइट और और और इसमें काफी और चेंजेज आ गए और इन्होंने कहा कि दो लोगों की पूजा होनी चाहिए एक गॉड एंड हिम तो ये थोड़ा सा जो है यू कैन से रेडिकल थॉट प्रोसेस थोड़ा सा रेडिकल थॉट

185:01

Speaker A

प्रोसेस कहना गलत होगा बट हां इ डिफरेंट थॉट प्रोसेस है कि कह रहे हैं कि हां आई हैव अंडरस्टैंडिंग ऑफ ऑल दिस मैं ही गुरु हूं राइट और मेरी और भगवान की पूजा होनी चाहिए तो ये जो है कहीं ना कहीं फिलॉसफी

185:11

Speaker A

की तरफ हम बढ़ रहे हैं बट वेरी सून वेरी स ये थॉट प्रोसेस चेंज हुआ और 18955 तक वो कहते हैं कि नहीं नहीं नहीं हमें सिर्फ और सिर्फ जो है देव शस्त्र फॉलो करना है ओनली देव शस्त्र ओनली देव शस्त्र फॉलो करना है और

185:30

Speaker A

कुछ फॉलो नहीं करना मतलब क्या गॉड की पूजा करनी है नहीं क्या गुरु की पूजा करनी है नहीं सिर्फ और सिर्फ देव शस्त्र तो आगे जाकर यही फिलॉसफी नास्तिक हो रही है एस्टिक हो रही है कि हां इनिशियली भगवान

185:45

Speaker A

की बात हो रही है बट आगे 18956 फॉलो किया जाएगा और कुछ भी फॉलो करने की जरूरत नहीं है राइट तो ये फिलॉसफी इवेंचर हो जाती है इस फिलॉसफी में से भगवान भी निकल जाते हैं राइट सो दिस इज दिस इज द फिलॉसफी ऑफ

186:06

Speaker A

देव समाज राइट और ये काफी काफी हद तक कनेक्टेड है किसके साथ आर्य समाज के साथ अगर आपको आर्य समाज याद आएगा तो देव समाज याद आएगा देव समाध याद आएगा तो शिवनारायण अग्निहोत्री को आप याद कर सकते हैं राट तो

186:18

Speaker A

शिवनारायण अग्निहोत्री जी की ये जो है जो है फिलॉसफी है जैसे देव समाज चलिए और आगे बढ़ते हैं एक और एक छोटा सा डिस्कशन पीछे हम बात कर रहे थे धर्म सभा की राधाकांता देव याद आया राइट राधाकांता देव तो राधाकांता देव हैज

186:34

Speaker A

एस्टेब्लिश धर्म सभा हमें याद आया कि ही वाज अपोजिट ही वाज अपोजिशन रॉय राजा राम मोहन रॉय के खिलाफ थे वो ब्रह्मोस सभा के खिलाफ थे यह हमको कहानी याद आई नाउ सो हेयर हेयर ही वांट्स की हां सोसाइटी जिस तरीके से चलती है या

186:51

Speaker A

जिस तरीके से है तो स्टेटस क्व जो है उसको मेंटेन किया जाए ऑर्थोडॉक्स सेक्शन है हम समझ गए राइट हमें याद आ गया राधाकांत देव याद आ गया तो दिस इज द ऑर्थोडॉक्स सेक्शन इन फैक्ट अबोलिशन ऑफ सती भी वो नहीं चाहते

187:04

Speaker A

थे हमने बात करी थी कि राजा राम मोहन रॉय के खिलाफ आवाज उठी थी कि सती अबॉलिश ना किया जाए तो ही इज ऑफ दैट ग्रुप हालांकि हालांकि जो है ही इज सपोर्टिंग वेस्टर्न एजुकेशन इवन महिलाओं के लिए भी वेस्टर्न

187:14

Speaker A

एजुकेशन होना चाहिए ही सपोर्ट्स दैट बट अदर वाइज इट इज मोर ऑफ अ ऑर्थोडॉक्स ग्रुप जो कि जो कि राजा राम मोहन रॉय को सपोर्ट नहीं कर रहा है जो कि ब्रह्म समाज के खिलाफ है जो कि जो कि चाहता है कि सती को

187:25

Speaker A

बैन ना किया जाए तो धर्म सभा पहले भी हम बात कर चुके हैं हमने अब जो है कनेक्ट कर ली स्टोरी नाउ ऑर्थोडॉक्स सेक्शन में कहानी और आगे बढ़ाते हैं वी विल फाइंड कि अब जब जो है इतने सारे रिफॉर्म मूवमेंट्स

187:36

Speaker A

आएंगे तो काउंटर करंट भी आएगी काउंटर करंट बोले तो काउंटर करंट मतलब कि हां ऐसी बॉडीज भी क्रिएट होंगी जो कि कहेंगे रिफॉर्म नहीं होना चाहिए लाइक दिस जो धर्म सभा लाइक राधा कांता देव दे विल बी लाइक

187:48

Speaker A

कि नहीं कोई रिफॉर्म नहीं होना चाहिए हमारी जो सोसाइटी है वो बहुत अच्छी है हमारी जो जो है यू कैन से थॉट प्रोसेस ऑलरेडी जो रनिंग है वो अच्छा है हमें इसे मेंटेन करना चाहिए तो जब आर्य समाज ऐसा

187:58

Speaker A

कहेगा कि चेंजेज चाहिए कहेंगे नहीं नहीं नहीं जब ब्रह्म समाज कहेगा चेंजेज चाहिए ये कहेंगे नहीं नहीं नहीं राइट जब राम कृष्ण मिशन कहेगा कि नहीं हमें चेंजेज चाहिए तो कहेंगे नहीं कास्टलेस क्लास सोसाइटी नहीं तो देयर विल बी अ लॉट ऑफ

188:10

Speaker A

बॉडीज लाइक दिस जो इस तरह की ऑर्थोडॉक्स जो है डिमांड रखेंगे फॉर एग्जांपल 18951 दो में जाके कंबाइन हो जाएंगी और क्रिएट होगा भारत धर्म महामंडल राइट ये हम सारे लोग जो यू नो सारे रिफॉर्म के खिलाफ हैं ये सारे लोग जो

188:32

Speaker A

है जुड़ जाएंगे एंड यहां पर क्रिएट होगा भारत धर्म महामंडल कहां पे हेड क्वार्टर है बनारस में हेड क्वार्टर है एंड द मोस्ट इंपोर्टेंट लीडर ओवर हियर इज पंडित मदन मोहन मा दिया राइट यहां नाउ दे विल बी दे विल बी

188:47

Speaker A

फर्स्ट ऑफ ऑल एश्योरिंग है ना देखरेख करेंगे जो भी हिंदू रिलीजियस इंस्टीट्यूट्स हैं जो हिंदू एजुकेशन है हिंदू कॉलेजेस हैं राइट है ना उसमें उनकी देखरेख जो है यहां पे देखने को मिलेगी बाय दीज लीडर्स बाय स्पेशली पंडित मदन मोहन

189:00

Speaker A

मालविया एंड एंड योर भारत धर्म महामंडल तो नाम से पता चल रहा है भारत धर्म महामंडल कि जो भी धर्म है भारत का राइट ये महामंडल चाहता है कि वो धर्म मेंटेन रहे ऐसे ही मेंटेन रहे जैसा चल रहा राइट इसमें कुछ

189:14

Speaker A

बदलाव करना है ऐसा कुछ बदलाव नहीं करना नाउ वन मोर मूवमेंट इज राधा स्वामी मूवमेंट राधा स्वामी मूवमेंट साइड में एक और एक और छोटी सी मूवमेंट समझते हैं राधा स्वामी मूवमेंट तो राधा स्वामी मूवमेंट आगरा में तुलसी राम जी ने फाइंड करी है

189:30

Speaker A

दिस इज 18616 में जो है तुलसी राम एक मूवमेंट शुरू कर रहे हैं इनको शिव दयाल साहब भी कहते हैं और एक मूवमेंट शुरू कर रहे राधा स्वामी मूवमेंट नाउ राधा स्वामी मूवमेंट बिलीव्स इन कि एक सुप्रीम बीइंग है राइट

189:49

Speaker A

है ना जैसे हम बात करते हैं ब्रह्म की कि एक ही शक्ति है एक ही सुप्रीम बीइंग है राइट जिनकी हमको पूजा करनी है प्लस हेयर ही आल्सो टॉक्स अबाउट सुप्रीमेसी ऑफ द गुरु कि जो गुरु है तो एक सुप्रीम बीइंग

189:59

Speaker A

है और एक गुरु है गुरु आपको बताएंगे कि हां भाई जीवन में आपको क्या करना है क्या नहीं करना है मार्गदर्शन करना है इट इज मोर लाइक देव समाज देव समाज में भी गुरु की बात हो रही थी कि एक इनलाइटें सोल

190:10

Speaker A

जिनको पता है कि क्या करना है क्या नहीं करना जो आपको गाइड कर सकते ते हैं राइट तो सुप्रीमेसी ऑफ द गुरु इज इंपोर्टेंट प्लस यहां पे बात हो रही है कि जो सत्संग है पायस पीपल हैं जो धार्मिक लोग हैं

190:20

Speaker A

रिलीजियस लोग हैं स्पिरिचुअल लोग हैं राइट उनके साथ उनके साथ उठना बैठना होना चाहिए पलब सिंपल सोशल लाइफ का जिक्र कर रहे हैं कि हां भाई कोई ऐसी बहुत जो है हमें हाईफाई लाइफ नहीं चाहिए हमें सिंपल लाइफ

190:32

Speaker A

चाहिए बट ये तो ठीक है चलिए बट कुछ जो बातें जो है जो इसको डिफरेंट बनाती है यहां तक तो ठीक है यहां तक तो बेसिक है बट यू विल फाइंड कि कुछ बातें जो इन्हें डिफरेंट बनाती हैं वो ये कि क्या किसी

190:44

Speaker A

रिनंसीएशन त्याग की जरूरत है तो एज पर राधा स्वामी मूवमेंट नो किसी त्याग की जरूरत नहीं है किसी रिनंसीएशन की जरूरत नहीं है किसी मंदिर की जरूरत नहीं है किसी जो है मूर्ति की जरूरत नहीं है किसी जो है

190:55

Speaker A

तीर्थ यात्रा की जरूरत नहीं है राइट है ना कि यहां कोई ऐसा सेक्रेड प्लेस है जहां पे जाके आपको जो है कुछ मिलेगा नहीं ऐसा सीक्रेड पलेसेस पे भी विश्वास करने की कोई जरूरत नहीं है आपको चाहिए क्या आपको चाहिए

191:05

Speaker A

फेथ राइट विश्वास चाहिए है ना कि या जो कोई शक्ति है जो ब्रह्म है या जो भी सुप्रीम बीइंग है राइट है ना उन परे विश्वास होना चाहिए दूसरा अनदर इंपोर्टेंट थिंग इ चैरिटी कि सोशल सर्विस करिए लोगों

191:17

Speaker A

को जो है मदद करिए सपोर्ट करिए दैट इज समथिंग चच इ इंपोर्टेंट एंड देन देन देन प्रेयर इज इंपोर्टेंट कि यहां भगवान के सामने प्रार्थना करिए बस और कुछ भी नहीं चाहिए कोई सैक्रिफाइस नहीं कोई रिनस नहीं कोई मंदिर नहीं कोई इस तरह का जो है है

191:30

Speaker A

पूजा पाठ नहीं बट हा अगर आप प्रेयर कर रहे हैं सिर्फ उ ब्रह्म में विश्वास कर रहे हैं उतना जो है उतना बहुत है दिस इज राधा स्वामी मूमेंट सो नाउ तो हमने जो जो है जो हमने डिफरेंट डिफरेंट प्लेसेस प जो

191:46

Speaker A

मूवमेंट थी हमने देख ली और स्पेशली जो हिंदू रिलीजन रिलेटेड मूवमेंट थी राइट ब्रह्मनिकल रिलीजन या फिर हिंदू रिलीजस मूवमेंट जो मेनली हमने अब तक सारी देख ली है राइट कहानी बढ़ाते हैं थोड़ा सा और आगे वापस चलते हैं ज्योतिबा राव फूले

192:01

Speaker A

और जो है गोपाल बाबा की लाइन में और बात करते हैं थोड़ा लोअर कास्ट मूवमेंट की लोअर कास्ट मूवमेंट बट इस बार महाराष्ट्र की बात नहीं कर र पिछली बार हम लोग महाराष्ट्र में थे महाराष्ट्र में हमने सारी मूवमेंट थी राइट बट नाउ नाउ वी

192:15

Speaker A

आर गोइंग टू टॉक अबाउट अदर एरिया लोअर कास्ट मूमेंट स बिफोर वी गो इन टू दिस डायरेक्शन थोड़ा सा आपको जो है एक मैप दिखा रहा हूं मुझे उम्मीद है कि पिछले क्लास में भी हमने बात करी थी तो अगर हम

192:28

Speaker A

देखें तो जो है यहां पर महाराष्ट्र हमने बात करी कि भाई जो है एक हमने बात करी प्रार्थना समाज की प्रार्थना समाज जो कि जो कि बात कर रहा था सोशल सर्विस की राइट सोशल सर्विस ज इंपोर्टेंट साथ ही साथ उसके भी पहले एक

192:51

Speaker A

बॉडी आई थी परमहंस मंडली परमहंस मंडली दद पांडुरंग याद आ भाई बड़े भाई पांडुरंग और फिर प्रार्थना समाज प्रार्थना समाज हमें याद आया कि इज इनटू सोशल सर्विस इज इनटू सोशल सर्विस और इसमें केशव चंद्र सेन का गाइडेंस भी था बट ये भी

193:09

Speaker A

क्या है सोशल सर्विस में राइट नाउ इसके साथ साथ हमने बात करी थी जति ज्योतिबा फ ट हम थोड़ा सा कास्ट सिस्टम की बात कर रहे लोर कास्ट रिव आ या लोर कामेंट ट ज्योतिबा फुले एंड सावित्री बाय फले

193:32

Speaker A

जीी यह डिस्कशन किया था और साथ में हमने बात की जो है गोपाल बाबा की गोपाल बाबा लंकर तो ये क्रोनोलॉजी में ही है बाबा बलाकर एंड एक हम बात कर रहे थे वी आर शंडे जी की जो जो जो है ऑक्सफर्ड चले गए थे

193:54

Speaker A

पढ़कर आए थे डिप्रेस्ड क्लास मिशन शुरू किया था राइट है ना तो हमें याद आया तो हमने ये देखा कि ऑलरेडी महाराष्ट्र में स्पेशली देयर आर लॉट ऑफ लीडर्स हु आर वर्किंग फॉर द लोअर कास्ट राइट डिप्रेस्ड क्लास कि यहां जो जो है कास्ट

194:06

Speaker A

डिस्क्रिमिनेशन है उसके खिलाफ की अच्छी खासी जंग महाराष्ट्र में हमको दिख रही है हां हमको समझ में आ रहा है कि बड़ी जंग है भाई महाराष्ट्र में राइट है ना सो या तो महाराष्ट्र लडी ऑलरेडी हम देखें तो हमने

194:15

Speaker A

अच्छे खासे लीडर्स की य पर बात करी हुई है जिक्र करा हुआ है नाउ नाउ अब इसी में थोड़ा सा और आगे कहानी बढ़ा रहे चलेंगे केरला साइड केरला में बात करेंगे एस एनडीपी मूवमेंट की एस एनडीपी मूवमेंट एस एनडीपी मूवमेंट है एस एनडीपी

194:36

Speaker A

मूवमेंट की बात करेंगे हम लोग देन देन तमिलनाडु में बात करेंगे हम लोग जस्टिस पार्टी जस्टिस पार्टी एंड ईवी रामास्वामी नायकर ईवी रामा स्वामी नायकर राइट प्लस इनका सेल्फ रिस्पेक्ट मूवमेंट और एक और यहां का बड़ा इंपॉर्टेंट मूवमेंट है साउथ इंडिया का सेल्फ

195:07

Speaker A

रिस्पेक्ट मूवमेंट वेरी वेरी इंपोर्टेंट मूवमेंट जो एक टाइम पर शुरू नहीं हो जो एक लंबी लड़ाई है च इज टेंपल एंट्री मूवमेंट टेंपल एंट्री मूवमेंट मेनली मेनली केरला बट यस टेंपल एंट्री मूवमेंट तो दो बात करते हैं जो है जो है एसएनडीपी

195:29

Speaker A

मूवमेंट से शुरू करते हैं वी विल टॉक अबाउट ऑल दीज एलिमेंट्स जस्टिस पार्टी वी विल टॉक अबाउट रामास्वामी नायकर जी एंड उनकी सेल्फ रेस्पेक्ट मूवमेंट राइट शुरू करते हैं तो एसडीपी मूवमेंट श्री नारायण गुरु तो श्री नारायण गुरु एडीपी मतलब श्री नारायण

195:44

Speaker A

गुरु धर्म परिपालन आइए तो श्री नारायण गुरु तो केरला में केरला में देर इ अजवा कास्ट अजवा अजवा कौन है अजवा ताड़ी बनाते हैं ड़ी ड़ी ड़ी बनाते हैं तो जो है जो लोकल इंटॉक्सिकेंट होता है हल होता है राइट है ना पेड़ों से किसी

196:14

Speaker A

तरह कुछ बनाने वाला तो जो लोकल ताड़ी होती ताड़ी सुना होगा आपने शायद तो दीज आर द टॉडी पीपल राइट टॉडी बनाते हैं लोग एंड बहुत ज्यादा अल्कोहल कंज्यूम भी करते हैं बिकॉज जब वो उसी जो है यू कैन से

196:24

Speaker A

मैन्युफैक्चरिंग में है जो है प्रोडक्शन में है तो डेफिनेटली जो है उसका कंजन भी अावाज में काफी ज्यादा है तो अावाज आर द लो कास्ट पीपल एंड एंड दे वर वेरी मच साइडलाइंड एज वेल है ना तो दे आर ट्रीटेड

196:36

Speaker A

एज अनटचेबल्स स नाउ अजवा तो क्योंकि वो अनटचेबल्स हैं एवास कास्ट जो है और केरला में अच्छा खासा नंबर है अजवा कास्ट का तो क्योंकि वो अनटचेबल्स हैं तो वी विल फाइंड कि जो है उनको मंदिरों में एंट्री नहीं मिलती मंदिरों

196:55

Speaker A

में दे आर नॉट अलाउड टेंपल्स में दे आर नॉट अलाउड तो भाई क्या किया जाए क्या हो तो ये ये आवाज उठी है राइट और ये आवाज पहली बार जो उठी है दिस इज इन 1888 1888 एंड दिस इज अरुवि पुरम मूवमेंट

197:11

Speaker A

अरुवि पुरम मूवमेंट ना केरला में क्या हुआ कि जब हुआ कि हां मंदिर में जाना अलाउड नहीं है है ना जब मंदिर में जाना अलाउड नहीं है तो जो है श्री नारायण गुरु ने क्या किया है ना तो श्री नारायण गुरु द

197:25

Speaker A

लीडर ओवर यर श्री नारायण गुरु लीडर है श्री नारायण गु एंड ही बिलोंग टू ही लीडर ऑफ अजवा कास्ट अनटचेबल राइट केरला में अच्छी खासी संख्या है एवा कास की ऑलमोस्ट 26 पर जो है जो है जो जो पॉपुलेशन है व एवास की नाउ नाउ

197:54

Speaker A

तो श्री नारायण गुरु तो श्री नारायण गुरु ने क्या किया एक जो है एक पत्थर उठाया नैया नदी से राट एंड उसकी स्थापना कर दी और शिव मंदिर बना दिया अरूब पुरम में तो शिव टेंपल तो उन्होने कहा हम खुद ही

198:06

Speaker A

एब्लिश कर देंगे कि हां हमें ब्राह्मण की जरूरत नहीं है एक शिव मंदिर बनाने के लिए शिव टेंपल उसकी दीवारों प लिख दिया कि यहां जो दीवारें हैं ये दीवार जो है कास्ट और क्रीड के बीच की दीवारें नहीं है राइट

198:20

Speaker A

किसी जाति के बीच की दीवारें नहीं है तो ये पहली बार तो दिस इज अगेन क्लोज टू टेंपल एंट्री मूवमेंट ओनली कि यहां क्योंकि टेंपल्स में एंट्री नहीं मिलती है तो यहां से ये कहानी शुरू हो रही है अरु

198:30

Speaker A

पुरम मूवमेंट जहां पे जहां पे श्री नारायण गुरु एक पत्थर उठाएंगे नदी से और कहेंगे यही भगवान शिव है उसकी स्थापना स्वयं कर देंगे और कहेंगे हमें हमें एक जो है भगवान की स्थापना के लिए हमें किसी रिचुअल की

198:42

Speaker A

जरूरत नहीं है हमें किसी पर्टिकुलर कास्ट के लीडर्स की जरूरत नहीं है अगर वो आने को रेडी नहीं है अगर वो कह रहे हैं कि हां जो है जो है जो कास्ट है वो यू नो हमारी कास्ट में जो है इस तरह का एस्टेब्लिशमेंट

198:53

Speaker A

नहीं हो सकता तो हम इस बात को डिस्कार्ड कर रहे हैं हम जो है चीजों को सिंपलीफाई करके अपने हिसाब से भाई ठीक है हमें मंत्र नहीं आता हमें भक्ति है तो हम अपने हिसाब से स्थापना कर रहे हैं तो यहां पे शिव

199:02

Speaker A

मंदिर की स्थापना की है और इसके बाद श्री नारायण गुरु विल बिकम वेरी वेरी पॉपुलर राइट तो ही बिलीव्स इन सोशल इक्वलिटी ऑफकोर्स समझ सकते हैं ये लिखने की जरूरत नहीं है कि सोशल इक्वलिटी में विश्वास करेंगे जो ब्राह्मण डोमिनेशन है उसम

199:15

Speaker A

विश्वास नहीं करेंगे और टेंपल एंट्री चाहते हैं कि हां जो है सबके लिए जो मंदिर के दरवाजे हैं जो भगवान के दरवाजे हैं वो सबके लिए खुले होने चाहिए तो दैट इज द थॉट प्रोसेस ऑफ श्री नारायण गुरु लिखने की

199:24

Speaker A

जरूरत है राइट वी नो कि हां जो है यही यही तीन बातें हैं है ना और क्या ही होगा तो नाउ नाउ यही जो थॉट प्रोसेस है यही मूवमेंट बन जाएगा और श्री नारायण गुरु के नाम प ही 19023

199:40

Speaker A

में एक मूवमेंट स्थापना होगी एस एनडीपी मूमेंट श्री नारायण गुरु धर्म परिपालन फुल फम खो तो श्री नारायण गुरु धर्म परिपालन तो यह मूवमेंट की यहां पर स्थापना हो रही शुरुआत हो रही है और इसमें नारायण गुरु इसके परमानेंट हेड है रा तो

200:02

Speaker A

ही इ द हेड प्लस प्लस अदर टू लीडर्स ू आर इंपोर्टेंट ओवर हियर एक है कुमारनासन कुमारन आसन पोएट है फेमस पोएट कुमारन आसन एंड डॉक्टर पल्पो कुमारन आसन सेक्रेटरी है और डॉक्टर पल्प ओवरऑल ऑर्गेनाइजर डॉक्टर पाल्पू राइट सो नाउ नाउ यहां पर एस एनडीपी

200:26

Speaker A

मूवमेंट इज ल अबाउट गिविंग अप अनटचेबिलिटी और अजवा कास्ट से कहा जाएगा कि आपके नीचे जो लोअर कास्ट है जिनके साथ आप अनटचेबिलिटी प्रैक्टिस करते हैं वो भी बंद कर दीज राट तो अनटचेबिलिटी हमें बंद कर देनी चाहिए प्लस हम अपने खुद के मंदिर बना

200:41

Speaker A

लेंगे राइट है ना खुद के मंदिर हम जो है अपने क्रिएट कर लेंगे प्लस इट इज अबाउट सिंपलीफाइंग रिचुअल्स कि अब हम डिपेंडेंट नहीं रहेंगे प्रीस्टली क्लास के ऊपर कि वो रिचुअल करें वो कुछ पूजा पाठ करें और उसके

200:57

Speaker A

बाद काम आगे बढ़े नहीं हम खुद ही जैसे शादी ब्याह है तो हम खुद ही जो है यू नो खुद ही कर लेंगे सिंपल रिचुअल के हिसाब से जो भी हम कर पाएंगे अपने हिसाब से खुद ही इसको मैनेज कर लेंगे तो सिंपलीफाइड

201:07

Speaker A

रिचुअल्स इ समथिंग दे बिलीव इनटू तो बिलीव दे बिलीव वन रिजन वन रिलीजन वन गॉड वन रिलीजन वन गॉड एंड वन कास्ट फॉर मैनकाइंड एक ही भगवान है एक ही धर्म है और एक ही कास्ट है पूरी पूरी ह्यूमैनिटी में

201:26

Speaker A

पूरी ह्यूमन काइंड में आगे जाके यही थॉट प्रोसेस थोड़ा चेंज हो जाएगा ये हो जाएगा नो रिलीजन नो गॉड एंड नो कास्ट फॉर मैनकाइंड राइट है ना बट फिलहाल फिलहाल अभी हम समझे तो हमें समझ में आ रहा है कि हां

201:35

Speaker A

इस तरह का एक मूवमेंट यहां पे बड़ा मूवमेंट यहां पर शुरू हो रहा है सिमिलरली सिमिलरली ऐसा ही एक मूवमेंट मासोर में चालू हो रहा है मासोर 1905 1905 इट इज इट इज वोक लिंग संघ वोक लिंग स वोक लिंग संग वोक लिंग संग दिस इ

202:02

Speaker A

अगेन दिस इज एट मासोर एंड दिस इज आल्सो एंटी ब्राह्मण मूवमेंट तो एक पूरा ट्रेंड शुरू हो गया 1900 तक आते आते पूरा ट्रेंड शरू होता हुआ दिख रहा है कि जो है मासोर केरला देन तमिलनाडु राइट तो दिस इ आल्सो एन एंटी

202:17

Speaker A

ब्राह्मण मूवमेंट वोका लिंग संग राइट देन देन यही जो टेंपल एंट्री की बात है यही टेंपल एंट्री आपकी और आगे बढ़ेगी और 1924 में क्योंकि ओवरऑल डिमांड है तो 1924 में एक बड़ी टेंपल एंट्री रिलेटेड मूवमेंट होगी च इज वायकॉम

202:39

Speaker A

सत्याग्रह वायकॉम वायकॉम सत्याग्रह राइट वायकॉम सत्याग्रह तो वायकॉम अगेन जो है इन केरला राइट तो ये ट्रैवन कोर है जगह जो है ट्रैवन कोर का राज्य है तो केरला में नीचे साउथ साउथ साइड देर इज अ किंगडम ट्रैवन कोर अब ट्रैवन कोर में

203:00

Speaker A

महाराजा है राइट ये प्रिंसली स्टेट है यहां पे अभी अंग्रेजों का डायरेक्ट राज नहीं है तो यहां पर डिमांड क्या है डिमांड यह है कि जो ट्रैवन कोर के मंदिर हैं उनको ओपन कर देना वायकॉम को ओपन कर देना चाहिए

203:14

Speaker A

अब 1924 में गांधी जी भी एक्टिव है राइट तो दिस मूवमेंट इ आल्सो सपोर्टेड बाय गांधी जीी इ आल्सो सपोर्टेड बाय गांधी जी दिस मूवमेंट इ आल्सो सपोर्टेड बाय जो है पंजाब से जट आएंगे वॉलंटस आएंगे जठ फम

203:33

Speaker A

पंजाब पंजाब से वॉलेटर आ रहे राइट प्लस प्लस वी विल फाइंड जो मेजर लीडर है यहां पे उनका नाम है केपी केशवा केपी केशवा तो ही इज द मेन लीडर ऑफ वायकॉम सत्याग्रह तो नाउ हम क्या समझ रहे

203:54

Speaker A

हैं कि य जो आवाज शुरू हुई थी अरवी पूर्म मूवमेंट से कि हां मंदिरों मंदिरों में जो है प्रीस्ट डोमिनेशन नहीं होना चाहिए वो आवाज 1924 तक आते आते काफी बोल्ड आवाज बनके निकल रही है नाउ यही मूवमेंट यही

204:06

Speaker A

मूवमेंट फिर से चालू होगा 1931 में 1931 में 193 वन दिस इज हैपनिंग इन त्रिसूर डिस्ट्रिक्ट दिस इज गुरु वयर सत्याग्रह तो जंग अभी चालू है फॉर टेंपल एंट्री गुरु वयर सत्याग्रह गुरु वयूप ग्रह राइट यहां पे जो

204:33

Speaker A

है लोग हंगर स्ट्राइक पर चले जाएंगे एंड मेजर जो बड़े लीडर है यहां पे वो है के केलप्पन के केलप्पन इनको केरला गांधी भी कहते हैं के कलन राइट ही इज द मेन लीडर इन गु गुरु वयर सत्याग्रह एंड फाइनली आफ्टर

204:50

Speaker A

ऑल दिस आफ्टर ऑल दिस इतनी जंग के बाद 1936 में जो महाराजा ऑफ ट्रैवन कोर है राइट महाराजा ऑफ ट्रैवन कोर वो एक डिक्लेरेशन देंगे कि हां भाई ठीक है अब टेंपल सबके लिए ओपन कर देते तो लंबी लड़ाई है ऑलमोस्ट

205:06

Speaker A

40 साल की लड़ाई है ये राइट और टेंपल्स ओपन करे जाएंगे आगे जब जो है जब कांग्रेस की मिनिस्ट्री आएगी तो चिदंबरम जी भी काफी सारे मंदिर ओपन कराएंगे राइट है ना सो या नहीं सॉरी नॉट चिदंबरम सी राजा

205:23

Speaker A

गोपालाचारी है ना माय बैड तो राजा गोपालाचार्य तो सी राजा गोपालाचार्य मिनिस्ट्री जो है तमिलनाडू में राइट दे विल आल्सो लीड टू यू नो अ लॉट ऑफ टेंपल्स गेटिंग ओपें ओके सो हमने बात करी एसएनडीपी हमने श्री नारायण गुरु धर्म परिपालन मूवमेंट की

205:38

Speaker A

बात करी राइट है ना इसी टाइमलाइन को थोड़ा आगे लेके चलते हैं सो दैट हम समझ सक क्या बात हम कर रहे हैं प्लस प्लस हमने बात करी वोका लिंगा संघ की कि हां मैसोर में भी सिमिलर मूवमेंट हो रही है राइट देन जस्टिस मूमेंट

205:52

Speaker A

हमने जस्टिस मूमेंट की बात नहीं करी राइट जस्टिस मट वापस आते हैं बट देन देन वी आर टॉकिंग अबाउट आपके टेंपल एंट्री मूवमेंट राइट है ना कि टी के माध्यम केपी केशव राइट टेंपल एंट्री मूवमेंट में क्या हो रहा है तो हम बात कर

206:04

Speaker A

रहे थे जो है आपके वायकॉम सत्याग्रह की तो वायकॉम सत्याग्रह हमने डिस्कस किया गांधी जी भी सपोर्ट कर रहे हैं राइट है ना जठा पंजाब से राइट देन हेयर वी हैव अ पोएट सुब्रमण्यम तिरु मंबू इनको इनको जो है

206:17

Speaker A

स्विंगिंग सोर्ड कहा जाता है राइट स्विंगिंग सोल्ड तो सिंगिंग सोल्ड ऑफ केरला कहा जाता है ही इज आल्सो सपोर्टिंग दिस एंड ये यहां दिख रहे हैं हमको ये हमको दिख रहे हैं गुरु वयूप सत्याग्रह 1923 में राइट एंड फाइनली 1936 में जो है महाराजा

206:31

Speaker A

ऑफ ट्रैवन कोर मंदिर ओपन करेंगे एंड एंड स्री राजा गोपालाचारी आगे जाके मद्रास कंसीट में मंदिरों को ओपन करेंगे राइट तो लंबी लड़ाई है टेंपल एंट्री की तो टेंपल एंट्री हमने एक साथ समझ एक छोटा सा डिस्कशन रह रहा है

206:45

Speaker A

अबाउट अबाउट जस्टिस पार्टी राइट सो जस्टिस पार्टी जस्टिस मूवमेंट ना दिस तमिलनाडु जैसा मैंने शुरू में कहा था तमिलनाडु में 1916 में देर इ सी एन मडलर या तो 1916 जस्ट फर सेक ऑफ कंटिन्यूएशन तमिलनाडु में हम देख रहे कि हा 1916 में वी हैव

207:13

Speaker A

जस्टिस पार्टी कमिंग इन राइट जस्टिस पार्टी तो 1916 में वी हैव जस्टिस पार्टी दिस इज तमिलनाडु बाय सीएन मुड अलिया टीएम नायर पी त्याग राजा राइट तो मद्रास प्रेसिडेंसी में एक पार्टी बन रही है जस्टिस पार्टी व्हिच इज अगेन अ नॉन

207:27

Speaker A

ब्राह्मण पार्टी व्हिच इज अगेन अ पार्टी व्हिच विल वर्क फॉर कि प्रीस्टली डोमिनेशन नहीं होना चाहिए है ना जो भी नॉन ब्राह्मण कास्ट है उनके अपलिफ्टमेंट के लिए बात उठाई जाए राइट कि जो नॉन ब्राह्मण हैं उनको जॉब मिलनी चाहिए उनको प्रेजेंटेशन

207:40

Speaker A

मिलना चाहिए लेजिसलेच्योर इसी इसी के तहत एक सेपरेट पार्टी बनेगी मद्रास प्रेसिडेंसी एसोसिएशन इन 1970 राइट वो भी सिमिलर डिमांड रखेंगे कि हा लेजिसलेच्योर सते हम बात कर रहे 1916 जस्टिस पार्टी का फॉर्मेशन जस्टिस पार्टी और यहां पर आप लिख

208:21

Speaker A

सकते हैं सी एन मडलर सी एन मडलर अगेन टी एम नायर अगेन पहले मैंने कहा था कि हा बहुत रिसर्च करने मत बैठना राट यू शुड हैव माइनर अंडरस्टैंडिंग कि हा बेसिक अंडरस्टैंडिंग ऑफ द कंट्रीब्यूशन एंड उतना बहुत है प त्याग

208:40

Speaker A

राजा त्यागराज और 1925 में वी हैव 1925 वी हैव सेल्फ रिस्पेक्ट मूमेंट सेल्फ रेस्पेक्ट मूवमेंट बाय ईवी रामास्वामी नायकर परियार भी कहते इनको रा सीवी ईवी रामास्वामी नायकर ी ईवी रामा स्वामी नायकर तो इनको परियार भी कहते हैं और ये

209:13

Speaker A

जो मूवमेंट है सेल्फ रिस्पेक्ट मूवमेंट इट इज अ वेरी वेरी एग्रेसिव मूवमेंट राइट तो यहां पे यहां पे जो जो है ईवी रामास्वामी नायकर हैं ही इज अगेंस्ट कि हां कोई भी अगर कास्ट सिंबल दिख रहा है अगर हमें मान

209:25

Speaker A

लो कोई ऐसा बोर्ड दिख गया कि जिसके ऊपर लिखा है कि हां ये यू नो हायर कास्ट को बिलोंग करता है इसको तोड़ दो कोई भी ऐसा सिंबल कोई भी ऐसा जो है यू कैन से मे बी मे बी जो है लेट्स से ऐसा ऐसा कहते हैं

209:35

Speaker A

ऐसा कहते हैं कि हां उस समय क्या होने लगा कि जो जो जो है ऐसा कुछ धारण करे हुए हैं जो कि दिखाता है कि हां ही इज ब्राह्मण और बेसिकली ही इज अ सुपीरियर कास्ट राइट वो सिंबल काट दिया जाए या सिंबल तोड़ दिया

209:47

Speaker A

जाए तो इस तरह से हम देखेंगे कि हां ये जो 1925 का जो माहौल है तमिलनाडु में इट इज वेरी मच वेरी मच एंटी ब्राह्मण और प्रीस्टली डोमिनेशन के खिलाफ है राइट कि कोई भी ऐसा प्रीस्टली डोमिनेशन नहीं होना

209:58

Speaker A

चाहिए हम कुछ भी ऐसा नहीं मानेंगे और उसके लिए अग्रेशन बहुत ज्यादा हमको देखने को मिला है तमिलनाडु में इन दिस सेल्फ रेस्पेक्ट मूमेंट एंड दैट इज व्हाई ईवी रामास्वामी नकर बिम यू कैन से अ यू कैन से

210:10

Speaker A

मोस्ट पॉपुलर पॉपुलर लीडर ऑफ ऑफ जो है तमिलनाडु राइट एंड इन फैक्ट 1930 में 1936 समवेत है ना अगेन नॉट वेरी शोर 36 37 समवेल आल्सो बिकम प्रेसिडेंट ईवी रामा स्वामी नायकर विल बिकम प्रेसिडेंट ऑफ जस्टिस पार्टी ही ही विल बिकम दैट पॉपुलर जस्टिस

210:36

Speaker A

पार्टी और यहीं से यहीं से जो आपकी जो पॉलिटिक्स है डीएम के एंड ऑल राइट जो तमिलनाडु पॉलिटिक्स है वो यहीं से इमर्ज होती है खैर खैर तो जो है ईवी रामास्वामी नकर की हमने बात करी सेल्फ रेस्पेक्ट मूवमेंट

210:49

Speaker A

की हमने बात करी राइट कहानी और आगे बढ़ाते हैं तो सो इंडियन सोशल कॉन्फ्रेंस एक जो है साइड डिस्कशन इंडियन सोशल कॉन्फ्रेंस हमने लोअर कास्ट या एंटी ब्राह्मण मूवमेंट्स या नॉन ब्राह्मण मूवमेंट जो है तो नॉन ब्राह्मण मूवमेंट हम लोगों ने

211:02

Speaker A

डिस्कस कर लिए हैं एक एक एमजी रानाडे जी का की बॉडी है यह भी और डिस्कस करते हैं विच इज इंडियन सोशल कॉन्फ्रेंस अब हुआ क्या हुआ यह कि 1885 में 1885 में 1885 वी हैव इंडियन नेशनल कांग्रेस

211:21

Speaker A

कमिंग कैसी बॉडी है भाई य य पॉलिटिकल बॉडी है पॉलिटिकल बॉडी इसका काम क्या है पॉलिटिकल डिमांड पॉलिटिकल रिफॉर्म तो बात हुआ कि अगर अगर इंडियन नेशनल कांग्रेस एक पॉलिटिकल बॉडी है और उसकी पॉलिटिकल डिमांड है तो इंडिया में सोशल रिफॉर्म कौन करेगा

211:38

Speaker A

राइट क्या एक एक नेशनल बॉडी सोशल रिफॉर्म के लिए नहीं होनी चाहिए क्या सोशल रिफॉर्म खत्म हो गया सोशल रिफॉर्म की जरूरत नहीं है तो दे रिलाइज नहीं है तो गलत है हमें हमें सोशल रिफॉर्म भी करना होगा और अगर

211:49

Speaker A

इंडियन नेशनल कांग्रेस सोशल रिफॉर्म करने लग जाएगी तो कहीं ना कहीं वो अपने रास्ते से भटक जाएगी तो यहां पे इंडियन नेशनल कांग्रेस इट सेल्फ कि हम ही सोशल रिफॉर्म करेंगे इसके लिए वो अलाइड नहीं और इसी वजह

212:00

Speaker A

से दे विल स्टार्ट दे विल दे विल ब्रिंग अ न्यू बॉडी व्हिच इज नेशनल सोशल कॉन्फ्रेंस तो 1887x सोशल कॉन्फ्रेंस अब इंडियन सोशल कॉन्फ्रेंस की स्थापना कर रहे हैं जैसा कि मैंने कहा कि बहुत बड़ा नाम है एम जी रानाडे एम जी

212:24

Speaker A

रानाडे हैं रानाडे प्लस रघुनाथ राव तो ये ये आप ऐसा समझिए कि ये इंडियन नेशनल कांग्रेस की सोशल सोशल सर्विस विंग है राइट कि हां वो डायरेक्टली सोशल सर्विस नहीं कर रहे हैं बट थ्रू इंडियन सोशल कॉन्फ्रेंस वो लोग सोशल सर्विस करेंगे

212:45

Speaker A

राइट तो सारा सोशल सर्विस का काम जो है किसके पास जाएगा इंडियन सोशल कॉन्फ्रेंस के पास जाएगा जहां-जहां इंडियन नेशनल कांग्रेस की मीटिंग होगी वहीं वहीं इंडियन सोशल कान्फ्रेंस की मीटिंग होगी राइट एंड एंड जो है दे विल बी आल्सो टॉकिंग अबाउट

212:58

Speaker A

इंटरकास्ट मैरिजस पॉलीगेनिक निज्म मतलब तो बंगाल में कुलीनिज्म बहुत पॉपुलर था कि अगर कोई महिला है तो या तो सेम कास में शादी कर सकती है या उससे अपर कास में बात करी होगी हमने राइट तो इसके खिलाफ प्लस प्लेज

213:14

Speaker A

मूवमेंट कि यहां चाइल्ड मैरिज नहीं कराएंगे ये किसने कौन बात उठा रहा है ये इंडियन सोशल कॉन्फ्रेंसेस के कुछ जो है यू कैन से इंपोर्टेंट कंट्रीब्यूशन है राइट इंपोर्टेंट कंट्रीब्यूशन है विद रिस्पेक्ट टू सोशल रिफॉर्म स सो तो हमने जो है बात कर ली है

213:34

Speaker A

आपके मेजर रिलीजस रिफॉर्म की राइट हमने बात कर ली है आपके हिंदू हिंदू साइड के बात कर रहे थे लोअर कास्ट डिस्कशन कर लिया हमने एक पॉलिटिकल बॉडी थी उसके साथ जुड़ी हुई बॉडी पैन इंडिया बॉडी इंडियन सोशल

213:51

Speaker A

कॉन्फ्रेंस इसका भी डिस्कशन कर दिया अब बढ़ते हैं कुछ ऐसे रिफॉर्म्स की तरफ जो जो अदर रिलीजन रिफॉर्म कही जा सकते हैं राइट है ना कि रिफॉर्म मूवमेंट्स जो कि इस्लाम से रिलेटेड है इस्लाम में भी रिफॉर्म मूवमेंट आएंगे राइट पारसी रिफॉर्म मूवमेंट

214:07

Speaker A

सिख रिफॉर्म मूवमेंट राइट एंड देन देन एक अगेन यूनिवर्सल जो है थियोसॉफिकल सोसाइटी राइट थोड़ा सा डिफरेंट एलिमेंट है तो आइए इस जो है एलिमेंट को समझने की कोशिश करते हैं शुरू करते हैं ऐसे रिफॉर्म मूवमेंट जो कि इस्लाम से एसोसिएटेड है राइट तो इस्लाम

214:22

Speaker A

में रिफॉर्म की बात करते हैं ओके तो शुरुआत करते हैं वहाबी से क्या वहबीज हमने पहले पढ़ा हुआ है हमने वहबीज पहले भी पढ़ा हुआ है वहबीज हम लोग बात कर रहे थे जब रिवोल्ट की बात कर रहे थे

214:41

Speaker A

पीपल्स रजिस्टेंस की बात कर रहे थे तो पीपल्स सस्टेंस हमने बात करी थी कि देयर इज अ वहाबी मूवमेंट और वहाबी मूवमेंट जो इंस्पायर्ड है वो इंस्पायर्ड है अब्दुल वहाब से और शाह वली उल्लाह से तो उनकी टीचिंग से इंस्पायर्ड है एंड दे वांट दे

214:54

Speaker A

वांट कि इंडिया में इंडिया में जो जो है अन इस्लामिक प्रैक्टिसेस चालू हो गई हैं राइट इंडिया में जो दारुल हर्ब क्रिएट हो गया है उसको दारुल इस्लाम में कन्वर्ट करना है दारुल हर्ब बोले तो लैंड ऑफ काफिर

215:05

Speaker A

कि काफिरों की जमीन हो गई है और इसको बदलना है किसमें लैंड ऑफ इस्लाम में इस्लाम की जमीन में बदलना है राइट अब यहां पे जो मेजर लीडर है वो है शाह अब्दुल अजीज और सैयद अहमद बरेलवी तो सैयद अहमद बरेलवी

215:17

Speaker A

इज द मेन लीडर जो लीड कर रहे हैं वहाबी मूवमेंट राइट तो वहाबी मूवमेंट तो हमने समझा था कि ये थॉट प्रोसेस काफी टाइम तक रहा जो वहाबी इस का इंपैक्ट है अगर हम बात करें तो 1820 30

215:38

Speaker A

1800 40 50 60 70 थोड़ा और आगे की कहानी बना देंगे इसी में 80 90 राइट 188 18 नाइट नाउ हमने देखा था कि हां जो वहाबी है राइट दे आर एक्टिव ऑन अ वेरी वेरी लॉन्ग ड्यूरेशन ऑलमोस्ट 70

216:04

Speaker A

तक जो है वहाबी ऑलमोस्ट लास्ट में थोड़ा डॉटेड डॉटेड सा हो जाएगा लेकिन लेकिन 18 5 की क्रांति में भी क्या पार्टिसिपेट किया है यस तो वहाबी मूवमेंट वहाबी मूवमेंट काफी पॉपुलर मूवमेंट रहा है प्लस वहाबी मूवमेंट हमने ये भी समझा था कि वहाबी

216:21

Speaker A

मूवमेंट वाज वाज इनिशियली इनिशियली सिखों के खिलाफ था राइट कि पंजाब में जो है मुस्लिम्स का रूल था इस्लाम का रूल था राइट तो सिखों का रूल हो गया तो पहले ये सिखों केके खिलाफ था लेकिन जब जब जो है पंजाब को एनेक्स कर

216:38

Speaker A

लिया गया तो यही रूल किसके खिलाफ लाफ हो गया अंग्रेजों के खिलाफ हो गया प्लस हमने ये भी समझा था कि वहाबी जो है वहाबी का स्प्रेड काफी ज्यादा है नीचे हैदराबाद तक मद्रास तक राइट तो एक सेंटर हमने बात करी थी नॉर्थ वेस्ट साइड

216:54

Speaker A

में सि ठाना और इधर पंजाब ये पहले पढ़ा हुआ है है ना तो इसलिए बहुत ज्यादा टाइम इस पर नहीं दे रहे तो ऑलरेडी एक अच्छा खासा स्प्रेड जो है हम समझते हैं कि वहाबी इस का इंडिया में था राइट नॉर्थ नॉर्थन साइड कहीं

217:08

Speaker A

ज्यादा और उसके अलावा उसके अलावा सदन साइड हैदराबाद तक हमें इसका स्प्रेड नजर आता है तो वहाबी मूवमेंट वहाबी मूवमेंट का इंपैक्ट दूर तक है यस आईडिया क्या है कि जो भी अन इस्लामिक प्रैक्टिसेस हैं उनको जो है खत्म करना है राइट है ना अन

217:22

Speaker A

इस्लामिक प्रैक्टिसेस को हटाना है और प्योर इस्लाम प्योर इस्लाम जैसा कि जैसा कि अरेबिया में था प्रॉफिट के टाइम में था जैसा प्रॉफिट प्रीच करके गए थे जैसा इनिशियली एस्टेब्लिश हुआ था ऐसा ऐसा हमको इस्लाम वापस लेक आना है राइट जैसा कि हमने

217:36

Speaker A

कहा कि पहले सिखों के खिलाफ था एंड देन जो है इट वाज अगेंस्ट ब्रिटिशर्स और बाय 187 इट विल बी सप्रे तो फाइनली 18702 जो है सप्रे हो जाएंगे सेकंड सेकंड इसी में कहानी और आगे बढ़ाते हैं बात करते हैं

217:51

Speaker A

टीटू मीर की तो मीर निथ रध तो मीर सैयद मीर जो है थार अली या निसार अली टीटू मीर इनको कहा जाता है तो टीटू मीर तो इनका जो मूवमेंट है टीटू मीर्स मूवमेंट हमने बात करी थी कि

218:05

Speaker A

इट वाज मोर अबाउट पीजेंट्स है ना पुअर कि जो पुअर है पीजेंट्स हैं उनको वो आगे लेकर बढ़े और वो सब पार्ट है वहाबी का ही राट तो टीटू मर मूवमेंट तो 1820 में हमें एक और मूमेंट दिखाई दे रहा है च

218:22

Speaker A

इ टीटू म मूमेंट नाउ टीटू मर मूवमेंट जो है 1831 तक समर टीटू मर तो टीटू मर इज अबाउट इज अबाउट पुअर मुस्लिम पीजेंट्स उनका मुद्दा उठाया उन्होंने तो पीजेंट्स है या फिर जुलाहे हैं वीव्स है उनका मुद्दा कि हां उनका जो है उत्थान होना

218:58

Speaker A

चाहिए उनका उनकी कंडीशन इंप्रूव होनी चाहिए दैट इज द होल मेन इंटेंट ऑफ जो है ऑफ ऑफ टीटू मर राइट तो यहां पे यू विल फाइंड टीटू मर की जो मूवमेंट है इट इज मेनली अगेंस्ट कि जो लैंडलॉर्ड्स हैं और

219:13

Speaker A

लैंडलॉर्ड जमीदार भी कैसे जनरली हिंदू लैंडलॉर्ड्स हैं बट ऐसा नहीं खाली हिंदू लैंडलॉर्ड्स हैं कुछ मुस्लिम लैंडलॉर्ड्स भी हैं उनके खिलाफ भी आवाज उठाई है यस प्लस ब्रिटिश इंडिगो प्लांटर्स ये लोग सप्रे कर रहे थे तो अगेन ये सारी मूवमेंट

219:24

Speaker A

हमारी किस चीज से रिलेटेड है मेनली मेनली रेजिस्टेंस पीपल रेजिस्टेंस से रिलेटेड है जब हम लोग रेजिस्टेंस की बात कर रहे थे राइट रिवर्ड की बात कर रहे थे राइट बट बट क्या इसका कोई रिलीजियस एंगल भी है हां

219:35

Speaker A

रिलीजियस एंगल भी है वो चाहते हैं कि हां जो है जो जो यू कैन से जो रिलीजियस प्रैक्टिसेस वो बेटर हो जाए इंप्रूव हो जाए यस बट अदर वाइज अदर वाइज ऐसा कोई बहुत मेजर टीचिंग या मेजर जो है न्यू थॉट

219:48

Speaker A

प्रोसेस यहां पे कुछ है नहीं इट इज मोर और लेस सब सब सब सेक्शन ऑफ वाहबिज राइट है ना वहाब जम ही अडॉप्ट कर रहे हैं शरिया सारिया एडवोकेट कर रहे हैं तो टेक्निकली ऐसा कुछ बहुत डिफरेंट थॉट प्रोसेस नहीं है

220:01

Speaker A

बट हां लोकल बंगाल रिलेटेड बंगाल में लोकेटेड है ये राट सो दिस इ दिस इज फ्रॉम बंगाल लोकेटेड इन बंगाल पन इंडिया नहीं है और य बबम से जुड़े हुए वही थ बबम का ही सबसेक्ट सिमिलरली एक और मोमेंट हमने

220:19

Speaker A

डिस्कस करी थी सस फरजी फरिया एक बार पहले पुराने वाले सारे जो है एक बार थोड़ा सा रिफाइन कर लेते फिर हम आगे बढ़ेंगे इसमें 1818 में वी हैव फरियादी मूवमेंट फाउंडेड बाय हाजी शरियातुल्लाह 1818 1818 वी हैव

220:44

Speaker A

181 फरिया फरिया जीी मूमेंट नाउ दिस फाउंडर हाजी शरीय उल्ला हाजी शल्ला और इनके साथ है इनके बेटे ददमिया य दो लीडर्स इंपोर्टेंट है य दूदू मिया एंड हाजी शल्ला राइट तो दूदू मिया इज रिवोल्यूशन रा इज अ रिवोल्यूशन रेवोल्यूशन

221:14

Speaker A

क्रांतिकारी हैं राइट तो यहां क्या दूदू मिया भी आर्म्ड मूवमेंट से जो है जुड़े हुए हैं यस वो भी आर्म्ड मूवमेंट से जुड़े हुए हैं राट रेवोल्यूशन री है और ये ये जो ट्रेंड है क्या वो चलता रहेगा उनके साथ

221:25

Speaker A

आगे चलता रहेगा यस अंट्या जाए जब तक उनको एग्जीक्यूट ना कर दिया जाए तो 1860 तक ऑलमोस्ट 1816 तक 1847 में वो अरेस्ट हुए हैं और ई ददु मिया की तो फरियादी मूवमेंट अगेन इज टुवर्ड्स द रेजिस्टेंस जो हम लोग पहले पढ़

221:46

Speaker A

चुके हैं तो चाहे वो फरियादी हो चाहे टीटू मर की मूवमेंट हो चाहे वहाबी मूवमेंट हो राइट ये सारी सारी मूवमेंट्स हम लोग पहले देख चुके हैं अंडर पीपल्स रेजिस्टेंस नाउ नाउ अगेन फियाज में अगर आप देखिए तो क्या वो भी वही बात कर रहे हैं

222:00

Speaker A

कि अन इस्लामिक प्रैक्टिसेस हमें हटानी है कहां की कहानी है बंगाल की कहानी है ईस्टर्न बंगाल की कहानी है राइट तो ये तीन एंगल हमने पहले भी समझे कहानी इसके आगे बढ़ाते हैं राइट है ना इसके आगे चलते और

222:10

Speaker A

देखते हैं कि क्या हो रहा है ओके 182 जैसा कि हमने कहा कि दूदू मिया जो है की डेथ हो जाती है नॉट एसिड डेथ हो जाती 62 में राट 182 जो है ही डाइड एंड दिस मूवमेंट गट विजड आउट आफ्टर दिस आफ्टर

222:26

Speaker A

दिस लेट्स टॉक अबाउट द देवबंद मूवमेंट देवबंदी तो 1866mhz तो टेक्निकली यहां से हमारा डिस्कशन चालू होता है 186 वी हैव देवबंद इन फैक्ट इसको थोड़ा सा इजी करने के लिए लेट्स डू वन थिंग लेट्स फोकस न दिस पार्ट ट पीछे का

223:04

Speaker A

हमको पता है कि हा सीजन टू में क्या हुआ था सीजन वन में क्या हुआ था सीजन टू में क्या हुआ देवबंदी पर फोकस करते हैं तो देवबंदी मूवमेंट देवबंद मूवमेंट देवबंद मूवमेंट तो 1866mhz कि हमको उस वाली प्रैक्टिस में जो

223:42

Speaker A

ओरिजिनल प्रैक्टिसेस हुआ करती थी हमको उसमें वापस जाना है जो प्योर इस्लामिक टीचिंग है प्योर इस्लामिक टीचिंग जैसा कि प्रोफेट मोहम्मद के टाइम में था प्योर इस्लामिक टीचिंग हमें वो वाली टीचिंग्स को फॉलो करना है हमें कुरान को फॉलो करना है

223:56

Speaker A

हमें हदीस को फॉलो करना है राइट प्लस दे आल्सो बिलीव इन जिहाद अगेंस्ट ब्रिटिशर्स जिहाद अगेंस्ट ब्रिटिश तो क्या कहीं ना कहीं यह वहाबी का ही जो है मिरर इमेज है यस तो आप कहेंगे सर वहाबी क्यों नहीं है ये राइट है ना वहाबी

224:14

Speaker A

नाम क्यों नहीं दे देते इसको क्योंकि ये ये जो है आर्म स्ट्रगल नहीं है राइट ये फिलोसॉफिकल स्ट्रगल है दिस इज मोर अबाउट अबाउट जो है प्रीचिंग दिस इज मोर अबाउट अलाइन पीपल पसु एडिंग पीपल कि लोगों को

224:25

Speaker A

अपने साथ जोड़ना है बट क्या लड़ाई झगड़ा करना है नहीं ये आर्म्ड स्ट्रगल जो है देबंदी नहीं है देबंदी इज मोर अबाउट अ यू कैन से अ पॉलिटिकल और सोशल स्ट्रगल बट नॉट एन आर्म्ड कॉन्फ्लेट राइट तो देवबंदी

224:36

Speaker A

मूवमेंट अब यहां पे यहां पे वी हैव फाउंडर्स की अगर हम बात करें तो फाउंडर्स में है फाउंडर हैव मोहम्मद कासिम नानोतवी मोहम्मद कासिम नानोतवी नानोतवी एंड एंड राशिद अहमद गंगोही राशिद अहमद राशिद अहमद गंगोही तो दे आर द फाउंडर राइट तो राशिद

225:12

Speaker A

अहमद गंगोही और मोहम्मद कासिम ननो ना इसको इसको थोड़ा सा आगे देते हैं अच्छा य ये शुरू हुई है जगह का नाम है देवबंद तो दिस इज एट स्टार्टेड एट दिस इज दिस इ देवबंद सहारनपुर वहीं से नाम आया है देवबंदी

225:34

Speaker A

सहारनपुर यूपी यूपी की कहानी है सहारनपुर यूपी से जो है ये कहानी शुरू हो हो रही है नाउ व्हाट दे बिलीव इन दे बिलीव इन चलो इसी में कंटिन्यू करते हैं दे बिलीव इन जो है टू थिंग्स पहली बात पहली बात दे वांट

225:49

Speaker A

टू प्रोपेट वो चाहते हैं कि लोग सीखें प्योर प्योर टीचिंग ऑफ कुरान राइट कि प्योर टीचिंग ऑफ कुरान हदीस या फिर प्योर प्रोपागेट प्योर इस्लामिक टीचिंग्स तो कुरान हदीस जो प्योर टीचिंग है ये पढ़ाई जाए राइट ये बच्चों तक पहुंचे प्योर

226:14

Speaker A

इस्लामिक टीचिंग्स यहां पे हो सेकंड सेकंड रिवाइविंग जिहाद अगेंस्ट ब्रिटिशर्स क्या अंग्रेजों के खिलाफ कंटिन्यू रखनी है स्ट्रगल यस तो रिवाइविंग जिहाद अगेंस्ट ब्रिटिशर्स तो देवबंदी मूवमेंट देबंदी मूवमेंट अगर आप देखिए तो देब देवबंदी मूवमेंट जो है मानती

226:37

Speaker A

है कि हां हमको प्योर इस्लामिक टीचिंग्स जो है हमको बच्चों को पढ़ा है सिखानी है और साथ ही साथ जो अंग्रेजों के खिलाफ जो जिहाद है उसको हमें अभी भी आगे कंटिन्यू करना है प्लस यहां पे यहां पे दे आर

226:50

Speaker A

स्ट्रिक्टली अगेंस्ट सैयद अहमद खान क्यों क्यों भाई सैयद अहमद खान के खिलाफ क्यों है राइट समझेंगे तो ही दे आर वर्सेस अगेंस्ट सैयद अहमद खान अब क्योंकि सैयद अहमद खान कांग्रेस को सपोर्ट नहीं कर रहे थे तो इन्होंने कहा कि

227:08

Speaker A

जो है अच्छा ऐसा तो हम वही कांग्रेस को सपोर्ट करेंगे तो दे आर प्रो कांग्रेस तो 1885 में जब कांग्रेस आएगी तो दे विल बी लाइक अलाइन टू कांग्रेस कि हां आप लोग ठीक कर रहे हैं सही बॉडी है हम आपको सपोर्ट

227:21

Speaker A

करेंगे तो सैयद अहमद खान को सपोर्ट नहीं करेंगे और कांग्रेस को सपोर्ट करेंगे अब सैयद अहमद खान कौन है अगला टॉपिक है हमारा सैयद अहमद खान राइट व बात करेंगे उनके बारे में नाउ नाउ ये है इनिशियल थॉट

227:33

Speaker A

प्रोसेस बट क्या थॉट प्रोसेस में बदलाव आएगा यस थॉट प्रोसेस में बदलाव आएगा आगे जाके वी हैव अनदर लीडर कमिंग इन जो पहला बदलाव हम ऑब्जर्व करेंगे इज कमिंग ऑफ महमूद इस देवबंद मूवमेंट का ही पार्ट है कमिंग ऑफ महमूद अल

227:55

Speaker A

हसन महमूद अल हसन महमूद अल हसन कहते हैं महमूद अल हसन एक और यह कांसेप्ट ऐड करेंगे कि हां भाई जो है हमको इस्लामिक टीचिंग तो पढ़ा है प्लस ही आल्सो टॉक्स अबाउट नेशनलिस्ट एस्पिरेशन कि देश को क्या चाहिए

228:13

Speaker A

देश की क्या बातें हैं वो भी क्या इसमें जुड़ी होनी चाहिए यस क्या देश देश की जो है ग्रोथ की बात करनी चाहिए यस तो नेशनलिस्ट एस्पिरेशन यानी कल को आजादी चाहिए तो हां आजादी की लड़ाई तो व्हाट ही

228:25

Speaker A

इज ब्रिंगिंग अप इज पॉलिटिकल इंटेलेक्चुअल कंटेंट राइट कि पॉलिटिकल कंटेंट भी इंटेलेक्चुअल कंटेंट भी क्या ये भी इसमें जुड़ा होना चाहिए टीचिंग्स का पार्ट होना चाहिए यस देश की क्या जरूरत है जो नेशनल मूवमेंट किस तरफ जा रहा है क्या हम उसका

228:39

Speaker A

भी पार्ट होने हो चाहिए यस तो ही ब्रिंग्स पॉलिटिकल एंड इंटेलेक्चुअल कंटेंट अलोंग विद ये जो भी रिलीजस आइडिया है वो तो रहेगा ही रहेगा बट यस तो यहां पे जो ये जो स्कूल अलग हो रहा है थॉट प्रोसेस अलग हो

228:50

Speaker A

रहा है दिस इ दिस इज हि हिज थॉट प्रोसेस हि स्कूल इ जमात जमत उल जमात उल उलेमा उलेमा प्लस 90 के दौर में 90 के दौर में एक और लीडर एंटर कर रहे हैं जो है शिबली नुवानी शिबली नु मानी शिबली नुवानी कहते

229:18

Speaker A

हैं कि जो है हमें साथ ही साथ यह जो जो भी टीचिंग हो रही है इसके साथ हमें ऐड करना चाहिए हमें ऐड करना चाहिए इंग्लिश अंग्रेजी भी पढ़ाई जाए और साथ ही साथ अगर जो है वेस्टर्न साइंसेस भी पढ़ा जाए तो वो

229:33

Speaker A

बेटर होगा वेस्टर्न साइंसेस धीरे धीरे यू कैन से रिलाइजेशन है कि हा हमें कंटेंट और अपग्रेड करना चाहिए राइट पहली बात है कि हां प्योर इस्लामिक टीचिंग की बात हो रही है खाली जिहाद अगेंस्ट ब्रिटिशर्स की बात हो रही है बट

229:46

Speaker A

फिर आगे डिस्कशन है कि नहीं नेशनलिस्ट एस्पिरेशन देश की क्या जरूरतें हैं देश की क्या बातें हैं पॉलिटिकल कंटेंट इंटेलेक्चुअल कंटेंट ये सारा लेकर आ जाए और फिर बात हुई कि नहीं अंग्रेजी भी पढ़ाना चाहिए वेस्टर्न साइंस पढ़ाना चाहिए

229:56

Speaker A

और यह जो ये जो रिफॉर्म है यह शुरू हो रहा है लखनऊ से तो ही हैज फाउंडेड तो इन्होंने शुरू किया एक और जो है स्कूल च इज नदवातुल उला नदवातुल लामा उलेमा राइट प्लस दारुल यह दोनों ही लखनऊ

230:25

Speaker A

में एट लखनऊ हैपनिंग इन 18946 न मानी तो यह कहानी है देवबंदी मूवमेंट की बट हमने बीच में कहा कि भाई जो है सैयद अहमद खान के खिलाफ राइट है ना सैयद अहमद खान तो एंट्री कराते सैयद अहमद खान की

230:49

Speaker A

राइट समझते हैं सैयद अहमद खान जी को कहानी और आगे बढ़ाते हैं तो हमने बात करी देवबंद स्कूल की नाउ लेट्स टॉक अबाउट इसी में इसी में खाली एंट्री के लिए ड कर रहा हूं सयद अहमद खान को भाई क्यों

231:03

Speaker A

खिलाफ है राइट है ना क्यों खिलाफ है सयद अहमद खान के आइए समझते हैं इस बात को नाउ सैयद अहमद खान सयद अहमद खान सयद अहमद खान इस इ इनटू ब्रिटिश सर्विसेस रा लेट्स टॉक अबाउट लेटस अंडरस्टैंड सर सयद अहमद

231:30

Speaker A

खान सयद अहमद खान सयद अहमद खान 1817 से 188 नाउ सयद अहमद खान सो एक्चुअली जो है सैयद अहमद खान वास पोस्टेड इनटू जुडिशल सर्विसेस तो व अंग्रेजों के साथ जो है जॉब कर रहे थे अंग्रेजों के साथ काम कर रहे थे आइए समझते

232:00

Speaker A

हैं बात को तो ही पार्ट ऑफ जुडिशल सर्विसेस और इन फैक्ट 1857 में ही हैज आल्सो सपोर्टेड ब्रिटिशर्स राइट है ना तो ही हैज सपोर्टेड ब्रिटिशर्स ओवर हियर तो अंग्रेजों के काफी करीब हुआ करते थे सैयद अहमद खान राइट जुडिशियस सर्विसेस में भी

232:26

Speaker A

हैं अंग्रेजों को सपोर्ट भी कर रहे हैं एंड जो थॉट प्रोसेस है सैयद अहमद खान का वो कहीं ना कहीं यह है कि जो है मुस्लिम्स में इस्लाम में जो इस्लामिक टीचिंग है या जो मुस्लिम कम्युनिटी है मुस्लिम

232:38

Speaker A

कम्युनिटी में जो है साइंटिफिक एजुकेशन आना चाहिए मॉडर्न एजुकेशन भी आना चाहिए क्योंकि साइ अगर ये नहीं होगा तो कहीं ना कहीं मुस्लिम कम्युनिटी पीछे रह जाएगी तो ही बिलीव्स इन मॉडर्न एजुकेशन गेटिंग इन टू इस्लामिक वर्ल्ड या फिर जो है मुस्लिम

232:51

Speaker A

कम्युनिटी कि उनको भी उनको भी जो है मॉडर्न एजुकेशन पढ़ना चाहिए बट हमने समझा हमने अभी समझा कि एक सैयद अहमद खान ऐसी बात कह रहे हैं और पीछे देवबंद स्कूल कह रहा है कि नहीं देवबंद स्कूल कह रहा है कि

233:03

Speaker A

प्योर इस्लामिक टीचिंग अंग्रेजों से लड़ाई तो ये दोनों अलग-अलग थॉट प्रोसेस है देवबंद स्कूल कहता है कि नहीं अंग्रेजी पढ़ा बिल्कुल नहीं होनी चाहिए सैयद अहमद खान कह रहे हैं कि नहीं नहीं अंग्रेजी पढ़ाई होनी चाहिए राइट तो 1857 में या फिर वहाबी

233:17

Speaker A

मूवमेंट की वजह से कहीं ना कहीं अंग्रेज यह मानते हैं कि मुस्लिम हमारे दुश्मन है वहाबी वहाबी आर्म रिवर्ट कर दिया था वहाबी ने राइट है ना बहादुर शाह जफर जो है हेड ऑफ द रिवोल्ट हुआ करते थे तो कहीं ना कहीं

233:29

Speaker A

अंग्रेजों को लगता है कि हम मुस्लिम्स पर मुस्लिम कम्युनिटी पर भरोसा नहीं कर सकते हम अगर भरोसा कर सकते हैं तो हिंदू कम्युनिटी पर कर सकते हैं अब यहां पर सैयद अहमद खान और सा साथ ही साथ जो है एक बुक

233:40

Speaker A

है इंडियन मुसलमान डब्ल्यू डब्लू हंटर जी की किताब है राइट विच इज इंडियन मुसलमान ये दो किताबें जो है ये कहीं ना कहीं परसु करेंगी ब्रिटिशर्स को अपना स्टांपलब अहमद खान जो है एक एक जो है एक आर्टिकल लिखते हैं चच इज असब ए बगावत तो

233:59

Speaker A

असब ए बगावत हिंद तो कहते हैं कि रिवोल्ट ऑफ 1857 असब ए बगावत हिंद बगावत हिंद और कहीं ना कहीं इसमें बात रखते हैं कि इट इज नॉट बिकॉज़ ऑफ मुस्लिम्स बट अंग्रेजों की पॉलिसी ही ऐसी थी कि हां इस तरह की रिवोल्ट हुई है आप

234:16

Speaker A

खामखा हमारे ऊपर एग्जाम डाल रहे हैं राइट है ना तो ये असबे बगावत हिंद इज इज बेसिकली कॉसेस ऑफ दी इंडियन रिवोल्ट कि इंडियन रिवोल्ट क्यों हुआ है यह बातें जो है यह सैयद अहमद खान ने अंग्रेजों के

234:28

Speaker A

सामने रखी सैयद अहमद खान का मानना है कि अगर अगर जो है मुस्लिम कम्युनिटी को ये वेस्टर्न एजुकेशन चाहिए साइंस चाहिए इंग्लिश पढ़ना है तो कहीं ना कहीं दे नीड सपोर्ट कोट ऑफ द ब्रिटिशर्स और इसीलिए वो ब्रिटिशर्स को पर्स एड करना चाहते हैं वो

234:43

Speaker A

चाहते हैं कि अंग्रेज यह ना माने कि हां मुस्लिम कम्युनिटी उनकी दुश्मन है या फिर उनके उनके खिलाफ होना है बल्कि बल्कि यहां पे मुस्लिम कम्युनिटीज को सपोर्ट करें राइट तो चाहते हैं कि यहां बेटर एजुकेशन हो अपॉर्चुनिटी हो इंडियन मुस्लिम्स के

234:57

Speaker A

लिए राइट वो चाहते हैं कि जो कुरानी टीचिंग है वो भी पढ़ाई जाए इस्लामिक टीचिंग भी पढ़ाई जाए बट उसके साथ-साथ जो वेस्टर्न साइंटिफिक एजुकेशन है क्या वो भी पढ़नी चाहिए मुस्लिम कम्युनिटी को मुस्लिम बच्चों को यस वो भी पढ़ना चाहिए तो यह

235:11

Speaker A

उनका थॉट प्रोसेस है बट क्या मुस्लिम कम्युनिटी खुद अभी इन्हे सपोर्ट करने वाली है है ना देवबंद मूवमेंट हम कह रहे हैं देब देवबंदी जो है वो कह रहे हैं भा वर्सेस सैयद अहमद खान फतवा जारी कर देंगे

235:21

Speaker A

सैयद अहमद खान के खिलाफ कि हां जो है रिलीजियस डिग्री है कि हां जो है वी आर अगेंस्ट सैयद अहमद खान राइट तो यहां पे बहुत अच्छा सपोर्ट देवबंद स्कूल वगैरह से नहीं है बट अगेन ही इज आल्सो एकला चलो कोई

235:32

Speaker A

बात नहीं सपोर्ट है नहीं है कोई बात नहीं बढ़ते हैं आगे तो ये भी एकला चलो वाले जो है लीडर है तो नाव तो 1800 जो है 76 सवे ही हैड ही हैज रिटायर्ड बट फिलहाल बिफोर दैट तो

236:08

Speaker A

18753 यही आगे जाके एएमयू बनेगा 1920 में यही एएमयू अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बन जाएगा तो एएमयू की स्थापना जो है मतलब जो है एम एओ की स्थापना मोहम्मद दन एंगलो ओरिएंटल कॉलेज तो एम एओ की स्थापना उन्होंने यहां पे करी है राइट सो सो व्हाट

236:27

Speaker A

ही वांट्स व्हाट ही वांट्स कि यहां जो है कुरान टीचिंग भी पढ़ाई जाए यहां पे जो जो इस्लामिक टीचिंग है वो भी पढ़ाई जाए और प्लस जो वेस्टर्न एजुकेशन है इंग्लिश है साइंस है ये सब भी यहां पे पढ़ाना चाहिए

236:37

Speaker A

तो ये मोहम्मद एन एंगलो ओरिएंटल कॉलेज 18753 6 में 187 6 में ही गट रिटायर्ड 187 6 बट अगेन क्योंकि उनका पॉलिटिकल करियर काफी ब्राइट है तो यहां पे तुरंत ही बाय बाय 18788 वो इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल मतलब क्या हो गया भाई इंपीरियल सेंटर पे

237:17

Speaker A

लेजिसलेच्योर के बहुत पास है क्या सरकार की जो पॉलिसीज है वो बदल सकते हैं हां वो बदल सकते हैं राइट तो एक समय ये है अगर 18788 से पहले या 1800 जो है 80 के पहले का दौर देखें तो

237:32

Speaker A

1880 के दौर के पहले सैयद अहमद खान सीम्स वेरी वेरी सेकुलर इनका एक स्टेटमेंट है कि जो इंडिया है भारत व एक बहुत ही खूबसूरत ब्राइड है जिसकी दो आंखें हैं हिंदू और मुस्लिम राइट तो इनिशियली ही सीम्स वेरी

237:47

Speaker A

वेरी सेकुलर ही सीम्स कि हां हिंदू मुस्लिम दोनों को लेके आगे बढ़ना है बट आफ्टर स्पेशली आफ्टर द फॉर्मेशन ऑफ इंडियन नेशनल कांग्रेस राइट जब 1885 में इंडियन नेशनल कांग्रेस की स्थापना हो रही है वहां से हम थॉट प्रोसेस में काफी बदलाव

238:02

Speaker A

देखेंगे राइट ही बिलीव्स कि क्या अभी जो इस्लामिक जो मुस्लिम कम्युनिटी है क्या वो पॉलिटिकल एसोसिएशन के लिए लायक है नहीं ही बिलीव्स कि अभी मुस्लिम कम्युनिटी कैन नॉट जॉइन पॉलिटिक्स शुड स्टे अवे फ्रॉम पॉलिटिक्स क्यों भाई रीजन क्या है क्यों ऐसा कहा

238:24

Speaker A

उन्होंने कि पॉलिटिक्स नहीं जवाइन करना चाहिए रीजन उनको ऐसा लग रहा है कि अगर मुस्लिम कम्युनिटी ने पॉलिटिक्स जवाइन कर लिया तो कहीं ना कहीं अंग्रेजों को एंटाग इज कर देंगे अंग्रेज बुरा मान जाएंगे और अंग्रेज अगर बुरा मान गए तो जो मुस्लिम

238:37

Speaker A

कम्युनिटी को सपोर्ट मिलना चाहिए या मिल सकता है अंग्रेजों से विद रिस्पेक्ट टू जॉब्स विद रिस्पेक्ट टू रिजर्वेशन विद रिस्पेक्ट टू एजुकेशनल सपोर्ट ग्रांट वो सारी चीजें नहीं मिलेंगी तो इसीलिए उनका मानना है कि मुस्लिम कम्युनिटी को अभी

238:50

Speaker A

पॉलिटिक्स नहीं जॉइन करना चाहिए आल्सो एक और रीजन वो कहते हैं कि जो हिंदू कम्युनिटी है हिंदू कम्युनिटी कहीं ना कहीं हैड एन अर्ली स्टार्ट उन्होंने जल्दी शुरू किया है वो कहीं पहले से जो है वेस्टर्न एजुकेशन पढ़ रहे हैं राइट राजा

239:02

Speaker A

राम मोहन रॉय हमने देखा था हेनरी विवियन डिरोजियो देखा था हमने देखा था बंगाल जाग उठा है राइट महाराष्ट्र जाग उठा है तो वो 183 के दौर से जो है हमने हमें जागते हुए दिख रहे हैं राइट जबकि यहां पे जो मुस्लिम

239:12

Speaker A

कम्युनिटी है वहां प जो स्टार्ट आ रहा है वो काफी लेट है तो टेक्निकली दे आर नॉट रेडी एज वेल राइट कि हां वो साथों साथ अगर पॉलिटिक्स जवाइन करने की सोचे तो दे आर नॉट रेडी एज वेल एंड दैट इज द रीजन ही

239:23

Speaker A

बिलीव्स कि हां जो है मुस्लिम्स को पॉलिटिक्स नहीं जवाइन करना चाहिए इन फैक्ट लिटरली व्ट ही सेज कि हां भाई इंडियन नेशनल कांग्रेस मुस्लिम्स को नहीं जवाइन करना चाहिए राइट उनको ध्यान देना चाहिए किस चीज प पढ़ाई प पढ़ाई प ध्यान दो भाई

239:36

Speaker A

राइट है ना बाकी पॉलिटिक्स पॉलिटिक्स मत करो और इसी के तहत 18864 में एक एजुकेशनल कान्फ्रेंस शुरू किया कि भाई पढ़ाई करो दिस इज मोहम्मद एजुकेशनल कांग्रेस मोहम्मद एजुकेशनल कांग्रेस और 1888 में 1888 में ही विल स्टार्ट ही विल स्टार्ट

240:07

Speaker A

यूपीए यूनाइटेड पेट्रियोटिक एसोसिएशन यूपीए तो यूनाइटेड पेट्रियोटिक एसोसिएशन यहां पर उनके साथ है राजा राजा शिव प्रसाद ऑफ बनारस राजा शिव प्रसाद ऑफ बनारस और यहां पर मुद्दा यह है मुद्दा यह है यहां पे कि जो है जो

240:33

Speaker A

मुस्लिम्स है राइट है ना तो यहां प बात है कि पॉलिटिकल कोऑपरेशन विद ब्रिटिश हमें प्रमोट करना है तो अंग्रेजों के साथ कोऑपरेट करना प्रमोट पॉलिटिकल कॉपरेशन विद ब्रिटिश और अंग्रेजों को सपोर्ट मिलेगा विद रिस्पेक्ट टू जॉब विद रिस्पेक्ट टू

240:57

Speaker A

अदर एस्पेक्ट राइट है ना मुस्लिम पार्टिसिपेशन इन गवर्नमेंट बढ़ेगा अगर जो है हम लोग इस तरह से कोऑर्डिनेट करें तो यूपीए का जन्म होता है 1888 में राट दिस यूपीए सो सो अदर देन दिस अदर देन दिस अगर हम

241:14

Speaker A

थोड़ा सा उनके जो है और बातें करें तो उन्होंने उन्होंने कुछ किताबें लिखी है उन्होंने लिखा है कमेंट्रीज ऑन कुरान तो कुरान पर कमेंट्री लिखी है प्लस प्लस एक फेमस बुक है इनकी मैगजीन है टेक्निकली तदब उल अखलाक तदब उल

241:41

Speaker A

अखल अब क्योंकि व मॉडर्नाइजेशन की बात कर रहे हैं इस तरह की मैगजीन छाप रहे हैं ही टॉकिंग अबाउट इंप्रूवमेंट ऑफ मैनर्स एंड मोराल हा हमारी सोसाइटी में क्या क्या इंप्रूवमेंट चाहिए इंप्रूवमेंट ऑफ मैनर्स एंड मोराल और इसीलिए देवबंद इनके खिलाफ है

241:56

Speaker A

मैनर्स एंड मोराल राइट या ओके सोशल रिफॉर्म में टेक्निकली जो है ही बिलीव इन टू तो सोशल रिफॉर्म एंगल अगर हम देखें सोशल रिफॉर्म में सैयद अहमद खान किस डायमेंशन में बात करते हैं तो सोशल रिफॉर्म सोशल रिफॉर्म ही आल्सो बिलीव इन

242:21

Speaker A

टू सोसाइटी में बहुत सारे इशू है फॉर एग्जांपल पॉलिगर है एक पुरुष मल्टीपल शादियां कर रहा है प्लस प्लस पर्दा पर्दा प्लस क्या महिलाएं पढ़ रही है नहीं वुमन एजुकेशन महिलाओं को भी पढ़ना चाहिए तो देखो अगेन ही इज अ लिबरल ऐसा

242:45

Speaker A

नहीं है कि यहां जो है ही वो वो चाहते हैं कि हां इस्लाम में भी लिबरेशन होना चाहिए इस्लाम में भी प्रोग्रेसिव आइडियाज आने चाहिए राइट ऐसा नहीं कि हां वो जो है किसी डिकेड जो है प्रिस्टीना थॉट या फिर जो

242:55

Speaker A

एक्सट्रीम प्योरिटी है जो अरब में प्योरिटी थी वो वाली प्योरिटी हमें अचीव करनी है ऐसी कोई बात नहीं है ही वांट्स कि हां जो है इस्लाम में बहुत सारे रिफॉर्म्स आने चाहिए मॉडर्न एंगल्स पे रिफॉर्म आने चाहिए प्लस जो वेस्टर्न टीचिंग है जो जो

243:07

Speaker A

स्कूल एस्टेब्लिश किया है कॉलेज एब्लिश किया है इट इज अबाउट वेस्टर्न नॉलेज एस वेल कि हां कुरानिस्ट भी होंगी प्लस वेस्टर्न साइंस वेस्टर्न नॉलेज भी पढ़ाया जाएगा राइट है ना तो यह आप देखेंगे तो इनका जो थॉट प्रोसेस है सोशल रिफॉर्म वो

243:19

Speaker A

सिंपल सिमिलर मॉडल में ही है टोलरेंस की बात करते हैं राइट की टॉलरेंस रेशनल आउटक तो राशनलिटी की बात करते हैं तो टॉलरेंस आप लोग साथ में लिख लीजिएगा रैशनल आउटलुक रशन की यह भी बात कर रहे हैं रैशनल आउटलुक राइट कहते हैं कि पीर और

243:40

Speaker A

मुरीदी मुरीदी सिस्टम ये कोई पढ़ाई का सिस्टम नहीं है तो सूफिज्म में पीर और मुरीदी होते थे पीर एंड मुरीदी तो सूफिज्म में क्या होता था कि गुरु को कहा जाता है पीर और उनका जो डिसाइल उसे कहा जाता है

243:51

Speaker A

मुरीदी तो उन्होंने कहा ये कोई एजुकेशन सिस्टम नहीं पीर और मुरीदी जो है सिस्टम नहीं है प्रॉपर एजुकेशन होना चाहिए तो पीर एंड मुरीदी को डिस्कार्ड कर रहे हैं प्लस कह रहे हैं कि कास्ट डिस्क्रिमिनेशन भी नहीं होना चाहिए तो कास्ट के भी खिलाफ है

244:04

Speaker A

कि इस तरह का कोई डिस्क्रिमिनेशन यहां पे नहीं होना चाहिए और यही रीन है कि सैयद अहमद खान के खिलाफ जो है देबंदी मूवमेंट खड़ा है ओके दिस वा सयद अहमद खान हमने ऑलरेडी बात करी थी देबंदी की यू कैन अंडरस्टैंड

244:22

Speaker A

की पहले देबंदी आया है और 1857 में वी हैव मोहमदन एंगलो ओरिएंटल कॉलेज राइट है ना और ये बीच की कहानी थी चलिए सयद अहमद खान को समझा कहानी और आगे बढ़ाते हैं अहमदिया मूवमेंट की बात करते हैं अहमदिया मूवमेंट तो ये थोड़ा इन

244:41

Speaker A

सारी मूवमेंट से थोड़ा परे है आइए समझने की कोशिश करते हैं अहमदिया मूवमेंट तो दिस इज हैपनिंग इन 188 राइट 188 वी हैव अ न्यू मूवमेंट कमिंग इन व्हिच इज अहमदिया अहमदिया मूवमेंट मिर्ज गुलाम अहमद इसके फाउंडर है मिर्ज गुलाम अहमद ऑफ कादियान राइट तो

245:02

Speaker A

मिर्जा गुलाम अहमद इज द फाउंडर ओवर हियर तो नाउ तो ये ये जो मूवमेंट है यह बहुत ही लिबरल मूवमेंट है इट इ इट इज नॉट अबाउट कि हां हमें वो जो है यू नो प्योर वाला जो बात है कि प्रिटी वाली बात नहीं ऐसा कुछ

245:14

Speaker A

भी नहीं तो बहुत ही लिबरल प्रोग्रेसिव मूवमेंट हमको ये दिखाई देगी आइए जो है थोड़ा सा ट्रेस करते हैं तो नाउ तो अहमदिया मूवमेंट तो अहमदिया मूवमेंट ये बात करेंगे लिबरल प्रिंसिपल्स की यह बात करेंगे यूनिवर्सल रिलीजन ऑफ ल ह्यूमैनिटी

245:26

Speaker A

कि बाकी धर्मों की भी बात कर रहे हैं राइट प्लस ये कह रहे हैं कि मिर्जा गुलाम जो है मिर्जा गुलाम इज बेसिकली द प्रॉफिट राइट है ना या ज है मैसेंजर कि प्रॉफिट के बाद जो एक और मैसेंजर आए हैं इ मिर्जा गुलाम

245:40

Speaker A

तो मिर्जा गुलाम को प्रॉफिट का दर्जा यहां पे दिया जा रहा है कि प्रोफेट मोहम्मद एक बार कह के गए थे कि अपने टाइम में उन्होंने कहा था कि एक और प्रॉफिट कभी आएंगे तो मिर्जा गुलाम कह रहे हैं कि हां

245:49

Speaker A

मैं ही वही प्रॉफिट हूं राइट तो ही ही बिलीव्स कि हां जो है मसीहा कि वो खुद मसीहा है और वो खुद जो है यहां पे आ गए तो मिर्जा गुलाम तो ये कहते हैं कि हां कोई रिलीजियस वॉर नहीं होना चाहिए ब्लड शेड

246:00

Speaker A

नहीं होना चाहिए राइट मोरालिटी पीस जस्टिस ये सारी बातें होनी चाहिए प्लस वो कहते हैं कि जो धर्म है और जो स्टेट है रिलीजन और स्टेट दोनों अलग-अलग बातें होनी चाहिए ह्यूमन राइट्स की बात करते हैं टोलरेंस की

246:11

Speaker A

बात करते हैं तो दिस इ दिस इज अ वेरी वेरी लिबरल थ्रेड राइट मिस्टिसिजम है थोड़ा सा जो है मिस्टिक बिहेवियर है बट अदर वाइज इट्स अ वेरी लिबरल थ्रेड वेरी प्रोग्रेसिव थ्रेड स दिस वाज ऑल अबाउट इस्लामिक

246:22

Speaker A

मूवमेंट्स हमने बात करी वहाबी टीटू मीर फरियादी जो जो बेसिकली सीजन वन में हमने ऑलरेडी पढ़ी थी ये वो है जो जो है हमने देखा था कि पीपल्स रेजिस्टेंस के साथ जुड़ी हुई थी राइट बट उसके बाद हमने बात करी देबंदी

246:36

Speaker A

की देबंदी मूवमेंट अलीगढ़ मूवमेंट एंड अहमदिया राइट ये तीन मूवमेंट्स हमने देखी देवबंद अलीगढ़ एंड अहमदिया अब बात करते हैं कि बाकी धर्मों में भी कुछ इसी तरह का थॉट प्रोसेस आ रहा है बाकी धर्मों में भी रिफॉर्म की बात हो रही है जिसमें जिसमें

246:50

Speaker A

समझते हैं सिखों की तरफ वापस पंजाब की तरफ चलते हैं नहीं पहले पर्थ रिफॉर्म मूवमेंट की बात करेंगे पर्थ रिफॉर्म मूवमेंट फिर पंजाब चलेंगे और फिर थियोसॉफिकल तो पार्थ रिफॉर्म मूवमेंट तो पार्थ रिफॉर्म मूवमेंट वी विल सी कि देयर इज अ

247:05

Speaker A

मूवमेंट कॉल्ड रहनुमाई मजस नार नाउ अगेन सेम एंगल सेम थॉट राइट जैसा हमने पीछे देखा कि जैसे जैसे सारे धर्मों में ऑलमोस्ट सेम बात हो रही है हिंदुइज्म में भी कहा जा रहा है कि हां हमें उपनिषद एक

247:17

Speaker A

थॉट की तरफ जाना है बैक टू द वेदास राइट वो वाली प्योरिटी हमको अचीव करनी है पुराण जो आ चुके हैं उनसे जो है प्रॉब्लम हुई है ऐसी बात कही जा रही है दूसरी तरफ हमने इस्लाम में देखा कि इस्लाम में भी कहा जा

247:28

Speaker A

रहा है कि अरब में जो प्योर रिलीजन फाउंड हुआ था हमें उस तरफ मूव करना है राइट तो सारे लोग ऑलमोस्ट सारे धर्म ऑलमोस्ट एक जैसी बात कर रहे हैं कहीं ना कहीं ये धर्म एक दूसरे को आपस में बांट भी रहे हैं राइट

247:38

Speaker A

कंपार्टमेंट क्रिएट हो रहा है हर कोई हर किसी के अंदर य कॉन्शियस निस आ रही है कि हां जो है हम इस पर्टिकुलर धर्म को बिलोंग करते हैं तो ये एक नेगेटिव पॉइंट भी है बट एनीवे नेगेटिव पॉइंट बाद में देखेंगे बट

247:48

Speaker A

समझे हम तो पर्सी रिफॉर्म मूवमेंट इज रहनुमाई मस्द सनान रहनुमाई मस्द सनान तो ये पारसी पारसी मूवमेंट है तो जो पारसी है एजुकेटेड पारसी हैं इंग्लिश एजुकेटेड पारसी दे विल बी लाइक कि हां हमको भी रिफॉर्म करना है तो ये रिफॉर्म मूवमेंट

248:03

Speaker A

18511 में ही शुरू हो रहा है है ना तो थोड़ा सा अर्ली ही है बाकी सबसे पहले ही है इनफैक्ट आर्य समाज से भी पुराना है ये सेम बात कि जो ओरिजिनल जो हमें सोशल कंडीशन ऑफ पार्थ है उसको रिस्टोर करना है

248:14

Speaker A

जो ओरिजिनल जरान रिलीजन था राइट है ना वो जो प्योर रिलीजन था हमें उसकी तरफ जाना है स्टेटस ऑफ पर्सी वूमेन हमें अपग्रेड करना है पर्दा सिस्टम हटाना है एज ऑफ मैरिज जो है यू नो बेटर करनी है एजुकेशन सिस्टम

248:27

Speaker A

लेकर आना है एट्स एक्सट्रा सेम बात है सिमिलर बात है क्या रटने की जरूरत है नहीं रटने की जरूरत नहीं दिस इज ऑन सेम थ्रेड राइट लीडर्स के नाम थोड़ा सा ध्यान रख सकते हैं पहले लीडर नौरोजी फर्दन जी राइट

248:38

Speaker A

नौरोजी फर्दन जी बट वन लीडर हु इज वेरी पॉपुलर इज दादा भाई नौरोजी वेरी वेरी पॉपुलर लीडर तो दादा भाई नौरोजी पार्सी लीडर हैं राइट है ना तो जो है सवाल बनेगा इनप सवाल बनेगा और प्लस दादा भाई नौरोजी

248:51

Speaker A

जो है हम समझेंगे कि हां हमारे सबसे बड़े सबसे रिवर्ड सबसे जो है फेवरेट पॉलिटिकल लीडर भी है राइट दादा भाई नौरोजी इनका ये जो है हर किसी के फेवरेट है हर किसी को पसंद है क्योंकि वो दादाजी है सीनियर

249:02

Speaker A

सीनियर लीडर है 19 18511 से जो है यू नो इनका करियर चालू है तो यू कैन अंडरस्टैंड ही इज अ वेरी वेरी सीनियर लीडर तो 1900 के दौर तक आते-आते मतलब पैर छूना होगा कि हां अगर दादाजी दिख गए तो पैर छूना है भाई

249:13

Speaker A

राइट तो दादा भाई नौरोजी तो ही इज अ वेरी वेरी फेमस लीडर और यहां पे इस रिफॉर्म मूवमेंट में ही इज आल्सो देयर वन न्यूज़पेपर व्हिच इज एसोसिएटेड विद दिस इज रस्त गोफ्तार तो रस्त गोफ्तार द्वारा अपनी ये बातें फैलाए राइट अपना

249:29

Speaker A

मैसेज स्प्रेड करेंगे प्लस पारसी रिलीजियस रिचुअल्स एंड प्रैक्टिसेस वर रिफॉर्म पारसी क्रीड रीडिफाइंड और पारसी इसके बाद इस मूवमेंट की वजह से काफी स्ट्रांग कम्युनिटी की तरह उभर कर वापस आई तो पार्थ रिफॉर्म मूवमेंट इज वन सिमिलरली सिखों की

249:42

Speaker A

साइड चलते हैं पंजाब साइड चलते हैं राइट सिंह सभा मूवमेंट अब अगेन ईयर देखो 18735 में सेम समय में हम देख रहे हैं कि सिंह सभा मूवमेंट भी आ रही है सिंह सभा मूवमेंट अब सिंह सभा मूवमेंट सिख क्यों

249:59

Speaker A

यहां पर जो है जाग रहे हैं क्यों उठ रहे हैं तो कहीं ना कहीं वो देख रहे हैं कि बहुत ज्यादा कन्वर्जन हो रहा है राइट क्रिश्चन मिशनरी आ रहे हैं ब्रह्मो समाज आ रहा है आर्य समाज आ रहा है राइट एंड इस

250:12

Speaker A

तरह का बहुत सारा कन्वर्जन हो रहा है राइट तो दे व लाइक कि हां जो है हमें हमें इस पे थोड़ा सा एक्ट करना पड़ेगा हमें थोड़ा आगे बढ़ना पड़ेगा और फिर शुरुआत हुई सिंह सभा मूवमेंट की तो अमृतसर जो कि रिलीजियस

250:23

Speaker A

कैपिटल है रिलीजियस सेंटर है पंजाब का तो वहां से कहानी शुरू होती है सिंह सभा मुंबई क्या देखिए पढ़िए क्या चाहते हैं ये ये चाहते हैं कि मॉडर्न वेस्टर्न एजुकेशन सिखों को भी मिले क्या सेम हमने अभी जो है

250:35

Speaker A

सैयद अहमद खान का थॉट यही देखा था हां सेम बात है प्लस जो कन्वर्जन हो रहा है प्रोसेलिटाइजिंग हो रही है चाहे वो क्रिश्चन मिशनरीज कर रहे हो चाहे ब्रह्मो समाज कर रहे हो चाहे आर्य समाज कर रहे हो

250:44

Speaker A

चाहे मुस्लिम मौवीज कर रहे हो जो भी जो है यहां पे इस तरह का थॉट प्रोसेस या फिर कन्वर्जन कर रहा है हमें उसको रोकना होगा राइट है ना तो हमें भी आगे बढ़ना पड़ेगा हमें इस तरह का कन्वर्जन रोकना पड़ेगा एंड

250:56

Speaker A

इसीलिए वी हैव सिंह सभा मूवमेंट मेक्स सेंस अगर बाकी चीजें समझ रही है तो हां दिस इज ऑटोमेटिक राइट बाय डिफॉल्ट आप समझ जाएंगे कि हां भाई ठीक है सेंसिबल है थॉट प्रोसेस मॉडर्न एजुकेशन लेकर आना है ताकि

251:06

Speaker A

हां हम प्रोग्रेसिव ग्रो कर सके और प्लस जो प्रोसेलिटाइजिंग एक्टिविटी है तो दो मुद्दा है यहां पे मॉडर्न एजुकेशन और प्रोसेलिटाइजिंग को रोकना कन्वर्जन को रोकना राइट यही दो मुद्दा उठाया इन्होने इसके तहत अगेन दो बातें एक तो खालसा स्कूल

251:21

Speaker A

बनाए जाएंगे ट खालसा स्कूल एब्लिश करे जाएंगे ताकि जो मॉडर्न एजुकेशन है जो वेस्टर्न एजुकेशन है यह बच्चों तक पहुंचे बट खाली एक स्कूल स्थापित करने से क्या होगा एक खालसा कॉलेज स्थापित किया जाएगा तो अमृतसर में ही एक खालसा कॉलेज एब्लिश

251:34

Speaker A

किया जाएगा 182 में 182 खालसा कॉलेज राइट है ना ताकि अगेन मॉडर्न एजुकेशन वेस्टर्न एजुकेशन जो है लोगों तक जो सिख सिख जो जो है स्टूडेंट्स है उन तक ये बात पहुंच सके तो दिस इज सिंह सभा मूवमेंट स्टार्टेड इन

252:06

Speaker A

18735 राइट्स एंड कस्टम्स कंसिस्टेंट विद सिख डॉक्ट्रिन कि जो स्क्रिप्चर में लिखा हुआ है जो हमारे गुरु ग्रंथ साहब में लिखा हुआ है उसके हिसाब से हमको अपने धर्म को पालन करना है अगेन बाय द वे मैं बहुत सारे

252:17

Speaker A

रिलीजस डिस्कशन की बात कर रहा हूं तो फिर से एक बार डिस्क्लेमर दे देता हूं राइट है ना कि हां जो है आ आई डोंट हैव एनी अथॉरिटी इन द रिलीजन राइट तो मैं गलत हो सकता हूं राइट धर्म के हिसाब से मैं

252:27

Speaker A

इधर-उधर गलत हो सकता हूं तो मुझे माफ कर दीजिएगा राइट मान लीजिएगा कि हां ये जो है इनको ज्ञान नहीं है धर्म का ज्ञान नहीं है मैं खाली हिस्ट्री के सेंस से पढ़ा रहा हूं राइट कि हिस्ट्री में ऐसा हुआ था धर्म

252:36

Speaker A

के सेंस से हो हो सकता है मैं कहीं ऊपर नीचे हो जाऊ 192 हो जाऊ है ना तो माफ करिएगा मुझे है ना अगर गलती से भी आपकी रिलीजस फीलिंग हर्ट होती है राइट है ना जोम रियली सॉरी आजकल तो

253:01

Speaker A

tt2 तो 1921 की 1922 समर वी हैव अकाली मूमेंट वो कह रहा है तो समझते हैं थोड़ा सा बैकग्राउंड में चलते हैं तो जो रणजीत सिंह का राज्य था हमने पढ़ा रजीत सिंह का राज्य हा भाई पढ़ा है

253:18

Speaker A

भाई राइट तो हमने 1799 से देखा था कि 1839 तक रणजीत सिंह का राज्य है और रणजीत सिंह के राज्य में बहुत पैसा है प्रोस्पेरिटी आ गई है राइट पमप एंड शो आ गया है ग्रामर आ गया है नाउ 1849 में जब पंजाब को एनेक्स

253:37

Speaker A

किया गया तो जो जो गुरुद्वारा है जैसे अमृतसर का गुरुद्वारा राइट गोल्डन टेंपल जैसे अगर हम देखें तो गोल्डन टेंपल अकाल तखत गोल्डन टेंपल एक्चुअली अंग्रेजों की देखरेख में आ गया और यहां पे महंतों को हायर किया गया तो देयर वर

253:57

Speaker A

महंत महंत उदासी महंत कहते हैं उदासी महंत तो देर वर उदासी महंत जो गोल्डन टेंपल की देखरेख करेंगे अकाल तक्त की देखरेख करेंगे अब क्योंकि ये अंग्रेज के जो है देखरेख में है तो दे विल बिकम वेरी लॉयल टू

254:12

Speaker A

ब्रिटिश क्योंकि उन्हीं से पैसा आना है और और बहुत करप्ट भी हो जाएंगे तो इनका जो मैनेजमेंट है है ना उसके खिलाफ आवाज उठाई गई है 1922 2122 में व्हिच इज अकाली मूवमेंट क्या ये धर्म की लड़ाई है क्या

254:31

Speaker A

कोई जो है कोई सेक्टे लड़ाई है नहीं दिस इज नॉट अ सेक्टे लड़ाई दिस इज बेसिकली अगेंस्ट करप्शन सोसाइटी की डिमांड है कि हां हमें इस तरह का करप्शन नहीं चाहिए तो देयर विल बी फॉर्मेशन ऑफ जो है यू कैन से

254:43

Speaker A

अ बैंड ऑफ वॉलंटस तो अकाली जाठिका जाठिका का मैनेजमेंट और फाइनली इस प्रेशर की वजह से एक एक्ट आएगा 1922 में जि जिसे कहते हैं है आपका सिख गुरुद्वारा एंड साइंस एक्ट सिख गुरुद्वारा एंड साइंस एकट बट इसमें भी होगा कि हां जो भी कमेटी

255:20

Speaker A

मैनेज करेगी उसका जो नॉमिनेशन है वह अंग्रेज करेंगे लोगों ने कहा ये कौन सी बात ई राइट ये तो कोई सेंस बना ही नहीं तो घूम फिर के हम फिर वही पहुंच जाएंगे तो फिर प्रोटेस्ट हुआ इसके आगे प्रोटेस्ट हुआ

255:30

Speaker A

तो दिस वाज रिजेक्टेड बाय अकाली लीडर्स राइट एंड इसके बाद 1925 के अमेंडमेंट से 192 अमेंडमेंट यह जो मैनेजमेंट है यह आ जाएगा एसजीपीसी के पास शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अब जो जो है यू कैन से मैनेजमेंट

255:50

Speaker A

है यह काफी डेमोक्रेटिक हो जाएगा राइट है ना डेमोक्रेटिक कंट्रोल हो जाएगा प्लस इवन वुमेन विल हैव अ लॉट ऑफ राइट्स तो ये जो मूवमेंट है दिस इ कॉल्ड एस अकाली मूवमेंट बाकी इसकी कहानी कनेक्ट करें लोग नॉन कोऑपरेशन की बात करेंगे रा

256:09

Speaker A

इट रिलेटेड टू नॉन कोऑपरेशन एस वेल तो यहां पर नॉन कोऑपरेशन मूवमेंट हो रहा है अभी हम लोगों ने पढ़ा है नहीं अभी पहुंचे नहीं वहा तक तो आएगा आगे आएगा बात करेंगे नॉन कॉपरेशन मूमेंट या सो तो हमने जो है बात करी अकाली

256:27

Speaker A

मूवमेंट की राइट नाउ एक लास्ट मूवमेंट का डिस्कशन करते थियोसोफिकल मूवमेंट िकल मूवमेंट या तो थियो सोफी थियो सोफी थयो सफी मतलब गॉड विजडम राइट है ना गड विजडम की भगवान का विजडम है भगवान का ज्ञान है थयो सफी तो

257:02

Speaker A

थियोसोफिकल मूमेंट इसकी शुरुआत हुई 187 में 18 एसस बी एब्लिश एट न्यूयॉर्क थोड़ा टाइमला बना आसान हो जाएगा तो कहानी शुरू हो रही है 187 में 185 एंड दिस हैनिंग एट न्यूयॉर्क य इंडिया में स्टोरी नहीं है इली न्यूयॉर्क की

257:28

Speaker A

स्टोरी है दो फाउंडर है एच बलवास की एच प बलवास की एंड एंड ऑल कट तो बलवास एंड ऑल कट ने स्थापना करी इस रिलीजन की इस जो है मूवमेंट की च इ थियोसोफिकल मूवमेंट की थियो थियो मतलब भगवान हो गया सॉफी मतलब

257:48

Speaker A

फिलोसोफी हो गया तो भगवान का विजडम गॉड विजडम अब यहां पर अगर हम समझे इनका ऑब्जेक्टिव क्या है तो देर ऑब्जेक्टिव इ मोर अबाउट यूनिवर्सल ब्रदरहुड राइट है ना तो यहां पर चाहते हैं यूनिवर्सल ब्रदरहुड लेट लेट्स राइट इट

258:06

Speaker A

डाउन यूनिवर्सल ब्रदरहुड राइट हैना यानी की सारे धर्मों में जो है यूनो चाहते हैं कि समावेश हो दोस्ती हो यूनिवर्सल यूनिवर्सल रिलीजन हो जाए प्लस दे ल्स बिलीव इन कंपैरेटिव रिलीजन धर्मों को आपस में कंपेयर किया जाए और हर धर्म से कुछ अच्छी बात निकाली

258:32

Speaker A

जाए फिलॉसफी फिलॉसफी एंड साइंस प्लस प्लस दे वांट टू इन्वेस्टिगेट अन एक्सप्लेन लॉज ऑफ नेचर राइट अभी थोड़ी अजीब सी बात हो गई सर ऐसे कैसे होगा है ना हा यही थोड़ा है भाई डिफरेंट बनाता है इस फिलस को इन्वेस्टिगेट ऐसे ल जो अन

258:56

Speaker A

एक्सप्लेन अन एक्सप्लेन लॉज ऑफ [संगीत] नेचर तो अगर हम फिलॉसफी की बात करें कि हा वो किस चीज में बिलीव करते हैं तो फिलॉसफी अगर हम समझे तो दे बिलीव इन जो है दे बिलीव इन ट्रांस माइग्रेशन ऑफ सोल आप

259:13

Speaker A

कहेंगे सर उपनिषद थॉट है दे बिलीव इन उपनिषद हां भाई उपनिषद थॉट है सांख्या योग वेदांता कर्मा कर्मा भी वेदांता भी ओके प्लस दे आल्सो बिलीव इन ओल्ट ज्म अल्टिजों या किसी के अंदर ऐसी कोई सुपर नेचुरल एजेंसी है या सुपर नेचुरल पावर है

259:33

Speaker A

राइट ऐसी कोई जो है एक्सट्रीम शक्तियां हैं उसमें भी वो विश्वास करते हैं न्यूमोल जीी में भी विश्वास करते हैं एस्ट्रोलॉजी में भी विश्वास करते हैं तो टेक्निकली दे बिलीव इन ऑल द इंडियन फिलॉसफी राइट हर तरह के इंडियन फिलॉसफी अगेन मैं थोड़ा एजाज

259:46

Speaker A

मेट कर रहा हूं बट स्टिल बट स्टिल अंडरस्टैंड कि हां वो सारे जनरस की फिलॉसफी जो है में बिलीव करते हैं और इसीलिए कुछ पिन पॉइंटेड नहीं है कि हां दिस इज द थॉट प्रोसेस या दिस इज द फिलॉसफी

259:57

Speaker A

ये चीज हम रिसर्च कर रहे हैं या ये हम चाह रहे हैं राइट अनएक्सप्लेंड नेचर लॉज ऑफ द नेचर वो जो है ढूंढना चाह रहे हैं राइट तो इसीलिए कुछ बहुत यू कैन से जो है यू नो सब्सटेंशियल हम कहे कि हां कुछ अचीव होने

260:08

Speaker A

वाला है नहीं 18828 2 में 18828 मद्रास मद्रास के पास अध्या तो हेड क्वार्टर शिफ्ट होगा इनका मद्रास में हेड क्वार्टर जो है अध्या है और दे विल स्टार्ट फाइंडिंग जो है जिस जो भी वो ढूंढना चाहते हैं उनका मानना था कि कोई एक

260:35

Speaker A

जो है बच्चा है जो अ यू नो आगे जाके एक अवतार बनेगा इंकार्नेट प्रोसेस है राइट है ना जो इवली उस बच्चे की डेथ भी हो जाती है अनफॉर्चूनेटली बट यस तो एनीवे एनीवे यहां पर बड़ा चेंज जो आ रहा है वह है एनी

260:49

Speaker A

बेसेंट का तो एनी बेसेंट केम टू इंडिया इन 1893 एनी बेस एनी बेसेंट एक्चुअली जो एक जो है हमने बात करी थी वर्ल्ड कान्फ्रेंस ऑफ रिलीजन जहां पे स्वामी जय विवेकानंद भी गए थे राइट हां स्वामी विवेकानंद की हम बात कर

261:10

Speaker A

रहे थे कि वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ रिलीजन में उन्होंने ये स्पीच दी वहां पे एनी बेसन भी मौजूद है राइट तो शी इज देयर एट वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ रिलीजन 1893 एट वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑफ रिलीजन और 1893 में शी केम टू

261:28

Speaker A

इंडिया राइट तो जो सबसे बड़ा कंट्रीब्यूशन है थियोसॉफिकल सोसाइटी का हमारे लिए वो है एनी बेसेंट का आना राइट एनी बेसेंट हमारे लिए काफी पेंट आयरिश लेडी है आयरलैंड से आई है राट एनी बेस नाउ नाउ 188 188 ऑलरेडी

261:52

Speaker A

स्टब्ड 188 इन्होने एब्लिश किया है सेंट्रल हिंदू कॉलेज सेंट्रल हिंदू कॉलेज एट बनारस और शी आल्सो इंस्ट्रूमेंटल यही कॉलेज आगे जाकर विद द हेल्प ऑफ मदन मोहन मालविया यह 1916 में समवेल बिकम बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी राइट अनदर थिंग फर च व

262:25

Speaker A

रिमेंबर हर एक और बात इसम ड कर देते जो है 1907 में 1907 में ऑल कट की डेथ हो जाएगी एंड शी विल बिकम प्रेसिडेंट नॉट लाइक दिस शी विल बिकम प्रेसिडेंट 1907 राइट एंड जो सबसे बड़ा कंट्रीब्यूशन

262:49

Speaker A

है उनका वो 1916 समवेता होम रूल लीग यह बात करेंगे जब हम पॉलिटिकल डिस्कशन करेंगे इन फैक्ट 1917 में उनको जेल भी होगी और 1917 में वो कांग्रेस इंडियन नेशनल कांग्रेस की जो है हेड भी बनेगी राइट तो हेड ऑफ इंडियन नेशनल

263:12

Speaker A

कांग्रेस सेशन को लीड करेंगी 1917 में राइट एंड वहां से एक अलग ही पॉलिटिकल करियर उनका स्टार्ट हो रहा है तो स्पेशली होमरूल लीग से उनका पॉलिटिकल करियर काफी डिफरेंट हो जाएगा वो भारत की बेटी हो जाएंगी राइट है ना वहां से लोग उनको बहुत

263:24

Speaker A

ज्यादा पसंद करने लगेंगे इनफैक्ट जब उनको जेल होगी तो पूरा विद्रोह हो जाएगा राइट तो शी इज इंपोर्टेंट थियोसॉफिकल मूवमेंट में अगर सबसे बड़ा कंट्रीब्यूशन कोई है तो एक तो शी इज इंपॉर्टेंट सेकंड फॉरेनर्स इंडिया आ रहे हैं हमारी फिलोस को पसंद कर

263:37

Speaker A

रहे हैं हमको इस बात प बहुत प्राउड फील होगा राइट बाकी ऐसा कोई मेजर कंट्रीब्यूशन मेजर चेंजेज नहीं ठीक है ऐसा कोई बहुत मेजर कुछ नहीं कहा जा सकता बट अदर वाइज अदर वाइज यू कैन से जो है

263:49

Speaker A

अ जो जो है अ जो फॉरेनर्स का आना और हमारी फिलॉसफी को रिकॉग्नाइज करना कहना कि बहुत अच्छे उसे बिलीव करते हैं हमें बहुत अच्छा लगेगा हमें काफी प्राउड फील होगा इस बात प ये डेफिनेटली मेजर कंट्रीब्यूशन रहा है राइट

264:03

Speaker A

सो यूनिवर्सल ब्रदरहुड एटस हम लोग बात कर रहे थे कि हां क्या ऑब्जेक्टिव है राइट एनी बेसेंट के हमने करियर की बात करी एनी बेसेंट जी के बारे में राइट काफी ज्यादा योगदान है उनका जो है ओवरऑल हमारी फ्रीडम

264:13

Speaker A

स्ट्रगल में प्लस प्लस कहीं ना कहीं हमें ज्यादा प्राउड फील होने लगेगा थोड़ा सा फॉल्स सेंस ऑफ प्राइड भी आ जाएगा कि हां वो ट्रेडिशनल फिलॉसफी की बात हो रही है उसमें इन लोगों को ज्यादा विश्वास है तो ये थोड़ा सा

264:25

Speaker A

प्रोब्लेमे िक भी है थोड़ा सा पॉजिटिव भी ओके सो इसी के साथ हमने सारे मूवमेंट्स की बात कर दी है नाउ माय सजेशन इज कि अब इसको थोड़ा समेटने का काम आपका हो वर्क है राट कैसे समेटा जा सकता है

264:39

Speaker A

थोड़ा सा कुछ बता रहा हूं मैं समझिए जैसे कि जैसे कि एक प्रॉपर मैप उठा सकते हो बना सकते हो आप जो भी आपको सही लगे जैसे कि एक आपने उठाया बंगाल राइट बंगाल बंगाल में बंगाल में एक

264:54

Speaker A

रफ टाइमलाइन बना लीजिए बंगाल में बात करिए कि हां 1820 खाली लीडर्स को ड्रॉ कर लीजिए आरआरआर की बात कर लीजिए 1820 जो है हमें पता है रोजियर जियो है प्लस यंग बंगाल मूवमेंट है यंग बंगाल मूवमेंट है राइट इसको थोड़ा

265:13

Speaker A

आगे आगे भी ड्रॉ कर सकते हैं प्लस हमको पता है कि 1850 के दौर में 1850 तक वी हैव ईश्वर चंद्र विद्यासागर राइट अब राजा राम मोहन रॉय से देवेंद्रनाथ टैगोर और केशव चंद्र सेन अपने आप जो है कनेक्ट हो जाएंगे आप ऐड करना

265:30

Speaker A

चाहे ऐड करले बट हां ठीक है ऐसे साइड में ऐड करले राइट एंड एंड टुवर्ड्स द एंड द मोस्ट इंपोर्टेंट पसन वेरी पोर्टेंट पर्सन टव द एंड 1890 स्वामी विवेकानंद है विवेकानंद जी तो दिस इ हाउ आपके सारे जो जो है

265:49

Speaker A

बंगाली लीडर्स है वो आपके एक साथ यहां पर आ जाएंगे ट आ मिसिंग समवन प्लीज इसी तरह महाराष्ट्र में सोचिए आप महाराष्ट्र में महाराष्ट्र में महाराष्ट्र में यू कैन स्टार्ट विद महाराष्ट्र में यू कैन स्टार्ट विथ बाल शस्त्री

266:05

Speaker A

जांबेर राइट बाल शस्त्री जामकर 1832 से कहानी शुरू करी थी हम बाल शस्त्री जाम बेकर राइट 4 50 के दौर में हम बात कर रहे थे जो है लोकहितवादी हम बात कर रहे थे 4 के दौर में 50 लिखलो 50 के दौर में हम बात कर रहे

266:35

Speaker A

थे परमहंस मंडली परमहंस मंडली राइट एंड एंड बात कर रहे थे 67 तक आते आते हम बात कर रहे थे प्रार्थना समाज की प्रार्थना समाज एटस एट राइट सो दिस इ हाउ यू नीड टू कंप्लीट और जितने भी य नो

266:54

Speaker A

लीडर्स है जितने भी रिफॉर्म्स है उनको यहां पर ले आए राइट और और मे बी लोअर कास्ट जो लोअर कास्ट मूमेंट है फॉर एग्जांपल ज्योतिबा फूले की हमें बात करनी है तो वी कैन ड ज्योतिबा फुले लाइक दिस है

267:05

Speaker A

ना एक दूसरा एलिमेंट ऊ परर रख लीजिए कोई ऐसा वो नहीं है राइट है ना अलग लाइन बना लीजिए तो ज्योतिबा फुले ज्योतिबा फुले आप लिख लीजिए बाबा जय प्लस सावित्री बाय फुले उसमें लिख लीजिए कि हां 73 में जो जो है

267:21

Speaker A

73 सत्यशोधक समाज राइट प्लस प्लस बाबा गोपाल बाबा प्लस प्लस 1906 तक आते आते वी आर सिंडे तो दिस इ हाउ दि हा यन इ कीप जो है ल द लीडर्स अलाइन प्स पंजाब में ऐसे बना लीजिए पंजाब का बनाइए कि हा भाई आप बात कर

267:42

Speaker A

रहे आर्य समाज की देव जो है यह देव समाज की राइट और हमने बात करी यहां पर एसएनडीपी की हमने बात करें यहां पर जस्टिस पार्टी की ईवी रामास्वामी नायकर की तो इस तरह से पूरा जो चैप्टर है वो एक

268:02

Speaker A

एक जो है एक आपको पिक्चर दे देगा राइट है नास हाउ हैपन और आपके लिए काफी आसान हो जाएगा उसके बाद फैक्ट सारे मत जोड़ो इसमें अगर आपको नाम ज सारे पहले याद हो जाएंगे आपको आईडिया हो जाएगा किस टाइम फ्रेम में

268:14

Speaker A

धीरे-धीरे फैक्ट्स इसमें जुड़ने लगेंगे आप इसी में जो है फैक्ट्स ऐड भी कर सकते हैं कोई दिक्कत की बात नहीं राइट क्योंकि है ये टॉपिक थोड़ा सा जो है यू नो बड़ा टॉपिक है बट बट एक तो बहुत डीप नहीं जाना था तो

268:24

Speaker A

हमने जो है देखो तीन चार घंटे मैंने पढ़ के खत्म कर दिया राइट है तो बहुत डीप नहीं जाना है बट फिर भी हमने कुछ जगह डीप बातें करी है जहां पे भी बड़ा मूवमेंट है जहां पे इंपैक्ट ज्यादा है वहां पे हमने

268:33

Speaker A

डिस्कशन थोड़ा डीप किया है चलिए खैर सो जो है अ तो पॉजिटिव एस्पेक्ट एंड एंड जो है नेगेटिव एस्पेक्ट तो ये थोड़ा सा लास्ट डिस्कशन करते हैं पॉजिटिव आस्कटॉम आस्केट पॉजिटिव एस्पेक्ट क्या है पॉजिटिव आस्म पेक्ट डेफिनेटली जो है यू नो

268:50

Speaker A

रिफॉर्म हुआ सोशल रिफॉर्म सबसे बड़ी बात तो यही है कि हां भाई सोशल रिफॉर्म हो रहा है राइट है ना जो है सोसाइटी इस डायरेक्शन में काम कर रही है बट अदर दन दैट इफ वी वांट टू ऐड मोर पॉइंट्स तो हम जो है अब अब

269:01

Speaker A

जो एक्सप्लोइटेशन हो रहा था फॉर एग्जांपल लोअर कास्ट एक्सप्लोइटेशन वूमेन का एक्सप्लोइटेशन क्या उसके खिलाफ आवाज उठी है क्या इसमें हमें कुछ हद तक राहत मिलेगी यस रिलीजियस टेक्स्ट वगैरह का ट्रांसलेशन हो रहा है तो अब क्या होगा कि हां लोग खुद

269:14

Speaker A

पढ़ेंगे कि हां भाई खुद पढ़ लो पर्सनल इंटरप्रिटेशन की बात हो रही है तो अब कहीं ना कहीं चैलेंज किया जा रहा है कि जो प्रीस्टली डोमिनेशन है जो रिचुअल्स करने का तरीका है या रिचुअल्स करना ही क्यों है

269:25

Speaker A

इन सारी बातों को चैलेंज किया जा रहा है ये भी एक पॉजिटिव आउटकम है राइट अदर देन दैट जो है ह्यूमन इंटेलेक्ट कैपेसिटी टू थिंक एंड रीजन तो फोकस अब रीजन पे आ रहा है कि किताबों में क्या लिखा है

269:36

Speaker A

स्क्रिप्चर में क्या लिखा है ये एक बात है पर क्या वो रैशनल है क्या वो जो है रीजन के साथ है क्या वो लॉजिकल है करना चाहिए राइट प्लस जो करप्ट रिलीजस बिलीफ है क्या वो बाहर हो रहे हैं हां वो बाहर हो रहे

269:47

Speaker A

हैं राइट है ना अब अब जब करप्ट रिलीजस बिलीफ बाहर हो रहे हैं अब जब इ क्वालिटी की बात आ रही है तो वो जो इफरिट कॉम्प्लेक्टेड किया जाता था क्या वो चीजें कम होने लगेंगी यस प्लस प्लस नाउ जो मिडिल

270:01

Speaker A

क्लास जो जो आगे को पॉलिटिकल लीडरशिप प्रोवाइड करेगा क्या उसको उसको को इनफ ऑर्डर दे दिया गया है क्या उसको लीडरशिप के लिए आगे कर दिया गया है यस हम देखेंगे कि हां इसी में थोड़ा पॉलिटिकल एंगल भी है

270:12

Speaker A

और इन्हीं सोशल रिफॉर्मर से बड़े-बड़े पॉलिटिकल लीडर्स निकलेंगे इसी में से जो है फिरोज शाह मेहता निकलेंगे इसी में से जो है तिलक निकलेंगे इसी में से जो है गोपाल कृष्ण गोखले निकल रहे हैं एमजी रानाडे हैं राइट तो कहीं ना कहीं ऐसे

270:23

Speaker A

लीडर्स हैं जो दोनों दोनों नाव में सवार हैं सोशल रिफॉर्म में भी बड़े लीडर हैं और फिर वहीं से पॉलिटिकल एंगल भी क्रिएट हो रहा है तो क्या जो मिडिल क्लास है क्या उसको फर्डर मिल रहा है राइट कल्चरल रूट्स

270:33

Speaker A

मिल रहे हैं क्या ऐसी बातें मिल रही है जिसके ऊपर हम अपने आप को प्लेस कर कर सकते हैं प्राउड फील कर सकते हैं मुद्दा बना सकते हैं यस डेफिनेटली राइट प्लस प्लस अ मॉडर्न सेकुलर एंड रैशनल आउटलुक की हमने बात करी कि हां

270:44

Speaker A

भाई जो है अब मॉडर्निटी आ रही है नाउ नाउ वी आर बिल्डिंग दिस होल सोसाइटी जिसमें मॉडर्निस्ट की बात हो रही है कि नया थॉट प्रोसेस नया जो है चीजें क्या होनी चाहिए जहां पे पोल्यूशन और प्योरिटी की बात हो

270:53

Speaker A

रही है कि हां ये जो है सब चीजें गलत हैं राइट ये प्योरिटी इंप्योरिटी क्या होता है राइट इसको चैलेंज किया जा रहा है प्लस एम फॉर मॉडर्नाइजेशन नॉट ब्लाइंड वेस्टर्नाइजेशन ये भी बड़ी इंपॉर्टेंट बात है ये नहीं कहा जा रहा आंख बंद करके कि जो

271:05

Speaker A

भी वेस्टर्न इंडिया वेस्टर्न साइड है जो भी यूरोप में हो रहा है बहुत अच्छी बात है कॉपी पेस्ट मार दो ऐसा कुछ नहीं है राइट ये कहा जा रहा है कि कुछ बातें यूरोप में भी बहुत बढ़िया है और बहुत सारी बातें

271:14

Speaker A

इंडिया में भी बहुत बढ़िया है दोनों के अमल गमेश की बात है हमको अच्छी लगी ये बात राइट कि हां भाई तुम्हारा भी देश जिंदाबाद होगा बट हमारा देश जिंदाबाद था है और रहेगा राइट है ना तो हां तो ये भी बात

271:25

Speaker A

हमें समझ में आई अच्छी लगी कि हां भाई ठीक है हमारी जो अच्छी बातें हैं उसको भी अप्रिशिएट किया जा रहा है राइट हमारा आइसोलेशन खत्म हो रहा है अब उसमें साइंटिफिक नॉलेज आ रही है वेस्टर्न एजुकेशन भी आ रहा है तो जो अब जो हमारा

271:35

Speaker A

कल्चर या एजुकेशन कहीं ना कहीं साइडलाइन हो रहा था आइसोलेट हो रहा था संस्कृत आइसोलेट हो रही थी अब क्या उसमें उसमें नई चीजें आ रही है नए एलिमेंट जुड़ रहे हैं यस तो क्या कल्चर और ग्रो करेगा यस तो अब

271:46

Speaker A

जो हमारी कल्चरल पर्सनालिटी है वो अब और ग्रो करेगी राइट उसमें नेशनल कॉन्शियस यानी धीरे-धीरे हम पॉलिटिक्स की तरफ बढ़ रहे हैं धीरे-धीरे हम सबको यह एहसास हो रहा है कि हम इंडिया को बिलोंग करते हैं राइट एक देश को बिलोंग करते हैं हम सब हम

272:00

Speaker A

सब जो है एक कल्चर को बिलोंग करते हैं भारत को बिलोंग करते हैं क्या इसका नेगेटिव इंपैक्ट भी रहा हां भाई इसका नेगेटिव इंपैक्ट भी रहा राइट क्यों नेगेटिव इंपैक्ट रहा रिलीजन रिलीजन रिलीजन बहुत ज्यादा हो गया धर्म धर्म की बातें तो

272:14

Speaker A

ये जो जो है यू नो ओवरऑल रिलीजस रिलीजन की तरफ जो जो है झुकाव है कहीं ना कहीं ये सही नहीं है कहीं ना कहीं हमको बांट रहा है कंपार्टमेंटलाइज कर रहा है कि इसको प्रोसेलिटाइज कर देंगे अपने में ले आएंगे

272:24

Speaker A

इसको वापस कर देंगे उसमें चला जाएगा राइट तो इस तरह का जो भेदभाव हो रहा है या फिर जो है यू नो बंटवारा हो रहा है और ये कहा जा रहा है कि कन्वर्ट करेंगे समथिंग एक दूसरे में ये कहीं ना कहीं सही नहीं आल्सो

272:35

Speaker A

आल्सो जब कोई एक धर्म य कहने लगता है कि हम इस धर्म को बिलोंग करते हैं तब दूसरे धर्म को भी रिलाइज होने लगता है अच्छा ओ हां हम भी तो उस धर्म को बिलोंग करते हैं राइट है ना या उस धर्म को बिलोंग करते हैं

272:45

Speaker A

तो अब यहां फ जो है ये वो ये सारी बातें होने लग जाती है कि कौन अपना कौन पराया राइट थोड़ा सा कंपार्टमेंटलाइजेशन होने लग जाता है राइट अब तक ऐसा कम्युलस नहीं था 1857 तक ये जो दो मेजर कम्युनिटीज है

272:58

Speaker A

हमारी वो हाथ में हाथ मिलाकर जो है लड़ाई कर रही थे 1857 में लेकिन अब अब 1888 तक आते-आते 1890 तक आ आते आते सैयद अहमद खान कह रहे हैं कि ना पॉलिटिक्स में पार्टिसिपेट ना करो हम अंग्रेजों को साथ

273:10

Speaker A

देंगे तो कहीं ना कहीं कहीं ना कहीं अब जो है जो जो जो है मुस्लिम कम्युनिटी है वो अलाइन हो रही है किसके साथ अंग्रेजों के साथ अब तक वही जानी दुश्मन हुआ करते थे तो ये कहानी बदल रही है यस है ना प्लस प्लस

273:23

Speaker A

जो जो इसमें कहीं ना कहीं पीजेंट्री और अर्बन पुअर मिसिंग है ये जो पूरे रिफॉर्म की हम बात कर रहे हैं इसका ज्यादा जो इंपैक्ट पड़ रहा है वो एक तो अर्बन एरिया में पड़ रहा है राइट रूरल एरिया में तो

273:35

Speaker A

बहुत ज्यादा है है भी नहीं हम कहानी सुनते हैं कलकता की हम कहानी सुन रहे हैं मुंबई की पुणे की लाहौर की अमृतसर की राइट मद्रास की राइट तो ये जो जो भी फेनोमेना है जो भी रिफॉर्म हो रहा है ये कहां पे

273:46

Speaker A

अर्बन एरियाज में हो रहा है ये गांव में इसका इंपैक्ट बहुत ज्यादा नहीं है तो एक तो रूरल या पीजेंट मिस हो गया इसमें पूरे डिस्कशन में और दूसरा उससे भी बड़ी बात अर्बन में भी जो पुअर है राइट वो कहीं ना

273:56

Speaker A

कहीं जो है अभी पूरी तरह से इसका पार्ट नहीं प्लस प्लस जो बात है कि पिछले जमाने में हम बहुत अच्छे हुआ करते थे राइट है ना पास्ट ग्रेटनेस ये कभी-कभी एक्सट्रीम हो जाता है कभी-कभी एजाज मेट हो जाता है राइट

274:10

Speaker A

है ना स्पेशली स्पेशली हर बात के लिए स्क्रिप्चर अथॉरिटी कि यहां बैक टू सम जो है यू कैन से स्क्रिप्चर या कोई ऐसा बुक जो कभी लिखी गई है क्या वो क्या वो हमेशा सही बैठेगा दैट इज आल्सो नॉट द राइट वे टू

274:23

Speaker A

लुक एट द थिंग्स तो ये क्या है सूडो साइंटिफिक थिंकिंग है एक तरफ आप कह रहे हैं साइंस चाहिए एक तरफ आप जो है यू नो कह रहे हैं कि हां स्क्रिप्चर की तरफ देखो है ना उसमें देखो कि क्या लिखा हुआ है तो

274:33

Speaker A

कहीं ना कहीं ये दोनों बातें बैलेंस होती नहीं है दिस इज आल्सो यू नो एन इंपोर्टेंट एलिमेंट प्लस हमने ऑलरेडी बात करी कंपार्टमेंटलाइजेशन की कि यहां जो जो है धर्म है आपस में कंपार्टमेंटलाइज हो रहे हैं नॉट ओनली धर्म हाई कास्ट और लो कास्ट

274:45

Speaker A

भी क्या ये बैरियर क्रिएट हो रहा है यस ये बैरियर क्रिएट हो रहा है राइट आल्सो धर्म के अलावा बाकी के जो कल्चर के एस्पेक्ट हैं आर्किटेक्चर आर्ट म्यूजिक लिटरेचर क्या इनकी बातें हो रही है कहीं भी कहीं

274:57

Speaker A

उनका डिस्कशन ही नहीं हो रहा कहीं उसपे बात ही नहीं हो रही राइट प्लस प्लस हम जब पीछे देख रहे हैं कि हमको हमको जो है हमको पीछ पास्ट में अपने पास्ट प गर्व करना है तो कहां देख रहे हैं हम एंस इंडिया पे देख रहे हैं

275:10

Speaker A

मिडाइवल इंडिया क्यों स्किप कर रहे हैं राइट मिडाइवल इंडिया को स्किप किया जा रहा है एंस इंडिया में कहा जा रहा है कि हां वेदिक स्क्रिप्चर या फिर गुप्ता पीरियड उस समय हम गोल्डन गोल्डन हुआ करता था जो है

275:20

Speaker A

गोल्डन पीरियड हुआ करता था तो हम बहुत ही पीछे देख रहे हैं मिडाइवल पीरियड स्किप हो रहा है और कहीं कहीं ना कहीं जो मुस्लिम वर्ल्ड है मुस्लिम कम्युनिटी है अब वो कह रही है हम कहां देखें फिर वो कह रहे हैं

275:29

Speaker A

कि अच्छा देन दे आर लुकिंग एट अरब राइट दे आर लुकिंग एट जो है कि हां जो इस्लाम जहां से शुरू हुआ था तो क्या ये भी प्रॉब्लम है हां ये भी दोनों ही दोनों ही थॉट्स प्रॉब्लेम मेटिक है तो ये जो है यू नो

275:39

Speaker A

कहीं ना कहीं और ज्यादा बंटवारा क्रिएट कर रहा है दूरियां क्रिएट कर रहा है यस राइट आल्सो ये जो पास्ट की हम बात करते हैं राइट है ना स्पेशली एश इंडिया में तो एश इंडिया से ही वर्ण सिस्टम आया है

275:50

Speaker A

वर्णाश्रम आया है और जहां से शूद्र और अनटचेबल्स के साथ गलत हुआ है तो अगर इस पर गर्व कर रहे हैं आप तो कहीं ना कहीं जो लो कास्ट सेक्शन है क्या उनको बुरा लगेगा उनको लगेगा कि हां ये क्या बात हुई राइट

276:02

Speaker A

तो कहीं ना कहीं दिस इज ऑल टेकिंग अस टू द कम्युलस कि हां ठीक है सोशल रिफॉर्म हो रहा है एक बात लेकिन कहीं ना कहीं ये थोड़ा सा भेदभाव आ रहा है विभाजन हो रहा है हां ये

276:11

Speaker A

एक नेगेटिव आस्कटॉम मूवमेंट का राइट है ना सम प्रोग्रेसिव नेशनलिस्ट टेंडेंसी रिमें सेक्टे एंड ऑब्स एटेस्ट चलिए खैर तो जो है ये हमने बात करी आपके सारे टॉपिक्स हमने पढ़े राइट हमने समझा कि बंगाल में क्या हो रहा है राइट बंगाल की हमने बात

276:29

Speaker A

करी प्लस हमने महाराष्ट्र के लीडर्स देखे महाराष्ट्र राइट है ना महाराष्ट्र में लो कास्ट म ने देखी साथ ही साथ तो दिस वाज ऑल ऑल महाराष्ट्र एंड देन वापस स्वामी विवेकानंद के साथ हम बंगाल में आए टुवर्ड्स एंड ऑफ 18 सेंचुरी राइट फिर हमने

276:44

Speaker A

बात करी आर् समाज की पंजाब एंड देन देर र अ लॉट ऑफ काउंटर करेंट्स राइट देर र लॉट ऑफ काउंटर करेंट्स हमने डिस्कस किया फिर हमने बात करी अगेन लो कास्ट मूवमेंट इन अदर पार्ट ऑफ इंडिया और देन देन इंडियन सोशल कॉन्फ्रेंस

277:03

Speaker A

अगेन पॉलिटिकल एंगल से यहां पॉलिटिकल पार्टी है वो कैसे सोशल रिफॉर्म कर रही है एंड देन वी वर डिस्कसिंग अदर रिलीजस राइट अलोंग विद थियोसॉफिकल सोसाइटी सो दिस इज हाउ वी हैव कंप्लीटेड दिस चैप्टर अब थोड़ा पी वाय क्यू देखते हैं राइट पहला सवाल

277:18

Speaker A

अच्छा मेंस का सवाल ये हमने पहले भी देखा था राइट है ना जो लास्ट क्लास में भी देखा था आई होप अब और ज्यादा क्लेरिटी होगी एटलीस्ट इस वाले सवाल में इस वाले सवाल में नेक्स्ट चैप्टर में क्लेरिटी आएगी बट

277:28

Speaker A

ये सवाल अब क्लियर होगा कि ट्रेस द राइज एंड ग्रोथ ऑफ सोशो रिलीजियस रिफॉर्म मूवमेंट्स विद स्पेशल रेफरेंस टू यंग बंगाल एंड ब्रह्मो समाज राइट और ये लिंकेज बिटवीन 19 सेंचुरी इंडियन रेनेसा यानी जो हम जागे हैं ये वाले है ना तो उसमें और

277:42

Speaker A

नेशनल आइडेंटिटी यानी पॉलिटिकल अवेक निंग इनका लिंकेज अब इसके लिए भी पॉलिटिकल अवेक निंग पढ़ना पड़ेगा दिस इज नेक्स्ट चैप्टर राइट बट ये वाला आंसर आप लिख सकते हैं अब हां बहुत अच्छा आंसर लिखा जा सकता है इस

277:53

Speaker A

पे ओके इसके अलावा जो है यह सवाल जो है आप देखिए कि हां भी ब्रह्म समाज रिलेटेड ये तीन स्टेटमेंट आपको बताना है कौन सा सही है कौन नहीं है आपको कमेंट सेक्शन में आंसर करना है राइट सिमिलरली सिमिलरली केशव

278:05

Speaker A

चंद सेन के साथ इन तीनों में से कौन सा एसोसिएटेड है कौन सा एसोसिएटेड नहीं है अगेन इन कमेंट सेक्शन राइट बताइएगा क्या जवाब है इसका अगेन इसमें क्रोनोलॉजी पूछा था कि सबसे पहले क्या हुआ है अगेन अभी

278:15

Speaker A

हमने सिर्फ एक चीज पढ़ी है स्वामी दयानंद एस्टेब्लिश आर्य समाज बाकी हमने नहीं पढ़ा हुआ है राइट इट्स ओके कोई बात नहीं राइट एटलीस्ट देखे रहिए सवाल आगे जब और पढ़ेंगे तो हमें इस पे क्लेरिटी होगी है ना ट्राई

278:25

Speaker A

टू आंसर अगर इफ यू कैन राइट गो अहेड विद द आंसर अगेन एक सवाल है विताल विध्वंसक किसने पब्लिश किया था पढ़ा है हमने है ना बताइएगा जवाब तो अगे नंबरिंग कर लेते हैं भाई अरे हां नंबर सवाल जवाब कैसे दोगे स

278:37

Speaker A

दिस इज दिस इज नंबर वन देन टू देन थ्री देन विताल विद्वंस फोर या एंड बाकी थैंक यू सो सो बाकी हम लोग जो है फिर मिलेंगे इन द नेक्स्ट वीडियो प्लीज डू लेट मी द नो इन द कमेंट

278:52

Speaker A

सेक्शन कि यहां पढ़ाई कैसी चल रही है कौन-कौन आया है किसने किसने अटेंड किया है मार्क योर अटेंडेंस राइट मिलते हैं इन द नेक्स्ट वीडियो शुरू करते हैं पॉलिटिक्स पॉलिटिकल अवेक निंग का डिस्कशन इन द नेक्स्ट वीडियो स्टार्ट करेंगे राइट सो

279:03

Speaker A

बाय बाय टेक केयर गुड डे एंड कीप लर्निंग एंड कीप स्माइलिंग बाय बाय

Topics: सामाजिक सुधार राजा राम मोहन रॉय स्वामी विवेकानंद ब्राह्म समाज भारतीय स्वतंत्रता संग्राम नारी शिक्षा जाति व्यवस्था धार्मिक सुधार मॉडर्न इंडिया सामाजिक कुरीतियां

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