**Nokia 6600 💔 The Saddest Ending | Rise and Fall | Live Hindi — Transcript & Summary | SozAI**
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Nokia 6600 का उदय और पतन, 2003 में लॉन्च हुआ यह फोन स्मार्टफोन की नींव बना।

## Key Takeaways

- Nokia 6600 ने स्मार्टफोन की परिभाषा बदली और मल्टीटास्किंग व थर्ड पार्टी ऐप्स की शुरुआत की।
- उच्च कीमत के बावजूद फोन ने यूजर्स को नया अनुभव दिया और प्रीमियम फोन के लिए मार्केट तैयार की।
- डिज़ाइन और फीचर्स में संतुलन बनाकर Nokia ने मास मार्केट और प्रोफेशनल यूजर्स दोनों को आकर्षित किया।
- तकनीकी बदलाव और बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने Nokia 6600 की लोकप्रियता को सीमित किया।
- यह फोन स्मार्टफोन इकोसिस्टम का फाउंडेशन था, जिसका प्रभाव आज भी महसूस किया जाता है।

## What the video covers

- 2003 में Nokia 6600 ने कॉल और SMS से आगे बढ़कर कैमरा, कलर डिस्प्ले, ब्लूटूथ और Symbian OS के साथ स्मार्टफोन की शुरुआत की।
- Nokia 6600 ₹25,000 की कीमत पर लॉन्च हुआ, जो उस समय के लिए प्रीमियम था लेकिन फीचर्स के कारण लोकप्रिय हुआ।
- फोन का गोलमटोल और भारी डिज़ाइन था, जिसमें यूजर फ्रेंडली कीबोर्ड और जॉयस्टिक ने नेविगेशन आसान बनाया।
- Symbian OS की वजह से मल्टीटास्किंग और थर्ड पार्टी ऐप्स इंस्टॉल करना संभव हुआ, जो उस समय अनोखा था।
- Nokia 6600 ने कैमरा और मल्टीमीडिया फीचर्स के साथ यूजर्स की उम्मीदें बढ़ाईं और स्मार्टफोन कल्चर की नींव रखी।
- फोन की बिक्री 150 मिलियन यूनिट्स तक पहुंची, जो प्रीमियम फोन के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी।
- 2004-2005 में इसका क्रेज अपने चरम पर था, लेकिन तेजी से बदलती तकनीक और नए मॉडल्स ने इसे पीछे छोड़ दिया।
- Nokia ने खुद नए मॉडल्स लॉन्च किए, जिससे Nokia 6600 की मार्केट में पकड़ कमजोर हुई।
- कंपटीशन बढ़ा और यूजर एक्सपेक्टेशंस भी बदल गए, जिससे Nokia 6600 की लोकप्रियता कम होने लगी।
- Nokia 6600 का डाउनफॉल फेलियर नहीं बल्कि स्मार्टफोन इकोसिस्टम की शुरुआत और विकास की कहानी है।

## Chapters

1. 00:00 2003 का मोबाइल मार्केट और Nokia 6600 का आगमन
2. 00:44 Nokia 6600 के फीचर्स और स्मार्टफोन की शुरुआत
3. 01:26 Nokia की पहले की हाई एंड एक्सपेरिमेंट्स
4. 02:09 बाजार की मांग और Nokia की समस्या
5. 02:50 Nokia 6600 का डिज़ाइन और तकनीकी निर्णय
6. 04:19 Symbian OS और फोन की लॉन्चिंग
7. 04:57 फोन की कीमत, शुरुआती प्रतिक्रियाएं और फीचर्स
8. 05:58 Nokia 6600 की लोकप्रियता और बिक्री
9. 07:01 फोन की ताकत और यूजर एक्सपीरियंस
10. 07:40 Nokia 6600 का क्रेज और मार्केट में प्रभाव

Answers

## Questions about this video

Nokia 6600 के मुख्य फीचर्स क्या थे?

Nokia 6600 में कलर डिस्प्ले, 0.3 मेगापिक्सल कैमरा, ब्लूटूथ, मेमोरी कार्ड सपोर्ट और Symbian OS था, जो उस समय के लिए बेहद एडवांस फीचर्स थे।

Nokia 6600 की कीमत क्या थी और यह उस समय के लिए कैसी थी?

Nokia 6600 की कीमत लगभग ₹25,000 थी, जो उस समय के लिए बहुत महंगी थी क्योंकि ज्यादातर लोग ₹3,000 से ₹5,000 तक के फोन इस्तेमाल करते थे।

Nokia 6600 का मार्केट में क्या प्रभाव पड़ा?

Nokia 6600 ने स्मार्टफोन की परिभाषा बदल दी, मल्टीटास्किंग और ऐप इंस्टॉलेशन की शुरुआत की, और 150 मिलियन यूनिट्स की बिक्री के साथ प्रीमियम फोन मार्केट में क्रांति लाई।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

दोस्तों, जरा याद करिए वह 2003 का टाइम। उस टाइम मार्केट में जो भी फोंस मिलते थे, उनका काम था सिर्फ कॉल और एसएमएस करना। स्क्रीन छोटी होती थी, ब्लैक एंड वाइट डिस्प्ले काफी कॉमन थी और अगर किसी के पास

00:12

Speaker A

कैमरा वाला फोन आ गया तब तो वह अलग ही लग्जरी थी। लेकिन तभी मार्केट में एंट्री होती है Nokia 6600 की। ₹25,000 की कीमत का यह फोन गोलमटोल डिज़ाइन, कलर डिस्प्ले, कैमरा, मेमोरी कार्ड, ब्लूटूथ और Symbian OS के साथ में आता था। और उस टाइम पर यह

00:28

Speaker A

सभी फीचर सिर्फ एक फोन में मिलना बहुत बड़ी बात थी। [घंटी की आवाज़] और हां, बीजीए कैमरा के टाइम पर जब Nokia 6600 ने 0.3 मेगापिक्सल का कैमरा इंट्रोड्यूस किया तो मानो क्या ही हाथ लग गया हो। ब्लूटूथ के थ्रू सॉन्ग्स ट्रांसफर

00:44

Speaker A

करना, फोटोस भेजना और कांटेक्ट शेयर करना यह सब Nokia 6600 ने नॉर्मल बना दिया था। और पहली बार लोगों को लगा कि यही तो स्मार्टफोन वाली वाइब है। लेकिन फिर सवाल आता है कि जो फोन एक टाइम पर लोगों का

00:57

Speaker A

ड्रीम था वो अचानक गायब कैसे हो गया? आज हम Nokia 6600 की इस डिटेल्ड केस स्टडी में सब कुछ जानेंगे। तो दोस्तों साल 2000 के आसपास मोबाइल मार्केट में एक ही नाम चलता था Nokia। 3310 ड्यूरेबिलिटी के लिए जाना जाता था।

01:14

Speaker A

तो वहीं 1100 हर दूसरे हाथ में देखने को मिल जाता था। यह फोंस भरोसेमंद थे, सस्ते थे और सालों तक चलते थे। लेकिन यह स्मार्ट नहीं थे। इनमें ना कैमरा था, ना एप्स और ना ही मल्टीमीडिया। लेकिन इन फोंस के

01:26

Speaker A

साथ-साथ कुछ हाई एंड यूज़र्स के लिए Nokia ने पहले भी एक्सपेरिमेंट्स किए थे। जैसे 2001 में इनकी कम्युनिकेटर सीरीज आई, जो खास करके बिजनेस यूज़र्स के लिए थी। इस सीरीज के फोंस भारी भरकम बॉडी, बड़ी स्क्रीन और ईमेल सपोर्ट के साथ में आते

01:41

Speaker A

थे। लेकिन फिर 2002 में Nokia लेकर आई 7650 जिसमें पहली बार कैमरा और सिंबियन OS देखने को मिला। पर प्रॉब्लम यह था कि यह फोन काफी हाई एंड था। आम यूज़र्स के लिए नहीं इसीलिए बायरर्स भी काफी लिमिटेड रहे।

01:55

Speaker A

लेकिन इसी दौरान कंपटीशन भी बढ़ने लगा। Sony Rexon और सीमेंस जैसे ब्रांड कैमरा फस और स्मार्ट फीचर्स के साथ में एक्सपेरिमेंट कर रहे थे। वहीं यूज़र्स भी अब बैटरी और ड्यूरेबिलिटी से खुश नहीं होने वाले थे। क्योंकि धीरे-धीरे कलर

02:09

Speaker A

स्क्रीनस, रिंगटोन, वॉलपेपर, कैमरा और बेसिक इंटरनेट जैसी चीजों की डिमांड बढ़ने लगी थी। और यहीं Nokia के सामने एक क्लियर प्रॉब्लम आ गई। कंपनी के पास मास मार्केट वाले फोंस भी थे और बिजनेस वाले भी लेकिन बीच का स्पेस खाली था। एक ऐसा फोन मिसिंग

02:25

Speaker A

था जो प्रोफेशनल भी लगे, टेक लवर्स को भी एक्साइट करें लेकिन नॉर्मल यूज़र्स को कॉम्प्लिकेटेड ना लगे। Nokia को समझ आ गया था कि अगर अब स्टेप नहीं लिया गया तो उसकी लीडरशिप खतरे में पड़ सकती है। और बस यहीं

02:37

Speaker A

पर Nokia ने डिसाइड किया कि अब एक ऐसा फोन बनाना है जो सिर्फ कॉल या एसएमएस नहीं बल्कि थोड़ा कंप्यूटर जैसा भी काम करें। और इस प्रोजेक्ट को इंटरनली एक कोड नेम भी दिया गया कैलमेरो। एम बिल्कुल क्लियर था

02:50

Speaker A

6310i जैसे बिजनेस फोंस को रिप्लेस करना लेकिन इस बार एक बिल्कुल नए तरीके से। अब इसमें कोई डाउट नहीं था कि 6310i अपने टाइम का सॉलिड फोन था। रिलायबल था। बैटरी भी काफी स्ट्रांग थी। जिससे यह कॉर्पोरेट यूज़र्स का फेवरेट बना हुआ था। लेकिन अब

03:06

Speaker A

Nokia चाहता था कि अगला फ्लैगशिप फोन सिर्फ ऑफिस वाला फोन ना रहे बल्कि एंटरटेनमेंट, कैमरा, ऐप सब कुछ दे। और फिर यहीं से सबसे पहला सवाल आया डिज़ाइन का कि आखिर यह फोन दिखेगा कैसा? क्योंकि और सभी ब्रांड्स बिल्कुल अलग डिज़ाइंस की तरफ जा

03:21

Speaker A

रही थी। एग्जांपल के लिए SMS SX1 जैसे फोन में कीबोर्ड साइड में दिया गया था और Sony AX P800 टच स्क्रीन के साथ में आया था। लेकिन Nokia ने जानबूझकर अलग रास्ता नहीं चुना क्योंकि कंपनी को लगा कि अगर फोन

03:35

Speaker A

बहुत एक्सपेरिमेंटल हुआ तो आम यूज़र्स उसको चलाने में अनकंफर्टेबल फील करेंगे। यही वजह था कि Nokia ने अपने इस फोन के लिए क्लासिक कीबोर्ड लेआउट चुना बीच में जॉय स्टिक के साथ ताकि नेविगेशन इजी रहे और लोगों को फोन चलाने से पहले उसे अलग से

03:51

Speaker A

सीखना ना पड़े। इसके बाद से शेप को लेकर भी काफी सोच विचार हुआ और जो डिज़ाइन फाइनल हुआ वो स्लिम नहीं बल्कि काफी गोलमटोल और हैवी था। असल में हैवी रखने के पीछे रीजन यह था कि फोन के अंदर कैमरा मॉड्यूल, बड़ी

04:04

Speaker A

स्क्रीन, मेमोरी कार्ड, स्लॉट और स्ट्रांग बैटरी फिट करनी थी। हालांकि यह फोन बल्की जरूर था लेकिन इसका इन हैंड फील्ड कंफर्टेबल रखने की कोशिश की गई। सॉफ्टवेयर साइट पर Nokia ने सिंबियन OS सीरीज 60 को चुना जो उस टाइम स्मार्टफोन कैटेगरी में

04:19

Speaker A

सबसे एडवांस प्लेटफार्म माना जाता था और यही वो डिसीजन था जिसने इसे नॉर्मल फोन से अलग खड़ा कर दिया। इस ओएस की वजह से फोन मल्टीटास्किंग तो कर ही सकता था। साथ ही साथ थर्ड पार्टी ऐप भी इंस्टॉल कर सकता था

04:31

Speaker A

जो कि उस जमाने में कोई मामूली बात नहीं थी। साथ ही Nokia इंजीनियर्स ने UI को जितना हो सका सिंपल रखा ताकि कम पढ़ा लिखा इंसान भी इसको आराम से इस्तेमाल कर सके और फिर जब यह सारी चीजें एक-एक करके साथ आई

04:44

Speaker A

तब एक ऐसा प्रोडक्ट तैयार हुआ जो लॉन्च होते ही मार्केट में धमाका करने वाला था और फिर आखिरकार 16 जून 2003 के दिन जैसे ही Nokia 6600 की पहली झलक लोगों के सामने आई मोबाइल फोन मार्केट में हलचल होनी

04:57

Speaker A

स्टार्ट हो गई। कलर स्क्रीन, कैमरा, ब्लूटूथ, मेमोरी कार्ड सपोर्ट और सिंबियन OS यह सब एक साथ एक ही फोन में मिलना बहुत बड़ी हैरानी वाली बात थी। इंडिया के अंदर Nokia 6600 की कीमत करीब ₹25,000 रखी गई और अगर इनफ्लेशन को काउंट करें ना तो यह

05:13

Speaker A

वही रकम बनती है जिसमें आज Samsung का अल्ट्रा और iPhone का Pro Max सीरीज आता है। हालांकि उस दौर में इतना पैसा एक फोन पर खर्च करना समझ से परे था क्योंकि लोग ज्यादा से ज्यादा बस 3 से ₹5,000 तक के

05:25

Speaker A

फोंस का यूज करते थे। इसीलिए बहुत से लोगों को लगा कि यह फोन जरूरत से ज्यादा महंगा है और इसका डिजाइन भी थोड़ा अजीब दिखाई देता है। लेकिन लॉन्च के शुरुआती हफ्तों में एक चीज साफ हो गई कि जो भी लोग

05:37

Speaker A

इस फोन को सच में यूज कर रहे थे वो एक अलग ही लेवल का एक्सपीरियंस महसूस कर रहे थे। कैमरा क्वालिटी उस टाइम के हिसाब से माइंड ब्लोइंग थी। मल्टीमीडिया फीचर्स नया फील दे रहे थे और फोन में ऐप इंस्टॉल करने का

05:49

Speaker A

कांसेप्ट लोगों को एक्साइट कर रहा था। बिजनेस यूज़र्स के लिए भी ईमेल और कैलेंडर जैसे फीचर्स बहुत काम के थे और यंग यूज़र्स ब्लूटूथ और गेम्स की तरफ अट्रैक्ट हो रहे थे। अब दोस्तों फोन के शुरुआती रिव्यूज मिक्स जरूर थे लेकिन ओवरऑल टोन पॉजिटिव थी

06:05

Speaker A

और फिर सेल्स के नंबर ने भी धीरे-धीरे स्टोरी क्लियर कर दी। लॉन्च के कुछ ही महीनों में Nokia 6600 मिलियन यूनिट्स के कैटेगरी में पहुंच गया जो उस टाइम एक कैमरा फोन के लिए बहुत बड़ी अचीवमेंट थी। यह सिग्नल था कि मार्केट हाई प्राइस के

06:18

Speaker A

बावजूद वैल्यू देख रही है और फोन लग्जरी आइटम से निकलकर काम का प्रोडक्ट बन रहा है। 104 मेगाहर्ट्ज़ प्रोसेसर और 6MB इंटरनल स्टोरेज के बावजूद उस टाइम पर मल्टीटास्किंग फोन पर पॉसिबल हो पाना ही काफी बड़ी बात थी। वैसे हम आपको बताते

06:33

Speaker A

चलें कि 6MB इंटरनल स्टोरेज को 2GB तक के एमएमसी कार्ड्स के जरिए एक्सपेंड भी किया जा सकता था। Nokia 6600 ने ही लोगों में यह हैबिट डाली कि हर मोमेंट कैमरा के लिए बनी होती है और यह हैबिट बाद में

06:46

Speaker A

स्मार्टफोन कल्चर का बेस बनी। इसके अलावा मल्टीमीडिया फीचर्स ने इस फोन को और भी पॉपुलर बना दिया। MP3 प्लेबैक, शॉर्ट वीडियो रिकॉर्डिंग और वीडियो प्लेबैक जैसे फीचर्स उस टाइम लग माने जाते थे। अब दोस्तों, यहीं से परसेप्शन भी बदलने लगा

07:01

Speaker A

क्योंकि जो फोन पहले सिर्फ महंगा और अजीब दिखने में लग रहा था, वही धीरे-धीरे पावरफुल और फ्यूचर रेडी फोन के रूप में देखा जाने लगा। साथ ही कनेक्टिविटी ने भी इस फोन को सोशल बना दिया। लोग ब्लूटूथ और

07:13

Speaker A

इंफ्रारेड के थ्रू रिंगटोन, सॉन्ग्स और फोटो शेयर किया करते थे। ओवरऑल बिल्ड ऐसा था कि हाथ में लेकर ही लोगों को फील हो जाता था कि यह फोन सालों तक चलेगा। और दोस्तों, इन सभी खूबियों का असर यह हुआ कि

07:25

Speaker A

Nokia 6600 सिर्फ एक डिवाइस नहीं रहा बल्कि लोगों की आदत बन गया। जो यूजर एक बार इस फोन पर शिफ्ट हो गया, उसे फिर नॉर्मल फोंस बोरिंग लगने लगे। Nokia 6600 ने एक्सपेक्टेशंस का लेवल इतना ऊपर उठा दिया था कि मार्केट के बाकी फोंस इसके

07:40

Speaker A

सामने फीके पड़ चुके थे। 2004 और 2005 के बीच इसका क्रेज अपनी पीक पर था। उस वक्त या तो हर कोई Nokia 6600 यूज़ कर रहा था या फिर इसे अपने नेक्स्ट फोन के रूप में इमेजिन कर रहा था। हालांकि इतना महंगा

07:53

Speaker A

होने के बावजूद Nokia 6600 वर्ल्ड वाइड करीब 150 मिलियन यूनिट्स के आसपास के टोटल सेल्स तक पहुंच गया। जो कि उस टाइम की प्रीमियम कैटेगरी फोन के लिए यह नंबर लोगों की सोच से भी बड़ा था। लेकिन दोस्तों हिस्ट्री बताती है कि जब कोई

08:08

Speaker A

प्रोडक्ट अपनी पीक पर होता है तब उसके लिए सबसे बड़ा चैलेंज भी तैयार हो रहा होता है। और अब Nokia 6600 के साथ भी वही होने वाला था। असल में Nokia 6600 जब अपनी पीक पर था तब बाहर से तो सब कुछ परफेक्ट लग

08:21

Speaker A

रहा था लेकिन अंदर ही अंदर मार्केट बहुत तेजी से मूव कर रही थी। बेसिकली टेक्नोलॉजी का नेचर ही ऐसा होता है। जो चीज आज रिवोल्यूशनरी लगती है, वही कुछ ही टाइम के बाद से नॉर्मल फील होने लगती है।

08:32

Speaker A

Nokia 6600 के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तो तब आया जब Nokia ने खुद ही अपने नए मॉडल्स इंट्रोड्यूस करने शुरू कर दिए। एग्जांपल के लिए 2004 के एंड तक Nokia 630 मार्केट में आ चुका था। जो फोन देखने में

08:48

Speaker A

6600 के जैसा।

09:05

Speaker A

जा रही थी। इसके बाद से Nokia 7610 जैसे मॉडल ल्च किए गए जिसमें कैमरा क्वालिटी और फोन का डिज़ दोनों इंप्रूव हो चुके थे। और फिर इसके बाद 6680 आया जिसमें फ्रंट कैमरा और वीडियो कॉलिंग जैसे फीचर्स भी ऐड कर

09:18

Speaker A

दिए गए। मतलब कि कस्टमर के लिए चॉइस अब सिंपल होती जा रही थी कि अगर थोड़ा और वेट कर लें या फिर थोड़ा और पैसा ऐड कर दें तो फिर बेटर फोन मिल जा रहा था। और दोस्तों सिर्फ Nokia ही नहीं बाकी ब्रांड भी तो

09:31

Speaker A

रेस में थे। Motorola, रेजर, V3 जैसे अल्ट्रा स्लिम फोन ने डिज़ाइन एक्सपेक्टेशंस को ही बदल कर रख दिया। जहां Nokia 6600 बलकी लग रहा था, वहीं नए फोन्स स्लिम, फ्लैसी और फैशन फ्रेंडली लग रहे थे। और दोस्तों इन सब के बीच Sony Alexon

09:45

Speaker A

के कैमरा सेंट्रिक फोन्स भी मार्केट का अटेंशन खींचने लगे थे। इस तरह अचानक कंपटीशन सिर्फ फीचर्स का नहीं लाइफस्टाइल और लुक्स का भी हो गया था। दूसरी तरफ समय के साथ यूजर एक्सपेक्टेशंस भी शिफ्ट हो चुकी थी क्योंकि जिस वीजीए कैमरा को कभी

10:00

Speaker A

लोग मैजिक समझते थे वही अब वीक लगने लगा था। फास्ट इंटरनेट बेहतर डिस्प्ले और अच्छे मल्टीमीडिया की डिमांड भी लगातार बढ़ रही थी। इसी के साथ Nokia 6600 का हार्डवेयर जो लॉन्च के टाइम पर कटिंग एज लगता था अब वीक लगने लगा और फिर यहीं से

10:15

Speaker A

डिमांड में भी धीरे-धीरे कमी आनी शुरू हो गई। और अब जब लोग नेक्स्ट फोन लेने का प्लान बनाते तो उनके दिमाग में नए-नए मॉडल्स आने लगते थे। असल में सच यह है कि Nokia 6600 फेल नहीं हुआ बल्कि रिप्लेस

10:27

Speaker A

हुआ। 6630, 6680 और फिर N सीरीज जैसे मोबाइल फोंस मार्केट में ल्च कर दिए गए जो ज्यादा फास्ट, ज्यादा फीचर रिच और फ्यूचर के लिए रेडी थी। Nokia 6600 2003 में आया था और स्मार्टफोन कैटेगरी के हिसाब से यह

10:41

Speaker A

करीब 5 साल तक के लंबे टाइम तक चलता रहा। हालांकि Nokia ने इस मॉडल को अचानक बंद नहीं किया। इसकी प्राइस धीरे-धीरे कम कर दी गई और यह बजट यूज़र्स के लिए एक ऑप्शन बना रहा। लेकिन फाइनली 2008 के आसपास इस

10:55

Speaker A

फोन को ऑफिशियली डिस्कंटिन्यू ही करना पड़ गया। यानी कि Nokia 6600 ने खुद कोई बड़ी गलती नहीं की। ना कोई स्कैंडल ना कोई टेक्निकल डिजास्टर। बस टेक्नोलॉजी ही इतनी तेजी से भाग रही थी कि 6600 उस रेस में

11:08

Speaker A

पीछे छूट गया। लेकिन इस पूरे प्रोसेस में Nokia 6600 की सबसे बड़ी अचीवमेंट ये थी कि जिस स्मार्टफोन इकोसिस्टम को लोग आज नॉर्मल मानते हैं उसका फाउंडेशन इसी फोन ने ही रखा था। इसीलिए Nokia600 का डाउनफॉल एक फेलियर स्टोरी नहीं है। ये

11:24

Speaker A

एक ट्रांजिशन स्टोरी है। एक ऐसा फोन जो अपनी ड्यूटी पूरी करके स्टेज से उतर गया। अब अगर आज भी कोई Nokia 6600 का नाम ले लेता है तो वो सिर्फ एक पुराने फोन की याद नहीं दिलाता वो एक पूरे दौरे की याद

11:36

Speaker A

दिलाता है। यह फोन आज टेक्निकली इरिएवेंट हो सकता है लेकिन इमोशनली नहीं। आज चाहे कितने भी पावरफुल फोन्स क्यों ना आ जाए Nokia 6600 का ओरा कभी नहीं दोहराया जा सकता। वो एक लीजेंड था और लीजेंड कभी भी

11:50

Speaker A

रिप्लेस नहीं होते। बस यादों में अमर हो जाते

Topics: Nokia 6600 स्मार्टफोन इतिहास Symbian OS कैमरा फोन ब्लूटूथ 2003 मोबाइल Nokia फोन मोबाइल टेक्नोलॉजी फोन डिज़ाइन भारत मोबाइल मार्केट


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