**Ishq Murshid - Episode 11 [𝐂𝐂] - 17 Dec 23 - Sponsored By Khurshid Fans, Master Paints & Mothercare — Transcript & Summary | SozAI**
Source: https://sozai.app/transcript/ishq-murshid-episode-11-dec-23/

इश्क मुर्शिद एपिसोड 11 में रिश्तों, परिवार और संघर्ष की भावनात्मक कहानी प्रस्तुत की गई है।

## Key Takeaways

- रिश्तों में विश्वास और ईमानदारी की अहमियत।
- परिवार और दोस्ती में समर्थन की जरूरत।
- सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों का प्रभाव व्यक्तिगत जीवन पर।
- मोहब्बत में संघर्ष और समझदारी का महत्व।
- संवाद से समस्याओं का समाधान संभव है।

## What the video covers

- एपिसोड में शमीर और फजल के बीच संवाद और उनकी परेशानियों को दिखाया गया है।
- फजल की आंखों में चोट लगने के बाद उसकी चिंता और देखभाल का दृश्य है।
- शबरा और परिवार के बीच रिश्तों की जटिलता और संवाद को उजागर किया गया है।
- फजल के दोस्त के ऑपरेशन के लिए खून इकट्ठा करने की कोशिशें दिखाई गई हैं।
- राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों का भी जिक्र है, जैसे गरीबों की तकलीफें और मार्केट बंद होने की खबर।
- किसी बड़े सरप्राइज की तैयारी और परिवार में तनाव का माहौल दिखाया गया है।
- मोहब्बत, झूठ और सच्चाई के बीच संघर्ष की कहानी प्रमुख है।
- परिवार के सदस्यों के बीच संवाद और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाया गया है।
- एपिसोड में हास्य और गंभीरता दोनों का मिश्रण है।
- कुल मिलाकर यह एक भावनात्मक और सामाजिक कहानी है जो दर्शकों को जोड़ती है।

## Chapters

1. 00:00 शमीर और फजल की बातचीत
2. 03:00 फजल की आंखों की चोट और देखभाल
3. 11:00 परिवार में तनाव और संवाद
4. 17:00 खून इकट्ठा करने की कोशिशें
5. 29:00 राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे
6. 35:00 सरप्राइज और परिवार की प्रतिक्रिया
7. 43:00 मोहब्बत और संघर्ष

Answers

## Questions about this video

फजल की आंखों की चोट का क्या हाल है?

फजल की आंखों में चोट लगी है जिससे उसे काफी दर्द हो रहा है, लेकिन उसकी देखभाल की जा रही है और उसे बेहतर महसूस हो रहा है।

फजल अपने दोस्त के लिए क्या कर रहा है?

फजल अपने दोस्त के ऑपरेशन के लिए खून की अतियात जमा करने की कोशिश कर रहा है।

एपिसोड में परिवार के बीच क्या मुख्य संघर्ष दिखाया गया है?

परिवार में संवाद की कमी, झूठ और गलतफहमियों के कारण तनाव और संघर्ष दिखाया गया है, साथ ही प्यार और समझदारी की भी झलक मिलती है।

## Full Transcript — Download SRT & Markdown

00:00

Speaker A

[संगीत] तू जान ले इश्क मुर्शिद मेरा, जो तू कहे तो इश्क मुर्शिद। [प्रशंसा] [संगीत] मेरा। [संगीत] व [संगीत] सर, आपने मुझे बुलवाया? तुम यहां क्या कर रहे हो? शमीर के साथ क्यों नहीं हो?

02:33

Speaker A

सर, आज उन्होंने मुझे घर पर रोक दिया था और वह खुद फराज साहब के साथ चले गए। तुम शमीर के साथ होते हो, कहां-कहां जाते हो ज्यादातर?

03:01

Speaker A

तीन जगहों पर। सर, अम्मा की कब्र पर, फार्म हाउस और फराज साहब के साथ। उसके अलावा?

03:23

Speaker A

उसके अलावा तुम कहीं नहीं।

03:43

Speaker A

झूठ मत बोलो, अभी तुमने कहा है ज्यादातर तीन जगहों पर कहां जाते?

04:02

Speaker A

अ जी हां, वो कभी-कभार किसी सिनेमा या होटल भी चले जाते हैं। तो इसलिए फ... पहले क्यों नहीं कहा?

04:27

Speaker A

सॉरी सर, गलती हो गई। आ... तुम्हारी इस गलती को मैं झूठ ही समझूंगा। और तुम अच्छी तरह जानते हो मैं झूठों के साथ क्या करता हूं।

04:42

Speaker A

हेलो, हेलो क्या? हेलो पजल भाई, सुनाए कैसा लगा कमरा?

04:57

Speaker A

हां, बेस्ट। शुक्र है चारपाई से जान छूटी। मैंने नहीं किया, कुछ शुबरा ने किया है।

05:12

Speaker A

अच्छा, हां लगता है बर्फ बहुत जल्दी पगन है।

05:35

Speaker A

अरे अब तो चाय भी बनने वाली है, आती होगी कि कमरे में फोन रखें?

05:46

Speaker A

क्या जाहिर है, मोहब्बत में कदम जमीन पर कहां टिकते हैं। मुझे लगता है वो आ रही है। आ रही बा...

06:09

Speaker A

बात। [संगीत] कर उफ आय मेरी आंख, उफ आय अल्लाह मेरी। [हंसी] आंख आई एम सो सॉरी फजल बी, मुझे आईडिया नहीं था इतनी जोर से लग जाएगी।

06:36

Speaker A

तुम्हें क्या बताऊं, मुझे कुछ नजर ही नहीं आ रहा। मुझे इतनी तकलीफ हो रही है। आंख में ज्यादा दर्द हो रहा है क्या?

07:14

Speaker A

अरे र्थ क्या है? कुछ नजर ही नहीं आ रहा। आंखों के सामने पूरा अंधेरा। दोनों आंखें बंद हैं, कैसे नजर आएगा कुछ?

07:38

Speaker A

आंखें तो खोलो। कौन सी आंख है? ये वाली आंख, ये वाली, ये वाली, ये वाली, ये वाली, ये वाली।

08:08

Speaker A

मुझे तो दोनों आंखें एक जैसी लग रही हैं।

08:34

Speaker A

अरे यार, तुम चेक करो यार, ठीक करो इसको।

08:47

Speaker A

नहीं नहीं, इस वाली आंख, इस वाली आंख, इस वाली आंख।

09:00

Speaker A

सुनो, मैं... मैं अंधा तो नहीं हो जाऊंगा ना? मैं देख तो सकूंगा ना जिंदगी में।

09:12

Speaker A

हां आ गया, फिक्र ना करो। मुझे बचपन में भी ऐसी बहुत सी चोट लगी हुई है, कुछ नहीं होगा। आगे आओ ना, सिकाई करूंगी, ठीक हो जाएगा।

09:28

Speaker A

सिखाई क्या होता है? आगे आओ ना, पता चल जाएगा।

09:42

Speaker A

कुछ बेहतर फील हो रहा है।

10:21

Speaker A

हां हां हां, थोड़ा थोड़ा बेहतर फील हो रहा है।

10:35

Speaker A

इधर भी करो, बेहतर हो रहा है मगर थोड़ा थोड़ा। आगे आओ आप।

10:55

Speaker A

हां, ऐसा लग रहा है दिल का पूरा एक पुर्जा अपनी जगह पर आके बैठ गया। एकदम से सब ठीक हो गया।

11:08

Speaker A

दिल तो आंख पर लगी है ना? हमारे मुर्शिद साहब कहते हैं उनका कॉल है। जो आंखें होती हैं ना, वो दिल की खिड़की होती हैं।

11:29

Speaker A

अगर एक दफा ये खराब हो जाए तो इंसान उसे देख नहीं सकता। इसलिए जरूरी...

12:21

Speaker A

अरे तुम चाय ला हो मेरे लिए।

12:41

Speaker A

वाह, डी बातें करते हो ना? बिल्कुल तुम्हारे फ जैसी। [प्रशंसा]

12:56

Speaker A

पता नहीं मेरी आंख में जरा फूक फूक मारना। जरा दोबारा फिर से कुछ हो रहा है मेरी आंखों में। फ मारो जरा।

13:25

Speaker A

एकदम से जरण मच रही है। ये लो, खुद कर लो। [संगीत]

13:37

Speaker A

हा, फिर से एकदम से जरण बचने लग गई। अभी ठीक हो गया था। [संगीत]

13:54

Speaker A

यार, कितनी बेरहम हो तुम। मेरी आंखों में चोट लगी, तुम ऐसे कर रही हो मेरे। [संगीत]

14:07

Speaker A

साथ मेरी मोहब्बत का हर लम्हा तुझ में ही घमसा गया।

14:37

Speaker A

ना मैं त आशिक, ना मैं दीवाना, कह दो मुझे जो। [प्रशंसा]

14:53

Speaker A

पिया तेरा मेरा है प्यार अमल। तू चाहे तो कदमों में सर रख दूं।

15:09

Speaker A

ये जीवन क्या कर माने? तू मे फरस मैं जिस काम में हूं ना।

16:22

Speaker A

अगले का झूठ बोलने से पहले पकड़ लेता हूं और अगर पकड़ लिया ना तो फिर छोड़ता नहीं हूं मैं।

16:42

Speaker A

अपना फोन दो उसे। ठीक है, मैं वेट कर रहा हूं। फौरन फोन [संगीत] करवाओ।

17:19

Speaker A

तू सोच भी नहीं सकता आज मेरा और शिवरा का क्या सीन हुआ है। और तू यह नहीं सोच सकता कि तेरा बाप मेरा क्या हश्र करने वाला है।

17:41

Speaker A

अबे देवदास के बच्चे तू है किधर? और अपना दूसरा फोन क्यों नहीं खोल रहा?

17:57

Speaker A

क्या? एक सेकंड रुक। पता हुआ क्या?

18:19

Speaker A

अच्छा, एक काम कर स्पॉट पर आ। वहीं बात करते हैं।

18:57

Speaker A

सफ... पता है मैं सेक्रेटरी साहब का डिनर छोड़ के सिर्फ इसलिए आया हूं कि इतने अरसे बाद हम सब लोग मिल बैठ के खाना खाएंगे।

19:59

Speaker A

और वह फजल बख लापरवाही से कहीं चला गया।

20:23

Speaker A

शबरा अपने अब्बा से कह दो मेरा बेटा कोई हवा खोरी करने या मस्ती करने नहीं निकला है।

20:49

Speaker A

अपने दोस्त के ऑपरेशन के लिए खून की अतियात जमा करने निकला है।

21:17

Speaker A

तो यह बात आप खुद कहते ना अब्बा को? मैं क्यों मेडिएटर बनी हुई हूं?

21:45

Speaker A

अच्छा छोड़े ना, आ जाए खाना खाते हैं फजल बख के साथ। ना कर लीजिएगा। उठे।

22:13

Speaker A

उठे, शाबाश।

22:38

Speaker A

अच्छा, अगर यही बात है तो तुम भी फिर अपनी मां हिटलर से यह कह दो कि हम भी खाना खाएंगे तो इसके साथ ही खाएंगे।

23:29

Speaker A

हिटलर का रवैया खुद अपनाया हुआ है और खिताब मुझे दे रखा है।

23:44

Speaker A

देख रही हो शिवरा? देख लिया मैंने और मैंने एक फैसला भी कर लिया है।

24:02

Speaker A

आज से हिटलर के मनसब पर सिर्फ और सिर्फ आप राजमा रहेंगे और बाबा आप राया बनके हम सबकी सिर्फ खिदमत करेंगे।

24:38

Speaker A

बोले मंजूर है। च मेरी जान, बस मेरी जान मान जाए इससे पहले कि कहीं मेरी अपनी जान ना निकल जाए।

24:57

Speaker A

अल्लाह कैसी बातें कर रहे हैं आप? आपको मेरी भी जिंदगी लग जाए। आइंदा ऐसी बात ना कीजिएगा।

25:13

Speaker A

अ सदके कुर्बान की खुशी से मरना जाते अगर तबार होता। यार वो सुकना भी नाराज है मुझसे।

25:40

Speaker A

तो मेरी सुला करा दो उसे। चले ना भूख लग रही है। उठाए बमला चले। बड़ी भूख छोड़। [संगीत]

26:14

Speaker A

गड यार क्या सीन है। मैंने पता करा लिया है मैरीन अपने बाप के साथ तेरे घर आने वाली है। और लगता है कि कोई बहुत बड़ा सरप्राइज भी है।

26:43

Speaker A

अरे क्या सरप्राइज होगा? घटिया सरप्राइज होगा।

27:22

Speaker A

समझ नहीं आता शराफत से मेरी बात क्यों नहीं समझ पाती। एक दफा 10 दफा समझा चुका हूं उसको। जान का अजाब बन गई है मोहब्बत।

27:54

Speaker A

शराफत से जान का छोड़ती है दोस्त।

28:19

Speaker A

तो अपना ही हाल देख ले। शौल कोठी बाल आधी टोपी। तुझे हो क्या गया ब्रो? कु नहीं?

28:51

Speaker A

तूने अपना हाल क्या कर लिया है? काटो जैसा। और तेरे कपड़े किधर हैं? चल मल चलते हैं।

29:20

Speaker A

क्यों तो बंद हो गए? पागल हो गया? 9 बज रहे हैं यार। लगता है शबरा जी की मोहब्बत में आपने न्यूज पढ़ना छोड़ दिया।

29:30

Speaker A

मैं सुनाता हूं क्या। आज रात से तमाम मार्केट 8:00 बजे बंद हो जाएंगी। गवर्नमेंट ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

29:43

Speaker A

और अगर हम दोनों पकड़े गए तो मेरी जान तो गई। तो अब आपको कुछ ना कुछ सोचना पड़ेगा।

29:55

Speaker A

लेट मी थिंक, कोई ना कोई वे आउट होगा। कुछ ना कुछ सोचते हैं। स क्या कर सकते हैं इस टाइम पे? कुछ नाना कुछ तो कर सकते हैं।

30:08

Speaker A

देख तुझे जो भी करना है ना जल्दी कर।

30:38

Speaker A

चुप चुप हो जा, चुप हो जा। बस चुप करके बैठ। [संगीत]

30:53

Speaker A

ओके, मैं तेरे दांत तोड़ [संगीत] दूंगा।

31:29

Speaker A

डस पास कर दो फिर। हा हां ठीक है। जावेद से बात कर लो एक सेकंड। [संगीत]

32:56

Speaker A

ओ मैं अभी दो मिनट में कॉल कर रहा हूं।

33:25

Speaker A

ये लिया, क्या बनाया तुमने? क्या पहना? आ रहे हो तुम?

33:59

Speaker A

क्या बताऊं बाबा, आपको यह वही हाल है जो हमने आवाम का कर दिया। मैं जहां से होकर आ रहा हूं ना वहां सबसे अच्छा मैं ही लग रहा था।

34:42

Speaker A

व आप लोगों की हालत देखते। कहां से आ रहे हो? हमारे हलके में गया था गरीबों को देखने उनकी तकलीफें जानने।

35:36

Speaker A

बाबा, आपको अंदाजा भी है लोग आपको और मुझे कितनी गालियां देते हैं। हमारी पार्टी को क्याक बोलते हैं। आपकी सोच है पूछे सही।

36:12

Speaker A

साथ था मेरे, बताओ क्या कह रहे थे? सच सच बताना, मत डरो। लुटेरा लुटेरा बोल रहे थे। बुरा बला कह गालियां भी दे रहे थे।

Topics: इश्क मुर्शिद हुम टीवी फजल शमीर मोहब्बत परिवार संघर्ष राजनीति सामाजिक मुद्दे ड्रामा


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